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Tuesday, May 26, 2026
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आत्म सम्मोहन के जरिये मन में छिपे डर और अवसाद से छुटकारा पाने का सबसे आसान अभ्यास

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Self-hypnosis कर हम खुद में काफी change ला सकते है. जैसे की अपनी बुरी आदतों को छोड़ना या फिर किसी खास क्षेत्र में आगे बढ़ना. सम्मोहन के 2 रूप है बाह्य सम्मोहन और स्व सम्मोहन. सम्मोहन का आधार हमारा subconscious mind है.

अपने मन के माध्यम से हम दूसरों पर अपना प्रभाव आसानी से डाल सकते है. इसका Clinical experiment आप Self hypnosis for repressed memories के रूप में देख सकते है. हमारे बीते कल की मेमोरी जो हमें परेशान करती है या अनजाने डर की वजह बनती है उसे हम सही कर सकते है.

सम्मोहन क्रिया के पहले रूप में साधक अपनी प्राण शक्ति के माध्यम से दूसरों पर इसका प्रयोग कर उन्हें hypnotize कर सकता है. स्वय सम्मोहन के लाभ में सबसे खास बात ये है ये अभ्यास आप खुद पर करते है इसलिए किसी तरह के डर की कोई बात नहीं होती.

Self hypnosis for memory recovery एक ऐसा प्रयोग है जिसे हम अपनी Past life memory को unlock करने के लिए खुद पर experiment कर सकते है.

Self hypnosis for repressed memories

आज All over India and world में कई ऐसी Hypnotherapy clinic है जहाँ पर hypnosis to remember traumatic events को एक Treatment की तरह प्रयोग किया जा रहा है.

ये हमें हमारे बचपन के उस डर को सामना करने में मदद करती है जिसकी वजह से हमारा आज affect हो रहा है और हम आगे नहीं बढ़ पा रहे है.

सीधे तौर पर कहे तो हम सब बचपन में किसी न किसी ऐसे Traumatic condition से गुजरते है जिसकी वजह से आगे चलकर हमें कई problem को face करना पड़ता है.

अपने डर का सामना करने में ये Self hypnosis technique काफी हद तक मदद करती है. इसे आप Clinical certified hypnotherapist से भी ले सकते है और थोड़ी सी भी how to control thought and emotion की practice से आप खुद बिना किसी गाइड के घर पर भी अभ्यास कर सकते है.

What is Self hypnosis for repressed memories

Hypnosis for Repressed Childhood Abuse Memories एक ऐसी Technique है जो हमारे बीते कल में हुए उन traumatic condition को समझने में मदद करती है जो आज भी हमारा पीछा नहीं छोड़ रही है.

सीधे तौर पर कहे तो हमारा वो डर जो हमें आगे बढ़ने से रोकता है उसे समझने और छुटकारा पाने में Hypnosis Therapy हमारी मदद करता है.

Abuse in childhood या फिर बचपन की कोई ऐसी घटना जिसका डर हमारा पीछा बड़ा होने के बाद भी नहीं छोड़ता है उनसे छुटकारा पाना बेहद जरुरी हो जाता है.

ये वो स्थिति है जिसकी वजह से हमारा आज प्रभावित होता है. हमारे मस्तिष्क में हर मेमोरी को रिकॉर्ड करने का फंक्शन है.

आपके बीते कल की हर घटना, हर पल को स्टोर किया गया है लेकिन normal condition में इसे recall करना मुश्किल काम होता है जिसकी वजह मस्तिष्क का विचारो में उलझे रहना है.

Hypnotherapy for no thought state

hypnosis के लिए आपका मन Zero thought state होना आवश्यक है. क्यों की आपकी Pranic energy का flow सिर्फ stable state of mind ही control कर सकता है.

इसके लिए हमें शवासन की विधि करनी चाहिए. सिर्फ शवासन से ही आप मन को और शरीर को control कर सकते है. शवासन आपके mind को powerful बनाता है और आप सिर्फ Psychic emotion से शरीर के किसी भी हिस्से को control कर सकते है.

Past Life Regression therapy

उसे Relax कर सकते है. अपने मन को किसी दूसरी दिशा में ले जा सकते है और जब ऐसा हो तब समझ ले की आप basic step of hypnosis learning को पार कर चुके है.

निर्विकार मन (Stable state of mind) आपके चेहरे पर तेज लाता है क्यों की विचार दिन भर चलते रहने से आपकी प्राण शक्ति दिन भर बेकार waste होती रहती थी. अब यही प्राण ऊर्जा Tratak gazing meditation के जरिये Hypnotism में काम ली जा सकती है.

एक सफल Self hypnosis for repressed memories की practice के लिए आपका इसके बेसिक पर अच्छा पकड़ होना बेहद जरुरी है.

आप अपनी प्राण शक्ति को विशेष अभ्यास द्वारा निम्न ऊर्जा में बदल सकते है.

  • Attraction power energy
  • Aura energy field
  • electro magnetic field energy

सम्मोहन में आपकी प्राण ऊर्जा इसी चुंबकीय शक्ति में है जिसे हम आकर्षण शक्ति भी कहते है. जब हम ऐसा कर लेते है तब Self hypnosis for repressed memories की practice की जा सकती है.

Read : Astral Travel projection की ये 10 technique न सिर्फ आसान है बल्कि सही तरह से अनुभव करने में भी कारगर है

How to practice Self hypnosis at home

स्वय सम्मोहन के अभ्यास और कुछ नहीं है अपने आप को बार बार एक ही Suggestion देना है और वो Suggestion धीरे धीरे इतना deep हो जाता है की सीधा आपके Subconscious mind तक पहुँच जाती है.

एक बार अवचेतन मन तक कोई भावना पहुँच जाती है तो फिर वो success ही होती है. खुद को Relax करने के लिए हम Tratak meditation basic practice का सहारा भी ले सकते है.

आप चाहे तो किसी music का या फिर Meditation practice का सहारा ले सकते है.

विधि चाहे जो भी हो हमारा मन उसे सीधे सीधे ग्रहण कर लेने वाला होना चाहिए. हम खुद को relax करने के लिए music सुनते है या फिर game खेलते है.

ये हमारी hobby होती है जो हमने खुद stress को दूर करने के लिए अवचेतन मन को बताई होती है. स्वय सम्मोहन के लाभ उठाने के लिए सरल अभ्यास निचे दिए गए है.

Self-hypnosis basic practice

  • अभ्यास से पहले खुद को निर्विकार और विचारशून्य बनाने की कोशिश करे फिर खुद को स्वय सम्मोहन के लिए तैयार करे.
  • प्रातः काल नित्यक्रम से निपट कर कुछ मिनट तक शीर्षासन करे. इसके बाद आरामदायक आसन लगा ले और उस पर बैठ जाये.
  • मस्तिष्क को शांत करने के लिए कुछ देर ध्यान का अभ्यास करे. इसके बाद अंतर्मन से सभी विचारों को निकाल कर कल्पना करे ( भावना दे ) की आपको नींद आ रही है.
  • आपकी पलके भारी हो रही है. ध्यान दे सिवाय नींद के आपके मस्तिष्क में दूसरी भावना नहीं आनी चाहिए.
  • कुछ देर भावना देने से आपको नींद अने लगती है और आप योग निद्रा जैसी स्थिति में चले जाते है.
  • आप चाहे तो उस निद्रा को enjoy कर सकते है.

इस निद्रा के बाद आपकी बुद्धि तेज होने लगती है, आपका खुद पर नियंत्रण बढ़ने लगता है. तनाव दूर करने में ये अभ्यास काफी हद तक सहायक है.

Read : क्या होता है जब 2 लोगो के बीच का मानसिक कनेक्शन बहुत ज्यादा स्ट्रोंग बन जाता है ?

Self-hypnosis basic practice step 2

  • दोपहर में कमरा बंद करके आराम से कुर्सी पर लेट जाये. कमरे में सामने की दीवार पर अच्छी quality का mirror लगाइए.
  • Mirror से लगभग 3 फ़ीट की दुरी पर आरामदायक कुर्सी डालकर उस पर लेट जाइये (आरामदायक मुद्रा) दर्पण की ऊंचाई इतनी रखे की आपका चेहरा उसमे दीखता रहे.
  • अब अपने मन को एकाग्र करते हुए विचारशून्य कर ले.
  • दर्पण में दिखाई देने वाले अपने प्रतिबिम्ब पर नजर को जमाते हुए प्रतिबिम्ब का ही ध्यान लगाए ( mirror Tratak ) कुछ देर देखने के बाद आँखे बंद करे और उसे अपनी आंतरिक दॄष्टि से सामने लाने का अभ्यास करे. ( अंतः त्राटक ) कुछ दिन के अभ्यास से आपको आँखे बंद करने के बाद भी प्रतिबिम्ब साफ दिखता रखता है. जब ऐसा हो जाए तो समझ ले की अब आप Self hypnosis for repressed memories की practice कर सकते है.

Self-hypnosis basic practice step 3

  • पहले के अभ्यास की तरह शौच क्रिया से निर्वृत होकर आसन लगा कर बैठ जाये.
  • मन को निर्विकार बना ले और विचारशून्य भी. अब पूर्व दिशा की और मुंह कर लेट जाये. शवासन की विधि में आ जाइये जिसमे आपके हाथ और पैर फैले हो. जिस देवी देवता को आप मानते है उनका ध्यान करे.
  • उनका अंतः त्राटक के अभ्यास द्वारा उन्हें अपने मानस पटल पर लाइए, किसी इच्छा की कामना कीजिये और सो जाइये.
  • कुछ दिन बाद आपकी इच्छा खुद-ब-खुद पूरी होने लगती है. ये और कुछ नहीं आपकी अवचेतन मन की शक्ति का खेल है.
  • ऊपर दिए गए अभ्यास को क्रम में करने से आपकी इच्छा-शक्ति और भावना शक्ति मजबूत होने लगती है. और आप खुद को सम्मोहित करने के काबिल हो जाते है.

याद रखे Self hypnosis successful practice at home के लिए निम्न अभ्यास को पूर्ण करना जरुरी है.

  • शवासन basic practice to Relax body and mind
  • विचार-शुन्य साधना और निर्विकार मन की साधना Advanced practice to get rid from unwanted thought and get stable mind.
  • योग- प्राणायाम मजबूत भावना शक्ति का अभ्यास Yoga and pranayama with strong suggestion power practice.

इन अभ्यास से आप खुद घर बैठे Self hypnosis कर सकते है.

Read : क्या आप जानते है जब एक शैतानी शक्ति इंसानी शरीर पर कब्ज़ा करती है तब क्या क्या बदलाव होते है ?

Benefit of self hypnosis

आइये जानते है स्वय सम्मोहन के लाभ जो आपको बदल सकते है. इनमे सबसे खास तो खुद में बदलाव लाना ही है बाकि आप चाहे तो खुद की आदतों में और बीमारी में भी सुधार ला सकते है.

Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

  • स्व सम्मोहन से आप खुद की बीमारी ठीक कर सकते है.
  • स्व सम्मोहन से आप खुद का विकास कर सकते है. जैसे की मजबूत आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, और भावना शक्ति से आप खुद में बेहतर बदलाव ला सकते है.
  • किसी भी तरह का PHOBIA हम खुद दूर कर सकते है, तनाव दूर कर सकते है.
  • अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते है.

Self hypnosis for repressed memories की मदद से हम अतीत में जा सकते है, अपनी पुरानी यादास्त पा सकते है. यहाँ तक की कमजोर पड़ने लगी आपकी यादास्त भी वापस आ सकती है. स्वय सम्मोहन के लाभ में सबसे खास है अपने बीते कल की मेमोरी को recall करना और उन्हें सुधारना.

Self hypnosis for repressed memories

Self hypnosis for repressed memories के जरिये न सिर्फ किसी इंसान के बीते कल की घटनाओ तक पहुचा जा सकता है बल्कि catharsis नाम की मनोवैज्ञानिक पद्धति के द्वारा कई mental disorder and problems से छुटकारा पाया जा सकता है.

Past life regression की प्रक्रिया मे इंसान को चेतना अवस्था मे परिवर्तन किया जाता है. स्वय सम्मोहन के लाभ द्वारा आप भी अपने बीते कल को बदल सकते है

चेतना की इस अवस्था मे इंसान की सुझाव ग्रहण करने की क्षमता मे एकदम से तेजी आ जाती है और वह सुझावो पर अमल भी करने लगता है. इसमे समोहन के जरिये पिछले जन्म की घटनाओ को भी याद कराया जाता है.

इसका उदेश्य इंसान के present problems तक पहुचना होता है जैसे की कोई डर, relationships मे दिक्कत, कोई बीमारी. उस घटना तक पहुचकर catharsis के माध्यम से इंसान को उससे जुड़ी दिक्कत को वही छोड़ने की command दी जाती है. इससे इंसान उस पीड़ा, दिक्कत या डर से छुटकारा पा लेता है.

Self hypnosis for repressed memories एक बहुत ही सुरक्षित मनोचिकित्सा है. इसमे किसी भी बेहोशी की दवाई या किसी भी प्रकार के chemical का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. स्वय सम्मोहन के लाभ हर कोई उठा सकता है बस आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए.

Read: 5 Powerful पीर पैगम्बर और जिन्न से जुड़ी कुछ खास मुसलमानी साधना और अमल जिन्हें कोई भी इन्सान कर सकता है

How Self hypnosis for repressed memories Work final thought

अपने बचपन में लोगो के साथ कुछ ऐसी घटनाए होती है जिसकी वजह से वो आगे चलकर एक normal life को survive नहीं कर पाते है.

उनका छिपा हुआ डर उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है. ऐसे लोगो के लिए hypnotherapy काफी अच्छे से हेल्प कर सकती है.

Self hypnosis for repressed memories और past life regression दोनों एक जैसे मेथड है जिसमे हम अपने बीते कल की मेमोरी को recall करते है और उन Traumatic condition से बाहर निकलने की कोशिश करते है जो हमें अब तक आगे बढ़ने से रोक रही थी.

अगर आपके मन में सम्मोहन से जुड़े या मन की शक्तियों को उभारने से लेकर कोई भी सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है.

आज की पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे और हमें subscribe करना न भूले.

घर बैठे tulpa जैसी super power जाग्रत करने का सबसे सरल लेकिन प्रभावी अभ्यास

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क्या tulpa वास्तव में होती है यानि Are tulpas real, कैसे हम tulpa का निर्माण कर सकते है ? how to create a tulpa, tulpa के संकेत यानि tulpa symbol कैसे हमें ये निर्देशित करता है की tulpa ये वक्तव में कैसे हमसे जुड़ी हुई है. tulpa effect और dangers of tulpas क्या है ?

