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Tuesday, May 26, 2026
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sleep paralysis से जुड़े top 10 amazing fact जानिए हकीकत कैसे आपकी सोच से परे है

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sleep paralysis के symptom उन लोगो में सबसे ज्यादा देखने को मिलते है जो अक्सर sleeping problem से जूझ रहे होते है। क्या आपने कभी सोने से just पहले या उठने के just बाद ऐसा महसूस किया है की आपके अन्दर जैसे जान ही नहीं है या फिर आप जिन्दा लाश की तरह हो गए है।

ये स्थिति कुछ टाइम के लिए ऐसे ही बनी रहती है फिर अचानक सब कुछ सही हो जाता है। sleep paralysis symptom जैसे topic पर बहुत से लोगो की जिज्ञासा है इसलिए बात करते है ऐसे ही top 10 sleep paralysis amazing fact and symptom की जो scared है लेकिन हैरतंगेज भी है।

top 10 sleep paralysis amazing fact

sleep paralysis amazing fact में आपको इससे जुड़ी कुछ ऐसी बाते समझने को मिलेगी जो ना सिर्फ आपको sleep paralysis को समझने में मदद करेगी बल्कि कुछ ऐसी बातो को क्लियर करेगी जिन्हें लेकर हमारे मन में गलत सोच रहती है।

top 10 sleep paralysis amazing fact

क्या sleep paralysis का experience, paranormal activity से जुड़ा है? ये मनोवैज्ञानिक या मानसिक बीमारी है या फिर कुछ और ऐसे ही top 10 myth and fact जो sleep paralysis से जुड़े है लेकिन लोगो के मन में इसे लेकर सवाल हमेशा बने रहते है इसलिए चलते है.

sleep paralysis se jude top 10 fact and myth के बारे में detail से बात करते है।

sleep paralysis का experience एक paranormal experience जैसा है

जिन लोगो ने नींद में sleep paralysis attack को experience किया है उन लोगो के अनुसार उन्होंने नींद में paranormal activity को feel किया है जैसे की room में ghost के होने का अहसास, एक अजीब सी smell का पुरे room में अनुभव होना, terror और anxiety का अनुभव होना वगैरह वगैरह ये सारे अनुभव लोगो को paranormal activity के experience जैसे ही लगते है।

रिसर्च और मनोवैज्ञानिक इसे लेकर काफी रिसर्च कर चुके है और उनके अनुसार sleep paralysis के experience में ghost presence feeling at room की वजह इन्सान का खुद के मतिभ्रम में फंसना है जिसमे हम नींद के दौरान autos copy के episode अपने दिमाग में बना लेते है।

असल में जो हम sleep paralysis के दौरान experience करते है वो सब हमारे mind की ही creation होती है लेकिन मायाजाल में फंसे रहने की वजह से उसे पहचान नहीं पाते है।

आपका विश्वास आपके अनुभव को देखने के नजरिये में लाता है बदलाव :

मुझे अच्छे से याद है जब मेने first time horror movie राज देखी थी। उस रात को में ढंग से सो भी नहीं पाया था क्यों की मुझे अब अपने आसपास एक परछाई का अहसास हो रहा था और साथ ही साथ मुझे लग रहा था जैसे वो मेरे आसपास ही है.

ये सब हकीकत में तो नहीं था लेकिन मेरी कल्पना और सोच ने इसे हकीकत बना दिया था।

यही सब हमारे सपनो में होता है की हम दिन में कई ऐसी चीजे देखते है जो लम्बे समय तक हमसे जुड़ी होती है जैसे की किसी की मौत होते हुए देखने और रात में उसी का सपना आ जाना। sleep paralysis असल में हमारे mind में चल रही सोच के आधार पर हम पर effect डालते है।

जितनी ज्यादा मजबूत आपकी negative imagination power होगी उतना ही डरावना आपका sleep paralysis experience होगा। बिलकुल ऐसे ही अगर आपकी willpower strong होगी तो आप थोड़ी से मेहनत से ही sleep paralysis से बाहर निकल सकते है।

sleep paralysis amazing fact and medical condition

कुछ medical expert के according sleep paralysis की problem ज्यादातर उन लोगो में देखने को मिलती है जो sleeping problem, hypertension और narcolepsy जैसी बिमारिओ से जूझ रहे होते है।

इसके अलावा अलग थलग रहने वाले लोग जो हमेशा negative और unwanted thoughts से घिरे रहते है, इस तरह की problem से बहुत ज्यादा घिरे रहते है और sleep paralysis की problem face करते है।

पीठ के बल सोना नहीं है sleep paralysis का समाधान

हम सभी जानते है की sleep paralysis सोने से just पहले और जागने के just बाद अनुभव किया जाता है। कुछ लोग इससे बचने के लिए पीठ के बल सोने को जिम्मेदार मानते है तो कुछ लोगो के अनुसार हाथ सीने पर रखे रहने की वजह से उन्हें इस तरह की problem होती है।

अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो अपनी sleeping position को change करने की कोशिश करे क्यों की कई बार असहज होकर सोने की वजह से हम sleep paralysis की problem का शिकार हो जाते है।

अगर आप bed पर सोने की बजे सोफे पर सोते है तो आप पाएंगे की आप नींद पूरी होने से पहले ही उठ गए है यही नहीं इस दौरान आपको 95% चांस होते है sleep paralysis के क्यों की आपका mind इस दौरान conscious और subconscious दोनों के बिच की स्थिति में होता है इसलिए ना तो आप पुरे होश में रहते है ना ही नींद में और इसी दौरान आपके illusion आपको sleep paralysis की स्थिति में धकेल देते है।

sleep paralysis amazing fact  के इस symptom को हम सही सोने की स्थिति में बदलाव कर दूर सकते है।

मनोवैज्ञानिक तौर पर कमजोर लोग बनते है जल्दी निशाना

sleep paralysis amazing fact में की गई एक research और review के अनुसार मानसिक स्थिति से जो लोग emotional, aggressive और anxiety जैसी problem से परेशान रहते है उन्हें sleep paralysis के अनुभव बहुत ज्यादा होते है।

ऐसे लोग जो emotionally कमजोर होते है अलग थलग रहते है और us टाइम उन्हें अपने आसपास किसी के होने का अहसास हो सकता है। इसकी एक वजह उनका बेहद sensitive हो जाना भी है जिसके अन्दर वो जैसा अपने आसपास के लोगो से सुनते है वैसा ही महसूस करने लगते है।

genetic problem भी बनती है sleep paralysis की वजह

एक रिसर्च के अनुसार यह साबित हो गया है की जुड़वाँ और genetic गुण समान रखने वाले लोग sleep paralysis की problem से जूझने के 53% चांस रखते है इसके अलावा stress, anxiety और trauma, depression जैसी problem की वजह से भी नींद में होने वाला पक्षाघात की समस्या से जूझ सकते है।

 डरावने सपने और sleep paralysis दोनों है अलग

नींद में होने वाले पक्षाघात जिसमे हमारे शरीर की सभी मांसपेशिया आंशिक तौर पर काम करना बंद कर देती है वही नींद में डरावने सपने का अनुभव होना अलग effect डालता है।

ये दोनों ही अलग अलग है क्यों की sleep paralysis में हमारा body सिर्फ पक्षाघात का शिकार होती है जबकि डरावने सपने में हमारी हार्टबीट बढ़ जाती है, शरीर पसीने पसीने हो सकता है जो की 15 मिनट तक रहती है।

इतने में हम वापस सो जाते है और हमें याद ही नहीं रहता है की हम किस तरह के डरावने सपने को अनुभव कर रहे थे।

sleep paralysis amazing fact – अभी तक रहस्य है

विज्ञान के अनुसार हम sleep paralysis से body पर पड़ने वाले impact / effect को तो prove कर सकते है लेकिन इसकी वजह क्या है अभी तक एक रहस्य है।

नींद में होने वाले पक्षाघात की समस्या सबसे ज्यादा student और मानसिक रोगियों में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है. रिसर्च अभी tak इस बात का जवाब नहीं ढूंढ पाई है की आखिर क्यों लोगो को अपने bed के पास अनजानी परछाई या डरावने अनुभव ही क्यों होते है।

sleep paralysis कोई serious problem नहीं है

sanford university के अनुसार sleep paralysis कोई serious problem नहीं है नाही किसी तरह के serious impact की वजह. नींद में होने वाले पक्षाघात का अनुभव narcolepsy का एक symptom जरुर है जो की नींद की बीमारी है लेकिन ये किसी तरह की नींद की बिमारी का संकेत ऐसा नहीं है।

नींद में हम भयभीत हो सकते है लेकिन किसी तरह की serious problem या बीमारी का लक्षण है ऐसा बिलकुल भी नहीं है।

हम खुद के level पर कम कर सकते है sleep paralysis के experience को

Michael J. Breus Ph.D., a clinical psychologist जो की अमेरिकन मेडिसिन of sleep की कमेटी के एक सदस्य भी है के अनुसार हम खुद के level पर भी बिना किसी तरह की नींद की दवाई लिए भी sleep paralysis के अनुभव को न्यूनतम कर सकते है जिसके लिए हमें कुछ खास तरह की दिनचर्या अपनाने की जरूरत होती है।

अगर आप भी नींद में होने वाले पक्षाघात की समस्या से छुटकारा पाना चाहते है तो निचे दिए गए कुछ टिप्स को जरुर फॉलो करे आपको 100% फायदा होगा।

  • ज्यादा से ज्यादा एक healthy sleep को maintain करे।
  • नियमित व्यायाम करना शुरू कर दे।
  • alcohol, अच्छा खाना अपनाए और रात को सोने के टाइम snacks को avoid करना शुरू कर दे।
  • नियमित stress level और mental health monitor करना शुरू करे।

अगर इनके बावजूद भी आप sleep paralysis की स्थिति को face करते है तो अपने mind में चल रही हलचल को शांत करे।

अब अपने आसपास की गतिविधि के बारे में सोचना शुरू करे जो आप देख रहे है वो सिर्फ आपका भ्रम है इसलिए आपने सोने से पहले अपने आसपास की स्थिति में क्या क्या देखा था उसे याद करे।

थोड़ी देर बाद सब कुछ धुएं की तरह छंटना शुरू हो जायेगा और आप वापस पहले की स्थिति में आ जाओगे।

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sleep paralysis amazing fact – final word

अब तो आप समझ गए होंगे की sleep paralysis को लेकर आप क्या सोचते थे और हकीकत आपकी सोच से कितनी अलग है। ऊपर दिए गए कुछ टिप्स को आजमा कर आप भी sleep paralysis की problem को दूर कर सकते है.

आज की पोस्ट sleep paralysis amazing fact आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए। अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगती है तो हमें subscribe करना ना भूले।

telepathy के ये 3 प्रकार हमारी life में कैसे काम करते है क्या आपने कभी जाना है ?

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अभी तक हम सभी telepathy के बारे में सिर्फ इतना ही जानते थे की telepathy एक mind से दुसरे mind के बिच बिना किसी medium के thought transfer करने की सबसे बड़ी technique है।

telepathy techniques में 19 वी सदी तक हम सभी इसके 2 types of telepathy के बारे में जानते थे जो की पहला emotional और दूसरा mental level है। इसके बाद खोज में Ageless Wisdom teachings ने एक और टाइप को प्रूफ किया है जिनके अनुसार telepathy का तीसरा level soul-to-soul है।

आज की पोस्ट में हम जानेंगे की ये तीनो level किस प्रकार काम करते है। telepathic super-power को कैसे हम जाने अनजाने ही दिनभर के कामो में प्रयोग करते है आइये जानते है इस पोस्ट में।

telepathy techniques

telepathy के जरिये हम किसी को भी बिना किसी माध्यम के सन्देश transfer कर सकते है लेकिन अगर इसमें थोडा सा सूक्ष्म जाए तो पाएंगे की हम 2 टाइप से विचार यानि thought transfer करते है जिसमे normal type of telepathy emotional level है।

इसके ऊपर mental level है जिसमे हम meditation या tratak के जरिये किसी एक खास person पर focus होकर उसके साथ thought transfer करते है. आइये थोड़ा विस्तार से जानते है।

telepathy techniques और इसके level

टेलीपैथी के अब तक 3 level को प्रूफ किया जा चूका है जिनके अनुसार हर level के अनुसार telepathy को explain किया गया है।

इसमें सबसे पहले भावनाओ के जरिये विचारो का आदान-प्रदान दुसरे level में माइंड के जरिये alpha waves को एक जगह से दूसरी जगह सामने वाले के पास भेजना और last में spiritual telepathy आती है जो सबसे आलोकिक और high level की telepathy practice है।

हम सभी जानते है की हम daily life में कई ऐसे काम करते है जो telepathy के सबसे अच्छे example है जैसे की एक माँ का बिना कहे बच्चे की भूख को पहचान लेना या उसे क्या तकलीफ है समझ जाना ( telepathy between parents and child ), एक प्यार करने वाले का दुसरे के मन की बात को बिना कहे समझ लेना ( telepathy between lovers ) या फिर एक दोस्त का दुसरे दोस्त के मन की बात को समझ लेना ( telepathy between friends ) ये सब भावनात्मक telepathy के ही तो example है।

