back to top
Wednesday, May 27, 2026
Home Blog Page 49

कुण्डलिनी जागरण के दौरान कुण्डलनी के मायाजाल में खुद को फंसने से कैसे बचाए जागरण के छिपे हुए खतरे

0

Spiritual awakening की process जैसे जैसे आगे बढती है वैसे वैसे हमारा ego दूर होने लगता है और हम spirits से जुड़ने लगते है. Language of Taoism के अनुसार lower soul का higher soul में transform होने लगता है और हम Spiritual path पर आगे बढ़ने लगते है.

लेकिन क्या हो अगर आगे बढ़ने की बजाय False Signs of Spiritual Awakening का सामना करना पड़े ? आज हम बात करने वाले है Hidden Traps of Kundalini Awakening के बारे में.

आपने नोटिस किया होगा की Spiritual practice के दौरान हमें कई बार ऐसा लगता है की हम दूसरो से अलग है. बार बार ऐसा सोचने की वजह से हम खुद को दूसरो से अलग सोचना और समझना शुरू कर देते है. इस तरह की स्थिति एक तरह का भ्रम पैदा करती है जो हमारी Spiritual growth पर Negative effect डालती है.

हम खुद को दूसरो से अलग करना शुरू कर देते है जिसकी वजह से हमारे अन्दर Ego, spiritual bypass and spiritual emergency जैसी कंडीशन पैदा होने लगती है.

Hidden Traps of Kundalini Awakening How to overcome side effect

आमतौर पर इस तरह के Hidden Traps of Kundalini Awakening अभ्यास के दौरान हर कोई experience करता है लेकिन बहुत कम लोग इससे बाहर निकल पाते है. इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा इन पर प्रतिक्रिया देना है.

जब हम reaction देने लगते है तब ये स्थिति हमारे control से बाहर निकलने लगती है.

इस स्थिति को समझकर हम इससे बाहर निकलने की कोशिश कर सकते है. आइये जानते है ऐसे ही Top 5 misunderstanding concept of spiritual awakening के बारे में जिसमे फंसने के बाद न सिर्फ आध्यत्मिक विकास रूक जाता है बल्कि पतन भी होने लगता है.

What is Hidden Traps of Kundalini Awakening?

Hidden trap यानि छिपे हुए खतरे वो symptom है जो Kundalini awakening के दौरान experience किये जाते है. हमें लगता है की कुण्डलिनी जागरण की वजह से ऐसा हो रहा है लेकिन वास्तव में हम जागरण की प्रक्रिया के दौरान अनचाही स्थिति में फंस कर रह जाते है.

ये अनचाही परिस्थितियां हमें न सिर्फ आगे बढ़ने से रोकती है बल्कि physical world में भी हमें प्रभावित करती है.

आध्यात्मिक अभ्यास हमें स्टेबल बनाते है और आगे बढ़ने में मदद करते है लेकिन अगर यही अभ्यास हमें आगे बढ़ने की बजाय भटकाने लगे तो ?

यहाँ पर हम बात करने वाले है Hidden Traps of Kundalini Awakening के बारे में. ऐसे अनुभव जो हमें आध्यात्म में आगे बढ़ने की बजाय किसी तरह की स्थिति में फंस कर रह जाते है.

Spiritual path पर आगे बढ़ने के दौरान हम कही न कही इस तरह की स्थिति को फेस करते ही है.

हमें इन स्थिति को समझकर बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए. आइये जानते है ऐसे 5 छिपे हुए अनुभव के बारे में.

5 Hidden Traps of Kundalini Awakening

अभ्यास के दौरान होने वाले अनचाहे अनुभव को ही Hidden Traps of Kundalini Awakening कहते है. Spirituality and Enlightenment की process के दौरान हमें कई अलग अलग अनुभव को फेस करना पड़ता है.

Spiritual awakening की प्रोसेस के दौरान अगर हम खुद को स्थिर नहीं रख पाते है तो इस तरह के अनुभव में फंस कर रह जाते है.

शक्ति मिलने के साथ ही जिम्मेदारी भी मिलती है. ये Quotes सुनने में जितना motivational लगता है उतना ही इसका deep meaning देखने को मिलता है. इसी तरह के 5 अनुभव हमें होते है और उनका हम पर क्या प्रभाव होता है आइये जान लेते है.

Spiritual superiority

जब हम खुद को दूसरो से ज्यादा active, Conscious महसूस करते है तो इसकी वजह से कई बार Spiritual ego की स्थिति पैदा होती है. ये वो स्थिति है जिसमे हम दूसरो को अपने लायक या बराबर का ना मानते हुए उन्हें कम आंकना शुरू कर देते है. अभ्यास के दौरान जैसे जैसे अनुभव होते है हम पाते है की हम दूसरो से अलग होते जा रहे है क्यों की

  • दूसरे लोग Physical world activity में फंसे हुए है वही हम इससे ऊपर उठ कर Spiritual path पर आगे बढ़ रहे है.
  • अब हमें दूसरो से प्रभावित होने की जरुरत नहीं है वो क्या बोलते है हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.
  • हमारा और उनका देखने का नजरिया अब बदल चूका है इसलिए अब उनके नजरिये को क्या जानने की कोशिश करना.

Hidden Traps of Kundalini Awakening हमें emotional level पर प्रभावित करता है जिसकी वजह से हमारे भाव और सोचने का नजरिया बदलता है. आपने आध्यात्मिक उदासीनता के बारे में तो पहले की पोस्ट में पढ़ ही लिया होगा. ये वो स्थिति है जिसमे हम जितना अंतर से जुड़ते है उतना ही Physical world में दूसरो से अलग होते जाते है.

एकांत में रहना, ज्यादा बाते न करना, खुद दूसरो से ऊपर समझना ये सब हमारे मन में आना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से हम emotional imbalance की स्थिति को फेस करने लगते है.

इसे ज्यादा समझने के लिए आपको ये दो पोस्ट पढ़ लेनी चाहिए

  1. आध्यत्मिक अभ्यास के बाद उदासीनता को महसूस करना जानिए ऐसा क्यों होता है ?
  2. Spiritual ego जानिए क्यों इससे बाहर निकलना आपके लिए बेहद जरुरी है.

Read : Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

Savior complex a Hidden Traps of Kundalini Awakening

क्या होगा अगर आपको अचानक से Super power मिल जाए ? आप खुद को ऊपर ले जाओगे या दूसरो का भला करोगे ?

ज्यादातर तो सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे और उसमे भी वो उन wish को पूरा करने की कोशिश करेंगे जो रियल लाइफ में उनकी Fantasy रह चुकी है. Savior complex एक ऐसी स्थिति है जहाँ हम खुद को दूसरो का मसीहा समझने लगते है.

हमारे मन की बनाई ऐसी एक स्थिति जो हमें किसी Super hero की तरह feel करवाती है. हमें लगता है की हम दूसरो से ऊपर है और उन्हें हमारी जरुरत है.

Spiritual Kundalini awakening process के दौरान प्रभाव Physical, mental, spiritual तीनो लेवल पर देखने को मिलता है लेकिन बदलाव हमें mentally unstable बना देते है जब वे हमारी सोच से बढ़कर हो.

खुद को दूसरो का रक्षक समझना, उन्हें तुच्छ समझना और ये मान लेना की वो आपके सरंक्षण में है और आपको ही उनका भला करना है ये स्थिति उन Hidden Traps of Kundalini Awakening में से एक है जो हमें आध्यात्म से दूर ले जाती है.

वास्तव में ये traps उन Side effect में से है जो अभ्यास के दौरान खुद को स्टेबल ना रख पाने की वजह से हमें फेस करने पड़ते है. ऐसा हर अभ्यास में होता है.

Grasping and attachment

आध्यात्मिक अभ्यास के दौरान हमें कई बार ऐसे blissful experiences of the Kundalini awakening होते है जिनसे बाहर निकलने का हमारा बिलकुल मन नहीं करता है.

एक उदाहरण के लिए काफी समय पहले हमें त्राटक के बारे में लिखा था जिसमे हमें त्राटक के दौरान Thoughtless situation में चले जाते है जिसे विचारशून्य की स्थिति कहते है.

जब हम इस स्थिति में होते है तब इससे बाहर निकलने का मन नहीं करता है. इसकी वजह है हमारा खुद को जानना जब हम खुद को जानना शुरू कर देते है तब बाहरी चीजो से हमारा लगाव ख़त्म होने लगता है. यही स्थिति kundalini activation के दौरान होती है.

जब हम कुण्डलिनी जागरण को अनुभव करना शुरू करते है तब हमारा ज्यादातर मन इस अभ्यास में बने रहने का करता है.

दिन भर के काम के दौरान भी हमारा मन सिर्फ उसी स्थिति में बने रहने का करता है जिसे Grasping and attachment के नाम से जानते है.

इस तरह का Hidden Traps of Kundalini Awakening हमें भटका सकता है जिसका सीधा असर हमारे भौतिक जीवन पर पड़ता है.

हम आध्यात्मिक स्थिति में बने रहना चाहते है जिसकी वजह से ना तो दिनभर की गतिविधि को सही से कर पाते है ना ही आध्यात्म को समझ पाते है. ये एक तरह का भटकाव हमें kundalini awakening experience को सही तरीके से समझने से रोकता है.

Read : क्या होता है जब 2 लोगो के बीच का मानसिक कनेक्शन बहुत ज्यादा स्ट्रोंग बन जाता है ?

Spiritual nihilism

Spiritual practice के दौरान हम Universal truth को समझना शुरू करते है लेकिन ये हम पर निर्भर करता है की हम real world में उन्हें कैसे apply करते है.

For example आध्यात्मिक अभ्यास के दौरान हम unattachment को समझते है और हमें लगता है की किसी से लगाव नहीं रखना चाहिए. अब उसे रियल वर्ल्ड में हम अपने परिवार पर ही apply कर देते है.

वास्तव में un-attachment किसी तरह के लगाव को लेकर नहीं था बल्कि जो है उसे लेकर संतुष्ट रहना था, लेकिन हमें लगता है की परिवार की जिम्मेदारी से मुह मोड़ लेना चाहिए यही अलगाव होता है.

Signs-Your-Third-Eye-Is-Opened

दूसरा “all is an illusion,” “nothing ultimately matters” जैसे Universal truth जो वास्तव में हमें भौतिक संसार में फंसे रहने से रोकने के लिए है लेकिन इन्हें भी हम wrong sense में लेकर खुद को सबसे दूर कर लेते है.

इस तरह का Hidden Traps of Kundalini Awakening तब फेस करना पड़ता है जब कुण्डलिनी जागरण के दौरान हम खुद को सबसे अलग कर लेते है.

इसकी वजह से dissociation, emptiness, and cynicism जैसी स्थिति पैदा होती है जो हमें आगे बढ़ने से तो रोकती ही है साथ ही हमें दूसरो से भी अलग कर देती है.

आध्यात्म का मतलब एकांत कभी नहीं होता है, हम सब एक है यही सबसे बड़ा सच है और इसी के आधार पर हमें आगे बढ़ना चाहिए.

Avoidance dangerous Hidden Traps of Kundalini Awakening

हम कुण्डलिनी जागरण जैसी अध्यात्मिक प्रक्रिया में है इसका मतलब ये नहीं की हम अपनी बाकि जिम्मेदारी को भूल जाए.

कई बार आध्यात्म की दुहाई देकर भौतिक जरूरतों को Avoid करना हमारे लिए Spiritual bypass की स्थिति पैदा करता है. एक उदाहरण के लिए अगर आपको साधू बनना है तो शादी नहीं करनी है.

भगवान् शिव के अनुसार हम घर में रहते हुए भी अपने सभी दायित्व और फर्ज पूरे कर सकते है साथ ही आध्यात्म को follow कर सकते है. जागरण की प्रक्रिया के दौरान हम सबसे ज्यादा बाहरी चीजो से अलगाव की मनोस्थिति से गुजरते है. ये सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले Hidden Traps of Kundalini Awakening में से एक है.

हम चाहते है की सबकुछ छोड़कर हम सिर्फ अपने अंतर से जुड़े रहे यानि अपने बाकि सभी कर्मो से मुह मोड़ ले. सबकुछ छोड़कर सिर्फ आध्यात्म में बने रहना ये हमारे लिए Spiritual Bypass की स्थिति पैदा करता है जो आगे चलकर हमें सबसे दूर कर देती है.

इस तरह के dangerous Hidden Traps of Kundalini Awakening हमें ना तो आध्यात्म में आगे बढ़ने देते है ना ही हम भौतिक फर्ज को पूरा कर पाते है.

आध्यात्म में रहने के बाद भी हमारा ध्यान भौतिक जरूरतों में रहता है जिसे ignore करने के लिए हम खुद को Spiritual activity में busy रखने की कोशिश करते है लेकिन दोनों ही तरह से खुद को धोखा दे रहे होते है.

Read : लाइफ आसान बन जाएगी अगर आपने कर्म के 12 मूल सिद्धांत को समझ लिया जानिए कर्म कैसे आपकी लाइफ को प्रभावित करते है

इससे बचने की जरुरत है

अगर आपके साथ किसी भी अभ्यास या Spiritual activity के दौरान इस तरह की स्थिति बन रही है तो सावधान हो जाइए.

ये वो छिपे हुए ट्रैप है जो न सिर्फ आपको आगे बढ़ने से रोकते है बल्कि भौतिक जिम्मेदारियों से भी दूर कर देते है. आध्यात्मिक अभ्यास के दौरान खुद को मानसिक तौर पर मजबूत और स्थिर बनाना सबसे बड़ी चुनौती होती है.

अगर आप ऐसा नहीं कर सकते है तो सिर्फ Hidden Traps of Kundalini Awakening से बचने के लिए एक बात का ध्यान रखे.

अभ्यास में होने वाले अनुभव पर किसी तरह की प्रतिक्रिया न दे. बदलाव शुरू में विचलित करते है इसलिए सिर्फ शुरुआत में थोड़ा ध्यान दिया जाए तो आगे समस्या नहीं आती है.

कुण्डलिनी जागरण के दौरान अनचाही स्थिति से कैसे निपटे ?

अगर Kundalini awakening process के दौरान आप खुद को ज्यादा overwhelmed महसूस कर रहे है तो यहाँ दिए गए कुछ सिंपल गाइड को follow कर आप भी खुद को Mentally stable कर सकते है.

Painful Kundalini experience के दौरान सबसे ज्यादा problem हमारे nervous system में होती है इसलिए Hidden Traps of Kundalini Awakening को सही करने के लिए कुछ तरीको को अपना सकते है.

  • Taking a warm bath with essential oils like lavender: जब भी खुद को विचलित होता हुआ पाए तो गर्म स्नान करे जिसमे सुगन्धित तेल हो. इससे हमें इमोशनली आराम मिलता है और हम शांत हो पाते है. आप चाहे तो चाय ले सकते है और इस दौरान आपकी बॉडी और माइंड किस तरह रियेक्ट कर रहा है इसे लेकर mindful रहे.
  • Find something/someone that brings you a feeling of safety: अपना समय उनके साथ बिताने की कोशिश करे जिनके साथ आप दिल से जुड़े हो. ये आपके भावनात्मक बदलाव को स्थिर करने में मदद करता है.
  • peaceful music सुनने की कोशिश कर सकते है.
  • Slow guided breathing: सांसो की लय को स्थिर रखने की कोशिश करे और उसे काउंट से जोड़ दे. कुछ समय बाद ही आप खुद को स्थिर महसूस करने लगेंगे.
  • खुद को nature के साथ Ground करना.
  • अपने आहार में potatoes, root vegetables, organic meat जैसी चीजे शामिल करे.

ये सब आपके emotional instability को stable करने में मदद करता है. धीरे धीरे आप खुद को शांत और स्थिर महसूस करने लगते है.

Stop all spiritual practice temporarily

अगर ऊपर बताये गए किसी भी ट्रिक्स से आपको फायदा नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा की कुछ समय के लिए spiritual practice को temporarily रोक दे.

कई बार अभ्यास को जारी रखने की वजह से effects of Kundalini awakening और ज्यादा बढ़ने लगते है जो की आगे चलकर Hidden Traps of Kundalini Awakening में भी बदल सकते है.

kundalini yoga

अगर ऐसा हो रहा है तो कुछ समय के लिए अभ्यास को बिच में ही रोक दे और अगर आप इसके बदले में कुछ और करना चाहे तो mindfulness meditation कर सकते है.

ये आपको Present situation पर बने रहने में मदद करता है. कई बार Spiritual emergency जैसी स्थिति पैदा हो जाती है जब हमें अभ्यास में फायदे की जगह नुकसान होने शुरू हो जाते है.

ऐसी Hidden Traps of Kundalini Awakening में हम किसी तरह खुद को शांत बनाए रखे इसके लिए आपको Spiritual emergency Symptom, cause and solution पर लिखा आर्टिकल पढ़ लेना चाहिए.

Read : शरीर का अचानक ही बिना आग के जल जाना क्यों आज भी नीली रौशनी से होने वाली मौत एक रहस्य बनी हुई है

Seek out compassionate help

अगर आप अभ्यास को बंद करना नहीं चाहते है तो उसे continue रख सकते है लेकिन ये सब किसी Spiritual master के under में रहते हुए ही जारी रहना चाहिए.

जब struggle with the Kundalini energy की स्थिति बहुत ज्यादा ही intense हो जाती है और इसे आगे जारी रखना आपके लिए अब संभव नहीं रह सकता है तो आप किसी Spiritual Guru की तलाश करे.

आध्यात्मिक गुरु को spiritual psychology का सही ज्ञान होना चाहिए और मालूम होना चाहिए की आध्यात्म में Mind and spirit का आपस में integration होना कितना जरुरी है. आजकल kundalini awakening specialist online भी आपको इसमें सही गाइड कर सकते है.

सबसे बड़ी बात जो आपको मालूम होनी चाहिए और वो है Trust your instincts है अपने अंतर की आवाज को सुनना. जब भी हम कोई निर्णय लेते है तब हमारा मन उस पर प्रतिक्रिया करता है हमें बस उसे समझना है.

किसी Online kundalini awakening guru से बात करते समय अगर अप खुद को relax, stable, comfortable feel नहीं कर पा रहे है तो बेहतर होगा की उसे अपनी स्थिति के बारे ना ही बताये बल्कि किसी और गुरु की तलाश करे. आध्यात्मिक गुरु ऐसा होना चाहिए जो आपकी हर शंका को comfortable way में solve कर सके.

How to safe from Hidden Traps of Kundalini Awakening Final conclusion

Spiritual practice के दौरान अनचाहे अनुभव होना और हमारा उनमे फंस कर रह जाना ये सब Unwanted Hidden Traps of Kundalini Awakening का एक हिस्सा है.

