कच्चा कलुआ एक ऐसी शक्ति है जो तांत्रिक अभिचार से भी ऊपर है. जिन लोगो के पास ये शक्ति होती है उनके लिए किसी भी तरह का तंत्र कर्म करना मुश्किल नहीं है. मुख्य रूप से वशीकरण और बड़े स्तर का तांत्रिक अभिचार करने के लिए कलवा साधना का प्रयोग किया जाता है.
इस साधना के फायदे अनेको है जिनकी वजह से लोग इसे हासिल करने की इच्छा रखते है.
तांत्रिक इस शक्ति के बल पर खजाने की तलाश करते है और अचूक वशीकरण भी. इसके अलावा इस शक्ति के जरिये मारण कर्म भी किया जाता है जिसमे ये मुख्य रूप से छोटे बच्चो और औरतो को अपना निशाना बनाती है.
मेने पुरानी पोस्ट में इस शक्ति के बारे में बताया है की किस तरह ये शक्ति लोगो को परेशान करती है और आसानी से पीछा नहीं छोडती है.
ये शक्ति सिर्फ उच्च स्तर की तांत्रिक साधना के बल पर ही काबू की जाती है बावजूद इसके ये शक्ति आपके प्रति वफादार होगी इसकी कोई गांरटी नही है.
कुछ लोग इसे हासिल करने के लिए ब्लॉग पर request भी भेजते है उनके लिए यहाँ पर साधना share की जा रही है. जब तक आप खुद को नहीं साध लेते हा तब तक कोई भी बाहरी शक्ति आपके लिए काम नहीं करेगी. आइये कलवा मसान साधना के बारे जानते है.
कलवा साधना विधि और विधान
अगर आप इस साधना को करना चाहते है तो आपको बता दे की ये आसान साधना तो बिलकुल नहीं है.
दूसरा ये साधना एक तांत्रिक साधना है इसलिए जब तक आपको self protection shield spell यानि आत्म रक्षा मंत्र की सिद्धि ना हो तो ये साधना ना ही करे.
साधना के दौरान और बाद में आपको छलावे का अनुभव होगा जिससे आपको बचना है. निचे कलवा साधना मंत्र दिया गया है आप देख सकते है.
कलवा कलवा गां गि गु
आहि आहि को काल कमानी
आव आव रह रह देश विदेशा खींचे आव
बाते मोरी अब पतिआव
अगर आपका मन स्थिर है तभी ये साधना करे नहीं तो मन विचलित होने की स्थिति में आप छलावे के जाल में फंस सकते है और साधना बंद हो सकती है.
किसी लालच को लेकर अगर ये साधना करते है तो साधना के दौरान आपको लगेगा की आपकी wish पूरी हो रही है लेकिन ऐसा नहीं होगा. स्थिर मन से इस साधना को पूरे 11 दिन करना होगा.
किसी नाबालिग बच्चे के शव का कफ़न ले आये और शव के मुह के थूक को कफ़न पर लपेट दे.
आधी रात के समय किसी एकांत जगह पर बबूल के पेड़ का चुनाव करे. इस कफ़न को उसके निचे बिछा दे. इस पेड़ से कुछ ही दूरी पर मल त्याग करके आये और गुदा साफ किये बगैर ही उस कफ़न पर आसन लगाकर बैठ जाए.
एक पाव कच्चा मांस परोसे और आँखे बंद कर ऊपर दिए गए मंत्र को 108 बार जप करे.
अब परोसे गए मांस के टुकड़े में से छोटा सा टुकड़ा ले और उसे अपने जीभ के निचे दबा कर मानस जाप में फिर से 108 बार मंत्र का जप करे. अब उस मांस के टुकड़े को मुह से निकाल कर मस्तक पर लगा ले और फिर वहां से कफ़न लेकर चले जाए.
ये साधना 11 दिन तक चलती है. इसमें ध्यान दे की साधना के दौरान और बाद में लौटते समय आपको किसी से बात नहीं करनी है.
अगर आपको लगे की कोई वहां ;पर है और आपको आवाज लगा रहा है तब भी आपको उस पर ध्यान नहीं देना है.
जब कलवा आपके सामने आकर आपसे बात करे और आवाज लगाए तभी जवाब दे. ऐसा होने पर मांस और मदिरा परोसे और वचन लेकर घर लौट आये.
कच्चा कलवा साधना का मुख्य उदेश्य उन कामो को पूरा करना है जो आम तांत्रिक साधना से भी संभव नहीं होते है.
कलवा साधना इसलिए भी की जाती है की क्यों की कलवा पर बड़ी बड़ी तांत्रिक साधना का कोई भी कोई बंधन नहीं होता है. कलवा साधना निम्न उदेश्य से भी की जाती है
जहाँ पर तांत्रिक अभिचार फ़ैल हो जाते है वहां ये शक्ति काम करती है.
इस शक्ति का मुख्य निशाना गर्भवती औरते और छोटे बच्चे होते है कई बार ये पुरुषो को भी अपना निशाना बना लेते है.
किसी संपन घर के कुल का नाश करना हो या फिर लम्बे समय तक का श्राप लगाना हो.
कलवा पर दैवीय शक्ति भी काम नहीं करती है जब तक की कोई शक्तिशाली अनुष्ठान ना किया जाए. हालाँकि कलवा को हटाने की साधना का उपाय भी होता है.
कलवा को आमतौर पर पुराने समय में खजानों की सुरक्षा में लगाया जाता था. अगर आप किसी खजाने को हासिल करना चाहते है तो आपको कच्चे कलवा यानि मसान को काबू में करना होगा.
कलवा साधना वशीकरण में भी काम आती है कलुआ वीर की साधना करने वाले साधक बड़े से बड़ा वशीकरण प्रयोग कर सकता है.
इन सबके बावजूद कलवा मसान की साधना बेहद खतरनाक होती है. उच्च कोटि के तांत्रिक के अलावा इस साधना को करना न सिर्फ दुष्कर है बल्कि इसका असर साधक पर उल्टा भी हो सकता है.
ऐसा माना जाता है की खजाने के आसपास 3 शक्तियां होती है पहली जिन्नात, दूसरी तक्षक और तीसरी मसान इसलिए अगर आप कही पर गड़ा हुआ खजाना देखते है और उसे हासिल करना चाहते है तो आपको इन 3 में से एक शक्ति को काबू में करना होता है.
ऐसा माना जाता है की पुराने टाइम में राजा महाराजा अपना खजाना जहाँ पर गाड़ते थे उसकी रक्षा के लिए छोटे छोटे बच्चो की बलि देते थे.
बलि और तांत्रिक शक्ति साधना के बल पर उनकी आत्मा को उस खजाने के आसपास कैद किया जाता था जिस पर सिर्फ राजा के वंशज ही control कर सकते थे.
अगर उनके अलावा कोई खजाने को हासिल करने की कोशिश करता तो उसे ये शक्तियां नहीं छोडती है फिर चाहे वो कितना बड़ा तांत्रिक ही क्यों न हो.
जैसा की मैंने आपको अपनी पिछली पोस्ट गड़े हुए खजाने को हासिल करने के खतरे में बताया था की किस तरह लोग अपनी जान पर खेल कर खजाने को हासिल करने की कोशिश करते है.
एक बाबा है जो इसमें लोगो की help करते थे लेकिन फिर उन्होंने ये छोड़ दिया क्यों की ये शक्तियां काफी खतरनाक थी और ये तंत्र बंधन को काटने के बावजूद लोगो को नुकसान पहुंचा रही थी.
कलुआ वीर के बारे में सुनने के बाद ब्लॉग पर काफी सारी request हमें मिली थी जिसमे कलुआ वीर की साधना, कलुआ सिद्धि transfer जैसे request शामिल थी.
कुछ लोगो को बिना साधना किये कलवा चाहिए जो उनके लिए काम कर दे.
दोस्तों जिन्न और कलवा उन शक्तियों में से है जो transfer नहीं होती है.
आपको खुद को इस शक्ति के लायक बनाना पड़ता है. आप साधना करे ना करे लेकिन सच तो ये है की आपको खुद को इस शक्ति के लायक बनाना पड़ता है तभी ये आपके लिए काम करती है वर्ना फायदे की जगह नुकसान ही होना है.
कभी भी लालच के चलते इन साधनाओ को ना करे वर्ना आपका लालच आपको ही हानि पहुंचा सकता है.
किसी भी साधना को बिना साधे हासिल करना अनाड़ी के हाथो में तलवार देना है जो दुसरे से पहले खुद को ही नुकसान पहुंचा लेता है.
नोट : कुछ समय में हम ब्लॉग पर online कोर्स शुरू करने वाले है जिसमे tratak मैडिटेशन, Power of your subconscious mind, tantra mantra ritual and islamic amal ritual मुख्य कोर्स और service है. अगर आपकी रूचि इसमें है तो हमें contact कर सूचित कर सकते है.
क्या आपके घर में किसी व्यक्ति को बहुत जल्दी जल्दी बुरी नजर लग जाती है ? बुरी नजर यानि Evil eye एक ऐसी Negative energy है जो आसानी से किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती है. आपने देखा होगा की आज भी जब कोई अपना बाहर से घर लौटता है तो सबसे पहले उसकी नजर उतारते है. Remove evil eye prayer की ये process किसी भी Negative energy को Cleanse करने का काम करती है.
बुरी नजर को लेकर हर जगह एक बिलीफ देखने को मिलता है. ऐसा माना जाता है की एक व्यक्ति सिर्फ देखने भर से ही किसी दूसरे व्यक्ति की लाइफ में सक्रिय या असक्रिय रूप से बीमारी और बुरा वक़्त भर सकता है. इसे हम evil eye या बुरी नजर या काली नजर के नाम से जानते है. बुरी नजर का शिकार छोटे बच्चे, गर्भवती महिला या फिर बुजुर्ग लोग या कोमल दिल वाले लोग बड़ी आसानी से बन जाते है.
इसकी वजह है उनका Aura energy field पूरी तरह Sensitive होना. जिनका औरा सक्रिय होता है उसे बड़ी आसानी से affect किया जा सकता है.
How to remove evil eye with salt or How to remove evil eye from person के अलावा How to get rid of evil eye जैसे काफी सारे सवाल लोगो के मन में चलते रहते है. ज्यादातर लोग बुरी नजर में बिलीफ ही नहीं करते है लेकिन, क्या आप जानते है की बुरी नजर एक पत्थर तक को तोड़ कर रख सकती है.
अगर बात करे बुरी नजर की पहचान करने के घरेलू उपाय की तो हम बड़ी आसानी से इसकी पहचान कर सकते है. सबसे पहले Diagnosing the Evil Eye की process को फॉलो किया जाता है. उसके बाद उसके अनुसार ही इसका समाधान किया जाता है.
How to remove evil eye from person in Hindi
घर में किसी भी बड़े बुजुर्ग से अगर आप ये सवाल करे तो वे आपको ऐसे कई तरीके बता सकते है जिनके जरिये हम आसानी से न सिर्फ बुरी नजर की पहचान कर सकते है बल्कि इसे दूर भी कर सकते है.
वक़्त के साथ हम Modern culture को फॉलो करते गए और अपनी ही संस्कृति से दूर होने लगे है.
आज हम इस बात पर believe ही नहीं कर सकते है की बुरी नजर लगे हुए व्यक्ति को जो की बहुत बुरी तरह परेशान होता है उसे सिर्फ एक मुट्ठी नमक से ही ठीक कर सकते है.
जब किसी को नजर लगती है माँ या दादी कुछ मिर्च और राई हाथ में लेकर पीड़ित के सर से 7 बार घुमाती है और अग्नि में डाल देती है.
कुछ समय बाद ही पीड़ित पहले की तरह हंसने खेलने लगता है.
ऐसे कई example आपको अपने सामने कभी न कभी मिल ही जाते है. बेशक इस बात पर यकीन करना किसी के लिए आसान नहीं हो की सिर्फ देखने भर से ही कोई व्यक्ति दूसरो को परेशान कर सकता है लेकिन, जिसके साथ इसका अनुभव होता है वही जानता है की ये कितना खतरनाक है.
कुछ लोगो की नजर इतनी खतरनाक होती है की उनके सिर्फ बोलने भर से ही काम बिगड़ने लगते है. सबसे पहले हम जान लेते है की बुरी नजर की पहचान कैसे कर सकते है.
Diagnosing the Evil Eye
अगर कोई व्यक्ति बुरी नजर से परेशान है तो सबसे पहले उसके Physical Symptom की पहचान करे.
पीड़ित व्यक्ति देखने में हमें एक बीमार व्यक्ति की तरह लगता है जैसे की Weakness, Eye Infections, Upset Stomach, Fever And Nausea ऐसे कई symptom देखने को मिल सकते है जिन पर दवा का कोई असर नहीं होता है.
व्यक्ति कमजोरी महसूस करने लगता है, उसे खाना खाने में भी परेशानी होती है.
आपने देखा होगा की कई जगह पर जली हुई माचिस या कोयले को पीड़ित के सर से घुमा कर पानी में डाला जाता है. अगर ये डूब जाता है तो ठीक है वर्ना व्यक्ति बुरी नजर से पीड़ित है.
जली हुई कैंडल को पीड़ित को देखने दे इस कैंडल का मोम पानी में डाले. अगर इसमें आवाज होती है तो समझे की बुरी नजर लगी है.
ऐसे कई तरीके है जो बुरी नजर की पहचान करने में काम आते है और फिर इसका समाधान कर सकते है. कई जगह Remove evil eye prayer का तरीका हफ्ते में एक बार जरुर किया जाता है. घर में हम शाम के समय संध्या पूजा करते है ताकि घर में किसी तरह की नकारात्मक उर्जा ना रहे.
How to remove evil eye from body
अगर आप किसी व्यक्ति पर बुरी नजर के लक्षण को नोटिस कर रहे है तो कई आसान तरीके है जिन्हें फॉलो कर आसानी से बुरी नजर उतार सकते है. सबसे आसान तरीका है नमक से बुरी नजर उतारना जिसे कोई भी कर सकता है और ये अपना असर भी जल्दी दिखाता है.
सबको बुरी नजर से बचाव करना आना चाहिए क्यों की अक्सर बुरी नजर हमें अपने आसपास के लोगो की ही लगती है.
किसी व्यक्ति पर लगी बुरी नजर उसके physical and mental well being को affect करती है वही अगर यही नजर किसी घर पर लगती है तो उसके अन्दर रहने वाले लोग आपस में लड़ने झगड़ने लगते है.
घर का कोई मेम्बर ज्यादातर बीमार रहने लगता है और business में लगी बुरी नजर से बार बार Loss का सामना करना पड़ता है. अगर आपको ऐसे ही लक्षण देखने को मिल रहे है और आपकी समझ में नहीं आ रहा है की क्या करे तो लगातार एक हफ्ते तक आपको cleanse a home की process को फॉलो करना चाहिए.
आइये अब जानते है ऐसे कुछ आसान उपाय के बारे में जो बुरी नजर उतारने में अहम् रोल निभाते है और आसानी से घर पर किये जा सकते है.
टच के जरिये बुरी नजर उतारना
अगर आपको लगता है की घर के मेम्बर खासकर बच्चो को किसी व्यक्ति विशेष की वजह से नजर लगी है तो उस व्यक्ति को टच करने के लिए कहे.
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की वो बच्चो को कहाँ टच कर रहा है ( बेहतर होगा टच माथे या सर पर हो ) उसके टच करने से बुरी नजर हट जाती है. आपने देखा होगा की कई जगह पर जब कोई महिला किसी की तारीफ करती है तो वो उसे ये कहकर टच जरुर करती है की मेरी नजर ना लग जाए.
कई जगह पर टच करने के साथ साथ जिसकी तारीफ करते है उस पर थूक उछाला जाता है. ये एक तरीका है जो बताता है की व्यक्ति किसी को नुकसान पहुँचाना नहीं चाहता है.
ये Remove evil eye का बेसिक सा तरीका है जो बुरी नजर लगने से बचाता है या फिर अगर लगी है तो उसे दूर किया जाता है.
अंडे का प्रयोग कर बुरी नजर हटाना
कई जगह पर बच्चो को सिरहाने अंडे को रखा जाता है. जो बच्चे अक्सर रात में डर जाते है या फिर बीमार रहते है उनके सिरहाने Remove evil eye prayer के बाद एक अंडा सिरहाने के निचे रखा जाता है.
अगली सुबह इस अंडे को चेक किया जाता है. ऐसा माना जाता है की अगर अंडे के अन्दर जाल बन रहा है तो बुरी नजर है. ये एक उपाय न सिर्फ बुरी नजर की पहचान करता है बल्कि उसे दूर भी करता है.
How to get rid of evil eye with six-sided mirror
आपने देखा होगा की कई घरो के मुख्य दरवाजे पर एक दर्पण लगा होता है जो बाहर की तरफ reflect होता है. ये परम्परा चीन में पुराने समय से चलती आ रही है.
उनका मानना है की अगर हम घर के बाहरी हिस्से या जहाँ से ज्यादातर लोगो का गुजरना होता है वहां पर बाहर की तरफ रिफ्लेक्ट होता हुआ mirror इस्तेमाल करे तो बुरी नजर नहीं लगती है.
Remove evil eye के लिए एक स्थायी समाधान के तौर पर अब इसे वास्तु में लोगो ने शामिल कर लिया है. जब भी नए घर का निर्माण होता है घर के मुख्य द्वार के पास एक दर्पण जरुर लगवाते है.
एक हीलर की पहचान कर उनसे समाधान लेना
अगर बुरी नजर का प्रभाव आपके कण्ट्रोल से बाहर है तो आप Spiritual healer की मदद ले सकते है. अक्सर Black magic को Evil eye से जोड़कर देखा जाता है और इसका समाधान हमारे लिए आसान नहीं होता है.
ऐसी स्थिति में एक genuine spiritual healer for black magic and evil eye या फिर paranormal expert की तलाश करे. वे आपको इसका समाधान और वजह दोनों बता सकते है.
इससे न सिर्फ आपका बचाव होगा बल्कि भविष्य में भी आप इस तरह की स्थिति से खुद का बचाव कर पाएंगे.
बुरी नजर से खुद का बचाव कैसे करे ?
बुरी नजर ज्यादातर उन लोगो को अपना शिकार बनाती है जिनका औरा कमजोर होता है या बहुत ज्यादा Sensitive होता है. ऐसे लोग जो बड़ी आसानी से दूसरो से प्रभावित हो जाते है या फिर आसानी से दूसरो की बातो में आ जाते है इसका शिकार बनते है.
ऐसे कई तरीके है जिनके जरिये बुरी नजर से बचा जा सकता है. ये सभी Remove evil eye method and process आपको एक सुरक्षा कवच प्रदान करते है या फिर आपके औरा क्षेत्र को मजबूत करते है.
सबसे आसान तरीका है pink coral bracelet को पहनना. ऐसा माना जाता है की मूंगा बुरी नजर से बचाता है. अगर आपके ऊपर अटैक करने वाली बुरी नजर बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली है तो ये खुद टूट जाता है. मूंगा आपको बुरी नजर से बचाता है साथ ही अगर इसमें किसी तरह का क्रैक आने लगे तो समझ जाए की आपके ऊपर कोई बहुत बड़ी बुरी नजर का वार किया गया है.
लाल धागा या काला धागा धारण करने से भी बुरी नजर का प्रभाव दूर होता है. लाल धागा हमारे सात्विक उर्जा क्षेत्र को दर्शाता है वही काला धागा बुरी नजर के प्रभाव को सोख लेता है. समय के साथ काला धागा कमजोर होकर टूटने लगता है तब आपको इसे बदलने की जरुरत पड़ती है.
Remove evil eye के आसान उपाय में से एक है तलिस्मान धारण करना. Amulet पहनना आपको बुरी नजर से सुरक्षित रखता है. तलिस्मान दरअसल एक तरह का यन्त्र होता है जिसमे मंत्रित उर्जा प्रवाहित होती है. ये उर्जा आपको आसपास की बुरी नजर, black magic attack और कई बार तो paranormal attack से भी सेफ रखती है.
Spitting का तरीका भी बुरी नजर के प्रभाव को दूर करने में सबसे common है. अगर कोई हमें compliment देता है तो अपने left shoulder की तरफ सर कर 3 बार Spitting करे. इससे बुरी नजर का प्रभाव दूर हो जाता है.
Eye charm भी Remove evil eye के लिए कारगर उपाय में से एक है. ऐसा माना जाता है की सबकुछ देखने वाली आँखे किसी भी बुरी नजर के प्रभाव को दूर कर देती है. इस उपाय को मिश्र से लिया गया है.
इसके अलावा भी कई तरीके है जो Remove evil eye में अहम् रोल निभाते है. इसमें घोड़े की नाल को घर के सामने टांगना, टोटम का इस्तेमाल करना शामिल है.
How to remove evil eye with salt
अगर किसी को बुरी नजर लगी है तो उसकी आँखों को देखे. अगर बुरी नजर मामूली स्तर पर है तो व्यक्ति को खाने में अरुचि, पेट में दर्द जैसे लक्षण महसूस होते है वही अगर ये बड़े स्तर पर है तो व्यक्ति को आँखे खोलने में परेशानी होती है, सर भारी रहता है.
ऐसे व्यक्ति को एक जगह बैठा दे और एक मुट्ठी नमक लेकर उसके सर से 7 बार घड़ी की दिशा में घुमाए और इसे गंदे पानी में बहा दे.
जैसे जैसे नमक पानी में घुलता है वैसे ही पीड़ित की बुरी नजर उतरने लगती है.
Effective way of Remove Evil Eye Prayer final conclusion
बुरी नजर में ज्यादातर लोग विश्वास नहीं रखते है. किसी भी व्यक्ति का अचानक देखने भर से दूसरो को प्रभावित करना कोई बड़ी बात नहीं है. हम इसे रोक नहीं सकते है क्यों की ज्यादातर मामले में जहाँ हमें अपनों की ही नजर लगती है वो बिना किसी उदेश्य के होती है.
इसे रोका नहीं जा सकता है वही कुछ लोग जानबूझ कर दूसरो पर बुरी नजर का प्रभाव डालते है. ऐसे लोग आपसी जलन के चलते ऐसा करते है.
यहाँ शेयर किये गए हर Remove evil eye method को हम रियल लाइफ में भी देखते है. इसके असर को आप न तो झूठला सकते है ना ही आसानी से विश्वास कर सकते है.
हर घर में शाम के समय Remove evil eye prayer को लेकर संध्या पूजा होती है और घर के बाहर पूजा में रखे पानी से रेखा बनाई जाती है. ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है जिसे काफी पहले के समय से ही हम फॉलो करते आ रहे है.
अति हर अभ्यास में बुरी होती है. अभ्यास चाहे कैसा भी हो सहज होना चाहिए. अगर किसी अभ्यास को बिना किसी सही सलाह के जबरदस्ती किया जाए तो उसके फायदे मिलने की बजाय नुकसान मिलने लगते है.