इनसे ऊपर किसी person के साथ connection स्थापित करना वो भी बिना किसी माध्यम के mental telepathy का हिस्सा होती है। सबसे ऊपर है अपने अंतरात्मा के साथ सम्बन्ध स्थापित करना जिसमे हम किसी भी तरह के हालत में एक दोस्त की तरह अपने अंतर यानि के साथ thought transfer करते है और सही सुझाव लेते है. आइये जानते है विस्तार से निचे।

Instinctual level telepathy:

अगर हम telepathy के सभी level को according to hierarchy करे तो पाएंगे की सबसे निचे instinctual level होगा जिसमे हम जिसके साथ emotionally attached होते है उसके अन्दर की हलचल को महसूस कर लेते है।

इसके सबसे अच्छे example है जानवरों का एक दुसरे के मन की बात को समझना, दो प्यार करने वाले या माता-पिता का बच्चे के मन की हलचल को बोलने से पहले से समझ लेना।

जानवर अक्सर आँखों के इशारे में ही एक दुसरे की बातो को समझ जाते है, एक प्यार करने वाला दुसरे के मन की बात को आसानी से बिना किसी एक शब्द कहे सिर्फ उसके हाव-भाव यानि body-language से ही समझ जाते है ये सब instinctual level की telepathy का ही एक हिस्सा है।

telepathy techniques – mental level telepathy:

हम पहले की पोस्ट में photo-vashikaran के बारे में detail से पढ़ चुके है, आपने उसमे गौर किया होगा की  अभ्यास में हम एक ही thought को बार बार दोहराते है जिससे वो सामने वाले person जिस पर हम अभ्यास कर रहे है तक हमारे thought पहुँचने लगते है।

इसके जरिये हम दूर बैठे किसी भी person के साथ connect हो सकते है इतना ही नहीं दोनों अगर पूरी तरह conscious है तो आपस में जुड़ कर वैसे ही thought transfer कर सकते है जैसे की हम phone-call कर रहे हो।

इस तरह की telepathy पूरी तरह mental level पर की जाती है जिसके लिए साधक यानि एक्सपर्ट का meditation या tratak के जरिये खुद के mind और flow of thought पर पूरा कण्ट्रोल होना चाहिए.

अभ्यास में जाने के बाद conscious कैसे रहे ये इसका main अभ्यास है क्यों की अगर आप अभ्यास में जाने के बाद सो जाते है या फिर thought के flow में खो जाते है तो telepathy practice सफल नहीं हो सकती।

अगर आप भी mental level telepathy करना चाहते है तो सबसे पहले thought flow पर काबू करना सीखे इसके बाद अभ्यास में जाने के बाद thought में खो जाने की बजाय खुद को conscious कैसे बनाये रखे इसका अभ्यास जरुर कर ले ताकि आपका अभ्यास बिना मानसिक थकावट के सफल हो सके।

soul-to-soul telepathy

telepathy के सबसे highest level में आती है spiritual telepathy जिसमे हम body, brain और soul के बिच connection बनाना सीखते है।

एक सामान्य person जब इन तीनो यानि शरीर, दिमाग पर आत्मा के बिच अच्छे सम्बन्ध स्थापित करने में सक्षम हो जाता है वो एक तरह से मास्टर बन जाते है spiritual telepathy में जिसके जरिये वो सबसे high level की telepathy कर सकने में सक्षम हो जाते है।

ये बिलकुल वैसा ही है जैसे astral travel का experience करना। इसके जरिये हम ना सिर्फ हम कही भी किसी भी कोने में अपने thought को transfer कर सकते है बल्कि खुद के लिए भी सही guidance का चुनाव कर सकते है।

कई जगह जिक्र पढने को मिलता हैं की विपरीत हालात में मन की बात को फॉलो करते है जिसकी वजह से अचानक ही हमें आश्चर्यजनक रिजल्ट देखने को मिलते है जो हमारे लिए काफी beneficial साबित होते है. ये spiritual telepathy का ही भाग है।

कैसे करे spiritual telepathy techniques का अभ्यास

सिर्फ 15 से 20 मिनट अपनी आंखे बंद कर ले और अपनी सांसो पर पूरा ध्यान focus कर ले. आपके मन में जो विचार चल रहे है उन्हें आपको सिर्फ ignore करना है, अगर उनके पीछे भागेंगे तो उनमे ही फंस जाएंगे इसलिए कभी भी thought को stop करने के बारे में जोर ना दे.

आपने अगर sachhiprerna की पहले की पोस्ट ध्यान से पढ़ी हो तो उसमे मेने अंतरात्मा की आवाज का जिक्र किया है ये भी बिलकुल वैसा ही है।

science में अंतरात्मा की आवाज को ही spiritual telepathy कहा गया है, जिसमे हम शांत मन से जब भी कोई समस्या का समाधान ढूंढते है तो आसानी से धीरे धीरे मिलने लगता है. अपने अंतर तक अपनी समस्या को पहुँचाना और फिर उसका solution मिलना दोनों spiritual level पर काम करते है.

आज के टाइम में बहुत कम लोग है जो मुश्किल हालात में अपने अंतर की आवाज को सुनते है क्यों की जिसने सुना है वो कभी fail नहीं हुआ।

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

telepathy techniques – फाइनल वर्ड

टेलीपैथी को अगर simple word में समझे तो पाएंगे की without किसी physical medium के दो person का आपस में simple thought transfer करना telepathy कहलाता है. level के हिसाब से इसे हम category में divide कर सकते है.

अब आप आसानी से समझ ही गए होंगे की जिस तरह की thought transfer process दो medium के बिच होती है उन्हें हम अलग अलग level के हिसाब से जान सकते है।

telepathy techniques और इसे life में कैसे test कर सकते है.

दिनभर के कामो में हम आपस में telepathy कैसे प्रयोग में ला सकते है ? वैसे अगर देखा जाए तो हम दिनभर के ऐसे कई काम करते है जिनमे telepathy का जाने अनजाने ही प्रयोग कर लेते है.

telepathy को अलग अलग level में प्रयोग कैसे लाए आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए, किसी भी तरह के सवाल और सुझाव के लिए कमेंट करना ना भूले. latest update के लिए सब्सक्राइब जरुर करे।

अनचाहे और एक ही बात बार बार सोचने की प्रॉब्लम से कैसे छुटकारा पाए ?

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क्या आपने अपने आसपास ऐसे लोगो को भी देखा है जो अक्सर जल्दी में रहते है। ‌ऐसे लोग हमेशा भागते हुए से नजर आते है। ये overthinking की problem की वजह से होता है जिसमे वो क्या कर रहे है उस पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रहता है।

overthinking को अगर हिंदी में समझे तो ek baat ko bar bar sochna है। इस समस्या से परेशान लोगो के दिमाग में एक ही विचार की वजह से अनचाहे विचार घुमने लगते है। अगर देखा जाए तो overthinking की असली वजह है बेवजह सोचना।

आज हम बात करने वाले है ज्यादा सोचने की बीमारी की जिससे कैसे आसानी से सिर्फ dainik life ke tips in Hindi के द्वारा ही छुटकारा पा सकते है। overthinking ki problem se chhutkara पाने के easy tips Hindi में।

overthinking ki problem se chhutkara

 

negative thoughts in Hindi में आज हम सबसे पहले कुछ वजह को जानने की कोशिश करेंगे की आखिर क्यों ना चाहते हुए भी हम overthinking जैसी mansik bimari की चपेट में आते जा रहे है। ek baat ko bar bar sochna असल में किसी तरह का solution नहीं है।

पहले के टाइम लोग आत्ममंथन यानि self-thinking करते थे जिससे की उन्हें अपनी samsya ka samadhan मिल जाता था लेकिन आजकल ऐसा नहीं होता है।

अब अगर कोई सोचना शुरू कर दे तो उसे ये पता नहीं रहता है की वो सोच क्या रहा था बल्कि anchahe vichar उसे इस कदर घेर लेते है की सर दर्द करने लगता है।

overthinking ki problem actual me kya h?

overthinking ki problem असल में और कुछ नहीं सोचते रहने से अनचाहे विचारो से घिरना है। हम सोचते तो है किसी टॉपिक पर और कुछ देर बाद अचानक ही किसी और बेवजह की सोच में पड़ जाते है जिसका हमारी समस्या से कोई लेना देना नहीं होता है।

हम हमेशा कोशिश करते है की be positive को सोच को बनाए रखे। लेकिन फिर भी कई बार past की galtiya और present time का stress हमें ना चाहते हुए भी negative sochne पर majbur कर ही देता है जो बाद में overthinking ki problem में बदल जाती है।

अगर daily life में देखे तो एक पुरुष की बजाय औरते ज्यादा overthinking की problem को face करती है। इसकी वजह से work performance में कमी और lead to anxiety and depression जैसी problem को भी देखा जा सकता है।

कौन जल्दी overthinking की problem face करता है

daily life की baat करे तो mostly lovely, intelligent और ऐसे लोग जो relationship में अपने साथी की बहुत ज्यादा केयर करते है बहुत जल्दी ही ओवर-थिंकिंग की समस्या से परेशान होने लगते है।

इसकी एक वजह ये भी हो सकती है की ये सभी सोचते ज्यादा है क्यों की किसी भी काम को ये बहुत ज्यादा सोच समझ कर या यू कहे की हर पहलु को समझने के बाद best method ka chunav करते है।

overthinking ki problem se chhutkara:

how to get rid from negative thoughts यानि negative soch kaise dur kare ताकि हम overthinking की problem से chhutkara पा सके। अब आप ये जानना जरुर चाहेंगे की tension se kya hota hai तो में आपको बता दू tension >> overthinking >> depression >> negative thoughts >> everything happen wrong जो कोई नहीं चाहेगा तो चलिए जानते है daily life के ऐसे ही कुछ easy tips की जिनके जरिये आसानी से overthinking से chhutkara पा सकते है।

1.) आप इस baat को accept करना सीख ले:

क्या आप भी accept करते है की आप जरुरत से ज्यादा सोचते है। ये हर किसी के साथ होता है की वो जानते है की जरुरत से ज्यादा सोच रहे है लेकिन accept नही कर पाते है। किसी भी problem का solution तभी संभव है जब उसे पहले accept किया जाए। dainik life में अगर आप भी निम्न problem को face कर रहे है तो समझ ले की आप भी overthinking की problem से परेशान है।

  • अगर jarurat se jyada sochna आपको कोई भी decision लेने से, meaning-full relationship को बनाए रखने मे रूकावट डाल रहा है।
  • जब भी आपके साथ बुरा या अप्रिय घटित होता है तब आप खुद को अनचाहे खासतोर से negative thoughts से घिरा हुआ पाते है।
  • future में आपके साथ क्या होगा ये सोच कर आप आज को enjoy नहीं कर पा रहे है तो समझ ले आप overthinking की problem से परेशान है और आपको जरुरत है overthinking ki problem se chhutkara पाने की।

2.) भूल जाइये क्यों की आपका दिमाग बना ही thinking के लिए है

जब आप accept कर लेते है की जो कुछ आप सोच रहे है वो महज overthinking है तो आसानी से आप इसे ignore भी कर सकते है। actual में  हमारा brain बना ही overthinking के लिए है क्यों की हमारे thoughts और memory दोनों आपस में जुड़े रहते है ये अलग अलग स्टोर नही होते है।

यही वजह रहती है की जब हम overthinking की problem face करते है ये दोनों unlock हो जाते है या यू भी कह सकते है की bad mood इसे unlock कर देता है और हम jarurat se jyada sochne लगते है।

अक्सर ये भी होता है की overthinking के टाइम हम क्या सोचते हमे पता भी नही रहता है, जैसे की वो sochna जो गुजर चूका है और future में उसका कोई effect ही नही होने वाला। इसका सबसे बड़ा example है गुजर चुके लोगो के बारे में सोचना।

इसमें हमारी गलती नही है क्यों की overthinking ki problem se chhutkara, अनचाहे विचारो को stop नही सिर्फ ignore कर solve किया जा सकता है।

3.) overthinking ki problem se chhutkara – गहरी साँस ले

हमारा दिमाग एक spider web की तरह है जिसमे एक bad event, negative thoughts के tidal wave को trigger करती है जिसकी वजह से हम overthinking से परेशान रहने लगते है। जब भी आपको लगे की आप इस मक्कड़-जाल में फंसते जा रहे है गहरी सांसे ले।

deep breathe technique एक तरह से best method है bad mood और overthinking को stop करने के लिए। आपको सिर्फ get rid from overthinking by deep breathe की ये simple step follow करनी है

  • नाक से 2 सेकंड की गहरी साँस अन्दर की और ले।
  • कुछ देर अन्दर रखे और फिर मुह से 4 सेकंड के टाइम मे धीरे धीरे बाहर निकाले।
  • ध्यान रहे की breathe out का time, breathe in से दोगुना हो और सहज हो।
  • in easy स्टेप्स को follow करने से अनचाहे विचार यानि overthinking stop की जा सकती है।
  • कम बोले ताकि overthinking ki problem se chhutkara पा सके

हमेशा सुनने में आता है की दुःख बाँटने से कम होता है यानि problem अगर किसी के साथ share की जाए तो उसका effect कम होता है लेकिन किस तरह के person के साथ problem share की जाए ? क्या एक जैसे दो person यानि co-over thinker अपनी problem आपस में share करने लगे। क्या उनकी problem कम होगी ? नहीं क्यों की दोनों की overthinking nature है।

