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Tuesday, May 26, 2026
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सप्त वर्तुल त्राटक साधना के जरिये खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाने का शक्तिशाली अभ्यास

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spiritual practice of sapt vartul tratak meditation से हम सभी परिचित है. सप्त वर्तुल त्राटक साधना का नाम पड़ा है सप्त वर्तुल यानि सात घेरे जो हमारे आत्मविश्वास के बढ़ने का प्रतिक होते है. दूसरे शब्दो में सप्त वर्तुल त्राटक का अभ्यास हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए होता है.

साथ ही हमारा आत्मविश्वास मजबूत कर अवचेतन मन को चेतन मन से जोड़ता है. sapt vartul tratak से हम subconscious mind activation कर सकते है.

वैसे तो ये त्राटक हमें बिंदु त्राटक साधना के बाद ही करनी चाहिए लेकिन अगर इसे निचे दिए गए तरीके से किया जाए तो tratak meditation में spiritual experience किये जा सकते है यही नहीं subconscious mind को हम मनचाहे तरीके से ढाल सकते है.

Sapt vartul Tratak Meditation

sapt vartul tratak यानि सप्त वर्तुल त्राटक को साधारण त्राटक से ऊपर माना गया है हालाँकि शक्ति प्राप्त करने के लिए त्राटक में इसका उल्लेख बहुत कम मिलता है पर चूँकि त्राटक के अभ्यास को सम्पूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए हमें बिंदु त्राटक के बाद सप्त वर्तुल त्राटक साधना से गुजरना पड़ता है इसलिए इसका भी जिक्र करना आज की पोस्ट का उद्देश्य है.

अंतर्मन की यात्रा के लिए सप्त वर्तुल त्राटक की साधना उपयुक्त है बशर्ते इसे सही तरीके और धैर्य के साथ पूरा समय दिया जाये.

इस साधना के अभ्यास का मकसद आपके आत्मविश्वास को मजबूत करना होता है साथ ही त्राटक के आगे के सफ़र के लिए आपको तैयार करना है. आइये जानते है इस साधना के बारे में और ज्यादा विस्तार से.

Sapt vartul Tratak Meditation

seven spiral or sapt vartul tratak sadhna in hindi एक spiritual practice मानी जाती है क्यों की ये साधना आपके subconscious mind को ज्यादा affect करती है. Bindu tratak meditation से आप पहले ही भ्रम से निकल कर spiritual और शक्ति से भरे संसार को अलग नजरिये से देखने लगते है.

और बिंदु त्राटक से आप इतने ससक्त हो जाते है की आप आसानी से किसी भी अभ्यास को कर सके फिर चाहे वो candle tratak हो या फिर mirror tratak.

begining of tratak meditation में जो problem आती है उसका solution सिर्फ धैर्य के साथ किया गया बिंदु त्राटक का अभ्यास है. बिंदु त्राटक के बाद सप्त वर्तुल त्राटक किया जाता है. सप्त वर्तुल यानि 7 गोल घेरे.

जब बिंदु त्राटक अभ्यास पूर्ण हो जाता है तब उस बिंदु के चारो और एक एक कर सप्त वर्तुल पर अभ्यास किया जाता है.

इस अभ्यास से हमारा सुप्त अवचेतन मन जाग्रत होता है. और हम मन की गहराई में उतरते है. इस अभ्यास से हमारे सोचने समझने की क्षमता में वृद्धि होती है.

sapt vartul tratak त्राटक साधना का अभ्यास अधिकतर शक्ति अर्जन के उदेश्य से किया जाता है. vashikaran, subconscious mind activation, hypnotism, telekinesis, telepathy ये सब अभ्यास त्राटक ध्यान द्वारा संभव है जिसकी वजह से मैडिटेशन की तुलना में त्राटक को ज्यादा सहज और फायदेमंद माना जाता है.

त्राटक का अभ्यास करने वाले लोग सिर्फ एक महीने त्राटक के अभ्यास के जरिये वशीकरण का अभ्यास किया जा सकता है. telepathy यानि एक जगह बैठे बैठे ही दूर बैठे व्यक्ति से बात करना ये सब संभव है. ये चमत्कार नहीं है बल्कि हमारे अवचेतन मन की शक्ति है जो की सामान्य इन्सान में सुप्त अवस्था में है.

Read : त्राटक साधना में विचारशून्य की स्थिति कैसे प्राप्त करे सबसे आसान तरीके

Sapt vartul tratak meditation in hindi step by step guide

सप्त वर्तुल त्राटक का अभ्यास हमें बिंदु त्राटक के बाद करना चाहिए. पहले के अभ्यास में काम में लिया गया बोर्ड ले और एक-एक कर अभ्यास के साथ वर्तुल यानि गोलों की संख्या बढ़ाते रहना चाहिए.

त्राटक के वास्तविक अनुभव

  • जब बिंदु त्राटक का अभ्यास करते हुए हमें 1 माह बीत जाता है. तब उसी बिंदु के चारो और एक गोल घेरा बनाये.
  • घेरे की कुछ मोटाई होनी चाहिए. ताकि हमें यह घेरा स्पष्ट दिखे. अब अभ्यास करे. अभ्यास के दौरान पहले बिंदु पर सफ़ेद चमक या हमारा आत्मप्रकाश पड़ता है. फिर यह आत्मप्रकाश उस गोल घेरे को भी घेर लेता है जो बिंदु के चारो और है.
  • sapt vartul tratak के दौरान जब पूर्ण रूप से आत्मप्रकाश बिंदु और गोल घेरे पर हो जाता है तब उस घेरे के चारो और सामान दूरी पर एक और घेरा बनाये इसी तरह अभ्यास जारी रखे और धीरे धीरे सप्त वर्तुल तक इसका अभ्यास करे. अब जब हम सप्त वर्तुल पर अभ्यास करते है तब हम पाते है की बिंदु और सप्त वर्तुल धीरे धीरे उस चमक में बदल रहे है.
  • चमक में बदलने के अलावा बिंदु के साइज में कमी आती जाती है. इस दौरान subconscious mind activation process शुरू हो जाती है. हम अभ्यास में बैठे बैठे ही अपने आसपास की गतिविधि देखने लगते है.
  • ये सब अनुभव बिलकुल वैसे ही होता है जैसे की Astral body travel experience का होना. धीरे धीरे हम वापस उस बिंदु को बढ़ता हुआ महसूस करते है. बिंदु के घटने और बढ़ने का सम्बन्ध हमारे अवचेतन मन के जाग्रत होने और चेतन मन के वापस जाग्रत होने से है.

इस अभ्यास से हमारा सबसे ज्यादा आत्मविश्वास बढ़ता है. अवचेतन मन से चेतन मन का जुड़ाव बनता है और सोचने समझने की क्षमता में अद्भुत विकास होता है. इस अभ्यास से हमारा सबसे ज्यादा आत्मविश्वास बढ़ता है. अवचेतन मन से चेतन मन का जुड़ाव बनता है और सोचने समझने की क्षमता में अद्भुत विकास होता है.

Benefit of seven spiral tratak meditation

सप्त वर्तुल त्राटक साधना एक और आध्यात्मिक संसार में हमारा परिचय कराती है वही दूसरी और हमारे subconscious mind को भी जाग्रत करती है. सप्त वर्तुल त्राटक एक के बाद एक वर्तुल बना कर अभ्यास किया जाता है अतः ये अभ्यास हमारे आत्मविश्वास को मजबूत बनाता है.

  • sapt vartul tratak साधना हमें विचारो पर नियंत्रण रखना और खुद को शांत रखना सिखाती है.
  • हम मस्तिष्क की क्षमता का सही इस्तेमाल कर पाते है.
  • व्यक्तित्व विकास में भी त्राटक साधना का महत्वपूर्ण योगदान है.
  • सप्त वर्तुल त्राटक से हम आसान और कठिन दोनों अभ्यास ( त्राटक ) आसानी से पूर्ण कर सकते है. क्यों की इसमें लंबे समय तक हमें एक विचार पर टिके रहना सिखने को मिलता है.

Read : ब्रह्म राक्षस से जुड़ी रहस्यमयी कहानी और इनके बनने के पीछे का राज क्यों मौत के बाद बन जाते है शैतान

sapt vartul tratak and subconscious mind

सप्त वर्तुल त्राटक के अभ्यास से अवचेतन मन प्रभावित होता है क्यों की हम अंतर की यात्रा करने लगते है. ये तो आप सब जानते है की विचारो की मात्रा पर जितना नियंत्रण होता है उतना ही अच्छा हम खुद को बनाते है. अवचेतन मन तक कोई विचार जाने से पहले चेतन मन तक बार बार गुजरता है.

इसी अभ्यास में हम एक विचार को घनीभूत कर उसे मजबूत बनाते है और लंबे समय तक Subconscious mind से जुड़े रहते है. ये सुनने में आता है की सप्त वर्तुल त्राटक करते वक़्त हम Astral travel भी कर लेते है. जिसमे हम एक जगह होते हुए दूसरी जगह उपस्थित होते है. दूर की घटनाये देखने यानि Remote view के भी example मिलते है.

हमेश याद रखे : sapt vartul tratak या ध्यान का कोई भी अभ्यास अकेले शुरू या ख़त्म नहीं होता है इन्हें अगर स्टेज में किया जाये तो इनके स्थायित्व की सम्भावना बढ़ जाती है.

सप्त वर्तुल त्राटक का अभ्यास करना खास क्यों है ?

अगर बात करे की त्राटक का अभ्यास इतना खास क्यों है तो आपको बता दे की त्राटक का अभ्यास बाह्य माध्यम के तौर पर हमारे दिमाग को गाइड करता है. त्राटक का अभ्यास करना जितना सहज और शक्तिशाली है उतना ही खतरनाक भी.

जबरदस्ती किया गया अभ्यास आपको मानसिक रूप से बीमार कर सकता है. इसकेmental illness के दुष्प्रभाव आपकी मानसिकता पर प्रभाव डाल सकते है.

हमारी आंखे बेहद सवेंदनशील अंग है और यही वजह है की गलत तरीके से किया गया अभ्यास इसे सबसे ज्यादा प्रभावित किया जाता है.

Mirror meditation tratak gazing technique

हमारे सोचने समझने की क्षमता को भी गुमराह किया जा सकता है क्यों की त्राटक के अभ्यास के बाद spiritual bypass की प्रॉब्लम हो सकती है. आध्यात्मिक उदासीनता की वजह से हम दुसरे लोगो से अलग हो जाते है और हमें लगता है की त्राटक का अभ्यास गलत तरीके से किया जा रहा है.

sapt vartul tratak का अभ्यास हमें मानसिक रूप से स्ट्रोंग बनाता है क्यों की हमारा दिमाग जब एक जगह फोकस होता है तब बार बार दिया गया सुझाव सीधे अवचेतन मन को प्रभावित करता है. हमारी आँखों से निकली रौशनी जब एक रे की तरह बोर्ड को कवर करती है तो हमारा दिमाग और ज्यादा एक्टिव हो जाता है.

seven spiral tratak meditation का अभ्यास हमें आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है. जिन लोगो में आत्मविश्वास की कमी होती है उन्हें इसका अभ्यास करना चाहिए.

Read : कनक परी वशीकरण सिद्धि साधना एक सरल और कम समय की साधना

Sapt Vartul Tratak meditation final word

sapt vartul tratak meditation in Hindi जितनी सरल और आसान है उतनी ही धैर्य के साथ इसे करना चाहिए. क्यों की अगर आपको लगता है की वर्तुल के घेरे को चमकीली रेखा द्वारा ढका जाना सम्पूर्णता की निशानी है तो आप गलत है.

इसमें सफलता तब मिलती है जब हम अभ्यास में सूक्ष्म अनुभव में चले जाये. यानि इस अभ्यास द्वारा हमारे आसपास की घटना का चित्रण हमारे मानस पटेल पर उभरने लगे.

ये बिलकुल वैसा है जैसे किसी फिल्म को देखना. इसलिए धैर्य के साथ साधना में पूरा वक़्त दे और जल्दबाजी ना करे. इससे आप इनकी शक्ति को लंबे वक़्त तक बनाये रखने में सक्षम होंगे.

telepathic communication practice जिसके जरिये आप घर पर safe तरीके से इसका अभ्यास कर सकते है (Updated)

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क्या आपने कभी ऐसी घटनाओं पर गौर किया है जिसमे हम माध्यम यानि समाने वाले से कुछ समय के लिए जुड़ जाते है. हमें ऐसा लगता है जैसे कोई हमसे बात करना चाहता है और जब हम उसे कॉल करते है तब वो कहता है

अरे मै तो आपको ही याद कर रहा था

इस तरह के कनेक्शन को हम telepathic communication practice कहते है. ये एक जाना और अनजाना अभ्यास है जिसे हम उन लोगो के साथ ज्यादा महसूस करते है जिनसे भावनातमक रूप से हमारा जुड़ाव होता है.

सबसे ज्यादा telepathy in love में देखने को मिलती है जहाँ पर दो लोग एक दुसरे की बाते बिना कहे समझ लेते है. कुछ लोग जानना चाहते है की क्या telepathic communication practice alone at home safe है ? क्यों की इस तरह के अभ्यास में अगर आप संयम नहीं रखते है तो सफलता हासिल नहीं होती है.

Telepathic communication practice in Hindi

इसके अलावा आप मानसिक रूप से परेशान भी हो सकते है.

अगर आपके मन में भी how to use telepathy को लेकर सवाल है तो इस पोस्ट को पूरा जरुर पढ़े क्यों की इसमें हम कुछ बारीक़ जानकारियां शेयर करने वाले है. घर पर telepathy test कैसे करे इस बारे में पूरा एक step guide यहाँ शेयर किया जायेगा.

Telepathic communication practice in Hindi

सबसे सरल और आसान तरीके से टेलीपैथी कैसे करे? telepathy between lovers जिसमे जल्दी सफलता मिलती है. क्या आप भी telepathic communication practice between friends and people करना चाहते है. टेलीपैथी की साधना जिसके द्वारा हम आसानी से घर पर अभ्यास कर सकते है.

हममे से ज्यादातर अपनी जिंदगी में इस तरह का अनुभव करते है की कुछ देर पहले ही हमने मन में विचार किया हो की हमारा खास दोस्त हमें फोन करने वाला है. और उसके कुछ देर बाद ही उसका फोन आ जाता है. ये example हम मे से हर कोई experience करता है.

इसके अलावा हमारे पास कोई आने वाला हो और उससे थोड़ा सा पहले ही हमें उसका आभास होने लगे. ऊपर दिए गए example हमारे daily routine में घटने वाली telepathy के सबसे ज्यादा होने वाले आभास है.

टेलीपैथी में हमारा शरीर काम नहीं करता है इसमें काम करता है हमारा दिमाग और उसका अवचेतन हिस्सा . इसीलिए जब भी टेलीपैथी का अभ्यास करे मन को शांत और शरीर को शिथिल कर ले.

Telepathy को समझने के लिए इसे 3 भाग में बाँट लेते है

  • इसके होने का कारण / किस तरह ये की जाती है.
  • खुद की energy से इसे कैसे करे.
  • Telepathic communication practice के लिए सही विचारों का चुनाव और उसका तरीका.

Is Telepathic communication practice alone is safe and possible ?

Telepathic communication practice को समझने के लिए सबसे पहले human thought transfer process को समझते है. हमारा शरीर मानसिक तरंगो को ग्रहण कर सकता है ये possible है इसके aura से.

ये तरंगो को ग्रहण और सम्प्रेषण का कार्य करता है. इसलिए इसे ज्यादा से ज्यादा sensitive बनाने के लिए हमें मन की स्थिति को control करना पड़ता है.

जब ऐसा होगा तभी हमारी body ब्रह्मांड से आने वाले सिग्नल को receive करने लगती है. अगर आप अपने मन को कण्ट्रोल कर सकते है और मनचाहे आदेश में ढाल सकते है तो आप telepathic communication practice at home आसानी से कर सकते है.

अगर इसका अभ्यास संयम और धैर्य के साथ किया जाए तो मुमकिन है की आप आसानी से इसे कर पाओ वो भी कुछ ही दिनों में लेकिन, दुरी कम से कम ले.

जहाँ तक बात है इस अभ्यास के safe होने की तो बता दे की ये अभ्यास तब तक सुविधाजनक है जब तक आप इसे जबरदस्ती न करे.

कई बार हम सही गाइड के बिना शुरुआत कर लेते है और बाद में जब अनुभव नहीं होते है तो हार मान लेते है. ये अभ्यास मानसिक स्तर के है और आपके मन को शांत करने के साथ साथ जितना हो सके संवेदनशील बनाना चाहिए.

टेलीपैथी में विचार-शून्यता क्यों

Telepathy में हम Thought को Electric सिग्नल के रूप में Transfer करते है. हमारा मस्तिष्क इस कार्य को Effective तरीके से तभी कर सकता है जब हमारा मन शांत हो उस स्थिति में ये आसपास तैरती तरंगो को महसूस करने लगता है.

इसलिए जब भी Telepathy का अभ्यास करने जा रहे हो मन मस्तिष्क से विचारशून्य हो. Telepathic communication practice करने से पहले अपने मन को विचारशून्य जरूर बना ले.

जब तक आपका मन विचारशून्य नहीं होगा आप विचारो में भटकते रहेंगे.

इसकी वजह से आपको सामने वाले की तरंगो को भी नहीं पकड़ पाओगे. जब बात आती है मानसिक अभ्यास की तो आपको खुद को सबसे ज्यादा ध्यान विचार-शुन्यता पर देना चाहिए. हम मन को जितना ज्यादा शांत रखेंगे उतना ही सूक्ष्म तरंगो को पकड़ने में आसानी रहेगी.

इसके अलावा इसका एक फायदा और भी है और वो आपके मन की स्थिति से जुड़ा हुआ है. जब आप खुद को विचार-शून्य कर लेते है तो आपके अन्दर संयम और धेर्य के गुण विकसित होने लगते है.

amazing Telepathic communication practice fact      

टेलीपैथी में हमारे भौतिक शरीर का कोई योगदान नहीं है क्यों की आप इसे भौतिक रूप से समझा ही नहीं सकते है. इसके लिए मन के Thought ट्रांसफर प्रोसेस को समझे. जिसमे हम बिना किसी माध्यम के एक दूसरे से मानसिक रूप से जुड़ते है. दूसरा मन की शक्ति अनन्त है जिसे जितना ज्यादा महत्त्व देंगे उसे उतना ही जाग्रत रख पाएंगे.

सिर्फ इंसानों ही नहीं जानवरों में भी इसका अनुभव देखा जा सकता है. बिना कुछ कहे किसी की भावना को समझ लेना भी एक तरह से telepathy ही है.

