Unhealthy Coping Mechanisms for Stress and Trauma ये शब्द आपने कही न कही सुना होगा. हमारा अवचेतन मन एक ऐसे सुरक्षा तंत्र का निर्माण करता है जो हमें किसी परिस्थिति से बाहर निकलने में हेल्प करता है.
जिस तरह सम्मोहन के दौरान हम नशा छोड़ने के लिए कुछ कमांड अपने माइंड में इंप्लांट करवाते है थी उसी तरह किसी भी अनचाही स्थिति से बचने के लिए हमारा माइंड एक खास तरह की कंडीशन का निर्माण करता है.
कई बार जाने अनजाने में हम एक आदत को छोड़ने के लिए जिस तंत्र का सहारा लेते है वो ही हमें नुकसान पहुँचाना शुरू कर देता है.
आमतौर पर जिस कंडीशन को हम खुद पर लागू करते है ताकि खुद को किसी भी अनचाही स्थिति से दूर रख सके वही हमें नुकसान पहुँचाना शुरू कर देती है या फिर हमारे ग्रोथ को रोक देती है.
इसे एक उदाहरण के तौर पर समझे आपका. आपका ब्रेकअप हो जाता है और आपके दिमाग पर इसका इतना गहरा असर पड़ता है की आप दोबारा रिलेशनशिप में आने से ही दूर भागना शुरू कर देते है.
ज्यादातर लोग Unhealthy Coping Mechanisms For Stress को फॉलो करते है क्यों की तनाव जैसी स्थिति से दूर रहने के लिए वे ऐसी आदत अपनाते है जो कही न कही उन्हें नुकसान पहुंचाती है.

दूसरे लोग हमारा फायदा ना उठा सके इसलिए हम एक सीमाए और लिमिट्स तय करते है लेकिन, क्या ऐसा करना हमेशा सही रहता है ?
हो सकता है की ऐसा करना कुछ टाइम के लिए हमें अच्छा फील करवाता हो लेकिन, ये हमें Comfort zone में कैद करता है जिससे बाहर आना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है.
बचाव प्रणाली का होना जरुरी है लेकिन, किस तरह की प्रणाली हमारे लिए सही है और किस प्रणाली से हम खुद का नुकसान कर रहे है इसे समझना जरुरी है. आइये आज के आर्टिकल में हम ऐसी ही कुछ बचाव प्रणाली के बारे में बात करते है.
What Is Unhealthy Coping Mechanisms for Stress?
सबसे आसान शब्दों में इसे समझे तो एक्सपर्ट के अनुसार
An Unhealthy Coping Mechanisms for Stress एक तरह का ऐसा बचाव तंत्र है या फिर जरिया है जो हमें तनाव, मुश्किल हालात और अनचाही भावनाओ से डील करने में हेल्प करता है.
ये ठीक वैसे ही है जैसे की आप पानी को फालतू बहने से रोकने के लिए उसके निचे एक लीक वाली बाल्टी रख देते है. कुछ टाइम के लिए ऐसा करना आपको सही लगेगा लेकिन, समय के साथ आपको अहसास होगा की आप एक स्थिति को उसके जैसी स्थिति से ही ठीक करने की कोशिश कर रहे थे.
ज्यादातर लोग ब्रेकअप के बाद या फिर जब तनाव उनके कण्ट्रोल से बाहर हो जाता है नशे का सहारा लेते है. क्या ऐसा करने से वो उस स्थिति को ठीक कर पाते है ?
नहीं बल्कि वे एक नयी तरह की मुश्किल को अपने सामने पाते है. मनोविज्ञान के अनुसार आपका माइंड ऐसी स्थिति से बचने के लिए एक सुरक्षा तंत्र का खुद से निर्माण करता है लेकिन, आपको ये सुनिश्चित करना होगा की जिस तंत्र का आप प्रयोग कर रहे है वो
- किसी नयी मुश्किल को खड़ा तो नहीं कर रहा है?