और  tulpa को supernatural power की तरह कैसे use कर सकते है? तिब्बत में भी tulpa से जुड़ी कुछ मान्यताए है जो इसके अस्तित्व को मजबूत बनाती है. tulpa energy form को कैसे हम खुद बना सकते है आज की इस पोस्ट में पढ़ते है.

tulpa energy form and how its work

मन की असीम शक्तियों में से एक है कल्पना को साकार करना. सिर्फ मनुष्य ही है जो कल्पना को हकीकत में बदलने की power रखता है.

हम सब tulpa के बारे में पहले से ही पढ़ चुके है. वैसे तो हम अभी तक tulpa के बारे में सिर्फ negative effect के बारे में ही जानते थे.

आज की इस पोस्ट में हम जानने वाले है की हम कैसे खुद मानस कल्पना के द्वारा एक ऐसे tulpa energy form का निर्माण कर सकते है जो बिलकुल आसान है और ये हमारे गाइड की तरह work करता है.

what is tulpa energy form and how its work ?

tulpa एक ऐसी imaginary thought form होती है जो बनती तो हमारी ही energy से है लेकिन हमसे स्वतन्त्र होती है. एक तरह से ऐसी छवि जो हमसे जुड़ी होती है और हमारे साथ idea share करती है. इसके अपने feeling, thought और idea होते है.

इसलिए कह सकते है की tulpa के कई ऐसे advantage हो सकते है जो आपके लिए एक मददगार की तरह साबित हो सकते है.

tulpa मुख्यत एक energy form होती है जिसके अपने effect और benefit, disadvantage हो सकते है. अगर इसका सही अभ्यास करे तो tulpa energy form आपके लिए सबसे best companion यानि friend की तरह साबित हो सकती है.

ब्लॉग पर इससे पहले भी hamjad, मानस स्वरूप की कल्पना की साधना और ऐसे ही कई मन की शक्तियों से जुड़ी पोस्ट शेयर कर चुके है. आज की पोस्ट बिलकुल वैसी ही है सिर्फ अभ्यास में थोड़ा सा बदलाव किया गया है इसलिए आप चाहे तो दुसरे अभ्यास में भी इस अभ्यास को जोड़ कर मनचाहा अभ्यास कर सकते है.

चलिए जानते है की tulpa जैसी शक्ति को कैसे activate करे और कैसे कल्पना से इसे हकीकत में बदले.

how to create tulpa energy form in Hindi

tulpa के निर्माण और इसे असल जीवन में बदलने को मुख्य रूप से 4 part में बांटा गया है. इसके पहले भाग में हम tulpa के निर्माण से पहले की तैयारी, दुसरे भाग में इसकी कल्पना, तीसरे भाग में tulpa और हमारे बिच विश्वास पैदा करने और subconscious mind के साथ जोड़ने तथा चौथे भाग में tulpa को reality यानि इसे हमारे हकीकत से जोड़ना है.

tulpa जैसी imaginary power हमारे लिए एक बढ़िया गाइड साबित हो सकती है जो हमारी हर problem को solve और सही suggestion दे सके.

ये बिलकुल वैसे ही है जैसे कोई व्यक्ति खुद से बाते करता है और अचानक उसे कोई समाधान मिल जाता है या कोई better idea जो मुश्किल आसान कर दे. tulpa के साथ बाते करना और उसे एक गाइड का रूप देना बिलकुल इसके जैसे ही है.

पढ़े  : इस मंत्र का सिर्फ 3 बार जाप करता है आपकी सम्पूर्ण सुरक्षा – सबसे सरल सुरक्षा कवच

प्रथम भाग – tulpa energy form के निर्माण की पूर्व तैयारी

tulpa हमारे ही thought energy की form होती है इसलिए इसके निर्माण से पहले सोच समझ कर इसके निर्माण की तैयारी करे. क्यों की इसके निर्माण के बाद कुछ भी पसंद ना आए और दोबारा निर्माण करना पड़े इससे अच्छा है पहले ही कुछ चीजो को ध्यान रखे.

इसके निर्माण में basically आपको निम्न चीजो का ध्यान रखना रखना होता है ताकि एक अच्छी और सही tulpa का निर्माण किया जा सके.

मानस स्वरूप कल्पना की साधना में हमने पहले ही जिक्र किया था की हम इनका निर्माण मनचाहे स्वरूप के रूप में कर सकते है. इसलिए हम इनका निर्माण मनचाहे स्वरूप में कर सकते है लेकिन tulpa एक negative energy की form होती है ये भी हम पढ़ चुके है इसलिए ये सवाल उठाना लाजमी है की tulpa negative energy form होगी या नहीं.

tulpa के निर्माण में 2 बातो का ध्यान रखे

tulpa energy form  से जुड़ी पहली सावधानी tulpa की energy form के रूप में कभी भी ऐसे स्वरूप की कल्पना ना करे जो आपका करीबी हो, मर चूका हो या किसी तरह के जिन्दा इन्सान हो.

दूसरी अगर आप tulpa जैसी energy form का स्वरूप अपने किसी पसंदीदा character जैसे कोई महान हस्ती, या फिर किसी तरह के काल्पनिक character के आधार पर कर रहे है तो उसे ये जाहिर करना ना भूले की वो कोई कल्पना नहीं है.

अक्सर बच्चे अपने किसी आइडियल या काल्पनिक ( fictional character ) किरदार के साथ अपनी बाते शेयर करते है. वो इसे हकीकत का रूप नहीं दे पाते है इसलिए बड़े होने पर वो इसे भूल जाते है.

किस तरह की होनी चाहिए tulpa energy form

tulpa का स्वरूप हमारी ज़रूरत के अनुसार होता है इसलिए हम उन्हें मनचाहे स्वरूप में निर्मित कर सकते है जैसे की पुरुष और स्त्री जो form आपको लगे की आपको अच्छे से समझ सकती है और गाइड कर सकती है उसी form में tulpa को निर्मित करे.

इसके अलावा आपकी tulpa energy form की personality किस तरह की हो इस पर भी पहले से आपको सोच विचार कर लेना चाहिए.

part – 2 tulpa energy form के स्वरूप की कल्पना

tulpa को visualize करने की process में हम tulpa को महसूस करते है जिसमे कई बाते है पहली tulpa कैसी है उसके दिखने से जुड़ी हर जानकारी बिलकुल वैसी ही होनी चाहिए जैसी की किसी असली इन्सान की होती है मतलब tulpa की दिखावट से जुड़ी हर जानकारी की कल्पना करना.

कल्पना के दुसरे चरण में tulpa को टच करना है visualize करे की आपकी tulpa आपके पास बैठी / बैठा है  और आप उसे टच कर महसूस भी कर रहे है. ये सब आपकी कल्पना का ही हिस्सा है इसके अलावा आप चाहे तो अपनी पसंदीदा scent यानि महक को tulpa के साथ जोड़ सकते है जो आपका attachment tulpa के साथ मजबूत कर सके.

जब आपका अहसास tulpa energy form के साथ strong होने लगे तो एक ऐसे काल्पनिक प्लेस ( imaginary world ) की कल्पना करे जहा आप और आपकी tulpa दोनों मिल सके. आमतौर पर ये आपकी कल्पना का हिस्सा इसलिए होता है ताकि आपकी tulpa हर वक़्त आपके साथ ना रह सके और आप सिर्फ अपनी कल्पना के जरिये ही उसे activate कर सके.

part – 3 tulpa और हमारे बिच संबध स्थापित करना

जब हमारी कल्पना का कार्य पूर्ण हो जाता है तब आगे की process में हम tulpa energy form और हमारे बिच relationship को strong बनाते है. आपने बच्चो को देखा ही होगा जो खुद से ही बाते करते रहते है कुछ बच्चे खुद को काल्पनिक स्वरूप के साथ जोड़ लेते है और हम कई बार इन्हें ऐसी ही स्थिति में बाते करते हुए देखते भी है.

ये process बिलकुल same वैसे ही है इसलिए खुद को tulpa के साथ जोड़े, उससे बाते करे जैसे वो आपके पास ही बैठी है कुछ समय जरुर लगेगा लेकिन ये संभव है. आपकी कल्पना के परिणाम-स्वरूप कुछ समय बाद आप tulpa की energy form को अपने सामने या पास बैठे हुए महसूस कर पाओगे.

part – 4 tulpa को हकीकत में बदलना

अब तक हम tulpa से जुड़ी हर उस तैयारी को पूर्ण कर चुके है जो इसके लिए आवश्यक है इसलिए अब वक़्त है की tulpa energy form असली मायने में आपकी spiritual और personal guide की तरह कार्य करना शुरू कर दे. इसके लिए tulpa से बाते करे.

आँखे बंद कर ले और अपनी कल्पना में tulpa को ये अहसास करवाए की आपने अपने मस्तिष्क ( mind ) को उसके लिए ओपन कर दिया है ताकि वो आपके बारे में सब कुछ जान सके.

जब ऐसा हो जाता है तब आप पाएंगे की आपकी tulpa energy form अब सिर्फ आपसे बात ही नहीं करती बल्कि आपको स्थिति के अनुसार गाइड भी करने लगी है.

चूँकि tulpa अब आपकी हर जानकारी रखती है और वो आपको समझ सकती है. यही नहीं tulpa अब आपसे as a friend सलाह मशविरा करने लगी है.

दिन भर के कामो में जैसे आप कही जा रहे है तो महसूस करे की आपकी tulpa आपके साथ ही चल रही है. जब भी वो आपके आसपास होती है तो आप उसकी presence को feel कर सकते है या फिर उसकी scent जो आपने ही उसके लिए energy के साथ जोड़ी है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

tulpa energy form अंतिम शब्द

हमारे subconscious mind की unlimited power में से एक ही है कल्पनाओ को हकिकत में बदलना जिसमे मानस स्वरूप और tulpa शामिल है. सोचने में ये बिलकुल काल्पनिक लग सकता है लेकिन ये सच है और ऐसा में इस आधार पर कह सकता हूँ क्यों की बच्चे इस तरह की form के साथ बचपन बिताते है.

दूसरा मानस स्वरूप कल्पना की साधना भी सच है इसलिए कह सकते है की tulpa energy form के रूप में सच हो.

आज की पोस्ट tulpa energy form यानि powerful super natural power आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए साथ ही आप tulpa जैसी energy form के बारे में क्या सोचते है comment के माध्यम से हमें जरुर बताए. अगर ब्लॉग अच्छा लगे तो subscribe करना न भूले.

credit to original source : wiki how

क्या चक्र हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करते है ? कुण्डलिनी और चक्र का हमारे व्यक्तित्व के साथ क्या संबध है

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even chakra हमारे body के 7 अलग अलग energy centre है जो मस्तिष्क से लेकर मेरुदण्ड के निचले हिस्से तक बने हुए है। अब सबसे बड़ा सवाल उठता है की आखिर शरीर में ये सप्त ऊर्जा के केंद्र है या नहीं ?

और है तो भी ये है क्या ? सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व का आपस में बहुत गहरा संबंध है। seven chakra हमारे शरीर में ऊर्जा के केंद्र के रूप में है और शरीर की नाड़ी में विद्यमान है।

योगिक विधि में प्राण ऊर्जा को नाड़ी में प्रवाहित कर इन केंद्रों पर घनीभूत किया जाता है और चक्र जागरण करते है।

सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व
ऐसा माना जाता है की जो व्यक्ति जिस प्रवृति से जिस देवता की उपासना करता है उसका एक चक्र जो उस देव या देवी से जुड़ा है जाग्रत होने लगता है।

जैसे की गणेश उपासना से आज्ञा चक्र और माँ काली की उपासना से मूलाधार चक्र जाग्रत होता है ऐसा इसलिए क्यों की हमारी उपासना उस खास चक्र पर ऊर्जा के रूप में घनीभूत होने लगती है।

सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ खास बाते

असल में ये सप्त चक्र ऊर्जा के bond है जो पृथ्वी की ऊर्जा से जुड़े हुए है। हर किसी को एक ऊर्जा घेरे होती है जो उसे दूसरों से अलग बनाती है। विज्ञान, अध्यात्म और हिन्दू धर्म के अनुसार हमारे शरीर में नाड़ियो, स्नायु तंत्र में ऊर्जा पुरे शरीर में फैली हुई है।

यही ऊर्जा चक्र के रूप में होती है। चक्र को हमारे जीवन चक्र, मृत्यु और पुनर्जन्म से भी जोड़ा जाता है।

हर इंसान में ये ऊर्जा के केंद्र होते है जो 7 मुख्य जगह पर घनीभूत होते है। आइए देखे ये 7 ऊर्जा केंद्र कहा और किस रूप में शरीर में स्थित है।

क्या आप जानते है की सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व में बदलाव इस कड़ी का एक हिस्सा है जिसे समझ कर हम खुद को कई मुश्किलों से बचा सकते है।

शुरुआत मेरुदण्ड निचले हिस्से से की जाये तो ये चक्र निम्न है।

1. मूलाधार चक्र – The Root chakra

गुदा और लिंग के बीच चार पंखुरियों वाला ‘आधार चक्र’ है। आधार चक्र का ही एक दूसरा नाम muladhar chakra भी है. पारम्परिक रूप से इस चक्र का सम्बन्ध व्यवसायिक और जीवन सम्बन्धी आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा ये ना सिर्फ भौतिक संसार से जुडी हुई गतिविधि का नियंत्रण करता है बल्कि हमारे भावनात्मक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर नियंत्रण रखता है।

तंत्र मार्ग में सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व में तामसिक बदलाव को सिद्धि प्राप्ति का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है।

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2. स्वाधिष्ठान चक्र- The sacral chakra

स्वाधिष्ठान चक्र लिंग मूल में है जिसकी छ: पंखुरियां हैं। इसके जाग्रत होने पर क्रूरता, गर्व, आलस्य, प्रमाद, अवज्ञा, अविश्वास आदि दुर्गणों का नाश होता है।

इस चक्र का नियंत्रण हमारे कार्य पर होता है जैसे की नए लोगो से जुड़ना, नए अनुभव करना। इसका रंग संतरे और गहरी ललाई लिए होता है।

ये चक्र भी कई तरह की भावनात्मक गतिविधि को संचालित करता है। इस चक्र गुण पर गौर करे तो पाएंगे की हमारी महसूस करने की शक्ति, सेक्सुअल, और निवेदन करने के गुण यहाँ से संचालित होते है।

3. मणिपूर चक्र- The plexus chakra

नाभि में दस दल वाला मणिचूर चक्र है। मणिपुर चक्र हमारे अंदर जगाता है और हमारे जीवन हमारे नियंत्रण में लाता है।

ये चक्र पीले रंग का होता है। इसके सक्रिय होने से तृष्णा, ईर्ष्या, चुगली, लज्जा, भय, घृणा, मोह, आदि कषाय-कल्मष दूर हो जाते हैं।

ये ये चक्र हमें सोचने और आत्मविश्वास से भरे होने का अहसास करवाता है। इन सप्त चक्र के लिए वीडियो निचे दिया गया है।

Read : क्या होता है जब 2 लोगो के बीच का मानसिक कनेक्शन बहुत ज्यादा स्ट्रोंग बन जाता है ?

4. सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्वअनाहत चक्र- The heart chakra

हृदय स्थान में अनाहत चक्र है जो बारह पंखरियों वाला है। सुनहले पीले रंग के इस चक्र की स्थिति हमारे ह्रदय में है और इसका सम्बंध प्यार और करुणा से है।

चक्र के भावनात्मक रूप जाग्रत होने से हम खुद से प्यार करने, दूसरों के प्रति दयालु भाव जैसे गुणों से जुड़ जाते है।

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण और व्यव्हार में बदलाव

इसके सक्रिय होने पर लिप्सा, कपट, हिंसा, कुतर्क, चिंता, मोह, दम्भ, अविवेक और अहंकार समाप्त हो जाते हैं।

सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व में बदलाव आपको उदासीनता की अवस्था में ले जा सकता है या फिर दुसरो से दूर कर सकता है।

Read : त्रिकाल ज्ञान साधना के गुप्त और दुर्लभ तरीके जिनके जरिये जान सकते है तीनो काल की घटनाओ को

5. विशुद्धख्य चक्र- the Throat chakra

कण्ठ में सरस्वती का स्थान है जहां विशुद्धख्य चक्र है और जो सोलह पंखुरियों वाला है।

यहीं से सोलह कलाओं और सोलह विभूतियों का ज्ञान होता है। इसका रंग नीले हरे रंग का मिश्रण है. इसका संबंध वाक कला से है हर इंसान बोलने के तरीके में दूसरों से अलग होता है।

ये चक्र हमें ईमानदार, सोचने की क्षमता में सुधार लाता है।

इसके जाग्रत होने से जहां भूख और प्यास को रोका जा सकता हैं वहीं सोलह कलाओं और विभूतियों की विद्या भी जानी जा सकती है।

6. आज्ञाचक्र- The eye chakra

भ्रूमध्य (दोनों आंखों के बीच भ्रकूटी में) में आज्ञा चक्र है जहां उद्गीय, हूँ, फट, विषद, स्वधा स्वहा, सप्त स्वर आदि का निवास है।

यहां अपार शक्तियां और सिद्धियां निवास करती हैं। ये चक्र हमारे देखने के नजरिए को नियंत्रित करता है। हम दुनिया को किस नजरिए से देखते है ये आज्ञा चक्र निर्धारित करता है.

आज्ञा चक्र दोनों आँखों के मध्य स्थित है और इसका रंग धूसर है।

Unhealthy Third Eye Chakra

हमारे सोचने,समझने और निर्णय लेने की क्षमता आज्ञा चक्र नियंत्रित करता है। इस आज्ञा चक्र का जागरण होने से यह सभी शक्तियां जैसे आकर्षण शक्ति, सम्मोहन, दूसरों को और जड़ पदार्थो को नियंत्रित करने की शक्ति जाग पड़ती हैं। त्राटक से आज्ञा चक्र जाग्रत कर सकते है.

Read : Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

7. सहस्रार चक्र- The Crown chakra

सहस्रार की स्थिति मस्तिष्क के मध्य भाग में है अर्थात जहां चोटी रखते हैं। शरीर संरचना में इस स्थान पर अनेक महत्वपूर्ण विद्युतीय और जैवीय विद्युत का संग्रह है।

इसका सम्बंध हमारे सूक्ष्म शरीर और आध्यात्मिक रूप से है।

इसका मतलब है हमारे मस्तिष्क का ताज। इसका रंग VIOLET है। और इसका संबंध हमारे आध्यात्मिक रूप को सांसारिक रूप से जोड़ना है। यही मोक्ष का द्वारा है।

कुंडलिनी और सप्त चक्र हमारे अंदर जन्म से है इसे विडियो में दिखाया गया है। सप्त चक्र को महत्वपूर्ण चक्र या ऊर्जा केंद्र माना जाता है। इसके अलावा भी सेंकडो केंद्र ऊर्जा के हमारे शरीर में मौजूद होते है।

दोस्तों सप्त चक्र जागरण और व्यक्तित्व में बदलाव की ये पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताए।

इस मंत्र का सिर्फ 3 बार जाप करता है आपकी सम्पूर्ण सुरक्षा सबसे सरल हनुमान देह सुरक्षा कवच

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hanuman deh suraksha kavach mantra in Hindi. देह रक्षा कवच मंत्र गुरु अपने शिष्य को प्रदान करता है जब वो उच्च स्तर की साधना कर रहा होता है या फिर हमें astral travel और out of body experience करना होता है. ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे हमारा शरीर किसी भी नकारात्मक उर्जा यानि negative energy का घर बन सकता है.

इसी वजह से सुरक्षा कवच या उस स्थान का कीलन करना हर साधक की प्रथम आवश्यकता होती है.

ऐसे में हम अगर ये सब बिना गुरु के करे तो खतरनाक साबित हो सकता है. घर बैठे hanuman deh suraksha saral mantra के जरिये आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते है और ऐसी साधनाओ की शुरुआत भी कर सकते है जिसमे शरीर की सुरक्षा के चलते अभी तक कर नहीं पा रहे थे.

hanuman deh suraksha kavach mantra

अगर आपको shree hanuman deh suraksha kavach mantra ऐसा मंत्र मिले जो की सबसे simple easy और आसानी से सिद्ध होने वाला हो तो क्या कहना.

आज की पोस्ट में हम शेयर करने जा रहे है ऐसे ही एक मंत्र के बारे में जो की 100% safe और genuine है. ये स्वय जाग्रत है जिसकी वजह से आपको इसे activate करने की जरुरत नहीं पड़ती है.

इंद्रजाल ही विश्वसनीय क्यों ?

इंद्रजाल वास्तव में सबसे पुराना और विश्वसनीय माना जाता है. इसलिए कह सकते है की अगर इंद्रजाल से मंत्र सिद्ध किये जाये तो आसानी से कर सकते है.

पुराने इंद्रजाल में ऐसी कई माया का जिक्र है जो आज के समय में बाजार में बिकने वाले इंद्रजाल में कही देखने को नहीं मिलती है.

लेकिन अगर आप चाहते है की किसी विश्वसनीय बुक से ही मंत्र सीखे तो इंद्रजाल इसमें सबसे खास है इसकी वजह है इसके मन्त्र और विधि.

एक बात और है आपको इंद्रजाल तभी समझ में आ सकता है जब आप पहले से ही इस फील्ड में हो. अगर ऐसा नहीं है तो आपको थोड़ी कठिनाई आ सकती है क्यों की इंद्रजाल में शुरू से लेकर साधना के विधान की सभी विधि विधान गूढ़ शब्दों में लिखे हुए है. hanuman deh suraksha kavach mantra भी इसी का एक दुर्लभ मगर प्रभावी मन्त्र है.

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hanuman deh suraksha kavach mantra क्या ये काम करता है ?

अगर आपके पास 1960 से पहले का इंद्रजाल है तो आप इसे कर सकते है ये काम करेगा. ब्लॉग पर हम पहले ही इंद्रजाल से जुड़ी पुस्तके शेयर कर चुके है. अगर आपको बाजार में कही भी भरोसेमंद इंद्रजाल की पुस्तक नहीं मिल रही है तो मात्र 350 रूपये में आप ब्लॉग के माध्यम से खरीद सकते है. ये कोई ऐसी पुस्तक नहीं है जो आजकल इंद्रजाल के नाम पार बाजार में मिल रही है.

ये दुर्लभ और अब शायद इक्का दुक्का लोगो के पास ही मिलने वाली ऐसी पुस्तक है जिसमे वो सारे दुर्लभ मंत्र है जो आपको आज के टाइम में और कही नहीं मिलेंगे. अगर आप इस बुक को चाहते है तो हमसे कांटेक्ट कर सकते है.

देह रक्षा की आवश्यकता

हम में से हर कोई travel करता है और इस दौरान वो कई बार ऐसी जगहों से भी गुजरता है जो या तो बाधित होती है, या फिर वहा किसी तरह की नकारात्मक उर्जा ( negative energy ) भरी होती है. इन negative energy में से एक है tulpa the most powerful negative energy जिससे बचना बेहद जरुरी है.

Protection Magic spell in Hindi

कई बार सुनने में आता है की अमुक व्यक्ति या औरत जा रहा था और रास्ते में पता नहीं क्या हुआ ? भूत बाधित व्यक्ति भी ज्यादातर इसी तरह की समस्या के शिकार होते है.

गावो में औरते या बच्चे शाम के वक़्त बाहर जाए खासतौर से ऐसी जगहों पर जहा पर नकारात्मक शक्तियों का वास हो तो फ़िक्र होना लाजमी है. ऐसे में अगर हम hanuman deh suraksha kavach mantra ( हनुमान जी का देह सुरक्षा मंत्र ) सिर्फ 3 बार पढ़े तो हमे इसे amazing benefit मिलते है.

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hanuman deh suraksha kavach mantra – benefit

  • ये मंत्र स्वय सिद्ध है इसे activate करने की जरुरत नही है.
  • इसमें कोई नियम कोई सावधानी नही बरतनी होती है.
  • ये मंत्र सकारात्मक यानि positive energy फील्ड जिसे aura फील्ड कहते है को मजबूत बनाता है.
  • किसी भी तरह की प्रारम्भिक negative energy को ये मंत्र ख़त्म कर सकता है.
  • ये मंत्र आपकी श्रधा और विश्वास को भी बढाता है अगर इसे नियमित किया जाए.
  • बच्चे इसका जाप सोते समय करे तो उन्हें डरावने सपने नहीं आएंगे.

hanuman deh suraksha kavach mantra का देह रक्षा सिद्ध मंत्र

मेरा सबसे खास सिद्ध किया हुआ मंत्र है जिसे कोई भी आसानी से सिद्ध कर सकता है. ये मंत्र अपने आप में जाग्रत है और आपको सिर्फ इसके 3 बार जाप मात्र करने होते है और ये काम करता है.

खासतौर से ऐसी जगह जहा पर आपको किसी भी तरह की अन्य शक्तियों से सुरक्षा की जरुरत होती है उदाहरण के लिए शमसान से गुजरना, अकेले और सुनसान जगह में सफ़र करना, या फिर ऐसी जगह जहा किसी अन्य शक्ति के होने की आशंका हो.

ॐ नमो हनुमन्त वज्र का कोटा जिसमे पिंड हमारा पैठा

इश्वर कुंजी ब्रम्हा ताला इस घट का यति हनुमन्त रखवाला

हनुमान देह सुरक्षा कवच मंत्र और मेरा अनुभव

ये मंत्र मुझे मेरे दादा जी ने दिया था और मेने काफी टाइम इसका अभ्यास उनके साथ बैठकर किया था. एक दिन अपने भाई के साथ में हमारे farm house गया हुआ था तो घूमते घूमते हम दोनों भाई उस farm house के पास लगे खेतो में और फिर सुनसान रोही की ओर चले गए.

ये सुनसान रोही आवारा पशुओ और गाव के एक जाति के लोगो का शमसान थी.

बाड़-बंदी ना होने की वजह से हमें पता ही नहीं चला की कब हम उसके बीचो बिच पहुँच गए. इस दौरान हम दोनों काफी थक गए थे इसलिए वापस घर चले गए.

घर पहुँचते ही छोटा भाई तेज बुखार की चपेट में आ गया था और घरवालो को शक हो गया की हम कहाँ जा सकते थे.

तुरंत उसकी नजर उतरवाई और कुछ मन्त्र जाप दादा जी ने तुरंत किये जिसके बाद वो सो गया. हो सकता है की ये सिर्फ एक संयोग हो की मुझे कुछ नहीं हुआ लेकिन ऐसा कई बार और कई जगहों पर हुआ जहा लोग जाने से डरते थे में वहा तब चला जाता था जब में गुस्से में होता था.

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hanuman deh suraksha kavach mantra – अंतिम शब्द

दोस्तों इश्वर के प्रति हमारी श्रधा और विश्वास से बढ़कर कोई कवच नहीं होता है. कई बार हमारा औरा कमजोर होने की वजह से हम नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव में आ जाते है लेकिन अगर आप नियमित रूप से रात्रि को सोते वक़्त hanuman deh suraksha kavach mantra का जाप करे तो इससे आपका औरा काफी हद तक मजबूत बनता है.

अगर बच्चे इस मंत्र का जाप सोते वक़्त करे तो उन्हें डरावने सपने नहीं आएंगे न ही उन्हें रात को अकेले में डर लगेगा.

आज की पोस्ट hanuman deh suraksha saral mantra मशहूर इंद्रजाल से लिया गया है और मेरे बचपन ( childhood ki sachhi ghatnao ) पर आधारित है.

ये मंत्र मेरा खुद का अभ्यास किया हुआ है इसलिए दावे से कह सकता हूँ की ये बिलकुल सेफ और 100%genuine है.

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भविष्य में देखने वाली ये शक्ति आप भी पा सकते है वो भी कुछ आसान मगर प्रभावी तरीको से

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ज्यादातर लोगो का मानना है की बहुत कम लोग ऐसे है जो special है क्यों की उनके पास special psychic power है जैसे की sixth sense या फिर mid brain activation जो की आजकल बहुत common हो गया है. चीजो को छूकर उनके बारे में बताना क्या वाकई मुश्किल काम है.

आज इस तरह के online course के नाम पर पैसे लिए जा रहे है लेकिन मेरा मानना है की हम में से कोई भी इस तरह की power को घर बैठे activate कर सकता है, ना सिर्फ activate बल्कि उसके जरिये लाइफ को बहुत ज्यादा easy बना सकता है.

Intuition power in Hindi यानि भविष्य में देखने की शक्ति के बारे में इस पोस्ट में हम जानेंगे की how to develop intuition psychic power at home in Hindi.

intuition power

suppose कीजिये एक ऐसी life के बारे में जिसमे आप आने वाले किसी भी तरह के फैसले को ले और आपको बाद में अफ़सोस ना करना पड़े की आपसे कुछ गलत हो गया !

क्या ऐसा संभव है की हम जो फैसला ले वो सही हो ?