खासकर ऐसे पालतू जानवर जिनके साथ आप काफी समय बिताते है वो आपके साथ भावनात्मक रूप से जुड़े रहते है.

Telepathic communication practice at home in Hindi. आप घर पर आसानी से बिना किसी ज्यादा परेशानी के ये अभ्यास कर सकते है.

इसके लिए आपको सबसे खास महत्वपूर्ण ध्यान देने वाली चीजों को समझना होगा और उन्हें फॉलो करते हुए आगे बढ़ना होगा. चलिए जानते है घर पर टेलीपैथी का अभ्यास करने के लिए आपको क्या करना होगा.

Telepathy में दो चीजे ध्यान रखे पहला आपके विचार साफ और Spontaneous यानि लगातार होने चाहिए दूसरा आपकी भावना शक्ति कमजोर नहीं पड़नी चाहिए.

1. पहला चरण

Telepathy की Practice के पहले चरण में आपको अपने भौतिक शरीर को शिथिल करने की जरुरत है.

जिसके लिए आपको एकांत चाहिए और एक मधुर मनोरम जहां विचारों को शुन्य किया जा सके ऐसा म्यूजिक होना चाहिए इसके अलावा आपकी एकाग्रता और भावना शक्ति मजबूत होनी चाहिए.

ये आपके द्वारा भेजी जाने वाली Electric Signal को Amplify कर देता है.

2. Telepathic communication practice – दूसरा चरण

Telepathy का दूसरा चरण आपके प्राण शक्ति पर कार्य करता है इसके अनुसार आपकी प्राण शक्ति को अगर शरीर से Unblock कर दिया जाये यानि इसे मुक्त कर दिया जाये भावना शक्ति द्वारा और एक जगह पर Concentrate कर उसे विचारों के साथ भेज दिया जाये तो ये सबसे ज्यादा प्रभावशाली तरीका होगा आपके दूसरों से जुड़ने का.

दूसरे शब्दों में ये बिलकुल astral body की तरह होगा. शांत माहौल के कमरे में अपने मस्तिष्क को शिथिल कर ले ये अभ्यास चाहे तो लेट कर कर ले या बैठ कर दोनों ही स्थिति में आपके मस्तिष्क को विचारशून्य और भौतिक शरीर को शिथिल करना होता है.

अपने आपको विचारशून्य बना लेने के बाद जब हम प्राण शक्ति को एक जगह Concentrate कर लेते है तो हमारी आध्यात्मिक शक्ति बढ़ जाती है जिससे हम ज्यादा विचार शक्ति सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त होने लगती है और हम मानसिक रूप से जुड़ने लगते है.

इसी वक़्त अगर हम उस Person से जुड़े जो हमारी तरह की Condition में हो यानि उसका Cosmic Level बढ़ा हुआ हो तो Telepathy ज्यादा Better तरीके से होने लगती है.

Think Only About Receiver.

इसी तरह से हम जिससे भी Telepathy के द्वारा जुड़ना चाहते है हमें सिर्फ उसका ही ख्याल होना चाहिए और वो हमसे Cosmic Level पर जुड़ा हो. ये कार्य तब ज्यादा अच्छे तरीके से होता है जब आप अभ्यास रात के 11 बजे के बाद करते है क्यों की इस वक़्त वो सो चूका होगा या फिर उसकी भौतिक गतिविधि मंद पड़ चुकी होगी.

आप चाहे तो भावना शक्ति से एक ही सन्देश बार बार दे कर उसे अपनी इलेक्ट्रिक सिग्नल भेज सकते है. ये आपके Thought Vibration के Principal पर कार्य करता है.

3. Telepathic communication practice – तीसरा चरण

Telepathy के तीसरे चरण में पहुँचने से पहले के दो चरण में आप शरीर को शिथिल कर Subconscious मानसिक स्टेज पर पहुँच जाते है यहाँ आपको पता होता है की आप की शक्तियां क्या है.

अपने शक्ति को पहचान कर उसे सही दिशा देने से आप मानसिक यात्रा का अनुभव कर सकते है. जब भी आप विचार सम्प्रेषण कर रहे होते है.

आपकी भावना शक्ति उस विचार को ज्यादा से ज्यादा दुरी तक भेज सके इसका भी ध्यान रखे जितनी ज्यादा आपकी Will Power Strong होगी आप विचारों को उतना ही दूर भेज पाएंगे.

कोशिश रखे की उस वक़्त आपके ऊपर मानसिक दबाव न बन पाए. एक विचार सोच ले जो आपको सामने वाले के पास भेजना है.

याद रखे ये Thought छोटा और स्पस्ट हो. वर्ना आपको भेजने में प्रॉब्लम होगी और सामने वाला उसे Receive नहीं कर पाएगा. प्राणशक्ति को बढ़ाने के लिए पिरामिड ध्यान अवस्था सबसे बढ़िया है.

दो लोगो के बिच telepathy का अभ्यास कैसे करे ?

दो लोगो के बिच telepathic communication practice करने के लिए आपको सबसे पहले तो ऐसे लोगो का चुनाव करना चाहिए जो एक ही मत पर सहमत हो सके. जिनके विचार आपस में मिलते है उनके साथ अभ्यास में जल्दी सफलता मिलने के आसार होते है.

  • शांत माहौल वाली जगह का चुनाव करे. आप चाहे तो एक ही घर में 2 अलग अलग कमरों का चुनाव कर सकते है.
  • अपने दोस्त को एक ही टाइम पर सोने और उठने के टाइमर के लिए बोले.
  • जब अलार्म लग जाए और आपको उठाना हो तो उसके 10 मिनट बाद का एक और अलार्म लगा दे.
  • वापस सो जाए और इस बार आपको चैतन्य रहते हुए सिर्फ अपने दोस्त और उसके आसपास के माहौल की कल्पना करनी है.
  • practice के दौरान आप चाहे तो कुछ ऐसे सुझाव तैयार कर सकते है जो आपको भेजने है लेकिन आपके दोस्त को पता न हो.
  • इस अभ्यास को 15-30 मिनट ही दोहराए.

practice के बाद आप सो जाए और जब उठे तो अपने दोस्त को पूछे की उनका अनुभव कैसा रहा, क्या उन्हें किसी तरह की आवाज सुनाई दी ?

अगर आपका दोस्त बताता है की हाँ वो उस समय आपको अनुभव कर रहा था तो समझ ले की telepathic communication practice में सफल रहे है.

ध्यान दे : ज्यादातर लोग जिससे सम्पर्क करने की कोशिश करते है उसका नाम पुकारने का सुझाव रखते है. ये गलत है क्यों की जब आपका दोस्त आपके साथ अभ्यास करता है तब उसे ये आभास होने लगता है की आप उसका नाम पुकारोगे. इसी वजह से उसे इसका आभास सपने में और जागने के बाद होता है.

What to do after telepathy practice at home

Telepathy के अभ्यास के बाद योगनिद्रा जरूर ले ये आपकी थकान मिटा देती है और आपके ऊपर जो मानसिक दबाव बनता है उसे कम करती है. इसके अलावा आपकी प्राणशक्ति को ज्यादा से ज्यादा store करने का काम करती है.

टेलिपेथी एक विज्ञान है और मानव मस्तिष्क और मन की रचना. इसका अगर सही इस्तेमाल अभ्यास द्वारा किया जाये तो हम प्रकृति के कई रहस्य उजागर कर सकते है क्यों की मानव मन अनलॉक होते ही आप आम से खास और आपकी मन की शक्तिया असीम हो जाती है.

जरुरत है तो बस धैर्य के साथ नियमित अभ्यास की Ghar Par Telepathy Ka Abhyas करने के लिए बस ऊपर दी बातो का ध्यान रखे और जुड़िये अपनों के साथ.

What is telepathy hypnosis?

ये एक ऐसी अवस्था है जिसमे हम अपने सुझाव में इतना बदलाव करते है की वो माध्यम के दिमाग में एक सम्मोहन जैसी स्थिति पैदा कर देता है. सामान्य भाषा में बात करे तो वशीकरण करना या फिर दूर से ही वशीकरण कर देना ये सब telepathy hypnosis के उदाहरण है.

इस अवस्था में सुझाव की जगह कमांड माध्यम तक भेजते है और उस पर गहरा असर डाला जाता है की उस पर एक तरह का सम्मोहन असर करने लगता है.

इस तरह का telepathic communication बेहद एडवांस स्तर का होता है. माध्यम तक विचार को भेजना और सिर्फ भेजना ही नहीं बल्कि उसके दिमाग पर उसका गहरा असर डालना जिसकी वजह से वो उसके अनुसार काम करने लगे इसके जरिये संभव है.

इस स्तर तक पहुँचने के लिए आपको कड़ी मेहनत और सतत अभ्यास की जरुरत होगी.

Telepathic communication between people – final word

लोगो के बिच बातचीत होना और उनके बिच इसका कनेक्शन बन जाना ये सब मासिक स्तर का काम है जो हमारे subconscious mind की वजह से किया जाता है.

अगर आप भी इस तरह के telepathic communication practice at home का simple method देख रहे है तो इस अभ्यास को कर सकते है.

ध्यान सिर्फ इतना रखना है की अभ्यास जबरदस्ती न हो जिसकी वजह से मानसिक दबाव न झेलना पड़े.

अगर आपने इस तरह का अभ्यास कभी किया है और अनुभव प्राप्त किये है तो कमेंट में जरुर बताए. हमारे pdf बुक्स में से एक बुक्स जो most powerful vashikaran method  में से एक vashikaran by name and photo pdf books in hindi  को पढना न भूले. इस पुस्तक में वैज्ञानिक तरीके से वशीकरण को समझाया गया है.

secret Subconscious mind programming techniques जिसके जरिये हम खुद को मनचाहे तरीके से बदल सकते है

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how to activate subconscious mind ? कैसे हम saflta k liye avchetan man me badlav करअपनी लाइफ में मनचाहे बदलाव ला सकते है। अवचेतन मन हमारे दिमाग का हिस्सा है जो मस्तिष्क को भेजे गए निर्देशों को अपने कार्यो आप किये जाने वाले कार्यो के समूह को सरंक्षित रखता है.

Subconscious mind programming techniques के जरिये हम इसे मनचाहे परिस्थिति के लिए ready कर सकते है.

इस तरह से अवचेतन मन को चेतन मन की तरह बार बार निर्देश भेजने की जरुरत नहीं होती है. मनोवैज्ञानिक अवचेतन मन को productivity skills, कलात्मक और प्रेरणात्मक स्त्रोत के रूप में मानते है. जो हमें हमेशा नए कार्य के लिए प्रेरित करता है.

आज जब अवचेतन मन को लेकर पूरी दुनिया जागरूक बनती जा रही है. saflta k liye avchetan man me badlav in hindi.

Subconscious mind programming techniques

एक सामान्य इंसान Subconscious mind programming techniques को daily life में use कर अपनी जिंदगी में desired change कर सकता है. इसके लिए सबसे जरुरी है आपका self confidence.

अगर आप ज्यादा धनवान ज्यादा खुशहाल होना चाहते है तो आपको बस अपने अवचेतन मन पर ज्यादा से ज्यादा focus करना पड़ेगा। फिर देखिये अपनी life में क्रन्तिकारी परिवर्तन की शुरुआत. में इस्तेमाल करने के लिए आपको निम्न परिवर्तन करने पड़ेंगे.

  1. मन की शंका का समाधान खुद करे और खुद पर विश्वास बढ़ाये ( चेतन मन )
  2. अपने अवचेतन मन में बदलाव करे ( ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक बने )
  3. बदलाव को अपने जीवन में उतारे. ( अवचेतन मन को creative बनाए रखे )

Subconscious mind programming techniques

हम में से ज्यादातर जो भी फैसले लेते है उन्हें गलत या सही में फर्क नहीं कर पाते है. जब मन में शंका चलने लगती है तो अवचेतन मन सही से कार्य नहीं कर पाता है. किसी फैसले को आपका चेतन मन अवचेतन मन को अगर सही बताता है तो वो उसके लिए सही है.

अगर गलत बताएगा तो गलत है. उसका खुद का कोई वजूद नहीं है और इसकी क्षमता की कोई सीमा नहीं, इसलिए पहले चेतन मन को ज्यादा से ज्यादा मजबूत करे. जिससे आप जो फैसला ले वो सही सही अवचेतन मन स्वीकार करे और कार्य में सफलता हासिल होने लगे.

आज ऐसी कई subconscious mind exercise है जिन्हें हम अपने daily routine में अपनाकर आसानी से बिना किसी बड़े बदलाव के खुद को किसी भी condition के अनुसार ढाल सकते है. subconscious mind power को activate करने वाली इन exercise को आप भी आसानी से कर सकते है.

सवाल ये उठता है की हम अपने चेतन मन की क्षमता में विस्तार कैसे करे ? तो आइये सबसे पहले जानते है इसके बारे में.

चेतन मन की क्षमता में विस्तार करे

आप जो सोचते है वो आप कर सकते है लेकिन खुद पर विश्वास न होने की वजह से आप उतना नहीं कर पते है जितना आप कर सकते है. एक तरह से lack of self-confidence आपके कार्य को वही तक होने देता है जहां तक आप सोचते है.

जैसे की आप एग्जाम में 80% ला सकते थे मगर आपको खुद पर विश्वास नहीं आपके मन में इसको लेकर शंका हुई की आपके सिर्फ 60% तक ही बन सकते है तो यकीन मानिये आपके 60% ही बन पाएंगे. क्या आप ऐसा चाहेंगे नहीं!

तो फिर खुद के लिए फैसले पर विश्वास करना सीख ले. जो भी सोचे उस पर पूर्ण विश्वास हो जो फैसला ले वो सही हो इससे आपका विश्वास खुद पर तो बढ़ेगा ही आपका फैसला भी सही होगा. आपकी क्षमता क्या है ये आप तय नहीं कर सकते.

अगर आप ऐसा करते है तो आप खुद को पीछे ले जाते है. यही वजह है की हर कोई Subconscious mind programming techniques को अपने लाइफ में इस्तेमाल कर success बन रहे है.

confidence building

हमारे सामने सबसे बड़ा challenge है how to build confidence and self esteem क्यों की जब भी हम कुछ नया करने की ठानते है हमारा self-confidence कमजोर होने लगता है. हमें खुद पर भरोसा ही नहीं होता है की हम ऐसा कर पाएंगे भी की नहीं.

इसलिए जब भी आपके मन में कार्य को लेकर बुरे नकारात्मक विचार उभरने लगे अपनी यादो को वहां ले जाये जहां से ये नकारात्मक विचार उठने लगे थे यानि आप वहां से गलत थे, खुद से सवाल करे की क्या वाकई वो गलत है आप पाएंगे की आपकी शंका समाधान होने लगा है और आपका विश्वास उस कार्य से जुड़ गया है. और नकारात्मकता हट गई है.

Subconscious mind programming techniques का पहला step है खुद को वहां ले जाना जहाँ से गलतियाँ होना शुरू हुई थी. जब हम ऐसा करते है तो समस्या से जुड़े समाधान भी मिलने लगते है.

क्या किसी कार्य को किये बगैर उसके नतीजे जान पाना संभव है नहीं ! तो फिर आप कैसे सोच लेते है की आप कामयाब होंगे या फ़ैल.

इसके लिए पहले आपको कोशिश करनी पड़ेगी उसके नतीजे निर्धारित करते है की आप कामयाब होंगे या फ़ैल इसलिए पहले से ही परिणाम न सोचे. पहले कोशिश करे लेकिन याद रखे आपका कार्य सही होना चाहिए.

इससे पहले की आप भी इस Subconscious mind programming techniques को अपनी लाइफ में practice करना शुरू कर दे, सबसे पहले तो उन बातो को जान ले जो बेहद जरुरी है.

Importance of self confidence

ये बात साफ है की जितना आप अपने कार्य को लेकर सकारात्मक रहेंगे आपके कामयाब होने के चांस उतने ही ज्यादा होंगे जितना ज्यादा Positive thoughts उतना ही ज्यादा success. आप एक बार अपने मन की शंका को दूर कर लेते है.

Importance of self confidence का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते है की Subconscious mind programming techniques में सबसे पहले इसे ही बदला जाता है.

इसके बाद इसे आपको ज्यादा creative और productive skills में बदलना पड़ता है. इसे आप अपनी क्षमताओं से अपने कौशल से और दूसरे लोगो द्वारा सराहे जाने से कर सकते है. याद रखे

हर किसी में ( आपमें भी ) अपना एक हुनर है एक कौशल है क्षमता है जो किसी के पास नहीं.

दैनिक डायरी लिखना जिसमे आप अपने मन की बात को शब्दों में बयां कर सके वो बाते जिन्हे आप दूसरों से शेयर नहीं कर सकते है. इससे आपको सकारात्मक होने में मदद मिलेगी क्यों की इससे आप जब भी नया करेंगे आपके पुराने कार्य आपको याद दिलाते है की आप उस वक़्त कितने सकारात्मक थे.

जब भी आपके मन में low self esteem से जुड़े thoughts आने लगे उसे अपने द्वारा किये गए अच्छे कार्य से बदल दे इससे आपका self-confidence बढ़ेगा.

Subconscious mind programming techniques – change in conscious mind

अवचेतन मन से पहले चेतन मन को सफलता के लिए तैयार करना पड़ता है लेकिन आपकी सफलता के parameter क्या है. अगर आपका उद्देश्य बड़ा है तो आपको उसके लिए एक systematic Subconscious mind programming techniques करनी पड़ेगी.

  • पहला आपका कार्य उतना बड़ा हो जितना आप कर सके ये नहीं की आप छोटे से लेवल से शुरू हुए है और आपका उद्देश्य high लेवल का हो गया.
  • दूसरा आपके उस उद्देश्य को पूरा करने के लिए आपके पास एक systematic way हो जो आपका उद्देश्य पूरा करने में मदद करे.
  • तीसरा आपका उद्देश्य एक साथ कभी पूरा नहीं होता इसलिए उसे छोटे छोटे भागो में विभाजित कर कार्य को पूरा करने का प्रयास करे जिससे आपके ऊपर कार्य का दबाव नहीं पड़ता है और कार्य पूरा भी हो जाता है.

Reprogramming subconscious mind

conscious mind में low self esteem treatment के बाद हम बढ़ते है Subconscious mind programming techniques के अगले steps में. Reprogramming subconscious mind यानि अवचेतन मन को कार्य के हिसाब से ढाल लेना एक कला है.