- वाकई में आपको उन स्थिति से दूर रख रहा है जिनसे बचने के लिए आपने उसका निर्माण किया है या फिर आपके लिए अलग तरह की स्थिति पैदा कर रहा है?
- कही आपके Unhealthy Coping Mechanisms for Stress की वजह से आप Comfort zone का हिस्सा बनकर तो नही रह गए है?
- इससे आपको कुछ देर की राहत तो नहीं मिल रही है?
ऐसी ही बातो को नजर में रखते हुए आपको अपने लिए Healthy coping mechanism का डिजाईन करना चाहिए. तनाव से बचने के लिए हम जिन सुरक्षा तंत्र का निर्माण करते है उनके बारे में जानना और समझना आपके लिए बेहद जरुरी है.
तनाव से बचने के लिए नशे का सेवन करना

दुनियाभर में ये सबसे बड़ा Unhealthy Coping Mechanisms for Stress है जिसे ज्यादातर लोग सही मानते है लेकिन, ये उन्हें सिर्फ कुछ टाइम के लिए राहत देता है.
जैसे जैसे समय बीतता है वैसे ही आप नोटिस करेंगे की आप जिस तनाव से खुद को दूर रखते आ रहे थे वो कम नहीं हुआ बल्कि और ज्यादा बढ़ गया है. नशे की वजह से आप एक नहीं बल्कि कई और प्रॉब्लम को फेस करना शुरू करने लगे है.
किसी भी इमोशन या फीलिंग से आप भाग नहीं सकते है. खुद को कुछ समय के लिए नशे के पीछे छिपा लेने से आपकी मुश्किलें आसान नहीं होती है बल्कि ये धीरे धीरे पनपती रहती है.
ज्यादा सेवन करने से आपको नशे की लत भी लग सकती है और हर बार तनाव की स्थिति में होने पर आप खुद को नशे पर निर्भर पाएंगे.
आवेश में आकर जरूरत से ज्यादा खर्च करना या फिर दिखावा करना
दिखावा करना या फिर दूसरो के सामने खुद को साबित करने के लिए जरुरत से ज्यादा खर्च करना भी Most Common Types Of Unhealthy Coping Mechanisms For Stress में से एक है.
अगर आप उन लोगो में से है जो खुद को ज्यादा से ज्यादा आराम पहुंचाने के लिए बेवजह खरीददारी करते है तो यक़ीनन आप एक तरह से अपने आप को लिमिट में बांध रहे है.
एक समय के बाद आप उस जोन से बाहर निकलना नहीं चाहेंगे और आपके वॉलेट पर जरुरत से ज्यादा भार पड़ने से आपको जो तकलीफ होगी उसका अंदाजा आप लगा सकते है.
कोई भी भौतिक वस्तु आपको मानसिक शांति नहीं दे सकती है. अगर कोई ऐसा दावा करता है तो ये सच नहीं है क्यों की हम सब जानते है ये सब कुछ समय तक ही काम करता है. एक टाइम के बाद आप इससे उब जायेंगे.
स्थिति को विनाशकारी बना देना

अगर बात की जाए सबसे खतरनाक Unhealthy Coping Mechanisms For Stress की तो ये उनमे सबसे ऊपर होगा.
एक ऐसा तंत्र जिसमे हम ऐसी मानसिकता बना लेते है की अगर कोई प्रॉब्लम आती है तो आपको अपना पूरा फोकस सिर्फ खुद को बचाने पर देना है.
आपका ऐसा करना सही है लेकिन, ये धीरे धीरे आपकी मानसिकता को विकृत कर देता है और आप हमेशा खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते है जिसकी वजह से आपको हर समय एक सुरक्षा की जरुरत महसूस होने लगती है.
वास्तव में देखा जाए तो किसी भी मुश्किल हालात में खुद को बाहर निकालने के लिए आपका ऐसा करना सही है लेकिन, जब आप ऐसा करने के लिए किसी भी लिमिट को क्रॉस करना शुरू कर देते है तो ये विनाशकारी सिद्ध होता है.