दुसरे शब्दों में कहा जाए तो अपने अन्दर की intuition power को activate कर life में कैसे हम आगे बढ़ सकते है वो भी सिर्फ एक intuition के जरिये. चलिए आज की पोस्ट में हम जानते है की intuition power के जरिये life को बेहतर कैसे बनाए.

क्या है intuition power यानि भविष्य में देखने की शक्ति  ?

Intuition एक तरह से आभास होना है उदाहरण के लिए आप एक ऐसी जगह खड़े है जो आगे चलकर दो रास्तो में बंट रही है. एक रास्ता देखने में काफी अच्छा लग रहा है और साफ सुथरा भी, वही दूसरा रास्ता कच्चा और उबड़ खाबड़ है.

आपका दिमाग कहता है की आपको साफ सुथरे रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए लेकिन आपका मन आपको ऐसा करने से रोकता है.

आप last में अपने दिल की सुनते है और कच्चे रास्ते पर आगे बढ़ते जाते है. बाद में आपको पता चलता है की वो साफ रास्ता एक दिखावा था असल में आगे जाकर वो आपको ऐसे रास्ते पर ले जाता जो आपको भटका देता.

आपको पता नहीं था की आपको किस रास्ते पर चलना चाहिए था लेकिन फिर भी आप दिल की बात मानकर आगे बढे ये एक आभास है जो हर किसी को हो सकता है.

दिल की बात सुनना या फिर मन की करना उन लोगो के साथ सबसे ज्यादा देखने को मिलती है जो दिल से फैसले लेते है और 100 में से 99% फैसले सही होते है.

अगर आप भी चाहते है की आपको भी दिल की आवाज का अहसास होना शुरू हो जाए और आप अपनी लाइफ में जो फैसले लो वो सही हो जाए या फिर आपको लाइफ में आगे बढ़ने के लिए आपको सही गाइड वक़्त वक़्त पर मिलता रहे तो आज ही intuition power के कुछ special practice at home को करना शुरू कर दे.

special practice of intuition power at home

daily life में हमारी intuition power हमें ऐसे कई संकेत देती है जिन्हें हम सही तरीके से पहचान ले तो कोई भी फैसला गलत नहीं हो सकता. इन्टरनेट पर intuition power के बारे में सबसे ज्यादा search की जाने वाली जानकारी के अनुसार कुछ common question लोगो द्वारा अक्सर पूछे गए है जैसे की;

  • Is my intuition right?
  • How do you listen to your intuition?
  • How do I hone my intuition?
  • How do you develop your intuition?

इसी तरह के सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब में हम बात करने वाले है कुछ ऐसे आसान मगर effective method की जिन्हें अपना कर कोई भी आसानी से intuition power strengthning exercise को activate कर problem को खुद के स्तर पर solve कर सकता है.

1.) अपनी body के इशारो को समझो

हमारा body हमें ऐसे कई sign देता है जो अगर स्थिति से मेल खाते है तो अच्छे संकेत होंगे नहीं तो आपको बुरा लगने लगता है. हम अपनी पहले की पोस्ट body language में इसे अच्छे से समझा चुके है की कैसे हम body language के आधार पर condition को समझ सकते है. हमारी body और हमारे विचार मेल खाने बेहद जरुरी है अगर ऐसा नही हो पाए तो समझ ले कही कुछ गलत हो रहा है जिसे ठीक करना जरुरी है.

अगर आप इसे लेकर confuse है तो एक example के जरिये और गहरे से समझने की कोशिश करते है. मान लीजिये की आप कही जा रहे है सबसे common है job interview और उसमे आपको हर हाल में success होना है लेकिन आपको कोई सही रास्ता नहीं दिख रहा है और आपका confidence भी कम हो रहा है. एक शांत जगह कुछ देर बैठ जाइये और अपनी आँखों को बंद कर ले.

आँखे बंद कर खुद को vision के जरिये ये भावना दे की क्या में इसमें success हो सकता हूँ ? थोड़ी देर तक मन में जो भी विचार चल रहे है चलने दे कुछ देर बाद आपको आपकी body में कुछ sign देखने को मिलने शुरू हो जाएंगे.

अगर आपका वहा success होना तय है तो आपको good sign of intuition जैसे की आपके अन्दर शांति का अहसास, confidence level का बढ़ना जैसे संकेत मिलने शुरू हो जाते है. अगर ऐसा नहीं होता है तो आपको बैचेनी, पेट में दर्द जैसा अहसास हो सकता है. ये निर्भर करता है आपके intuition level पर.

2.) अपने आसपास के वातावरण के sign को महसूस करना

बहुत कम लोग ही ये जानते है की आपके intuition और उस दौरान वातावरण में बदलाव आपको कुछ ऐसे इशारे करते है जिन्हें अगर आप वक़्त पर समझ जाए तो संभव है की आप किसी भी तरह के बुरे या नकारात्मक अनुभव से बच सकते है.

शकुन और अपशकुन भी इसी तरह के इशारे होते है.

मान लीजिये आप कही जा रहे है और उसी वक़्त आपके पास की टेबल से गिलास निचे गिर जाता है, आप रास्ते से जा रहे है और अचानक सड़क पर कुछ ऐसा आपके सामने गिरे जिससे आपको नुकसान हो सकता है.

ऐसे कई example है जो daily life में हम महसूस करते है. Intuition power का एक उदाहरण ये भी हो सकता है की आप अपने दोस्तों के साथ कुछ बाते कर रहे है और अचानक ही आपका ध्यान ऐसी जगह या चीज की ओर चला जाता है जो शकुन या अपशकुन से वास्ता रखती है. ये सब अचानक ही होता है.

हमारे आसपास के वातावरण में भी अचानक से ऐसे बदलाव देखने को मिल जाते है जो असल में हमें कुछ इशारे करते है अगर आप वक़्त रहते हुए उन्हें पहचान ले तो किसी भी तरह के बुरे अनुभव से बच सकते है.

3.) आपके lucky charm / sign की सुनो

कुछ लोग अपने पास ऐसी चीजे रखना पसंद करते है जो उनके लिए lucky होती है ऐसा उनका कहना होता है. ऐसे लोग जब भी important decesion लेते है तो अपने lucky charm या sign को चुमते या उससे wish जैसा कुछ करते है और फिर वो काम अच्छा साबित हो जाता है मतलब पूरा हो जाता है. लेकिन क्या वाकई कुछ चीजे lucky होती है ?

असल में ऐसा कुछ नहीं होता है. आप lucky charm से कुछ भी wish मांगते है और वो पूरी हो जाती है इसके पीछे आपका खुद का विश्वास ही काम करता है. इस universe में आप अपनी positive energy को किसी ऐसी चीज में transfer करते है जो बाद में आपके लिए lucky charm साबित हो जाती है.

अगर कोई चीज आपके लिए lucky charm है तो ये उसका जादू नहीं आपका विश्वास है की वो आपके लिए जो भी करेगा सही करेगा.

ये सब आपके intuition power के रूप में ही काम करता है असल में आपका lucky charm / sign आपके intuition power के रूप में इस ब्रह्माण्ड में से positive energy को आपके पास लाती है और आपको लगता है की आपका काम सही चल रहा है जिसकी वजह से आप हमेशा positive बने रहते है.

4.) सिर्फ अपने मन से सवाल करो और छोड़ दो

कई बार ऐसी कंडीशन आती है की उसका जवाब हां या ना में मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है. इस तरह की कंडीशन में हमारा मन बैचेन हो जाता है लेकिन इस तरह की condition में हम intuition power का सबसे बेहतर इस्तेमाल कर सकते है. आपको बस एक जगह शांत होकर बैठ जाना है और अपनी आंखे बंद खुद से सवाल को दोहराना है.

ये अभ्यास मेरा खुद का आजमाया हुआ भी है और मेरा मानना है की इस तरीके से आप जितना बेहतर कर सकते है उतना और किसी भी method से नहीं.

आपको आंखे बंद कर खुद से सवाल करना है और ये विश्वास करना है की आपका मन खुद-ब-खुद आपको इसका उत्तर ढूंढ कर देगा. इसके बाद आप दिनभर के नार्मल कार्य करते रहिये.

आप पाएंगे की दिनभर के कामो के बिच आपके मन में अचानक ही ऐसे आईडिया आते है जो आपको problem को solve कर सकते है. और ये सभी आईडिया बेहद creative और एक से बढ़कर एक होते है.

यही हमारे अवचेतन मन यानि subconscious mind का काम है जो की हमारे सवालों को background में याद रखता है और उनके solution ढूँढने की कोशिश करता है. अगर आप इसे 30 दिन तक continue daily करते रहे तो आप पाओगे की आप आसानी से किसी भी problem को solve कर पा रहे है और आपकी life भी easy बन गयी है.

5.) problem के बारे में सोचे और सो जाइए

सपने हमारी अधूरी इच्छा को पूरा करने का सबसे अच्छा जरिया है, जो भी हम असल लाइफ में ना कर पाते है उन्हें सपने के जरिये पूरा होते हुए देखना. अगर आप चाहते है की आप अपने intuition power को dreams के जरिये महसूस करे तो सोने से ठीक पहले आँखे बंद कर अपनी problem के बारे में सोचिये और विश्वास करे की आपका intuition power आपकी problem solve कर देगा फिर सो जाइये.

कुछ टाइम इसी तरह अभ्यास करने के बाद आपको सपनो के बिच आपकी problem के solution से related dreams आने शुरू हो जाएंगे.

आपको बस जागने के बाद उन्हें याद रखना है क्यों की कुछ हद तक हम सपनो में आने वाले future से related psychic dreams को महसूस कर सकते है लेकिन जागने के बाद याद नहीं रहते है क्यों की ये process अनचाही होती है जिस पर हमारा कण्ट्रोल नहीं होता है.

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Intuition power – अंतिम शब्द

ऊपर जितनी भी प्रैक्टिस डिस्कस की गयी है आसानी से daily लाइफ में impliment की जाने वाली है और जितना ज्यादा आप अभ्यास करते है लाइफ उतनी ही आसान बनती जाती है. इस तरह के अभ्यास से धीरे धीरे आपके और आपके intuition power के बिच strong connection बनता जाता है.

जब भी आपकी intuition power आपको problem से related solution provide करे आप खुद को उसके प्रति अहसानमंद मानिये और उसे ये जाहिर करे की वो आपके लिए खास है.

आप पाओगे की जितना खुद के लिए intuition power को gratitude यानि special feel करवाते है उतने ही जल्दी और बेहतर तरीके से आपका intuition power आपको बढ़िया solution provide करता है. यही same method है sub-conscious mind को activate करने का और लाइफ को और भी easy बनाने का.

दोस्तों आपको आज की पोस्ट कैसी लगी हमें जरुर बताये साथ ही हमें फॉलो ब्लॉग और youtube पर फॉलो करना न भूले ताकि आप हमारे नए अपडेट पाते रहे. को लेकर आप क्या सोचते है और आपके क्या अनुभव है हमें कमेंट के माध्यम से जरुर बताए.

क्या दूर बैठे एक्सपर्ट energy healing के जरिये हमारी problem solve कर सकते है ?

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आजकल ऑनलाइन सर्विस का बहुत चलन है. लगभग हर चीज आज की दुनिया में आपको घर बैठे मिल सकती है. distance energy healing how it works ? रैकी की तरह ही एक ऑनलाइन service है जिस पर वशीकरण, black magic और energy healing जैसी problem का solution दूर बैठे ही किया जा सकता है.

ये कैसे काम करती है और इसके पीछे का सिद्धांत क्या है. आज विज्ञान भी इसे मान चूका है तो हमारा इस बात को जानना भी जरुरी हो जाता है.

बहुत से लोगो के मन में एक सवाल उभरता है जब कोई उन्हें ये कहता है की वो दूर बैठे हुए भी उनकी problem solve कर सकता है.

for example हमारे ब्लॉग पर 2 expert है पहले paranormal solution और दुसरे spiritual problem solution एक्सपर्ट है. दोनों ही offline और online अपनी service का best देने की कोशिश करते है.

what is distance energy healing

लोगो के मन में एक बार ये बात जरुर आती है की ऑनलाइन दूर बैठे एक्सपर्ट हमारा काम कैसे कर सकते है तो आज की इस पोस्ट में मै कुमार आपके साथ distance energy healing की process कैसे काम करती है साझा करने जा रहा हूँ.

आज की पोस्ट अंत तक ध्यान से पढ़े क्यों की आज आपकी बहुत सी बातो का समाधान आपको मिलने वाला है.

what is distance energy healing – दूर बैठे energy healing क्या है ?

दूर बैठे बैठे ही माध्यम तक अपनी energy को पहुँचाना ही distance energy healing है. ये एक ऐसी process है जिसमे एक एक्सपर्ट जिसका energy level काफी high होता है किसी ऐसे व्यक्ति से कनेक्ट होता है जिसे इसकी जरुरत होती है.

distance energy healing एक ऐसी process है जिसमे expert माध्यम से जुड़ते है फिर चाहे वो दुनिया के किसी भी कोने में क्यों ना हो.

इसकी वजह ये भी है की इस whole universe में सिर्फ हमारे विचार यानि thoughts ही है जो energy के waves रूप में घूमते रहते है.

जिस तरह एक टेलीफोन लाइन या मोबाइल फोन से हम पुरे विश्व में कही भी फोन कर सकते है लेकिन हम किसी एक मोबाइल नंबर को मिलाते है तभी हम दुसरो के साथ connect होते है. ये नंबर ही वो code है जो हमें दुसरो से जोड़ता है.

how distance energy healing work – कैसे करती है ये process काम

distance energy healing process में दो चीजे होती है पहला transmitter यानी भेजने वाला और दूसरा receiver यानि ग्रहण करने वाला. अब सवाल ये है की उसी माध्यम के साथ connect कैसे हो जिससे हम जुड़ना चाहते है ? तो में आपको बता दू की ऐसे ही हम किसी से नहीं जुड़ सकते, इसके लिए कुछ steps of process होती है.

  • सबसे पहली steps माध्यम और एक्सपर्ट आपस में बात करते है ( एक्सपर्ट यही से माध्यम की energy को feel करना शुरू करते है )
  • एक्सपर्ट एक visual तैयार करते है जो की माध्यम के बात करने के आधार पर, उसकी फोटो के आधार पर बनता है.

कैसे है ये दुसरो से अलग

ये process उन प्रैक्टिस से अलग है जो अभ्यास में हाथो का इस्तेमाल करती है, जैसे की reiki यानि रैकी और पास margin में हाथो से माध्यम तक energy transfer की जाती थी वही distance energy healing की इस process में energy ( उर्जा ) का स्थानातरण एक्सपर्ट एक channel के माध्यम से करते है.

channel एक energy flow way है जो बिना किसी इशारे के एक जगह से दूसरी जगह दुरी तय करता है.

