विद्वेषण मंत्र प्रयोग दो लोगो को अलग करने के लिए किया जाता है. कई बार लाइफ में ऐसी स्थिति पैदा होती है की दो लोगो के बीच दरार डालनी जरुरी हो जाती है.
जिस तरह मोहन या वशीकरण में दो लोगो को आपस में करीब लाया जाता है वैसे ही विद्वेषण प्रयोग में दो लोगो को जिनके बीच मित्रता है उन्हें दूर किया जाता है. लाइफ में सिर्फ वशीकरण ही नहीं विद्वेषण का प्रयोग भी जरुरी हो जाता है.
अगर आपके किसी करीबी की मित्रता ऐसे लोगो से हो गई जो उनके लिए सही नहीं है और आपके करीबी इस बात को समझ नहीं रहे है तो आप विद्वेषण के जरिये उन्हें दूर कर सकते है.
आजकल इसका प्रयोग प्रेमी प्रेमिका को अलग करने के लिए या फिर पति पत्नी के रिश्ते में दरार डालने के लिए किया जा रहा है. देखा जाए तो इसके फायदे भी है और नुकसान भी.
विद्वेषण के प्रयोग को सही मकसद के लिए प्रयोग किया जाए तो ये आपको फायदे देगा वही अगर आप कामयाब है और आपके करीबी लोगो से आपकी बनते बनते बिगड़ गई है तो आपको विद्वेषण मंत्र प्रयोग के बारे में जान लेना चाहिए.
आजकल देखने में आ रहा है की सगाई के बाद कपल के बीच अचानक ही लड़ाई होती है और रिश्ता टूट जाता है या फिर पति पत्नी के बीच दूर होने की नौबत आने लगी है. सालो से चली आ रही दोस्ती भी अचानक दुश्मनी में बदल जा रही है.

इन सबके पीछे विद्वेषण मंत्र के प्रयोग हो सकते है जो दो लोगो में फूट डालने के लिए काफी समय से प्रयोग होता आ रहा है. आइये इस आर्टिकल में जानते है की मोहन और वशीकरण के विपरीत विद्वेषण के जरिये आप दो लोगो को एक दूसरे से अलग कर सकते है.
विद्वेषण मंत्र प्रयोग क्या है और इसका प्रयोग किसलिए किया जाता है ?
विद्वेषण मंत्र या फिर विद्वेषण तंत्र भी तंत्र कर्म का हिस्सा है. जिस तरह दो लोगो को एक दूसरे के करीब लाने के लिए मोहन किया जाता है वैसे ही दो लोगो को एक दूसरे से अलग करने के लिए विद्वेषण मंत्र का प्रयोग किया जाता है.
तंत्र कर्म का सही उदेश्य से प्रयोग भी किया जाता है और गलत उदेश्य की प्राप्ति के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है.
ज्यादातर इसका प्रयोग युवा वर्ग पर किया जाता है क्यों की जवानी के जोश में अक्सर युवक और युवती ऐसे रिलेशनशिप को जारी करते है जिसका कोई भविष्य नहीं होता है. अगर उन पर जोर जबरदस्ती की जाए तो वे गलत कदम उठा सकते है या फिर अपने ही घरवालो के खिलाफ चले जाते है.
इस स्थिति से बचने के लिए विद्वेषण मंत्र प्रयोग करवाया जाता है. इसके प्रयोग से दो लोगो के बीच धीरे धीरे नफरत पैदा होना शुरू हो जाती है और वे एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते है.
क्या रिश्तो में आ रही दरार के पीछे विद्वेषण तंत्र प्रयोग है ?
अगर आपके रिश्ते किसी व्यक्ति के साथ अच्छे खासे चल रहे है और फिर अचानक ही दोनों के बीच दरार आने लगी है तो इसके पीछे बुरी नजर का हाथ होता है. किसी को खुश देखकर आपका मन जब उदास होता है तब वो नेगेटिव वाइब्रेशन रिलीज़ करता है.
ये नेगेटिव वाइब्रेशन उस व्यक्ति को टारगेट करता है और फिर वो धीरे धीरे खुद पर इसका प्रभाव महसूस करना शुरू कर देता है.
