sound bath meditation यानि कुछ खास तरह की frequency वाली sound को body पर feel करना भले ही सुनने में ये हमें नए युग का concept लगे लेकिन, ये तकनीक आज की नहीं बल्कि हजारो साल पहले की है. spiritual practice में इसे “spiritual, cleansing music” के नाम से जानते है. इसका प्रसार जगह और कल्चर के अनुसार अलग अलग देशो में होता गया और आज इसे हम healing body with sound bath meditation के नाम से जान रहे है.
सुनने में ये जितना technical लग रहा है उतना है नहीं. आप Yoga session के दौरान om chanting करते हुए भी इसे कर सकते है और चाहे तो एक घंटा लम्बा सेशन आप किसी sound practitioner के साथ रहते हुए experience कर सकते है.
आज की पोस्ट में हम आपके साथ Bath sound meditation के बारे में हर डिटेल को शेयर कर रहे है ताकि आप इसका अभ्यास घर पर कर सके. इसके सही अनुभव को आप घर पर कर सके इसलिए इसे step by step करने का तरीका जितना हो सके easy way में समझाने की कोशिश की है.
What Is a Sound bath meditation?
आसान शब्दों में समझे तो ये एक meditative experience है जिसमे हम खुद को sound waves के जरिये heal करते है. एक शांत कमरे में खास तरह की sound waves हमारी body पर trigger की जाती है जो healing का काम करती है.
ये sound किसी भी तरह के healing instruments जैसे की gongs, singing bowls, percussion, chimes, rattles, tuning forks यहाँ तक की हमारी खुद की या फिर एक्सपर्ट की आवाज हो सकती है.
ज्यादातर लोग जो आवाज के जरिये अभ्यास करते है वे om chanting का अभ्यास करते है जो की सबसे बड़ा और आसान मगर प्रभावी healing mantra है. इन instruments में जो sound निकलती है वो किसी फ़िल्मी गाने की तरह नहीं होती है बल्कि एक खास तरह की लय में चुनी गई selected और notable resonance and overtones होती है.
ज्यादातर लोग इसके लिए subconscious mind healing alpha, theta brain waves को trigger करते है जो की आमतौर पर एक हैडफ़ोन के जरिये काम करती है. you-tube पर ऐसे कई peaceful music है जो हमारी बॉडी और माइंड को effective तरीके से शांत करने में मदद करते है. इसके लिए हमें शवासन या फिर पीठ के बल लेटना होता है.
इस अभ्यास को आप अकेले भी कर सकते है और कई बार सेशन को ग्रुप में भी किया जा सकता है. ग्रुप में इसका अभ्यास ॐ मंत्र के chanting के साथ किया जाता है जिसके परिणाम अनुकूल मिलते है.
Benefits of Sound bath meditations
वैसे तो इसके कई सारे बेनिफिट है लेकिन जो सबसे बड़ा लाभ हमें इसका मिलता है वो है सुनने वाले के अन्दर एक state of harmony को create करना. यहाँ पर जिन sound waves को trigger किया जाता है उनके जरिये किसी भी तरह की discordance को माध्यम के energy field से दूर किया जाता है.
आमतौर पर हमारे energy field जिन्हें आम भाषा में सप्त चक्र के नाम से भी जाना जाता है उनमे आने वाले blockage की वजह से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
अगर इनमे आने वाले blockage को हटा दिया जाए तो energy का flow पूरी बॉडी में होने लगता है और हम healing के मिलने वाले फायदे को ले पाते है.
इसके अलावा ये sound bath meditation हमारी बॉडी को relax करता है और माइंड को calm जिससे हम खुद को बेहतर महसूस कर पाते है.
इससे sense of well being को मजबूत किया जाता है, awareness को विस्तार मिलता है, access to inner visionary experience यानि हमारी सोचने समझने की शक्ति को creative बनाया जाता है.
ये साउंड बाथ माध्यम के emotional healing के साथ साथ physical healing पर भी काम करता है. कई लोगो ने इस तरह के बदलाव को महसूस किया है.
हम किसी acupuncturist के पास जाते है जो की नीडल के जरिये हमारे energy center को unblock करता है या तकनीक भी इसी तरह की है जिसमे एक्सपर्ट नीडल की जगह खास तरह की brain waves, frequency and vibration का इस्तेमाल करते है.
वो तकनीक है जो पूरी तरह साइंस पर आधारित है. इसका अभ्यास quantum physics and sacred geometry पर निर्धारित है. किडनी स्टोन को तोड़ने के लिए जो ultrasound technology use की जाती है वो भी sound waves का ही एक प्रकार है.
The Ideal Candidate
sound bath meditation meditation उन अभ्यास में से है जिसके लिए किसी तरह की विशेष योग्यता की जरुरत नहीं होती है. कोई भी व्यक्ति जो इसका अनुभव लेना चाहता है इसका अभ्यास कर सकता है. आप चाहे किसी भी उम्र के पड़ाव से हो आपको इसका अनुभव करना है तो बस शवासन में लेट जाइये और खुद को focus करे खास sound waves पर जो धीरे धीरे आपके बॉडी और माइंड को प्रभावित करना शुरू कर देती है.
sound bath meditation हर stage और टाइप के लोगो के लिए beneficial है फिर चाहे आप बच्चे हो, बूढ़े हो या फिर प्रेग्नेट लेडी हो इसका अभ्यास करने के लिए कोई योग्यता नहीं चाहिए क्यों की इसका पूरा काम आपके बॉडी और माइंड के तनाव को दूर करना है.
आप traditional meditation practice करते है तो overthinking or unwanted intrusive thoughts आपको बार बार परेशान करते है जिसकी वजह से ध्यान का अभ्यास नहीं कर पाते है लेकिन, इसमें ऐसा कुछ नहीं है.
अगर अनचाहे विचारो की वजह से आप ध्यान नहीं लगा पा रहे है तो sound bath meditation meditation practice को करना आपको मैडिटेशन के ही बेनिफिट देगा. आपको कुछ नहीं करना है सिवाय ढीले कपड़े में शवासन में लेटने और आने वाले sound waves को accept करने के.
घर पर साउंड बाथ का अनुभव कैसे करे ?
sound bath meditation एक ऐसा meditation practice है जिसे आप कही पर भी कर सकते है. घर के एकांत कमरे में, पार्क में सुबह के समय के वातावरण में या फिर किसी भी एकांत जगह पर होने वाले natural sound में आप इसका अभ्यास कर सकते है.
आप अपनी जरुरत के अनुसार इसका अभ्यास कर सकते है.
कई तरह के instruments को मिलाकर दिया जाने वाला sound bath meditation हमारे अलग अलग organs, chakras पर असर डालता है जिसकी वजह से mood swing का experience किया जा सकता है.
शुरुआत आप किसी एक instruments ही करे और उसका focus शरीर के किसी एक हिस्से पर रखे.
इसके जरिये कई बार आप Physical injury को भी heal कर सकते है. मार्केट में आज ऐसे कई sound healing instruments आपको आसानी से मिल जायेंगे जो बेहद प्रभावी होते है. आप इनका अभ्यास घर पर कर सकते है.
singing bowl जो की एक खास धातु का बाउल होता है ऐसा ही एक instruments है जो energy center blockage को healing करने का काम करता है. इस धातु से निकलने वाले vibration को body part पर टकराने से हम healing को experience कर सकते है.
अलग अलग तरह के instruments का हम पर अलग अलग प्रभाव पड़ता है इसलिए अगर आपको लगता है की sound bath meditation का आपको effective result नहीं मिल रहा है तो अलग अलग instruments को try करे.
साउंड बाथ क्यों लेना चाहिए ?
आजकल की लाइफ स्टाइल में हम खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते है जिसकी वजह से मन में गुस्सा भरना, तनाव और mood swing खासकर अकेले रहने और बेहतर सोच न पाना जैसे problem को फेस करते है. 15-30 मिनट के लिए लिया गया sound bath meditation meditation हमें इससे दूर रहने में मदद करता है जिसके अलावा इसके कई सारे फायदे है जैसे की
सप्ताह में 2 दिन लिया गया sound bath meditation आपको तनाव से दूर रखता है.
बॉडी और माइंड को relax रखते हुए हम खुद पर बैलेंस रखने में कामयाब होते है.
sound bath meditation हमारे body, mind and soul को align करता है जिसकी वजह से हम इन तीनो के बीच एक बेहतर coordination को feel कर सकते है.
अगर आप concentration बढाने के लिए मैडिटेशन कर रहे है तो ये एक अच्छा option साबित हो सकता है जो बेहद आसान मगर प्रभावी अभ्यास है.
दिनभर के तनाव को दूर करने मे ये मदद करता है.
अगर आप खुद को focus रख पाने में मुश्किल का सामना कर रहे है या फिर बेहतर सोच नहीं पा रहे है तो इसका अभ्यास करे. इससे आप creative skill आसानी से सीख सकते है क्यों की माइंड को बेहतर सोचने में हेल्प मिलती है.
sound waves हमारे subconscious mind को भी program कर सकती है इसलिए इसका अभ्यास आप अवचेतन मन के लिए भी कर सकते है.
इसके अलावा ऐसे कई reason या यू कहे की बेनिफिट है जिसकी वजह से आपको इसका अभ्यास करना चाहिए.
How to heal body and mind with sound bath meditation meditation final word
मैडिटेशन करने के दौरान हमारे सामने खुद को अनचाहे विचारो से दूर रखने की सबसे बड़ी समस्या आती है. हम खुद को जितना शांत रखने की कोशिश करते है unwanted intrusive negative thoughts हमें उतना ही परेशान करते है.
ऐसे में अगर body and mind को relax करने के लिए खास तरह की sound waves को trigger किया जाए तो बेहद कम समय में बेहतर रिजल्ट पाए जा सकते है.
आमतौर पर हम मैडिटेशन में हमारे अंतर्मन पर काम करते है लेकिन कई बार अभ्यास में external mediuam की help भी ले सकते है जैसा की हम Trataka gazing meditation में करते है.
बाहरी माध्यम उन कंडीशन में काम आते है जब आपको खुद पर भरोसा नहीं होता है या फिर Will power की कमी होती है. ऐसी स्थिति में आपको बाहरी माध्यम बेहतर motivate कर पाते है और धीरे धीरे Body and mind पर कण्ट्रोल होने लगता है.
आपने subconscious mind healing alpha waves, binaural music, chakra meditation का अभ्यास घर पर headphone के साथ किया होगा. ये हमारे अलग अलग emotion पर काम करता है. आपने इसका अभ्यास किया और आपको क्या अनुभव हुए हमें कमेंट कर बताना न भूले.
शायद ही दुनिया में कोई ऐसा कोना होगा जहाँ Black Magic का जिक्र या इसका असर देखने को ना मिला हो. आज दुनिया के हर जगह हर कोने में इसका जिक्र होता है वो भी अलग अलग नामो से जैसे की वूडू या हूडू या काला जादू या फिर Negative magic इसे कई नामो से जाना जाता है.
आज लगभग हर culture में इसका effect देखने को मिलता है जहाँ different communities, cultures, and countries में इसे फैलाया गया था.
इसके प्रभाव को mysterious art की तरफ माना जाता है और Black Magic Symptoms को आसानी से नोटिस भी किया जा सकता है. अगर बात करे अलग अलग Black Magic spell on others की तो इन सबका उदेश्य किसी भी दूसरे व्यक्ति को कण्ट्रोल करना है.
हो सकता है Black magic ये नाम आपके अन्दर डर पैदा कर रहा हो क्यों की इसका नाम सुनते ही हमें अपने आसपास के Realm में घूम रही Dark forces and spirits का ख्याल आने लगता है.
Black magic को Witchcraft practice के नाम से भी जाना जाता है जहाँ पर Super natural powers को Evil and selfish purpose के लिए कण्ट्रोल किया जाता है.
इस तरह की practice का इस्तेमाल ज्यादातर tantric अपने दुश्मन को Physically and mentally destroy करने के लिए करते है.
ज्यादातर इस practice के लिए सामने वाले का hair, clothes, photo चाहिए होता है और कई बार ये माध्यम के सामने उसकी आँखों में देखते हुए की जाती है.
जिन लोगो के गृह और नक्षत्र कमजोर होते है उन्हें बड़ी आसानी से Black magic target करता है. जो लोग मानसिक रूप से कमजोर या फिर self-confidence की कमी से जूझ रहे होते है उन्हें भी बड़ी आसानी से निशाना बना लिया जाता है.
आज की पोस्ट में हम Signs and symptoms of black magic in Hindi के बारे में बात करने वाले है.
What is Black Magic Symptoms in Hindi
अगर किसी व्यक्ति पर काला जादू करवाया दिया जाता है तो वो व्यक्ति किस तरह व्यवहार करता है, उसकी हरकत क्या रहती है और उसमे क्या क्या बदलाव आते है ये सब हम Signs and symptoms of black magic के जरिये पहचान करते है.
कुछ common Black Magic Symptoms जैसे की disturbance in sleeping, bad dreams like falling from height की आसानी से पहचान की जा सकती है.
जिन लोगो पर काला जादू किया जाता है उन्हें सबसे पहले मानसिक तौर पर तोडा जाता है. उन्हें ये अहसास करवाया जाता है की वे कमजोर है और उनके साथ अब कोई नहीं है. जब विक्टिम खुद को सबसे अलग कर लेता है तब Black magic symptoms in body सामने आते है.
हमेशा सर में दर्द रहना, शरीर के किसी एक हिस्से में पहले की तुलना में अचानक अंतर ( दर्द और तकलीफ बढ़ना ) महसूस करना या फिर उन्हें ये अहसास ना होना की वे क्या कर रहे है.
अगर आपको लगता है की आपके किसी अपने या आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है तो खुद से कुछ Basic question about black magic symptom कर सकते है.
आपके या आपके फॅमिली मेम्बर अचानक ही हादसों का शिकार होने लगे है.
अचानक ही आपको Bad Luck का सामना करना पड़ रहा है.
आप खुद को mentally and emotionally controlled महसूस करने लगे है.
जॉब बिज़नस या फिर कोई भी काम अचानक ही नुकसान में चलने लगा है और छूटने लगा है.
खुद को physically, mentally or financially नुकसान पहुँचाने लगे हो.
लगातार उदास रहने की भावना मन में बनी रहना.
लगातार पैसो की कमी या नुकसान को झेलना.
लाइफ में जीने का उत्साह ख़त्म होने लगा हो और लाइफ बेकार लगने लगी हो.
ये सभी इशारे बताने के लिए काफी है की आप Signs And Symptoms Of Black Magic से गुजर रहे है. इस तरह के लक्षण की पहचान कर आप इसे और आगे बढ़ने से रोक सकते है.
Effects of Black Magic and Dark Energy
काले जादू का एक व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते है. ये व्यक्ति को पहले मानसिक फिर शारीरिक और आध्यात्मिक तरीके से कमजोर बनाता है.
Black Magic Symptoms में काफी सारी चीजे और लक्षण शामिल है जैसे की व्यक्ति का अपने भविष्य को लेकर नेगेटिव बन जाना.
व्यक्ति की अपनी willpower & mental energy इतनी कमजोर हो जाती है की वो चाहकर भी नुकसान होने से रोक नहीं पाता है.
जब किसी व्यक्ति की सोच negative बन जाती है तब वो जो भी करता है उसमे उसकी negativity झलकती है और यही वजह उसके नुकसान का कारण बनती है.
अगर आप समय रहते इसकी पहचान नहीं करते है तो Black magic effect और भी ज्यादा chronic, dangerous, and fatal बनते जाते है. ये समय के साथ धीरे धीरे आप पर पूरी तरह हावी होने लगता है.
धीरे धीरे आप Black Magic Symptoms की वजह से व्यक्ति के दिमाग, शरीर, दूसरो के साथ उसके रिश्ते और उसके लाइफ से जुड़े हर पहलू और जगहों पर इसका असर देख सकते है.
आपको ये मालूम होना चाहिए की Black magic on someone की process जितनी आसान है उससे कही ज्यादा मुश्किल है Breaking or reversing Black Magic Spell क्यों की इसके लिए आपको बहुत ज्यादा अनुभव की जरुरत पड़ती है.
Black Magic Astrology के प्रयोग से Cure Black Magic Symptoms कैसे करे?
Black magic Astrology एक विज्ञान है जहाँ आप काले जादू की पहचान कर सकते है. ये भी एस्ट्रोलॉजी ही है और व्यक्ति के Horoscope को देखकर या face reading के जरिये उसके ऊपर किये गए Black magic experiment की पहचान कर उसका समाधान करना इसमें शामिल है.
ज्योतिष में ऐसे कई गृह है जिनकी खास स्थिति आपको काले जादू का शिकार होने के लिए रेडी करती है. उनका अध्ययन कर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है.
Black magic Astrology के अनुसार सूर्य गृह आपके Self confidence का प्रतिक है. अगर किसी व्यक्ति का सूर्य कमजोर है तो वो आसानी से Black Magic Symptoms का Victim बन जाता है.
खास लग्न और समय के दौरान व्यक्ति का औरा सबसे कमजोर होता है जिस दौरान आसानी से उसे Black magic का शिकार बनाया जा सकता है. कुछ लोग आसानी से Evil forces and powers को अपनी तरफ attract कर लेते है.
बाधा केश की पहचान करे क्यों की कई बार ये अभिचार की वजह बनता है जिसकी वजह से व्यक्ति Negative energy को attract करता है. बाधाकेश का मतलब है विरोध करना.
क्या आप जानते है की भावनात्मक रूप से महिलाए ज्यादा sensitive होती है. यहाँ हम बात कर रहे है Sensitivity की ना की कमजोरी की और महिलाए emotionally strong होती है.
यही वजह है की negative energy and evil forces ज्यादातर अपना शिकार महिलाओ को बनाती है.