हमें लगता है की हम आध्यात्म में आगे बढ़ते जा रहे है और बेहद कम स्तर के अनुभव भी हमें बड़े स्तर पर प्रभावित करने लगते है.

आमतौर पर देखने में आता है की जब शुरू शुरू में हमें अलग अनुभव होता है तब हम खुद को दूसरो से Superior मानना शुरू कर देते है.

इस तरह के अनुभव से बाहर निकलने के लिए आपको shadow work करने की जरुरत है. अगर आप समय रहते इस पर काम नहीं करते है तो ये आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकते है.

यहाँ बताये गए इसी तरह के 5 Hidden Traps of Kundalini Awakening or अनचाहे अनुभव और उनसे बाहर निकलने के लिए 3 तरीको के बारे में आज हमने जाना है. किसी तरह के सवाल के लिए आप कमेंट में पूछ सकते है.

आखिर क्यों कुण्डलिनी जागरण के दौरान सामान्य लोगो के पागल होने की संभावना बनी रहती है ?

2

काफी समय पहले हमने कुण्डलिनी पर कुछ आर्टिकल शेयर किये थे. क्रिया योग विधि के जरिये कुण्डलिनी को जाग्रत करने का जो तरीका शेयर किया था वो सबको अच्छा लगा क्यों की सेफ था.

कुण्डलिनी शक्ति / kundalini energy के बारे में जानने के लिए आपको बहुत सारी चीजे जाननी होगी जिसमे Kundalini energy एक है. इसके अलावा snake power का हमारे spine से क्या सम्बन्ध है इन सब टॉपिक को डिटेल से अब हम जानने वाले है.

आपको बता दे की ध्यान की विधि में हम universal cosmic energy को life force के रूप में ग्रहण करते है. दिनभर के कार्यो में यही उर्जा काम आती है.

उर्जा का प्रवाह हमारे मस्तिष्क से होते हुए बेस तक जाता है जिसकी वजह से हम बाहरी माध्यम और उर्जा पर निर्भर हो जाते है.

अगर हम Awaken the Snake in Yoga Practice की प्रक्रिया को जान ले तो महसूस करेंगे की जिस उर्जा के लिए हम बाहर प्रयास कर रहे है उससे कही तीव्र वेग वाली हमारी Kundalini the snake power एक storehouse of energy का काम कर सकती है.

Kundalini energy

आपने सुन रखा होगा की कुण्डलिनी शक्ति को बिना किसी निर्देशन के जगाना सेफ नहीं है.

ये बात 100% सच है क्यों की इस उर्जा का वेग संभाल पाना सामान्य इन्सान के बस की बात नहीं खासकर शक्ति अर्जन के उदेश्य से इस प्रक्रिया को जबरदस्ती करने की कोशिश की जाए.

कुण्डलिनी उर्जा क्या है इस बारे में हम इस पोस्ट में बात करने वाले है इसलिए आइये जानते है…

What is Kundalini energy?

हम सभी चेतना के अलग अलग स्तर के बारे में पढ़ चुके है लेकिन क्या आप ये जानते है की level of consciousness को मुख्य रूप से yoga science में इसकी डायरेक्शन से समझा जाता है.

flow of cosmic energy बॉडी में मस्तिष्क के निचले हिस्से से लेकर स्पाइन की और होता है. आगे चलकर seven chakras से गुजरते हुए सम्पूर्ण nerve system में फ़ैल जाती है ताकि हम अपने सभी Physical needs को पूरा कर सके.

लेकिन क्या ये सही है ? जब हम ध्यान करते है तब बाहरी उर्जा का फ्लो हमारे शरीर में होने लगता है.

हमारी बॉडी Universal cosmic energy को ग्रहण करना शुरू कर देता है. लेकिन इस तरह के अभ्यास में outward flowing energy हमारे दिमाग को बाहरी माध्यम पर निर्भर बना देते है.

दिनभर के कार्यो के दौरान हम इस उर्जा को प्रयोग में लाते है. जब तक Life force energy हमारे अन्दर ऊपर से निचे की और flow करती है हम conscious world में ही फंसे रहते है.

Kundalini yoga में इसके ठीक विपरीत अवधारणा होती है. जब एनर्जी का फ्लो निचे से ऊपर की ओर होना शुरू हो जाता है तब हम consciousness another world में जाना शुरू करते है.

इस भौतिक संसार से एक अलग एक दुनिया जिसमे किसी तरह का तत्व नहीं होता बल्कि spirit होती है. यही पर शुरुआत होती है Kundalini energy की.

Read : Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

Kundalini the evolutionary energy in man

हम सब में एक positive magnet होता है जो की top of the head पर स्थित होता है. इसे the spiritual eye and crown chakra के नाम से जाना जाता है. ये हिस्सा हमारी चेतना को positive energy यानि spiritual life की तरफ attract करता है.

ठीक उसी समय हमारे base of the spine में भी एक magnet होता है जो हमें negativity, selfishness, and unawareness की तरफ धकेलता है. ध्यान के दौरान हम बार बार less aware state की तरफ धकेले जाते है क्यों की असंभव के पार की दुनिया के लिए हम तैयार नहीं होते है.

Kundalini जो की base of the spine के center में सुप्त अवस्था में रहती है एक तूफान की तरह ऊपर की ओर फ्लो करना शुरू करती है.

यही वो storehouse of energy है जिसके कारण हम ध्यान के समय खुद को restlessness के लिए फ़ोर्स करते है. हमारे शरीर के दोनों मेग्नेट जब आपस में मिलते है तभी enlightenment occurs process शुरू होती है.

यहाँ से raising the energy की जरुरत और उसके महत्त्व को लेकर कोशिश शुरू होती है. ऐसे व्यायाम जिनमे सांसो के प्रवाह को कण्ट्रोल किया जाता है यानि violent breathing exercises के जरिये Life force को अपान वायु ( गुदा द्वार से ली जाने वाली वायु ) से मिला देना.

इसके संगम से जो विस्फोट होता है वह उर्जा कुण्डलिनी उर्जा को निचे से ऊपर हर चक्र से गुजरने में मदद करती है. Kundalini energy इसी क्रिया से उत्पन होने वाली उर्जा है.

Be aware about side effect

Kundalini awakening process जितनी amazing yoga practice है उतनी ही extremely harmful भी हो सकती है. अगर इसे सही निर्देशन में ना किया जाए तो सामान्य इन्सान इसके वेग को झेल नहीं सकता है क्यों की उर्जा का दबाव साधक को विचलित कर सकता है.

अगर हमारा उदेश्य physical and willful means से भरा हुआ है तो भी Over-stimulating Kundalini की process खतरनाक हो सकती है.

हम सब समझते है की कुण्डलिनी जागरण शक्ति के अनुभव करने का सफ़र है लेकिन ऐसा नहीं है. असल में ये सफ़र है हमारा चेतना से अंतर की ओर बढ़ने का जिसमे शक्ति का अर्जन तो बस एक हिस्सा है.

Signs-Your-Third-Eye-Is-Opened

असल में एक साधक की लाइफ में काफी सारे Physical and mental change आते है जो की चक्र शुद्धि का परिणाम होता है.

अगर इस kundalini energy क्रिया को बगैर समझे किया जाए तो इतनी खतरनाक उर्जा का विस्फोट होता है जो की ऊष्मा की मात्रा को बढ़ा देता है और आपके nerve system को damage कर सकता है.

The founder of Ananda ने अपनी एक पुस्तक The New Path में इसके बारे में जिक्र करते हुए लिखा है की kriya yoga अपने आप में ही एक  highest technique for awakening Kundalini है.

उनके अनुसार spiritual tradition में स्टूडेंट को moral precepts  को फॉलो करने के लिए प्रेरित करना चाहिए.

आप खुद अनुभव कर सकते है की जब भी हम generous or loving thoughts के बारे में सोचते है उर्जा का प्रवाह निचे से ऊपर की ओर होता है जबकि दूसरी ओर हमारे personal desire कुण्डलिनी को निचे की और धकेल देते है ताकि उस जरुरत को पूरा किया जा सके.

Read : महाकाली वशीकरण साधना मंत्र विधि का अचूक उपाय शत्रु वशीकरण और दमन के आसान प्रयोग

योग का कुण्डलिनी जागरण में महत्त्व

योग का महत्त्व life force को स्पाइन में निचे से ऊपर की और उठाना होता है. अगर आप भी जागरण की क्रिया को सरल बनाना चाहते है तो आपको outer life को पूरी तरह बदलना होगा ताकि उसका असर आपको meditative efforts में मिल सके.

जब तक हम बाहरी विषयों को लेकर प्रक्रिया को शुरू करते है इसमें सफलता मिलने का चांस भी नहीं होता है.

इसकी वजह है contractile attitudes यानि हमारे दिमाग में बने हुए पहले के आभास जैसे की साधना में बैठने से पहले ही उसके बारे में पूर्वधारणा बना लेना की अनुभव कैसे रहेंगे.

इस वजह से जो kundalini energy के अनुभव होते है और जो हमने सोचा है वो मेल नहीं खाता है. हम spirituality की तरफ जाना चाहते है लेकिन दिमाग फिर से विषयों में उलझा देता है.

योग का महत्त्व यही है. ये न सिर्फ बॉडी के लिए शुद्धिकरण का कार्य करता है बल्कि mental cleansing की प्रोसेस को भी प्रभावशाली बना देता है और हम विषयों में उलझे रहने की बजाय खुद को तलाशना शुरू कर देते है.

हम कुण्डलिनी की तुलना एक बहुत विशाल नदी से कर सकते है. अगर आप सही दिशा की तरफ चलते है तो बहाव के साथ आगे बढ़ सकते है लेकिन, अगर एक साधक extreme breathing exercises के जरिये forces Kundalini upward की प्रक्रिया को अंजाम देता है तो वो सफल नहीं हो पायेगा.

ये सब वो अपने ईगो के चलते करता है. इसकी वजह से उसकी चेतना उन अनुभव के लिए तैयार नहीं हो पाती है जो आगे चलकर उसे विचलित करते है.

Kundalini energy flow को चक्र से गुजारा जाए लेकिन वे सही तरह से refined ही ना हो तो ? ऐसी स्थिति में उर्जा का विस्फोट ही साधक को विचलित कर देता है क्यों की उर्जा चक्र से न गुजरते हुए एक जगह फंस जाती है.

Read : कही आप भी किसी तरह के वशीकरण या काले जादू का शिकार तो नहीं ? 10 संकेत जो बताते है किसी ने कुछ किया है

प्राण वायु और अपान वायु का संगम

हमारा शरीर 8 अलग अलग तरह की वायु को ग्रहण करता और छोड़ता है. पहली 4 तरह की वायु को हम शुद्ध मानते है और बची 4 को अशुद्ध. बॉडी के positive magnet और negative magnet की उर्जा जब आपस में टकराती है तब एक विस्फोट होता है.

यही विस्फोट उर्जा को हमारे स्पाइन में निचे से ऊपर की और गुजारता है.

ये एक यौगिक क्रिया है जिसमे बंध लगाकर हम दो अलग अलग वायु का संगम करवाते है. अश्वनी मुद्रा में बैठकर गुदा द्वार से अपान वायु को अन्दर खींचना और फिर उसे प्राण वायु से मिलाना इसका हिस्सा है. जब ऐसा होता है तब उर्जा का उद्भव शुरू होता है.

ये kundalini energy का अनुभव शुरू में हमें ठंडक प्रदान करता है लेकिन आगे बढ़ने के बाद ये सप्त चक्र में उर्जा के भेदन की प्रक्रिया को शुरू कर देता है.

Guided-7-chakra-meditation

इसे करने का तरीका बेहद आसान है अगर आप योग करते है तो आप इसे खुद करके देख सकते है. सबसे पहले प्राण वायु को अन्दर की ओर खींचे और बांध लगा ले.

इसके बाद गुदा द्वार से हवा को अन्दर खींचे और उसे बंद कर ले. अब दोनों वायु के संगम को करने की कोशिश करे.

दोनों वायु लगभग नाभि क्षेत्र के आसपास मिलती है और जब ऐसा होता है तो सबसे पहले हमें बेहद ठंडक का आभास होता है.

इसके बाद जैसे एक भंवर नाभि क्षेत्र में उठ रहा है जो धीरे धीरे ऊपर की ओर उठता है.

Snake power can damage your nerve system

kundalini energy जागरण की प्रक्रिया से पहले चक्र शुद्धिकरण की प्रक्रिया बेहद आवश्यक है. अगर ऐसा नहीं होता है तो kundalini energy flow चक्र से न होकर आपके बॉडी में nerve system में बहने लगता है.

जब ऐसा होता है तब हमें अत्यधिक ऊष्मा और उर्जा का अनुभव होता है साथ ही हमारी चेतना भी विचलित हो जाती है.

योगी आनंद इस वजह से intense yoga practices का विरोध करते है और एक दूसरी balanced and spiritually mature approach to enlightenment विधि के जरिये आगे बढ़ने के लिए कहते है. यही वजह है की उनका सुझाया गया Kriya Yoga path पूरी तरह सेफ है.

Kundalini energy awakening process भी इसमें जबरदस्ती नहीं किया जाता है जिसकी वजह से जितने भी अनुभव होते है सब सही होते है.

Life force को सही दिशा में काम में लेने के लिए Yoga techniques बेहतरीन सुझाव है. इसमें आपको सही अनुभव मिले इसके लिए purity of heart के साथ साथ right attitude और scientific technique का होना बेहद जरुरी है तभी आप spiritual experience को बिना किसी नुकसान के अनुभव कर पाएंगे.

जब भी योग का अभ्यास loving spirit of self-offering के उदेश्य से किया जाता है उर्जा का प्रवाह निचे से ऊपर की ओर उठता है. ये सेफ तो होता है लेकिन साथ ही बेहद प्रभावशाली भी होता है.

Read : Basic of How to learn mesmerism online in Hindi complete guide

Kundalini energy final thought

दोस्तों कुण्डलिनी उर्जा / kundalini energy को जाग्रत करने के पीछे ज्यदातर लोगो का मानना होता है की इसे जाग्रत करने से हम amazing powers के मालिक बन सकते है जब की हकीकत में ऐसा नहीं है.

जागरण एक यौगिक प्रक्रिया है और इसे क्रिया योग के माध्यम से किया जाना चाहिए. इससे हमें सही लाभ मिलते है साथ ही किसी तरह के नुकसान के होने की सम्भावना भी नहीं रहती है.

kundalini the snke को हम सब शक्ति का स्त्रोत मानते है जबकि इसके जागरण से साधक के अन्दर जो बदलाव आते है वे शारीरिक और मानसिक होते है.

जिस तरह योग करने से हम स्वस्थ रहते है वैसे ही इसमें होता है.

कुण्डलिनी शक्ति का जागरण और kundalini energy के अपने स्त्रोत से ऊपर उठाना spiritual practice है इसलिए इसे हठ से करने की कोशिश ना करे. अगर आप ऐसा करते है तो नुकसान होने की सम्भावना बनी रहती है.

kundalini energy और सप्त चक्र के बारे में हम आगे बात करेंगे.

इस पोस्ट में सिर्फ कुण्डलिनी शक्ति उर्जा के बारे में जानकारी शेयर की गई है ताकि आपको इसके बारे में कुछ समझने को मिले. बेसिक क्लियर होने के बाद अभ्यास में आगे बढ़ना सही रहता है. पोस्ट पसंद आये तो शेयर करना न भूले.

Tibetan Buddhism meditation technique beginner guide

0

बुद्धा द्वारा विकसित की गई ध्यान की विधि को Tibetan Buddhism meditation के नाम से आज पूरी दुनिया जानती है. ध्यान की इस विधि में साधक अपने अन्दर बुद्धा की quality को विकसित करते है. इस meditation technique में compassion and goodwill पर focus किया जाता है.

Buddhist meditation को करने का तरीका बेहद आसान है और ये हमें अमेजिंग रिजल्ट देता है आइये जानते है Tibetan monk meditation के बारे में.

Tibetan Buddhist meditation techniques में visualization practices का important role है. कल्पना के जरिये हम खुद को बाहरी चीजो से दूर कर अंतर की तरफ ले जाते है और आगे बढ़ते है. जितनी गहरी हमारी कल्पना शक्ति होती है उतना ही गहरा अभ्यास होता है.

Singing bowl के अलावा ऐसी कई Spiritual practice है जो इसके अंतर्गत आती है और इन सबके अपने बेनिफिट है.

Tibetan Buddhism meditation

ध्यान की ये विधि बेहद सरल है और आपके इमोशन फीलिंग को replace करने का काम करती है.

हमारे मन में दबे हुए इमोशन और फीलिंग को सांसो के जरिये हम Accept and let go के सिद्धांत पर बदलते है.

ध्यान की इस विधि को Super Awareness practice of ever के नाम से भी जानते है क्यों की ये हमारे Awareness level को highest level पर ले जाती है.

Tibetan Buddhism meditation

नाम से जाहिर है की ये मैडिटेशन बौद्ध धर्म से जुड़ा हुआ है. आज दुनियाभर में फैली ज्यादातर Tibetan Buddhist meditation techniques एक Common technique का प्रयोग करती है और वो है visualization practices यानि एक काल्पनिक ध्यान.

ऐसा ध्यान जिसमे हम खुद को कल्पना के जरिये मनचाहे रूप में ढाल लेते है और किसी भी बाहरी संपर्क को खुद से तोड़ लेते है.

इस तकनीक के जरिये हम अपने अन्दर compassion and goodwill जैसी positive qualities को develop करते है.

कल्पना के साथ साथ मंत्र का प्रयोग करना सफलता के चांस बढ़ा देता है. ध्यान में एक ही धारणा को महत्त्व दिया जाता है और वो है भगवान् बुद्ध की wise and loving presence को अपने अन्दर महसूस करना. इस तकनीक के रिजल्ट amazing है जो इसे लोगो के बिच पोपुलर बनाते है.

समय के साथ साथ East से सालो पहले Buddhist meditation and philosophy दुनियाभर में फैलती गई.

जहाँ जहाँ ये meditation and philosophy लोगो में फैली इसे पसंद किया गया. आज Buddhist meditation techniques of Japan, Indochina, Sri Lanka and Tibet इन सब में जहाँ कुछ समानताए है वही कुछ notice किये जाने वाले बदलाव भी है.

Tibetan meditation

ध्यान के समय अगर  figure of the Buddha को use किया जाए तो हमें support मिल जाता है. इसके लिए आप चाहे एक फोटो ले या फिर statue मदद मिलेगी. आइये जानते है की इस meditation technique को कैसे किया जाता है.