अगर आप वास्तव में अपनी problem किसी के साथ share करना चाहते लेकिन समझ नहीं पा रहे की किस के साथ share करे तो उन्हें एक कागज पर लिख ले या फिर डायरी लिखने की आदत डाल ले क्यों की इससे best friend कोई नहीं और ये आपको overthinking के लिए force भी नहीं करेगी।

4.) get physical and busy yourself:

कम बोलना काफी नहीं होता है, negative एनर्जी को जब तक बाहर ना निकाले वो परेशान ही करती है इसलिए overthinking ki problem se chhutkara पाने के लिए खुद को physical work में busy रखने की कोशिश करे।

अगर आपके मन में किसी बात का गुब्बार है और आप किसी के साथ share नहीं कर पा रहे तो शारीरिक परिश्रम best method है इस तरह की एनर्जी को शरीर से बाहर करने के लिए।

5.) mindful मैडिटेशन और overthinking ki problem se chhutkara:

अक्सर ऐसा होता है की past में failure होने की वजह से future में इसका क्या effect होगा के डर से हम present को enjoy ही नहीं कर पाते है। एक famous psychologist के अनुसार

अगर आप depression में है तो आप past में है, अगर आप चिंतित है तो future में और अगर आप शांत-चित है तो आप present में live कर रहे है।

overthinking की problem को कैसे ignore किया जा है ? इसके लिए हम ऊपर कई method use कर चुके है और फिर भी benefit ना मिल पा रहा हो तो आपको mindful मैडिटेशन technique अजमानी चाहिए। अपने आप को present में रखे अगर विचार आ रहे है तो उनके पीछे भागने की बजाय ignore करते जाइए। धीरे धीरे आप पाएंगे की anchahe vichar अब आपको इतना परेशान नहीं कर रहे है।

6.) अपने आप को universe के flow में बह जाने दे

हम परेशान क्यों होते है ? इसकी एक वजह ये भी होती है की हम चाहते है की जो हो रहा है वो हमारे मन मुताबिक हो, हम चाहते है की चीजे उसी तरह हो जैसे हम चाहते है और अगर ऐसा नहीं होता हाई तो हमें झुंझलाहट होती है।

life में जो हो रहा है उस पर हमारा कोई control नहीं होता है हम बस एक trigger है असली कम तो universe के जरिये हो रहा है।

universe के flow का मतलब खुद का surrender नहीं है बस खुद को जैसा हो रहा है होने देना। नदी में अगर तैरना है तो बहाव के साथ चलो ना की उसके विपरीत क्यों की ऐसा करने पर डूबना निश्चित है। यही हमारी life में होता है इसलिए हमेशा जो हो रहा है अपने मुताबिक ना चले। कर्म करते रहे रिजल्ट आपके मन मुताबिक है या नहीं की चिंता छोड़ दे।

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7.) आपके thoughts ही आपकी reality है

अगर आप sachhiprerna के regular visitor है तो आपने law of attraction, dream become true, kalpna ko hakikat me kaise badle जैसी पोस्ट पढ़ ली होगी। आपके विचार ही आपकी हकीकत है ये समझने के बाद शायद ही कोई होगा जो positive बने रहना ना चाहेगा।

हमेशा वो sochne की कोशिश करे जो अप चाहते है (जो logically possible हो न की शेखचिल्ली के किस्से) यही तो है positive soch ke funde.

तो अब आप भी समझ गए होंगे की overthinking ki problem क्या है और negative soch dur kaise kare. असल में यही happy life के basic rule है। अगर आप भी किसी तरह की overthinking या negative thoughts से परेशान रहते है तो overthinking ki problem se chhutkara पाने के लिए उपर दिए गए solution जरुर आजमाए। अगर पोस्ट पसंद आये तो share और subscribe करना ना भूले।

डेली लाइफ में की जाने वाली इन मिस्टेक का आप पर क्या असर पड़ता है जानिए

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खुद पर डाउट करने के नुकसान क्या है ? हम खुद पर डाउट करते है तब क्या होता है या फिर खुद से किये गए वादे से पीछे हटने पर क्या होता है। क्या आप भी खुद के साथ ऐसी गलतिया कर रहे है जो आपके लिए बहुत खतरनाक है।

पर्सनल डेवलपमेंट के लिए आपको इन खास आदत में बदलाव लाना ही पड़ेगा क्यों की जब तक आप ये गलतिया दोहराते रहेंगे आप कभी आगे नहीं बढ़ सकते। आइये जानते है ऐसे कुछ पॉइंट के बारे में जिन्हे आप अपने डेली लाइफ में दोहराते रहते है और फिर धीरे धीरे आप बहुत नकारात्मक बन जाते है।

डेली लाइफ में छोटी छोटी बातो का क्या असर पड़ता है जानना बेहद जरुरी है क्यों की ऐसा देखने में आता है की हम छोटी छोटी बातो पर ध्यान नहीं देते है और इग्नोर करते रहते है जिसकी वजह से धीरे धीरे पतन होने लगता है।

आदत में बदलाव

हम आगे क्यों नहीं बढ़ पाते है ऐसी क्या वजह है जो हमें धीरे धीरे निचे ले जाती है। ऐसी ही छोटी छोटी मगर काम की बातो पर गौर करते है।

अनचाही गलतिया जो आपको पीछे ले जाती है. हम डेली लाइफ में ऐसे कई काम करते है जो वास्तव में हमें नहीं करने चाहिए क्यों की हमें इनका परिणाम उस टाइम नहीं पता चलता पर आगे चल कर बहुत ज्यादा बड़ी प्रॉब्लम खड़ी हो जाती है।

हमारी सबसे बुरी बात दिन में खुद से कई तरह के वायदे करना लेकिन उन्हें पूरा नहीं करना है।

हम दिनभर खुद से लेकर कई प्रॉमिस करते है और फिर उन्हें ये कह कर टाल देते है की कोई बात नहीं आगे देखेंगे। ये बहुत बड़ी गलती है जो हमें पीछे धकेल देती है और हमें पता भी नहीं चलता।

गलती चाहे छोटी हो या बड़ी, कमिटमेंट कैसा है ये मायने रखता है। अगर आप सोचते है की खुद से किये गए कमिटमेंट या प्रॉमिस को पूरा ना करने पर कोई फर्क नहीं पड़ता तो आप गलत है क्यों की जब आपको इसका अहसास होता है तब तक आप बहुत ज्यादा नकारात्मक हो जाते है।

इन आदत में बदलाव लाना है बेहद जरुरी

आपको अपनी इन आदतों में बदलाव लाना बेहद जरुरी है क्यों की इनके बहुत बड़े रिजल्ट होते है जो आपके लिए सही नहीं होते है और आपको आज से ही अपनी इन आदत में बदलाव लाना बेहद जरुरी है क्यों की कोई भी खुद को दुसरो की नजर में निचा नहीं देखना चाहेगा।

अगर आप खुद में इम्प्रूव कर आगे बढ़ना चाहते है तो आपको डेली लाइफ में की जाने वाली सबसे बड़ी मिस्टेक को समझना होगा। ये देखने और सुनने में भले ही छोटी सी लगे लेकिन इसे दोहराते रहना आपके लिए बहुत बड़ी problem cretae कर सकता है।

खुद पर डाउट करना

लगभग सभी किसी भी फील्ड के काम को लेकर खुद पर डाउट करने लगते है।

  1. में इस काम को कर सका हूँ या नहीं !
  2. i can’t do it.
  3. में इस काम को करने लायक नहीं हूँ या ये मेरे लायक नहीं है !

इस तरह के डाउट आपके मन में किसी भी काम को लेकर आ सकते है क्यों की इंसानी माइंड हर काम को लॉजिक पर तौलता है। अगर आप के साथ भी ऐसा होता है तो आपको सचेत होने की जरुरत है क्यों की ऐसा होना आपके low confidence level को show करता है।

एक टाइम ऐसा भी आता है जब आप छोटे से काम को करने में भी असफल हो जाते है और बहुत ज्यादा demotive रहने लगते है।

साइड इफ़ेक्ट : इसका सबसे बड़ा साइड इफ़ेक्ट यह है की इससे हमारा आत्मविश्वास बहुत कम हो जाता है और हम छोटे से छोटे काम को भी कर नहीं पाते है। धीरे धीरे किसी भी काम में हमारे दिमाग में बस यही घूमने लगता है की हम ये नहीं कर सकते। ये एक लेवल है जिसमे शुरू में कर सकते है या नहीं से सीधे हम नहीं कर सकते या ये हमारे बस की बात नहीं है जैसी स्थिति हो जाती है।

आदत में बदलाव के लिए क्या करे ?

ऐसा आपके साथ हो रहा है तो आज ही सचेत हो जाइये और खुद का आत्मविश्लेषण कीजिये की गलती कहा हुई और किस वजह से हुई। इससे उभरने के लिए आप 2 तरीके अपना सकते है

पहला छोटे छोटे काम कीजिये और अपने ssubconscious mind को दिखाइए की आप में काम को कर सकने की काबिलियत और क्षमता है। इससे होगा ये की धीरे धीरे आपका मन इस बात को स्वीकार करने लगेगा की आप किसी काम को कर सकते है।

दूसरा तरीका आपके माइंड से जुड़ा है जिसमे आप जब काम करते है और आपके मन में डाउट होने लगता है उसे रोकना है। इसके लिए आपको अपने मन को लगातार ये सन्देश देना है की आप किसी भी काम को कर सकते है।

ध्यान और योगा द्वारा खुद को ऐसे लेवल पर ले आना जिसमे आपका दिमाग काम के टाइम आपको ये लॉजिक ही नहीं दे पाए की आप किसी काम को कर सकते है या नहीं ? ये प्रोसेस थोड़ी मुश्किल है लेकिन इसके परिणाम बहुत बढ़िया मिलते है।

खुद से प्रॉमिस कर पूरा ना करना

में आज इतनी देर पढूंगा, आज में ये काम जरूर कर दूंगा और फिर क्या हुआ जो आज नहीं कर पाया कल पक्का करूँगा जैसी स्थिति अगर आपके साथ हो रही है तो संभल जाइये क्यों की ऐसा होना आपको बड़ी प्रॉब्लम में डाल सकता है।

क्यों की आपका अवचेतन मन आपके हर प्रॉमिस को नोट करता है।

आप अगर लम्बे टाइम से प्रॉमिस करते है और पूरा नहीं करते तो आप आने वाले टाइम में किसी भी प्रॉमिस को पूरा नहीं कर पाएंगे क्यों की आपका अवचेतन मन इसे बहुत गंभीर तरीके से एक्सेप्ट कर लेता है की आप प्रॉमिस और कमिटमेंट पूरा कर ही नहीं सकते फिर आप चाहे लाख कोशिश करो छोटे से कमिटमेंट को भी पूरा नहीं कर पाओगे।

साइड इफ़ेक्ट 

अगर आप लम्बे टाइम से ऐसा करते है तो आगे चल कर आप छोटे छोटे कमिटमेंट भी पूरा नहीं कर पाते है। आपने नोट किया होगा तो पाया होगा की पहले आप किसी कमिटमेंट को पूरा कर लेते थे लेकिन अब मुश्किल लगने लगता है। ऐसा सिर्फ इसी वजह से होता है। negative लोगो से deal करना बेहद मुश्किल काम है.

आदत में बदलाव के लिए क्या करे 

आपके साथ अगर ऐसा हो रहा है की आप छोटी छोटी बातो, कमिटमेंट, प्रॉमिस को पूरा नहीं कर पा रहे है तो अपनी आदतों में बदलाव लाने की कोशिश करे। सबसे पहले तो हर छोटी छोटी बात को लेकर कमिटमेंट करना बंद कर दे की में ये कर दूंगा या मुझे ये करना है.

