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Tuesday, May 26, 2026
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आपके अवचेतन मन की शक्तिया जिन्हें प्रोग्राम कर आप कुछ भी हासिल कर सकते है – life hacks

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भले ही आपको अवचेतन मन की शक्तिया किसी fantasy imagination की तरह लगे लेकिन अगर आपने subconscious mind reprogramming को जान लिया तो आप कुछ भी कर सकते है.

working principle and function of subconscious mind को हम खुद design कर modify कर सकते है. आज की पोस्ट में ऐसी कुछ बाते शेयर की जाने वाली है जो आपको इसे समझने और अपनी प्रॉब्लम को सोल्व करने में मदद करेगी.

अवचेतन मन की technique pdf book hindi आपको ब्लॉग पर देखने को मिल सकती है.

हम अक्सर सोचते है की अवचेतन मन को कैसे जाग्रत करे कैसे हम खुद की शक्तियों से व्यक्तित्व का विकास करे या फिर खुद में सुधार लाये। अवचेतन मन और अवचेतन मस्तिष्क दोनों एक ही है इसलिए इनमे भ्रमित ना रहे।

subconscious mind reprogramming

अवचेतन मन हमारे शरीर की अद्भुत और अलौकिक रचना है। अवचेतन मन, चेतन मन से कई गुना शक्तिशाली है। इसके बावजूद ये सुप्त या यू कहे की चेतन मन से निचे रह कर अपना काम करता है।

आज की पोस्ट में हम चर्चा करेंगे चेतन मन और अवचेतन मन की कार्य प्रणाली पर, अवचेतन मन की शक्ति, अवचेतन मन को जाग्रत करना और अवचेतन मन की शक्ति को सही तरीके से काम में लेकर अपने ड्रीम पुरे करना। क्यों की कोई भी ऐसा काम नहीं जो अवचेतन मन के लिए असंभव हो।

subconscious mind reprogramming

activate your subconscious mind आसान तो नहीं पर मुश्किल भी नहीं.  हम अभ्यास द्वारा subconscious mind reprogramming कर सकते है जैसे त्राटक, ध्यान या फिर सबसे आसान किसी भी आदत को जीवन में उतार कर इसमें हमें ध्यान देना पड़ता है की हमारे कार्यशैली में निम्न 3 गुण मजबूत हो रहे हो। अवचेतन मन को जाग्रत करने के लिए ३ चीजे जरुरी है

  • आपका आत्मविश्वास
  • आपकी कार्य को करने की इच्छाशक्ति
  • और सबसे जरुरी आपका संकल्प

जो काम को करने के चांस बढ़ाता है कैसे इसके बारे में पीछे की पोस्ट में चर्चा की जा चुकी है। अवचेतन मन पर विश्वास करना उसे जाग्रत रहने में बढ़ावा देता है। इसके लिए फालतू की टेंशन ना ले, फालतू न सोचे शांत बने जिससे अपने आप आपका अवचेतन मन जाग्रत रहने लगता है।

चेतन मन या अवचेतन मन शक्तिशाली कौन ?

ये सवाल थोड़ा मुश्किल है क्यों की इसे पूरी तरह से समझने के लिए आपको कुछ बातो के पैरामीटर रखने पड़ते है। जैसे कार्यप्रणाली -काम करने का तरीका, वक़्त – काम को लेने के बाद पूरा कब तक होता है वगेरह वगेरह और इनका सिद्धान्त जो सबसे बड़ी भूमिका निभाता है इन्हें समझने में। तो सबसे पहले बात करते है

  • कार्य प्रणाली और सिद्धान्त :

चेतन मन आपके दिनचर्या का हिस्सा है आप जो भी सोचते है या तर्क-वितर्क करते है सब चेतन मन के हिस्से में आता है। चेतन मन हजारो विचार ग्रहण करता रहता है। इसलिए उनमे फर्क करना और पूरा करना उसके लिए संभव नहीं है। वही अवचेतन मन सिर्फ उन्ही विचारो को ग्रहण करता है जो चेतन मन द्वारा बार बार ग्रहण किये जाते है। जैसे एक जैसी दिनचर्या इसमें आपको ज्यादा सोचना नहीं पड़ता है की आपको आगे क्या करना है। ( बार बार सोचना नहीं पड़ता है सिर्फ नए विचार को छोड़कर )

  • कार्य को पूरा करने में लिया गया वक़्त :

चेतन मन के लिए वक़्त का कोई महत्व नहीं रह जाता है क्यों की वो हजारो विचारो में फंसा रहता है ऐसे में अगर कोई काम हमारे लिए वक़्त पर पूरा करना है और महत्वपूर्ण है तो वो अवचेतन मन के पास भेजा जाता है।

इसलिए जो काम आपके लिए महत्वपूर्ण होते है उन्हें चेतन द्वारा अवचेतन मन तक सिर्फ कुछ बार ही दोहराया जाता है। याद रखिये अवचेतन मन खुद की सुरक्षा खुद ही करता है कैसे आगे पढ़ते रहे। तो हम बात कर रहे थे इनकी कार्य प्रणाली की आइये देखे की

अवचेतन मन चेतन से ज्यादा शक्तिशाली है।

अवचेतन मन चेतन मन से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली है पर फिर भी हम इसकी शक्ति से अनभिज्ञ क्यों ?