आपका माइंड हमेशा आपको सुरक्षित करने के बारे में सोचता रहेगा जिसकी वजह से आप उन लोगो से भी दूर हो जायेंगे जो आपके करीबी है.
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खुद को नुकसान पहुँचाना

खुद को नुकसान पहुँचाना एक तरह से Most Distressing And Unhealthy Coping Mechanisms For Stress and Trauma है क्यों की इस स्थिति में आप खुद को एक अपराधी की तरह देखते है.
हम सबकी लाइफ में कभी न कभी ऐसी स्थिति आती है जब सबकुछ हमारे कण्ट्रोल से बाहर हो जाता है. ऐसी स्थिति में खुद को उन हालात के लिए जिम्मेदार मान लेना आपको मानसिक तौर पर नुकसान पहुंचाता है.
खुद को चोट पहुँचाना एक तरह का विचलित कर देने वाला व्यवहार है जहाँ हम खुद को किसी ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेदार मान लेते है और सजा देने की कोशिश करते है.
खुद को तकलीफ देने उन्हें सुकून देता है और वे सोचते है की ऐसा करने से वो उस तकलीफ से बाहर निकल सकते है.
ऐसी सोच रखने वाले लोग कुछ भी कर सकते है और वे खुद को किस हद तक नुकसान पहुंचा सकते है इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है.
ये सबसे घातक unhealthy coping mechanisms for Stress में से एक है जिसकी आप आसानी से पहचान कर सकते है.
खुद को अकेले कर देना

किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से बाहर निकलने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए आपका खुद को अकेले करना जरुरी माना जाता है. क्या आप उन लोगो में से है जो किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में खुद को दूसरो से अलग कर लेते है ?
आपका ऐसा करना आपको कुछ समय के लिए उस स्थिति से अलग कर देता है लेकिन, बिना उसका सामना किये आप उससे बाहर नहीं निकल सकते है.
प्रकृति ने हम इंसानों को कुछ इस तरह बनाया है की हम अपने विचारो को एक दूसरे के साथ शेयर करते है और मिलकर मुश्किल का सामना करते है.
अगर आप हर बार मुश्किल आने पर उसका मिलकर सामना करने की बजाय छिपकर अकेले होना चुनते है तो यक़ीनन आप एक Unhealthy Coping Mechanisms for Stress को बिल्ड कर रहे है.
आपके दूसरो के साथ किस तरह के कनेक्शन है इसका पता ऐसे हालात में ही लगता है.
ज्यादा मात्रा में खाना

आपने कुछ लोगो को देखा होगा जब वे तनाव में होते है तब ज्यादा से ज्यादा खाना शुरू कर देते है. उनका मानना है की ऐसा करने से वे तनाव को खुद से दूर रख पाते है लेकिन, लिमिट से ज्यादा खाना उन्हें मोटापे का शिकार बना देता है.
होगा क्या जब भी आप तनाव भरे माहौल से गुजरेंगे आपको कुछ खाने की तलब होगी. इस तरह का Unhealthy Coping Mechanisms for Stress फॉलो करने वाले शायद आपके आसपास ही हो?
आप सामने जो भी होगा उसे खाने की कोशिश करेंगे जो की आपके लिए पचा पाना मुश्किल होगा. धीरे धीरे ये आपको कई बीमारियों की तरफ धकेल देगा जो Unhealthy diet and fat की वजह से होती है.
तो अब आप खुद तय करे की हर बार तनाव में खाना आपको उससे बाहर नहीं निकाल सकता है बल्कि आपको मुश्किल का सामना करना ही होगा.
थकावट की हद से भी आगे तक काम करते रहना

लगातार खुद को किसी काम में बिजी रखना आपको कुछ हद तक फालतू की गतिविधि से दूर रख सकता है. अगर आप इसे एक लिमिट से आगे भी फॉलो कर रहे है तो यकीन मानिये आप Unhealthy Coping Strategies को फॉलो कर रहे है.