अब आप एक नोटबुक में डेली एक नई बात, कमिटमेंट, प्रॉमिस लिखे और उसे पूरा करने पर पूरा ध्यान दे। ध्यान रखे की शुरुआत छोटे बदलाव से हो। जब आप ऐसा एक-दो महीने कर लेते है तो आप खुद से किये किसी भी कमिटमेंट को पूरा करने के लायक बन जाते है।

ऐसा करना आपके अंदर law of attraction की पावर को बढ़ा देता है और आपके कमिटमेंट सच में बदलने लगते है।

हमेशा दुसरो से अपने निर्णय को लेकर राय लेना

क्या आप भी ऐसा करते है ? आपको लेकर दूसरे क्या सोचते है ऐसी धारणा जब आप में घर करने लगती है तो ये आपके लिए बहुत नेगेटिव साबित होती है।

अगर आप से राय लेकर अपना निर्णय बनाते है तो ये संकेत है की आपको अपने ऊपर विश्वास नहीं है और आप वही करते है जो दूसरे आपको suggest करते है।

ये आपके लिए कितना सही कितना गलत है दूसरे कैसे बता सकते है। आपको आप से बेटर कोई नहीं जान सकता इसलिए संभल जाइये।

साइड इफ़ेक्ट 

किसी खास मौके पर ऐसा हो सकता है की आप दुसरो के suggest की गई राय को अपनाये और आप सही लगे लेकिन हर बार ऐसा करना सही नहीं है। ऐसा करना आपको नकारात्मकता की ओर ले जा सकता है।

इससे आगे चल कर आप लोगो के लिए मजाक के पात्र बन सकते है। आप ऐसे काम करने को मजबूर हो सकते है जो आपके लिए सही नहीं होता है। उल्टा आप खुद uncomfortable feel करने लग सकते है।

आदत में बदलाव के लिए क्या करे 

आपके लिए क्या सही है क्या गलत और आपको क्या करना चाहिए क्या नहीं इसके लिए दुसरो पर निर्भर होने की जरुरत नहीं है क्यों की आपके बारे में आपसे ज्यादा बेहतर कोई नहीं बता सकता इसलिए अपने से जुड़े फैसलों पर दुसरो से राय लेना बंद कर दे।

आप आईने के सामने खड़े हो कर अपने फैसले के बारे में निर्णय ले सकते है ऐसा करना आपके कॉन्फिडेंस को तो बढ़ाएगा ही साथ ही दुसरो पर निर्भर होने की नौबत नहीं आने देगा।

हमेशा एक ही मूड में रहना

कई लोगो से जब हम मिलते है तो वो हमेशा एक जैसे मूड में खुद को शो करते है जैसे हमेशा सीरियस रहना या फिर हर किसी के साथ मजाक करते रहना।

अगर आप उनमे से एक है तो आपको बता दे की ये सही नहीं है क्यों की ऐसा करना आपके साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम को दर्शाता है।

ऐसा करने वालो को लगता है की वो ऐसा कर खुद को अच्छा या आदर्शवादी के रूप में शो कर रहे है और लोगो के मन में उनके प्रति अच्छी धारणा बनेगी तो ऐसा नहीं है। माहौल के अनुसार खुद को दर्शाना चाहिए।

साइड इफ़ेक्ट 

ऐसा करने के पीछे लोगो की अपनी सोच होती है जैसे की हमेशा मजाक करने वाले को लगता है की वो ऐसा कर दुसरो को खुश रख सकता है या फिर सीरियस रहने वाले को लगता है की ऐसा करने से सामने वाले के मन में उसके प्रति इज्जत बनेगी। ऐसा नहीं होता है और धीरे धीरे लोग आप से दूर होना शुरू कर देते है।

आदत में बदलाव के लिए क्या करे 

हमेशा माहौल के अनुसार खुद को दर्शाओ जैसे की ख़ुशी के मौके पर सीरियस रहना अच्छा नहीं और दुःख के माहौल में हंसना सही नहीं। अगर आप माहौल के अनुसार खुद को ढाल सकते है तो आप लोगो के बिच बहुत जल्दी पॉपुलर हो सकते है साथ ही कभी परेशान नहीं होंगे ये मेरा वादा है।

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आदत में बदलाव लाना क्यों है बेहद जरुरी

आप अवचेतन मस्तिष्क के बारे में बहुत कुछ जानते है और सुनते भी होंगे लेकिन आपकी डेली लाइफ में की जाने वाली मिस्टेक का इससे बहुत गहरा सबंध है क्यों की इन गलतियों को दोहराते रहने से आप खुद अवचेतन मन को ये सन्देश देते है की आप नहीं कर सकते इसके रिजल्ट में एक टाइम ऐसा आता है जब आपके बिना किसी निर्देश के अवचेतन मन ये स्वीकार कर लेता है की आप नहीं कर सकते और रियल में आप कर भी नहीं पाते है।

अगर मुझसे पूछे तो में यही कहूंगा की अगर आप लाइफ में आगे बढ़ना चाहते है तो आज ही इन आदतों में सुधार कर ले क्यों की ऐसा करना आपको बहुत अच्छे से सोसाइटी और खुद की नजर में रिप्रेजेंट कर सकता है।

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साधना में जल्दी सफलता के लिए बीज मंत्र का इस तरह उच्चारण जरूर करना चाहिए

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beej mantra यानि मूल मंत्र के जाप के क्या फायदे है. एक सामान्य मंत्र और बीज मंत्र में क्या फर्क है और बीज मंत्र कैसे सामान्य मंत्र से अलग है. beej mantra के उच्चारण में क्या सावधानी रखनी चाहिए और मूल मंत्र क्या खतरनाक भी हो सकते है.

बीज मंत्र उच्चारण कैसे करना चाहिए जिससे की मंत्र तंत्र सिद्धि आसानी से हासिल की जा सके.

beej mantra meaning in hindi, beej mantra for money and wealth कैसे सही तरीके से काम करता है.

beej mantra यानि मूल मंत्र के जाप के क्या फायदे है

shabar beej mantra क्या है और इनका प्रभाव क्या होता है. एक समान्य इंसान को किस तरह के मंत्र का जाप करना चाहिए.

ऐसे ही कई सवाल आपके मन में जरूर उठते होंगे जब आप मंत्रो को सुनते है मंदिर में तो आपके अंदर एक दिव्य अनुभूति, अहसास जरूर होता होगा.

शाबर बीज मंत्र जल्दी सिद्ध होते है लेकिन इन्हे सही तरीके से कैसे सिद्ध किया जाए.

beej mantra क्या है

बीज मंत्र या मूल मंत्र ऐसे कुछ खास मंत्र है जो बेहद छोटे लेकिन प्रभावशाली है. बीज मंत्र इतने शक्तिशाली होते है की कम समय में साधक को अलौकिक अनुभव करवाने में सक्षम है.

बीज मंत्र कुछ समय बाद ही अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देते है और अगर नियमित इनका उच्चारण किया जाए तो उस वातावरण में ये जाग्रत हो दिव्य प्रभाव दिखाना शुरू कर देते है.

कुछ लोगो के अनुसार एक नियमित जाप बीज मंत्र के करने के बाद साधक के साधना कक्ष में उस ऊर्जा को महसूस किया जा सकता है जिसमे ध्यान लगाना बेहद सहज, समाधी अनुभव और यहाँ तक की एक दिव्य अनुभूति का अहसास भी देखने को मिलता है.

यही वजह है की बीज मंत्र बेहद शक्तिशाली होने के साथ साथ दिव्य भी होते है.

बीज मंत्र कैसे काम करते है

मंत्र, beej mantra यहाँ तक की हमारे मुँह से निकली हर छोटी छोटी से साउंड भी इस यूनिवर्स में कही ना कही गूंजती रहती है. वैज्ञानिकों ने माना है की यूनिवर्स में सबसे ज्यादा गूंजने वाली साउंड ॐ की है. बीज मंत्र हमारे अंतर को प्रभावशाली बनाते है.

इनके उच्चारण में एक अलग ऊर्जा के प्रवाह को महसूस किया जा सकता है. अगर बीज मंत्र का सही उच्चारण किया जाए तो कुण्डलिनी और सप्त चक्र जागरण को आसानी से महसूस किया जा सकता है.

बीज मंत्र और उनके जप का अलग अलग तरीका है. बीज मंत्र के उच्चारण के दौरान मंत्र से जुड़े चक्र पर भी साधक का ध्यान होना चाहिए साथ ही उच्चारण सामान्य ना हो कर वोकल से जुड़ा होना चाहिए.

तिब्बत पद्धति में मंत्र जाप को आसानी से सिद्ध इसी लिए कर लेते है क्यों की उन्हें वोकल फेज का पूरा पता होता है. वोकल फेज मंत्र के जागरण में अहम भूमिका निभाते है. ये कुछ कुछ सप्त चक्र के जागरण के वक़्त लगाए जाने वाले चक्र के ध्यान से मिलता है.

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beej mantra सामान्य मंत्र से अलग कैसे है

बीज मंत्र सामान्य मंत्र से 1000 गुना ज्यादा प्रभावशाली होते है इसलिए हम कह सकते है की बीज मंत्र का प्रभाव भी हमें एक सामान्य मंत्र के मुकाबले कही ज्यादा मिलता है.

root mantra एक ऐसा मंत्र है तुरंत ऊर्जा के प्रवाह को साधक के भौतिक स्वरूप और फिर मानसिक स्वरूप से जाग्रत कर देता है.

एक बार बीज मंत्र साधक द्वारा सिद्ध होने के बाद जुबान और मानसिक स्वरूप में हमेशा उच्चरित होता है. यही बीज मंत्र की असली शक्ति होती है.

क्या बीज मंत्र खतरनाक होते है :

अगर सही विधि और विधान के साथ बीज मंत्र का जाप ना किया जाए तो इनके प्रभाव विपरीत भी हो सकते है. बीज मंत्र अपने आसपास की नकारात्मक और सकारात्मक शक्ति दोनों को ही आकर्षित करते है. यही वजह है की मंत्रो को भी जाग्रत करना, शुद्धिकरण करना बेहद जरुरी है.

सिर्फ मंत्र जाप ही काफी नहीं होता है मंत्र जाप से पहले के विधान भी पुरे करना जरूरी होता है जिसकी वजह से साधक के आसपास का वातावरण शुद्ध होता है और साधना के साथ बीज मंत्र का सही लाभ मिल पाता है.

अक्सर ऐसा हो सकता है की मंत्र जाप के समय हमें कुछ अनुभव ना हो या फिर डरावने अनुभव हो लेकिन हमारे आसपास का वातावरण उस बीज मन्त्र से सक्रिय हो अपना प्रभाव बना लेता है.

इसलिए अगर आपको लगता है की मंत्र का अनुभव नहीं हुआ और मंत्र बीच में छोड़ दिया तो ऐसा ना करे क्यों की सही समय पर या उसके कुछ समय बाद मंत्र का प्रभाव देखने को जरूर मिलता है.

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shabar beej mantra और मंत्र फिक्स जाप

शाबर बीज मंत्र भी बीज मन्त्र की तरह प्रभावशाली होते है लेकिन इन्हे कोई भी ग्रहण कर सकता है. गुरु मंत्र और गुरु दीक्षा की तरह ही बीज मंत्र को सिद्ध किया जाता है लेकिन शाबर मंत्र सरल होते है जिनका कोई दोष साधक को नहीं लगता है.

मंत्र सिद्धि के लिए उसका निश्चित मात्रा में जाप करना बेहद जरूरी है. किसी भी मंत्र के साथ उसके उच्चारण की मात्रा का भी जिक्र किया जाता है. क्या वाकई इनकी मात्रा निश्चित होती है ?

मंत्र के जप को एक तय मात्रा में दोहराने पर वो जाग्रत हो जाता है और अपना प्रभाव दिखाने लगता है.

Shabar mantra siddhi in Hindi

ये एक सवाल ही है की एक खास मात्रा ही क्यों ? क्या एक हजार से एक भी कम होने पर मंत्र जाग्रत नहीं होगा !

ब्रह्माण्ड में फैले हर मंत्र का जाप एक बंद ताले को चाबी से खोलने जैसा है. मात्रा कम या ज्यादा मायने रखती है या नहीं ये तो पता नहीं लेकिन किसी भी मंत्र को एक फिक्स मात्रा में जाप कर ही अनलॉक किया जा सकता है. इस बारे में आपका क्या सोचना है हमें जरूर बताये.

beej mantra और उनके spiritual benefit

बीज मंत्र अपने आप में बहुत सारे आध्यात्मिक लाभ लिए होते है इसलिए अगर सही तरीके से हम बीज मंत्र का जाप करे तो कई तरह के लाभ ले सकते है जैसे की

  • ॐ का जाप मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए.
  • क्रीं मंत्र का जाप शत्रुओ के दमन में प्रभावशाली है.
  • भगवान श्री नरसिह का बीज मंत्र हमे गहरी मानसिक शांति प्रदान करता है.
  • दुर्गा बीज मंत्र के जाप से रुके हुए कार्य सिद्ध होते है.

कहते है 100 मंत्रो की शक्ति और लाभ एक अकेले बीज मंत्र में होती है. इसलिए बीज मंत्र का जाप आपके लिए कई तरह से लाभदायक साबित हो सकता जरुरत है तो बस सही बीज मंत्र के चुनाव की.

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बीज मंत्र में सावधानी

बीज मंत्र में सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात ये है की इन्हे हमेशा किसी योग्य से ही लिया जाना चाहिए. हम सामान्य मन्त्र को जैसे चाहे उच्चारण कर सकते है क्यों की उनके परवाह में लय के बगैर वो प्रभाव नहीं दिखा सकते है लेकिन बीज मंत्र के साथ ऐसा नहीं है.

बीज मंत्र अपने आप में जाग्रत होते है और अगर इनका पूर्ण विधि विधान के बगैर उच्चारण किया जाए तो उस समय भले ही हमें असर न दिखे लेकिन वायुमण्डल में उसका प्रभाव बना रहता है.

इसलिए कभी भी बिना समझे बीज मंत्र का उच्चारण या उसे जाग्रत ( अपनी सिद्धि के लिए ) नहीं करना चाहिए.

root mantra के जाप का मेरा अनुभव :

लगभग 4 साल पहले मुझे एक ऑनलाइन फ्रेंड ने एक बीज मंत्र दिया था. उनका कहना था की ये मंत्र कुण्डलिनी और सप्त चक्र जागरण में बेहद प्रभावशाली है.

में उस वक़्त शक्ति चक्र के अभ्यास में था.

जिज्ञासा वश उसी रात मेने उस मंत्र का जाप करना शुरू कर दिया था. मंत्र जाप के दौरान कमरे में बिलकुल अँधेरा था और लगभग 10 मिनट बाद ही मुझे एक तीव्र ऊर्जा शरीर में महसूस होने लगी थी.