इसकी वजह है हमारे संकल्प, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास पर निर्भर करती है। हमारा अवचेतन मन एक दोस्त की तरह है जिस पर जितना ज्यादा विश्वास होगा उतना ही अच्छे और सही तरीके से काम कर पाएंगे।

अपने थ्री इडियट मूवी देखी है जिसमे आमिर खान ने कहा की अपना दिल एक बच्चा है इसे बहलाए रखना चाहिए।

उनका एक डायलॉग काफी फेमस हुआ आल इज वेल ये डायलॉग हमारे अवचेतन मन पर सूट करता है। इसी के आधार पर subconscious mind reprogramming करना बेहद आसान बन सकता है.

अवचेतन मन खुद करता है अपनी सुरक्षा

अक्सर हम किसी बुरी आदत के लिए खुद को दोष देते है की हमारा अवचेतन मन इसे ग्रहण कर चूका है और जल्दी से इससे छुटकारा नहीं मिलेगा।

लेकिन क्या आप जानते है की कोई भी विचार आपके अवचेतन मन तक तब तक नहीं जा सकता जब तक आप उसे कुछ दिन निरंतर करे या फिर आपके संस्कर उसे गलत ना माने दूसरे शब्दो में आप उसे अपने लिए सही माने।

subconscious mind reprogramming के लिए इसे समझना बेहद जरुरी है. क्यों की आपके संस्कार वो कवच है जो किसी भी गलत चीज के प्रति आपके आकर्षण को दूर करती है।

जैसे ब्राह्मण द्वारा मांस ना खा पाना। अगर आप उन्हें फाॅर्स करेंगे तो भी नहीं ! यहाँ तक की सम्मोहन द्वारा भी जब तक आप उसके अवचेतन मन तक ना पहुँच सके।

subconscious mind reprogramming को प्रभावित करती है आपकी दिनचर्या

अगर आप लगातार 20 दिन से ज्यादा किसी चीज या काम को लगातार करते है तो आप उसमे एक्सपर्ट हो जाते है इसके बाद आप चाहे तो कोई भी काम करे पर उस काम में गलती नहीं करते है जैसे गाडी चलते वक़्त बात करना या फिर सोचते सोचते खुद-ब-खुद कही पहुंचना।

आप जब किसी काम को लगातार करते है तो वो निम्न प्रक्रिया से गुजरता है।

सबसे पहले तो वो चेतन मन द्वारा समझे जाने का प्रयास किया जाता है जैसे की कार्य को कैसे करते है।

इसके बाद जब कुछ दिन काम करते हुए हो जाते है तो आपका चेतन मस्तिष्क उसे ग्रहण कर लेता है यानि उसे लगता है की वो कार्य आपके लिए हानिकारक नहीं है और आप इसे आगे भी कर सकते है।

इसके बाद वो कार्य सुचना द्वारा अवचेतन मस्तिष्क तक पहुँचता है। जिसका मतलब है वो कार्य आपके अवचेतन मस्तिष्क में सही निर्देश और गुणवत्ता के साथ ग्रहण किया गया है.

यही है subconscious mind reprogramming और यही वजह है की जब आप किसी काम में एक्सपर्ट हो जाते है तो एक प्रोग्राम की तरह काम करने लगते है। गलती तभी होती है जब आपको लगता है की इसमें और दूसरे तरीके से भी कार्य को कर सकते है या गुणवत्ता में और सुधार कैसे करे।

subconscious mind reprogramming for hypnotism

अवचेतन मन तरंगो पर आधारित है जिसके लिए हमें बोलने की या सुनने की जरुरत नहीं पड़ती है।

हर विचार सबसे पहले एक तरंग है और तरंग पढ़ने का काम अवचेतन मस्तिष्क का काम है इसके बाद अवचेतन मस्तिष्क उन्हें शब्दो में आप तक पहुंचाता है।

इसलिए जब भी हम अवचेतन मन को ज्यादा जाग्रत कर लेते है तो वो इस तरह से सिग्नल भेजने और ग्रहण करने में काबिल हो जाता है शर्ते वही आपका मस्तिष्क शांत होना चाहिए।

पढ़े  : एक ही गले से दो आवाज निकलना क्या वाकई ये किसी आत्मा का काम है या कुछ और क्या है सच ?

दिन का कुछ वक़्त चाहिए एकांत में बिताना :

दिन का कुछ हिस्सा हमें ऐसे वातावरण में बिताना चाहिए जहा आपका फोन ना हो, दोस्त ना हो, कोई भी साथ ना हो, आवाज न हो और किसी तरह के डिस्टर्बेंस ना हो। इससे आपका मस्तिष्क सोचना कम कर देता है।

आंखे बंद करने से या किसी जगह फोकस होने से हमारे मस्तिष्क तक सिग्नल नहीं पहुँचते है जिससे हम सोच नहीं पाते है। इससे हमारी ऊर्जा बचती है और हम बेहतर तरीके से किसी चीज पर फोकस हो सकते है या बेहतर सोच सकते है।

तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ आपको आज की पोस्ट में अच्छी जानकारी उपलब्ध हुई है। अगर आपको लगता है की पोस्ट में कुछ कमी है तो बेहतर बनाने के लिए हमें कमेंट के माध्यम से सूचित करे।

