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Tuesday, May 26, 2026
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ultimate power of conscious mind – क्या क्या करता है आपका चेतन मन

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चेतन मन और अवचेतन मन के बारे में हम पहले की कुछ पोस्ट में पढ़ चुके है और ये जानते है की चेतन मन जाग्रत अवस्था का सबसे ज्यादा सोचने वाला वो सिस्टम है जो हमें किसी भी स्थिति के लिए तैयार करता है।

ये चेतन मन ही है जो सोच, समझ कर निर्णय लेता है और स्थिति के अनुसार काम करता है। इसलिए आज की पोस्ट में हम चेतन मन की शक्तिया के बारे में और ज्यादा डिटेल से बात करने वाले है।

conscious mind हमारे दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और कई कार्यो के लिए जिम्मेदार है।

चेतन मन की शक्तिया और कार्य-प्रणाली

इसके लिए आज हम बात करेंगे चेतन मन की शक्तिया यानि अल्टीमेट पावर ऑफ कॉन्ससियस माइंड जिसमे किसी भी आईडिया के एक्शन तक पहुँचने में किन किन चरण से गुजरना पड़ता है के बारे में बात करेंगे।

आइये बात करते है conscious mind क्या क्या काम करता है। क्यों की कुछ चीजों में हम संसय में पड़ जाते है की ये चेतन मन का हिस्सा है या अवचेतन मन का।

चेतन मन की शक्तिया और कार्य-प्रणाली

हम सभी जानते है की चेतन मन दिन भर हजारो विचारो से घिरा रहता है और ये थॉट्स हमें एक जगह एकाग्र नहीं होने देते है जिसकी वजह से मन चंचल बना रहता है।

अगर मन स्थिर रहता है तो हम जो चाहे वो पा सकते है इसलिए अंतर्मन की अनंत क्षमताओ की श्रेणी में आज हम चेतन मन की कार्य-प्रणाली और शक्तिया समझने की कोशिश करते है।

सोचना चेतन मन की शक्तिया का एक खास हिस्सा है.

दिनभर हम हजारो विचारो से गुजरते है हर पल एक नया आईडिया हमारे दिमाग में आता और जाता है। चेतन मन यानि कॉन्ससियस माइंड का सबसे पहला काम है सोचते रहना और एक सामान्य इंसान दिनभर विचारो से घिरा रहता है।

सोचना या किसी भी आईडिया का दिमाग में आना या फिर किसी भी तरह की पूर्व प्लानिंग हमारे कॉन्ससियस माइंड के कार्य का हिस्सा है। हम जो भी सोचते है उसका एक तरीका है की हम क्या सबसे ज्यादा सोचते और किसकी तरफ आसानी से अट्रैक्ट होते है।

सकारात्मक

में इस काम को कर सकता हूँ या फिर मुझे विश्वास है की ये काम मुझसे हो जायेगा जैसे विचार सकारात्मक या पॉजिटिव थॉट्स है जो हमारे अंदर सेल्फ-कॉन्फिडेंस पैदा करता है जिसकी वजह से आधा काम पहले से ही हो जाता है क्यों की सकारात्मक विचार एक ऊर्जा का प्रवाह करते है जो हमें निरंतर उस काम के प्रति प्रेरित करती है।

नकारात्मक

कोई भी काम करने से पहले या किसी आईडिया पर अमल करने से पहले अगर मन में शंका होने लगती है जैसे की में ये कर पाउँगा या नहीं, में इसमें कामयाब नहीं हो सकता है जैसे थॉट अगर आपके मन में आते है तो समझ जाइये की आप हीन-भावना से घिरे हुए है।

इसमें हम जो भी सोचते है मन में शंका बनी रहती है की में कर पाउँगा या नहीं। इतना ही नहीं ज्यादातर लोग ऐसे काम में बेमन में बिना किसी उत्साह और एनर्जी के काम करते है जिसकी वजह से वो उससे संतुष्ट भी नहीं होते है।

जो नहीं करना उसपर सबसे ज्यादा ध्यान रहना

अगर कोई आपसे कहे की आपको अमुक काम नहीं करना है तो आप क्या करते है ? क्या आप उस काम को नहीं करते है। असल में आपके मन में सब विचार एक तरफ और “मुझे ये काम क्यों नहीं करना है” ही घूमने लगता है।

ये हमारी मानसिकता है की जिस काम के लिए कोई हमें मना करता है हम सबसे पहले उसी काम को करते है।

इस मानसिकता के पीछे सिर्फ एक ही सोच है की कोई हमें अगर मना करता है तो उसके पीछे उसका कोई स्वार्थ है या फिर वो हमसे कुछ ऐसा छिपा रहा है जो हमें पता होना चाहिए। अगर बात करे आज की सोसाइटी की तो माता पिता बच्चो को हमेशा कहते है सेक्स बुरा है या फिर आपको काम नहीं करना, इस जगह नहीं जाना है।

ऐसा कर वो खुद बच्चो के दिमाग में एक सवाल डाल रहे है और वो ये की उसे ये काम क्यों नहीं करना है। इसलिए बातचीत का तरीका बहुत मायने रखता है।

अगर आपको किसी को किसी से दूर रखना है तो उसे समझाना पड़ेगा की वो काम नहीं करना है।

अगर बात करे बोलने के तरीको की तो आपके बात करने के तरीके में भी बहुत बदलाव लाना पड़ता है उदाहरण के लिए अगर आपको नकारात्मक विचारो से दूर रहना है तो ऐसे शब्द और विचारो का चयन करे जिनमे ना जैसे शब्द नहीं हो हो। ये थोड़ा मुश्किल है समझना लेकिन इसके बारे में भी आगे की पोस्ट में बात करेंगे।

चेतन मन की शक्तिया – लॉजिक

सिर्फ मनुष्य ही है जो अच्छे और बुरे में फर्क पहचान कर अपने लिए सही निर्णय का चुनाव कर सकता है। हमारे लिए क्या सही है और क्या मायने रखता है की पहचान करने के काम भी चेतन मन की शक्तिया का एक भाग है।

हम जो भी निर्णय लेते है वो सोच समझ कर और अच्छे बुरे की पहचान कर ही लेते है। तर्क वितर्क और सही का चुनाव लेना लॉजिक की एक प्रक्रिया है।

लॉजिक के आधार पर हम किसी भी आईडिया या विचार को करना चाहिए या नहीं, अगर करना चाहिए तो क्यों और कितना जरुरी है साथ ही इसका हम पर क्या असर पड़ेगा जैसे पैरामीटर की जाँच की जाती है।

निर्णय लेना

कोई भी काम करने से पहले हमारे अंदर विचार बनता है जिसके बाद लॉजिक का चरण आता है और फिर निर्णय लेना की करना है या नहीं ये काम भी चेतन मन यानि कॉन्ससियस माइंड की कार्यप्रणाली का एक हिस्सा है।

निर्णय लेने से पहले जब हम लॉजिक के आधार पर पता करते है हमें ये करना चाहिए या नहीं तभी हम किसी फाइनल decision पर पहुँचते है और निर्णय ले पाते है।

चेतन मन की शक्तिया – एक्शन

एक्शन यानि किसी भी काम को सोच विचार कर अंजाम देना। जब आईडिया हमारे मन में आता है तब कई ऑपरेशन के बाद वो फाइनल नतीजे पर पहुँचता है। चेतन मन की शक्तिया यानि ultimate power of conscious mind में एक्शन तभी ली जाती है जब वो ऊपर दिए गए सभी ऑपरेशन से गुजर चूका हो।

जब मन स्थिर होता है तब उपरोक्त सभी प्रक्रिया आसान बन जाती है।

अगर मन स्थिर रहता है तो हम चीजे ज्यादा क्लियर तरीके से सोच पाते है और इसी वजह से हम बेहतर चुनाव कर पाते है।

पढ़े : सुबह के ठीक 3 बजे नींद का टूटना दे देता है ये संकेत जानिए आपके साथ ऐसा क्यों होता है

अवचेतन मन के गेट का मुख्य पहरेदार

कोई भी कार्य अगर बार बार दोहराया जाता है तो वो अवचेतन मन तक पहुँच जाता है ये तो हम सभी जानते है। लेकिन क्या आप जानते है वो अवचेतन मन तक पहुँचता कैसे है ?

जब कोई कार्य किया जाता है तब वो अवचेतन तक पहुँचने का प्रयास करता है लेकिन अवरोध उसे पहुँचने नहीं देता है लेकिन बार बार दोहराये जाने पर अवचेतन मन उसे स्टोर कर लेता है।

हम जो भी कार्य करते है वो हमारे माइंड की सेल्स में कही ना कही स्टोर होता रहता है लेकिन जो हमारे डेली लाइफ में काम अत है सिर्फ वही अवचेतन मन तक पहुँचता है। इसलिए कहना उचित होगा की अवचेतन मन सिर्फ बार बार रिपीट होने वाले, फोकस होकर किये गए कामो को स्टोर करता है।

दोस्तों चेतन मन की शक्तिया की इस पोस्ट में समय समय पर अपडेट किया जाता रहेगा। अगर आपके पास और कोई सुझाव है जो आप सच्ची-प्रेरणा पर देखना चाहते है तो हमें जरूर बताए।

Physical Mental and Spiritual benefits of Meditation How it change your life

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जब से Technology हमारी लाइफ का हिस्सा बनी है हम stress, anxiety and sleeping disorder जैसे issue से भी घिर चुके है. आज हम सबसे ज्यादा technology यानि external sources पर निर्भर बन चुके है.

आपको ऐसे ही Top 10 reason to meditate regular मिल जायेंगे क्यों की जिस स्थिति से हम आज गुजर रहे है वो पहले पागल व्यक्ति की स्थिति होती थी. इस पोस्ट में Benefit of meditation को share करना मुख्य उदेश्य आपको इसके लिए motivate करना है.

लाइफ में आ रही समस्या को हम Advantages of meditation के जरिये दूर कर सकते है. सबसे ज्यादा vipassana meditation benefits की ही बात होती है क्यों की ये 10 दिन में आपकी लाइफ को बदलने की ताकत रखता है.

इसके अलावा mindfulness meditation benefit के बारे में भी share किया जा चूका है. सही तरह से किया गया अभ्यास हमें spiritual experience करवाता है.

Main reason and benefit of meditation

Regular meditation से हम positive Effects of meditation on the body देख सकते है. बेहतर नींद, तनाव मुक्त, सोच पर एकाग्र और विचार के प्रति focus ये सब benefit जब मिलते है तब body पर भी इसका positive effect देखा जा सकता है.

नियमित रूप से किया गया ध्यान का अभ्यास subconscious mind reprogramming का काम करता है.

हम अपने विचारो के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक बनते है जिसकी वजह से अनचाहे विचारो से छुटकारा मिलता है. अगर आप तनाव मुक्त लाइफ जीना चाहते है तो आज ही सुबह 10 minute regular meditation के लिए निकाले और सुबह की नई शुरुआत करे.

Main reason and benefit of meditation

लोगो के बिच popularity of meditation की सबसे बड़ी वजह इसके benefits है. ये एक habitual process है जो mind को focus and redirect thoughts के लिए train करता है.

ज्यादातर लोग इसे reduce stress and develop concentration का जरिया मानते है लेकिन इसके benefits इससे भी आगे है. हम इससे awareness of yourself and your surroundings को बढ़ा सकते है जो इस busy life में लगभग ना के बराबर हो चुकी है.

मैडिटेशन के दूसरे फायदे positive mood and outlook, self-discipline, healthy sleep patterns and increased pain tolerance है जिनकी वजह से आज लोगो के बिच ये काफी popular हो चूका है. ऐसी कई वजह है की आपको मैडिटेशन का नियमित अभ्यास शुरू कर देना चाहिए.

  1. personal development or health benefit
  2. mental benefit or emotional health improvement
  3. spiritual benefit or connecting with higher self

हमारी लाइफ के 3 स्तर है और मैडिटेशन हर स्तर पर विकास को लेकर काम करता है. आइये जानते है की ऐसे कौनसे कौनसे फायदे है जो हमें नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास करने से मिल सकते है.

 Health benefit of meditation

आज की लाइफ स्टाइल में stress, anxiety, sleeping disorder एक हिस्सा बन चुके है. हम बात बात बहुत जल्दी ही तनाव से भर जाते है, गुस्सा करने लगते है या फिर सही ढंग से अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते है इन सबका Negative effect हमारी health पर देखने को मिलता है. नियमित ध्यान लगाने से कई positive Effects of meditation on the body देखने को मिलते है.

नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास करने से हमारी health पर काफी Positive effect देखने को मिलते है. हम बात करने वाले है Science-Based Benefits of Meditation के बारे में जो आज prove किये जा चुके है.

Reduces Stress

तनाव की स्थिति stress hormone cortisol की वजह से पैदा होती है. इसकी वजह से sleep disorder की स्थिति पैदा होती है और सही नींद ना ले पाने की वजह से stress, anxiety, High blood pressure और Unwanted intrusive thoughts जिनमे negative thoughts शामिल है की problem बढती जाती है.

Regular meditation practice ऐसा होने से रोकता है. इसके नियमित अभ्यास से हम उस stress hormone cortisol को control करते है और health benefit of meditation जैसे की positive mindset, mood की वजह से हम खुद को तनाव की स्थिति से बाहर निकल पाते है.

Controls Anxiety

आज की लाइफ बहुत ज्यादा busy हो चुकी है जिसका सीधा असर हमारी mental health पर देखने को मिलता है. हम anxiety disorders, such as phobias, social anxiety, paranoid thoughts, obsessive-compulsive behaviors and panic attacks की स्थिति से घिर जाते है अनचाहे विचार हमें इस स्थिति से बाहर नहीं आने देते है.

जब तनाव को control किया जाता है तब मानसिक अवसाद को भी रोका जा सकता है. नियमित रूप से Yoga and pranayama का अभ्यास आपको stress से दूर रखने में कारगर है.

Promotes Emotional Health

stress की वजह inflammatory chemicals होता है जिसके release होने की वजह से stress बढ़ता है. और ये हमारे मूड को सबसे ज्यादा affect करता है. मूड ख़राब होने की स्थिति में हम Positive thinking को नहीं बना पाते है साथ ही साथ brain waves का transfer भी इसमें काफी प्रभाव डालता है.

नियमित रूप से किया गया ध्यान हमारे मूड को सही रखता है और emotional health को strong करता है. युवाओ को mindfulness meditation का अभ्यास खासतौर से करना चाहिए क्यों की ये हमारे emotional health पर positive effect डालता है.

मैडिटेशन के जरिये हम self image को सुधारते है और जल्दी ही इसके positive benefit of meditation देखने को मिलते है.

Enhances Self-Awareness

ये mindfulness meditation benefits है क्यों की जितना अच्छा हम ध्यान में उतरते है उतना ही self awareness बढ़ता जाता है. इसे Advantages of meditation ही कह सकते है की जितना हम अभ्यास करते है उतना ही हम strong understanding development कर पाते है. हम वो बनते है जो हम सबसे बेस्ट खुद को बना सकते है.

आपने vipassana meditation benefits के बारे में सुना होगा. इस अवस्था में हम उन विचारो को आसानी से समझ पाते है जो हमारे लिए हानिकारक है और जो सही है उनकी और awareness बढाते हुए खुद को मजबूत बना सकते है.