  • सबसे पहले तो comfortable and proper meditation posture में बैठ जाइये इसके लिए आप Cushion or chair का इस्तेमाल कर सकते है.
  • कुछ देर के लिए अपना पूरा ध्यान खुद को महसूस करने पर लगाए. आपको अपनी बॉडी और आसपास का वातावरण किस तरह से महसूस होता है इसे समझे.
  • अब Visualize करे की आपके सामने बुद्धा एक सुनहले आसन पर बैठे है और उनके पीछे Tree of Awakening: a Bodhi tree है.
  • कल्पना करे की बुद्धा की सुनहली बॉडी सिर्फ आपको देख रही है और boundless love and compassion से वो सिर्फ आपको देख रहे है.
  • खुद को कल्पना में और गहरा ले जाए और बुद्धा कैसे दीखते है और उनके आसपास क्या है इन सबको और डिटेल से कल्पना करना शुरू करे.
  • अगर आप खुद की कल्पना में लम्बे समय तक बने रह सकते है तो ठीक है वर्ना एक golden light or heaven को ही imagine करे.
  • जैसे जैसे ये लाइट आपके body and heart को भर रही है आप खुद को शांत और well being महसूस कर रहे है.
  • मैडिटेशन के अंत में बुद्धा एक लाइट में मिल रहे है और वो लाइट आप में समाहित हो रही है इस तरह की कल्पना के साथ इसका अभ्यास बंद करे.

इसके बाद आप चाहे तो Tibetan Buddhism meditation के सेशन को समाप्त कर सकते है या फिर कुछ देर mindfulness practice में बिता सकते है. इस दौरान आपका ध्यान किसी ऑब्जेक्ट पर नहीं होना चाहिए.

Super Awareness practice of ever

इस तरह का ध्यान लगाना बेशक आसान है और आसानी से किया भी जा सकता है लेकिन इसका विस्तार किसी भी mindfulness or awareness practice से ज्यादा है और यही वजह है जो इसे Super awareness practice बनाती है.

2 चीजो पर इसमें focus किया जाता है पहला आपके brain की Creativity level को Highest level पर ले जाना और दूसरा बुद्धा की क्वालिटी को अपने अन्दर विकिसत करना.

Tibetan Meditation की सबसे बड़ी खासियत यही है की ये mind, behavior, and body के बिच के connection को मजबूत करता है.

हम जब भी शांत होकर बैठने की कोशिश करते है हमारा दिमाग अलग अलग दिशा में चलने लगता है.

Tibetan Buddhism meditation के जरिये हम Monkey mind को एक powerful tool में बदलते है.

Exercise हमें Physical fit रखती है वही मैडिटेशन हमारे Brain muscle पर काम करता है और हम खुद को स्ट्रोंग बनाते जाते है.

Tibetan meditations you can use

तिब्बत ध्यान की विधि में ऐसे कई तकनीक है जिनका हम प्रयोग कर सकते है.

ये सभी विधि मुख्य रूप से Loving kindness and compassion पर काम करती है जिसकी वजह से immune system को strong बनाया जाता है.

हमारा perspective change होता है और हम balanced होना शुरू कर देते है.

Meditation on Compassion
  • ये विधि हमें हर जगह पर comfortable बनाती है फिर चाहे sitting, standing, walking, or lying down कोई भी स्थिति हो.
  • रीढ़ को सीधा बनाता है, बॉडी को relax करती है, सांसो को गहरा बनाती है और focus को स्ट्रोंग बनाती है.
  • सांसो के क्रम को बैलेंस करती है जिसकी वजह से नाक से साँस ली जाती है और ये एक समान और गहरी होती है.
  • बार बार दोहराए जाने पर इस मंत्र का प्रभाव बढ़ता जाता है.
Om Mani Padme Hum

इस मंत्र का उच्चारण निम्न तरह से किया जाना होता है

(h)ome, man ee, pad mee, hoom – होम मन ई पद मी हूम

इसका मतलब है हमारे ह्रदय में compassion विकसित हो रहा है. इसका सीधा प्रभाव हमारे दिल पर पड़ता है जिसकी वजह से Negative thought से खुद को दूर करता है और compassion and loving kindness से खुद को साफ बनाता है. अगर इस मंत्र का रोज जप किया जाए तो physical, mental, and spiritual health को बढ़ाया जाता है.

ऐसा माना जाता है की अगर कोई व्यक्ति अपने अंतिम क्षण में होता है और इस दौरान इस मंत्र का जप किया जाता है तो वो शांति से सांसे छोड़ पाता है. यही वजह है की Tibetan Buddhism meditation पूरी तरह Spiritual practice है.

Tibetan Prostrations

तिब्बत मुद्रा वो खास स्थिति है हमारी बॉडी और माइंड को harmonize करती है. ज्यादातर लोग Sun Salutations का पालन करते है जो आज योग में एक महत्वपूर्ण सीरीज है.

Meditation Superpowers

  • Mountain Pose: सीधे होकर खड़े होना और अपने हाथो को प्राथना की मुद्रा में जोड़ना जो उसकी चेस्ट के आगे है. अपनी आंखे बंद करे और सांसो को गहरा कर अपना ध्यान बाहरी तत्वों से अपने अन्दर की ओर ले जाए.
  • Circular breathing को follow करे. इस विधि में हम नाक से साँस लेते है और पेट की गहराई तक लेते है. जितनी देर तक सांसे अन्दर रहती है उतने ही समय में बाहर भी. ये साँस गहरी और एक समान होती है.
  • अब प्राथना की मुद्रा में रखे अपने हाथो को पहले अपने Crown chakra पर रखे, अपने माथे पर, अपने गले और फिर अंत में अपने ह्रदय पर रखे.
  • फ्लोर पर लेट जाइये, आपके हाथ फ्लोर पर सीधे रहने चाहिए. ( सूर्य नमस्कार की विधि की तरह ही ये विधि है और ज्यादा जानकारी के लिए निचे दी गई फोटो को देखे. )
  • वापस खड़े हो जाए और अपना ध्यान वापस circular breathing पर ले जाए.
  • आंखे खोले और circular breathing, mindfulness, and centeredness रहते हुए दिन की शुरुआत करे.

Tibetan Buddhism meditation सूर्य नमस्कार की तरह पोज को follow करती है जिसे आप फोटो में ज्यादा बेहतर समझ सकते है.

Tonglen Meditation

ध्यान की Tibetan Buddhism meditation विधि अलग है जिसमे हम मुश्किल से सांसे लेते है और आराम से सांसे छोड़ते है. इसका basic principle निम्न है.

“Breathe in suffering and breathe out compassion”

इस ध्यान की विधि को निम्न तरह से पूरा किया जाता है.

  • खुद को सबसे पहले comfortable बना ले.
  • रीढ़ को सीधा करे और सांसो को गहरा बना ध्यान को बाहरी तत्वों की बजाय अपने अंतर में ले जाए.
  • खुद को circular breathing में engage करे. गहरी सांसे नाक से पेट की तरफ ले जाए और एक समान बना ले.
  • खुद को Tonglen करना : जब आप सांसे अन्दर की तरफ ले अपने हर negative thoughts को उभरने दे. सांसे बाहर छोड़ने के साथ ही आप इन सभी negative thoughts को बाहर निकाल रहे है ऐसा आपको feel करना है. इस दौरान जो खाली जगह रह जाती है उस जगह को आपको compassion के साथ भरना है.
  • किसी अपने के लिए Tonglen करना : ये हम उनके लिए करते है जिनसे हम जुड़े हुए होते है. सांसे अन्दर लेते हुए उनके प्रति अपने प्यार को महसूस करे ऐसी भावनाओं को उभरने दे. सांसे छोड़ने के साथ ही उन्हें खुश होता हुआ महसूस करे.
  • Purification: ध्यान के अंत में हमें ये Visualization करना है की हमारी सांसे जब हम अन्दर लेते है तब वो एक काले धुए के रूप में है. ये स्मोक negative thinking, emotion, feeling है जो की बाजर निकल रहा है जब हम सांसे बाहर छोड़ रहे होते है.

ध्यान की ये एक तरह से ग्रहण और छोड़ने का काम करती है. आप इसके जरिये किसी भी emotion, feeling and thoughts को accept and let go करते है. आप इसे खुद के लिए, दूसरो के लिए यहाँ तक की इस संसार में किसी भी व्यक्ति के लिए आप Tibetan Buddhism meditation का प्रयोग कर सकते है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Tibetan bowl meditation benefits final word

अगर बात Tibetan Buddhism meditation / तिब्बत ध्यान की हो और Tibetan singing bowls का नाम ना लिया जाए ऐसा हो ही नहीं सकता है. आज Singing bowl को meditation and therapy दोनों में प्रयोग किया जाता है. आज सबसे ज्यादा इसका प्रयोग Spiritual sound therapy में किया जाता है. इसके बारे में हम आने वाली पोस्ट में बात करेंगे.

अगर आपके मन में Tibetan monk meditation को लेकर किसी तरह के सवाल है तो हमें कमेंट में पूछ सकते है.

7 Breathing Exercises for Better Sleep and release stress

0

अगर आप सही तरह से सो नहीं पा रहे है तो इस दुनिया में आप ऐसे अकेले नहीं है जिसे ये problem है. आज दुनिया में insomnia सबसे बड़ी sleep disorder problem है.

इससे बचने के लिए breathing exercises for better sleep जैसी technique को अपनाकर हम न सिर्फ बेहतर नींद ले पाते है बल्कि body and mind को relax कर पाते है. अगर आपका Brain थक गया है तो आंखे बंद करे और breathing  को जितना गहरा बना सकते है बना ले क्यों की healing power of your breath बिना किसी दवा के भी खुद को ठीक कर सकते है.

7 Breathing Exercises for Better Sleep and release stress

आज हम homework, long work days, financial strains, parenting burnout, or other emotionally exhausting situations की वजह से सही नींद नहीं ले पा रहे है.

इससे बचने के लिए हम अलग अलग तकनीक को अपना सकते है लेकिन इनमे slightly different benefits मिलते है इसलिए इनका चुनाव आप अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते है.

हम सब जानते है की हमारे सांसो की गति और लय हमारे विचारो को प्रभावित करती है. सांसे जितनी Imbalance होगी हमारा मन उतना ही विचलित होता जाता है. अगर आप अपने मन को control करना चाहते है तो सबसे पहले आपको अपने सांसो की गति को balance करना होगा.

यहाँ शेयर की गई हर तकनीक का तरीका अलग है लेकिन इससे अंत में हमारे सांसो की गति balance होकर body and mind में balance होता है जिससे की अच्छी नींद लेने में हेल्प मिलती है.

आइये जानते है सांसो की गति को balance करने की इन सभी Top 7 breathing technique or better sleep in Hindi की जो आसान मगर शक्तिशाली है.

 Breathing Exercises for Better Sleep

सोने से पहले अगर आपकी थकावट दूर नहीं होती है तो आप Better sleep नहीं ले पाते है. अच्छी नींद हमें अगले दिन की अच्छी शुरुआत में मदद करती है वही नींद की कमी हमें चिडचिडा बना देती है.

इसके लिए आप Breathing exercises को follow कर सकते है जो की Unwanted intrusive thought, tiredness, lazy feeling के लिए एक Natural remedies है.

सांसो से जुड़े व्यायाम की मदद से आप खुद को bed time में relax कर सकते है.

आज हम बात करने वाले है ऐसी ही seven breathing exercises के बारे में जो आपको सोने से पहले खुद को relax करने में मदद करेगी और आप अच्छी नींद ले पाएंगे.

इसका सीधा असर आपके बॉडी और माइंड पर पड़ता है जिसकी वजह से वो आसानी से relax हो पाता है और आप बेहतर, अच्छी क्वालिटी की नींद ले पाते है.

Abdominal Breathing

अगर आप गौर करे तो पाएंगे की ज्यादातर समय हम गलत तरीके से साँस लेते रहते है. Breathing हमेशा Abdominal part ( नाभि ) यानि पेट से ली जाती है जबकि ज्यादातर लोग सिर्फ उथली साँस ग्रहण करते है वो भी चेस्ट से.

इसे टेस्ट करने के लिए आप आईने के सामने या ऐसे ही खड़े हो जाइये और गहरी साँस ले.

साँस ग्रहण करते समय किस जगह पर बदलाव आता है, आपके चेस्ट वाले हिस्से में या आपके नाभि क्षेत्र में ?

अगर आप चेस्ट वाली जगह पर बदलाव महसूस करते है तो आप उथली साँस ले रहे है जो की चेस्ट से ली जाती है. अनचाहे विचार, जल्दी साँस फूलने की वजह है उथली साँस लेना. हमें साँस हमेशा नाभि क्षेत्र से ग्रहण करनी चाहिए.

अगर ऐसा सम्भव नहीं हो तो कोशिश करे की सुबह या सोने से पहले आप ये Breathing Exercises for Better Sleep कर सके.

How to do Abdominal Breathing at bed time

Abdominal breathing का मतलब है वो साँस जो पेट से ली जाए. हम आमतौर पर shallow breathing जो की चेस्ट से होती है वही करते है जो की हमारे हेल्थ पर असर डालती है.

सोने से पहले Abdominal breathing आपको अनचाहे विचारो पर काबू करने में मदद करती है साथ ही आपका माइंड और बॉडी भी relax होते है.

What is high and low depression level in Hindi

आइये जानते है इसे सोने से पहले कैसे करे.

  • सबसे पहले आपको शवासन की स्थिति में लेट जाना है. आपके पैर के अंगूठे और अंगुली ऊपर की ओर होने चाहिए. आपके हाथ की अंगुलियाँ भी ऊपर की तरफ होनी चाहिए.
  • अब एक हाथ को अपने पेट पर रखे और दूसरे को चेस्ट पर रखकर ये notice करे की जब आप साँस ले रहे है तब किस भाग में हरकत हो रही है.
  • अगर साँस लेते समय आपकी चेस्ट वाले हिस्से में ज्यादा भराव होता है तो साँस लेते समय पेट के भराव की कोशिश करे. आपके फेफड़े के ठीक निचे वाला हिस्सा जिसे डायफ्राम कहते है ये पूरा भरना चाहिए. पेट से साँस लेने की कोशिश में आप शुरुआत में सांसो को फ़ोर्स कर सकते है
  • यहाँ पर आपको एक बात ये ध्यान रखनी है की जब आप साँस ले तब आपको सांसे नाक से लेनी है लेकिन जब छोड़े तब मुह से सांसो को छोड़ना है. इस दौरान आपका मुह पूरी तरह relax रहे इस बात का ध्यान रखे.
  • Breathing Exercises for Better Sleep के दौरान खुद को, सांसो को पूरी तरह relax रखना है और किसी तरह का तनाव नहीं आना चाहिए.

अगर आप गौर करेंगे तो ये विधि शवासन की विधि ही है.

Repeating a Mantra

एक बार जब आप art of abdominal breathing में master बन जाते है तो आप साथ में मंत्र जप को जोड़ सकते है. ये आपको relaxation aspect of breath में help करता है.

मंत्र जप की विधि के लिए इन स्टेप को follow कर सकते है.

  • पहले अभ्यास की तरह ही relaxing position में लेट जाइये.
  • जब आप abdomen से साँस लेते है और छोड़ते है तब अपने माइंड में “Inhale relaxation” जैसे वर्ड को बोले ताकि आपकी Consciousness एक जगह focus हो जाए.
  • इसी तरह जब सांसे छोड़ने वाले हो तब “Exhale tension.” जैसे वर्ड बोले.
  • यहाँ ध्यान रखे की जब आप Inhale and Exhale करे तब इसके बिच में कुछ गैप रखे और इस दौरान अपने टेंशन को लेकर सोचे की कौनसी बाते है जो आपको परेशान कर रही है.
  • जब Breathing Exhale करे तब आप अपनी टेंशन को लेकर अवेयर हो और सांसो के साथ ही आपकी टेंशन भी रिलीज़ हो रही है ऐसी आपको भावना महसूस करनी है.

यहाँ पर आपको Visualization technique से काफी हेल्प मिल सकती है. पूरी process के दौरान आप खुद की picture को imagine कर सकते है.

आप ये सब कल्पना कर सकते है की किस तरह आपकी बॉडी में सांसे अन्दर बाहर हो रही है और इसके साथ ही आपकी बॉडी टेंशन को रिलीज़ कर relax feel कर रही है.

4-7-8 Breathing Routine

अगर आप easy way of Breathing Exercises for Better Sleep देख रहे है तो ये आपके लिए सबसे बढ़िया अभ्यास साबित हो सकता है.

इस अभ्यास के लिए आपको निचे दी गई स्टेप को अपनाना होता है.

  • सुखासन में बैठ जाइये और इस दौरान अपनी रीढ़ को सीधा रखे.
  • अपनी जीभ को फोल्ड कर उपरी दांतों के पीछे की साइड ले जाइये और whooshing sound निकाले.
  • अपने मुह को बंद करे और नाक से साँस अंदर ले इस दौरान 4 तक का काउंट रखे.
  • अब सांसो को अन्दर होल्ड रखे और 7 तक काउंट करे.
  • काउंट पूरा होने के बाद breath को mouth के जरिये exhale करे. इस दौरान आपका काउंट 8 तक रहता है और same whooshing sound करते हुए exhale करना है.

ये पूरा एक काउंट होता है सांसो का और आपको ऐसा 4 बार करना है. इस Breathing Exercises for Better Sleep में आपको एक बात का ख्याल रखना है की जब आप inhale कर रहे हो तब शांत रहना है लेकिन exhale के दौरान एक sound पैदा करनी है. ये ऐसे होना चाहिए मानो आप अपने तनाव को बाहर रिलीज़ कर रहे हो.

पूरी process के दौरान आपकी जीभ एक ही स्थिति में रहनी चाहिए जो की शुरू में मुश्किल काम होता है. यहाँ पर सबसे ज्यादा important है inhale/holding/exhale के ratio को बनाए रखना.

अगर आप आसानी से इसे fast कर सकते है तो करे और जब लगे की सांसो को होल्ड करना आपके लिए मुश्किल हो रहा है तो आप अपने सुविधा के अनुसार टाइम को मॉडिफाई कर सकते है.

दिन में 2 बार और एक बार में 4 तक इस अभ्यास को दोहराए.

एक महीने तक इसे करने पर आप खुद को Confident महसूस करना शुरू कर देते है और जल्दी ही आप इसे 4 से 8 तक करने में सफल हो जाते है.

Body Scan Powerful Breathing Exercises for Better Sleep

क्या आपने कभी Body scan technique के बारे में सुना है ? ये भी एक तरह की Visualization technique है जो top 5 Breathing Exercises for Better Sleep में आती है.

ये तकनीक आपके बॉडी को स्कैन करती है और बॉडी part में किस जगह पर stress आपको परेशान कर रहा है उसे find out कर नींद लेने में हेल्प करती है.

इस तकनीक को आप Step by step इस तरह कर सकते है.