एक और जहाँ त्राटक के फायदे इतने ज्यादा है की ध्यान की तुलना में लोगो द्वारा इसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है वही जबरदस्ती करने से होने वाले त्राटक के नुकसान भी कम नहीं है.
side effect of tratak या फिर tratak meditation dangers without master guide कुछ ऐसे नुकसान है जो इसका अभ्यास बिना किसी सही सलाह के करने से मिलते है.
बहुत सारे लोग त्राटक से मिलने वाले फायदे के बारे में सुनते है और कम समय में ज्यादा लाभ पाने के लिए इसका जबरदस्ती अभ्यास करने लगते है.
कुछ समय बाद ही उन्हें इसके परिणाम दिखने भी लगते है लेकिन किसी तरह से जबरदस्ती वो इसे करते रहते है जिसके परिणामस्वरूप जल्दी ही उन्हें इसके शारीरिक और मानसिक नुकसान देखने पड़ते है.
हम सभी जानते है की त्राटक एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिये हम अपनी psychic powers को activate कर सकते है.
tratak meditation physical, psychological and spiritual तीनो स्तर पर हमारे development में सहायक है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम side effect of tratak को ignore कर दे.
किसी भी अभ्यास में अगर अनगिनत फायदे है तो कुछ side effect या फिर dangers भी है. आज की पोस्ट में इस बारे में detail से बात करते है.
इस पोस्ट में हम बात करने वाले है त्राटक से मिलने वाले मुख्य फायदे के बारे में, ये हमारा तीनो स्तर पर विकास कैसे करता है और साथ ही जबरदस्ती करने पर होने वाले नुकसान के बारे में भी.
Side effect of Tratak in Hindi
त्राटक के नुकसान क्या है, और किस तरह हमारे ऊपर negative effect डालते है ? इस बारे में आपको जान लेना बहुत जरुरी है क्यों की अभ्यास के दौरान ही हमें कुछ ऐसे symptom मिलने शुरू हो जाते है. इन symptom को समझ कर हम आसानी से पहले ही इसका solution कर सकते है.
अगर इसके बाद भी जबरदस्ती अभ्यास को आगे बढाया जाता है तो हमें त्राटक के दुष्परिणाम झेलने पड़ सकते है. इन में आँखों का दिखाई देने की क्षमता पर असर पड़ना, मानसिक तनाव और भी कई ऐसे नुकसान है जो हम पर बुरा असर डालते है.
किसी भी अभ्यास को जबरदस्ती नहीं करना चाहिए. ये बात सही है की त्राटक से मिलने वाले फायदे इसे सबसे खास बनाते है. इसकी वजह से हर कोई इस अभ्यास को करना चाहता है.
बिंदु त्राटक से की गई त्राटक की शुरुआत सबसे अच्छी मानी जाती है लेकिन, दीपक त्राटक से शुरुआत करने लगते है. इसकी वजह है कम time में ज्यादा फायदा.
दीपक त्राटक या किसी तरह का flame light gazing meditation जिसमे हमें काफी देर तक light को देखना होता है. ऐसा करना हमारे आँखों और बुरा असर डाल सकती है.
कभी भी light या flame को काफी देर तक नहीं देखते रहना चाहिए. त्राटक के अभ्यास को हम सहजता से तभी कर सकते है जब इसका अभ्यास steps में किया जाए.
बिना किसी master guide के या फिर जबरदस्ती अभ्यास और भी सीधा candle or lamp flame पर आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है.
side effect of tratak बड़े नुकसान नहीं है बल्कि छोटी बातो को ध्यान में न रखने की वजह से मिलने वाले negative effect है जो आगे चलकर tratak meditation dangers में बदल जाते है.
Benefit of Tratak Meditation in Hindi
सही शुरुआत के साथ किया गया त्राटक का अभ्यास आपको त्राटक में काफी आगे तक ले जा सकता है.
त्राटक के फायदे अनगिनत है जिन्हें शारीरक और मानसिक के साथ आध्यात्मिक विकास के साथ जोड़ा जा सकता है. इस बात में कोई शक नहीं की त्राटक का अभ्यास एक ऐसा अभ्यास है जो physical, psychological as well as spiritual benefit में सबसे best practice है.
त्राटक से मिलने वाले फायदों को अगर इन तीनो स्तर पर बांटे तो हम पाएंगे की इसके निम्न फायदे है.
शारीरिक स्तर पर मिलने वाले फायदे
देखने की क्षमता में सुधार –better eyesight
आकर्षक व्यक्तित्व में सुधार – personality development
आँखों में तेज जो सबको अपनी और आकर्षित करने के लिए काफी है.
लोगो को सुनने और उन्हें समझने में सहायक है.
रचनाशील बन जाना यानि सोचने के तरीके में बदलाव और बेहतर सोचना.
बेहतर फोकस क्षमता में सुधार होना.
मानसिक स्तर पर मिलने वाले फायदे
सम्मोहन शक्ति का विकास – hypnotic power in eyes and body language.
बेहतर सोचने की क्षमता में सुधार – intuition power & sixth sense development.
इच्छा-शक्ति और आत्मविश्वास में सुधार – willpower & self confidence enhancement.
अवचेतन मन की शक्तियों को आसानी से जाग्रत करना.
tratak meditation benefit at spiritual level
अपने अंतर्मन से जुड़ने का सबसे बेहतर अभ्यास है त्राटक.
विषयों से विरक्त होना और सबको एक तरह से मानने लगना.
बहुत ज्यादा sensitive बना देना ताकि हम किसी को भी आसानी से समझ सके.
आध्यात्मिक दुनिया के रहस्यों को सहजता से समझने में सहायक.
त्राटक चक्र जागरण में भी सहायक है.
त्राटक से जब इतने सारे फायदे मिलते है और वो बेहद कम समय में ही तो जाहिर है की कोई भी इस अभ्यास को करने को तैयार हो जाए. इसके सही फायदे हमें तभी मिलते है जब इसे स्तर के हिसाब से सहजता के साथ किया जाए.
अगर किसी अभ्यास के लिए हम शारीरिक और मानसिक स्तर पर तैयार ही नहीं है और अभ्यास करना शुरू कर देते है तो उसके negative effect मिलना नार्मल है.
किसी भी अभ्यास के लिए पूर्व तैयारी बेहद मायने रखती है. इसके बारे में डिटेल से हम त्राटक के साथ किये जाने वाले अभ्यास की पोस्ट में बात कर चुके है.
side effect of tratak आखिर क्यों हम fail हो जाते है ?
हम जो अभ्यास कर रहे है हमें उसके बारे में जब तक बेसिक पता न हो उसे समझा नहीं जा सकता है. आज जिसे भी पूछो उसे त्राटक के बारे में सिर्फ इतना ही पता है की किसी एक पॉइंट पर देखते रहे तो त्राटक होता है.
ये तो सिर्फ एक निर्देश है इसके अलावा भी कई निर्देश है. जो आपके उद्देश्य के हिसाब से अलग अलग है.
आप क्या सोचते है त्राटक क्या है ? अगर इस बात को समझ लिया तो यकीन मानिये आपमें से ज्यादातर लोग कभी भी त्राटक में असफल नहीं होंगे और न ही कभी किसी तरह के side effect of tratak का शिकार होंगे.
त्राटक में fail होने या फिर इसके negative effect experience करने की सबसे बड़ी वजह है लोगो को इसका एक ही पहलू पता होना.
लोग सोचते है की किसी भी पॉइंट को बस देखते रहो त्राटक कहलायेगा. जितनी ज्यादा देर तक देखेंगे उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा. 90% लोग यही से fail हो जाते है. वास्तव में
“त्राटक का मतलब सिर्फ ज्यादा देर तक देखना नहीं है. ये तो एक स्वभाविक सी क्रिया है जो अपने आप हमारे अन्दर विकसित होने लगती है. त्राटक का असली महत्व है जितनी देर हम देखते है उतनी देर हम अन्दर की ओर एकाग्र रहे.”
हम सिर्फ देखने में फोकस रहते है और जबरदस्ती gazing process को लम्बा खींचने की कोशिश करते है जो की आगे चलकर side effect of tratak में बदल जाती है. सिर्फ देखना काफी नहीं है एकाग्र होना भी इसके साथ साथ होना चाहिए.
त्राटक के नुकसान – side effect of tratak
ये वास्तव में हमारी आंतरिक अवस्थाओ में बदलाव है जिन्हें समझे बगैर आगे बढ़ना मुश्किल है. अगर शुरू में ही हम अनचाहे बदलाव जो की हमारे जबरदस्ती अभ्यास करने की वजह से मिलते है समझ ले तो इसे टाला जा सकता है.
इससे पहले की ये side effect of tratak में बदले हमें इन्हें समझकर आगे अभ्यास में बदलाव लाना चाहिए.
त्राटक के अलग अलग स्तर और अभ्यास में काफी सारे नियम और सावधानिया है.
फिर भी अगर सामान्य औपचारिकता या यूँ कहे नियम ना निभाए जाये तो समस्या आ सकती है side effect of tratak mean जो परिणाम हमें चाहिए वो ना मिलकर अनचाहे परिणाम मिलना.
त्राटक के नुकसान में हमें कई सारी परेशानिया हो सकती है जो निचे विस्तार से शेयर की गई है.
इनमे से कुछ परेशानी मुझे भी शुरू शुरू में experience करनी पड़ी थी और ऐसा होना normal है. अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है तो भी इसे समझ कर आसानी से बदलाव कर सकते है.
त्राटक में सबसे पहले होने वाले बदलाव में से एक है आँखों से पानी आना. वैसे तो ये स्वभाविक प्रक्रिया है जो की लगातार लम्बे समय तक आंखे खुली रखने पर होती ही है.
लेकिन, क्या होगा अगर अभ्यास के बाद भी दिनभर के कामो में हम आँखों में पानी और धुंधलापन महसूस करने लगे ?
ऐसा होने की 2 मुख्य वजह है
पहली त्राटक के अभ्यास में लम्बे समय तक जबरदस्ती gazing process को आगे बढ़ाना. शुरुआती समय में हम 5-10 सेकंड ही बिना पलक झपकाए देख सकते है लेकिन, जबरदस्ती कई देर तक जब आँखे पथराने लगती है उसके बावजूद भी हम बोर्ड के पॉइंट पर देखने लगते है.
दूसरा बिना शारीरिक और मानसिक स्तर पर तैयार हुए दीपक त्राटक जैसे माध्यम पर अभ्यास शुरू कर देना.
इनकी वजह से सिर्फ अभ्यास के दौरान ही नहीं बल्कि दिनभर के दुसरे कामो के दौरान भी watering or dryness in eyes जैसी समस्या से गुजरना पड़ता है. जबरदस्ती अभ्यास को आगे बढाने की वजह से हमें इस side effect of tratak को गुजरना पड़ता है.
त्राटक के दौरान आँखों से पानी आने पर क्या करे ?
अगर ऐसा सिर्फ अभ्यास के दौरान होता है तो ये नार्मल क्रिया है लेकिन, दिनभर के कामो के दौरान भी आपको आँखों ले लगातार पानी आना, आँखे सूखी और पथराई लगने लगे तो इस तरह के उपाय के द्वारा आप इनसे छुटकारा पा सकते है.
त्राटक के अभ्यास के बाद हमेशा आँखों को ठन्डे पानी से धोना न भूले.
अगर आँखे पथराई हुई महसूस होती है तो गुलाबजल से आँखे धोए इससे आँखों की नमी बनी रहती है.
अगर शुरू से ही दीपक त्राटक का अभ्यास कर रहे तो इसे छोड़ दे या फिर कम समय तक करने की कोशिश करे.
त्राटक की सही शुरुआत करे जो की बिंदु त्राटक से और कम समय से शुरू की जाती है.
त्राटक का अभ्यास शुरू में कम समय से करे ताकि आप खुद को शारीरिक और मानसिक स्तर पर तैयार कर सके.
आँखों में जलन रहना
त्राटक से सम्मोहन शक्ति मिलती है. ये बात 100% सच है और यही एक वजह ज्यादातर लोगो को इसकी और आकर्षित करती है.
दीपक या मोमबत्ती पर किया गया त्राटक हमारी आँखों में सम्मोहन शक्ति और तेज पैदा करता है. वास्तव में ये शक्ति हमारी अपनी प्राण उर्जा ही होती है.
लेकिन क्या होगा अगर शुरुआत ही हम दीपक त्राटक से कर ले वो भी बिना किसी तरह की पूर्व तैयारी के.
दीपक त्राटक हमारे अन्दर गर्मी पैदा करता है जिसकी वजह से हमें अपने अन्दर उर्जा का स्तर बढ़ता हुआ महसूस होने लगता है. कई बार इसकी वजह से हमें त्राटक के अभ्यास की वजह के बाद आँखों में जलन जैसी समस्या होने लगती है.
आँखों में जलन होनेकी वजह कुछ भी हो सकती है जैसे की
बिना किसी पूर्व तैयारी के सीधे ही दीपक त्राटक या किसी भी रौशनी वाले माध्यम पर त्राटक का अभ्यास करना.
रौशनी वाले माध्यम पर त्राटक शुरू में कम से कम करना चाहिए लेकिन इस बात का ध्यान न रखते हुए जबरदस्ती अभ्यास करते जाना.
त्राटक के बाद आँखों को न धोना, साथ में किये जाने वाले कुछ जरुरी अभ्यास को follow न कर पाना.
इन वजह से आँखों में जलन रहने लगती है या फिर आँखे अपनी नमी खो देती है. इस समस्या से बचने के लिए आप उन पॉइंट्स पर गौर करे जिसकी वजह से आँखों में जलन होने लगती है.
इसके समाधान के लिए इन tips को follow करे
अभ्यास कम समय के लिए करना शुरू कर दे और जबरदस्ती आँखे खुली न रखे.
आँखों में जलन से निजात पाने के लिए आँखों में गुलाबजल डाले.
त्राटक के अभ्यास में आगे बढ़ने के साथ साथ हमें और भी कई side effect of tratak से सामना करना पड़ता है जो की समय के साथ आसानी से कण्ट्रोल किये जा सकते है.
त्राटक का अभ्यास करने के 15-20 दिन बाद हम माथे में खिंचाव को महसूस करने लगते है.
इस बदलाव को लेकर काफी सारे prediction किये जा सकते है जैसे की
एकाग्रता का एक जगह फोकस होने की वजह से वहा पर स्पंदन.
तीसरे नेत्र या आज्ञा चक्र का जागरण होना शुरू हो जाना.
अंतर की यात्रा का पहला चरण शुरू होना.
energy का त्राटक की वजह से आज्ञा चक्र पर एकत्रित हो जाना.
ये सारी प्रेडिक्शन अलग अलग जगह और अनुभव के आधार पर ली हुई है. सबसे पहले तो ये जानते है की ये हमें प्रभावित कैसे करती है.
माथे में खिंचाव की वजह से हम खुद में काफी सारे बदलाव महूस करने लगते है जैसे की frustration, loneliness feeling, किसी से बात न करने का मन करना, बार बार माथे में खिंचाव की वजह से अलग थलग पड़ जाना.
माथे में खिचाव का सही समाधान
अगर आप त्राटक के अभ्यास की वजह से माथे में खिंचाव महसूस करते है तो इस छोटे से उपाय को अपनाए. ये उपाय 100% working formula है जो आपके suggestion पर काम करता है.
जब भी माथे में खिंचाव महसूस हो आँखे बंद कर ले. सांसो पर कण्ट्रोल करे और भावना दे की मेरा मन शांत हो रहा है.
इस वाक्य को एक से दो मिनट तक दोहराने के बाद आप पाएंगे की आपके माथे का खिंचाव दूर हो रहा है और आप शांत स्थिर बन रहे है.
इस अभ्यास से आपकी willpower भी strong होती है.
सूरज की रोशनी में आँखों में चुभन
tratak meditation practice की वजह से हमारी आँखों में कुछ ऐसी problems हो सकती है. जब हम daily routine में हमें unstable बनाती है. सूरज की रौशनी में आँखों में चुभन होना इसमें से एक है. कई बार ये इतना ज्यादा होता है की हम बाहर रौशनी में खुद को असहज महसूस करने लगते है.
इसकी वजह आपका त्राटक का अभ्यास हो सकता है. त्राटक कृत्रिम रौशनी में किया जाता है जिसकी वजह से हमारी आँखे उस माहौल में ढल जाती है.
जब ऐसा होता है तब तेज रौशनी से आँखों में चुभन होना स्वभाविक हो सकता है. लेकिन, अगर ऐसा ज्यादा हो जाए तो त्राटक के अभ्यास में बदलाव लाए.
अभ्यास के साथ साथ सुबह गार्डन में घूमते समय पेड़ पौधों पर त्राटक का अभ्यास करना शुरू कर दे. इस तरह के side effect of tratak meditation के solution के लिए पेड़ पौधों पर त्राटक करना आपको काफी आराम तो देता ही है साथ ही रौशनी के अनुकूल भी.
side effect of tratak – unstable energy level change in body
ये आपके चेतन मन से अवचेतन मन की अवस्था में परिवर्तन का संकेत है. आपकी आदते अचानक से बदलने लगती है.
अगर आप ज्यादा बोलते या चंचल थे तो अब खुद को स्थिर शांत महसूस करने लगेंगे. कम बोलने की वजह से प्राण का आपके अंदर आवेग बढ़ता है जिसकी वजह सेआपको उष्णता का अहसास होने लगता है.
ये ज्यादा बड़ी प्रॉब्लम नहीं है लेकिन अगर सही समय पर समाधान न हो तो हम त्राटक में भटक सकते है. न्यास ध्यान और योगनिद्रा का अभ्यास आपको इस तरह की unstable energy level को stabilize करने में help करेगा.
अगर इस तरह की energy से आप खुद को बदला हुआ महसूस करने लगे जैसे की शांत रहने की बजाय जल्दी गुस्सा आ जाना, हरपल अपने अन्दर एक गर्मी को महसूस करना या फिर स्वभाव में कठोरता आने लगे तो आपको ध्यान देने की जरुरत है.
आप चाहे तो इस दौरान energy को दुसरे कामो में ला सकते है जैसे की सम्मोहन में, हीलिंग में या फिर आध्यात्मिक स्तर के त्राटक अभ्यास.
मन की गहराई में डूबे रहना
त्राटक के अभ्यास में हमें काफी सारे आध्यात्मिक बदलाव मिलते है. जब हम अंतर की यात्रा के प्रारम्भिक चरण में होते है तब शांत और स्थिर हो जाना एक सामान्य बात है. त्राटक का अभ्यास हमारे मन पर बहुत गहरा असर डालता है जिसकी वजह से हम विचारो में भटके रहने की बजाय बेहद शांत होने लगते है.
हालाँकि ये एक अच्छा बदलाव है लेकिन कई बार side effect of tratak में बदल जाता है जिसकी वजह से हम जरुरत से ज्यादा शांत हो जाते है. किसी से बात करने का भी मन नहीं होता है. दिनभर लोगो के बात करने की बजाय या तो खुद के कम में डूबे रहना या फिर एकांत में रहना पसंद करते है.
जब भी कोई बात करता है हमें अच्छा नहीं लगता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है जिसकी वजह से आप परेशान हो रहे है तो परेशान न हो क्यों की आध्यत्मिक होने की आपकी शुरुआत का ये पहला चरण है.
इस अवस्था में हमें काफी सारे फायदे तो मिलते है लेकिन एकांत में रहने और कम से कम बोलने की वजह से कई बार तकलीफ भी सकती है. इसके लिए आप इन tips को follow करे जो sure benefit देंगे.
दोस्तों के साथ घुमने की आदत बनाए.
डायरी लिखने की आदत बनाए और उसमे खुद के अन्दर के बदलाव को नोट करे साथ ही उन्हें कैसे अपने फायदे में बदले ये भी.
लोगो को सुनने के साथ उन्हें सुझाव भी दे.
आप चाहे तो अपनों के साथ बैठकर अपने बारे में राय और सुझाव मांग सकते है.
जैसे ही हम किसी चीज को देखते है हमें सिर्फ धुंधला दिखाई देने लगता है. आसपास की चीजे साफ नहीं दिखती है स्पष्ट रूप से और हमारी नजर एक पॉइंट पर ही फोकस रहने लगती है. हम सूरज की रोशनी में निकलने में परेशानी महसूस करने लगते है.
हमें अँधेरे जगह पर ज्यादा रहना पसंद होने लगता है.
त्राटक करने के बाद हम चिड़चिड़े भी होने लगते है. अकेले रहना इसमें शामिल है. ये समस्या तभी आती है जब हम त्राटक को सही तरीके से नहीं करते है. या फिर हमारे उद्देश्य के अनुरूप नहीं करते है.
धुंधलापन किसी तरह का side effect of tratak नहीं है. आँखों की सही देखभाल के जरिये हम इसका समाधान कर सकते है.
सभी त्राटक का अभ्यास एक ही तरीके से और एक समय पर किया जाए जरुरी नहीं. आप किस त्राटक का अभ्यास कर रहे है उसके अनुरूप ही खुद को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्तर पर भी तैयार करे.
शुरुआती साधक के लिए सावधानी और टिप्स
अगर आप side effect of tratak से बचना चाहते है तो बिना किसी सही जानकारी के कोई अभ्यास न करे. हालाँकि त्राटक का अभ्यास बिना किसी गुरु या guide के भी घर पर किया जा सकता है लेकिन बेहतर होगा की आप निचे दिए tips को follow करे. इससे आप सही शुरुआत तो करेंगे ही साथ ही त्राटक नुकसान से भी बचेंगे.
त्राटक का अभ्यास चरण में करे. कम time में ज्यादा benefit के चक्कर में advance tratak meditation practice करने से बचे.
शुरुआत में अभ्यास को ज्यादा से ज्यादा 10 या 15 मिनट तक ही सिमित रखे.
हमेशा अभ्यास के बाद ठन्डे पानी या फिर गुलाबजल से आँखों को धोना न भूले.
कोशिश करे की त्राटक का अभ्यास हमेशा सुबह ही हो वो भी सूर्योदय से पहले.
त्राटक के लिए शांत माहौल का चुनाव करे ताकि किसी तरह के side effect of tratak को पैदा करने वाली condition न बने.
अभ्यास को रेगुलर बेस पर करे.
त्राटक के साथ किये जाने वाले अभ्यास को भी करना न भूले. इससे आपको double benefit मिलने के चांस बढ़ जाते है.
त्राटक का अभ्यास हमेशा बिना किसी लालच के करे. खुद में विकास के उदेश्य से करे न की दुसरो के और अपने स्वार्थ पुरे करने के लिए. इससे आप जितना सोचकर चलेंगे उससे कही ज्यादा पाएंगे.
आज का जमाना internet का है और इससे हमें जितनी सुविधा मिली है उससे कही ज्यादा हमारी safety, privacy को लेकर insecure feeling पैदा हुई है. ऐसी कुछ digital technology जिसके जरिये दूसरो को harm किया जा सकता है Cyberbullying कहलाता है.
कुछ लोग इसके लिए internet का इस्तेमाल करते है वही ज्यादातर लोग mobile phone के जरिये दूसरो को परेशान करते है.
आज का विषय है The Psychology of Cyberbullying जिसमे हम इन्टरनेट पर किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा परेशान करने से कैसे बचे इस बारे में कुछ safety tips जानेंगे.
