Clear Symptoms of Kundalini Awakening in Hindi. कुण्डलिनी जागरण के दौरान मिलते है खास तरह के संकेत जो बताते है की आपकी कुण्डलिनी जाग्रत होने लगी है.
कुण्डलिनी जागरण से पहले, जागरण के दौरान और कुण्डलिनी के जाग्रत होने के बाद हम खुद में कुछ खास तरह के बदलाव को महसूस करते है जो हमें ये समझने में हेल्प करते है की हमारी Kundalini active हुई है या नहीं.
कुण्डलिनी जागरण को ज्यादातर लोग आध्यात्मिक जागरण के साथ जोड़कर देखते है लेकिन, ये सब अनुभव पर आधारित है.
आज के आर्टिकल में हम उन लक्षण के बारे में बात करने वाले है जो हमें कुण्डलिनी जागरण के दौरान अनुभव होते है. इससे आपको जागरण की प्रक्रिया को समझते हुए प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलती है.
जागरण की प्रक्रिया के दौरान हम ऐसे कई Symptoms of Kundalini Awakening से गुजरते है जिन्हें सही से ना समझ पाने की वजह से पागलपन की स्थिति बनने की संभावना भी बन सकती है.
अगर बात करे कुण्डलिनी की तो इंडियन कल्चर और रहस्यवाद के अनुसार ये एक ऐसी सुप्त शक्ति है जो हमारे रीढ़ के निचले छोर पर सुप्त अवस्था में रहती है और जागरण की प्रक्रिया के दौरान सहस्रार तक भेदन करते हुए बॉडी में उर्जा के बहाव को नियंत्रित करती है.

सही जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग इसके अनुभव के दौरान मानसिक संतुलन खो देते है क्यों की एनर्जी के बहाव को कण्ट्रोल करना और उसे सही दिशा देते हुए हो रहे अनुभव को समझना उनके लिए आसान नहीं होता है.
ऐसे में अगर आपको होने वाले अनुभव और जागरण के संकेत के बारे में पता हो तो आपके लिए पूरी प्रक्रिया आसान हो जाती है.
How to understand Symptoms of Kundalini Awakening?
कुण्डलिनी जागरण से पहले और बाद में हमारे अन्दर काफी सारे ऐसे बदलाव होते है जिन्हें समझना हर किसी के लिए संभव नहीं है. ऐसी स्थिति में अगर आप इन बदलाव से गुजर रहे है तो आपको Symptoms of Kundalini Awakening के बारे में पता होना चाहिए.
जब हम जागरण की प्रक्रिया से गुजरते है तब हमारे सप्त चक्र का भेदन करते हुए कुण्डलिनी जाग्रत होती है और हमें भौतिकता से ऊपर उठते हुए आध्यात्म से जोड़ती है.
जरुरी नहीं की जिन संकेत के बारे में हम यहाँ बात कर रहे है आपको उसी तरह के अनुभव हो क्यों की हर किसी के लिए अनुभव का एक स्तर होता है. उर्जा का प्रवाह और आपके बॉडी और माइंड की स्थिति इसे प्रभावित करती है.
किसी के लिए इसे हैंडल करना आसान होता है तो किसी के लिए ये बेहद मुश्किल समय होता है.
शरीर में बढती हुई ऊष्मा का अनुभव करना, सोचने समझने के नजरिये में अंतर आना और सबसे बड़ी बात हमारे लाइफस्टाइल में बदलाव आ जाना ऐसे कुछ Symptoms of Kundalini Awakening है जिन्हें समझते हुए आप अपने लिए जागरण की प्रक्रिया को आसान बना सकते है.
कुण्डलिनी जागरण के दौरान होने वाले अनुभव से कैसे डील करे ?
जागरण की प्रक्रिया के दौरान होने वाले अनुभव को समझ पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है. इस दौरान आप ऐसे कई अनचाहे बदलाव से गुजरते है या फिर आपके लाइफस्टाइल में बदलाव आता है.
इन अनुभव से डील करने के लिए आपको सही गाइड की जरुरत होगी.
आमतौर पर इन्टरनेट पर आपको काफी सारे Symptoms of Kundalini Awakening देखने को मिल जायेंगे और यहाँ शेयर किये जा रहे संकेत भी ऐसे ही अनुभव पर आधारित है जो आपको कुण्डलिनी जागरण को समझने और अनचाहे अनुभव से डील करने में हेल्प करेंगे.
आइये बात करते है ऐसे ही कुछ बदलाव और अनुभव के बारे में जो कुण्डलिनी जाग्रत होने के दौरान मिलते है.