इसी को अगर और गहराई से समझना से चाहे तो इस तरह से समझ सकते है की

“हमारा शरीर असल में क्या है”

ये भौतिक शरीर, मस्तिष्क और आत्मा से मिलकर बना है. दवाई सिर्फ हमारे भौतिक शरीर पर काम करती है. मानसिक रोग और दिमाग से जुड़ी समस्या हमारे mind पर काम करती है वही आध्यात्मिक गतिविधि जैसे ध्यान energy इनफार्मेशन की process को handle करता है. सभी एक जगह ही है लेकिन असर अलग अलग देखा जा सकता है.

हमारा brain सबसे बड़ा complicated radar system है. ये पुरे विश्व भर से information जिसमे आध्यात्मिक अनुभव भी शामिल है को catch करता है. इन्हें ये energy में बदल देता है जो की दिमाग के अन्दर एक energy shell में सुरक्षित रहती है.

क्या होगा अगर विश्व भर की जानकारी हम तक पहुँचने लगे

हमारे mind के shell हमें उन information को ग्रहण करने से भी बचाती है जो हमारे लिए harmful होती है. हमारा मस्तिष्क सम्पूर्ण विश्व की जानकारी को catch करने में सक्षम है यहाँ तक विश्व में कहा क्या चल रहा वो भी !

फिर सवाल ये उठता है की अगर ऐसा है तो हम ऐसा क्यों नहीं कर पाते है ? इसकी वजह है कई तरह की ऐसी जानकारी जो हमारे लिए सही नहीं है. read this article : औरा क्षेत्र का निर्माण और उसको संतुलित रखने के उपाय

हमारा mind हर इनफार्मेशन पर अपनी प्रतिक्रिया देता है और अगर वो ऐसी जानकारी catch करने लगे जो हमारे लिए बिलकुल नयी हो तो हमारा दिमाग इतना over-react करने लगेगा की हम पागल भी हो सकते है.

हमारा दिमाग एक ऐसे फ़िल्टर की तरह काम करता है जो अनचाही चीजो को पहले से ही रोक देता है. आध्यात्मिक यात्रा में हम इसी लिमिट को हटाते है और वो देखते और अनुभव करते है जो हम चाहते है. यही है distance energy healing की process.

expert और medium का आपसी connection process

distance energy healing  की इस प्रक्रिया में expert का दिमाग एक ऐसे device की तरह काम करता है जो medium की energy को पहले अपने तक महसूस करता है फिर उसके हिसाब से energy को उसी way में reflect करता है जिस ओर से energy उसकी तरफ आई है.

अगर माध्यम का एक्सपर्ट पर भरोसा है और वास्तव में वो इसकी जरुरत महसूस करता है तो energy हीलर की wave उस तक पहुँचती है.

कई मामले में लोग एक ही बार में एक साथ कई लोगो की help लेने की कोशिश करते है जिसकी वजह से वो medium हर स्त्रोत से energy को accept करने लगता है और उर्जा के इस टकराव की वजह से medium को इसका benefit नहीं मिल पाता है.

इसलिए ये तो क्लियर है की अगर आप वास्तव में खुद को जरूरतमंद महसूस करते है तो आपको हीलर पर trust और faith दोनों बनानी पड़ती है.

सब कुछ energy और frequency से ही बना है

Everything is energy and that’s all there is to it. Match the frequency of the reality you want and you cannot help but get that reality. It can be no other way. This is not philosophy. This is physics.” Albert Einstein

distance energy healing process को quantum physics में भी explain किया जा चूका है.

अल्बर्ट आइन्स्टीन की ये बाते भी यही साबित करती है की सबकुछ energy से बना है frequency से दो energy को match करते है और हम किसी से जुड़ते है. दुसरे शब्दों में कहे तो जिनसे हमारा मन मिलता है हम उन्ही के साथ ज्यादा क्लोज होते है ये यही है.

आखिर क्यों distance energy healing में दूरी मायने नहीं रखती है

इसके पीछे की वजह है की energy और frequency इस universe में हर जगह फैली हुई है अगर आप किसी के साथ connect होना चाहते है तो आपको सिर्फ उसकी frequency को catch करने की जरुरत है. ठीक उसी तरह जैसे हम मोबाइल पर एक खास नंबर मिलाकर ही किसी खास व्यक्ति से बात कर पाते है.

energy healer सिर्फ आपकी बातो से ही आपकी frequency को catch कर आप तक पहुँचने की कोशिश करते है. इसके बाद माध्यम भी खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार कर लेता है तो वो उस energy को accept करने लगता है और उर्जा उस तक पहुँचने लगती है. सीधे शब्दों में कहे तो distance energy healing तब तक संभव नहीं है जब तक की माध्यम खुद इसके लिए तैयार ना हो या connect होने की कोशिश न करे.

हम देव पूजा करते है तो उनकी कृपा हम पर बनी रहती है लेकिन आपको कब पता चलता है की उनकी कृपा आप पर बन रही है simple है जब आप उन्हें याद कर रहे हो और आपका काम बन जाए. इसी को लेना और वापस करना कहते है.

विज्ञान भी यही कहता है की हम universe में जिस तरह के विचार भेजते है हमें परिणाम भी उसी के हिसाब के मिलते है क्यों की energy कभी ख़त्म नहीं होती है वो एक source से दुसरे source की तलाश करती है और इसके बिच का सफ़र वो universe में तय करती है.

Read : बिना किसी मैडिटेशन के आसानी से तीसरे नेत्र का जागरण करने के 6 सबसे कारगर तरीके

distance energy healing – final word

दोस्तों कुछ समय से लोगो के मन में हमारे ब्लॉग की ऑनलाइन service को लेकर सवाल उठ रहे थे की क्या ये संभव है की हम आपका काम ऑनलाइन या इतनी दूरी से कैसे कर सकते है इसलिए आज की पोस्ट distance energy healing में हमने इसी तरह की बातो को फोकस किया है जिससे की आपको पता चल सके की ब्लॉग कितनी सच्चाई पर है और अगर कमी है तो कहा है या हो सकती है.

हमारी ऑनलाइन service जैसे की त्राटक, ध्यान, अवचेतन मन, energy healing जैसे कोर्स इसी सिद्धांत पर काम करते है. इसी के अलावा वशीकरण, paranormal और black मैजिक जैसी service भी genuine available करवाते है.

निवेदन :- उम्मीद करता हूँ आपको आज की पोस्ट पसंद आई होगी आपके विचार और सुझाव हमें comment के माध्यम से जरुर बताये साथ ही ब्लॉग subscribe करना ना भूले ताकि हम आपको नए अपडेट आपकी ईमेल पर भेज सके.  आप हमें youtube और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर भी फॉलो कर सकते है.

शाबर मंत्र की साधना सिद्ध हुई है या नहीं इसका पता करने के कुछ आसान तरीके

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सबसे आसान shabar mantra siddhi vidhi कौनसी है जिससे घर बैठे shabar mantra jagane ki vidhi कर सके ? ज्यादातर लोग kamna siddhi mantra या फिर sarva karya siddhi shabar mantra को shabar mantra vidhi ke sath कई जगह से पाने की कोशिश करते है.

इसीलिए आज हम shabar mantra sadhana siddhi hindi के बारे में जानेंगे ताकि कुछ खास मंत्र साधना जैसे की sarva siddhi mantra in hindi  को आसानी से कर सके.

ब्लॉग पर पहले से ही shabar mantra siddhi in Hindi pdf को अपलोड किया जा चूका है आप चाहे तो कुछ अच्छे मंत्र का चुनाव कर सकते है.

Shabar mantra siddhi in Hindi

शाबर मंत्र के बारे में तो आप सबने सुना ही होगा ये स्थानीय भाषा में लिखे हुए ऐसे मंत्र है जो आसानी से सिद्ध हो जाते है, किसी तरह की खास सावधानी भी नहीं रखनी पड़ती और तो और इनमे दुसरे मंत्र की तरह उच्चारण में ज्यादा सावधानी भी नहीं रखनी पड़ती है.

यही वजह रही है की ज्यादातर लोग शाबर मन्त्र की साधना करना चाहते है. चलिए आज बात करते है की सरलता से किसी भी प्रकार के shabar mantra siddhi vidhi को आसानी से घर पर कर सकते है.

Shabar mantra siddhi in Hindi

ये सच है की शाबर मंत्र आसानी से सिद्ध किये जा सकते है लेकिन इसके लिए भी ऐसी कई गुप्त विधि होती है जिन्हें सिर्फ एक जानकार या फिर कोई गुरु ही solve कर सकता है.

इन्ही जानकारी के अभाव में शाबर मंत्र अपना असर नहीं दिखा पाते है इसलिए आज आपके लिए कुछ नयी जानकारी है

  • शाबर मंत्र सिद्ध क्यों नहीं होते है
  • shabar mantra को आसानी से सिद्ध कैसे करे
  • shabar mantra सिद्धि के लक्षण क्या है
  • sarva siddhi mantra in Hindi  – मनोकामना पूर्ण मंत्र
  • गुरु मंत्र साधना विधि – बिना किसी गुरु के सभी मंत्र को सिद्ध करने की विधि
  • शाबर मंत्र सिद्ध क्यों नहीं हो पाते है ?

शाबर मंत्र वास्तव में आपकी विश्वास की उर्जा पर काम करते है बिलकुल वैसे ही जैसे टोटके काम करते है.

अगर आप बिना किसी श्रद्धा और विश्वास के किसी साधना विधि को करते है तो आपको कोई लाभ नहीं मिलता है. शाबर मंत्र जाग्रत नहीं होते और आपको लगता है की ये काम नहीं करते या फिर shabar mantra vastv me kam karte bhi h ya nahi ?

शाबर मंत्र किस प्रकार काम करते है?

सामान्य और महामंत्र में मंत्र की ध्वनि का महत्व होता है वही शाबर मंत्र काम करते है साधक की श्रद्धा और विश्वास पर.

इनके उच्चारण और मंत्र को पढ़कर आपको अजीब लग सकता है क्यों की हमें लगता है इनमे मंत्र जैसा कुछ नहीं लेकिन वास्तव में इनके पीछे आपका strong willpower काम करता है.

गुरु गोरख नाथ और शाबर मंत्र :

नाथ सम्प्रदाय में गुरु गोरखनाथ सबसे अग्रणी है उन्हें शाबर मंत्र का आराध्य देव भी माना जाता है.

ऐसा माना जाता है की शाबर मंत्र सबसे पहले उनके द्वारा ही अस्तित्व में आये थे जिन्हें बाद में आने वाले नाथ गुरु ने और भी आगे बढाया. अगर आप चाहते है की शाबर मंत्र आसानी से सिद्ध किये जा सके तो आपको गुरु गोरखनाथ की पूजा करना चाहिए.

Read : Astral Travel projection की ये 10 technique न सिर्फ आसान है बल्कि सही तरह से अनुभव करने में भी कारगर है

shabar mantra को आसानी से सिद्ध करने की विधि

हम किसी चीज को तभी सीखते है जब वो हमें गुरु या गाइड के मार्गदर्शन में सिखने को मिलने. इसीलिए ज्यादातर लोग योग्य गुरु की तलाश में भटकते रहते है.

बहुत पहले की एक विधि है जिसके जरिये हम सभी तरह के शाबर मंत्र जैसे की vashikaran shabar mantra, मारण मंत्र और अन्य किसी भी तरह के shabar mantra को ghar baithe jagrat कर सकते है.

Love Spells and the Basics of Love Magic

Shabar mantra siddhi in Hindi के दो उपाय होते है पहला किसी भी मंत्र को गुरु के निर्देशन में पूरा करो और दूसरा आराध्य देव को ही अपना गुरु बना लो.

इसके लिए आपको विधिवत पूजा करनी जरुरी होती है. shabar mantra को सिद्ध करने के लिए इसके आराध्य देव गुरु गोरखनाथ की एक पूजा विधि है जिसके जरिये हम किसी भी तरह के शाबर मंत्र को आसानी से सिद्ध और जाग्रत कर सकते है.

Shabar mantra siddhi in Hindi – गुरु शाबर मंत्र साधना विधि

ये विधि 40 दिन की है जिसमे आपको गुरु गोरखनाथ पूजा और मंत्र साधना करनी होती है. इस साधना के बाद सभी तरह के शाबर मंत्र को आप आसानी से जाग्रत कर सकते है और कम समय में उन्हें सिद्ध कर सकते है. guru gorakhnath shabar mantra sadhna की इस vidhi में आपको निम्न चीजो की आवश्यकता होती है.

  • एक कम्बल को साधना में बैठने के लिए एक आसन के रूप में चाहिए
  • बड़ा मिट्टी का कटोरा जिसमे हम घर में धूप करते है
  • कलश जो साफ पानी या फिर sea water से भरा होना चाहिए.
  • गाय के कंडे का उपला ( cow dung cake )
  • एक बड़ा दीपक ( diwali lamp ) जो नियमित रूप से साफ होना चाहिए.
  • घी जो की साधना के दौरान दीपक के लिए पर्याप्त हो.

ये सभी चीजे आपको सिर्फ और सिर्फ Shabar mantra siddhi in Hindi की साधना में इस्तेमाल करनी है इसके अलावा नहीं. जब इन सभी चीजो को जुटा ले तब साधना विधि को निम्न तरह से करना है.

पढ़े  : तांत्रिक इस विधि का प्रयोग कर नारियल और अनाज के दानो में पारलौकिक समस्या को देखते है – आप भी देख सकते है

Shabar mantra siddhi in Hindi – विधि का सही तरीका

गुरु गोरख नाथ सिद्धि मंत्र की ये साधना आपको इस तरह से करनी है. Shabar mantra siddhi in Hindi के लिए आपको नियमित 4 घंटे साधना में बिताने है जो की सुबह 2:30 से शुरू हो कर 6:30 AM तक चलेगी.

ये साधना कुल 40 दिन की है जिसमे आपको गुरु गोरख नाथ के गुरु मंत्र का जाप करना होगा. इसके लिए सुबह समय पर उठ कर नहा ले और साफ़ पानी का कलश भर साधना कक्ष में आसन ग्रहण कर साधना पूर्ण करने का संकल्प ले.

दीपक जलाए और इसे अपने सामने इस तरह रखे की ये आपकी आँखों के बिलकुल सामने हो और आपको थोड़ा सा भी झुकना या हिलना डुलना न पड़े.

