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Wednesday, May 27, 2026
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remote viewing ऐसी खास तकनीक जिसमे आप एक जगह रहते हुए दुसरे जगह को देख सकते है

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आपने अभी तक दूर बैठे ही किसी खास घटना को देखने के बारे में सुना तो होगा ही लेकिन क्या आपको पता है की expert इसे कैसे करते है ? क्या आपके मन में कभी what is remote viewing को लेकर सवाल नहीं आया ?

भविष्य या किसी भी समय काल की घटना को कही से भी देखने की एक खास कला जिसे अभी तक आपने psychic ability के नाम से जाना था वास्तव में ऐसा नहीं था.

आज हम इस पोस्ट में how to remote view के बारे में जानने वाले है. अगर आप ये सीखना चाहते है तो घर बैठे remote viewing test के जरिये इसे check भी कर सकते है.

remote viewing

हम सब मे मानसिक शक्तियां होती है और इसके हर तरीके को psychic ability में शामिल किया जाए ऐसा जरुरी नहीं.

वैज्ञानिक तरीके से किया गया प्रयोग आपको extra sensory perception में सफल बनाता है यानि हम अपने शरीर की खास शक्ति को उभारते है.

ये इससे थोडा सा अलग है क्यों की इसमें हम इसे वैज्ञानिक प्रयोग के जरिये आगे ले जाते है. आइये इस पोस्ट में इसे और ज्यादा करीब से जानने की कोशिश करते है.

What is remote viewing?

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है की आप एक जगह बैठे है और आपको अचानक ही कुछ ऐसा दिखाई देने लगता है जो आपके सामने बिलकुल एक टीवी प्रोग्राम की तरह चलता है, आपने अगर final destination movie देखी है तो आप मेरी बात को अच्छे से समझ गए होंगे.

अब तक हमने subconscious mind की कई सारी खूबियों और शक्तियों के बारे में पढ़ा है जिसमे से एक है आने वाले कल को आज देख लेना लेकिन किस स्थिति में ? ये सब हम अवचेतन रूप से करते आये है.

हम उस स्थिति को महसूस तो कर लेते थे लेकिन जब होश में आते थे तब सबकुछ या तो भूल जाते थे या फिर धुंधला धुंधला याद रहता था लेकिन इस स्थिति में ऐसा नहीं है. यहाँ हम खुद को subconscious mind programming में इतना आगे तक ले जाते है की खुली आँखों से खुद को universal brain से जोड़ लेते है.

आने वाली घटना को चेतन रूप से देखना remote viewing है जब की अवचेतन रूप से महसूस कर पाना हमारे sixth sense की powers है.

It’s a scientific method of tapping into the “universal mind,” transcending time and space, and bringing the unconscious into the conscious – and you can learn to do it

ये कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक तरीका है. इसलिए इसे सीखा जा सकता है जरूरत है तो बस आपको अपने आप को समय देने की.

जब हम ऐसा कर लेते है तो खुद हमारा अपना मस्तिष्क इस तरीके से काम करना शुरू कर देता है. अगर आप इस बारे में जानने में और ज्यादा interested है तो इस पोस्ट को जरुर पढ़े.

What is remote viewing used for?

एक theory के अनुसार इस यूनिवर्स में जितने भी brain है सब से जुड़ा जा सकता है. इसी तर्क के आधार पर हम कुछ ऐसी तकनीक के अस्तित्व को मानते है जिसके जरिये ऐसा करना संभव है.

इस तर्क को मजबूती मिलती है एक मोबाइल फोन से इस दुनिया में जितने भी मोबाइल फोन है सब कनेक्ट किये जा सकते है सिर्फ उनके सही कोड को अनलॉक किये जाने की जरुरत होती है.

यही स्थिति काम करती है हमारे brain में हम सबके brain में एक ऐसा कोड है जिसे अनलॉक किये बगैर हम इसके अन्दर नहीं जा सकते है.

हमारा subconscious mind इसका gate keeper होता है जो हर thought को अन्दर जाने से रोकने की कोशिश करता है. Remoteviewer इसके लिए extrasensory perception यानि उन sensory part की help लेता है जो भौतिक रुप से परिभाषित नहीं किये जा सकते है.

कुछ लोगो को ये mysterious practice जैसा लगता है क्यों की ये psychic powers से जोड़ा जाता है. वास्तव में ऐसा नहीं है क्यों की ये एक scientific method है जो की subconscious mind program से जुड़ा है. हम इसे न सिर्फ सीख सकते है बल्कि अपने जरुरत के हिसाब से इसे बदल सकते है.

पढ़े : आत्माओं से बात करने के सबसे सरल माध्यम में से एक – amazing tricks of table science

रिमोट व्यू के लिए आपको क्या चाहिए ?

रिमोट व्यू के लिए आपको किसी तरह की मानसिक शक्ति में एक्सपर्ट होना जरुरी नहीं है. ये एक तरीका है किसी भी इंसानी extrasensory perception का controlled use करना. अगर आप किसी एक particular target तक पहुंचना चाहते है तो आपको इसके लिए कुछ rules follow करने पड़ेंगे.

इसके इस्तेमाल से हम किसी भी दुरी पर बैठे एक target के साथ distance और time को नकारते हुए जुड़ सकते है. quantum theory के अनुसार space में time का कोई महत्व नहीं है. इसलिए आप इसे सीख सकते है और कर सकते है.

मानसिक शक्ति से ये बिलकुल अलग हो सकता है क्यों की इसके लिए आपको एक मेथड की जरुरत पड़ती है. इसके लिए 5 सबसे ज्यादा जरुरी और काम में आने वाले element है.

  1. a subject (the remote viewer) –
  2. Active ESP abilities – कोई भी एक ऐसी mental ability जो आपको दुसरो से अलग बनाती है.
  3. Distant target – माध्यम जिस पर प्रयोग करना है.
  4. The subject’s recorded perceptions – माध्यम से जुड़ी कोई खास जानकारी.
  5. A confirmatory positive feedback – उनसे जुड़ने के बाद आपको क्या response मिल रहा है ये कुछ खास होना चाहिए.

इन सभी element को निर्धारित करने के बाद आप Remote viewing practice के लिए रेडी है. अभ्यास का समय कितना रहेगा ये तय नहीं है क्यों की ये 5 मिनट से लेकर एक घंटा लम्बा चल सकता है.

इसमें क्या कुछ नहीं हो सकता है ये भी जान ले

जब हम remote view का नाम सुनते है तो हमारे दिमाग में एक नाम और उभरता है out of body experience क्यों की ये अभ्यास ऐसा है की मानो हम अपने शरीर से बाहर निकल कर किसी खास लोकेशन पर हो. remoteviewer खुद को उस लोकेशन पर astral projection नहीं करते है बल्कि ऐसा अनुभव करते है.

अगर आपको लगता है की ये एक meditative, dream or trance state हो सकता है तो भी आप गलत है क्यों की ये स्थिति पूरी तरह चैतन्य रहते हुए की जाती है.

एक मशहूर लेखक ने अपनी बुक “Remote Viewing: Conditions and Potentials,” में इस बारे में शेयर किया है. उसके अनुसार

हम बाकि सभी कंडीशन जैसे अवचेतन मन या ध्यान या फिर सूक्ष्म शरीर से बाहर अनुभव में खुद को conscious to unconscious state में ले जाते है और बाहर से अन्दर की और बढ़ते है. इसके लिए हम गहराई में उतरना जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते है लेकिन रिमोट व्यू में ये बिलकुल उल्टा है.

हमारा अवचेतन मन या unconscious state अन्दर से बाहर की ओर आती है. ये पूरी तरह conscious state में रहते हुए किसी ऐसी चीज को महसूस करना है जो हम अभी तक अवचेतन रूप से करते आये है.

ये काम कैसे करता है ?

इस बारे में अभी तक कोई भी साफ साफ नहीं जान पाया है की आखिर ये काम कैसे करती है लेकिन फिर भी ज्यादातर लोगो जो इसे मानते है उनके अनुसार ये ब्रह्माण्ड एक स्टोर हाउस की तरह है जिसमे समय और दुरी सब ठहरा हुआ है.

हम जो भी करते है वो सभी जानकारी किसी न किसी रूप में इसी ब्रह्माण्ड के स्टोर हाउस में स्टोर होती है.

जब हम hyper conscious state की अवस्था में जाकर इस Universal Mind के अन्दर घुसते है तो एक particular target से जुड़ी हमें वो जानकारी मिलती है जो उसके साथ कभी किसी समय में घट चुकी है.

लेकिन क्या ये संभव है की कोई भी व्यक्ति ऐसा कर पाने में कामयाब हो सकता है ? नहीं ऐसा जरुरी नहीं है की सभी कामयाब हो और 100% जान सके.

A highly skilled remote viewer जरुर इस काम में 100% जानकारी निकाल सकता है.

इस technique में लिया गया सारा डाटा completely accurate हो ऐसा भी जरुरी नहीं क्यों की ऐसे भी कई सारे फैक्टर है जो इसे प्रभावित करते है.

Read : घर में रखे पुराने दर्पण की वजह से आपको हो सकता है पारलौकिक शक्तियों के होने का अहसास

घटनाओं को देखने का काम कौन सीख सकता है ?

वैसे तो हर कोई इसे सीख सकता है और इसके लिए आपका किसी तरह की psychic ability में expert होना भी जरुरी नहीं है. लेकिन एक सफल remoteviewer बनने के लिए training and diligent practice की बेहद जरूरत होती है.

कुछ रिसर्च के अनुसार left-handed people इसे आसानी से सीख सकते है. इसे सीखना एक musical instrument सीखने जैसा है.

psychic ability and paranormal connection

इसमें ऐसा कुछ भी नहीं की आप इसे पढ़ लोगे और सीख जाओगे बल्कि time, motivation and dedication के साथ इसे practice करना होगा तभी आप इसमें सफल हो सकते है. हर कोई इसे सीख सकता बशर्ते वो समय के साथ इसे धेर्य से सीखे.

अगर आप सच में potential of remote viewing को लेकर जिज्ञासा रखते है तो आपको ऐसे कई resource के बारे में जानना होगा जो आपको इसमें expert बना सकते है.

जो भी जानकारी आपके लाइट फिट हो आप उसे अपना सकते है. इस पोस्ट में फ़िलहाल में सिर्फ एक technique और experiment के बारे detail शेयर करने जा रहा हूँ जिसे आप कर सकते है.

How to experiment with remote viewing

हम जानते है की remote viewing एक psychic phenomenon of ESP (extrasensory perception) का controlled method है जिसे कुछ खास तरीको द्वारा अनुभव किया जाता है.

अगर expert कुछ खास set of protocols (technical rules) का use करता है तो वो अपने मन चाहे target को achieve कर सकता है.

इसके जरिये वो किसी भी व्यक्ति, वस्तु या खास घटना को catch करता है जो उससे दूर होती है समय और दुरी के मामले में.

ESP यानि कुछ खास तरह की psychic ability practice से ये अलग है क्यों की उसमे हम अपनी ability का इस्तेमाल करते है और इसमें कुछ खास technique का.

एक सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक को यहाँ सरल शब्दों में समझने की कोशिश करते है जो की hard है और सीखने के लिए कम से कम 6 घंटे का समय चाहिए.

Read : त्राटक साधना में विचारशून्य की स्थिति कैसे प्राप्त करे सबसे आसान तरीके

6 hour remote viewing experiment in Hindi

ये एक 6 घंटे की practice है जिसमे हम संयम से नियमित अभ्यास करना होता है. अगर आप ऐसा कर सकते है तो आप इस अभ्यास को एक्स expert level पर कर सकते है. चलिए जानते है इस अभ्यास के बारे मे,

आपका पहला निर्णय : अभ्यास को करने से पहले उसके बेसिक स्टेप के बारे में आपको पता होना चाहिए. सबसे पहले तो इसमें 2 चीजो के बारे में क्लियर होना चाहिए पहला एक viewer जो की वास्तव में remote viewing करता है और दूसरा एक sender जो viewer को information transmit करता है.

target को तैयार करना : इसके लिए एक तीसरा व्यक्ति चाहिए जो इस experiment में शामिल नहीं होता है लेकिन इसका एक हिस्सा होता है. उसका काम आपके लिए एक target तैयार करना होता है. कम से कम 15-20 target ऐसे बना ले जिसके बारे में इस तीसरे व्यक्ति को डिटेल से जानकारी हो. आप जो जानकारी ले रहे है उसे एक कार्ड में नोट करे जिसमे उसके बारे में, आपसे दुरी और कुछ खास बाते शामिल होनी चाहिए.

कार्ड को सुरक्षित करे : कार्ड पर डिटेल नोट कर इसे बिना किसी ऊपर लिखी जानकारी के सुरक्षित कर रख दे.

1. target को choose करना : एक चौथे व्यक्ति को चुने जो आपको उन कार्ड में से एक कोई भी रैंडम कार्ड निकाल कर viewer को देगा.

2. समय का चुनाव करे : आपके अभ्यास का समय अब शुरू होता है. दिन का एक खास समय जिसमे sender और viewer दोनों के बिच कोई कांटेक्ट न हो उस समय इसका अभ्यास करना चाहिए. मान लीजिये आपको अभ्यास करना है सुबह 8 बजे और 10 बजे तक करना है तो इस दौरान आपका और माध्यम का कोई कांटेक्ट नहीं होना चाहिए न ही पता होना चाहिए की अभ्यास किस समय किया जा रहा है.

3. Open the envelope: जो लिफाफा चौथे व्यक्ति ने दिया है उसे खोले. target की location देखे और उस लोकेशन पर जाए. जिस समय अभ्यास शुरू करना है उस समय आपको उस जगह होना जरुरी है.

4. Viewer preparation: जिस समय अभ्यास शुरू करना है उस दौरान viewer को कुछ तैयारी कर लेनी चाहिए जैसे की किसी भी तरह के disturbance से खुद को दूर कर लेना, फोन बंद करना और ध्यान जैसी स्थिति में आना यानि आरामदायक कपड़े पहनना और एक ऐसी जगह बैठना जहाँ पर अभ्यास के दौरान कोई परेशानी न हो.

5. Start sending अब शुरू होता है दोनों के बीच information transfer process का अभ्यास.  sender जो की उस लोकेशन पर होता है जिसका चुनाव किया गया था वो उस लोकेशन का सब डिटेल viewer को भेजना शुरू कर देता है. इस डिटेल को उसी तरह भेजना चाहिए जैसे की viewer खुद उस जगह पर हो.

6. Start viewing: तय समय पर viewer को भी अभ्यास के लिए रेडी होना चाहिए. जो भी डिटेल sender ने भेजी थी उसे viewer को एक पेन और पेपर की मदद से नोट करना चाहिए. remote viewer को जो भी इम्प्रैशन उस दौरान मन में आते है वो नोट करने चाहिए. ध्यान दे की इस दौरान sender को भी उस लोकेशन से जुड़ी जानकारी को नोट कर लेना चाहिए. बेहतर होगा की फोटो या विडियो जानकारी ले ली जाए.

7. Ending the experiment जब ये प्रयोग ख़त्म हो जाए तो अंत में सभी डिटेल को तारीख समेत एक जगह कर ले और किसी और व्यक्ति को दे दे.

8. जानकारी को मिलाना : दोनों की डिटेल को अभ्यास के बाद किसी ऐसे व्यक्ति को देना चाहिए जो उस प्रयोग से जुड़ा न हो. वो व्यक्ति आप दोनों के बिच एक जज का काम करता है. अभ्यास की जानकारी कितनी मिलती है उसी के आधार पर ये तय किया जाता है की ये प्रयोग कितना सफल रहा है.

9. फाइनल परिणाम : इस प्रयोग से जुड़े सभी व्यक्ति को एक जगह इकट्ठा होना चाहिए और बाद में सभी की डिटेल एक दुसरे से कितनी मैच कर रही है उसके आधार पर आपका प्रयोग परिणाम निकाला जाता है. ध्यान दे सभी व्यक्ति यानि चारो व्यक्ति की जानकारी.

10. दोबारा अभ्यास को रहे तैयार : पहले अभ्यास के दौरान क्या परिणाम रहे उसके आधार पर आगे की तैयारी करे. Psychic experiments में समय और धैर्य की जरुरत होती है इसलिए अगर सफल रहे है तो आगे बढे और नहीं हुए तो हिम्मत न हारे बल्कि दोबारा उसी जोश से तैयारी करे.

आपका result अगर सकारात्मक रहता है तो आप आगे लोगो के साथ अपने Remote viewing test शेयर कर सकते है.

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ध्यान देने योग्य बाते

  1. जिस तीसरे व्यक्ति का चुनाव target को select करने के लिए किया जाता है उस व्यक्ति को ऐसी लोकेशन का चुनाव करना चाहिए जो की बेहद खास हो और जानकारी लिए हुए हो. अगर आप ऐसी जगह का चुनाव करते है जो बेहद सामान्य है तो आप शायद इसे सही तरह से शेयर नहीं कर पाओगे.
  2. जिस लोकेशन और target का चुनाव किया जाता है उसके साथ viewer और sender दोनों को ही पहले या अभ्यास के दौरान मिलना नहीं चाहिए नहीं तो किसी भी तरह की जानकरी का पहले से दिमाग में शेयरिंग होने की वजह से सही परिणाम नहीं मिल पाएंगे.
  3. इस अभ्यास के दौरान viewer को अपने conscious brain का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. सही अवस्था में जाने के बाद उसके दिमाग में जो भी impression आते है उन्हें बिना किसी तर्क के नोट कर लेना चाहिए. हो सकता है जानकारी अटपटी लगे लेकिन अगर आप तर्क करते है या कोई दूसरी स्थिति के बारे में सोचते है तो सही result नहीं मिलेंगे.
  4. कुछ लोगो के अन्दर इसे लेकर एक strong vibration होता है. उन्हें सिर्फ बैठने या आरामदायक स्थिति में सोने की जरुरत होती है. एक सहायक भरोसेमंद व्यक्ति की सहायता से वो अपने नोट को रिकॉर्ड कर सकते है या फिर ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते है. इस अभ्यास के दौरान सहायक को सिर्फ रिकॉर्ड करना है ना की किसी तरह का हस्तक्षेप.
  5. कोशिश करते रहे क्यों की psychic experiment जैसे की remote viewing इसमें समय लगता है. समय और दुरी के हिसाब से या फिर अलग अलग लोगो के कारण अनुभव अलग हो सकते है. हो सकता है की जिस अभ्यास में आपको सुबह एक व्यक्ति के कारण परिणाम सही नहीं मिला शाम को दुसरे व्यक्ति के साथ आपको सही अनुभव मिल जाए.
how to successful remote viewing – final thought

भविष्य की घटना को देखना और उन्हें महसूस करना अलग अलग अभ्यास का हिस्सा है. काल ज्ञान साधना द्वारा हम भविष्य की घटनाओं को पहले ही देख सकते है लेकिन remote viewing technique एक scientific method है जिसे करना सेफ है.

ये अभ्यास ऐसा है जैसे मानो हम एक टीवी देख रहे है और हमारे सामने घटना एक फिल्म की तरह दिखाई दे रही है.

अगर आप इसमें कामयाब बनना चाहते है तो आपको धैर्य और संयम से अभ्यास करने की जरूरत है.

हम ऐसा कर सकते है इसमें कोई शक नहीं लेकिन हर चीज एक वक़्त के बाद ही सफलतापूर्वक की जा सकती है इसलिए अगर शुरुआत में आपको सफलता न मिले तो घबराए नहीं बल्कि जोश के साथ दोबारा अभ्यास करे आप जरुर कामयाब बनेंगे.

भटकती रूहो का संसार और कच्चा कलवा की सच्ची खौफनाक घटना और अनुभव

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kachha kalwa sadhna से कुछ तांत्रिक छोटे बच्चो की ऐसी आत्माओ को अपने काबू में करते है जो कच्चा कलवा के नाम से जानी जाती है कुछ तांत्रिक इन्हे मसान भी कहते है।

कच्चा कलुआ एक ऐसी ऊर्जा रूपी आत्मा होती है जिसकी मुक्ति विधिवत संस्कार ना कर पाने की वजह से नहीं होती है।

ये अपने शरीर के आसपास भटकती है जिसे कुछ तांत्रिक अपने काबू में कर लेते है। kachha kalwa को कई बार जगाया जाता है तो कई बार ये खुद जाग्रत हो जाते है।

कच्चा कलुआ की शक्तिया
कच्चा कलुआ यानि मसान आपने इसका नाम तो सुना ही होगा। हमारे यहाँ इसे झरूंटिया कहते है।

एक छोटे बच्चे की भटकती आत्मा जो बेहद ताकतवर है जिसका प्रयोग तांत्रिक अपने रक्षक, बुरे काम को अंजाम देने में करते है साथ ही कुछ लोग अपने परिवार में इसका प्रयोग करवाते है ताकि उनके दुश्मन का वंश आगे न बढ़ पाए।

कौन है कच्चा कलुआ

छोटे बच्चो की आत्माए जिनका अंतिम संस्कार विधिवत तरीके से ना किया गया हो कई बार खुद-ब-खुद ऊर्जा रूप धारण कर लेती है.

जब की कई बार कुछ तांत्रिक मरे हुए बच्चे के पास kachha kalwa sadhna कर उसे अपने काबू में करते है जिसका प्रयोग वो खतरनाक शक्तियों को पकड़ने, बड़े काम को अंजाम देने और रक्षक के रूप में करते है।

इनकी शक्तिया चरम पर होती है इसलिए हर कोई इन्हे काबू नहीं कर सकता।

क्या है कच्चा कलुआ की शक्तिया ?

मसान यानि कच्चा कलुआ जिसे राजस्थान में झरूंटिया भी कहते है की शक्तियों की कोई सीमा नहीं होती आमतौर पर जितनी भी अतृप्त भटकती शक्तिया है.

उनमे सबसे ज्यादा पावरफुल कच्चा कलुआ ही है। इनके अंदर बच्चे का नटखटपन देखा जा सकता है। ये मंदिर में भी आ जा सकते है क्यों की ये बालक स्वरूप होते है इसलिए इन पर काबू पाना सरल नहीं।

कौन बनता है कच्चा कलुआ

गर्भ में पलने वाला बच्चा, जन्म के दौरान मरने वाले बच्चे और 9 साल से कम उम्र में मरने वाले बच्चो का दाह-संस्कार नहीं किया जाता है इन्हे दफनाया जाता है या फिर नदी में प्रवाहित किया जाता है।

विधिवत संस्कार ना होने की वजह से कई बार ये खुद ही भटकते रहने लगते है। यदि बच्चा पैदा हो जाए तो उसकी नाल को काट दिया जाता है

किन्तु जब गर्भपात हो जाए तो ऐसा नहीं हो पाता और गर्भ के जीव (कच्चा मसान) का सीधा संबध विष्णु शक्ति की माया (ब्रह्माड पुरष) से जुडा रह जाता है जो कि उस जीव को लगभग अजेय बना देती है !