ज्यादातर लोग इसके लिए social media का इस्तेमाल करते है जैसे की Facebook, Instagram, Tik Tok, Snapchat जैसी application जिसके जरिये लोगो को mentally harm किया जाता है.
आज के टाइम में ये एक public health problem बन चुकी है और इसके केस 2007 to 2019 में दोगुने हो चुके है जिसमे से 60% cases सिर्फ और सिर्फ teenager के है.
आज social media जैसे social media, inside of apps, in forums, during gaming जैसी जगहों पर how to cope with cyberbullying को लेकर लोगो में awareness फैलाने पर काफी काम हो रहा है अगर कोई cyberbully कर रहा है तो इससे कैसे बचे और इसके effect से mental health को कैसे improve करे.
अगर आप किसी को उसके appearance या किसी भी तरह से ऑनलाइन कमेंट करते है, धमकाते है या फिर कुछ भी ऐसा कहते है जो उसे mentally disturb करता हो तो ये साइबर बुली के अंतर्गत आता है.
ये आपको जेल की हवा खिला सकता है क्यों की इसे लेकर कानून काफी strict बन चुके है इसलिए social media, internet जैसी जगह पर कुछ भी पोस्ट करते समय खास बातो का ध्यान रखे.
What Is Cyberbullying?
Cyberbullying को हम किसी को बार बार Digital technology को इस्तेमाल करते हुए धमकाना या offensive word का use करते हुए परेशान करने से समझ सकते है जिसमे threats, harassment, or public humiliation शामिल है. Digital technology जैसे की mobile devices, tablets, or computers के जरिये दूसरो को target किया जाता है.
इसे आप intention, repetition, power imbalance, anonymity, and publicity जैसे top 5 Cyberbullying criteria के जरिये समझ सकते है.
Intention: Cyberbully का सबसे बड़ा intention दूसरो को harm करना है. जब लोगो को इसमें engage किया जाता है तब इसमें मकसद होता है दूसरो को निचा दिखाना या फिर उन्हें शर्मिंदा महसूस करवाना.
Repetition: ये एक hallmark characteristic of cyberbullying है जिसमे victim के साथ बार बार उन्ही activity को दोहराया जाता है जो उसे परेशान करती है. इसका सबसे बड़ा example है किसी को personal information or photos को share करने के नाम पर परेशान करना जो की बार बार दोहराया जाता है ताकि victim पूरी तरह mentally disturb हो जाए.
Power Imbalance: अगर bullying को public forum यानि लोगो के सामने किया जा रहा है तो ये victim को Power Imbalance बनाती है जो की उसके emotion को बिगाड़ता है.
Anonymity: ज्यादातर लोग जब दूसरो को परेशान करते है तब वे अनजान बनकर bully करते है. जब ऐसा होता है तब दोनों के बीच किसी तरह के power imbalance की जरुरत नहीं रह जाती है.
Publicity: कुछ लोग दूसरो को निचा दिखाने के लिए उन्हें publicly humiliate or shame feel करवाते है. इसके पीछे उनका सोचना होता है की ये उन्हें दूसरो के सामने ऊपर रखती है और victim को mentally break करेगी.
ये 5 ऐसे criteria है जिनके जरिये हम cyberbullying को समझ सकते है. अब बात करते है उन अलग अलग form की जिनमे हम Cyberbullying को देखते है.
Types of cyberbullying
आज के टाइम में ऐसी कई types of cyberbullying है जो internet पर देखी जा सकती है.
Flaming को हम ऐसी language के इस्तेमाल के जरिये समझ सकते है जो आमतौर पर use नहीं करनी चाहिए. किसी दूसरे व्यक्ति को लेकर broadcasting offensive messages भी फैलाया जा रहा है तो ये cyberbullying के अंतर्गत cyber crime में आता है.
Outing जो की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है इसे हम किसी victim की personal or embarrassing information को social media पर viral करने से जोड़ते है. आज इस form का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है.
Trolling का मतलब है ऐसे posting content or comments जो लोगो को किसी व्यक्ति विशेष के लिए offensive word or thinking spread करते है.
Name calling में ज्यादातर offensive language शामिल है. किसी व्यक्ति को उसके नाम की जगह दुसरे किसी ऐसे नाम से पुकारना जो उसे irritate करे Name calling में आता है. किसी व्यक्ति को उसके नाम से बुलाने की हरकते युवा लोगो में सबसे ज्यादा देखी जा सकती है.
Spreading False Rumors किसी व्यक्ति को victim बनाकर उसके बारे में गलत अफवाह उडाना भी एक तरह का cyberbullying ही है.
अगर आप internet पर किसी known or unknown व्यक्ति को Explicit Images or Messages भेज रहे है तो ये भी क्राइम है.
कुछ cyberbullies अपने victim को बार बार cyber stalking, cyber harassing, or physical threats के जरिये target करते है. आज 16% ऐसे केस है जिसमे victim को physical threats on the Internet के जरिये परेशान किया गया है.
internet पर ये सब types है जिनके जरिये victim को परेशान किया जाता है. जाने अनजाने हम सब इस तरह की activity करते है.
लोग इस तरह की हरकत क्यों करते है ?
ज्यादातर लोगो की तरह आपके मन में भी ये सवाल होगा की आखिर लोग ऐसा करते क्यों है ? इसे पूरी तरह समझने के लिए आपको सबसे पहले different factors के बारे में जानना होगा जो cyberbully की तरफ ले जाते है. इसमें ऐसी कई वजह सामने आती है जो दूसरो को परेशान करने के लिए प्रेरित करती है.
Mental Health Issues
एक्सपर्ट्स का मानना है की Cyberbullies ऐसे माहौल से आते है जो उन्हें ऐसा बनने पर मजबूर करता है. इसमें कई चीजे देखने को मिलती है जैसे की aggression, hyperactivity or impulsivity, या फिर substance abuse जो mentality पर effect डालता है. ऐसे लोगो की नजर में सहानुभूति जैसी कोई चीज नहीं होती है और वे दूसरो को परेशान करने से पीछे नहीं हटते है.
Victims of Bullying
कुछ लोग ऐसे भी है जो दूसरो को victim बनाते है क्यों की ऐसा कभी न कभी उनके साथ भी हो चूका होता है. जिस तरह से उन्हें control किया गया था वे चाहते है की वे भी किसी को कण्ट्रोल करे और इसी वजह से वे अपने से कमजोर व्यक्ति को अपना victim बनाते है जो की उन्हें mental pleasure देता है.
Result of Conflicts or Breakups
अगर Cyberbullying उन 2 लोगो के बीच हो रही है जो past में या तो अच्छे दोस्त थे या फिर relationship में तो ये उनके conflict को दर्शाता है. इसकी वजह breakdown of the relationship है जिस वजह से एक व्यक्ति दूसरे पर हावी होने की कोशिश करता है. इसका कारण आमतौर पर या तो बदला लेना होता है या फिर किसी तरह की इर्ष्या के चलते ऐसा करते है.
जब रिश्ता लगने लगे बोझ
कई बार ऐसा होता की एक रिश्ते में रहकर इन्सान बोर हो जाता है और वो नया जरिया या फिर नया पार्टनर देखने की कोशिश करता है. जब उसका पार्टनर इसका विरोध करता है तब उससे पीछा छुड़ाने के लिए cyberbullying का इस्तेमाल किया जाता है. अब या तो वो victim बनकर इसे सहता रहे या फिर इसका विरोध कर वो रिश्ता तोड़ दे.
Loneliness or Isolation
कुछ लोग जो society में दूसरो से अलग थलग पड़ जाते है या फिर notice नहीं किये जाते है तो वे Loneliness or Isolation की feeling से घिर जाते है. ऐसी कंडीशन में उनका target ऐसे लोग होते है जो दूसरो की नजर में रहते है और वे उन्हें target कर न सिर्फ अपने ईगो को पूरा करते है बल्कि दूसरो की नजर में आने की कोशिश भी करते है.
लोग इसका शिकार क्यों बन जाते है ?
कुछ लोग है जो real life and online दोनों ही जगह bullies होते है लेकिन, ज्यादातर मामले digital space के ही आते है. आखिर ऐसा क्यों ? क्यों कुछ लोग ऑनलाइन होकर दूसरो को बुली करते है जबकि रियल लाइफ में वे इस तरह का काम करते ही नही है. उनके इस तरह के व्यवहार को लेकर काफी सारी चीजे सामने आती है.
Non-Confrontational & Anonymous
आमतौर पर इसकी सबसे बड़ी वजह है पहचान का ख़तरा ना होना. आप ऑनलाइन आकर किसी को भी कुछ भी कह सकते है जबकि रियल लाइफ में आमने सामने की कंडीशन में ये संभव नही हो पाता है.
मान लीजिये आपके बॉस आपको ऑफिस में सबके सामने insult कर देते है और आप कुछ नही कर पाते है क्यों की वो बॉस है लेकिन ऑनलाइन आकर आप आसानी से अनजान व्यक्ति बनकर उनका मजाक बना सकते है, पीठ पीछे उनका नाम रख सकते है और ऑनलाइन उनके खिलाफ अफवाहे उड़ा सकते है.
यही वजह है की जो लोग आम जिंदगी में साधारण बन कर रहते है वे भी ऑनलाइन दूसरो को बुली कर सकते है और इसमें हैरानी जैसा कुछ नहीं है.
रियल लाइफ में अगर आप किसी को बुली करना चाहते है तो इसके लिए आपका background, history होनी चाहिए जो की काफी वक़्त लेता है.
अगर आप किसी को परेशान करे और चाहते है की लोग आपको notice करे तो इसके लिए आपका popular होना जरुरी है लेकिन virtual world में ऐसा कुछ नहीं है. आप किसी भी अनजान व्यक्ति की तरह दूसरो को target कर सकते है और bully कर सकते है.
No Barrier to Entry
ऑनलाइन की दुनिया में आपके लिए ज्यादा कुछ रूकावटे नहीं है. अगर आप smart है या फिर internet का कैसे इस्तेमाल करना है जानते है तो आसानी से दूसरो को dominant भी कर सकते है और खुद popular बन सकते है.
रियल लाइफ में आपको इसके लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है लेकिन internet की दुनिया में ऐसा कुछ नहीं चाहिए.
No Feedback from Victim
जो लोग रियल लाइफ में किसी को परेशान नहीं करते है वे internet पर ऐसी हरकते करते है जिसकी एक वजह है उने victim की तरफ से कोई फीडबैक ना मिलना. आप किसी को परेशान कर रहे है और वो आपका तब तक कुछ नहीं बिगाड़ सकता है जब तक वो cyber police में इसकी शिकायत न करे और आप पकडे न जाए.
ऐसा जब तक नहीं होता है तब तक आप जितना चाहे सामने वाले को परेशान कर सकते है क्यों की कभी face-to-face-interaction तो होता नहीं है ना ही वो रियल लाइफ में आपको पहचानता है की आप ही उसे परेशान कर रहे है और ये सबसे बड़ा + point बन जाता है.
साइबर बुली रियल लाइफ से अलग कैसे है ?
रियल लाइफ में अगर कोई किसी को बुली करता है तो ये अकेले में होता है जिसकी वजह से वो दूसरो की नजरो में normal रहता है और अगर ये कुछ लोगो के सामने भी होता है तो भी लीग कुछ टाइम बाद इसे भुला देते है लेकिन internet के साथ ऐसा कुछ नहीं है.
आप किसी की cyberbullying करते है और वो धीरे धीरे लोगो के बीच फैलती जाती है. internet में कभी shutdown नहीं होता है जिसकी वजह से ये दुनिया के हर कोने तक फैलने में टाइम नहीं लगाती है.
यही वजह है की यहाँ victim को कोई escape नहीं मिलता है जिसका सीधा असर उसके mental health पर देखा जा सकता है. एक छोटे से उदाहरण के लिए किसी लड़के या लड़की की रैगिंग करना उन्हें मानसिक यातना नहीं देता है लेकिन यही अगर internet पर viral हो जाए तो वे mentally disturb हो जाते है.
Effects of Cyberbullying
Dealing with cyberbullying का सामना करने वाले लोगो पर इसके कई सारे effect देखे जा सकते है. अगर कोई व्यक्ति Cyberbullying का victim बन रहा है तो कुछ ऐसे effect आप देख सकते है क्यों की traditional bullying के विपरीत ये effect छिपे हुए नहीं रह सकते है. इनमे कुछ effect आम है जैसे की
Feelings of distress
Feelings of depression and mood swings का बढ़ना.
Anxiety की feeling का बढ़ते जाना.
victim या तो सो नहीं पाता है या फिर अक्सर सोते हुए रहते है.
Suicide attempt करने की कोशिश करना.
हर दम डरे हुए रहना
खुद में low self-esteem or self-worth की भावना पैदा होना.
Social isolation, दोस्तों से अलग हो जाना या फिर ज्यादातर समय अकेले रहना.
हर उस activity से दूर रहना जो एन्जॉय करती है.
Poor academic performance
दोस्तों या घरवालो के साथ रिश्ते को लेकर problem पैदा होना.
Symptoms of post-traumatic stress
खुद को नुकसान पहुँचाने वाली activity करना.
Feelings of anger, irritability, or angry outbursts का अचानक बदलाव आना.
ऐसे ही कई effects है जिन्हें आप खुद में या किसी भी victim में पहचान कर हेल्प कर सकते है.
अगर आप notice करे तो हर कोई cyberbullying का शिकार नहीं बनता है. कुछ खास Characteristics वाले लोग ही इसका शिकार बनते है क्यों की उन्हें लेकर आम लोगो की धारणा ही कुछ ऐसी बनी होती है. आइये बात करते है उन खास लोगो के बारे में.
स्कूल या कॉलेज में पढने वाले Teens and young adults सबसे ज्यादा शिकार बनते है.
लड़कियां सबसे ज्यादा false rumors या फिर explicit images, personal information को शेयर करने के नाम पर victim बनती है.
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है की gay, lesbian, bisexual, or transgender जैसे लोग भी cyberbullying का शिकार बन सकते है.
ऐसे लोग जो शर्मीले होते है या फिर अकेले रहने वाले होते है इसका शिकार बन सकते है.
जो लोग lower-income households से belong करते है वे भी इसका शिकार बन सकते है.
ज्यादातर ऐसे लोग जो constant social media active रहते है वे online bullies का शिकार बनते है.
अगर आपके आसपास इनमे से कोई है और उसमे ऊपर शेयर किये effect देखने को मिल रहे है तो उसकी हेल्प करने की कोशिश करे.
How to Deal with a Cyber Bully
ऐसे कई तरीके है जिनके जरिये आप ऑनलाइन हो रही बुली को रोक सकते है. जैसे की एक Parent की जगह पर रहते हुए आप अपने बच्चो को समझा सकते है की उन्हें इस तरह की activity पर respond करने की जरुरत नहीं है.
अगर कोई उन्हें बार बार परेशान कर रहा है तो उसके भेजे गए text, photos, या कोई भी और communication का जरिया उसे save करके रखे.
अगर आप एक Adult है तो उस कंडीशन में भी ऊपर का तरीका ही apply करना है. इसके अलावा अगर आपको मालूम हो की इसका सोर्स क्या है तो उसे पहचानने की कोशिश करे और उसके खिलफ क्या किया जा सकता है ये सब देखे.
आप अपने आसपास के रहने वाले लोगो से इस बारे में बता कर सकते है और उनकी हेल्प लेने की कोशिश कर सकते है.
अगर आप एक Community की जगह पर है और इससे डील करना चाहते है तो इसके लिए आप victim की हेल्प कर सकते है. आज इसे लेकर काफी कानून बनाए जा चुके है इसलिए थोड़ी सी awareness दिखाते हुए आप लोगो से इस बारे में बात कर सकते है और मिल-जुल कर हेल्प कर सकते है.
हर जगह पर आप अपनी भूमिका निभा सकते है बशर्ते आपको मालूम हो की करना क्या है.
Deal with cyberbullying word from sachhiprerna
दोस्तों आज social media हमें एक दूसरे से जोड़ने में जितना अहम् रोल निभा रहा है वही कुछ लोगो को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है.
अगर कोई आपको cyberbullying कर रहा है तो जान ले की आप अकेले नहीं है और आपके आसपास ऐसे कई लोग मिल जायेंगे जिनके साथ ऐसा हो चूका है या फिर हो रहा है.
आपस में मिलजुल कर इसका समाधान निकालने की कोशिश करे.
ज्यादातर मामले में अगर कोई ऐसा कर रहा है तो जहाँ तक हो सके उसे respond ही न करे. social media appas के इस्तेमाल के समय ये सुनिश्चित कर ले की आपने privacy and security tips को पूरी तरह follow कर लिया है क्यों की ये हमें उन लोगो से दूर रखने में मदद करेगा जो अनजान है.
अगर कोई आपको बार बार ब्लैकमेल कर रहा है या troll लकर रहा है तो उसे इसका जवाब दे. खामोश रहकर जितना आप सहेंगे उतना ही आप परेशान होंगे.
What is the Best Time to Do Yoga and why expert suggest us to do in morning time? जब भी हम योग और प्राणायाम या फिर ध्यान जैसे अभ्यास करने के बारे में सोचते है सबसे पहला सवाल हमें परेशान करता है वो है what time of the day is best to do yoga?
हमें किस वक़्त ध्यान योग का अभ्यास करना चाहिए ताकि सही परिणाम और अनुभव मिले.
इस बारे में एक्सपर्ट और yoga enthusiasts की 2 तरह की मान्यता है. कुछ yoga enthusiasts and expert के अनुसार हमें योग प्राणायाम का अभ्यास सुबह करना चाहिए. ऐसा करने से हमें ना सिर्फ एनर्जी मिलेगी बल्कि हम दिनभर के कामो में खुद को बेहतर परफॉर्म करता हुआ महसूस कर सकते है.
दूसरी तरफ कुछ एक्सपर्ट के अनुसार हमें शाम के समय अभ्यास करना चाहिए ऐसा करने से हम दिन भर की थकावट को दूर कर सकते है बल्कि तनाव से भी खुद को दूर रख सकते है. शाम के समय योग का अभ्यास करने से आप Body and mind level पर तनाव को दूर कर सकते है. आपको अपने अनुसार Best Time to Do Yoga का चुनाव करना है.
अब सवाल ये उठता है की Morning or evening time कौनसा Better Time To Practice Yoga है तो इसके लिए आपको जानना होगा की आपके लिए कौनसा समय सबसे ज्यादा सही है.
वैसे देखा जाए तो इसके लिए ये कहना मुश्किल है की सुबह या शाम दोनों ही टाइम बेस्ट है या फिर कोई एक टाइम क्यों की कोई भी अभ्यास आपके बॉडी के Rythm पर काम करता है.
हम पहले ही बात कर चुके है की हमारी बॉडी के काम करने का तरीका अलग अलग होता है जिसकी वजह से जरुरी नहीं की अगर कोई एक्सपर्ट आपको सुबह का समय सही बताता है तो वो समय अभ्यास करने के लिए सही हो खासकर आपके लिए. सुबह या शाम अभ्यास करने से कोई फर्क नहीं पड़ता है. कोई भी टाइम Best Time to Do Yoga बन सकता है.
आपको अभ्यास ऐसे समय पर करने की जरुरत है जो आपके daily routine and schedule में fit बैठता हो और आप आसानी से अभ्यास कर पाए.
इस आर्टिकल में हम योग अभ्यास से जुड़े कुछ खास सवालों पर नजर डालने वाले है जैसे की
When one should do yoga?
What are the benefits of doing yoga at different times of the day morning, afternoon, and evening?
अगर आप इस फील्ड में नए है और Body mind soul development के लिए Yoga and Pranayam practice करना चाहते है तो ये आर्टिकल पूरा जरुर पढ़े.
What is The Best Time to Do Yoga mornin or evening?
सबसे पहला सवाल तो यही होता है की हमें अभ्यास किस समय करना चाहिए. आप कौनसा अभ्यास कर रहे है और आपका रूटीन क्या है ये समझना आपके लिए बेहद जरुरी है.
आप चाहे meditation, Trataka gazing meditation, Yoga and Pranayam का अभ्यास कर रहे है आपके लिए कौनसा टाइम अभ्यास के लिए सही है ये निर्भर करता है आपके schedule and personal goals पर क्यों की अलग अलग लोगो का रूटीन अलग होता है.
कुछ लोग जो दिन में काम करते है उनके लिए हो सकता है की सुबह किये गए अभ्यास के दौरान अच्छे परिणाम मिले लेकिन, जो लोग night time में काम करना पसंद करते है उनके लिए शाम का समय बेहतर परिणाम देने वाला हो सकता है.
ये सब निर्भर करता है की आपका Brain किस समय बेहतर तरीके से respond करता है. उसके अनुसार ही आप Best Time to Do Yoga का चुनाव कर सकते है.
अगर आप traditional yogic lifestyle को फॉलो करते हुए अभ्यास की शुरुआत करते है तो इसके लिए morning period between 3.30 a.m. And 5.30 a.m. अभ्यास के लिए सबसे सही समय होता है.
ये समय Brahma Muhurta कहलाता है जिसके बारे में हम पहले ही Witiching hour वाली पोस्ट में बात कर चुके है. सूर्योदय से ठीक 1 घंटा 36 minute पहले शुरू होने वाला ये समय जादुई समय माना जाता है क्यों की इस दौरान हम Better focus, Eneregy and affirmation को develop कर सकते है.
आपको Best Time to Do Yoga को अच्छे से समझने के लिए कुछ बातो को समझने की जरूरत है.
What to do if you can’t follow traditional yogic lifestyle
वैसे तो सुबह 4 बजे के आसपास उठ जाना चाहिए और सुबह की शुरुआत योग अभ्यास के साथ करनी चाहिए लेकिन, modern lifestyle and routine के चलते ये सम्भव नहीं है. हम दिन भर कामो में बिजी रहते है और शाम के समय थोड़ा बहुत समय बाहर रिलैक्स करने में बिताते है.
इन सबके चलते हमें रात को सोने में लेट हो जाता है. जब रात को लेट सोते है तो सुबह जल्दी उठने का सवाल ही नहीं बनता है. ऐसे में morning Time को ही Best Time to Do Yoga नहीं माना जा सकता है. आप शाम को भी इसका अभ्यास कर सकता है.
ऐसी स्थिति में आप कोशिश करे की सुबह 6 to 6:30 AM तक बिस्तर छोड़ दे. सुबह नाश्ता करने से पहले कुछ समय योगा और प्राणायाम को दे ताकि आपके दिन की शुरुआत एक शांत दिमाग के साथ हो.
ऐसा करना काफी है और आपको जब भी समय मिले आप इसका अभ्यास कर सकते है. सबसे जरुरी बात जिस का आपको ख्याल रखना है वो है की ये आपके Schedule में किसी तरह की परेशानी खड़ी ना करे और इसमें पूरी तरह फिट हो जाए.
जब आप ऐसा करते है तब आप जो समय चुनते है वही आपके लिए Best Time to Do Yoga बन जाता है. ये सब आपके Physical and mental health को बनाए रखने में मदद करता है और ऐसा करना आपके लिए सही रहता है फिर चाहे आप सुबह अभ्यास करे या फिर शाम को आपको better result मिलना शुरू हो जाते है.