हम मन में आने वाले विचारो को समझते है और उसके अनुसार ही प्रतिक्रिया करते है क्यों की विचारो के प्रति जागरूकता बढ़ने का मतलब है हम खुद को जान रहे है. इस तरह का benefit of meditation हमारे spiritual experience से जुड़ा हुआ है.

Lengthens Attention Span

मैडिटेशन हमारी अटेंशन को मजबूत बनाता है जिसकी वजह से हम खुद को focus रख पाते है. Focused-attention meditation के जरिये हम अपने चेतना को एक जगह focus रख पाने में कामयाब हो सकते है.

एक study में पाया गया की eight-week mindfulness meditation course के बाद participate करने वाले लोगो ने ये पाया की अब वे किसी काम को बेहतर attention दे पा रहे है.

जो लोग regular meditation का अभ्यास करते है वे किसी भी task पर खुद को लम्बे समय तक focus रख सकते है.

अगर किसी वजह से हमारा ध्यान भटक भी जाता है तो brain बहुत जल्दी उस बात को समझकर पूरी process को reverse कर देता है जिसकी वजह से हम वापस उसी जगह focus हो पाते है.

May Reduce Age-Related Memory Loss

Improvements in attention and clarity of thinking आपके brain को young रखती है. जो लोग बहुत ज्यादा गुस्सा करते है उनके बाल समय से पहले सफ़ेद हो जाते है, चेहरे की चमक चली जाती है. हम benefit of meditation के जरिये खुद को इस स्थिति से बाहर निकाल सकते है.

आपने देखा होगा की कीर्तन या भजन करते समय हम दो गतिविधि करते है.

पहला मंत्र या भजन का गायन और दूसरा हाथो की अंगुलियों की खास हरकत जो हमें focus होने में मदद करती है. हमारा पूरा ध्यान सिर्फ भजन पर रहता है.

Deep sleep guided meditation

फैक्ट की माने तो दिमाग एक ही टाइम में 2 जगह एक साथ focus नहीं होता है लेकिन ध्यान के जरिये हम किसी भी task के लिए दी जाने वाली attention को strong बना सकते है.

गुस्से की वजह से कई तरह के negative health effect देखने को मिलते है लेकिन मैडिटेशन से उन्हें control किया जा सकता है.

इससे हमारी सोचने की शक्ति पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और हम normal age-related memory loss को दूर कर सकते है. regular meditation practice करने से memory and mental clarity बढती है जिसकी वजह से mental health पर अच्छा असर देखने को मिलता है.

Can Generate Kindness

नियमित रूप से ध्यान करना हमें खुद और दूसरो के प्रति positive feelings and actions देता है. different kind of meditation में से एक loving-kindness meditation है जिसमे हम खुद के लिए Loving kind thought देते है.

जब हम खुद को imagine करते है एक अलग form में हो सबका भला चाहती है, खुद को बेहतर समझती है तब उसका असर हमारी Real life पर देखने को मिलता है.

दुःख की सबसे बड़ी वजह दूसरो से की गई उम्मीद और उनका व्यवहार है. हम दूसरो को जब तक माफ़ करना नहीं सीखते है तब तक खुद को सुखी नहीं रख सकते है. इस मैडिटेशन से लोगो में positive feeling देखने को मिलती है जो उन्हें आगे ले जाती है और दूसरो के साथ रिश्ते को मजबूत बनाती है.

हमारे अन्दर के अहम् का ख़त्म होना सबसे बड़ा benefit of meditation है.

May Help Fight Addictions

हम किसी भी लत को इसलिए नही छोड़ पाते है क्यों की हमने कभी mental discipline को लेकर मेहनत नहीं की होती है.

ध्यान के जरिये हम willpower, emotional health को strong बनाते है क्यों की ये हमारे thoughts को redirect करने में अहम् भूमिका निभाते है और किसी भी लत को छोड़ने के लिए हमारे अन्दर will power और control over thoughts काफी strong होना चाहिए.

नियमित रूप से ध्यान करने की वजह से कुछ खास benefits of yoga and meditation देखने को मिलते है. इसमें addictive behaviors को लेकर बेहतर control स्थापित किया जाता है क्यों की मैडिटेशन हमारे self-control and awareness को strong बनाता है.

Improves Sleep

इस वक़्त दुनिया की लगभग आधी आबादी insomnia जैसे sleeping disorder से गुजर रही है. सही तरह से नींद ना लेने की वजह है हमारा उन विचारो में उलझे रहना जिनका वास्तव में कोई sense ही नहीं है.

हम अनचाहे विचारो में उलझते है तो इसका सबसे ज्यादा असर हमारे दिमाग के उन हिस्सों पर पड़ता है जो मेमोरी का काम करते है. बेहतर नींद ले पाना एक benefit of meditation है जो main reason भी है.

Mindfulness meditation के regular practice से हम उन विचारो को सबसे पहले control करते है जो अनचाहे है. जिनका हमारी लाइफ से लेना देना ही नहीं है. जब हम विचारो को लेकर जागरूक बन जाते है तब ज्यादातर problem solve हो जाती है. दिमाग पर जब विचारो का बोझ हटता है तो हमें बेहतर नींद लेने में help मिलती है.

Helps Control Pain

हमारा दिमाग दर्द को control करता है. मैडिटेशन हमें हमारी चेतना को focus करना या फिर redirect करना सिखाता है जिसकी वजह से हम दर्द की स्थिति से बाहर निकलने के लिए ऐसे उपाय कर सकते है.

जो लोग ध्यान नहीं करते है वे अपने emotion और pain को control नहीं कर पाते है जबकि मैडिटेशन करने वाले लोग ऐसी स्थिति में बेहतर response कर पाते है.

नियमित रूप से किया गया ध्यान का अभ्यास हमें खुद को center रखने में help करता है. हम उन चीजो को कम respond करते है जो हमें तकलीफ देती है या फिर सही नहीं होती है. problem सबकी लाइफ में एक जैसी आती है लेकिन जो लोग खुद को center रखते है और घबराते नहीं है वे स्थिति को बेहतर समझकर उसका solution निकालते है.

Can Decrease Blood Pressure

High blood pressure की वजह से heart सही तरह से function नहीं कर पाता है. इसकी वजह से heart attack जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है. इसका हमारी Physical health काफ बुरा असर पड़ता है. ज्यादातर इसकी वजह Unwanted intrusive thoughts ही होते है.

Regular practice से जल्दी ही हमें amazing benefit of meditation मिलने शुरू हो जाते है.

मैडिटेशन के जरिये इन विचारो को control कर हम काफी कुछ सुधार कर सकते है और Physical benefits of meditation में से एक है की इससे हम दिल के तनाव को दूर कर सकते है. विचारो पर काबू रखते हुए जब हम सांसो को control में रखते है तो इसकी वजह से blood pressure भी काबू में रखा जा सकता है.

You Can Meditate Anywhere

मैडिटेशन की सबसे बड़ी खासियत यही है की इसे करने के लिए कोई special जगह या फिर साधन की आवश्यकता नहीं है. आप जब चाहे जहाँ चाहे ध्यान का अभ्यास कर सकते है. आप किसी भी ध्यान की विधि से इसकी शुरुआत कर सकते है. 2 मुख्य तरह की विधि है जो ध्यान के दौरान हम अनुभव कर सकते है. आपको किस तरह के benefit of meditation मिलते है ये निर्भर करता है आपके अभ्यास पर जैसे की

Focused-attention meditation इस तरह की विधि में हम ध्यान किसी एक object पर लगाते है. विचारो की भीड़ से बचना है तो किसी एक विचार को पकड़ लो और बाकि के विचारो से खुद को disconnect कर लो. इस तरह की विधि में object कुछ भी हो सकता है जैसे की आपकी सांसे या फिर कोई मंत्र.

Open-monitoring meditation हम अनचाहे विचारो में इसलिए उलझते है क्यों की जो विचार सही है उन्हें हम समझ नहीं पाते है. इस तरह की विधि में हम खुद को किसी object पर focus नहीं करते है बल्कि अपने Thoughts, feeling, emotion इन सब पर अपनी awareness को बढाते है. जब ऐसा होता है तब हम खुद को एक अलग state में पाना शुरू कर देते है.

अगर आप ये तय नहीं कर पा रहे है की कौनसी विधि का चुनाव करना चाहिए तो खुद को Guided meditation से आगे ले जाने की कोशिश करे. ध्यान की अलग अलग विधि को तब तक try करते रहे जब तक आपको positive effects of meditation मिलना शुरू ना हो जाए.

Meditation Can Improve Your Mental Health

मैडिटेशन एक ऐसा अभ्यास है जिसके जरिये हम खुद को गहन सोच और एक ही विचार पर लम्बे समय तक focus रख सकते है. इसका एक ही goal होता है पहला हमें deep relax feel करवाना और दूसरा inner peace को achieve करना. वैसे तो benefits of yoga and meditation को गिना पाना बेहद मुश्किल है क्यों की इसके benefit हर level पर achieve किये जा सकते है लेकिन फिर भी हम main mental health benefit of meditation के बारे में जान लेते है.

Meditation and Regulating Negative Emotions

ज्यादातर negative emotion हमें आगे बढ़ने से रोकते है. अगर आप एक student है तो आप जानते है की स्कूल में आपको किन किन emotional issues से गुजरना पड़ता है. Negative emotion जैसे की Anger and fear ये हमें सबसे ज्यादा परेशान करते है. अगर आप भी इस तरह की problem को face कर रहे है तो आपको 8 सप्ताह के vipassana meditation benefits को जरुर try करना चाहिए.

हम उन डर और गुस्से से घिरे रहते है जिनका असल में कोई महत्त्व नहीं रहता है. कुछ common fear example है जैसे की

  • बात करते समय लड़की क्या सोचेगी
  • क्लास में सवाल का जवाब देते समय अगर सही नहीं हुआ तो क्या होगा
  • स्टेज पर में बेहतर perform कर पाउँगा या नहीं
  • दूसरे मेरे बारे में क्या सोचेंगे

ये सवाल मन में उठाना आम बात है लेकिन 99% केस में ये निराधार होता है क्यों की जैसे आप है वैसे ही बाकि के 95% student है. इसलिए mindfulness meditation benefits लेने के लिए इसे अपने Regular practice का हिस्सा बना ले.

How Meditation Can Help You Handle Stress

सबसे ज्यादा Meditation benefits for brain को लेकर ही बात होती है क्यों की हमारा brain जब तक healthy नहीं होगा हम personal development पर focus नहीं कर सकते है.

आज की लाइफ में stress एक हिस्सा बन चूका है लेकिन हद से ज्यादा बढ़ने की condition में इसके बहुत सारे negative effect हमारे brain पर देखने को मिलते है.

नींद ना आना, अवसाद, जल्दी ही थक जाना, मूड खराब रहना ऐसे बहुत से लक्षण है जो stress की वजह से देखने को मिलते है. अगर आप stress management नहीं कर पाते है तो यकीनन इसका बुरा असर आप और आपके पास रह रहे लोगो पर दिखना शुरू हो जाता है.

Spiritual meditation for self awareness

spiritual meditation वास्तव में mindful practice of connection है जो हमें हमारे ही Higher self से जोडती है. हमारा अपना self reflection हमसे काफी बड़ा और विस्तृत है जिसके साथ जुड़ाव की प्रक्रिया को करने के बाद हमें spiritual path पर आगे बढ़ने में help मिलती है.

ऐसी बहुत सी meditation techniques है जो spiritual awareness पर focus करती है जैसे शाम्भवी ध्यान लेकिन इन सब की आवश्यकता एक है attitude of integrity and authenticity. खुद को benefit of meditation के लिए तैयार करना आपके ऊपर है.

spiritual development in meditation

कोई भी व्यक्ति guided spiritual meditation को follow कर सकता है. जब हमारा awareness and spiritual confidence बढ़ता है तब हम इसके जरिये खुद और दूसरो को benefit देने के लिए प्रयास करना शुरू कर देते है. spiritual awareness की ये journey पूरा होने में काफी समय लेती है लेकिन जब ऐसा होता है तब हम एक भाव हो जाते है.

Spiritual power through meditation

कुछ लोग spiritual meditation को superpowers जैसे की Telepathy, healing, knowledge of past lives, visions of the future, levitation आदि से जोड़कर देखते है. आपको ऐसे बहुत से लोग मिल जायेंगे जो ये दावा करते है की जो आप सोचते है वो आप पा लेंगे अगर आपने spiritual awareness की स्थिति को प्राप्त कर लिया.

इस तरह के विचार spiritual meditation को shadow side of spirituality के पीछे छुपा देते है. Spiritual awareness की शुरुआत honest and kind attitude के साथ होती है और हम अपने लिए सबसे बेस्ट बनने की कोशिश करते है. सिर्फ कुछ जादू और चमत्कार की आश हमें इसके असली path से काफी दूर ले जाती है. इस article को पढना न भूले.

Read : भगवान महादेव का शक्तिशाली त्रिनेत्र खोलने का मंत्र और साधना का विधान

spiritual benefit of meditation

तनाव और शांति ये दोनों benefit हमें Personal, mental and spiritual level of meditation में हर जगह पर देखने को मिलते है. इसे लेकर confuse ना हो क्यों की हर स्तर पर इसका अर्थ बदलता रहता है. अगर आप chakra meditation benefits लेना चाहते है तो आपको अपनी चेतना को चक्र पर focus करना है.

  • Spiritual meditation releases and settles our thoughts and emotions यहाँ पर बात spiritual bypass and spiritual emergency की हो रही है.
  • It relaxes your nervous system and helps your body unwind from stress आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ने के लिए जरुरी है की आपका body और mind पूरी तरह relax हो.
  • It helps you to let go of the past and sink in peace बीते कल की चिंता करना छोड़ कर जो आज use बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना.
  • Spiritual meditation helps you realize who you really are जब हम खुद के प्रति जागरूक बनते है तब हम खुद को जानना शुरू करते है.
  • It empowers you and helps you reach your higher consciousness हम अपने higher self से जुड़ते है जिसके बाद हमारे spiritual experience शुरू होते है.

यही वजह है की मैडिटेशन हमारे आध्यात्मिक पथ में आगे बढ़ने के लिए एक बढ़िया अभ्यास है. ऐसी बहुत सी Advantages of meditation है जिनके माध्यम से हम खुद को बहुत आगे तक ले जा सकते है.

Benefit of meditation final conclusion

मैंने अपनी शुरुआत Bindu tratak meditation से की थी क्यों की ये एक तरह का Focused-attention meditation है. ध्यान और त्राटक का अभ्यास अलग नहीं है इसलिए इसे लेकर किसी तरह की शंका मन में न रखे.

आज हर जगह पर आपको benefits of yoga and meditation के नाम पर center देखने को मिलेंगे क्यों की stress हमारी लाइफ का हिस्सा बन चूका है. ये सिर्फ personal or mental benefit तक सिमित नहीं है आप spiritual benefits of meditation के जरिये खुद को आगे ले जा सकते है.

मैडिटेशन की हजारो विधि है और उनमे से आप पर कौनसी विधि लागू होगी इसे पता करने के लिए सिर्फ अभ्यास करना ही एकमात्र रास्ता है.

जब तक आपकी तलाश पूरी न हो अभ्यास करे. एक healthy lifestyle के meditation का regular practice बहुत जरुरी है.