बॉडी के अन्दर अजीब सनसनाहट का महसूस होना
कुंडलिनी सुप्त अवस्था के दौरान रीढ़ के निचले छोर पर होती है जो जाग्रत होने पर सभी चक्र का भेदन करते हुए उर्जा के प्रवाह को संतुलित करती है.
इस दौरान ज्यादातर होने वाला अनुभव बॉडी में अचानक से एनर्जी का बढ़ा हुआ महसूस होना, सनसनाहट होना और वाइब्रेशन का अनुभव होना शामिल है.
बॉडी के अन्दर किसी भी तरह के ब्लॉक को दूर करते हुए आपकी प्राण उर्जा फ्री फ्लो करने की कोशिश करती है तब इस तरह के Symptoms of Kundalini Awakening का अनुभव होता है.

इस तरह के अनुभव के दौरान घबराने की जरुरत नहीं है क्यों की ये आपकी प्राण उर्जा है जो किसी भी तरह के ब्लॉक को दूर करते हुए पूरे बॉडी में फ्री फ्लो करने की कोशिश कर रही है.
इस दौरान आपको बॉडी में वाइब्रेशन का अनुभव भी हो सकता है.
कुछ लोगो को इस दौरान नींद ना आने की प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है. ये एक तरह का Unwanted Symptoms of Kundalini Awakening है जिसे समय रहते ठीक करना जरुरी है.
बॉडी में बढ़ रहा एनर्जी लेवल आपको बैचेन कर सकता है. ऐसे ही कई अनचाहे अनुभव आपको इस दौरान अनुभव हो सकते है जिनसे डील करने के लिए एनर्जी का फ्री फ्लो होना बेहद जरुरी है.
अगर आपको एनर्जी से ज्यादा परेशानी हो रही है तो आपको इसे संतुलित करने की जरुरत है. इस दौरान सांसो से जुड़े प्राणायाम और मैडिटेशन का अभ्यास करना आपको इस बढती उर्जा को बैलेंस करने में हेल्प करता है.
Read : Understanding the Ten Bodies और इसका kundalini awakening sequence में योगदान
ईगो का ख़त्म होना
बहुत ही कम लोग है जो इस तरह के अनुभव के बारे में खुल कर बात करते है. डेथ ऑफ़ ईगो का मतलब है दिखावे की लाइफ से बाहर निकलना. आपको बाहरी दिखावे से अब कोई फर्क नहीं पड़ता है. ये उन Symptoms of Kundalini Awakening में से एक है जिससे हर कोई डील नहीं कर पाता है.
इसका ये मतलब नहीं है की आप शून्य हो चुके है और अब आप खुद को इस शरीर से बाहर देख रहे है. डेथ और ईगो का मतलब है अब आपको दिखावा, अहम् प्रभावित नहीं करता है.
आपकी चेतना अब नए रूप में दोबारा विकसित हो रही है और इसी वजह से आपके सोचने समझने के नजरिये में बदलाव साफ़ देखा जा सकता है.
बढती उम्र का धीमा हो जाना
ऐसा माना जाता है की कुण्डलिनी जागरण के दौरान हमारा बॉडी और माइंड काफी सारे बदलाव से गुजरता है और एक तरह से हम बदलाव से गुजरते है.
एनर्जी के सही फ्लो होने की वजह से बढती उम्र धीमी हो जाती है क्यों की हम उर्जा से भरपूर महसूस करते है. ऐसे ही कुछ Symptoms of Kundalini Awakening की पहचान करते हुए आप अपने अनुभव को सहज बना सकते है.
एनर्जी की कमी की वजह से हम जल्दी थकावट महसूस करना शुरू कर देते थे, बॉडी को ज्यादा से ज्यादा आराम की जरुरत होती थी लेकिन जागरण की प्रक्रिया से गुजरने के बाद आपको अपने अंदर ऐसे बदलाव साफ़ देखने को मिलते है जहाँ आप खुद को ज्यादा से ज्यादा उर्जावान महसूस करते है.
बॉडी में अब किसी तरह का कोई ब्लॉकेज नहीं है, एनर्जी की मात्रा प्रचुर है और इसी वजह से आपको ऐसा लगता है मानो आपकी उम्र में ठहराव हो गया है.
ये सबसे Popular Symptoms of Kundalini Awakening में से एक है जिसकी पहचान करना आसान है.
आपके ब्रेन का ज्यादा से ज्यादा सक्रिय हो जाना

कुण्डलिनी जागरण के दौरान होने वाले अनुभव में से एक है आपके ब्रेन का ज्यादा से ज्यादा एक्टिव होना. आपकी मेमोरी पॉवर अब बूस्ट हो रही है, आप ज्यादा से ज्यादा क्रिएटिव होने लगे है.