कुछ घरेलु उपाय से आप इससे छुटकारा पा सकते है. विज्ञान, आध्यात्म का दूसरा पहलू है क्यों की जो लोग बुरी नजर को अंधविश्वास मानते है वही Reiki healing के पीछे पैसा खर्च करते है.
तंत्र प्रयोग का हर कर्म उर्जा के transfer पर आधारित है इसलिए आप अगर इसे समझ जाते है तो आपके लिए हर प्रयोग आसान हो जाता है. विद्वेषण मंत्र प्रयोग या तंत्र में विद्वेषण के प्रयोग भी इसी पर आधारित है.
विद्वेषण तंत्र प्रयोग कैसे करे ?
अगर आप तंत्र कर्म में सिद्धि हासिल करना चाहते है तो आपको यहाँ शेयर किये जा रहे शक्तिशाली और अचूक विद्वेषण मंत्र प्रयोग और साधना से शुरुआत करनी चाहिए.
“ॐ नमो नारायणाय अमुक्स्यामुकेन सह विद्वेष कुरु कुरु स्वाहा”
उक्त मन्त्र 10000 की सख्या में जपने से सिद्ध होता है. मंत्र में जिस स्थान पर ‘अमुकस्यामुकेन सह’ शब्द का प्रयोग हुआ है, वहाँ जिन दो व्यक्तियों में फूट कराना हो उनके नामों का उच्चारण करना चाहिए. ( ये मंत्र प्रयोग किसी उदेश्य प्राप्ति के लिए है इसलिए यहाँ पर आपको नाम लेना होता है )
इस विद्वेषण मंत्र प्रयोग को सिद्ध करने के बाद आप अलग अलग तरह से इसका प्रयोग कर सकते है.

एक हाथ में कौवे के पंख और दूसरे में उल्लू के पंख लेकर मंत्र का जप करते हुए दोनों पंखो के आगे के भाग को काले डोरे से बांध दे. दोनों बंधे हुए पंखो को हाथ में लेकर पानी में तर्पण करे.
एक सप्ताह तक इसी तरह तर्पण करते हुए दिए गए मंत्र का 108 बार जप करते है. अंत में हाथी और शेर के बाल लाकर दो पुतले बनाए और बालो को उनके बीच दबाकर गाड़ दे.
इस स्थान पर अग्नि रखकर मालती के फूलो का हवन करे. इस क्रिया से दोनों के बीच मतभेद होना शुरू हो जायेगा.
मंत्र प्रयोग 2 : विद्वेषण मंत्र प्रयोग के एक और उपाय में आप भैंस और घोड़े के बाल लेकर उन्हें मिक्स कर ले और 108 बार जप करते हुए अभिमंत्रित कर ले. इस मिश्रण की आप जहाँ भी धूप दोगे वहां उपस्थित लोगो के बीच फूट पड़ना शुरू हो जाएगी.
प्रयोग 3 : इसके एक और प्रयोग में आप जीवन भर के लिए दो लोगो के बीच लड़ाई करवा सकते है. जिनके बीच भी आपको लड़ाई करवानी है उनके पैर की मिटटी ले आये और इनकी 2 अलग अलग पुतली बनाए.
अब इन पुतलियो को शमसान ले जाकर गाड़ दे. इस क्रिया से दोनों के बीच पूरी उम्र द्वेष बना रहेगा. ये एक अचूक मगर खतरनाक विद्वेषण मंत्र प्रयोग है जिसकी काट करना बेहद मुश्किल है.
क्या विद्वेषण सच में काम करता है ?
विद्वेषण मंत्र प्रयोग कितना कारगर और शक्तिशाली है इसका अंदाजा आप इस रियल लाइफ अनुभव से समझ सकते है.
राजस्थान के एक गाँव में सरपंच का एक बेटा था जो अच्छी जगह पर पोस्ट था. सबकुछ सही चल रहा था की गाँव की एक लड़की से उसे प्यार हो गया.
सरपंच की और उस लड़की के पिता की कास्ट और लेवल एक जैसा नहीं था.
इसके अलावा वो लड़की पहले से एक लड़के से अफेयर में थी जिसका हर किसी को पता था और उसने सरपंच के बेटे को उसके पैसे के लिए फंसाया था.
सरपंच ने अपने बेटे को समझाया, धमकाया और हरसंभव कोशिश की मनाने की लेकिन लड़के पर तो उस लड़की के प्यार का जादू था. वो कोर्ट मैरिज करने की धमकी देने लगा.