आप अपने आर्टिकल हमें भेज सकते है। बेहतर पोस्ट के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूले।

out of body travel – शरीर से बाहर विचरण का मेरा पहला सुखद अनुभव और आध्यात्मिक यात्रा

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sharir se bahar vichran का anubhav हम में से ज्यादातर ने सोते सोते किया होगा यह अनुभव वैसा ही है जैसे हम खुद विचरण करते है। शरीर से बाहर विचरण के दौरान हम अपने शरीर को देखते है अपने परिवार वालो को देख सकते है या फिर ऊर्जा रूप वाली अशरीरी आत्माओ को।

कई बार हम अनजाने में ही शरीर से बाहर विचरण का अनुभव कर लेते है और हमें पता भी नहीं चलता है। out of body travel बिलकुल वैसा ही जैसा astral travel world की यात्रा कई बार तो इनमे फर्क करना भी मुश्किल हो जाता है।

पर astral travel में हम active रहते है वही शरीर से बाहर विचरण अचैतन्य अवस्था का परिणाम हो सकता है।

sharir se bahar vichran

इसके बारे में आपने काफी सुना होगा. क्या आपने खुद उसे महसूस किया है. शायद हा या फिर शायद नहीं।

क्यों की ज्यादातर हम स्वपन और शरीर से बाहर विचरण के बिच फर्क ही महसूस नहीं कर पाते है. हम सूक्ष्म शरीर को महसूस कर सकते है इसे प्राण शक्ति से जाग्रत कर सकते है, जब प्राण शक्ति की मात्रा को बढाकर एक जगह concentrate कर हम इसे शरीर से बाहर निकाल कर सम्पूर्ण जगत का भ्रमण सकते है.

आइए आज बात करते है ऐसी ही एक यात्रा की जिसमे एक आत्मा से सामना हुआ और वापस अपने शरीर में भी प्रवेश कर लिया। ये एक सत्य घटना है जो एक साधक के बचपन से ली गई है.

sharir se bahar vichran की यात्रा का पहला real experience

गर्मियों की रात की बात थी इस वक़्त में अपने परिवार के साथ बाहर आँगन में सो रहा था रात्रि के 2:30 से 4 बजे के बिच का वक़्त था। उसी वक़्त मुझे लघुशंका हुई और में उठ कर बाहर चला गया. अचानक मुझे किसी के रोने की आवाज सुनाई दी, ये आवाज किसी के कातर स्वर में थी की कदम अचानक ही उस ओर चल पड़े।

में दरवाजे तक पहुँच गया था अचानक एक रौशनी हुई और चारो ओर फ़ैल गई. तब मेरी आँखे खुल गई और में चारपाई पर लेटा हुआ था. सुबह के 5 बज चुके थे मेने ध्यान नहीं दिया और वापस सो गया।

कुछ दिन बाद फिर रात्रि के उसी वक़्त मुझे वो आवाज सुनाई देने लग गई. में बरबस उठ कर दरवाजे की ओर चलने लग गया। दरवाजे तक जाते ही वही रौशनी चारो ओर फ़ैल गई और में वापस चारपाई पर लेटा हुआ था। खैर सुबह होते ही फिर भूल चूका था वही दिन चर्या और कुछ दिन निकल गए.

अचानक फिर एक रात वही आवाज सुनाई दी इस आवाज में वही करुण पुकार थी, वो आवाज जैसे मुझे ही पुकार रही थी. उस आवाज के सुनते ही कदम बरबस दरवाजे की ओर चलने लगते थे। ऐसा कई बार होने लगा पर उस वक़्त सब सपना समझ के भूल जाता था.

लेकिन फिर जब ऐसा बार बार होने लगा तो मेने घरवालों से बात की तब उन्होंने कहा की ऐसी कोई आवाज उन्हें सुनाई नहीं देती है, और ये तुम्हारा वहम हो सकता है। अवचेतन मस्तिष्क से की गयी तिलस्मी यात्रा

चांदनी रात और उस आवाज का रहस्य

कुछ दिन बीत गए रात को कोई आवाज सुनाई नहीं दी लेकिन फिर एक रात चाँद अपनी चांदनी बिखेर रहा था तब रात्रि को वही आवाज सुनाई देने लग गई उसकी आवाज में एक करुण पुकार थी। में एक सम्मोहन में बंधा हुआ दरवाजे तक चला गया और आज तो उसके बाहर भी निकल चूका था.

बाहर निकल कर देखा तो गली में कोई नहीं था सुनसान गली और भोंकते हुए कुत्ते कुछ देर तक ऐसा ही रहा में बस वहां खड़ा था मन में न कोई विचार था न ही अकेले बाहर आ जाने का डर था।

कुछ देर बाद मेने देखा गली में दूर से एक परछाई चली आ रही थी जिसका चेहरा निचे की ओर था और कपडे काले वो चलते चलते मेरे पास से होकर निकलने लगी तब उसने मेरी ओर देखा मेने उसे पहचान लिया था वो वही आदमी था जो 1 महीने पहले एक लड़ाई में मारा गया था। फिर वो आगे बढ़ गया और एक रौशनी चारो और फ़ैल गई जिसमे सबकुछ खो चूका था में वापस अपनी चारपाई पर लेटा हुआ था. और आज का पूरा वाकया मेरे जेहन में बस चूका था।

उस परछाई का रहस्य

एक महीने पहले हमारे मोहल्ले में एक लड़ाई हुई थी जिसमे 2 लोग आपसी रंजिश का शिकार हुए थे. उसमे एक आदमी बेरहमी से मारा गया था। उस आदमी के शरीर के टुकड़े बिखर गए थे उस हादसे में।

फिर सब कुछ सामान्य हो चूका था लेकिन उस आदमी की मोत मेरे जेहन में बस गयी थी मेने उसे मरते हुए नहीं देखा था. लेकिन उस पल का हादसा मेने खुद महसूस किया था।

sharir se bahar vichran और सोने का तरीका

हममे से कई लोग ऐसे है जिनके सीने पर रात को अपने आप हाथ चले जाने की वजह से दबाव महसूस होने लगता है शरीर में कोई हरकत नहीं होती है, हम चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते है.