जिन लोगो को बात बात पर गुस्सा आता है वे या तो तोड़-फोड़ कर गुस्सा निकालते है या फिर खुद को हद से ज्यादा काम में बिजी रखते हुए Unhealthy Coping Mechanisms for Stress को फॉलो करते है.
अकेलेपन को भरने के लिए, दूसरी गतिविधि से अलग करने के लिए आप ज्यादा काम का दिखावा कर सकते है लेकिन याद रखे आपकी फिजिकल बॉडी की एक लिमिट है और एक हद के बाद आपका दिमाग आराम चाहता है.
आप खुद को ज्यादा से ज्यादा बिजी होने का दिखावा कर सकते है जो की शायद आप किसी तरह की परिस्थिति का सामना करने से बचने के लिए कर रहे है लेकिन, एक समय के बाद आपको उसका सामना करना ही होगा.
इस तरह के Unhealthy Coping Mechanisms for Stress and trauma को लम्बे समय तक बनाए रखना आपके लिए खतरनाक हो सकता है.
याद रखे अक्सर समय निकल जाने के बाद हम सिर्फ पछतावा कर सकते है इसलिए समय रहते उन मुश्किल हालात का सामना करना सीख लेना चाहिए जिनसे हम भाग नहीं सकते है.
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How to Stop Unhealthy Coping Mechanisms? 10 Helpful Strategies
किसी भी तरह की अनचाही परिस्थिति से खुद को अलग करने के लिए आपका सुरक्षा तंत्र का निर्माण करना गलत नहीं है. आपको सिर्फ ये समझने की जरुरत है की जिस बचाव प्रणाली का आप निर्माण कर रहे है वो आपके लिए वाकई में सही है या नहीं.
Stop Unhealthy Coping Mechanisms for Stress and Trauma के लिए आप यहाँ दिए गए प्रभावी टिप्स को फॉलो कर सकते है.
Narrative therapy: आप इसके लिए थेरेपी का सहारा ले सकते है जो आपको आपके बीते समय और उसकी वजह से निर्मित किये गए बचाव प्रणाली तंत्र को समझने में हेल्प करेंगे. आप ये समझ पाएंगे की जो आप कर रहे है वो आपके लिए सही है या नहीं.
Art and expressive therapies: अगर आप how to stop unhealthy coping mechanisms के बारे में सोच रहे है तो आप इसके लिए कला और विचार की अभिव्यक्ति का सहारा ले सकते है.
ऐसी कई गतिविधि है जो आपके अन्दर की प्रतिभा को उभरने में हेल्प करती है जैसे की आर्ट, पेंटिंग, डांस या फिर वाक् कला जैसी गतिविधि आपको खुद को बेहतर समझने में मदद करती है. इससे आपको Unhealthy Coping Mechanisms for Stress में काफी हेल्प मिल सकती है.
Mindful consumption: आपके आसपास क्या हो रहा है उसे विवेक के साथ ग्रहण करना आपको अनचाहे तनाव से बचा सकता है. माइंडफुल एक ऐसी तकनीक है जिसमे आप खुद को वर्तमान में रखते हुए आसपास की गतिविधि को समझते है.
इससे आप उनसे बिना प्रभावित हुए अच्छे और बुरे की पहचान कर सकते है और खुद को अनचाहे विचार और तनाव से दूर रख सकते है.
Behaviour replacement: अगर गौर करे तो ऐसी कुछ गतिविधि है जिनकी वजह से आपको unhealthy coping mechanisms for stress की जरुरत महसूस होती है. उन्हें समझे और इसके विकल्प खोजे.
अगर आप अकेले रहने से डरते है तो खुद को बिजी रखने की बजाय ऐसे लोगो से मिले जो आपके विचारो में सकारात्मक परिवर्तन लाए या फिर आप आसपास टहल सकते है लेकिन इस दौरान खुद को माइंडफुल बनाए रखे.