आम तौर पर यही धारणा है कि गर्भपात होने पर उस गर्भ के जीव का खेल समाप्त हो जाता है लेकिन नहीं वो जीव तो स्वयं माया का सहभागी हो कर शेष संसार से अपना एक अलग ही खेल खेलता है !

Read : छाया पुरुष और समांतर दुनिया के अस्तित्व के मध्य ये संबंध जान कर हैरान रह जाओगे 5 amazing fact

किसकी श्रेणी में आता है ये

मसान की कोई श्रेणी नहीं होती है क्यों की ये छोटे बच्चो की आत्माओ से बनता है और इनकी शक्ति अपने चरम पर होती है इनकी सिर्फ विधिवत तरीके से मुक्ति ही होती है और वो भी इनकी सहमति से इसलिए ज्यादातर देखा जाता है की इनकी मुक्ति इनके माता पिता ही करवाते है।

चूँकि ये छोटे बालक की ऊर्जा होती है इसलिए ये बहुत ज्यादा शैतानी होते है। ये अपने शिकार को सिर्फ खेल खेल में ही मार देते है।

  1. कच्चा मसान/गुम मसान : जो जीव गर्भ में ही समाप्त हो जाए! कच्चा कलुआ : जो बच्चा दूध पीता हो और अन्न ग्रहन करने से पहले ही यदि उसकी म्रत्यु हो जाए !
  2. पितर : जब बालक (जीव) अन्न ग्रहन करने लगे (साधारण तौर पर बच्चा ६ मास तक अन्न ग्रहन करने लग जाता है). और उस जीव का विवाह ना हो चाहे उस की आयु चाहे ८० वर्ष ही क्यों ना हो जाए. ऐसा जीव मर्त्यु उपरान्त पितर योनी मे जाता है !
  3. ऊत : जिस का विवाह तो हुआ हो लेकिन उस कीकोई संतान ना हो !

इसके अतिरिक्त मुंजा. ब्रहम राक्षस. खवीस और अनको योनिया भी है ! मसान कोई भी हो अधिकतर यह अत्यंत शक्तिशाली होते हैं क्योंकि इनके साथ ओनाड का देव स्वयं रूप होता है !

क्या इस पर काबू किया जा सकता है

तांत्रिक पूजा और अनुष्ठान के द्वारा इन पर काबू पाते है चूँकि इनकी पावर की कोई सीमा नहीं है क्यों की ये छोटे बच्चो की आत्मा होती है जिनमे अनंत ऊर्जा होती है। इसलिए ये कही भी आ जा सकते है यहाँ तक की  जैसी पवित्र जगह पर भी।

पूजा पाठ और अनुष्ठान द्वारा ही इन पर काबू पाया जा सकता है। कुछ तांत्रिक इन्हे अपने निजी स्वार्थ के लिए पकड़ते है क्यों की इस पर काबू पाना बेहद कठिन होता है।

गर्भवती महिलाओ को होता है सबसे ज्यादा खतरा

अगर कोई गर्भवती महिला कच्चा कलुआ की  चपेट में आ जाती है तो उसके गर्भ को बचाना बेहद कठिन हो जाता है। कच्चा कलुआ सबसे ज्यादा इनकी और ही आकर्षित होता है.

अगर किसी गर्भवती महिला पर कच्चा कलुआ यानि मसान अटैक कर दे तो सबसे पहले वो अपना निशाना महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण को बनाता है जिसकी वजह से गर्भ गिर जाता है या फिर नष्ट हो जाता है।

शैडो पीपल और समानांतर दुनिया

आज से नहीं पुराने समय से वंशानुगत ईर्ष्या के चलते कुछ लोग इनका प्रयोग अपने दुश्मन के वंश को बढ़ने से रोकने के लिए करते आ रहे है।

तांत्रिक इनका प्रयोग अपने स्वार्थ के लिए भी करते है लेकिन इनका अंजाम बेहद भयानक होता है क्यों की अगर कच्चा कलुआ कण्ट्रोल से बाहर हो जाता है तो वो किसी को भी नहीं छोड़ता और छोटे-मोटे उपाय से वो काबू में नहीं आता इसलिए हर कोई इसे अपने लिए इस्तेमाल करने से डरता है।

कच्चा कलुआ से जुड़ा सच्चा अनुभव

ये बात आज से 10 साल पहले की है राजस्थान के छोटे से गांव बांय ( मेरा पैतृक गाँव ) में ठाकुर बसते थे। एक पुराना लेकिन मजबूत गढ़ था जो अब भी है। हमारे गांव के ठाकुर वही रहते थे उनकी मौत के बाद वो ठाठ बाठ नहीं रहा और धीरे धीरे गढ़ का वैभव कम होता गया।

गढ़ का नाम ख़त्म ना हो जाए इसलिए ठाकुर के लड़को ने वहा किसी को रखने का फैसला किया।

उन्होंने एक चौकीदार रखा और उसे वहा की देखभाल का जिम्मा सौंप दिया। चौकीदार दिन में गढ़ में देखभाल करता और रात को चौकीदारी जिससे गढ़ में एक रौनक सी आने लगी थी क्यों की साथ ही गढ़ में सफाई का काम शुरू हो चूका था।

गढ़ का एक हिस्सा बेहद रहस्यमयी था। उस जगह पर एक अजीब सा अहसास था जैसे कोई वहा किसी को आने नहीं देना चाहता इसलिए कोई उस हिस्से में जाता भी नहीं था। एक दिन चौकीदार ने उस हिस्से में सोने का फैसला किया और रात को वही पर सो गया।

रात को अचानक उसे कुछ बच्चो के हंसने की आवाजे आने लगी। चौकीदार हैरान रह गया की इतनी रात को बच्चे वहा कैसे ? वो फिर से सोने की कोशिश करने लगा लेकिन कुछ देर बाद ही उसे उठ जाना पड़ा क्यों की आवाजे बहुत तेज हो चुकी थी।

कच्चा कलवा का वो अनुभव

चौकीदार को उठ कर देखने पर उसे कुछ दिखाई नहीं दिया तो उसने कुछ देर टहलने का फैसला किया लेकिन जैसे ही वो उठा उसे अपनी पीठ पर कुछ भार महसूस हुआ साथ ही हंसने की आवाज तेज होने लग गई।

उसने देखा की थोड़ी ही दूर कुछ बच्चे बैठे थे मुँह छिपाए। चौकीदार उनके पास गया और उनसे पूछने ही वाला था की वो बच्चे उसकी और बढ़ने लगे। उनकी आंखे पथराई हुई थी और वो सिर्फ चौकीदार को ही देख रहे थे।

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अचानक सभी बच्चे उस चौकीदार से चिमट गए वो उसे अपने नाखुनो से खरोचने लगे साथ ही उनकी आवाज अब जैसे चौकीदार को वहा से भाग जाने को कह रही थी। बड़ी मुश्किल से चौकीदार को उन बच्चो की आत्माओ ने छोड़ा।

दूसरे दिन ही चौकीदार ने गढ़ के वारिसों को फोन किया तो पता चला की गढ़ के उस हिस्से में उनके बच्चो को जिनकी मौत गर्भ में, जन्म के समय और जन्म के 7-8 साल के अंदर हुई है। चूँकि नवजात बच्चो और बालक का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सकता इसलिए उन्हें गढ़ के उसी हिस्से में सालो से दफनाया जा रहा है।

सिर्फ आधा गढ़ है रहने लायक

अब गढ़ को 2 हिस्सों में बाँट दिया और सिर्फ आधे भाग में पूजा पाठ कर रहने लायक बनाया गया बाकि आधा हिस्सा वैसे ही रहा क्यों की उस हिस्से में उनके बच्चो की आत्माए थी। दिन के समय वहा कोई भी जा कर देख सकता है। यही नहीं वहा पर कई बार तांत्रिक पूजा के निशान भी मिले है। ये सब में खुद भी देख चूका हूँ और हां उस चौकीदार के अलावा ठाकुर के वारिस की फैमिली भी आज वहा रहती है।

तो दोस्तों ये थी कच्चा कलवा से जुडी कुछ खास जानकारी जो मेरे गांव से ही ली गई थी इसमें कुछ जानकारी दूसरे स्पिरिचुअल ब्लॉग से भी ली गई है। आपको अगर पोस्ट अच्छी लगी हो तो हमें जरूर बताए साथ ही शेयर तथा सब्सक्राइब करना न भूले।

5 strong symptom of Clairvoyant Psychic ability क्या आपको भी अनजाने में भविष्य की घटनाए दिखाई देती है ?

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क्या आपको कभी ऐसा अनुभव हुआ है की आपने कुछ पल के लिए दूसरी दुनिया को अनुभव किया है. कुछ पल के लिए अपनी जगह से दूर आप ऐसी जगह है जहाँ आप अलग अलग चीजो को एक साथ अनुभव कर रहे हो.

मानव मस्तिष्क अनंत क्षमता का भंडार है और ऐसी ही कई क्षमताव में से एक Clairvoyant Psychic है जो आपको एक जगह बैठे बैठे सिनेमा की तरह किसी घटना का अनुभव करवाती है.

ये वो मानसिक क्षमता है जिसमे एक व्यक्ति आने वाली घटना को चित्र, आवाज और energy form में महसूस करता है.

दुसरे शब्दों में कहे तो ये energy reading है. किसी उर्जा को महसूस करना अपने sixth sense के जरिये और third eye वाली जगह उन घटनाओं को अलग अलग संकेत के रूप में देखना इसका हिस्सा है.

Clairvoyant Psychic ability and paranormal connection

अगर आपको लगता है की clairvoyant people आम लोगो से अलग होते है और वो किसी तरह के सुपर हीरो की तरह होते है तो ऐसा नहीं है.

ये भी आपकी तरह ही सामान्य होते है. इनको आपसे अलग बनाता है उर्जा को रीड करने की क्षमता. ये उर्जा को पढ़ सकते है जो की अलग अलग तरीके से ग्रहण की जाती है.

third eye का इसमें महत्वपूर्ण रोल होता है और आप इसी energy center पर energy form को reading करते है. ये पोस्ट लम्बी जरुर है लेकिन अगर आप clairvoyance ability के बारे में जानना चाहते है तो पोस्ट पूरी पढ़े. आप चाहे तो अपने मर्जी के मुताबिक सेक्शन का चुनाव कर सकते है.

  1. मानसिक क्षमता में माहिर कौन बन सकता है ?
  2. Clairvoyance होने के फायदे
  3. How to Become Clairvoyant
  4. अपनी क्षमता को विकसित करना
  5. Clairvoyant की अलग अलग रीडिंग फॉर्म
  6. अभ्यास को और आगे बढ़ाने का तरीका
  7. कुछ खास संकेत जो बताते है की आप एक clairvoyance psychic है.

Clairvoyant Psychic ability in Hindi

Clairvoyant Psychic एक ऐसी psychic power है जिसमे व्यक्ति को घटनाए अपने सामने खुली आँखों से बिलकुल वैसे ही दिखाई देती है जैसे मानो वो टीवी देख रहा हो. इस तरह के vision का दिखना आपके third eye activation की वजह से होता है.

हम पहले भी इंसानी मानसिक क्षमताओ के बारे में बात कर चुके है और उसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए आज बात करेंगे उस शक्ति के बारे में जिसमे इन्सान घटनाओं को एक vision की तरह खुली आँखों से अपने सामने होते हुए देखता है.

हालाँकि इसके जैसी एक शक्ति Remote viewing भी है लेकिन इसमें थोडा सा फर्क है.

अगर साफ़ शब्दों में clairvoyance को समझे तो ये एक psychic ability of sixth sense है जिसमे कोई व्यक्ति energy form को colors, pictures and light movement के form में देखता है. Clairvoyant Psychic एक french word है जो clear seeing को represent करता है.

Difference between “Psychic” and “Clairvoyance”

अगर हम बात करे psychic की तो ये एक बहुत बड़ा टॉपिक है जिसमे Clairvoyance जैसी न जाने कितनी ही ऐसी शक्तियां होगी जो की मानसिक क्षमता से जुडी है. वही पर Clairvoyant Psychic इंसानी क्षमता के एक खास ability को target करता है जो की अलग तरह की क्षमता रखती है.

Psychic experience होना अपने आप में बहुत सारे अनुभव को दर्शाता है जो की घटनाओं को vision की तरह देखने से लेकर लोगो के दिमाग से जुड़ने (telepathy) उर्जा को एक जगह से दूसरी जगह भेजने या फिर spirit को अपने body में बुलाना channeling या फिर किसी दुसरे की भावनाओं को बिना कहे समझ जाना clairsentience शामिल है.

psychic शब्द को Greek के अनुसार समझे तो ये एक Soul Personality Energy है जो की सब के पास है.

इसके साथ ही body personality energy होती है जिसका सम्बन्ध time and space से है. हमें इन्हें लेकर सजग रहना चाहिए और अपने true spiritual path पर आगे बढ़ना चाहिए.

Psychic training हमें अपने अन्दर की क्षमता को जगाने में हेल्प करती है और आन्तरिक क्षमताओ को समझने में मदद करती है.

इसके अभ्यास आपको psychic awareness बढाने में मदद करते है जिसके लिए the Third Eye को खासतौर से program किया जाता है.

Why Clairvoyance?

हम जब भी इस तरह का कोई अनुभव करते है तो वो हमारे लिए एक जादू की तरह की होता है जिसमे कुछ फन भी होता है.

अगर सही training मिले तो इसके अनुभव और भी रोचक बन सकते है लेकिन आपको इसके साथ सेफ रहने की जरुरत होती है क्यों की होने वाले अनुभव के साथ ही आप खुद उसमे फंस सकते है.

मान लीजिये आपके पास एक खास शक्ति है दुसरो की भावनाओ को महसूस करने की क्षमता एक ऐसी शक्ति जिसमे एक व्यक्ति दुसरे व्यक्ति को छूकर उसके अहसास को अनुभव कर लेता है.

Precognition meaning in Hindi

हम emphatic ability के जरिये दुसरो के अहसास को अनुभव तो कर लेते है लेकिन साथ ही खुद भी उनके दुःख में फंस जाते है.

हमें ऐसी स्थिति से बचना चाहिए. आप इन क्षमता का इस्तेमाल खुद के फायदे के लिए, निर्णय लेने के लिए और आगे बढने के लिए कर सकते है.

psychic ability हमें खुद को जानने में मदद करती है और साथ ही Clairvoyant Psychic हमारी क्षमता होने की वजह से हमें इन्हें unlock करने को लेकर प्रयास करना चाहिए.

कौन बन सकता मानसिक क्या में हूँ ?

ज्यादातर लोगो की तरह आप भी बन सकते है मानसिक. कुछ लोगो को मानना है की वे साइकिक नहीं बन सकते है न ही उनमे इस तरह के अनुभव कभी हुए है. इसकी वजह उनका भौतिक इंद्री पर ज्यादा निर्भर होना हो सकता है.

जिस तरह चेतन मन का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले अवचेतन मन को इग्नोर कर देते है उसी तरह 5 भौतिक इंद्री के चलते हम अपने sixth sense or third eye का प्रयोग करना इग्नोर करते है. यही वजह है की उन्हें किसी तरह के अनुभव नहीं होते है.

हर वो एक्टिविटी जो आप आज अच्छे से कर पा रहे है शुरू में की गई बार बार कोशिश का रिजल्ट है.

ठीक इसी तरह जब हम special training के जरिये Clairvoyance ability का अभ्यास करते है तो हमें भी ऐसे अनुभव होना शुरू हो जाते है.

हो सकता है शुरू में आपको सिर्फ energy or light form ही दिखे लेकिन अभ्यास को जारी रखने पर आप जल्दी ही clear image view vision देखना शुरू कर देते है. इस पर पकड़ होने के बाद आप घटनाओं को ठीक वैसे ही देख पाएंगे जैसे किसी सिनेमा में बैठकर हम मूवी देखते है.

How to Become Clairvoyant

इसकी सबसे अच्छी बात है की आपको Clairvoyant Psychic बनने की जरुरत नहीं होती है आप पहले से ही है. अभ्यास की training का मुख्य उदेश्य सिर्फ आपकी इस inherit ability को strong करना है ताकि आप इसे प्रॉपर तरीके से इस्तेमाल कर सके. ये क्षमता आपके मस्तिष्क में पहले से ही है लेकिन आप इसे इस्तेमाल नहीं कर पाते है क्यों की आपने कभी इसके बारे सोचा ही नहीं ना ही कोशिश की है.

ये center आपके आंखे बंद होने के बाद ही काम करता है लेकिन एक बार इस पर पकड़ बन जाए तो आप खुली आँखों से भी देख सकते है लेकिन असल में जो भी आप देखते है वो आपकी भौतिक आँखे नहीं बल्कि third eye देखती है.

आँखे बंद होने के बाद आप कुछ देख नहीं पाते है क्यों की आपने कभी कोशिश नहीं की है.

बंद आँखे होने के बाद भी हमारा sixth sense आसपास की चीजो को energy form में अनुभव करता है जो हमें imagination के जरिये समझना होता है. इसका अभ्यास करने वाले लोगो के साथ 2 तरह की condition पैदा हो सकती है.

पहले वो लोग है जिन्हें ये सब imaginary लगता है. ऐसा इसलिए क्यों की उनके energy center block होते है जिसकी वजह से उन्हें इसमें समस्या होती है.

उन्हें उस negative energy को दूर करना होता है जो उन्हें आगे बढ़ने से रोकती है यानि जब भी वे अभ्यास करते है उन्हें this is not real or it is just your imagination जैसे ख्याल आते है. इसके लिए उन्हें कुछ खास तरह की energy cleansing techniques को follow करना चाहिए.

दुसरे टाइप के लोग वे है जिनकी Clairvoyance ability active होती है लेकिन out of control होने की वजह से काफी trouble पैदा करती है.

वे एक साथ बहुत सारी चीजे देखना शुरू कर देते है जिसकी वजह से ये decision नहीं ले पाते है की सही क्या है और गलत क्या है या फिर हमें क्या देखना चाहिए.

स्थिति कई बार कण्ट्रोल से बाहर हो जाती है जिसकी वजह से anxiety, confusion and discomfort को experience करना शुरू कर देते है. उन्हें इस ability को डाउन करने की जरूरत होती है ताकि वो इसे सही तरह से अनुभव कर सके और वो देख सके जो वो देखना चाहते है.

Clairvoyant Psychic ability कोई मुश्किल काम नहीं है साथ ही इसमें एक अलग अहसास भी है लेकिन आपको खुद को इसके लिए तैयार करना होगा. सीखने की इच्छा और proper training आपको इसके काबिल बना सकते है.

Benefit of Clairvoyance Psychic ability

इसके बहुत सारे फायदे है जो आपको spiritual path में आगे बढ़ने में मदद करते है.

  1. हमें हमारी लाइफ से जुड़े spiritual answer मिलना शुरू हो जाते है.
  2. हमारे higher self के साथ connection में मजबूती आती है.
  3. हमें अनुभव होता है more joy, laughter, certainty, understanding, and harmony साथ ही true nature के साथ हमारा जुड़ाव भी बढ़ता है.
  4. बाहर अपने सवालों का जवाब पाने की बजाय हम अपने अंतर की ओर बढ़ते है जिसके साथ ही हमें हर तरह के सवाल फिर चाहे वो physical, mental or spiritual कोई भी हो मिलना शुरू हो जाता है.
  5. अपनी मानसिक क्ष्मतो को समझना एक तरह से बेहतरीन अनुभव है जिसमे magic, wonder, appreciation, and purpose भरा होता है.

How to Become Clairvoyant

आपने देखा होगा की जो लोग crystal ball या tarot card के आपके लाइफ से जुडी घटनाओं को बताते है वे किसी न किसी रूप में बाहरी माध्यम पर निर्भर होते है.

आपकी ये क्षमता आपके अन्दर पहले से ही मौजूद है जिसे अभ्यास द्वारा आपको निखारना होता है. एक बार ये काम करना शुरू कर दे फिर जरुरत होती है खास अभ्यास की जो इसे और भी ज्यादा उभारते जाते है.

चलिए जानते है Clairvoyant Psychic बनने का Step by step guide.

सबसे पहले तो हमें कुछ ऐसी exercise करनी होती है जो हमारे Intuition and Perception को develop करती है. इसके लिए आपको ये guide फॉलो करना चाहिए.

working with direct intuition

ये वो स्थिति है जिसका इस्तेमाल आप तब करते है जब आप किसी तरह ऐसी स्थिति में फंस जाते है जहाँ पर आपको आप्शन मिलते है. आपमें से ज्यादातर लोगो ने इसका इस्तेमाल भी किया होगा. इसे सही तरीके से काम करने के लिए निम्न स्टेप फॉलो करे.

Intuition ability

  1. एक आरामदायक स्थिति में बैठ जाइए और सांसो पर खुद को फोकस करते हुए रिलैक्स कर ले.
  2. अब उस स्थिति के बारे में सोचे जिसके बारे में आप जानना चाहते है की क्या सही रहेगा क्या नहीं और बार बार उसके बारे में सोचते रहे.
  3. जब आपके mind में ये क्लियर हो जाए की स्थिति क्या है तो अपने आप से पूछे की मुझे निकट भविष्य में इसका direct intuitive experience होना चाहिए जो मेरे लिए सही है.
  4. आपको ये स्थिति बार बार दोहरानी है. मान लीजिये आपके भविष्य में कुछ होने वाला है और चाहते है की 6 महीने बाद क्या होगा उसका पता आपको एक महीने के अन्दर चले तो कम से कम 20 दिन आपको उस स्थिति पर फोकस होना होगा.

अभ्यास मजबूत होने और पकड़ बन जाने पर आपको खुद इसके संकेत मिलने शुरू हो जायेंगे की क्या सही है या फिर क्या होने वाला है.

Indirect intuition को activate करने के अभ्यास

इसे आम भाषा में symbolic intuition भी कहते है यानि की आने वाली घटनाओं को संकेतो के रूप में देखना.

अगर आपने The final destination movie देखी है तो इसमें लोगो को जो अनुभव होते है वो symbolic intuition के होते है. ये भी हमारे मस्तिष्क की natural ability होती है जिसे अभ्यास द्वारा मजबूत बनाया जाता है.

