काफी सारे साधक भूत भविष्य जानने वाली कर्ण पिशाचनी साधना करना चाहते है लेकिन क्या आप कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव के बारे में सुनकर इस साधना को करने से डर रहे है?
कलयुग में ऐसी साधना काफी जल्दी सिद्ध होती है जिसमे आप भूलोक के आसपास की शक्तियों को सिद्ध करते है जैसे की यक्ष और यक्षिणी, प्रेत सिद्धि और पिशाच सिद्धि. इनमे से एक है कर्ण पिशाचनी साधना.
ऐसा कहा जाता है की अगर आप कर्ण पिशाचनी को सिद्ध कर लेते है तो आपके लिए किसी भी व्यक्ति का भूत और भविष्य जानना आसान हो जाता है.
कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव के आधार पर इसके बारे में 2 मत है जिसके अनुसार कुछ साधक मानते है की कर्ण पिशाचनी साधक को सिर्फ भूतकाल के बारे में जानकारी देती है और कुछ के अनुसार ये आपको भविष्य के बारे में भी बताती है.
नारायण दत्त श्रीमाली जी की पुस्तक तांत्रिक सिद्धियाँ जिसमे कर्ण पिशाचनी को वाम मार्गी से सिद्ध करने की विधि दी हुई है उसके अनुसार आप कर्ण पिशाचनी को सिर्फ 3 दिन में भी सिद्ध कर सकते है.

वाम मार्ग से सिद्धि करना आपको साधना में जल्दी सफलता दिलाता है लेकिन, वाम मार्ग से साधना करना हर किसी के वश में नहीं है. वाम मार्ग और अघोर कृत्य लगभग समान है.
अगर आप भविष्य जानने वाली साधना करना चाहते है तो आपको कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव के बारे में जरुर जानना चाहिए.
ध्यान दे की इस आर्टिकल में दिया गया कर्ण पिशाचनी साधना का अनुभव साधना पर आधारित है और इसकी पुष्टि नारायण दत्त श्रीमाली जी के शिष्य रह चुके एक महाशय द्वारा की गई है. वे उनके शिष्य रह चुके है और आज भी ऐसी साधनाओ में आगे बढ़ रहे है.
कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और इसके खतरे
पिछले कुछ सालो में लोगो के बीच भूत भविष्य को जानने वाली साधना, मानसिक शक्तियों का विकास, किसी का भी दिमाग पढने और मन की बात जानने वाली साधना में रूचि बढ़ी है.
भूत भविष्य को जानने वाली साधनाओ में कर्ण पिशाचनी साधना में साधको का रुझान ज्यादा बढ़ा है जिसकी वजह है
- कर्ण पिशाचनी जल्दी सिद्ध हो जाती है.
- कर्ण पिशाचनी सिर्फ भूत भविष्य ही नहीं बताती है ये आपको आने वाले खतरे से भी दूर रखती है.
- कर्ण पिशाचनी साधक की भौतिक इछाओ की पूर्ति करती है.
लेकिन, जब वे कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और रियल लाइफ से जुड़े खतरों के बारे में सुनते है तो उनका मन भय से भर जाता है.
क्या वाकई में कर्ण पिशाचनी साधना खतरनाक है ?
इसका जवाब आपको साधना के अलग अलग तरीको में मिलेगा. एक ही साधना को आप अलग अलग तरीको से कर सकते है जिसे आप सात्विक और तामसिक साधना के आधार पर आसानी से समझ सकते है.
आइये पहले जानते है कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और साधना के दौरान साधक को क्या क्या अनुभव होते है इसके बारे में जान लेते है.
क्यों कर्ण पिशाचनी साधना खतरनाक है – साधना अनुभव
ज्यादातर साधना का मुख्य उदेश्य शक्ति हासिल करना या फिर उनके जरिये पैसा कमाना है. जब आप हर तरफ से निराश हो जाते है तब आप कर्ण पिशाचनी साधना या फिर हमजाद साधना का अभ्यास करते है क्यों की ये एक ऐसी साधना है जो कलयुग में सबसे ज्यादा शक्तिशाली मानी जाती है.
कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव की बात करे तो तांत्रिक सिद्धियाँ पुस्तक के अनुसार आप सिर्फ 3 दिन में इस साधना को वाम मार्ग के अनुसार सिद्ध कर सकते है.
हालाँकि ये साधना 3 दिन की है लेकिन इससे पहले के 10 दिन और साधना के पूरा होने के बाद भी 10 दिन तक आप साधना से जुड़े रहते है. आपको साफ सफाई वाले सारे काम बंद कर देने है और जब त्रयोदशी का दिन आता है तब कर्ण पिशाचनी साधना की शुरुआत करनी है.
आपको हड्डी की 2 माला बनानी है एक जप के लिए और एक कर्ण पिशाचनी का वरण करने के लिए. साधना के दौरान आपको बीच में नहीं उठना है और अगर भूख लगे तो अपना मल और प्यास लगे तो अपना ही मूत्र पीना होता है.
वाम मार्ग में इस तरह से साधना करना आम बात है और ऐसी कई साधनाए है जो पैशाचिक कृत्य पर आधारित होती है. ऐसा करने के पीछे ये माना जाता है की ये पिशाच को आकर्षित करता है और जब आप उनके लायक बन जाते है तब वे आपकी तरफ जल्दी आकर्षित होते है.
पिशाचनी साधना को बीच में रोकने के लिए प्रयास भी करती है लेकिन, अगर आपका प्रण अटल है तो आप इसे पूरा कर सकते है. साधना की पहली शर्त आपका अपने वासना पर नियंत्रण होना आवश्यक है.
साधना के वे 3 दिन किसी नरक की अनुभूति करवा सकते है इसलिए वाम मार्ग से साधना करना बेहद मुश्किल माना जाता है. ऐसे कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव को सुनने के बाद क्या आप ये साधना कर पाएंगे ?
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क्या वाकई कर्ण पिशाचनी साधना 3 दिन में सिद्ध होती है ?

सिर्फ 3 दिन में साधना में सिद्धि का सुनकर ही शायद आप इस साधना की तरफ आकर्षित हो जाते है.
आपको लगता है की आप बस 3 दिन देंगे और आपकी लाइफ बदल जाएगी. कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव, इसके लाभ और खतरे के बारे में सुनने के बाद शायद आपका मन बदल जाए.
वास्तव में ऐसा नहीं है और आपको इस 3 दिन की साधना के लिए 10 दिन पहले से ही तैयारी शुरू करना होता है.
सात्विक खाना खाने वाले इस तरह के तामसिक कृत्य के बारे में सोच भी नहीं सकते उन्हें पूरा करना तो दूर की बात है.
वाम मार्ग से किसी साधना को सिद्ध करना मुश्किल जरुर है लेकिन इसमें सफलता कम समय में मिलती है इसलिए जिनके पास और कोई रास्ता नहीं होता है वे इस मार्ग से साधना का चुनाव करते है.
क्या मरने के बाद साधक की गति नहीं होती है ?
कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव में से एक है की जब कर्ण पिशाचनी साधक का वरण करती है तो क्या साधक की मौत के बाद उसकी गति होती है या फिर वो पिशाच योनी में भटकता है.
साधक के जीवनकाल में पिशाचनी किसी और स्त्री को उसके करीब नहीं आने देती है और उसकी मौत के बाद उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करती है.
इससे बचने के लिए साधक अपने अंतिम काल में किसी योग्य शिष्य का चुनाव करते है और फिर विधि विधान से उन्हें साधना में सिद्धि हासिल करवाते है. इसे आप सिद्धि transfer भी कह सकते है.