Symptoms of Kundalini Awakening में से एक brain power and rewiring है जिसमे आपके ब्रेन की ज्यादातर सेल्स अब एक्टिव होना शुरू हो गई और इसकी वजह से आपके दिमाग की कार्य क्षमता में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है.
आपकी मानसिक क्षमताओं का विकसित होना भी इसी का हिस्सा है जैसे की बेहतरीन मेमोरी पॉवर, टेलीपेथी, भविष्य की घटनाओं को पहले ही अनुभव करना ये सब आपके अवचेतन मन की शक्तियाँ है जो अब सक्रिय होने लगी है.
Empathy, compassion, help of others
जागरण के दौरान आपको अहसास होता है की प्रकृति में मौजूद हर सजीव का आपस में कनेक्शन है और इसी वजह से आपके अन्दर समानता का भाव पैदा होता है.
Empathy, compassion, help of others ये सब popular Symptoms of Kundalini Awakening में से है जो आपकी True nature को दर्शाता है. हमारा मन करुणा से भर जाता है. और हम सबके लिए हेल्प करने वाले बन जाते है.
देखा जाए तो ये आपके ह्रदय चक्र के जागरण के संकेत है और ध्यान के नियमित अभ्यास के जरिये आप इस अवस्था को अनुभव कर सकते है.
Greater sensitivity
आमतौर पर जागरण की प्रक्रिया से गुजरने से पहले की बात करे तो हमारा चेतन मस्तिष्क बाहरी दुनिया में इतना उलझा हुआ रहता है की हम अपने अंतर से जुड़ाव ही नहीं कर पाते है.
आपका अपने अंतर से जुड़ाव होना Symptoms of Kundalini Awakening में से एक है. आप अपने आप को लेकर ज्यादा से ज्यादा चैतन्य होते है जिसकी वजह से बॉडी और माइंड का एलाइनमेंट आसान बन जाता है.
हम एनर्जी, विचार और तरंगो के प्रति ज्यादा से ज्यादा सक्रीय हो जाते है जो हमें ज्यादा सूक्ष्म बनाता है. ये सिर्फ बाहर तक सिमित नहीं है बल्कि अपने अंतर पर भी आप इतने ही सक्रीय हो जाते है.
धीरे धीरे हम अपने छ्टे चक्र को समझना शुरू करते है जिसकी वजह से हम समझ पाते है की हमारा सही साथी और दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शक बाहर नहीं बल्कि हमारे अन्दर ही है.
हम अंतर्मन की सुनना शुरू कर देते है जिसकी वजह बेहतर निर्णय तक पहुँच पाते है.
बीते कल को समझते हुए लाइफ के असली मकसद की पहचान करना
अगर गौर किया जाए तो हम में से ज्यादातर लोग बिना किसी मकसद के लाइफ को एक ही रूटीन में गुजार देते है. नौकरी करना पैसा कमाना और फिर उसे खर्च कर देना ये सब तो हर कोई करता है. इस दौरान हो रहे Symptoms of Kundalini Awakening को समझे और आगे बढे.
क्या आपका जन्म इसी मकसद से हुआ है या फिर आप दुनिया में किसी उदेश्य की प्राप्ति के लिए है ?
अपने अन्दर की स्पेशल क्वालिटी को पहचाने, लाइफ में आपका असली मकसद क्या है इसकी पहचान करे तभी आप किसी निर्णय तक पहुँच सकते है.
अपने रूटीन को फॉलो करते हुए भी आप अपने उदेश्य की प्राप्ति कर सकते है और इसे आप तभी हासिल कर सकते है जब आप अपने बीते कल को समझते हुए भविष्य की कल्पना सही से कर सके.
लाइफ में बहुत जल्दी जल्दी बदलावों से गुजरना
आपका बेहद कम समय में अलग अलग बदलाव से गुजरना Unwanted Symptoms of Kundalini Awakening में एक है. कम समय में जब आप एक के बाद एक बदलाव से गुजरते है तो आपके लिए इसे समझना और हैंडल करना आसान नहीं होता है.
जब आप इन बदलावों को हैंडल ना कर पाए तो शांत हो जाए और ख़ामोशी से सिर्फ इन्हें गुजरता हुआ अनुभव करे.
ये बदलाव तब होता है जब हम किसी बदलाव के लिए विरोध करते है और अपने अंतर्मन की आवाज को फॉलो नहीं करते है. बदलाव का विरोध करना आपके लिए जागरण की प्रक्रिया को मुश्किल बना देता है.
आपके शौक और वो सबकुछ जो आपको सुकून देता था बदल गया है
कुण्डलिनी जागरण से पहले मूवी देखना, बाहर दोस्तों के साथ घूमना आपको अच्छा अनुभव करवाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब आप अकेले रहने में ज्यादा सुकून का अनुभव करते है.