हम अपने शरीर को सामने देखते जरूर है लेकिन कुछ नहीं कर पाते है न ही उसमे प्रवेश कर पाते है फिर कोई आता है और सीने पर से हाथ हटा देता है तो हम वापस शरीर में चले जाते है.

इसके पीछे विज्ञान देखा जाये तो रात को सोते वक़्त हमारे साँस की गति कम हो जाती है और चेतना लुप्त होते ही हम अवचेतन मन में प्रवेश करने लगते है

कई बार ऐसा होता है की हम शरीर से astral travel में बाहर निकल जाते है और वापस इसलिए नहीं जा पाते है क्यों की ये हमने अभ्यास द्वारा नहीं किया था यानि इस पर हमारा बस नहीं था।

लेकिन जब कोई बाहरी आदमी हमारे हाथो को सीने से हटा देता है तो हमारी चेतना सांसो की गति के साथ लौटने लगती है और हम वापस शरीर में प्रवेश करने लगते है.

Read : घर में रखे पुराने दर्पण की वजह से आपको हो सकता है पारलौकिक शक्तियों के होने का अहसास

कैसे करे sharir se bahar vichran का अनुभव

हम sharir se bahar vichran की यात्रा का अनुभव तब भी कर सकते है जब हम दिन या रात्रि को सोते हुए जो सोचते है उसे रात्रि को महसूस करने लगते है. इसमें हमारी चेतना को अवचेतन मन में उतरते हुए ये विचार मजबूत होने लगते है और ऊर्जा सूक्ष्म शरीर का रूप ले लेती है.

तो दोस्तों ये थी मेरी sharir se bahar vichran की की गई पहली यात्रा। अनुभव काफी रोमांचक था उस वक़्त मेरी उम्र सिर्फ 8 साल थी और में हनुमान जी का नाम ज्यादा लेता था. दादाजी के साथ कुछ हनुमान मंत्र के उच्चारण किया करता था जिससे हमारा सकारात्मक औरा बढ़ने लगता था. अब ये तो याद नहीं रहा की वो मंत्र कोनसे थे आज एक सामान्य जिंदगी और साधक की जिंदगी दोनों जी रहा हुँ .

आप के अनुभव आप यहाँ शेयर कर सकते है और कमेंट के माध्यम से अपने सुझाव रख सकते है. आपके सुझाव हमें लिखने के लिए प्रेरित करते है. हनुमान जी का रक्षा कवच मन्त्र निचे दिया गया है जिससे आप सुरक्षा कवच के निर्माण में मदद पा सकते है.

अज्जनागर्भ सम्भूत कपीन्द्र सचिवोत्तम।
रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा।।

रैकी द्वारा हीलिंग करने का सबसे सरल और आसान उपाय

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hypnotism में आँखों से किसी को hypnotize करने की practice के बारे में अपने कई बार पढ़ा है लेकिन क्या वाकई अभ्यास मात्र से आप किसी को भी सम्मोहित करने में सक्षम हो जाते है. नहीं ! क्यों की शरीर की प्राण ऊर्जा का प्रवाह आँखों के अलावा हाथो के पोरुओ में भी बहती है.

रैकी में हम अपने हाथो में बहने वाली energy को collect करते है और उनसे problem को solve करते है। reiki pass marjin द्वारा हीलिंग करने का सबसे सरल और आसान उपाय आपको अपनी औरा से जुड़ी समस्या से निपटने में help करेगा।

हाथो के पोरुओ से बहने वाली प्राण शक्ति को develop कर उसे powerful magnet में बदल कर जड़ पदार्थ को affect कर सकने की capacity होती है. ये क्रिया स्पर्श द्वारा की जाती है. इसके द्वारा किसी प्राणी को भी हम successful hypnotism कर कर सकते है.

सम्मोहन के क्षेत्र में इसे “पास क्रिया” या “reiki pass marjin” या फिर spiritual में “रैकी” से जाना जाता है।

डॉ. मेस्मेर और आकर्षण का सिद्धान्त. Dr. मेस्मेर अनुसार हर इंसान के अंदर दूसरों को अपने हाथो द्वारा प्रभावित करने की क्षमता है. इसलिए हर प्रसिद्ध व्यक्ति BODY ऑफ़ LANGUAGE को ध्यान में रखकर दूसरे लोगो से लोगो पर ध्यान दे तो वो दूसरों से बातचीत के दौरान अपने हाथो ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करते है.

reiki pass marjin

ये वो दूसरों को प्रभावित करने के लिए और आकर्षण में बांधे रखने के लिए करते है. इसे भारतीय सस्कृति में शक्तिपात कहते है. इसके अभ्यास के लिए जरुरी है पहले जड़ पदार्थो पर अभ्यास किया जाये फिर सजीव / जीवित प्राणी पर किया जाये।

प्राचीन काल से यह शक्ति हर इंसान में मौजूद थी आज भी है. लेकिन जिसने अभ्यास द्वारा बढ़ा लिया उसने इस शक्ति को जाना है.