अवचेतन मन को दोबारा अपने हिसाब से तैयार करने के लिए आप इन points पर विचार कर सकते है जैसे की;

  • Low self esteem यानि खुद पर विश्वास न होने देने वाले कारण की पहचान करना.
  • खुद को लेकर negative self-talk के बारे में सोचना बंद करे.
  • उन लोगो से जुड़े जो आपको समझते है और आपसे attachment रखना चाहते है.
  • खुद के लिए challenge तैयार करे.
  • खुद की देखभाल करे और positive बने रहे.

जो इसे जान गया वो कभी असफल नहीं होता है. self confidence development के लिए काफी सारी ऐसी Building self-esteem activities है जिसे हम कर सकते है. इसके लिए छोटे छोटे उपाय को ध्यान में रखे और आप भी ऐसे कर पाने सफल हो जाते है आइए देखे क्या है वो उपाय.

1.) अपने माहौल को बदलने के लिए अपनी सोच बदले

आपके सोचने का तरीका आपके चारो और के माहौल को आपके अनुसार बनाता है सोचने में अजीब है लेकिन सच्चाई यही है जब आपका मन अच्छे विचारों से भरा होता है और आपकी सुबह की शुरुआत अच्छी होती है तो आपका पूरा दिन भी अच्छा जाता है.

दिन में अगर कुछ नकारात्मक घटे तो भी आपका अवचेतन मन उसे सकारात्मक सोच से बदल देता है. इसलिए सबसे पहले खुद को बदले दुनिया अपने आप बदलेगी.

याद रखे आप दुनिया को नहीं बदल सकते अगर आप अपने आसपास के माहौल से परेशान है तो अपने Subconscious mind programming techniques में change करे ताकि saflta k liye avchetan man me badlav हो और आप इस स्थिति से बाहर निकल सके.

2.) Subconscious mind programming techniques – बदलाव लाए

subconscious mind auto suggestion techniques पर कार्य करता है इसलिए आपके द्वारा दैनिक जीवन में किये जाने वाले कार्य उसे प्रभावित करते है. आपकी आदतों के अनुसार ही आपका अवचेतन मन आपके मन को modify करता है.

खुद में बदलाव करे और अपनी आदतों में बदलाव लाए जिससे आपका अवचेतन मन सही तरीके से आपके लिए सकारात्मक माहौल का निर्माण कर सके.

आपके द्वारा किये गए छोटे छोटे बदलाव आपके अवचेतन मन बड़े प्रभाव डालते है. आपके कार्य करने के तरीके में बदलाव लाने की कोशिश करे इससे आपका अवचेतन मन नए कार्य से कैसे interact करता है आपको बदलाव का पता चल जायेगा.

ये सभी Subconscious mind programming techniques का हिस्सा है जिन्हें हमें daily life routine में अपनाना होता है.

3.) खुद को नए विचारों के लिए मुक्त करे

जब आपको पता चलने लगता है की कैसे आपका अवचेतन मन आपके किये गए behave के आधार पर आपको प्रभावित करता है आप अपने सोचने के तरीकों में बदलाव लाना शुरू कर दे. ये शुरू में वक़्त लेगा लेकिन आपकी सोच को बदल देगा.

कार्य को करने के नए नए सुझाव आपके मन में बनने लगेंगे. इसके बाद जब भी आप पाते है की आपका मस्तिष्क दी गई स्थिति को विकृत कर रहा है तब अपने अवचेतन मन को उस Low self esteem attitude से खुद को affect होने से रोक सकते है.

आपकी सोच बदलते ही आप दूसरों से प्रभावित होना बंद कर देंगे.

एक बार आप इसमें सफल होने लग गए आप खुद को अपनी जिंदगी में बड़े बदलावों के लिए तैयार कर पाने में सक्षम हो जाते है. Subconscious mind programming techniques की एक process खुद को विचारो से ही मुक्त कर देना है. reprogramming subconscious mind के लिए ये सबसे खास techniques है जिससे बहुत ज्यादा benefit भी मिलता है.

4.) खुद अपने जीवन में बदलाव लाये

खुद में बदलाव तभी लाया जा सकता है जब आप self-esteem से भरपूर हो. इसलिए खुद जाने की क्या आपकी अब तक की जिंदगी सकारात्मक थी ?

बदलाव लाने का मतलब है खुद को सकारात्मक बनाने वाले कार्यो से जोड़ना उन्हें अपनी आदत बनाना.

for example आप खुद को positive रखने के लिए पॉजिटिव thoughts पढ़ते है और खुद में बदलाव लाते है आप क्या चाहते है इसे जाने.

अगर किसी कार्य में सफल होना है तो खुद को तैयार कर ले खुद से पूछे जो आप चाहते है जो आपकी उस कार्य से आशा है फिर देखिये आपके मन में खुद-ब-खुद नए नए idea आने लगते है.

खुद को किसी कार्य में expert की तरह सोचने की बजाय उस कार्य की शुरुआत करना चाहिए आप एकदम से किसी खास क्षेत्र में पॉपुलर नहीं बन सकते. इसके लिए आपको पहले उस क्षेत्र में शुरुआती से कार्य करना पड़ेगा खुद का सारा कौशल उस कार्य में लगाना होगा.

अगर आप चाहते है की आप अपने लक्ष्य से भटके नहीं तो आप अपने अंतर्मन की आवाज सुनना शुरू कर दे ये एक मंत्र है जो आपको कार्य में सफल होने में मदद करेगा.

जब भी आपका मन भटके अपने आप से सवाल करे और नकारात्मकता हट जाएगी क्यों की अपने चेतन मन से ही इन्हे साफ कर दिया था.

5.) अपनी पूरी ऊर्जा को कार्य में लगा दे

अपने कार्य के प्रति जागरूक बने रहना आपको अपने कार्य में सफल बनाता है और अगर आप अपने कार्य से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते है तो आपकी ऊर्जा को भी focus करने के chance बढ़ जाते है.

एक बार self confidence tips के जरिये आप जान जाये की आप चाहते क्या है तो उसके बाद आपके मन में अपने आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ideas और इमेज ( छवि ) बनना शुरू हो जाती है. लक्ष्य प्राप्त होने के आसार बढ़ जाते है.

Note: Subconscious mind programming techniques आपके मन में आने वाली problem को तभी दूर कर पाता है जब आपकी पूरी ऊर्जा आपका पूरा ध्यान अपने कार्य से जुड़ा हो.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

6.) अपने लक्ष्य के प्रति सचेत होकर कार्य करना

अपने मस्तिष्क की सोच में बदलाव कर और अपनी ऊर्जा को कार्य में केंद्रित करके आप अपने लक्ष्य को सफल बनाने के आधे मार्ग को clear कर लेते है. लेकिन ये सिर्फ शुरुआत है आधा रास्ता अभी बाकी है जो आपको ही पार करना है.

अपने मस्तिष्क में बदलाव कर आप खुद असफल होने डर को दूर कर लेते है मगर आपको कार्य भी तो करना पड़ता है.

जैसे की आपको एग्जाम में डर था की आप पास नहीं हो पाएंगे आप अपने विचारों में सकारात्मकता लेकर उस डर को तो दूर कर लेते है लेकिन पास होने के लिए मेहनत भी तो करनी पड़ेगी इसलिए सिर्फ सोच तक कार्य को न रखे उसे पूरा करने के लिए प्रयत्न-शील भी रहे.

तो अब तक आप समझ ही गए होंगे की Subconscious mind programming techniques कर कैसे हम अपनी लाइफ को इजी बना सकते है. subconscious mind convert dream into reality बशर्ते आपको पता हो आपको क्या करना है.

Subconscious mind programming techniques – final word

छोटी छोटी चीजे बड़े बदलाव के लिए जिम्मेदार होती है. हम जाने अनजाने ही daily life में कई सारी गलतियाँ करते रहते है.

Reprogramming subconscious mind के जरिये हम सबसे पहले low self esteem को दूर करते है और ऐसी कई सारी subconscious mind programming exercise को अपने routine में इस्तेमाल करते है.

अगर आप भी अपने करियर में या फिर पढ़ाई में success पाना चाहते है तो इन tips को follow करके देखे.

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Yoga nidra meditation and astral projection Guide in Hindi 2020 updated

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Yoga nidra meditation यानि Yogic sleeping एक ऐसा अभ्यास है जिसमे हमारा शरीर शिथिल हो जाता है लेकिन हमारा brain पूरी तरह Consciousness में रहता है. आसान शब्दों में कहे तो ये जागते हुए सोने का अभ्यास है. हम अपने body को relax करते हुए मस्तिष्क की Awareness को बढाते है.

जितना ज्यादा हमारा मन और शरीर शांत होता है हम उतना ही awareness की state में रहते है. ये अभ्यास हमारी unconsciousness को बढाता है जिसकी वजह से हम अपने body और mind को बेहतर explore कर पाते है. इसके कई सारे benefits है जिन्हें Yoga nidra training Online course के जरिये ले सकते है.

Yoga nidra meditation

इन कोर्स को लेने वाले ज्यादातर लोग yoga nidra for insomnia या फिर Insomnia ( sleeping disorder ) के पेशेंट होते है. इसका spiritual path से भी connection जोड़ा जा सकता है जिसमे Inner peace को explore करना शामिल है.

अगर आप इसका अभ्यास कर रहे है तो आपको मालूम होना चाहिए की Astral projection के लिए भी yoga nidra guided meditation का अभ्यास किया जा सकता है.

आज हर जगह Yoga nidra online training course शुरू किये जा रहे है जिनका मकसद शरीर और मन की शांति है.

योग निद्रा का अभ्यास बिना किसी तकनीक जानकारी के भी किया जा सकता है क्यों की जितना ज्यादा हम खुद को relax करने पर ध्यान देंगे उतना ही ज्यादा हम खुद को explore कर पाएंगे. आइये जानते है योग निद्रा ध्यान के बारे में.

Yoga nidra meditation

पूरी दुनिया में Yoga nidra, or yogic sleep आज एक immensely powerful meditation technique के रूप में popular हो चुकी है. इस Yoga practice को हम savasana ( शवासन ) के अभ्यास के जरिये कर सकते है. साधक इस प्रक्रिया में अपने pancha maya kosha ( पांच माया कोष यानि 5 लेयर ) से गुजरते है.

Yoga nidra guided meditation एक ऐसा अभ्यास है जिसे insomnia से पीड़ित लोगो द्वारा किया जाता है. योग निद्रा का अभ्यास इसके अलावा Astral projection के लिए भी किया जा रहा है और ये सबसे सरल अभ्यास है. इसके ऐसे कई benefits है जो हमें अभ्यास के दौरान मिलते है जिसमे तनाव से छुटकारा, खुद को समझना और spiritual experience शामिल है.

इसका अभ्यास step by step guide में दिया गया है लेकिन अभ्यास से पहले हमें yoga nidra benefits के बारे में पहले जान लेना चाहिए.

Amazing Yoga nidra Guided Benefits

यहाँ हमने कुछ खास फायदे के बारे में बात की है जो हमें Yoga nidra meditation के अभ्यास के दौरान मिलते है. ये अभ्यास जितना सरल है उतना ही flexible भी है. कोई भी बिना किसी expert knowledge के खुद को explore कर सकता है. आइये जानते है की Yoga nidra के अभ्यास के खास फायदे क्या क्या है.

Anyone can do yoga nidra

योग और प्राणायाम की कई विधि में लम्बे समय तक बैठे रहना हर किसी के बस की बात नहीं है. Yoga nidra meditation जैसी योग विधि को किसी भी उम्र में किया जा सकता है फिर चाहे वो 8 साल से ऊपर के बच्चे हो या फिर 60 साल के senior citizen हर उम्र के लोगो द्वारा इसे किया जा सकता है.

ये अभ्यास बिलकुल आसान है आपको सिर्फ अपने body को floor पर relax करना है. अगर आप अपने body को floor पर नहीं लिटा सकते है तो बैठ कर भी अभ्यास किया जा सकता है.

किसी तरह के खास गाइड की जरुरत नहीं

जब भी आप योग निद्रा का अभ्यास करते है आपको किसी तरह की special guide की जरुरत नहीं होती है. आपको शवासन में लेटना है और आवाज के गाइड को फॉलो करना है. जब आप अभ्यास करते है तब आप अपने अभ्यास के कुछ भाग को याद रख पाते है तो कुछ भाग को याद नहीं रख पाते है.

ये सब होता है अभ्यास के दौरान body और mind के relax होने की वजह से. हम जब भी अभ्यास करते है हमें हर बार नया experience करने को मिलता है.

अगर ऐसा होता है तो कुछ भी गलत नहीं है. ज्यादातर लोगो को लगता है की शवासन के अभ्यास के दौरान सो जाना सही नहीं है लेकिन वास्तव में हमें तब भी इसके benefit मिलते है.

अभ्यास के दौरान शुरुआत में हमें जो नींद आती है वो शरीर और मस्तिष्क के शांत होने की वजह से होता है. अभ्यास के दौरान हमारा unconscious mind काम करना शुरू कर देता है जिससे कुछ समय बाद नींद आने जैसी समस्या नहीं होती है.

योग निद्रा को आप दैनिक लाइफ में अपना सकते है

Seated meditation यानि बैठ कर किये जाने वाले ध्यान के अभ्यास हमें परेशान कर सकते है. ध्यान के अभ्यास के दौरान सांसो पर खुद को एकाग्र करना, ध्यान भटकने पर वापस सांसो पर लौटना और किसी माध्यम पर खुद को जोड़ना ये जल्दी ही हमें boring लगने लगता है.

Yoga nidra guided meditation हमेशा से गाइडेड होता है. इसका अभ्यास 5 minute से लेकर जितना चाहे उतना लम्बा रख सकते है.

Yoga nidra meditation को आप अपने दैनिक लाइफ का हिस्सा बना सकते है. चाहे तो सुबह उठने के बाद या फिर रात को सोते समय आप इसका अभ्यास कर सकते है.

सोते समय हैडफ़ोन लगाए और YouTube से किसी भी Yoga nidra guided meditation mp3 or video को select कर अभ्यास शुरू कर सकते है. हालाँकि ऐसा करना सही तरीका नहीं है लेकिन आप शुरुआत इस तरह से भी कर सकते है.

तनाव दूर करने के लिए सबसे आसान उपाय

Yoga nidra meditation के जरिये deep rest and relaxation को achieve किया जा सकता है.

आमतौर पर meditation practice के दौरान ऐसा करना संभव नहीं हो पाता है. शवासन के दौरान खुद की body के एक एक पार्ट को relax करते हुए महसूस करना अभ्यास को आसान बनाता है और हम Deep relax का अनुभव करते है.

आमतौर पर जब हम ये अभ्यास करते है तब जैसे जैसे हम body parts को relax करते है वैसे वैसे हमें नींद आना शुरू हो जाती है और जल्दी ही हम गहरी नींद ले पाते है. यही वजह है की yoga nidra for insomnia का अभ्यास गहरी नींद के लिए किया जाता है.

हम खुद को बेहतर जान पाते है

Yoga nidra Guided meditation के अभ्यास के दौरान शरीर और मस्तिष्क के शांत होने की वजह से हम खुद को बेहतर explore कर पाते है. लम्बे समय से जिन emotion को हम अपने अन्दर दबाए हुए रहते है एक एक कर वे बाहर निकलने लगते है और यही से हम खुद को जानने की क्रिया की शुरुआत करते है.

हम अपने भावनाओ को जब समझना शुरू करते है तब हमें बेहतर पता होता है की हमें क्या चाहिए और किस तरह के विचार पर काबू पाना है वो भी बिना उनमे उलझे. शवासन का मुख्य उदेश्य खुद को explore करना और emotion को बिना उलझे समझना है. बिना किसी शारीरिक तनाव में उलझे हम खुद को फ्री रहते हुए explore कर पाते है.

Guided Yoga nidra online training

आज जगह जगह पर yoga nidra online training दी जा रही है जिसकी फीस काफी महंगी होती है. अगर आप किसी महंगे Online coaching center की तलाश कर रहे है तो आपको पता होना चाहिए की इनकी फीस 15000 से शुरू होती है. ज्यादातर जगह पर ये दिन के हिसाब से कोर्स होता है.

Yoga nidra meditation का कम से कम ये 4 सप्ताह का कोर्स होता है जिसकी फीस Indian currency के अनुसार लगभग 28000 होती है. इसमें हर सप्ताह एक साधना करवाई जाती है. इन साधना में an asana practice, a pranayama practice, and a Yoga Nidra (approximately 1.5 hrs/week) का schedule होता है.

इसके साथ ही 1 Yoga Nidra Philosophy Recording जो की हर सप्ताह होती है और उसका टाइम 90-120 minute हर सप्ताह होता है.तीसरा चरण विडियो का है जिसमे 1 Yoga Nidra Technique Video जिसका समय हर सप्ताह 90 minute का होता है ये सब आपको online Yoga nidra training में मिलेगा.

10 Steps of Guided nidra meditation

योग निद्रा का अभ्यास करना बेहद आसान अभ्यास है. इसके लिए आपको yoga nidra for sleep female voice audio पर meditation करने की जरुरत है. ज्यादातर इसका अभ्यास stress release करने और better sleep के लिए किया जाता है. Yoga nidra guided meditation के लिए आपको एक Yoga mate चाहिए अगर ना मिले तो कम्बल ले और अभ्यास करे.

योग निद्रा के अभ्यास के लिए आपको 10 steps को follow करना होता है जो निम्न है. बेहतर नींद के लिए किया जाने वाला ये अभ्यास 3 चरण में है. पहले की तैयारी, अभ्यास और फिर अनुभव. स्टेप में किया जाने वाला Yoga nidra meditation का अभ्यास आपको बेहतर नींद लेने में help करता है साथ ही आपके body और mind को भी relax करता है.

अभ्यास से पहले की तैयारी

1 Connect to Your Heartfelt Desire अभ्यास से पहले आपको पता होना चाहिए की आप अभ्यास किसलिए कर रहे है और आपका उदेश्य क्या है. ये heartfelt desire कुछ भी हो सकती है जैसे की health, well-being, or awakening या फिर कुछ भी जिसे आप सबसे ज्यादा चाहते है. ज्यादातर इसकी वजह Astral travel होती है क्यों की Yoga nidra के अभ्यास में ही हम Deep sleep or Astral travel experience कर सकते है.

आपको यह इच्छा पूरी body को explore करते हुए imagine करना है. जैसे जैसे आप body को explore करते है वैसे वैसे आपका body खुद relax feel करना शुरू कर देता है.

2. Set an Intention आपका उदेश्य आपके अभ्यास में झलकना चाहिए. अभ्यास के दौरान जो भावना आप मन में रखते है वह अभ्यास में reflect होने लगती है. अगर आपका Intention खुद को relax or rest करना है तो आपको अभ्यास के दौरान वो अनुभव होना भी चाहिए.