आपके शौक का बदलना भी Symptoms of Kundalini Awakening में से एक है क्यों की अब आपके चीजो को, अपने आसपास के जगह को देखने के नजरिये में बदलाव आ गया है.
अब समय है की आप कुछ नया तलाश करे, एक नयी शुरुआत करे क्यों की अब पुरानी चीजे आपको वो सुकून नहीं दे सकती है जो पहले देती थी.
आध्यात्मिक ज्ञान की ज्यादा से ज्यादा तलाश
जब हम अपने अंतर से जुड़ते है तब हमारे अन्दर आध्यात्मिक ज्ञान को ग्रहण करने की जिज्ञासा बढ़ जाती है.
आपके लिए अब सोचने समझने का नजरिया बदल चूका है और बाहरी चीजो में सुख की तलाश करने की बजाय आप आध्यात्मिकता की तरफ झुकाव को अनुभव करते है.
बाहरी सुख में बिजी रहने की बजाय अब आप अपने अंतर और विवेक से ज्ञान को ग्रहण करना शुरू कर देते है जिसकी वजह से आप अपने अपनी चेतना को ज्यादा से ज्यादा विकसित करते है और ये सब आपको Symptoms of Kundalini Awakening के दौरान अनुभव होने लगता है.
मौत का भय ख़त्म हो जाना

जागरण की प्रक्रिया के दौरान होने वाले Symptoms of Kundalini Awakening में से एक है वास्तविकता का ज्ञान होना. आपके अन्दर मौत का जो भय होता है वो अब ख़त्म हो गया है.
जिस तरह जीवन है वैसे ही मौत भी अटल सत्य में से एक है जिसे आप झुठला नहीं सकते है.
जिस सच से अब तक आप भागते आ रहे थे उसे अब आपने स्वीकार कर लिया और मौत के भय से मुक्त होने के बाद आप लाइफ में अपने उदेश्य की प्राप्ति पर फोकस करते है.
इस तरह के कुण्डलिनी जागरण के संकेत को समझना आपके लिए आसान हो जाता है क्यों की चक्र भेदन की प्रक्रिया के दौरान आप अलग अलग मनोस्थिति को अनुभव करते है.
दिव्यता के साथ आपका जुड़ाव बन जाता है
जैसे जैसे हम Symptoms of Kundalini Awakening यानि कुण्डलिनी जागरण में आगे बढ़ते है और चक्र भेदन की प्रक्रिया से गुजरते है वैसे ही हमारे अन्दर बदलाव होते है. बाहरी दुनिया में खुद को बिजी रखने की बजाय अब हमारा कनेक्शन दिव्यता के साथ बनने लगता है जिसकी वजह से हमारे समझ में बदलाव आते है.
अंतर्मन से जुड़ाव, चेतना में वृद्धि होना और मानसिक शक्तियों का विकास आपके आध्यात्मिक अनुभव को बढाता है.
अब आप खुद को सामान्य से ऊपर देखना शुरू कर देते है और दिव्यता का अनुभव करना शुरू कर देते है. ये तब होता है जब आप कुण्डलिनी जागरण के प्रक्रिया के हर स्टेप को पूरा करते हुए भेदन से गुजरते है और भौतिकता से अलग आध्यात्मिकता का अनुभव करना शुरू कर देते है.
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How to deal with unwanted Symptoms of Kundalini Awakening final conclusion
जागरण की क्रिया के दौरान ऐसे कई अनचाहे अनुभव होते है जिन्हें सही से डील ना कर पाने की वजह से मानसिक संतुलन खो देते है. ज्यादातर साधक की मानसिक स्थिति में ऐसे बदलाव आते है जिसकी वजह से आध्यात्मिक गुरु भी बिना किसी मार्गदर्शक के कुण्डलिनी जागरण को खतरनाक बताते है.
इसकी सबसे बड़ी वजह है बॉडी में किसी भी तरह के ब्लॉक में एनर्जी का फंस जाना, सही से बहाव ना होना या फिर बढती हुई एनर्जी को हैंडल ना कर पाना. इन सबकी वजह से मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है.
इसकी एक वजह ये भी है की Symptoms of Kundalini Awakening से गुजरने से पहले हमारे शौक और अनुभव, चीजो को देखना नजरिया अलग था जो की जागरण के दौरान पूरी तरह बदल जाता है.
मैडिटेशन का अभ्यास, शांत रहने की कोशिश करना और अनुभव पर किसी तरह की प्रतिक्रिया ना करना आपको काफी हद तक इससे डील करने में मदद करता है.