इसका स्पर्श दिल को सुकून देने वाला होता है.बिल्कुल वैसा ही जैसा आपके बुजुर्ग देते वक़्त आपके सिर पर हाथ फेरे तब उसका अहसास कीजिये. ये अहसास ही हमें reiki pass margin के दौरान होता है.

जैसे ऊर्जा का प्रवाह एक सिरे से दूसरे सिरे में हो रहा हो. इसीलिए प्राचीन काल में जब कोई ऋषि हमें उसकी कामना पूरी होती है.

पूरा करती थी हमारी प्राण ऊर्जा। इसलिए बच्चों को बुजुर्गो पैर लगना उनसे आशीर्वाद लेने जैसे संस्कार दे. क्यों की ये की ये प्राण शक्ति बीमारी, stress, और problem को solve कर सकती है।

reiki pass marjin

अपने सामने किसी को माध्यम बना कर कुर्सी पर बैठा दे या फिर चित लेटा दे. उसके सामने खड़ा होकर अपने दोनों हाथ फैला ले इसके बाद दोनों हाथो के पोरुओ को माध्यम पर फोकस कर दे.

इस वक़्त आपकी खुद की आँखे बंद कर ले ( सिर्फ कुछ देर के लिए क्यों की ये आपको अपनी प्राण शक्ति को हाथ के पोरुओ पर फोकस करने में मदद करेगी.)

कुछ देर तक ऐसे ही मन में भावना दे की आपके हाथो से शक्ति निकल कर माध्यम में समा रही है. कुछ देर तक इस thought को मन में repeat पर आप पाएंगे की आपके हाथ के पोरुओ में सच में चुंबकीय शक्ति ( प्राण ऊर्जा का विकसित रूप ) प्रवाहित होने लगी है.

ये भावना दोहराते दोहराते शक्ति का प्रवाह आपके पुरे शरीर में होने लगता है. खासतौर पर आपकी आँखे और हाथ के पोरुओ में magnetic power flow करने लगती है।

इसके बाद आप मन में भावना दे की आपके हाथ के पोरुओ से निकल कर चुंबकीय शक्ति माध्यम के शरीर में प्रवेश कर रही है. दोहराते रहने पर आप पाएंगे की आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह काम होता जा रहा है और माध्यम का शरीर उस शक्ति को ग्रहण करता जा रहाहै।

पास मार्जन में

जब ये शक्ति माध्यम के शरीर में प्रवेश करती है तो उसे अपने अंदर ऊर्जा का प्रवाह होता हुआ महसूस होता है। सामान्य स्तर पर ( बुजुर्गो से आशीर्वाद लेते वक़्त ) ये ठंडे मगर सुकून देने वाले अहसास की तरह होता है.

रैकी के दौरान इसका प्रवाह ज्यादा होने की वजह से वो ऊर्जा के प्रवाह को साफ महसूस कर सकता है उस वक़्त उसे उष्ण अहसास होता है इसके अलावा कम्पन भी महसूस किया जा सकता है।

जब ऊर्जा स्थानांतरण पूर्ण हो जाता है तब जो ऊर्जा को भेजता है उसे अपना शरीर हल्का महसूस होता है और जिसे ऊर्जा मिलती है कुछ देर दबाव महसूस करता है. ये के दौरान उसके चेतन मन के दबने के कारन होता है. ( किसी भी आध्यात्मिक क्रिया में चेतन मन कुछ देर के लिए दब जाता है और subconscious mind activate हो जाता है इस वजह से हम कुछ देर तक शरीर में चेतना में लौट नहीं पते है.

कुछ देर बाद चेतना लौट आती है और दोनों ही सामान्य हो जाते है.यही कार्य mesmerism में होता है उसमे इस ऊर्जा का प्रवाह उच्च स्तर पर कर माध्यम की चेतन को लुप्त कर देते है और अवचेतन मन ज्यादा से सक्रिय हो जाता है।

इसी प्रकार सम्मोहन करने वाला माध्यम पर आँखों और हाथो का प्रयोग करता है अगर आपने reiki pass marjin का अभ्यास किया है तो आप आसानी से उच्च कोटि के सम्मोहनकर्ता बन सकते है. क्यों की आँखों से सम्मोहित करने के साथ साथ हाथो से सामने वाले पर प्रभाव डाल कर आप उसे आसानी से सम्मोहन के दायरे में ला सकते है।

पास मार्जन में ध्यान रखे

वैसे तो reiki pass margin में स्पर्श देते वक़्त 3 से 4 इंच की दुरी रखी जाती है कुछ अभ्यास में ये दुरी घटा कर 1 से 2 इंच कर दी जाती है क्यों की ऊर्जा प्रवाह ज्यादा करना पड़ता है. कही कही स्पर्श करते हुए भी रैकी की जाती है जो जल्दी फायदा देने वाली होती है।