ऐसे कई लक्षण है जिनके जरिये हम Black magic symptoms in females की पहचान कर सकते है.
महिला पर अगर काले जादू का प्रभाव डाला गया है तो वे अक्सर बीमार रहने लगती है.
काले जादू का प्रयोग कर महिलाओं को लम्बे समय तक माँ बनने से रोका जाता है.
कमर और कंधो में ज्यादातर दर्द रहना, रात को सोने के समय बार बार किसी के होने का अहसास होना.
सोने में तकलीफ होना और आँखे लाल रहना, भूख न लगना या चाह कर भी खाना ना ले पाना.
लगातार मन परेशान रहना और हमेशा कुछ न कुछ महसूस करना जिसे वो दूसरो के साथ शेयर नहीं कर पाती है.
ऐसे ही कई लक्षण है जो महसूस किये जा सकते है. ज्यादातर ऐसे मामले में महिलाओं के ऊपर Paranormal activity effect भी देखने को मिलते है.
Signs of black magic on husband
कई बार marital life अच्छी नहीं चलती है या फिर घर से बाहर अफेयर चलना शुरू हो जाता है. Husband wife dispute and divorce issue तक बनने लगते है.
अगर ऐसा है तो ये काले जादू का प्रभाव हो सकता है. यहाँ आपको Signs of black magic on husband की पहचान कर लेनी चाहिए क्यों की ज्यादातर मामले में ऐसी कुछ बाते सामने आती है जिन्हें हम ignore करते है लेकिन आगे चलकर ये बड़ी मुश्किल खड़ी कर देती है.
अगर आप Signs of black magic on husband की पहचान करना चाहते है या फिर आपको शक है की आपके पति पर किसी ने काला जादू किया है तो सबसे पहले उनके व्यव्हार में आ रहे बदलाव को समझे.
अगर अचानक ही पति पत्नी के बीच तनाव बन रहा है तो ये Black Magic Symptoms की वजह से हो सकता है क्यों की उनके दिमाग को कण्ट्रोल करने की कोशिश की जा रही है.
अगर आपके पति अचानक ही आपसे कुछ ऐसी डिमांड करने लगे जो पहले नहीं थी और वो आपके माहौल के बिलकुल विपरीत है तो समझ ले की कोई बाहरी व्यक्ति या महिला उनका दिमाग फेरने में लगी है.
छोटी छोटी बात को लेकर कलह करना, घर वालो की बात न समझना और ज्यादातर बाहर ही रहना इसके खास लक्षण है.
अगर आपके पति और आपके बीच की अनबन की कोई ठोस वजह नहीं है और वो लम्बे समय से सुलझ नहीं रही है तो ये काले जादू का काम है.
काले जादू के जरिये सबसे पहले दिमाग को कण्ट्रोल किया जाता है अगर ऐसे में अपे पति आपकी नहीं सुन रहे है तो उनके साथ बहस न करे बल्कि शांति से इसकी वजह की तलाश करे और समाधान करे.
जहाँ तक हो आपके पति को इस बात का पता न चलने दे की आप ऐसा कुछ कर रहे है वर्ना वे उस व्यक्ति के सामने इसका जिक्र जरुर करेंगे और वो इससे बाहर निकलने में मुश्किलें खड़ी करना शुरू कर देगा.
How to cure Black Magic Symptoms and effect in Hindi
अगर आप काले जादू को तोड़ने के उपाय देख रहे है तो निचे कुछ उपाय शेयर किये जा रहे है जिनके जरिये आप काले जादू को ख़त्म कर सकते है.
ये प्रयोग आपको अमावस की रात्रि में करना है. एक काला धागा ले और उसमे समान दूरी पर 7 गांठ लगा ले. इस धागे के ऊपर 7 सूखी मिर्च को 7 बार घुमाए और फिर उन्हें एक काले कपड़े में लपेट दे. अपने घर के बाहर सुनसान जगह पर इस कपड़े पर तेल डालकर इसे जला दे और काले धागे को अपने Right ankle में बांध ले.
अमावस के दिन 7 अलग अलग लोगो को काले कपड़े का दान करना मुसीबतों को दूर करता है.
अगर आप Black magic symptoms से गुजर रहे है तो भूलकर भी मांस और मदिरा का सेवन ना करे जितना हो सके नशे से दूर रहे क्यों की ये सब Negative energy को attract करते है.
जिस व्यक्ति पर काले जादू का प्रयोग किया जाता है उस व्यक्ति के सर पर घडी की विपरीत दिशा में एक मुठी नमक लेकर 7 बार घुमाए और फिर इसे पानी में बहा दे.
अगर आप अपने घर में भैरव यन्त्र की स्थापना करते है तो ये आपके लिए सही रहेगा क्यों की ये यन्त्र आपके Aura energy field shield को strong बनाता है जो आपको काले जादू का शिकार होने से रोकता है.
कई बार इसका प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और कई Black magic symptoms in body जैसे की बॉडी में चींटी के रेंगने, सनसनाहट जिसका दवाई से कोई समाधान भी नहीं हो रहा है और suicidal thoughts के साथ साथ साँस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है तो जल्दी ही किसी Paranormal expert से मिले जो Black magic symptoms को समझकर cure कर सके.
आपने बहुत से seminar attend किये होंगे जहाँ पर Building Self-Awareness को लेकर काफी activities and exercises बताई जाती है. असल में ये आपके emotional intelligence और self-leadership abilities को मजबूत करने के लिए करवाया जाता है.
आज हम बात करने वाले है How to build self awareness के बारे में जिसमे How to get awareness, Building self-awareness at work को लेकर कुछ secret शेयर किये जायेंगे. यही नहीं हमारा brain किस तरह reprogram किया जा सकता है इसके बारे में भी जानेंगे.
ज्यादातर लोग How to be more self aware को लेकर काफी serious रहते है क्यों वे जानते है इससे क्या किया जा सकता है. आप दूसरो को तब तक नहीं समझ सकते है जब तक की आप खुद को नहीं समझ लेते है.
How to become more self aware को लेकर इतने सारे program और seminar चलाए जाते है, इन सबका एक ही मकसद होता है आपको खुद की पहचान को समझने में हेल्प करना.
अगर कोई आपसे पूछे की आप खुद को कितना जानते है तो क्या जवाब होगा आपका ? क्या आप खुद को अच्छे से जानते है ?
अपनी लिमिट और ताकत इन सबके बारे में हम तब तक नहीं जान सकते है जब तक की खुद को न समझ ले. Developing self awareness को लेकर सबसे बड़ा program होता है meditation and subconscious mind programing ये दोनों ही self awareness को बढाने के लिए सबसे ज्यादा किये जाने वाले अभ्यास है.
इसे consciousness के नाम से जाना जाता है. इसका सीधा सा मतलब है आपके आसपास क्या हो रहा है इसे आप कितना समझ पा रहे है.
जितना ज्यादा हम conscious होते है उतना ही आसपास को लेकर aware रहते है. अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे है मतलब आप unconscious है. आइये जानते है ये हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है और ऐसी कुछ activity क्या है जिनके जरिये हम Self-Awareness को ज्यादा से ज्यादा improve कर सकते है.
what is building Self-Awareness in Hindi
अगर गौर करे तो पाएंगे की हम अपने आसपास हो रही घटनाओं को कितना बारीकी से समझ पा रहे है इसे awareness कहते है.
अगर बात बाहर की ना करते हुए अंतर ( खुद ) की करे तो पाएंगे की हम अपने आप को बहुत कम जानते है. यहाँ पर आप खुद को जितना ज्यादा बेहतर जानते है उतना ही आपका self awareness level होगा.
ये हमारे लिए बेहद जरुरी है क्यों की emotional intelligence, self-leadership, and mature adulthood ये सब इसी से तय होता है.
ये एक skill है जिसे सिर्फ अभ्यास के जरिये develop किया जा सकता है. अगर आप Mindfulness meditation का अभ्यास करते है तो इसे आसानी से अपने अन्दर develop कर सकते है. ऐसी कोई भी activity जो आपको present moment में रखती है ये आपके self awareness को बढ़ाती है.
Why We Lack Self-Awareness
Building Self-Awareness एक skill है ये बात हम सब जानते है लेकिन, क्या आप जानते है की इसे develop करने की 4 basic stage है. ये निम्न है
Stage 1: Unconscious Incompetence
Stage 2: Conscious Incompetence
Stage 3: Conscious Competence
Stage 4: Unconscious Competence
बिना किसी Self-Awareness के आगे बढ़ना बिलकुल वैसा ही है जैसे की बगैर मंजिल के यात्रा करना, अंतहीन यात्रा जिसमे आपको पता ही नहीं की कहा जाना है. शुरुआत में हमें पता नहीं होता है की हम कहाँ स्टैंड करते है लेकिन जैसे जैसे Awareness वैसे वैसे हम हर चीज को क्लियर समझ पाते है.
Unconscious incompetence एक ऐसी योग्यता है जिसमे आपको किसी चीज से जुड़ी जानकारी नहीं होती है और आपको वो करना पड़ता है जैसे की पहली बार खाना बनाना, गाड़ी चलाना.
अगर आपको पहली बार किसी चीज को समझने में दिक्कत हो रही है तो इसका मतलब है की आप किसी चीज को सिखने से खुद को अवॉयड कर रहे है.
ऐसा तभी होता है जब हम नई चीजो को सिखने से खुद को दूर रखते है.ज्यादातर लोग जो जॉब करते है बगैर किसी developing self-awareness के अपनी लाइफ को एक ही तरह से जीते है बगैर कुछ नया सीखे.
हमारा मस्तिष्क किस तरह काम करता है
जब भी हम बात करते है खुद को जानने की तो इसका सीधा सा मतलब है हमारे मस्तिष्क की कार्य प्रणाली के बारे में बात करना.
हमारी culture, Age of Enlightenment (the 1700s) के बाद से ही reason, logic, and cognition पर काम करती है. हमारा मस्तिष्क 3 हिस्सों में बंटा हुआ है
Neocortex: मस्तिष्क का वो हिस्सा जो thinking or learning brain कहलाता है. ये हिस्सा language, thought, and reasoning को control करता है.
Limbic system: इसे emotional centre के नाम से कह सकते है. इसमें value judgments स्टोर होती है साथ ही memories of behaviors जिनसे positive and negative experiences होते है उन्हें भी इसमें शामिल किया जाता है.
Basal ganglia: दिमाग का वो हिस्सा जो subconscious से जुड़ा है. ये हिस्सा awareness से निचे है इसलिए इसमें किसी भी जानकारी को स्टोर करने के लिए आपको अपनी building Self-Awareness को develop करना होगा. ये हिस्सा root of the brain होता है. इस हिस्से में हमारी लाइफ की हर information store होती है जिन्हें आसानी से एक्सेस नहीं किया जा सकता है.
इसके लिए निचे एक चार्ट शेयर किया जा रहा है जिसे आप समझ सकते है.
अगर आप How to become more self aware पर काम करते है तो आपको अपने conscious connection को इन तीनो केंद्र से जोड़ना होगा. Different self-awareness activities हमारे various brain regions को active करती है.
ज्यादातर कोशिश सिर्फ इसलिए फ़ैल हो जाती है क्यों की हम सिर्फ neocortex (thoughts, beliefs, biases) पर ही काम करते है. इस पर पूरी तरह काम करने के लिए आपको sensitivity to our emotions and instincts पर काम करना होगा.
ये वो information है जिन्हें conscious mind आसानी से access नहीं कर पाता है. इसे access करने के बाद ही हम thoughts, beliefs, and biases पर पूरा control हासिल कर सकते है.
इससे पहले की आप self-awareness skills की शुरुआत करे आपको पता होना चाहिए की इसका केंद्र कहाँ है. centering होना building Self-Awareness के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्यों की ये हमारी attention को बढाता है.
ये attention ही है जो हमें learning, understanding and developing में help करती है. इसके लिए Mindfulness Meditation: Developing the Observer की practice को सबसे महत्वपूर्ण बताया जाता है.
वैसे तो ध्यान की हजारो विधि है लेकिन ये meditation practice हमें present moment पर focus होने में मदद करती है. ये विधि एक तरह की observational meditation है जिसमे हम awareness को किसी particular point से ना जोड़कर activity से जोड़ते है.
ये साँस लेना हो सकता है या फिर हमारे आसपास क्या हो रहा है या फिर हमारे दिमाग में क्या चल रहा है.
ध्यान रहे की ये सब हम बिना किसी interfere के करते है. हम सांसो पर ध्यान लगाते है बगैर उसे कण्ट्रोल करने की कोशिश के. जब हम किसी भी activity को बगैर किसी interfere के सिर्फ observe करते है तो ये हमारे awareness को बेहद तेजी से improve करता है.
ये एक बेहद आसान developing self-awareness की process है. इसके साथ ही हमें unique perspective को समझने में मदद मिलती है.
Mindfulness meditation में हम thoughts, feelings, actions, and behavior को monitor नहीं करते है बल्कि सिर्फ होते हुए देखते है. Observational meditation में doer of actions, the thinker of thoughts, and the feeler of feelings के बीच space create करते है.
इसका सीधा सा मतलब है action and reaction के बीच एक गैप बना देना ताकि दोनों एक दूसरे को प्रभावित ना करे.
Self Awareness Activities to Improve Mind-Body Connection
वैसे तो building Self-Awareness की कई ऐसी स्किल है जिनका अभ्यास किया जा सकता है. इन्सान को जानवरों से अलग करता है उनका sense और self awareness जो इंसानी सोच को यूनिक बनाता है. जितना ज्यादा self awareness उतना ही ज्यादा conscious और दूसरो से अलग.
Building Self-Awareness activity में हम body and instincts बीच एक connection बनाते है.
इसके लिए आप Tai Chi, Qigong, or Yoga जैसे अभ्यास कर सकते है जो आपको बाहरी चीजो से हटाकर अंतर से जोड़ता है. सबसे खास बात ये है की इन एक्टिविटी में आपको ना तो कोई special skill चाहिए ना ही इसमें ज्यादा टाइम लगता है.
Self Awareness Exercises to Get to Know Your Personality
आपकी personality और कुछ नहीं collection of patterns है जिसमे अलग अलग तरह के pattern जैसे की thoughts, beliefs, worldviews, feelings, tendencies, and behaviors को स्टोर किया होता है.
इन्हें हम अपने experiences and environment के आधार पर अनुभव करते है. ज्यादातर pattern हमारे surface of awareness के निचे स्टोर रहते है.
जब इन्हें personality में शामिल किया जाता है तो ये हमारी consciousness को बढाने में हेल्प करते है. इसके लिए कुछ खास activity है जिन्हें आप कर सकते है जैसे की
Personality tests कुछ खास एक्टिविटी जो Enneagram and Myers-Briggs से जुड़ी है हमारे dominant patterns of behavior को समझने में मदद करती है.
Strengths assessment किसी भी काम को करने के दौरान हम खुद की strengthen का इस्तेमाल किस तरह करते है ये हमें Strengths assessment के जरिये समझने में हेल्प मिलती है.
Self-reflection हर रोज शाम के दौरान खुद को एकांत में समय दे और सोचे की आपके behavior में किस तरह के बदलाव नोटिस हुए है. कल आपका behave कैसा था और आज कैसा था ये सब हमें self reflection activity के जरिये समझने में help मिलती है.
Personal values ये जानने की कोशिश करे की आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है? जब हम अपने personal values को लेकर self aware होते है तभी हम लाइफ में उसके साथ साथ बढ़ पाते है.
Personal vision हम सब अपने भविष्य की एक कल्पना हमेशा रखते है. इस तरह का self-actualizing individuals हमारे sense of destiny को दर्शाता है.
Journaling अपने activity, thoughts को एक journal में लिखना सबसे अच्छा building Self-Awareness practice है.
Personal narrative आपकी लाइफ का fundamental component आपके personality पर निर्भर है. हमारी खुद को लेकर क्या सोच है ये हमारे personality को निर्धारित करती है.
Shadow work हमारी हर सोच के 2 पहलू होते है जिसे Shadow work का नाम दिया गया है. रिजल्ट पर पहुँचने से पहले हमें इसके जरिये किसी एक पहलू को accept करना होता है.
Inner Dialogue हमारे अंतर की आवाज के भी अपने thoughts, feelings, and behaviors है जिन्हें समझ कर हम journal बना सकते है और आगे बढ़ सकते है.
Observe others हम सब personality में अलग है इसलिए कई बार खुद को समझने के लिए हमें दूसरो को भी समझना होता है. इससे हमें अलग अलग लोगो को समझने और खुद को मजबूत करने में मदद मिलती है.
Building Self-Awareness with a Digital App
Quantum resonance technology एक ऐसी तकनीक है जो digital images and sound files के साथ specific energy signatures को encode करने का काम करती है. इसके रिजल्ट को Digital Mandalas कहते है.
इसमें एक आर्ट के साथ आपको अलग अलग तरह की energy signature layer देखने को मिलती है. आज के टाइम में self-development में ऐसी कई तकनीक है जो काफी अच्छा काम कर रही है.
Binaural beats भी एक तरह का energy signature है जिसे हम sound और frequency के रूप में देखते है.
यहाँ कुछ खास तरह के Rare The brainwave pattern को इस्तेमाल किया जाता है जो Awaken the Mind में अहम् रोल निभाते है. इनका सबसे बड़ा फायदा ये है की आप इन्हें normal conscious state में भी इस्तेमाल कर सकते है.
हम दूसरो के जरिये भी अपने awareness, responsibility, and self-belief को strong बना सकते है. अगर आप shadow work practice करते है तो आपको इंसानी प्रकृति के बारे में अच्छे से पता होगा.
हम दूसरो को बड़ी आसानी से जज कर सकते है सिवाय खुद के. दूसरो को observe कर हम कुछ नया सीख सकते है और अपने अन्दर implement कर building Self-Awareness को सीख सकते है.