2 powerful practice जो त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास अभ्यास जो जल्दी सफलता दिलाते है

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हम कोई भी साधना करते है तो पाते है की ऐसी कोई साधना नहीं जो अपने आप में एक ही हो यानि अन्य किसी साधना से जुड़ी हुई ना हो। त्राटक और ध्यान आपको सफलता पानी है तो इसके लिए सिर्फ ध्यान या त्राटक का अभ्यास काफी नहीं है।

कुछ ऐसे अभ्यास जो हमें Tratak और मैडिटेशन के लिए तैयार करते है जरूर करना चाहिए जिनसे हमें पूरा फायदा मिले।

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास उन अभ्यास में से है जो ना सिर्फ हमें त्राटक में अच्छे अनुभव करवाते है बल्कि आम जिंदगी में भी बहुत अच्छे लाभ दिलाते है।
त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास
tratak और meditation में से better कौन के बारे में हम पिछली पोस्ट में पढ़ चुके है इसलिए आज बाते करते है उन खास अभ्यास की जो त्राटक के साथ किये जाए तो tratak में double benefit देती है।

हालाँकि त्राटक अपने आप में सम्पूर्ण है लेकिन इसके लिए भी हमें पहले शारीरिक और मानसिक स्तर पर तैयार होना पड़ता है तभी हमें त्राटक में बगैर किसी नुकसान के 100% रिजल्ट मिलते है।

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास

त्राटक के साथ किये जाने वाले खास अभ्यास में शरीर और मन को कण्ट्रोल करने वाले कुछ ऐसे अभ्यास है जो साधक को अभ्यास में लाभ प्रदान करते है साथ ही उसे सब तरह से सक्षम और मजबूत बनाते है। ये अभ्यास निम्न है

  1. शवासन या न्यास ध्यान का अभ्यास
  2. इच्छाशक्ति और भावनशक्ति को बढ़ाना
  3. प्राण ऊर्जा का नियंत्रण
  4. विचारशून्यता का अभ्यास

इन अभ्यास का त्राटक और ध्यान के अलावा भी कई तरह से लाभ है जिसमे आपका लगभग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पूरी तरह से बदला जाता है।

आइये जानते है ऐसे ही खास अभ्यास के बारे में।

शवासन या न्यास-ध्यान

शवासन या न्यास ध्यान हमें शारीरिक और मानसिक स्तर पर त्राटक के लिए तैयार करता है। कई बार ऐसा होता है की त्राटक का अभ्यास शुरू तो कर देते है लेकिन कुछ समय बाद ही हमें अभ्यास छोड़ना पड़ता है।

इसकी वजह है मन पर नियंत्रण का ना होना या फिर शरीर का अभ्यास में साथ ना दे पाना। इसके समाधान के लिए त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास में त्राटक से पहले शवासन या न्यास ध्यान किया जाता है।

कैसे करे

शवासन के लिए एकांत वाली जगह लेट कर खुद को लम्बे समय तक किसी एक अंग पर फोकस कर ले और भावना देते रहे की आपका ये अंग शिथिल हो रहा है।

शुरू में आप थक सकते है लेकिन अभ्यास में पूर्णता आने पर जब आप एक अंग को शिथिल होने का आदेश देते है तो आपकी भावनाए उस अंग पर प्रभाव डालती है और आपके उस अंग में वाकई शिथिलता आने लगती है।

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास – फायदा 

इस अभ्यास से सबसे बड़ा फायदा मन और शरीर पर नियंत्रण का स्थापित होना है। आप ना सिर्फ खुद को लम्बे समय त्राटक में स्थिर रख पाते है बल्कि आपको इसमें एक आनंद का अहसास ही होगा।

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास प्राण ऊर्जा नियंत्रण

शवासन के अभ्यास के बाद किया जाने वाला अभ्यास प्राण ऊर्जा को बढ़ाने के लिए होता है इस अभ्यास में प्राण ऊर्जा को अनंत स्तर पर बढ़ा कर हम खुद को ओज और तेज से भरपूर बना सकते है।

इस अभ्यास को त्राटक के साथ इस लिए जोड़ा जाता है क्यों की जो लोग सम्मोहन सीखना चाहते है उन्हें सबसे ज्यादा प्राण से भरपूर होना होता है और प्राण ऊर्जा को बढ़ाने के लिए पिरामिड ध्यान के अलावा ये अभ्यास सबसे खास माना जाता है लेकिन इस अभ्यास को हमेशा प्राकृतिक तरीके से ही करना चाहिए।

tratak ke vastvik anubhav

अभ्यास 

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास में ये अभ्यास बिलकुल आसान है। प्राण ऊर्जा को बढ़ाने के लिए सबसे पहले तो शवासन में शरीर को बिलकुल शिथिल कर ले।

इसके बाद साँस पर नियंत्रण बनाए जिसके लिए आप 2 तरह से अभ्यास कर सकते है पहला सुखासन में बैठकर सांसो को देर तक रोके रखना। दूसरा शवासन की अवस्था में जब शरीर शिथिल हो जाता है तब सांसो को अंदर जितना रोक सके रोके रखना।

सांसो को देर तक अंदर रोके रखने के साथ साथ एक भावना इस अभ्यास में दी जाती है की जो प्राण ऊर्जा शरीर के अंदर रोके रखी है वो पुरे शरीर में प्रवाह कर रही है.

किसी अंग में ये भावना देने पर आप पाएंगे की प्राण ऊर्जा वास्तव में उस अंग में बहने लगी है जिसकी वजह से उस अंग में शुरू में ठंडापन फिर तेज या करंट सा प्रवाहित होता हुआ महसूस होने लगता है।

लाभ :

इस अभ्यास का सबसे बड़ा फायदा प्राण ऊर्जा का शरीर में बढ़ना है। दूसरा जो लोग उत्साह के मामले में निम्न है उनमे इस अभ्यास द्वारा आत्मविश्वास जगाया जा सकता है।

इसके अलावा आपके शरीर में तेज का बढ़ना और सबसे खास बात सम्मोहन में जो आकर्षण शक्ति होती है वो प्राण ऊर्जा से ही बनती है। इसलिए जिन लोगो को सम्मोहन सीखना है वो इस अभ्यास को त्राटक से 1 महीने पहले करना शुरू कर दे।

जहा तक बात असल अनुभव है की मैने भी शुरुआत इसी से की थी। इसके बाद त्राटक से मुझे काफी फायदा मिला था।

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इच्छा-शक्ति और भावनाशक्ति को बढ़ाना

इच्छाशक्ति और भावनाशक्ति ये दोनों तत्व आपके अंदर एक उच्च स्तर तक होना चाहिए।

मेरी इससे पहले की पोस्ट शरीर को रोबोट बनाने वाली पोस्ट इसी पर आधारित है लेकिन इस अभ्यास में थोड़ा बदलाव किया गया था।

आप चाहे तो शुरुआत त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास में से एक इसी अभ्यास से ही कर सकते है।

इस अभ्यास से आप जीवन के किसी भी मोड़ पर कोई भी निर्णय लेंगे तो कभी फ़ैल नहीं होंगे दूसरा ना ही आप उसमे खुद को फंसा हुआ महसूस करेंगे जो कई लोग महसूस करते है।

ये अभ्यास शुरू में शवासन की तरह ही है। इसके बाद आपको खुद के लिए कुछ निर्देश का समूह तैयार करना पड़ता है।

इस अभ्यास को आप दोपहर में कर सकते है जब आप खाना लगभग 2 घंटे पहले खा चुके हो।

इसके पीछे की वजह है शरीर का सभी तरह की हरकत को न्यूनतम कर देना फिर चाहे वो शरीर में खाना पचने की क्रिया ही क्यों ना हो।

पढ़े : त्राटक साधना में विचारशून्य की स्थिति कैसे प्राप्त करे सबसे आसान तरीके

अभ्यास

सबसे एक ऐसे कमरे का चुनाव करे जहा आपको एक घंटे तक कोई परेशान ना करे ना ही किसी तरह का कोई व्यवधान हो।

साफ हवा वाला कमरा साथ ही कम से कम सामान हो ऐसे कमरे का चुनाव सबसे बढ़िया है। एक दरी निचे फर्श पर बिछा ले और लेट जाइये।

सबसे पहले तो खुद को शवासन की स्थिति में ले जाइये जब ऐसा हो जाये तब किसी एक अंग को भावना दे।

ये भावना किसी भी तरह की हो सकती है लेकिन इसका मकसद उस अंग में आपके आदेशानुसार परिवर्तन होना चाहिए।

जैसे की आप भावना दे की आपका अमुक अंग हवा में ऊपर उठ रहा है या फिर अमुक अंग में बिलकुल हरकत नहीं है।

आप चाहे तो इस अभ्यास को न्यास ध्यान की तरह ही कर सकते है। इस अभ्यास को बिलकुल इसी तरह किया जाता है। फर्क है सिर्फ भावना देने का।

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास – लाभ 

इच्छा-शक्ति और भावना-शक्ति को मजबूत बनता है जिससे आप निर्णय लेने में सक्षम होते है।

अक्सर देखने में आता है की हम दिनभर हजारो तरह की इच्छाए करते है लेकिन एक भी पूरी नहीं होती है। इस अभ्यास द्वारा हम इच्छाओ को पूरा करने और तय किये गए काम को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम बन जाते है।

त्राटक के साथ किये वाले अभ्यास – विचारशून्यता

विचारशून्यता का अभ्यास वैसे तो बुद्ध ध्यान प्रणाली का एक खास हिस्सा है लेकिन त्राटक में इसका बेहद खास और ज्यादा महत्व है। इसके पीछे की वजह है त्राटक के दौरान होने वाले अनुभव से साधक के मन का विचलित होना।

इसलिए जब भी त्राटक का अभ्यास पर्सनल डेवलपमेंट से ऊपर आध्यात्मिक और मानसिक स्तर पर किया जाता है साधक के चित को विचारशून्य बनाना आवश्यक होता है।

त्राटक में कई अनुभव ऐसे होते हैं जो एक क्षण के हजारवें हिस्से में घटकर एक अवस्था में साधक को ले जाते है लेकिन उस अवस्था में बने रहना सबसे बड़ी चुनौती होती है क्यों की साधक का मन इस परिवर्तन से विचलित हो जाता है।

Third Eye Chakra Healing

इसलिए त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास में विचार शून्यता का अभ्यास भी tratak के साथ किये वाले खास practice में से एक माना गया है।

अभ्यास

सुखासन या शवासन में इस अभ्यास को कर सकते है जिसके लिए शरीर का शांत होना बेहद जरुरी है। जितना ज्यादा देर आप इस अभ्यास में बैठे रहते है उतना ही ज्यादा अनुभव आप करते है। कुछ लोगो का कहना है की त्राटक या ध्यान में बैठे रहने से बोर होने लगते है या फिर ध्यान भटकता है।

इस तरह अभ्यास बिच में ना छोड़े। बैठे रहे क्यों की 10 या 15 मिनट बैठे रहने के बाद अचानक से ही आप ध्यान के उच्च स्तर में पहुँच सकते है। इस अवस्था को आप अभ्यास द्वारा नहीं पा सकते क्यों की ये सब अचानक ही होता है।

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास – कैसे करे विचारशून्य :

मन को विचारशून्य बनाना है तो किसी अभ्यास की खास जरुरत नहीं बस किसी भी तरह की अल्फ़ा म्यूजिक की धुन लगा लो और खुद को उसमे पूरी तरह डूबा लो। त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास में अल्फ़ा म्यूजिक बढ़िया विकल्प इसलिए है क्यों की ज्यादातर लोग जब भी भावनात्मक रूप से बदलाव चाहते है तो म्यूजिक ही सुनते है।

इसलिए किसी भी एकांत की जगह आप बैठे या लेट जाए और अल्फ़ा म्यूजिक सुने। आप चाहे तो हलकी आवाज में हेडफोन भी लगा सकते है।

इससे आपका मस्तिष्क पहले तो किसी एक जगह एकाग्र होने लगता है धीरे धीरे विचारशून्य हो जायेगा और आप नींद में चले जायेंगे। विचारशून्य की अवस्था लम्बे समय तक बनी रहती है।

धीरे धीरे आप खुद को जाग्रत रह कर भी विचारशून्य बना सकते है। इसका एक लाभ किसी भी स्थिति में आपका अभ्यास में डर को दूर करना है है साथ ही अभ्यास में अनचाहे विचारो को दूर करना है।

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त्राटक के साथ किये वाले खास practice- लाभ

इस अभ्यास का सबसे बड़ा लाभ अनचाहे विचारो से छुटकारा पाना है जो आपके मन को विचलित करते है। इसके अलावा आप खुद को किसी भी स्थिति में नियंत्रित और स्थिर कर सकते है।

सबसे बड़ा लाभ जो है वो है इससे आप जब त्राटक में अच्छे स्तर पर अनुभव करने लगते है तो आप विचलित नहीं होते है।

दोस्तों आज की खास पोस्ट त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास कुछ ऐसे अभ्यास का मिश्रण है जो त्राटक के साथ या उससे पहले किये जाते है जिससे हमें त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास के विभिन्न अभ्यास में अलग अलग अनुभव और लाभ। हम सभी जानते है की त्राटक सिर्फ पर्सनल डेवलपमेंट पर नहीं रुकता है।

इससे आगे भी मानसिक और आध्यात्मिक स्तर के लाभ है जिनके लिए हम इन अभ्यास को कर खुद में जो चाहे बदलाव ला कर फायदा ले सकते है

10 strong way of how to Control Your Mind and Balance Your Life in Hindi

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इन्सान की सबसे बड़ी शक्ति उसके Thoughts and emotion है. अगर ये हमारे कण्ट्रोल में रहकर काम करे तो शायद ही कोई ऐसी चीज मुकाम है जिसे हासिल नहीं किया जा सकता है. इसके विपरीत अगर हम इनके कण्ट्रोल में हो जाए तो परिणाम इसके विपरीत देखने को मिलते है.

आज हम How to control your thoughts के बारे में बात करने वाले है. How To Control Your Mind and Thoughts को लेकर ऐसी कई technique है जो हमें unwanted thought को कण्ट्रोल करने में हेल्प करती है.

आज हम में से ज्यादातर लोग अपने इमोशन और विचारो के अधीन होकर काम कर रहे है. अनचाहे विचारो का बढ़ता बोझ न सिर्फ आपको फोकस होकर काम करने से रोकता है बल्कि आप उनके कण्ट्रोल में रहते हुए कभी सही फैसले नहीं ले पाते है.

अगर आप लाइफ में आगे बढ़ना चाहते है तो आपको How to stop your thoughts from controlling your life के बारे में जानना बेहद जरुरी है.

How to control your thoughts in Hindi

आपके विचार जाने अनजाने में ही आपकी लाइफ को किस तरह कण्ट्रोल कर रहे है इसके बारे में आपको मालूम होना चाहिए. लाइफ में बढ़ता तनाव और इच्छाए अनचाहे विचारो को जन्म देती है जो धीरे धीरे आपके माइंड को पूरी तरह कण्ट्रोल करना शुरू कर देती है.

अपने विचारो का नियंत्रण लेना इस कड़ी का सबसे पहला कदम है. आपको मालूम होना चाहिए की विचार किस तरह आपकी लाइफ पर असर डाल रहे है और क्या वे आपके लिए सही है ?

2010 के आसपास मेने nyas yoga and meditation के बारे में सुना था. इसका अभ्यास किया तो इसके परिणाम हैरान कर देने वाले थे.

ये एक ऐसी How to control your thoughts technique है जो आपको विचारशून्य होने, विचारो के बीच अंतर को समझने और अपने दिमाग पर 100% effective control पाने में मदद करती है.