  1. एक शांत जगह बैठ जाये और पेंसिल पेपर ले.
  2. अपने आप से पूछे की “मेरे लिए अभी सही क्या है ?” ऐसा 3 बार करे और हर बार थोड़ी देर रुक कर अपने mind में आने वाली कल्पनाओं को समझने का प्रयास करे.
  3. 3 बार ये सवाल पूछने के बाद पेंसिल हाथ में ले और पेपर पर वो संकेत बनाए जो आपके दिमाग में बार बार या सबसे पहले आ रहा होता है.
  4. उस संकेत का वास्तविक अर्थ खोजने का प्रयास करे और वो आपकी लाइफ में कैसे fit होता है ये जानने की कोशिश करे

सुने अपने सपनो को वो क्या कहते है

क्या आप जानते है की Human mind हर 90 मिनट बाद REM mean Rapid eye movement की स्टेज में enter करता है. इसी अवस्था के दौरान हम सपना देखते है. सपने आपके लिए एक पावरफुल टूल की तरह काम कर सकते है क्यों की दिनभर की जो भी गतिविधि आप जाने अनजाने करते है.

आपका subconscious mind उन्हें रिकॉर्ड रखता है और सपनो के जरिये आपको एक बार फिर से उन बातो का अहसास होता है जिन पर normal day life में आपका ध्यान नहीं जाता है.

  1. जब भी आप रात को सोने जाए एक पेन और डायरी या कागज अपने साथ रखे. इस पेज पर आप अपनी लाइफ की किसी एक उलझन को लिखे जिसका हल आप चाहते है और उस पर खुद को सिर्फ 10 मिनट के लिए फोकस कर ले.
  2. सुबह उठने के बाद आपने अपने सपने में जो भी देखा है उसे लिख ले याद रहे ये काम आपको सुबह उठते ही करना है बिना देरी किये आप चाहे तो उन बातो को लिख सकते है जो आपके दिमाग में आये है.
  3. इस प्रोसेस को तब तक करे जब तक आप अपने सवालों का जवाब पाना शुरू न कर दे.

ये प्रयोग मेने कई बार किया है और पाया है की सिर्फ 2 से 3 attempt में हम उन सवालों का जवाब पा लेते है जो हमें बहुत ज्यादा परेशान करते रहते है और उनका हल फिर भी नहीं मिलता है.

Try a blind reading

ब्लाइंड रीडिंग यानि कुछ भी अटपटा सा करते करते खुद को आन्तरिक रूप से मजबूत बना लेना और उनके जरिये सवालों का जवाब ढूँढना.

इसका भी Clairvoyant Psychic से सीधा सम्बन्ध है क्यों की ये आपके third eye और intuition पर काम करता है. इसके लिए आपको कुछ कार्ड की जरुरत होती है.

  1. एक डेस्क पर बैठ जाइये और सामने 3 खाली कार्ड रखे.
  2. अपनी समस्या के बारे में सोचे और उन्हें सोचते हुए अपने intuition को command करे की वो आपको इसका सही जवाब दे.
  3. अब 3 कार्ड पर उस समस्या से जुड़े 3 विकल्प लिखे जो सबसे बेस्ट है और आप कर सकते है.
  4. अब उन पत्तो को ताश के पत्तो की तरह आपस में फेंट ले ताकि आपको ये ध्यान न रहे की आपने किस कार्ड में क्या लिखा था.
  5. अपने सामने कार्ड को रखे खुद को शांत और रिलैक्स कर ले और अपने आप से पूछे की मुझे किस कार्ड को उठाना चाहिए.
  6. अब उन कार्ड में से किसी एक कार्ड का चुनाव करे जिसके बारे में आपका intuition इशारा करता है. उस हल को अपनी समस्या पर लागू करके देखे.

आप पाएंगे की जो सुझाव आपने कार्ड में देखा है वो आपके लिए सही साबित होता है. ये आपके अंतर की आवाज ही होती है जो आपको सुझाव देती है.

हर व्यक्ति के साथ ऐसा होता है लेकिन ज्यादातर अपने चेतन मन में और बाहरी विषयों में इतना उलझे रहते है की उन्हें इसका भान ही नहीं होता है.

Developing Clairvoyance psychic ability

अपने मन की intuition power को विकसित करने के बाद आप अपने अन्दर की Clairvoyant Psychic ability को विकसित करने के लिए तैयार है लेकिन, अभी भी एक स्थिति है जिससे आपको निपटना बाकी है. ये है आपका छिपा हुआ डर. ज्यादातर लोगो को अपनी ability to see the future को लेकर एक अनजाना डर सताता है.

ज्यादातर लोगो का डर बिलकुल बेवजह होता है ठीक उसी तरह जिस तरह कुछ लोग ये सोचकर परेशान रहते है की वो अच्छे नहीं दिख रहे है.

लेकिन कुछ ऐसे भी होते है जिन्हें अपने किसी पुराने डर का सामना करना पड़ा हो और उसकी वजह से उनकी clairvoyant abilities ने काम करना बंद कर दिया हो.

आपको इसी डर को पहचानना होगा, उसकी वजह जाननी होगी और दूर करना होगा.

आप चाहे तो इसके लिए set of affirmation का इस्तेमाल कर सकते है. आप खुद को भावनाओ के जरिये किसी अच्छे विचार पर फोकस कर सकते है ताकि आप भी विज़न देखने के काबिल बन सके.

Visual imagination को बढ़ाना शुरू कर दे

इससे पहले की आप अपने Clairvoyant Psychic ability से specific सवालों का सीधे तौर पर जवाब पाना शुरू कर दे आपको सबसे पहले अपनी vivid images की ability को बढ़ाना होगा.

जब तक आप ऐसा नहीं करते आपको ये समझ नहीं आयेगा की आपके लिए imagination क्या है और आपके intuition आपसे क्या कहना चाहते है. इसके लिए आपको एक simple visualization exercise करनी चाहिए.

  1. अपने आप को कल्पना करे जहाँ आप एक जगह पर 7 अलग अलग कलर के balloon लेकर खड़े है.
  2. एक के बाद एक उन्हें नील आकाश में उड़ता हुआ और गायब होता हुआ अनुभव करे. आपको ये सब अपने imagination में करना है लेकिन ये इतना वास्तविक होना चाहिए मानो आप खुद हकीकत में खड़े हो.
  3. इसे तब तक दोहराते रहे जब तक की ये सभी बैलून आपको पूरी तरह अनुभव न हो.

इस तरह का अभ्यास आपको कल्पना शक्ति के लिए मजबूत बनाता है. चीजे जैसे वास्तविक लाइफ में होती है वैसे ही आपकी कल्पनाओं में होने लगती है. कई बार तो ये Clairvoyant Psychic experience इतना strong होता है की आप ये जान ही नहीं पाते है की ये आपकी imagination है या reality.

अपने सवालों को बनाये स्पेसिफिक

सवाल का जवाब पाने से पहले हमें सवाल पूरी तरह क्लियर हो जाना चाहिए. अगर आपका सवाल कुछ इस तरह है की आप खुद को ही समझा नहीं पाते है की आप क्या चाह रहे है तो आपके लिए जवाब पाना मुश्किल हो जायेगा जैसे की

पहला सवाल : आज मुझे मार्किट के लिए जाना है ?

दूसरा : आज शाम 7 बजे मुझे लिंक रोड market जाना है.

दुसरे सवाल में आप किसी खास समय पर टारगेट जगह को फोकस कर रहे है. ठीक इसी तरह आपका सवाल होना चाहिए जिसके बारे में आप जानना चाहते है.

इस कड़ी में आपको ये भी ध्यान रखना चाहिए की आपका सवाल कुछ इस तरह का न हो की उसकी संभावनाए बहुत ज्यादा हो जैसे की

इस साल मुझे मेरे जन्मदिन में क्या मिलने वाला है ?

या फिर

क्या इस साल मेरे जन्मदिन पर मेरे दोस्त कृष्ण मुझे गिटार गिफ्ट करने वाले है ?

अब आगे आपको Open your third eye पर काम करना है. 3 बार गहरी साँस ले और अपने third eye पर फोकस करे. Clairvoyant Psychic expert का मानना है की ये visual clairvoyance abilities के लिए responsible है.

अपनी सांसो को गहरा बनाते हुए इस जगह पर खुद को तब तक फोकस रखे जब तक की आपको तरह तरह के दृश्य दिखाई देने न लगे.

आप चाहे तो इस जगह को फोकस होते भावना दे सकते है की मेरा आज्ञा चक्र जाग्रत हो रहा है. इस तरह अभ्यास करने से आपको आगे चलकर इस जगह स्पंदन, दबाव या फिर उष्णता का अहसास होना शुरू हो जाता है जो की इसके जाग्रत होने की निशानी है.

Clairvoyant Psychic प्रक्रिया प्राकृतिक होनी चाहिए

यहाँ आकर ज्यादातर लोग फ़ैल हो जाते है. ये वो टाइम होता है जब एक व्यक्ति को अपने Clairvoyant Psychic energy को उनकी मर्जी से फ्लो करने देना चाहिए लेकिन हम खुद को बार बार जबरदस्ती किसी टारगेट एरिया पर फोकस करने में बिजी पाते है.

ये प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक होनी चाहिए. जो भी दृश्य आप अपने मानस पटल पर देखते है उन्हें छेड़े नहीं ना ही उनमे किसी तरह के बदलाव की कोशिश करनी चाहिए.

Way to open third eye without meditation in Hindi

अक्सर जब भी हम ऐसे दृश्य देखते है तो मन भटकना शुरू हो जाता है और हम खुद को ये गलत है या फिर मुझे कुछ और देखना है मान कर जो दिखाई दे रहा है उसके साथ छेडछाड करना शुरू कर देते है.

अगर आपको कुछ ऐसा दिखाई दे रहा है जो आपकी समझ से परे है तो घबराए नहीं न ही परेशान हो ये सब आपके मन की वो घटनाए है जो कही न कही आपके सवालों से जुडी है.

Clairaudience, Clairsentience, and Clair-cognizance

जब भी कोई व्यक्ति psychic abilities and predicting the future के बारे में सुनता है तो उसके मन में सिर्फ एक ही ability उभर कर आती है clairvoyance लेकिन, हकीकत में ये सही नहीं है.

ये सिर्फ एक प्रैक्टिस है जो आपको future sight दिखाती है लेकिन वास्तव में जो हम अनुभव करते है वो 3 तरह के अनुभव होते है. उनके आधार पर इन्हें समझा जा सकता है जैसे की

  1. Clairaudience एक ऐसी ability है जिसमे Clairvoyant Psychic को psychic energy आवाज की फॉर्म में सुनाई देती है.
  2. Clairsentience वो ability है जिसमे हमें साइकिक एनर्जी फील होती है. इसके सबसे कॉमन उदाहरण देखे तो gut feelings and empathy है जो सबसे ज्यादा अनुभव किये जाते है.
  3. Claircognizance भी एक Clairvoyant Psychic ability है जिसमे हम बिना किसी के कुछ कहे उसके बारे में समझ जाते है. आपके साथ कभी तो ऐसा हुआ होगा

Clairaudience में इमेजिनेशन करते हुए अपने साउंड पर फोकस करना

अगर आप खुद को clairaudience में perfect बनाना चाहते है तो आपको सबसे पहले तो ये समझना होगा की हम अपने आसपास की sound पर खुद को focus कैसे करे. हम अपने आसपास की सेंकडो तरह की आवाजे सुनते है लेकिन सूक्ष्म आवाजो को इगनोर कर देते है जिसकी वजह से हम चेतन रूप से ही बने रह जाते है.

रात को जब सोने जाए तब अपने बेड पर लेटते ही अपने आसपास की आवाजो पर ध्यान दे. हम अपने आसपास की आवाज को जब सुनने की कोशिश करते है तो पहले हमें वो आवाजे सुनाई देती है जो चेतन स्तर पर महसूस होती है धीरे धीरे ये आवाजे सूक्ष्म होती जाती है. अब हम जितना फोकस होते है उतना ही बारीक़ आवाजे हमें सुनाई देना शुरू हो जाती है.

आप चाहे तो कल्पना लोक में खुद को सवाल पूछ सकते है ये एक Clairvoyant Psychic technique है जिसमे हम खुद से सवाल करते है और बदले में जो प्रतिक्रिया हमारे अन्दर होती है उसे समझने का प्रयास करते है.

दुसरो की एनर्जी पर फोकस होने के लिए clairsentience का अभ्यास

दुसरे क्या सोचते है क्या करते है ये अनुभव करने का सबसे सही और बेस्ट तरीका है की आप दुसरो की energy reading पर काम करो. हम दुसरो की एनर्जी को पढना शुरू कर देते है तो साथ ही साथ उनके इमोशन को समझना शुरू कर देते है. आप इसके लिए निम्न तरह की कोशिश कर सकते है.

  1. अपने सामने किसी ऐसी फोटो को रखे जिसे आप पहले कभी नहीं जानते है लेकिन आपका दोस्त जानता है. फोटो को सामने रखते हुए उसकी आँखे देखे और मन में ये सोचे की जब ये फोटो ली गई तब व्यक्ति के मन में किसी तरह के इमोशन चल रहे थे.
  2. जिस व्यक्ति की फोटो ली गई है वो व्यक्ति कैसा है इस बारे में खुद से सवाल करे. आपके मन में उससे जुड़े जो भी जवाब उभरे उन्हें नोट करे और अपने दोस्त से पूछे की जो आप अनुभव कर रहे है वो कितना सही है. इसका अभ्यास तब तक करे जब तक आप फोटो को देखर क्लियर अनुभव करना शुरू न कर दे.
  3. अपने दोस्त से जुडी किसी ऐसी चीज को अपने हाथ में ले जो वो लम्बे समय तक इस्तेमाल करते आये है. अब उस ऑब्जेक्ट को अपने हाथ में होल्ड करे और आँखे बंद करके उसकी एनर्जी को महसूस करने की कोशिश करे. आप उसे हाथो में होल्ड करते टाइम positive vibration feel करते है या नेगेटिव ये रीड करना आपको इसमें एक्सपर्ट बनाता है.

Claircognizance ability को develop करे automatic writing के जरिये

आपने automatic writing के बारे में सुना ही होगा. एक कागज पर बिना किसी उदेश्य के लिखते जाना और फिर उसके अर्थ को समझना इस exercise का हिस्सा है.

  • एक शांत जगह जहाँ किसी तरह का कोई व्यवधान न हो बैठ जाए और पेन पेपर ले.
  • अपने मन में किसी एक सवाल को सोचे जैसे की कल मेरे साथ क्या होगा ये सोचे और फिर गहरी सांसे लेते हुए उसी थॉट पर खुद को फोकस कर ले.
  • अब पेन हाथ में ले और आपके मन में जो विचार आ रहे है उन्हें पेपर पर लिखते जाए. अगर आपके मन में कुछ भी सवाल से हटकर उलजलूल बाते आ रही है तब भी उन्हें कागज पर लिखते चले जाए रुके नहीं.
  • ये प्रक्रिया ख़त्म होने के बाद जो लिखा है उसे समझने की कोशिश करे. कुछ ऐसा होगा जो आपकी समझ न भी आये तो उसे highlight कर ले और फिर उसे अलग से समझने की कोशिश करे.

एक बार इस पथ पर आगे बढ़ते जाने के बाद आप इनका रिकॉर्ड बना ले. सिर्फ अभ्यास करना काफी नहीं है अभ्यास के साथ साथ उसे ट्रैक करा भी जरुरी है. आप चाहे तो इसके लिए journal बना ले या फिर डेली डायरी लिखने का अभ्यास करे.

इससे आपको दो फायदे होंगे पहला आप अपने अभ्यास को ट्रैक कर पाएंगे की आप किस तरह आगे बढ़ पा रहे है. दूसरा आप अपने अभ्यास में ये पता कर सकते है की आपके अन्दर कौनसा गुण ज्यादा है और किस फील्ड में आप आगे बढ़ सकते है.

इसके अलावा आपको अपने साथी की तलाश करनी चाहिए. एक ऐसा व्यक्ति जो आपको समझ सके और आपके साथ अभ्यास कर सके. ग्रुप में किया गया अभ्यास आपको सकारात्मक बनाता है और आप आगे बढ़ सकते है.

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checkout your Clairvoyant Psychic ability

कुछ लोगो के अन्दर ये गुण प्रकृति का दिया हुआ अनमोल तोहफा होता है तो कुछ लोगो को प्रैक्टिस करने के साथ ही इसके परिणाम मिलने शुरू हो जाते है.

आपके अन्दर इस तरह की काबिलियत है या नहीं इसका आप खुद पता लगा सकते है. आपको बस ध्यान देना होगा कुछ खास संकेतो पर जो ये दर्शाते है की आपमें ये एबिलिटी है या बन रही है.

Visual Psychic Flashes: चलते चलते या फिर आँखे बंद होते ही हमें कुछ खास तरह की झलकियाँ दिखाई देना शुरू हो जाती है. ये सबकुछ कैमरा की फ़्लैश जैसा होता है कुछ पल के लिए आपको अहसास होता है की आप कही और ही है और अचानक ही आप नार्मल हो जाते है. अगर ऐसा आपके साथ होता है तो आप भाग्यशाली है क्यों की आप एक Clairvoyant Psychic बन सकते है.

precognitive dreams

Daydream Easily: ये वो खास बात है जो हर साइकिक के साथ होती है. ऐसे लोग हर समय अपनी अटेंशन बनाये नहीं रख पाते है और कुछ समय के लिए खुद को सपने की अवस्था में महसूस करते है. जब भी व्यक्ति इस अवस्था में होता है उसे कुछ समय के लिए फ़्लैश दिखाई देता है. तेज लाइट, कुछ चलते फिरते चित्र दिखाई देना इस दौरान आम बात है.

चीजे आपस में तालमेल कैसे बैठा पाती है : जब हम मानसिक क्षमता को उभारना शुरू कर देते है तो मुश्किल हालात भी हमारे लिए आसान बन जाते है. पहले जहाँ हम छोटी सी मुश्किल में भी घबरा जाते थे अब बड़े बड़े हालात में भी खुद को स्थिर रख पाते है. इसकी वजह है हमारे sixth sense और subconscious mind का काम करना. जब ये काम करते है तो problem से जुड़े solution सुझाते रहते है. नए नए रास्ते बनाते है और चीजे आपस में कैसे जुडी होती है इसे बेहतर अतारिके से समझ पाते है.

Sense of Direction Is On Point क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है की एक प्रॉब्लम को आप और आपके साथ के 5 लोग फेस कर रहे होते है लेकिन किसी के भी दिमाग में इससे जुड़े वो ख्याल नहीं आते है आप उन्हें बताते है. अगर किसी समस्या को एक अलग नजरिये से देखना की काबिलियत आप में है और आप एक Clairvoyant Psychic है.

प्रकृति और लाइफ कितनी खुबसूरत है ये सिर्फ आप समझ सकते है

जिन लोगो के अन्दर Clairvoyant Psychic ability होती है वे हर चीज को खूबसूरती से जीना शुरू कर देते है. लाइफ में शिकायत सबको होती है लेकिन अपनी समस्या को भी बिना किसी परेशानी के दूर करना और हर घटना और गतिविधि को सूक्ष्म स्तर पर एन्जॉय करना ये सब आपकी मानसिक क्षमता को दर्शाते है.

आप चीजो को अपने दिमाग में ही बेहतर प्लान और उपाय खोज सकते है. आमतौर पर किसी चीज को टेस्ट करने के लिए उसे बनाया जाता है या फिर एक कंप्यूटर प्रोग्राम द्वारा इसकी गणना की जाती है की आगे चलकर उसमे क्या बदलाव आ सकते है लेकिन जिन लोगो में Clairvoyant Psychic ability क्षमता होती है वे अपने दिमाग ही चीजो को बेहतर प्लान कर सकते है.

इतना ही नहीं किसी चीज के कितने alternate उपाय हो सकते है और उनमे से कौनसा किस जगह फिट होगा इन सब की कल्पना को पहले से ही दिमाग में सोच लेना वो भी एकदम सटीक तरीके सिर्फ एक मानसिक क्षमता वाला व्यक्ति ही कर सकता है.

क्या आप Vivid Imagination को experience करते है ?

ऐसे लोग जिनमे clairvoyant ability होती है वे कल्पना में माहिर होते है. छोटे बच्चे इसमें माहिर होते है क्यों की वे अपने आसपास की दुनिया में ही बिजी रहते है.

उनका एक imaginary friend होता है. अगर आपको दुसरे लोग ये कहते है आप दुसरो से अलग और हट कर सोचते है तो समझ ले की आपके अंदर ये खास गुण है.

आप बार बार visual imagination करते है : जिन लोगो में Clairvoyant Psychic एबिलिटी होती है वे किसी भी चीज को घटना को Real time analysis करने में माहिर होते है.

उनकी सबसे खास बात उनका किसी भी घटना को अलग अलग नजरिये से देखना है.

सामान्य तौर पर हम किसी भी घटना के एक ही पहलू को देखते है लेकिन मानसिक क्षमता वाले व्यक्ति घटनाओं के हर संभव पहलू को अनुभव करते है और फिर परिणाम तक पहुँचते है.

अगर आपके अन्दर ऊपर शेयर की गई Clairvoyant Psychic quality में से एक भी है तो आप इसके लिए परफेक्ट है और आपके अंदर ये क्षमता पहले से active है आपको बस इसे और ज्यादा प्रैक्टिस के जरिये निखारने की जरुरत है.

working with Clairvoyant Psychic and my thought

दोस्तों हम सभी में किसी न किसी तरह की मानसिक शक्ति मौजूद है. किसी व्यक्ति के पास दुसरो से बेहतर सोचने की क्षमता है तो कोई व्यक्ति किसी स्थिति को दुसरो से बेहतर हैंडल कर सकता है.

किसी भी व्यक्ति में Clairvoyant Psychic ability को जगाया जा सकता है जिसके लिए आपको बस अपने अन्दर की क्षमता को अनुभव करना होता है. जिस तरह की psychic ability आप में सबसे ज्यादा है उसे प्रयोग द्वारा आप और बेहतर बना सकते है.

ये पोस्ट कैसी लगी हमें बताना न भूले. पोस्ट लम्बी जरुर है लेकिन मेने इसमें हर टॉपिक को कवर किया है. किसी भी सवाल जवाब के लिए आप कमेंट में पूछ सकते है.

Finger Induced Lucid Dream how it work benefit and effect simple guide Hindi

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वैसे तो lucid dreaming experience के लिए कई technique ब्लॉग पर शेयर की जा चुकी है लेकिन आज जिस तकनीक के बारे में हम बात कर रहे है हो सकता है उसे आपने कभी न कभी किया हो.

Finger Induced Lucid Dream यानि dream state में brain को active रखने के लिए अपने finger की mild movement को बनाते हुए lucid dream state के लिए खुद को तैयार करना.