अगर आप अब भी कंफ्यूज है की क्या करना चाहिए तो एक काम करे. दिनभर के अलग अलग समय जब भी आपको समय मिलता है अभ्यास करे. आपके लिए Best Time to Do Yoga कौनसा है इसका फैसला आपके body and mind पर छोड़ दे. सुबह और शाम के दौरान अभ्यास करने पर आपको एक समय ऐसा आएगा जब लगेगा की बॉडी और माइंड एक अलाइन में काम कर रहे है.
जब परिणाम अनुकूल मिलना शुरू हो जाए तो समझ ले की आपके लिए यही सबसे बेस्ट टाइम है.
सबसे ज्यादा और सही समय के बारे में बात करे तो ज्यादातर एक्सपर्ट और yoga instructor आपको morning time ही suggest करते है. इसके पीछे कुछ बेसिक सी वजह है जैसे की
इस वक़्त वातावरण शांत होता है.
आपको अभ्यास के दौरान किसी तरह के डिस्टर्बेंस का सामना नहीं करना पड़ता है. इसकी वजह से ये Best Time to Do Yoga माना जाता है.
सुबह सुबह उठने के बाद आपका मस्तिष्क शांत होता है और इस समय कम से कम विचार दिमाग में चल रहे होते है.
इस दौरान हम जो भी सोचते है वो सच होता है क्यों की Brahma Mahurt के समय Positive energy को access करना और universal energy से जुड़ना काफी आसान होता है.
सुबह के 3 to 5:30 AM या फिर सूर्योदय से पहले उठकर योग का अभ्यास करना सबसे सही माना जाता है. Indian culture में ashtanga and vinyasa का सबसे ज्यादा प्रभाव है और ये दोनों योगा प्रणाली / पद्धति सुबह के इसी समय Yoga and meditation practice को महत्त्व देती है. ब्रह्म महूर्त के दौरान अभ्यास करना Best Time to Do Yoga माना जाता है.
इस दौरान आप निम्न तरह की यौगिक विधि और क्रियाओ को संपन्न कर सकते है जैसे की
body and mind को पूरी तरह रिलैक्स करना और हरकत को न्यूनतम कर देना.
दिनभर के कामो के लिए आवश्यक उर्जा के स्तर को बनाए रखना.
Increases metabolism and appetite
सुबह खाली पेट अगर आसन का अभ्यास किया जाए तो ये हमारे बॉडी से फैट को जल्दी कम करता है जो fat loss में natural help करता है.
disciplines body and mind
Secrets more endorphins or happy hormones ऐसे हार्मोन जो हमारे मूड को फ्रेश बनाए रखते है.
The natural calmness of environment हमारे mental focus को बनाये रखने में मदद करती है.
हम सब एक busy and fast lifestyle routine को follow कर रहे है. इसका मतलब है की सुबह हमारे पास अभ्यास के लिए समय की मात्रा सबसे ज्यादा लिमिटेड होती है. ऐसे में अगर Morning time for Yoga practice का चुनाव किया जाए तो हमारा schedule काफी tight हो जाता है.
जो समय सही लगे उसे हम Best Time to Do Yoga बना सकते है.
सुबह सही टाइम पर उठना आपकी प्रॉब्लम को दूर कर सकता है साथ ही दिनभर के कामो के लिए energy level, focus mind and fresh mood को बनाए रखने में मदद कर सकता है.
Which Yoga Is Best For The Morning?
अगर आपने Best Time to Do Yoga के तौर पर सुबह का समय चुना है तो आपको पता होना चाहिए की इस समय कौनसा अभ्यास करना आपको बढ़िया रिजल्ट देगा और किस तरह की Yoga and meditation practice आपको फॉलो करनी चाहिए.
इसके लिए आप एक ideal routine for morning yoga बना सकते है जिसमे;
सबसे पहले कुछ hatha yoga poses for deep stretching का अभ्यास किया जाता है.
फिर vinyasa flow to move the energy throughout the body का अभ्यास करना चाहिए.
ऐसे आसन के अभ्यास के बाद कुछ समय उर्जा के स्तर को बढाने के लिए आप energizing pranayama like kapalbhati and bhastrika का अभ्यास कर सकते है जो सबसे अंत में होता है.
अभ्यास की समाप्ति के दौरान short mindfulness meditation session करना चाहिए जो हमारे शरीर में बन रही उर्जा को सही स्तर पर बनाए रखने और उसे सही जगह ट्रान्सफर करने में help करता है.
morning yoga time practice is Best Time to Do Yoga के लिए आप अपने अभ्यास को sequence में बाँट सकते है जिसमे सूर्य नमस्कार जैसी बेसिक मगर प्रभावी प्रैक्टिस शामिल है. इसके साथ कुछ और भी अभ्यास शामिल है जैसे की
Sun Salutation
Downward Dog
Wheel Pose
Bridge Pose
Headstand
Spinal Twist
अभ्यास को एक गति में करने से आपके बॉडी और माइंड को अलाइन होने में मदद मिलती है. ये सब मिलकर आपके Best Time to Do Yoga को सही मायने में बेस्ट बनाते है.
Doing Yoga in the Afternoon
दोपहर का समय ज्यादातर योगा और प्राणायाम के लिए सही नहीं माना जाता है क्यों की इस दौरान आप ऑफिस वर्क की वजह से या फिर कॉलेज, स्कूल की स्टडी से ब्रेक लेते है और थके हुए होने के साथ साथ भूखे होते है.
इस दौरान आपका सबसे ज्यादा ध्यान खाने पिने पर होता है और वैसे भी इस दौरान Yoga session का अभ्यास करना आपके Energy को जल्दी ख़त्म करता है जिसकी वजह से आप खुद को जल्दी ही थका हुआ महसूस करना लगते है. Afternoon time is mostly avoided and not a Best Time to Do Yoga.
इस दौरान अभ्यास करने से आप जल्दी अपनी एनर्जी को लूज करने लगते है जिसकी वजह से आप बाकि के ऑफिस वर्क को सही तरीके से नहीं कर पाते है.
अगर आपको दोपहर में समय मिलता है तब आप योग और प्राणायाम में न्यास ध्यान का अभ्यास कर सकते है जो आपकी एनर्जी को दोबारा बनने में मदद करता है साथ ही उर्जा को स्तर को बनाए रखता है जिसकी वजह से जब आप ब्रेक से निकलकर वापस वर्क पर लौटेंगे तो खुद को तरोताजा महसूस करने लगते है.
आपको यहाँ पर सिर्फ एक बात ध्यान रखनी है की इस दौरान आप खाली पेट हो या फिर कम से कम 2 से 2:30 घंटे आपको खाना खाए हुए बीत चुके हो. इस दौरान आपका खाना पच जाता है जिसकी वजह से अभ्यास में आसानी बनी रहती है. Best Time to Do Yoga के लिए हमेशा खाना खाने के बाद 2:30 घंटे का अंतराल बनाए रखना चाहिए.
खाना खाने के बाद Yoga meditation or any other practice को क्यों नहीं करना चाहिए?
इसकी सबसे बड़ी वजह है आपके पाचन क्रिया पर पड़ने वाला इसका प्रभाव. अगर आप खाना खाने के बाद meditation or Yoga and Pranayama करते है तो ये आपकी सांसो की गति को धीमा बना देता है. इसके साथ ही पाचन क्रिया को धीमा कर देता है जिसकी वजह से आपको खाने को डाइजेस्ट करने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है.
खाली पेट योग और प्राणायाम करने से हमारे पाचन क्रिया को बल मिलता है जिसका सीधा असर जठराग्नि पर पड़ता है और ये बेहतर तरीके से काम करना शुरू कर देती है. इसकी वजह से भूख लगना, खाना सही से पाचन होना और पौषक तत्व की पूर्ती होना शामिल है.
आपको अपने energy level के अनुसार एक Schedule तैयार करना चाहिए. उम्मीद है की अब आप Best Time to Do Yoga को लेकर कंफ्यूज नहीं है.
Doing Yoga in the Evening
अगर आप खुद को सुबह के समय में फिट नहीं पाते है या फिर किसी कारणवश सुबह के समय योगा अभ्यास करना आपके लिए संभव नहीं हो पा रहा है तो आप शाम के समय अभ्यास कर सकते है.
हम सब जानते है की जो समय हमारे रूटीन में फिट हो जाए वही हमारे लिए Best Time to Do Yoga बन जाता है.
शाम के समय आप इसका अभ्यास कभी भी कर सकते है. शाम के 5 to 6 PM के बाद आपके पास जब भी समय मिलता है आप इसका अभ्यास कर सकते है. ध्यान सिर्फ इतना रखना है की Yoga and Pranayam और Dinner के बीच कम से कम 2 to 2:30 घंटे के अंतराल होना जरुरी है.
कुछ लोग दिनभर की थकावट और तनाव को दूर करने के लिए Yoga before bedtime करना पसंद करते है. सोने से ठीक पहले कुछ relaxation exercise करना आपको दिनभर की थकावट और तनाव से राहत दिला सकता है.
इसके अलावा ये unwind and reduce tension में भी काफी helpful साबित हुआ है.
आप दिनभर चाहे कितने भी तनाव में रहे ही लेकिन सोते समय भी अगर आप इसका अभ्यास करते है तो ये आपको तनाव मुक्त बनाता है जिसकी वजह से आप खुद को शांत महसूस करते है और एक अच्छी नींद ले पाते है.
ऐसा करने आपको मानसिक स्तर पर शांत बनाता है साथ ही शारीरिक स्तर पर भी आप खुद को बेहतर पाते है.
आप जब चाहे इसका अभ्यास करे सुबह या शाम ये आपके लिए हमेशा फायदेमंद ही साबित होता है. कौनसा समय सबसे ज्यादा सही है इसका निर्धारण करना आसान नहीं है.
इसके लिए आपको काफी सारे अलग अलग बदलाव और समय से गुजरना पड़ता है तब जाकर आपके बॉडी और माइंड के लिए सबसे सही समय का चुनाव हो पाता है. एक दम से Best Time to Do Yoga का निर्धारण करना मुश्किल है.
इसकी वजह हमारे बॉडी क्लॉक का अलग अलग काम करना है. हर व्यक्ति की अपनी खासियत और कमजोरी होती है. काम करने का तरीका होता है जिसकी वजह से वे दूसरो की तुलना में अलग बनते है.
अगर आप अपना दिन अच्छे से बिताना चाहते है तो सुबह 4 बजे उठकर योग का अभ्यास करे. ये आपको आपके गोल तक पहुँचने में मदद करेगा साथ ही आप positive affirmation के जरिये सफलता को सुनिश्चित कर सकते है.
दूसरी ओर अगर आपका उदेश्य Body mind and soul alignment के साथ साथ health and spiritual development से जुड़ा है तब आप दिनभर में सुबह या शाम का समय चुन सकते है और अभ्यास कर सकते है. morning or evening both are Best Time to Do Yoga.
किन परिस्थिति में योग अभ्यास सुबह के समय करना बेहतर रहता है ?
आप चाहे सुबह का समय ले या फिर शाम का जब तक आप Yoga and medtation practice से जुड़े protocol को फॉलो नहीं करेंगे आपको कुछ खास सफलता नहीं मिलने वाली. समय के अनुसार आपको क्या क्या ध्यान रखना है ये आप यहाँ देख सकते है. ये सब Best Time to Do Yoga ही तो है.
जब आप सुबह के समय अभ्यास करते है तब किन बातो का ध्यान रखना चाहिए?
सुबह के समय अभ्यास करने से पहले ये तय कर ले की आप होश में है, खाली पेट अभ्यास कर रहे है.
अगर सुबह के समय अभ्यास करने के दौरान खुद को कमजोर और उत्साहहीन महसूस कर रहे है तो कुनकुने पानी में शहद मिलाकर पिए ये आपको एनर्जी देगा.
Brahma Muhurta is Best Time to Do Yoga के दौरान ज्यादा से ज्यादा ऐसे अभ्यास करने की कोशिश करे जो आपको शांत बनाते है. Slow and mindful practices करना आपके लिए सही रहेगा और मैडिटेशन से जुड़ी गतिविधि को करने से आपको रिजल्ट अच्छे मिलने शुरू हो जायेंगे.
अपने सेशन के अंत में शवासन या फिर न्यास ध्यान का अभ्यास करना ना भूले. ये आपके उर्जा के स्तर को पहले जितना बनने और दिनभर के दौरान बनाए रखने में help करेगा.
Yoga session के बाद अगले 30 मिनट तक नहाने और नाश्ता करने जैसी गतिविधि नहीं करनी है.
Morning or Evening which is Best Time to Do Yoga यानि शाम के समय योगा और प्राणायाम का अभ्यास करना सही रहता है क्यों की ये आपके दिनभर के तनाव को दूर करने में help करता है. इस दौरान आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए जैसे की
खाने खाने के तुरंत बाद या फिर 2:30 घंटे के बीच किसी भी तरह की physical exercise नहीं करनी चाहिए. जब तक आपका पाचन पूरा ना हो जाए तब तक योगा अभ्यास को ना करे.
शाम के समय अगर आप अभ्यास के दौरान भूखा महसूस कर रहे है तो हल्का फुल्का नाश्ता या फिर स्नैक्स ले सकते है या फिर green tea का सेवन करे. Best Time to Do Yoga के साथ साथ आपको अपने health and food पर ध्यान देना चाहिए.
शाम के समय Yoga session को end करते हुए deep relaxation in Shavasana करे. ये आपकी एनर्जी को स्टोर करने का काम करता है. ऐसा करने से आपको deep and undisturbed sleep at night में help मिलती है.
रिलैक्स होने वाले अभ्यास करने के बाद कभी भी Body streching वाले अभ्यास ना करे.
Yoga and pranayama के आधे घंटे बाद तक खाना न ले.
सोने से ठीक पहले आप thunderbolt pose and perform Bhramari pranayama जैसी exercise कर सकते है.
What is the best time to do yoga and meditation practice conclusion
यह समझना काफी आसान है कि दिन के प्रत्येक चरण का अपना फायदा होता है. और चाहे आप सुबह चुनें, दोपहर, या देर शाम आप पर निर्भर है.
यदि आप दिन भर के तनाव और थकान को दूर करना चाहते हैं, तो देर शाम को एक सौम्य योग दिनचर्या स्थापित करना बेहतर है. लेकिन यह भी हो सकता है कि आप दिन के अंत तक पूरी तरह से थक चुके हों और आपके पास एक उंगली तक उठाने की ऊर्जा न हो.
वहीं अगर आप सुबह के शौक़ीन हैं तो सुबह-सुबह योग करना बेहद फायदेमंद साबित होगा. हालाँकि, सुबह की नींद भी सख्त शरीर और सुस्ती लाती है.
Best Time to Do Yoga का अब आपको आईडिया हो चूका होगा. जब भी आपका शरीर और मस्तिष्क सही तरीके से काम करता है वही आपके लिए सही टाइम होगा.
आप जो भी समय चुनें, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आपका शरीर पवित्र है और योगाभ्यास आपके लिए एक विशेष समय है. आपको अपनी शारीरिक और मानसिक आवश्यकताओं के अनुकूल होने के लिए पर्याप्त लचीला होना चाहिए.
Chaos magic या फिर Chaos Magick एक ऐसा जादुई अभ्यास है जो हमारी प्राण उर्जा से जुड़ा हुआ है. आपने इसका जिक्र The Witcher या फिर Scarlet witch Wanda vision में सुना होगा. ऐसा माना जाता है की हमारी प्राण उर्जा इस जीवन का आधार है और ये जादू इतना ताकतवर है की इससे एक नए जीवन की रचना तक की जा सकती है.
ये सब आपने Wanda vision में देखा ही होगा. आज हम इससे जुडी कुछ खास बातो के बारे में जानने वाले है.
Real chaos magic वास्तव में Universal energy से बना होता है. अगर सबसे आसान शब्दों में कहे तो हमारा शरीर और उसके उर्जा केंद्र एक तरह से खाली vessel की तरह है.
हम यूनिवर्स से उर्जा को अपने अन्दर से चैनल करते हुए किसी फोकस ऑब्जेक्ट पर ट्रान्सफर करते है और उसकी reality manipulate करते है. वांडा विज़न में जो उर्जा आप देख रहे है वो Universal energy है जो उसके शरीर से होते हुए निकलती है.
हमारा मन जितना ज्यादा शांत होता है उतना ही Focused Energy हम अपने अन्दर develop कर सकते है. आज कई जगह पर इसे Occult and Rituals से जोड़कर देखा जाता है लेकिन, वास्तव में ऐसा नहीं है. ये सिर्फ आपके उर्जा पर केन्द्रीकरण का एक विज्ञान है जो जादू की तरह काम करता है.
बाकि दूसरे जादू और Chaos magic में सबसे बड़ा अंतर है की इसमें किसी तरह की traditional ritual या rules को फॉलो नहीं करना पड़ता है.
चाओस मैजिक आज दुनिया भर famous हुआ है तो उसकी वजह Hollywood movie and webservices है. हम Universal energy का इस्तेमाल कर हकीकत को प्रभावित कर सकते है.
ये एक उर्जा पर आधारित जादू है जिसमे बाकि किसी जादू की तरह नियम कायदे और process को फॉलो करने की जगह अपने Subconscious mind की Power को unlock करने पर फोकस करना होता है. आइये जानते है डिटेल से इसके बारे में.
What is Chaos magic in Hindi
एक ऐसा जादू जिसे सीखने के लिए आपको किसी तरह के Traditional occult practice को फॉलो करने की जरुरत नहीं होती है. Chaos magic पूरी तरह से उर्जा के transfer पर टिका हुआ है. किसी भी magic की एक limitation होती है या फिर आपको उसके लिए कुछ नियम को फॉलो करना पड़ता है लेकिन, इसमें ऐसा कुछ नहीं है.
दूसरे magic जहाँ किसी तरह के रिजल्ट के लिए एक लम्बी ritual की प्रक्रिया को फॉलो करते है इसमें ऐसा कुछ नहीं है.
अगर आप खुद पर believe करते है और खुद को एक vessel के तरह इस्तेमाल कर सकते है तो बेशक आप इसका इस्तेमाल किसी भी उदेश्य के लिए कर सकते है. आज हम इसके बारे में और ज्यादा जानना चाहते है तो उसकी वजह Chaos magic scarlet witch है.
Doctor strange भी इसी कड़ी में है लेकिन, चाओस मैजिक के साथ सबसे बड़ा नाम scarlet witch का आता है. ये सब तो एक मूवी की बाते है लेकिन इन सबके आधार पर अगर कल्पना की जाए तो हम अंदाजा लगा सकते है की इसके जरिये हम Reality manipulate कर सकते है. magic के लिए आपकी बॉडी और माइंड का एक जगह पर अलाइन होना बेहद जरुरी है.
How to perform Chaos Magick
अगर आप chaos magician से अपनी लाइफ की शुरुआत करना चाहते है या फिर इस जादू की practice करना चाहते है तो आपको इसके लिए कुछ तैयारी करनी होती है.
इसके लिए सबसे पहले आपको एक शांत वातावरण वाली जगह का चयन करना होता है जो आपको मानसिक रूप से शांत भी रख सके. अपने साथ एक नोटबुक भी रखना ना भूले.
नोट बुक इसलिए ताकि आप अपने अभ्यास का एक Journal बना सके.
अगर आपको याद हो तो हम Sigil magic के बारे में पहले ही पढ़ चुके है. ये एक तरह का Chaos magic है क्यों की इसमें हम symbol में अपनी विश को जाहिर करते है और अपने energy से उसे पूरा करते है.
यहाँ Chaos Magick के लिए आपको कुछ symbol बनाने की जरुरत पड़ती है जो लिखे हुए या फिर हाथ की मूवमेंट से भी बनाये जा सकते है ( मुझे बचपन से ही हवा में लिखने की आदत थी )
ये symbol आपके विश्वास की उर्जा पर activate होते है.
हम खास मूवमेंट में अपनी energy को फोकस करते है. यहाँ पर भी यही सब होता है जिसमे खास संकेत या मूवमेंट में हमें energy को फोकस करना और transfer करना होता है.
कुछ समय के अभ्यास के बाद हम जब भी वो संकेत बनाते है या फिर मूवमेंट करते है energy transfer होना शुरू हो जाती है.
यहाँ पर आपको ध्यान देना चाहिए की ये उर्जा आपकी खुद की नहीं बल्कि यूनिवर्स की होनी चाहिए. इसके लिए आपको अपनी बॉडी को तैयार करना होता है और Cleansing के जरिये अगर किसी तरह की chakra blockage है तो उसे heal करना होगा.
Alter Consciousness with Meditation, Hypnosis, and trance like state
हम जिस Conscious state में रहते है उस स्टेट में Chaos magic के लिए energy channel करना मुश्किल होता है. हमारा चेतन मन और इसमें चल रहे हजारो विचार इसमें मुश्किल पैदा करते है. magic perform करने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है हमारा मन पूरी तरह आजाद होना.
अपनी चेतना को कब और किस तरह alter करना है ये आपको आना चाहिए. हम इसके लिए trigger का इस्तेमाल करते है यानि कुछ ऐसी मूवमेंट, या शब्दों का जाल या फिर अभ्यास जिसके जरिये हम अपनी चेतना को एक स्तर से दूसरे स्तर पर shift कर सके.
कुछ अभ्यास है जैसे की meditation, Hypnosis and trance like state जो एक निम्न स्तर के नशे की हालत की तरह लगती है. एक ऐसी अवस्था जिसमे हम विचारो में उलझते नहीं और धीरे धीरे विचारो की पकड़ से आजाद होने लगते है. ये वो स्थिति है जहाँ हमारी कल्पना शक्ति सबसे ज्यादा मजबूत होने लगती है.
Chaos Magick को perform करने के लिए दूसरी कंडीशन भी है जैसे की Break Free from Social Conditioning यानि सही गलत का फर्क करना. हमारे दिमाग को कण्ट्रोल करने का काम हमारे मोरल वैल्यू करती है. ये हमें सही और गलत के फर्क करवाती है. किसी भी तरह की सामाजिक स्थिति को सिरे से नकार देना आपको यहाँ अपनाना होता है.
एक दूसरे उदाहरण के लिए आप अघोरी को समझे. वे सही गलत में भेदभाव नहीं करते है, समाज के बनाए नियम को नहीं मानते है. उनके लिए कुछ भी गन्दा या साफ नहीं है. सबकुछ जो भी है प्रकृति की देन है और शुद्ध है.
आप वो सब कुछ पा सकते है जिसमे आप विश्वास रखते है
आपने प्राचीन काल के ऋषि मुनि के पास होने वाली एक सिद्धि के बारे में सुना होगा जिसमे हवा में चीजे मंगवाना शामिल था. प्रकृति से कुछ भी प्राप्त करना Chaos magic का एक हिस्सा है क्यों की ये सबसे ज्यादा वास्तविकता को बदलती है और इसमें Universal energy सबसे अहम् रोल निभाती है.