ज्यादातर लोग विचारो को कण्ट्रोल नहीं कर पाते है क्यों की वे विचारो के बीच के अन्तराल को समझ नहीं पाते है.

How to control your thoughts in Hindi

अगर कोई कहे की विचारशून्य की अवस्था में विचार नहीं आते है या फिर हम 100% विचारो के रहित मस्तिष्क की अवस्था को प्राप्त कर सकते है तो ऐसा नहीं है. विचार कभी बंद नहीं होते है.

अभ्यास के जरिये हम विचारो पर प्रतिक्रिया को समझना शुरू करते है और उन्ही विचारो को महत्त्व देते है जो जरुरी है. अभ्यास के जरिये अनचाहे विचारो को bypass किया जाता है.

दरअसल जब हम ध्यान का अभ्यास करते है तब हम विचारो के बीच अंतराल पैदा करना सीखते है. अंतराल का मतलब है एक बिचार को दूसरे विचार से अलग करना.

ज्यादातर अनचाहे विचार हमें परेशान करते है क्यों की हम Unwanted thought को लगातार मस्तिष्क में जाने अनजाने पैदा करते है. इसकी कई वजह हो सकती है जैसे की

  • जो अभी तक नहीं हुआ है उसे लेकर सोचते रहना.
  • पूर्व धारणा बना लेना.
  • जरुरत से ज्यादा सोचना.

अगर आप सिर्फ सोच रहे है और कोई एक्शन नहीं ले रहे है तब भी अनचाहे विचार आपको परेशान करेंगे. इससे बचने के लिए How to control your thoughts की कई आसान तकनीक है जिनका रेगुलर अभ्यास करना आपको इससे राहत दिला सकता है.

How to control your mind from unwanted thoughts

क्या आपने कभी गौर किया है की बच्चे किसी काम को आसानी से कैसे कर पाते है या फिर वे अक्सर खुश क्यों रहते है ? इसकी वजह उनका दुनियादारी की टेंशन न लेना नहीं है बल्कि अनचाहे विचारो से रहित मस्तिष्क है.

हम जैसे जैसे बड़े होते जाते है हमारा Subconscious mind से connection टूटना शुरू हो जाता है और conscious mind पर ज्यादा से ज्यादा निर्भर होना शुरू कर देते है.

इसकी एक बड़ी वजह हमारा बाहरी सोर्स पर ज्यादा निर्भर रहना भी है. अगर आप खुद से ज्यादा दूसरो पर निर्भर है तो कही न कही आप out of control emotion and thoughts की स्थिति से गुजर रहे है.

Controlling your mind सबसे मुश्किल है क्यों की मस्तिष्क को कभी कण्ट्रोल नहीं किया जा सकता है. हम इसे control your thoughts के लिए सिर्फ गाइड करते है और अपनी लाइफ में सही या गलत रास्ते का चुनाव करते है. इसके लिए कुछ स्टेप है जिन्हें आप फोलो कर सकते है.

अगर आपको लगता है की आपके विचार और इमोशन आप पर हावी हो रहे है तो कुछ देर के लिए रुके और गहरी सांसे लेते हुए सब कुछ रोक दे. कुछ पल के लिए ये ठहराव ही विचारो के बीच का अंतराल होता है. अगर आप इसे कण्ट्रोल कर ले तो आपके लिए How to control your thoughts की process काफी आसान हो जाएगी.

ज्यादातर अनचाहे विचारो की वजह हमारा बीते कल और भविष्य की चिंता में डूबे रहना है. अगर हम खुद को वर्तमान में रखना सीख ले तो हमारे लिए अपने इमोशन को कण्ट्रोल करना आसान बन जाता है.

Observe your thoughts without judgement हम जानते है की अनचाहे विचारो की वजह होती है हमारा उन पर रिएक्शन देना. हम एक विचार पर प्रतिक्रिया करते है और वो आगे से आगे बढ़ता जाता है.

इससे बचने के लिए अगर आप विचारो के भंवर में फंसे हुए है तो आगे सोचना बंद करे और विचारो को एक अंतराल दे. अब आपको विचारो को आने देना है लेकिन बिना किसी प्रतिक्रिया के. जो भी विचार मन में आ रहा है आने दे आपको सिर्फ उन पर प्रतिक्रिया नहीं देनी है.

Take action to address your thoughts: हम विचारो को कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे है तो इसका सीधा सा मतलब है हम सिर्फ सोचते जा रहे है लेकिन कोई एक्शन नहीं ले रहे है या फिर हमारे मन का डर हमें एक्शन लेने से रोक रहा है. अगर आप अपने विचारो के बीच किसी तरह की रूकावट महसूस कर रहे है तो किसी की हेल्प ले सकते है.

Can you control your thoughts?

ज्यादातर लोगो के लिए ये संभव नहीं है क्यों की वे न चाहते हुए भी विचारो में फंस कर रह जाते है. हम चाहे जितना मर्जी How to control your thoughts पर बात करे लेकिन जब तक आपके अन्दर खुद से कॉन्फिडेंस नहीं आयेगा या फिर छोटी छोटी शुरुआत नहीं करेंगे तब तक आप इसमें आगे नहीं बढ़ सकते है.

अगर आप विचारो की वजह से परेशान है तो एक  Temporarily divert your thoughts with another activity की simple tricks को फॉलो कर सकते है.

अगर आपको लगता है की विचार आप पर हावी होने की कोशिश कर रहे है या फिर आप खुद को शांत नहीं कर पा रहे है तो Physical movement करना शुरू कर दे.

जब हम physical exercise करना शुरू करते है तो ये हमारे सांसो की लय को कण्ट्रोल करती है और हम कुछ देर के लिए विचारो से खुद को दूर कर सकते है. आप चाहे तो पार्क में बैठकर प्रकृति को निहार सकते है.

विचारो पर बिना किसी प्रतिक्रिया के नजर रखना आपको इससे दूर रहने में हेल्प करता है. How to control your thoughts की ये एक सिंपल सी मगर काफी कारगर तकनीक है.

अपने आसपास किसी व्यक्ति की हेल्प ले

अगर आपके पास ऐसे लोग है जो आपको समझते है तो आप उनकी हेल्प ले सकते है. ज्यादातर कंडीशन में जब हम How to control your thoughts की process को फॉलो करते हुए खुद को अकेला महसूस करना शुरू कर देते है तब हमें जरुरत होती है किसी ऐसे व्यक्ति की जो हमें समझता हो.

आपका फ्रेंड या कोई खास व्यक्ति जिस पर अप भरोसा करते है वो आपको control your thoughts में आपकी हेल्प कर सकता है.

वे जानते है की आप किस स्थिति से गुजर रहे है और आपके लिए क्या जरुरी है.

ऐसी स्थिति में आपके लिए उनका हेल्प लेना खुद को नयी दिशा में ले जाने जैसा है. ये न सिर्फ आपको सही फैसले लेने में मदद करेगा बल्कि आपके खुद के साथ connection को strong करेगा. धीरे धीरे आपका self confidence boost होने लगता है और आप अब जानते है की आपको क्या करना है.

Staying in Control of Your Thoughts

लाइफ में आगे बढ़ने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है आपका conscious and subconscious mind के बीच का connection सही तरीके से काम करना चाहिए.

हमारा मस्तिष्क इस universe की बेहतरीन कृति में से एक है. हम अपने मस्तिष्क में हर समय की जानकारी को सेव कर सकते है, भविष्य में जरुरत पड़ने पर हर पुरानी घटना को memory recalling के जरिये दोबारा याद किया जा सकता है.

आपको अपने thought को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है. मन में विचारो का आना एक normal कंडीशन है जिसे हम कण्ट्रोल नहीं कर सकते है.

How to control your thoughts को better समझने के लिए thoughts का चुनाव करने की बजाय जिस तरह वे आपके दिमाग में आ रहे है उसे समझने की कोशिश करे. क्या आप किसी ऐसे विचार पर तो फोकस नहीं हो रहे है जिसकी कोई जरुरत ही नहीं है.

जब आप इसे कण्ट्रोल करना शुरू कर देते है नए विचार अपने आप कम होने शुरू हो जायेंगे.

What events trigger difficult thoughts?

अगर आपके मन में negative thought आते है तब आप क्या करते है ? उन्हें अवॉयड करना इसका समाधान नहीं है. जब भी आपके मन में किसी तरह के negative thought आते है आपको समझने की जरुरत है की वे आपको किस डायरेक्शन में ले जा रहे है. उन चीजो को एक्टिविटी को शामिल करे जो positive trigger करती है.

धीरे धीरे आपका मूड अपने आप ठीक होना शुरू हो जायेगा और आप positive thoughts पर फोकस होना शुरू कर देंगे.

ऐसे कई How to control your thoughts with positive trigger की technique है जिन्हें आप फॉलो कर सकते है लेकिन, इन सब तकनीक के जरिये हम Body mind soul को अलाइन करने का काम करते है. हर रोज proper sleep and diet लेना आपको इसमें better help कर सकता है.

How to control your mind from unwanted thoughts

मस्तिष्क को अनचाहे विचारो से दूर रखने के लिए मैडिटेशन एक अच्छा विकल्प है जो आसान और effective result देने वाला अभ्यास है. अगर आप सुबह की शुरुआत के आधे घंटे मैडिटेशन को देते है तो ये आपके सोचने समझने की क्षमता को improve करता है.

मैडिटेशन आपके बॉडी और माइंड के बीच का connection मजबूत करता है और जब हमारा inter communication strong होना शुरू हो जाता है तब हम आसानी से किसी भी विचार को accept या decline कर सकते है.

हम अपने मस्तिष्क को कण्ट्रोल कर उसे सही दिशा में गाइड कर सकते है. अनचाहे विचार को कण्ट्रोल करने के लिए आपको उन्हें accept करना सीखना होगा, इन्हें accept करे और फिर बिना किसी जजमेंट के उन्हें observe करे.

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How to control your thoughts and balance your life conclusion

अगर आप चाहते है की आपके विचार आपकी लाइफ को कण्ट्रोल न कर पाए तो समय रहते उन्हें समझना शुरू कर दे. आपको अपने मस्तिष्क को कण्ट्रोल करने के लिए psychic बनने की जरुरत नहीं है.

समय के साथ धैर्य रखे और अभ्यास करे ताकि आप खुद से connection को strong बनाना शुरू कर दे. ऐसी कई How to control your thoughts technique है जिसके जरिये आप खुद को बेहतर बना सकते है.

हमने अपने ब्लॉग पर How to control your mind and thoughts से जुड़े Online course शुरू कर दिए है इसलिए अगर आप Subconscious mind को ज्यादा strong बनाना चाहते है तो आपको इसे जरुर try करना चाहिए.

मस्तिष्क और विचारो के बीच तालमेल बनाने के लिए न्यास ध्यान और योग निद्रा जैसे अभ्यास बिलकुल सेफ और 100% इफेक्टिव तरीका है. ये तकनीक इतनी शक्तिशाली है की इसके जरिये आप खुद को एक रोबोट की तरह बना सकते है. एक ऐसा मस्तिष्क जिसमे विचारो को लेकर तर्क वितर्क नहीं होता है.

super-conscious mind मस्तिष्क की एक ऐसी स्टेज जहाँ चमत्कार संभव होते है

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अब तक हम सामान्य जीवन में सिर्फ चेतन मन और अवचेतन मन के बारे में ही पढ़ते आये है लेकिन क्या आप जानते है इससे भी बढ़कर एक और शक्ति है और वो है Super Conscious Mind जो इतना शक्तिशाली है की हम कल्पना भी नहीं कर सकते है.

अब तक आप अवचेतन मन की शक्ति के बारे में पढ़ चुके है और जिन्होंने इसे समझा है उनके अनुसार अवचेतन मन बहुत शक्तिशाली है तो सोचिये Super Conscious Mind कितना Powerful होगा.

हिन्दू धर्म में समाधी का बहुत बार जिक्र किया जाता है जिसके अनुसार हमारे शरीर की सभी गतिविधिया सुप्त हो जाती है. अगर ऐसा है तो हमारी चेतना कहा रहती है और उस काल के दौरान जो घटना होती है उसका हम पर क्या प्रभाव पड़ता है ? जब हम समाधी की अवस्था में पहुँचते है तब हमारी चेतना Super Conscious Mind के रूप में विचरण करती है.

What is Super Conscious Mind in Hindi?

Super Conscious Mind और Sub Conscious Mind में फर्क सिर्फ इतना है की अवचेतन मन हमें भविष्य और पास्ट को घटनाओ को महसूस करवाता है लेकिन इससे आगे चलकर Super Conscious Mind हमें उन घटनाओ में बदलाव करने की शक्ति प्रदान करता है.

आमतौर पर हम चेतन और अवचेतन मन के बीच उलझे हुए रहते है लेकिन, जब हम खुद को Spiritual activity या फिर सूक्ष्म अध्ययन करना शुरू कर देते है तब हम trance like state को achieve करते है और इसी स्टेट में हमारा brain खुद को universal energy से जोड़ता है. ऐसा होने के बाद हम महसूस करते है की हम खुद को सब से connect कर सकते है और कुछ भी यहाँ अलग नहीं है.

असल में हमारा मस्तिष्क जो हमेशा अनचाहे विचारो में उलझा हुआ रहता है उसे एक स्पेस चाहिए. जब विचारो के बीच स्पेस को समझना शुरू कर देते है तो आसानी से खुद को detach करना सीख जाते है. आइये जानते है मस्तिष्क की इस चेतना के स्तर को और इसके काम करने के तरीके के बारे में.

What is Super Conscious Mind in Hindi?

हमारा brain टोटल 3 स्तर पर काम करता है जिसमे पहला Consciousness, दूसरा subconsciousness और तीसरा Super Conscious Mind है. इसे highest level of awareness के नाम से भी जाना जा सकता है क्यों की ये हमें oneness का experience करने में हेल्प करता है.

जब हमारी चेतना इस स्तर पर होती है तब हम खुद को ब्रह्म से जोड़ देते है और हमारा connection पूरी तरह universal हो जाता है.

Quantum physics के अनुसार इस ब्रह्माण्ड में कुछ भी सॉलिड नहीं है. ऐसे में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की कोई पदार्थ कितना सूक्ष्म है उन सब में स्पेस होगा. ऐसे में लाइफ पदार्थ के योग की बजाय उर्जा के बहाव से पहचानी जानी चाहिए.

यूनिवर्स में घूमने वाली flow of electromagnetic waves को हम स्पेस के तौर पर समझ सकते है. ये स्पेस हमारे विचारो के बीच होता है. अगर आप unwanted intrusive thought में फंसे है और आपको लगता है की सभी विचार एक दूसरे से connected है तो ध्यान रहे की हर thought के बीच space भी है.

हमारा Super Conscious Mind इसी स्पेस पर काम करता है. अगर आप इसे access करना सीख ले तो आपके लिए spiritual healing, universal connection स्थापित करना आसान हो जाता है.

important role of Super Conscious Mind

अभी तक आपने पढ़ा है की किस तरह अवचेतन मन हमें भविष्य की झलकियां दिखाने और चमत्कार जैसे घटनाओ को दिखाता है. लेकिन क्या आपने सोचा है की भौतिक और ऊर्जा स्वरूप से जुड़ा हमारा सुपर-अवचेतन मन उसे किस तरह पूरा करता है.

असल से यूनिवर्सल पावर के जरिये वो निरंतर अपने काम करता रहता है इसलिए इसे समझकर आप भी अपने जीवन में बहुत कुछ पा सकते है.