  • बिस्तर पर लेट जाइये और सांसो को छोड़ने के साथ ही खुद को relax करने पर focus करे.
  • बिस्तर को महसूस करने की कोशिश करे किस तरह ये आपको exhale के साथ ही relax होने में मदद कर रहा है साथ ही एक सपोर्ट दे रहा है.
  • शुरुआत सर से करे और धीरे धीरे निचे की तरफ जाए और बॉडी के उस जगह को महसूस करने की कोशिश करे जहाँ आपको Stress feel हो रहा है. इस दौरान जब भी exhale करे बॉडी के उस जगह को relax करने की भावना खुद को दे.
  • जब Full body scanning process पूरी हो जाए तब आप खुद को exhale पर focus कर ले. अब जब आपकी बॉडी पूरी तरह relax हो चुकी है आप एक वर्ड को बार बार दोहरा कर खुद को Induction की स्टेट में ले जा सकते है. इस दौरान Sleep या फिर किसी भी ऐसे शब्द पर खुद को focus कर सकते है.

ये Breathing Exercises for Better Sleep एक तरह की Induce state पैदा करती है जहाँ आप खुद को न सिर्फ focus रख पाते है बल्कि एक Temporary hypnotic sleep लेने में भी मदद करती है. जब आप खुद को अवेयर करने की कोशिश करते है उससे पहले ही आप नींद के आगोश में चले जाते है.

Counting While Breathing

आपने ज्यादातर एक्सपर्ट को कहते हुए सुना होगा की अगर नींद ना आये तो उलटी गिनती काउंट करना शुरू कर दे, काउंट ख़त्म होने से पहले ही आप खुद को गहरी नींद में पाएंगे. इस तकनीक को आप यहाँ भी अपना सकते है जैसे की

  • बिस्तर पर लेट जाइये और साँस छोड़ने के दौरान अपने आप को relax करने पर ध्यान दे.
  • अपने आसपास को लेकर अवेयर बने जैसे की आप बिस्तर पर लेटे हुए है और ये आपको सपोर्ट कर रहा है या फिर आपके आसपास क्या है.
  • सांसो को छोड़ते समय पहले एक से दस तक काउंट करे और फिर इसका उल्टा क्रम करे. पूरी process के दौरान आपका ध्यान होना चाहिए की जब आप breath exhale करे तब आप उसे काउंट करे.
  • इसे तब तक दोहराए जब तक की आप सो ना जाए.

ज्यादातर लोगो को शिकायत रहती है की वे ऐसा करते है लेकिन फिर भी वे सोने में कामयाब नहीं हो पाते है इसकी वजह है उनका ध्यान ना होना. हम काउंट करते है लेकिन सिर्फ उसे पूरा करने के उदेश्य से ना की खुद को उसे जोड़ते है.

शुरू में हमारी सांसे नार्मल रहती है लेकिन जैसे जैसे काउंट आगे बढ़ता है वैसे ही ये गहरी होती जाती है. अगर ऐसा नहीं होता है तो समझ ले की आप खुद को सांसो से नहीं जोड़ पा रहे है.

Breathing Imagery simple Breathing Exercises for Better Sleep

ये तकनीक rhythm of breathing पर focus करने में हेल्प करती है. हमारी Concentration को एक जगह रखने में सबसे बड़ा योगदान हमारे Breathing cycle का है अगर ये एक लय में रहता है तो हम बैलेंस रहते है और जब ये बिगड़ता है तब सबसे पहले Unwanted thoughts हमें विचलित करते है.

इस तकनीक को करने के लिए आपको निचे दिए गए स्टेप को follow करना होता है.

  • बिस्तर पर लेट जाइये और खुद को इतना relax कर ले की आप अपनी सांसो को महसूस करने लगे.
  • अपने निचे के बिस्तर को महसूस करे की किस तरह ये आपको सपोर्ट कर रहा है. इससे आपको रीढ़ को सीधा करने में मदद मिलती है.
  • एक बार जब आप पूरी तरह relax हो जाते है अपनी सांसो को महसूस करे. सांसो को exhales करने पर आपको क्या feel होता है इसे समझने की कोशिश करे. इस दौरान आपको बॉडी सिंकिंग करती हुई feel होती है, relax होता हुआ महसूस होता है या फिर कुछ और.
  • जब आप पूरी तरह relax हो जाते है तब आपको imagine करना है की आपकी सांसे कलर से बनी हुई है. आपको अपने मैचिंग कलर की पहचान करनी है ये करते समय आपको किसी तरह की जबरदस्ती नहीं करनी है जो हो उसे नेचुरल वे में करे.
  • इस दौरान आपके माइंड में क्या आता है इसे भी आपको notice करना है और जल्दी ही आप खुद को नींद में पाएंगे.

सुनने में भले ही ये सिंपल लग रहा हो लेकिन ये बहुत ही Powerful breathing exercises technique है क्यों की ये सीधा आपकी बॉडी और माइंड को relax करती है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Visualization to Release Energy

बेहतर नींद के लिए अगर बॉडी के साथ साथ माइंड भी relax हो जाए तो ऐसा करना आपको ज्यादा benefits देता है. ये बॉडी में से energy को expel करने का एक जरिया है और आपको नींद के लिए तैयार करता है.

इसके बारे में पहले ही बात कर चुके है और अगर इसमें Imagination technique जोड़ दे तो double benefits मिलना शुरू हो जाते है. इस Breathing Exercises for Better Sleep के लिए इन स्टेप को follow कर सकते है.

  • बिस्तर पर लेट जाए और ये imagine करे की worry, stress, or anxiety ये सब एक तरह की Color gas है जो आपकी बॉडी के हर कोने को fill कर रही है.
  • जब आप exhale कर रहे है तब ये color gas बाहर की तरफ expel हो रही है और इसके साथ ही आपकी बॉडी relax हो रही है.
  • आपकी बॉडी से सांसो के जरिये ये गैस बाहर की तरफ निकल रही है.
  • जैसे ही ये गैस बाहर निकल रही है आपकी बॉडी एक energy ball से fill हो रही है जो आपको relax करती जा रही है.
  • Energy ball आपकी बॉडी के negative energy को अपने अन्दर कवर कर रही है जो की anxiety and fear है और फिर ये आपके सर के हिस्से से बाहर निकल रही है.
  • अब आप खुद को शांत, शिथिल और सोने के लिए तैयार महसूस करना शुरू कर चुके है.

ये तकनीक पूरी तरह आपके Imagination level of conscious पर निर्भर करती है. जितना Strong आप imagine कर सकते है उतना ही बेहतर आप रिजल्ट पाते है.

Seven breathing exercises for better sleep final conclusion

आज के टाइम में हम मोबाइल पर इतना निर्भर हो चुके है की सोते भी ये सोच कर है की अगले दिन फिर से काम करना है. दिनभर के कामो की वजह से हमारा brain थक जाता है और सही तरह से फंक्शन नहीं कर पाता है. यहाँ शेयर की गई Breathing Exercises for Better Sleep आपको न सिर्फ अच्छी नींद लेने में हेल्प करती है बल्कि आपके brain को सही तरह से फंक्शन करने में भी मदद करती है.

अगर इन सब तरीको के बावजूद भी आपको सही नींद लेने में दिक्कत हो रही है तो किसी डॉक्टर से मिलकर insomnia or poor sleep को लेकर consult करे और सही Precaution लेना न भूले.

touch therapy How it work and support body natural healing system

0

Therapeutic Touch का main purpose आपके healing process को active करना होता है. आमतौर पर किसी तरह के energy blockage की वजह से हम अपने अन्दर कई तरह के health related changes को महसूस करते है.

Touch Therapy एक खास तरह की energy healing process है जिसमे provider, माध्यम की body को कुछ दूरी पर या हलके टच के जरिये थेरेपी सेशन की शरूआत करता है.

इस थेरेपी के जरिये हम deep relaxation response, reduction of pain and anxiety, and faster wound healing जैसे बदलाव खुद में महसूस कर सकते है.

हालाँकि इसके जरिये हम किस तरह benefits लेते है और कैसे हमारी body में इसके बदलाव आते है इसे वैज्ञानिक तरीके से prove नहीं किया जा सका है लेकिन, इसके जरिये mental condition में positive changes लाये जा सकते है जिसकी वजह से natural healing process को fast बनाया जा सकता है.

आज हम बात करने वाले है Therapeutic Touch के बारे में की किस तरह ये प्रक्रिया हमारे body की energy blockage को न सिर्फ दूर करती है बल्कि self healing capacity को भी strong बनाती है.

Touch Therapy in Hindi

जब हमारी body खुद को natural healing ability के लिए तैयार कर लेती है तब mental or physical diseases से recover करना आसान हो जाता है.

वास्तव में ये कोई चमत्कार नहीं बल्कि हमारी body की अपनी healing ability होती है जिसकी वजह से हम therapy session के बाद खुद को हल्का, विचारो के बोझ से परे और शांत महसूस करते है.

आइये जानते है की ये थेरेपी किस तरह काम करती है और इसके सेशन की शुरुआत से पहले आपको किन किन बातो का पता होना चाहिए.

What is Touch Therapy in Hindi?

ये Energy healing जैसी broad category का एक हिस्सा है जिसमे acupuncture, tai chi, and reiki जैसी healing दी जाती है. इसका main concept ये मानता है की हमारी बॉडी एक natural energy field से घिरी हुई रहती है जो mind-body connection को बनाए रखती है और हमारे wellness को प्रभावित करती है.

अगर energy healing theory की माने तो हमारे बॉडी में जब energy पूरी तरह फ्री होकर फ्लो करती है तब हम पूरी तरह स्वस्थ महसूस करते है. किसी भी तरह imbalances or disruptions हमारे illness, pain, mental health symptoms, and other distress की वजह बन जाता है.

Touch therapy practitioners अपने हाथो के जरिये flow of energy को manipulate करते है जो की reiki or energy healing में मुख्य है.

इससे हम अपने healing factor को कुछ हद तक ठीक कर लेते है और फिर हमारी बॉडी खुद को heal करना शुरू कर देती है.

क्या ये healing touch जैसी therapy है ?

ये समझ पाना बेहद मुश्किल है क्यों की कुछ लोग मानते है की ये एक तरह का Umbrella है जो कई तरह की practice का एक समूह है.कुछ लोग मानते है की healing touch (HT) and therapeutic touch (TT) ये दोनों ही इसका हिस्सा है जबकि दुसरे लोगो के अनुसार ये therapeutic touch का हिस्सा है.

ये दोनों ही किसी नर्स ने ईजाद किये थे फर्क सिर्फ इतना था की इन दोनों therapy में कुछ अलग अलग फर्क थे. अब इन दोनों को अलग अलग समझते है.

Therapeutic touch को Dolores Krieger ने 1970 में ईजाद किया था. इसमें practitioners आपको टच नहीं करता है बल्कि कुछ इंच दूरी पर खड़े रहते है. सिर्फ कुछ केस में ही वे आपको टच करते है. जबकि

Healing touch की खोज Janet Mentgen ने 1980s में की थी. ये कई तरह की energy healing practices का एक Combination है जिसमे chakra connection and lymphatic release जैसी practice शामिल थी. Practitioner’s इसे treatment philosophy की तरह देखते है ना की specific technique और touch therapy की तरह पास में खड़े रहने की बजाय छू कर therapy को पूरा किया जाता है.

ये निर्भर करता है की हम तकनीक में किस practice को शामिल कर रहे है. Healing touch में माध्यम को टच करना दोनों के बिच के comfortable level पर depend करता है. अगर आप चाहते है की Practitioner आपको touch ना करे तब भी ये काम करती है.

ये किस काम आती है

हमारी बॉडी में self healing की natural capacity है ये खुद को बेहद जल्दी किसी भी स्थिति से heal कर लेती है. हालाँकि घाव और चोट को भरने में थोड़ा समय लग जाता है. touch therapy Practitioner का मानना है की self healing की Process को fast बनाने में energy healing काफी असरदार है.

यहाँ पर हमें स्पर्श के जरिये ईलाज के कई सारे application देखने को मिलते है जैसे की

  • relieve anxiety and stress – तनाव को दूर करती है
  • घाव को जल्दी भरने में मदद मिलती है – help wounds heal faster
  • Improve immune system function – रोग प्रति-रोधक क्षमता को मजबूत करती है.
  • दर्द को कम किया जा सकता है – reduce pain
  • help reduce nausea, fatigue, and other side effects of chemotherapy
  • improve symptoms of chronic conditions like fibromyalgia and lupus
  • थकावट दूर कर अच्छी नींद लेने में हेल्प करती है – reduce fatigue and get better sleep

जिन लोगो ने touch therapy healing ली है उनका मानना है की इसके बाद उन्होंने खुद को calm and more relaxed feel किया है. ये therapy उन लोगो पर भी काम करती है जो अपनी लाइफ के अंतिम पल पर होते है. इसकी मदद से वे खुद को terminal illness में भी शांत करते है ताकि peaceful रह सके.

लोगो ने ये दावा भी किया है की reiki touch therapy session के बाद वे खुद को और भी ज्यादा confident and self-aware feel करते है.

 सेशन के दौरान क्या होता है ?

जब आपका पहला Appointment होता है तब Practitioner आपके बारे में कुछ background information collect करता है ताकि वो उन symptoms की पहचान कर सके जो अपने notice किये थे. आपके साथ ऐसा होते हुए कितना समय हो चूका है इसी आधार पर वे आपकी therapy की शुरुआत करते है.

ये जानना भी बेहद जरुरी है की आप ये थेरेपी क्यों लेना चाहते है और इसके पीछे आपका मकसद क्या है ताकि goal को एक सुनियोजित तरीके से प्राप्त किया जा सके. सेशन के दौरान कपड़े रिमूव करना जरुरी नहीं होता है लेकिन अगर आप सेशन के दौरान ऐसे कपडे पहने जो आरामदायक हो और आपको प्रॉब्लम ना हो तो ज्यादा better रहता है.

अगर आप एक महिला है और चाहती है की Practitioner आपको टच न करे तो सेशन की शुरुआत में ही इस बात को क्लियर कर ले. healing की process को आसान तभी बनाया जा सकता है जब दोनों के बिच bonding हो ना की किसी तरह का दबाव इसलिए जिसमे आप खुद को comfortable feel ना करे उसके बारे में पहले ही क्लियर कर ले.

healing therapy or touch therapy दोनों का सेशन लगभग 20 मिनट के आसपास होता है. इसमें समय ऊपर निचे आपके healing process या फिर symptom पर depend करता है जो आप experience करते है. इस ट्रीटमेंट में सेशन को निम्न चरण में पूरा किया जाता है.

Centering

सेशन की शुरुआत में आपका practitioner पहले खुद को केन्द्रित करता है. इसके लिए वे अपनी पूरी awareness को एक जगह लाते है और  एक semi-meditative state में enter करते है. ज्यादातर इसके लिए वे deep breathing and similar grounding exercises जैसी meditation technique का इस्तेमाल करते है.

इससे होता ये है की वे खुद को distracting thoughts से दूर रख पाते है और अपनी treatment पर better focus रख पाते है. इस पूरी प्रक्रिया को Healing touch practitioners लम्बे समय तक बनाए रख पाते है जब तक की आपका मनचाहा goal पूरा ना हो जाए.

Assessment

सेशन में जब प्रक्रिया करने वाले केन्द्रित हो जाते है तब वे माध्यम की बॉडी के कुछ ही इंच ऊपर से टच करते है. ये पूरी प्रक्रिया सेंस पर निर्भर करती है और इस दौरान वे माध्यम की Bio field को sense करने की कोशिश करते है.

सर से लेकर पैर के अंगूठे तक वे आपकी बॉडी को sense करते है और उस जगह का पता लगाते है जहाँ पर energy flow blockage हो रहा है.

ये एरिया उन्हें अलग अलग तरह से feel होता है जिसमे warm, cool, or tingly feeling शामिल है.

अगर आपकी problem किसी specific area of body से related है तो अभ्यास करने वाले उस जगह पर ही अभ्यास करते है जैसे की chronic back pain जिसमे अभ्यास सिर्फ आपकी कमर पर focus होता है.

यहाँ पर आपको पता होना चाहिए की ये अभ्यास multiple techniques शामिल किये हुए होता है इसलिए हल्का सा टच भी किया जा सकता है लेकिन ये सिर्फ अभ्यास का हिस्सा होता है.

Trained touch therapists हमेशा new treatment techniques को आप पर अप्लाई करने से पहले चेक करते है की ये आप पर किस तरह का असर डालेगी.

Intervention

जब practitioner को ये पता चल जाता है की आपके बॉडी में किस एरिया में energy blockage की problem आ रही है और कहाँ पर energy के प्रवाह में issue आ रहे है तब वे अपने तरीके से सही तकनीक पर काम करना शुरू कर देते है.

ये प्रक्रिया ऐसी है मानो कपड़े में से सलवटे निकल रही हो. उनके हाथो की मूवमेंट आपके बॉडी पर इस तरह होती है मानो वे चेक कर रहे हो की ये काम कर रही है या नहीं. इस process को un-ruffling के नाम से जाना जाता है.

ये process तब तक चलती है जब तक वे ये sense ना करने लगे की अब आपके बॉडी में उस जगह पर किसी तरह का blockage नहीं रह गया है.

इस दौरान visualization techniques का इस्तेमाल भी कर सकते है ताकि direct positive energy को उस जगह transfer किया जा सके जहाँ पर उन्हें Blockage feel हो रहा है.

Evaluation

कुछ मिनट के बाद आप Touch therapy के दौरान खुद sense of calm and relaxation को बढ़ता हुआ experience कर सकते है.

जब ये energy blockages पूरी तरह clear हो जाता है तब एक और quick assessment पूरा किया जाता है ताकि ये चेक किया जा सके की किसी तरह का blockage रह तो नहीं गया है. जब पूरी तरह निश्चित हो जाते है तब इस सेशन को एंड किया जाता है.

इस सेशन के पूरा होने के बाद आप खुद में इस तरह के बदलाव notice कर सकते है जैसे की

  • विचारो के बोझ से छुटकारा – brief emotional overwhelm
  • Thirst – भूख प्यास का अहसास
  • खुद में हल्कापन – lightheadedness

इस तरह के बदलाव आपके अन्दर Positive session को शो करते है की ये आपके लिए काम कर रहा है लेकिन अगर इस दौरान या इसके बाद किसी तरह के unpleasant or unwanted symptoms को notice कर रहे है तो तुरंत अपने practitioner से इसके बारे में बात करे.

क्या ये वाकई काम करता है ?

Reiki Touch therapy किस तरह काम करती है ये कुछ लोगो के लिए हैरान कर देने वाला हो सकता है. किसी छू कर उसकी problem को दूर करना ये किस तरह संभव है ? ये therapy इमोशन पर काम करती है और इसके लिए sense करना सबसे जरुरी है.