मेरे लिए ये एक नया अहसास था जब बहुत कम समय में ही तीव्र ऊर्जा का प्रवाह शरीर में होने लगा था.

उस वक़्त एक घटना और भी घटने लगी थी मुझे लगा जैसे मेरा दम घुट रहा है. और कमरे में कोई और भी है. हालाँकि मंत्र के विधान सिर्फ 3 दिन के ही थे लेकिन मेने ये विधि एक ही रात की थी. इसके बाद ये बीज मंत्र और इसका विधान मेने एक ग्रुप मेंबर के साथ शेयर किया. उन्होंने इसे कुछ दिन किया था और उन्हें भी वही अहसास हुआ जो मुझे हुआ.

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beej mantra और सही method :

बीज मंत्र के जप को लेकर मेरे इस अनुभव में मेने एक बात तो जान ली थी की बगैर उचित विधान और दीक्षा के बीज मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए.

ये सच है की बीज मंत्र बेहद प्रभावशाली और कम टाइम में लाभ देने वाले है लेकिन कुछ स्थिति में ये खतरनाक हो सकते है.

प्रकृति के छिपे हुए रहस्य की तरह ही बीज मंत्र भी ब्रह्माण्ड में फैले हुए है. सही उच्चारण उन्हें जाग्रत करता है तो सही तरीके से जाप हमें लाभ भी दिलाता है.

कुछ बीज मंत्र जो हमारे देवी देवताओ के होते है का जाप हमें पूजा पाठ के विधान के साथ करते रहना चाहिए इनसे भी हमें कई तरह के लाभ मिलते है.

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चेतना के अलग अलग स्तर और एक सामान्य इन्सान से super power बनने का सफ़र

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under conscious level of mind यानि हमारी चेतना टोटल कितने तरह से काम करती है। आज हम चेतन या अवचेतन मन बल्कि conscious level of mind की बात करने वाले है। conscious level of the mind हमारी चेतना से पूर्ण चेतना का सफर है जो मैडिटेशन की लगातार प्रैक्टिस से संभव है।

इस अवस्था में हम सिर्फ conscious level पर बात करेंगे ना की level of subconscious mind क्यों की इसमें हम कार्यप्रणाली और अनुभव के आधार पर इसे बाँटने वाले है।

चेतन मन यानि conscious mind और अवचेतन मन यानि sub conscious mind अभी तक हम इन 2 के बारे में ही जानते थे लेकिन धीरे धीरे science और spiritual ने इसमें नए नए experiment किये और कई अन्य मन के बारे में जाना जिसमे super conscius mind भी है लेकिन इसके अलावा विज्ञान ने किन किन level of mind and its conscious ness की खोज की है इसके बारे में आज हम बात करने वाले है।

अगर बात करे from conscious to unconscious mind की तो अभी तक कई level की खोज हो चुकी है जिन्हे साइंटिस्ट ने उनकी वर्किंग के हिसाब से नाम दिए है। आज हम सिर्फ उन लेवल की बात करेंगे।

conscious level of mind

अभी तक हम सब जिन तीन state of conscious mind के बारे में जानते आये है वो निम्न है चेतना, सोना, सपने लेना यानि

  • walking conscious
  • deep sleeping
  • dreaming

इसके आलावा की जिन स्टेज की बात करने जा रहे है उन्हें continuous practice of meditation द्वारा activate किया जा सकता है। advanced level of conscious and subconscious mind एक महर्षि द्वारा व्यक्त किये गए है जिसने 40 साल इन पर खोज की है आइये जानते है उन advanced level के बारे में।

conscious level of mind in Hindi एक सामान्य इंसान conscious level of mind के 7 स्टेज को पूर्ण कर उस अवस्था में पहुँचता है जो मोक्ष और समाधी के नाम से जानी जाती है।

अभी तक हमने सिर्फ conscious mind, subconscious mind और super conscious mind यानि higher self तक जाना है। लेकिन आध्यात्मिक जागरण के लिए conscious level of mind को कैसे हम समझकर खुद को जाने इस बारे में बात करते है।

7 conscious level of mind

इसमें ये लेवल आते है जो हमारे कार्यप्राणाली के आधार पर 7 भागो में बंटे हुए है। सामान्य से असामान्य और अद्भुत क्षमता का ये सफर इनके बिच ही है।

  1. walking conscious
  2. deep sleeping
  3. Dreaming
  4. Transcendental conscious
  5. cosmic conscious – higherself consciousness
  6. god conscious
  7. Unity conscious

ये सब हमारी चेतना के वो लेवल है जो हमें आम से खास बनाते है। एक इंसान इन स्तर को पार कर जीवन की यात्रा को पूरा करता है।

Walking conscious

सामान्य स्तर की चेतना जिसमे हम दिनभर की सभी एक्टिविटी को अंजाम देते है walkin conscious का हिस्सा है। इसमें हम किसी कार्य से कैसे जुड़ते है और समझते है शामिल है। किसी भी एक्टिविटी को सही और गलत समझकर उसे sub conscious mind में भेजना यानि सेव करना इसी लेवल में होता है।

deep sleeping

mind के थकने और आराम करने के बिच का कांसेप्ट यह कहता है की mind को daily update रखने के लिए कुछ समय आराम करने की जरूरत होती है। जागते वक़्त हम कभी सोचना बंद नहीं करते है जिसकी वजह से कुछ समय निकाल कर सोना अनिवार्य है।

सोने के वक़्त हम सोचना बंद नहीं करते बस दिनभर के विचारो को जो हमारा subconscious catch करता है उनपर फोकस हो जाते है जिसकी वजह से चेतना सुप्त हो जाती है। इसे ही हम सोना कहते है।

dreaming

जिन विचारो का हमसे emotional attachment हो जाता है अक्सर वही सपने बनकर हमें नींद में दिखते है इसके पीछे की वजह इंसान की भावनाए और उसकी इच्छाए है जो कार्य वो दिन में कर नहीं पाता है इसे रात को करता है सोने के बाद सपनो में।

इसे हम इंसानी सन्तुष्टिकरण भी कह सकते है क्यों की भावनाओ को पूरा करना इंसानी नेचर है फिर कही वो सपने में ही क्यों न हो। सपने देखना हमारी चेतना का तीसरा चरण है जिसमे हम दिनभर के कामो से दिमाग को हटाकर उन भावनाओ पर ले जाते है जो हम दिन में कर नहीं पाते है।

TRANSCENDENTAL CONSCIOUSNESS

इस अवस्था को complete silence कहा जाता है यानि की समाधी की ऐसी अवस्था जिसमे हमारा मन और mind दोनों एकदम शांत हो गए हो लेकिन consciousness पूरी तरह activate हो।

इस अवस्था में हम खुद को अच्छे से समझ सकते है, मुश्किल problems का solution पा सकते है साथ ही खुद को ज्यादा से ज्यादा लोगो के बिच important बना सकते है।

cosmic conscious

सही मायने में आध्यात्मिक जागरण यानि spiritual awakning यही है। जब हम इस अवस्था में पहुँच जाते है तो अपने आसपास की हर वस्तु का सही रुपण हम देख सकते है। हम सभी जिस संसार में रहते वो असल में कैसा है और कैसे हम इससे पर पा सकते है।

इस लेवल में हम किसी से बात करते हुए भी अपने अंदर के मन में जा सकते है। meditation की सबसे rare experience यही मानी गई है जब हम एक जगह रहते हुए भी दूसरी जगह जा सकते है।

नार्मल लाइफ में वैज्ञानिक तरीके से ये असंभव है लेकिन meditation की high level stage पर ये संभव है।

ज्यादातर लोग consciousness को इंसानी स्तर तक ही मानते है लेकिन ये किसी इंसानी स्तर से जुड़ा नहीं है ये पुरे यूनिवर्स से जुड़ा है आज quantum theory ये मान चुकी है की जिन चीजों की आज उत्पति हुई है वो एक vaccum से हुई है और अंत भी इसका यही है लेकिन क्या अआप जानते है ये शून्य कहाँ स्थित है।

सभी चीजे शून्य से जन्मी है और शून्य में ही मिल जाएगी ऐसा इस स्तर पर आने पर हमें पता चलता है।

God conscious

अपनी आत्मा से जुड़ना इस अवस्था में संभव है ये अवस्था cosmic level of conscious के similar ही है लेकिन इस अवस्था में हम खुद के अंतरात्मा से जुड़ जाते है और आध्यात्मिक अनुभव करते है।

इस अवस्था में सबसे बड़ी खास बात तो ये है की इसमें हमारा point of view यानि चीजों को देखने का नजरिया बदल जाता है और हम हर चीज में ख़ुशी तलाशने लगते है।

साथ ही हम अपने अंतर में गहराई से डूबने लगते है। सही मायने में किसी भी इंसान को इस लेवल पर ही आध्यत्मिक जागरण के अनुभव होते है।

इसे हम higher self conscious ness भी कहते है क्यों की इस स्तर पर हमारे अनुभव अंतर्मन से जुड़े होते है।

ये कांसेप्ट german idealism से लिया गया है जो भगवद गीता के विचारो से प्रभावित था। higher self conscious में हमें फैसले लेने खुद को बेहतर बनाने के लिए अंदर से प्रेरणा मिलती है और जिसका higher self activate हो जाता है वो व्यक्ति कभी गलत फैसले नहीं ले सकता क्यों की हमारा अंतर्मन हमें हमेशा सही राह दिखाता है।

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unity conscious :

जब एक इंसान सभी को अपने जैसा समझने और देखने लगता है तब वो चेतना के सातवे चरण पर होता है। हम हमेशा सुनते आये है की सभी हम है और हम ही सभी है यानि सब में एक ही तरह की आत्मा का निवास है जो ईश्वर ने बनाई है।

ईश्वर की इस सृस्टि में सभी समान है और सभी को जीने का पूरा हक़ है। advanced level of conscious ही सब लेवल में ऊपर की मानी गई है क्यों की ये आध्यत्मिक जागरण में पूर्णता लाती है।

इस अवस्था में आकर इंसान सभी तरह के मोह त्याग देता है क्यों की उसके लिए ये सभी भोग की वस्तुए होती है। यही नहीं उसके मन के भाव भी समाप्त हो जाते है ना किसी से प्यार न किसी से नफरत उसे सिर्फ अपने अंतर में ख़ुशी मिलती है।

दोस्तों ऊपर के सभी level of conscious जिनकी आज हमने बात की है india के ही एक महर्षि महेश योगी के अपने अनुभव और खोज का परिणाम है। उनके पास कई लोगो ने आध्यत्मिक जागरण के अनुभव भी किये है।

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वीर बेताल की ये साधना साधक को बनाती है हर तरह से शक्तिशाली

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veer vetal sadhna in hindi कैसे की जाती है और veer betal kya h ऐसे ही कई सवाल है जो एक तंत्र साधक के मन में आते है जब वो shabr mantra sadhna के क्षेत्र में प्रवेश करता है.

अभी तक हम कई ऐसी साधनाओ के बारे में पढ़ चुके है जो शैतानी और सात्विक दोनों रूप में की जा सकती है.

इंद्रजाल में अगिया बेताल का जिक्र किया गया है जो बेहद प्रभावी है. वीर बेताल साधना तंत्र साधना के अंदर आती है इसलिए किसी योग्य गुरु के निर्देशन में ही की जानी चाहिए.

veer vetal sadhna और शाबर मंत्र
वीरों के विषय में सर्वप्रथम पृथ्वीराज रासो में उल्लेख है. वहां इनकी संख्या 52 बताई गई है.

इन्हें भैरवी के अनुयायी या भैरव का गण कहा गया है. इन्हें देव और धर्मरक्षक भी कहा गया है. मूलत: ये सभी कालिका माता के दूत हैं.

उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब आदि प्रांतों में कई वीरों की मंदिरों में अन्य देवी और देवताओं के साथ प्रतिमाएं भी स्थापित हैं. राजस्थान में जाहर वीर, नाहर वीर, वीर तेजाजी महाराज आदि के नाम प्रसिद्ध हैं.

veer vetal sadhna और शाबर मंत्र

शाबर मंत्रो की रचना नवनाथ द्वारा की गई. इसके पहले रचियता भगवन गोरखनाथ थे इसके बाद आने वाले नाथ सम्प्रदाय के गुरु ने इनका विस्तार किया. शाबर मंत्र जप में सरल और जल्दी फल देने वाले होते है.

वैदिक मंत्रो का जाप और विधान जितना कठिन है शाबर मन्त्र उतने ही सरल इसीलिए आज के समय में शाबर मन्त्र को ज्यादा महत्व दिया जाने लगा है क्यों की एक और जहा वैदिक मंत्र बिना गुरु के फलित नहीं होते shabar mantra कोई भी सिद्ध कर सकता है.

वीर वैताल एक ऐसी साधना है जो साधक को सभी रूप से बलशाली बनाती है. वेताल का साधक कभी किसी चीज से वंचित नहीं रहता है.

क्या veer vetal sadhna सही है

वास्तव में वैताल साधना अत्यन्त सौम्य और सरल साधना है, जो भगवान शिव की साधना करता है वह वैताल साधना भी सम्पन्न कर सकता है. जिस प्रकार से भगवान शिव का सौम्य स्वरूप है, उसी प्रकार से वैताल का भी आकर्षक और सौम्य स्वरूप है.