जीवन के संचालन में

अवचेतन मन को प्राप्त होता है लेकिन जब अवचेतन मन को लगता है की वो हमारे लिए सही है तब वो निर्देश कहाँ जाता है ? जीवनकाल में घटने वाली हर घटना हमारे मन में स्टोर होती है लेकिन कहाँ ?

ये सभी निर्देश और यादे Super Conscious Mind स्टोर करता है. कई बार हम अपने जीवन में ऐसी घटनाए अनुभव करते है जो लगता है पहले भी हो चुकी है लेकिन वास्तव में ये हमारे Super Conscious Mind का कमाल होता है जो हमें घट रही घटनाओ को कैसे बदले और कैसे उन्हें अपने फायदे के लिए घटने दे.

ध्यान दे की Subconscious Mind घटनाओ को कैच करता है लेकिन Super Conscious Mind उन्हें हमारे लिए फायदेमंद बनाता है. इसका मतलब इसके द्वारा हम घाट रही घटना को अपने अनुकूल बना फायदेमंद बना सकते है.

भूत और भविष्य की घटनाए

हमारे जीवन से जुड़ी पास्ट और भविष्य की सभी घटनाओ को स्टोर करने का काम Super Conscious Mind का है. हम आज जो बर्ताव कर रहे है वो हमारे पास्ट से जुड़ा है.

हम ये जानकार थोड़ा आश्चर्य में पड़ सकते है की Super Conscious Mind ही है जो उन घटनाओ को हमें दिखाता है वर्तमान की लाइफ में जो इमोशनल पैटर्न है उसका हमारे पास्ट से कुछ न कुछ रिलेशन जरूर है. और भविष्य में हम जो करने जा रहे है उसमे हमें खुद को सभी तरह से मजबूत और बैलेंस्ड बनाना है.

Super Conscious Mind और Sub Conscious Mind में फर्क

अवचेतन मन घटनाओ को पहले स्टोर करता है लेकिन जीवन की हर घटना Super Conscious Mind में स्टोर रहती है जिन्हे अवचेतन मन दवरा दोबारा प्राप्त किया जाता है सम्मोहन की अवस्था में.

  • अवचेतन मन सिर्फ आपको भविष्य की झलकियां दिखा सकता है लेकिन अगर आप उनमे बदलाव करना चाहते है तो ये आपके सुपर अवचेतन मन का कार्य है.
  • सुपर अवचेतन मन ब्रह्मंडिय ऊर्जा को स्वतन्त्र रूप से ग्रहण कर आपके लिए काम करता है. एक तरह से हर वो काम जो अवचेतन मन की लिमिट से जुड़ा है सुपर अवचेतन मन द्वारा पूर्ण किया जाता है.
  • कोमा और समाधी दोनों अवस्था में हमारा सुपर अचेतन मन स्वतंत्र हो जाता है और फिर से चेतना हमें जीवन में लाती है.

How to Use Super Conscious Mind

पिछली कुछ पोस्ट में हम Law Of Attraction पढ़ चुके है. अब हम उन कुछ सिंपल स्टेप्स के बारे में जानते है जिनके द्वारा हम खुद Super Conscious Mind को इस्तेमाल कर खुद की लाइफ में सुधार ला सकते है.

connection to the source

  • तय करे क्या चाहिए सबसे पहले तो आपको ये तय करना होगा की आप वास्तव में क्या चाहते है ? ज्यादातर लोगो की सबसे बड़ी प्रॉब्लम यही है की वो तय ही नहीं कर पाते है की उन्हें चाहिए क्या और फिर जब उन्हें वो नहीं मिलता है तब वो अफ़सोस करते है.
  • गोल को लिखना शुरू कर दे जब आपको ये पता चल जाये की आपको वास्तव में क्या चाहिए तब उन्हें लिखना शुरू कर दे वो भी पूरी डिटेल के साथ क्यों की जब तक एक विचार को लिखा नहीं जाता वो एक विश बना रहता है. इसलिए अगर आपको कुछ चाहिए तो उसे लिखे जरूर.
  • वर्तमान में रहे हमेशा अपने गोल को वर्तमान में रहते हुए लिखे. इसको लिखने का तरीका भी 60/40 का रखे. ये एक तरीका है जो आपके गोल को पूरा होने में मदद करता है. मान लीजिये कही कुछ प्रॉब्लम आ जाए तो उसके लिए छोटा सा बदलाव ना की प्लान चेंज.
  • लिस्ट बना लीजिये एक गोल को पूरा करने के हजारो तरीके हो सकते है. अगर आप ठन्डे और शांत दिमाग से सोचे तो पाएंगे की आपका मस्तिष्क अपने आप आपको ये तरीके / ऑप्शन सुझाता है. इन सभी को एक लिस्ट के रूप में लिखे और समझे ताकि जो रास्ता सबसे सही लगे अमल में लाया जा सके.
  • जरूरतों की भी लिस्ट आपकी जो भी विश है उन्हें महत्व के आधार पर लिखे ताकि जो कम महत्व की जरुरत है उन्हें बाद में भी किया जा सके.
  • हर रोज करे कुछ हर रोज आपके गोल में से एक गोल को पूरा करने के लिए कदम उठाये. इसके लिए आप रोज कुछ न कुछ ऐसा करे जो आपके गोल से जुड़ा है ताकि आपके लक्ष्य को बनाया रखा जा सके.
  • काल्पनिक दुनिया और हकीकत हर रोज कुछ समय के लिए आप कल्पना कीजिये अपने गोल को लेकर जैसे की आपने जो स्टेप उठाये है उनसे आप गोल को कैसे प्राप्त कर रहे है इस तरह से ना सिर्फ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि आपको नया आईडिया भी मिलने लगेगा.
  • भावनात्मक रूप से करे एन्जॉय अपने गोल को लेकर आपकी भावनाए कैसी है ये भी मायने रखता है इसलिए अपने गोल को लेकर ख़ुशी वाली भावनाए रखे जब आप अपने गोल को अच्छी भावनाओ के साथ जोड़ लेते है तो आप बहुत ज्यादा बढ़िया परफॉर्म कर पाते है.
connect yourself with universal energy

Super Conscious Mind और आपका गोल मानसिक रूप से स्वीकार करते रहे की आपका गोल आपकी ओर बढ़ रहा है और आप अपने गोल की तरफ. इसे भी आप पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने साथ व्यव्हार में लाये ताकि आप खुद को ज्यादा से ज्यादा उत्साही महसूस कर सके.

खुद को जोड़े यूनिवर्सल पावर के साथ जब आप ऊपर बताये गए सभी आईडिया को पूरा कर ले तब अपने गोल को Super Conscious Mind के साथ Universal Power के साथ जोड़ दे और इससे बाहर निकल जाए यानि अपनी नार्मल लाइफ में काम करते रहिये. आप देखेंगे की आप अपने आप गोल की तरफ बढ़ते जा रहे है.

आपका जो गोल है वो Universal Power के जरिये पूरा हो रहा है. इस तरह आप आसानी से उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपने गोल को प्राप्त कर सकते है.

ज्यादातर लोग Super Conscious Mind और Sub Conscious Mind के बिच अंतर नहीं कर पाते है या उन्हें ये सभी जो ऊपर बताया है अवचेतन मन का ही हिस्सा लगता है इसलिए बता देना चाहूंगा की अंतर्मन जो आपको चमत्कार जैसा महसूस करवाता है अवचेतन मन है लेकिन उसे रियलिटी में बदलने का काम Super Conscious Mind का है.

Daily Cleansing Regime of the Subconscious Mind

हमें हर रोज Subconscious Mind को cleanse करने की जरुरत होती है ताकि हम इसके काम को समझ सके. अगर हम अपने अवचेतन मन को सही तरह से काम नहीं ले पा रहे है तो ये हमारे belief system की कमी की वजह से है जो की energy center में blockage की वजह बनाता है.

असल में जब हमारा अवचेतन मन किसी आदत को अपनाने में परेशानी का सामना करता है जो की उसे चेतन मन से मिलती है तो वो इसे Super Conscious Mind से access करता है.

इसके लिए आपको practice करने की जरुरत है जिसमे थोडा वक़्त लगता है लेकिन जब हम इसे develop कर लेते है तब काफी सारे बदलाव करना आसान बन जाता है. इसके लिए आपको अपने belief system पर काम करना होगा.

जब हम Deep Experience Of Meditation की स्थिति में होते है तब superconsciousness को achieve करते है जो और कुछ trance like state का अनुभव ही है. इसके लिए आप हर रोज कुछ खास तरह के बिलीफ सिस्टम को विकसित कर सकते है जैसे की

  • जो हो रहा है वो सब अच्छे के लिए हो रहा है.
  • हर साँस के साथ जो बाहर निकल रही है में अपने नकारात्मक विचारो को खुद से अलग कर रहा हूँ.
  • divine thoughts मुझे हर तरह से heal कर रहे है.
  • Universal energy and divine experience के साथ जुड़ने के लिए अब में फ्री हूँ.
  • आकर्षण का सिद्धांत मेरे लिए काम कर रहा है.

ये आपके विचारो की शक्ति को मजबूत बनाता है जो की आगे चलकर normal state में भी superconsciousness को access करने में हेल्प करता है.

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Alignment of all three minds final conclusion

अब तक आप समझ ही गए होंगे की हमारे मस्तिष्क के अलग अलग स्टेज किस तरह आपस में connected है और ये किस तरह एक दूसरे से इनफार्मेशन को शेयर करते है. आमतौर पर हम चेतना के इस स्तर को नकार देते है क्यों की हम सिर्फ Conscious mind and subconscious mind में ही फंसे रहते है.

इस स्तर तक पहुँचने के लिए हमें deep meditation or trance like state से गुजरना पड़ता है जो की हम नियमित कर ही नहीं पाते है.

आपको हर रोज सिर्फ 15 मिनट ध्यान में बैठकर अपने बिलीफ सिस्टम को मजबूत करना होता है. जब ऐसा होता है हम आसानी से Super Conscious Mind को access करना शुरू कर देते है.

जो कुछ भी चेतन मन और अवचेतन मन ग्रहण करता है वो SuperConscious Mind द्वारा निर्धारित किया जाता है. यही एक वजह है की जब हम खुद पर विश्वास खो देते है तब हमें Reprogramming से गुजरना पड़ता है.

अलग अलग तरह के सपने दिखाई देने का मतलब अलग अलग स्टेज से गुजरना है. हमारी चेतना किस स्तर पर है उसी तरह के सपने हम देखते है. ये सभी आपके कण्ट्रोल में तभी हो सकता है जब आप अपने तीनो मस्तिष्क को एक जगह अलाइन कर सके.

छिपे हुए तनाव के 6 मुख्य लक्षण जिन्हे आपको समझना चाहिए

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कई बार ऐसा होता है की हम किसी चीज की उम्मीद, भरोसे, और विश्वास में इतना डूब जाते है की जब वो पूरा नहीं होता है तो हमें अचानक से धक्का लगता है। इस स्थिति में हम समझ नहीं पाते है की जो हुआ है वो वास्तव में है या इसके सही होने की उम्मीद और भी है।

इससे छिपा हुआ तनाव बनने लगता है और हम इसी के साथ एक झूठी जिंदगी गुजारने लगते है।

ज्यादातर लोग जो अपनी जिंदगी में झूठे मुस्कुराते चेहरों के लोगो से मिलते है तो सबको लगता है की वो खुश है लेकिन ऊपर की नकली मुस्कराहट के पीछे उनकी टूटी हुई उम्मीदे होती है जो एक hidden depression का रूप चुकी होती है।

hidden depression symptom and cause hindi

छिपा हुआ तनाव बाद में स्ट्रेस का रूप ले लेता है जो वास्तविक लाइफ में देखा जा सकता है इसलिए अगर आप भी ऐसे लोगो से मिलते है जो निचे दिए कुछ खास लक्षणों से घिरे हुए है तो उन पर गुस्सा होने की बजाय उनकी मदद करने की कोशिश करे।

क्यों की कठोर बोलने वाली सास को असल में उसकी सत्ता के छीनने का डर होता है वो ऐसी होती नहीं है।

चलिए बात करते है ऐसे कुछ खास लक्षणों की जिनसे आप लोगो के hidden depression का पता लगा सकते है और उन्हें समझ सकते है।

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छिपे हुए तनाव के लिए कोई बीमारी जिम्मेदार नहीं है इसके पीछे लम्बे समय से आपके मन में दबी हुई ऐसी भावनाए है जो पूरी नहीं हो पाती है। लम्बे समय से मन में दबे रहने की वजह से ये आप पर अचानक से हावी होने लगती है औरआपको पता भी नहीं चलता है की आपकी असली प्रॉब्लम क्या है।

आइये जानते है ऐसी ही कुछ symptom के बारे में जो आपके तनाव की वजह है।

ज्यादा सोने, खाने और पिने की आदत जो एक नार्मल से कई गुना ज्यादा होती है

हम ऐसे कुछ लोगो से मिलते है जो जबरदस्ती खुश दिखने का दिखावा करते है लेकिन अंदर से वो बिलकुल अकेले पड़ चुके होते है।

देखा जाए तो ऐसे लोग बातो बातो पर एक्सक्यूज़ करना शुरू कर देते है। उनके चेहरे के पीछे के मास्क पर उनका hidden depression महसूस किया जा सकता है क्यों की ये लोग दुसरो के साथ वक़्त बिताने के बजाय खुद को खुश रखने, बिजी दिखाने के चक्कर में कुछ ऐसी आदतों को अपना लेते है जो उनके लिए नुकसानदायक होती है.