अगर आप दूसरो की मदद ले रहे है तो उनसे इस तरह के सवाल पूछ सकते है जैसे की
उनके अनुसार आपके अन्दर कौनसी ऐसी आदत है जो आपके potential को लिमिट कर दे रही है.
जब वो आपसे बात करते है तो कैसा महसूस करते है.
उनकी नजर में आप कैसे है और आपकी कमजोरी क्या है जिसमे आपको सुधार करना चाहिए.
अगर उन्हें किसी को आपके बारे में बताना पड़े तो क्या बतायेंगे.
क्या कुछ ऐसा है जिसे आप टालना पसंद करते है ये सोच कर की में उस पर किस तरह react करूँगा.
आपके आसपास रहने वाले भी आपको building Self-Awareness में हेल्प कर सकते है. बशर्ते वो आपके लिए सोचते हो और परवाह करने वाले हो न की toxic people or relationship जो आपको परेशान करने वाले हो.
Recap: Developing Self-Awareness Skills final word
How to build self awareness एक skill है जिसे practice के जरिये build किया जा सकता है. ये न सिर्फ हमारे behavior को monitor करती है बल्कि motives and ourselves को समझने में भी मदद करती है.
किसी भी स्किल को सीखने के लिए right methods combined with consistent practice की जरुरत होती है.
हम जितना ज्यादा खुद को observe कर सकते है उतना ही हमारे thoughts, feelings, and actions के बीच gap होगा जो की हमें stress लेने, परेशान होने से रोकेगा.
अगर आप building Self-Awareness की शुरुआत करना चाहते है तो इसे अपने daily life का हिस्सा बना ले.
इसके लिए अलग से कोई meditation practice, seminar, session लेने की जरुरत नहीं है. अगर मदद की जरुरत हो तो आपके आसपास ऐसे लोगो का चुनाव करे जो आपको समझते हो और आपकी परवाह करते हो.
जितना ज्यादा toxic relationship से दूर रहेंगे उतना ही आपके जानने वाले सही लोग का चुनाव कर पाएंगे.
अगर आप Third eye awakening में interest रखते है तो सबसे पहले आपको activate pineal gland process को daily life style में शामिल करना होगा. ये एक ऐसी process है जो आपको alter of reality को समझने में मदद करती है.
इसके अलावा Spiritual path पर आगे बढ़ने में भी मदद करती है. सब जानते है की Conscious mind and Subconscious mind ये दोनों हिस्से ही ब्रेन में किस तरह function करते है आज भी इस स्टडी चल रही है.
आज science ने काफी तरक्की कर ली है लेकिन Human brain आज भी एक रहस्य बना हुआ है. इसकी तुलना Universe से की जाती है क्यों की जिस तरह Universe Infinite है वैसे ही इंसानी मस्तिष्क कई रहस्य लिए हुए है.
हम Pineal gland activation के बारे में जानने वाले है. ज्यादातर Spiritual practice करने वाले लोग इसका अनुभव करते है. ये एक ग्रंथि है जिसका जुड़ाव छटी इंद्री से माना जाता है.
वैज्ञानिक नजरिये से देखे तो ये ग्रंथि melatonin नाम का एक Hormone release करती है जो sleep patterns को change करने में help करता है.
Pineal gland को “pineal eye” or “the third eye” के नाम से भी जाना जाता है जो हमारे Mind brain की जगह पर स्थित है.
हमारी बॉडी में pineal gland काफी महत्वपूर्ण रोल निभाता है जैसे की bio-rhythms of the body को manage करना, thirst, hunger, desire and the biological clock को maintain करना जो उम्र में रोल अदा करती है.
How to activate pineal gland
पीनियल ग्रंथि को जाग्रत करने के 2 अलग अलग तरीके है जैसे की पहला The sunlight produces जिसे Serotonin के नाम से जानते है और दूसरा The darkness and the moon produces जो Melatonin कहलाती है.
दोनों ही तरीके से पीनियल ग्रंथि को trigger किया जा सकता है. इसे समझने के लिए आपको Pseudoscience theory को जानना होगा.
इस ग्रंथि की लोकेशन को ब्रेन में काफी गहराई में देखा जाता है. इसका क्या उदेश्य है इसका कोई सटीक जवाब नहीं मिला है लेकिन Spiritual practicenor इसे physical and spiritual realm के बीच एक तरह का connector मानते है और spiritual experience के लिए इसका जागरण काफी महत्वपूर्ण है.
वैसे तो ये ग्रंथि self-regulating होती है लेकिन ये कई बार Inactive state में भी हो जाती है.
अगर आपको Meditation practice, OBE, Astral travel experience करने में problem आ रही है तो आपको समझ जाना चाहिए की आपका Pineal gland inactive है या फिर आपकी Daily life activity की वजह से Suppressed हो चूका है.
इसके दूसरे लक्षण भी है जैसे की falling asleep, feel tired, anxious or depressed ये ऐसे symptom है जो आपको Inactive pineal gland की वजह से सामना करने पड़ते है. अगर आप अपने Pineal gland को activate करना चाहते है तो इसके लिए आपको कुछ खास अभ्यास करने चाहिए.
How to activate pineal gland fast
वैसे तो Psychic ability powers को activate करने का कोई shortcut नहीं है लेकिन अगर आप में धैर्य है तो आप Top 5 method to activate Pineal gland को follow कर सकते है. यहाँ हम Pineal Gland Activation 5 powerful exercises के बारे में बात करेंगे जिनमे मैडिटेशन शामिल है.
ये 5 Transformative Methods आपके Sixth sense को trigger करने का काम करते है जिसकी वजह से आप Special psychic ability को active रख सकते है.
इनमे आपको कई आदत का बदलाव करना होता है. अगर आप चाहते है की आपका Sixth sense or inner vision लगातार active रहे तो इसके लिए आपको अपने लाइफस्टाइल को बदलना होगा.
आइये जानते है उन 5 तरीको के बारे में जिनके जरिये हम Pineal gland activation fast process को follow कर लम्बे समय तक इसे बनाए रख सकते है.
Meditation Practice for active sixth sense
Meditation आज भी most traditional method of opening third eye माना जाता है. अगर आप mindfulness meditation practice करते है तो ये आपके pineal gland’s functioning and abilities को affect करता है और आप लम्बे समय तक इसका फायदा ले सकते है. जब हम ध्यान करते है तब हम पीनियल ग्लैंड को ही उर्जा भेजते है.
जब पीनियल ग्लैंड active होता है तब हमें माथे में खिंचाव, वाइब्रेशन जैसे अनुभव होते है. इसका अनुभव एक चक्र जागरण के अनुभव की तरह है. ये उर्जा हमें Psychic ability को active करने में मदद करती है जैसे की clarity and intuition और इसका सीधा असर हमारे Conscious life पर पड़ता है.
हमारे बॉडी में मुख्य चक्र 7 है जो managing and creating life-force energy का काम करते है यानि प्राण उर्जा का सही प्रवाह. Mindfulness meditation के जरिये हम इस process को सही तरीके से कर पाते है जिसकी वजह से Chakra function सही से काम करना शुरू करते है.
अगर आप इस मैडिटेशन के बारे में ज्यादा जानना चाहते है तो इस पोस्ट Mindfulness meditation Practice at home को पढना न भूले.
वैसे तो हम कुण्डलिनी योगा के बारे में पहले ही बता चुके है लेकिन activate pineal gland में इसका रोल भी जान लेते है.
Kundalini awakening हमारी लाइफ को काफी तरीको से प्रभावित करती है. इसका सबसे ज्यादा असर spiritual path की प्रैक्टिस करने वाले साधक महसूस करते है.
कुण्डलिनी योगा न सिर्फ हमारे पीनियल ग्लैंड को जाग्रत करती है बल्कि body’s chakra points को भी सही function करने में help करती है जो सीधे life force energy को target करती है.
कुण्डलिनी शक्ति को किसी नाग के फन के साथ तुलना करते है जैसे ये ऊपर उठती है वैसे वैसे लाइफ में बदलाव देखने को मिलते है.
सामान्य स्थिति में हमारी कुण्डलिनी उर्जा सबसे निचे के Spinal cord में सुप्त अवस्था में होती है. जब इस हिस्से को प्राण उर्जा के जरिये trigger करते है तब काफी बदलाव देखने को मिलते है.
सप्त चक्र भेदन की प्रक्रिया में ये हमारे Third eye chakra को भी ओपन करती है और इसी समय ये पीनियल ग्लैंड की उर्जा को भी प्रभावित करती है. ये तरीका काफी एडवांस है और अकेले में ना करे तो ही बेहतर है.
3 Brainwave Entrainment
Binaural beats आज सबसे ज्यादा Subconscious mind programming में काम में ली जाती है. ये 2 ऐसे waves pattern से मिलकर बनती है जो हमारे ब्रेन के 2 हिस्सों को एक साथ प्रभावित करती है.
जब दोनों कानो में अलग अलग waves गुजरती है तब हमारे brainwave patterns में बदलाव आना शुरू हो जाता है.
वास्तव में ये एक brainwave entertainment technology है जो हमारे ब्रेन को 2 अलग अलग state में रखने के लिए डिजाईन की गई थी. हम सब जानते है की ब्रेन के 2 हिस्से अलग अलग function करते है.
एक समय में एक हिस्सा अच्छे से परफॉर्म करता है और ये Binaural beats दिमाग के दोनों हिस्सों को एक साथ active करती है. इस बात को वैज्ञानिक तरीके से साबित किया जा चूका है.
हालाँकि इस बात में अभी भी संदेह है की वाकई में ये सीधे तौर पर process of activate pineal gland में कोई रोल निभाती है या फिर ये किसी और वजह से active रहते है.
इस बात को समझने के लिए आपको ये जानना जरुरी है की हमारा ब्रेन अलग अलग अवस्था में अलग अलग waves release करता है.
The brain waves जिसे हम deep, dreamless sleep के दौरान release करते है वो delta waves होती है.
Active frequency जो की REM stage of sleep के दौरान release होती है वो theta and gamma waves होती है.
यहाँ पर अलग अलग Frequency के आधार पर अलग अलग Binaural beats को डिजाईन किया जाता है और उसी आधार पर ये काम करती है. सीधे तौर पर समझे तो काम हमारे Brain waves के जरिये होता है लेकिन उन्हें Regulate and control करने का काम ये बीट्स करती है.
सूर्य त्राटक एक ऐसा Gazing meditation है जो आपकी आँखों की शक्ति बढाता है. सीधे तौर पर सूर्य की ओर देखने की मनाही होती है क्यों की इससे निकलने वाली Ultravoilet ray हमारी आँखों के लिए नुकसानदायी होती है.
सुबह और शाम को जब सूर्य उदय और अस्त होता है ये ऐसा समय होता है जब Ultraviolet ray बेहद निचे के स्तर पर या ना के बराबर होती है.
इस दौरान किया गया अभ्यास आपके Pineal gland activation fast की प्रक्रिया को सफल बना सकता है.
अभ्यास को शुरुआत में सिर्फ कुछ सेकंड के लिए करे और फिर इसे 15 मिनट तक ले जाए. 15 मिनट का मतलब लगातार एक ही बार में 15 मिनट का अभ्यास नहीं है बल्कि कुछ देर देखने के बाद आंखे बंद कर अपने आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाना है.
इसका अभ्यास 2 तरह से किया जा सकता है. पहला शुरू में पानी के अन्दर देखते हुए Sun gazing practice करना और फिर सीधे तौर पर त्राटक करना.
दूसरा तरीका है पहले किसी चश्मा के जरिये त्राटक करना और फिर सीधे बिना चश्मे के अभ्यास करना. दोनों ही तरीके से अभ्यास किया जा सकता है और मनचाहे परिणाम हासिल किये जा सकते है.
Qigong
Qigong का मतलब है “life energy cultivation” or “energy skill.” यानि उर्जा से जुडा अभ्यास. आपने कई मूवी में देखा होगा की Physical movement के साथ हीरो Life force को मूव करवाते हुए उसे काम में लेता है.
activate pineal gland का सबसे बड़ा example है हॉलीवुड की मूवी The last airbender और हकीकत में ऐसा करना संभव है.
इस अभ्यास में हम gentle physical motions and breathing के जरिये Life force को मूव करना सीखते है. सबसे अंत में हम मूव की जगह मानसिक अभ्यास के जरिये Life force को मूव कराते है.
ज्यादातर लोग blocked energy meridians and centers की problem से गुजरते है जिसकी वजह से Chi energy को vital glands in the endocrine system तक पहुँचने में problem होती है.
Qigong की process हमें Chi energy को full body flow में help करती है और activate the pineal gland की process को आसान बना देता है.
activate pineal gland with DMT (dimethyltryptamine) एक तरह का psychedelic drug है, हालाँकि ये प्राकृतिक तरीके से हमारे Pineal gland में produce होती रहती है जिसकी वजह से साधक एक मदहोशी की अवस्था में लम्बे समय तक रहते है.
इस ड्रग का मुख्य काम perception, mood, consciousness, cognition, and behavior में बदलाव करना है.
कई और तरीके है जिनके दौरान ये तत्व पैदा होता है जैसे की Deep meditation, birth, intense physical stress, and near-death experiences और इन सबके दौरान हमारे behavior में बदलाव होने की वजह भी ये होता है.
जब हम सो रहे होते है और सपने देखते है उसी दौरान बेहद कम मात्रा में ये produce होता है.
Third eye activation meditation के दौरान ये release होता है और इस वजह से हम Trance state experience करते है.
How to Detoxify pineal gland
अगर आप sixth sense activation का अभ्यास कर रहे है तो आपको सबसे पहले अपने पीनियल ग्लैंड को साफ करना होगा और किसी भी तरह के ब्लॉकेज को दूर करना होगा.
बगैर इसके तीसरे नेत्र को जागरण करने की कोशिश आपको mental shock attack दे सकता है जिसकी वजह से आप मानसिक तौर पर unstable हो सकते है.
पीनियल ग्लैंड किसी तरह के प्रोटेक्शन या बाधा में नहीं रहता है जिसकी वजह से इसे प्रभावित करने वाले कारक आसानी से इसे कमजोर बना देते है. सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला कारक synthetic fluoride है जो पीनियल ग्लैंड को हार्ड बना देता है.
इसकी वजह से melatonin production में रूकावट पैदा होती है और wake-sleep regulation बिगड़ जाता है, यही नहीं psychic insight भी इसकी वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है.
Toothpaste and tap water ये दो ऐसे तत्व है जिनमे synthetic fluoride सबसे ज्यादा होता है और हमारे दैनिक लाइफस्टाइल में हमें प्रभावित करता है. अगर आप Natural activate pineal gland चाहते है तो आपको 3 आदतों में बदलाव लाना होगा.
Stop using fluoride toothpaste नीम की दातुन का इस्तेमाल करे
Filter your water naturally सीधे तौर पर पानी का इस्तेमाल करने से बचे
Whole or/and raw foods खाने की चीजे जितनी हो सके फ्रेश ले.
इसके अलावा turmeric, cacao beans, green plants and vegetables, wild harvested spring water, reishi mushroom tea, grass juices, beets, apple cider vinegar ये ऐसे फूड्स है जो activate pineal gland process में मदद करते है.
Foods and supplements that activate the pineal gland
कुछ ऐसे खाने पिने की चीजे आपको अपने लाइफस्टाइल में शामिल करनी चाहिए जो सीधे तौर पर पीनियल ग्लैंड को active करती है. इसमें
Iodine लेना ना भूले. इसके साथ ही ये भी निश्चित करे की आप भरपूर मात्रा में कैल्शियम की आपूर्ति भी कर पा रहे हो.
अगर आपको fluoride exposure से बचना है तो खाने में हल्दी को शामिल करे. इसमें मौजूद curcumin नाम का तत्व आपके पीनियल ग्लैंड को active रहने में मदद करता है.
Raw cacao का इस्तेमाल हमारे ब्लड प्रेशर को control करता है जिसकी वजह से blood vessel health मजबूत होती है.
इमली का सेवन करना बॉडी को detox करने में मदद करता है. ये यूरिन के जरिये fluoride exposure को बॉडी से बाहर निकाल देता है.
Raw Apple Cider Vinegar ये एक प्राकृतिक तरीका है जो बॉडी को detoxify, cleanse करने का काम करता है.
Green Super foods ऐसे फ़ूड जिनमे chlorophyll की मात्रा होती है बॉडी में से heavy metals को बाहर निकालने का काम करती है.
ये सब ऐसे लाइफ स्टाइल बदलाव है जो आपको Naturally activate pineal gland में मदद करते है.
वैसे तो हम सब जानते है की Third eye awakening के बाद हमें Psychic powers को use करने की ability मिलती है लेकिन इसके और भी कई फायदे है जैसे की
activate pineal gland through Lucid dream and astral travel करने में सफलता मिलना. जब हम higher level of awareness को achieve कर लेते है जो की Pineal gland activation की वजह से होता है तो मनचाहे तरीके से Lucid dream experience के साथ साथ Astral travel को किया जा सकता है.
Free from stress, anxiety or worry जब हम higher level of consciousness की अवस्था में होते है तब हम Vibration of thoughts को पकड़ना और समझना शुरू कर देते है. Higher vibrational thinking हमेशा वर्तमान पर focus रहती है जिसकी वजह से हम Unwanted intrusive thoughts में फंसने से खुद को बचाते है.
Awaken your higher intuition जब पीनियल ग्लैंड जाग्रत अवस्था में होता है तब हम another layer of reality को explore करते है जो हमेशा हमारे आसपास होती है लेकिन हमें इसका पता नहीं होता है.
power of the law of attraction इसके बारे में कौन नहीं जनता है सब चाहते है की उनके लिए ये काम करे लेकिन कैसे ये सिर्फ आप activate pineal gland process के बाद ही समझ पाते है और अपनी desire को menifest कर पाते है.