3. Find Your Inner Resource किसी बाहरी सोर्स से जुड़ने की बजाय हमें अपने अन्दर की सोर्स पर ध्यान देना चाहिए. ऐसा करने से हम ज्यादा खुद को secure feel कर पाते है. जब भी आप खुद को विचारो में उलझा हुआ feel करे Yoga nidra meditation का अभ्यास daily life में कभी भी करे आपको yoga nidra benefits मिलना शुरू हो जाता है.

Yoga nidra for sleep guided meditation

4. Scan Your Body अभ्यास के दौरान हम पूरी body को explore करते है. ये एक ऐसा अभ्यास है जिसमे हम खुद को स्कैन करते है. Yoga nidra guided meditation को धीरे धीरे experience किया जाता है जैसे की body के एक एक parts को बिना देखे मन से महसूस करना. हम शरीर के हर अंग को अलग अलग मानते हुए उन्हें महसूस करते है जिसमे अंगो को महसूस करना, लेफ्ट और राईट को महसूस करना और उनमे हो रही हरकत को महसूस करना ये सब शामिल है.

5. Become Aware of Your Breath अभ्यास में जब शरीर पूरी तरह शांत हो जाता है तब हम पूरा ध्यान सांसो पर लगा देते है. हमारी body किस तरह साँस ले रही है, सांसे अन्दर और बाहर हो रही है या फिर अन्दर इनकी मूवमेंट किस तरह हो रही है ये सब हम अभ्यास में महसूस करते है.

6. फीलिंग को समझे बिना किसी तरह के हस्तक्षेप के जो भी हो रहा है उसे महसूस करे. इस दौरान मन 2 तरह के बदलाव होते है जैसे की sensations जिसमे heaviness, tension, or warmth शामिल है और emotions जिसमे sadness, anger, or worry शामिल है के बदलाव को हम महसूस करते है.

Yoga nidra Guided meditation experience

7. Witness Your Thoughts अभ्यास के दौरान thoughts, memories, and images को mind में आने दे इन्हें रोकने की कोशिश न करे. बिना किसी Judgement के जो विचार आ रहे है उन्हें बदलने की कोशिश करे. अगर कोई विचार ऐसा है जो आपको negative बना रहा है तो उसे judge न करे बल्कि emotion को बदलने की कोशिश करे.

8. आनंद को महसूस करे हमारा नाभि केंद्र सभी भावनाओ का केंद्र माना जाता है. जब body पूरी तरह relax हो जाती है और कोई भी emotion बदलाव नहीं होता है तब उस स्थिति में हमारे शरीर में कौनसा emotion चलता है उसके जॉय को महसूस करे.

9. Observe Your Self अब जब हम खुद को पूरी तरह relax कर चुके है तब हमें अपने आप को observe करना है. किस तरह के विचार से हमारी body में क्या फीलिंग आती है इन सबसे हम खुद को observe करते है. जब किसी फीलिंग से हम खुद को जोड़ते है तब हम क्या महसूस करना शुरू कर देते है ये सब इस स्टेप में हम जानते है.

10. Reflect on Your Practice अभ्यास पूरा होने के बाद उसके असर को दिन भर की गतिविधि में महसूस करे. दिनभर में दूसरे कामो में busy रहते हुए feeling of pure Being, or pure Awareness को experience करे. बिना किसी बदलाव के आप खुद को इस अवस्था में कितने समय तक रख पाते है ये आपके अभ्यास की सम्पूर्णता को निर्धारित करता है.

Difference between astral projection and yoga nidra

yoga nidra का मुख्य उदेश्य sleeping state में awareness को बनाए रखना होता है. हम सोते हुए भी अपनी consciousness से बने रहते है जिसकी वजह से सोते समय हम Dreaming or sleep में खोने की बजाय पूरी तरह चेतना में बने रहते है. जो भी हमारे अनुभव रहते है वो पूर्ण चेतना से जुड़े रहते है. अलग अलग लोग इसे waking experience, dream, astral experience के नाम से जानते है.

अनुभव तो अनुभव होता है फिर चाहे हम इसे कोई भी नाम दे इसमें कोई मायने नहीं रखता है. यहाँ Yoga nidra meditation में ये मायने नहीं रखता है की आप क्या अनुभव कर रहे है मायने ये रखता है की इस दौरान आप किस state of thought में रहते है. यहाँ पर conscious and aware, or unconscious and ignorant. Enlightenment कोई अनुभव नहीं है बल्कि एक state है. हम जिस state में रहते है वही हमारे लिए अनुभव बनाना शुरू कर देती है.

Yoga nidra guided meditation पूरी तरह permanent state of wakefulness में घटता है फिर चाहे आप कुछ भी अनुभव करे.

योग निद्रा बंद आँखों से चेतना में बने रहते हुए deep relaxation को experience करना है वही दूसरी और astral projection एक अनुभव है जो हम Astral body के जरिये Astral dimension में किया जाता है. ज्यादातर लोग इसे अनुभव करने की बजाय इसमें फंस जाते है और hallucinations experience करने लगते है.

अगर आप इसमें फंसना नहीं चाहते है तो आपको Astral travel and hallucinations experience के बिच फर्क पता होना चाहिए. जब ऐसा होगा तभी आप सही तरह से अनुभव कर सकते है.

Astral Projection Methods

वैसे तो conscious OBE and astral projection को लेकर Different kind of method है लेकिन मुख्य रूप कुछ आसान तरीके है जिन्हें आप अपना सकते है. शरीर के सोने के बाद भी मस्तिष्क को चेतन रखे जैसे की Yoga nidra meditation जिसमे हमारा शरीर पूरी तरह relax हो जाता है लेकिन हमारा brain फिर भी active रहता है.

शरीर से बाहर होने का अनुभव करने के लिए आपको अपने शरीर को जितना हो सके relax करना है और अपने आसपास होने वाले गतिविधि को sense करना है. इसके साथ ही आपकी body में जो vibration होना शुरू होता है उसे experience करना है. जल्दी ही ये vibration इतना ज्यादा बढ़ जाता है की आपका subtle body आपके Physical body से अलग होने लगता है.

How to Astral Project/Travel

7 आसान स्टेप में आप योगनिद्रा के जरिये Astral travel कर सकते है. ये अभ्यास Yoga nidra meditation पर based है जिसमे शरीर और मस्तिष्क को शांत करते है.

  • सबसे पहले body ओर mind को पूरी तरह relax कर ले.
  • जब body ओर mind पूरी तरह relax हो जाता है हम hypnagogic state, or half-sleep में enter करते है.
  • इस अवस्था को और ज्यादा गहरा बनाते जाए. इसके लिए आप भौतिक अहसास की जगह मानसिक अहसास करना शुरू करे जैसे की भावनाओ के जरिये शरीर को महसूस करना.
  • अपने आसपास के environment में presence of vibration को महसूस करना शुरू कर दे. ऐसा करने पर आप state of deep attention में इसका अहसास करना शुरू कर देते है.
  • भौतिक शरीर में हो रहे वाइब्रेशन को महसूस करे. जब आप Subtle body में ये vibration महसूस करने लगते है तो ये आपके Physical body के अलग होने का पहला चरण होता है.
  • अपना पूरा focus शरीर से बाहर निकलने में लगा दे.
  • जब आप शरीर से बाहर निकलने का अभ्यास कर रहे होते है तब आपका ध्यान अपने body के अन्दर हो रहे vibration पर होना चाहिए. ऐसा करना आपकी body में कम्पन पैदा करता है और आप बाहर निकलने की शुरुआत करते है.

शरीर से बाहर Astral projection के लिए आपको ये स्टेप follow करनी है. जब आप ऐसा करेंगे तब आप अपने शरीर से बाहर होने का अनुभव करना शुरू कर देते है.

Read : कनक परी वशीकरण सिद्धि साधना एक सरल और कम समय की साधना

Yoga nidra meditation and astral projection final conclusion

अब तक आप जान चुके है की Yoga nidra meditation के जरिये Astral projection को possible किया जा सकता है. जब हमारा शरीर और मन अपने चरम पर शांत हो जाते है तब हम अपने subtle body को शरीर से अलग महसूस कर सकते है. इस पूरी प्रक्रिया में Yoga nidra Guided meditation हमें body and mind को relax होने में मदद करता है जिसकी वजह से हमारी awareness बढती है और हम अपने आसपास के environment को लेकर ज्यादा से ज्यादा Conscious रहते है.

शरीर के सो जाने के बावजूद भी अगर हमारी चेतना जाग्रत रहती है तो हम आसानी से शरीर को छोड़कर बाहर निकल सकते है. योग निद्रा का मुख्य उदेश्य शरीर और मन को शांत करना है साथ ही खुद को explore करना भी है. अगर आप Yoga nidra benefit लेना चाहते है तो आपको इसके लिए लम्बे अभ्यास की जरुरत होगी. आप चाहे तो ये yoga nidra for sleep female voice music सुन कर अभ्यास कर सकते है.

मैडिटेशन के दौरान साधक को किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है और उन्हें फेस कैसे करे

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ध्यान के फायदे सुनकर हम इसे दैनिक करना चाहते है लेकिन कर नहीं पाते है क्यों की इसके अभ्यास के दौरान हमें physical, mental stress से गुजरना पड़ता है. common problems in meditation जिनसे हर व्यक्ति शुरू में गुजरता है उसके लिए इसमें आगे बढ़ पाना लगभग असंभव सा हो जाता है.

अगर आप भी ऐसी समस्याओ से गुजर रहे है जिनकी वजह से आपका daily meditation करना possible नहीं हो पा रहा है तो इस पोस्ट को जरुर पढ़े क्यों की आज हम शेयर करने जा रहे है कुछ ऐसी बाते जिन्हें ध्यान में रख कर आप इन प्रोब्लम से छुटकारा पा सकते है.

ये एक meditation for beginner guide in Hindi है जिसमे हम basic बातो पर ध्यान देंगे और उनका संधान करने की कोशिश करेंगे.

ध्यान करते वक़्त आप किसी न किसी समस्या से गुजरते है। अक्सर ध्यान ना लग पाना सबसे बड़ी समस्या होती है। इसके अलावा नियमितता का अभाव भी हो जाता है। मन का भटकाव और आपके दिनचर्या का तरीका भी ध्यान में समस्या उत्पन करता है।

common problems in meditation

क्यों की ध्यान करने के बाद अगर मन चंचल है तो भी आप ध्यान में सफल नहीं हो पाएंगे। आज की पोस्ट में हम बात करेंगे ध्यान में आने वाली समस्या और उनका आसान समाधान। हम हमेशा एक प्रण लेते है लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाते है अक्सर ध्यान के दौरान भी यही होता है हम सोचते है की शुरू करेंगे !

आज नहीं हुआ कल जरूर करेंगे लेकिन फिर भी कर नहीं पाते है। इस तरह की घटनाएं हमारे साथ होती रहती है जिसकी कई वजह हो सकती है लेकिन सिर्फ मुख्य बातो पर गौर करे तो कुछ ऐसी बाते निकलती है जो हमें सबसे ज्यादा परेशान करती है।

common problems in meditation

सबसे पहले तो ये समझे की ध्यान आखिर है क्या ? ज्यादातर सोचते है की ध्यान विचारों को रोकने का माध्यम है। जबकि ध्यान किसी चीज को महसूस करने का नाम है बजाय इसके की ध्यान किसी चीज को लेकर प्रतिक्रिया करना।

इसी वजह से ज्यादातर फ़ैल हो जाते है। ध्यान सिर्फ वर्तमान में रहने का नाम है। common problems in meditation से गुजरते हुए आप इसे सही तरीके से सोल्व कर सकते है.

अगर आप कभी सूर्यास्त को देखते है तो पाते है की आपका सारा ध्यान सिर्फ अस्त होते रहने पर है ना की पांच मिनट बाद सूर्य कहा होगा इसका मतलब आप भूत और भविष्य भूल कर सिर्फ वर्तमान में उसे देखते है।

वक़्त की कमी biggest common problems in meditation

सबसे बड़ी समस्या जो ध्यान में आती है वो है नियमित ध्यान के लिए वक़्त नहीं मिल पाना। शुरू शुरू में हम कोशिश करते है की सुबह जल्दी उठे और अभ्यास पर ध्यान दे लेकिन जैसा की पहले ही बता चूका हूँ ये सबसे बड़ी common problems in meditation है.

जिसकी वजह से 95% लोग तो कुछ दिन बाद से ही अभ्यास को वक़्त देना छोड़ देते है. हम सोचते है की ध्यान के लिए सिर्फ सुबह का समय ही सही रहता है जबकि ऐसा नहीं है. वास्तव में देखा जाए तो ध्यान के लिए कोई समय फिक्स नहीं होता है. दिनभर के कामो के बिच में हमें इतना वक़्त मिल जाता है की हम आसानी से इसका अभ्यास कर सके.

ध्यान को समय पर फिक्स करने की बजाय उसे अपने daily routine का हिस्सा बना लेना चाहिए. अगर आप ऐसा कर लेते है तो कोई भी जगह आपके लिए अभ्यास करने लायक बन जाती है. ध्यान को अपने दैनिक जीवन की गतिविधि में लाने के लिए कुछ उपाय है जिन्हे आजमाना चाहिए।

प्रतीक्षा के वक़्त को ध्यान के वक़्त में बदले

हम दिन भर कुछ वक़्त प्रतीक्षा में निकाल देते है इस वक़्त को ध्यान के वक़्त में बदल कर हम इसका सही उपयोग कर सकते है। इसलिए अगले वक़्त जब भी आप कही इंतज़ार कर रहे हो उस वक़्त सांसो पर ध्यान लगा सकते है।

याद रखिये सांसो को सिर्फ महसूस करना है उन्हें नियंत्रित नहीं करना है। इसके लिए काफी सारी जगहे है जहाँ आपका वक़्त ऐसे ही निकलता है जैसे की ट्रैफिक, बस से ऑफिस जाते समय, रास्ता तय करते समय. ऐसे समय का हमें सही इस्तेमाल करना आना चाहिए. common problems in meditation in Hindi को फेस करे.

ध्यान करने के लिए आसन या फिर किसी जगह की जरुरत नहीं है बल्कि आप चलते समय सिर्फ सांसो पर फोकस करके भी खुद को ध्यान की स्थिति में ला सकते है. ये छोटा सा अभ्यास आपकी यादाश्त को बढाने में सहायक है. सिर्फ एक काम करना है जैसे ही आप कही waiting, walking zone में जाए वहां पर ये अभ्यास करे.

2 second साँस को अन्दर ले 

4 second उसे अन्दर रखे 

2 second उसे बाहर निकालने में दे. 

जब आप ऐसा करते है तो कुछ समय बाद ही आपके सारे विचार आपके नियंत्रण में आने लगते है. शांत स्थिर स्वभाव होने लगता है.

दैनिक गतिविधि को ध्यान से जोड़ना :
  • दांतों को ब्रश करना
  • बर्तन धोना
  • नहाना
  • खाना
  • टहलना
  • प्रेस करना, कपडे सही करना

इन काम को करते वक़्त आप अपनी सांसो पर ध्यान लगा सकते है।

आप जब भी अपने पालतू को घुमाने ले जाते है तो गौर कीजिये जब आपका पालतू कुत्ता या बिल्ली चलते वक़्त सिर्फ अपनी लय में चलते है उनके चलने के अंदाज को एन्जॉय करे।

प्रकृति को महसूस करे अपने आसपास के वातावरण को महसूस करे उसमे खो जाये और उसका हिस्सा बन कर उस खुशी और शांति को महसूस कीजिये। common problems in meditation को फेस करते हुए उन्हें सोल्व करे.

जब भी आप गाड़ी चलाते है तो गाड़ी चलाते हुए अपने हाथो की गतिविधि पर ध्यान दे आपका शरीर और मस्तिष्क जो भी गतिविधि करता है उसे नोटिस करे अपना पूरा ध्यान उसमे लगाकर आप उस पल का हिस्सा बन सकते है।

स्वय-अनुशासन की कमी

ध्यान का सबसे बड़ा नियम है अनुशासन और हमारे दैनिक जीवन में इसी की सबसे बड़ी कमी पाई जाती है। अनुशासन की कमी की वजह से ही हम ध्यान को नियमित नहीं कर पाते है।

अगर आपके साथ ऐसा होता है तो आप अपने साथी की तलाश करे जो आपके साथ ध्यान कर सके। फिर उसके साथ सहयोग कर आप ध्यान की शुरुआत करे और धीरे धीरे आपसी सहयोग से ध्यान के प्रति आपका स्वय-अनुशासन अपने आप बन जायेगा।

ध्यान को करने का सबसे बड़ा जरिया है खुद को अनुशाषित करना. अगर आपको common problems in meditation में से एक daily न कर पाना की problem आ रही है तो समझ ले की आपको खुद में सुधार करने की जरुरत है.

अगर आप नहीं जानते की खुद को अनुशाषित कैसे बनाए तो हमारी पोस्ट को पढ़े जिसमे 21 दिनों में अच्छी आदत बनाने के बारे में समझाया गया है.

ध्यान के लिए सही जगह का न मिल पाना

अगर आप सोचते है की हर कही पर ध्यान नहीं किया जा सकता तो आप गलत है ध्यान कोई हौवा या क्रिया नहीं है जो इसके लिए कोई अलग से जगह चुननी पड़े। ध्यान आप कही भी कर सकते है, कभी भी कर सकते है।

ध्यान के लिए हर जगह उपयुक्त रहती है अगर आपको लगता है की घर में कोनसी जगह सबसे बढ़िया हो सकती है तो यकीं मानिये सबसे बढ़िया जगह देखे तो आपका टॉयलेट जहां आपको कोई परेशान नहीं कर सकता है।

ज्यादातर लोग जब तनाव में होते है तो वो अपना वक़्त टॉयलेट में बिताते है। जगह की कमी जैसी common problems in meditation को आप इस तरह पूरा कर सकते है.

आज शहरो में जगहों को ध्यान केंद्र के नाम पर ऐसे सजाया जा रहा है जैसे की वास्तव में हमें अनुभव होंगे. महंगे केन्द्रों में जाने की बजाय खुद के आसपास की जगहों पर नजर डाले.  क्या कोई ऐसी जगह है जहाँ कुछ पल के लिए शांत बैठा जा सके ?