इस साधना को पुरुष या स्त्री सभी सम्पन्न कर सकते हैं. यद्यपि यह तांत्रिक साधना है, परन्तु इसमें किसी प्रकार का दोष या वर्जना नहीं है. गायत्री उपासक या देव उपासक, किसी भी वर्ण का कोई भी व्यक्ति इस साधना को सम्पन्न कर अपने जीवन में पूर्ण सफलता प्राप्त कर सकता है.

सबसे बड़ी बात यह है, कि इस साधना में भयभीत होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, घर में बैठकर के भी यह साधना सम्पन्न की जा सकती है.

साधना सम्पन्न करने के बाद भी साधक के जीवन में किसी प्रकार अन्तर नहीं आता, अपितु उसमें साहस और चेहरे पर तेजस्विता आ जाती है, फलस्वरूप वह जीवन में स्वयं ही अपने अभावों, कष्टों और बाधाओं को दूर कर सकता है.

बेताल साधना करने का मुख्य उदेश्य

आज के युग में वैताल साधना अत्यन्त आवश्यक और महत्वपूर्ण हो गई है, दुर्भाग्य की बात यह है कि अभी तक इस साधना का प्रामाणिक ज्ञान बहुत ही कम लोगों को था, दूसरे साधक ‘वैताल’ शब्द से ही घबराते थे, परन्तु ऐसी कोई बात नहीं है.

जिस प्रकार से साधक लक्ष्मी, विष्णु या शिव आदि की साधना सम्पन्न कर लेते हैं, ठीक उसी प्रकार के सहज भाव से वे वैताल साधना भी सम्पन्न कर सकते हैं.

मंत्र को जाग्रत रखना बेहद जरुरी

आज सभी साधना में सबसे पहले ये देखते है की ये साधना कितने दिन में सिद्ध होगी, ये नहीं देखते की इसे जाग्रत रखने के लिए समय समय पर इसे दोहराना बेहद जरुरी है.

त्राटक, ध्यान या फिर कोई भी तंत्र मंत्र से जुडी साधना एक बार जाग्रत करने के बाद एक समय तक ही पुष्ट रहती है. खास मौको पर इन साधनाओ को दोहराना इन्हे जाग्रत रखता है.

एक साधक चाहे जो भी साधना करता हो समय समय पर उन साधना से जुड़ी वस्तुओ को प्राण प्रतष्ठित करना जरुरी है जिससे उनमे ऊर्जा बनी रहती है.

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साधना को बिच में छोड़ना सिर्फ बेवकूफी :

अक्सर देखने में आता है की कुछ साधक साधना में सही अनुभव नहीं कर पाते है या फिर उन्हें कुछ खास अनुभव नहीं मिलता.

मान लीजिये 15 दिन की साधना है और 12 दिन तक आपको कुछ भी अनुभव नहीं हुआ तो क्या आप उसे छोड़ दोगे.

ज्यादातार साधक यही करते है जबकि अगर साधना तय तिथि तक सिद्ध नहीं होती तो भी आगे के कुछ दिन अभ्यास जारी रखना चाहिए. अगर फिर भी अनुभव ना मिले तो दोबारा सही समय पर शुरू करनी चाहिए. यही सफलता की कुंजी है.

veer vetal sadhna के लाभ

वीर वेताल साधना तंत्र की अन्य साधनाओ जैसी ही है जिनसे साधक को अद्भुत अनुभव होते है. वीर बेताल की साधना के बाद साधक को निम्न लाभ मिलते है.

  1. वीर वेताल साधना सरल और सौम्य है इसलिए भयभीत होने की जरुरत नहीं है. इस साधना से मनुष्य की सरल और सौम्य प्रकृति के रूप में वैताल की उत्पति होती है जो एक सेवक की तरह साधक के साथ जुड़ा रहता है.
  2. अगर साधक veer vetal sadhna को सिद्ध कर लेता है तो किसी भी तरह के अस्त्र शस्त्र या अकाल मृत्यु से साधक को कोई भय नहीं रहता है क्यों की पल पल एक परछाई की तरह वीर आपके साथ रहता है और आपकी रक्षा करता है.
  3. ऐसा साधक हमेशा निर्भय विचरण करता है ओर उसे किसी का भी भय नहीं रहता.
  4. माना जाता है की वैताल भविष्य देख सकता है और जो व्यक्ति वैताल सम्पन होता है वो सही मायने में भविष्य देख सकता है.
  5. वैताल कुछ शक्तियों में जिन्नात की तरह ही है जैसे की पल भर में समय की दुरी तय करना, किसी को भी अपने पास बुलाना और कुछ भी हासिल कर लेना.
  6. जो व्यक्ति veer vetal sadhna संपन होता है उसमे कई लोगो के जितना बल होता है और उसके लिए कोई भी काम मुश्किल या असंभव नहीं रहता है.

साधना के बाद बेताल की शर्त को महत्व देना चाहिए या नहीं ये निर्भर करता है की आप किस तरह के बेताल की साधना कर रहे है. इसलिए जब साधना करे तो पूर्ण जानकारी जुटा ले.

पढ़े : ब्रह्म राक्षस से जुड़ी रहस्यमयी कहानी और इनके बनने के पीछे का राज क्यों मौत के बाद बन जाते है शैतान

भैरव वीर और वैताल है एक

भगवान महादेव ने सती के वियोग में दक्ष के संहार के लिए जिस वीर-भद्र का आवाहन किया था वो भी एक वीर या वैताल ही था.

ये एक मानसिक साधना होती है जिसमे साधक की ऊर्जा का अंश एक रूप लेता है. कुल 52 भैरव का जिक्र है जो 52 शक्तिपीठ के रक्षक है.

इनमे महाकाल के भैरव सबसे ज्यादा फेमस है और इनका प्रमाण आप देख भी सकते है.

किसे करनी चाहिए veer vetal sadhna

जो व्यक्ति तंत्र मंत्र की जानकारी रखता है और शमसान साधना को कर सकता है या फिर जिसने मसान जगाया हो इस साधना को आसानी से कर सकता है.

चूँकि शाबर तंत्र भी तंत्र का ही एक हिस्सा है इसलिए आपको साधना करने से पहले तंत्र की बेसिक जानकारी और गूढ़ सांकेतिक शब्दों का रहस्य पता होना चाहिए.

पढ़े : त्रिकाल ज्ञान साधना के गुप्त और दुर्लभ तरीके जिनके जरिये जान सकते है तीनो काल की घटनाओ को

veer vetal sadhna – वीर वेताल साधना की शर्ते

इस साधना को हालाँकि आसानी से किया जा सकता है लेकिन इसकी कुछ शर्ते है इसलिए अगर आप इस साधना को करना चाहते है तो इन बातो का ध्यान रखे और खुद की जाँच जरूर कर ले.

  • साधक को निर्भय होना चाहिए क्यों की तंत्र में कई ऐसी घटना और अनुभव साधना के सम्पन होने से पहले होते है जो साधक को भयभीत कर सकते है.
  • आपको साधना में सुरक्षा कवच बनाना आना चाहिए क्यों की बाहरी ताकतो से हमें सिर्फ सुरक्षा कवच ही बचा सकता है.
  • तंत्र की बेसिक जानकारी और इसके गूढ़ शब्दों के रहस्य आपको पता होना चाहिए क्यों की कई बार ऐसी साधना इन्ही शब्दों से पूरी होती है और बैताल जो शर्ते रखते है वो गूढ़ शब्दों में होती है अगर आपको सही ज्ञान नहीं होगा तो आप उनके जाल में फंस सकते है.

तंत्र विधान सम्पन होने के बाद भी समय समय पर आपको इन्हे जाग्रत रखने की आवश्यकता होती है इसलिए साधना से जुड़ी सभी चीजों को टाइम पर जाग्रत करते रहे ताकि शक्ति बनी रहे.

तंत्र मंत्र और साधनाओ से जुड़ी इन पोस्ट को भी पढ़े

वैताल साधना : अंतिम शब्द

दोस्तो ये थी कुछ ऐसी बाते जो veer vetal sadhna से जुड़ी है. साधना को जल्दी ही पीडीऍफ़ में हम डाउनलोड जोन में अपलोड करने वाले है ताकि ये आपको जरुरत पड़ने पर कभी भी हासिल की जा सके.

समय समय पर ऐसी साधना ब्लॉग पर शेयर की जाएगी जिनसे आमजन को लाभ मिले और इसके लिए हम ऐसे तांत्रिक को ढूंढते रहते है जो अपनी मर्जी से साधना शेयर करना चाहता हो.पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर करना न भूले साथ ही सब्सक्राइब जरूर करे.

अगर आप भी देखते है psychic dreams come true यानि सच होने वाले सपने तो इन बातो को जरुर जान ले

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कुछ लोग ऐसे सपने देखते है जो कुछ टाइम बाद सच हो जाते है. what is dreaming about the future and it comes true? और एक psychic dreamer कैसे दुसरो के सपनो में एंटर हो उसकी खास जानकारी को चुरा सकता है.

पूर्वाभास वाले सपने और clairvoyant dreams में क्या फर्क है. इसी तरह की कुछ जानकारी आज हम जानने वाले है.

Precognitive dream और और क्या हम ऐसे ही सवालों का जवाब है psychic dreams come true की आज की पोस्ट. prediction करना एक god gift है या curse इसे कैसे जाने.

Psychic dreams come true & psychic dreamer

अभी तक की पोस्ट में हम सपनो के बारे में काफी कुछ पढ़ चुके है लेकिन क्या आप ये जानते है की हम सपनो के द्वारा भविष्य भी देख सकते है.

इंसानी दिमाग सबसे बड़ी जटिल रचना है और उससे भी जटिल है इसकी कार्यक्षमता का अंदाजा लगाना.

हम dream के द्वारा upcoming future की कुछ हद तक predication कर सकते है. आज हम इसके बारे में और ज्यादा जानेंगे. psychic dreams come true

Psychic dreams come true & psychic dreamer

हमारी सोसाइटी में ही कुछ ऐसे लोग है जो सबसे खास और अलग है. ऐसे लोग जो सपनो के माध्यम से होने वाली घटनाओ को पकड़ते है psychic dreamer कहलाते है.

ये वो लोग है जो लगातार अभ्यास कर इस एबिलिटी को बहुत ज्यादा हद तक बढ़ा लेते है जिससे की ये आने वाले समय की सटीक भविष्यवाणी यानि prediction कर सकते है.

हमारे पूर्वज इस पावर को काफी अच्छे से समझते थे इसलिए उनकी बातो में एक सटीकता से भरा अनुमान होता था जो आज धीरे धीरे खोता जा रहा है.

what is Psychic dreams come true

हम सपनो को जिस तरीके से देखते है ये हमारे subconscious mind की एक उपज है. हमारा अवचेतन मन हमें सपनो के माध्यम से भी आने वाले कल का एक हिस्सा पूर्वाभास करवा सकता है.

हम सपनो में जिस घटना को देखते है उसे अगले दिन भूल जाते है लेकिन जब सही वक़्त आता है और वो घटना घट रही होती है तभी हमारे दिमाग में ख्याल आता है की ये घटना तो पहले भी हो चुकी है. यानि psychic dream के जरिये हम भविष्य की कल्पना कर सकते है.

हर रोज रात को हमारा astral body यानि ड्रीमिंग बॉडी शरीर से बाहर ऐसी जगह घूमता है जिसमे वक़्त थमा हुआ है ये एक ऐसा डायमेंशन है जहा हमें ऐसा लगता है जैसे हम सभी आत्माओ से कनेक्टेड है.

ये सपने तीन तरह के है जिनमे थोड़ा थोड़ा फर्क है इनमे पहला precognitive dream दूसरा telepathic और तीसरा clairvoyant dream है और जब हम इनसे बाहर निकलते है तब इनके बिच कोई फर्क नहीं कर पाते है क्यों की इन्हे हम अपने नजरिये से डिफाइन करते है.

#1.  Precognitive dream

क्या आपने कभी ऐसे सपने देखे है जिसमे आप अपने दोस्त से या किसी ऐसे अपने से मिल रहे है जिससे आप काफी टाइम से मिलने नहीं हो. इसके कुछ दिन बाद या अगले दिन ही आप उनसे मिल जाते हो.

कभी ऐसा सपना देखा है जिसमे आप किसी अपने की मौत होते हुए देखते है जो आपका बेहद खास है और उसके अगले दिन या कुछ दिन बाद आपको हकीकत में उनके मरने की खबर मिलती हो.

क्या आपने कभी ऐसे सपने देखे है जिसमे आप अच्छी-खबर या बुरी खबर प्राप्त करते है और फिर कुछ समय बाद वो सच भी हो जाते है.

अगर हाँ तो आप psychic dreams come true के पहले टाइप precognitive dream को देख रहे है. ये psychic dreams का पहला टाइप है जिसमे हम भविष्य की घटनाओ की झलकियां देख लेते है. इस तरह के सपनो में हम उन घटनाओ को पहले भी महसूस कर लेते है जो हमसे या हमारे अपनों से जुडी हुई होती है.