ये सब वो benefit है जो हमें Third eye activation के दौरान मिलना शुरू हो जाते है.
The Third Eye Meditation Guide
अगर आप Third eye awakening में रूचि रखते है तो सबसे पहले आपको activate pineal gland के बारे में जान लेना चाहिए की इसके लिए आपके अन्दर निम्न तरह की quality होना बेहद जरुरी है.
non-attached
present
centered
balanced state
सिर्फ यही quality है जो आपको इस अभ्यास में सफलता दिला सकती है वर्ना आप Third eye awakening side effect में फंस सकते है.
अभ्यास के लिए आपको कम से कम 30-60 minute खुद को देने होते है. अभ्यास की शुरुआत आप निम्न स्टेप में करे.
सबसे पहले किसी comfortable place की पहचान करे.
खुद को relax करे.
अपनी सांसो पर ध्यान focus करे और इसके स्तर को धीमा कर दे.
तीसरे नेत्र की जगह पर ध्यान का अभ्यास करे.
तनाव ना ले और खुद को relax बनाए रखे.
अपने चारो और एक सुनहले या सफ़ेद उर्जा के घेरे को महसूस करे.
धीरे धीरे खुद को active बनाए और अभ्यास से बाहर निकले.
ये अभ्यास आपको धीरे धीरे पहले activate pineal gland process को complete करने में मदद करता है, किसी भी तरह के ब्लॉकेज को दूर करता है और Intuition को समझने में मदद करता है. इसके साथ ही आप Higher level of consciousness को भी experience कर पाते है.
How to activate pineal gland without any risk conclusion
Third eye awakening को simple बनाने के लिए आपको activate pineal gland process से गुजरना होता है. अपने लाइफ स्टाइल में बगैर बदलाव किये आप इसे आसान नहीं बना सकते है.
ज्यादातर लोगो को लगता है की वे अपने Highest potential को इस्तेमाल नहीं कर पा रहे है जिसकी यही वजह रहती है. जब तक pineal सही तरह से function नहीं कर पाता है तब तक हम full potential पर work नहीं कर सकते है.
Pineal gland activation की process हमें न सिर्फ Spiritual बनाता है बल्कि let and go जैसी भावना को establish करने में भी मदद करता है. अगर आप Third eye activation को और ज्यादा समझना चाहते है तो बाकि की पोस्ट को पढना न भूले.
कई बार चलते चलते ही हमें सबकुछ धुंधला धुंधला दिखाई देने लगता है या फिर शरीर या दिमाग कुछ देर के लिए सुन्न हो जाता है. इस दौरान हमें किसी तरह का होश नहीं रहता है और न ही हम खुद को कण्ट्रोल कर पाते है. ऐसा अक्सर उन लोगो के साथ होता रहता है जिन्हें पानी की कमी या खून की कमी होती है.
इस वजह से कुछ समय के लिए जब दिमाग सही तरह से काम नहीं कर पाता है तो blackouts period का सामना करना पड़ता है. ये एक ऐसी medical condition है जिसमे हम कुछ समय के लिए खुद पर कण्ट्रोल खो देते है.
Loss of consciousness or complete or partial memory loss ऐसे कुछ लक्षण है जो इस पीरियड में notice किये जा सकते है.
आमतौर पर चक्कर आना या बेहोश हो जाना ये दोनों ही ब्लैक-आउट की जैसी स्थिति लगती है लेकिन ब्लैकआउट में हमारा brain सही तरह से function नहीं कर पाता है जो या तो पानी की कमी के कारण होता है या brain तक खून की regular supply की कमी की वजह से होता है.
शुरू में ये कुछ सेकंड के लिए होता है जो आगे चलकर मिनट तक बना रह सकता है और इस दौरान हम क्या करते है या आसपास क्या होता है इसका हमें कोई होश नहीं रहता है.
अगर आप इसे एक छोटी सी बात मानकर ignore कर रहे है तो ऐसा करना आपके लिए घातक हो सकता है क्यों की ये हमारे लिए memory loss or unconscious state की problem create करता है जो की serious medical problem होती है.
आज हम बात करेंगे इसके लक्षण, बीमारी या घटक जिनकी वजह से ऐसा होता है और इसके सही ईलाज के बारे में.
What are blackouts?
ब्लैक-आउट एक periods of unconsciousness or memory loss होता है जिस दौरान हम खुद पर conscious or unconscious control नहीं रख पाते है.
इस समय हम unconsciousness or lack of awareness की state में होते है जिस दौरान हमें होश नहीं रहता है की क्या हो रहा है या फिर हम क्या कर रहे है.
इसकी कई सारी वजह हो सकती है जैसे की brain damage, drug side effects, excessive alcohol consumption या फिर कुछ ऐसे disorders जो brain function को affect करते है जैसे की epilepsy. Blackouts को Fainting जिसे मेडिकल भाषा में syncope के नाम से भी जाना जाता है. ये ऐसी कंडीशन को दर्शाता है जो ब्लैक-आउट के दौरान होती है.
अगर बात करे शारीरिक तौर पर तो इसकी कई सारी वजह सामने आती है जैसे की
Cardiac arrhythmias (abnormal heart rate or rhythm) धड़कन में अनियमित उतर चढ़ाव
Abnormalities of the heart muscle or valves दिल का ठीक तरह से function ना कर पाना.
Condition called postural hypo-tension जिसमे हम अचानक बैठे बैठे ही उठ जाते है तब दिमाग तक Blood supply में आने वाली problem की वजह से अचानक ही सुन्न पड़ जाना.
ब्लैक-आउट की मुख्य वजह है हमारे दिमाग तक खून का सही सप्लाई ना हो पाना. ये समस्या उन लोगो के साथ अक्सर होती है जिनमे खून की कमी होती है, लम्बे समय तक बैठे काम करते है या फिर Physical workout ना के बराबर करते है. इसके अलावा ऐसे कई symptom होते है जो memory loss जैसी स्थिति के साथ होते है.
What other symptoms might occur with blackouts?
ब्लैक-आउट के साथ होने वाले symptom कई disease, disorder or condition पर निर्भर करते है जैसे की Nervous system symptoms और लगभग 70% symptom आपको nervous breakdown की वजह से होते है.
Changes in hearing, taste or smell सुनने में, टेस्ट में या फिर स्मेल में बदलाव
mood, personality or behavior में बदलाव
Depression तनाव
Difficulty speaking बोलने में परेशानी
Dizziness or vertigo
Head injury सर में किसी तरह की चोट
Headache सरदर्द
Loss of vision or changes in vision देखने में समस्या होना
Memory loss चीजो को याद ना रख पाना
Muscle twitching, spasms or seizures मांस-पेशियों में जकड़न
Perspiration
कुछ ऐसे लक्षण भी है जिन्हें आप Blackouts के दौरान notice कर सकते है जैसे की Body aches, Fever सरदर्द, Nausea with or without vomiting जी घबराना, Palpitations, Weight loss वजन में कमी जिसमे सबसे ज्यादा आप जी घबराने की समस्या को देख सकते है.
ऐसे भी कुछ Serious symptoms है जिन्हें समय रहते सही ना किया जाए तो हमारे लाइफ के लिए ख़तरा बन सकते है.
Level of consciousness or alertness में बदलाव जैसे की passing out or unresponsiveness यानि ऐसी स्थिति जिसमे हम पूरी तरह अपने आसपास से unaware होते है.
mental status या फिर sudden behavior change होना जैसे की confusion, delirium, lethargy, hallucinations and delusions
Chest में दर्द या दबाव को महसूस करना
बोलने में असमर्थ हो जाना
अचानक ही बुखार का उच्च स्तर पर हो जाना
Paralysis या फिर किसी एक बॉडी पार्ट को मूव न कर पाना
साँस ना लें पाना जैसे की shortness of breath, difficulty breathing or inability to breathe, labored breathing, wheezing, or choking
Seizure
रह रह कर सर दर्द होना
इन लक्षण को समय रहते सही ना किया जाए तो हमारे लिए permanent injury भी बन सकते है.
What causes blackouts?
मुख्य रूप से इसका संबध brain से है. ऐसी problem जिनकी वजह से brain function खासकर nervous system and blood supply पर असर पड़ता है ब्लैक आउट की स्थिति को पैदा करती है. कई बार traumatic event या फिर Past life regret की वजह से भी ब्लैक आउट जैसी कंडीशन सामने आ सकती है.
इसकी कई वजह है जिन्हें अगर मुख्य रूप से देखे तो Traumatic causes, Substance-related causes, Disease and disorder causes of blackouts के अलावा Serious or life-threatening causes शामिल है. आइये जानते है इनके बारे में.
Traumatic causes
किसी तरह की Complications of brain surgery
Concussion
Electroshock therapy
Injections and innoculations
Mild head injury
Phlebotomy (drawing a blood sample)
Traumatic emotional event
Substance-related causes of blackouts
ऐसी कई चीजे है जिनकी वजह से ब्लैकआउट की स्थिति बनती है जिसमे Alcohol intoxication, Medication side effects, जैसे की the side effects of cancer treatments or seizure medications, या फिर anesthesia, Poisons जैसी दवाई का इस्तेमाल करना.
कई बार cleaning chemicals or pesticides, Recreational drug की वजह से भी nervous breakdown जैसी स्थिति देखी जा सकती है जो Blackouts का कारण बनती है.
बीमारिया और डिसऑर्डर जिनकी वजह से ब्लैकआउट होता है
खून की कमी Anemia
Brain or spinal cord injury or tumor
Cardiac arrhythmia
पानी की कमी Dehydration
Dementia
ज्यादा तनाव Depression
Encephalitis
Epilepsy (disorder characterized by recurrent seizures)
Infections of the brain दिमाग में किसी तरह का इन्फेक्शन
Nutrient deficiency
Parkinson’s disease
Postural hypotension
Vasovagal syncope
अगर आप इनमे से किसी भी तरह की मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे है तो इस बात के चांस बढ़ जाते है की आपको ब्लैकआउट की स्थिति का सामना करना पड़े.
ब्लैक-आउट से जुड़ी कुछ खतरनाक वजह
irregular heartbeats
दिल की मसल्स का कमजोर होना
Epilepsy
Heart valve में किसी तरह की कमी
Myocardial infarction (heart attack)
Seizures
Severe infection
Stroke खून के ब्लॉक होने की वजह से स्ट्रोक आना
Traumatic injury
इस तरह की बीमारी या लक्षण बहुत ज्यादा सीरियस कंडीशन होते है. अगर आप इन मेडिकल कंडीशन से गुजर रहे है तो बेहतर होगा की आप कुछ खास सवालों की पहचान कर ले.
क्या Blackouts की स्थिति के टाइम आप चीजो को, घटनाओं को याद रख पा रहे है ?
इसके तुरंत बाद आप क्या करते है क्या ये आपको याद रहता है ?
ब्लैक आउट के ठीक पहले आप क्या कर रहे थे ?
किस तरह की दवाई आप इस्तेमाल कर रहे है ?
आपने लास्ट टाइम ड्रिंक कब लिया था ?
ये कुछ ऐसे सवाल है जिनके जवाब के आधार पर Blackouts के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त कर सकते है.
कुछ जटिल परेशानी जिनका सामना करना पड़ सकता है
ऐसी कई complications of blackouts है जिनकी वजह से भी हमें serious problem हो सकती है. ये अलग अलग कारण और लक्षण पर निर्भर करता है. कई बार serious diseases जिनका सही समय पर समाधान नहीं हो पाए तो permanent damage की वजह बन सकता है. इससे बचने के लिए health care professional द्वारा सुझाया गया सही ईलाज लेते रहे.
Brain damage, blackout episode के दौरान होने वाली दुर्घटना, Neurological problems जैसे की memory loss and confusion, Permanent nerve damage जिसमे paralysis शामिल है ये वो serious medical condition है जो सही ईलाज ना ले पाने की वजह से होते है.
ज्यादातर इसकी वजह पानी की कमी या खून के प्रवाह में आने वाली रूकावट होती है. दिमाग के ठीक तरह से function ना कर पाने की वजह से ये problem शुरुआत में temporary होती है जो आगे चलकर permanent damage में बदल जाती है.
How to get help during blackouts period final conclusion
कई बार चलते चलते या काम के दौरान ही हमें दिमाग के सुन्न होने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है. बैठे बैठे अचानक ही खड़े हो जाने पर दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा है तो जितना जल्दी हो सके health care professional से मिलकर Blackouts treatment ले क्यों की इसमें की गई देरी आपको permanent damage की वजह बन सकती है.
शुरुआत में भले ही ये बेहद कम स्तर पर दिखे लेकिन आगे चलकर ये हमारे लिए स्थायी memory loss की वजह बन सकता है.
कई बार इसकी वजह से serious damage or injury जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है. जब हम blackouts period में होते है हमें किसी तरह का होश नहीं होता है ना ही हमारा खुद पर कोई कण्ट्रोल जिसकी वजह से कोई भी दुर्घटना हो सकती है.
इसलिए इसे कभी भी ignore ना करे. आमतौर पर पानी की कमी, खून की कमी और सही प्रवाह को कण्ट्रोल कर आप इससे निजात पा सकते है लेकिन अगर ये किसी और वजह से हो रहा है तो समय रहते इसका ईलाज लेने की कोशिश करे.
अभी तक आप ने Vashikaran using a mobile photograph के बारे में काफी कुछ पढ़ा और सुना है. हम किसी भी व्यक्ति के नाम और फोटो के जरिये वशीकरण कर सकते है.
हर कोई व्यक्ति फोटो का प्रिंट नहीं ले सकता है लेकिन, मोबाइल में फोटो जरुर मिल जाएगी ऐसी स्थिति में Is Vashikaran Possible By Using Mobile Photo जैसा सवाल हर किसी के मन में आता है.
आज हम Simple but powerful Vashikaran Using Mobile Photo pryog के बारे में बात करने वाले है. इस आर्टिकल में हम जानेंगे How to do Vashikaran on boyfriend by photo at home in Hindi जिसमे कुछ आसान तरीके के बारे में बात करेंगे.
अगर आप वशीकरण के बारे में जानते है तो आपको मालूम होगा की वशीकरण के अलग अलग तरीके है जिनके जरिये वशीकरण किया जा सकता है. वैसे देखा जाए तो अगर हम किसी भी प्रयोग का बेसिक सिद्धांत जान ले तो अलग अलग तरीको से एक ही रिजल्ट हासिल करना आसान हो जाता है.
आज की पोस्ट Mobile ki photo se kare Vashikaran ऐसे ही एक सिद्धांत के बारे में है.
अगर आपके मोबाइल में आपके Boyfriend or Girl-friend की फोटो है तो आप घर बैठे कुछ Simple vashikaran tone and totke कर सकते है. सबसे पहले तो हम आपके सवाल Is Vashikaran Possible By Using Mobile Photo को क्लियर कर देते है.
ये संभव है की हम मोबाइल की फोटो से भी वशीकरण कर अपने प्यार को दोबारा हासिल कर सकते है.
ये एक common attraction spell to cast an Akarshan Spell है जो किसी भी person पर cast की जा सकती है. इस तरह की most effective kinds of Vashikaran Tantra का use ऐसी स्थिति में किया जाता है जहाँ पर आप अपने Lover से दूर होते है.
Vashikaran by Photo Mantra Experiment को सबसे आसान इसलिए माना जाता है क्यों की इसे पूरा करने में मुश्किल से कुछ मिनट ही लगते है.
Vashikaran using a mobile photograph
अब जब हम Is Vashikaran Possible By Using Mobile Photo के बारे में सब कुछ जान चुके है. आज जिस विधि के बारे में हम बात कर रहे है वो और कुछ नहीं बल्कि Beej Mantra of the Goddess Kali Mata है.
हम सभी जानते है की माँ काली के मंत्र काफी प्रभावशाली होते है और अगर बीज मंत्र का प्रयोग किया जाए तो रिजल्ट मिलना और भी आसान हो जाता है.
अगर आप भी How to do Vashikaran on boyfriend by photo at home के बारे में जानना चाहते है तो सबसे पहले ये जान लेते है की आखिर इसमें खास क्या है.
Vashikaran using a mobile photograph जो की Simple Vashikaran beej mantra pryog है इसके लिए किसी भी पूजा पाठ की जरुरत नहीं है. इसके अलावा ये प्रयोग सिर्फ कुछ मिनट का ही है जिसकी वजह से कम समय में आप इसे पूरा कर सकते है.
इस प्रयोग को रात को सोने से पहले किया जाता है और इसके लिए आप अपने मोबाइल में अपने लवर की फोटो देखते हुए माँ दुर्गा के बीज मंत्र का जाप करते हुए Very powerful attraction spell को cast करते है.
इस Vashikaran By Photo Mantra Experiment को authentic Vashikaran Mantra Prayog मानकर प्रयोग कर सकते है क्यों की इसका जिक्र शाबर मंत्र प्रयोग में देखने को मिला है.
How to Vashikaran using a mobile photograph
अपने प्यार को वापस पाने के लिए वशीकरण प्रयोग में ये सबसे आसान उपाय में से एक है क्यों की सिर्फ कुछ मिनट के प्रयोग में ही विधि को पूरा कर लिया जाता है. इस vashikaran mantra pryog को आप किसी भी दिन कर सकते है.
रात को सोने से ठीक 15 मिनट पहले इस विधि को किया जाता है जिसके लिए आपको किसी खास अनुष्ठान को करने की जरुरत नहीं है सिवाय मन की पवित्रता के.
आपका मन साफ होना चाहिए और कोशिश करे की ये जितना हो सके विचार रहित हो खासकर Unwanted intrusive or negative thoughts के.
अप चाहे तो प्रयोग से 5 मिनट पहले mindfulness meditation का अभ्यास कर सकते है जो बेहद आसान मगर प्रभावी ध्यान की क्रिया है. इससे आपका मन शांत होगा और अभ्यास में आसानी रहेगी. इसके बाद आप निचे दिए गए स्टेप को फॉलो करे.