सब कुछ जो भी हम देखते है उर्जा से बना है. आप वो सब हासिल कर सकते है जो आप एक strong believe के साथ इस universe से मांगते है.
हर रोज सुबह उठकर आँखे बंद करे और किसी एक चीज या बदलाव की कल्पना करे. सिर्फ 5 मिनट ऐसा हर रोज करे. ज्यादा से ज्यादा 21 दिन में आपको वो बदलाव साफ नजर आएगा. इसके लिए शुरुआत छोटे बदलाव या आसान चीजो से करे.
Chaos magic में आपको जो भी आप चाहते है उसमे पूरी तरह विश्वास करना आना चाहिए. यहाँ शक की 1% भी गुंजाईश नहीं होनी चाहिए.
हर जगह आपको फायदे और नुकसान दोनों ही देखने को मिलते है. अगर आप खुद को यूनिवर्स से जोड़ रहे है तो इसके छिपे हुए खतरों से भी आपको अवगत रहना चाहिए.
Real chaos magic की practice करने के लिए शुरुआत छोटे स्तर से करे और जितना संभव हो धीरे धीरे इसे शुरू करे. शुरुआत अपने अन्दर के छोटे छोटे बदलाव से करे.
एक सही अभ्यास के लिए आपको निम्न स्टेज पर काम करना है.
शुरुआत में 21 दिन का नियम बनाए और उस 21 दिन में आपको एक बदलाव खुद में करना है जो बेहद सामान्य स्तर का होना चाहिए. ये एक छोटी सी आदत हो सकती है या फिर कुछ भी ऐसा जो आप चाहते है.
खुद को मूवमेंट से जोड़ना सीखे. Mindfulness meditation and Shambhavi mahamudra practice से खुद को वर्तमान में रखना सीखे.
आपको अपने बॉडी और माइंड को एक अलाइन में लाना है जिसमे आप सामान्य रहते हुए भी एक खास मूवमेंट में होते ही अपनी चेतना को दूसरे स्तर पर shift कर सके. सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन अभ्यास से सब संभव है.
आपकी इच्छा गलत है या सही इसे लेकर पूरी तरह जाग्रत रहे. हम यूनिवर्स जो मांग रहे है वो सही है या गलत इसे लेकर किसी तरह की कशमकश न रखे.
अगर आप ऊपर दिए गए निर्देश को फॉलो करते है तो आपके लिए ये आसान हो जाता है और एक safe practice में आप आगे बढ़ सकते है.
क्या आप भी उन लोगो में से है जो ये मानते है की दुनिया में जो भी हम देखते है या अनुभव करते है सब एक तरह का Illusion है यानि एक तरह का मायाजाल.
हम दुनिया में किस तरह लाइफ जी रहे है वो सब हमारा अपना बनाया हुआ नजरिया है. हम दुनिया को जिस नजरिये से देखना चाहते है उसी तरह देख पा रहे है. ऐसे में इसकी वास्तविकता क्या है ?
अपने मन पर कण्ट्रोल कर हम दुनिया की वास्तविकता को समझ सकते है. वास्तव में ये Physical world वैसा नहीं है जैसा हम जी रहे है. जो भी हम सब महसूस कर रहे है वो सब हमारा अपना नजरिया है क्यों की हम इसे ही हकीकत मान बैठे है.
चाओस का जादू हमें इसकी वास्तविकता को न सिर्फ समझने में बल्कि एक शांत दिमाग के साथ इसे कण्ट्रोल करना भी सिखाता है. हम दुनिया की वास्तविकता को कैसे कण्ट्रोल और बदल सकते है ये सब हम इस मैजिक के जरिये समझते है.
Use Chaos Magick to Attract Wealth
चाओस मैजिक भी एक तरह का Law of attraction है. हम अपनी energy को मनचाहा रूप दे सकते है. इसमें से एक है अपनी एनर्जी के इस्तेमाल से wealth को अपनी तरफ आकर्षित करना.
हम सब दिन भर how to make money के बारे में सोचते रहते है लेकिन हजारो विचारो के बीच सही गलत या किसी एक option का चुनाव भी नहीं कर पाते है.
क्या आपने कभी सोचा है की आपसे गलती कहाँ हुई है ? आपको दोबारा सोचने और जो सोच रहे है उसे पाने के लिए रणनीति बनाने की जरुरत है.
सब खेल एक समय के साथ प्लानिंग का है. अगर आप खुद को समय के साथ लेकर चल सकते है तो आप कुछ भी कर सकते है.
आपने like attracts like के बारे में सुना ही होगा. जो जैसा होता है वैसा ही उसे आकर्षित करता है. अगर आप खुद को नेगेटिव बनाते है तो कभी सही नहीं कर सकते ना ही सही सोच सकते है इसलिए अपने सोचने में बदलाव लाये. अपने Attitude को positive बनाए क्यों की कुछ समय बाद ही आप इसका बदलाव खुद में देखना शुरू कर देंगे.
अगर आपने Chaos Magick को सही तरीके से unlock करना सीख लिया तो आप इसके जरिये Lost love back, Attract your love one or How to control other’s mind जैसी चीजो में भी सफलता हासिल कर सकते है.
Chaos Magick और कुछ नहीं बल्कि energy के जरिये वास्तविकता को बदलने का काम करता है और एक बार आपने ये सीख लिया तो आप कुछ भी कर सकते है.
Chaos Magick Can Make You More Creative and Intelligent
ध्यान दे की इसका बेसिक क्या है ? आपके दिमाग और चेतना को आजाद करना. जब आप अपने चेतना को एक स्तर से दूसरे पर shift करना सीख जाते है और आपका मन आजाद होना शुरू हो जाता है आप और भी ज्यादा Creative and Intelligent बनना शुरू हो जाते है.
अब आप विचारो में उलझे हुए निर्णय नहीं लेते है बल्कि subconscious mind के जरिये अपने फैसले को रियल वर्ल्ड में रखते है. जितना ज्यादा आप अपने subconscious mind को unlock करते जाते है आपके फैसले वास्तविक दुनिया में हकीकत का आकार लेना शुरू कर देते है.
यहाँ Creativity को हम alter state of consciousness से जोड़कर देखते है क्यों की चेतना के उपरी स्तर पर ही हम बेहतर निर्णय ले पाते है. आप इसका अभ्यास खुद एकांत में कर सकते है या फिर एक ग्रुप में भी इसका अभ्यास किया जा सकता है. बेहतर होगा की अपने स्तर के Spiritual enlightenment पर इसका चुनाव करे.
Chaos magic benefit in Hindi
अगर आप समझ गए है की Chaos magic क्या होता है और कैसे किया जाता है तो आप ये भी समझ गए होंगे की इसके फायदे क्या है. आइये अब कुछ फायदे के बारे में बात करते है जो हमें इस magic की तरह आकर्षित करते है.
Real chaos magic की practice करना आपके Subconscious mind को unlock करता है जो आपको everyday life में Long term benefit देता है. इसका सबसे बड़ा फायदा है आपके हर काम को आसान बना देना.
आपका हकीकत को देखने का नजरिया बदलता है और आप illusion से खुद को आजाद रखते हुए वास्तविक दुनिया में आगे बढ़ते है.
आप law of attraction के सिद्धांत को समझ जाते है और आपके लिए अब हर काम आसान बन जाता है खासकर कुछ भी नया काम करना या पाना.
खुद को यूनिवर्स से जोड़ने के बाद आप खुद को शांत रखना सीख जाते है. आपका मन अब आपके काबू में रहता है.
सबसे अहम् आपके Energy center जिन्हें हम Seven chakra and kundalini जैसे नाम से जानते है पूरी तरह active हो जाते है. उनमे अब किसी तरह की blockage नहीं है जो की आपके Physical and mental well being के लिए बढ़िया है.
आपका अपने बॉडी और माइंड पर बेहतर नियंत्रण है जिसकी वजह से आप आसानी से खुद को किसी भी स्थिति में शांत बना सकते है और सही निर्णय ले सकते है. ये सब कुछ ऐसे ही Chaos magic benefit थे जो हम समय के साथ अभ्यास के दौरान महसूस कर सकते है.
How to perform Chaos Magick in real world conclusion
चाओस मैजिक की practice करना आपको कई benefit से रूबरू करवाता है वही आपके अन्दर के छिपे हुए खतरे से भी अवगत करवाता है. इस जादू के अभ्यास में आपके मन का आजाद होना जरुरी है इसलिए आपका पूरा फोकस इसी पर होना चाहिए.
हम पीछे की पोस्ट में बॉडी के अन्दर के चाओस मैजिक को जगाने के बारे पहले ही पढ़ चुके है. Real chaos magic की practice करने से पहले आपको self energy and universal energy को समझना बेहद जरुरी है.
ये एक मानसिक अभ्यास है इसलिए इस बात में कोई शक नहीं है की इसके कुछ खतरे भी है. अपने मन को आजाद रखना जरुरी है लेकिन इसके साथ ही इसे Psychic vampire attack से सेफ रखना भी जरुरी है.
आपको अपनी energy कब और किस स्थिति में चैनल करनी है इसका अभ्यास करने के लिए खुद को पूरा वक़्त दे. कभी भी इस अभ्यास में Shortcut का इस्तेमाल ना करे ये खतरनाक हो सकता है.
उम्मीद है चाओस मैजिक को हर संभव मैंने आसान शब्दों में आपके सामने रखा है. अगर आपको अब भी किसी तरह की डाउट है तो हमें कमेंट में पूछ सकते है.
आज की पोस्ट हमने जगदीश जी कहने पर लिखी है जिन्होंने Magical servitor के बारे में काफी जगह सर्च किया था. आज इसका प्रयोग ज्यादातर मैजिशियन करते है.
Types of Jinn Possession in Hindi. कहते है इश्वर / अल्लाह ने मिटटी से इंसानों को बनाया आग से जिन्नात को और हवा से फरिश्तो को. Jinn को ये पसंद नहीं था की अल्लाह इंसानों को ज्यादा पसंद करते थे. जिन्नात ने अल्लाह के फरमान को मानने से मना कर दिया और इसकी वजह से अल्लाह ने उसे नरक की तरफ धकेल दिया.
समय समय पर ये Djinn लोगो को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते है. ऐसे बहुत से Types of Jinn Possession होते है जो हमें उनके बारे में जानकारी देते है.
अगर आपको ये जानना है की किस तरह Paranormal activity का शिकार हुए है तो Jinn Presence and Departure पर गौर करे आपको इसके बारे में पता चल जायेगा.
जब एक जिन्नात किसी व्यक्ति को अपना शिकार बनाते है तब क्या होता है और इंसानी शरीर पर The Jinn Effects कैसे होते है इसके बारे में आज बात करते है.
एक जिन्न की उम्र 1000 से 1800 साल हो सकती है. अलग अलग किस्म के इंसानों की तरह ये भी अलग अलग होते है और इंसानी दुनिया से अलग रहते है. जिन्नात की सिर्फ कुछ प्रजाति ही इंसानी मेल जोल को बढाने के उदेश्य से हमारी दुनिया में आती है.
शैतानी प्रवृति के जिन्नात अक्सर महिलाओ को अपना शिकार बनाते है. घने जंगल और सुनसान जगह पर महिलाओं को खासकर perfume लगाकर जाने से बचना चाहिए. खुले बालो की महक से ये जिन्नात खींचे चले आते है.
जिन्नात जब किसी को अपना शिकार बनाते है तब वे कुछ ऐसे संकेत जरुर देते है जो हमें उनके बारे में जानने में मदद करते है. Types of Jinn Possession
किसी भी दूसरी शक्ति की तुलना में Djinn बेहद खतरनाक, गुस्सैल और सच बोलने वाले होते है. अगर कोई इनसे बात करने की कोशिश करे तो बिना डरे वो अपने बारे में भी बता देते है.
Types of Jinn Possession in Hindi
किसी इन्सान के शरीर पर एक जिन्न कई तरह से कब्ज़ा करता है.
A total Possession इस स्थिति में व्यक्ति का पूरा body अकड़ जाता है. व्यक्ति अपनी Consciousness control खो देता है.
A partial Possession इस condition में व्यक्ति के किसी एक हिस्से पर जिन्न अपना कब्ज़ा करता है जैसे की जीभ, पैर या हाथ.
Constant Possession बहुत लम्बे समय तक व्यक्ति के शरीर पर जिन्नात अपना कब्ज़ा रखता है.
Temporary Possession इसमें कुछ समय तक जिन्न का असर व्यक्ति पर देखने को मिलता है. ऐसा ज्यादातर ladies के साथ होता है जब रात के समय जिन्नात उनके शरीर पर कब्ज़ा करते है.
इन प्रकार के अनुसार ही हम अंदाजा लगा सकते है की जिन्न किस तरह का है और वो किस मकसद से इंसानी शरीर पर कब्ज़ा कर रहा है. अलग अलग Types of Possession के आधार पर हम इसके बारे में जान सकते है.
जिन्नात कितने तरह से इंसानों पर कब्ज़ा करते है
जिन्नात के बारे में एक बात सबसे ज्यादा महशूर है की ये भरोसेमंद नहीं होते है. बाकि दूसरी शक्तिया जैसे की पीर पैगम्बर ये इंसानों की मदद करते है लेकिन जिन्नात सिर्फ बंधन में रखे जाते है. एक बार आपने गलती कर दी तो ये आपको अपना निशाना बनाते देर नहीं लगायेंगे.
आइये जानते है की जिन्नात किस तरह इंसानों पर कब्ज़ा करते है और उन्हें अल्लाह से दूर करते है.
Regional Possession Types of Jinn Possession
ये एक Temporary Possession होता है. इस्लाम को मानने वाले लोगो के बिच ये मान्यता है की शैतान हमें हर पल अपने पक्ष में करने के लिए कोशिश करता है. वो हमेशा इस तरह के मौके की तलाश में रहता है जब हम मानसिक रूप से कमजोर पड़ते है.
जब भी ऐसा होता है हमारे मन में evil suggestion भेजे जाते है. ऐसी स्थिति में अल्लाह पर अपने भरोसे को मजबूत करना चाहिए.
वो हर पल हमें देख रहा होता है. सच्चे मन से अगर उन्हें पुकारा जाएगा तो वो हमारी मदद करने जरुर आएंगे.
जब भी मन में किसी तरह के ऐसे विचार आये जो अल्लाह के प्रति हमारा भरोसा कमजोर करते है.
हमें उसी समय अल्लाह को याद करना चाहिए और ऐसे विचारो को नकार देना चाहिए. ये स्थिति अक्सर सोते समय ही होती है. Types of Jinn Possession
आपने Sleep Paralysis के बारे सुना होगा जिसमे हमें Dark figure shadow people दिखाई देता है.
इस दौरान हम कुछ समय के लिए अपनी चेतना को खो देते है और हमें सबकुछ महसूस होने के बावजूद हम कुछ नहीं कर पाते है.
लोगो के अनुसार ये एक flying type jinn होता है. हालाँकि ज्यादातर केस में ये वहम होता है लेकिन कुछ केस जिसमे व्यक्ति किसी Paranormal activity का शिकार होता है उसे इस तरह की Types of Jinn Possession से जुडी गतिविधि का अनुभव होता है.
Projectory Possession (Aarid)
ये एक true type of possession होता है जिसमे जिन्नात कुछ समय के लिए व्यक्ति के शरीर पर अपना कब्ज़ा करता है.
इस तरह की स्थिति में दिन या रात के किसी एक खास टाइम पर ही जिन्नात आता है और चला जाता है. ये हर रोज होता है और लम्बे समय तक चलता है.
इस तरह की स्थिति में व्यक्ति के शरीर पर कब्ज़ा करना और छोड़ना ये जिन्नात की मर्जी पर निर्भर करता है. Types of Jinn Possession
इस तरह की स्थिति में व्यक्ति के अन्दर कई बदलाव को notice किया जा सकता है जैसे की उसके शरीर का vibrate होना.
आसपास से एक strong air के पास होने का अहसास होना.
ज्यादातर ऐसा औरतो के साथ होता है जिनके शरीर पर एक खास समय पर जिन्न अपना कब्ज़ा करते है. ये उनके शरीर के आकर्षण की वजह से खींचे चले आते है.
ये स्थिति बहुत खतरनाक होती है क्यों की ज्यादातर समय हम इस खोज में लगा देते है की वास्तविक शिकार कौन बना है.
Imaginary Possession (Wahmi)
हालाँकि ये कोई वास्तविक स्थिति नहीं बल्कि delusion होता है लेकिन फिर भी ये काफी dangerous और common problem होती है. जब भी हम किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते है जो जिन्नात का शिकार बना हो तो हमें इसका डर लगने लगता है.
हमें लगता है की हम भी इसका शिकार बन चुके है. कई बार ऐसा कुछ न होने के बावजूद healer ये दबाव बनाते है की हम दिमागी रूप से इसे accept करने लगते है. Types of Jinn Possession
शैतान इसी का फायदा उठाता है और वो हमें ये अहसास करवाना शुरू कर देता है.
ज्यादातर ऐसा होता है क्यों की जब तक हम खुद ये accept नहीं करते है तब तक कोई बाहरी शक्ति हम पर काबू नहीं कर सकती है. इस तरह की स्थिति में ये शक्तियां पहले हमें लोगो से अलग करती है.
इसके बाद हमारी सोच और इच्छा शक्ति पर अपनी पकड़ मजबूत करती है. इस तरह की स्थिति में व्यक्ति को ऐसे scene दिखाए जाते है जिनसे उसे यकीन होने लगता है की वाकई कोई शक्ति है जो उस पर कब्ज़ा जमाए हुए है.
याद रखे शैतानी शक्ति हमें suggestion देती रहती है लेकिन हम पर कब्ज़ा नहीं कर पाती है. जब हम अन्दर से टूट जाते है तभी वो हम पर कब्ज़ा करती है. इस तरह के Types of Jinn Possession को संकेतो में समझा जाता है.
False pretense dangerous Types of Jinn Possession
कई बार ऐसी स्थिति आती है की लोग जबरदस्ती दूसरो का ध्यान आकर्षित करने के चक्कर में ऐसे दिखावा करते है की मानो उन्हें किसी शक्ति ने जकड़ा हुआ है. ऐसा करना भले ही उन्हें लोगो की नजर में अलग दिखा दे लेकिन ये खतरनाक हो सकता है.
शैतानी शक्तियां आपके ऊपर नजर रखे हुए होती है और ऐसा करना उन्हें आसानी से आपके ऊपर हावी होने का मौका दे सकता है. Types of Jinn Possession
अगर आप किसी शक्ति का मजाक बनाते है और दिखावा करते है की उसने आपको परेशान किया है तो ना चाहते हुए भी वो आपको अपना निशाना बना सकती है.
इसका एक उदाहरण आप Multiple personality disorder के जरिये समझ सकते है.
कुछ लोग मानसिक रूप से परेशान होते है और इस तरह की हरकते करते है मानो वो किसी शक्ति के चंगुल में फंसे हुए हो.
भले ही इस तरह का दिखावा करना आपको अपने हालात से कुछ समय के लिए दूर रखे लेकिन याद रखे की आगे चलकर ऐसा टाइम भी आ सकता है की आप वाकई किसी शैतानी शक्ति के चंगुल में फंस जाए.
ज्यादातर लोगो के मन में ये सवाल जरुर आता है की आखिर एक जिन्न के आने और जाने पर किस तरह के अनुभव होते है.
जिस तरह से दुनिया में अलग अलग तरह के लोग होते है वैसे ही जिन्न भी अलग अलग होते है.
लोगो के मन में ये myth फैली हुई है की किसी Djinn के attack की स्थिति में व्यक्ति खास तरह की अजीबोगरीब हरकते करता है.
अगर reality of demonology को देखे तो ऐसा 100% true नहीं है.
जिस तरह से जिन्न अपने होने का अहसास करवाते है उन्हें influence of jinn on humans के अनुसार अलग अलग category में divide किया जाता है.
सभी Types of Jinn Possession के अनुसार आप उनके उपस्थिति को इस तरह से महसूस कर सकते है.
Presence of Waswasah
ये एक तरह का overpowering form of possession है जिसमे हमें अपने कानो में किसी के फुसफुसाहट सी सुनाई देती है.
इस तरह की presence व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर कर देती है. ये वो स्थिति है जिसमे व्यक्ति को अपने कानो और दिमाग में लगातार खास तरह की फुसफुसाहट महसूस होती है.
ये सिर्फ उसी व्यक्ति को महसूस होती है जो इसका शिकार बनता है बाकि किसी और के साथ इस तरह का अनुभव नहीं होता है.
किसी भी शैतानी शक्ति के होने का इस तरह का अहसास व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ देता है.
जरुरत से ज्यादा stress लेने की वजह से व्यक्ति के सोचने समझने की शक्ति ख़त्म होने लगती है. इस वजह से अचानक ही रोना, हँसना या फिर गुस्सा करने जैसी हरकते आम बात हो जाती है.
ऐसी condition में व्यक्ति anxiety, stress, depression and Obsessive Compulsive Disorder (OCD) का शिकार बनता जाता है जो सबसे ज्यादा परेशान कर देने वाली बात है.
सबसे बड़ी बात तो ये है की हम इसमें ये पक्के तौर पर नहीं समझ पाते है की असल में problem क्या है और ऐसा क्यों हो रहा है.
शैतानी शक्ति किसी व्यक्ति को अपना शिकार बनाने के लिए सबसे पहले व्यक्ति के दिमाग को control करने की कोशिश करती है.
व्यक्ति का दिमाग उसके शरीर और हर हिस्से को control करता है जिसकी वजह से जब दिमाग पर control करने की कोशिश की जाती है तो व्यक्ति खुद को पागल समझने लगता है.
किसी के होने का अहसास होना या फिर अजीब सी चीजे दिखना जबकि दूसरो को ऐसा कुछ महसूस या दिखाई नहीं होता है.
इसका मुख्य उदेश्य शिकार के दिमाग और उसकी सोच को अपने कब्जे में लेना होता है.
किसी तरह की शैतानी शक्ति के होने अहसास आपको ऐसी चीजे दिखने से होता है जो दूसरो के साथ नहीं होती है. ऐसी स्थिति में बिना किसी कब्जे के दिमाग को काबू करना भी शामिल है. Types of Jinn Possession
शैतानी शक्तियां बिना किसी भ्रम की स्थिति पैदा होने के बावजूद भी आपको अपना शिकार बना सकती है.
ज्यादातर शैतानी शक्ति या Types of Jinn Possession शुरुआत में इंसानी दिमाग को अपने कब्जे में लेते है.
Influence on the patient’s body
Jinni किसी व्यक्ति के शरीर पर अपना कब्ज़ा जमाने के लिए उसके किसी एक हिस्से का चुनाव कर सकते है.
जब ऐसा होता है तब व्यक्ति अपने पीठ में दर्द, सरदर्द या फिर सुनने और देखने की क्षमता को खो देता है.
कई तरह की condition में व्यक्ति अपने पैरो में सुन्न महसूस करने लगता है जो की इसी का एक संकेत हो सकता है.
इस तरह की स्थिति व्यक्ति के साथ तब भी हो सकती है जब वो पूरे होश में हो.