सिंपल सपनो से अलग है psychic dream interpretation

Precognitive dream उन सपनो से हटकर है जो एक dreamer की खुद की कल्पना होती है. जैसे की हम कभी कभी कल्पना करते है की सपनो में हम अपने होने वाले पति या पत्नी को देखे. जब हम सपने देखते है तो कभी कभी हम अपनी शादी के पल को देखने लगते है हर केस में तो नहीं पर लगभग केस में ये गलत साबित होती है.

intuition power

एक नार्मल psychic capacity वाला व्यक्ति कभी भी सही तरह से उन सपनो को नहीं देख सकता जो उसकी लाइफ में बहुत लम्बे समय बाद घटने वाले है.

Precognition dream यानि पूर्वाभास वाले सपने उन घटनाओ के बारे में हमें सचेत करते है जो आने वाले समय में हमारे साथ घटने वाली होती है. कुछ लोग paranormal dream भी देखते है ऐसी घटनाए जिनका इस डायमेंशन से कोई रिलेशन नहीं. ऐसे लोग साइकिक बॉडी के जरिये दूसरे डायमेंशन की घटनाओ को महसूस करते है ऐसा सिर्फ तभी होता है जब आप लगातार कई दिन एक ही टाइप का सपना देखते है.

#2.  Psychic dreams come true – clairvoyant dreams

ऐसे सपने जिसमे हम अपने खास के बारे में वो सब महसूस करने लगते है जो उसके साथ होने वाला होता है. क्या आपने कभी सोचा है की एक पत्नी अपने पति की हालत को मिलो दूर से कैसे पहचान लेती है ? एक माँ अपने बेटे के सिर्फ हावभाव से या बोलने से ही कैसे बता देती है की उसके मन की स्थिति कैसी है ?

इन सभी के पीछे psychic dream की दूसरी टाइप telepathic dream काम करती है. जिनसे हम बहुत ज्यादा क्लोज होते है. Psychic dreams come true में उनके बारे में हम वो सबकुछ महसूस कर सकते है जो उनके साथ हो रहा होता है.

बहुत से लोग अचानक से महसूस करने लगते है की उनके किसी अपने के साथ कुछ बुरा होने वाला है या फिर सोते हुए वो उन्हें sick and admit in hospital देखते है. जब वो उनसे मिलने जाते है तो वो real में उन्हें वही देखते है जो सपने में देख चुके है. Psychic dream about dead भी बहुत से लोग अनुभव करते है जो अपने किसी खास की मौत होते हुए देखते है.

Telepathic dream में खास क्या है

इस तरह के सपने हमें उन घटनाओ के साथ जोड़ते है जो आने वाले समय में हमारे साथ होने वाली होती है. जैसे की हम किसी खास ट्रिप पर जाने वाले होते है जिसका कोई प्लान नहीं हो और टाइम टाइम पर हमें सपने आते है और उसी तरह से हमारी प्लानिंग होती है.

घटनाओ के घटने के क्रम को सपनो में देखना टेलीपैथिक सपने कहलाता है जिसमे हम एक प्लानिंग के तहत काम करते है. Psychic dreams come true के इस टाइप में हम किसी अपने के इमोशन से कनेक्टेड रहते है जिसमे emotional frequency और vibration को महसूस करते है.

#3.  Clairvoyant dream

ऐसे सपने जिसमे हम उन घटनाओ को महसूस करते है जो हमारे आसपास घटने वाली होती है. हमारे आसपास कोई आपदा घटने से पहले उसके वाइब्रेशन को महसूस करना clairvoyant dream का हिस्सा है. क्या आपने साथ  कभी ऐसा हुआ है की आपने सपने में देखा की आपसे 1 किलोमीटर दूर वाले मंदिर में चोरी हो रही है और अगले दिन ही न्यूज़ में मंदिर में चोरी की घटना छपी होती है.

ज्यादातर केस में ऐसा होता है की कोई हमें आ कर सरप्राइज न्यूज़ देता है जो उसे लगता है की हमें पता नहीं होगी लेकिन हम कहते है की हमें पता है ! ये सब हमें कहा से पता चलता है ?

Clairvoyant dream हमारे intuitive power का हिस्सा है जिसे कई लोग daily life में feel करते है यही नहीं कई बार उन्हें इससे बहुत बड़ा फायदा भी मिल जाता है जैसे की सट्टा खेलने वाले. वही कुछ लोग इसे इग्नोर करते रहते है और धीरे धीरे उनकी ये पावर psychic dreams come true सुप्त हो जाती है.

ऐसे कई लोग है जो इन तीनो तरह के सपनो को महसूस करते है ये सब उनकी high frequency catching power और vibration को high level पर पकड़ पाने की वजह से होता है. ऐसे लोग जो इस तरह के सपनो का अनुभव करते है एक बेहतर हीलर बन सकते है क्यों की ये लोगो के इमोशन को पढ़ सकते है और उसे समझ सकते है.

Psychic spy

क्या ऐसा हो सकता है की कोई हमारे सपनो के माध्यम से हमारे सीक्रेट पता कर ले. नार्मल लाइफ और normal psychic ability के साथ ये innocent लगेगा क्यों की सपनो के टाइम हमारा खुद पर कोई कण्ट्रोल नहीं होता है.

लेकिन ऐसा संभव है और हम इसके जरिये किसी के भी सपनो में एंटर कर उसके सीक्रेट हासिल कर सकते है. अगर आपने inception Hollywood Hindi dubbed movie देखी होगी तो आपको अच्छे से समझ आ गई होगी.

इस फिल्म में हालाँकि हर फिल्म की तरह पावर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है लेकिन फिर भी हम दावा कर सकते है की अगर हम लगातार अभ्यास करे तो हम अपने सपनो के जरिये दुसरो के सपनो में एंटर कर सकते है और उसके उन राज को जान सकते है जो सिर्फ उसे पता है.

Psychic dream walking के जरिये एक psychic dreamer दूसरे व्यक्ति के dream से उसके subconscious mind के restricted हिस्से में भी चला जा सकता है.

Research on psychic dream

U S A के एक psychologist ने इस बारे में काफी लम्बी रिसर्च भी की है और उसने अपने सपनो के जरिए अपने ही पडोसी के सपनो में एंटर कर उसकी खास विश के बारे में पता लगाया जो उसकी शादी और परिवार बसाने को लेकर थी.

इसके अलावा सपनो के जरिये उसने सिद्ध किया की हम लोगो के माइंड में घुस कर उसके आसपास की घटनाओ को उसकी उसकी सोच के जरिये महसूस किया.

what is psychic reading and its benefit

जिन लोगो के पास सामान्य से थोड़ी भी ज्यादा मात्रा में मानसिक शक्तियाँ होती है वो आसानी से अपने आसपास के माहौल से, किसी व्यक्ति को देखने, महसूस करने भर से उसके बारे जान सकते है. psychic reading एक ऐसी विद्या है जिसके जरिये हम अपने बारे में होने वाली भविष्य की घटनाओं को समझते है.

ये एक मानसिक स्तर का अभ्यास है और इसके लिए आपको सूक्ष्म जानकारियां महसूस करनी होती है.

इस तरह की क्रिया में हम भविष्य से जुड़ी घटनाओं को महसूस करते है. अगर आप भी free psychic reading करना चाहते है तो हमें कमेंट के जरिये जरुर बताए.

आने वाले कुछ महीनो में हम ब्लॉग पर free psychic readings online chat की सुविधा भी लाने वाले है. Free online psychic readings instant का फायदा लेने के लिए आपको सिर्फ अपनी प्रॉब्लम के बारे में हमें कुछ जानकारी शेयर करनी होगी.

कुछ खास तरह की free online psychic readings जैसे की astrology, tarot reading and palm astrology जैसी कई सुविधा है जिनका लाभ आप ले सकते है और खुद के बारे जान सकते है.

Read : एक ही गले से दो आवाज निकलना क्या वाकई ये किसी आत्मा का काम है या कुछ और क्या है सच ?

Author word about psychic dreams come true

ऊपर सपनो के तीनो टाइप पढ़ने के बाद आप जान ही गए होंगे की इन तीनो टाइप में बहुत ही कम अंतर है जिसे कोई समझ सकता है. क्यों की psychic dream के इन तीनो टाइप में ही हम भविष्य की घटनाओ को अपनी vibration और frequency को कैच करने की पावर के आधार पर देखते है. Universe में अलग अलग frequency और vibration के अपने रिजल्ट है उन्हें हम astral body के आधार पर समझते है.

अगली पोस्ट में हम इससे आगे की जानकारी को समझने की कोशिश करेंगे की psychic dream ability के जरिये भविष्य की घटनाओ को देखना एक god gift या curse और क्यों ?

psychic astrology भी एक तरह से psychic dreams come true का एक हिस्सा है इसके अलावा ऐसी कई चीजे है जो नार्मल लाइफ में एक चमत्कार की तरह है लेकिन विज्ञान और आध्यात्म में सब कुछ सिस्टेमेटिक वे में होता है जिसे समझने के लिए हमे बहुत लम्बी दुरी तय करनी है. ऐसी ही जानकारी के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूले.

तंत्र के रहस्य और सम्मोहन शक्ति बढ़ाने के सरल तांत्रिक उपाय

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प्राचीन काल से ही तंत्र मंत्र भारतीय समाज में अपना अभिन्न हिस्सा बने हुए है. हमारे पूर्वज तंत्र मंत्र का अद्भुत ज्ञान रखते थे.

आज भी tantra से tratak kriya और tantra se vashikaran जैसे उपाय करने वाले लोग हमारे समाज में रहते है. secret of tantra में आज हम बात करने वाले है तंत्र के रहस्य की.

tantra mantra yantra in hindi के जानकार अब बहुत कम रह गए है क्यों की धीरे धीरे ये हमारे समाज से विलुप्त होता जा रहा है.

तंत्र मंत्र से मारण प्रयोग, वशीकरण और गायब होना जैसे अभ्यास आज भी आपको देखने को मिल जायेंगे.

secret of tantra

अघोरी का तंत्र से बहुत गहरा नाता है लेकिन ये वाम तंत्र के प्रयोग ज्यादा करते है. हम सब तंत्र को गलत काम में लाने और गलत नजरिये से देखते है जिसकी वजह से तंत्र को सही नहीं मानते है.

हकीकत में tantra और mantra दैनिक क्रियाओ का ही एक हिस्सा है और हमें इसे सीखना भी चाहिए.

secret of tantra तंत्र क्या है ?

तंत्र एक क्रिया है जिसमे कई चीजे काम करती है. साधक, माध्यम, तंत्र सामग्री, और एक खास वे जिसके माध्यम से तंत्र का प्रभाव एक जगह से दूसरी जगह फैलता है.

वास्तव में तंत्र एक इंसान की ऊर्जा को दूसरे पर प्रभाव डालने का काम करता है. इसलिए तंत्र में चक्रो की ऊर्जा को या तो जाग्रत किया जाता है या फिर बाह्य माध्यम से बढ़ाया जाता है.

भारत के अलावा भी कई देश है जहाँ तंत्र प्रधान है.

बात करे वाराही तंत्र की तो इसके अनुसार तंत्र के 9 लाख श्लोक में से 1 लाख ही भारत में है इसके अलावा अब तंत्र शास्त्र के अनेक ग्रंथ लुप्त हो चुके हैं. वर्तमान में 199 तंत्र ग्रंथ हैं. तंत्र का विस्तार ईसा पूर्व से तेरहवीं शताब्दी तक बड़े प्रभावशाली तक बड़े प्रभावशाली रूप से भारत, चीन, तिब्बत, थाईलैंड, मंगोलिया, कम्बोज, आदि देशों में रहा.

तंत्र और अघोर साधना अलग अलग है क्यों की तंत्र साधना में तंत्र-मंत्र-यन्त्र-का प्रयोग होता है. इसके अलावा तंत्र भी 2 प्रकार का होता है

  1. पहला वाम तंत्र : जिसमे 5 मकार का साधना में प्रयोग होता है जैसे की मदिरा, मांस, मत्स्य मुद्रा और मैथुन. वही
  2. दूसरा सौम्य तंत्र : इसमें सामान्य तरीके से पूजा पाठ की जाती है.

तंत्र की क्रियाए

tantra से कई secret sadhnao का janm हुआ है जिसमे आत्मशक्ति का प्रयोग कर कई चमत्कार किये जा सकते है इसमें सम्मोहन, त्राटक, त्रिकाल, परा, अपरा और प्राण विद्या का जन्म हुआ है.

तंत्र से कई ऐसी क्रिया की जा सकती है जो मैजिक लगती है जैसे की किसी के बिच प्यार पैदा करना, गलतफहमी पैदा करना, किसी को भी मार देना और paranormal वस्तुओ से अपना बचाव करना. ये सब देखने में चमत्कार लग सकते है लेकिन है secret of tantra के साथ वशीकरण के प्रयोग भी आप सीख सकते है.

Read : तांत्रिक इस विधि का प्रयोग कर नारियल और अनाज के दानो में पारलौकिक समस्या को देखते है – आप भी देख सकते है

तंत्र के महान आध्यात्मिक गुरु

creator of tantra स्वयं महादेव है इनके बाद भगवान् दत्तात्रेय बाद में सिद्ध योगी नाथ और शाक्त ये सभी तंत्र के आध्यात्मिक गुरु है जिन्होंने tantra को आगे बढ़ाया या फिर नए नए secret of tantra की खोज की.

