dakshinmukhi Bhairav Prayog Sadhna

Dakshinmukhi Bhairav Prayog Sadhna दक्षिणमुखी भैरव प्रयोग साधना का अभ्यास किसी बड़े संकट को टालने के लिए किया जाता है. भैरव को सुरक्षा करने वाले देव के रूप में देखा जाता है इसलिए इनका ज्यादातर प्रयोग किसी दुश्मन को दूर करने, कोर्ट केस जीतने के लिए और संकट को टालने के लिए किया जाता है.
वैसे तो विघ्नहर्ता के तौर पर श्री गणेश जी को सर्वोपरि माना जाता है लेकिन अगर आप भैरव् साधना का प्रयोग करते है तो इसके जरिये आप बड़े से बड़े दुश्मन से भी छुटकारा पा सकते है.
कैसा भी संकट क्यों ना हो भगवान भैरव अपने भक्त को उबार ही देते है इसलिए आज हम उनकी साधना को यहाँ शेयर करने जा रहे है.
कैसा भी कार्य हो -भवन निर्माण, व्यापार-वृद्धि, यज्ञ आदि इनको करने से पूर्व भैरव पूजन अवश्य किया जाता है, जिससे कि उस कार्य में किसी भी प्रकार की कोई बाधा या विध्न उपस्थित न हो सके, क्योंकि भैरव रक्षाकारक देव माने जाते हैं.

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