  • स्पर्श हमेशा ऊपर से निचे की देना चाहिए तथा ऊपर एते वक़्त मुट्ठी बंद कर लेनी चाहिए क्यों की उल्टा पास करने पर वही ऊर्जा उतर जाती है। ज्यादा जानने के लिए देखे मेस्मेरिज्म में पास क्रिया
  • पुरुष को स्पर्श देने की क्रिया पुरुष के दाई और तथा स्त्री के बायीं और से शुरू की जाती है. पर किसी अंग पर विशेष प्रभाव डालने के लिए उसे स्पर्श भी किया जाता है ( बीमारी में )
  • एक पास देने में 3 से 5 मिनट का वक़्त लगता है इसे जरुरत के अनुसार कम ज्यादा भी कर सकते है.
  • एक दिन में 3 से ज्यादा बार reiki pass marjin नहीं करना चाहिए।
  • स्पर्श देने के बाद अपने हाथो को अवश्य ठन्डे पानी से धो ले।

त्राटक से आँखों की शक्ति को बढ़ा लेते है लेकिन हाथो की शक्ति को नियंत्रित करने और उसे बढ़ाने के लिए हमें कुछ विशेष अभ्यास की आवश्यक्ता होती है जिनके बारे में ज्यादा जानने के लिए हाथो में आकर्षण शक्ति कैसे बढ़ाये की पोस्ट देखे।

आज की पोस्ट reiki pass marjin आपको कैसी लगी कृपया अपने कमेंट के माध्यम से बताये। जो पोस्ट आपको अच्छी लगे उसे शेयर जरूर करे जिससे आपके दोस्तों को भी फायदा मिले।

Read : Hatha yoga breathing techniques को पसंद किये जाने के पीछे की Top 5 reason

इन tips को follow कर आप भी आसानी से shadow people during sleep paralysis की स्थिति से बाहर निकल सकते है

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क्या हम भावना शक्ति द्वारा खुद को नियंत्रित कर सकते है ? How to stop sleep paralysis forever ? हाँ बेशक हम खुद thought power द्वारा sleep paralysis पर control कर सकते है. खुद को भावना शक्ति द्वारा prevent sleep paralysis के लिए तैयार करना हमारा खुद को नियंत्रण करने का एक भाग है.

मानसिक अवस्था जहा हम भावना द्वारा खुद को सशक्त भी कर सकते है और किसी भी डर पर काबू पा सकते है. how to overcome sleep paralysis by using willpower? क्या suggestion के जरिये हम स्लीप पैरालिसिस को दूर कर सकते है और एक अच्छी नींद ले सकते है.

How to Overcome Sleep paralysis
स्लीप पैरालिसिस नींद में हुए भ्रम की एक स्थिति है जहा हम खुद को फंसा हुआ महसूस करते है आज की पोस्ट में हम भावना शक्ति द्वारा शरीर को नियंत्रित करने और स्लीप पैरालिसिस पर काबू पाने पर चर्चा करेंगे.

Avoid sleep paralysis now and sleep paralysis during lucid dream एक ऐसा अभ्यास है जिसमे हम सुप्त होते हुए भी खुद को कण्ट्रोल कर सकते है.

एक ऐसी अवस्था जिसमे हम अपने ही सपने से लड़ना सीखते है और धीरे धीरे lucid dream की state में आकर खुद को शिथिल और mind level पर control कर a cure for sleep paralysis खुद ही तैयार कर सकते है. आइये जानते है भावना शक्ति द्वारा स्लीप पैरालिसिस पर काबू कैसे पाए.

How to Overcome Sleep paralysis

Overcome sleep paralysis के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है आपका अपने ऊपर विश्वास. आपका अपने ऊपर जितना ज्यादा विश्वास रहता है आपके सफल होने के chance उतने ही ज्यादा होते है, इसलिए अगर सफल होना है तो खुद पर विश्वास बनाये रखे कोई भी एक बार में सफल नहीं होता है.

लेकिन इसका मतलब ये नहीं की बार बार प्रयत्न करने पर सफल नहीं हो सकता है. कोशिश करने पर ही सफल हो सकते है, इसमें भावना शक्ति का योगदान हो सकता है. इसलिए अगर आपको भावना शक्ति को मजबूत करना है तो सबसे पहले शंका और दुसरो के नकारात्मक टिप्पणी से प्रभावित होना बंद करना पड़ेगा.

भावनाओ का समूह यानि निर्देश वास्तव में क्या है ?

भावना एक निर्देश को बार बार दोहराना ही है. जब हम विचारो के भंवर में फंस जाते है तब हम समझ नहीं पाते है इससे बाहर कैसे निकले तब भावना शक्ति का प्रयोग कर हम बड़ी से बड़ी बढ़ा को दूर कर सकते है.

भावना शक्ति हमें संयम सिखाती है. हमें शांति का मार्ग प्रदान करती है, इन सबके आलावा ध्यान से बढ़ी हुई शक्ति को संजो कर रखती है.

एक उदहारण : कबड्डी का खेल चल रहा था. खिलाडी जी जान से गोल करने में लगे थे. खेल में जीत की उम्मीद सिर्फ एक खिलाडी के गोल पर थी. तभी उसके अंगूठे में चोट लग जाती है. खून बहने लगता है लेकिन वो खिलाडी अपने गोल में इतना मगन था की उसे ध्यान ही नहीं रहा था.