हालाँकि आज के दौर में साबर तंत्र भी प्रचलन में है लेकिन ये भी सौम्य तंत्र का ही एक हिस्सा है जो अटपटा लेकिन प्रभावी है. सबसे सरल तंत्र में साबर तंत्र है.

मंत्र प्रकार और बीज मंत्र

secret of tantra में 3 प्रकार के मंत्र का वर्णन है जिसमे पहला है वैदिक, दूसरा तांत्रिक और तीसरा है शाबर मंत्र. secret of tantra के अनुसार तंत्र में सबसे ज्यादा बीज मन्त्र प्रयोग में लाये जाते है.

इसके पीछे की धारणा है की बीज मंत्र शरीर में विशेष ऊर्जा का जागरण करते है जिससे मंत्र का आकर्षण बढ़ता है. ये हो सकता है की कोई साधारण व्यक्ति बीज मंत्र का उच्चारण करे और उसे डर की अनुभूति हो.

बीज मंत्र आसानी से सिद्ध नहीं होते है. इनका उच्चारण शरीर में एक अलग अनुभूति का अहसास करवाता है साथ ही नई ऊर्जा का संचार भी.

अगर आप बीज मंत्र का उच्चारण कर रहे है और आपको भय की अनुभूति हो तो अपनी ऊर्जा पर फोकस होने की कोशिश करे. ऐसा भी माना जाता है की बीज मंत्र का ऑडियो सुनने से भी आपके अंदर अलग अनुभूति हो सकती है लेकिन ऊर्जा का संचार तब तक नहीं होता जब तक की हम उस मंत्र पर फोकस नहीं होते है.

योगिनी साधना

योगिनी की साधना तंत्र में जल्दी सफलता मिले इस उदेश्य से की जाती है. तंत्र साधना में देवी काली, अष्ट भैरवी, नौ दुर्गा, दस महाविधा, 64 योगिनी आदि की साधना की जाती है.

इसी तरह देवताओं में भैरव और शिव की साधना की जाती है. इसके अलावा यक्ष, पिशाच, गंधर्व, अप्सरा जैसे करीबी लोक के निवासियों की भी साधना की जाती है.

तंत्र साधना के लिए मशहूर है ये मंदिर

secret of tantra के अनुसार भारत में कुछ ऐसे मंदिर ही बचे है जहा पर सदियों से तंत्र साधना होती आ रही है.

लम्बे समय से साधना करने की वजह से इन्हे तंत्र जाग्रत बताया जाता है और माना जाता है की यहाँ साधना जल्दी फलित होती है. इनमे सबसे ज्यादा कामाख्या का मशहूर मंदिर है जहा हर साल गुप्त साधना करने वाले अघोरी आते है.

beej mantra यानि मूल मंत्र के जाप के क्या फायदे है

इसके अलावा वेताल मंदिर ( ओड़िषा ) बैजनाथ मंदिर, ज्वालामुखी मंदिर ( हिमाचल प्रदेश ) एकलिंग मंदिर और बालाजी मंदिर ( राजस्थान ) कालीघाट ( कोलकाता ) खजुराहो मंदिर, काल-भैरव ( मध्य-प्रदेश ) इन स्थानों पर भी तंत्र जाग्रत है जिसकी वजह से कई तरह की तांत्रिक साधनाए यहाँ फलित होती है.

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secret of tantra और sammohan

tratak abhyas जिससे हम sammohan shakti हासिल करते है तंत्र का ही एक हिस्सा है. तंत्र के अनुसार ऐसे कई उपाय है जिनसे हम आकर्षण शक्ति को बढ़ा सकते है और किसी को भी मोहित कर सकते है. तंत्र जड़ी और उपाय जिनसे हम सम्मोहन शक्ति को बढ़ा सकते है.

  • मोरपंख को रेशमी कपडे में लपेट कर पास में रखने से.
  • हथ्था जोड़ी को अपने पास रखने पर आकर्षण शक्ति बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.
  • नाभि में परफ्यूम और केसर का तिलक आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है.
  • आँखों के मध्य ( आज्ञा चक्र ) पर लाल कुमकुम की बिंदी लगा कर उसे कई देर तक देखे इससे भी सम्मोहन शक्ति बढ़ती है.
  • कड़वी लौकी और कपडे से काजल तैयार करे इससे भी हिप्नोटिज्म पावर बढ़ती है.

क्या तंत्र उपाय द्वारा सम्मोहन संभव है ?

बिलकुल आपको बस इसके पीछे की वजह जानने की देर है. जब हम इन उपायों को करते है तब इनकी ऊर्जा हमारे self-confidence को बढ़ा देती है.

इन जड़ी में अपनी एक ऊर्जा होती है जिससे हमे ज्यादा मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है.

यही नहीं हमारा आत्मविश्वास भी इसमें काम करता है इसलिए इन उपायों को अपनाते समय मन में अटूट विश्वास जरूर रखे. प्रभाव धीरे धीरे सही लेकिन personality में change और दुसरो पर इसका effect जरूर दिखाई देगा.

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secret of tantra – author’s word

दोस्तों तंत्र कोई कठिन मार्ग नहीं है ये एक क्रिया को पूरा करने का सिर्फ एक तरीका है. हम दैनिक कार्य में भी कई तंत्र क्रियाओ को करते है जब पूजा पाठ करते है, कोई नया काम शुरू करते है.

तंत्र मार्ग जितना आध्यात्मिक है उतना ही साधनाओ से जुड़ा है इसलिए आप भी तंत्र को समझ और कर सकते है. ये किसी अघोरी की की जाने वाली क्रिया नहीं है जो हम नहीं कर सकते.

दोस्तों secret of tantra की आज की ये पोस्ट आप सभी को पसंद आई होगी. इसे शेयर करना ना भूले और हमें सब्सक्राइब जरूर करे ताकि नई पोस्ट आपके ईमेल में भेजी जा सके.

अगर आपके अंदर होते है ये आध्यात्मिक बदलाव तो आप बन सकते है सबसे बेहतर

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क्या आप जानते है की spiritual awakening meaning hindi me क्या है। आध्यात्मिक जागरण को हम कैसे सही शब्द में समझ सकते है। spiritual awakening में हम किस तरह के change को face करते है और स्पिरिचुअल जागरण किस तरह से हमारे लिए benefit है।

आज की पोस्ट में हम मुख्य रूप से ऐसे चेंज के बारे में बताने जा रहे है जिन्हे सही तरह से न समझ पाने की वजह से कई बार हम depression feel करने लगते है।

spiritual awakening ऐसी process है जो अपने साथ कई ऐसे change लाती है जो सामान्य इंसान के लिए magic जैसा है या फिर यू भी कह सकते है की अनजाना भय भी ला सकती है। ऐसा सिर्फ तभी होता है जब आप अपने अंदर के बदलाव के विपरीत क्रिया करने लगते है।

What is spiritual awakening

इस condition में आप परेशान होने लगते है की ये बदलाव आखिर मेरे लिए सही है या मुझे इससे कुछ खतरा तो नहीं। आज की पोस्ट में हम ऐसी कुछ बातो का जिक्र करने वाले है जो spiritual awakning में आप feel कर सकते है। ये change होने पर घबराने की जरुरत नहीं है बल्कि स्थिर बने रहने की कोशिश करते रहे।

जल्दी ही आप सभी बदलाव को आसानी से अपने अनुसार ढाल सकने में सक्षम हो जायेंगे। चलिए बात करते है aahyatmik jagraan में आप क्या क्या बदलाव महसूस कर सकते है।

What is spiritual awakening :

spiritual awakening का सही मायने में एक मतलब मेरी नजर में जो है वो है

“अपने ईगो को छोड़ कर सहज भाव से रहना। यही नहीं जब आप में में का भाव और मेरी बेइज्जती होने का भाव ख़त्म हो जाता है तब आप समझ जाए की आपकी स्पिरिचुअल अवेकनिंग की यात्रा प्रारम्भ हो चुकी है।”

अक्सर देखने में आता है की जब ऐसा होता है तब हम खुद को बीमार सा महसूस करने लगते है ऐसा इसलिये होता है क्यों की हमारा body इस change के लिए खुद को ready करने लगता है।

यही वजह है की हम कुछ समय के लिए खुद को एकदम weak feel करते है लेकिन कुछ टाइम बाद एक नई energy से खुद को प्रचुर होते हुए महसूस कर सकते है। चलिए बात करते है top 10 spiritual awakening sign यानि aadhyatmik jagran ke mukhy laakshn kya kya hai

#1 बदलाव के अनुसार खुद को शो करना :

हम जैसे है वैसे ही खुद को शो करने लगते है तो जाहिर सी बात है की अपने अंदर आए इन बदलाव को दुसरो के सामने रखते है। हम दोस्तों के साथ अपने बदलाव को एक बड़े व्यक्ति की तरह पेश करते है या फिर हमारा social media account स्पिरिचुअल चीजों से भरने लगता है।

#2 spiritual awakening – हर किसी से प्यार का भाव रखना :

हम अपने आस पास की हर वस्तु को love करने लगते है फिर चाहे वो जानवर हो या पेड़-पौधे। हमें nature की बनाई हर चीज अच्छी लगने लगती है फिर चाहे वो कोई भी हो। ये ऐसा बदलाव है जिसमे हमारे अंदर का ईगो और घृणा का भाव ख़त्म हो जाता है। अगर इस दौरान हम खुद को स्थिर बना सकते है तो हम प्रकृति के change को भी समझ सकते है।

#3 दुनिया की बजाय खुद को बदलने पर ध्यान देना :

हम उन लोगो की परवाह नहीं करते है जिनका हमें पता होता है की वो झूठा दिखावा कर रहे है। जैसे की नेता या अभिनेता या फिर समाज का कोई और व्यक्ति और हम उन्हें दोष देने की बजाय खुद में बदलाव लाने के बारे में सोचते है और एक्शन लेना शुरू करते है।

#4 spiritual awakening – खुद की प्रॉब्लम को हील करना :

हम लोगो के सहारे रहने की बजाय खुद की problem का solution खुद करने के बारे में aware होने लगते है। हमें पता होता है की खुद की समस्या का कैसे हल करना है और कैसे उससे उबरना है। दुसरो के अंदर की कमियों को देखने की बजाय हम खुद को better बनाने पर ध्यान देने लगते है। जिससे हमारा physical, mental  और spiritual level पर development होता है। इससे हमें सबसे बड़ा benefit ये होता है की हम किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते है न ही बेवजह परेशान होते है।

#5 प्रकृति को जानकर उसके नियम को मानना :

हम जान जाते है की प्रकृति और उसके नियम हमारे भले के लिए है और जो होता है प्रकृति की मर्जी से होता है और हम उसमे कोई interfare नहीं करते है। ज्यादातर लोग जो power पाने के बाद में ये कर दूंगा वो कर दूंगा इसी realization से गुजर कर relax हो जाते है क्यों की तब वो nature के rule को सही तरह से समझ पाते है। हम जो भी कार्य करते है या फिर कुछ भी खाते है उसका हम पर क्या असर होगा से पूरी तरह जागरूक होते है।

life का real meaning क्या है हमें समझ आ जाता है। खुद को relax करने की process और meditation दोनों से हम अपने soul के पास और पास आने लगते है।

#6 यूनिवर्सल वाइब्रेशन को महसूस करना :

हम नई नई चीजों को बेहतर तरीके से सीखने लगते है। साथ ही हमारी बॉडी यूनिवर्सल वाइब्रेशन को बेहतर तरीके से एक्सेप्ट करने लगती है। universal frequency हमसे connect होने लगती है जिससे हम खुद की बीमारियों पर काबू पाने लगते है हमारा शरीर पहले से ज्यादा बेहतर बनने लगता है।

#7 subconscious mind का active रहना :

हमारा subconscious mind हमें समय time पर सही समय के बारे में inform करवाने लगता है। जैसे की कोई भी कार्य जिस वक़्त पर होना चाहिए हमें subconscious mind पहले ही अवगत करवाने लग जायेगा की अब right time आ गया है।

#8 spiritual awakening – खास समय पर खास स्थिति :

पुरे दिन भर में एक खास समय हम स्पेशल वाइब्रेशन महसूस करने लगते है जो हमें सब कामो से भुला कर उस अवस्था में ले जाता है जो बहुत गहरी और दुर्लभ है जैसे की एक खास समय पर आपका शरीर खुद-ब-खुद शांत हो जाना जो पहले आपके meditation का time था।

#9 टाइम का सही तरीके से सदुपयोग :

समय की गति को सही तरीके से समझने लगना। हमे पता चलने लगता है की किस समय किस काम का होना बेहद जरुरी है।

#10 ईमानदारी और सच्चाई की राह पर चलना :

हम सच्चाई की राह पर चलने लगते है क्यों की तब हमें पता चलने लगता है की सच अगर थोड़े टाइम के लिए दबा भी दिया जाए तो भी सच ही रहता है। अंदर से जो भाव बनते है वो सच की राह से जुड़े होते है।

दोस्तों ये थे spiritual awakening के कुछ ऐसे sign जो हमें ये समझने में मदद करते है की जो बदलाव से हम गुजर रहे है वो किस वजह से है। आज की पोस्ट पर कमेंट कर हमें बताए की आपको ये पोस्ट कैसी लगी।

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