इसका असर लम्बे समय तक बना रहता है. चूँकि जिन्न व्यक्ति के body के सिर्फ किसी एक हिस्से को अपना घर बनाते है ऐसी स्थिति लम्बे समय तक देखी जा सकती है.
इस तरह की स्थिति में पीड़ित से बात करते समय ये निर्धारित कर सकते है की हमारी बात किस से हो रही है जिन्नात या पीड़ित.
हालाँकि किसी शैतानी शक्ति या फिर जिन्न को समझने के लिए ये काफी महत्वपूर्ण कड़ी होती है क्यों की ये शक्तियां सवालों का जवाब देती है.
ऐसा इसलिए क्यों की जिन्नात आमतौर पर निडर होते है और बिना किसी डर के सामने वाले के सवालों का जवाब देती है.
लेकिन ऐसा करना हर बार सहज नहीं होता है. अगर कोई व्यक्ति या उसके परिवार वाले इसमें believe नहीं करते है तो वे इसे accept नहीं करेंगे की वाकई में इस तरह की स्थिति है.
इसके साथ ही Full presence जैसी स्थिति को भी देखा जा सकता है जिसमे एक व्यक्ति के body पर पूरी तरह से Djinn का कब्ज़ा होता है और वो उसके अनुसार behave करना शुरू कर देता है.
ज्यादातर इस तरह के Types of Jinn Possession की स्थिति में लाल आँखे, मांस खाना ( खासकर कच्चा मांस ) अजीब भाषा का इस्तेमाल और शरीर से अलग गंध का आना महसूस किया जाता है.
Types of Jinn Possession and The Jinn Effects
जब किसी व्यक्ति पर एक Djinn का attack होता है तो इसका असर हर level पर देखा जा सकता है.
Physical, mental and spiritual level ये तीन स्तर है जिस पर हम शैतानी शक्तियों के असर को देख सकते है.
Spiritual effect of djinn
जिन्न किसी व्यक्ति को सबसे ज्यादा spiritual level पर करते है. वे व्यक्ति को किसी भी तरह की spiritual activity करने से रोकते है जो उन्हें अल्लाह के करीब ले जाती हो. वो इस तरह की हरकते करते है जो व्यक्ति को आलसी बना देती है ताकि वो अल्लाह की इबादत ना कर सके.
कुरान को पढने से रोकते है या अडचने पैदा करते है जब तक की वो कुरान पढना छोड़ न दे.
ये शैतानी शक्ति व्यक्ति को इस्लाम को पढने समझने से रोकती है और जैसे जैसे वो अल्लाह से दूर होने लगता है वैसे वैसे वो उस पर कब्ज़ा करना शुरू कर देती है. अगर किसी भी तरह के Types of Jinn Possession symptom को आप देखते है तो किसी बाहरी मदद के लिए सजग रहे.
जिन्न किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए उसके दिमाग पर काबू करने की कोशिश करते है.
ऐसा करने के लिए वो व्यक्ति के कानो में फुसफुसाते है जिसकी वजह से व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर बनना शुरू हो जाता है.
इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति के मूड में अनचाहे बदलाव आना शुरू हो जाते है और वो किसी भी व्यक्ति के पास आने से खुद को रोकने लगता है.
जब इस तरह की स्थिति पैदा होती है तो व्यक्ति stress, anxiety and anger को experience करता है.
कई बार तो व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता इतनी कमजोर हो जाती है की व्यक्ति को होश ही नहीं होता है की वो क्या कर रहा है. उसके कपड़े इस तरह बिखरे रहते है मानो वो काम वासना में भरा हुआ हो.
भौतिक रूप से जिन्न का प्रभाव
Djinn का effect व्यक्ति पर भौतिक रूप से उतना ही देखने को मिलता है जितना की psychologically और इसके पीछे कई तरह की स्थिति होती है. जिन्न व्यक्ति के दिमाग और दिल पर कब्ज़ा करते है जिसकी वजह से उसके health पर इसका असर साफ देखने को मिलता है.
भौतिक रूप से इसके असर को देखे तो इनकी वजह से व्यक्ति ऐसी बीमारी का शिकार होते है जिसे परिभाषित नहीं किया जा सकता है. medical में इसका कोई इलाज नहीं होता है ना ही ये किसी के पकड़ में आती है. Types of Jinn Possession
अगर किसी महिला पर जिन्नात का दिल आ जाता है तो उसकी वजह से वो से भौतिक रूप से परेशान करता है. महिला को ऐसा लगता है मानो उसके साथ कुछ गलत हो रहा है और वो चाह कर भी इसका विरोध नहीं कर पाती है. ये Types of Jinn Possession का एक हिस्सा है जिसमे जिन्नात किसी शरीर पर कब्ज़ा करता है.
ये निर्भर करता है की जिन्नात किस तरह का है. जिन्न महिलाओं को उनके शरीर की महक से आकर्षित होकर अपना शिकार बनाते है.
हमने Different Types of Jinn Possession इसलिए कहा है क्यों की जिन्न कभी भी एक तरीके से किसी शरीर पर कब्ज़ा नहीं करते है.
महिलाओं, युवा लडकियों को शाम के समय छत पर खुले बालो से जाना मना करने के पीछे यही वजह मानी जाती है.
शादीशुदा महिलाओं के बालो की महक शैतानी शक्तियों को सबसे ज्यादा attract करती है.
अगर किसी महिला पर जिन्नात का दिल आ जाता है तो वो दिन या रात के किसी एक खास समय पर उसके शरीर पर कब्ज़ा करता है.
महिला बाकि समय बिलकुल normal रहती है लेकिन ठीक उसी समय वो अपने होश से बाहर हो जाती है खासकर सोते समय.
उन्हें बस ये मालूम रहता है की उनके साथ कुछ गलत हो रहा है लेकिन चाह कर भी वो उसका विरोध नहीं कर पाती है.
पुरुष जिन्नात का शिकार तब बनते है जब वो सुनसान जगह पर जिन्नातो की जगह से गुजरते है. अगर किसी जगह जिन्नात रहते है और कोई वहां से गुजरता है तो वे उसे परेशान करने से पीछे नहीं हटते है.
सुनसान जगह पर पेशाब करने से पहले सोच जरुर ले क्यों की किसी पारलौकिक शक्ति के रहने की जगह हो सकती है.
ऐसे कई केस आते है जिसमे लोगो को परेशान करने की वजह किसी सुनसान जगह, पीर की मजार या कब्र की जगह पर शौच या पेशाब करने की वजह होती है.
शैतान और अल्लाह में एक समझौता हुआ था. इसके अनुसार शैतान किसी भी इन्सान को अल्लाह से दूर करने के लिए फ्री था.
वो कोशिश करके किसी को भी अल्लाह से दूर कर सकता था. शैतान के अनुसार वो किसी भी दिशा से इंसानी शरीर पर attack कर सकता है.
अल्लाह ने उसकी ये शर्त मान ली थी लेकिन शैतान 2 दिशा को भूल गया था ऊपर असमान और निचे धरती.
उसने सिर्फ 8 दिशाओ से अपना कब्ज़ा करने के लिए इजाजत मांगी थी. Types of Jinn Possession
इबादत में हाथ या तो आसमान की तरफ उठते है या फिर निचे धरती की तरफ झुककर प्राथना की जाती है.
इश्वर / अल्लाह से जब जब इन्सान इन 2 दिशाओ में मदद मांगता है उसकी प्राथना मंजूर की जाती है.
Types of Jinn Possession and their effect final conclusion
इंसानों से Ifrit djinn की पुरानी दुश्मनी है. जिन्नात में सबसे शक्तिशाली और शैतानी जिन्न इफरित होते है.
ये हमेशा कोशिश करते है की कैसे भी करके इंसानों को अल्लाह की इबादत करने से रोक सके.
इसके लिए वो ऐसी स्थिति पैदा करते है की लालच और मानसिक तनाव के चलते कोई व्यक्ति खुद को कुरान पढने, इबादत करने से रोकता रहता है.
यहाँ हमने Types of Jinn Possession, effect presence and departure के बारे में बात की है जो हमें बताती है की किस तरह एक जिन्नात इंसानी शरीर पर कब्ज़ा करता है और इसके असर से क्या क्या होता है.
अगर आप Types of Jinn Possession और जिन्नात के बारे में और ज्यादा जानकारी रखते है तो हमें जरुर बताए हम इसे अपने ब्लॉग पर share करेंगे ताकि लोगो को इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने को मिले.
कई बार किसी स्थिति से बाहर निकलना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है. हालात हमारे लिए Out of control हो जाते है और हम अपने Past को बार बार दोहराना शुरू कर देते है.
हम खुद को ऐसे conversations, relationships, and jobs में फंसा हुआ महसूस करते है जिसके बारे में कभी सोचा ही नहीं था.
बार बार खुद को एक स्थिति में फंसा हुआ पाने के बाद आपको अहसास होता है की क्या में पहले कभी ऐसी स्थिति में नहीं था ?
ऐसी स्थिति को emotional baggage कहते है. ऐसी स्थिति में फंसने के बाद खुद को उससे बाहर निकालना आसान नहीं होता है और ये हमारे Future को प्रभावित करती है. ऐसी स्थिति को Phenomenon of Carrying Past Trauma या फिर Negative Experiences Through Life, Relationships, Or A Career के जरिये समझ सकते है.
ऐसी स्थिति हमें कई तरह से प्रभावित करती है जैसे की
आप किस तरह सोचते है ?
तनाव को लेकर किस तरह react करते है ?
आपकी physical well being किस तरह प्रभावित हो रही है.
आपके दूसरो के साथ किस तरह के रिश्ते है.
ये एक तरह का बोझ है जिसे हम लेकर घूमते रहते है. चलिए बात करते है की किस तरह हम इमोशन में फंस कर रह जाते है और इस स्थिति से बाहर निकल सकते है.
Emotional Baggage in Hindi
भावनात्मक बोझ कुछ ऐसे बीते कल की गतिविधि होती है जो हमारे आज को प्रभावित करती है. अगर आप बार बार खुद को परेशान महसूस कर रहे है और आपको लगता है की आपके साथ इस तरह की गतिविधि बार बार हो रही है तो समझ लीजिये की आप Emotional Baggage से प्रभावित हो रहे है.
हमारी हर यादो के साथ भावनाए जन्म लेती है जो चेतन और अचेतन दोनों तरह से होती है.
हमारे Past life trauma and difficult emotions आगे चलकर energy के रूप में बॉडी में फंस कर रह जाते है.
हालाँकि इसे scientific evidence के साथ आज भी प्रूफ नहीं किया जा सका है लेकिन, इसका मतलब ये नहीं की ये हमें प्रभावित नहीं करती है.
Trapped emotional vibrations आगे चलकर लगातार उसी Frequency में vibration पैदा करते है जो हमें बार बार उसी स्थिति में लाकर छोड़ देते है जिसमे हम पहले थे.
ये स्थिति बिलकुल वैसी ही है जैसे की पैर में चुभा कांटा हमें तब तक आराम नहीं लेने देता है जब तक हम उसे निकाल नहीं देते है.
हमारी past life trauma and emotional energy vibration जब तक रिलीज़ नहीं होगी तब तक हम खुद को बार बार ऐसी ही स्थिति में फंसा हुआ महसूस करेंगे.
भावनाए कब फंस कर रह जाती है
क्या आप जानते है की mental and emotional health हमारे physical health को affect करती है. जब भी हम किसी इमोशन को अनुभव करते है तब 3 तरह की गतिविधि होती है. Emotional baggage को समझने के लिए ये बेहद जरुरी है की आप पहले अपने इमोशन को समझे.
हम emotional vibration develop करते है.
हम इमोशन के साथ ही उसके साथ जुड़े हुए thoughts or physical sensations को भी अनुभव करते है. ये एक ऐसी स्थिति है जहाँ हमारा मन और शरीर दोनों आपस में जुडाव महसूस करते है और आपस में जुड़ते हुए एक्शन में बदल जाते है.
हम इमोशन को आगे process करते है.
ये emotional processing हमारे limbic structures of the brain के जरिये पूर्ण होती है. हम लगातार Information को Collect करते है और ये pre-conscious autonomic nervous system responses के लिए जिम्मेदार होती है.
ये हमारे बॉडी को एक खास signal देती है जो उस इमोशन के लिए जिम्मेदार रहती है.
दूसरे शब्दों में समझे तो हमारी feeling का सीधे सीधे हमारे nervous system से connection होता है. कई बार ऐसा होता है की हम हमारी feeling को जाहिर करना चाहते है लेकिन कर नहीं पाते है.
हमारा true self कुछ जाहिर करना चाहता है लेकिन, False self ऐसा करने नहीं देता है.
हमारे true self के अनुसार naturally open, curious, and trusting इमेज को रिफ्लेक्ट करता है वही false self की इमेज तब रिफ्लेक्ट होती है जब हम Pain and loss से डील करते है. ये repressed negative emotional energy कई तरीको से बाहर निकलती है.
resentment
poor decision-making
self-sabotage
overreaction
increased stress and anxiety
depression
fatigue
आगे चलकर यही repressed negative emotional energy हमारे लिए Trauma and emotional baggage की वजह बन जाती है. हम लाइफ में कई बार इस तरह की स्थिति का सामना करते है जैसे की
a breakup
a major life change
the death of a loved one
infidelity in a relationship
loss of a job
an experience of violence, discrimination, or racism
ये ऐसी स्थिति है जिसमे अगर सही से इमोशन को रिलीज़ नहीं किया जाए तो ये बॉडी में फंस कर रह जाती है जो आगे चलकर trauma की वजह बन जाती है और हम बार बार ऐसी ही स्थिति को महसूस करना शुरू कर देते है.
Trapped emotions हमारे बॉडी में कहा स्टोर होती है
कभी अपने चेस्ट में tightness को महसूस किया है जब भी anxiety-inducing situation में होते है. जब पूरा दिन अच्छा जाता है तब हम बॉडी में किसी तरह का बदलाव महसूस करते है. ऐसी ही स्थिति को हम कई अलग अलग इमोशन के दौरान experience करते है.
हम जब भी अलग अलग इमोशन को महसूस करते है हमारी बॉडी में अलग अलग जगह पर बदलाव को अनुभव किया जाता है.
इसकी वजह अलग अलग इमोशन का बॉडी के अलग अलग हिस्से को प्रभावित करना है. इन इमोशन को अलग अलग केटेगरी में बांटते है जैसे की
negative, such as stress, anger, and shame
positive, such as happiness, love, and pride
cognition, such as attention and perception
homeostatic states, or a balanced, regulated internal state
illnesses and somatic states
feeling हमेशा बदलती रहती है और यही वजह है की इस तरह की रिसर्च हमें भावनाओं को समझने में मदद करती है.
7 Types Of Emotional Baggage
जब भी हम एक अलग तरह की स्थिति में खुद को पाते है तब हमारी बॉडी एक अलग तरह का self projection करती है. दूसरे शब्दों में इसे समझे तो अलग अलग तरह की स्थिति में अलग अलग personality को एक रूप देना.
सबसे बड़ी problem तब होती है जब हम इस तरह की स्थिति को बार बार अनुभव करना शुरू कर देते है. आइये जानते है अलग अलग तरह की projection के बारे में
The Scared Child
डरा हुआ बच्चा जो हमेशा अपने मन में ये बात बैठा लेता है की वो नहीं कर सकता है. एक छोटा सा उदाहरण लेते है क्या आपने कभी इस तरह की स्थिति को महसूस किया है की आपने एग्जाम दिया और आप फ़ैल हो गए.
अगले साल फिर से वो समय आता है जब आप एग्जाम देने वाले होते है लेकिन जैसे ही आप एग्जाम देने बैठते है और पेपर सामने आता है आपका मन बार बार यही दोहराता है.
“एक बार फिर से में फ़ैल होने वाला हूँ.” ये पेपर बहुत टफ है और में इसे solve नहीं कर पाउँगा.
इस तरह के emotional baggage हमें प्रभावित करते है और परिणाम ये होता है की हम चाह कर भी पेपर अच्छा नहीं कर पाते है. फिर से फ़ैल होने की वजह क्या थी ? पेपर मुश्किल नहीं था लेकिन, हमारी भावनाए इस कदर हावी हो जाती है की हम चाहकर भी खुद को उनसे मुक्त नहीं हो पाते है.
The Overbearing Parent/Teacher
हमारे आसपास अलग अलग तरह के लोग रहते है. अलग अलग लोग हमें अलग अलग तरह से प्रभावित करते है और हमारी क्षमता को अपने मापदंड पर आंकते है. एक छोटा सा उदाहरण लेते है.
आप अपने स्कूल की खेल प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते है लेकिन, आपके ही बड़े लोग आपको ये कह कर मना करने लगते है की तुम ये नहीं कर पाओगे. खेल प्रतियोगिता में भाग लेना आपका फैसला था लेकिन क्या ये आपकी काबिलियत नहीं थी ?
आप क्या कर सकते है ये सिर्फ आप जानते है कोई और नहीं. यही वजह है की नेगेटिव लोगो के संपर्क में रहने पर हम खुद को नेगेटिव बना लेते है. इस तरह का Emotional Baggage लेकर हम अपने आप को सिमित क्षमता में बांध लेते है.
आगे चलकर जब भी हम कुछ करने की कोशिश करते है हमारा brain हमें कुछ भी मना कर देता है. हम चाहकर भी खुद को नेगेटिव बनने से रोक नहीं पाते है.
The Long-Gone Bully
ज्यादातर बच्चे स्कूल समय के दौरान के रैगिंग से गुजरते है. जब कोई आपको आपकी मर्जी के खिलाफ परेशान करता है या फिर कुछ भी ऐसा करने के लिए फ़ोर्स करता है जिसमे आपकी मर्जी नहीं होती है तब हमारा brain एक repressed emotion से भर जाता है.
ये दबा हुआ इमोशन एक गुस्से के रूप में बाहर निकलता है और आगे चलकर हम दूसरे लोगो को चोरी छिपे परेशान करते है जैसे की दरवाजे की घंटी बजाकर गायब हो जाना.
आज साइबर बुली के case ज्यादा बढ़ चुके है जिसकी एक वजह यही है.
Emotional baggage एक इमोशन के रूप में कही न कही हमें प्रभावित करता है और वो किस तरह से आगे चलकर express होता है इसे समझना बेहद जरुरी है.
The Inner Hater
जब भी हम फ़ैल हो जाते है हम अपने अन्दर एक अलग तरह की नकारात्मकता पाल लेते है.
फ़ैल होने के बाद हम अपने अन्दर The Inner Hater को project करते है जो हमे किस तरह प्रभावित कर सकता है ये हम सोच भी नहीं सकते है.
अपने past life trauma से गुजरने के बाद हम अपने अन्दर की नफरत को बढ़ता हुआ महसूस करना शुरू कर देते है.
कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है की जब हम फ़ैल होते है या फिर किसी अवसर से चूक जाते है हमारा माइंड हमें बार बार आत्म हत्या कर लेने जैसे ख्याल भरना शुरू कर देता है.
ऐसी स्थिति से आप कही न कही गुजरे होंगे. ये हमारा The Inner Hater ही है जो इस तरह की स्थिति पैदा करता है.
हम सभी फ़ैल होते है क्यों की कोई भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता है. इसका मतलब ये नहीं है की हम इस तरह के नकारात्मक विचारो के चलते खुद को ऐसे past life trauma तक ही सिमित कर ले.
The Angry Monster
हमारा गुस्सा भी एक तरह का emotional baggage ही है. लाइफ में ऐसी कई वजह है जो गुस्से का कारण बनती है. जितना ज्यादा हम अपने अन्दर का गुस्सा दबाते जाते है उतना ही ज्यादा हम इसे बढ़ावा देते है.
कोई भी इमोशन अगर लम्बे समय तक दबाया जाता है तो वो हमेशा हमें unstable ही बनाता है. खुद को बैलेंस रखने के लिए समय पर इमोशन को रिलीज़ करना बेहद जरुरी है.
अगर आप बार बार गुस्से को दबाते है तो आगे चलकर ये repressed anger में बदल जाते है. इस तरह का दबा हुआ गुस्सा हमें unstable बनाता है. कई बार हम ऐसी स्थिति में अपने गुस्से को बाहर निकालते है जो हमारा ज्यादा नुकसान करता है.
इस तरह का गुस्सा हमारे सोचने समझने को बुरी तरह प्रभावित करता है और हम चाहकर भी चीजो को ठीक नहीं कर पाते है.
अगर आप बार बार खुद को uncontrolled anger में फंसा हुआ पाते है तो समझ ले की आप लम्बे समय से इसे दबाते आ रहे है और ये अब emotional baggage बन चूका है. ये आपकी लाइफ को बार बार एक ही जगह ले आता है.
The Unloved
एक ऐसी भावना जिसमे हम सोचते है की कोई भी हमे प्यार नहीं करता है. क्या लाइफ में कोई भी व्यक्ति दूसरो से रिजेक्शन का सामना नहीं करता है या फिर सब को आसानी से सब कुछ हासिल नहीं होता है.
मन में एक ऐसी भावना बना लेना की कोई भी हमें प्यार नहीं करता है या फिर में आकर्षक नहीं दिखाई दे रहा हूँ. दूसरे मेरे बारे में क्या सोचते होंगे या फिर क्या में उन्हें पसंद आऊंगा इस तरह की भावना मन में पैदा करना और उसमे फंसे रहना हमें कभी किसी से जुड़ने नहीं देता है.
इस तरह की स्थिति में हम खुद को दूसरो से अलग कर लेते है. हद से ज्यादा खुद को लेकर नेगेटिव बना लेना और emotional baggage बना लेना हमें किसी के साथ रिश्ते बनाने में मुश्किल पैदा करता है.
The Unlucky
आप अपनी हार का जिम्मेदार किसे मानते है ? अगर आप फ़ैल हो जाते है तो उसकी वजह क्या है ? ज्यादातर लोग जब भी फ़ैल होते है तब वे बार बार यही सोचते है की वे किस्मत वाले नहीं थे जिसकी वजह से फ़ैल हो गए.
देखने में ये बेहद छोटी बात लगती है लेकिन अगर ऐसा आपके साथ बार बार होने लगे तो क्या करेंगे ?
जब भी आप थोड़ी सी कोशिश करते है और आपको उसमे सफलता नहीं मिलती है तो आप पूरी तरह से हार मान लेते है. Long-term illness, stressed, overworked जैसी स्थिति से गुजरने के बाद हम खुद को पूरी तरह नेगेटिव बना लेते है.
इस तरह का emotional baggage हमें लम्बे समय तक प्रभावित करता है और हम चाह कर भी खुद को इससे आजाद नहीं कर पाते है.
How to deal with emotional baggage
अगर समय रहते अपने इमोशन को सही तरह से जाहिर नहीं किया जाता है तो ये दबता हुआ जाता है.
आगे चलकर यही दबा हुआ गुस्सा हमारे लिए बड़ी परेशानी की वजह बन जाती है. अगर आप अपने इमोशन के साथ समय रहते हुए डील नहीं कर पाते है तो ये आपको आगे नहीं बढ़ने देती है.