आपको दीपक की लौ में देखते रहना है और गुरु मंत्र का जाप करना है इस दौरान आपका पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ दीपक की लौ पर होना चाहिए. ये साधना विधि इसी तरह 4 घंटे रोज और 40 दिन तक करनी है. गुरु गोरखनाथ साधना मंत्र

Om Shiv Guru Gorakshnaathay Namh:
ॐ शिव गुरु गोरक्षनाथाय नमः 

Shabar mantra siddhi in Hindi साधना के बाद क्या करे

जब 40 दिन की ये साधना पूर्ण हो जाए तो अपने बूते के हिसाब से गरीब बच्चो को खाना खिला दे. आपकी साधना पूर्ण हो जाएगी. इसके बाद आप जब भी किसी मंत्र को सिद्ध करने की कोशिश करेंगे वो आसानी से सिद्ध हो जायेगा. साधना पूर्ण हो जाने के बाद भी आपको रोज 1 घंटा गुरु मंत्र जाप को नियमित रखना पड़ेगा.

हर रोज जब मंत्र जप पूर्ण हो जाए मिटटी के बड़े कटोरे में उपले जो की पूरी तरह से सुलगे हुए हो ले और उस पर थोड़ी सी चीनी या गुड़ और घी का हवन दे पुरे घर में घुमाए जिससे की घर में सकारात्मक उर्जा का वास बढे. इसके अलावा कलश में रखे पानी को भी घर में छींटे दे और हर रोज नया पानी बदले.

गुरु मंत्र साधना के अन्य लाभ

गुरु गोरखनाथ की गुरु मंत्र साधना की ये विधि सबसे उच्च स्तर की तो है ही इसके और भी कई फायदे है जैसे की ये साधना विधि साधक में tratak se sammohan ki power पैदा करती है जिससे साधक किसी को भी आसानी से आकर्षित कर सकता है.

Shabar mantra siddhi in Hindi की इस साधना का ये फायदा भी है की ये साधना किसी भी तरह के नकारात्मक शक्ति के घर में वास को दूर करती है, काले जादू के प्रभाव को दूर करता है साथ ही घर में सकारात्मकता का वास होता है.

कैसे पता करे की शाबर मंत्र की साधना सफल हुई है या नहीं

शाबर मंत्र साधना और वैदिक मंत्र साधना दोनों में ही अंत में ये सवाल मन में आता है की जिस मंत्र को उन्होंने सिद्ध किया है वो वास्तव में सिद्ध हुआ भी है या नहीं.

हालाँकि दोनों ही मंत्र की साधना में सिद्धि का विधान एक ही है लेकिन शाबर मंत्र तो पहले से ही सिद्ध होते है ऐसे में Shabar Mantra Siddhi Mantra Prayog Vidhi को लेकर मन में सवाल जरुर उठते है.

तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते

वैसे आपको पता होना चाहिए की Shabar mantra siddhi sadhna में जो सिद्धि प्रयोग किया जाता है वो मंत्र को सिद्ध नहीं करता है बल्कि एक तय मात्रा में जाप करने से उसमे परिपक्क्वता आती है.

जून 2020 में 5 तारीख को आने वाले ग्रहण के दौरान Shabar Mantra Siddhi Mantra Prayog Vidhi को लेकर हमने पहले ही साधना share कर दी है.

मंत्र साधना में सिद्धि के बाद प्रयोग कैसे करे ?

किसी भी वैदिक मंत्र की साधना के लिए साधक के मन में दृढ़ संकल्प और निष्ठा का होना बेहद जरुरी है.

साधना के अभ्यास से पहले अपने इष्ट देव का नाम 3 बार ले और फिर मंत्र प्रयोग करे. इसके बाद फिर से 3 बार अपने इष्ट का नाम ले और उनसे प्राथना करे की वो आपकी सहायता करे. उदाहरण के लिए आपने हनुमान जी की साधना की है.

पहले तीन बार श्री राम का नाम ले फिर हनुमान साधना मंत्र प्रयोग करे और उसके बाद 3 बार फिर से श्री राम का नाम ले.

हनुमान जी से प्राथना करे की वो आपके साधना प्रयोग को सफल बनाए. अक्सर वैदिक साधना के असफल होने की वजह हमारे मन में की गई साधना के प्रति विश्वास की कमी होती है.

किसी भी शाबर मंत्र की साधना में गुरु गोरखनाथ का ध्यान लगाना आपकी साधना को पूर्ण बनाता है क्यों की उन्हें शाबर मंत्र के रचयता के रूप में माना जाता है.

मंत्र की साधना के दौरान आपको पहले ॐ श्री परमात्मने नमः का 3 बार जप करना चाहिए. मंत्र प्रयोग के बाद भी यही प्रक्रिया दोहरानी है. ऐसा आपको तब करना है जब आपको पता नहीं हो की मंत्र किस देवी या देवता से जुड़ा है.

गुरु मंत्र साधना विधि क्यों करना चाहिए :

बहुत से लोग साधना में सिर्फ इस वजह से आगे नहीं बढ़ पाते है क्यों की उन्हें योग्य गुरु या गाइड नहीं मिल पाते है. लेकिन अगर उन्हें एक मार्ग दिखाया जा सके तो वो साधना पथ में काफी उन्नति कर सकते है अगर आपको लगता है की आप साधना करना चाहते तो है लेकिन गुरु के बगैर कैसे करे जिससे की सही रिजल्ट मिले तो आपको गुरु गोरख नाथ के गुरु मंत्र के जाप साधना की विधि को जरुर करना चाहिए.

इससे शाबर मंत्र को आसानी से जाग्रत तो किया जा सकता है ही साथ में किसी भी तरह के अन्य नकारात्मक प्रभाव को भी हटाया जा सकता है.

शाबर मंत्र से जुड़ी ये पोस्ट भी पढ़े

Shabar mantra siddhi in Hindi – अंतिम शब्द

दोस्तों हमारी हमेशा कोशिश रहती है की आपको हमेशा महत्वपूर्ण जानकारी मिले. जिन लोगो को शाबर मंत्र साधना में आगे बढ़ना है लेकिन सही तरीका पता नही है उनके लिए ये गुरु मंत्र साधना बेहद काम की साबित हो सकती है.

आज की पोस्ट Shabar mantra siddhi in Hindi को लेकर है जो आपको कैसी लगी हमें जरुर बताये.

इस पोस्ट में आपको shabar mantra jagane ki vidhi के बारे में पूरी जानकारी मिली है फिर भी किसी तरह के शंका या सवाल के आप कमेंट में पूछ सकते है.

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ध्यान में की जाने वाली सबसे बड़ी गलतिया जिन्हें आप सही मानते है कैसे करे सही अनुभव-2023 updated

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लोगो को अक्सर मैडिटेशन करते वक़्त बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कुछ लोगो को ध्यान में अच्छे अनुभव नहीं हो पाते है जिसकी वजह से उन्हें मैडिटेशन करना बोरियत लगने लगता है.

आज की पोस्ट में हम बात करेंगे meditation posture mistake यानि ध्यान में बैठने का गलत तरीका, common mistake in meditation जैसे की सही अनुभव नहीं हो पाना, खुद को ध्यान में सहज महसूस ना करना ऐसे ही कई गलतिया जो ध्यान में की जाती है.

आज हम ऐसी कुछ top mistake during meditation के बारे में बात करने वाले है.

top mistake in meditation

क्या आपने कभी अपना कुछ समय ध्यान लगाने में बिताया है ? हम अक्सर लोगो से नेट से ध्यान के लाभ सुन कर या किसी के कहने पर ध्यान का अभ्यास करना शुरू करते है कुछ समय तक सब कुछ वैसे ही होता है जैसे की हमें बताया जाता है लेकिन इसके बाद हमें कुछ भी अलग अनुभव नही होता है.

बहुत से लोगो की शिकायत रहती है की उन्हें ध्यान में कुछ समय तक सब सही अनुभव रहते है लेकिन बाद में वो कुछ भी अनुभव नहीं कर पाते है उल्टा इससे उनमे irritation बढ़ी है जिसकी वजह से वो मैडिटेशन करना बिच में ही छोड़ देते है.

आज की पोस्ट में हम बात करने वाले है की हम ध्यान में ऐसी कौनसी mistake करते है जिसकी वजह से सही अनुभव नहीं होते है.

top mistake in meditation in hindi

अगर आप सिर्फ किताबो से पढ़ कर, किसी से भी सुनकर या बगैर किसी एक्सपर्ट की सलाह के सीधे ही meditation ki ghar par practice करना शुरू कर देते है तो इस बात के 99% चांस है की आपको सही अनुभव ना मिले और आपको meditation की वजह से physically or mentally damage या harm पहुंचे.

ध्यान करने से पहले आपको निचे दिए पॉइंट को समझना चाहिए तभी आपको बेहतर अनुभव और अच्छे परिणाम ध्यान में मिल सकते है.

# आप ध्यान में आने वाले व्यवधान को समझ नहीं पाते है

ज्यादातर लोग जो meditation की practice ghar  में beginner होते है, ध्यान लगाने से पहले head-phone लगा लेते है, दरवाजा लॉक कर लेते है और तमाम ऐसी चीजे दूर कर लेते है जो उन्हें ध्यान में डिस्टर्ब कर सकती हो. क्या ये सही है ? अक्सर लोगो को लगता है की इससे वो बेहतर प्रैक्टिस कर सकते है.

लेकिन नयी खोज से ये सामने आया है की ऐसा करना सही नहीं है. ये सबसे बड़ी mistake in meditation है.

अगर आप इन सब माध्यम का use मैडिटेशन में करते है तो आप पाते है की जब भी कोई अनजाने में ही आपके पास आता है तो आप ज्यादा distract हो जाते है.

मान लीजिये की आपने हेड फोन लगा लिया और ध्यान कर रहे है, जब तक हेड फोन चलता है आप अच्छा अभ्यास करते है लेकिन जब वो बंद हो जाता है तब ?

आपका ध्यान उसकी वक़्त टूट जाता है जब हेड फोन बंद हो जाता है. ठीक इसी तरह आप दरवाजा लॉक कर बैठे है ध्यान की अवस्था में और अचानक ही किसी ने दरवाजा नॉक कर दिया, आपका ध्यान उसी वक़्त ना सिर्फ टूटता है बल्कि आप irritate feel करने लगते है.

ये सब उनके लिए कॉमन है जो ध्यान की प्रारम्भिक अवस्था में है. ऐसा क्यों ?

इन सब चीजो का ध्यान लगाने से कोई कोई रिलेशन नहीं है की आप इन चीजो का प्रयोग करे तो बेहतर अनुभव मिलेंगे बल्कि distraction तो meditation में observe किया जाता है.

इसे सही तरीके से करने के लिए ध्यान की अवस्था में सबसे पहले उन चीजो को observe किया जाता है जो आपके mind को distract करती है. जब इन सबकी पहचान हो जाती है तब इन्हें ignore किया जाता है ना की इनसे बचा जाता है.

# mistake in meditation – आप सिर्फ बाह्य माध्यम पर निर्भर रहते है

मैडिटेशन जैसे ही पोपुलर हुआ इसके साथ ही कुछ मैडिटेशन म्यूजिक और apps भी पोपुलर हुए है. इसकी वजह है की ये डायरेक्ट आपके विचारो पर असर डालते है और आपको रिलैक्स होने में मदद मिलती है जिसे आप ध्यान में बेहतर अनुभव समझते है.

लेकिन अब ऐसा नहीं है क्यों की ये चीजे धीरे धीरे हमारी जरुरत बन जाती है और इनके बगैर हम मैडिटेशन कर ही नहीं पाते है.

एक्सपर्ट का मानना है की अगर हम सिर्फ इन चीजो के आधार पर ध्यान लगाते है तो सिर्फ हमारा बाह्य मन ही विचारो द्वारा गाइड किया जाता है लेकिन अंतर्मन का क्या ?

वो तो इस चीज से अछूता रहता है, इस अवस्था में आप बिलकुल वैसे ही है जैसे की दो में से किसी एक को ज्यादा महत्व देना. इससे ये होगा की आपका सिर्फ बाहरी मन कण्ट्रोल और गाइड होता है लेकिन अंतर्मन वैसे का वैसे ही रहता है.

इससे बचे हालाँकि आप शुरू में इसका प्रयोग कर सकते है लेकिन धीरे धीरे अभ्यास में खुद के बॉडी और mind को involve करे ब्लॉग पर इसके लिए न्यास ध्यान और शवासन की सबसे अच्छी पोस्ट है जो आपको इसमें सहायक सिद्ध हो सकती है. इसमें आप खुद अपने बॉडी और mind को स्टेप्स में गाइड कर बेहतर अनुभव कर सकते है.

# biggest mistake in meditation – आप खुद को ध्यान में खोया हुआ पाते है

सांसो पर ध्यान लगाना शुरू से ही एक विधि है ध्यान में विचारो से छुटकारा पाने की हम जैसे ही खुद को सांसो पर फोकस कर लेते है तो अपने आप ही कुछ समय बाद हम पाते है की हम खुद को विचारो से मुक्त हुआ पाते है यानि विचार कण्ट्रोल कर हो जाते है.

लेकिन क्या उन विचारो को कण्ट्रोल करना ही आपका उदेश्य था ? ये तो बिलकुल वैसे ही है जैसे की problem को आगे सरका देना. कुछ देर के लिए problem से दूर होना solution नहीं है. ज्यादातर problem हमें ध्यान की अवस्था में महसूस होती है जो दूसरी किसी अवस्था में नहीं होती है.

Meditation techniques for beginners

ध्यान में सांसो द्वारा किसी विचार को दबा देना या ignore कर देना सिर्फ एक ray of light है अगर आपको वास्तव में light of मैडिटेशन awareness को feel करना है तो आपको इसमें बदलाव लाना पड़ेगा. ये अवस्था आपकी लाइफ की problem को thought के रूप में आपके सामने लाती है जिससे आपको ही फेस करना पड़ेगा.

जब भी आपको ध्यान में ऐसी problem आये खुद की feeling को उन problem के साथ जोड़ दो. आपको उन problem को ignore नहीं समझने की जरुरत है तभी वो solve हो सकती है और वो भी ध्यान में फोकस की अवस्था में आने से पहले.

अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आप उन सभी problem को कुछ समय के लिए ignore कर देंगे जो कुछ समय बाद फिर से वापस आने लगती है.

# आप अपने बॉडी टाइप के हिसाब से गलत ध्यान कर रहे है

ध्यान लगाते वक़्त कई बार ऐसा होता है की हम physically comfort feel नहीं कर पाते है. इसकी वजह होती है हमारा शरीर के अनुसार ध्यान के प्रकार का चुनाव ना कर पाना. मान लीजिये आप सही से बैठ नही सकते और आप पद्मासन लगाने की कोशिश कर रहे है, क्या आप कर पायेंगे ?