Fild lucid dreaming state के लिए आपको किसी special instruction की जरुरत नहीं है बल्कि ये तरीका इतना आसान है की कोई भी इसे कर आसानी से खुद को lucid dream state में ले जा सकता है. lucid dream basic concept को अगर समझ लिया जाए तो ये बेहद आसान बन जाता है.

असल में मनचाहे सपने देखने की तकनीक और कुछ नहीं है बल्कि बॉडी को रिलैक्स रखते हुए brain को active रखना है.

Finger Induced Lucid Dream

जब बॉडी रिलैक्स होती है तब ये एक तरह से खुद को energy restoration के लिए रेडी करती है इस दौरान भी हमारा brain active रहता है लेकिन normal कंडीशन में ये एक्टिविटी को कण्ट्रोल नहीं करता है.

lucid dream technique में हम brain को active रखते है और इस दौरान जो कुछ होता है वो हमारे brain के जरिये कण्ट्रोल किया जाता है.

ऐसी कई तकनीक अब तक सामने आयी है जिसमे हम सोने के दौरान खुद को active रख सकते है. आइये जानते है इसके बारे में और ज्यादा डिटेल से.

Finger Induced Lucid Dream

ये उन guaranteed lucid dreams technique में से एक है जो आपको आसानी से कम से कम टाइम में मनचाहे सपनो की दुनिया में ले जाती है. हम इसे successful lucid dream induction technique के नाम से भी जानते है क्यों की ये 100% safe and easy method है. हालाँकि ये काफी आसान तरीका है लेकिन ये तभी काम करता है जब आप इसे अपने रूटीन में शामिल कर ले.

ज्यादातर लोगो के लिए “lucid dream in 5 minutes” वाला आईडिया एकदम unrealistic लगता है क्यों की 99% लोग इसके पीछे की तकनीक को कभी समझते ही नहीं है.

सिर्फ एक बार कोशिश करे और ये काम कर जाए ऐसा होना सिर्फ 1% है. आपको इसे सुनकर discourage नहीं होना चाहिए क्यों की पहली बार में सफलता मिलना बेहद rare case में होता है. ज्यादातर लोग काफी बार फ़ैल होते है.

आपको सिर्फ इन तकनीक के basic ideas को accept करना है और आगे बढ़ना है. सबसे बड़ी और खास बात अभ्यास को कम से कम 3 हफ्ते तक ले जाना क्यों की 21-21 दिन में बनती है आदते वाला concept आपको मालूम ही है. आइये जानते है Lucid dreaming fild technique in Hindi के बारे में डिटेल से.

Fild lucid dreaming step by step Guide

जब आप सोने जाए तब एक दम रिलैक्स होकर सोना है. आपका पूरा बॉडी सीधे होकर सोने की वजह से एकदम शिथिल हो जाता है इसलिए जहाँ तक कोशिश हो इसी तरह सोने की कोशिश करे. आपको एक अलार्म लगा लेना है जो की आपके उठने के ठीक 2 घंटे पहले तक का हो.

अगर आप हर रोज 8 घंटे की नींद लेते है तो आपको 6 घंटे बाद उठना है.  एक REM period होता हो. जिसमे आपके दोबारा सोने के चांस होते है.

  • अलार्म बजने के बाद बिना ज्यादा body movement किये अलार्म बंद कर दे और फिर से रिलैक्स होकर लेट जाए.
  • आपको फिर से एक normal sleep लेने की कोशिश करनी है. जब आपको लगे की आपको अब नींद आने लगी है तब Finger Induced Lucid Dream यानि FILD technique को apply करना है.
  • आपका एक हाथ बेड पर सीधे या फिर ग्राउंड से टच होता हुआ होना चाहिए.
  • Lucid dreaming fild technique में आपको imagine करना है की आप index finger and middle finger के जरिये piano बजा रहे है. आपकी पूरी बॉडी रिलैक्स रहेगी लेकिन सिर्फ index finger में मूवमेंट रहेगी.
  • इस तरह की activity बेहद हलकी होनी चाहिए ताकि इस पर आपका ज्यादा ध्यान ना जाए. अंत तक ये ये गतिविधि आपके ध्यान से बिलकुल बाहर हो जाती है यानि आप इसे subconsciously करते है.
  • आपका पूरा फोकस खुद को ज्यादा से ज्यादा रिलैक्स रखने पर होना चाहिए. परेशान करने वाली यादो से दूर रहे और concentrate को चाहे तो अब अपने fingers पर रख सकते है.

Read : अगर आपके अन्दर भी है इस तरह के Symptoms of psychic abilities? जानिए क्या बन सकते है आप

ये कैसे काम करता है ?

हम जानते है की हमारा brain हमेशा active रहता है. जब आप सोते समय अपने fingers को movement करवाते है तो ये आपके brain के एक हिस्से को active रखता है. बॉडी के पूरी तरह रिलैक्स होने की वजह से sleeping mode में होती है लेकिन अंगुली में हरकत चलती रहती है.

Finger Induced Lucid Dream के दौरान आपको ध्यान देना है की अंगुली में ज्यादा तनाव ना हो ना ही ये ज्यादा मुड़े बल्कि जितना हो सके रिलैक्स रखने की कोशिश करे.

आपको कुछ याद आ रहा होगा. छोटे बच्चो के अन्दर आपने ये देखा होगा उनकी अंगुली घुमती रहती है और वे सपने में भी मुस्कुराते रहते है. जिन सपनो के साथ आपके expression ज्यादा clear होते है वो आपके brain के active रहने की वजह से होते है.

ऐसे सपनों की सबसे बड़ी पहचान होती है उठने के बाद body and mind में तालमेल नहीं होता है. बॉडी रिलैक्स होती है लेकिन माइंड पहले से ही active होता है.

Lucid dreaming fild technique

थोड़ी ही देर बाद आप अपनी सांसो की गति में फर्क महसूस करना शुरू कर देंगे. कुछ लोगो को अचानक ही विचारो से भरे माइंड में विचारशून्य हो जाने का अनुभव होता है और वे कुछ देर तक trance like state experience करने लगते है. मेरे साथ ऐसा ज्यादातर होता है.

आपको Finger Induced Lucid Dream के लिए सिर्फ कुछ देर तक इन्तजार करना है जब तक आप sure ना हो जाए की आप dream state में जाने वाले है.

कुछ देर के लिए आपको किसी तरह का अहसास होना बंद हो सकता है जैसे की अचानक ही brain में खून के प्रवाह के रुकने की वजह से अनुभव होता है. इसमें घबराने की बात नहीं है ये बिलकुल normal है और ज्यादातर उन लोगो के साथ होता है जो विचारो से घीरे हुए रहते है.

कुछ देर बाद जब लगभग 30-60 सेकंड का समय हो जाए तब एक Lucid Dream Reality Check perform करे. Finger Induced Lucid Dream technique के दौरान आपको खास ध्यान रखना होता है की जिस Lucid Dream Reality Check की बात की जा रही है वो normal से बिलकुल अलग है.

usual condition में हम body movement के जरिये ये चेक करते है लेकिन इसमें आपको बॉडी के अन्दर कोई हरकत नहीं करनी है.

आप Finger Induced Lucid Dream के लिए कुछ और तरीके अपना सकते है जैसे की

  • अपने गले पर दबाव बनाते हुए nasal passage को बंद करे और फिर साँस लेने की कोशिश करे. इस दौरान एक muscle होती है जो हमें ऐसा करने से रोकती है.
  • अगर आप फिर भी साँस ले पा रहे है तो Congrats क्यों की आप सपने में है और एक lucid dreamer है.
  • अपनी जीभ को दांतों से कटवाने की कोशिश कर सकते है. ये सब हरकत इतनी होनी चाहिए की बॉडी पर इसका न के बराबर असर पड़े.

ध्यान रखे आपको इस तरह का Reality check कम से कम 2 बार करने की जरुरत होती है क्यों की कई बार हमारा brain हमारे साथ ट्रिक करने लगता है.

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Lucid dreaming fild technique के दौरान किन बातो का ध्यान रखना चाहिए

Finger Induced Lucid Dream तकनीक के समय आपको सफलता मिले इसके लिए कुछ बातो को ध्यान में रखना चाहिए ताकि होने वाली किसी भी परेशानी से न सिर्फ बचा जा सके बल्कि अभ्यास को भी आसान बनाया जा सके.

  • कभी भी finger movements को काउंट करने की कोशिश ना करे और ना ही अपने brain से बात करने की कोशिश करे. ऐसा करना आपको conscious बनाता है जो आपके experience को बर्बाद कर सकता है.
  • ज्यादातर केस में dream state में जाने का समय लगभग 30 सेकंड का है लेकिन क्या ये फिक्स है ? नहीं आपको इसके बारे में सोचना नहीं चाहिए बल्कि अपने अनुभव से आगे बढ़ना चाहिए.
  • किसी भी स्थिति में आँखों को ओपन नहीं करना है.
  • आपको ये अभ्यास तब करना है जब आप जगे हुए हो और सोने वाले हो ( अलार्म बजने के बाद ) इस दौरान finger movements का अभ्यास करे और फिर जब लगे की dream state में जाने वाले है तब reality check करे. ऐसा करना इन दोनों के बीच एक connection develop करता है.
  • वक़्त के साथ ये आपकी हैबिट बन जानी चाहिए.
  • Finger Induced Lucid Dream technique को better result के लिए तब करे जब आप थके हुए हो आपको जल्दी ही नींद आने वाली हो. इससे आपको आसानी से बॉडी रिलैक्स करने में हेल्प मिलेगी और आपका काम आधा हो जायेगा.
  • यहाँ पर आपको सावधान रहना होगा क्यों की ये तकनीक कई बार highly convincing false awakenings में भी बदल जाती है जिसमे हमें ये भ्रम होता है की हम जग रहे है.
  • इस तरह के lucid induction काफी आम है इसलिए आपको इस दौरान careful रहना बेहद जरुरी है और reality check करते रहना चाहिए.

ये सब कुछ ऐसी जरुरी बाते है जिन्हें आपको इस दौरान ध्यान में रखना है ताकि अनुभव सही मिले और अभ्यास सही रास्ते पर आगे बढे.

Pros of the FILD Technique

Finger Induced Lucid Dream तकनीक काफी आसान है और सबकुछ सही रहने पर बाद में आप थके हुए रहने की वजह से आसानी से फिर से सो सकते है. इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा ये है की ये आपको आसानी से lucid dreaming में हेल्प करता है.

कई बार ये कुछ ही पल में आपको lucid dream state में ले जा सकता है. सही तरीके से किया गया इसका अभ्यास आपको आसानी से गहरी नींद लेने में हेल्प करता है.

इसके अलावा भी इसके कई benefit है जैसे की unwanted intrusive thoughts से distract ना होना, बॉडी को आसानी से रिलैक्स कर लेना और brain को active रखना.

अगर आप इसके साथ Wake-back-to-bed जैसी lucid dream technique का प्रयोग करते है तो ये आपको आसानी से जिस तरह dream state में जाते है वैसे ही बाहर निकलने में मदद करता है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Cons of the FILD Technique सावधानी

Finger Induced Lucid Dream तकनीक एक बार में सिर्फ एक बार ही की जा सकती है. एक बार फ़ैल हो जाने के बाद आप उसी समय दोबारा शुरू नहीं कर सकते है क्यों की ऐसा करना आपके Body and mind को ज्यादा active बना देता है और ये आपके लिए काम नहीं करती है.

एक घंटे के गैप पर आप दोबारा कोशिश कर सकते है लेकिन ऐसा करना आपके sleep cycle को affect करता है और आपके नींद में खलल पड़ता है.

इस तकनीक पर बेहद कम रिसर्च की गई है जिसकी वजह से इसके exact method के effect, working technique, benefit, side effect पर ज्यादा knowledge नहीं है. दूसरे शब्दों में कहे तो ये तकनीक और कुछ नहीं सिर्फ कुछ बदलाव का नतीजा है.

कई बार हमारा brain हमारे साथ ट्रिक करता है ( जैसे की रात को बिस्तर पर शू-शू करना ) और reality check भी काम नहीं करता है ऐसी स्थिति में आप सबकुछ बंद कर जग जाते है तो ये बेहद निराशा से भरा होता है. इससे बचे.

एक छोटी सी चूक भी आपकी असफलता का कारण बन सकती है इसलिए जब तक sure ना हो की आपको क्या कब और कैसे करना है तब तक ना करे.

FILD Technique कुछ additional tips

अगर किसी को पाना है तो उसकी बेसिक चीजो को जानना होगा. ये हर जगह लागू होता है इसलिए Finger Induced Lucid Dream technique में success हासिल करने के लिए आपको ऐसी ही कुछ basic understand होनी चाहिए जिन्हें आप अपनी daily routine में शामिल कर सके.

FILD Technique को और बेहतर बनाने के लिए आप इसमें कुछ extra effort जोड़ सकते है. जैसे की

  • हर रोज morning/evening routine में कम से कम meditation practice करना आपको lucid dreaming experience में benefit तो देगा ही साथ ही आपके daily life को भी आसान बना देगा.
  • हर रोज फिर चाहे आप कोई भी एक्टिविटी कर रहे हो कुछ Reality checks करने की आदत बना ले. अगर चल रहे है तो conscious होकर जो हो रहा है उसे समझने की कोशिश करे. ऐसा करना आपको ज्यादा से ज्यादा active बनाता है.
  • हम हर घटना को रिकॉर्ड करने के लिए एक journal बनाते है जो हमारे अनुभव को समझने में मदद करता है. एक Dream journaling बनाना आपको इसमें और ज्यादा हेल्प करता है. आपने कब किस तरह का सपना देखा, एक सपना दूसरे से किस तरह अलग था और किस तरह के सपने unusual थे. ये सब समझने के बाद आपके लिए lucid dream को experience करना और भी आसान बन जाता है.
  • हर रोज जब हम सोते है तब लगभग 90 मिनट का समय REM sleep का होता है. Finger Induced Lucid Dream technique का मकसद इसके साथ छेड़छाड़ करना होता है ताकि हम इस दौरान खुद को brain level पर active रख सके.
  • Dream herbs का इस्तेमाल करना आपके मूड को affect करता है जिसकी वजह से आपके सपनो पर फर्क पड़ता है. ये आपके बॉडी को जल्दी से जल्दी रिलैक्स करने का काम करती है साथ ही brain को active रखने का भी काम करती है.

ये कुछ ऐसे टिप्स है जिन्हें अगर आप daily life में शामिल कर ले तो आपको रिजल्ट बेहतर मिलने लगते है.

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Finger Induced Lucid Dream technique and daily life final conclusion

अब तक आप FILD method यानि Finger Induced Lucid Dream का basic concept समझ ही गए होंगे. बॉडी को रिलैक्स रखना, brain को mild finger movement के जरिये active रखना ये सब इस तकनीक में शामिल है. हम सब अलग अलग लेवल पर काम करते है और सबके अन्दर कुछ न कुछ अलग होता है इस वजह से ये तकनीक कुछ लोगो के लिए आसानी से काम करती है वही कुछ लोगो के लिए शायद ये काम ना करे.

इसका मतलब ये नहीं है की FILD method गलत है या फिर आप में कुछ कमी है. एक ही अभ्यास को अलग अलग तरीके से किया जा सकता है इसलिए किसी और तरीके का चुनाव कर सकते है. किसी भी lucid dreaming practice से पहले आपको ये पक्का कर लेना चाहिए की आप किसी तरह की the most common lucid dreaming mistakes तो नहीं कर रहे है.

अगर ये मेथड आपके लिए पहली बार में काम नहीं करता है तो निराश ना हो क्यों की वक़्त लगता है और ये 99% लोगो के साथ होता है. सही गाइड और शांत मन से अभ्यास करे ताकि आप उन 1% लोगो में शामिल हो सके.

Top 5 tips on How to End a Friendship in Hindi किसी रिश्ते को ख़त्म कैसे करे ?

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दोस्ती और रिश्ते जब तक दोनों तरफ से निभाए जाते है तब तक ही सही लगते है. अगर एक तरफ से रिश्ते को निभाना हो और दूसरी तरफ से से वो सिर्फ आपका इस्तेमाल कर रहे है तो बेहतर होगा की रिश्ते में रहने की बजाय आप End a Friendship जैसा स्टेप ही ले.

इस तरह के स्टेप तब लिए जाते है जब आपको लगता है की आपका partner अब आपके लिए toxic बनता जा रहा है और आप किसी Toxic relationship में रह रहे है.

जिस तरह romantic relationship में रहने के बावजूद आपको लगता है की आपका पार्टनर अब आपके लिए सही नहीं है तो आप उस रिश्ते से बाहर निकलने की कोशिश करते है.

इसके लिए आपको पहले खुद को समझाना पड़ता है की अब आप और ज्यादा इस रिश्ते में नहीं रह सकते है.

How to End a Friendship in Hindi

किसी भी friendship or relationship से खुद को दूर ले जाना आसान नहीं होता है. ये आपके physical and mental health पर असर डालता है.

लम्बे समय तक आपको खुद को समझाना पड़ता है की आपके लिए क्या सही था क्या नहीं. कई बार रिश्ते इतने कड़वे हो जाते है की उनसे बाहर आना ही सही रहता है.

ज्यादातर दोस्ती शुरुआत में दोनों तरफ होती है लेकिन समय के साथ ये एक तरफ़ा होती जाती है और आपके लिए इस रिश्ते में बने रहना मुश्किल हो जाता है.

जब बार बार आपका trust टूटता है तब आप भरोसे नहीं बना पाते है जिसकी वजह से अंत में रिश्ता टूटना ही Last option बचता है.

अगर वो आपके सीक्रेट को अपने तक नहीं रखते है और दूसरो के सामने आपका मजाक बनता है तो ऐसे रिश्ते से बाहर निकल जाए तो ही अच्छा है. आज की पोस्ट में जानते है कुछ ऐसे ही End a Friendship टिप्स के बारे में की खुद को इसके लिए तैयार कैसे करे.

How to End a Friendship in Hindi

नए दोस्त बनाते समय हमें ये पता नहीं होता है की हमारी दोस्ती का भविष्य क्या होगा और ये कब कैसे ख़त्म होगी. जैसे जैसे हमारी लाइफ आगे बढती है कुछ दोस्त हमारी लाइफ का हिस्सा नहीं बने रह पाते है और अलग होना पड़ता है. ऐसे में हमें Right way to end a Friendship को follow करना चाहिए.

ज्यादातर लोग यहाँ पर एक गलती करते है. वे रिश्तो को ख़त्म तो कर देते है लेकिन भविष्य में उस रिश्ते को दोबारा बनने के लिए कोई वजह नहीं छोड़ते है. क्या आप भी अपनी दोस्ती को बुरे तरीके से ख़त्म कर रहे है ?

अगर हाँ तो रुके क्यों की हम आज इस आर्टिकल में बात करने वाले है की आखिर कैसे हमें उन दोस्तों से साथ रिश्ते को ख़त्म करना चाहिए जिनके साथ रहना अब संभव नहीं.

कुछ लोग Relationship को end करने के लिए बेवजह reason निकालते है वही कुछ लोग इस उधेड़-बुन में रहते है की उन्हें रिश्ता रखना चाहिए या ख़त्म कर देना चाहिए.

वजह चाहे जो भी हो आपको आगे बढ़ना हो या रिश्ते से बाहर निकलना हो लेकिन एक Relationship का end कुछ इस तरह करना चाहिए की भविष्य में उसका कोई भी Bad impact देखने को ना मिले.

कोई भी रिश्ता पूरी जिंदगी नहीं चलता है इसलिए आइये जानते है की “rules” of ending friendships यानि एक रिश्ते को तोड़ते या ख़त्म करते समय किन बातो का ध्यान रखना चाहिए.

Reasons for Ending a Friendship

जब हम किसी रिश्ते को ख़त्म करते है तो कुछ action for ending a friendship को लेकर mind में planning करते है जैसे की क्या कहना है और किस स्थिति में किस तरह react करना है.

लेकिन क्या आपने इससे पहले उन रीज़न के बारे में सोचा है जिसकी वजह से आप रिश्ते से बाहर निकलने का सोच रहे है ?

इसके अभाव में जब कोई आपसे पूछेगा की आप इस रिश्ते को ख़त्म क्यों करना चाहते है तो क्या जवाब होगा आपका ?

अक्सर मन की उलझने हमें ऐसे negative thoughts में फंसा देती है जिनका हकीकत से कोई वास्ता नहीं होता है इसलिए अगर आप किसी रिश्ते से बाहर निकलने के बारे सोच रहे है तो सबसे पहले उन कारण को जानने की कोशिश करे जिसकी वजह से आप End a Friendship जैसा कदम उठा रहे है.

इसका एक तरीका journaling your feelings यानि हमारे मन में किस तरह की feeling आ रही है उसका विश्लेषण करना. ऐसा करने से आप न सिर्फ अनचाहे विचारो से खुद को दूर रख पायेंगे बल्कि आपको किसी दूसरे व्यक्ति से इस बारे चर्चा करने से भी बच सकते है जिसमे आपको प्राइवेसी का खतरा लगता है.

some common reason for break up with friends

जिसके साथ दोस्ती या रिश्ते को आप ख़त्म करना चाहते है उसके साथ अपनी feeling या thoughts को तब तक शेयर ना करे जब तक आप खुद अन्दर से क्लियर ना हो जाए. इसके लिए कुछ common reasons है जहाँ आप end a friendship को लेकर सोच सकते है.

  • आपके Circumstances में बदलाव जैसे की अब एक दूसरे के साथ नहीं रहते है या दूर जाने लगे है.
  • आप दोनों के बीच interests or commitments को लेकर Distance बनने लगी है यानि सोचने में बदलाव.
  • आपका दोस्त भरोसे के लायक नहीं है क्यों की वो आपसे झूठ बोलता रहता है.
  • आपको आगे ले जाने के बजाय दोस्त ज्यादातर समय निचा दिखाने, Demotivate करने में लगा रहता है.
  • वो आपके ऊपर जाने अनजाने हावी होने की कोशिश करने लगा है जिसकी वजह से Toxic person and toxic relationship issue create होने लगा है.
  • आप दोनों के बीच कुछ ऐसे अंतर पैदा होने लगे है जिन्हें आप ignore नहीं कर सकते है.

ये कुछ ऐसे common reason to end a friendship है जो आपको क्लियर करने में हेल्प करेंगे की आखिर क्यों आप इस रिश्ते से move on करना चाहते है.