सही तरह से डील करने के कई तरीके है जैसे की
जब भी आपके अन्दर किसी तरह का इमोशन बनता है आप खुद से इसे समझने की कोशिश करे.
आपके अन्दर इस तरह की भावना आ रही है तो इसकी वजह क्या है ?
इस भावना या इमोशन को आप किस तरह दूसरो के साथ जाहिर कर सकते है.
इमोशन को किस जगह, किस स्थिति में जाहिर करना है इसे समझने की कोशिश करे.
खुद को हर रोज थोड़ा समय देने से आप अपने इमोशन को बेहतर समझ पाते है और इन्हें सही तरह से डील करना शुरू कर देते है.
How emotional baggage affect our life final conclusion
हम अपने इमोशन को कण्ट्रोल नहीं कर पाते है क्यों की हर पल मन में विचार चलते रहते है और ये हमें प्रभावित करते है. इस तरह के Past life trauma and emotional baggage की वजह से हम कभी आगे नहीं बढ़ पाते है जिसका असर हमारे वर्तमान पर पड़ता है.
इस तरह की स्थिति हमारे दूसरो के साथ Relationship, career, future को affect करता है. ऐसी किसी भी स्थिति से हम खुद को बाहर निकाल सकते है बशर्ते हमें अपने इमोशन से डील करना आ जाए.
एक बार आप अपने इमोशन को डील करना सीख ले तो आप खुद को ऐसी किसी भी स्थिति से फ्री कर सकते है. अगर आपके मन में इस तरह की स्थिति को लेकर कोई सवाल आ रहा है या फिर किसी तरह की हेल्प चाहिए आप कमेंट में पूछ सकते है.
Spiritual awakening यानि खुद को जानना जो की एक बड़ा बदलाव होता है. आध्यात्मिक जागरण हमारे लाइफ को देखने के नजरिये में बदलाव लाता है, लोगो से मिलने में बदलाव लाता है, Nature में change आता है लेकिन इसकी कीमत क्या है ?
क्या Spiritual awakening की वजह से हमारे relationship पर कोई असर नहीं पड़ता है या फिर ये हमारे दूसरो के साथ रिश्तो को प्रभावित करता है. आज की पोस्ट में हम Spiritual awakening changing relationships के बारे में जानने वाले है.
Spiritual awakening का प्रभाव हर व्यक्ति के लिए अलग होता है. हालाँकि सभी को लगता है की ये प्रक्रिया एक एक अच्छा बदलाव है. हम जितना ज्यादा आध्यात्मिक बनते जाते है खुद से जुडाव और शांति को महसूस करना शुरू कर देते है.
बदलाव से जुड़े बुरे प्रभाव तब सामने आते है जब एक व्यक्ति आध्यात्मिक होता है और दूसरा नहीं. इस तरह के बदलाव को Negative effect of Spiritual awakening कहा जाता है.
आज का जमाना Modern lifestyle को फॉलो करता है. अगर इस दौर में आप Spirituality से जुडी बाते करते है तो दूसरे आपको मजाक में लेना शुरू कर देते है. उन्हें ये सब Old fashion or mentality जैसा लगता है. अगर ये स्थिति relationship में हो तो क्या होगा ?
आपका पार्टनर आपको समझने की कोशिश करता है लेकिन, आपका Attachment उनके लिए धीरे धीरे ख़त्म होने लगता है.
ये स्थिति लम्बे समय तक बनी रहती है और आगे चलकर आपके relationship में इसका negative impacts दिखाई देने लगता है. अगर आप Spiritual awakening process से गुजर रहे है तो अपने रिश्तो को कैसे संभालेंगे ?
आज हम इन सब के बारे में बात करने वाले है और सबसे पहले हम बात करेंगे की किस तरह आध्यात्मिक जागरण हमारे दूसरो के साथ रिश्तो को प्रभावित करता है.
Spiritual awakening changing relationships in Hindi
सबसे पहले तो हमें जान लेना चाहिए की आखिर ऐसा होता क्यों है ? आखिर Spiritual awakening क्यों हमारे दूसरो के साथ रिश्तो को बिगाड़ना शुरू कर देती है.
जब एक व्यक्ति आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया से गुजरता है तो वो बाकि सब से खुद को अलग कर लेता है. बदलाव की ये प्रक्रिया उन्हें बाकि सब से अलग बना देती है क्यों की Spiritual awakening changing relationships के लिए आपको इसका main reason जानना होगा.
इसका सबसे बड़ा रीज़न है 2 अलग अलग व्यक्ति प्रक्रिया से गुजरते है. एक व्यक्ति जो आध्यात्मिक जागरण से गुजरता है वो अपने अंतर को जानना शुरू कर देता है जो उसे शांत बनाता है.
दूसरी ओर सामान्य व्यक्ति दुनिया भर के कामो में उलझे हुए रहते है. यहाँ बात 2 अलग और विपरीत प्रकृति की हो रही है. जहाँ एक व्यक्ति अन्दर की तरफ भागता है वही दूसरी तरफ बाहरी तरफ.
हम ऐसे 11 Sign of Spiritual awakening ending relationships के बारे में बात करेंगे जो रिश्ते को ख़त्म करने लगते है. अगर आपने किसी Love one को खो दिया है तो Spiritual awakening के बाद इस स्थिति से खुद को बाहर कैसे निकाल सकते है. सबसे पहले बात करते है What is spiritual awakening in Hindi
“आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया तब होती है जब हम हमारे आसपास की चीजो को विस्तृत नजरिये से देखना और उनमे Humanity को तलाश करना शुरू कर देते है. हमें अहसास होना शुरू हो जाता है की humility का मतलब खुद के बारे में न सोचते हुए दूसरो के बारे पहले सोचना नहीं है बल्कि, खुद के बारे में कम सोचना है. हम खुद के self-compassion को लेकर worthy है.”
ये वो प्रक्रिया है जिसमे हम भविष्य के बारे में सोचना बंद कर देते है. बीते कल को लेकर परेशान होना छोड़ देते है और अपने ईगो, अनचाहे डर को बार बार हावी होने से खुद को बचाते है.
Negative impact of Spiritual awakening changing relationships
Spiritual awakening की प्रक्रिया एक धीरे धीरे आगे बढ़ने वाली slow मगर Powerful process होती है. इस प्रक्रिया में हम खुद को समझना शुरू करते है और अहसास करते है की हमारा अस्तित्व सिर्फ हम या फिर मै से काफी आगे है.
हम दुनिया को कैसे देखते है उस नजरिए में बदलाव आना शुरू हो जाता है. हम सिर्फ एक व्यक्ति तक सिमित नहीं रहते है बल्कि खुद को इस प्रकृति का एक भाग मान कर खुद को दूसरो से Connected महसूस करना शुरू कर देते है.
हर व्यक्ति के लिए आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया और उसका प्रभाव अलग अलग होता है क्यों की किन्ही 2 लोगो का दुनिया को देखने का नजरिया कभी एक जैसा नहीं होता है.
आमतौर पर अगर कोई हमें इग्नोर करता है तो उसका हम पर असर वैसा ही होता है जैसा एक घाव लगने पर होता है. एक Spiritual enlightenment process से गुजर रहा व्यक्ति सबसे पहले अपने अंतर से जुडाव को महसूस करना शुरू करता है और उसे अब बाहर की किसी भी स्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ता है.
लेकिन, हर किसी के लिए Spiritual awakening changing relationships का सामना करना आसान नहीं है खासकर ऐसे व्यक्ति से जुड़े लोग खासकर उसके Love one और प्रिय लोग.
दूसरो से मिलने के बाद खुद को कमजोर महसूस करना
क्या आपने कभी महसूस किया है की आप अपने किसी फ्रेंड से मुलाकात की और फिर घर लौटते समय खुद को कमजोर महसूस किया हो.
हम इस तरह की स्थिति से गुजरते है फिर चाहे हम आध्यात्मिक जाग्रत हो या फिर नहीं. हम पहले भी Psychic vampire के बारे में बात कर चुके है. ऐसे लोग जिनसे मिलने के बाद हमारा emotional level down हो जाता है और हमारा Aura energy field कमजोर हो जाता है.
आमतौर पर ऐसे लोग जो खुद को कमजोर दिखाते हुए दूसरो की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करते है या फिर मानसिक रूप से ताकतवर जो अपने से कमजोर लोगो पर हावी होने की कोशिश करते है.
ऐसा तब होता है जब हम खुद को दूसरे व्यक्ति से जोड़ना शुरू कर देते है. सामने वाला जिस स्थिति से गुजर रहा है उस स्थिति से खुद को connect करना आपको अन्दर से कमजोर बनाना शुरू कर देता है.
इस तरह के Spiritual awakening changing relationships जैसे बदलाव को समझना जरुरी है. जब आप Spiritual enlightenment process से गुजरते है तब आपका emotional aura energy field काफी strong होना शुरू हो जाता है.
ऐसी स्थिति में आप emotional sensitive हो जाते है. दूसरो की तकलीफ को फील करने की क्षमता पहले से बढ़ जाती है जो अच्छा भी है और बुरा भी.
अगर आप उनकी तकलीफ को फील करते है तो इसका मतलब आप परेशान होते है कोई भी आसानी से आपके और क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है.
आप अपने जैसे लोगो को अब प्रभावित नहीं कर पाते है
Spiritual awakening से पहले जिन लोगो को आप Attract कर पा रहे थे अब जब आप खुद में evolve होना शुरू हो जाते है तो आप उनके लिए खास नहीं रह जाते है. अब आप former types of friendships or relationships से दूर रहते हुए अपने जैसे Spiritual लोगो से attract होना शुरू हो जाते है.
ऐसा अचानक नहीं होता है क्यों की प्रकृति में हमेशा कुछ न कुछ बदलाव होता रहता है. आपको आगे बढ़ने के लिए Guardian angle हमारा मार्ग दर्शन करना शुरू कर देती है.
जितना जल्दी आप बदलाव को अपनाना शुरू कर देते है उतना ही नए रास्ते को अपनाने के लिए ओपन हो जाते है. जो हो रहा है उसे सीधे तौर पर accept कर लेना आपको शांत और स्थिर बना लेते है.
आप खुद को दूसरो से अलग कर लेते है लेकिन, भरोसा रखे आप लम्बे समय तक खुद को अकेला नहीं रख सकते है. आपके आसपास के लोग जल्दी ही आपसे जुड़ना शुरू हो जाते है.
आपको समझना चाहिए की Spiritual awakening changing relationships किसी तरह का negative impact नहीं बल्कि एक बदलाव या अपग्रेड है. जितना जल्दी आप इस तरह के बदलाव को अपना लेते है उतना ही जल्दी आप खुद को हर परेशानी और तकलीफ से दूर कर लेते है.
एक साइकिक आपको इसके बारे में ज्यादा डिटेल से जानकारी दे सकता है
Psychic वे लोग होते है जो आम लोगो से ज्यादा Sensitive होते है. ये किसी भी व्यक्ति को छू कर या फिर किसी और माध्यम से उसके बारे में बता सकते है. किसी व्यक्ति को छू कर उसके बारे में बताना एक Psychic ability का हिस्सा है.
कई बार जिन बदलाव से हम गुजरते है उससे बाहर निकलने को लेकर हमें कोई आईडिया नहीं होता है. ऐसी स्थिति में एक साइकिक हमें ऐसी स्थिति से बाहर निकलने में हेल्प कर सकता है. वे हमें आगे बढ़ने से जुड़े sign सुझाते है और उन्हें कैसे फॉलो कर सकते है इन सब के बारे में आईडिया देते है.
अगर आप भी Spiritual awakening changing relationships की Process से गुजर रहे है और इसकी वजह से आपके रिश्तो पर असर पड़ रहा है तो आप किसी Psychic की हेल्प लेकर इस स्थिति को handle कर सकते है.
You feel misunderstood
जब दो लोग साथ में रहते है और उनमे नजरिये का फर्क होता है ऐसे में मतभेद होना लाजिमी है. एक व्यक्ति जो Spiritual awakening से गुजर रहा है उसका दूसरो को देखने और समझने का नजरिया उन लोगो से अलग होता है जो Physical realm में फंसे हुए रहते है. ऐसी स्थिति आपके अन्दर मतभेद पैदा कर सकती है.
जब आप ये देखते है की आप दूसरो से अलग है और बाकि लोग जिस तरह से स्थिति से गुजर रहे है आप उनसे अलग है. दूसरो से खुद को अलग महसूस करना आपको भयभीत और परेशान कर सकता है.
आध्यात्मिक जागरण के बदलाव आपके अन्दर मतभेद और उथल पुथल पैदा करते है जो आपके अन्दर की शांति को भंग करते है. जब आप स्थिति को पहले की तरह अपना नहीं पाते है तब आपका मन अशांत होना शुरू हो जाता है. यही Spiritual awakening changing relationships की प्रक्रिया और बदलाव आपको भटका सकते है.
आप खुद को चाह कर भी दूसरो से खुद को जोड़ नहीं पाते है. यहाँ आप और आपके प्रिय के बीच के अंतर को महसूस करते हुए आप परेशान हो सकते है. एक समय आपको ये लग सकता है की इन सब परेशानियों की वजह आध्यात्मिक जागरण है. इस तरह का भ्रम आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने लगता है.
कई बार ऐसा होता है की हम किसी व्यक्ति के पास रहते हुए भी उसके साथ नहीं होते है. detachment की स्थिति में हमारा शरीर दूसरे लोगो के साथ रहता है लेकिन, मन वो तो एकांत में ही खोया रहता है.
एक बार हम अंतर की यात्रा करना शुरू कर देते है तो उसके बाद हमारा मन बाहरी विषयों से हट कर अंतर में ही डूबा रहता है. मुझे अच्छे से याद है की जब में 10 क्लास में था और न्यास ध्यान का अभ्यास कर रहा था.
पूरे दिन भर में भले ही क्लास attend करता और बाकि एक्टिविटी में शामिल रहता था लेकिन अन्दर से में अपनी ही दुनिया में रहता था जहाँ पर मुझे आंखे बंद करते ही एक अजीब सी शांति मिलती थी.
ये स्थिति अच्छी भी है और बुरी भी क्यों की सबकुछ हमारी सोच और समझ पर निर्भर रहता है. जब हम चाह कर भी खुद को दूसरो से जोड़ नहीं पाते है तब हम खुद को दूसरो से अलग महसूस करना शुरू कर देते है.
इस तरह का Spiritual awakening changing relationships Symptom आपको विचलित कर सकता है और आपके उर्जा चक्र को ब्लॉक भी कर सकता है.
जैसे जैसे हम spiritual journey में आगे बढ़ना शुरू कर देते है वैसे ही हम अपने अन्दर की गहराई और खुशियों को समझना शुरू कर देते है.
आपको अन्दर से खुश क्या बनाता है और आप अपने अंतर में ज्यादा से ज्यादा डूबने लगते है. हर रोज बीतते समय के बाद आप आप अपने और अपने खास व्यक्ति के बीच के अंतर को महसूस करना शुरू कर देते है.
Spiritual awakening changing relationships की process आपको अपने अंतर से जोड़ना शुरू कर देती है.
जब भी हम गहराई में उतरना शुरू करते है हमें चीजो के बीच के आपसी connection समझ आने लगते है और हम चीजो को आपस में connect करना शुरू कर देते है.
कुछ लोगो के लिए Spiritual Growth आसान नहीं होती है और जब आप इसमें आगे बढ़ने लगते है तो धीरे धीरे आपके और आपके खास लोगो के बीच अंतर सामने आने लगते है.
Some relationships become frustrating
Frustration जैसी स्थिति तब सामने आती है जब हम miscommunication जैसी स्थिति से गुजरते है. आध्यात्मिक जागरण के दौरान हम महसूस करते है की हमारे कुछ रिश्ते अब हमें परेशान करने लगते है और इन सब की वजह आपस में कुछ समझ ना पाना.
आप चाहते है की जो स्थिति आप अनुभव कर रहे है आपके आसपास के लोग खासकर जिन लोगो से आप क्लोज है वो भी इसे महसूस करे.
यही पर आपके और आपके क्लोज लोगो के बीच मतभेद की स्थिति बनने लगती है. कई बार आपको Spiritual awakening changing relationships का भ्रम होता है लेकिन वास्तव में ऐसा इसकी वजह से नहीं होता है.
आमतौर पर हम खुद में बदलाव को महसूस करते है लेकिन साथ ही कही न कही दूसरो से भी ऐसा करने की उम्मीद करते है. जब ऐसा नहीं होता है तब हम आसपास के लोगो के साथ मतभेद करना शुरू कर देते है.
Ignoring energies which no longer align with yours becomes hard
क्या आप कभी ऐसे व्यक्ति से मिले है जो आपके लिए बेशक सही नहीं है लेकिन फिर भी आप उनके साथ relationship में आ गए है.
बेशक लाख बुराई सही लेकिन कुछ अच्छाई ही थी जो आपके और उनके रिश्ते को अब तक बनाये हुए थी. दूसरो की नजर में भले ही आप दोनों एक perfect Couple हो लेकिन, आपका connection अपने पार्टनर के साथ आत्मिक नहीं था.
ऐसी स्थिति में जब आप Spiritual awakening से गुजरते है तब आप दूसरो से अलग हो जाते है और आपकी Brain wave frequency दूसरो से अलग हो जाती है जो की अब दूसरो को entertain नहीं कर पाती है.
आपकी लाइफ में Spiritual awakening changing relationships अब बहुत ज्यादा बदलाव ला चुकी है. ऐसा इसलिए क्यों की अब आप दूसरे लोगो के साथ घंटो नहीं बिता पाते है या उनके साथ वक़्त नहीं बिता रहे है.
आध्यात्मिक जागरण से पहले आप अपने आसपास के लोगो के साथ Adjustment or compromise कर लेते थे लेकिन, अब इस स्थिति को इग्नोर करना आपके लिए मुश्किल होने लगता है.
परेशानियाँ और मुश्किलें हर रिश्ते में होते है लेकिन, जब आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया से गुजरते है तब ये परिस्थितियां और भी ज्यादा बुरी हो जाती है. जब एक पार्टनर आध्यात्मिक जागरण से गुजरता है और दूसरा व्यक्ति नहीं तो उनके आपसी रिश्ते में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.
अगर आप Spiritual awakening changing relationships से गुजर रहे है तो आपका और आपके पार्टनर के बीच मतभेद और ज्यादा बढ़ जाना स्वाभाविक है.
जब आप जागरण की प्रक्रिया से गुजरते है तो आप ये महसूस करते है की आपका पार्टनर जो इस प्रक्रिया से दूर है आपको समझ नहीं पा रहा है, वो आपसे बिलकुल अलग है और वो आपको आगे बढ़ने से भी रोक रहे है.
अपने पार्टनर की वजह से आप आगे नहीं बढ़ पा रहे है और आपका अपने पार्टनर के साथ रिश्ता बिगड़ने लगता है.
You become unrecognizable to them and vice versa
जब आप इस प्रक्रिया से गुजरते है तो आप पाते है की आपका पार्टनर अब पहले जैसा नहीं रहा है. यही स्थिति आपके पार्टनर के लिए भी होती है जब आप खुद उनकी नजरो में बदले हुए हो जाते है.
आप दोनों एक दूसरे के साथ होते है और वक़्त भी बिताते है लेकिन फिर भी आप दोनों एक दूसरे के लिए अजनबी होने लगते है.
कल्पना करे की आप ट्रांसफॉर्मेशन से पहले क्या थे और अब क्या बन गए है. आपका और आपके पार्टनर के बीच का रिश्ता क्या था और क्या हो गया है.
शांत मन से How Spiritual awakening changing relationships के बारे में सोचे और उन बदलाव को महसूस करे जो अब आप देख रहे है.
क्या आध्यात्मिक जागरण का सीधे तौर पर यही मतलब है की आपका रिश्ता अब ख़त्म होने लगा है. Spiritual awakening कभी भी हमारे रिश्तो को ख़त्म नहीं करती है लेकिन जो बदलाव होता है उसे समझे बगैर आप इसे सही नहीं कर सकते है.
आपको अपने आसपास के लोगो से अलग होने की जरुरत नहीं है. अगर किसी व्यक्ति की energy frequency अलग है तो इसका मतलब ये नहीं है की आप उनसे अलग है.
आप चाहे तो उन्हें Tune कर सकते है. इसके लिए आपको कुछ बातो का ख्याल रखना चाहिए. यहाँ पर 3 तरह के response पर आपको ध्यान देना चाहिए जैसे की
A positive response अगर आपके पार्टनर का आपके लिए सकारात्मक रवैया है तो ये आपके लिए अच्छा है. दूसरे लोग आपको समझने लगे है और वो आपको support कर रहे है. वे भले ही खुद इस पथ पर आगे नहीं बढ़ रहे है लेकिन वे आपको भी रिजेक्ट नहीं कर रहे है.
A neutral response जब कोई आपको इग्नोर करता है तब कैसा लगता है? हो सकता है की ये थोडा परेशान कर दे लेकिन घबराए नहीं क्यों की वे भले ही आपके जागरण पर कोई प्रक्रिया ना दे रहे हो लेकिन, वो आपको होल्ड भी नहीं कर रहे है.
A negative response ज्यादातर ऐसा होता है की जब आप इस प्रक्रिया से गुजरते है आपके आसपास के लोग आपको अपने रवैये से पीछे हटाने की कोशिश करते है.
ज्यादातर लोगो के साथ ऐसा होता है की लोग आपको Demotivate करने लगते है. आप खुद को दूसरो से अलग करना शुरू कर देते है क्यों की वो आपका ज्यादातर मजाक बनाने लगते है.
आध्यात्मिक जागरण के बाद आपके अपने आसपास के लोगो के साथ किस तरह के रिश्ते होंगे ये निर्भर करता है की वे आपको इस दौरान किस तरह support कर रहे है.
Finding love after spiritual awakening
अगर आप Spiritual awakening changing relationships से गुजर रहे है और इसके असर को रोकना चाहते है साथ ही इसमें आगे बढ़ना चाहते है तो आपको कुछ खास बातो का ख्याल रखना चाहिए.
जागरण से गुजरने के दौरान आप लोगो के साथ अपने रिश्ते को रखना चाहते है या फिर उन्हें दूर करते हुए आगे बढ़ना चाहते है ये आप पर निर्भर है.
आप आध्यात्मिक जागरण के बदलावों को सीधे तौर पर अपना सकते है और साथ ही अपने डेली लाइफ को बैलेंस भी कर सकते है.
आपको सिर्फ कुछ बातो का ध्यान रखना होगा जो की निम्न है
अपनी यात्रा पर भरोसा रखे
ऐसे कई मौके आते है जब आपको खुद पर शक होने लगता है. Spiritual awakening के दौरान कई बार हमें ऐसा लगता है की ये हमारे रिश्तो को ख़त्म कर रही है या फिर हमें नुकसान हो रहा है ऐसा स्थिति में आपके पास 2 ही विकल्प है या तो आप वापस normal life में चले जाए या फिर इस पर भरोसा रखते हुए आगे बढे.
जब भी हम आगे बढ़ने की कगार पर होते है अच्छे और बुरे दोनों तरह के परिणाम हमारे सामने आते है.