जब गोल पूरा हो गया तब उसका ध्यान अपनी पीड़ा पर आया और वो दर्द इतना तेज था की वो बेहोश हो गया. क्या ये दर्द शुरू से इतना ही रहा था ? जी हाँ ! दर्द तो तब भी था बस ध्यान नहीं रहा. क्यों की उसके मन में सिर्फ एक ही भावना थी की उसे बस गोल करना है.

एक दूसरा उदाहरण उस बच्चे का जो कभी स्टेज पर नहीं गया. जब वो पहली बार स्टेज पर जाता है तब उसका मन शंकित रहता है मन विचारो से घिरा रहता है की में ये कर पाउँगा या नहीं. लेकिन जब वो बोलना शुरू होता है तब उसे ऐसा लगता ही नहीं की वो पहली बार बोल रहा है.

ये सब एक चमत्कार जैसा लगता होगा लेकिन ये सब भावना का खेल होता है. आँखे बाद कर सब भूल जाना और सिर्फ एक ही बात याद रखना में ये कर सकता हु. फिर देखिये आप कैसे दुसरो को अपने आकर्षण में लाते है.

Willpower and thought make better result

भावना शक्ति का सबसे बढ़िया उदाहरण छोटा सा बच्चा है जो खेल खेल में चोटिल होता रहता है. बच्चा खेलते खेलते गिर जाता है और उसे चोट लग जाती है दर्द भी होता है पर तभी माँ आती है और घाव पर मुह से फूंक मारती है और कहती है की बस ये अभी सही हो जायेगा और कुछ देर बाद बच्चा वापस हंस खेलने लगता है.

क्या ये कोई चमत्कार नहीं ये माँ की भावना होती है जिसे बच्चे का अंतर्मन स्वीकार कर लेता है और उसकी भावना काम कर जाती है.

भावना शक्ति को बनाये कैसे रखे

इस संसार में सबसे तेज क्या है ? क्या ये कोई भौतिक रचना है या फिर मनुष्य की कोई कृति ? सबसे तेज है हमारे मन की गति. इसका ईंधन क्या है हमारा आत्मविश्वास जो हमारे मन को गति प्रदान करता है. जिसका आत्मविश्वास जितना मजबूत होता है हमारे मन की गति और उसकी वास्तविकता उतनी ही सच्ची होती है.

हर वो रचना जो आज अपने भौतिक स्वरूप में है बीते हुए कल की कल्पना है और जो आज की कल्पना है वो कल की रचना होगी. आत्मविश्वास हमारे मन की ऊर्जा है इससे कोई कम नहीं कर सकता है सिवाय खुद आपके आपका एक नकारात्मक विचार आपके मन में खुद के खिलाफ शंका पैदा कर देता है. इससे आपका आत्मविश्वास गिरने लगता है.

इसके साथ ही हमारी इच्छा शक्ति, शंकल्प शक्ति और भावना शक्ति पर भी प्रभाव पड़ता है.

How to practice overcome sleep paralysis in Hindi

भावना शक्ति का अभ्यास आपका ध्यान मजबूत करता है. विचारो के भंवर से निकल कर कर आपको एक विचार पर टिके रहने का सामर्थ्य प्रदान करता है.

इसके लिए आप सबसे पहले शरीर को शिथिल करने का प्रयत्न करे जो आप लेट कर और हरकत को बंद कर आसानी से कर सकते है. जब शरीर शिथिल हो जाता है तब मन को शांत करना होता है. मन को शांत करने के लिए मन के विचारो को बंद करना होता है जो एकाएक संभव नहीं है.

  • शुरू में आप सिर्फ एक विचार को सोचे की सिर्फ एक विचार ही आपको बार बार दोहराना है.
  • कुछ समय बाद ही आपके मन सिर्फ वह विचार दोहराया जाता है बाकि विचार नहीं आते है.
  • कुछ देर बाद ऐसा लगता है जैसे आपका शरीर बेजान सा हो गया है और मस्तिष्क एकदम खाली खाली सा.

शरीर को शिथिल करे

अब आप इसे अपने शरीर पर आजमाए लेट जाये और शरीर को शिथिल कर ले, मन को शांत करने का प्रयत्न करे ये न कर सकते तो कोई बात नहीं अपने मन में सिर्फ एक ही विचार दोहराये जो आपके शरीर से सम्बधित हो जैसे की आपके शरीर का वो भाग जिस पर भावना दी जा रही है वो उस भावना के अनुसार कार्य करने लगा है.

उदाहरण के लिए अपने भावना दी है की आपके पैर की हरकत बिलकुल बेजान हो रही है कुछ देर ये भावना दे आप महसूस करेंगे की आपके पैर की हरकत बंद हो कर बिलकुल बेजान हो गई है.

भावना द्वारा कण्ट्रोल करे शरीर को

इसके बाद आप भावना दे कर शिथिल पड़े अपने हाथ को हवा में भावना द्वारा उठाये ये शुरू में मुश्किल जरूर है लेकिन अभ्यास से संभव है. इसके लिए आपको अपने शरीर की हरकत को बंद करना होगा और भावना दे की आपके हाथ हवा में उठ रहा है.

अभ्यास के कुछ ही देर बाद आपके हाथ थोड़ा थोड़ा करके हवा में उठ शुरू हो जाता है.