Vashikaran using a mobile photograph की विधि के लिए सोने से ठीक पहले आसन या अपने बेड पर बैठ जाइये. बेहतर होगा की आप आसन पर प्रयोग करे ताकि प्रयोग के दौरान मन इधर उधर न भागे.
अभ्यास के दौरान photograph or a mobile photo of the desired man or lady को अपने सामने रखे और उसकी तरफ देखते हुए माध्यम खुली आँखों से उस पर Tratak gazing meditation का अभ्यास करते हुए goddess Kali Beej mantra pryog को पूरा करे. आपको ये मंत्र 7 बार जप करना है और 21 बार भी कर सकते है.
मंत्र जप के लिए 7-21-108 का नियम होता है जिसे आप फॉलो कर सकते है.
विधि को पूरा करने के बाद Mobile Photo को अपने heart वाली जगह रखे और हल्का सा दबाते हुए अपने पार्टनर का ख्याल करे.
ये एक even-day Vashikaran By Photo Mantra Experiment है जिसके लिए आपको ऊपर बताये गए तरीके से विधि को लगातार 7 दिन पूरा करना है.
बेहतर परिणाम के लिए आप इसे 40 दिन अधिक से अधिक कर सकते है क्यों की ये आपके और आपके पार्टनर के बीच Attraction को strong बनाता है.
Om kreem hum hreem hoom phat
ॐ क्रीं हूं ह्रीं हूँ फट
Shabar Vashikaran Tantra के अनुसार अगर आपका प्यार सच्चा होता है और सामने वाले पार्टनर के मन में अब भी आपके लिए feeling बची होती है तो ये प्रयोग 100% work करता है.
Is Vashikaran Possible By Using Mobile Photo
अगर आपके मन में भी ये सवाल बार बार आ रहा है तो आपको Technique behind casting a Vashikaran Love Spell on any desired man or woman using a Mobile Photo of that desired person के बारे में जानना होगा.
आखिर कैसे ये काम करता है और इससे रिजल्ट मिलते है. ज्यादातर लोग जो easier Vashikaran Remedies देख रहे है उन्हें इसके बारे में जरुर जानना चाहिए.
आप किसी व्यक्ति के फोटो के जरिये remote vashikaran कर सकते है फिर चाहे वो व्यक्ति आप से दूर ही क्यों न हो. ये कुछ और नहीं बल्कि एक आसान Tratak Vashikaran Prayog है जिसमे हम त्राटक करते हुए बीज मंत्र के जरिये अपने विचारो को एक शक्ति प्रदान करते है और फिर वो माध्यम पर अपना असर डालती है.
यहाँ पर इसके बारे में डिटेल से जान लेते है की आखिर Vashikaran using a mobile photograph जैसा Simple and free of cost vashikaran pryog आखिर काम कैसे करता है.
माध्यम की फोटो के जरिये हम किसी एक ऑब्जेक्ट पर फोकस होते है. इसके बाद बीज मंत्र का प्रयोग हमारे विचारो को strong बनाता है. बेहतर परिणाम के लिए आपको सिर्फ अपने पार्टनर के बारे में सोचना है लेकिन उसमे खोना नहीं है. आमतौर पर हम ऐसी स्थिति में खुद को Past life moment में खो देते है.
इससे हमारी Concentration तो बिखरती ही है साथ ही हम अपना कण्ट्रोल भी खो देते है जो हमारी असफलता की सबसे बड़ी वजह बनता है.
Technique of remote transferring of thoughts जिसमे Vashikaran using a mobile photograph शामिल है एक modern day experiment है. इस विधि में सफलता के चांस तब बढ़ जाते है जब वो आपके साथ पहले से Relationship में हो या फिर आपका हाल ही में Breakup हुआ हो.
Basic science of How to attract someone by a Photo
इस बात में कोई शक नहीं की अगर आपके पास किसी व्यक्ति की फोटो है तो आप उस पर कुछ आसान से वशीकरण या मोहिनी मंत्र के प्रयोग कर सकते है. vashikaran by mobile photo एक simple modern technique है जो tratak gazing meditation पर based है.
अगर आपकी Will power strong है और Thoughtless state / Trance state में रखते हुए आप सामने वाले को अपने मानस पटल पर रख सकते है तो बड़ी आसानी से आप किसी पर भी वशीकरण कर सकते है.
वशीकरण और कुछ नहीं बल्कि किसी भी व्यक्ति के अपने विचारो पर कण्ट्रोल करना है. अगर आपका Aura energy field मजबूत है तो आप बड़ी आसानी से अपने आसपास के लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर सकते है.
वशीकरण मंत्र प्रयोग जिसमे मोबाइल फोटो से वशीकरण जैसा प्रयोग किया जाता है बिलकुल वैसा ही है जैसे की किसी व्यक्ति की फोटो पर वशीकरण किया जाता है.
Powerful Vashikaran by Mobile photo of lover के जरिये हम अपने खोये प्यार को वापस पा सकते है.
लम्बे समय तक साथ रहने के बाद जब आपका प्यार खो जाता है तो अपने खोये प्यार को वापस पाने के लिए आप Vashikaran using a mobile photograph का प्रयोग कर सकते है.
ये एक बेहद आसान प्रयोग है लेकिन इसके लिए सबसे बड़ी कंडीशन है आपका अपने Lover के साथ किसी तरह का connection होना.
weak willpower के साथ आप इसका अभ्यास नहीं कर सकते है. किसी भी अभ्यास के लिए आपका मन शांत और इच्छा शक्ति मजबूत होनी चाहिए अगर आप free of cost vashikaran देख रहे है तो इस प्रयोग को कर सकते है.
ये अभ्यास पूरी तरह से आपके और आपके पार्टनर के बीच की भावनाओ की मजबूती पर आधारित है. जितना ज्यादा strong connection उतना ही जल्दी आपको रिजल्ट मिलता है.
क्या आपने कभी notice किया है की सुबह उठने के बाद से लेकर रात के टाइम सोने तक आप कितने digital tech device को देखते और use करते है ? कुछ समय पहले तक ये सब एक limit में थी और आज इनकी पहुँच हर जगह है.
बगैर tech gadgets specially smartphone के हम खुद को अधूरा महसूस करते है. और कुछ हो न हो हमारे smartphone की battery full होनी चाहिए ताकि किसी भी समय बिना किसी परेशानी के इसका इस्तेमाल किया जा सके.
लेकिन जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल हमारे अन्दर stress पैदा करता है और इससे बचने के लिए Digital Detox बेहद जरुरी है.
दिनभर के कामो को आसान बनाने के लिए technical device बेहद काम आते है और लाइफ को आसान बनाते है लेकिन छोटे छोटे कामो के लिए भी इन पर निर्भर हो जाना हमारे Physical and mental health balance पर Negative effect डालता है.
हम उन चीजो के आदी बन जाते है जिनका इस्तेमाल न हो तो भी काम चल सकता है. जरुरत से ज्यादा किसी चीज पर निर्भर हो जाना, उसके बगैर खुद को अधूरा महसूस करना और दूर होने का डर सताना हमारे mental condition के imbalance होने को दर्शाता है.
आज इन digital device and smartphone से दूरी बना पाना संभव नहीं है लेकिन इनका Limited usage करना आपको stress से बचा सकता है. आज के आर्टिकल में हम जानने वाले है कुछ ऐसे tips and tricks के बारे में जिन्हें follow कर आप खुद को mental imbalance होने से बचा सकते है.
ये आर्टिकल उन लोगो के लिए है जो अपना दिनभर का बहुत बड़ा समय Digital gadgets को use करते हुए बिताते है.
What Is a Digital Detox?
आज के समय में हम हर तरफ से Digital tech device से घिरे हुए रहते है. हमारी सुबह की शुरुआत मोबाइल को देखने से होती है और रात को सोने तक हम कई तरह के tech devices जैसे की smartphones, televisions, computers, tablets, and social media sites जैसी चीजो से गुजरते रहते है.
शुरू शुरू में ये सब हमारी हेल्प के लिए था लेकिन एक हद से ज्यादा प्रयोग करना हमें इन पर निर्भर बनाने लगा और हम खुद को इनके बगैर Incomplete समझने लगे जबकि ये पिछले कुछ सालो में ही अस्तित्व में आये है.
Digital Detox का मतलब है इस तरह के Tech devices जैसे की smartphones, televisions, computers, tablets, and social media sites या फिर कोई भी ऐसी तकनीक जिसका हम ज्यादा इस्तेमाल करते है उसे कुछ समय के लिए इस्तेमाल ना करना.
इसका सबसे अच्छा example हमारा अपनी real-life social interactions पर बिना किसी distractions के focus करना है.
कहने को social media apps पर हमारे हजारो Friends and followers है लेकिन अगर real life की बात की जाए तो हम आज अपने पडोसी को भी अच्छे से भी नहीं जानते है. जब हम बीमार होते है तो हमारे आसपास के लोग ही हमारे काम आते है ना की सोशल मीडिया पर की गई दोस्ती.
Digital tech gadgets के constant connectivity की वजह से Stress and depression जैसी कंडीशन को देखना आम बात है.
इससे पहले की आप इसे अपने रियल लाइफ में अपनाए आपको digital detox के potential benefits and methods के बारे में जान लेना चाहिए.
Reasons for a Digital Detox
ज्यादातर लोगो के लिए Digital world or virtual world में जुड़े और डूबे रहना उनके everyday life का एक भाग है. US के एक Nielsen Company द्वारा की गई research में ये सामने आया है की हर रोज लगभग 11 घंटे हम इसी तरह Digital world or social media apps पर टाइम गुजारते है.
ऐसे बहुत से reason है जिनकी वजह से आपको अपने Smartphones and digital gadget से कुछ समय के लिए दूरी बनानी चाहिए.
आपके smartphone के बगैर भी आपकी लाइफ एन्जॉय की जा सकती है और आप इससे ज्यादा खुद को समय देकर खुशियाँ हासिल कर सकते है जो आपको social media apps पर मिलती है. इनका एक हद से ज्यादा प्रयोग आपको stress ही देता है और कुछ नहीं.
वैसे इस तरह के एडिक्शन को Diagnostic and Statistical Manual जो की ज्यादातर clinicians and psychiatrists द्वारा psychiatric illnesses की पहचान करने के लिए इस्तेमाल की जाती है के जरिये भी पहचाना जा सकता है.
सच तो यही है की हम जितना ज्यादा Tech device पर निर्भर होते है उतना ही ज्यादा mental pressure बढ़ता है जो की हमारे लिए stress को बढाता है. जरुरत से ज्यादा इनका प्रयोग हमारे physical, psychological, and social problems को बढ़ावा देता है.
रिसर्च इस मामले में क्या कहती है ?
जैसे जैसे हम technology में तरक्की कर रहे है वैसे वैसे Physical work कम से कम और mental work और ज्यादा बढ़ता जा रहा है.
विकसित होना बुरा नहीं है जब तक की हमें इसके बेनिफिट मिलते है लेकिन, अगर इसकी वजह से हमें stress का सामना करना पड़ता है तो ये सोचने वाली बात है.
इसे डिटेल से समझने के लिए कई रिसर्च की गई जिसमे कुछ बाते सामने आई है जैसे की
Technology can be Stressful
एक और जहाँ ज्यादातर लोग मानते है की आज वो खुद को अपने smartphone के बगैर अधूरा महसूस करते है वही रिसर्च कहती है की इसका ज्यादा प्रयोग करना आपके stress को बढ़ावा देता है. आज हर 5 में से 1 ये मानता है की अगर उसका smartphone उससे दूर हो जाता है तो वो stress का शिकार हो जाता है.
आज के समय में ये उनके लिए ever-present digital connection और लगातार Email, message and text को चेक करते रहना उनकी जरुरत बन चूका है. इसकी वजह से sleeping problems, depressive symptoms, and increased stress levels जैसी problem देखी जा सकती है.
Digital Devices Can Disrupt Sleep
ज्यादातर लोग सोने के समय भी जरुरत से ज्यादा Tech device खासकर अपने smartphone का इस्तेमाल करते है जिसकी वजह से उनकी Sleeping cycle and time पर negative effect पड़ता है.
Sleep quality and quantity हमारे लिए बेहद जरुरी है क्यों की एक अच्छे दिन की शुरुआत के लिए हमारा सही नींद लेना बेहद जरुरी है.
सही नींद न ले पाना अकेली समस्या नहीं है जो देखी जाती है बल्कि सोने के टाइम भी Mobile device use करते रहना आपके Body mass index पर bad effect डालता है.
अगर आप भी सोने के टाइम तक social media login रहते है तो इसका रिजल्ट anxiety, insomnia, and shorter sleep duration के रूप में देखा जा सकता है.
Mental Health Concerns
एक journal में पब्लिश हुए रिसर्च Child Development के अनुसार heavy daily technology use करना mental health problems को पैदा करता है.
जरुरत से ज्यादा इनका प्रयोग करते रहना आपके लिए ADHD and conduct disorder जैसी problem create करता है साथ self-regulation के लिए कंडीशन ख़राब से ख़राब होती चली जाती है.
University of Pennsylvania में जारी हुई एक रिपोर्ट ये दावा करती है की social media sites जैसे की Facebook, Snapchat, Whatsapp and Instagram का लगातार इस्तेमाल आपके well being (overall health) पर side effect डालता है.
एक limit में किया गया use आपके symptoms of depression and loneliness को कम करता है.
Constant Connectivity Affects Work/Life Balance
लगातार social media apps and tech gadgets से जुड़े रहना boundaries between home life and work life को प्रभावित करता है. आप ऑफिस में घर के issue और घर में ऑफिस के issue से जुड़े रहते है जिसकी वजह से लोगो के साथ आपके connection पर बुरा effect पड़ता है.
जब आप Sunday or vacation enjoy कर रहे होते है तब भी आप खुद को email and text or social media use करने से रोक नहीं पाते है. आज के टाइम social media use एक तरह का नशा बन चूका है.
इसका सबसे बुरा असर हमे work-life-balance पर देखने को मिलता है क्यों की ये overall job satisfaction, job stress, and feelings of overwork को बढ़ावा देती है. अगर हम digital detox करते है तो healthier, less stressful work-life balance को बनाया जा सकता है.
Social Comparison Makes It Hard to Be Content
Virtual world में सब-कुछ वैसा नहीं होता है जैसा दिखाया जाता है. जब हम जरुरत से ज्यादा social media में involve हो जाते है तब हमें लगता है की हमें छोड़कर सब खुश है, उनके पास वो सबकुछ है जो होना चाहिए.
इस तरह की सोच extra demand को जन्म देती है क्यों की सुख सुविधा के साधन में बढ़ावा करना ही हमारी असली ख़ुशी है इस तरह की सोच social media advertise पैदा करते है.
दिन का कुछ समय सभी tech device से दूर रहते हुए बिताया जाए तो इस तरह के bad impact को रोका जा सकता है. हम जितना ज्यादा virtual world में ivolve होते है उतना ही ज्यादा हम खुद को जरुरत से ज्यादा चीजो का आदी बनाते है.
ज्यादातर चीजे वो होती है जिनके बगैर भी हमारा काम चल सकता है. अगर आप Digital detox करते है तो ऐसा करना आपको कम से कम प्रभावित करता है और आप अपने आसपास के माहौल और लोगो पर ज्यादा focus होकर खुद को stress से बचा सकते है.
It make you feel like you’re missing out
Fear of missing out, known as FOMO एक तरह का खोने का डर होता है. हमें लगता है की हम ऐसे experience को खो चुके है जिन्हें दूसरे लोग कर रहे है. लगातार digital world से जुड़े रहना इसे बढ़ावा देता है.
social media पर हम लोगो को इस तरह के अंदाज में देखते है मानो वे अपने लाइफ में adventure कर रहे है या फिर मूवी में हीरो कर रहे है वैसा हम नहीं कर रहे है मतलब हमारी लाइफ में कोई excitement नहीं है.
इससे एक side effect और देखने को मिलता है over committing to social events जिसमे आपको हमेशा ये डर लगता है की कही आप कुछ miss न कर दे इसलिए लगातार जरुरत से ज्यादा social media पर बने रहते है.
आपके मन में हमेशा ये डर बना रहता है की कही आप किसी Important text message, email को miss ना कर दे इसलिए बार बार social media को check करते रहना आपकी आदत बन जाती है.
Digital detox करना आपके fear of missing out को कम करता है. इससे आपको ये भी नहीं लगता है की आप digital world से कट गए है और खुद को improve भी कर पाते है.
Signs You Might Need a Digital Detox
ऐसे कुछ संकेत है जो ये बताते है की आपको अब Digital detox का सहारा लेना चाहिए.
आपको अपना mobile न मिले और आप anxious or stressed out feel करने लगे.
हर एक मिनट में अपना smartphone check करना आदत बन जाए.
Social media apps का इस्तेमाल करने के बाद खुद को depressed, anxious, or angry feel करना या फिर बेहद जल्दी mood swing होना.
आपकी social media post पर कितने काउंट और लाइक मिले है ये बार बार चेक करना.
बार बार अगर smartphone को check नहीं किया तो कुछ Important email, text or message को miss न कर दे ऐसा डर लगना.
रात को लेट से सोना और सुबह जल्दी उठ जाना और अपने मोबाइल को चेक करना.
बगैर अपने मोबाइल को बार बार चेक किये किसी काम में खुद को concentrating ना पाना.
ज्यादातर लोग इस तरह की समस्या से आज जूझ रहे है. अगर आप भी उनमे से एक है खासकर जो लोग सिटी में रहते है उनके लिए Digital detox करना बेहद जरुरी बन जाता है.