आपको सबसे पहले खुद पर भरोसा बनाने की जरुरत है और आगे बढ़ने के लिए आपका खुद पर भरोसा होना बेहद जरुरी है. कुछ लोग Spiritual awakening after breakup को experience करते है जो की एक तरह का self realization है और कई बार ये अच्छा भी होता है.
आपकी पूरी लाइफ को बदल देने के लिए ये काफी है इसलिए जितना हो सके Spiritual awakening changing relationships के दौरान अपने आप पर भरोसा बनाए रखने की कोशिश करे.
वक़्त के साथ हर रिश्ता बदलता जाता है. आप इस बात को नकार नहीं सकते है की आपके लिए कुछ रिश्ते हमेशा एक जैसे नहीं रहते है. बदलते वक़्त के साथ ये उम्मीद लगा लेना की जो रिश्ता आपके दूसरो के साथ सालो पहले था वो अब भी वैसा ही हो ये जरुरी नहीं है.
कुछ रिश्तो को जैसे है वैसे ही अपना लेना आपको Spiritual awakening changing relationships के वहम से दूर करता है.
आपको ये लगता होगा की आध्यात्मिक जागरण की वजह से आपके दूसरो के साथ रिश्ते बदले है लेकिन ऐसा नहीं है. हर बदलते वक़्त के साथ परिस्थिति बदलती है जो की रिश्तो को सीधे तौर पर प्रभावित करती है.
बदलाव प्रकृति का नियम है और हर कोई इससे गुजरता है इसलिए इससे परेशान न हो बल्कि इसे accept करना सीखे.
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खुद को लेकर डर ना रखे बल्कि ओपन रहे
अगर आप आध्यात्मिक जागरण की प्रक्रिया से गुजर रहे है और आपके पार्टनर का इस पर बहुत ही नकारात्मक रवैया है तो ये वक़्त खुद को लेकर ओपन होने का और overcome your fears of rejection and judgment का सामना करने का है.
बिना किसी डर के अपने पार्टनर या क्लोज से बात करे और अपने विचार को उनके सामने रखे. अगर आपका पीछे का रिश्ता काफी उलझा हुआ रहता है तो आपके लिए ये आसान नहीं होता है लेकिन, जागरण की प्रक्रिया आपके नजरिये को बदलती है.
उलझे हुए रिश्ते में रहने से अच्छा है की आप इससे Move on करे और आगे बढे.
अगर आपके पार्टनर को आपकी कदर होगी और वो आपकी परवाह करते है तो बिलकुल वो आपकी सुनेंगे और उसके लिए जो सही होगा उसे करने की कोशिश करेंगे.
ज्यादातर लोग Spiritual awakening changing relationships को लेकर ग़लतफ़हमी पाल लेते है क्यों की इसके बाद वो रिश्तो में ताल मेल नहीं बना पाते है लेकिन, इसमें जागरण का कोई रोल नहीं है ये सिर्फ आपके नजरिये में बदलाव लाता है.
अगर आप खुद को अकेला महसूस कर रहे है तो ऐसे लोगो के आसपास रहे जो आपकी तरह सोचते है.
जरुरी नहीं की वे आपके क्लोज ही हो लेकिन जिन लोगो का सोचने समझने का तरीका आपकी तरह होगा आप उनके साथ ज्यादा वक़्त बिताएंगे तो आपका नजरिया सही होगा और आप धीरे धीरे Finding love after spiritual awakening में सक्सेस हासिल कर पाएंगे.
Spiritual awakening changing relationships की प्रक्रिया आसान नहीं है लेकिन, अगर आपको वक़्त वक़्त पर दूसरो का support मिलता रहे तो आप इसे आसानी से सही कर सकते है.
हार ना माने
सबसे बड़ी बात कभी भी हार न माने. अगर आप इस प्रक्रिया से गुजर रहे है तो मुश्किलें भी आयेगी लेकिन इसका मतलब ये नहीं की आप खुद को कमजोर समझने लगे और कुछ कोशिश के बाद हार मान ले.
आगे बढे और बार बार कोशिश करे. अगर आपका क्लोज पार्टनर आपके और जागरण की प्रक्रिया के बीच नकारात्मकता बना रहा है तो उसे handle करना सीखे.
How Spiritual awakening changing relationships final conclusion
हम सब जानते है की सबके विचार आपस में नहीं मिलते है और किन्ही 2 लोगो की आध्यत्मिक जागरण की प्रक्रिया आपस में मेल नहीं खाती है. सबकी जागरण की प्रक्रिया अलग अलग होती है इसलिए कभी भी खुद को दूसरो के साथ compare ना करे.
आप दूसरो से अलग है और कई मायनो में बेहतर भी है आपको बस अपनी खूबियों की तलाश करनी है और फिर आपको इसमें आगे बढ़ने में कोई मुश्किल इतनी बड़ी नहीं लगेगी.
आमतौर पर लोगो के Spiritual awakening changing relationships को लेकर ग़लतफ़हमी को ठीक करने की कोशिश की जानी चाहिए.
अगर आप इस प्रक्रिया से गुजर रहे है तो ये कभी आपके रिश्तो पर बुरा असर नहीं डालती है. आप सिर्फ अपने नजरिये में बड़े स्तर पर बदलाव लाते है जो की एक Natural process है और ये तब होता है जब आप अपने अंतर से जुड़ते है.
अपने आसपास या फिर ऐसे लोगो से जुडाव बनाने की कोशिश करे जो आपकी तरह इस प्रक्रिया से गुजर रहे है या फिर सोचने समझने में आपकी तरह ही है.
धीरे धीरे आप महसूस करेंगे की अब आपके लिए आध्यात्मिक जागरण मुश्किल नहीं रहा है और अब आप आगे बढ़ने के लिए रेडी है.
तंत्र मंत्र और टोटके से जुड़ी कई ऐसी घटनाए है जिन पर विश्वास नहीं किया जा सकता तो नाकारा भी नहीं जा सकता है। गाँवो में प्रचलित आसान टोटके और तंत्र मंत्र की घटनाएं जो आज भी भूले नहीं भुलाई जाती।
गांव में बिताये गए वक़्त में मेने काफी कुछ गाँवो में प्रचलित टोटके के बारे में सुना था उन घटनाओ से आप भी अपने वक़्त के दौर को याद कर सकते है।
गावो में आज भी सबसे ज्यादा amavsya ke vashikaran ke simple and popular totke in hindi for success in career, tone totke for money, totke for happy married life, lal kitab remedies for illness, totke for health in hindi और totke for health problem, astrological remedies for health problems, simple totke to control husband जैसी problem में टोने टोटके किये जाते है.
21 वीं सदी में अगर कोई तंत्र मंत्र की बात करता है तो सब उसे अलग ही देखने लगते है हो सकता है मजाक भी बना दे. लेकिन क्या इतने आधुनिक विज्ञान के युग में भी तंत्र मंत्र और पारलौकिक घटनाए संभव है !
अगर विज्ञान की माने तो ऊर्जा को ना तो उत्पन किया जाता है ना ही नष्ट तो सवाल ये उठता है की क्या ये ऊर्जा ब्रह्मांड में हमारे अस्तित्व से पहले से मौजूद है। गाँवो में प्रचलित आसान टोटके जो आपको सुनने को मिलेंगे।
खैर विज्ञान अपने खोज में काफी आगे उन्नति कर रहा है और इस युग में वैज्ञानिक सिद्धान्त को महत्वपूर्ण भी बना दिया है लेकिन इसके परे जहा विज्ञानं के सिद्धान्त काम नहीं कर पाते है वहां शुरू होता है आध्यात्म और पारलौकिक घटनाओ का सिलसिला। जो रहस्यमय तो है ही साथ ही साथ विश्वास करने लायक है।
अलौकिक घटनाए जो आज भी देखने को मिल जाती है
आमतौर पर हर कोई इसका अनुभव नहीं कर पाता है। अतः कह सकते है की जिसने इसे महसूस किया उसके लिए विश्वास और जिसे महसूस नहीं हुआ उसके लिए ये अन्धविश्वास का विषय है। आज की पोस्ट में हम बात करेंगे भारतवर्ष के गाँवो में होने वाली पारलौकिक घटनाए और विश्वास की जिसमे टोटके शामिल है।
अगर आपके पास ऐसी कोई जानकारी है तो आप भी उसे यहाँ शेयर कर सकते है। इस पोस्ट का मकसद आपको टोटके से अवगत कराना है ना की अन्धविश्वास को बढ़ावा देना।
सबसे पहले बात करते है गाँव में घटने वाली कुछ घटनाये जो पारलौकिक / की हुई होती है और लोगो के बिच कौतुहल का विषय बनी रहती है.
1 . दिया चलना
बचपन में अगर आपको दादी / नानी से कहानी सुनने का शौक था तो आपने इसका जिक्र जरूर सुना होगा। दिया चलना गाँवो में एक सबसे ज्यादा देखि जाने वाली घटना होती है।
दिया चलना / चिंगारी चलती हुई दिखना एक संकेत होता है की वहां पर कोई टोटके करने वाली औरत जिसे गावो में चुड़ैल या डायन कहते है होती है।
वो अपने घर या किसी खास जगह से दिए के रूप में हवा में लहराती हुई दिखती है और वो दिया किसी पुराने पेड़ के पास जाकर दिखना बंद हो जाता है।
हालाँकि इसके पीछे का सच कोई नहीं जानता क्यों की ये किसी खास दिन ही दिखाई देता है दूसरा कोई इस पंगे में पड़ना नहीं चाहता है क्या पता क्रिया के बिच में विघ्न डालने पर वो चुड़ैल नुकसान पहुंचा दे। ( ये बुजुर्गो से सुनी हुई बात है जो राजस्थान में ज्यादा देखी जा सकती है। )
2 . अंगारे उछलते हुए दिखना / बड़ा छोटा होना
दिए को चलते हुए देखने के जैसी ये घटना भी बुजुर्गो द्वारा सुनने को मिलती है।
उनके अनुसार रात्रि में ज्यादा देर होने पर अगर वो किसी सुनसान जगह से गुजरते है तो उन्हें अंगारे उछालते हुए दिखाई दिए थे। वो कुछ दूर जाने के बाद कभी बड़ा कभी छोटा होता हुआ दिखाई देता है। ये सभी प्रयास राह चलते व्यक्ति को डराने के मकसद से किये जाते है।
हालाँकि इसमें भी किसी से कोई प्रूफ नहीं मिलता है की इसमें कितना सच कितना झूट है लेकिन सुनने को कही न कही मिल जाता है। माना जाता है की पुरानी ताल या बावड़ी के आसपास ये देखने को मिल जाता है।
3. भेड़ और ऊँट
आप ने ये किस्सा जरूर सुना होगा की बचपन में कोई बुजुर्ग अपने ऊँट पर किसी दूसरे गांव से आता है रात्रि में देर होने की वजह से सुनसान जगह पर उसे भेड़ का बच्चा दीखता है वो बुजुर्ग उसे अपने ऊंट पर बैठा लेता है और कुछ दूर चलने के बाद ऊंट से चला नहीं जाता है साथ ही भेड़ का बच्चा भारी महसूस होने लगता है।
भेड़ में कुछ बदलाव होने लगते है जिसकी वजह से वो बुजुर्ग सारी बात समझ जातां है। युक्ति से वो बुजुर्ग वहां से निकलने में सफल हो जाता है।
अन्य कहानी में बुजुर्ग भेड़ के बच्चे को सर पर उठा लेता है जिसके कुछ देर बाद सुनसान जगह पर उसे कंधे भारी लगने लगते है और किसी तरह युक्ति लगाकर वो उस भुत से पीछा छुड़ाने में सफल हो जाता है. ज्यादातर बुजुर्ग अपनी किस्से / कहानियो में अपने गांव से बाहर के पुराने पानी के बावड़ी / सुनसान खँडहर का जिक्र करते है।
हालाँकि बचपन में एक उत्सुकता जरूर रहती थी की भूत को देखना है मगर डर भी लगता था। जिसके कारन ऐसा कुछ खोज नहीं पाए। हालाँकि इसके पीछे की वजह है हर किसी के साथ ऐसी घटना नहीं हो पाना। इसके लिए हमारा औरा क्षेत्र / विश्वास / निश्चय जैसे तत्व जिम्मेदार होते है।
माता की पालकी एक अलौकिक घटना है. माना जाता है की कुछ लोकमान्य देवी देवता जो सामान्य लोगो द्वारा पूजे जाते है रात्रि को भ्रमण करते है। रात्रि में इनका दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है। एक अन्धविश्वास ये भी माना गया है की अगर किसी के ऊपर से माता की पालकी गुजरती है तो उसमे शारीरिक आ जाते है।
जैसे की चेहरे की ठुडी का टेढ़ा हो जाना। या फिर किसी का हकलाना etc . कई बुजुर्ग दावा करते है की उन्होंने साक्षात् माता की पालकी को देखा है जो की हवा में दिखने लायक ऊंचाई पर उनके गांव का चक्कर काटती हुई दिखती है।
इस बात को लेकर मुझे बचपन का एक किस्सा याद आता है में किसान परिवार से हू बचपन में हम लोग ( मे मेरा छोटा भाई, मेरी माँ ) खेत में थे. माँ काम कर रही थी और हम लोग डेरे ( विश्राम की जगह ) में खेल रहे थे.
सुबह का वक़्त था अचानक मुझे अपने सामने कुछ दुरी पर एक पेड़ के ऊपर से पालकी जैसा कुछ गुजरता हुआ दिखाई दिया। मे उस वक़्त उसके आकर्षण के घेरे में एकटक देख रहा था। लगभग 100 मीटर दूर पालकी दूसरे पेड़ तक जाकर अद्र्श्य हो गई।
में घबरा कर माँ के पास चला गया। उन्हें जब सारी बात बताई तो उन्होंने बताया की माता की पालकी गुजरी है घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। आज भी जब ऐसी बाते दिमाग में याद आती है तो ना चाहते हुए भी विश्वास मजबूत होने लगता है।
तो दोस्तों ये थी गाँवो में होने वाली पारलौकिक घटनाये। जितनी भी कोशिश कर ले लेकिन जब किसी बुजुर्ग से इन बातो को सुनते है तो विश्वास किये बगैर नहीं रह पाते है।
प्रचलित simple and popular totke और तंत्र मंत्र की घटनाएं
अब बात करते है गाँवो में प्रचलित आसान टोटके जो आज के वैज्ञानिक युग में भी प्रचलित है और इनका प्रभाव भी खतरनाक स्तर तक पहुँच जाता है।
1 . कागज पर 7 टिक्कियाँ और मिठाई
कुछ लोग अपने पूज्य लोकमान्य देवी देवताओ को भोग देने के लिए कागज पर 7 टिक्कियाँ और मिठाई रात्रि में चौराहे पर रखते है।
इसका एक मकसद किसी मन्नत को लोकमान्य देवी देवताओ से मांग कर चौराहे पर छोड़ना भी है।
अगर किसी के परिवार में कोई सदस्य बीमार है तो वो इस तरह का टोटका इस्तेमाल करता है जिससे की अगर कोई दूसरा व्यक्ति टोटके को क्रॉस कर देता है तो बीमार व्यक्ति की बीमारी का शिकार वो व्यक्ति हो जाता है जो उसे खंडित करता है।
इस तरह के simple and popular totke सामान्यतः बहुत धीरे फलते है लेकिन असरदार और सबसे ज्यादा किया जाने वाला simple and popular totke है।
2 . simple and popular totkeकच्चा घड़ा, मिठाई, कपड़ा
इस तरह का टोटका तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति ऊपरी समस्या या फिर बीमारी की वजह से मरने की स्थिति में पहुँच जाता है। ये simple and popular totke जबरदस्त नकारात्मक शक्ति को धारण किये होता है और जल्दी ही सफल भी होता है। इसको जो व्यक्ति क्रॉस / खंडित कर देता है उसका बचना मुश्किल / असंभव हो जाता है।
3 . simple and popular totke – बाल काटना
इस तरह का टोटका महिला को बाँझ बनाने ( कोख बांधने ) के लिए किया जाता है। बचपन में ही किसी कन्या के अगर बाल काट लिए जाते है तो उसके माँ बनने में काफी समस्या आती है। जब तक की टोटके को जड़ से दूर नहीं किया जाता है।
हालाँकि इस टोटके पर विश्वास की सम्भावना बहुत कम होती है। क्यों की कोई तंत्र ज्ञात औरत ( डायन ) ही इसे सफलता से पूर्ण कर सकती है। आपके आसपास के लोग ईर्ष्यावश भी इसे कर सकते है। ( गाव की महिला बुजुर्ग द्वारा सुना गया टोटका )
आटे की कच्ची लोई खाना बनाने से पहले जिस घर के आंगन में फेंक दी जाती है उस घर में लड़ाई और क्लेश का वातावरण बनने लगता है।
मानसिक अशांति फैलने लगती है. इस तरह का टोटका करने वाला पूर्ण रूप से वह होता है जो दुसरो से मेलजोल नहीं रखता है और शारीरक / मानसिक रूप से असामान्य होता है।
ये टोटका 100% कारगर जरूर है मगर जो इसे करता है वो खुद इसका शिकार होने लगता है। इसलिए इस तरह के टोन-टोटके से बचना चाहिए। ( गाँव की सच्ची घटना )
5 . चौराहे पर उतारा / मिठाई रखना
कुछ लोग पित्तर, लोक देवता को ज्यादा मानते है अतः जब भी कोई खास दिन होता है या फिर उनके परिवार में कोई समस्या होती है तब वो चौराहे पर मिठाई, कपडा,कच्चा घड़ा ( ऊपर से बंधा और अंदर मिठाई ) या फिर अगर कोई लोक देवी में विश्वास करता है तो वो सुहागन का सामान और पैसे रखता है।
इस तरह के टोटके से हमें बचना चाहिए क्यों की इसमें दोनों ही तरह की ऊर्जा काम करती है। और जो उन्हें खंडित करता है वो उस नकारात्मक ऊर्जा का शिकार हो जाता है।
ऐसा भी होता है की कुछ लोग इस टोटके को खंडित कर देता है और उसपर कोई असर नहीं होता है ऐसा कई वजह से होता है टोटके काल गणना पर निर्भर होते है जैसे की इनके करने का एक खास वक़्त, मुहूर्त और समयकाल होता है जिसे पार करने पर ये टोटके बेअसर रह जाते है। इसीलिए आपने देखा होगा की कुछ समय बाद टोटका खंडित मिलता है।
अगर आपका पालतू पशु आपके आसपास के लोगो के पशु से ज्यादा स्वस्थ / दूध देने वाला होता है तो ये होने के चांस बढ़ जाते है की वो आपके पडोसी की ईर्ष्या का शिकार हो जाए। जी हाँ ! सिर्फ ईर्ष्या के मारे आपके पडोसी इस तरह के टोटके को आपके पालतू पर कर देते है।
इस टोटके को किसी तरह के खाने की वस्तु में या उनके चारे में मिला कर देते है जिससे पालतू पशु का दूध कम, निम्न गुणवत्ता वाला या फिर उसके स्वास्थ्य में गिरावट महसूस की जा सकती है।
ये सब अचानक से होता है की कुछ दिनों तक तो हम समझ भी नहीं पाते की हमारी देखभाल में क्या कमी हो गई।
नजर लगना भले ही आज के युग में अन्धविश्वास माना जाता हो लेकिन इसका असर शारीरिक और मानसिक स्तर पर साफ देखा जा सकता है।
जैसे की अगर किसी औरत की नजर कच्चे दूध पर पड़ जाये तो उसका स्वाद ख़त्म हो जाता है, दही जमाते हुए चीथड़े हो जाते है और असहनीय बदबू मारने लगता है। इसका कारण बुरी नजर है या फिर नकारात्मक ऊर्जा से भरी नजर जो पलभर में आपको असहज कर सकती है।
7 . गड्ढे में जानवर का माँस dangerous simple and popular totke :
किसी के घर में क्लेश और हर पल मानसिक अशांति का वातावरण बनाने के लिए ये टोटका सबसे ज्यादा किया जाता है।
इसके अंदर किसी जानवर के मांस के टुकड़े को नकारात्मक ऊर्जा से अभिमंत्रित किया जाता है और राई के दाने, काले मनके के साथ जहा लड़ाई करवानी है उस घर के आंगन में गाड़ दिया जाता है।
इससे उस घर में नकारात्मक ऊर्जा वास करने लगती है। कोई भी सदस्य किसी न किसी वक़्त परेशानी से घिरा रहता है।
इससे बचने के लिए लोग घर को अभिमंत्रित करते है। कीलित करवाते है या फिर तिलिस्म का निर्माण करवाते है।
एक तरह से देखा जाये तो ये टोना सबसे ज्यादा घातक है क्यों की जब तक टोटका भूमि में रहता है उसका प्रभाव बना रहता है फिर चाहे कितनी ही पीढ़िया क्यों न गुजर जाए.
8 . simple and popular totke – खून के छींटे देना
अगर कोई आपके उन्नति से जलता है तो संभवतः वो इसका प्रयोग कर सकता है। इसके अंदर नकारात्मक इंसान मंत्रोचारण कर अपने खून के छींटे कुछ जगह पर छोड़ता है जो उस जगह पर नकारात्मक ऊर्जा को घर कर देते है। व्यवसाय में या फिर आर्थिक उन्नति को रोकने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है जिसका प्रभाव बहुत ही खतरनाक होता है। जिससे की बहुत कम समय में आर्थिक अवन्नति होने लगती है और लंबे समय तक इसका प्रभाव बने रहने की वजह से व्यक्ति कंगाल होने की स्थिति में आ जाता है।
जो कपड़े हम पहनते है या फिर जिनसे हमें लगाव होता है उसमे हमारी ऊर्जा का एक अंश रह जाता है जो बहुत लंबे समय तक बना रहता है। इसके इसी वजह से वूडू जैसी क्रिया को आसानी से किया जा सकता है।
ऐसा विश्वास किया जाता है की अगर आपके पसंद की वस्तु पर नकारात्मक ऊर्जा वास करने लग जाती है तो वो आपको भी प्रभावित करने लगती है फिर चाहे वो कितनी ही दूर क्यों ना हो।
इस लिए कुछ औरते बचपन में या फिर किसी उम्र के व्यक्ति के कपडे का छोटा सा टुकड़ा काट कर उसे अभिमंत्रित कर लेती है। तंत्र मंत्र की घटना और simple and popular totke का सबसे बड़ा उदहारण है बहुत कम सुनने में आता है लेकिन बुजुर्ग कोई न कोई उदाहरण जरूर दे देंगे।
ज्यादातर इसका प्रयोग वशीकरण या मारण क्रिया में करते है। या फिर किसी को मानसिक रूप से क्षति पहुँचाने के लिए इसे करते है।
ऊपर जिन simple and popular totke और तंत्र मंत्र, पारलौकिक घटनाओ का वर्णन किया गया है वो सिर्फ आपके नॉलेज के लिए है। हम किसी तरह के अन्धविश्वास को बढ़ावा नहीं देते है। अगर आपके पास किसी ऐसी घटना का वर्णन है तो आप उसे यहाँ शेयर कर सकते है।
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