आपके आसपास ऐसी कई जगह है जहाँ आप ध्यान लगा सकते है. सही गलत का तर्क सिर्फ दिमाग का होता है क्यों की

हालात हमारे मुताबिक कभी नहीं होते है हमें ही उनके अनुसार खुद को ढालना होता है.

common problems in meditation – ध्यान में निद्रा का आना

ध्यान के दौरान नींद आना स्वाभाविक है क्यों की इस दौरान आप ब्रह्मांड से ऊर्जा प्राप्त करते है जिसके लिए शरीर का शिथिल होना जरुरी है। ज्यादातर लोग मानते है की ध्यान के दौरान सोना गलत है.है।

common problems in meditation in Hindi. अगर आपके साथ भी बार बार ऐसा होता है तो आप इन उपाय को आजमा सकते है।

  • रात्रि को सोने से पहले ध्यान ना करे क्यों की इस दौरान आपका सोना स्वाभाविक रहेगा।
  • ध्यान सुबह या दोपहर में करने की कोशिश करे जब आप जाग्रत हो।

ध्यान को थोड़े से ज्यादा की तरह करे शुरू में थोड़ी देर तक फिर धीरे धीरे बढ़ाते जाये।

विचारों का भटकाव

ये सबसे बड़ी और common problems in meditation है जिसकी वजह से हम खुद को फोकस नहीं कर पाते है. अक्सर ऐसा होता होगा की जब भी हम ध्यान करने बैठते है तो मन में अचानक से विचारों की बाढ़ आ जाती है। मन में दूसरे विचार चलने लगते है।

अगर ऐसा होता है तो आप इसे रोके नहीं इसे घटने दे ये स्वाभाविक क्रिया है इन्हे रोकने की बजाय इन्हे घटने दे। विचार चलता है तो चलने दे उसे होने दे और कुछ देर बाद आपका ध्यान अपने आप इनसे हट जायेगा।

इस वक़्त आपको सिर्फ उन पर ध्यान देने की जरुरत है। और आपका ध्यान अपने आप आपकी सांसो पर चला जायेगा।

जानते ही नहीं है की कैसे ध्यान करना है

ध्यान की कई विधि प्रचलन में है लेकिन ध्यान किया कैसे जाये ये बहुत कम लोग जानते है। ध्यान का मतलब है गतिविधि को देखना महसूस करना उसे नियंत्रित करना नहीं। इसके अलावा सिर्फ वर्तमान में रहना।

इन बातो को ध्यान में रख कर आप अपना जीवन ध्यानमय बना सकते है। अगर आप common problems in meditation से गुजर रहे है तो आपको इसके समाधान के लिए कुछ स्टेप लेने की जरुरत है.

अगर आप मानते है की सिर्फ बैठकर ध्यान लगाया जा सकता है तो आपको इसके तरीके को सही से समझने की जरुरत है.

ध्यान सिर्फ बैठ कर ही नहीं लेट कर भी लगाया जा सकता है. लेटते वक़्त हमें ध्यान रखना होगा की नींद न आ जाए. अगर आप खुद को सोने से रोक पाते है तो आप इसे बेहतर तरीके से कर पाते है और अनुभव भी कर सकते है.

common problems in meditation – final word

दोस्तों ध्यान के बारे में भ्रान्ति से बाहर निकले और बहाने बनाने छोड़ दे. अगर इस पोस्ट को पढने के बाद आप खुद को ध्यान के लायक बना सकते है तो पोस्ट बनाने का मकसद सार्थक हो जाता है. common problems in meditation से जुडी ये पोस्ट समय समय पर अपडेट होती रहेगी और आपको आने वाली समस्या भी जुडती जाएगी.

अगर इसके अलावा कोई समस्या जो आप ध्यान के समय अनुभव करते है तो हमें जरुर बताये.

आज की पोस्ट आपको कैसी लगी इस पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे इसके अलावा ध्यान से जुडी अन्य समस्या पर अपने सुझाव् भी आप रख सकते है। आपके सुझाव इस कड़ी में जोड़े जायेंगे।

sources : web, books, experience and people

गाइडेड विपस्सना मैडिटेशन की अनोखी विधि जो साधक को बुद्धत्व उपलब्ध करती है Guided Vipassana meditation practice

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Vipassana meditation practice or upasana meditation को India’s most ancient techniques of meditation में से एक माना जाता है. इसके जनक आज से 2500 वर्ष पूर्व Gautama Buddha थे. उन्होंने इसे universal remedy for universal ills यानि Art of living की तरह लोगो के सामने प्रस्तुत किया और खुद पर प्रयोग किया.

आज दुनिया भर में Vipassana meditation center देखे जा सकते है क्यों की ये 10 day silent meditation retreat बेहद amazing result देने वाली है.

इस ध्यान की विधि से Point of view को पूरी तरह बदला जा सकता है. बहुत से लोगो ने अपने Vipassana meditation experience के बारे में अनुभव share किये है.

उनके अनुसार इस तरह इसका कोई मुकाबला नहीं. ये one of the best meditation technique है जो हमारी सोच को जीने के नजरिये को पूरी तरह बदल देती है. ऐसे लोग जिन्होंने लाइफ में काफी depression and stress का सामना किया और अंत में Vipassana mindfulness का सहारा लिया है उनकी लाइफ पूरी तरह बदल गई.

Vipassana meditation practice

क्या सिर्फ 10 दिन में किये गए Vipassana meditation practice से हम खुद को बदल सकते है ?

अगर आपके मन में ये सवाल आता है तो आपको ध्यान की इस विधि के बारे में जानना चाहिए क्यों की गौतम बुद्ध की जितनी भी ध्यान की विधि है सब अपने आप में पूर्ण है और उनके लाभ भी. आइये जानते है इस पोस्ट में विपस्सना ध्यान विधि के बारे में.

Vipassana meditation practice in Hindi

Vipassana का मतलब है जो जैसा है उसे वैसे ही देखना. ये विधि पूरी तरह Eradication of mental impurities को दूर कर Highest happiness of full liberation से परिपूर्ण करने पर आधारित है.

Vipassana meditation practice एक जरिया है जिसके self-transformation through self-observation को महत्त्व दिया जाता है.

ध्यान की ये विधि Body and mind के बीच deep interconnection को लेकर focus रहती है. बॉडी को एक अनुशासन में रखते हुए इसे प्राप्त किया जाता है. ये Meditation technique इन Basic things पर आधारित है

  1. self-observation
  2. self-exploratory journey

जब हम Body and mind के बिच एक common root को follow करते है तो ये हमारी mental impurity को दूर करना शुरू कर देता है जिसकी वजह से हमारा mind न सिर्फ balanced होता है बल्कि love and compassion से भरा हुआ होता है.

Vipassana meditation practice या upasana meditation उन meditation technique में से एक है जो किसी बाहरी माध्यम से जुड़ने की बजाय अंतर से जुड़ने पर आधारित है.

आज पुरे world में Vipassana meditation center खुल चुके है क्यों की लोगो में ये काफी पसंद की जाने वाली meditation technique बन चुकी है.

किसी भी इन्सान के लिए एक scientific law लागू होता है जो उनके thoughts, feelings, judgments and sensations को control करता है. direct experience के जरिये इसे clear किया जाता है.

The Tradition of Vipassana mindfulness

महात्मा बुद्ध के समय से ही Vipassana meditation practice एक के बाद एक लोगो में फैलती गई जो आज बिना टूटे एक चैन की तरह पुरे विश्व में फ़ैल चुकी है. आज हर जगह आपको Vipassana meditation course से जुड़ी जानकारी मिल जाएगी क्यों की लोगो के बीच इसके benefit काफी ज्यादा चलन में है.

Buddhism में 2 तरह की meditation technique चलन में रही है.

  1. Vipassana mindfulness meditation technique
  2. Samatha meditation technique

Vipassana meditation practice की दोनों ही विधि अलग अलग basic principle पर based थी जैसे की विपस्सना ध्यान विधि में जो घटित हो रहा है उसमे हकीकत में क्या घटित हो रहा है इस पर “awareness” को बढाने पर जोर दिया जाता था जबकि दूसरी विधि में “concentration” पर focus किया जाता है.

जब ऐसा किया जाता था तब दिमाग को आराम देकर सिर्फ एक विचार पर focus कर लिया जाता था और उस जगह से ध्यान नहीं टूटता था. ऐसा होने की वजह से Body and mind आसानी से state of tranquility में आ जाती थी.

आज बहुत सी meditation technique में Buddhism की इस दूसरी विधि ही practice की जाती है. साधक खुद को किसी भी एक माध्यम पर focus करता है जो की कुछ भी हो सकता है. ऐसा करने की वजह से जितने भी other thoughts and perceptions होते है वे सब consciousness से हट जाते है.

Vipassana meditation practice के बाद बचता है हमारा शांत मन और अनुभव जो की meditation session के अंत तक या फिर जब तक हम उस अवस्था में है तब तक रहते है. ये temporary स्थिति है जबकि Vipassana experience में insight पर focus किया जाता है.

Vipassana mediation में एक meditator अपनी Concentration को एक tools की तरह इस्तेमाल करता है. जब ऐसा होता है तब वो illusion की उस दीवार को तोड़ देता है जो उसे living light of reality से दूर रख रही थी. ये एक gradual process है जो लगातार हमारी self awareness को बढाती रहती है.

Vipassana meditation practice में अंतर से जुड़ाव की प्रक्रिया चलती रहती है और हम एक दिन सभी तरह के अवरोध को पार कर लेते है. यही है सही मायने में enlightenment और ये permanent होता है. Liberation हर Buddhist systems of practice का आखिरी गोल होता है.

The oldest Buddhist meditation practice

Vipassana yoga meditation को oldest Buddhist meditation practice माना जाता है. इस विधि को Satipatthana Sutta [Foundations of Mindfulness] से गृहीत किया गया था. इसके अनुभव में mindfulness or awareness को लेकर धीरे धीरे बढ़ते जाते है और आगे बढ़ा जाता है.

हालाँकि Vipassana meditation practice एक gentle technique है लेकिन इसमें काफी सारे रहस्य है. ये हमारे दिमाग को एक systematic तरीके से train करती है. ध्यान की इस विधि में हम

  • attentive listening
  • mindful seeing
  • careful testing

पर खुद को focus रखते है. Vipassana meditation experience में हम विचारो में उलझे बगैर उन्हें observe करते है. ज्यादातर Vipassana meditation practice के दौरान हमें ऐसा लगता है की ऐसा हम कई meditation technique में कर चुके है लेकिन ऐसा सिर्फ illusion होता है. हम अपनी अटेंशन को उस स्तर तक नहीं रखते है जितना हमें रखना चाहिए.

ये सब वजह है की हमें Vipassana meditation practice के दौरान क्षणिक अनुभव जरुर होते है लेकिन वो सब अस्थाई होते है. Vipassana yoga meditation के दौरान meditation as discovery की तरह आगे बढ़ा जाता है. Vipassana और कुछ नहीं बल्कि form of mental training है जो हमें दुनिया को एक नए नजरिये से देखने का चांस मिलता है.

इस अभ्यास के दौरान खुद को 0 से शरू करे. हमें लगता है की हम ये सब पहले से जानते है लेकिन वो हमारा भ्रम रहता है. जब हम ये सोचते है की जो अनुभव हम कर रहे है वो हमें पहले से पता है तो हमें अनुभव सोच के अनुसार ही होते है न की वास्तविक इसलिए कभी भी ये न सोचे की ये सब हम जानते है.

Vipassana meditation course experience

बहुत सी वजह है जिनकी वजह से हम Vipassana meditation course के लिए apply करते है. खासकर वे लोग जो anxiety, depression or stress का शिकार होते है. Insomnia, chronic pain, panic attack जैसी कई वजह हो सकती है जिनकी वजह से लोग इस कोर्स के लिए आवेदन करते है.

ये meditation technique दूसरी विधि mindfulness meditation से बिलकुल अलग है. बाकि की सभी विधि किसी न किसी object पर अटेंशन को focus करती है जबकि इसमें हम खुद एक object बन जाते है.

Vipassana meditation practice के दौरान घंटो एक ही स्थिति में बैठे रहना फिर चाहे दर्द क्यों न होने लगे आपको अपनी concentration पूरी बॉडी में हो रही अलग अलग सेंसेशन पर रखनी है. अलग अलग जगह पर स्थिति अलग हो सकती है लेकिन यहाँ पर आपको एक fix schedule को follow करना होता है.

  • सुबह 4 बजे उठना
  • 4:30 से 6:30 तक हॉल में या अपने कमरे में मैडिटेशन करना
  • 6:30 से 8:00 बजे सुबह नाश्ता होता है
  • 8:00 से 9:00 तक Group meditation
  • 9:00 से 11:00 तक group meditation या फिर अपने कमरे में ध्यान
  • 11:00 से 12:00 लंच का समय
  • 12:00 से 1:00 तक या तो आराम होगा या spiritual guru से मंत्रणा होती है
  • 1:00 से 2:30 तक group meditation in hall या फिर अपने रूम में
  • 3:30 से 5:00 तक हॉल या रूम में आपके instructor के अनुसार ध्यान का अभ्यास
  • 5:00 से 6:00 बजे चाय का ब्रेक
  • 6:00 से 7:00 बजे group meditation
  • 7:00 से 8:15 तक समूह में वार्तालाप
  • 8:15 से 9:00 तक group में मैडिटेशन
  • 9:00 से 9:30 पर हॉल में सवाल जवाब होते है
  • 9:30 पर अपने रूम में जाये और सो जाये

यहाँ आने के बाद आपको एक कड़े दिनचर्या का पालन करना होता है. यही वजह है की जल्दी ही आपको इसके positive effect मिलने शुरू हो जाते है.

Vipassana meditation practice what to do

Vipassana meditation center जाने से पहले आपको Vipassana meditation practice से जुड़ी जरुरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए. आपको वहां क्या ले जाना है क्या नहीं इस बारे में आपको पता होना चाहिए क्यों की केंद्र में जाने के बाद आपका संपर्क उन दिनों के दौरान बाकि सबसे हट जाता है.

center में आपको problem का सामना न करना पड़े इसलिए वहां क्या ले जाना है ये जान ले.

  • अलार्म टोर्च और लॉक ये 3 चीजे ले जाना बेहद जरुरी है. इस दौरान आप अपने मोबाइल का अलार्म इस्तेमाल नहीं कर सकते है. जितने दिन आप केंद्र में रहते है हर तरह के Electronic gadget से आपको दूर रहना होता है.
  • साधना के दौरान आरामदायक कपड़े ले जाना जरुरी है.
  • अगर आप कोई दवा ले रहे है तो आपके पास पर्याप्त मात्रा में दवा होनी चाहिए.
  • एक जोड़ी चप्पल ले ले ये आपके काम आयेगी
  • एक हल्का सा शाल
  • मौषम के अनुसार जरुरी सामान जैसे की छाता या rain coat
  • साधना केंद्र में आपको बेड और ध्यान लगाने के लिए आसन मिलता है.

साधना के दौरान क्या ना ले जाए

  • जरुरत से ज्यादा और फैंसी कपडे ना ले जाए.
  • मोबाइल और किसी तरह का गैजेट ले जाना मना है.
  • किसी भी तरह का रीडिंग मटेरियल.
  • गाने सुनने की गैजेट या फिर खाने पिने का सामान
  • तम्बाकू और किसी तरह की गैर जरुरी दवा
  • धार्मिक चीजे या फिर परफ्यूम
  • किसी भी तरह की गहने से जुड़ी चीजे.

वहां basic need के अलावा किसी भी तरह की चीजे ले जाना बिलकुल मना है क्यों की इससे आप ज्यादा से ज्यादा समय साधना में दे पाएंगे और आपका ध्यान इधर उधर नहीं भागेगा.

Vipassana yoga meditation practice

बहुत से लोग जिन्होंने Vipassana meditation course को complete किया वे दूसरो के सामने अपने Vipassana experience से जुड़ी कई बाते बताते है. उनके अनुसार ये एक चमत्कारी ध्यान की प्रक्रिया है जो किसी की भी लाइफ को पूरी तरह से बदल देती है. आइये जानते है उन 10 दिन के दौरान Vipassana meditation India के केंद्र में क्या होता है जो उन्हें अलग बनाता है.

जब आप Vipassana meditation center में जाते है तब पहले दिन आपको अपने कमरे में ध्यान लगाने के लिए कहा जाता है. आप कमरे में और बहार group में दोनों जगह ही अभ्यास करते है लेकिन 2 दिन बाद आपको सिर्फ कुछ खास निर्देश दिए जाते है. Vipassana meditation practice को लेकर और आप अपने रूम में अभ्यास करने के लिए फ्री हो जाते है.

जब हम अकेले कमरे में Box breathing meditation यानि अपनी सांसो पर खुद को फोकस करते है तब हमारी सोच और नजरिया बदलने की पहली कड़ी शुरू होती है. Vipassana meditation course के दौरान पहली condition है खुद के ज्ञान को सेंटर से बाहर ही कर देना.

आप अन्दर आकर जो सुनते है वो सब शुरुआत  से शुरु की जाती है. Vipassana 10 day course के ये 10 दिन आपकी पूरी लाइफ इस कारण बदल पाते है क्यों की Vipassana meditation practice के दौरान आप

  • बाहरी दुनिया और किसी भी समस्या से आप दूर होते है.
  • किसी भी बाहरी सुविधा वाली चीजो से आप दूर होते है ऐसे में आनंद आपके अन्दर तलाशना शुरू करते है.
  • सांसो पर पकड़ बनाने के बाद आपके लिए अपनी सोच को पकड़ना आसान बन जाता है.

विपस्सना ध्यान के 3 चरण

ऐसा माना जाता है की Vipassana meditation practice को 3 चरण में समझा जाता है.

  1. पहले 3 दिन आपको कुछ परेशानी होती है क्यों की आप एक नयी जगह होते है और आप उसके माहौल में खुद को ढालने की कोशिश करते है.
  2. दूसरे 3 दिन में आप खुद को इस केंद्र के नियम में ढाल लेते है और अभ्यास में आपको रस आने लगा है. लोगो के अनुसार ये 3 दिन आपके लिए गहन साधना अभ्यास के दिन होते है.
  3. आपको पूरी तरह फ्री कर दिया जाता है क्यों की अब आप अपने गाइड खुद है. आप खुद को अभ्यास के साथ साथ बाकि सभी जगह बेहतर ढंग से ढलना सीखते है.

10 दिन के दौरान जो जो बदलाव हम महसूस करते है वो हमें ये 5 सीख देते है.