How to Do a Digital Detox
वैसे देखा जाए तो true digital detox के अनुसार आपको अपने tech device से दूरी बना लेनी चाहिए लेकिन आज ऐसा संभव नहीं है इसलिए कम से कम आपको ये तय कर लेना चाहिए की इनकी usage limit सिर्फ इतनी ही हो जितना हमारे work life की demand हो. आपके mental well-being के लिए smartphone से दूरी बना लेना बेहद जरुरी है.
जरुरी नहीं की phone and other tech connections से आप complete separation बना ले क्यों की ये हमारी लाइफ का हिस्सा ही है जो कई महत्वपूर्ण कामो को पूरा करने में अहम् रोल निभाते है लेकिन कुछ समय का temporary seperation आपको excess stress से बचा सकता है.
इसके लिए कुछ boundries limit set करना जरुरी है ताकि आप ये तय कर सके की इनका इस्तेमाल सिर्फ emotional and physical health के benefit के लिए हो रहा है ना की किसी तरह के harm में.
Be Realistic
अगर आप complete digital detox for a certain amount of time कर सकते है तो आपको इसे try करना चाहिए. Completely disconnected from tech device कुछ लोगो के लिए liberating and refreshing का अहसास करवा सकता है लेकिन बहुत बड़े पैमाने की संख्या में लोगो के लिए इससे पूरी तरह दूरी बनाना संभव नहीं है.
इसका ये मतलब कतई नहीं है की आप benefits of a digital detox को enjoy नहीं कर सकते है. तकनिकी डिवाइस से दूरी बनाना आपको अपने लाइफ को एक schedule में ढालने में मदद कर सकता है. अगर आपका काम पूरी तरह इन्ही technical device and tech gadgets से जुड़ा हुआ है तो आप एक Mini-detox को follow कर सकते है.
शाम के समय का कोई भी एक फिक्स टाइम का चुनाव करे जब आप पूरी तरह खुद को इनसे दूर कर सकते हो. इस दौरान आपका मोबाइल बंद हो और किसी भी तरह का social media, texting, online videos, and other electronic distractions आपको अपनी शाम को लोगो से जुड़ने और मिलने समझने में बाधा खड़ी न कर सके.
Set Limits
हालाँकि ये संभव नहीं है की हम पूरी तरह इन tech device से दूरी बना ले खासकर तब जब ये हमारी daily life का हिस्सा बन चुके हो लेकिन, कम से कम दिन का एक हिस्सा अगर mental well-being के लिए इनसे दूर रह कर बिताना चाहिए तो हमें ऐसा करना चाहिए.
ज्यादातर लोग काम करते समय मोबाइल पर गाने सुनने का शौक रखते है लेकिन अगर इस दौरान इसे बंद कर दे तो हम sure हो जाते है की काम के दौरान किसी तरह के message, social media post, text, email हमें distract नहीं कर पाएंगे.
इसी तरह से boundaries को set करना आपके काम को न सिर्फ पक्का करता है बल्कि ये निर्धारित करता है की आप बिना किसी digital diversion के real world से जुड़ाव को और ज्यादा मजबूत कर पाए. दिन के कई ऐसे हिस्से है जहाँ आप digital tech usage limit को निर्धारित कर सकते है जैसे की
जब आप खाना खा रहे हो उस दौरान आप लोगो से interact करे ना की अपने मोबाइल पर लगे रहे.
जब आप सोने जा रहे हो या फिर उठते हो उस दौरान आपका मोबाइल आपके पास ना रहे.
जब आप किसी project or hobby पर काम कर रहे हो उस दौरान आपका mobile किसी तरह distract ना कर सके.
जब आप अपने किसी friends or family member के साथ time spend कर रहे हो उस दौरान आपको किसी तरह का digital distract ना मिले.
रात को सोने के ठीक आधा घंटा पहले आप खुद को mobile से दूर कर ले.
ये सब कुछ ऐसी everyday life activities है जिसमे आप खुद को smartphone से दूर कर ले. ऐसा करने से poor sleep quality, inadequate sleep, and excessive daytime sleepiness से खुद को दूर रख पाएंगे.
Remove Distractions
अगर आप digital detox को follow करना चाहते है तो मोबाइल से दूरी नहीं बना पाने की स्थिति में एक काम कर सकते है और वो है push notification को turn off कर देना.
इससे आप मोबाइल को तभी use करेंगे जब आपको कोई काम होगा. किसी और काम में लगे रहने की स्थिति में आपका concentrate बार बार distract नहीं होगी.
आप इन सबके लिए दिन का एक टाइम फिक्स कर सकते है जब आप एक साथ ही सब social media apps, text, message, email को सुबह चेक कर ले, दोपहर या शाम के समय में फिर और खाने के बाद सोने से पहले एक बार और चेक कर ले.
सोने से आधा घंटा पहले आप इन सबसे खुद को दूर रखे. जब आप ऐसा करते है तब आप बार बार चेक करने की परेशानी से बच सकते है और खुद को दूसरे कामो में busy रख पाएंगे.
Make It Work for You
एक digital detox आपके लिए किस तरह से काम करता है ये तय करता है की आप इसे किस form में काम में लेना चाहते है. आप कुछ समय के लिए पूरी तरह से digital world से खुद को दूर कर ले जिसमे television, mobile phones, and social media शामिल है या फिर अलग अलग तरह के digital tech device के use को restricting के जरिये limit में इस्तेमाल करके भी ऐसा किया जा सकता है.
इसके लिए कुछ टिप्स को आप फोलो कर सकते है
A digital fast: जिस तरह सप्ताह में एक दिन आप उपवास रखते है उसी तरह एक दिन के लिए किसी भी तरह के digital tech device से खुद को दूर करना.
Recurrent digital abstinence: सप्ताह का एक दिन जिसमे आप किसी भी tech device को use ही ना करे जिसमे आपका mobile भी शामिल है.
A specific detox: इसमें आप उस device का चुनाव कर सकते है जिसकी लत आपको सबसे ज्यादा है जैसे की smartphone इसके बाद इसका limit में use करना या फिर कुछ समय के लिए दूरी बना लेना.
A social media detox: ये तो तय है की हम किसी एक particular social media apps पर ज्यादा समय बिताते है क्यों की हमारे मतलब की चीज वहां ज्यादा मिलती है. आपको इसका पता लगाना है और कुछ समय के लिए उसके use को limit कर देना है.
आजकल हर smartphone में इसके use को लेकर कुछ limits के tips inbuilt आते है जैसे की शाम के टाइम में eye protection या फिर एक digital well being का apps जो शायद हर smartphone में होता है. ये आपके smartphone के use को track करता है और आपको इसके limit में use को लेकर गाइड करता है.
कुछ ऐसे टिप्स जिन्हें आसानी से follow किया जा सकता है
कुछ लोगो के लिए Digital device के use को limit करना या फिर छोड़ देना आसान होता है लेकिन सबके लिए ये इतना आसान नहीं है खासकर तब जब आप ज्यादातर इस पर बिताते हो. अगर आप चाहते है की digital detox आपके लिए काम करे तो कुछ टिप्स है जिन्हें follow करना बेहद जरुरी है जैसे की
आप अपने friends and family की इसमें हेल्प ले सकते है. उन्हें digital detox schedule के बारे में बताये और सपोर्ट करने के लिए कहे. इसमें उनका आपके साथ quality time spend करना शामिल है.
ऐसे उपाय पर काम करे जो आपको digital world से दूर रखे और आप अपने आसपास की activity में खुद को involve कर सके.
अगर आप बार बार social media apps के use को रोकने में सक्षम नहीं है तो इन्हें smartphone से delete कर दे. जितना ज्यादा access limit होगा उतना ही कम इस्तेमाल और परेशानी से आप खुद को बचा पाएंगे.
खाना खाने के बाद मोबाइल पर टाइम बिताने की जगह आप घर से बाहर निकलकर दोस्तों के यहाँ जा सकते है या फिर टहल सकते है ताकि आपका Physical and mental well being balance बना रहे.
एक journal रखे जिसमे आप अपने activity को track कर सके और progress के जरिये खुद को और आगे बढ़ने के लिए motivate कर सके.
ये वो टिप्स है जिन्हें अगर daily life activity में फिट कर ले तो आप खुद को न सिर्फ mental well being balance रख पाएंगे बल्कि Real world में जुडाव को भी मजबूत कर पाएंगे.
Digital detox for a better physical and mental being final conclusion
कुछ समय पहले तक जिस काम को पूरा करने में हफ्ते, महीने, साल लगते थे आज digital gadgets and tech device की वजह से वही काम कम से कम समय में पूरा होने लगा है और इस बात में कोई शक नहीं की इनके जरिये हम अपनी लाइफ को और भी बेहतर बना पा रहे है लेकिन, जरुरत से ज्यादा आदत और निर्भर हो जाना हमारे Physical and mental health के लिए सही नहीं है.
जरुरत से ज्यादा वक़्त social media apps पर बिताना और सोते टाइम तक smartphone use करना आपको unwanted intrusive thoughts and stress देता है.
भले ही real world में आप दुखी नहीं हो लेकिन जब social media पर दुसरे लोगो की adventures से भरी फोटोज को आप देखते है तो सोचते है की काश में भी ऐसा कर पाता ! कही न कही इस तरह के negative thoughts आपके अन्दर फालतू की जरुरतो को पैदा करते है.
अगर आप बेहद कम टाइम के लिए शुरुआत में Digital detox को follow करते है और समय के साथ इसे अपने लाइफ का हिस्सा बना लेते है तो कुछ समय बाद ही आप पाएंगे की आप खुद को हर उस चीज से दूर रख पाने में कामयाब हो रहे है जो फालतू है और Physical and mental health भी improve हो रही है.
unwanted thoughts and negative thinking से बचा जा सकता है और खुद को real world में लोगो से जोड़ने पर हम पाते है की जो digital world में शो किया जा रहा है वास्तव में वो सिर्फ एक दिखावा है और कुछ नहीं और यही अहसास आपको खुद में खुश रखने में हेल्प करता है.
काफी समय में ब्लॉग पर पर लोगो ने join the Illuminati secret group को join करने के लिए बहुत सारी request भेजी है.
आज हम basic need to join the Illuminati secret group secret society के बारे में बात करने वाले है क्यों की इसे लेकर लोगो के बीच में काफी सारे भ्रम फैले हुए है.
ज्यादातर लोग इसे Lucifer से जोड़कर देख रहे है जो की बिलकुल गलत है और इस ग्रुप का Lucifer से कोई relation नहीं है. ये ग्रुप अपने belief की वजह से समाज से अलग बना हुआ है जो की पूरी तरह enlightenment पर आधारित है.
इस ग्रुप का मकसद लोगो को enlighten करना है ताकि वो जो चाहते है उसे हासिल कर सके. जब लोगो का झुकाव Spiritualism की तरफ जरूरत से ज्यादा हो गया की उन्हें आध्यात्म और पाखंड में फर्क करना मुश्किल हो गया तब कुछ दार्शनिक सोच वाले लोग सामने आये.
जब पाखंडी लोगो को अपने प्रभाव की चिंता सताने लगी तब उन्होंने आध्यात्म का डर दिखाकर इस ग्रुप को समाज से दूर कर दिया.
समय के साथ ये ग्रुप अपने ज्ञान को लेकर आगे बढ़ा और पाखंड के प्रति लोगो को सचेत किया.
शायद यही वजह है की लोगो को ये society group इश्वर के खिलाफ लगता है लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. यहाँ पर कुछ ऐसे belief है जो आपको आगे बढ़ने में help करते है.
आइये जानते है की अगर कोई Illuminati secret society को join कर member बनना चाहता है तो उसे क्या करना होगा.
How to join the join the Illuminati secret group in Hindi
अभी तक हमने Illuminati secret society को एक शैतानी ग्रुप या फिर इश्वर से दूर करने वाले सोसाइटी के रूप में देखा था. हमने इसके बारे में थोड़ा डिटेल से समझने की कोशिश की और पाया की वास्तव में जिस तरह की सोच लोगो के बीच में आज बनी हुई है वैसा कुछ नहीं है.
पूरे world में कोई भी कही से भी eligible to apply for join the Illuminati secret group membership है यानि इसे join कर सकता है. अगर कोई इसकी membership छोड़ना चाहता है तो वो कभी भी इसे छोड़ सकता है.
वास्तव में देखा जाए तो ऐसा कुछ नहीं है की लोगो ने Secret society को join किया और वो रातो रात अमीर बन गए. अफवाह यहाँ तक उड़ रही है की जितने भी बड़े पद पर लोग है ये सब popular है क्यों की ये Illuminati group member है लेकिन ऐसा 100% सच नहीं है.
ज्यादातर लोग sachhiprerna पेज पर हमें contact कर पूछ रहे है की how to join illumiati group मानो वे इसे आसानी से join कर लेंगे और अपने सपने पूरे कर लेंगे.
ऐसा कुछ नहीं है इसलिए आज हम इस तरह की Secret society को लेकर कुछ बाते आपके सामने क्लियर करना चाहेंगे जो आप पहले जान ले तो बेहतर होगा. मैंने खुद Illuminati official joining form page पर विजिट किया तो पाया की इसे join करना बेहद आसान है.
Complete process to join the Illuminati secret group secret society group
Internet पर आज हजारो की संख्या में ऐसे पेज और वेबसाइट बने हुए है जो खुद को Official Illuminati secret society बताते है और लोगो से Joining के नाम पर पैसे लेते है. वे इसे Joining fees का नाम देते है.
ज्यादातर लोग पैसे के नाम से ही पीछे हट जाते है और कुछ लोग जो इसे join कर लेते है उनसे पैसे लेने के बाद एक बुक दी जाती है जिसे devil’s bible के नाम से जाना जाता है.
ये बुक Lucifer पर आधारित है और इसमें आपको हर वो तरीका बताया गया है जो किसी भी scarifies के बदले में आपको आपकी wish पूरी कर सकते है.
ये जानकर बिलकुल हैरानी नहीं होती है की इसमें से ज्यादातर लोग या तो पैसा कमाना चाहते है या फिर किसी को अपना गुलाम ( वशीकरण ) इसकी शुरुआत होती है अपने Blood oath से जो की Lucifer को दिया जाने वाला पहला scarifies होता है.
नोट : ये सब एक बुक से लिया गया reference है और एक व्यक्ति द्वारा contact कर बताई गई जानकारी है.
वास्तव में ऐसा कुछ नही है. अगर आप join the Illuminati secret group process को लेकर confuse है तो इसके लिए आपसे सिर्फ आपका नाम, ईमेल और contact नंबर ही काफी है.
Brief introduction of Illuminati secret society group
According to them The Illuminati is an elite organization of world leaders, business authorities, innovators, artists, and other influential members of this planet. Our coalition unites influencers of all political, religious, and geographical backgrounds to further the prosperity of the human species as a whole.
यानि Illuminati एक संस्था है जिसमे पूरे world से अलग अलग फील्ड के लोग दार्शनिक ( प्रेरणा देने वाले ) जुड़े हुए है. किसी भी तरह के भेदभाव से परे ये ग्रुप आपको हर फील्ड में आगे बढ़ने में मदद करता है. दूसरे शब्दों में कहे तो ये ग्रुप हमें enlighten करने का काम करता है.
वास्तव में कोई भी secret society वो ग्रुप होता है जिसकी अवधारणा और सोच समाज के बाकि तबके से अलग होती है. ये बिलकुल वैसे ही है जैसे समाज में अच्छी और बुरी सोच वाले लोगो के ग्रुप.
अगर 2 लोग एक जैसी सोच रखते है तो उनका आकर्षण स्वभाविक है क्यों की बाकि किसी भी दूसरे व्यक्ति के उन्हें आपस में समझना आसान है.
जहाँ तक बात Secret society की है तो आपको बता दे की इसकी शुरुआत ही ऐसी एक घटना से हुई थी. काफी पहले जब society में Spirituality अपने चरम पर थी और लोगो के बीच अन्धविश्वास बहुत ज्यादा फैला हुआ था.
जबकि कुछ विद्वान् लोगो ने विज्ञान को लोगो के बीच रखने की कोशिश की तो religious guru ने उनको इश्वर के खिलाफ घोषित कर दिया जिसकी वजह से इस ज्ञान को विस्तार करने के लिए secret society की रचना की गई.
जहाँ तक बात है devil worship, Lucifer की तो ऐसा कुछ नहीं है. समाज के हर व्यक्ति को ये आजादी है की वो अपनी अवधारणा वाले लोगो के ग्रुप का चुनाव कर सकता है.
आज join Illuminati secret society group लोगो के बीच अमीर और popular बनने का जरिया बन चूका है.
लोगो को लगता है की वे इस ग्रुप को join करेंगे ( india में लोगो को लगता है की ये फ्री है ) और जल्दी ही अमीर बन जायेंगे. वास्तव में ऐसा सोचने से पहले आपको इस ग्रुप के अलग अलग सिंबल पर नजर डालनी चाहिए.
किसी भी secret society को join करने से पहले उसके symbol पर एक नजर डाल लेनी चाहिए. यहाँ पर जब आप इसके symbol of secret society पर नजर डालेंगे तो ये खास एलिमेंट पाएंगे जैसे की
The Pyramid : Money is not the root of all evil, money is the route to all freedom यानि की पैसा किसी बुराई की जड़ नहीं है ये एक रास्ता है जो हमें हमारी freedom तक ले जाता है. खुद के स्वार्थ की पूर्ती के लिए पैसा कमाना आपको बुराई की तरफ ले जाता है लेकिन अगर इसका प्रयोग आप लोगो की भलाई में लगाते है तो ये आपको आगे ले जाता है.
The Light : लाइट हमारे अंतर्मन का reflection है. हम सभी हमारे अंतर्मन से गाइड होते है जो हमें लाइट की तरफ ले जाती है. Human spiritual beliefs हमेशा light की तरफ झुकाव महसूस करता है.
