भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि ज्यादातर तांत्रिक या ओझा करते है ताकि उपरी बाधा से परेशान लोगो की समस्या का निवारण किया जा सके.
हम ब्लॉग पर उपरी बाधा और पेरानोर्मल प्रॉब्लम से जुड़ी समस्याओ के बारे में काफी कुछ शेयर कर चुके है. विज्ञान के अनुसार पेरानोर्मल प्रॉब्लम जैसा कुछ नहीं है लेकिन, आध्यात्म में इसके बारे में काफी कुछ जानने को मिलता है.
भूत बाधा जिसे आमतौर पर देहात में उपरी ( ओपरी ) फटकार या हवा का चक्कर बोलते है एक ऐसा विषय है जिसे अब तक पूरी तरह समझा नहीं जा सका है. साइंस इसे मल्टीप्ल पर्सनालिटी डिसऑर्डर मानता है जहाँ एक व्यक्ति अपने व्यक्तित्व से हटकर व्यव्हार करना शुरू कर देता है.
लेकिन, क्या इस बात से पूरी तरह इंकार किया जा सकता है की आत्मा या भूत बाधा जैसी कोई पेरानोर्मल प्रॉब्लम नहीं होती है ?

ये ठीक वैसे ही जैसे की भूत को देखना. जिसने इसका अनुभव किया है वो इसमें believe करता है और जिसने अनुभव नहीं किया है उसके लिए ये सब एक अन्धविश्वास है.
आज इस आर्टिकल में हम भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि के बारे में कुछ जानकारी शेयर करने जा रहे है और साथ में ही कुछ मंत्र भी जिसका अभ्यास आप घर पर रहते हुए कर सकते है.
भूत बाधा एक ऐसी स्थिति है जिसमे व्यक्ति के ऊपर किसी आत्मा का आकर्षण हो जाता है. ऐसा तब होता है जब आप तंत्र से जुड़ी शर्तो का पालन नहीं करते है. आइये डिटेल से जानते है उपरी बाधा और इसके निवारण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में.
भूत प्रेत और उपरी बाधा क्या है ?
भूत प्रेत और उपरी बाधा एक ऐसी स्थिति है जिसमे एक व्यक्ति किसी आत्मा के आकर्षण में आ जाता है. आपने कुछ जगहों पर सुना होगा की भूत चिमट / चिपक गया या चुड़ैल चिमट गई.
जब कोई तंत्र क्रिया की जाती है या फिर आत्माओ का आवाहन किया जाता है तब उन्हें कुछ न कुछ ऑफर किया जाता है. इस तरह के उपाय आप भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि के बाद कर सकते है.
अगर कोई भूत या प्रेत आपको परेशान कर रहा है तो उन्हें दूर करने के लिए एक आकर्षण तंत्र का सहारा लिया जाता है. इसमें उन्हें बांधा जाता है और जो इसका उल्लंघन करता है ये उससे आकर्षित हो जाते है.
इसका सबसे सरल उदाहरण चौराहे पर टोटके को लांघना है. जैसे ही आप टोटके को लांघते है उससे जुड़ी नकारात्मक शक्ति या उर्जा आपके पीछे पड़ जाती है.
उस स्थिति में पेरानोर्मल एक्सपर्ट वही क्रिया फिर से दोहराते है जिसे उतारा बोलते है और उस व्यक्ति के नाम से चौराहे पर वापस रखा जाता है.
भूत बाधा के लक्षण
जिन स्त्री-पुरुषों पर भूत-प्रेत अपना अधिकार कर लेते हैं अथवा जो घातक ऊपरी बाधा के शिकार हो जाते हैं, वे अनायास ही अपने शरीर को नोचना, खचोटना व काटना शुरू कर देते हैं.
वे खूब चिल्लाते हैं या एकदम चुप्पी साध लेते हैं, बड़बड़ाते भी हैं तथा आकाश की ओर या अकारण ही किसी ओर देखकर बातें करने लगते हैं.
उछलना, कूदना, दौड़ना व गिरना साधारण सी बात हो जाती है.
अचानक उनके शरीर में इतना बल आ जाता है कि वह कई आदमियों का एक साथ मुकाबला करने लगते हैं. उनके शरीर का रंग पीला पड़ जाता है और शरीर दिन-प्रतिदिन दुर्बल होता जाता है.