  1. लाइफ में जुनूनी होकर आगे बढ़ने के लिए ध्यान का अभ्यास नहीं है.
  2. हमारी लाइफ में आने वाली जितनी भी समस्या है वो सब हमारी सोच से उपजी है.
  3. आपको हर हाल में काम करना ही होगा
  4. खुद को परफेक्ट समझ लेना सबसे बड़ी बेवकूफी होती है
  5. दर्द को सहना है तो खुद को इसके लिए reaction देने से रोके

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Vipassana meditation practice final conclusion

आप सबको ये जान लेना चाहिए की Vipassana meditation practice किसी भी तरीके से कुछ भी बदलती नहीं है. ये हमें दिमाग को कमांड करना सिखाती है जिसकी वजह से हम जान पाते है की जितना हम सोच सकते है उससे कही ज्यादा हम कर सकते है.

Vipassana meditation practice in Hindi. किसी भी तरह की मानसिक समस्या को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है. 10 day silent meditation retreat के दौरान खुद को जानने के लिए जितना भी समय दिया जाता है उस दौरान हम brain को train करते है.

हर सेशन के बाद Vipassana meditation experience को share किया जाता है जिसकी वजह से हम खुद ये जान पाते है की आखिर हमने बदलाव क्या किया है. सबसे बड़ी और अहम् बात ये है की आपका संपर्क सभी बाहरी चीजो से काट दिया जाता है जिसकी वजह से आप खुद से जुड़ाव करते है ना की बाहरी चीजो के पीछे भागते है.

अकेले india में Best place to do vipassana है जहाँ आप अभ्यास कर सकते है.

खुद को बदलने के लिए 21 दिन में किसी भी आदत को अपना बनाने के लिए सबसे आसान तरीका

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अच्छी आदत बनाए 21 दिनों के नियम के इस खास तरीके से powerful way to become hero in Hindi. आपमें से बहुत से लोग हर रोज तरह तरह के संकल्प या प्रण लेते है और उन्हें पूरा करने की कसम खाते है. लेकिन कुछ दिन बाद आपको ये भी याद नहीं रहता है की आपने क्या संकल्प लिया है. फिर आप सोचते है की कोनसा इकरारनामा भरा था !

संकल्प ही तो था असल में आप यही सबसे बड़ी गलती करते है. हम पूरी दुनिया को बेवकूफ बना सकते है पर अपने मन को नहीं. अगर आप चाहते है की आपका मन आप पर विश्वास करे तो उसे बेवकूफ बनाने की कोशिश न करे.

क्यों की संकल्प लेने से पहले से जरुरी है उसकी आवश्यकता पर गौर करना. ये आपने कर लिया तो कोई भी ताकत आपका संकल्प पूरा होने से नहीं रोक सकती. अच्छी आदत बनाए 21 दिनों के नियम के इस खास तरीके से.

नए नए प्रण लेना पर पूरा ना होना. नए साल का पहला सप्ताह चल रहा है. बहुतो ने प्रण लिए होंगे खुद को बेहतर बनाने, कुछ नया सीखे के लिए. पर क्या अपने पिछले वर्ष का आकलन किया की उसमे क्या किया, उस वर्ष ने क्या दिया, क्या सिखाया !

अच्छी आदत बनाए 21 दिनों के नियम से

वैसे भी इस बार की तरह प्रण अपने पिछले साल भी लिए थे, वह कितना पूरा हुआ ! हो सकता है कुछ लोगो के पास इसके लिए सकारात्मक जवाब ही, परंतु अधिकांश लोग अक्सर मंथन ही करते रहते है.

ऐसे में नए साल की शुरुआत आपके लिए एक और मौका है, इस वर्ष आप खुद को और बेहतर बना सकते है. सच्ची-प्रेरणा आज आपको ऐसा ही एक तरीका शेयर करने जा रहा है की कैसे अच्छी आदत बनाए जिससे आप खुद में बहुत कुछ पा सकते है. इन्हें आप आसानी से कर सकते है और अपने प्रण को पूरा कर सकते है.

प्रण लेने के बाद पूरा करना कितना आवश्यक है. अगर आप सोचते है की प्रण लेने के बाद पूरा न करने से आपको कोई नुकसान नहीं होता है तो आप गलत है. क्यों की जब भी आप कोई प्रण लेते है वो आपके अवचेतन मन तक प्रभाव छोड़ता है ये बात अलग है की आप दिनभर हजारो विचार सोचे और उनमे कोई पूरा न हो.

प्रण लेना अपने आप में हमारे मन और शरीर दोनों को उस कार्यसीमा में बाँधना है, जिसमे हमें हर हालत में उसे पूरा करना होता है. आपने पौराणिक कहानियो और किस्सो में पढ़ा और सुना होगा की प्रण चाहे गलत हो या सही लेने के बाद उसे पूरा किया गया चाहे उसके लिए प्राण ही क्यों ना खोने पड़े.

यही वजह है की प्रण लेने के बाद हमें हर हालत में उसे पूरा करना चाहिए.

अच्छी आदत बनाए 21 दिनों के नियम से

21 दिनों का नियम अपने आप में बहुत मायने रखता है. चीनी मान्यता है की यदि कोई व्यक्ति लगातार 21 दिन तक किसी काम को कर लेता है तो ये उसकी आदत बन जाती है.

यानि अपने सोचा की मुझे सुबह 5 बजे उठना है और व्यायाम करना है तो अगर ऐसा आप लगातार 21 दिन कर पाए तो ये आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है.

इसके बाद निर्धारित वक़्त पर आपकी नींद स्वतः ही व्यायाम के लिए सुबह 5 बजे खुल जाएगी. इसके लिए बस लक्ष्य यही बनाना है की 21 दिन आप किसी काम को लगातार कर पाए.

ये आसान भी है क्यों की अक्सर शुरू में असफलता मिलने पर हम इच्छाशक्ति खो देते है और फिर लगातार नहीं कर पाते है, इसके लिए 21 दिन बस किसी काम को लगातार करके देखे.

पुराने नियम में नए नियम को जोड़े

अब इसी नियम में एक और नयी चीज जोड़नी है, वह यह की पहले 21 दिन एक आदत पर काम करने के बाद अगले 21 दिनों के लिए दूसरी आदत चुने. यानि पहले 21 दिन आप सुबह जल्दी उठने का प्रयास करते है तो अगले 21 दिन में आप इसमें अपने आप में ध्यान, त्राटक, या पढ़ने की आदत डाले.

इसी तरह आप हर 21 दिन बाद नयी आदत जोड़ते चले, और इसे बनाये रखे. इससे आपकी न सिर्फ आदते सुधरती है बल्कि वो आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाती है. खुद के व्यक्तित्व विकास के लिए अच्छी आदत बनाए.

चिंता छोड़े बस जारी रखे

आमतौर पर  साल के प्रण तब धराशायी हो जाते है जब सोचा गया कार्य रुक जाता है या कुछ दिन हो नहीं पाता है. ऐसे में आप यदि किसी काम को लगातार नहीं कर पा रहे है या 21 दिन बाद करने का मन नहीं कर रहा है तो उसे छोड़ दे.

इस पर परेशान होकर लगातार नए काम करने के प्रण को न तोड़े. हम इंसान है पर इस तरह का प्रयोग जारी रखना चाहिए.

और सभी प्रण होंगे पूरे

इस 21 दिन के नियम के कई फायदे है. जैसे नए नए काम सिखने को मिलेंगे, उन्हें  करते करते नए अनुभव होंगे और नए लोगो से मुलाकात भी होंगी. इनमे से कुछ पसंद के काम 21 दिन तक करने से आदत में शामिल हो जायेंगे.

बहुत सारे कामो का व्यावहारिक ज्ञान सिखने को मिलेगा.

दूसरी बात ये भी है की नए नए काम करने से हमारे अंदर रचनात्मक शैली का विकास होता है और हमारा दिमाग ज्यादा सक्रिय होता है. साथ ही मानसिक परेशानिया भी कम सताती है.

अगर हम ऐसा करने में सफल होते है तो 1 साल में हम 17 नई आदते सीखते है और अपने दिनचर्या में शामिल कर खुद के व्यक्तित्व का विकास करते है. कैसे अच्छी आदत बनाए को लेकर हमारा आज का आर्टिकल आपको काफी मदद कर सकता है खुद में बदलाव लाने में.

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Human energy field and aura से जुड़ी बेसिक जानकारी और साफ़ रखने के उपाय

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आपने chakra healing techniques के बारे में सुना है ? Human aura energy हमारे बॉडी के चारो ओर फैली एक human energy field है जो की 5 उर्जा क्षेत्र को मिलाकर बनती है.

cleansing your aura energy की जरुरत क्यों पड़ती है और कब हम इसका प्रयोग remove negative energies में कर सकते है. mental cleansing को Energy medicine practitioners कैसे कर पाते है ये आज हम जानेंगे.

ये तो हम सभी जानते है की हमारे औरा का कलर हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करता है मगर हम खुद औरा के निर्माण और उसको नियंत्रित भी कर सकते है. हम अपने व्यव्हार द्वारा भी हमारे औरा के निर्माण को कण्ट्रोल कर सकते है.

हमारा हदय और हमारा मस्तिष्क दोनों मिल कर human aura energy field को निर्धारित करते है. सभी के पास सोचने की क्षमता होती है सबके पास दिमाग होता है लेकिन उसे सही तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाये ताकि हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठा सके.

Human energy field

हमारा हृदय भी सभी महत्वपूर्ण काम करता है.

हमारा दिल भावनाओ और विचार को सही तरीके से हमें अवगत करवाता है. इसके द्वारा हम अच्छी जिंदगी जीते है. Creating aura energy field और a complete guide to balancing your energy इसे सही तरीके समझेंगे.

Human energy field

हमारा शरीर 5 तरह के लेयर से घिरा हुआ रहता है जिसे Human energy field कहते है. सबसे पहले हमारा शरीर आता है जो की ठोस है, इसका वजन होता है और इसे महसूस किया जा सकता है. इसके बाद की जो 4 लेयर आती है उन्हें हम देख नहीं सकते ना ही छू सकते है इन्हें Human aura energy field कहते है.

माना जाता है की इन 4 लेयर में ही हमारा emotional, mental, spiritual and physical characteristic स्टोर रहता है. ये balance or out of balance दोनों ही state में हो सकते है

यही वजह है की energy medicine practitioners believe करते है की जब एक इन्सान बीमार पड़ता है तो सिर्फ physical body का ही इलाज करना काफी नहीं होता है. उसके बाकि चार लेयर का भी सही उपचार होना चाहिए.

यही पर एक नयी विचारधारा का जन्म हुआ जिसे हम रैकी कहते है. ये एक spiritual practice है जो आपके aura cleansing की process पर वर्क करती है.

How to Detect Human Energy Fields

किसी भी human energy field को detect करने के लिए व्यक्ति विशेष में clairvoyant ability होना बेहद जरुरी है. अगर किसी व्यक्ति में ये खास विशेषता होती है तो वो दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवी परत को महसूस कर सकता है.

ऐसे व्यक्ति के लिए ये फील्ड एक जीवंत उर्जा का रूप है जिनमे धड़कन की तरह उतार चढ़ाव होता है. लेकिन ऐसा हमेशा हो ये जरुरी नहीं क्यों की इन्हें हम third eye visualization के जरिये देख पाए ऐसा हमेशा जरुरी नहीं होता है. हमारे characteristic को छिपाने में ये माहिर होती है.

आइये बात करते है हमारे औरा क्षेत्र से निकलने वाली अलग अलग उर्जा के बारे में.

  • physical energy हमारे शरीर का वो हिस्सा जिसमे एक स्वरूप है भौतिक शरीर कहलाता है और इसकी उर्जा का स्वरूप इसे भौतिक उर्जा. हम जो भी ग्रहण करते है वो एक उर्जा में बदलता है और इस उर्जा को Physical energy कहते है. ये सभी सांसारिक कार्यो की पूर्ति में सहायक है.
  • Etheric energy भौतिक शरीर से एक इंच की उंचाई तक पर एक लेयर होती है जिसे Etheric body or energy के नाम से जाना जाता है. इसकी उत्पति ईथर वर्ड से हुई है और Energy medicine practitioners इसे sense करते हुए इसके बारे में बताते है. ये एक मकड़ी के जाल की तरह है और इसे स्ट्रेच किया जा सकता है. इसका रंग ग्रे या ग्रे ब्लू कलर है जिसका महत्त्व भौतिक शरीर के लिए होलोग्राफ की तरह काम करना है.
  • emotional energy human energy field के तीसरे नंबर की लेयर जिसमे हमारे इमोशन और भय छिपे हुए रहते है. जब भी हम भावनातमक रूप से अस्थिर हो जाते है इस एनर्जी फील्ड को तेजी से बनते बिगड़ते हुए महसूस किया जा सकता है. दुसरे शब्दों में कहे तो जब भी हम भावनातमक रूप से कमजोर होते है इस लेयर में अस्थिरता आ जाती है.
  • mental energy मेंटल एनर्जी वो लेयर है जिसमे हमारे आईडिया स्टोर रहते है. हमारा विश्वास तंत्र इसी लेयर में स्टोर रहता है. यही वो जगह है जहाँ पर हमारे राज छिपाते है.
  • spiritual energy ये आखिरी लेयर है जिसमे हमारी चेतना वास करती है. हमारी चेतना को universal unconscious से जोड़े रखने वाली यही लेयर है जिसके साथ हमारा औरा क्षेत्र पूर्ण होता है.

विज्ञान और आध्यात्म के बिच विरोधाभास

विज्ञान और अध्यात्म को मानने वालो में हमेशा एक बात को लेकर विरोधाभास देखने को मिलता है की हमारा मस्तिष्क जो सोचता है वो महत्वपूर्ण है या फिर वो जो हमारा दिल कहता है.

इसलिए इस बात को लेकर हमारे अंदर हमेशा अंतरद्वंद रहता है की हमारी thought ज्यादा powerful है या फिर हमारी feeling.

हमें हमारे mind की सुनना चाहिए या फिर heart की voice को. ये दोनों आग और पानी की तरह है जिन्हें मिलाना यथासंभव impossible लगता है.

अगर आग ज्यादा हुई तो पानी हवा बन जायेगा और अगर पानी ज्यादा हुआ तो आग बुझ जाएगी. ठीक इसी तरह अगर भावनाओ में बह जाये तो तर्क ख़त्म हो जायेंगे और अगर ज्यादा महत्त्व तर्क और विचारो को दिया जाये तो भावनाए काम नहीं करेगी.

लेकिन अगर इन दोनों के बिच सामंजस्य बैठा दे तो काम को पूरा करने में इन शक्ति का इस्तेमाल बेहतर कर सकेंगे.

अगर आप भी सोच रहे है की Human auras and energy fields को balance कैसे किया जा सकता है तो इसके सभी संभव तरीके आपको जानने होंगे.

मानव मस्तिष्क या दिल कौन ज्यादा महत्वपूर्ण

वैज्ञानिक हमेशा मानव मस्तिष्क को ज्यादा तवज्जो ज्यादा महत्वपूर्ण मानता है क्यों की उनके अनुसार मानव मस्तिष्क सरंचना, मानव ह्रदय से ज्यादा जटिल है. मानव मस्तिष्क का सबसे महत्वपूर्ण काम सूचनाओ का वातावरण में आदान-प्रदान करना होता है.

मानव मस्तिष्क ही हमें बताता है की वातावरण में क्या हो रहा है. जैसे की पक्षी चहकते है फलो का स्वाद कैसा है.

मानव मस्तिष्क सूचनाओ के आदान-प्रदान के लिए शब्दो का इस्तेमाल करता है. इसके अलावा ये हमारे शरीर की हरकत को भी कंट्रोल करता है. कभी कभी आपने महसूस किया होगा की मस्तिष्क को हम किसी शक्ति से अवगत करवाते है और वो मुश्किल काम को आसान कर देता है.

human energy field aura आपकी इन्ही सभी शक्तियों को स्टोर करता है.

मानव मस्तिष्क के अलावा दूसरा महत्वपूर्ण अंग हमारा दिल है जिसका काम खून को पुरे शरीर में पहुँचाना है. हमारा दिल अपने पूरी जिंदगी में बिना रुके सतत काम करता है. एक तरफ जहा हमारा मस्तिष्क जटिल फैसले लेता है वही हमारा दिल उन हिस्सो में ज्यादा खून पहुंचाता है जहा अतिरिक्त शक्ति की जरुरत पड़ती है.

मानव मस्तिष्क इंसानी शरीर की जटिल सरंचना

जब हमारा मस्तिष्क काम करना बंद कर देता है. तब भी कुछ सेकंड के लिए हमारा दिल धड़कता है. और अगर हमारा दिल धड़कना बंद कर दे तो हम 5 मिनट तक इसे दोबारा चालू कर सकते है.

ये अध्ययन हमें ये बताता है की हमारा मस्तिष्क ज्यादा महत्वपूर्ण है. हमारा दिल हमें भावनाओ से जोड़े रखता है जो दुनिया से हमें अवगत करवा सके.

हमारी भावनाए कुछ भी हो सकती है जैसे हमारा अच्छा आचरण या फिर किसी का ख्याल रखना. इसके अलावा प्यार से जुड़ी भावनाए दिल में ही पनपती है. आध्यात्म के पथ पर विश्वास और प्रेम को ज्यादा महत्व दिया जाता है.

दिल की दिमाग से ज्यादा सुनी जाती है. खैर ये तो किसी एक को ज्यादा महत्व देना है जो आध्यात्म में हमें आत्मज्ञान की अवस्था में पहुंचता है. लेकिन दिल और दिमाग के बिच संतुलन हमारे आध्यात्मिक विकास के लिए जरुरी है.

जब दोनों अंग हमारे लिए फायदेमंद है तो फिर उनके बिच ये विरोधाभास क्यों. क्या इन दोनों के बिच संतुलन हमें विकसित अवस्था में लाता है. हमारा दिल और दिमाग दोनों मिलकर काम करते है जो हमें जीवन के अनुभव करवाता है.

human energy field a magnetic vibration energy

अध्ययन हमें ये बताते है की हमारा मस्तिष्क और दिल कैसे एक दूसरे से प्रतिक्रिया करके ऊर्जा और सुचना का क्षेत्र बनाते है. ये वास्तव में हर जगह लागु नहीं हो सकता है लेकिन फिर भी ये हमें बताता है की ये दोनों ऊर्जा और सुचना को विस्तार देती है जो हमें उच्च स्तर की समझ विकसित करती है.

इसके लिए हमें मानव शरीर को एक विद्युत्-चुम्बकीय क्षेत्र तरंगो को देखना समझना होगा.

इसमें हम पाएंगे की सबसे ज्यादा जटिल तरंगे हमारे मस्तिष्क की है जो सूचनाओ को पकड़ता है और उसे ऊर्जा में बदलता है.