तनाव होने पर सो जाना, खाने पिने को ज्यादा कर देना यानि जब भी गुस्सा आये कुछ भी खाने पिने लग जाना जैसे लक्षण खुद के तनाव को छिपाने और खुश होने का दिखावा करने के लिए करते है।

ख़ुशी जाहिर करते है लेकिन बात बात पर एक्सक्यूज़ भी करते है

क्या आपने ऐसे लोगो से मुलाकात की जो आपके साथ वक़्त बिताने में खुद को खुश महसूस करते है लेकिन जब भी आप उन्हें अपने साथ बाहर ले जाना चाहे या अपने किसी प्रोग्राम में इन्वॉल्व करना चाहे तो कोई भी बहाना बना कर मना कर देते है।

ऐसे लोग खुश होने का दिखावा तो करते है लेकिन खुद को दुसरो के साथ comfortable महसूस नहीं करते है। जब भी दूर लोग उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहते है वो कुछ भी बहाना बना कर उन्हें मना कर देते है। जैसे की –

आपकी पत्नी आप जब उनके साथ वक़्त बिताते है वो खुद को खुश दिखाती है चाहे वो आपके साथ वास्तव में खुश हो या ना हो लेकिन जब आप उन्हें अपने साथ बाहर ले जाना चाहते है तो वो घर के काम बता कर या अन्य किसी बहाने से हर बार खुद को बिजी बताने लगे तो तो हो सकता है वो किसी hidden depression यानि छिपे हुए तनाव से घिरी हुई हो।

hidden depression सामान्य से ज्यादा दार्शनिक जैसी बाते करना

क्या आप ऐसे लोगो से मिले है जो सामान्य जीवन में नार्मल लाइफ बिताते है लेकिन कभी कभी ऐसी बाते करते है जिन्हे सुनकर आपको लगता है की उन्हें दुनियादारी की वाकई बहुत जानकारी है।

जैसे जीवन कितना मुश्किल है या जिंदगी को अकेले बिताना कितना मुश्किल है वही जानते है बिलकुल एक दार्शनिक की तरह बाते करना जो सुनने में कई बार ऊपर से निकल जाती है। ये लक्षण दर्शाते है की बाहर से वो कैसे भी दिखावा करते हो अंदर से वो बिलकुल अकेले पड़ चुके है।

इसलिए आप उनके अंदर के hidden depression को महसूस कर उन्हें इससे उभरने में मदद कर सकते है।

किसी का भी ध्यान अपनी और खींचने के लिए चिल्ला देना अपनी चीज वापिस पाने के लिए

हम कई बार देखते है की छोटे बच्चे दुसरो का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए चिल्लाने लगते है वो चिल्लाकर दुसरो का ध्यान अपनी ओर खींचते है और हम उनपर ध्यान देते है। लेकिन क्या आप ऐसे लोगो से मिले है जो एक ग्रुप में दुसरो का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए चिल्ला पड़ते है।

ऐसी हरकत वो तब करते है जब कोई ऐसी चीज जो उन्हें मिलनी चाहिए थी किसी ओर के पास जाने लगती है। या फिर उनकी किसी खास चीज को वो दुसरो के हाथ जाते हुए देखने लगते है।

ऐसे में वो अचानक से ऐसी हरकत करते है जो दुसरो का ध्यान उनकी ओर खींच लेती है। इसमें बच्चो के खिलोने किसी ओर के पास जाना शामिल है। लेकिन बड़े लोग इस तरह की हरकत करते है ताकि लोग उन्हें सुने और वो दुसरो को कमांड दे।

कुछ लोगो को सिर्फ इसलिए गुस्सा आने लगता है क्यों की लोग उनके सोच के मुताबिक नहीं चलते या फिर उनके अनुसार काम नहीं करते है। ये सब hidden depression को show करते है जिसका समाधान निकालना बेहद जरुरी हो जाता है।

Read : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

चीजों को सामान्य से ज्यादा तेज महसूस करने लगाना

टीवी शो देखते हुए खुद को उनमे डूबा देना जैसे की किसी भी इमोशनल सीन में आंसू निकल जाना या फिर गाड़ी को किसी और के काटे जाने पर अचानक से गुस्से में बड़बड़ाने लग जाना छिपे हुए तनाव को दर्शाता है।

ऐसे लोग जो सामान्य जीवन में ज्यादातर किसी एक्शन पर रिएक्शन नहीं देते अचानक से इमोशनल लेवल पर कमजोर पड़ने लगते है। वो काल्पनिक दुनिया को खुद से जोड़ लेते है और उन उसके अनुसार ही रिएक्शन करने लगते है।

अचानक से रोने लग जाना या बुरी तरह से गुस्सा दिखाना उनके hidden depression का main reason है।

इसके परिणामस्वरूप आप अंदाजा नहीं लगा पाते है की वो कब आप से नाराज हो जाए या फिर खुद को नुकसान पहुंचा ले। अगर आपके आसपास भी ऐसा होता है तो उनसे दूर होने की बजाय उनके तनाव की वजह को तलाशे उनसे नाराज न हो क्यों की उनका गुस्सा खुद को दर्शाने का एक जरिया बन चूका है।

hidden depression – कम महत्व वाली चीजों की तरफ ज्यादा आकर्षित होना

क्या आप भी ऐसे लोगो में से है जो बहुत कम उपलब्धि से संतुष्ट हो जाते है। अगर ऐसा है तो आप भी hidden depression realism means depressive realism से घिरे हुए है। ऐसे लोग अपना आत्मविश्वास बनाये रखने में सफल नहीं हो पाते है।

मान लीजिये आपको अपने काम में पोमोशन चाहिए और आप बहुत मेहनत भी करते है लेकिन लास्ट में आप अपने काम को 100% नहीं दे पाने के कारण सफल नहीं हो पाते है।

इसे समझ कर दोबारा मेहनत करना तो सही है क्यों की आपको अपनी कमी का पता है लेकिन इससे संतुष्ट होकर वही रह जाना दर्शाता है की किस तरह आप खुद के विश्वास और उत्साह को कम कर चुके है।

इस तरह के तनाव का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते है क्यों की ये आपके attitude में सिर्फ एक बारीक़ सा फर्क है।

संतुष्टि और सफलता की भूख दोनों में बहुत कम फर्क है लेकिन मायने बहुत बड़े। इसलिए हम इस बात का अंदाजा मुश्किल से ही लगा पाते है की गलती कहा है।

दोस्तों छिपे हुए तनाव को समझना और उससे उबरना इतना आसान तो नहीं है लेकिन आपकी एक कोशिश किसी की जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव जरूर ला सकती है।

अगली बार अगर आपको ऐसे लोगो से मिलना पड़े तो दुरी बनाने की बजाय उनके तनाव की वजह को समझने की कोशिश करे।

विश्व को बदल सकने की ताकत रखने वाले इन अविष्कार की खोज पूरी हो जाती तो आज कुछ अलग ही होता

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अगर कोई कहे की विज्ञान की खोजे सिर्फ आपकी सोच से जुड़ी है जिनका एक लॉजिक होना जरुरी है तो ये सही नहीं है, क्यों की इंसान की अद्भुत सोच ने उसे वो सोचने की ताकत भी दी है जो आज भी लगभग एक चमत्कार माना जाता है।

विश्व को बदलने वाले अविष्कार 

लेकिन हकीकत तो ये है की विश्व को बदलने वाले अविष्कार अगर हम लोगो के बिच आ जाते तो इंसानी सभ्यता आज एक नए रूप में होती।

आज हम बात करने वाले है ऐसे 5 अविष्कार की जो अगर पुरे हो कर हमारे बिच आ जाते तो हम तकनिकी दुनिया में काफी आगे होते लेकिन अफ़सोस की इन्हे बनाने वाले हर वैज्ञानिक की या तो मौत हो गई या वो गायब हो गए।

ये अविष्कार निम्न है।

  1. Death-ray
  2. star-lite
  3. cloud-buster
  4. sloot digital coding
  5. chronic-voice

विश्व को बदलने वाले अविष्कार

हमारी सोच से परे कुछ ऐसे अविष्कार का परीक्षण हो चूका है जो सुनने में चमत्कार जैसे लगते है। ऐसा इसलिए है क्यों की विज्ञान आध्यात्म को अपने शब्दों में परिभाषित करने में लगा है। उसने ऐसी कई खोज की है जो इनसे प्रेरित है और आज हम उन्ही में से कुछ का यहाँ पर जिक्र करने वाले है।

निकोला-टेस्ला की डेथ रे

निकोला टेस्ला ने 1930 में पहली बार इसके बारे में लोगो को बताया जिसके अनुसार लेज़र बीम के हथियार अस्तित्व में आये है। उनके अनुसार एनर्जी को एक बहुत छोटे एरिया पर फोकस कर किसी की जान ली जा सकती है।

शुरू में ये थोड़ा मुश्किल और बेतुका लगा लेकिन बाद में इसे सही मानना ही पड़ा।

पहले निकोला ने ही सत्यापित किया था की पुरे शहर की ऊर्जा को भी अगर एक जगह फोकस किया जाए तो भी वो किसी की जान नहीं ले सकती लेकिन बाद में इस हथियार को बनाने की कोशिश की गई सेना के लिए क्यों की पहली बार किसी इंसान को मारने के साथ साथ विमान को भी गिराने की भी क्षमता वाले हथियार का प्रस्ताव सेना के बिच रखा गया था।

विश्व को बदलने वाले अविष्कार – स्टार-लाइट starlite :

स्टार लाइट एक ऐसा मटेरियल था जो उच्च स्तर की ताप को सह सकता था। 1970 के दशक में पहली बार ऐसे पदार्थ का पता चला जो हाई टेम्परेचर को झेलने के साथ साथ तापमान का सच्चा इंसुलेटर था। यानि तापमान को झेलने के साथ साथ पदार्थ गरम नहीं होता था।

इसे पहली बार एक अंडे पर प्रयोग किया गया जिसमे लगातार 5 मिनट तक ब्लो-टोर्च से गरम करने के बाद भी ये पदार्थ नंगे हाथो से छूने लायक था। ये उन जगह पर काफी मददगार साबित हो सकता था जहा पर उच्च तापमान में काम करना होता है खासतौर से भूमि के निचे।

अफ़सोस की इसे बनाने का जो फार्मूला था वो इसे बनाने वाले की मौत के साथ रहस्य बन गया। इससे पहले विश्व को बदलने वाले अविष्कार में से एक ये लोगो के बिच आ पाता रहस्यमयी तरीके से मौरिस वार्ड की मौत हो गई।

क्लाउड-बस्टर cloud-buster:

क्लाउड बस्टर विश्व को बदलने वाले अविष्कार में से एक ऐसी खोज थी जो वातावरण को कण्ट्रोल कर मनचाहे तरीके से बारिश करवा सकती थी यहाँ बगैर मौषम के भी। वातावरण में मौजूद orgone एनर्जी द्वारा बारिश करवाई जा सकती है।

उन्होंने एक ऐसा डिवाइस बनाया जो वातावरण में एक खास जगह को लक्ष्य करता है और इसका दूसरा साइड उसी मटेरियल से भरा होता था जो orgone कहलाता है। ये भूमि से उस तत्व को वातावरण में भेजता था जिसकी वजह से बादल बनने शुरू हो जाते थे।

कई प्रयोगो के बाद उन्हें इसमें सफलता भी मिली। दिनभर की मेहनत के बाद शाम को अचानक बादल घिर आये और बारिश होने लगी। लेकिन मौषम विभाग ने इसे नकार दिया और कहा की पहले से ही बारिश के आने की सम्भावना थी।

माना ये भी जा रहा है की इस प्रयोग के बाद अमीर देश और अमीर होने लगे क्यों की मनचाहे तरीके से बारिश के बाद वो फसले कभी भी और कैसी भी पैदा कर सकते थे। इसलिए इस प्रयोग को बंद कर दिया गया और बाद में रहस्यमय तरीके से इसे बनाने वाले गायब हो गए।

sloot – digital coding सिस्टम

क्या आप सोच सकते है की 1 जीबी की फिल्म को कंप्रेस कर सिर्फ कुछ kb के साइज में कन्वर्ट किया जा सकता है वो भी बिना इसकी quality को affect किये। ऐसा संभव बनाया jan sloot ने एक कम्प्रेशन तकनीक का ईजाद किया जो एक पूरी फिल्म को सिर्फ 8 kb में कन्वर्ट कर देती है वो भी बगैर किसी तरह से एफेक्ट किये।

उन्होने इसका सफलता पूर्वक लोगो के बिच परीक्षण कर भी दिखाया था।

अचानक ही हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई वो भी इस प्रयोग को सार्वजानिक करने से ठीक कुछ दिन पहले। कुछ लोगो का कहना है की ये प्राकृतिक मौत थी वही कुछ लोग ये मानते है की इस तकनीक से कुछ लोगो को नुकसान हो जाता जो डाटा स्टोरेज का बिज़नेस करती है इसलिए इसे राज बना दिया।

खैर अगर ये तकनीक अगर आज अस्तित्व में होती तो दुनिया में डाटा स्टोरेज की दुनिया ही बदल जाती।

विश्व को बदलने वाले अविष्कार – क्रोनो-वॉइस -chronovoice :

क्या आप सोच सकते है की हमारा शरीर अपने भूत और भविष्य की घटनाओ को पकड़ सकता है। दरअसल क्रोनो वॉइस एक ऐसी आवाज है जो फ्रीक्वेंसी के रूप में ब्रह्माण्ड में फैली पड़ी है। कुछ लोगो का मानना है की इस आवाज में हमारे भूत और भविष्य की घटनाए भरी पड़ी है।

अगर किसी तरह से इस आवाज को डिकोड कर लिया जाए तो हम आसानी से अपने भविष्य की घटनाओ को महसूस कर सकते है।

शुरू में विश्व को बदलने वाले अविष्कार की तरह ही ये ये अविष्कार भी लोगो को बेतुका लगा था क्यों की इसके पीछे कोई लॉजिक नहीं था लेकिन वक़्त के साथ कुछ आवाजों को डिकोड किया गया तो उन्हें पता चला की ये साउंड फ्रीक्वेंसी जानकारियों से भरी पड़ी है।

इस प्रयोग की तर्ज थी हिन्दू मान्यता के अनुसार ब्रह्माण्ड की सारी शक्तिया मंत्रो के रूप में ब्रह्माण्ड में फैली पड़ी है। किसी मंत्र को अगर सही तरीके से डिकोड कर लिया जाए तो मंत्र से जुड़ी शक्ति को जाग्रत किया जा सकता है।

ये प्रयोग हालाँकि लोगो के बिच नहीं आ पाया क्यों की इसे करने वाले रहस्य्मय तरीके से गायब हो गए थे।

Read : घर में रखे पुराने दर्पण की वजह से आपको हो सकता है पारलौकिक शक्तियों के होने का अहसास

अंतिम शब्द

दोस्तों विज्ञान खुले तौर पर आध्यात्म के रहस्य और चमत्कार को मानता तो नहीं है लेकिन इससे प्रेरित होकर उनके पीछे के वैज्ञानिक तरीके को खोजने की कोशिश करता रहता है। ऊपर बताये गए प्रयोग भी इसका ही उदहारण है। इन प्रयोगो के बारे में पढ़ने के बाद लगता है वो दिन दूर नहीं जब आध्यात्म के पहलुओं को विज्ञान स्वीकार कर लेगा वो भी अपने बनाये परिभाषाओ के अनुसार।

आज की पोस्ट विश्व को बदलने वाले अविष्कार की लिस्ट विकिपीडिया और दूसरे वेब सोर्स से ली गई जानकारी पर आधारित है इसलिए इसकी जानकारी में त्रुटि होने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अगर आपको आज की पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करना ना भूले। साथ ही त्राटक, सूक्ष्म शरीर और वशीकरण जैसी सर्विस के लिए आप हमारा होमपेज चेक कर सकते है।

बार बार किसी चीज को चेक करना आपकी इस छिपी हुई बीमारी का संकेत है इसे अनदेखा करना हो सकता है खतरनाक

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कई मौको पर हम कुछ जरुरी चीजों को बार बार चेक करते है की कही कोई कमी तो नहीं रह गई या फिर कुछ पीछे तो नहीं छूट गया। जैसे शादी में जाते वक़्त घर के लाइट और दरवाजे को बार बार चेक करना की वो सही तरीके से बंद तो है। लेकिन क्या हो जब ये आपकी आदत बन जाए ?

एक विचार को लेकर बार बार बैचेन रहना और फिर उस एक विचार को बार बार रिपीट करते रहना ocd symptom के मुख्य लक्षण है। Obsessive compulsive disorder एक ऐसी बीमारी है जो हमारे अन्दर की आदतों से जुडी है.