अगर सामने वाला आपका सही मायने में दोस्त होगा तो वो आपको कभी आपकी मोरल वैल्यू को लेकर compromise करने को नहीं कहेगा, values or commitments के against भी नहीं जाएगा. अगर कोई व्यक्ति आपकी लाइफ को बेहतर नहीं बना पा रहा है तो उसकी आपके दिल में कोई जगह ना होना ही सही है.

दोस्ती को कभी भी इस तरह ख़त्म ना करे

इससे पहले की हम best ways to end a friendship पर बात करे आपको पहले उन तरीको के बारे में भी जान लेना चाहिए जिनके साथ रिश्ते को कभी ख़त्म नहीं करना चाहिए क्यों की ये सामने वाले पर bad impact डालता है और हो सकता है उनका ईगो भी हर्ट हो.

  • रिश्ते को ख़त्म करने के लिए अपने दोस्त के प्रति hostile or aggressive ना बने.
  • अचानक बिना बताये सब कुछ ख़त्म कर देना.
  • बिना मिले सिर्फ फोन के जरिये दोस्ती को ख़त्म कर देना.
  • रिश्ते को ख़त्म करने के लिए बाहरी व्यक्ति की सहायता लेना ताकि वो आप दोनों के बीच दरार पैदा कर सके.

ये तरीके किसी भी रिश्ते या दोस्ती को ख़त्म करने के लिए ना अपनाए क्यों की ये सही नहीं है और सामने वाले पर इसका बुरा असर पड़ता है. हो सकता है की इस समय आप दोनों का रिश्ता ख़त्म हो जाए लेकिन भविष्य में आप सामने वाले के लिए अपनी वैल्यू और इज्जत दोनों गँवा देते है.

Healthy Ways to End a Friendship

अगर आप किसी रिश्ते या दोस्ती से बाहर आने के बारे में सोच समझकर move on का तय कर चुके है तो आपको इसके लिए कुछ ऐसे healthy way देखने चाहिए जो बिना किसी नुकसान के साथ आपको इस रिश्ते से बाहर निकलने में मदद करेंगे.

The Gradual Fade-Out

धीरे धीरे किसी रिश्ते को ख़त्म करना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है. आप धीरे धीरे सामने वाले के साथ अपने social interaction को ख़त्म कर सकते है. ये तरीका काफी हद तक कारगर भी है क्यों की इससे आपको अपनी वजह को और भी मजबूत करने का मौका मिल जाता है.

किसी कपडे को निकाल कर रख देना सही है बजाय उसे फाड़ देने के इसलिए इस तरह की स्थिति में आप उन्हें धीरे धीरे ignore करना शुरू कर दे. अगर उन्हें इस रिश्ते की क़द्र होगी तो वे इसकी वजह जानने की कोशिश जरुर करेंगे. ज्यादातर इसका इस्तेमाल toxic relationship जैसी स्थिति में किया जाता है.

बीते समय में आप सामने वाले को बेहतर सुनते थे लेकिन आज स्थिति ऐसी है की आप सहन नहीं कर सकते है. ऐसे में रिश्ते को अचानक से ख़त्म करने की बजाय उन्हें ignore करना शुरू कर दे ताकि सामने वाले को ये न लगे की आप इस रिश्ते से बाहर निकलने के लिए ही ये सब कर रहे है.

वैसे fading out of friendship तरीका End a Friendship के लिए अच्छा तो है लेकिन अगर सामने वाले ने आपके इस व्यवहार को नोटिस नहीं किया तो ये उतना कारगर भी नहीं रहता है. ऐसी स्थिति में आप सामने वाले को stressful situation में छोड़ देते है क्यों की उसे पता ही नहीं चलता है की आप इस रिश्ते से बाहर क्यों निकलना चाहते है. वो इस वजह को जानने की कोशिश करना शुरू कर देते है की आखिर आप अचानक गायब कैसे होने लगे है.

अगर आपका दोस्त toxic है तो ये option सबसे बढ़िया है लेकिन अगर आपने इन चीजो को क्लियर नहीं किया या फिर आप उन्हें समझा नहीं पाए की आखिर क्यों इस रिश्ते से आप बाहर निकलना चाह रहे है तो ये उन्हें पैनिक भी कर सकता है.

बात करने की कोशिश करे

अगर आपने पूरे मन से End a Friendship को लेकर सोच लिया है और ऊपर बताया गया तरीका इसमें कारगर नहीं रहा है तो सामने वाले से बात करने की कोशिश करे. ये बिलकुल उसी तरह है जैसे किसी romantic relationship को आगे बढ़ाने के लिए किया जाता है. इसमें कुछ स्टेप है जिन्हें आपको follow करना होता है जैसे की

  • सामने वाले से मिलने की बात करे जैसे किसी जगह या कॉफ़ी पर. ध्यान रखे की आप बात करने के लिए मिलने का option चुने ना की सिर्फ फोन पर ही बात ख़त्म करने की कोशिश करे.
  • आपको ध्यान रखना है की इस मुलाकात का goal क्या है ? बात करने का मकसद आपके इशू को सोल्व करना है इसलिए उन जरुरी पॉइंट को क्लियर कर ले जिन्हें लेकर आप परेशान है और इसे आप बीते समय में हुए किसी वाकये के साथ जोड़ सकते है. सामने वाले से किसी पॉइंट पर मतभेद है तो उसे भी रखे और कोशिश करे की बिना उसके ईगो या respect को hurt किये इसका समाधान निकाला जा सके.
  • सामने वाले ने क्या गलत किया है उसे उसका दोष देने के बजाय आप क्या feel कर रहे है उसे सामने रखे. जब तक सामने वाला ये नहीं जानेगा की उसके किसी हरकत से आपको कैसा feel हुआ है वो आपको समझ नहीं सकता है.

आप अपनी बता को किसी इशू से शुरू कर सकते है जैसे की “मैंने हमारे रिश्ते / दोस्ती में बीते कुछ समय से कुछ ऐसे बदलावों को नोटिस किया है जो मुझे परेशान कर रहे है. मुझे लगता है की अब हमें इस बारे में बात करनी चाहिए

जब आप ऐसा करते है तब सामने वाला अगर आपकी क़द्र करता है तो बात करने को जरुर तैयार होगा क्यों की बेवजह कोई नहीं चाहता है की उसका रिश्ता किसी के साथ ख़राब हो.

कुछ समय का ब्रेक ले सकते है

अगर आपको लगता है की बातचीत करने के बाद भी आप अपने इशू को solve करने में नाकाम रहे है तो आप क्या करेंगे ? अचानक ही इस “दोस्ती को ख़त्म” कर देंगे या फिर “कुछ समय का ब्रेक” देंगे ? ऐसा हर रिश्ते में होता है फिर चाहे वो romantic relationships ही क्यों न हो.

रिश्ते को पूरी तरह ख़त्म कर देने की बजाय एक चांस देना चाहिए. दोनों के बीच कुछ समय का ब्रेक देना चाहिए ताकि अगर दोनों को ही रिश्ते की क़द्र हो तो उसके लिए इस रिश्ते को वापस आगे बढाया जाए.

अगर आपको लगता है की ब्रेक देने के बाद आप दोस्त की कमी को महसूस नहीं कर रहे है बल्कि और ज्यादा बेहतर feel कर रहे है तो फिर आप रिश्ते को पूरी तरह ख़त्म कर सकते है. ध्यान रखे ये एक तरफ़ा नहीं है यही सोच आपके दोस्त की होनी चाहिए.

ब्रेक देने के कई Positive benefit है जैसे की

  • ये आपको अपनी दोस्ती पर सोचने के लिए एक fresh perspective देता है.
  • अगर आप उदास है तो शांत करने में मदद करता है.
  • अगर आपने बीते समय में ज्यादा समय एक दूसरे के साथ बिताया है तो उसे मिस करने का चांस देता है.
  • दोस्ती की क़द्र, उसकी वैल्यू और जरूरत सब को सोचने के लिए नया माहौल देता है.

आप End a Friendship को लेकर कोई भी रीज़न दे सकते है जैसे की अलग दूसरी जगह जाना, लाइफ में बिजी हो जाना लेकिन अगर वाकई आपको दोस्ती गहरी है तो रिश्ते को अचानक से ख़त्म नहीं किया जा सकता है. आपको कुछ समय चाहिए ताकि आप खुद को इसके लिए तैयार कर सके.

जब भी आपको लगे की दोबारा मिलना चाहिए, बात करने के लिए तैयार है तो एक नयी शुरुआत करे और रिश्ते को नए सिरे से शुरुआत दे.

Ending Things Immediately

कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है की sudden ending to a friendship को avoid नहीं किया जा सकता है. अगर आप dealing with a toxic friend जैसी स्थिति से गुजर रहे है तो ऐसा करना आपके लिए बेहद मुश्किल हो जाता है.

कुछ लोग आपके द्वारा सेट की Boundaries की परवाह नहीं करते है ऐसे में बार बार उन्हें avoid करने की बजाय रिश्ते को ख़त्म करना ही सही रहता है.

ऐसी स्थिति में आपको खुद को समझा लेना चाहिए की अब आपकी जरूरते इस दोस्ती में नहीं है. अगर आप खुद को लेकर क्लियर है तो End a Friendship or friendship break-up जैसा कदम लेना आपके लिए सही रहेगा.

अगर आप लम्बे समय से किसी के साथ रह रहे है और महसूस कर रहे है की अब आपको उनसे दोस्ती ख़त्म कर लेनी चाहिए तो इस type of friendship breakup का स्टेप लेना ही आपके लिए सही रहेगा.

आपके दोस्त की इन सब पर क्या प्रतिक्रिया हो सकती है ?

अगर आप दोस्त के साथ रिश्ते को ख़त्म कर रहे है तो आपके मन में ये सवाल जरुर आया होगा की आखिर जब हम ऐसा करेंगे तो दोस्त की क्या reaction होगी. कुछ ऐसी रिएक्शन आपका दोस्त दे सकता है जब उन्हें End a Friendship का पता चलता है.

  • ज्यादातर मामले में वो रिश्ते को एकदम से ख़त्म करने की बजाय other form or relationship के लिए पूछ सकते है. जैसे की अगर दो प्यार करने वाले अलग होते है तो वे प्यार ख़त्म करने की बजाय दोस्त बनकर रहने की कोशिश करते है.
  • वे खुद को हर्ट फील करने लगते है और खुद के लिए defense करने की कोशिश करते है.
  • उन्हें समझ ही नहीं आता है की आखिर क्यों आप end the friendship को लेकर उन्हें कह रहे है.
  • वो आपकी thought manipulate करने की कोशिश करते है ताकि एक बार फिर से आप इस फ्रेंडशिप में वापस आ जाए.

इस तरह की रिएक्शन वो आपको दे सकते है. पहले से मालूम होने की स्थिति में आप जरुरी कदम ले सकते है और रिश्ते में बने रहने या ख़त्म करने को लेकर सोच सकते है.

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How to end a friendship final thought

Breaking up a friendship जैसी स्थिति आपके लिए stressful and emotionally draining साबित हो सकती है खासकर अगर आप एक romantic relationship में रहते आ रहे है.

सबसे बड़ी बात तो ये है की क्या आप खुद को लेकर लॉयल है अगर हाँ तो sad, frustrated, or angry जैसी कंडीशन में भी खुद को stable  रखे.

आपको End a Friendship के बाद अपनी mental health को लेकर secure होना चाहिए. आपके लिए end of the friendship का असर आपकी बाकि की लाइफ में नहीं होना चाहिए.

जिस तरह शादी के बाद तलाक की वजह से poor physical health or lowered resistance to stress आपकी लाइफ में समय के साथ कम होता जाता है उसी तरह एक दोस्ती को जरुरत के अनुसार ख़त्म करना ही सही रहता है. आप इस बारे में क्या सोचते है क्या करना चाहिए और क्या आपकी लाइफ में आप कभी ऐसी स्थिति से गुजरे है हमें कमेंट में जरुर बताए.

Narcissistic Personality Disorder वाले लोगो के साथ डील कैसे करे ?

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क्या आपके आसपास ऐसे लोग है जो खुद को हमेशा दूसरो से अलग मानते है और दूसरो से ऊपर रखते है. अपनी की गई गलती के लिए भी दूसरो को blame करते है और एक दिखावे की जिंदगी जीते है.

अगर हाँ तो ये Narcissistic Personality Disorder से पीड़ित है. एक ऐसी बीमारी जिसमे व्यक्ति खुद को दूसरो से स्पेशल समझना शुरू कर देता है. अपने आसपास एक ऐसी दुनिया बनाने की कोशिश करता है जिसमे वास्तविकता नहीं होती है बल्कि उसकी उम्मीदों से भरा एक जाल होता है.

ऐसे लोग आपको पहले अपने दिखावे से इम्प्रेस करने की कोशिश करते है और जब आप उनसे जुड़ जाते है तब वे आपको सिर्फ अपने ईगो को पूरा करने का एक जरिया बनाकर छोड़ देते है. उनके लिए आपकी उम्मीदे कुछ मायने नहीं रखती है.

वो जैसा चाहते है आपको वैसा ही व्यव्हार करना होता है और बनना पड़ता है. उनके अनुसार चलना पड़ता है यहाँ तक की बिना किसी गलती के जिल्लत का सामना भी करना पड़ सकता है.

Narcissistic Personality Disorder in Hindi

जिन लोगो में इस तरह के लक्षण होते है वे ऐसे लोगो से घीरे होते है जो अपनी लाइफ में Compromise करते रहते है वो भी सिर्फ आगे बढ़ने के लिए.

अगर आप उनकी उम्मीद के अनुसार नहीं चलते है तो आप उनके किसी काम के नहीं इसलिए वो आपको कभी महत्त्व नहीं देंगे. इस तरह की Abusive relationship से जितना जल्दी हो सके बाहर निकल ले उतना ही सही है.

आज हम बात करने वाले है एक ऐसी मानसिक बीमारी के बारे में जो एक भ्रम का जाल पैदा करती है और आपको वास्तविकता से दूर करती है. आइये जानते है इसे संकेत और लक्षण के बारे में साथ ही इससे बाहर कैसे निकला जाए इन सबके बारे में.

Narcissistic Personality Disorder in Hindi

NPD यानि Narcissistic Personality Disorder एक ऐसी Personality disorder है जिसमे victim खुद को दूसरो से ज्यादा Superior समझता है. इसके victim खुद को एक सेलेब्रिटी की तरह शो करते है और खुद से ही लगे रहते है लेकिन, psychological term में narcissism का मतलब self-love नहीं है.

इसका सही मतलब देखे तो NPD एक ऐसी बीमारी है जिसमे पीड़ित idealized, grandiose image से प्यार करते है और खुद को उस इमेज में रखने की कोशिश करते है.

ऐसे लोग ऐसा इसलिए करते है ताकि वे अपनी deep feelings of insecurity वाली feeling को छुपा सके. Narcissistic personality disorder कई तरह की pattern जैसे की self-centred, arrogant thinking and behavior, a lack of empathy और दूसरो की अटेंशन की चाहत पर काम करता है.

ये उनकी लाइफ में हर जगह देखने को मिलता है फिर चाहे वो work and friendships to family and love relationships कोई भी फील्ड हो.

इस तरह की personality को जीने वाले लोग इसे बदलने का पूरा विरोध करते है फिर चाहे इसकी वजह से उनकी लाइफ में प्रॉब्लम ही क्यों न आने लगे.

इसका दोष वे दूसरो पर डाल देते है. ऐसे लोग extremely sensitive बन जाते है और अपने आसपास के लोगो के साथ बुरा व्यवहार करने से पीछे नहीं हटते है.

Signs and symptoms

ऐसे कई संकेत आपको मिलते है जिसके जरिये आप इनकी पहचान कर सकते है. हम यहाँ कुछ ऐसे ही संकेत के बारे में बात करते है जिसमे सबसे पहले

  • Grandiose sense of self-importance: इसे आप unrealistic sense of superiority की तरह समझे जिसमे एक इन्सान खुद को दूसरो से superior समझता है लेकिन उसकी हद नहीं होती है. जितना ये खुद को शो करते है वास्तविकता से उसका कोई जुड़ाव नहीं होता है. ये खुद को यूनिक और स्पेशल समझते है जो की उन्हें दूसरो से अलग करता है.

इन्हें लगता है की ये दूसरे लोगो पर मेहरबानी करते है. ऐसा करने उनके अन्दर दूसरो पर हावी होने की वजह देता है.

  • Lives in a fantasy world that supports their delusions of grandeur: अब जब हकीकत में ये अपने आसपास रियलिटी में वो सब नहीं पाते है जो इन्हें चाहिए तो ये अपने आसपास distortion, self-deception, and magical thinking से भरा एक Fantasy world बना लेते है. ये खुद को unlimited success, power, brilliance, attractiveness, and ideal love से भरा हुआ समझने लगते है. ऐसे लोग अक्सर रियलिटी को नकारते रहते है.
  • Needs constant praise and admiration: Narcissistic Personality Disorder से पीड़ित लोगो को हर समय दूसरो का अटेंशन चाहिए होता है. खुद को दूसरो की नजरो में रखना, बेवजह प्रदर्शन करना इनकी आदत बन जाती है. इनके बनाए रिश्ते भी एक तरफ़ा होते है जो ये सिर्फ खुद को सामने वाले पर superior होने का दिखावा करने की सोच रखते हुए बनाते है.
  • Sense of entitlement: खुद को स्पेशल समझने की वजह से narcissists दूसरो से उम्मीद करते है की वे उन्हें वैसे ही ट्रीट करे जैसा वो चाहते है. जैसा वो उम्मीद करते है लोग उनके साथ वैसा ही व्यवहार करे वो भी बिना उनके कहे. अगर आपके अन्दर ऐसी quality नहीं है तो आप उनके किसी काम के नहीं है.
  • Exploits others without guilt or shame: दूसरो को बेवजह निचा दिखाना भी एक खास पहचान है जिसे आप नोटिस कर सकते है. एक कंपनी में काम करने वाले employee के साथ बॉस इस तरह व्यवहार करता है मानो वो उनका समय नहीं बल्कि उन्हें खरीद रहा हो. यही personality आपको Narcissistic लोगो में देखने को मिलेगी.
  • Frequently demeans, intimidates, bullies, or belittles others: इन लोगो को ऐसे लोगो से बेहद डर लगता है जिनके पास वो होता है जिसकी इनके पास कमी होती है. इन्हें लगता है की अब लोग इन्हें अटेंशन देना बंद कर देंगे क्यों की सामने वाला उनसे ज्यादा quality रखता है. इस तरह की insecurity की feeling इन्हें परेशान करती है.

कपोल कल्पना में न फंसे

Narcissistic Personality Disorder से परेशान लोगो की एक खासियत होती है, ये पहले दूसरो के सामने अच्छे बनने का दिखावा करते है जबकि कुछ समय बाद ही अपना असली रूप दिखाना शुरू कर देते है.

इनका ज्यादातर व्यवहार दिखावे से भरा हुआ होता है इसलिए इसमें फंसने से बचे.

अगर आपके आसपास इस तरह के लोग है जिनसे आप सिर्फ उनके शौहरत और दिखावे से आकर्षित हो रहे है तो ऐसा करने से बचे क्यों की ये सिर्फ कुछ समय का है बाद में आपको इसकी वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

आपका ऐसे लोगो के साथ रहना उनके ईगो को पूरा करता है न की आपकी जरुरत को.

आपको लगता है की ये आपकी हेल्प करेंगे या फिर आपका ख्याल रखेंगे लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है बल्कि वे आपका इस्तेमाल सिर्फ अपने आप को superior दिखाने के लिए करते है और कुछ नहीं.

आपको सबसे पहले उनके दूसरो के साथ किये जाने वाले व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए. वो दूसरो के साथ कब और किस तरह ट्रीट कर रहे है.

अगर उनका व्यव्हार जगह, व्यक्ति और परिस्थिति के अनुसार बदल रहा है तो इनसे दूर रहे क्यों की आगे चलकर ये आपके लिए एक Toxic relationship होगी और कुछ नहीं.

आपको दूसरो के साथ घूम कर उनके अनुसार चलने की बजाय अपने सपने पूरे करने पर फोकस होना चाहिए. अगर आप वाकई अपनी लाइफ को बदलना चाहते है तो खुद को improve करने पर ध्यान दे ना की दूसरो के ईगो को पूरा करे.

Set healthy boundaries

ज्यादातर लोग इसे मानसिकता से जोड़ते है लेकिन ऐसा नहीं है. हर इन्सान के लिए दूसरो से जुड़ने की कुछ लिमिट होती है.

अगर कोई आपके साथ गलत तरीके से व्यवहार कर रहा है तो आप उसे कहा तक Ignore करेंगे और कहा रिश्ते को ख़त्म ये आपको तय करना होगा ताकि दूसरे लोग आपका इस्तेमाल न कर सके.

इसे आप Attitude or ego से जोड़ सकते है. आपका व्यव्हार दूसरो के साथ कैसा है और किस हद तक है ये देखना आपके Subconscious mind का काम है. आपके कुछ लिमिट होते है जिन्हें ना तो आप खुद क्रॉस कर सकते है ना ही दूसरो को करने देते है.

एक उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति दूसरो के सामने आपका मजाक बनाता है तो आप क्या करेंगे ?

आप या तो वो जगह छोड़ देंगे या फिर उसे ऐसा करने के लिए मना करेंगे. कुछ हद तक आप इस रिश्ते को रखने की कोशिश करेंगे लेकिन जहाँ आपको लगेगा की अब और नहीं सह सकते है तब आप रिश्ता तोड़ देंगे और यही आपकी healthy boundaries होती है.

Don’t take things personally

Narcissistic Personality Disorder की सबसे बड़ी खासियत ये है की ऐसे लोग अपने आप को निचा देखना पसंद नहीं करते है. अगर इनसे कोई गलती है तो भी वे इसका जिम्मा खुद न लेते हुए blame दूसरो पर डाल देते है.

जब कोई गलती आप नहीं करते है बावजूद इसके आपको सुनना पड़ता है तो ये बहुत हर्ट करता है लेकिन, कुछ हद तक इसे personally ना ले तो बेहतर है.

आप सही है ये किसी एक व्यक्ति के द्वारा जज नहीं किया जा सकता है इसलिए इससे परेशान होने की बजाय कुछ हद ignore कर देंगे तो सही रहेगा.

बार बार ऐसा होने की स्थिति में आप सही कदम ले सकते है. आपको ऐसे लोगो से उलझना नहीं चाहिए क्यों की ऐसा करना उनके ईगो को चोट करता है और वे ज्यादा आक्रामक बनते है जो आपको और ज्यादा परेशान कर सकता है.

आप खुद को बेहतर जानते है और इसके लिए दूसरो को इसका सबूत देने की जरुरत नहीं है. आप जो करते आ रहे है वह कीजिये.

