क्या आपने कभी त्राटक के दौरान बिंदु का एक से अनेक हो जाने का अनुभव किया है ? त्राटक के अभ्यास में आगे बढ़ने पर एक स्टेज ऐसी आती है जब हमें बिंदु बोर्ड के मध्य ना होकर अपनी जगह से बाए या दाए मूव होता हुआ महसूस होने लगता है. इस दौरान आपके मन में हलचल होना भी शुरू हो जाती है और आप जिस मकसद के लिए त्राटक कर रहे है उसे साकार हुआ कल्पना में महसूस करने लगते है. इस स्थिति से बाहर आने पर आपको लगता है जैसे आप कोई सपना देख रहे थे और ये स्थिति कुछ minutes से लेकर आधे घंटे तक की भी हो सकती है. इस स्थिति को त्राटक में कल्पनाओ का जाल के नाम से जाना जाता है और आपको इससे बचना चाहिए क्यों की ये सफलता का नहीं असफलता का संकेत है जो आपके अभ्यास की गति को रोक देता है.