इससे कर्ण पिशाचनी साधक को छोड़ कर नए साधक का वरण करती है और उसे पिशाचनी से मुक्ति मिल जाती है.
कुछ जगहों पर विधि विधान से पिशाचनी का तर्पण करवाया जाता है ताकि साधक की मौत के बाद वो उसे अपने साथ न ले जा सके. इन दोनों उपाय के जरिये साधक पिशाचनी से छुटकारा पा सकते है.
कर्ण पिशाचनी सिद्धि के दूसरे मार्ग
आप सात्विक साधना मार्ग से भी कर्ण पिशाचनी को सिद्ध कर सकते है लेकिन, इसमें आपको 21 दिन से लेकर 3 महीने तक का समय देना पड़ता है.
सात्विक मार्ग से साधना की सिद्धि में ज्यादा समय लगता है और इतना समय साधना के लिए कोई निकालना नहीं चाहता है. कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और सिद्धि के अलग अलग मार्ग के बारे में आप दूसरी पोस्ट में पढ़ सकते है.
अगर आप सिर्फ भूत भविष्य जानने के मकसद से ही साधना कर रहे है तो आपको दूसरी साधना करनी चाहिए जिसमे दूर दर्शन, भविष्य जानने की साधना, वर्ताली देवी की साधना और कृत्या साधना है.
ये न सिर्फ सात्विक है बल्कि उच्च स्तर की साधना में से एक है.
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कर्ण पिशाचनी साधना बिना गुरु के भी आसानी से सिद्ध क्यों हो जाती है और यह साधना असफल क्यों नहीं होती है ?
ये एक आम सवाल है जो की कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और इसके सिद्धि को लेकर हमारे मन में जरुर आता है. आखिर क्यों हम पिशाच साधना को आसानी से सिद्ध कर लेते है. ये साधना असफल क्यों नही होती है और इस साधना के इतना जल्दी सिद्ध होने का कारण क्या है.
हमारे लोक के आसपास निम्न स्तर की शक्तियां वास करती है. वर्तमान में हमारा वाइब्रेशन इतना नेगेटिव बन गया है की ये आसानी से उन शक्तियों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है.
ये शक्तियां सिर्फ एक मौका तलाश करती है कब आपका उनका आवाहन करे और वो आपकी तरफ आकर्षित हो. ये शक्तियां गलत या सही नहीं होती है आपकी मंशा उन्हें ऐसा बनाती है.
अगर आप लालच में आकर इनकी साधना करते है तो ये आपको लालच के जरिये कण्ट्रोल करने की कोशिश करती है. खुद पर संयम रखते हुए इनका आवाहन करे और भोग देकर काम में ले ये आपको परेशान नहीं करेगी.
कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और इसके खतरे के बारे में सुनकर अगर आप इससे पीछे हट रहे है तो ब्लॉग पर भविष्य को जानने वाली दूसरी साधनाए भी है जिन्हें आप कर सकते है.
खतरनाक कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और इसके भयानक परिणाम निष्कर्ष
हालाँकि अब तक ये साफ़ नहीं हुआ है की क्या वाकई में कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव इतने भयानक और खतरनाक है की इस साधना को ना किया जाए लेकिन, किसी भी साधना से पहले उससे जुड़ी सही जानकारी का होना बेहद जरुरी है.
इस आर्टिकल में कर्ण पिशाचनी साधना अनुभव और उससे जुड़े कुछ ऐसे सवाल को शामिल किया गया है जिनके बारे में आप जरुर जानना चाहेंगे.
अगर आप दूसरो का भूत और भविष्य जानने के लिए ये साधना करना चाहते है तो ब्लॉग पर इस साधना से जुड़ी 2-3 साधनाए दी हुई है. इसके अलावा ऐसी और भी साधनाए है जो आपके उदेश्य की पूर्ती कर सकती है.
कर्ण पिशाचनी साधना से जुड़े किसी सवाल के लिए आप कमेंट में पूछ सकते है.


