इस क्रिया के लिए इसके रास्ते के अवरोधों को समझना भी आवश्यक होता है |सम्पूर्ण जानकारी के साथ पूर्ण क्रिया द्वारा ही वशीकरण संभव है ,चाहे वह किसी व्यक्ति के लिए किया जा रहा हो या ईश्वर के लिए |व्यक्ति विशेष के मामले में यदि कोई तंत्र साधक कहीं दूर से केवल मंत्र द्वारा किसी अन्य के कहने पर किसी पर वशीकरण की क्रिया करता है तो जिसपर वह क्रिया कर रहा है उसके कुलदेवता और ईष्ट इसमें रुकावट उत्पन्न करते है |यह लोग नहीं चाहते की उनके संरक्षण में रहने वाला उनका भक्त किसी प्रकार के षट्कर्म के प्रभाव में आये, अतः यह वहां मंत्र के प्रभाव से आ रही शक्ति को रोकते हैं |