यहाँ इसका संकेत हमारे अंतर्मन को गाइड करते हुए लिया गया है.
The Eye : सिर्फ इन्सान ही है जिन्होंने अभी तक बढ़ते हुए खुद को विकास के लायक बनाया है. इसके लिए study, practice, and self-improvement महत्वपूर्ण रोल निभाती है और ऐसा माना जाता है की हम जो भी करते है परम-पिता की नजर हम पर हमेशा रहती है. यहाँ ये eye, elite members called the Illuminati को represent करती है.
The Eternal : इंसानियत अमर है और हम सब इसका हिस्सा है. ये सब घड़ी के अलग अलग गियर की तरह है जिनका कोई अंत नहीं है. हमारा आज लिया गया एक कदम हमारे भविष्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है.
क्या आप ने यहाँ पर किसी तरह की शैतानी symbol को notice किया ? ये दर्शाता है की इस तरह की secret society पूरी तरह वैज्ञानिक सोच रखती है. ये दर्शाता है की join the Illuminati secret group के लिए किसी तरह के गलत अवधारणा की जरुरत नहीं है.
Benefit of become a member of secret society
अगर आप इस Secret society के मेम्बर बनते है तो आपको निम्न फायदे मिलते है.
Financial breakthrough
political and social in nature
provide conviviality and companionship
promote happiness
church miracles
ये सब कुछ ऐसे बेनिफिट है जो आपको join the Illuminati secret group secret society की process पूरी करने के बाद मिलते है.
Requirement to join the Illuminati secret group secret group
अगर आप इस society को join करना चाहते है तो आपको इन कंडीशन पर खरा उतरना होगा.
Age : उम्र 18 साल या इससे ऊपर होनी चाहिए.
registration fees : Joining fees to join the Illuminati secret group जो की आपको शुरुआत में भरनी होगी. इसे किसी तरह से फ्री न समझे की आप ने डिटेल दी और एक मेम्बर बन गए.
Belief : आपके अन्दर supreme being को लेकर एक strong belief होना जरुरी है इसके साथ ही आप खुद को हमेशा दूसरो की हेल्प के लिए रेडी रखेंगे.
strong success conscious : कमजोर मानसिकता वाले लोगो का यहाँ कोई काम नहीं. अगर आप कामयाब होना चाहते है तो आपके अन्दर इसके लिए जूनून होना जरुरी है.
high morals and law abiding : आपके अन्दर संस्कार अच्छे होने चाहिए. यहाँ संस्कार का मतलब खुद के और दुसरे के भले के लिए है ना की खुद के स्वार्थ की पूर्ती.
अगर आप इन कंडीशन पर खरे उतरते है तो आप कभी भी इसे join कर सकते है.
Joining fees का इसमें क्या रोल है
जहाँ तक मेरा मानना है कोई भी ग्रुप या society अगर बड़े लेवल पर मैनेज हो रही है तो बगैर पैसे के इसे continue रख पाना संभव नहीं है. पैसा हमारे मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने का एक जरिया है.
इसके अलावा illuminati registration joining fees के पीछे एक सोच ये भी हो सकती है की अनचाहे लोगो को इससे दूर रखा जाए.
एक उदाहरण के लिए sachhiprerna official page पर काफी लोगो की request आती है साधना सीखने को लेकर लेकिन जब फीस देने की बात आती है तो 95% लोग पीछे हट जाते है. क्यों ?
क्या वे साधना सीख कर दूसरो का भला करने वाले है नहीं ! साधना सीखने के पीछे मंशा खुद का स्वार्थ पूरा करना है ना की समाज सेवा.
आज आप कही भी चले जाइये क्या आपको फ्री में कुछ हासिल होता है ?
नहीं क्यों की आप अपने कल को बेहतर बनाने के लिए आज भुगतान कर रहे है. दूसरा अगर आप किसी चीज के लिए भुगतान करते है तो उसकी क़द्र आपको होगी. फ्री में दिया गया ज्ञान कभी फलीभूत न तो हुआ है ना हो सकता है.
फीस का मकसद लालची लोगो को दूर रखने के लिए ही है. paid fees to join the Illuminati secret group को लेकर आप क्या सोचते है हमें जरुर बताये.
Is it possible to become rich and popular with Illuminati secret group
अगर आपको लगता है की इस ग्रुप का मकसद आपको popular और अमीर बनाना है तो आप गलत सोच रहे है. वास्तव में ये वो ग्रुप है जहाँ हर फील्ड से आपको सहायता मिल सकती है लेकिन संघर्ष आपको खुद करना होगा.
इस ग्रुप का मकसद आपको सही रास्ता दिखाना है ना की अमीर बनाना. हर society के अपने belief होते है इसलिए आपको इस ग्रुप में belief के अनुसार ही आगे बढ़ना होता है.
यहाँ पर आपको फ्री में कुछ भी हासिल नहीं होता है क्यों की ग्रुप join करने की फीस, इसके एलिमेंट को हासिल करना ये सब बगैर पैसे के नहीं मिलता है. इसकी फीस और एलिमेंट कुछ इस तरह है.
ILLUMINATI TALISMAN: GOLD $ 00
ILLUMINATI TALISMAN: SILVER RHODIUM $22
ILLUMINATI TALISMAN: COPPER $ 00
ILLUMINATI INSIGNIA PIN $ 00
THE TRIFECTA: TALISMANS IN GOLD, RHODIUM, AND COPPER $ 00
TRIFECTA: ELITE EDITION $ 00
Cleansing spray : $ 500
Should I join the Illuminati secret group secret society ?
अगर आप इसे खुद को explore करने के नजरिये से देख रहे है तो बेशक आप इसे join कर सकते है.
basic need to join the Illuminati secret group group के बारे में हमने सबकुछ शेयर किया है और एक बात आपको पहले ही क्लियर कर दे की हम ये आर्टिकल सिर्फ आपके Knowledge के लिए शेयर कर रहे है ना की किसी तरह के ग्रुप को बढ़ावा देने के लिए.
ज्यादातर लोग इसे join करने के पीछे खुद को अमीर बनाना, popular होना या फिर अपने स्वार्थ की पूर्ती करने के मकसद रखते है जो की इस ग्रुप का मकसद है ही नहीं तो इसमें आपको सिर्फ निराशा ही मिलनी है.
people are crazy to join the Illuminati secret group secret society why ?
जाहिर सी बात है इसे लेकर लोगो के बीच में फैली ग़लतफ़हमी. इन्टरनेट पर आज काफी जगह लोगो को ये बताया जा रहा है की world के सबसे popular लोगो और लीडर Illuminati secret society के member है.
ये Illuminati का कमाल है की वे आज इतनी Top position पर है. वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है. अगर एक आम आदमी भी ऊपर दिए गए Requirement को पढ़ और समझ ले तो लाइफ में कामयाब बन सकता है.
अगर आप join the Illuminati secret group को लेकर पागल हो रहे है तो बता दे की ये पूरी तरह आपके belief को बदलती है. अगर आपको सही रास्ता मिले तो आप कामयाब हो ही जायेंगे.
Illuminati सिर्फ आपके belief, conscious level of thinking पर काम करता है जिसे आसान भाषा में कहे तो law of attraction कहते है. यहाँ पर ये आपको सही रास्ता दिखाने का काम करती है जो की आप खुद कर सकते है.
Why most of people crazy to join the Illuminati secret group secret society group के बारे में आप क्या सोचते है. क्या आपके मन में कभी इस ग्रुप को join करने का विचार आया है हमें कमेंट में बताना ना भूले.
ध्यान दे : ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के मकसद से लिखा गया है. इसे किसी तरह का promotion न समझे ना ही हम किसी ग्रुप का समर्थन करते है.
क्या हो अगर हम दिन भर जितना कर रहे है उससे कही ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर सके ? जैसा की हम सब जानते है की सबको एक जितना टाइम हर रोज मिलता है लेकिन कोई इस दौरान बेहतर करता है तो कोई सिर्फ सोचता रह जाता है.
अगर आप भी अपने Daily routine को पहले से better कर बढ़िया perform करना चाहते है तो आपको sync biological clock to daily schedule को समझना होगा.
ये एक ऐसा mind power workshop है जिसके जरिये आप खुद को बेहतर ट्रेन कर पाते है और जितना कर रहे है उससे कही बेहतर कर पाते है.
आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है सिर्फ peak periods of activity and energy को reschedule करना होगा यानि दिनभर में आप जो करते आ रहे है उन्हें उसके सबसे सही समय पर ही करना है.
अगर आप ऐसा करते है तो न सिर्फ आपके काम करने का तरीका smart होता है बल्कि productivity में भी improvement होता है. आइये सबसे पहले तो ये जानते है की बायोलॉजिकल क्लॉक आखिर क्या है और ये कैसे काम करती है.
What is Biological Clock in Hindi?
अगर सीधे साफ शब्दों में इसे समझे तो हम किस तरह फंक्शन करते है इसे हमारा Biological Clock ही control करता है. हर किसी का बायोलॉजिकल क्लॉक अलग अलग होता है इसलिए हम सभी अलग अलग समय पर बेहतर perform कर पाते है.
एक उदाहरण के लिए कुछ लोगो को दिन में पढ़ा हुआ अच्छे से याद होता है तो कुछ इसके लिए night time को prefer करते है.
ये हमारा बायो क्लॉक ही है जो program, regulating the timing जैसे Main work करती है. हम कब सोते है और कब उठते है से लेकर दिनभर किस तरह की एक्टिविटी कर रहे है उन सब पर बायो क्लॉक वर्क करती है जो एक तरह से energy levels को किस काम में कितना खर्च करना है ये देखती है.
हम सब हमारे ही body’s biological clock को दूसरो से कही बेहतर समझते है.
जब भी हम अपने schedule से हटकर काम करते है इसका असर देखने को मिलता है.
यही वजह है की कुछ लोगो को सफ़र के दौरान सोने में problem होती है तो कुछ को दिन में स्टडी करने में. आप खुद इस बात को notice कर सकते है की दिन के किस समय के दौरान आप खुद को ज्यादा उत्साही महसूस करते है और किस समय सबसे ज्यादा थका हुआ.
रिसर्च में ये बात सामने आई है की हमारा Biological Clock सिर्फ हमारे सोने और उठने को ही मैनेज नहीं करता है बल्कि इससे भी बढ़कर दिनभर की हर एक एक्टिविटी को किस तरह मैनेज करना है ये सब शामिल है.
खास तरह की स्थिति जैसे की Mental alertness, hunger, stress, mood, heart function यहाँ तक की immunity भी हमारे body’s daily rhythms से प्रभावित होती है. हमारी हेल्थ को ये कैसे प्रभावित करती है आइये जानते है.
How It Affects Your Health
Circadian rhythms हमारे बॉडी के हर मुख्य काम को जैसे की sleep-wake cycle, eating habits, body temperature, digestion, and hormone levels या ऐसे ही महत्वपूर्ण कामो को मैनेज करता है. दूसरे शब्दों में कहे तो ये हमारे body’s internal clock का हेल्थ में काफी Important role होता है.
इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ diabetes, seasonal affective disorder, and sleep disorders की वजह बन सकती है.
अगर हम ये समझ ले की ये कैसे काम करता है तो फिर potential problems को समझकर उसका treatments करना काफी आसान हो जाता है.
एक उदाहरण के लिए आप लाइफ को पहले की तरह बनाना चाहते है जिसे circadian rhythm कहते है तो आपका डॉक्टर आपको सुझाव दे सकता है की आपको क्या करना चाहिए ताकि आपकी लाइफ पहले की तरह बेहतर बन जाए.
The Best Time for Activities
आज के समय में दिनभर ऐसी कई एक्टिविटी हो जाती है जो हमारे Biological Clock को प्रभावित करती है. कई बार हम अपने कामो को इस तरीके से करते है जिसे हमारी बॉडी एक्सेप्ट नहीं कर पाती है तो इस तरह की स्थिति पैदा होती है.
इसे एक उदाहरण के जरिये और बेहतर समझा जा सकता है जैसे की मान लीजिये आप किसी को शाम के समय बेहतर तरीके से कर सकते है और आपको वही काम सुबह करना पड़े तो क्या होगा ?
आप बेमन से काम करेंगे जो की बेहतर Outcome नहीं देगा और हो सकता है आपका काम बिगड़ ही जाए.
या फिर आप दिमागी तौर पर थके हुए है और आपको घरवाले और ज्यादा पढने के लिए फ़ोर्स करे तो ? आप पढने बैठोगे तो सही लेकिन आपको याद कुछ नहीं होगा क्यों की आपका दिमाग उस समय सिर्फ नींद चाहेगा.
काम को करने के तरीके में बदलाव लाने की बजाय आपको सिर्फ उसके समय में बदलाव करना है और बेहतर समय का चुनाव करना है. जब आप ऐसा करते है तो पाएंगे की अब आप बेहतर तरीके से काम को पूरा कर पा रहे है बल्कि आपका energy level भी अब सही है.
Circadian rhythm disruptions की वजह से कई तरह के negative effects को देखा जा सकता है जिसमे depression and diabetes जैसे कुछ common problem शामिल है.
Sleeping
हमारे daily sleeping and waking cycle में biological clock का बेहद महत्वपूर्ण योगदान होता है. इसमें उम्र का भी रोल शामिल है क्यों की जैसे जैसे हम बूढ़े होते है हमारा body’s natural sleep cycle बदलता जाता है. ऐसा इसलिए क्यों की समय के साथ हम किस समय बेहतर नींद ले सकते है या बेहतर नींद का कितना समय काफी है ये हमारी बॉडी समझ जाती है.
छोटे बच्चे सुबह जल्दी उठ जाते है जबकि युवा को सुबह देर तक सोना पसंद होता है.
जैसे जैसे हम युवा से बढती उम्र की और जाते है वैसे वैसे हमारे उठने का टाइम वही सुबह जल्दी का हो जाता है.
एक और teen अपनी energy को दिनभर के कामो में बेहतर तरीके से इस्तेमाल करते है वही उम्रदराज लोग रात को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना prefer करते है.
सुबह से दोपहर तक काम करते करते हम खुद में energy level को ख़त्म होता हुआ महसूस कर सकते है. यही वजह है की दोपहर के समय ली गई हलकी सी झपकी आपको दोपहर के बाद से लेकर शाम तक के task performance को improve करने में मदद करती है. अगर ऐसा संभव नहीं है तो आप अपने काम से ब्रेक ले क्यों की ऐसा करना आपकी energy को फिर से बनने में मदद करेगा और आप बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे.
खाने पिने का असर
सही समय पर खाना और पीना हमारे हेल्थ को बेहतर बनाता है. इस बारे में की गई एक रिसर्च से सामने आया है की अगर हम दिनभर के टाइम में किसी खास समय पर खाना पीना करते है तो इसका हमारे हेल्थ पर Positive effect पड़ता है.
अगर हम सही समय पर खाना खाते है तो ऐसा करना हमारे वेट को सबसे पहले कण्ट्रोल करता है. सही समय पर खाना खा लेने से आप excessive weight gain and metabolic diseases से बच सकते है.
रिसर्च में ये बात भी निकल कर समाने आई है की सही समय पर खाना लेने से resetting your biological clock में भी हेल्प मिलती है. अगर आप अपने सोने उठने या फिर किसी दूसरे काम में बदलाव लाना चाहते है तो बेहतर परिणाम के लिए खान पान में भी बदलाव करे.
दोपहर के समय 12 से 3 बजे तक खाना खा लेना चाहिए और सुबह 8 बजे किया गया नाश्ता आपको दिनभर तरोताजा रखता है. शाम को 8 बजे के बाद खाना खाने से बचना चाहिए अगर आप 10 बजे तक सो जाते है. bedtime में खाना लेना आपके वजन को तो बढाता ही है साथ ही Physical fit रहने में भी problem पैदा होती है.
Exercising
Biological clock के अनुसर किया गया वर्क आउट आपको एक्सरसाइज का सही फायदा दिला सकता है. अगर आप रोज एक्सरसाइज करते है तो ऐसा करना न सिर्फ circadian rhythm को regulate करता है बल्कि improve daily sleep schedule में भी हेल्प करता है.
हमारे पास सबसे ज्यादा काम दोपहर के समय होता है लेकिन हम सबे अच्छा perform करते है शाम के 3 से 6 बजे के बीच.
अगर आप strength-training program ले रहे है तो इसके लिए सबसे सही समय दोपहर के 2 से शाम के 6 बजे है इस दौरान आपके Physical strength को मनचाहे तरीके से मजबूत किया जा सकता है.
शाम का समय योग या फिर ऐसी एक्सरसाइज जो आपके बॉडी की flexibility को बढ़ाती है उसके लिए बेस्ट टाइम हो सकता है.
ऐसा इसलिए क्यों की इस समय हमारी बॉडी सबसे ज्यादा relax होती है जिसकी वजह से किसी भी तरह की चोट का रिस्क ना के बराबर रह जाता है.
Biological clock effects on thinking
अगर आप बेहतर सोच को विकसित नहीं कर पा रहे है तो आपको अपने बायो क्लॉक को समझने की जरुरत है क्यों की Mental powers को तभी बढाया जा सकता है जब आप इसके लिए सही समय दे.
सुबह के समय हम सबसे बेहतर सोच रखते है. Cognitive abilities जैसे जैसे दिन गुजरता है वैसे कम होती जाती है इसलिए आपको लंच से पहले कुछ mental workout कर लेना चाहिए.
जब आपको भूख लगी हो तो सबसे ज्यादा alertness and attention levels ही affect होता है. दोपहर का लंच लिए बगैर ली गई मीटिंग आपको concentrate होने में problem create करती है और आप इसमें खुद को सक्षम नहीं पाते है.
दोपहर के 2 से 4 बजे तक का समय ऐसा होता की आप खुद को चाह कर भी उत्साही नहीं रख पाते है. यही वजह है की इस समय आपको सबसे ज्यादा energy-boosting pick-me-up की जरुरत पड़ती है.