 Look for support and purpose elsewhere

अगर आप किसी narcissist के साथ रिश्ते में रह रहे है तो सबसे पहले खुद के प्रति honest बने और आप क्या बर्दास्त नहीं कर सकते है ये जान ले.

आपके लिए ऐसे लोग खुद को बदलेंगे नहीं इसलिए आपको अपने emotional support and personal fulfillment के लिए कही और से सहारा देखना होगा.

आपको ये पता होना चाहिए की एक healthy relationships कैसी होती है और कैसे काम करती है ताकि दूसरो के हाथो की कठपुतली ना बन सके.

अलग अलग लोगो के साथ आपके रिश्ते कैसे है और ये आपको कैसा feel करवाते है इसका सेंस आपको समझदार बनाता है. ऐसे लोगो के साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करे जो आपके असली रूप की कद्र करते है ना की किसी तरह का दिखावा.

नए नए दोस्त बनाए और उन्हें जानने की कोशिश करे. जो चीज आपको परेशान करती है उससे दूरियां बनाए ताकि आप खुद को comfortable feel करवा सके.

आपकी work, volunteering, and hobbies इन सबका वास्तविक मतलब क्या है इसे जानने की कोशिश करे जो की आपको अपने perspective and thinking में सुधार करने में मदद करेगा.

How to leave a narcissist

किसी भी abusive relationship को ख़त्म करना आसान नहीं होता है. ऐसे लोग जो charming and charismatic लेकिन Narcissistic Personality Disorder से पीड़ित होते है उनके साथ रिश्ते को ख़त्म करना और भी मुश्किल हो जाता है.

ऐसी स्थिति में जब सामने वाला manipulate thinking and thought का सहारा लेने लगे तो आपको कुछ खास कदम उठाने चाहिए जैसे की

सबसे पहले तो खुद को Narcissistic Personality Disorder symptom and sign के प्रति जागरूक करे. इससे आपको पता चलेगा की सामने वाला आपको अपने control में बनाए रखने के लिए किस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है.

जब भी आप रिश्ते को ख़त्म करने की सोचते है वो आपकी सोच को बदलने की कोशिश करते है. आपको बस उस तकनीक को जानना होगा.

दूसरा कदम आप ये भी ले सकते है उन कारण को पक्का करना जिनकी वजह से आप इस रिश्ते को ख़त्म कर रहे है. जब आपके सामने वो कारण होगा और बार बार आपको remind होगा तो कोई भी आपकी सोच को बदलने की कोशिश नहीं कर सकेगा.

तीसरा आप उन लोगो का सपोर्ट ले सकते है जो आपको सही गाइड करे. ऐसे लोग जो बिना किसी दिखावे के आपके साथ है वो कभी आपका फायदा नहीं उठाएंगे.

उनके साथ रहना आपको emotional support देगा और आप आसानी से किसी भी abusive relationship से बाहर निकल सकेंगे.

अगर आप जानते है की narcissist बदल नहीं सकते है तो उन्हें इस बात के लिए blame कभी न करे बल्कि चुपचाप रिश्ते को ख़त्म कर दे क्यों की उन्हें बार बार इस तरह की याद दिलाना आपके लिए मुश्किल खड़ी कर देगा और आप चाह कर भी इस रिश्ते को ख़त्म नहीं कर पाएंगे.

रिश्ते से बाहर निकलने के बाद क्या करे ?

Narcissistic Personality Disorder से घिरे हुए लोगो को छोड़ना कभी आसान नहीं होता है. अगर आप सोचते है की इस रिश्ते को ख़त्म करने से सब ठीक हो जायेगा तो ये आपकी भूल है. ऐसे लोग कभी आसानी से किसी को छोड़ते नहीं है क्यों की उन्हें अपने ईगो को भरना होता है.

जब आप उन्हें छोड़ते है तो ये सीधा उनके sense of entitlement and self-importance पर चोट करता है.

वे पहले आपको अपने दिखावे से इम्प्रेस करने की कोशिश करेंगे और जब आप इस से प्रभावित नहीं होंगे तो वे आपको डराने की कोशिश करेंगे.

ये सब इसलिए ताकि आप वापस उनसे जुड़े और वे आपके जरिये अपने ईगो को पूरा कर सके. ऐसी स्थिति में आपको कुछ स्टेप लेने की जरुरत है जैसे की

  • Narcissistic लोगो से कांटेक्ट पूरी तरह तोड़ देना : relationship से बाहर निकलना काफी नहीं है क्यों की इनसे किसी तरह का फॉर्मल और पर्सनल कांटेक्ट रखना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. आपको न चाहते हुए भी उन्हें समय देना पड़ सकता है जो की आपको फिर से उन्हें जोड़ देगा. बेहतर होगा कांटेक्ट पूरी तरह तोड़ दे.
  • Breakups अक्सर दर्द भरा होता है लेकिन ये सब जानने के बाद भी अगर आप इस बारे में या अपने past के बारे में ज्यादा सोचते रहेंगे तो ये आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर देता है. आप चाह कर भी इससे बाहर नहीं निकल पाते है. खुद को किसी बंधन में ना रखे बल्कि आजाद कर दे ताकि आपको इस रिश्ते से बाहर निकलने का कोई अफ़सोस ना हो.
  • एक बार जब narcissist को ये अहसास हो जाता है की आप अब उनके ईगो को और ज्यादा हवा नहीं दे सकते है तो वे रिश्ते से बाहर निकलने का अफ़सोस नहीं करते है बल्कि किसी और को अपना निशाना बनाने की कोशिश करते है. ये उम्मीद न करे की जितना परेशान आप है उतना ही वे होंगे क्यों की आप उनके लिए सिर्फ एक कठपुतली थे और कुछ नहीं.

क्या आपको narcissistic personality disorder के लिए कोई हेल्प चाहिए ?

NPD से पीड़ित लोगो की nature में बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिलता है. ज्यादातर लोगो ने पाया है की narcissistic personality disorder को सही करना उनके लिए बेहद चुनौती भरा काम होता है क्यों की इससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल होता है.

एक ऐसी Fantasy world जिसमे आप दूसरो से अलग है चाहे रियलिटी में कैसे भी आप खुद इससे बाहर निकलना नहीं चाहेंगे.

इसकी वजह से कई बार आपको अलग अलग तरह के disorder का सामना करना पड़ता है. एक skilled therapist के साथ इसका समाधान निकाला जा सकता है जहा आप अपने अन्दर इन सबको लेकर एक जिम्मेदारी का अहसास जगाते है.

दूसरो के साथ रिश्ते को कैसे आगे बढ़ाना है और आपके किये हुए हर एक्शन को लेकर जिम्मेदारी का अहसास होना बदलाव लाता है जिससे की narcissistic personality disorder को recover करने में मदद मिलती है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

How to deal with narcissistic personality disorder final word

अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति जिसे narcissistic personality disorder है और आपके उसके साथ रहना है तो बेहतर होगा की आप इसे डील करना सीख ले.

दूसरो के साथ एक healthy relationship कैसे बनानी है और emotional intelligence (EQ) को कैसे काम में लेना है ये आपको आना चाहिए.

ये आपके सेंस को मजबूत करता है जो दूसरो के साथ रिश्ते को जोड़ने में मदद करता है.

अगर आप खुद इस बीमारी से जूझ रहे है तो इससे बाहर निकलने के लिए अपनी जिम्मेदारी को समझे.

ऐसा करना आपको दूसरो के साथ सही व्यव्हार करना सिखाएगा और आसपास के लोगो में आपके लिए ट्रस्ट को बनाने में मदद करेगा. इस पोस्ट में किसी तरह की शंका के लिए आप कमेंट में अपने विचार रख सकते है.

How to Develop Skills and Build Competencies with Hypnosis and NLP

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Self confidence की कमी सबसे बड़ी कमजोरी होती है जिसकी वजह से हम आगे नहीं बढ़ पाते है. अगर आगे बढ़ना है तो आपको दूसरो से यूनिक बनना जरुरी है. हम सब में कुछ ऐसी Competencies यानि क्षमता होती है जो दूसरो से हमें अलग करती है.

आज हम Competencies building and Skill Development के बारे में और सफलता के लिए NLP and hypnosis का सही इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है के बारे में बात करेंगे ताकि Success पाने के लिए आपको सही दिशा मिल सके.

NLP and Hypnosis ये दोनों ही Psychological therapy में इस्तेमाल होने वाले वो terms है जो आपको मनचाहे परिणाम पाने के लिए Subconscious mind programming में हेल्प करते है.

इसके लिए आप कुछ ऐसे टिप्स को follow कर सकते है जिनके जरिये हम खुद से जुड़ाव को मजबूत कर मनचाहे परिणाम के लिए बदलाव को खुद पर लागू कर सके.

Develop Skills and Build Competencies with Hypnosis and NLP

Enhancing performance, improving efficiency के लिए आपको Self awareness, mindfulness को strong करना जरुरी है.

बगैर इसके आप आगे नहीं बढ़ सकते है. बार बार failure होने की वजह आपका खुद में Self confidence की कमी होना है. आज हम Auto-suggestion and command को Skill development के लिए बेहतर तरीके से काम कैसे किया जाए इसके बारे में बात करने वाले है.

ये अभ्यास हमारे अन्दर की Skills, Ability, Personal attributes, Knowledge and Time management इन सबको enhance करता है. इसके emotional suggestion को strong बनाने के लिए हमें क्या करना चाहिए आइये जानते है इन सबके बारे में.

Skill Development in Hindi

के साथ साथ आज एक term और देखने को मिलती है खासकर अगर आप किसी फील्ड में आगे बढ़ना चाहते है competencies यानि कुछ ऐसी quality जो आपको किसी भी फील्ड में काम करने लायक बनाती है.

ये दोनों ही चीज आपको दूसरो से अलग करती है इसलिए Hypnosis and NLP के जरिये इन्हें strong बना लिया जाए तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है.

हमने काफी पहले Reprogramming the subconscious mind जैसे टॉपिक को कवर किया था.

हमारा अवचेतन मन किसी भी काम को कर सकता है बशर्ते आप उसे सही तरीके से train कर सके. अगर आप खुद को दूसरो से अलग बनाना चाहते है खासकर Carrier या फिर किसी जॉब में तो आपके अन्दर कुछ अलग skills होनी चाहिए.

इन्हें develop करने के लिए आपको Subconscious mind programming का पता होना जरुरी है.

आज हम कुछ ऐसे ही secret तरीको के बारे में बात करेंगे जिनके जरिये आप अवचेतन मन पर कमांड कर सकते है और उसे मनचाहे तरीके से बदलाव कर सकते है.

How to Develop Skills and Build Competencies with Hypnosis and NLP

Neuro-linguistic programming यानि NLP एक psychological approach है जो Hypnotherapy के साथ काम करती है. इसमें हम किसी भी Sucess को पाने के लिए किये जाने वाले बदलाव का विश्लेषण करते है.

Skill Development के लिए हमारे द्वारा सेट किये गए टारगेट को कैसे achieve करना है और उसके लिए खुद में किस तरह के बदलाव करने है जैसे thoughts, language, and patterns of behavior इन सब में किस तरह का बदलाव करना है इन सबकी स्टडी कर लागू करती है.

वैसे तो हजारो तरीके है जो Subconscious mind को मनचाहे तरीके से काम करने के लिए लागू किये जा सकते है लेकिन, कुछ ऐसे top method है जिन्हें Daily life में लागू कर आसानी से इस टारगेट को पूरा किया जा सकता है.

इस पोस्ट में हम कुछ ऐसे 3 तरीको के बारे में ही बात करने वाले है.

Step 1: Become Self Aware

इसका मतलब है खुद के द्वारा की जाने वाली किसी भी Skill Development को लेकर conscious awareness को बनाए रखना. हम क्या कर रहे है उसे लेकर चेतन रहना. किसी फील्ड में किस तरह की skills and competencies की आवश्यकता है ये पता चलने के बाद हमारा अगला स्टेप होता है उसे develop करना.

सिर्फ पता होना आपके partially self-aware को दर्शाता है इसलिए इसे लेकर अगर सीरियस है और आगे बढ़ना चाहते है तो अपनी skills and competencies को build करने के लिए इन्हें लिखना शुरू करे. इसके अन्दर

  1. आपको क्या करना है
  2. किसी काम के लिए किन स्टेप्स को लेना है
  3. कितने समय में इन्हें पूरा करना है खासकर अगर आप इन्हें पार्ट में कर रहे है तो कितने समय में पूरा कर रहे है उसकी रिपोर्ट रखना

ये सब आपको करना होगा ताकि आप अपने Subconscious mind तक इन चीजो को पहुंचा सके और मनचाहे तरीके से काम करने के लिए उसका सपोर्ट ले सके.

Read : आत्म सम्मोहन के जरिये खुद को मनचाहे तरीके से बदलने का सबसे आसान अभ्यास बेसिक से सीखे आत्म-सम्मोहन

Step 2: Develop Mindfulness

आपने पहले कई बार Mindfulness के बारे में सुना है खासकर Mindfulness meditation practice के बारे में. अगर आप अपनी self-awareness को enhance करना चाहते है तो आपको मालूम हो की ये इसके लिए most important activity है.

आपके द्वारा की जाने वाली हर actions and behaviors को लेकर Mindful बने रहे तो आसानी से आप जान सकते है की कमी किस जगह है और कहाँ हमें improve करने की जरुरत है.

इसके लिए सबसे आसान काम आप कर सकते है जैसे की competency and Skill Development के दौरान आप क्या encounter कर रहे है उसे observe and note करना. अगर किसी तरह की problem आ रही है तो उससे बाहर निकलने के लिए आपको क्या करना है और क्या नहीं इसकी एक लिस्ट बना ले.

एक बार आप जब ये कर ले तो आप जो कर रहे है उसके प्रति पूरी तरह से self-aware हो जाते है.

एक तरह से आपके लिए रिमाइंडर की तरह काम करता है. जब भी किसी तरह की problem आती है आपको पता होता है की क्या करना है क्या नहीं, और यही आपको अपने desirable Skill Development and competency build के लिए हेल्प करता है.

Step 3: Use tools like NLP or Hypnosis

वैसे तो Mindfulness एक बेहद Powerful tool है खुद को सेल्फ-अवेयर करने के लिए लेकिन ये आसानी से हर किसी के लिए काम नहीं करता है.

एक उदाहरण के लिए आपने सोचा है की सुबह जल्दी उठना है लेकिन, अगर जल्दी उठना है तो मतलब सोना भी जल्दी होगा. इसके लिए सबसे अहम् स्टेप होगा की आप सोने की शुरुआत कैसे करते है ?

ऐसी स्थिति में NLP and Hypnosis एक कारगर टूल की तरह काम करते है.

NLP or Neuro Linguistic Programming एक ऐसी तकनीक है जो Skill Development खासकर हमारे mind programming पर काम करती है. आइये जानते है की ये दोनों काम कैसे करते है.

Read : त्राटक के दौरान हो सकता है इन अनचाहे अनुभव से सामना पहले से रहे तैयार त्राटक से होने वाले नुकसान

Working of NLP or Hypnosis

सबसे पहले तो बात करते है सम्मोहन की हम सभी जानते है की सम्मोहन क्या है ? सम्मोहन को जब Psychological level पर प्रयोग में लाया जाता है तब इसमें NLP को combine किया जाता है ताकि मनचाहे परिणाम के लिए हम खुद को बदल सके.

सम्मोहन अकेले कुछ नही करता है ये आपको सिर्फ उस स्टेट में ले जा सकता है जहाँ आप बाहरी चीजो से दूर खुद से, अपने Subconscious or unconscious mind से connect हो सकते है.

जब हम ऐसी स्टेट में चले जाते है जिसे trance state कहते है हमारा connection अपने अंतर से बढ़ता है ये जितना गहरा होता है हम उतने ही गहराई तक खुद से जुड़ पाते है.

अब बारी आती है उन बदलाव की जो हमें किसी टारगेट को हासिल करने या फिर skills development and competencies buildup के लिए जरुरी है.

बेहतर रिजल्ट के लिए ये दोनों एक साथ काम करते है और यहाँ पर NLP के लिए जिन स्टेप्स की जरुरत होती है वे सभी पहले से ही तय किये गए स्टेप्स होते है जिन्हें हम Subconscious mind तक भेजते है.

कुछ समय तक दोहराने से हमारा अवचेतन मन इसे accept कर लेता है और फिर उस हिसाब से body and mind work करती है.

अब जब हम ये समझ चुके है की ये काम कैसे करता है तो आइये साथ के साथ ये भी जान लेते है की ये Skill development में किस तरह काम करता है.

Application of Hypnosis and NLP towards developing skills

में आपको मेरा स्कूल टाइम का अनुभव एक बार फिर से शेयर करना चाहूँगा जिससे की इसे समझने में मदद मिल सके. ज्यादातर लडको की तरह में भी बोलने के मामले में खास नहीं था.

महीने में 2-3 दिन मेरा नंबर Stage performance में आता था लेकिन, इस दौरान extreme nervousness की वजह से में इससे दूर भागता था या फिर कोई न कोई बहाना बना देता था.

शुरू शुरू में तो मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन आगे चलकर कही न कही मुझे ये अहसास होने लग गया था की हर बार इससे भागना मुझे आगे किसी बड़ी problem में डालेगा. किस्मत से उस समय में मेने Tratak gazing meditation practice की शुरुआत की थी.

शुरू शुरू में ही इसके अच्छे परिणाम मिलने लगे थे और Self confidence build होने लगा था.

तब मेरे दिमाग में आया की क्यों न में भी खुद के लिए एक Subconscious mind programming की शुरुआत कर लू ताकि आगे बढ़ा जा सके.

त्राटक के दौरान कई बार मेने Trance state में खुद को पाया था जिसके साथ ही NLP को लागू करने से मुझे जल्दी ही खुद में इच्छा बनने लगी की अब मुझे भी स्टेज पर जाना चाहिए और अगले महीने जब Stage performance हुआ तो परिणाम अमेजिंग थे.

अगले 2 साल तक में स्कूल में एक स्पीकर ओर motivational mentor की तरह रहा.

हर उम्र के व्यक्ति के लिए त्राटक का अभ्यास किया जा सकता है जरुरत है तो सिर्फ कुछ गाइड की और Skill Development  में इसके फायदे आप भी ले सकते है.

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आखिर इससे इतने अच्छे परिणाम मिलते कैसे है ?

ज्यादातर लोगो को लगता है की ये एक चमत्कार की तरह काम करता है या फिर कोई जादू है जो लाइफ बदल देता है लेकिन, वास्तव में ऐसा नहीं है. सबकुछ हमारे Subconscious mind की रचना होती है जिसे आप जैसा चाहते है वैसे काम ले सकते है.

जब हम ऊपर बताये गए Top 3 Skill Development tips को follow करते है या फिर त्राटक ध्यान का अभ्यास करते है तब एक तरह से हम खुद को अंतर से जोड़ने पर फोकस होते है.

इन अभ्यास के जरिये खुद को trance state में ले जाना और फिर पहले से तय किये गए स्टेप्स के अनुसार खुद को कमांड करना आपके लिए नए नए तरीके इजाद करता है.

Shreem beej mantra meditation

इससे न सिर्फ आपका टारगेट क्लियर होता है बल्कि आपको क्या हासिल करना है आप खुद को उसी के अनुसार काम करने के लिए तैयार कर पाते है.

ये सब इसलिए हो पाता है क्यों की ये अभ्यास आपके लिए desirable mental states naturally and spontaneously को बना देता है और बाकि का काम आपके द्वारा पहले से तय किये गए स्टेप्स कर देते है जो आपके अवचेतन मन को प्रोग्राम करते रहते है.

अगर आपको Skill Development को लेकर किसी तरह की problem आ रही है तो NLP and Hypnosis इसका perfect solution है. त्राटक का अभ्यास भी आपको इसमें हेल्प करता है लेकिन इसके लिए आपका Auto suggestion and command strong होना चाहिए तभी आप खुद के स्तर पर बदलाव कर सकते है.

Benefit of NLP and Hypnosis in skill development

psychology में Neuro-Linguistic Programming training and coaching के जरिये कई फायदे लिए जा सकते है लेकिन अगर आप इसका इस्तेमाल अपने Skill development and Competencies Buildup के लिए करना चाहते है तो ये निम्न है जैसे की

  • Building our Personal Success System – सफलता के लिए क्या करना है ये तय करना
  • Setting Frames – किन स्टेप्स को कब लेना है ये निर्धारित करना
  • Emotional State को और ज्यादा मजबूत कर सही दिशा देना
  • Increasing Rapport and Trust when Appropriate खुद पर भरोसा बढ़ाना.
  • Setting our Direction, Outcomes and Goals टारगेट के लिए किस दिशा में बढ़ना है इसे देखना
  • Asking Great Questions सफलता के लिए हर पड़ाव पर क्या जरुरी है ये देखना
  • Getting to There खुद को टारगेट के लिए रेडी करना
  • Future Pacing सिर्फ वर्तमान ही नहीं भविष्य की सही प्रेडिक्शन करना
  • Beliefs हमारे विश्वास को मजबूत करना
  • Storytelling आगे बढ़ने के लिए क्या जरुरी है इसे बताना
  • Strategies आगे बढ़ने के लिए हर जरुरी स्टेप्स को कैसे लेना है बैकअप क्या होगा इसकी रणनीति बनाना
  • Modelling स्ट्रगल को एक मॉडल का रूप देना

ये सब कुछ ऐसे बेनिफिट है जो हमें इससे मिलते है. ये सभी हमें Skill development में न सिर्फ हेल्प करते है बल्कि secret subconscious mind programming के जरिये मनचाहे बदलाव भी लाते है.

Read : क्या त्राटक के जरिये बीमारियों का समाधान संभव है ? हैरान कर देने वाला सच

Build Competencies with NLP and Hypnosis and Skill development final word

हर किसी में कोई न कोई Unique skill and Competencies होती है जो उन्हें दूसरो से अलग करती है. अगर आप इन्हें build करने में बार बार फ़ैल हो रहे है तो इसका मतलब है की आपको जरुरी स्टेप्स लेने की जरुरत है. इस पोस्ट में शेयर किये गए Self Aware, Mindfulness, NLP or Hypnosis जैसे Powerful tools आपको Skill Development में मदद करते है.

यहाँ पर NLP and Hypnosis आपको Trance state में रहने में मदद करते है ताकि जिस तरह के बदलाव आप खुद में चाहते है उन्हें मनचाहे तरीके से apply किया जा सके. Subconscious mind को प्रोग्राम करने के लिए आपका trance state में होना जरुरी है जहाँ पर आपके suggestion and command काम करते है.