Cognitive-behavioural therapy (CBT) techniques: तनाव और नकारात्मक विचारो का सामना करने के लिए ये सबसे प्रभावी तकनीक में से एक है. ये आपकी उन गतिविधि पर नजर रखता है जिसकी वजह से आपको Unhealthy Coping Mechanisms For Stress की जरुरत महसूस होती है.
आप अपने सोचने में बदलाव लाते है और आपका ऐसा करना आपके व्यवहार में बदलाव करता है जिसकी वजह से आप खुद को अच्छी आदतों की तरफ ले जा पाते है.
Regular physical activity: रेगुलर तौर पर की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी आपको तनाव से दूर रखती है और आपके मूड में सुधार करती है. इसका आपके सेहत पर सकारात्मक असर तो पड़ता है आप चीजो को बेहतर कण्ट्रोल कर पाते है और आपको उनसे बचने के लिए किसी तरह की बचाव प्रणाली की जरुरत नहीं पड़ती है.
Positive affirmations: आपके विचार आपके मूड और एक्टिविटी को बहुत हद तक प्रभावित करते है इसलिए अपने विचारो में सकारात्मकता बनाए रखे. आपका सही तरीके से सोचना आपकी प्रॉब्लम को कुछ हद तक आसान बना सकता है. आप ऐसे कुछ positive affirmation to deal with Unhealthy Coping Mechanisms for Stress in Hindi को अपने डेली लाइफ में शामिल कर सकते है.
Time management and boundaries: अगर आप उन लोगो में से है जो अपने काम को सीरियस नहीं लेते है खासकर टालते रहते है तो सावधान हो जाइये क्यों की ये आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकता है.
इससे बचे और अपने काम को टाइम पर पूरा करने की कोशिश करे जिससे की आप समय का बेहतर इस्तेमाल कर सके और अनचाहे तनाव से खुद को दूर रख पाए.
Spend time in nature: ये unhealthy coping mechanisms for stress and trauma से बाहर निकलने के सबसे आसान तरीको में से एक है. अगर आप दिन का एक हिस्सा एकांत और प्रकृति में बिताना शुरू कर दे तो आपके लिए किसी भी मुश्किल स्थिति से खुद को बाहर निकालना आसान हो जाता है.
Acknowledge progress and don’t forget to celebrate it: अगर आप सबसे बेहतरीन way how to stop unhealthy coping mechanisms for stress and trauma देख रहे है तो अपनी कामयाबी को सेलिब्रेट करने से बढ़कर कुछ भी नहीं है.
लाइफ में अपनी कामयाबी को एन्जॉय करना आपका है और ये आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है. अगर आप कुछ अच्छा कर रहे है तो उसे लोगो के साथ शेयर जरुर करे.
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Best Way to Stop Unhealthy Coping Mechanisms for Stress Conclusion
आपका अवचेतन मन आपको परेशानी से बचाने के लिए ऐसे कुछ बचाव प्रणाली को डिजाईन करता है जो आपको कुछ समय के लिए (अगर वो गलत तरीका है) उस स्थिति से खासकर तनाव से भरी स्थिति से अलग होने में हेल्प मिलती है.
ये तनाव किसी भी तरह का हो सकता है जैसे की अकेलेपन का डर, खुद को किसी स्थिति के लिए दोषी मानना या फिर अनचाहे विचार से खुद को अलग न कर पाना.
आपका Subconscious mind कुछ ऐसे defense mechanisam को डिजाईन करता है जो आपको ऐसी किसी स्थिति से अलग करने में मदद करते है.
कुछ समय के लिए आपको इससे फायदा जरुर मिलता है लेकिन, ये स्थायी नहीं है. आपको परिस्थिति का कभी न कभी सामना तो करना ही होगा.
ऐसे में आपके लिए सही यही होगा की अपने Coping Mechanism को समझे खासकर Unhealthy Coping Mechanisms For Stress And Trauma को क्यों की इसका आपके लाइफ में बहुत ज्यादा नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है.