जब आप किसी दूसरे व्यक्ति को सिर्फ टच कर उसके इमोशन को महसूस कर पाते है तब आप उसकी feeling को better तरीके से manipulate कर पाते है.

किसी भी व्यक्ति की बायो फील्ड उसके इमोशनल बॉडी को कवर करती है और इसे प्रभावित कर हम व्यक्ति पर मनचाहे प्रभाव डाल सकते है. मेडिकल साइंस भी इस बात को मानता है की इसके जरिये हम healing को आसान बना सकते है जैसे की ऐसी बीमारी जिसमे mental condition सबसे ज्यादा affect होती है.

ऐसी कई रिसर्च सामने आई है जिसमे लोगो ने इस बात को एक्सेप्ट किया है की Healing touch therapy के बाद उन्होंने अपनी healing में positive effect महसूस किया है.

आज भी how touch therapy might help people को समझ पाना या प्रूफ करना मुश्किल है क्यों की सेशन के बाद लोगो ने खुद में positive change तो experience किये लेकिन इसे वैज्ञानिक तरीके से प्रूफ नहीं किया जा सका है. यही वजह है की आज भी touch therapy and other energy healing methods को research-driven approaches के नजरिये से समझ पाना मुश्किल है.

Is touch therapy right for you?

Reiki touch therapy session को लेना किसी तरह से भी रिस्की नहीं है क्यों की आज तक इसके किसी भी तरह के side effect की शिकायत नहीं मिली है. अगर आप इसे आजमाना चाहते है तो बेशक आप कोशिश कर सकते है लेकिन कुछ बाते आपको मालूम होनी चाहिए और ध्यान रखना चाहिए की

  • अगर आप इस therapy से किसी तरह के चमत्कार की उम्मीद कर रहे है तो रुके क्यों की ये सिर्फ relieve symptoms में हेल्प कर सकती है ना की किसी बीमारी को ठीक करती है. हमारी बॉडी की Natural healing को ये सपोर्ट करती है ना की बनाती है. healing हमारी बॉडी करती है ना की ये therapy.
  • यही शर्त mental health symptoms में लागू होती है की ये therapy आपके तनाव को कम कर सकती है ना की किसी तरह का resolvement क्यों की ये depression, mood swings, or thoughts of suicide को रोक सकती है ना की दूर कर सकती है. साफ शब्दों में कहे तो ये therapy हमारे लिए सिर्फ सपोर्ट का काम करती है ना की healing का मुख्य काम हमारी बॉडी करती है जो की accept or reject पर टिका हुआ है.
  • कुछ लोगो ने दावा किया है की touch therapy session के बाद उन्होंने mild pain, fatigue, and muscle tension में positive change को experience किया है जिसे लेकर उनके healthcare expert कुछ नहीं कर पाए इस therapy ने कर दिखाया. इस तरह की कंडीशन trauma or anxiety से जुड़ी होती है इसलिए therapy के साथ साथ किसी mental health professional से भी consult कर लेना चाहिए.

ये सभी बाते आपको याद रखनी चाहिए.

सही touch therapy provider की पहचान कैसे की जाए ?

अगर आप इसे try करना चाहते है तो इसके लिए सिर्फ certified practitioner का ही चुनाव करे. इसके लिए आपको ध्यान देना चाहिए की Healing touch provider के पास Healing Touch Certified Practitioner की डिग्री होनी चाहिए जबकि Therapeutic touch practitioner के पास Qualified Therapeutic Touch Practitioner की योग्यता हो.

सेशन की शुरुआत में ही आपके मन में इससे जुड़े किसी भी तरह के डाउट को क्लियर कर लेना चाहिए और ये तय कर लेना चाहिए की आप इसे comfortable होकर पूरा कर पा रहे हो. इसके लिए आपका Comfortable होना बेहद जरुरी है तो कई विजिट करे, चेक करे और फिर सेशन की शरूआत करे.

आपको मालूम होना चाहिए की अगर आपका provider इस योग्य नहीं है तो वो आपके लिए किस तरह नुकसान पहुंचा सकते है. इसमें निम्न तरह के नुकसान शामिल है जैसे की

  • आपका emotional imbalance होना.
  • bio field के साथ छेड़छाड़ और नेगेटिव फीलिंग
  • हम पहले ही Psychic vampire के बारे में बात का चुके है. और आपको इस तरह की कंडीशन में खासकर जब आपके Aura energy field से जुड़े किसी अभ्यास में सावधानी रखनी चाहिए.
  • अगर आपका provider खुद trained नहीं होगा तो हो सकता है वो आपके ऊपर अपने psychic energy को सही तरह transfer न कर पाए जिसकी वजह से नेगेटिव एनर्जी भी आपको प्रभावित कर सकती है.

हालाँकि ये हमें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाता है लेकिन emotional imbalance होना हमें परेशान कर सकता है. इसलिए जब भी therapy ले पहले अपने सवालों और शंका का समाधान कर ले.

Read : दूर गए व्यक्ति को आकर्षित के लिए यंत्र निर्माण विधि और यंत्रों का क्या है अर्थ और ये कैसे करते हैं काम?

Aura energy touch therapy healing final conclusion

हम सब जानते है की energy therapy में रैकी और touch therapy healing जैसे अभ्यास आते है जिसमे हम माध्यम से कुछ दूरी पर उसके बायो फील्ड को महसूस करते हुए उसके Aura energy field को affect करते है. इस प्रोसेस में हम माध्यम को heal नहीं करते है बल्कि blockage को दूर करते है जिसकी वजह से energy flow natural हो जाता है और माध्यम का शरीर किसी भी तरह की problem को खुद heal करना शुरू कर देता है.

हालाँकि आज तक इस थेरेपी से किसी तरह के नुकसान के बारे में पता नहीं चला है ना ही इस तरह की energy therapy का कोई side effect होता है लेकिन बेहतर होगा की इसे लेने से पहले अपने provider के बारे में पता कर ले. ये जरुर जान ले की वो वाकई में professional है भी या नहीं. ये थेरेपी तभी काम करती है जब आप खुद को comfortable feel करते है.

2 लौंग के जरिये करे आसान मगर प्रभावशाली अचूक वशीकरण का उपाय

0

आपने सुना होगा की जैसा खायेंगे अन्न वैसा होगा मन लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की खाने पिने की चीजो के जरिये किसी का मन भी बदला जा सकता है.

घर में पायी जाने वाली ऐसी कई चीजे है जिन्हें वशीकरण मंत्र के जरिये माध्यम के शरीर में पहुंचाकर मनचाहा परिणाम पाया जा सकता है.

लौंग और इलायची ये दोनों भले ही साधारण से मसाला लगते है लेकिन खिला पिलाकर किया जाने वाला वशीकरण इनके जरिये ही होता है.

आइये जानते है Powerful clove vashikaran mantra ritual के बारे में जो है बेहद आसान मगर प्रभावी.

लौंग के जरिये शक्तिशाली वशीकरण की विधि के लिए आपको किसी तरह की सिद्धि की जरुरत नहीं होती है. आप चाहे तो अमावस या पूर्णिमा की रात को 11-21 माला का जप कर मंत्र की शक्ति के प्रभाव को बढ़ा सकते है.

Powerful clove vashikaran mantra

आज जिस प्रयोग के बारे में हम बताने जा रहे है वो आपको कई जगह आज भी करते हुए लोग मिल जायेंगे. इस वशीकरण मंत्र का प्रयोग लोग अपनी बात मनवाने के उदेश्य से करते है क्यों की इसका सबसे पहला असर Mind manipulation है.

अगर आप इसका नियमित कुछ दिन के अंतराल से प्रयोग करते है तो सामने वाले को अपने control में ले सकते है जो की आमतौर पर कोई भी चाहता है.

अगर आप Online vashikaran specialist baba के चक्कर काट कर थक चुके है तो बताये गए तरीके से इसका प्रयोग करे.

Powerful clove vashikaran mantra

हमारे रसोई में पाया जाने वाला लौंग भी शक्तिशाली वशीकरण में इस्तेमाल होने वाली चीजो में से एक है. लौंग और इलायची जैसी चीजो के जरिये किया जाने वाला वशीकरण खाने पिने की चीजो से होता है इसलिए इसका प्रभाव थोड़ा slow दीखता है लेकिन होता 100% है.

चूँकि लौंग वशीकरण की इस विधि को सिद्ध करने के लिए कोई विधान नहीं है इसलिए इसे सिद्ध वशीकरण मंत्र माना जाता है.

जिस मनचाहे पुरुष या औरत को आप अपने Voodoo attraction spell के control में लाना चाहते है उस पर इसका प्रयोग कर सकते है. मंत्र प्रयोग की विधि के लिए निचे दी गई process को समझे.

लौंग वशीकरण का प्रयोग

लौंग वशीकरण के लिए वैसे कोई समय नहीं है आप जब चाहे तब इसका प्रयोग कर सकते है और परिणाम पा सकते है.

Powerful clove vashikaran mantra ritual को मूल नक्षत्र में किया जाए तो इसका परिणाम और ज्यादा बेहतर पाया जा सकता है. अगर ऐसा संभव नहीं है तो कभी भी आप इसका प्रयोग कर सकते है.

प्रयोग के लिए कुछ लौंग को अपने Right hand में ले और निचे दिए गए मंत्र का जप 7 बार लौंग पर नजर जमाते हुए करे.

हिंदी

ॐ कामातुरा कामं मे स्वल्पहि धोकनीलखनी [ अमुकं ] वश्यं कुरु ह्रीं नमः ||

english

Om Kamatura Kaamam Me Svalpahi Dhokanilakhani [ Amukam] Vashyam Kuru Hreem Namah ||

यहाँ अमुकं की जगह आपको मनचाहे पुरुष या स्त्री का नाम लेना है जिस पर आप Voodoo attraction spell का असर देखना चाहते है.

मंत्र पढने के बाद आप इसे उसी दिन सामने वाले को खाने पिने की चीज में मिलाकर दे दे. अगर आप लौंग पर इसका प्रयोग नहीं करना चाहते है तो सामने वाले के मनपसंद खाने पिने की चीजो पर ये मंत्र पढ़कर उसे दे सकते है.

सुनने में और करने में इस तरह की love spell काफी आसान लगती है लेकिन अगर मन से की जाए तो इनका परिणाम भी देखने को मिलता है.

हमेशा इस तरह के प्रयोग को करते समय मन में विश्वास रखे और अगर एक बार में सफलता न मिले तो इस प्रयोग को कुछ बार तक दोहराए. आमतौर पर 4-5 बार में प्रयोग से सफलता मिल जाती है.

Read : कनक परी वशीकरण सिद्धि साधना एक सरल और कम समय की साधना

वशीकरण प्रयोग के समय इन बातो का ध्यान रखे

वशीकरण के प्रयोग में हमें कुछ बातो का ध्यान रखना होता है जिन्हें आमतौर पर सबसे ज्यादा ignore किया जाता है और सफलता न मिलने पर मंत्र साधना को दोष दिया जाता है.

sammohan sadhna mantra

आपको कुछ साधारण सी बातो का ध्यान रखना चाहिए जब भी आप powerful clove vashikaran mantra ritual कर रहे हो जैसे की

  • मंत्र प्रयोग ऐसी जगह और समय पर करे जब कोई आपके आसपास ना हो और ना ही आने का डर हो.
  • प्रयोग करते समय मन में विश्वास रखे और पूरा focus उस ऑब्जेक्ट पर रखे जिसके जरिये आप प्रयोग कर रहे हो.
  • आमतौर पर देखा जाता है की प्रयोग में पहली बार में सफलता नहीं मिलती है. इससे अगर आप हताश हो जाते है तो ये सही नहीं है. ज्यादातर प्रयोग लम्बा अभ्यास मांगते है और एक ही बार में सफलता मिलना ना मिलना ये कई और चीजो पर निर्भर करता है. इसलिए जब सफलता न मिले तो परेशान ना हो बल्कि दोबारा कोशिश करे और उन बातो का ध्यान रखे जो आपने पीछे अभ्यास में ignore कर दी थी.
  • कोशिश करे की प्रयोग के समय आप ध्यान लगाए. इससे एकाग्रता बढती है और प्रयोग के दौरान Self confidence बढ़ने की वजह से आप पूरे मन से इसे कर पाते है.

हालाँकि वशीकरण के हर प्रयोग में आपको कुछ न कुछ अलग से मिल जाता है लेकिन सबसे जरुरी है बार बार अभ्यास को दोहराना और मन में भरोसा रखना. जब ऐसा होता है तब powerful clove vashikaran mantra ritual के परिणाम मिलने के आसार बढ़ जाते है.

Read : क्या वाकई हमजाद की साधना का अभ्यास करना सेफ है ? कुछ सावधानियां और खतरे जिन्हें जान लेना चाहिए

लौंग के जरिये शक्तिशाली वशीकरण अंतिम शब्द

दोस्तों हर घर में पाए जाने लौंग को हम सिर्फ एक मसाले के तौर पर देखते है लेकिन कई जगह पर आज भी लौंग को चाय में मिलाकर वशीकरण किया जाता है.

आमतौर पर मेने powerful clove vashikaran mantra प्रयोग उन लोगो पर करते हुए देखा है जो बेहद गुस्से में आते है लेकिन चाय पिने के बाद एकदम शांत हो जाते है.

ये बात 2015 की है जब मै Online advertising company में काम करता था.

हमारे सर हमें आमतौर पर अदरक वाली चाय देते थे लेकिन जब हमारे महीने के एंड चलते थे और पैसे के मामले में हमें अपनी बाते रखनी होती थी उन दिनों में हमें लौंग और इलायची वाली चाय दी जाती थी.

इस चाय का टेस्ट कुछ अलग ही होता था. चाय पिने के बाद मानो मन एकदम शांत हो गया हो.

में ये तो नहीं कहूँगा की इसके जरिये Voodoo love spell की तरह शक्तिशाली वशीकरण किया जा सकता है लेकिन ये हमारे दिमाग पर असर जरुर डालती है.

आप सामने वाले को ये कितनी बार किस तरह दे रहे है ये मायने रखता है. हम किसी तरह के अन्धविश्वास को बढ़ावा नहीं देते है बल्कि जो हो रहा होता है उसके जरिये समझाने की कोशिश करते है.

अगर आपने अपने आसपास इस तरह का प्रयोग होते हुए देखा है या इसका असर महसूस किया है तो कमेंट के जरिये हमें बताना ना भूले.

How to control self-sabotaging Behavior to get success updated guide

0

क्या आप भी self-sabotaging behavior in relationships से गुजर रहे है ? ये एक तरह का Self destruction thought है जो हमें आगे बढ़ने से रोकता है.

आमतौर पर हमारे लिए गए फैसलों में Conscious and subconscious brain दोनों की सहमती होती है लेकिन Self sabotage Situation के दौरान हमारा चेतन मन जिस काम को करने के लिए कहता है अवचेतन मन उसी काम को करने के लिए हमें रोक देता है.

इसे हम Subconscious mind self defence mechanism भी कह सकते है.

लाइफ में हमें आगे बढ़ने के कई मौके मिलते है लेकिन थोडा सा प्रयास करने के बाद हमारा मन उस काम को करने के लिए इंकार कर देता है. हमें जो मिला है वो काफी है जैसी सोच के साथ हम खुद को रोक लेते है.

इसके रिजल्ट में हम उन अवसर को खो देते है जो हमें आगे ले जा सकते है. हमारे लिए सही फैसला होने के बावजूद हम उस पर टिके नहीं रह पाते है.

self-sabotaging Behavior

एक उदाहरण के तौर पर आप मोटे है और पतला होना चाहते है. आप सुबह उठते है लेकिन आपका मन कहता है की जाने दो अभी काफी टाइम पड़ा है.

कल से कोशिश करेंगे अभी सो जाते है. ये खुद को बचाने का एक मैकेनिज्म है जो अवचेतन मन बनाता है. इसकी वजह है आपका बार बार खुद को ऐसे मौको से दूर रखना.

अगर आप भी खुद को आगे बढ़ने से ये सोच कर रोक लेते है की जो है वो काफी है तो यकीन मानिये आपको आज ही खुद में बदलाव करने की जरुरत है. आइये जानते है की कैसे हम self-sabotaging Behavior को control कर सकते है.

What is self-sabotaging Behavior?

आमतौर पर जब हम कोई निर्णय लेते है तब Conscious side of brain हमारे Subconscious side of brain को लिए गए निर्णय के लिए agree कर लेता है. क्या होगा अगर हमारे brain के ये दोनों हिस्से एक दूसरे के विपरीत फैसले लेना शुरू कर दे ? आप घूमना चाहते है लेकिन आपका अंतर्मन आपको पैसा बचाने के लिए कहे और आपको पीछे रखे.

Self-sabotaging Behavior एक ऐसी condition है जिसमे किसी काम को लेकर हमारे एक साइड में इच्छा होती है लेकिन दूसरा साइड हमें कमजोर बना देता है जिसकी वजह से चाह कर भी हम वो काम कर नहीं पाते है. हम लाइफ में जब कुछ बड़ा करना चाहते है तब हमारा Subconscious side of brain हमें रोक लेता है.

आपमें से ज्यादातर ने महसूस किया होगा की जब भी आप स्कूल में स्टेज प्रोग्राम, टीचर को जवाब देना चाहते है आपका मन कहता है

तुम नहीं कर पाओगे” या फिर “अगर तुम फ़ैल हो गए तो ?” “ सब तुम्हारा मजाक बना देंगे अगर तुम नहीं कर पाए इसलिए रहने दो

ये सब आपको आगे बढ़ने से रोक लेता है और आप करना चाहे तो भी कुछ नया नहीं कर पाते है. यहाँ पर आपका Subconscious mind आपको तकलीफ और दर्द से बचाता है जो इस दौरान आप face कर सकते है लेकिन, ये आपको deep-seated fear के सामने कमजोर बना देता है.

आप झुक जाते है और self-sabotage की वजह से लाइफ में problem को face करने में hesitate feel करना शुरू कर देते है. हम लाइफ में बड़ा बदलाव miss कर देते है लेकिन क्यों ? आइये जानते है stop self-sabotaging your success के बारे में.

आगे बढ़ने से रोकने वाले मुख्य कारण

वैसे तो इसके लिए कई वजह जिम्मेदार है लेकिन 3 मुख्य ऐसी वजह होती है जो self-sabotaging Behavior को बढ़ावा देती है इनमे

  1. Faulty thinking यानि गलत तरीके से सोचना
  2. Fear of intimacy or fear of rejection फ़ैल होने और खो देने का डर
  3. Procrastination and avoidance बार बार किसी खास बात या मौके को ignor करते रहना जो आपको आगे ले जा सकता है.