नही इसलिए ध्यान लगाने से पहले ये सुनिश्चित कर ले की जिस आसन में आप ध्यान लगा रहे है या इसकी विधि कर रहे है आप इसमें पूरी तरह comfortable हो.

ध्यान कभी भी मन के विचारो से लड़ने के लिए नहीं किया जाता ये सिर्फ एक स्टेप्स है इसलिए ध्यान की उसी विधि का चुनाव करे जिसमे आप खुद को comfortable महसूस करे ना की खुद को परेशान.

# main mistake in meditation – ध्यान की एक ही विधि का चनाव करना’

कई लोग ध्यान की सिर्फ एक ही विधि के पीछे अपनी लाइफ का बहुत सारा समय बिता देते है और अंत में उन्हें realize होता है की उनके लिए तो कोई और विधि बेहतर साबित हो सकती थी. इसलिए ध्यान लगाने से पहले कई विधि का चुनाव करे जो सबसे अच्छी लगे उसी विधि पर अभ्यास करे. आज सबसे ज्यादा अगर कोई विधि पोपुलर है तो वो है विपासना ( vipassna meditation ) विधि या फिर सांसो पर ध्यान लगाने की विधि.

ये जरुरी नहीं की आपके लिए भी ये विधि पूरी तरह सहज हो. इन विधि के अलावा mantra meditation, visualization meditations ( काल्पनिक अवस्थाओ पर ध्यान ), walking meditations ( टहलते हुए ध्यान ), contemplation meditations जैसी भी बहुत सारी विधि है जिन पर आप ये देख सकते है की कौनसी आपके लिए बेस्ट है.

अगर आपने अपने लिए बेस्ट विधि का चुनाव कर लिया है और अच्छे अनुभव मिल रहे है तो बढ़िया है लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो आप अन्य विधियों को अजमा कर देखे आपको बेनिफिट और अच्छा अनुभव जरुर मिलेगा.

# किसी भी ध्यान की विधि में खुद को लम्बे समय तक ना रख पाना

कुछ लोग होते है जो थोड़े ही टाइम के लिए किसी एक विधि पर टिक पाते है. मान लीजिये आपने सांसो पर ध्यान की विधि का शुरू में चुनाव किया आपको 7-8 दिन तक अनुभव नहीं मिले तो आपने विपस्सना शुरू कर दी इसमें भी वही स्थिति रही तो आपने मंत्र ध्यान शुरू कर दिया.

क्या ऐसा करना सही है. ध्यान की सिर्फ सही विधि का चुनाव ही काफी नहीं बल्कि उस पर टिके रहना भी सफल ध्यान का हिस्सा है. जरुरी नही की आपको शुरुआती दिनों में ही सही अनुभव मिलना शुरू हो जाए.

कुछ दिन तक अगर आपको किसी एक विधि में अनुभव नही मिल रहे तो उसकी वजह को तलाशने की कोशिश करे बजाय की विधि को बदलने के. दुसरे शब्दों में कहे तो

“ध्यान की विधि के तरीके बदलाव लाये बजाय विधि को बदलने के”

अगर meditation की कोई विधि आपको physically और mentally uncomfortable feel करवाती है तो उसे बदल लेना ही बेहतर रहता है.

# common mistake in meditation – आपका लक्ष्य ही लॉजिक से परे है

किसी ने आपको कह दिया की ये ध्यान का अभ्यास कर लो और आप खुद को सुपरमैन बना लोगे, ये अभ्यास करने पर आप में ये शक्ति आ जाएगी खासतौर से tratak se sammohan shakti hasil करना. ऐसा कभी नहीं हो सकता अगर आपने पहले कभी उस फील्ड का अभ्यास ना किया हो.

ये बिलकुल वैसे ही है जैसे छोटे से बच्चे को 12 क्लास की किताबे पढ़ाना जबकि उसने 5 क्लास ही नहीं पढ़ी. ध्यान कोई जादू नहीं है जो चुटकियो में आपकी समस्या का समाधान कर दे, ना ही ये कम टाइम में बेहतर परिणाम दे सकता है इसलिए हमेशा लॉजिक के साथ अभ्यास करे.

हम हमारे ब्लॉग पार कही भी कम टाइम में ही सुपर पॉवर बन जाने वाली पोस्ट नहीं करते क्यों की सबको सही गाइड करना ही हमारा मकसद है वो इसलिए क्यों की कोई भी अभ्यास वक़्त के साथ और स्टेप्स में ही पूर्ण होता है.

इसलिए जब भी आपको लगे की आपको ध्यान में बेहतर अनुभव नहीं मिल रहे या फिर जो आपने सोचा वो नहीं मिला तो खुद को समझाए की अभ्यास में धेर्य के साथ ही बेहतर अनुभव मिल सकते है.

# आपने अभी तक सही जानकारी जुटाई ही नहीं है

सिर्फ एक किताब पढ़ लेना, एक ही व्यक्ति से जानकारी लेना या फिर एक ही जगह से सुचना प्राप्त कर ध्यान की विधि का अभ्यास करना काफी नहीं है. सही व्यक्ति हमेशा 1 चीज की 10 जगह से जानकारी जुटाता है, गुण और दोष की जानकारी पता करता है इसके बाद ही अभ्यास शुरू करता है. अभ्यास करने से पहले

  • अपनी शंका का समाधान करना
  • अभ्यास के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना
  • गुण और दोष यानि फायदे और नुकसान की सही जानकारी का पता करना
  • अभ्यास से जुड़ी हर संभव जानकारी हर जगह से जुटाना
  • सबसे अंत में अभ्यास से जुड़ी हर चीज को जुटाना

ये सब कर ले ताकि आपको सही और बेहतर अनुभव मिल सके. अगर आप इनके बगैर अभ्यास करते है तो आप कभी इसमें सफलता हासिल नहीं कर पाएंगे उल्टा meditation से आपको physical और mental damage और harm जरुर हो जायेगा.

यही वजह रहती है की जो लोग मंत्र से जुड़ी ध्यान या अन्य साधना करते है वो कभी सफल नहीं होते है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

top 10 mistake in meditation we made in begining

अब तो आप समझ ही गए होंगे की dhyan me safal hone ke liye kya avoid kare, किन चीजो को अपनाए ताकि अभ्यास में बेहतर अनुभव मिले.

अगर आप ऐसा कर लेते है तो आप पहले से भी ज्यादा बेहतर अनुभव हासिल कर सकते है. ध्यान में अपनी गलतियों को पहचाने और उन्हें सही करे यही आपके बेहतर अनुभव के लिए काफी है.

आज की पोस्ट mistake in meditation आपको कैसी लगी हमें जरुर बताये.

ध्यान लगाना अब आपके लिए बोरियत से भरा नहीं रहेगा. आप खुद एक जगह शांत होकर बैठना पसंद करेंगे, इसलिए नहीं की आप ऐसा सोचते है बल्कि इसलिए की ऐसा कारण आपको अच्छा लगता है. कोई भी चीज आपको परेशान नहीं कर रही और आप अब खुद को बेहद शांत और खुश महसूस करते है.

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भावुक होना कमजोरी नहीं ताकत है जानिए भावुक लोगो की सबसे बड़ी powers के बारे में

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क्या आप मानते है की emotionally sensetive person यानि भावुक लोग अक्सर कमजोर होते है अगर हां तो आज की इस पोस्ट में आपको भावुक लोगो की ऐसी powers समझने को मिलने वाली है जिसके बाद आप भावुक लोगो को कमजोर समझने की गलती नहीं करेंगे.

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है की हम जिसे कमजोरी समझते है वो ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होती है. अगर ऐसा ही है तो कमी कहा देखने को मिलती है? आज की पोस्ट में हम कुछ सवालों के जवाब जानने की कोशिश करेंगे जैसे की highly sensitive person symptom की पहचान क्या है ?

Why I am so sensitive emotionally or why I am so sensitive and cry easily जैसी बहुत सी मुश्किल बाते जो हमें परेशान करती है की भावुक होना कमजोरी की निशानी है या फिर ताकत की.

emotionally sensetive person

कमी होती है हमारी सोच में एक ही बात को दो अलग अलग नजरिये से सोचना और फिर उनके result पर गौर करना.

जैसे की अगर आप किसी भी बात पर बहुत जल्द रोने लगते है तो इसका मतलब ये नहीं है की आप कमजोर है बल्कि आप झूठ बर्दास्त नहीं कर पाते है ये बात और है की आप अपनी सच्चाई साबित नहीं कर पाते है जिसकी वजह से आप रोने लगते है.

चलिए बात करते है भावुक लोगो की असली ताकत की जिसे समझने के बाद आप कभी भी ऐसे लोगो या खुद को कमजोर नहीं समझेंगे.

भावुक यानि emotionally sensetive person क्यों होते है

भावुक होना एक गुण है ना की कमजोरी. ये दर्शाता है की आप दुसरो की परवाह करते है, सच्चे दिल के है या फिर आप इमानदार है. देखने में आता है की भावुक लोग हालात के आगे इतने ज्यादा भावुक हो जाते है की रोने लगते है इसलिए नहीं की वो कमजोर या बेबस है बल्कि इसलिए की वो दुसरो का दर्द असली मायने में समझते है.

अगर आप किसी की परवाह करते है और वो इसे समझ नहीं पाता है तो आप चीखने लगते है जो जाहिर करता है की आपको उनकी कितनी फ़िक्र है यही नहीं दुःख होता है जब दुसरे आपकी बात समझ नहीं पाते है लेकिन यकीन मानिये जब लोगो को इसका अहसास होता है उनके दिल में आपके लिए असली इज्जत पैदा होती है.

पूर्वानुमान की क्षमता :

भावुक लोग अपने आसपास यहाँ तक दूर बैठे लोगो के मन के भाव को भी पकड़ सकते है. जैसे की एक माँ अपने बच्चे के लिए सबसे ज्यादा फ़िक्र करती है जब भी वो खुद को अपने बच्चे की मदद ना करने की स्थिति में पाती है तो रोने लगती है जिसे देखकर बच्चे का ध्यान भी माँ की तरफ चला जाता है.

दूर रहकर भी वो इस बारे में जागरूक रहती है की उसकी संतान के साथ क्या हो रहा है.

स्पंदन यानि vibration को महसूस करने की क्षमता :

कुछ लोग सिर्फ हालात देखकर या महसूस कर ही बता देते है की यहाँ क्या हुआ था. हम जब भी कही किसी जगह दाखिल होते है, लोगो से मिलते है या फिर या फिर सामने वाले का मूड कैसा है बता पाना हर किसी के बस की बात नहीं लेकिन भावुक यानि sensetive person आसानी से हर जगह के हालात का पता लगा सकता है उसे महसूस कर सकता है.

झूठ को पकड़ना या दुसरे क्या feel कर रहे है बेहतर समझना :

कुछ लोग आपके बोलने से पहले ही बता देते है की आपको क्या चाहिए, यहाँ तक की उनसे मिलते वक़्त या फोन पर अगर आप अपनी बात और हालात को छुपाते भी है तो भी वो आसानी से आपको पकड लेते है की आप झूठ बोल रहे है. ऐसे कैसे ? ये sixth sense कहे या कुछ और लेकिन भावुक लोगो के पास दुसरो के भाव को पढने की गजब की कला होती है.

दुसरे लोगो के मन की बात को समझना भी बेहतर तरीके से सिर्फ भावुक लोग ही कर सकते है. इसके लिए वो सिर्फ दुसरो के vibration को महसूस करते है जो की दुसरे नहीं कर सकते. इसे और ज्यादा गहराई से समझना चाहते है तो कभी ध्यान करके देखिये आप खुद में क्या बदलाव महसूस करते है.

sensetive people and mental telepathy

अगर आपको दिनभर के काम करते वक़्त अचानक ही कुछ अलाग महसूस होने लगे या फिर आप vibration महसूस करने लगे तो समझ जाइये की आप कुछ खास है. बहुत ज्यादा भावुक लोग vibration को बहुत जल्दी पकड़ लेते है. जैसे की किसी उन्हें याद करना, किसी को कही पर आपकी जरुरत महसूस होना और आप उनके पास पहुँच जाओ.

भावुक लोग होते है रचनात्मक

भावुक लोगो की सबसे बड़ी खासियत में से एक है उनका संजीदा और कल्पनाशील होना. वे रचनात्मक होते है और किसी भी बात को बेहतर तरीके से समझा पाना उनका एक गुण होता है. बगैर रचनात्मक कला के आप कभी भी कुछ नया नहीं सोच सकते और emotionally sensetive person हमेशा कुछ खास और अलग कारते रहते है क्यों की उनकी कल्पनाशक्ति, रचनात्मक शक्ति बेहद मजबूत होती है.

अकेले लेकिन आत्मविश्वास से भरे

emotionally sensetive person यानि भावुक लोग अकेले रहकर भी खुद को अकेला नहीं समझते. उनके पास इतने हुनर होते है की वो अकेले रहकर भी खुद को आत्मविश्वास से पूर्ण बनाये रख सके. उन्हें किसी के सहारे की जरुरत नहीं होती है क्यों की रचनात्मक गुण उन्हें अकेले रहकर भी नए नए आईडिया और उन्हें अजमाने की अद्भुत हिम्मत प्रदान करता है.

emotionally sensetive person सहज भाव से होते है ऊपर

ऐसे लोग राह चलते हुए दुसरो के लिए रास्ता बना देते है, कही भी दुसरो की केयर करने में हिचकिचाते नहीं है. बहुत जल्दी ही दुसरो की मदद करने को तैयार रहते है और तो और इन्हें आम इन्सान से बेहतर पता होता है की दुसरो को कैसे सहज बनाये रखना है. emotionally sensetive person हमेशा दुसरो की मदद के लिए तैयार रहते है क्यों की उन्हें ये करना दिल से अच्छा लगता है.

आसानी से रो देना कमजोरी नहीं गुण है

ये भावुक लोगो की सबसे बड़ी खासियत है की वो बहुत जल्दी रोने लगते है. कुछ लोग इसे कमजोरी के तौर पर देखते है लेकिन असल में ये खुद को हल्का करने का सबसे बड़ा माध्यम है. अगर आपके मन में कोई बात है जिसे आप दुसरो के सामने जाहिर नहीं करते है तो हो सकता है.

आगे चलकर वही बात आपके लिए अवसाद की वजह बन जाए लेकिन भावुक लोगो के पास ऐसी कोई वजह नहीं होती है. इसकी वजह से उनका heart strong होता है और वे एक अच्छी healthy life enjoy करते है.