इसके साथ ही साथ हमारा हृदय एक शक्तिशाली जनरेटर की तरह कार्य करता है जो एक ऐसे वातावरण को तैयार करता है जो आवश्यक सूचनाओ को अग्रेसित करता है.

“मानव मस्तिष्क समय को जगह में बदलता है.” -नतालिया बेखतरवा

मानव मस्तिष्क के अलग अलग हिस्से अलग-अलग कार्य के लिए जिम्मेदार है. जब मानव मस्तिष्क वातावरण से सूचनाए प्राप्त करता है. इन्हें वो ऊर्जा में बदल देता है और सम्पूर्ण शरीर में भेज देता है. हमारे चक्र हमारे शरीर में औरा ऊर्जा के क्षेत्र का निर्माण करते है.

हमारा ह्रदय और हृदय चक्र औरा ऊर्जा के चारो ओर भावनात्मक कवच का निर्माण करती है.

ये भावनात्मक कवच ही कॉस्मिक तरंगो की मात्रा को निर्धारित करता है जो मस्तिष्क द्वारा ग्रहण की जाती है. human energy field aura ये भावनात्मक कवच हमारे सहस्रार चक्र की जगह पर magnifying lens की तरह काम करता है.

जो सूचनाओ को घनीभूत कर देता है जिससे मस्तिष्क उन पर काम कर सके. इन सबके लिए हमारा हृदय चक्र भावनात्मक कवच को शक्ति प्रदान करता है.

भावनात्मक कवच को शक्तिशाली बनाने का तरीका

इस कवच को मजबूत बनाने का सिर्फ एक ही तरीका है जितनी मजबूत हमारी भावनाये होगी कवच उतना ही शक्तिशाली बनेगा. ये तभी सम्भव है जब हम self के प्रति honest रहते है. और जिंदगी के प्रति positive रहते है. ये हमें बीमार होने से भी रोकती है.

जितना बड़ा कवच होगा उतनी ही universal cosmic energy हमें मिलती रहेगी. ये हमें वातावरण की हानिकारक और नकारात्मक ऊर्जा से भी सुरक्षित करती है.

How to Cleanse Your Aura

नयी अवधारणा के अनुसार हमारा औरा एक तरह की magnetic vibration energy का घेरा है जो हमारी बॉडी के चारो ओर रहता है.

हमारी physical body के चारो ओर की लेयर को ही औरा कहा जाता है. समय समय पर foreign vibrations and negative energies से बचने के लिए की जाने वाली cleansing process बेहद जरुरी है.

Cleansing your aura energy field के लिए दो मेथड काम में लिए जा सकते है. पहला है physical और दूसरा है mental. इन तरीको में ही हम

मानव औरा पृथ्वी के बाह्य आवरण जैसा ही है :

जैसे हमारे पृथ्वी के चारो ओर का आवरण पृथ्वी को बाह्य विकिरण और उल्काओ से बचाता है वैसे ही औरा क्षेत्र हमें बीमार होने से बचाता है. देखने में आया है की जिनकी सोच जिंदगी में सकारात्मक होती है उनका औरा क्षेत्र और मिलने वाली कॉस्मिक ऊर्जा घनीभूत होती है.

मानव मस्तिष्क और दिल के आपस में मिलकर काम करने से कैसे हम जिंदगी में अनुभव कर सकते है.

तो अब आप जान चुके है की कैसे हमारा मस्तिष्क और ह्रदय दोनों मिल कर काम करते है, कैसे ऊर्जा का और औरा का निर्माण होता है.

कैसे ये हमें रोगों से बचाता है और जिंदगी में सकारात्मक अनुभव करवाता है. आप control aura field के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए औरा विज्ञान से जुडी निम्न पोस्ट भी पढ़ सकते है.

  • आभामंडल विज्ञान
  • रेकी द्वारा पास-मार्जन क्रिया
  • औरा को घनीभूत करने के उपाय

How to clean your aura?

औरा क्षेत्र में संतुलन और असंतुलन की स्थिति बन जाने पर थेरैपी ली जाती है. इसका उदेश्य The Vibrational Energies around Your Body को उसी तरह balance करना है जैसे की दवा किसी रोग को ठीक करती है.

कई बार ऐसा होता है की रोग दवा से ठीक नहीं होता है उसके लिए आपको प्राथना करनी पड़ती है. ये एक Ways to clear negative energies की तरह काम करता है.

आपका औरा क्षेत्र भौतिक शरीर के चारो ओर एक magnetic picking up vibrational energies की तरह काम करता है. आपके स्वास्थ्य के लिए इसे foreign vibrations and negative energies से दूर रखना बेहद जरुरी है.

seven chakra healing

इसके लिए aura cleansing process की जाती है. आपका मूड बदलना ऐसे ही नहीं है क्यों की औरा आपको मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है.

औरा क्षेत्र को साफ करने के लिए mental and physical way to cleansing your aura काम में लिए जा सकते है.

human energy field and Mental Cleansing

औरा क्षेत्र की सफाई के सबसे बढ़िया तरीके में से एक है visualize it and mentally rid yourself of the negativity that may be swirling around you. इसके लिए आपको 15 मिनट का समय निकालना होगा. मेंटल लेवल पर औरा क्षेत्र की सफाई के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करे.

  • आरामदायक स्थिति में बैठ जाइये जा सो सकते है.
  • खुद को पूरी तरह रिलैक्स कर ले और अपना पूरा ध्यान सांसो के आने और जाने पर लगा ले.
  • जब आपको लगे की आप भौतिक और मानसिक रूप से शिथिल हो चुके है खुद के चारो और एक लाइट को महसूस करे.
  • ये लाइट आपके positive thoughts है जो आपके अन्दर की नकारात्मकता को दूर कर रहे है.

ये एक मानसिक अभ्यास है जो आपको नेगेटिव से पॉजिटिव बनने में सहायता करता है.

way to cleanse your aura

ऐसे कई तरीके है जिन्हें जरिए हम औरा क्षेत्र को साफ़ रख सकते है. जिनमे मुख्य है कंघी करना, नहाना, हवा के जरिये, पंख का झाड़ देना, धुप करना, सुरक्षा कवच पहनना. आइये डिटेल में इन्हें समझ लेते है.

  • comb your aura ये एक visualization exercise है जिसमे सबसे पहले आपको अपने हाथो को साफ़ करना है. एक कंघी ले और सामान्य तौर पर जैसे बालो में कंघी में करते है वैसे ही कल्पना करे की आप अपने बॉडी के चारो और के human energy field की कंघी कर रहे है. आपके ऐसा करने से जो negative energies है वो दूर हो रही है.
  • Cleanse with Water पानी में wonderful aura cleansing and energy healing properties होती है. आप इसे चाहे तो एक सामान्य स्नान की तरह ले सकते है या फिर visualization exercise की तरह दोनों ही तरीके कारगर है. नहाते समय बहते हुए पानी के साथ ही आपके सभी तनाव और परेशानिया भी दूर हो रही है इस तरह की visualization exercise आप कर सकते है.

इसके अलावा नमक को पानी में मिलाकर भी आप नहा सकते है इसमें wonderful healing properties for the body होती है. आपके औरा क्षेत्र को साफ करने के लिए ये एक बढ़िया और सस्ता उपाय है. झरने के निचे, बारिश में भीगते हुए आप अपनी परेशानी, मुश्किलों से दूर होते जा रहे है इस तरह का कल्पना कर खुद को रिलैक्स महसूस कर सकते है.

  • Wind, Sun, and Play औरा शब्द का लैटिन और पुरातन ग्रीक पद्धति में अर्थ है हवा यही वजह है की आप हवा को भी एक माध्यम बना सकते है. Use the wind to help cleanse your aura. अपनी आँखे बंद कर ले और महसूस करे हवाओ के बहाव को जिसके साथ ही आप खुद को रिलैक्स महसूस करते जा रहे है.

ऐसा ही अनुभव आप सूर्य की रौशनी के साथ कर सकते है. आँखे बंद करने पर जैसे जैसे सूर्य की रौशनी हम पर पड़ती जाती है वैसे वैसे हम खुद को एक लाइट से घिरे हुए पाते है. एक तेज रौशनी हमें चारो ओर से अपने लपेटे में ले रही जो remove negative energies में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

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Human energy field and aura Final conclusion

आप सभी जान ही गए होंगे की किस तरह हमारा शरीर एक अदृश्य चुम्बकीय क्षेत्र से घिरा हुआ रहता है. यही human energy field and aura हमें किसी व्यक्ति के प्रभाव में आने से बचाता है, संतुलन बनाए रखता है साथ ही भावनाओं में कण्ट्रोल बनाए रखता है.

आप हमेशा संतुलित रहे इसके लिए ये बेहद जरुरी है की आपका और क्षेत्र किसी भी तरह की negative energies से पूरी तरह सुरक्षित रहे.

आपने कई जगह लोगो को मोर पंख के झाड़े से सही होते हुए देखा होगा.

ये मोर पंख एक तरह से सबसे शक्तिशाली चुम्बकीय क्षेत्र का निर्माण करते है जो की नकारात्मक उर्जा को दूर करता है. अगर आप भी अपने और क्षेत्र को संतुलित और साफ़ रखना चाहते है तो ऊपर बताये गए टिप्स को जरुर अपनाए.

मैडिटेशन की सबसे अनोखी विधि में से एक है ओशो सेक्स से समाधी की ओर – जानिए ऐसा क्यों ?

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ओशो ध्यान विधि जो हमें सेक्स और समाधी के मध्य का सम्बन्ध समझाती है अपने आप में अद्भुत है। अगर आपसे पूछा जाये की ध्यान कैसे किया जाता है, कैसे किसी के प्रति समर्पण भाव उत्पन किया जाता है तो आपका ध्यान ज्यादातर शांत माहौल की तरफ जायेगा।

लेकिन क्या आप जानते है की पारम्परिक तरीकों से हट कर ओशो ने ऐसी कई विधि बताई जिनसे हम परम आनंद के भाव को प्राप्त कर सकते है। वैसे ओशो एक विवादित गुरु के नाम से भी लोगो में जाने जाते है.

ज्यादातर लोग इनके सिद्धांत को गलत मानते है लेकिन इसे पढने के बाद आप ऐसा नहीं सोचोगे. आइये जानते है की osho meditation sex to samadhi in hindi एक खास विधि कैसे है ?

ओशो ध्यान विधि
उनकी सबसे प्रचलित विधि जो काफी विवादों में थी और वो थी सेक्स से समाधी की ओर.

इसकी आलोचना इस वजह से की जाने लगी थी क्यों की ये काम भाव से जुडी थी और उसे बढ़ावा दे रही थी। लेकिन इसके पीछे का विज्ञान कुछ और ही था।

हर कोई यही सोच कर परेशान होता है की क्या ऐसी भी कोई विधि होती है जिसमे काम से दूर रहने की बजाय उसमे डूबना है।

ओशो sex and meditation- सम्भोग से समाधी की ओर

ओशो की ध्यान की ये पद्धति काफी प्रचलित थी इसके कई कारण थे विदेशो में sex को सिर्फ बिस्तर तक नहीं मानते है।

उनकी नजर में ये stress दूर करने का माध्यम है। इसके अलावा शरीर में बढ़ती ऊर्जा को सही दिशा प्रदान कर समाधी में जाने की प्रक्रिया सिर्फ ओशो world में फेमस थी। यकीन मानिये ज्यादातर लोग ओशो के इस पद्धति को आलोचना की नजर से देखते है।

इसकी वजह है उनका काम भाव पर नियंत्रण नहीं होना उनका मानना है की अगर ऐसा होता है तो पतन का मार्ग खुलता है न की समाधी का।

From sex to super conscious –

ओशो ध्यान विधि में सम्भोग से समाधी- sex करते वक़्त हम जितनी ऊर्जा उत्पन करते है वो हमारे कुण्डलिनी और सप्त चक्र को जाग्रत करने के लिए काफी है।

ज्यादातर लोग सम्भोग को सन्तानोपत्ति ( फॉर child ) के लिए करते है। लेकिन उनका मानना था की अगर इस ऊर्जा को हम ध्यान में इस्तेमाल करे तो उससे हम समाधी की स्थिति को प्राप्त कर सकते है।

बशर्ते अगर आप संयम बनाए रखे यानि ऊर्जा को male और female दोनों में balance करके रखे. इसकी वजह है ऊर्जा चक्र का चरम पर पहुंचना।

जिसकी वजह से सप्त चक्र में ऊर्जा प्रवाह होने के बाद शरीर ऊर्जावान होने लगता है। ये विधि काफी हद तक तंत्र विज्ञानं से मिलती जुलती है।

rajnish osho जीवन खुद एक रहस्य से भरा हुआ था. आइए देखे ओशो से जुड़े रोचक तथ्य जो उन्हें जन्म से अलग बनाते है।

ओशो से जुड़े रोचक तथ्य | Acharya Rajneesh Osho Facts

1. पैदा होने के तीन दिन तक न रोये और न हँसे – ओशो का जन्म 11 दिसम्बर 1931 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हुआ था | पैदा होने के तीन दिन बाद तक ओशो न तो हँसे थे और न ही रोये थे | इससे उनके परिवार के लोग बेहद परेशां हो गये थे

2. 12 साल की उम्र में रात में श्मशान जाते थे – ओशो 12 साल की उम्र में रात में बिना डरे श्मशान पहुँच जाते थे | वह यह पता करने के लिए जाते थे की आखिर इंसान मरने के बाद जाता कहाँ है

3. 14 साल की उम्र में सात दिनों तक मौत का इन्तजार करते रहे – ज्योतिषियों के अनुसार 21 साल तक हर सातवें वर्ष में ओशो की मृत्यु का योग बताया गया था | 14 साल की उम्र में वे सात दिनों तक मंदिर में लेटकर मौत का इन्तजार करते रहे | इस दौरान एक सांप भी आया, लेकिन वापस चला गया

4. संन्यास लेते ही पिता पैर पकड़कर रोये थे – ओशो के पिता को खुद ओशो ने ही संन्यास दिलाया था | सन्यास लेते ही ओशो के पिता उनके पैर पकड़कर खुद रोये थे | ओशो के पिता के पास 1400 एकड़ जमींन थी

5. दोस्तों को पानी डुबो देते थे – नदी में नहाते-नहाते ओशो अपने दोस्तों को पानी में डुबो देते थे | उनके दोस्तों से इस पर विवाद होता था | वे कहते थे; “मैं यह देखना चाहता हूँ की मरना क्या होता है”

सिर्फ अमीरो के गुरु

6. हाथी पर बैठकर स्कूल गए – ओशो शुरू से ही लग्जरी जीवन जीने के शौकीन रहे थे | एक बार तो उन्होंने जिद पकड़ ली की हाथी पर बैठकर ही स्कूल जायेंगे | जिद देखकर उनके पिता को हाथी मंगवाना पड़ा और उस पर बैठकर वे स्कूल गए

7. वे अमीरों के गुरु थे, गरीबो के नहीं – ओशो अपने इंटरव्यू में कई बार कहाँ की वे अमीरों के गुरु हैं | गरीबो की चिंता करने वाले बहुत से गुरु हैं, मुझे अमीरों के लिए सोचने दो

8. एक दिन में तीन किताबे पढ़ लेते थे – ओशो पढने-लिखने के बेहद शौकीन थे. किशोरावस्था में ही वे एक दिन में तीन-तीन किताबे पढ़ लिया करते थे | उन्हें जर्मनी, मार्क्स और भारतीय दर्शन की किताबे पढना पसंद था

9. 365 रोल्स रॉयस कार खरीदना चाहते थे ओशो – ओशो ने एक इंटरव्यू में कहा था की वे 365 रोल्स रॉयस कारें खरीदना चाहते हैं | एक वक्त तक उनके पास 90 रोल्स रॉयस कारें थी | यह कारें उनके शिष्य उन्हें दान में देते थे

10. अमेरिका में हत्या की कोशिश – ओशो ने आशंका जताई थी की अमेरिका में उनकी हत्या की कोशिश हो सकती है | 1981 से 1985 तक वे अमेरिका में रहे थे, इसके बाद वह विश्व भ्रमण पर निकल गए थे |

ओशो ध्यान विधि -OSHO MEDITATION

ओशो ध्यान विधि ओशो द्वारा अविष्कृत है। दुनियाभर में इस ध्यान विधि की धूम है। बहुत से धार्मिक और योग संगठन अब इस ध्यान विधि को थोड़ा सा बदलकर नए नाम से कराते हैं और उन्होंने इसके माध्यम से करोड़ों रुपए का व्यापार खड़ा कर रखा है।

हम यहां सक्रिय ध्यान पद्धति (Osho Dynamic Meditation yog) को संक्षिप्त में लिख रहे हैं। ओशो ध्यान विधि 5 चरण में पूरी की जाती है।

पांच चरणों में किया जाने वाले इस सक्रिय ध्यान को खड़े होकर किया जाता है।

जिसकी अवधि कुल एक घंटा है। प्रत्येक चरण 10-10 मिनट का होता है, लेकिन आप चाहे तो इसे शुरुआत में आधा घंटा अर्थात 5-5 मिनट का कर सकते हैं। यह ध्यान ओशो द्वारा तैयार किए गए संगीत के साथ किया जाता है।

1.प्रथम चरण : महा भस्रिका

शुरुआत होती है तेज, गहरी तथा अराजकपूर्ण भस्रिका से भी अधिक तीव्रता से ली गई श्वास-प्रश्वास की स्थिति से। श्वास का यह झंझावात तन-मन को झकझोर देता है।

2.दूसरा चरण : भाव रेचक

चीखें, चिल्लाएं, नाचें, गाएं, रोएं, कूदें, हंसें या फिर शरीर को इस कदर हिलाएं-डुलाएं की जैसे कोई भूत आ गया हो। पूरी तरह से पागल हो जाएं।

3. तीसरा : हू…हू…हू

अब बाजू ऊपर उठा कर रखें और जितनी गहराई से संभव हो ‘हू’ की ध्वनि करते हुए ऊपर-नीचे कूदें। पूरी लय और ताकत से ‘हू’ का उच्चारण करते हुए कूदें, उछलें।

4.चौथा चरण : स्टॉप ध्यान

एकदम रुक जाएं। स्थिर रहें। हिले-डुलें नहीं। जो भी आपके साथ घट रहा है उसके प्रति साक्षी रहें। क्योंकि एकदम रुकने के बाद उर्जा पुन: संग्रहित होने लगेंगी।

5.पांचवां चरण: उत्सव मनाएं

जैसे थकने के बाद जो शांति मिलती है उसका उत्सव मनाएं नृत्य करें या मौन होकर ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं। इस अनुभव को दिनभर की अपनी चर्या में फैलने दें।

चेतावनी :

यह ध्यान सर्व प्रथम समूह में ही किया जाता है फिर जब इसे करना सिख जाएं तो अकेले भी कर सकते हैं इससे पूर्व इस लेख को पढ़कर अकेले करने का प्रयास कदापी न करें। गंभीर रोग से ग्रस्त व्यक्ति ध्यान प्रशिक्षक या चिकित्सक की सलाह लें।

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इस ध्यान का लाभ :

ओशो ध्यान विधि से कोशिका में विद्युत का संचार होता है तथा फेफड़ों में जमा हुई जहरीली हवा बाहर निकल जाती है। दमित भावनाओं से मुक्ति मिलती है। मन की ग्रंथियां खुलती है। शरीर की अनावश्यक चर्बी घटकर शरीर उर्जा और फूर्ति से भर जाता है। शरीर के सभी रोगों में यह लाभदायक माना जाता है।

यह ध्यान विधि व्यक्ति को जागरूक (साक्षी भाव में स्थित होना) करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आज की पोस्ट का उद्देश्य आपको सिर्फ ये बताना है की ध्यान की पद्धति चाहे कोई भी हो जब तक समर्पण, एकाग्रता, और उसका मूल अर्थ समझ नहीं आता है तब वो निरर्थक है।

इसलिए ध्यान की किसी भी पद्धति को करने से पहले उसका मूल यानि उसका तरीका समझे, अगर आपका समर्पण उस पद्धति के प्रति होता है तो ही करे। आज की ओशो ध्यान विधि आपको कैसी लगी कृपया comment के माध्यम से बताये।

किसी भी व्यक्ति के औरा को देखकर बिना कुछ कहे उसके बारे में जानने की सीक्रेट टिप्स

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11 Aura Colors & What They Say About You in Hindi. अगर आपने किसी व्यक्ति को कुछ देर तक गौर से देखा होगा तो उनके चारो ओर एक चमकीली light दिखाई दी होगी. इस तरह की स्थिति को सर्दी के दिनों में सही से अनुभव कर सकते है. धूप में खड़े किसी व्यक्ति के चारो ओर देखे.