ये 3 ऐसे कारण है जिसकी वजह से आप आगे नहीं बढ़ पाते है. अगर आप self-sabotaging begaviour control करना चाहते है तो आपको इसे स्टेप में समझना होगा और एक positive mindset के लिए खुद में बदलाव करना होगा.

8 step to stop self-sabotaging Behavior

आप लाइफ में आ रही problem को face करने की बजाय उनसे दूर भाग रहे है और जब आपके साथी कामयाब हो जाते है और आप वही पीछे रह जाते है तब आपको अहसास होता है की आपने क्या खो दिया.

इस तरह की स्थिति में आपको सिर्फ अफ़सोस होता है और कुछ नहीं क्यों की आपको लगता है की risk न लेकर आपने खुद को कुछ समय तक protect कर लिया है.

लाइफ में Special opportunity बार बार नहीं मिलती है इसलिए सोच समझकर आगे बढ़ना चाहिए. अगर सफलता के लिए risk लेना भी पड़ता है तब भी हमें challenge लेना चाहिए.

Self-sabotaging यानि खुद को रोकना ये Phenomina लिया गया Brain working function system से क्यों की ये सभी मानते है की हमारे लिए गए फैसले कभी भी एक साइड के नहीं होते है.

हमारा Conscious and subconscious side of brain ये दोनों मिलकर फैसला लेते है. खुद को तकलीफ से छिपाना हमें कुछ देर के लिए आराम तो दे सकता है लेकिन बाद में ढेर सारा पछतावा भी लाता है.

हम जब भी दूसरो को आगे बढ़ता हुआ देखते है तब तब तकलीफ और बढ़ जाती है की “काश हमने भी कोशिश की होती.”

1आखिर ऐसा होता क्यों है इसे समझे

सबसे पहले तो आपको ये समझना बेहद जरुरी है की आखिर आपके साथ ऐसा क्यों होता है की आप कुछ करना चाहते है और आपके मस्तिष्क का एक हिस्सा आपको रोक लेता है. ऐसी कोई वजह जिसकी वजह से आपका Self defence mechanism जिसे अवचेतन मन control करता है आपको कोई काम करने से रोकता रहता है.

आपको सबसे पहले self-sabotaging behavior को समझने की जरुरत है.

आज हम में से ज्यादातर अपने Daily life routine में self-destructive behaviors से जूझते है और जाने अनजाने में इसे habit में शामिल कर चुके है. जब भी हम कुछ बड़ा सोचते है या करने की कोशिश करते है उसे कर नहीं पाते है क्यों की अन्दर ही अन्दर हमारा ब्रेन दो अलग अलग अवधारणा से जूझता रहता है.

आपके Subconscious mind के लिए Self-sabotage खुद को रोकने की बजाय self-preservation का एक जरिया बन जाता है. जब भी हम कुछ करने की कोशिश करते है हम खुद को इसमें नाकाम पाते है और सबसे बड़ी बात हमारा Unconscious brain हमें पीछे हटने के लिए suggestion देता रहता है.

एक छोटे से example से इसे clear कर लेते है. ये बात मेरे स्कूल टाइम की है और ज्यादातर student के साथ ऐसा होता होगा.

क्लास में सबसे Boring period था maths का और में हमेशा इस पीरियड से बचने की कोशिश करता था. हमारे मैथ टीचर कभी क्लास miss नहीं करते थे.

वे जब पढ़ाते थे तब मेरा पूरा ध्यान उसे समझने की बजाय ये दिखाने में रहता था की में इसे समझ रहा हूँ.

मेरी हमेशा कोशिश रहती थी की या तो पीरियड ऐसे ही बीत जाए या फिर मेरा नंबर ना आये. लेकिन ऐसा नहीं होता था और 3 में से 2 टाइम ऐसा होता था की मुझे मार पड़ती थी. नतीजा मुझे मैथ से नफरत होने लगी.

Self-destructive behaviors के लिए जिम्मेदार कौन?

मैथ में हमेशा से में कमजोर था क्यों की टीचर हमेशा पढाई को student पर थोपने की कोशिश करते थे. मुझे हमेशा लगता था की मुझे मेरी इच्छा के खिलाफ पढने के लिए मजबूर किया जा रहा था. दूसरी और एक पीरियड आता था इंग्लिश का जो मेरा favourite था.

वजह थी टीचर का फ्रेंडली होना, वे हमेशा नए नए एक्सपेरिमेंट्स से हमें पढ़ाने की कोशिश करते थे.

आप चीजो को तब बेहतर सीख पाते है जब आपके ऊपर किसी तरह का प्रेशर न हो. और इसके लिए एक वजह थी. मैथ में जब हमें तीसरी बार टीचर बदलकर मिले तब वे क्लास में आते और 10 में से 3 Equation solve करके चले जाते थे.

किसी को भी प्रेशर नहीं देते थे और बाकि बचे 20 मिनट में हम आराम से बचे हुए सवाल को solve करते थे.

नतीजा इस बार मैथ में मेरा रिजल्ट बढ़िया रहा और पहली बार मैथ जैसे सब्जेक्ट को समझने के लिए Positive mindset experience किया. इंग्लिश जैसा सब्जेक्ट मेरे लिए आसान बन गया था क्यों की उसे हम Creative way में समझ रहे थे.

टीचर टॉपिक को इस तरह समझाते थे की अगर सवाल को कही से भी लिंक कर दे तब भी किसी तरह की Confusion नहीं रहती थी.

सबकुछ हमारे ऊपर है. हम उन चीजो से भागते है जिन्हें हम प्रेशर में रहते हुए करते है.

आपको भी सबसे पहले समझना जरुरी है की आखिर वो कौनसी वजह है जिसकी वजह से आप self-sabotaging behavior को एक बचाव का जरिया बना रहे है.

2Self-destructive habits की पहचान करना

अगर आप breaking the cycle of self-sabotage को लेकर वाकई Serious है तो सबसे पहले आपको उन habits की पहचान करनी है जो आपके आगे बढ़ने में रूकावट पैदा कर रही है. आप एक बाहरी व्यक्ति के तौर पर अपने Behaviour को नोट कर समझने की कोशिश करे.

उन self-destructive habits, patterns and mindsets की पहचान करे जो आपको आगे बढ़ने से ना सिर्फ रोकते है बल्कि जहाँ आप थे वही आपको थामे रखे है. यहाँ कुछ ऐसे Behaviour के बारे में बता रहे है जो बेहद कॉमन है और पहचान करने लायक है जैसे की

  • Procrastination: ऐसी स्थिति जिसमे हम कार्य को किसी समय सीमा में नहीं बांधते है. हम किसी कार्य को हाथ में ले तो लेते है लेकिन उसे कब तक पूरा करना है ये तय नहीं करते है. नतीजा एक फिक्स टाइम पर जो कार्य पूरा हो जाना था वही अब लम्बे समय तक चलता रहता है. इससे बचे और कार्य को छोटे छोटे पार्ट्स में पूरा करने की कोशिश करे. हर छोटे कार्य के लिए Mini deadline और बड़े के लिए Fix time dead line को भी तय करे.
  • Negative self-talk/negative thinking आप नए कार्य को हाथ में लेते है लेकिन खुद को अपने past life mistake के लिए अब भी blame कर रहे होते है. इसका सीधा असर आपके आज पर पड़ता है इसलिए खुद को बीते कल की गलतियों के लिए दोष देना बंद कर दे.
  • Perfectionism ज्यादातर लोग आगे नहीं बढ़ पाते है क्यों की उन्हें लगता है की अभी सही समय नहीं आया है. अभी उन्हें सुधार की जरुरत है और खुद को skilled बनाकर वे आगे बढ़ना पसंद करेंगे. Perfectionism एक ऐसा impossible parameter है जो आपको आगे बढ़ने से रोकता है. इसे forms of self-sabotage के नाम से भी जान सकते है.

3Identify root causes of self-sabotaging Behavior

ज्यादातर लोग जाने अनजाने में ही unhealthy ways of coping with stress को अपने अन्दर develop करते रहते है. खुद से किये गए commitments को बार बार ignore करते रहते है. आगे बढ़ने के कई मौके आते है लेकिन आज नहीं कल करेंगे जैसे डायलॉग हमें उसी स्थिति में रखते है जिसमे हम थे.

हमें खुद पता नहीं चलता की कब इस तरह चीजो को ignore करना self-sabotaging behavior को कई दूसरी समस्या की जड़ बना देता है.

कई बार self-destructive habits हमारे लिए खुद को satify करने का एक जरिया बन जाती है. हम जिस condition में होते है उसे ही सही मान लेते है और ये भूल जाते है की हम कितनी बड़ी सफलता को deserve करते है.

जब हम खुद के लिए बड़े गोल निर्धारित करते है तब ये स्थिति हमें आगे बढ़ने से रोक लेती है.

हमें उन वजहों को समझना होगा जिनकी वजह से हम आगे बढ़ने में कामयाब नहीं हो पा रहे है. ऐसे Behaviour and habits जो आपकी Success को रोक रहे है उन्हें पहचाने और Next time उन्हें Trigger होने देने से रोके.

4Take time for self-reflection

इस तरह की समस्या से बाहर निकलने के लिए serious self-reflection की जरुरत पड़ती है.

आपको उन वजह को समझना होगा और सबसे पहले behaviour को जानना होगा जिसकी वजह से आप आज भी पहले स्टेप में फंसे हुए है. कामयाब व्यक्ति अपने फैसले सोच समझकर लेते है क्यों की वे इसके हर पहलू पर गौर करते है.

प्याज की परत की तरह हमें अपने अन्दर झांकना होता है और Past life mistake को समझना होता है ताकि वही गलती अब ना दोहराई जा सके.

सिर्फ Self-reflection ही वो जरिया है जो necessary insight, perspective and understanding के लिए आपको ready करता है और आप process of change and transformation को लाइफ में apply कर पाते है.

5Find your inner positive voice

ज्यादातर पीछे हटने की वजह हमारा अपना डर होता है. हम डरते है की जो हम करने वाले है उससे हमें काफी तकलीफों से गुजरना होगा जबकि जो हमारे पास है वो हमारे लिए काफी है.

ये सब वजह ही हमें आगे बढ़ने से रोकती है. जो हमारे पास है उसे काफी मानकर हम कोशिश करना ही छोड़ देते है.

हमारे अन्दर उठने वाले negative internal dialogue जैसे की I cant or i can be failure जैसे self-limiting thoughts को बदलने की जरुरत है.

एक बार आप जान जाए की कौनसा व्यवहार आपको ऐसा करने के लिए मजबूर कर रहा है तब self-sabotaging behavior को रोकना आसान बन जाता है.

Positive behavior and an affirmative, confident voice के जरिये हम खुद को काफी हद तक बदल सकते है.

6Change your pattern of behavior

अगर आप अपने स्तर पर self-sabotaging Behavior को control करना चाहते है तो आपको negative behaviors को change करने पर ध्यान देना चाहिए. हमारा लिया गया हर steps या तो हमें आगे की तरफ ले जाता है या फिर अपनों या गोल से दूर इसलिए जो भी Behavior आप खुद के लिए permit करते है वो आपको उसे पाने में मदद करता है जिसकी आपको लाइफ में सबसे ज्यादा desire होती है.

आप किस तरह की एक्शन लेते है या फिर किस तरह के विचार सोचते है ये आपके गोल को achieve करने में सबसे ज्यादा प्रभावित करता है. काम करने के पुराने तरीके में बदलाव लाए और नए pattern को लाइफ में apply करे. शुरुआत आप negative people or challenging circumstances से दूर रहकर कर सकते है जो आपके गोल को आपसे दूर कर देते है.

अगर ऐसी कोई stressful situation बनती है जो आपको negative behaviors के लिए trigger कर रही है तो आप उससे दूर रह कर healthy ways of handling the situation का चुनाव कर सकते है.

7Make small, meaningful changes

एक बार आपको ये पता चल जाए की आपको खुद में क्या बदलाव करने है तो आप तैयार है. शुरुआत हमेशा छोटे बदलाव से करे ताकि आप आसानी से पूरा कर सके. अगर शुरुआत में ही grand, sweeping changes पर काम करते है तब आपके फ़ैल होने की सम्भावना बढ़ जाती है. ये किसी भी तरह के लॉजिक आईडिया में सही नहीं है और पूरा नहीं किया जा सकता है.

खुद को small, meaningful changes के लिए रेडी करे और धीरे धीरे ही सही लेकिन आगे चलकर आप larger transformations in life के लिए तैयार हो जाते है.

अगर आपको लगता है की बार बार किसी भी काम को पूरा करने की डेडलाइन को आप मिस कर रहे है तो विवेक से काम ले और परेशान होने की बजाय सिर्फ एक स्टेप पीछे जाए और नयी शुरुआत करे. छोटा सा सकारात्मक बदलाव आपको आगे ले जा सकता है.

हर रोज सुबह उठने के बाद अपने गोल के बारे में सोचे और आज के दिन में आपको क्या करना है उस पर ध्यान दे. ऐसा करना आपको अपने गोल को पूरा करने में मदद करेगा.

8Set goals and make plans

हम कई बार ऐसे struggle with self-sabotaging behavior से गुजरते है जिसमे हमें पता नहीं होता है की हमें क्या expect करना है. ऐसा होना हमारे मन में अपने गोल को लेकर संदेह पैदा करता है. हम Confidence के साथ आगे बढ़ने के बजाय situation को negative way में treat करना शुरू कर देते है.

हम झल्लाते है क्यों की हमें खुद पता नहीं होता है की हमें क्या करना है, कुछ समय बाद हम regret feel करते है और फिर खुद को अपने गोल के लिए असमर्थ पाते है.

इससे बचना है तो एक सॉलिड प्लान के साथ अपने Future goal को decide करे. भरोसा और हर स्टेप पर क्या करना है ये क्लियर पता हो तो आगे बढ़ना आसान हो जाता है. इसे हम रोज के स्तर पर भी कर सकते है. आप situations, people and circumstances पर किस तरह react कर रहे है इस आधार पर आगे बढ़ना आसान हो जाता है.

ये सब ऐसे स्टेप है जो आपको self-sabotaging behavior को control करने में मदद करते है.

Pro Tips to Avoid Self-Defeat and Reach Your Goals

ऐसे कई तरीके है जिनके जरिये हम खुद को रोकने वाले Negative thoughts को दूर कर सकते है.

  1. अपनी गलती को accept करे जिससे की recover करना आसान हो जाये.
  2. खुद को छोटी छोटी गलतियों से दूर रखकर देखे की कैसे वो आपके लाइफस्टाइल को प्रभावित करती है.
  3. खुद को मानसिक तनाव से दूर करने के लिए नशा करने की आदत से दूर रखे.
  4. कभी भी अपने गोल को पूरा हो रहा है काम कितना बाकि है इनके बारे में ना सोचे. ये देखे की आपने कितनी मेहनत कर ली है. ये आपको motivate करेगा आगे बढ़ने के लिए.
  5. खुद से सवाल करना सीखे. हमेशा कुछ समय खुद के लिए निकाले और इस दौरान खुद से बाते करे और समझने की कोशिश करे की आप क्या चाहते है.
  6. सफलता में मुश्किलें देखने की बजाय मुश्किलों में सफलता को तलाशे.
  7. अपनी गलतियों से सीखे ताकि आगे चलकर उन्हें दोबारा न दोहराया जाए.
  8. खुद को याद दिलाते रहे की कैसे अपनी गलतियों से सीखना आपको मजबूत बनाता है.
  9. अपने सपनो को एक बड़ी पिक्चर की तरह देखे. आपको किसका साथ मिला, आपके कितने जजमेंट आपके खिलाफ थे, फ़ैल होने के पीछे क्या लोस है इन सबके बारे में सोचे और आगे बढे.
  10. हमेशा एक बात याद रखे Success and failure सिर्फ एक package deal है और कुछ नहीं. जिस तरह से ये zigzag आगे बढ़ता है आप सफलता की और आगे बढ़ते जाते है.

ये सब कुछ ऐसी ट्रिक्स है जिसके जरिये हम self-sabotaging Behavior को control कर सकते है.

Read : 5 बाते जो आपको ये मानने पर मजबूर कर देगी की भूत प्रेत और आत्माए होती है

control self-sabotaging behavior and get ahead to success

खुद कोPositive  किसी भी तरह की जिम्मेदारी से बचाना हो, किसी बड़े बदलाव से खुद को दूर रखना हो तो self-sabotaging behavior सबसे आसान तरीका है जो आपके लिए defence mechanism की तरह काम करता है.

आप खुद को किसी भी बड़ी जिम्मेदारी से आसानी से दूर कर लेते है या फिर जो आपके पास है उसी से सतुष्ट हो जाते है.

शुरू शुरू में ये बहुत मजे देने वाला होता है और आपको मुश्किल हालात से बचाता है लेकिन आगे चलकर जब आप बड़े अवसर खो देते है तब आपको अहसास होता है की आपने सबकुछ खो दिया.

अब आपके पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता है इसलिए समय रहते है self destructive thinking से खुद को दूर कर ले और आगे बढ़ने के लिए मिल रहे अवसर का सही इस्तेमाल करे.

कच्चा कलवा मसान की दुष्कर साधना और वचन बंधन की पूर्ण विधि

0

कच्चा कलवा साधना उन साधनाओ में से है जिसके जरिये आप हर तरह का कार्य आसानी से कर सकता है. तांत्रिक एक छोटे बच्चे की आत्मा को अपने कब्जे में कर उसे कलवा या मसान का रूप देते है या फिर किसी तरह से वो खुद कलवा या कलुआ में बदल जाते है.

चूँकि इनकी आत्मा छोटे बच्चे की होती है इसलिए इन्हें आसानी से किसी तरह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता है.

शक्तिशाली होने की वजह से इनका फायदा उठाने के लिए तांत्रिक इन्हें वश में करना चाहते है लेकिन ये साधना आसान नहीं होती है और आपको पल पल सावधानी रखनी होती है.

कच्चा कलवा साधना

में अपनी पिछली पोस्ट में कलवा से जुडी एक घटना को शेयर कर चूका हूँ और इस पोस्ट में कलवा की साधना और कलवा को हटाने का मंत्र शेयर करने जा रहा हूँ.

कलवा की साधना करने के कई सारे मकसद होते है जैसे की वशीकरण, मारण, कार्य सिद्धि लेकिन इसके लिए आपको चुनाव करना चाहिए एक बड़े कलवा का क्यों की कच्चा कलवा मासूम और शैतान दोनों ही रूप में साधक को भयभीत कर सकता है.

कच्चा कलवा साधना की ये पोस्ट आपके जानकारी के लिए है और प्राचीन पुस्तक में से ली गई है इसलिए इसकी सत्यता का sachhiprerna कोई दावा नहीं करता है.