आसानी से ग्रुप और टीम में बेहतर काम करने को तैयार

भावुक लोग अगर team work में काम करते है तो उन्हें पता होता है की दुसरे क्या सोचते है. वो दुसरो के ईगो को एक साइड में कर उन्हें संगठित करते है जिसकी वजह से एक अच्छे लीडर की भूमिका या corporation की भूमिका निभा सकते है. जब कई लोग एक साथ मिलकर काम करते है तो सबके ईगो और strength अलग अलग होती है उन्हें सही तरीके से कैसे प्रयोग में लाये ताकि team work को बेहतर बनाया जा सके ये एक emotionally sensetive person से ज्यादा और कौन जान सकता है.

पढ़े  : 5 बाते जो आपको ये मानने पर मजबूर कर देगी की भूत प्रेत और आत्माए होती है

भावुक लोग होते है hard working

हो सकता है की आप अपने काम में परफेक्ट हो लेकिन रचनात्मक बने बगैर किसी भी काम में हम बेहतर बदलाव नहीं ला सकते है.

भावुक लोग किसी भी कार्य में अपना सम्पूर्ण योगदान तो देते ही है साथ ही साथ वो उसमे और ज्यादा बेहतर करने के आईडिया भी इजाद करते है जिसकी वजह होती है उनकी बेहतर कल्पनाशीलता.

emotionally sensetive person in Hindi. अगर आप भी ये सोचते है की why i am so sensetive emotinally person तो उदास या परेशान मत होइए क्यों की ये आपकी कमी नहीं आपकी सबसे बड़ी ताकत है. जरुरत है तो बस आपको अपनी भावना को दिशा देने की.

positive attitude की जिसकी वजह से आप emotinally लोगो से connect हो सकते है, दुसरो की problem को बेहतर समझ सकते है यही नहीं उनकी हेल्प भी कर सकते है.

अगर आपके पास भी ऐसा ही कोई आर्टिकल है तो हमें sachhiprerna पर भेज सकते है. आज की पोस्ट कुछ लोग बहुत ज्यादा emotinally sensetive person क्यों होते है आपको कैसी लगी comment, share subscribe करना ना भूले.

क्या आप भी नकारात्मकता से घिरे हुए है जानिए कैसे पहचाने इसे और दूर करे basic tips

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क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ की आप अच्छे खासे ठीक होते होते अचानक बीमार पड़ जाते है. या फिर suddenly ही आपका mood off हो जाता है. ये सब negative energy के sypmtom है, हम सभी जानते है की संगत का असर पड़ता है. जो जैसा होता है उसका effect वैसा ही देखने को मिलता है. अगर आप अच्छे लोगो के साथ रहते थे तो positive energy से खुद को charge हुआ महसूस करेंगे same negative energy वाले लोगो के साथ आप negative energy effect को महसूस करेंगे. ज्यादातर लोग ये महसूस ही नहीं कर पाते है की वो negative energy से घिरे हुए भी है क्यों की इस दौरान उन्हें reality भी काफी negative लगती है. चलिए जानते है negative vicharo se chutkara कैसे पाए hindi में.

negative vicharo se chutkara

अक्सर जब ऐसे लोग परेशान होते है तब वो दुसरो से अलग थलग पड़ जाते है यही नहीं वो जो भी प्लान करते है उसके negative result ही mind में घूमते है. ये हमारे लिए सबसे dangeres problem है क्यों की हम कभी आगे नहीं बढ़ पाते है.

हम negativity को recognize नहीं कर पाते है

हम नकारात्मक ऊर्जा को अन्य लोगों की तरह के रूप में देखते हैं। बेशक, कभी-कभी हम नकारात्मक महसूस करते हैं- “दूर चले जाओ और मुझे अकेला छोड़ दो” लेकिन क्या आप जानते हैं कि नकारात्मकता इतनी गहरी हो सकती है और हमारा इस पर ध्यान ही नहीं जा पाता है.

इसका कारण यह है कि कभी-कभार negativity ‘reality’ नामक mask पहनती है। यह तर्कसंगत बनाना आसान है कि आप सपने पर कार्य करने के लिए हिम्मत न करने में ‘यथार्थवादी’ हैं – और इसे मानें!

आप मान सकते हैं कि positive people are not realistic – कि वे बेवजह हो रहे हैं, वे रेत में सर तक धंस गए है फिर भी मुस्कुरा रहे है ? या फिर वो कठिन हालात में फंसे है लेकिन फिर भी आराम से ऐसे शो कर रहे है जैसे ये कोई बड़ी बात नहीं है.

इस पर गौर करें: जब ‘यथार्थवादी’ होने का मतलब जरूरी है कि चीजें गलत हो जाएंगी और आपको यह सत्य मानना होगा?

negative vicharo se chutkara – सकारात्मक सोच कैसे लाये

इसका अर्थ यह नहीं है कि यथार्थवादी होना स्वतः ही नकारात्मक है जब आप दुनिया को ‘यथार्थवादी’ दृष्टिकोण से देखते हैं, तो आप मदद नहीं कर सकते लेकिन नकारात्मक हो सकते हैं यदि वास्तविकता का आपका संस्करण नकारात्मक है

यदि वास्तविकता का आपका संस्करण ऋणात्मक है, तो आप यह मान सकते हैं कि जो कुछ भी गलत हो सकता है, गलत हो जाएगा और जो कुछ भी सही हो सकता है, शायद गलत भी होगा आपके अनजाने में रखी हुई भक्ति आपको किसी नकारार्थी व्यक्ति के बारे में जागरूक किए बिना आपको बना देती हैं!

तो – यदि यह नकारात्मकता आप में इतनी गहरी है कि आप इसे ध्यान नहीं देते हैं, तो आप यह कैसे निर्धारित करते हैं कि आप नकारात्मक ऊर्जा के बादल में फंस गए हैं जो गलत लोगों, गलत स्थितियों और गलत भावनाओं को आकर्षित कर रहा है? और आप यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप उस नकारात्मकता को कायम नहीं रख सकते हैं?

negative vicharo se chutkara पाने से पहले ये जान लेना जरुरी है की वास्तव में आप नकारात्मक विचारो से घिरे हुए है या नहीं.

how to check i am in negativity or not ?

इससे पहले की हम negative energy से बचाव के बारे में बात करे हमें पहले ये जान लेना आवश्यक है की हम negative energy से घिरे हुए है एक बार हम मानसिक रूप से इसके लिए तैयार हो जाए तो बचाव करना बेहद आसान बन जाता है तो चलिए देखते है की कही आप भी तो negative energy से घिरे हुए नहीं है?

  • क्या आप अक्सर किसी ना किसी बात को लेकर शिकायत करते रहते है या कभी कभी?
  • क्या आप अक्सर इस बात पर चर्चा करते हैं कि दुनिया में क्या गलत है उससे अधिक गलत है? इसमें ‘भयावह’ मौसम, ‘भयानक’ यातायात, मूर्खतापूर्ण ‘सरकार’, ‘घटिया’ अर्थव्यवस्था, ‘बेवकूफ’ ससुराल आदि शामिल हैं।
  • क्या आप अक्सर अक्सर दुसरो की आलोचना करते रहते है ? खासकर कुछ लोगो की
  • क्या आप नाटक और आपदा के प्रति आकर्षित हैं (जब आप एक आपदा के समाचार की कहानी कह रहे हैं और आप बेकार की मशहूर हस्तियों के जीवन में शामिल होने से बच सकते हैं?)
  • क्या आप दोष देते हैं? हर समय या सिर्फ कुछ स्थितियों?
  • अगर आप मानते हैं कि आपके अधिकांश परिणामों पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है?
  • अगर आप पीड़ित की तरह महसूस करते हैं? क्या आप लोगों को चीजों के बारे में बात करते हैं?

कैसे पहचाने की नकारात्मक सोच क्या है ?

पहला क्या आप इसके लिए आभारी हैं या आप क्या आभारी रहेंगे जब चीजें आपके लिए सही हो जाएंगे? दूसरा फिर या आपको लगता है कि चीजें अपने आप ही हो रही हैं? या क्या आपको लगता है कि वे आप के माध्यम से हो रहे हैं?

यह पिछले दो अंक महत्वपूर्ण हैं: यदि आप सही नहीं होने के बावजूद आभारी नहीं हैं, तो आप नकारात्मक हैं आभार सकारात्मक है यदि आप इसके लिए आभारी हैं (जीवन पाठ के अप्रिय स्कूल सहित), तो आप अपने जीवन में अधिक से अधिक सकारात्मक ऊर्जा आमंत्रित कर सकते हैं।

अगर आप भी ये विश्वास करते है की जो कुछ हो रहा है वो वास्तव में आप पर थोपा गया है?

ऐसा सोचना ही आपके unlimited power of subconscious mind को give up यानि हतोत्साहित करने के लिए काफी है. अगर ऐसा है तो उन परिस्थिति के लिए कौन responsible है जब आपके साथ कुछ अच्छा और positive होता है. इसलिए आपके लिए जरुरी हो जाता है की आप जल्द से जल्द negative vicharo se chutkara पाना शुरू कर दे.

negative सोच कैसे दूर करे

हमारे साथ अक्सर ऐसा देखने को मिलता है की जब कुछ अच्छा होता है तो उसका क्रेडिट हम खुद लेते है जैसे की मेने इतना hard work किया या फिर इतना earn कर किया तब में success हुआ वगेरह वगेरह और अगर कुछ गलत होता है तो उसका जिम्मेदार दुसरे जैसे की भगवान् चाहते ही नहीं थे. मेरे साथ ये नहीं हुआ नहीं तो में failure नहीं होता.

अगर आपके साथ कुछ अच्छा होने के जिम्मेदार आप है तो negative होने के जिम्मेदार और दुसरे कैसे हो सकते है? ये आपकी सबसे बड़ी गलतफहमी या यू कहे negativity है. कोई भी ये सुनना पसंद नहीं करता लेकिन ये सच  है

“आप अपना जीवन अपने अनुभव के आधार पर बेहतर बनाते है ना की किसी के भाग्य के आधार पर”

अगर आपको लगता है की ऊपर खुद से पूछे गए सवालों में से एक भी आप के साथ हो रहा है तो आप negative energy से घिरे है और negative vicharo se chutkara पाने के लिए आपको vibration बढाने की जरूरत होगी जिसके लिए आपको एक बार फिर से प्रशिक्षित होने की जरूरत होगी.

सकारात्मक लोगो की सबसे बड़ी खासियत यही है की वो life को उसी नजरिये से देखते है जैसा वो चाहते है. चीजे उनके अनुसार होती है तो ठीक और ना भी हो तो भी life को enjoy करते है जबकि negative people कुछ भी गलत होते ही वही थम जाते है और बार बार उस एक negativity को इतना repeat करते है की आगे जो कुछ अच्छा होना होता हाई वो भी गलत होने लगता है और सिर्फ एक छोटी सी negativity उनके पुरे टाइम को ख़राब कर देती है जब तक की वो इसे accept ना कर ले.

negative vicharo se chutkara पाने के simple tips hindi में

negativity से chhutkara पाने के लिए आपको निचे दिए कुछ tips अजमाने चाहिए क्यों की negativity कभी आपके life को normal नहीं बनने देती है इसलिए आज ही सबसे पहले इन 3 steps को follow करे. आइये जानते negative vicharo se chutkara पाने के 3 simple मगर effective tips क्या है.

1.) आप negative thoughts से घिरे है इसे स्वीकारे :

जब तक हम इस बात को accept ही कर सकते की हम negativity से परेशान हो रहे है तब तक हम कुछ नहीं कर सकते है. सबसे पहले तो आपको ये accept करना होगा की आप negativity से घिरे हुए है इसके बाद खुद को मानसिक स्तर पर तैयार कर ले यानि सबसे पहले आपको इसे accept करना होगा की आपकी life में किन कारणों से negativity आ रही है. negative vicharo se chutkara पाने से पहले आपको ये मानना पड़ेगा की आप वाकई इससे परेशान है.

2.) negative की जगह positive thought को replace करे.

नकारात्मक विचारों को रद्द करें और उन्हें सकारात्मक विचारों के साथ बदलें। यह अभ्यास, समर्पण और “क्या गलत हो सकता है” के बजाय “सही क्या हो सकता है” की आंखों के माध्यम से दुनिया को देखने का निर्णय लेती है। आपको किसी भी वक्त अपने आप को पकड़ना होगा या अपनी नकारात्मकता को बोलना होगा, और तुरंत अपना धुन बदल दें।

3.) positive बनने के लिए love और spiritual experiment को लागू करे.

अपनी ऊर्जा को साफ करने के लिए love या spiritual practice प्रयोग करें और अपने जीवन में अधिक प्रकाश और प्रेम लाएं; negative thinking की बजाय positive सोच रखे. अतीत में क्या हुआ पर ध्यान देने की बजाय वर्तमान में क्या अच्छा करना है पर ध्यान दे. अपनी कल्पना में एक नई, desired vision बनाएं और बाहरी दुनिया में इसे प्रकट करें।

कोई भी नकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में प्रवेश नहीं करना चाहता है, फिर भी हम में से बहुत से लोग इसे अनुमति देते हैं। हम अतीत की कंडीशनिंग के आधार पर अनजाने में इसे अनुमति देते हैं जो कुछ स्थितियों के लिए negative result जो इतने बुरे भी नहीं हो सकते थे को सुझाते हैं। इसलिए negative vicharo se chutkara बेहद जरुरी बन जाता है.

जब आप उस कंडीशनिंग को पार करते हैं और महसूस करते हैं कि अतीत को बदला नही जा सकता लेकिन भविष्य हमारे आज पर निर्भर करता है तब हम आज को और भी बेहतर बनाने पर ध्यान देते है. आपकी सकारात्मक ऊर्जा चुंबकीय रूप से उन अवसर को आकर्षित करती है जो आप के लिए अच्छा और सही मानते हैं: लोगों, स्थितियों, चीजें … और आप अपनी खुशी और आंतरिक शांति में भारी वृद्धि, विशाल वृद्धि देखेंगे।

क्यों नहीं सकारात्मक ऊर्जा चुनें? अंदर कुछ बदलाव करें, और आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव देखेंगे। अच्छी भावनाओं और बहुतायत का आनंद लें!

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final word – negative vicharo se chutkara पा कर सकारात्मक कैसे बने

उम्मीद करता हूँ अब आप अच्छे से ये बात समझ गए होंगे की negative vicharo se chutkara पा कर सकारात्मक बनना किस तरह हमारे लिए बेहद जरुरी है.

अगर आपको भी  लागता है की आप कही न कही खुद को नकारात्मक विचारो से घिरा हुआ महसूस कर रहे है तो आज से ही इन बदलाव को खुद पर लागू करे और फर्क खुद देखे.