आपको लग सकता है की आप जो कर रहे है वो एक सामान्य सी क्रिया है लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप जान जाओगे की इसका treatment करना क्यों बेहद जरुरी है. ये कोई anxiety disorder नहीं है लेकिन इसे ignore करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है.

ocd symptom
मनोवैज्ञानिक बीमारियों में ज्यादातर बीमारिया भावनाओ से जुड़ी है। इसलिए Obsessive compulsive disorder को हम इस तरह समझ सकते है की किसी एक काम को करने का आपके मन में बार ख्याल आना फिर बैचेनी की हालत में उस कार्य को दोहराना जिससे आपको temporary relief मिल जाए लेकिन कुछ देर बार फिर से वही आदत दोहराने का ख्याल मन में आने लगता है।

ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे व्यक्ति खुद पर भरोसा खोने लगता है. जिस काम को वो कर चूका है उसे लेकर वो सिक्योर महसूस कर पाता है. इसके लक्षण इस पोस्ट में और डिटेल से जरुर पढ़ ले

what is ocd Obsessive compulsive disorder in Hindi

ocd symptom एक ख्यालो से जुड़ी बीमारी है जिसमे अनचाहे विचारो पर बार बार रिएक्शन करना मुख्य लक्षण है। मरीज के दिमाग में सबसे पहले

  1. अनचाहा विचार आता है।
  2. फिर उसके अंदर बैचेनी बढ़ने लगती है।
  3. वो मजबूर होकर उस काम को करने लगता है।
  4. एक temporary relief मिल जाती है।

ये घटनाक्रम बार बार चलता रहता है। और मरीज इन घटनाक्रम में ही सिमट कर रह जाता है। ये दो तरह से हो सकता है जिसमे सबसे पहला जेनेटिक है यानि वंशानुगत दूसरा किसी तरह के इन्फेक्शन से।

वंशानुगत

अगर आपके घर में पहले से कोई इस समस्या से गुजर रहा है तो संभव है की आप भी इसकी चपेट में आ जाए। इसके लक्षण आप उन लोगो से देखते हुए महसूस करते है जो इस समस्या से पहले से ही गुजर रहे है।

चोट लगने या साइड इफ़ेक्ट

कभी कभी किसी तरह के घाव लगने से भी साइड इफ़ेक्ट के तौर पर ये समस्या हो सकती है। समय रहते हुए हर तरह की चोट का सही इलाज करना इसका सही इलाज है।

अगर आपको किसी तरह की चोट लगती है और आपका उसका समय पर सही इलाज नहीं लेते है तो सम्भावना है की आपको उसका इन्फेक्शन मानसिक रूप से प्रभावित करे.

इस स्थिति में आप जो काम कर चुके है ocd symptom लेकर sure नहीं होते है. आपको लगता है की इसे दोबारा चेक करना चाहिए लेकिन ऐसा करना आपका खुद का अपने ऊपर विश्वास न होना दर्शाता है.

ocd symptom

अगर आप किसी आदत को दिनभर कई बार दोहराते है तो ये ocd symptom है जरुरी नहीं ocd तब होती है जब आप इस आदत के दौरान झुंझलाने लगते है या फिर stress महसूस करने लगते है।

मान लो की आप दिनभर बार बार गैस चेक करते है की वो बंद है या नहीं और इसी दौरान कोई आपसे बात करे तो आप झुंझलाने लगे या तनाव और खुद को अलग थलग महसूस करे। ये सब ocd के symptom हो सकते है।

O C D most common example 

  • बार बार हाथो को धोना और सुनिश्चित करना की वो साफ हो गए है।
  • खुद का दुसरो पर से कण्ट्रोल खोता हुआ महसूस करना जब दूसरे आपकी बात ना माने तो उन पर झुंझलाने लगना।
  • खुद को धार्मिक कार्यो से जोड़ लेना और बार बार उसे दोहराना और खुद को बैचेन महसूस करना।
  • ऐसी चीजों को खोने का डर जो आपकी कल्पनाओ में है ना की हकीकत में।
  • सब लोग आपकी बात माने और आपके कण्ट्रोल में रहे इस तरह के ख्याल को लेकर बैचेन करना।
  • लकी और unlucky जैसी चीजों में हद से ज्यादा विश्वास करने लगना।

इसके अलावा भी ऐसी कई आदते है जिन्हे हम ocd से जोड़ कर देख सकते है। ज्यादातर example में आप मरीज को ये हरकते करते हुए तनाव और झुंझलाहट से भरा हुआ देख सकते है।

ocd symptom – बचाव के लिए अपनाये इन टिप्स को

ocd से बचाव के लिए कई तरीके है जिन्हे हम डेली लाइफ में भी आजमा सकते है। इससे बचाव के लिए हम खुद की देखभाल, व्यायाम, दूसरे लोगो से जुड़े रहना, पर्याप्त नींद लेना, और खुद को आराम देने के लिए कई तकनीक को आजमा सकते है। ocd symptom and ocd diet in hindi में जानते है खास उपाय के बारे में।

1.) व्यायाम

नियमित व्यायाम करना आपको ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी तरोताजा बनाता है। इसके लिए कम से कम सुबह के आधे घंटे तो आप एक्सरसाइज के लिए निकाल ही सकते है। ये ना सिर्फ आपको लम्बे जीने में मदद करता है बल्कि एक हैप्पी माइंड का व्यक्तित्व भी बनाता है।

2.) लोगो से जुड़े रहिये

दूसरे लोगो से जुड़ना और उन्हें जानना समझना आपको कुछ समस्याओ से छुटकारा दिला सकता है। खासतौर से तनाव, किसी समस्या के समाधान और आपसे जुडी अच्छी आदतों को बाहर निकालने में इसलिए दिन का कुछ हिंसा अपने और अपने आसपास के लोगो के साथ गुजारना सीखे।

3.) पर्याप्त नींद ले

जब आप अच्छी नींद ले लेते है तो सुबह की शुरुआत ना सिर्फ अच्छी होगी बल्कि एक बैलेंस भी आप उसमे महसूस कर सकते है। दिन भर अगर आपको अनावश्यक तनाव से बचना है तो अच्छी नींद जरूर ले।

4.) तनाव से बचने की तकनीक

ब्लॉग पर ऐसी कई ध्यान और त्राटक की तकनीक है जिनसे आप खुद के दिमाग को कण्ट्रोल और कमांड कर सकते है। न्यास ध्यान और शवासन से बढ़कर और कोई विधि नहीं जिसमे हम शरीर को कण्ट्रोल करना सीख सकते है।

सहज ध्यान भी अच्छा विकल्प है जो अच्छा लगे उसे आजमाकर आप खुद को रिलैक्स कर तनाव से बचने के लिए कमांड कर सकते है।

पढ़े : उपभोक्ता अदालत बन गयी है और भी सुविधाजनक जानिए कैसे

डर का सामना / विरोध करे

अगर आप O C D / ocd symptom की समस्या से गुजर रहे है तो घबराइए नहीं कुछ ऐसी टिप्स है जिनसे आप इस समस्या से बच सकते है।

1.) डर को अवॉयड मत करो

इस समस्या में एक गतिविधि को बार बार दोहराते रहने की बजाय धीरे धीरे उसमे देने वाले समय को कम से कम करने की कोशिश करे। बचा हुआ समय दूसरे काम में दे। इससे आप ocd को avoid नहीं कर रहे है बल्कि उसका विरोध कर रहे है। धीरे धीरे ही सही लेकिन बाद में आप पूरी तरह इससे बाहर निकल सकते है।

2.) खुद को refocus करना

जब भी आपको लगे की आ ocd symptom की प्रॉब्लम से गुजर रहे है या फिर ऐसा कोई ख्याल आपको बार बार परेशान कर रहा है तो उसी वक़्त खुद को ऐसे कामो में बिजी करे जो आपके दिमाग को फ्रेश करे जैसे घूमना, गाने सुनना।

इससे आप जब भी डाइवर्ट होने लगते है आप खुद को दोबारा फोकस कर सकते है। अगर किसी कार्य को करने के बाद भी आपके मन में ख्याल आता है की एक बार चेक करना चाहिए तो खुद पर फोकस करे.

उदाहरण के लिए आप जानते है की आपने दरवाजा अच्छे से लॉक किया है लेकिन फिर भी बार बार मन में आ ही जाता है की आपको एक बार तो दरवाजा चेक करना चाहिए.

ऐसी स्थिति में आंखे बंद करे और याद करे की आपने कब दरवाजा बंद किया था और कैसे किया था. ऐसा करने से एक याद आपके मन में बसने लगती है जो आपको sure करती है की हाँ आपने दरवाजा बंद किया था और बार बार चेक करने की कोई जरुरत नहीं है.

3.) ocd symptom – ख्यालो को कैसे रोके शुरुआत में

जब भी आपको लगे की आप अमुक काम को बार बार चेक करने वाले है जैसे दरवाजा बंद करना, या फिर हाथो को धोना। आप सबसे पहले ये काम कर ले वो भी आराम से पूरी तन्मयता से। इससे आपके अंदर अनचाहे ख्याल आने का सवाल ही पैदा नहीं होगा। ocd symptom की पहचान करने पर इससे बचने के उचित उपाय अपना सकते है।

इसके अलावा जब भी ऐसे काम करे पुरे होशो हवास में करे भागदौड़ या परेशान होकर नहीं।

साथ ही अपने माइंड में एक स्ट्रांग इमेज बना ले की आप ये काम कर चुके है। इससे भी आपको काफी मदद मिल सकती है।

ocd symptom – thought को challenge करना

आप इस स्थिति से गुजर रहे है तो भी कोई परेशानी नहीं है आप इस स्थिति से रूबरू होकर इससे उभर सकते है। इसके लिए आप ऐसे ख्यालो को लिख सकते है फिर चाहे वो कोई भी माध्यम क्यों ना हो खासतौर से ऐसी चीजे जो आपके सामने ही रहती हो।

  • ऐसी बातो को लिख ले जो आपको परेशान करती है या ocd symptom जैसी समस्या से गुजरने की वजह होती है।
  • अब उन चीजों को लिखे को इस स्थिति से बाहर निकलने में आपकी मदद कर सकती है जैसे सुझाव, विकल्प या कोई ऐसा काम जो पुख्ता होने का सबूत हो।
  • उस समय को भी लिखना ना भूले जब आप कोशिश करने के बावजूद इसमें फंस जाते है। अगली बार ऐसी स्थिति से बचने में ये काफी मददगार होगा।

ocd symptom उपचार

ocd की समस्या से बाहर निकलने के लिए आप निम्न टिप्स को फॉलो कर सकते है जो आपको आसानी से धीरे धीरे लेकिन स्थाई तौर पर इस समस्या से बाहर निकाल सकता है।

1.) ध्यान और योगा :

ध्यान द्वारा हम खुद को माइंड और बॉडी लेवल पर एकाग्र करते है और इस स्थिति से बचने में ये काफी मददगार साबित हो सकता है इसलिए नियमित ध्यान करना काफी मददगार साबित हो सकता है।

2.) परिवार में छुपा है हर समस्या का समाधान

परिवार के साथ वक़्त बिताए इससे आपको और उनको अच्छा लगेगा। जब माइंड दुनिया में बिजी रहेगा तब तनाव और ocd symptom जैसी प्रॉब्लम आने का सवाल ही पैदा नहीं होगा।

परिवार के साथ वक़्त बिताना आपको mature बनाता है और आप दिमागी तनाव से दूर रहना शुरू कर देते है.

परिवार में रहने के कारण आपके अन्दर भरोसा करने की क्वालिटी पैदा होने लगती है क्यों की आप परिवार के साथ कार्य को बाँट कर करना सीखते है. दुसरो पर भरोसा करना समझते है. इन सबकी वजह से आप धीरे धीरे खुद पर विश्वास बना पाते है.

Read : आज भी काले जादू के इन 5 प्रकार को सबसे खतरनाक माना जाता है आप इनके बारे में कितना जानते है

3.) बनाए खास लोगो का समूह

आप अपने खास दोस्तों का ग्रुप बना सकते है जिसमे आप उन बातो को शेयर कर सके जो आमतौर पर दुसरो से आप कह नहीं पाते है।

इससे न सिर्फ एक दूसरे पर विश्वास बढ़ेगा बल्कि समस्या का समाधान भी बेहतर ढंग से मिलने लगेगा।

अगर आपके आसपास भी ऐसे लोग है जो एक हरकत को बार बार दोहराते है, जल्दी ही आप पर गुस्सा होने लगते है क्यों की आप उनके अनुसार काम नहीं करते या फिर बुजुर्ग लोग जिन्हे घुलना-मिलना पसंद नहीं हो तो आप उनकी मदद कर सकते है। ocd sympton और ocd diet पर लिखा आज का लेख अगर आपको पसंद आए तो इसे शेयर करना ना भूले।

क्या आप भी हर रात को एक खास टाइम पर बार बार उठ जाते है ?

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दिनभर की थकान के बाद एक अच्छी सी नींद सबको चाहिए। लेकिन क्या हो जब आपको हर रात को एक ही टाइम पर जागने की आदत हो जाए। नींद चाहे कितनी भी गहरी भी अचानक उठने पर जब टाइम देखे तो आप पाते है की हर बार एक टाइम होता है जब आप उठ जाते है।

wake time every night problem ये कोई बीमारी नहीं है लेकिन लापरवाही का नतीजा जरूर बन सकती है।

दरअसल ऐसा मेरे साथ पिछले काफी वक़्त से हो रहा था। में हर रोज रात को 10 से 11 बजे के बिच सो जाता था। अच्छी नींद भी आती थी लेकिन हर रात में एक ही टाइम पर उठ जाता था यहाँ तक की अगर में 12 बजे भी सोया तो भी वही समय 2 बजे। हर बार में उठता और पानी पीकर वापस सो जाता और फिर सुबह ही उठता।

पहले तो में समझ नहीं पाया की ऐसा ही क्यों हो रहा है एक खास टाइम पर उठना ?

wake time every night problem

इसका जवाब मुझे मिला T C M यानि traditional Chinese medicine इस पद्धति में meridian clock ( मेरीडियन क्लॉक ) द्वारा हम जान सकते है की बार बार एक खास वक़्त पर उठना किस वजह से होता है ?

जिस तरह भारतीय पद्धति में astrology calculation के लिए कुछ सरल tools होते है ये भी ऐसा एक टूल्स है जो body और नॉन-बॉडी movement ( जिन पर हमारा कोई control नहीं होता है ) को पढ़ने के काम आता है। नींद के दौरान महसूस होने वाले main disorder में से एक है बार बार एक ही टाइम पर उठ जाना।

wake time every night problem – Kinesiology :

ये विज्ञान का वो भाग है जो हमारे शरीर की उन गतिविधियों का study करता है जो हमारे नियंत्रण और नियंत्रण से बाहर है। जैसे दिल का धड़कना, आंखे खोलना और बंद करना, एक लय में चलना, एक ही काम को अलग अलग तरीके से करना।

रोज रात को अगर आप एक खास टाइम पर ही उठ रहे है तो आपको ये जानने की जरुरत है की ऐसा क्यों होता है ?

हम ये तो जानते ही है की हमें ऊर्जा आसपास के environment से मिलती है। ये process 24 hours non-stop चलती है। ये energy हमें हमारे skin से central nervous system और अंगो द्वारा मिलती रहती है।

इसे Chinese language में यिन ( receiving energy ) और यांग ( expressing energy ) कहते है। निचे एक मेरीडियन क्लॉक का चित्र दिया है जिससे आप इसे और अच्छे से समझ सकते है।

wake time every night problem को 2 तरह से समझा जा सकता है। इसमें पहला reason आपके body के element का सही तरीके से energy को receive और transfer ना कर पाना है, दूसरा आपके subconscious mind से जुड़ा है।

इसलिए इसे पूरी तरह से हम इन दोनों तरीके से समझ सकते है। ये दोनों reason आपस में भी जुड़े है।

क्या है एक खास टाइम ?