आप इसे जानकारी के लिए पढ़े और किसी मार्गदर्शक के जरिये ही साधना का अभ्यास करे.

कच्चा कलवा साधना कैसे करे

kachha kalua sadhna एक तांत्रिक साधना है जिसे पूरा करने के अनेको तरीके है. कुछ लोग इसे कलुआ मसान के नाम से जानते है तो कुछ काला कलवा इन्हें ये नाम मिलते है इनके प्रकृति के अनुसार.

अगर आप urban myth में believe करते है तो आपने इनसे जुड़े अनेको किस्से सुने होंगे.

छोटे बच्चे जिनकी उम्र 8 साल से निचे होती है मौत होने के बाद उन्हें जलाया नहीं जाता है. कुछ जरुरी क्रिया पूर्ण न होने की वजह से ये प्रकृति और ब्रह्मा के नजदीक होते है और इनकी शक्तियां चरम पर होती है.

सिर्फ यही एक वजह है की खतरनाक होने के बावजूद कच्चा कलवा साधना करने वाले तांत्रिक लोगो की कमी नहीं है.

सबसे शक्तिशाली वशीकरण ( Most powerful vashikaran ) मारण क्रिया और दूसरी तांत्रिक क्रिया में कलवा का आवाहन कर उन्हें कार्य की सिद्धि के सिद्ध किया जाता है.

हम पहले जान चुके है की कलवा पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्यों की ये किसी तरह के बंधन में नहीं बंधते है इसलिए आपको साधना से पहले ये जान लेना चाहिए की कलवा किस तरह का है. तांत्रिक साधनाओ में कलवा की साधना ही है जिसमे साधक को पग पग पर सावधानी रखनी होती है.

Read : कनक परी वशीकरण सिद्धि साधना एक सरल और कम समय की साधना

kachha kalwa ritual mantra

कच्चा कलवा साधना का ये मंत्र प्राचीन पुस्तकों के संग्रह में से लिया गया है इसलिए ये कितना सफल है कह नहीं सकते है. इसे यहाँ सिर्फ जानकारी के उदेश्य से शेयर कर रहे है.

कलवा कलवा गां गि गुं आहि आहि कों काल कमानी आव आव रह रह विदेशां खीचे आव, बातें मोरी अब पतिआव

किसी नाबालिग बच्चे के शव का कफ़न ले आये और उसी शव के मुंह के थूक का कफ़न पर लेप कर दे.

अब अर्द्ध-रात्रि के समय किसी सुनसान जगह पर बबूल के पेड़ के निचे उस कफ़न को बिछा दे. पेड़ से थोड़ी ही दूर मल त्याग करने जाए और वापस ऐसे ही बिना साफ किये आ जाए.

kachha kalwa

कच्चा कलवा साधना के लिए पूरी तरह से अपवित्र होकर कफ़न पर आसन लगाकर बैठ जाए और अपने सामने एक पाव कच्चा मांस परोस ले.

मांस को सामने रखकर आँखे बंद कर ले और ऊपर दिए गए मंत्र की 108 जाप पूरी करे.

अब सामने पड़े मांस के टुकड़े में से एक छोटा सा हिस्सा निकाल ले और अपने जीभ के निचे रखकर मानस जाप में 108 जप पूरा करे.

जप पूरा होने के बाद मांस के टुकड़े को मुंह से बाहर निकाल ले मस्तिष्क पर लगाकर उसे वही छोड़ दे और कफ़न को लेकर घर लौट जाए.

ये साधना कुल 11 दिन की है और हर रात आपको ऊपर बताये गए तरीके से जप को पूरा करना है.

कलवा की साधना में ध्यान रखे इन बातो का

  1. जप के लिए जाते और वापस लौटते समय पीछे मुड़कर ना देखे न ही किसी के सवाल या आवाज का जवाब दे. इस बारे में ज्यादा जानने के लिए पारलौकिक शक्ति से जुडी इस पोस्ट को पढ़ ले.
  2. कच्चा कलवा साधना के बाद अपनी लीला शुरू से ही दिखाना शुरू कर देता है लेकिन सामने नहीं आता है. वो जब सामने आये तभी उसकी बातो का जवाब दे लेकिन साधना पूर्ण होने के बाद.
  3. कच्चा कलवा साधना में साधक को कलवा को मांस और मदिरा का भोग लगाकर वचन में बांध लेना है. हालाँकि छोटे बच्चे का कलवा आसानी से वचन में नहीं बांधा जा सकता है लेकिन बड़े कलवा को आप वचन में बाँध सकते है.

कलवा हटाने का मंत्र

कई बार हम ऐसी स्थिति से भी गुजरते है की कलवा कण्ट्रोल से बाहर हो जाता है और साधक का कहना नहीं मानता है.

कलवा साधना विधि और विधान

छोटे बच्चे या फिर औरते खासकर गर्भवती औरते इसका शिकार ज्यादा होती है. ऐसी स्थिति में कलवा को हटाने का मंत्र यहाँ शेयर किया जा रहा है आप इसे आजमा सकते है.

चकती सोहे वरुण कर, बगहा पर असवार, ये देवा रक्षा करे, कलवा भगे राज दुआर

अगर किसी ने कच्चा कलवा साधना का प्रयोग कर दिया है तो रोगी के चारो तरफ सरसों के दाने छिडकते हुए इस मंत्र का जाप करे कलवा दूर हट जाएगा.

आपको एक बात ध्यान में रखनी चाहिए की कलवा से टकराने वाले साधक को कायर या भीरु नहीं होना चाहिए.

पढना न भूले : दिवाली पर की जाने वाली टॉप 5 तंत्र की मंत्र की साधनाए दिवाली के पर्व पर की जाने वाली तंत्र साधना

कच्चा कलवा साधना अंतिम शब्द

दोस्तों कलवा वीर की साधना का प्रयोग वशीकरण के प्रयोजन में काफी किया जाता आ रहा है. आपसी दुश्मनी के चलते कुछ लोग कलवा का प्रयोग करते हुए घबराते नहीं है.

ये साधना इतनी तीव्र है की बड़े बड़े तांत्रिक भी इसे करने से घबराते है. कच्चा कलवा को कण्ट्रोल करना और वचन में बांधना बेहद दुष्कर कार्य है और जरा सी चूक तांत्रिक की ही जान ले सकती है.

इसे सिर्फ जानकारी के तौर पर यहाँ शेयर किया जा रहा है ना की साधना के तौर पर. विवेक से काम ले और फिर साधना में उतरे.

कच्चा कलवा साधना की ऊपर दी गई साधना एक प्राचीन पुस्तक तंत्र साधना के गुप्त रहस्य में से ली गई है.

हमारा हमेशा प्रयास रहता है की हम आपको प्राचीन पुस्तकों के ज्ञान से रूबरू करवाए ताकि आपको जानने के लिए हमेशा कुछ नया मिले. अगर ये पोस्ट पसंद आये तो इसे शेयर करना न भूले.

Spiritual Bypass कही आप भी आध्यात्म के पीछे अपनी जिम्मेदारियों से तो नहीं भाग रहे है ?

0

Spiritual development की प्रक्रिया के दौरान हमें कई बार ऐसे experience होते है जिसमे हमें लगता है की हम आगे बढ़ते जा रहे है लेकिन, वास्तव में ये एक तरह का जाल होता है.

हम spiritual awakening की process को अपनी लाइफ का हिस्सा बनाते है ताकि हम आगे बढ़ सके लेकिन कुछ परिस्थिति ऐसी आती है जिससे बचने के लिए हम विचारो की एक दीवार बना लेते है. हम इसे आध्यात्म का नाम देते है मगर ये आध्यात्म नहीं बल्कि spiritual bypass होता है.

इसके symptom and types को समझ कर हम दैनिक जीवन में की जाने वाली उन गलतियों को सुधार सकते है जो हमें spiritual path से दूर करती है.

Spiritual master’s इसे dark shadow of spiritual experience का नाम देते है. ये एक ऐसा spiritual depression है जिसे seeker अपनी personal and social responsibility से बचने के लिए इस्तेमाल करते है. आध्यात्म खुद को जानने का सबसे अच्छा माध्यम है लेकिन जब हम अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए आध्यात्म को इस्तेमाल करना शुरू कर देते है तब हमें इसे side effect देखने को मिलते है.

spiritual bypassing

ये एक ऐसी कंडीशन है जिसमे हम emotion को दबाने के लिए आध्यात्म को इस्तेमाल करना शुरू कर देते है. किसी तरह के तनाव को दर्द को या दुःख को समझने की बजाय हम उसे ये कह कर दबा देते है की ये आध्यात्म में बुरा है. किसी भी तरह की स्थिति को समझने की बजाय उससे दूर भागना या ignore करना ही bypass कहलाता है. इस पोस्ट में बात करते है ऐसे ही कुछ symptom की जिसमे हमें लगता है की हम आध्यात्म के शिखर पर है लेकिन हकीकत में एक trap में फंसे होते है.

इस पोस्ट में हम निम्न बातो को जानने वाले है

what is spiritual bypass in Hindi

ऐसी कंडीशन जिसमे हम अपने personal or psychological issues को avoid  करने के लिए spiritual practice का सहारा लेते है spiritual bypassing कहलाती है.

ये एक तरह से spirituality को एक तरह से defense mechanism की तरह इस्तेमाल करता है ताकि unpleasant emotions से बचा जा सके और अपने ईगो को protect कर सके.

वैसे तो ये बुरे विचारो और कर्मो से बचने का एक अच्छा माध्यम है लेकिन, इसे सही तरह से सा इस्तेमाल ना किया जाए तो एक और कंडीशन पैदा हो सकती है जिसे trap of spiritual bypassing कहते है.

ये एक तरह का spirituality’s shadow है जो की एक अच्छी practice का side effect होता है.

इस term का सबसे पहले पता एक psychologist John Welwood in 1984 ने लगाया. वो transpersonal psychology, which integrates spirituality and psychology को लेकर अपने काम को जाने जाते थे.

उन्होंने पाया की उनके आसपास कुछ ऐसे buddist sangha थे जो spiritual bypassing को unresolved emotional issues and psychological wounds से बचने के लिए इस्तेमाल कर रहे है. जैसे की

मान लीजिये साधक के मन में काम भावना पैदा होती है और वो इससे बचने के लिए मन को तर्क देता है की काम भावना का आध्यात्म में आना अच्छा नहीं है.

अब आपने ये तो समझा दिया की ये अच्छा नहीं है लेकिन इसके पीछे के ज्ञान को समझने की कोशिश नहीं की. आप इस बात से पीड़ित थे और इस issue से बचने के लिए आपने इसका सहारा ले लिया. वास्तव में यही एक trap of spiritual bypassing था जिसमे आप फंसते चलते गए.

When Spirituality Becomes Shtick

Shtick एक Yiddish word है जिसका मतलब है “bit” or “piece.” ये एक routine होता है जो की साधक की लाइफ के daily routine के कार्य का एक हिस्सा बन जाता है. ऐसी कंडीशन में जब spirituality as a shtick को इस तरह इस्तेमाल किया जाता है की हम दुःख से बाहर निकलने और समझने के बजाय उससे दूर रहना शुरू कर देते है.

जब एक व्यक्ति किसी तरह के दुःख को समझने और उससे बाहर निकलने की बजाय उससे बचने की कोशिश करना शुरू कर देता है तो वो spiritual practice नहीं करता बल्कि trap of spiritual bypassing में फंस जाता है.

वो खुद को एक spiritual person की तरह इसमें लपेट लेते है और किसी भी चीज को समझने की बजाय खुद को उससे दूर कर लेते है.

ये किसी तरह की true spiritual practice का हिस्सा न होकर shtick बन जाती है और हमें इसका अहसास जब होता है तब तक बहुत देर हो जाती है. जब ऐसा होता है तब हम अपने negative emotion को repress करना शुरू कर देते है, उन्हें honestly solve करने की बजाय हम उन्हें अपने subconscious mind में दबाते रहते है.

ऐसा करने से आप उन्हें ख़त्म नहीं कर रहे बल्कि बार बार दिमाग में उसी तरह के negative thought को सोचता रहता है.

किसी भी प्रॉब्लम को फेस कर हैंडल करने की बजाय हम उनसे दूर भागने लगते है और इस तरह की limitation को हम अपने आसपास एक दीवार खड़ी कर लेते है और लोगो को खुद से दूर करने की कोशिश करने लगते है. आइये बात करते है कुछ खास symptom of spiritual Bypassing के बारे में.

Read : Basic of Yin and Yang और ताओवादी ब्रह्मांड विज्ञान

Symptoms of Spiritual Bypassing

Robert Augustus Masters ने अपनी book में symptoms of spiritual bypassing को काफी अच्छे से explain किया है. उनके अनुसार इसके कुछ लक्षण है जैसे की

  • exaggerated detachment ( जरुरत से ज्यादा लोगो से खुद को दूर कर देना )
  • emotional numbing and repression ( भावनातमक रूप से खुद को बार बार कमजोर पाना )
  • overemphasis on the positive ( सकारात्मक सोच पर जरुरत से ज्यादा सहानुभूति करना )
  • anger-phobia ( गुस्से से खुद को दूर रखने की कोशिश करना )
  • Blind or overly tolerant compassion ( कम टाइम में खुद का आपा खो देना )
  • weak or too porous boundaries ( बेहद कमजोर सीमओं में खुद को बांध लेना )

lopsided development ऐसे ही कुछ symptom है जो हमें बताते है की हम spiritual bypassing का शिकार है.

Spiritual Emergency

अगर आपकी spiritual practice आपके personal relationship के ऊपर हावी हो रहा है खासकर आपके अपने करीबी लोगो जैसे माता पिता या कोई भी और करीबी रिश्तेदार जिसके साथ आपके रिश्ते सिर्फ इसलिए कमजोर पड़ते जा रहे है क्यों की आप खुद को spiritual practice quest में खुद को खोते जा रहे है.

आप अपनी जिंदगी में आध्यात्म को शामिल नहीं कर रहे है बल्कि उसे एक दीवार की तरह इस्तेमाल कर रहे है जो लोगो को आपसे दूर कर रही है. ये आपके लिए कभी सही नहीं था और न ही होने वाला है इसलिए समय रहते आपको इससे बाहर निकलने की जरुरत है.

कुछ केस में आप खुद को इस ट्रैप में इतना खो देते है की spiritual practice आपके लिए enlightenment fantasy बन कर रह जाती है.

Read : अगर आपके अन्दर भी है इस तरह के Symptoms of psychic abilities? जानिए क्या बन सकते है आप

Types of spiritual bypassing

spiritual practice experience हमेशा अच्छे हो ऐसा जरुरी नहीं, कई बार अभ्यास के दौरान हम भ्रम की स्थिति में फंस कर रह जाते है.

spiritual bypassing types को हम अलग अलग तरीके से समझ सकते है. जिंदगी में हम जो अनुभव करते है उनमे से कुछ को जान कर भी ना समझने की कोशिश करना इसके अंतर्गत आता है.

आइये जानते है कुछ ऐसे ही प्रकार के बारे में जो आपकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके है और आप इससे अनजान है.

1. The Optimistic Bypass

हम अपनी लाइफ में ऐसे लोगो से संपर्क में जरुर में आते है जो negative situation में भी हंसने पर जोर देते है.

ऐसे लोग जो Be positive and see the glass half full जैसे thoughts पर जोर देते है वो सिर्फ इस तरह के विचारो को सिर्फ भरने की कोशिश करते है, कभी ये कोशिश नहीं करते है की इसका महत्व क्या है. दुसरे शब्दों में कहे तो

ऐसे लोग जो negative emotion से deal नहीं कर पाते है वो इससे बचने के लिए खुद को सकारात्मक विचारो की तरफ खुद को धकेलते है.

यहाँ पर आपका आध्यात्मिक होने का उदेश्य क्या है ? negative thoughts से खुद को बचाना ना की आध्यात्मिक होना.

बुरे विचारो से बचने के लिए खुद को आध्यत्मिक नजरिये में बदल लेना optimistic bypass कहलाती है.

 2. The Aggrandizement Bypass

ऐसे लोग जो spiritual enlightenment को experience करना चाहते है खुद को दीवारों ( विचार ) के पीछे छिपा लेते है.

अपनी कमियों को समझने की बजाय उन्हें छिपाने की कोशिश करना और खुद को विचारो की सीमा में कैद कर लेना इसका हिस्सा है.

ऐसा ज्यादातर वो लोग करते है जो खुद को आध्यत्मिक अनुभव में यानि spiritual practice experience में आगे बढ़ता हुआ देखना चाहते है.

3. The Victim Bypass

ऐसे लोग जिन्हें लगता है की उन्हें दुसरे लोगो से कुछ चीजे अलग बनाती है. कुछ लोगो के पास god gift होता है जो उन्हें दुसरो से अलग बनाता है.

दुसरो को दुःख में देखकर दुखी हो जाना या फिर किसी को दुखी देखकर बिना उसके बारे में जाने उसकी मदद करने को तैयार जाना ऐसी कुछ लोगो को नेचर होती है. इन लोगो के अन्दर empathy quality होती है.

जब ऐसा होता है तब हम अपनी लाइफ को संतुष्टि से जी नहीं पाते है क्यों की हमारा फायदा उठाया जाता है.

हमें लगता है की हम ऐसे हम इसी वजह से दुखी है. जैसा की आमतौर पर लोग सोचते है

भले और भोले लोगो के साथ ही हमेशा धोखा क्यों होता है ?

ऐसे लोग trap of spiritual bypass का शिकार हो जाते है और विक्टिम बन कर रह जाते है.

हकीकत में ऐसा नहीं होता है लेकिन इस टाइप की नेचर का लोगो द्वारा अपने मतलब को पूरा करने के लिए फायदा उठाते रहने की वजह से लगता है की वो भोले है जिसकी वजह से उनका फायदा उठाया जा रहा है.

4. The Psychonaut Bypass

महादेव के भक्त है इसलिए भांग, गांजा और दुसरे नशे करने वाले लोग आपने काफी देखे होगे. ऐसे लोगो की कमी नहीं जो भगवा या साधू वेश में घूमते है और शाम के समय चिलम या दूसरा नशा फूंकने लगते है.

इसके पीछे उनका मानना है की ये उनके देवताओ ने भी ग्रहण किया था जिसकी वजह से ये एक प्रसाद की तरह है. क्या वास्तव में ऐसा ही है ?

नहीं ! ऐसे लोग अपनी हकीकत और दुःख भरी जिंदगी से दिनभर भागते है और शाम होते ही सभी दुखो को भुलाने के लिए ऐसे नशे करते है जो reality को कुछ समय के लिए छिपा देते है और इस दौरान वो अपनी बनाई दुनिया में खो जाते है.