पहले चमकीली लेयर उनकी body के चारो ओर दिखाई देगी जो बाद में एक color में convert हो जाती है. इसे auric field energy कहते है. हम जो भी सोचते है और emotion से गुजरते है वैसा ही हमारा Aura energy field बनता है.

कुछ लोगो में Human body aura colors को 2 फीट की दूरी पर तो कुछ में इससे ज्यादा दूरी पर महसूस किया जा सकता है.

हमारा Positive energy aura हमारे बारे में काफी सारी बाते बिना कहे बता सकता है जैसे की thought, emotion and thinking mindset और ये सब इसलिए क्यों की sensitive या फिर psychic expert आपके psychic energy को sense कर सकते है.

Human body aura colors meaning

आज Aura around human body को देखने की कई technique आ चुकी है. ये किसी भी तरह की human body aura colors field का सही सही आकलन कर सकती है. इसे scanning कहते है और Reiki healer इसका कई जगह इस्तेमाल भी करते है.

किसी भी Aura energy color meaning को समझने के लिए आपको सबसे पहले इसके 3 level के बारे में जानना होगा. basic color फिर इसका shade और अंत में ये light है या डार्क इसके बारे में जानना होगा. आइये इस article में Person aura color meanings और इसे कैसे देखे इसके बारे में जानते है.

Human body aura colors meaning

किसी भी living things के चारो ओर एक Electromagnetic aura होता है. अगर बात करे human की तो हमारी physical body अकेली नहीं है. इसे चारो तरफ ऐसी कई दिखाई न देने वाली फील्ड है जिन्हें सिर्फ महसूस किया जा सकता है. किसी भी व्यक्ति की body से 2 फीट की दूरी तक उसका Aura energy फैला हुआ होता है जिसे Human aura energy field के नाम से जाना जाता है.

इन सबके अलग अलग level होते है जैसे की astral body, physical body, vital body and etheric body इन सबके साथ ही Aura body होती है. हमारा जैसा मूड होता है या इमोशन होते है उसके अनुसार ही auric field energy बनती जाती है.

आसान सी भाषा में कहे तो हम जो भी सोचते है वो सब हमारे body के चारो ओर इसी Electromagnetic aura के जरिये flow करता रहता है.

यही औरा है जो हमें किसी इन्सान के बारे में बिना उसके बोले ही बहुत कुछ महसूस करवा सकता है. इसके अलग अलग color हमें अलग अलग बातो को बताते है और इसी के आधार पर Color therapy वर्क करती है. आइये इस पोस्ट में Human aura colors and their meanings के बारे में बात करते है.

basic science of Aura around human body

अगर आप सोचते है की हमारा औरा ही हमारे व्यक्तित्व को निर्धारित करता है तो आप गलत सोच रहे है. असल में हम जैसी Thinking and emotion रखते है वैसा ही Auric field energy हमारे body से लगातार release होता रहता है.

क्या आपने कभी सोचा है की किसी व्यक्ति से मुलाकात करते समय ही हमारा मन कई बार उत्साहित हो जाता है या फिर अनजाने भय से डर जाता है.

बिना किसी के कहे ही हम कई बार कुछ लोगो के पास आते ही खुद को insecure feel करने लगते है और उनसे दूर जाते ही सबकुछ normal हो जाता है. ऐसा क्यों ? ये human body aura colors field ही तो है जो दूसरो के मन की बात को उनके औरा के जरिये पहचान लेता है. आइये अलग अलग color के आधार पर जानते है किसी भी व्यक्ति से जुड़ी खास बातो को.

How to See Your Aura Color

अगर आप अपने औरा को देखना चाहते है इसके लिए specific techniques जैसे की peripheral vision technique या फिर focus technique to train yourself का इस्तेमाल कर देख सकते है. दर्पण में लगातार कई देर तक देखते रहने के बाद आपको अपने body के चारो ओर एक Electromagnetic aura दिखाई देने लगती है.

आप इसके लिए 2 तकनीक का प्रयोग घर पर ही कर सकते है.

  • पहली तकनीक में एक Full body length mirror ले उसके सामने खड़े हो जाइये. बेहतर होगा की light कम हो.
  • दूसरी तकनीक में एक black board ले और अपने हाथो को उसके ऊपर रखे.

जब आप ऐसा करते है तब आपको अपने body parts के चारो ओर एक human body aura colors दिखाई देने लगती है. जब इसे ध्यान से देखने की कोशिश करते है तब इसमें एक लेयर दिखाई देने लगती है. ये अभ्यास करते समय आपका शांत होना बेहद जरुरी है. जितना ज्यादा आप खुद को focus रखते है उतना ही ज्यादा clear आप देख पाते है.

Step by step guide to see human body aura colors

अगर आप किसी व्यक्ति या खुद के औरा को देखना चाहते है तो इसकी शुरुआत महसूस करने से करे. शांत मन से गहरी साँस ले. किसी व्यक्ति के या खुद के होने पर आप क्या physical sensations महसूस करते है. इस दौरान आप क्या feel करते है.

इस तरह की स्थिति के दौरान हम उत्साह, भय, या किसी अन्य तरह के इमोशन को अनुभव करते है. जितने ज्यादा हम sensitive होते है उतना ही ज्यादा clear अनुभव किये जा सकते है.

एक और तरीका है जिसमे हम peripheral vision के जरिये Aura around human body को देखते है. लगातार किसी light की तरफ देखते रहने की वजह से हमें उस light में कुछ color दिखना शुरू हो जाते है.

इसके लिए जरूरत है तो balanced होकर देखते रहना.

इसके अलावा एक तरीका और है जिसे हम खुद को colors से जोड़ते है. एक किताब ले और उसे टेबल पर रखे. इसके पीछे की दीवार बिलकुल सफ़ेद होनी चाहिए.

अब आँखे बंद कर गहरी साँस ले और बुक के चारो ओर देखे. धीरे धीरे आप पाएंगे की बुक के चारो तरफ एक चमकीली पट्टी दिखाई देने लगी है.

हालाँकि ये बहुत ही पतली लेयर होती है लेकिन ध्यान से देखने पर आप इसे महसूस करने लगते है.

जब ये हो जाए तब आगे बढे और अलग अलग color को मिक्स करे. उनके बिच अलग अलग color की पहचान करने की कोशिश करे. ये आपके अन्दर Psychic energy को समझने की काबिलियत पैदा करता है.

किसी व्यक्ति का औरा कैसे देखे ?

जब आपको औरा में रंगों की पहचान होने लगे तब आप इसका प्रयोग human body aura colors field को समझने के लिए कर सकते है. एक सफ़ेद दीवार के आगे किसी व्यक्ति को खड़ा कर दे और उसे कई देर तक देखते रहे. इस दौरान आपको उस व्यक्ति के चारो ओर उर्जा का एक घेरा दिखने लगेगा.

फिर माध्यम को धीरे धीरे मूव करने के लिए अगर आप व्यक्ति के साथ साथ उसके औरा को भी हिलता हुआ महसूस कर पा रहे है तो समझ ले की आप इसे देख पा रहे है.

कई स्थिति में अलग अलग जगह पर मूव होने के साथ ही Human aura color भी बदल जाता है. जितना ज्यादा आपका Mood और emotion बदलता है उतना ही ये बदलता जाता है.

Aura Colors and Their Meanings

किसी भी व्यक्ति का aura energy field उसके thoughts, feelings and dreams को reveal करता है. अगर आप The aura meanings and colors को समझना चाहते है तो आपको Reiki healing या फिर Color psychology का अध्ययन करना चाहिए. हमारे Aura energy field का color, shade, light अलग अलग होता है.

जितने भी living thing होते है वे सब एक Auric field energy को Radiate करते है. इस तरह की औरा को gifted people और trained expert in the healing arts के खास लोग ही इसके special vibrations and colors की मदद से पहचान और manipulate कर सकते है.

हम जिस Aura around human body या फिर Electromagnetic aura को देखते है वो हमारी 10 energy field of human body में से एक है. इसकी पहचान करने के निम्न तरीके है

  1. पहला human body aura colors की पहचान करना
  2. दूसरा औरा के shade की पहचान करना
  3. तीसरा इसकी लाइट किस तरह की है इसकी पहचान करना

सामान्य स्थिति में हम सिर्फ उपरी बाते जान सकते है जैसे की व्यक्ति की प्रकृति लेकिन जब बात आती है उसके shade, light की तो हम advance level पर अध्ययन कर पाते है और detail से समझ सकते है.

एक Reiki healer किसी भी व्यक्ति के अंदरूनी तकलीफ को इसी के आधार पर समझकर सही गाइड करते है. आइये Person aura color meanings के बारे में detail से जानते है.

Different types of Human aura colors and their meanings

एक इन्सान की Aura energy field में कई तरह के colors हो सकते है. ये स्थिति बहुत कम बार देखने को मिलती है की एक इन्सान का औरा सिर्फ एक ही color का हो. आमतौर पर इसमें कम से कम One predominant color यानि main color जरुर देखने को मिलता है.

Rainbow Auras

जो लोग एक channel की तरह energy transfer का काम करते है जैसे की Healer, psychic या फिर medium उनका Rainbow colored auras होता है. ये लोग body’s energy fields पर काम करते है जिसकी वजह से इनके अन्दर spirituality nature develop होती है. माना जाता है की ये human body aura colors व्यक्ति को spiritual frequency of the fifth dimension से connect करती है.

इस तरह की high energy frequency को लगातार बने रहने के लिए bright and shiny auric field energy की जरुरत होती है. यही वजह उन्हें दूसरो से अलग और आकर्षक बनाती है. इनकी कुछ पहचान होती है जैसे की.

Brilliant colored stripes आपने spiritual person के हाथ और सर के पीछे रंग बिरंगे औरा को देखा होगा ( फिल्म और फोटो में ) ये निशानी है healer’s rainbow aura की. ऐसे लोग जो बहुत ज्यादा Highly spiritual होते है उनका औरा Rainbow color का होता है. इसके चारो ओर की पट्टी बहुत ज्यादा shine करने वाली होती है.

Pale rainbow colors अगर किसी व्यक्ति का औरा चमकदार होने की बजाय पीलापन लिए हुए है तो वो व्यक्ति true enlightenment के रस्ते पर चलता हुआ होता है. जब कोई साधक जागरण की प्रक्रिया की शुरुआत करता है तब उसका Aura energy Field इसी तरह का होता है. ऐसा व्यक्ति पूरी तरह से spiritual नहीं होता है लेकिन उस रास्ते पर बढ़ता हुआ होता है.

Yellow and Gold Aura Energy Meaning

Human aura colors में से एक Yellow Aura Energy Meaning के बारे में जानते है. जो लोग cognitive honing and discipline को मानने वाले होते है उनके चारो ओर इस color की psychic energy field देखने को मिलती है.

इस nature के लोग जितना ज्यादा philosophical matters में involve होते है उनका Electromagnetic aura उतना ही ज्यादा गहरा होता जाता है.

जो लोग अपने लाइफ में जरुरी मुद्दों से जूझते है और इस दुनिया में अपनी पहचान को समझने की कोशिश करते है उनमे Brilliant gold auras देखा जा सकता है. ऐसे लोगो को टाइम टाइम पर प्यार और नफरत का सामना करना पड़ता है. देखा जाए तो इनकी लाइफ में ज्यादातर उतार चढ़ाव इनकी पहचान से जुड़े होते है.

Blue and Indigo

नील रंग को self confidence से जोड़कर देखा जाता है. जिन लोगो का very strong blue aura lights होता है वे strong and calm individuals होते है. ऐसे लोग उन जगह पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो जाते है जहाँ पर दूसरे लोग हार मान लेते है.

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Blue auric field energy के धनी लोग incredibly intuitive और Human interaction के दौरान disciplines दिखाने वाले होते है.

अगर किसी व्यक्ति के अन्दर किसी तरह की psychic ability है तो वे Extremely strong blue aura lights के मालिक होते है. ये दूसरो के मन की बात को जल्दी ही जान लेने वाले और brilliant mind वाले होते है. ये human body aura colors ज्यादातर tratak meditation के दौरान लोगो को अनुभव होता है.

Magenta

इस तरह का Positive energy aura उन लोगो का होता है जो eccentric यानि अचानक ही अजनबी व्यवहार करने वाले होते है. लाइन से हटकर काम करने वाले लोगो में ये psychic energy field देखने को मिलती है.

मुख्य रूप से dominant aura color में मिलना काफी rare होता है लेकिन जिनमे होता है वे अपने status से हटकर कुछ नया करने की हिम्मत रखते है. ये color किसी person के struggle life को दर्शाता है जितना ज्यादा गहरा उतना ही ज्यादा struggle करने वाला.

ये किसी तरह का negative aura color नहीं है. जिन लोगो में artistic abilities होती है और खास मौको पर देखने को मिलती है उनमे इस color का औरा देखने को मिलता है.

Orange

Brilliant orange auras का मतलब है active aura energy और ये उन लोगो में देखने को मिलता है जो vigor and vitality nature के होते है.

ऐसे लोग personal performance जैसे की athletically competitive या फिर प्रतिस्पर्धा वाले एरिया में देखने अच्छा प्रदर्शन करते है. ऐसे human body aura colors के धनी व्यक्ति जो लगातार दूसरो लोगो से बेहतर performance देते है strong orange auras के मालिक होते है.

Brown and Tan

जो लोग logical and methodical aspects of life में struggle करते है उनका Human body aura energy field इस color का होता है. इसके अलावा ये लोग emotional situation को भी बेहतर हैंडल कर पाते है.

जिन लोगो में ये खासियत होती है वे लाइफ में काफी ज्यादा stable माने जाते है. उन्हें पता होता है की वे क्या कर रहे है और सही तरह से लिए गए उनके निर्णय उन्हें वही result देते है जिसकी वो पहले से सोच कर चलते है.

Violet and Lavender

जिन लोगो में purple aura light जितनी गहरी होती है उतने ही spiritually free वे होते है. बहुत जल्दी ऐसे लोग spiritual freedom को achieve कर पाते है जो बहुत कम लोगो के नसीब में होती है.

ऐसे सबसे ज्यादा sensitive माने जाते है और वे दूसरो की फीलिंग को उनसे भी बेहतर समझ सकते है. यही वजह है की इन्हें गाइड करने वाला माना जाता है.

White and Crystalline

जिन लोगो में strongly developed spiritual awareness होती है उनका Auric field energy color इस तरह का होता है. ज्यादातर spiritual leader जैसे की yogis, life counselors, and other gurus में ये Aura energy field develop होती है.

ये human body aura colors ज्यादातर spiritual path का प्रतिक माना जाता है.

Black

बहुत से लोग इस color को लेकर अपने मन में गलत अवधारणा बनाकर रहते है. उनकी नजर में ये एक negative aura light है जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है. जिन लोगो का electromagnetic aura इस color का होता है वे किसी तरह के veil of protection से घिरे होते है.

ये उन्हें दूसरे लोगो से मिलने से रोकती है.

जिन लोगो में emotions like worry and fear होते है उनका औरा इस रंग का होता है जो किसी भी तरह से negative नहीं है.

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Human body aura colors field final word

हम सब एक Aura energy field protection से घिरे हुए है. जिन लोगो में personal troubles होती है उनके Aura colors में दूसरो से अलग होने का गुण होता है. दूसरी ओर balanced life की personality जिनमे होती है वे virtual rainbow of aura colors के धनी होते है और उनका औरा दूसरो को उनकी तरफ आकर्षित करता है.

अब आप भी human body aura colors and their meanings के आधार पर दूसरो को समझ सकते है. किसी भी व्यक्ति का औरा उसके बारे में बेसिक जानकारी दे सकता है. जितने ज्यादा आप संवेदनशील होते है उतना ही ज्यादा आप Auric field energy को पढ़ और समझ पाते है.

आज विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है और Aura around human body को special camera की मदद से देखा भी जा सकता है.

किसी भी औरा को Positive energy aura और negative energy aura के आधार पर तय नहीं किया जा सकता है. हमारे emotion जैसे होंगे वैसा ही Aura around human body देखने को मिलता है.

अगर किसी व्यक्ति का औरा बहुत ज्यादा गहरे काले रंग का है तो इसका ये मतलब नहीं है की वो negative thinking से घिरा हुआ है. ये Electromagnetic aura हमें उन लोगो में भी देखने को मिलती है जो strong defensive shield रखते है.

हम जैसी Thinking and emotion रखते है वैसी ही aura energy release होती है जिसके आधार पर दूसरे लोगो से हमारा interaction होता है.