इस क्लॉक में 24 घंटे के समय के दौरान तत्व और आपके शरीर के अंग दर्शाए है। एक मेरीडियन 2 घंटे का है इसके हिसाब से टोटल 12 मेरीडियन है। अगर आप हर रोज रात को एक खास टाइम पर उठते तो आप इस घड़ी में मेरीडियन और उसके साथ के अंग को चेक कर सकते है।

अगर आप doctor से भी consult करते है तो आपको उसी अंग में समस्या मिलेगी जो आपके मेरीडियन क्लॉक में दर्शाया गया है। wake time every night problem को हम body के अलग अलग element में आने वाले energy blockage के जरिये से समझने की कोशिश करते है।

मान लो की मुझे हर रात 2 बजे उठने की समस्या थी। हर रात मेरी आंख ठीक 2 बजे खुल जाती थी मेने meridian clock में इसे check किया तो पता चला की ऐसा प्यास की वजह से हो रहा था।

लिवर और छोटी आंत से जुड़ी समस्या। हालाँकि ये कोई बीमारी नहीं थी बल्कि energy के flow में आने वाला blockage था जिसकी वजह से body में energy circuit सही तरह से काम नहीं कर पा रहा था।

basic emotion of element

पीछे की पोस्ट औरा का कलर और हमारा व्यक्तित्व में हम औरा और हमारे व्यव्हार को पढ़ चुके है। इसी तरह Five element में से हर element का अलग emotion है जिसे हम इस तरह समझ सकते है।

  • Earth :- empathy, sympathy balanced given or receiving
  • metal :- grief or loss
  • water :- fear and anxiety
  • wood :- anger, frustration and resentment
  • fire :- love hate and joy

wake up at 3am every night :

ऐसा उन लोगो के साथ होता है जो पारलौकिक शक्तियों में हद से ज्यादा विश्वास करने लगते है। इस पर हॉलीवुड में एक फिल्म भी बन चुकी है जो सत्य घटना पर आधारित है। इसके अनुसार सुबह के 3 बजे आत्माओ और भूत-प्रेतों की शक्तियों के जाग्रत रहने का वक़्त होता है।

सुबह के तीन बजे अगर आपकी आँखे खुलती है तो आप पानी पीकर सोने की बजाय बाहर जरूर टहलते है। ( 100% नहीं पर mostly केस में )

ऐसा सिर्फ हमारे मन की मजबूत सोच हो सकती है की हमें इस वक़्त कुछ paranormal experience हो सकते है।

धीरे धीरे ऐसी सोच हमारे subconscious mind तक पहुँच जाती है और हम fix wake up at 3 am की प्रोसेस से गुजरने लगते है। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो आपको सबसे पहले ऐसी सोच को दिमाग से बाहर निकालना होगा।

wake up sweating every night

कुछ लोगो को हर रात जब भी वो सोते है तो horror dream की वजह से उठ जाते है। उस वक़्त वो पसीने से भरे हुए होते है। sleep paralysis की वजह से जब कभी हमारे शरीर पर हाथो का दबाव बन जाता है तब ऐसा होता है।

सपना देखते देखते wake time every night problem के दौरान बॉडी से पसीने का स्त्राव होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्यों की हमें घुटन और दबाव महसूस होने लगता है। कुछ केस में sleep-paralysis, out of body travel की वजह से भी महसूस हो सकता है। ऐसा तब महसूस किया जा सकता है जब

  • आपको सपने में कोई साया दिखे।
  • आप उठना चाहते है लेकिन उठ नहीं पाते है।
  • आप खुद को निर्जीव देखते है और खुद को शरीर से बाहर जब की आपका शरीर एक जगह पर वही बिस्तर पर पड़ा है।
  • डरावने सपने आते है जिसमे कोई आपका गला दबाने की कोशिश कर रहा है।

wake time every night problem -Reason

विज्ञान के अनुसार ऐसा आपके mind तक पहुँचने वाले blood और oxygen के अचानक से रुकने की वजह से होता है जब कुछ सेकंड के लिए आपका दिमाग काम करना बंद कर देता है। इस हालत में आपका शरीर paralysis हो जाता है कुछ पल के लिए।

wake time every night problem -बचाव

इसके लिए जब आपको ऐसा महसूस हो तब खुद को शांत करने की कोशिश करे। ज्यादातर केस में आँखे खुल जाती है लेकिन हम हिल-डुल नहीं पाते है। साँस लेते रहे और खुद को भावनात्मक रूप से जाग्रत करने की कोशिश करे।

wake up at same time every night :

जब हम रोमांच और काल्पनिक दुनिया में हद से ज्यादा खोने लगते है तब हम हर रात को एक ही सपने को बार बार देखने और एक ही वक़्त पर उठने की समस्या से रूबरू होने लगते है। हर रात को एक ही सपना आना और घबरा कर उठ जाना हमें भयभीत कर सकता है। इसके बचावके लिए हमें subconscious mind को train करने की जरुरत होती है।

जब हम किसी एक thought पर बार बार concentrate होने लगते है तब वो automatically अंतर्मन में स्टोर होने लगता है। इसलिए अच्छे विचार और सही दिशा देने से हम रोज रात को एक ही टाइम पर उठने की समस्या से बच सकते है।

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

wake time every night problem – what to do :

हमारा शरीर जब 24 घंटे बाहरी वातावरण से ऊर्जा को receive करता रहता है तो हो सकता है की इसमें imbalance हो जाए और हम अपने आप में बदलाव महसूस करे। हर रोज रात को एक ही टाइम पर बार बार उठना ये indicate करता है की आपकी body आपसे कुछ तो कहना चाहती है।

में अपने fire element में imbalance की problem से जूझ रहा था जिस वजह से हर रात उठ कर सिर्फ पानी पीकर वापस सो जाना मेरी habit बन चुकी थी।

इससे बचाव के लिए हमें अपने दिनचर्या और खान-पान में कुछ बदलाव करने चाहिए। साथ ही साथ हमें खुद के प्रति जागरूक बनना चाहिए। जब भी अकेले में हो हमें खुद में आने वाले बदलाव के बारे में सोचना जरूर चाहिए। इन सबको अपनाकर हम रात को बार बार उठने की समस्या से छुटकारा पा सकते है।

wake time every night problem कोई बीमारी नहीं है इसे हम body element में आने वाली एनर्जी ब्लॉकेज और subconscious mind में बैठ जाने वाली अनचाही बातो को समझकर दूर कर सकते है।

metaphysics and quantum physics क्या है और क्या काम करते है ?

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physics की branch के रूप में metaphysics किसी knowledge के reality को check करती है। परम्परागत रूप से इसके दो भाग है जिसमे एक universe और existence of god की study करती है वही दूसरी और ontology है जो अस्तित्व पर आधारित reality  का अध्ययन करता है।

विज्ञान में कुछ अनसुलझे रहस्यों को समझने के लिए अलग से इन शाखाओ की जरुरत पड़ी जिसमे अध्ययन विज्ञान के तर्क और दर्शन दोनों को मिला कर किया जाता है। इसकी वजह से वैज्ञानिको को ऐसी चीजों को explain करने help मिली जिन्हे वो वैज्ञानिक तरीके से समझा नहीं सकते थे या फिर prove नहीं कर सकते थे।

इसमें ईश्वरीय सत्ता और universe के जन्म की study सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। metaphysics secret में हम प्रकृति के रहस्यों को समझने की कोशिश करते है।

metaphysics secret - cosmology 

देखा जाए तो मेटाफिजिक्स ब्रह्माण्ड के उत्पन होने की स्टडी के साथ साथ एक object दूसरे से कैसे related है जैसी संभानाओं वाली स्टडी के लिए जानी जाती है।

ये एक interesting subject इसलिए लग सकता है क्यों की ये science और probability के आधार को मिला कर last में क्या मिलेगा की जानकारी देता है।

simple metaphysics definition में समझे तो किसी अध्ययन को सिर्फ गणनाओ के आधार पर नतीजे निकाल कर साबित करना इस विज्ञान की शाखा का काम है।

metaphysics secret – cosmology

मेटाफिजिक्स की वो branch जो universe mystery को सुलझाने का काम करती है। cosmology कहलाती है। इसके अंदर Birth of universe, ग्रहो का जन्म और उनका आपस में क्या relation है जैसे study करे जाते है।

metaphysics secret – Ontology :

दर्शन शास्त्र की एक शाखा जो ईश्वरीय सत्ता और उसके अस्तित्व का अध्ययन करती है। भूत-प्रेतों के अस्तित्व और ऐसे ही पारलौकिक सत्यो की खोज करना इसके अंतर्गत आता है।

पढ़े  : ध्यान में दिशा का महत्व और पंच तत्व पर ध्यान लगाने की सरल विधि

metaphysics secret – Importance ?

इसकी जरुरत इसलिए पड़ी क्यों की सब रहस्य जो हम नहीं जानते है को एक आधार लिए बगैर खोजा ही नहीं जा सकता है। कही ना कही से शुरुआत करनी होती है लेकिन उनका क्या करे जिनके बारे में हमें कोई जानकारी ही ना हो। इसलिए एक काल्पनिक आधार जिसका प्रमाण ना हो की गणनाओ के आधार पर अलग अलग नतीजे प्राप्त होते है। इन्ही नतीजों में एक result सही होता है और यही metaphysics का aim है। आप metaphysics secret में निम्न चीजों के अध्ययन को समझ सकते है।

  • इस समस्त ब्रह्माण्ड की शुरुआत कैसे हुई और इसके अंत में क्या है ?
  • ये ब्रह्माण्ड शुरू में कैसा था और अंत में कैसा होगा ?
  • आध्यत्मिक शक्तिया और उनके चमत्कार क्या है ?
  • ब्रह्माण्ड की उत्पति का पहला कारण क्या है और ये आवश्यक क्यों है ?
  • universe के necessary element क्या है ?
  • क्या ब्रह्माण्ड के होने का कोई उदेश्य भी है ?
  • धर्म क्या है और आध्यात्मिकता का जन्म कैसे हुआ है ?

पढ़े  : बीते कल की घटनाओ और पुनर्जन्म को याद करने का अभ्यास

Quantum physics  :

Micro level nature element study करना भौतिक विज्ञान के इस शाखा का विषय है। क्वांटम सिद्धांत के अनुसार जब हम किसी वस्तु को देखते है तो वास्तव में वो Light ray का reflection होता है जिसकी वजह से हम object को देख सकते है।

क्वांटम भौतिकी में हम वास्तव में Object की Micro study करते है जिसमे वस्तुओ में होने वाले light reflection को समझा जाता है।

metaphysics secret in Hindi

मेटाफिजिक्स के विषय के अंदर एक्सपर्ट ने ऐसी चीजों की परिभाषाए दी है जिन्हे अन्य शब्दों में समझाया भी नहीं जा सकता है।

इसमें उन्होंने नतीजे सिर्फ philosophy और probability के basic पर ही collect किये और उन चीजों को समझाने की कोशिश की जो nature में मौजूद है लेकिन हम उसे सिर्फ महसूस कर सकते है देख नहीं सकते। metaphysics secret ऐसे लॉ का एक समूह है प्रकृति के रहस्य को समझने में मदद करती है।

1.) The law of thought energy :

हम सोचते है इसलिए सर्जन कर सकते है यानि हम आईडिया के बिल्डर है जो idea generate करता है और एकाग्रता, एक्शन और इसके जैसे आवश्यक तत्व इसे सफल बनाते है। अगर हम किसी विचार पर अच्छे से फोकस होते है तो उसे प्राप्त भी कर लेते है। इसे law of attraction भी समझ सकते है।

2.) The law of authenticity :

future को लेकर हमें क्या करना है, क्या चाहिए की planning बनाना हमारा rights है जिससे कोई हमें रोक नहीं सकता। जो चीज हमें अच्छी लगती है उसे अपना लेते है और पसंद नहीं आने वाली चीजों को दरकिनार कर देते है यही Law of nature है। हम live रहने के लिए हर उस वस्तु का उपभोग करते है जो हमारी जरुरत है और यही हमारा Basic rights भी है। हम अपने career और life के लिए option और better choice भी कर सकते है।

3.) The law of re-generation :

हमारा शरीर खुद को Heal कर सकता है, खुद को Regenerate कर सकता है। आराम हमारे लिए कितना जरुरी है और शरीर खुद cell बना कर अपने आप को कैसे बनाए रखता है ये सब सोचने वाली चीजे है जिन्हे हम साबित तो नहीं कर सकते बस गणनाओ के आधार पर नतीजे जाहिर कर सकते है।

4.) The law of positive energy:

कैसे हम खुद को सकारात्मक बना कर सफल बन सकते है ? इसके लिए खुद को दोष ना दे बल्कि इस सत्य को समझ ले की हम सभी में सफल होने के सभी आवश्यक लक्षण मौजूद है और हमारी इच्छाओ को पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता बशर्ते हम खुद को निचा ना समझे। positive thought हमें कैसे success बना सकते है इसे समझना मुश्किल तो नहीं है लेकिन समझने पर हम ये जान जाते है की ऐसा कुछ नहीं जो हम कर नहीं सकते।

5.) the law of spiritual economy :

हम बगैर दुसरो को दुःख पहुंचाए भी सफल और महान बन सकते है। इसके लिए हमें सिर्फ पारंगता यानि एक्सपर्ट और मनचाहे परिणाम पैदा करने की क्षमता होनी बेहद जरुरी है। अगर आपको लोगो के लिए एक मिशाल बनना है तो आपके अंदर अपनी क्षमताओ को पहचानने और परिणाम पैदा करने की ability होनी चाहिए।

6.) the law of empathy :

लोगो की भावनाओ को अपना कर वो क्या सोचते है को समझना इसमें शामिल है। लोग क्या सोचते है ये समझने के लिए उनकी भावनाओ और गोल यानि लक्ष्य को अपनाना पड़ता है। लोगो से क्या बोलना है दुसरो की बातो पर कैसे रिएक्शन देना है जैसी बातो को समझना इसका ध्येय है।

7.) the law of vision and mission :

visionकिसी भी target में important value रखता है। अगर आप किसी भी लक्ष्य के शुरू में काल्पनिक ढांचा तैयार कर लेते है तो सकारात्मक बने रहने के साथ साथ आप बेहतर तरीके से अपने टारगेट को पूरा कर पाते है। यही इस law का aim है।

8.) the law of cause and effect :

किसी भी action के लिए एक reaction बनती है, समान एक्शन और thoughts अपने समान ही रिएक्शन को attract करते है। ये सब किसी भी इंसान में responsibility और विनम्रता का feel करवाती है। क्यों की जैसा आप behave करते है वैसा ही आपको इस world में मिलता है।

9.) the law of response-ability :

positive thought आपके लिए अवसर और दोस्तों को आकर्षित करते है, विश्वास आपको नकारात्मकता से बचाता है और desire आपको आपके target के close रखती है।

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10.) the law of detachment

जब हम किसी एक ही स्थिति और source पर जरुरत से ज्यादा dependent हो जाते है तब हम universe से मिलने वाले दूर सोर्स को खो देते है। ऐसे में हम एक ही चीज से चिपके रहने से दूसरी अच्छी चीजों को भी खो देते है। इसे धर्म शास्त्र में मोह कहा गया है। इसलिए किसी एक ही source से result प्राप्त करते रहने के चक्कर में हम flexible नहीं हो पाते है और अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं कर पाते है।

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