मेने खुद के लिए Tratak gazing meditation का अभ्यास किया और इसके परिणाम NLP की तरह थे जिनकी वजह से कई जगह पर सफलता पाना मेरे लिए आसान हो गया था. अगर आप इसका अभ्यास करते है तो किस तरह के परिणाम आपको मिले है हमें बताना ना भूले.

Top 5 Reiki principles that help to learn Reiki easily Hindi Guide

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Mikao Usui जिन्हें Reiki spiritual practice का Founder भी कहा जाता है ने इसके लिए top 5 Reiki principles की स्थापना की थी. इन सिद्धांत का मकसद आपको healthier and happier life जीने में मदद करना था. Reiki level 1 के अभ्यास में आपकी शुरुआत इन्ही 5 सिद्धांत के साथ होती है.

रैकी के अलावा इसका मकसद आपकी लाइफ को आसान और चिंतामुक्त बनाना है साथ ही दूसरो के साथ आपके relationship को strong करना है.

अगर नोटिस करे तो पाएंगे की इनमे से कुछ सिद्धांत दूसरो की तुलना में आसान है और डेली लाइफ में आसानी से अपनाए जा सकते है.

किसी भी तरह के negative thoughts, emotion से खुद को दूर रखते हुए दिनभर खुद को positive बनाए रखने के लिए जरुरी है की आप वर्तमान में बने रहे इसलिए, इसके अभ्यास में mindful meditation practice का अभ्यास करना आपके अभ्यास को न सिर्फ आसान बना देता है बल्कि कई तरह की problem से दूर भी रखता है.

What are the Reiki principles

reiki practice as a beginner level के लिए आपका इन 5 सिद्धांत को फॉलो करना आवश्यक है.

अगर इन्हें डेली लाइफ का हिस्सा बना लिया जाए तो न सिर्फ अभ्यास के लिए आसानी रहती है बल्कि आप दिनभर में भी आप खुद को बेहतर महसूस करने लगते है.

अगर आपको गुस्सा आ रहा है तो इसकी वजह बाहरी चीजो में तलाशने की बजाय अपने अन्दर के उस feeling को पहचाने जो इसे trigger कर रहा है.

आइये जानते है रैकी के अभ्यास के लिए जरुरी और शुरुआती 5 सिद्धांत के बारे में जो अभ्यास में सफलता के लिए आवश्यक है.

What are the Reiki principles?

The philosophy of Reiki को 5 main principle के जरिये समझा जा सकता है. इसके जरिये आप Reiki energy को healing and balancing करना सीखते है. अगर Reiki practice के दौरान इसका ध्यान रखा जाए तो अभ्यास को सीखने में आसानी होती है साथ ही अभ्यास को परफेक्ट बनाया जा सकता है.

ये 5 principle निम्न है.

  • release angry thoughts
  • release thoughts of worry
  • I’m grateful
  • expand my consciousness
  • gentle with all beings

अगर हर रोज अभ्यास की शुरुआत इन 5 सिद्धांत के साथ की जाए तो सफलता मिलती है.

Just for today, I release angry thoughts

दिन में कई बार हम ऐसी स्थिति से गुजरते है जब गुस्सा आ जाता है. इसकी वजह कोई भी हो सकती है फिर चाहे वो घर की हो, ऑफिस की हो या फिर कोई और कंडीशन और गुस्से जैसे इमोशन आ ही जाते है. लेकिन आपको ये जान कर हैरानी होगी की Reiki principles के अनुसार हमारे गुस्से का किसी भी बाहरी कंडीशन से कोई connection नहीं है.

हमारा गुस्सा या ऐसा कोई भी इमोशन हमारे अन्दर की feeling या किसी thoughts से ही जुड़ा हुआ है. अगर हमारे अन्दर गुस्सा है तो इसका मतलब हमारे अन्दर Angry energy पहले से मौजूद है. body के अन्दर की energy किसी भी इमोशन से ट्रिगर हो सकती है जिसकी वजह से हम उसी तरह रिएक्शन देने लगते है.

एक सिंपल सा उदाहरण लेते है. आपको गुस्सा क्यों आता है ?

क्या इसकी वजह ये नहीं की कोई ओर व्यक्ति वो काम करता है जो हमें पसंद नही. या फिर कोई काम हमारे मन मुताबिक नहीं हो पाता है. अगर इसकी वजह ये है तो उस feeling की पहचान करे की क्या वाकई ऐसा करना जरुरी है. हम किसी ओर व्यक्ति को अपने मन के मुताबिक चलने के लिए मजबूर नहीं कर सकते है. अगर आपको किसी और का काम पसंद नहीं है तो उस पर गुस्सा दिखाने की बजाय खुद उस काम को करे.

ऐसा करने से आपको अपने गुस्से को बाहर निकालने की वजह ही नहीं मिलेगी.

इस Reiki principles के अनुसार हमें इस Anger feeling or energy को release करना है. अपने अन्दर के उस feeling को पहचाने जो आपके anger को trigger करती है. उसे release करे ताकि उसकी जगह happiness ले सके.

Release thoughts of worry

ज्यादातर लोग भविष्य की उन घटनाओं को लेकर परेशान रहते है जो अभी तक हुई भी नहीं है. ज्यादातर इस तरह की चिंता external source से ही मिलती है. हमारी energy किसी भी इमोशन पर अगर फोकस होती है तो वो उसका रूप लेती है जैसे की चिंता करने, ज्यादा सोचने पर energy अपने आप worry energy में transform हो जाती है.

ये energy बार बार trigger होती रहती है और waste होने के साथ साथ हमे distract करती रहती है. ज्यादातर हमारी सोच भविष्य में होने वाली इवेंट से जुडी होती है और इसमें लगभग सोच Negative emotion पैदा करती है क्यों की हम रिजल्ट की चिंता में खुद को positive बनाए रख सके ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है.

इसका सबसे सही समाधान वर्तमान में रहना है और उसे बेहतर करना है. भविष्य में हमारे साथ क्या होगा, क्या मिलेगा या फिर क्या करेंगे ये निर्भर करता है हम आज क्या कर रहे है इसलिए, बैठे बैठे भविष्य को लेकर परेशान रहने की बजाय अपने आज को बेहतर बनाने पर ध्यान दे. Mindfulness meditation का अभ्यास करना Reiki principles में इसके लिए बेहतर विकल्प है.

Just for today, I’m grateful

अगर खुद को ज्यादा से ज्यादा positive बनाए रखना है तो उन चीजो पर ध्यान दे जो आपके पास है और जिनकी वजह से आप अच्छे लाइफ को एन्जॉय कर रहे है. हमारे पास क्या है उसे सोचकर संतुष्ट रहने की बजाय क्या नहीं है ये सोच कर परेशान होना हमारे लिए problem create करता है.

जो हमारे पास है उसे लेकर grateful रहना और god को उसके लिए gratitude देना हमें ख़ुशी देता है.

जब हम ऐसा करते है तो Positive vibes, energy recreate होती है और हम ज्यादा से ज्यादा हैप्पी रहते है.

I expand my consciousness

किसी भी मानसिक अभ्यास को करने के लिए आपका वर्तमान में रहना बेहद जरुरी है. इसके लिए Mindfulness meditation practice करना compulsory है. ये अभ्यास हमें न सिर्फ Present moment में रखता है बल्कि हम क्या कर रहे है, क्या अनुभव हो रहे है इसको लेकर हमारी Conscious को expand करता है ताकि अनुभव को वर्तमान स्तर पर अनुभव करने के साथ साथ एकाग्र रहा जा सके.

किसी भी Reiki, trataka gazing meditation, spiritual practice के दौरान सबसे ज्यादा problem हमारी concentration को लेकर आती है.

Mindfulness practice हमें वर्तमान में रहते हुए जो हमारे आसपास हो रहा है उस पर फोकस करने में मदद करता है जिसकी वजह से सबसे बड़ा फायदा हमारे Consciousness को लेकर होता है. spiritual practice में ये Reiki principles सबसे अहम् माना जाता है.

परेशान करने वाले Unwanted intrusive negative thoughts को आने से रोकता है और हम सिर्फ वर्तमान में होने वाली एक्टिविटी पर खुद को फोकस करते है जिसकी वजह से आसपास हो रही घटनाओं को micro level पर विश्लेषण करना शुरू कर देते है. इन सबसे हमें चेतना को मजबूत करने में मदद मिलती है.

I’m gentle with all beings

न सिर्फ खुद के साथ बल्कि दूसरो के साथ भी जेंटल बने रहना हमें ज्यादा से ज्यादा Positive energy recieve करने में मदद करता है. आपकी spiritual health को बनाए रखने के लिए जरुरी है की आप खुद को साथ जेंटल बने रहे. आपके व्यवहार में जितनी नम्रता रहेगी आप दूसरो के साथ जुड़ाव को उतना ही बेहतर महसूस करने लगते है.

यही आपके खुद के साथ लागू होता है.

जितना हो सके खुद को calm, grateful और नम्र बनाने की कोशिश करे. किसी भी positive energy को recieve and return करने के लिए आपका ऐसा होना बहुत जरुरी है.

डेली लाइफ में इन Reiki principles को कैसे लागू करे ?

अपने दिनभर की गतिविधि में आप इसका इस्तेमाल अपने thoughts and actions को गाइड करने के लिए कर सकते है.

Reiki practitioner’s के अनुसार अपने spiritual and personal growth को मजबूत करने और दूसरो के साथ जुड़ाव को बेहतर बनाने के लिए ये 5 सिद्धांत आपकी डेली लाइफ का हिस्सा बने इसका ध्यान रखे.

अपने दिनभर की गतिविधि की शुरुआत आप इस तरह कर सकते है जैसे की

  • अपने इमोशन की पहचान करे जैसे की गुस्से को बाहर निकालना आपके अपने इमोशन के साथ connection को strong करने में मदद करता है.
  • सुबह उठने के बाद अपने past की उन event को सोचे जिनमे आपने anger को experience किया था. इसकी वजह क्या रही होगी ? क्या ये लास्ट आप्शन था या फिर इसे हैंडल कैसे किया जा सकता था इन सबके बारे में सोचे.
  • भविष्य की घटनाओं को लेकर ज्यादा सोचते है तो खुद के लिए कुछ समय निकाले और अपने बीते कल की घटनाओं के बारे में सोचे जिन्हें लेकर आपने बहुत चिंता जाहिर की थी. क्या वो जायज थी या फिर वैसा ही हुआ जैसा आप सोच रहे थे. अक्सर ऐसा होता है की हम किसी भी काम को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने लगते है जबकि इसकी जरूरत ही नहीं थी. सबकुछ नार्मल होता है.
  • दिनभर में उन लोगो को थैंक कहना ना भूले जो आपकी हेल्प करते है. हम हर रोज अपने आसपास उन लोगो को पाते है जो हमारे लिए चिंता करते है. अगर आप ऐसे लोगो से मिलते है तो उन लोगो के प्रति अपने Gratitude को जाहिर करे. ये न सिर्फ आप दोनों के बीच के रिश्ते को मजबूत करता है बल्कि energy transformation को भी आसान बनाता है.
  • अपने खुद की Consciousness की पहचान करे. इसके लिए खुद को वर्तमान मे रखना, मैडिटेशन का अभ्यास करना और लोगो के प्रति सम्मान को जाहिर करना जैसी गतिविधि कर सकते है.
  • किसी भी परिस्थिति में दूसरो के साथ गलत व्यवहार न करना और जुड़ाव को मजबूत करने से जुड़ी गतिविधि को करना आपके अन्दर की emotional attunement को strong बनाता है.

ये सभी Reiki principles सुनने में जितने आसान लग रहे है इनका प्रभाव उतना ही गहरा पड़ता है. Reiki practice के लिए हमारा energy को feel करना जरुरी है और इसके लिए हम खुद को ज्यादा से ज्यादा sensitive बनाते है. ये हमें दूसरो से जुड़ने उनके इमोशन को फील करने और heal करने में मदद करता है.

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How these 5 Reiki principles help us in daily life

ऊपर जिन का यहाँ जिक्र हुआ है उन सबका उदेश्य आपके Reiki energy की natural healing capacity को improve करना है. किसी भी तरह की energy को experience करने और काम करने के लिए आपका उसके प्रति sensitive बने रहना जरुरी है.

ये तभी हो सकता है जब आप Mindful बने रहे. इनका महत्त्व सिर्फ रैकी ही नहीं हमारी डेली लाइफ में भी है क्यों की ये हमें अनचाहे विचारो से बचाता है जिसकी वजह से mental and spiritual health पर positive effect देखने को मिलता है.

अगर आप Reiki attunement का अभ्यास कर रहे है और energy को experience करने में सफल नहीं हो पा रहे है तो इसका अभ्यास करे. किसी भी Spiritual practice के लिए ये बेहद जरुरी है की हमें emotion and feeling को लेकर conscious बने रहे. अगर इस आर्टिकल को लेकर किसी तरह की Query है तो हमें कमेंट में पूछना ना भूले.

Tibetan singing bowls how to use, benefit and hidden risk in Hindi

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Tibetan singing bowls एक तरह से bell है जिन्हें चोट करने पर खास तरह की उच्च स्तर की sound waves पैदा होती है. इस बाउल को singing bowls or Himalayan bowls के नाम से भी जाना जाता है.

ऐसा माना जाता है की इनकी healing properties इतनी पावरफुल होती है की ये माध्यम को deep relaxation experience करवा सकती है जो की गहरे ध्यान की स्थिति के दौरान अनुभव किया जाता है.

अलग अलग धातु के संयोजन और उनकी मात्रा इससे निकलने वाले vibration को control करती है जो हमारे mind पर अलग अलग प्रभाव डालती है. हमारा mind बेहद कम समय में आराम अनुभव करने लगता है इसके अलावा ये हमें म्यूजिक सुनने जैसा psychological effects and benefits देती है.

हमारे मस्तिष्क पर इससे निकलने वाले sound waves and vibration का अलग अलग प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से different state of consciousness को experience किया जाता है.

Tibetan singing bowls

ये अभ्यास आज का नहीं बल्कि ancient practice of sound therapy में इसका काफी वर्णन देखने को मिलता है.

इसका ज्यादातर प्रयोग Stress relief, sleep improvement, blood pressure को stablize करने में, depression को दूर करने, immune system को मजबूत करने, healing process को fast करने में होता है.

इसके प्रयोग के दौरान निकलने वाले vibration बिलकुल वही frequency produce करते है जैसा की हमारा mind अलग अलग Conscious state के दौरान produce करता है.

हालाँकि इसे एक सेफ प्रयोग माना जाता है लेकिन इसके भी कुछ रिस्क है जिन्हें ध्यान न देने की स्थिति में हमें साइड effect से गुजरना पड़ सकता है. आइये जानते है की सिंगिंग बाउल का प्रयोग healing process में कैसे करे.

Tibetan singing bowls in Hindi

Sound therapy के साथ Tibetan singing bowls का प्रयोग काफी लम्बे समय से regeneration के लिए किया जाता आ रहा है.

Regeneration एक ऐसी Spiritual practice है जिसमे हम body को relax करते है और उसके बाद दोबारा एक ताजगी का अनुभव करते है. जैसा की इसका नाम है स्पष्ट है की ये हमारी body और mind को heal कर उसे दोबारा नया बनाती है.

Tibetan singing bowls वास्तव में एक बहुत सारी धातु का बना हुआ बर्तन है जिसका प्रयोग आज से 6000 years’ से हो रहा है खासकर उत्तर के साइड में. इस बर्तन के जरिये mysterious acoustic phenomenon create किया जाता है जिसकी खोज spiritual tourists ने की थी जो हिमालय में मिले थे.

बाद में Chinese invasion of Tibet देखने को मिला जिसकी वजह से ये Europe and USA में भी Popular healing medium and meditation equipment बन गया.

Tibetan singing bowls and the gong के जरिये जो आवाज वातावरण में गूंजती है ये सीधा हमारे दिमाग पर असर डालती है. इसके जरिये brain के दोनों हिस्सों को एक समय में deep relaxation मिलता है और healing process को पूरा किया जाता है.

सबसे ज्यादा इसका असर stress पर दीखता है जिसमे ये ना सिर्फ तनाव को दूर करता है बल्कि किसी भी तरह के body and mind level पर toxins को दूर करता है.

Sound therapy के बाद mind पूरी तरह calm हो जाता है और काफी समय तक इसका vibration हमारी body पर positive effect डालता है. आइये जानते है ये healing process हमें किस तरह प्रभावित करता है.

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positive effect of sound therapy

ऐसा माना जाता है की इसके जरिये ommm का vibration create होता है जो हमारे basic DNA codes and activates को revive करता है.

Tibetan singing bowls आज भी एक strongest musical instruments में से एक है जो sound therapy and vibrations के जरिये body and mind को healing करने के काम आता है.

इन्हें singing bowls इसलिए कहा जाता है क्यों की इनसे निकलने वाली साउंड काफी लम्बे समय तक वातावरण में बनी रहती है. एक ताम्बे के बर्तन से निकलने वाली साउंड जिस तरह लम्बे समय तक अपने आसपास के वातावरण में बनी रहती है उसी तरह इसके sound and vibration को काफी समय तक आसपास नोटिस किया जा सकता है.

ये इतना खास क्यों है ?

Tibetan bowls को बनाते समय 5 से 7 मेटल को आपस में फोर्ज किया जाता है. इसमें निम्न तरह की धातु को मिलाया जाता है जिनका प्रभाव भी अलग अलग है जैसे की

  1. lead (Saturn)
  2. tin (Jupiter)
  3. iron (Mars)
  4. copper (Venus)
  5. mercury (Mercury)
  6. silver (the Moon)
  7. gold (the Sun)

बाउल को बनाते समय किस अनुपात में इन धातु को रखा जाता है और किस साइज़ का बनाया जाता है इसका सीधा असर tone, vibration and quality of sound पर देखा जा सकता है. अलग अलग साइज़ और आकार के बाउल का sound therapy में अलग अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है.

सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला strikers एक wooden mallets होता है जो बाउल की रिम के चारो ओर घुमाया जाता है.

सिर्फ तिब्बत ही नहीं अलग अलग country के हिसाब से इनका डिजाईन बनाया जा चूका है जिसमे Nepalese, Japanese, Bengalese and crystal bowls जो की कांच का होता है आज बड़े पैमाने पर अलग अलग तरह से sound therapy and healing में काम में लिया जा रहा है.

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How does sound affect our body?

हमारा मन सबसे ज्यादा sound से प्रभावित होता है. अलग अलग फ्रीक्वेंसी की आवाज हम पर अलग अलग असर डालती है. Human mood and nature को change करने के लिए सबसे fast तरीका है sound है. ये हमारे मूड को different states of consciousness में ले जाने में सक्षम है.

मैडिटेशन के दौरान जिस trance state को experience किया जाता है उसी स्टेट को हम आवाज के जरिये महसूस कर सकते है.

Tibetan singing bowls के traditional use for meditation को देखे तो ये हमारे body and mind को दोबारा से फ्रेश बनाता है. शरीर के किसी भी जोड़ में दर्द से राहत दिलाता है और headaches and migraine or spine injuries जैसी प्रॉब्लम से राहत दिलाता है. इन सबके पीछे हमारे body का relax होना है.

जब body relax हो जाती है तब ये खुद को heal करना शुरू कर देती है. Concentration में सुधार होता है और emotional tensions and blockages से राहत मिलती है. ऐसे ही कई प्रभाव है जो हमें sound therapy में देखने को मिल जाते है.

tibetan-singing-bowl

sound therapy से निकलने वाले vibration का प्रभाव गहरा होता है जो mental or emotional pain जैसे की low self-esteem, worries, fear, anger, anxiety, depression, insomnia जैसी समस्या से निजात दिलाता है.

इसका unique vibration and tone हमारे blood pressure को stablize करता है. शरीर के हर चक्र को इसका अलग tone and vibration के जरिये heal कर active किया जाता है ताकि energy flow को बिना किसी अवरोध के पूरी body में regulate किया जा सके. यही वजह है की sound therapy में Tibetan singing bowls हर तरह के physical, mental and spiritual level पर healing करता है.

Sounds affect all three human levels: the physical, mental and spiritual

sound therapy हमें हर स्तर पर प्रभावित करती है जैसे की

Physical effect of vibrations

  • गहरा आराम – deep relaxation and muscle regeneration
  • हर तरह के जोड़ो के दर्द से राहत जैसे की muscles, sciatica, headache and migraine, the digestive system, headaches and migraine, spine injuries, shoulders
  • पाचन तंत्र में सुधार – better digestion
  • atoms, molecules, cells, tissues and organs function के काम करने में सुधार
  • शरीर में उर्जा का प्रवाह सही तरीके से होता है – better energy flow
  • elimination of toxins from the body किसी भी तरह के टोक्सिन को शरीर से बाहर निकालना
  • Better immune system रोग प्रतिरिधक क्षमता में सुधार होता है.

Mental or emotional effect:

  • दिमाग का पूरी तरह शांत होना – relaxed mind, mental/emotional tensions and blockages are eased
  • better concentration – एकाग्रता में बढ़ोतरी
  • आंतरिक भाव में सुधार inner feelings are activated and released
  • more energy and strength in everyday life दिनभर के कामो में तरोताजा महसूस करना
  • मानसिक तरनव और दर्द में राहत – alleviated mental or emotional pain
  • आत्म-विश्वास में सुधार improved self-confidence, boosted creative and productive potential

आध्यात्मिक बदलाव

  • खुद को लेकर positive feeling आना
  • लाइफ को बैलेंस महसूस करना – better balance and harmony in your life
  • experiences of bliss
  • चक्र में किसी तरह की ब्लॉकेज का दूर होना – cleansing of chakras
  • ध्यान में लम्बे समय तक बैठे रहने की वजह से महसूस होने वाले अनुभव इसमें कुछ समय में महसूस किये जा सकते है जिसमे higher frequency reaches our innermost essence, जो energy को बूस्ट करता है और vibration level को बढाता है.
  • आध्यात्मिक होने के बाद आने वाले एकभाव का अनुभव

ये सब हमें sound therapy के समय Tibetan singing bowls के प्रयोग के दौरान महसूस किये जाते है. ये हमारे spiritual intelligence को शुरुआत देता है.

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वैज्ञानिक शोध में इनके खास vibration को महसूस किया गया है

Scientific analyses of electromagnetic brainwaves के दौरान ये साबित किया जा चूका है की ऐसी waves’ जिनका सीधा connection हमारे different states of consciousness से है हमें प्रभावित करती है. दिनभर के कामो के दौरान जब हम चेतन मन यानि Consciousness में रहते है हमारा मस्तिष्क Beta waves को produce करता है.

alpha waves को meditation and calm consciousness के दौरान experience किया जा सकता है वही Theta waves गहरी नींद के दौरान produce होती है और Delta waves को singing bowls पर महसूस किया जा सकता है. ये सभी waves हमें feeling of deep relaxation का अहसास करवाती है.