सरपंच ने लड़की के घरवालो को धमकाया लेकिन, लड़की ने भी अपना विरोध जारी रखा. सरपंच के सामने अब उनकी डिमांड मानने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था.
गाँव में मदरसे में पढ़ाने वाले एक मौलवी जी ने सरपंच को कहा की आप बस दोनों के फोटो और कपड़े का छोटा सा टुकड़ा ला दे.
मौलवी जी दोनों को अलग करने के लिए कुछ प्रयोग किये और 5-7 दिन बाद जो लड़का कोर्ट में मैरिज करने की धमकी दे रहा था उसने खुद लड़की से बात करना बंद कर दिया और बाद में सरपंच ने अपने बेटे और लड़की के बाप पर दबाव बनाकर अलग अलग जगह दोनों की शादी करवा दी.
आज कुछ पेरेंट्स इस समस्या से गुजर रहे है जहाँ उनके बच्चे उनके खिलाफ जाने से पहले कुछ भी सोच नहीं रहे है. ऐसे में अगर समय रहते विद्वेषण मंत्र प्रयोग के इस तरह के उपाय कर ले तो इस तरह की प्रॉब्लम से छुटकारा पाया जा सकता है.
मंत्र की सिद्धि का सही तरीका
ज्यादातर लोगो के मन में उलझन रहती है की मंत्र सिद्धि के दौरान मंत्र जप का सही तरीका क्या है ? आपने देखा होगा की कुछ मंत्र में अमुक, अमुकी, अमुक्स्यान जैसे शब्दों का प्रयोग का होता है.

इसे लेकर हमने काफी जगह पता किया की मंत्र सिद्धि के दौरान मंत्र जप में सही तरीका क्या है. अलग अलग जगह पर अलग मत देखने को मिले और अंत में असली प्राचीन महा-इंद्रजाल में इसका जवाब मिल ही गया.
मंत्र सिद्धि के दौरान आपको दिए गए मंत्र का बिना किसी व्यक्ति या महिला के नाम के जप करना होता है. क्यों की मंत्र सिद्धि के समय किसी व्यक्ति या महिला का नाम लेने से वो मंत्र कीलित हो जाता है और आप उसे सिर्फ किसी एक व्यक्ति या महिला पर ही प्रयोग कर सकते है.
आपको इसमें अमुकी या अमुक की जगह मनचाहे व्यक्ति या महिला का नाम तब लेना होता है जब मंत्र आप सिद्ध कर चुके है. सिद्धि के बाद जब प्रयोग का समय होता है तब आप महिला या पुरुष का नाम ले सकते है.
सिद्ध और जाग्रत मंत्र के जप के दौरान आप मनचाहे महिला या पुरुष का नाम ले सकते है. इसलिए मंत्र सिद्धि के दौरान आपको अमुक और अमुकी की जगह नाम लेना है या नहीं इसे लेकर कंफ्यूज ना रहे.
विद्वेषण मंत्र प्रयोग साधना सिद्धि सही या गलत निष्कर्ष
विद्वेषण मंत्र प्रयोग साधना सिद्धि आप किस उदेश्य से कर रहे है ये महत्वपूर्ण है. तंत्र कर्म में मारण तंत्र भी बुरा नहीं है लेकिन, इसका सही प्रयोग करना आपके लिए जरुरी है.
आज तंत्र कर्म की सही जानकारी वाले साधक और योग्य गुरु सिर्फ नाम मात्र के रह गए है और ज्यादातर लोग इसका सिर्फ दिखावा करते है. अगर आप तंत्र मंत्र और साधना में रूचि रखते है तो आपको मैडिटेशन और मन पर नियंत्रण का अभ्यास करना आना चाहिए.
इसके लिए आप वर्तमान में रहते हुए मन को कैसे साधा जाए इसका ब्लॉग पर दिया गया अभ्यास देख सकते है.
मोहन, स्तम्भन, उच्चाटन, मारण, विद्वेषण तंत्र के ऐसे कर्म है जिन्हें लेकर लोगो के मन में काफी गलत अवधारणा फैली हुई है. ब्लॉग पर इसके बारे में विस्तृत जानकारी देख सकते है.