ऐसा लगता है मानो कोई उनका रक्त चूस रहा है. उनकी आंखें हमेशा लाल रहती हैं, हर समय शरीर तपता रहता है. इसकी पहचान तांत्रिक जिन्होंने भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि कर रखी है आसानी से कर लेते है.
वे ठीक से सोते नहीं हैं. मुंह से झाग फेंकते हैं, पैर पटकते हैं तथा उनके शरीर से कुछ दुर्गन्ध-सी आने लगती है. यदि भूत-प्रेतग्रस्त रोगी का उपचार समय पर हो जाए तो वह ऐसे घातक कष्ट से शीघ्र मुक्ति पा सकता है.
भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि
पेरानोर्मल अटैक काफी आम है और आप चाहे कितनी भी सावधानी बरते आपकी छोटी सी गलती आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है.
ऐसी किसी भी समस्या के निवारण के लिए भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि का अभ्यास जरुर करना चाहिए.
प्रेतबाधा से मुक्ति का मंत्र
बांधो भूत जहां तु उपजो
छाड़ों गिरे पर्वत चढ़ाइ
सर्ग दुहेली तु जभि
झिलमिलाहि हुंकारे हनुमंत
पचारै सीमा जारि जारि
भस्म करे, जौं चापें सींउ
सर्वप्रथम होली या दीपावली की रात्रि में, एकांत में बैठकर इस मंत्र को एक सौ आठ बार जप कर और साधारण हवन-क्रिया कर दिए गए भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि कर लें. अब स्त्री या पुरुष, जिस पर भी भूत-प्रेत का प्रकोप हो गया है उसे ठीक करने के लिए दी गई क्रिया को करे.
भूत बाधा निवारण प्रयोग
जब आप ऊपर दिए गए भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि का उपाय पूरा कर ले तब आप इसके प्रयोग की विधि को कर सकते है.
रोगी को अपने सामने बैठाकर आम की लकड़ी की अग्नि में लोबान द्वारा आहुति देकर, मंत्र को धीमे स्वर में पढ़ते हुए ग्यारह बार हवन-प्रक्रिया करें.
रोगी को ऐसी स्थिति में बैठाना चाहिए कि लोबान का धुआं उसके शरीर को छूता और चेहरे से टकराता रहे. इससे प्रेत-बाधा का शमन हो जाता है.
अथवा रोगी को सामने बैठाकर एक लोटे में जल लें और उस पर सात बार उपरोक्त मंत्र पढ़कर फूंक मारें.
मंत्र पढ़ते हुए ही वह जल रोगी पर सात बार छिड़कें, इस क्रिया से भी भूत-प्रेत बाधा दूर हो जाती है.
तीसरी क्रिया में रोगी को सामने बैठाकर मोरपंख से उसके शरीर को सिर से पांव तक मंत्र का जप करते हुए झाड़ा लगाएं.
सात बार यह क्रिया करने से ही भूतोन्माद से ग्रस्त व्यक्ति ठीक हो जाता है.
भूत रोग विनाशक मंत्र
किसी विशेष अवसर (ग्रहणादि काल में) पर निम्नलिखित शाबर मंत्र को इस माला जप कर सिद्ध कर लें. मंत्र के जप के पश्चात एक माला मंत्र पढ़कर लोबान की ग्यारह आहुतियां देकर हवन अवश्य करें. इस प्रकार मंत्र प्रभावी हो जाएगा.
ॐ ह्रीं श्रीं फट् स्वाहा परबत हंस स्वामी आत्मरक्षा सदा भवेत्
नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई
हाथ में भूत, पांव में भूत, भभूत मेरा धारण माथे राखो अनाड़ की जोत
सबको करो सिंगार
गुरु की शक्ति मेरी भक्ति फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा, दुहाई भैरव की
सर्वप्रथम रोगी को सामने बैठाएं. तसले में आम की लकड़ियां जलाकर, उसके अंगारों पर लोबान की आहुतियां देते हुए सात बार मंत्र पढ़ें और हर बार मंत्र की समाप्ति पर अग्नि में लोबान की बुरकी दें.
उसी हवन की भस्म रोगी के पूरे शरीर, हृदय और मस्तक पर लगा दें. भस्म को लगाते समय भी मंत्र पढ़ते रहें.