Tibetan singing bowls के साथ the gong नाम के instrument का इस्तेमाल किया जाता है जो strong energy को generate करता है. sound therapy को relax होने के लिए सबसे ज्यादा असरदार माना जाता है.

वैसे तो किसी भी प्रकार के म्यूजिक को हम healing के लिए मान सकते है लेकिन गोंग से निकलने वाली vibration बेहद शक्तिशाली होती है और deep states of consciousness पैदा करती है.

sound therapy हमारे अन्दर के energetic imbalances को सही करती है. Ancient Chinese therapy में भी गोंग का इस्तेमाल होता है जो की vibrating sounds पर काम करती है. ये हमारे शरीर के energetic lines के साथ vibration की फील्ड को पैदा करता है जो बैलेंस करने का काम करती है.

लम्बे समय से किये जाने वाले Crystal chakra meditation with antique Tibetan singing bowls के प्रयोग से Kundalini energy को बढ़ते हुए महसूस किया जा सकता है जो central energetic channel के जरिये पूरी body में flow करती है और हर उर्जा चक्र को सक्रिय करती है.

जो लोग हलके बहरे होते है उनके ऊपर Gong therapy का प्रयोग फायदेमंद है और जो लोग सुन नहीं पाते है वे भी इसके vibration को महसूस कर सकते है.

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How to play Tibetan singing bowl

अगर आप healing के उदेश्य से इसका प्रयोग कर रहे है तो Tibetan singing bowl का इस्तेमाल कुछ खास तरीको से कर सकते है. शुरुआत में ये थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन कुछ समय के अभ्यास के बाद आपको इसमें एन्जॉय मिलने लगता है. आप इसका प्रयोग इस तरह करे

Method 1: Striking अपने उलटे हाथ में बाउल को ले और दूसरे हाथ में mallet को ले. अब एक जोर की चोट बर्तन पर मारे. कुछ समय के लिए इसका vibration आसपास के वातावरण में गूंजता रहता है. कुछ समय बाद दोबारा इस तरह की चोट करे.

Method 2: Rimming सबसे पहले आरामदायक स्थिति में बैठ जाए और अपने स्पाइन को सीधा कर ले. सबसे पहले एक जोरदार चोट करे.

चोट करने के कुछ सेकंड बाद ही अब mallet को लेकर बाउल के चारो और घुमाना शुरू कर दे. mallet को बाउल से हल्का छूता हुआ रखे. इससे निकलने वाला vibration फील करने की कोशिश करे.

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Tibetan singing bowls healing फाइनल वर्ड

दोस्तों sound therapy में इस्तेमाल होने वाले Tibetan singing bowls का प्रयोग हमें हर स्तर पर लाभ देता है जिसकी वजह से हम Physical, mental and spiritual stress को दूर कर relax feel कर सकते है.

आजकल बाजार में मिलने वाले हर वैरायटी के बाउल का प्रयोग आप घर पर ही कर सकते है.

ज्यादातर Yoga and meditation centre ने sound therapy और सिंगिंग बाउल का प्रयोग करना शुरू कर दिया है जिसकी वजह से energy vibration में बढ़ोतरी को महसूस किया जा सकता है.

मंदिर में बजने वाले घंटे की ध्वनी भी इसी तरह काम करती है. ताम्बे का प्रयोग सबसे ज्यादा strong vibration पैदा करता है जिसकी वजह से कम्पन को सीधे स्पाइनल कार्ड में महसूस किया जा सकता है. अगर आपने इस तरह का प्रयोग किया है तो अपने अनुभव को शेयर करना न भूले.

Suicidal feelings and thoughts how to overcome this condition Hindi Guide

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आमतौर पर हम अपनी emotion के जरिये कुछ भी हासिल कर सकते है लेकिन क्या हो अगर हमारे emotion इतने कमजोर हो जाए की हम suicide करने को मजबूर हो जाए. अगर आपके मन में ऐसे ही विचार आ रहे है तो इसका मतलब है की आपके मन में कुछ ऐसे emotion and thoughts है जो overwhelming and permanent बनते जा रहे है.

जब आपके emotion, pain में बदल जाते है तब आपको Suicidal Feeling परेशान करने लगती है. Suicidal thoughts and feelings को overcome कर life को फिर से normal कैसे करे ये जानना हमारे लिए बेहद जरुरी बन जाता है.

हमने अपने पिछले आर्टिकल में आत्महत्या करने के पीछे की वजह के बारे में बात की थी.

आज हम इतने प्रेशर के साथ लाइफ स्टाइल को जी रहे है की pressure और stress कब Suicidal thoughts and feelings में बदल जाता है पता ही नहीं चलता है. लाइफ में प्रेशर हर किसी के होता है लेकिन एक limit तक हम उसे overcome कर लेते है.

What is Suicidal feelings and thoughts in Hindi

limit cross होने के बाद यही emotional ऐसी feeling में बदल जाते है जो हमें ये अहसास करवाने लगते है की लाइफ meaningless हो चुकी है.

धीरे धीरे हमारा Confidence down होने लगता है और हमारे मन में सिर्फ एक विचार रह जाता है हमारी लाइफ का अब कोई महत्त्व नहीं सिर्फ इसे ख़त्म करके ही सब problem से दूर हुआ जा सकता है.

आपके मन में इस तरह का ख्याल आने की वजह आपका मानसिक असंतुलन नहीं है बल्कि आपका बढ़ा हुआ दर्द है जिससे आप खुद की सुरक्षा नहीं कर पा रहे है. आइये जानते है इस बारे में और ज्यादा डिटेल से और बचाव के लिए उठाये जाने वाले स्टेप्स के बारे में.

What is Suicidal feelings and thoughts in Hindi

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की आपके अन्दर कितना pain है क्यों की आज की लाइफ में हर कोई इस तरह की feeling से गुजर रहा है. हमारी लाइफ में कई ऐसे मोड़ आये है और आयेंगे जब हम हमें suicidal thoughts आये है.

इस तरह का विचार आना हमारे character defect, crazy, or weak, or flawed की निशानी नहीं है बल्कि ये दर्शाता है की emotion हमारे प्रेशर को सहन करने की क्षमता से उपर जा चुके है.

कुछ समय और अपनों का सपोर्ट आपको अपने emotion को काबू करने में मदद कर सकता है जिसकी वजह से suicidal feelings से खुद का बचाव किया जा सकता है.

ज्यादातर लोग जब हर तरफ से हताश हो जाते है और उनके पास कोई और रास्ता नहीं बचता है तब वे अपनी लाइफ को ख़त्म करने का सोचते है. इसकी वजह depression और हर तरफ से निराशा से भर जाना है.

अगर आपको लगता है की आपके चले जाने से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा तो आप गलत है. किसी न किसी को आपकी भी जरुरत है और ऐसे कई जगह और काम है जहाँ आप बदलाव ला सकते है तो सबसे पहले खुद को importance देना शुरू करे. हमेशा याद रखे की

  • आपके emotion कभी भी permanent / fixed नहीं होते है. कुछ भी करने से पहले खुद को जितना हो सके समय दे.
  • आपके ना होने से आपके करीबी और दोस्तों की लाइफ पर गहरा असर पड़ेगा.
  • ऐसी कई चीजे और मौके है जिन्हें आप अब भी हासिल कर सकते है.
  • ऐसे कई sights, sounds, and experiences है जिन्हें लाइफ में हासिल करना अब भी बाकि है.
  • आपके pleasurable emotions को enjoy करने की क्षमता और distressing emotions को experience करना दोनों ही एक जैसी क्षमता रखते है.

Why do I feel suicidal?

ऐसे काफी सारे emotional pain है जो thoughts of suicide की वजह बनते है. हर व्यक्ति के अन्दर आने वाले विचार और उनसे बचने के तरीके व्यक्ति से व्यक्ति में अलग होते है. वैसे कुछ ऐसे Common reason है जो experience suicidal thoughts and feelings की वजह बनते है.

suicide करना ही last option क्यों बचता है ?

अगर आपको sucide करने के अलावा कोई और solution नहीं मिल रहा है तो इसका ये मतलब नहीं है की कोई और solution है ही नहीं. इसकी वजह है आपका इतना ज्यादा परेशान होना की आपको कोई और समाधान दिखे ही नहीं.

कई बार intense emotional pain इतना ज्यादा बढ़ जाता है की ये आपके सोचने की क्षमता को प्रभावित करता है.

जब आपके सोचने समझने की क्षमता प्रभावित होती है तो आप ना तो ठीक से न तो सोच पाते है ना ही उन लोगो की सहायता ले सकते है जो आपकी हेल्प और सपोर्ट कर सकते है.

Therapists, counselors, friends, or loved ones आपकी Suicidal feeling से बचने में हेल्प कर सकते है इसलिए अगर वो आपकी मदद करना चाह रहे है तो उन्हें ऐसा करने दीजिये.

A suicidal crisis is almost always temporary

हमें लगता है की pain and unhappiness कभी ख़त्म नही होने वाले है लेकिन वास्तव में ये सब कुछ समय के लिए ही होता है.

solution निकाले जा सकते है, feeling को change किया जा सकता है और unexpected positive event कभी भी आ सकता है. आत्महत्या करना हमारी सभी temporary problem का permanent solution होता है.

अपने आप को समय दे ताकि आप जरुरी चीजो को सही कर सके और दर्द को दूर कर सके. आपका दिया हुआ कुछ समय आपके सभी Suicidal feelings and thoughts को दूर करने में हेल्प कर सकता है.

हर problem का एक solution जरुर होता है

कई बार हमें लगता है की हमारी problem इतनी बढ़ गई है की अब हम hopeless हो चुके है. आपको मालूम होना चाहिए की उन problem का भी जिसमे हम उम्मीद छोड़ देते है कोई न कोई solution जरुर होता है.

जरुरत है तो कुछ समय खुद को देने की ताकि हम उसे देख और समझ सके.

कई तरह की Mental health conditions जैसे की depression, schizophrenia, and bipolar disorder जैसी problem को हम अपने lifestyle therapy, and medication में बदलाव कर सही कर सकते है.

अगर आपने इसके लिए पहले भी प्रयास किये है तो अलग अलग approaches को try करना होगा जब तक की सही समाधान ना मिल जाए.

हम कई बार कोशिश करते है लेकिन रिजल्ट मनचाहे नहीं निकलते है तो इसके लिए उम्मीद ना छोड़े बल्कि अपने तरीको में बदलाव करते रहे ताकि सही solution निकल कर सामने आये और रिजल्ट आपका मनचाहा हो.

अगर आपको पता चल जाता है की Suicidal feeling की problem को कैसे face करना है तो निचे शेयर किये जाने वाले स्टेप और एक्शन लेकर आप इससे बचाव कर सकते है.

समस्या का पता चलने पर तुरंत इन एक्शन पर काम करना शुरू कर दे

ऐसे 5 एक्शन है जिन्हें आप इस दौरान कर सकते है.

  • तुरंत कुछ ना करे बल्कि खुद को समय जितना दे सकते है देने की कोशिश करे : चाहे कितनी भी तकलीफ में हो लेकिन आपके thought और action के बीच जितना हो सके distance को बनाए रखने की कोशिश करे. जितना ज्यादा हो सके तुरंत किसी एक्शन पर काम करने से बचे. याद रखे Thoughts and actions ये दोनों अलग अलग स्थिति है.

Suicidal thoughts को कभी भी reality ना बनने दे. इसके लिए ना तो कोई deadline होती है ना की कोई आपको फ़ोर्स कर सकता है. जितना हो सकता है suicidal thoughts and suicidal action दोनों के बीच distance को बनाए रखे.

  • Avoid drugs and alcohol: ज्यादातर लोगो का मानना है की नशा हमें गम को भुलाने में मदद करता है लेकिन हकीकत तो ये है की अगर आप तनाव से भरे है और उम्मीद छोड़ चुके है तो ऐसे में drugs and alcohol का इस्तेमाल करना आपके अन्दर के Suicidal feelings and thoughts को और भी ज्यादा strong बना देता है. जब भी तनाव जैसी स्थिति में हो इसका use करने से बचे.
  • अपने घर को सुरक्षित बनाए : ऐसी चीजो से खुद को दूर कर ले जो आपको harm पहुंचा सकती है. अगर आप घर से इन चीजो को दूर नहीं कर सकते है तो ऐसी जगह या लोगो के बीच चले जाए जहाँ आप खुद को safe feel कर सके.
  • ऐसी feeling को सिर्फ अपने तक सिमित ना रखे : अगर गौर करे तो coping with suicidal thoughts and feelings की first step है इस तरह के विचारो को अपने अन्दर दबाए ना रखना. जिन लोगो पर आप ट्रस्ट करते है उनके साथ अपने विचारो को शेयर करे जिसकी वजह से आपके अन्दर आत्महत्या करने के विचार आ रहे है या फिर आपके पास इसके अलावा कोई और option ही नहीं है.

दोस्तों के साथ अपने emotion and feeling को share करना आपके लिए उन solution को create करता है जो आप खुद सोच नहीं पाते है.

  • Take hope – people DO get through this: कभी भी उम्मीद ना छोड़े क्यों की उन लोगो ने भी खुद को survive करने के लिए उम्मीदे कायम रखी है जिनके मन आपकी तरह ही Negative and hopeless thoughts भरे हुए थे.

अपनी उम्मीदों के सहारे अच्छे समय तक पहुँचना आपके लिए सही मौका साबित हो सकता है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की आप कितने self-loathing, hopelessness, or isolation से भरे हुए है आपकी उम्मीद आपके लिए हर problem का solution निकाल ही लेगी.

खुद को जितना हो सके समय दे और हर चीज को खुद से सही करने की कोशिश ना करे. दोस्तों की मदद ले ताकि आपको सपोर्ट मिले और जितना जल्दी हो सके आप Suicidal feeling and thoughts से बाहर निकल सके.

दूसरो से मदद कैसे ले सकते है

इस तरह की कंडीशन में हमारे आसपास ऐसे कई लोग होते है जो हमारी मदद कर सकते है. अगर आपने खुद से promise किया है की आप कम से कम 1 हफ्ते तक रुकेंगे तो किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश करे जिस पर आप सबसे ज्यादा भरोसा करते है. उसे अपने दिल की सारी बाते बताये और उनकी राय ले की इस समय आपको क्या करना चाहिए.

How to talk to someone about your Suicidal feeling

वास्तव में ये इतना आसान नहीं है यहाँ तक की आप सोच चुके हो की किस पर भरोसा करते है और किसे बताना है बावजूद इसके अपने suicidal thoughts को दूसरो के साथ शेयर करना इतना आसान नहीं है.

ऐसे में उन्हें बताये की सही सही आपके दिमाग में क्या चल रहा है और किस तरह का suicide plan आप कर रहे है.

अगर आप किसी को बता नहीं पा रहे है तो किसी पेपर पर लिखकर भी आप अपने नजदीकी व्यक्ति को दे सकते है. आप चाहे तो email message या किसी भी और माध्यम से अपने दिल की बात दूसरो तक पहुंचा सकते है.

अगर पहला व्यक्ति जिसे आप बताना चाह रहे है वो आपकी बात समझ नहीं पा रहा है तो टेंशन ना ले और किसी और व्यक्ति को बताने की कोशिश करे.

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How to cope with suicidal thoughts

हमेशा ध्यान रखे की suicidal thoughts and feelings कभी ख़त्म नहीं होने वाले कंडीशन है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की ये permanent condition है. हम खुद को बेहतर बना सकते है यहाँ तक की कुछ बाते है जिन्हें ध्यान में रखे तो हम इससे बाहर निकल सकते है.

अगर आपके मन में suicidal feelings and thoughts आ रहे है तो निम्न बातो का ख्याल रखे

  • किसी व्यक्ति को हर रोज अपने मन की बात बताये और कोशिश करे की आप ये सब मिलकर उन्हें ये सब बताए. आप अपने किसी करीबी दोस्त को अपने साथ टाइम spend करने के लिए पूछ सकते है.
  • ऐसा कोई प्लान बनाए जिससे suicidal crisis से बाहर निकलने में मदद मिल सके. इसमें आप अपने करीबी दोस्त का नंबर save कर सकते है जिन्हें आप emergency के दौरान सबसे पहले बुला सके.
  • अपने schedule को fix करे ताकि आपका समय ज्यादा से ज्यादा busy रहे और आपको कम से कम समय मिल सके. आत्महत्या करने के विचार आपको तभी परेशान करते है जब आप अकेले पड़ जाते है. जितना ज्यादा आप खुद के और दूसरो के साथ busy रहेंगे उतना ही आपका मन बाहरी चीजो में लगा रहेगा.
  • अपने दिन का एक छोटा सा हिस्सा जैसे की 30 मिनट का समय प्रकृति के साथ बिताने की कोशिश करे. इससे आपको Suicidal feeling से बचने में काफी हद तक हेल्प मिलती है.
  • हर रोज कुछ समय एक्सरसाइज के लिए निकाले. शरीर और मन दोनों को एक्सरसाइज के जरिये develop करे ताकि आप खुद को स्ट्रोंग कर सके.
  • उन चीजो पर ज्यादा focus करे जिनसे आपको ख़ुशी मिलती है.
  • अपने personal goals को हमेशा याद रखे और उन पर काम करे. ये कुछ भी हो सकता है जैसे की कही घूमना, बुक पढना या कुछ भी अलग करना जिसे आप करना चाहते है.

Suicidal feelings and thoughts के दौरान क्या करने से बचे

अगर आपकी मानसिक स्थिति कमजोर है और बार बार ऐसे thought आपके ऊपर हावी हो रहे है तो आपको कुछ चीजे करने से बचना होगा जैसे की

  • अकले रहने से बचे क्यों की जब आप अकेले होते है तभी ये feeling ज्यादा हावी होने की कोशिश करती है.
  • अगर आप इस तरह की स्थिति से गुजर रहे है तो किसी भी तरह के नशे से बचे.
  • ऐसी activity न करे जो आपको अवसाद की ओर ले जाए जैसे की sad music सुनना, पीछे के फोटो को देखना, पुराने ख़त पढना या अपने past में की गई गलतियों को याद करना.
  • Thinking about suicide and other negative thoughts कई बार ऐसा होता है की हम खुद को अकेला कर लेते है और जब कभी मन दुखी होता है तब हम negative think को बार बार दोहराते जाते है जिसकी वजह से मन दुखी होता जाता है.

इस तरह की स्थिति में खुद को ऐसे suicidal thoughts से जितना हो सके distract करने की कोशिश करे ताकि कुछ समय के लिए ही सही आप पर ये सोच हावी ना हो सके.

Recovering from suicidal thoughts

आत्म-हत्या करने का विचार बार बार मन में आना आपके अन्दर के छिपे हुए दर्द को दर्शाता है जिसे अनुभव करना किसी traumatizing experience के बराबर है.

अगर आप बार बार इस तरह की स्थिति से घिर रहे है तो इस तरह की स्थिति में आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए ताकि Suicidal feelings and thoughts की कंडीशन से बाहर आया जा सके.

हालाँकि इससे रिकवर होने में समय लगता है लेकिन अगर आपने किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लिया है जो आपको समझे तो आपको काफी हद तक हेल्प मिल जाती है.

ऐसी कुछ बाते है जिनका ख्याल रखकर आप इससे बाहर निकल सकते है. आपको बस 5 steps to recovery को ध्यान में रखना होगा जैसे की

  • उस वजह का पता लगाना जिसकी वजह से Suicidal feeling जैसी स्थिति बन रही है : आपके मन Suicidal thoughts आ रहे है उसकी वजह क्या है ? किसी तरह का नुकसान, लाइफ में बार बार फ़ैल होते जाना या फिर जरुरत से ज्यादा तनाव ऐसी क्या वजह है जो आप इस तरह का फैसला लेने को मजबूर हो रहे है.
  • अपना ख्याल रखना शुरू कर दे : सुनकर अजीब लगेगा लेकिन अगर आप अपने आप को समय देना शुरू कर दे तो आपको ख़ुश रहने से कोई नहीं रोक सकता है. आज के lifestyle में हम सब करते है लेकिन खुद के लिए थोडा सा भी समय नहीं निकाल पा रहे है जिसकी वजह से ये स्थिति बनती जा रही है.
  • अपने आसपास support network को जितना हो सके मजबूत करे ताकि आपको हमेशा उनका सपोर्ट मिलता रहे और जल्दी ही आप Suicidal feeling की स्थिति से बाहर निकल सके. जितना ज्यादा आपके आसपास का माहौल पॉजिटिव होगा उतना ही आप खुद को स्ट्रोंग बना पाएंगे.
  • Develop new activities and interests: हमेशा एक तरह का रूटीन और schedule अपनाकर कर हम खुद को बोरिंग बना लेते है. इससे बाहर निकले और एक समय के बाद नयी activity करे ताकि आपको sense of meaning and purpose मिलता रहे और आप खुद को और आगे ले जाने को लेकर प्रेरित रहे.
  • Deal with stress in a healthy way हमें तनाव का सामना किस तरह करना है इसे सीखना होगा. Stress management में हमने इसके बारे में काफी डिटेल से बताया है. इससे आपको अपने तनाव के दौरान कैसे react करना है और कैसे इससे बाहर निकलना है इन सबके बारे में सही नॉलेज मिलती है.

अगर आप इन्हें step by step follow करते है तो जल्दी ही आप Suicidal feelings and thoughts से खुद को recover कर लेते है.

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How to deal with Suicidal feelings and thoughts in healthy way final word

अगर आप अवसाद की स्थिति से गुजर रहे है और इससे बाहर आना चाहते है तो कई तरह की activity जैसे की exercising, meditating, sensory strategies to relax, practicing simple breathing exercises, and challenging self-defeating thoughts इसमें आपकी हेल्प कर सकती है.

ये सब ऐसे अभ्यास है जो आपको अन्दर से motivate करते है और ऐसी हर कंडीशन से बचाते है जो आपको depress करती है.

दूसरो शब्दों में कहे तो Suicidal feelings and thoughts की सबसे बड़ी वजह आपका अकेलापन, खुद के बारे में ज्यादा से ज्यादा नेगेटिव बनना है. अगर आप इन दोनों स्थिति को recover कर लेते है तो किसी भी तरह की depression से बाहर निकल सकते है.

अगर आपके मन में कभी भी इस तरह का ख्याल आया है तो कमेंट करके हमें बताना ना भूले की आपने इससे बाहर निकलने में किस तरह के तरीके अपनाए.