अगर आप किसी तरह का creative task करना चाहते है तो आपको तब तक wait करना चाहिए जब तक आप थोड़ा सा थका हुआ feel न करने लगे. रिसर्च में ये बात सामने आई है की हमारे problem solving में टाइम का अहम् रोल होता है.
हम चीजो को तभी बेहतर समझ और सुलझा सकते है जब हम अपने mental peak or at non-optimal times of tiredness पर होते है.
नई खोज में ये बात सामने आई है की हम तभी बेहतर सोच सकते है जब हम थोड़ा सा थके हुए होते है. जब ऐसा होता है तब हम पारम्परिक काम करने के तरीके के बजाय उन तरीको को खोजते है जिनसे काम को कम समय में बेहतर किया जा सकता है.
How to Change Your Circadian Rhythm
हम सबका biological clock functions न तो एक जैसा काम करता है और ना ही ऊपर दिया गया तरीका सब पर एक अजिसा असर डालता है. हम दिनभर में कब थके हुए महसूस करते है और कब सबसे ज्यादा उत्साह से भरे हुए होते है ये हमारे बायो क्लॉक पर निर्भर करता है. दिनभर में कई बार ऐसा होता है की हमारा बायो क्लॉक और schedule दोनों एक दूसरे के उल्टे हो जाते है.
ऐसा स्थिति में हमें क्या करना चाहिए ? ऐसी स्थिति में आपके पास 2 ही option बचते है पहला ये की आप उस समय की पहचान करे जब आप किसी काम को सबसे बेहतर कर पाते है दूसरा आप चीजो को adjust करना सीख ले. यहाँ पर ऐसे कुछ Adjusting tips को share किया जा रहा है जिन्हें किया जा सकता है.
सोने के समय को schedule करे : अगर आप खुद में बदलाव लाना चाहते है तो सबसे पहले अपने सोने और उठने के टाइम को फिक्स करे. रात को एक फिक्स टाइम पर सो जाना और फिर सुबह एक ही टाइम पर उठाना इसमें हेल्प करता है.
कभी भी जल्दबाजी ना करे : अगर आप कोई नया schedule बना रहे है तो उसे हैबिट बनाने में थोडा समय जरुर दे. चीजे अचानक नहीं बदलती है और इसके लिए आपको सख्ती से नियम का पालन करना ही होगा.
Pay attention to your energy levels: हर किसी का काम करने का तरीका एक नहीं होता है. अगर कोई दिन में अच्छा perform कर रहा है तो इसका ये मतलब नहीं है की आप भी अच्छा perform कर लेंगे. काम को करते समय आपका energy level किस तरह respond कर रहा है इस पर ध्यान दे.
ये कुछ ऐसे टिप्स है जिन्हें follow कर आप अपने schedule में बदलाव कर सकते है. हमारा Biological clock जब हर महत्वपूर्ण काम के लिए जिम्मेदार है तो हमें इसे समझकर सही कदम उठाने चाहिए ताकि मनचाहे बदलाव और परिणाम हासिल किये जा सके.
How to get best of Biological clock final conclusion
दिनभर की गई हमारी गतिविधि के दौरान energy level किस तरह काम कर रहा है इसे समझकर आप भी अपना बेहतर कर सकते है. हमारा किसी काम को करने का तरीका, काम के दौरान energy level ये बताने के लिए काफी है की हम कब किस काम को सबसे बेस्ट तरीके से कर सकते है.
अगर आप खुद को सुबह के समय सबसे ज्यादा mentally alert पाते है तो उन गतिविधि को करने की कोशिश करे जिनमे cognitively demanding activities होती है. आप अपने काम को सबसे बेहतर तरीके से कर पाएंगे.
Daily schedule में किया गया बदलाव आपको ये जानने में मदद करता है की आप किसी काम को कब सबसे बेहतर कर सकते है. हमारा Biological clock सभी महत्वपूर्ण कामो को regulate and control करता है इसलिए इसे समझना हमें हमारे काम का 100% दे सकता है. इस बारे में आप क्या सोचते है हमें कमेंट के माध्यम से बताना न भूले.
सही नींद ना लेने की वजह से हम दिनभर के कामो में खुद को थका हुआ महसूस करते है. अगर आप खुद को लम्बे समय से tiredness feel कर रहे है तो समझ लीजिये की आप Fatigue का शिकार है. ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे हम हर समय खुद को सुस्त महसूस करते है.
आज हम Excessive tiredness reason and solution के बारे में बात करने वाले है की इससे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है.
Sleepiness or fatigue ये दोनों ही स्थिति अलग अलग है. पहली स्थिति में हमारा मन हर पल सोते रहने का करता है तो दूसरी स्थित में हम चाहकर भी किसी काम को ढंग से नहीं कर पाते है.
हालाँकि ये दोनों ही स्थिति हमारे daily routine को affect करती है जिसकी वजह से हम कोई भी काम ढंग से नहीं कर पाते है.
अगर आप जरुरत से ज्यादा stress ले रहे है तो ये depression की वजह बन सकता है जो आगे चलकर आपके mental health पर negative effect डालता है और आप खुद को energetic feel नहीं कर पाते है.
कई मामलो में past life trauma, Chronic pain जैसी वजह से भी हम ढंग से सो नहीं पाते है और अधूरी नींद का असर हमारे दिन भर के कामो पर देखने को मिलता है.
हर रोज सुबह उठने पर हम बड़े बड़े टारगेट खुद के लिए सेट तो करते है लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाते है तो इसकी वजह से भी आगे चलकर हम खुद को कामो में सुस्त महसूस करना शुरू कर देते है.
दिनभर की गतिविधि में भी हम थका हुआ महसूस करते है जिसकी वजह से किसी भी काम को मन से नहीं कर पाते है. इसका सीधा असर आपके सुबह की शुरुआत से होता है और दिनभर के कामो को सही से नहीं कर पाते है.
how Excessive tiredness affect our daily routine
क्या आप भी खुद को हर समय थका हुआ महसूस करते है ? काम में मन ना लगना, Daily Routine के कामो को सही से ना कर पाना और अपना 100% काम में ना दे पाना ये सब occasional sleepiness and low energy के लक्षण है. Periods of occasional sleepiness and low energy वो समय होता है जब हम खुद को मानसिक तौर पर healthy नहीं पाते है.
इसकी सबसे बड़ी पहचान ये है की सोने या आराम करने के बाद भी हम खुद को relax महसूस नहीं करते है. जब ऐसा हो तब आपको experiencing excessive tiredness के मुख्य वजह पर ध्यान देना चाहिए. ज्यादातर मामलो में medical issue or a mental health condition like depression की वजह से हम ऐसा अनुभव करते है.
जब हम depression से गुजरते है तब Fatigue, sleepiness, and feeling tired all the time ये कुछ खास लक्षण है जो देखने को मिलते है. कुछ खास Sign of depression को आप खुद नोट कर सकते है जैसे की
सोने में परेशानी Trouble falling asleep
कम नींद ले पाना Trouble staying asleep
सुबह उठने पर खुद को relax feel ना कर पाना Difficulty waking in the morning
लम्बे समय तक सोते रहना और इसके बावजूद थका हुआ महसूस करना Sleeping too long
Excessive tiredness के ये मुख्य संकेत है की आप depression का शिकार है और आपको इससे बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए क्यों की हम दिन के कामो में खुद को sluggish and unmotivated feel करने लगते है.
12 Reasons You Feel Tired All the Time
अगर आप खुद को हर समय थका हुआ महसूस करते है तो इसके कुछ main reason निम्न है.
Diet सही खाना ना लेना.
Vitamin deficiency विटामिन की कमी हो जाना
Lack of sleep सही नींद ना ले पाना
Being overweight जरुरत से ज्यादा वजन बढ़ने की वजह
Sedentary lifestyle आपका डेली रूटीन सही न होना
Stress तनाव लेना
Depression अवसाद का शिकार हो जाना
Sleep disorders किसी तरह की नींद से जुडी समस्या
Chronic fatigue syndrome
Fibromyalgia
Medication किसी तरह का दवाई का side effect
Diabetes
अगर आप periods of restlessness and sleepiness से बाहर निकलना चाहते है तो आपको कुछ बदलाव करने चाहिए. आइये इनके बारे में जान लेते है.
See Your Personal Physician
अगर Excessive tiredness की वजह से आपके दिन भर के कामो पर Negative effect पड़ रहा है तो सबसे पहले आपको अपने डॉक्टर से मिल लेना चाहिए. अगर ये सब किसी तरह की health condition जैसे की anemia, hypothyroidism, sleep apnea, heart disease, diabetes, chronic fatigue syndrome की वजह से हो रहा है तो वे इसे check out कर सही medication provide करेंगे.
अगर उन्हें लगेगा की ये किसी तरह की मानसिक समस्या है तो वो आपको किसी mental health professional को भी refer कर सकते है. किसी भी बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करना आपकी problem को कुछ हद तक figure out करने में मदद करता है.
Set an Achievable Exercise and Mindfulness Goal Each Day
बहुत बड़ा टारगेट पूरा करना या ऐसा काम जो कई अलग अलग स्टेप में होता हो उसे पूरा करने की कोशिश आपको overwhelming कर सकता है खासकर तब जब आप थके हुए हो. इसकी बजाय आपको mindfulness goal पर काम करना चाहिए. किसी भी काम को एडवांस में सोचना और प्लान करना आपको कूल बनाता है.
अगर आप ऐसा करते है तो रोजाना के कामो में इसे शामिल करने से healthy behaviors को positive habits में बदलता है और ये आपको स्टेबल बनाता है. दिन भर के Busy schedule में से अगर 15 मिनट भी आप खुद को देते है तो ऐसा करना आपके depression को कम करने में मदद करता है.
Journal Your Daily Activities
अगर excessive tiredness की वजह से आप परेशान है तो बेहतर होगा की खुद को मोटिवेशन देने की कोशिश करे. इसके लिए आप Journal का सहारा ले सकते है. दिनभर के कामो को पूरा करने के बाद अगर हम इसे नोट करते है और रिव्यु करते है तो ऐसा करना हमें आगे बढ़ने के लिए motivate करता है.
“Each success releases neurochemicals such as dopamine, which positively reinforce healthy behavior,”
एक उदाहरण के लिए अगर आप एक टारगेट लेते है की एक सप्ताह में 2 किलो कम करना है और समय पर आप उसे पूरा भी कर लेते है तो ये आपके अन्दर कुछ खास तरह के positive neurochemicals को release करता है. अब अगर आगे चलकर आप कही भी खुद को कमजोर महसूस करने लगते है तो आपका लिखा Journal ही आपको Demotivate होने से बचाता है.
Move Your Body to reduce Excessive tiredness
दिनभर में कुछ समय exercise and physical activities करने से आपका Mood and energy level boost होता है. अगर आप थके हुए है तो आपके लिए ऐसा करना बेहद मुश्किल काम हो सकता है लेकिन अगर हम कुछ ऐसा करे जो करना हमें पसंद हो तो इसमें मदद मिलती है. इसके लिए आपको 2 स्टेप में काम करना होता है.
पहला कोई ऐसा काम करना जिसे करने के लिए आपको खुद को उस स्थिति में लाना हो. एक उदाहरण के लिए सुबह सुबह उठना जो की सबसे मुश्किल काम है उसके लिए आप कुछ और कर सकते है जैसे की dairy से दूध लाना. आपको दूध लाने के लिए बाहर निकलना होगा और अगर ये आपके पास ही है तो कोशिश करे की आप अगले parlor से दूध लाने जाए.
इससे होगा ये की आप सुबह दूध तो लायेंगे ही साथ ही आपका पैदल घूमना भी हो जायेगा. हर रोज ऐसा करना आपको न सिर्फ फिट रहेगा बल्कि आप अपने मूड में भी Positive effect को महसूस करने लगेंगे.
अगर आप खुद को मोटिवेशन फील नहीं करवा पाते है तो आपको Excessive tiredness से बाहर निकलने के लिए आपको दोस्तों का सहारा लेना चाहिए, मैडिटेशन, योगा या फिर कोई भी ऐसी एक्सरसाइज जो आपके मूड को बदलने में हेल्प करे आपको Positive and stay motivate बनने में मदद करती है.
Practice Mindfulness Meditation and Relaxation
अगर कोशिश करने के बाद भी आप खुद को शांत नहीं रख पा रहे है तो आपको Mindfulness meditation, relaxation, and breathing exercises जैसी एक्सरसाइज करनी चाहिए. ऐसा करना आपके Body and mind को stable बनाता है साथ ही आप खुद को energetic feel कर सकते है. सबसे बड़ी बात इसके लिए आपको ज्यादा टाइम देने की जरुरत नहीं पड़ती है. दिनभर में सिर्फ 15 मिनट का अभ्यास ही काफी है.
शुरुआत सिर्फ 10 से 15 मिनट की प्रैक्टिस से करे और फिर आगे चलकर अपने दिनभर के कामो को mindful moments में बदलने की कोशिश करे. इसकी शुरुआत आप guided meditation, or recorded breathing exercises से कर सकते है.
एक बार आप खुद को comfortable feel करने लगते है तो आप पाते है की अब आप दिनभर के कामो में पहले से ज्यादा focus and awareness महसूस कर रहे है.
Focus on Fresh Air and Light
अगर आपके आसपास का वातावरण चमकदार होता है तो इसका सीधा असर आपके मूड पर पड़ता है. आप जितना डार्क रूम में काम करते है उतना ही आपका मूड काम में कम लगता है. काम करते समय विंडो के जितना हो सके पास रहे और अपने मूड में बदलाव को खुद महसूस करे. अगर ऐसा नहीं होता है तो काम के बीच में बाहर निकलकर थोडा टहल ले. इससे आपके मूड को बदलने में मदद मिलती है.
अलग अलग कलर की light आपके मूड पर अलग असर डालती है जिसे आप Light therapy की पोस्ट में डिटेल से जान सकते है. अगर आप किसी mental health professional के पास भी जाते है तो वो भी आपको अलग अलग तरह के ट्रीटमेंट देने की कोशिश करते है.
Adjust Your Expectations can solve Excessive tiredness
हर रोज आप जब भी बेड से उठते है और बड़ी बड़ी expectation करना और ज्यादा stress and anxiety फील करवा सकता है. हर किसी में कोई न कमी होती है क्यों की कोई भी परफेक्ट नहीं होता है. अगर आप अपनी उम्मीदों को थोडा कम स्तर पर करने की कोशिश करे तो आप पाएंगे की लाइफ कई बार ज्यादा आसान बन जाती है, इसके साथ ही आप अपनी उम्मीदों पर खरे उतरने की वजह से खुद को Confident feel करने लगते है.
Excessive tiredness issue से बाहर निकलने की शुरुआत आप किसी ऐसे छोटे से काम से कर सकते है जिसे आप आसानी से कर सके. ऐसा करना आपको ज्यादा से ज्यादा कॉंफिडेंट बनाता है. उदाहरण के लिए सुबह 10 मिनट का ध्यान, 10 मिनट का योगा और थोडा पैदल घूमना आपको पूरे दिन के लिए बेहतर शुरुआत करता है.
Troubleshoot Your Sleep Hygiene
Sleep Hygiene का मतलब है एक Healthy sleep habits or behaviors जिसके जरिये हम आसानी से सो पाते है. सिर्फ आसानी से सोना ही काफी नहीं है आप बेहतर नींद ले पाए और पूरी रात की आपकी नींद के दौरान आपकी नींद की जरुरत भी पूरी हो सके ये देखना भी आवश्यक है. Good sleep hygiene को follow करने से आप quality and quantity of sleep को improve कर सकते है.
सही नींद लेना आपके physical and mental health पर एक significant role play करता है. ये सही से काम कर सके इसलिए आपको nightly routine को follow करना होगा. इस दौरान आपको relaxing activities के लिए टाइम निकालना होता है. ऐसा करना आपके दिमाग को स्थिर करता है, body को relax करता है और एक बेहतर night sleep आप ले पाते है.
ऐसा आपको अगली सुबह उठने के बाद भी करना है. अगले दिन की सभी गतिविधि करने के बाद सोने से ठीक 60 मिनट पहले अपने Digital gadget को ऑफ कर दे. ऐसा डेली करना आपको excessive tiredness से बचाता है और एनर्जी लेवल को बूस्ट करता है.
अगर आप दिनभर के कामो में खुद को थका हुआ महसूस कर रहे है तो ये mental health issue like depression का संकेत हो सकता है. ऊपर बताये किसी उपाय से अगर फर्क नहीं पड़ रहा है तो बेहतर होगा की आप किसी Mental Health Professional से मिलकर इस बारे में बात करे.
अपने mental issue को लेकर therapist, psychologist, or psychiatrist से बात करना आपको इस तरह के इशू से बाहर निकाल सकता है.
Mental Health Professional आपके issue को समझने और उसे लेकर strategies तैयार करते है जिसकी वजह से आप खुद को अच्छा महसूस करने लगते है और Energy boost आपको इससे recover होने में मदद करता है.
How to recover from excessive tiredness final conclusion
हर रोज के कामो में fatigue and excessive sleepiness को डील करना आपके routine पर negative effect डाल सकता है. अगर आप sleep hygiene, moving your body more, practicing mindfulness, and getting outdoors जैसे टिप्स को follow करे तो आप न सिर्फ सही नींद ले पाते है बल्कि depression से भी खुद को दूर रख सकते है.
ऊपर दिए गए किसी भी टिप्स से फायदा नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा की आप किसी Mental Health Professional से मिले और depression से बाहर निकलने के लिए strategies तैयार कर सकते है. दैनिक routine में Mindfulness meditation and exercise को शामिल करना आपके energy level को boost करता है. आप क्या सोचते है हमें कमेंट के जरिये जरुर बताए.