यदि स्थिति अधिक खराब हो तो अनार की कलम और रक्त चंदन के पानी से भोजपत्र पर यही मंत्र लिखें और कवच में बंद करके मंत्र से ग्यारह बार अभिमंत्रित करें और लोबान से धूपित कर रोगी के गले में बांध दें.
जल्दी ही इस भूत बाधा निवारण मंत्र के प्रभाव से रोगी ठीक होने लगता है.
प्रेत भगाने का मंत्र
ये एक शक्तिशाली भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि का उपाय है और वीर हनुमान जी का प्रेत बाधा निवारण उपाय का एक कारगर मंत्र है. अगर आप हनुमान भक्त है और उनमे आपकी अटूट श्रद्धा है तो आपको ये उपाय जरुर करना चाहिए.
ॐ नमो आदेश गुरु को हनुमंत बीर बजरंगी
वज्रधार डाकिनी-शाकिनी भूत-प्रेत जिन-खब्बीस को ठोंक ठोंक मार-मार
नहीं मारे तो निरंजन निराकार की दुहाई
इस भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि उपाय को दीवाली के दिन 10 माला जप कर सिद्ध कर ले.
विधि से मंत्र सिद्ध करके रोगी को सामने बैठाएं. फिर थोड़े से साबुत उड़द के दाने और चौराहे से उठाकर लाई गई छोटी-छोटी कंकड़ियों एक एक करके और मंत्र पढ़-पढ़कर, फूंक मारते हए रोगी के शरीर पर मारें. इस क्रिया से प्रेत रोगी को छोड़कर भाग जाता है.
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क्या वाकई में प्रेत बाधा निवारण होता है ?
ज्यादातर पेरानोर्मल एक्सपर्ट दावा करते है की वे आपकी समस्या का 100% समाधान कर देंगे. प्रेत बाधा निवारण में या तो एक्सपर्ट क्रिया करते हुए आपकी प्रॉब्लम को किसी जगह से बांध देते है जहाँ वे दूसरो को प्रभावित करती है या फिर बंधन कर अपने पास रखते है और उसके जरिये बाद में अच्छा या बुरा काम करते है.
ज्यादातर साधक जिन्होंने भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि कर रखी है वे इन शक्तियों को आपसे दूर करते है.

आत्माओ का समूल नाश नहीं किया जा सकता है. उन्हें आपसे दूर कर किसी स्थान के आकर्षण में बांध दिया जाता है जहाँ इसकी शर्त का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को परेशान करती है.
इसका सबसे आम उदाहरण उतारा उतारना है. एक आत्मा को उसकी ऑफर के साथ चौराहे पर बंधन में बांध दिया जाता है और फिर कोई व्यक्ति जो उस चौराहे से गुजरता है और उतारे / टोटके का उल्लंघन करता है उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि का अभ्यास करना सही है या नहीं निष्कर्ष
ज्यादातर लोगो के मन में ये सवाल जरुर आया होगा की एक आम व्यक्ति को भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि का अभ्यास करने की क्या जरुरत हो सकती है. उनकी एक गलती से वे खुद मुश्किल में फंस सकते है.
इस बात में कोई शक नहीं की बिना सही जानकारी के इस तरह पेरानोर्मल प्रॉब्लम का समाधान करना आपको मुश्किल में डाल सकता है लेकिन, अगर आप हर रोज नियमित तौर पर हनुमान सुरक्षा कवच मंत्र साधना का अभ्यास करते है तो ये आपको किसी भी तरह की पेरानोर्मल प्रॉब्लम से सेफ रखता है.
ज्यादातर लोग घर का कीलन करवाते है क्यों की पेरानोर्मल अटैक, ब्लैक मैजिक अटैक की वजह से घर की खुशियों को लोगो की नजर जाती है और परिवार के ही लोग आपसी जलन के चलते कुछ ऐसा करवा देते है जिसकी वजह से आपकी लाइफ में एक के बाद एक मुश्किलें खड़ी होने लगती है.
यहाँ दी गई कुछ आसान मगर प्रभावी भूत बाधा निवारण मंत्र साधना सिद्धि का उपाय आप घर पर रहते हुए कर सकते है.