ये एक तरह का illusion होता है. ये लोग खुद को spiritual seeker मानते है लेकिन असल में होते है psychonaut क्यों की उनके लिए अपनी बनाई दुनिया महत्व रखती है.

नार्मल लाइफ की बात करे तो मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोग डॉक्टर द्वारा ऐसी दवाई लेते है जो कुछ समय के लिए mind, the soul and reality को expand कर देते है. दिमाग को अचेतन अवस्था में ले जाने वाली ये दवाई psychologist द्वारा काफी इस्तेमाल की जाती है.

मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोग इन्हें दवाई की तरह इस्तेमाल करते करते जब ठीक हो जाते है तब भी उन्हें इसकी तलब लग जाती है क्यों की ये उस लाइफ के आदी हो जाते है.

5. The Horoscope Bypass

आप में से कितने लोग ऐसे है जो हर रोज सुबह सुबह अपना राशिफल यानि horoscope देख कर दिन कर के काम शुरू करते है. अगर राशिफल अच्छा है तो दिन भी बढ़िया निकलता है नहीं तो पूरा दिनभर हम खुद को परेशानी से घिरा हुआ पाते है.

सिर्फ राशिफल को देखकर अपने दिन को निर्धारित करना आपके horoscope bypass को दर्शाता है.

हम अपने अन्दर की inner wellsprings of wisdom and strength को खो देते है और external predictions पर depend हो जाते है क्यों की हमें खुद पर विश्वास नहीं होता है. इसकी वजह fear and mistrust of ourselves होता है जो हमें बाहरी माध्यम से कण्ट्रोल होने पर मजबूर करता है.

हमारी Inability to make decisions, and our inability to deal with anything हमें ऐसा करने के लिए मजबूर कर देती है.

6. The Saint Bypass

जब हम बच्चे थे हमें तब से सिखाया जाता आ रहा है की spiritual people यानि साधू और संत अच्छे और आध्यत्मिक होते है. बड़े होने के साथ हमें ये समझ आने लगता है की उनका सिर्फ एक ही पहलू है और वो है spiritual क्यों की किसी तरह की कमी उन्हें nonspiritual बनाती है.

black and white side of spiritualism” के बारे में खुद की राय बनाना हमें saint bypass का शिकार बनाता है.

हमारी सोच हमेशा एक ही विचार से कण्ट्रोल होना शुरू हो जाती है और वो है साधू लोगो का कोई negative side नहीं होता है.

ये एक तरह से एक इन्सान के दुसरे पहलू को पूरी तरह नकार देना है. हर इन्सान के दो पहलू होते है अच्छा है तो बुरा भी है और बुरा है तो अच्छा भी होगा लेकिन सोच बनाकर एक पहलू को नकार देना ये शो करता है की हम saint bypass के ट्रैप में फंसे हुए है.

7. The Spirit Guide Bypass

किसी बाहरी माध्यम पर खुद को इतना ज्यादा निर्भर कर लेना की हम अपनी शक्ति को ही भूल जाये एक तरह का classic spiritual bypass का लक्षण है. इस स्थिति में हमें लगता है की God, angel, animal spirit or spiritual guide हमें protect कर रहे है.

ऐसा सोचना हमारे दिमाग को एक शांति प्रदान करता है लेकिन हमारी आत्मा के लिए ऐसा करना नुकसानदायी हो सकता है.

हम हमारा विश्वास एक बाहरी शक्ति पर रखते है जो हमें नुकसान पहुँचाने वाली हर चीज से दूर रखती है.

Spiritual Oneness or Wholeness

ऐसा करना avoiding responsibility for ourselves and our lives की वजह बन जाता है और हम खुद को स्ट्रोंग बनाने की बजाय बाहरी माध्यम पर निर्भर हो जाते है.

ऐसा करना हमें अपने spiritual character को strong बनने से रोकता है.

विश्वास बुरी बात नहीं है लेकिन जब किसी भी चीज की अधिकता हो जाती है तब हम इसके side effect से जूझना शुरू कर देते है.

8. The Praying Bypass

जब भी हम मुसीबत में होते है इश्वर से हम प्राथना करते है की वो हमारी सभी परेशानियों को दूर कर दे.

ये एक तरह से classic spiritual bypass का ही हिस्सा है. Pray to God हमें मानसिक रूप से healthy बनाता है लेकिन ऐसा करते समय हमें खुद पर भी believe होना चाहिए.

9. The Guru Bypass

एक spiritual guru, guide का होना हमारे लिए आध्यात्म में आगे बढ़ने के लिए बेहद मायने रखता है लेकिन इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है की आपको कोई भी प्रॉब्लम हो और आप अपने गुरु को माध्यम बना कर उनसे बचने की कोशिश करे.

गुरु भी एक बाह्य माध्यम है जब तक की आपकी अपनी अंतर चेतना जाग्रत न हो जाए.

ऐसी परिस्थिति जिसमे आप अपने अंतर्मन से जुड़ने की बजाय अपने गुरु पर निर्भर हो जाए एक another type of spiritual bypass का symptom है.

एक गुरु आपको सिर्फ रास्ता दिखा सकता है आपकी समस्या को दूर नहीं कर सकता जब तक की आप खुद कोशिश न करे.

10. The Finger-Pointing Bypass

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है जब आपके अपने करीबी दोस्तों के व्यवहार की वजह से आपको उनपर गुस्सा आया हो और आप इसमें इतना पागल हो गए की अपना आकलन करना भूल गए हो. दुसरो के दोष को देखते देखते हम अपनी responsibility से दूर होते चले जाते है.

ये भी एक तरह का symptom of spiritual bypass है.

ऐसा होने पर हम जब भी कोई गलती करते है तो उसे सुधारने की बजाय ये सोचते है की दुसरे भी तो करते है.

उसने कर दी तभी मेने की इसमें कौनसी बड़ी बात है. इसके बाद हम सिर्फ गलत बातो पर ही विचार करते रहते है और धीरे धीरे खुद की जिम्मेदारियों से भागना शुरू कर देते है.

अगर ऊपर दिए गए top 10 symptom of spiritual bypass में से आप किसी एक को भी experience कर रहे है तो समय है इसे सही करने का. इसके लिए आप कुछ tips को follow कर सकते है.

Read : गड़े हुए खजाने के इस खौफनाक सच को जानने के बाद भी क्या आप इसे हासिल करना चाहेंगे

How to avoid spiritual bypassing

  • Spiritual and Self-Developmental information: इस तरह की समस्या को दूर करने के लिए आपको seminar attend करने चाहिए, बुक्स पढनी चाहिए, योगा और मैडिटेशन जैसे powerful tools का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा आप spiritual development को लेकर खुद की नॉलेज को जितना बढ़ा सकते है बढाइये.
  • आपकी लाइफ में अगर किसी तरह का दर्द है तो उसे छुपाने की बजाय ट्रीट करना सीखे. जितना आप अपने इमोशन को दबाने की कोशिश करते है उतना ही वो आपके दिमाग में बार बार negative thoughts से भरने लगते है. कई बार हम spiritual bypassing के जरिये खुद के आसपास इस तरह की दीवार खड़ी कर लेते है की खुद को दुसरो से अलग कर लेते है.
  • अपने आसपास के लोगो को पहचाने. जो लोग सिर्फ आपका फायदा उठाना चाहते है उन्हें खुद से दूर करना शुरू कर दे. ऐसे लोगो की पहचान करना काफी आसान है क्यों की वे सिर्फ आपको निचा देखना चाहते है. ऐसे लोगो के साथ रहे जो आपको हर हाल में समझते है और आपकी तकलीफ को समझ कर आपको सही दिशा में ले जाने की कोशिश करते है.
  • आध्यात्म को अपने आकलन के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रयोग करे ना की जिम्मेदारी से भागने के लिए.
  • किसी भी बाहरी माध्यम को अपनाकर उस पर निर्भर ना बने कोशिश करे की आपके अन्दर के spiritual guide को activate कर पाए.

अपनी problems से दूर भागने की बजाय अपने दोस्तों के साथ शेयर करे जिससे की वो आपको सही गाइड करे. इससे आप spiritual bypassing का शिकार नहीं होंगे. ऐसे ही टिप्स को फॉलो कर आप trap of spiritual bypassing से बाहर निकल सकते है.

spiritual bypassing my own word

spiritual bypass आध्यात्म का वो shadow side है जिसमे हम आगे बढ़ने की बजाय एक trap में फंस जाते है. हमें लगता है की हम सही कर रहे है लेकिन असलियत में हम जिम्मेदारियों और सही पहलू को समझने की बजाय उनसे दूर भागने लगते है.

ऐसे लोग अपने आसपास एक दीवार बना लेते है जो उन्हें दुसरो से अलग कर देती है. सही समय पर इसकी पहचान करे और इससे बचे.

अगर आपको भी इस तरह के बदलाव खुद में महसूस होते है और आप खुद को स्ट्रोंग बनाने की बजाय ऐसे सोर्स का इस्तेमाल करते है जो दुसरो को आपसे अलग करते है तो आप प्रॉब्लम में फंसे हुए है.

spiritual practice का सही मतलब समझे और आगे बढे ना की किसी तरह के भ्रमजाल में फंसे.

पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए. 2 मिनट का समय निकाल कर इसे सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे.

Reiki Healing for Beginners घर पर रैकी का सफलतापूर्वक अभ्यास कैसे करे ?

0

आज के दौर में तनाव दूर करने और बेहतर नींद के लिए Aroma touch therapy को बढ़िया जरिया माना जाता है. रैकी का अभ्यास आपको spiritual, Ground to nature बनाता है. आज हम जानने वाले है Reiki Healing for Beginners के बारे में जिसमे हम शुरुआती स्तर पर खुद को रैकी के लिए कैसे तैयार करे इसके बारे में जानेंगे. रैकी का अभ्यास करने के लिए आपको एक Empty container की तरह बनना होगा.

जब आप ऐसा करते है तब Universal life energy आपके body से होते हुए माध्यम के अन्दर प्रवेश करती है और वो अपने अन्दर Positive change को experience करना शुरू करते है.

Reiki Healing for Beginners

Reiki self-healing for beginner’s के लिए आपको स्टेप अभ्यास के जरिये इसकी शुरुआत करनी चाहिए. अक्सर शुरुआती स्तर पर हम ये गलती करते है और अनजाने में ही माध्यम को अपनी खुद की उर्जा दे देते है.

ऐसा करना हमारे लिए सही नहीं होता है और अभ्यास के दौरान हमें यूनिवर्स से उर्जा लेनी चाहिए ना की खुद की उर्जा का इस्तेमाल करना चाहिए. आइये जानते है घर पर रैकी का अभ्यास कैसे करे.

Reiki Healing for Beginners

Reiki, the healing therapy को हजारो साल पहले Mikao Usui जो की एक Japanese Buddhist थे ने इजाद किया था. ये Therapy एक सिंपल से spiritual principle पर आधारित है, इसके अनुसार हम सब एक same invisible life force से guide होते है और ये Life force हमारे physical, mental, and emotional well-being को control करती है.

जब ये Free flow की state में होती है तो हम unknown reserves of power को access करते है लेकिन इसके Blockage की state ( जिसकी वजह negative thinking, unhealed trauma, or stress overload होती है ) में होती है तब हम sub optimal level पर काम करते है जो की हमारे अन्दर health issue create करता है.

हो सकता है इस तरह का Energy transfer आपको voodoo magic की तरह लगे लेकिन जिन लोगो ने skilled Reiki master के साथ Reiki session किया है उनके अनुसार ये उनमे कुछ positive change लाता है.

कुछ लोग reiki session को light touch and above-the-body energy sweeping का combination बताते है क्यों की ये उन्हें शांत और grounding करता है. कुछ लोग emotional realignment की तरह समझते है क्यों की सेशन के बाद उन्हें खुद में कुछ खास तरह के Emotional change मिलते है.

एक Skilled Reiki Master को Negative energy को समझने और शिफ्ट करने में कई साल तक मेहनत करनी पड़ती है लेकिन बेसिक तरीके को कोई भी आसानी से सीख सकता है. आइये जानते है एक बेसिक और सिंपल सा तरीका की कैसे हम Reiki self-healing for beginners Practice at home की शुरुआत कर सकते है.

Mastering natural healing techniques

वैसे तो Mastering natural healing techniques यानि एक सफल रैकी मास्टर बनने में काफी समय और लगन के साथ मेहनत का अभ्यास करना पड़ता है लेकिन आज ऐसी कई Reiki Technique है जिसका अभ्यास हम घर पर कर सकते है. शुरुआती स्तर पर किया जाने वाला रैकी का अभ्यास कई स्टेप में किया जाता है जिसे आप यहाँ सीख सकते है.

First Step: Receiving Energy

किसी भी तरह की Reiki practice की शुरुआत के लिए आपको सबसे पहले अपने अन्दर की energy को activate करने की जरुरत होती है. सबसे  पहले आपको आँखे बंद करनी है और कुछ deep breaths लेनी है. जब आपका मन और body पूरी तरह से relax हो जाये तब आपको imagine करना है की एक White light आपके Crown chakra से होते हुए आपकी body में enter कर रही है.

ये light आपके body के उपरी हिस्से से होते हुए निचे की ओर मूव कर रही है और धीरे धीरे आपकी पूरी body में light enter हो रही है. आप चाहे तो शरीर के उन हिस्सों पर ज्यादा फोकस कर सकते है जहाँ आपको जरुरत लगे जैसे की आपके हाथो की अंगुलियाँ.

आपका फोकस आपके body parts के साथ साथ breaths पर भी होना चाहिए. अगर आपका brain इन सबसे हट रहा है और Unwanted intrusive thoughts में फंस रहा है तो फिर से खुद को फोकस करे.

आपको अपने आप को एक Empty vessel की तरह imagine करना है जो Universal energy को accept कर रहा है.

Reiki for Sleep

पहले स्टेप को पूरा करने के बाद आप इस स्टेप में बढ़ सकते है. प्रैक्टिस का ये पहला चरण है और sleep-focused Reiki session के दौरान आपको चाहिए की आपका माध्यम आप पर trust करने वाला हो. माध्यम जो energy को receive करता है उसे recipient के नाम से जाना जाता है. Recipient को आपके हाथो के पास लेट जाना होता है.

आपको उनके हाथो के पास खड़ा होना है या बैठ जाना है और stream of healing light को imagine करना है जो आपके हाथो से निकलते हुए माध्यम के हाथो से होते हुए उसके body में enter कर रही है. इस दौरान वो अपने brain में आ रही किसी तरह की थकावट या बुरा अनुभव जो दिन के दौरान उन्होंने किया उसे भूलकर relax हो रहे है.

माध्यम को आप Several round of Deep breaths के लिए कह सकते है. माध्यम को अपने पूरे दिन की मेमोरी को याद करना चाहिए और एक अच्छे दिन के लिए इश्वर को थैंक्स कहना चाहिए. धीरे धीरे आपको ऐसा imagine करना है की माध्यम की body अब healed, relaxed and heavy हो रही है जो की सोने के लिए अब तैयार है.

Sleep-focused Reiki session को ज्यादा से ज्यादा 15 से 30 मिनट तक ही करनी चाहिए क्यों की इतना टाइम काफी होता है.

तनाव दूर करने के लिए रैकी का अभ्यास

आज के दौर में हर कोई anxiety and stress से गुजर रहा है. जब ऐसा होता है तब सबसे बुरा असर हमारे Breathing cycle पर पड़ता है. अगर आप तनाव दूर करने के लिए रैकी का सेशन लेना चाहते है तो इसके लिए आपको अपने माध्यम को कुर्सी पर बिठा लेना है. माध्यम के ठीक पीछे जाकर उसके कंधे के ऊपर अपने हाथ रखे और आँखे बंद कर गहरी साँस ले.

Transmitter and reciepter दोनों की सांसे गहरी होनी चाहिए. इस दौरान खुद को एक vessel मानते हुए universal energy को अपने अन्दर से होते हुए माध्यम के अंदर जाते हुए imagine करे. उर्जा माध्यम के कंधे से होते हुए उसके हर body पार्ट में जा रही है और वो हिस्सा तनाव मुक्त हो रहा है.

माध्यम को भी sender पर भरोसा होना चाहिए और गहरी सांसे लेते हुए खुद को रिलैक्स करना चाहिए. कंधे के अलावा आप माध्यम के सर को भी हिस्सा बना सकते है और उस पर हाथो को टच करते हुए माध्यम को भावना देते हुए energy को transfer करना है. धीरे धीरे माध्यम को ये फील होता है की वो खुद को रिलैक्स फील कर रहा है.

Read : शरीर का अचानक ही बिना आग के जल जाना क्यों आज भी नीली रौशनी से होने वाली मौत एक रहस्य बनी हुई है

Last Step: Sealing Off Energy

अभ्यास के बाद खुद की एनर्जी को सील करना भी आना चाहिए. सेशन पूरा होने के बाद offer gratitude, cleanse जैसी process को पूरा करना न भूले. एक बार healing session पूरा हो जाने के बाद energy sealing करना बेहद जरुरी है. माध्यम से हाथो को हटाने के बाद अपने उर्जा को बंद करे.

ये सब आप अपने काल्पनिक तरीके से कर सकते है जैसे की खुद की भावना से अपने Aura energy field को बढ़ाना या फिर एक Protection field को अपने चारो ओर बना लेना. जब आप ऐसा करते है तब आप अपने खुद की एनर्जी को transfer होने से बचाते है.

हमेशा याद रखे : रैकी सेशन के दौरान हम यूनिवर्सल एनर्जी का इस्तेमाल करते है ना की अपनी खुद की उर्जा का. जब आप सेशन करते है तब यूनिवर्स की उर्जा आपके माध्यम से माध्यम तक जाती है.

Reiki Healing for Beginners Final conclusion

रैकी के शुरुआती अभ्यास के दौरान आप स्टेप अभ्यास के जरिये घर पर रैकी का अभ्यास कर सकते है. अगर आप रैकी सीखने में रुचि रखते है तो आपको Reiki for beginners mastering natural healing techniques by david vennells जैसी बुक पढना चाहिए. ये बुक आपको शुरुआती स्तर पर रैकी जैसा अभ्यास करने के लिए न सिर्फ motivate करती है बल्कि सीखने में मदद भी करती है.

अगर आपने खुद के स्तर पर कभी भी इसका अभ्यास किया है तो अपने दोनों हाथो को आपस में रगड़े. कुछ देर रगड़ने के बाद आँखे बंद कर ये महसूस करे की energy आपके हाथो की पौर से होते हुए किसी एक हिस्से में जा रही है. ये अभ्यास आपके अन्दर की उर्जा को show करता है और बढती उर्जा का स्तर ये बताता है की आप Universal energy के प्रति कितने sensitive है.