इस समय आपको सिर्फ भावना को बार बार दोहराना है और ध्यान देना की आप हाथ को उठाने के लिए बल का प्रयोग न करे. क्यों की इस वक़्त आपकी चेतना और अवचेतन में निर्देश का आदान प्रदान होता है.

दोनों ही अपने अपने भाव से आपके आदेश ग्रहण करते है लेकिन, आपको सिर्फ भावना पर ध्यान देना है उस वक़्त भावना में कोई व्यवधान या फिर निर्देश के transmission में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए .

Overcome sleep paralysis का ये अभ्यास आपके अंतर्मन को मजबूत बनता है जिससे भावना शक्ति तेजी से और पलो में आपको ध्यान की शक्ति का बोध कराती है. और आप ध्यान में तेजी से उतरने लगते है.

fixing sleep paralysis and black figure beware while practice

भावनाए हमारे मस्तिष्क को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है. ये आपको आगे भी ले जा सकती है और पीछे भी धकेल सकती है. जरुरत से ज्यादा किया गया अभ्यास आपको मानसिक थकान दे सकता है. बेहतर होगा अभ्यास के समय निम्न सावधानिया रखना न भूले.

  • उपरोक्त अभ्यास में आपके मस्तिष्क बहुत जल्दी थकने लगता है इसलिए ज्यादा जोर न दे वर्ना अभ्यास के बाद आपको थकान महसूस होने लगती है.
  • हाथ हवा में उठना एक स्वाभाविक प्रक्रिया होनी चाहिए इसके लिए मानसिक बल न लगाये.
  • अभ्यास को निचे स्तर से शुरू करे. शुरुआत में ही खुद को ऐसे निर्देश न दे जिसमे आपको जरुरत से ज्यादा मानसिक बल लगाना पड़ रहा हो.
  • अगर अभ्यास के समय आप खुद को शांत नहीं रख पा रहे है तो बेहतर होगा अभ्यास न करे.

इन बातो को ध्यान में रखते हुए जब भी अभ्यास करे भावनाओ के निर्देश की सही कल्पना करे. जब आप ऐसा करते है तो निश्चित ही कम समय में आप खुद पर physical and mental control सीख जायेंगे और बेहतर बन सकते है.

स्लीप पैरालिसिस क्या है और क्यों होता है

सोते वक़्त कई बार हमें ऐसा महसूस होता है की अपने सामने कुछ घटना घटते हुए देखते है मगर चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते है.

इस वक़्त हम बोल नहीं पाते है, ना ही कुछ कर सकते है हमारा शरीर जैसे बेजान सा हो जाता है. कुछ देर बाद हम अपने आप या फिर किसी द्वारा हिलाने या छूने से उस अवस्था से बाहर निकल जाते है.

इस अवस्था को sleep paralysis कहते है.विज्ञान के अनुसार ये instability in sleeping से होता है. दुनियाभर में इसे समझने के लिए कई शोध कई research शुरू की गई मगर सही तरीके से कुछ भी पता नहीं चल पाया है.

amazing Sleep paralysis fact

  • शरीर भौतिक रूप से काम नहीं कर पाता है.
  • मस्तिष्क के ऊपर अचानक कई विचारो को बोझ पड़ने से होता है.
  • हम सब कुछ होता हुआ देख सकते है पर उनमे हस्तक्षेप नहीं कर पाते है. क्यों की हमारा शरीर सोता हुआ रहता है मगर मस्तिष्क जाग्रत रहता है. विज्ञान के विपरीत अध्यात्म में sleep paralysis शरीर पर spiritual attack की वजह से होता है.

ऐसे ही मजेदार फैक्ट जानने के लिए आप sleep paralysis amazing scary fact in Hindi की पोस्ट पढ़ सकते है.

overcome sleep paralysis with suggestion

शुरू में हम sleep paralysis को सिर्फ महसूस ही कर पाते है. लेकिन बार बार इस घटना का होना हमारे अंदर अपने आप एक ऊर्जा को विकसित करता है.

इस ऊर्जा का निर्माण होता है हमारे प्रतिरोध से जिसकी वजह से हम धीरे धीरे sleep paralysis पर काबू पा लेते है. एक घटना के माध्यम से इस क्रिया को सही तरीके से समझ सकते है. आइये देखे :

बार बार sleep paralysis के attack से में परेशान हो चूका था. मे जैसे ही सोने जाता sleep paralysis का attack शुरू हो जाता.

मुझे वहां पर बुरी आत्मा के होने का अहसास होता था, वो सिर्फ मुझे ही देख रही थी. में बार बार इस घटना से तंग आ गया था.

दूसरी बार मेने उससे लड़ने का निश्चय किया और खुद को जगाने का हर-संभव प्रयास किया.

लड़ने की इच्छाशक्ति में बढ़ोतरी

तीसरी बार मेने और ज्यादा प्रयास किया बार बार ऐसा होने से में चिड़चिड़ा उठा था और मेरा गुस्सा sleep paralysis के खिलाफ ऊर्जा रूप ले रहा था. इसकी वजह थी sleep paralysis के खिलाफ लड़ने की मेरी इच्छाशक्ति जो अब उच्चतम स्तर पर होती जा रही थी.

में अपनी इच्छाशक्ति के बल पर बेड पर खड़ा हो गया. कुछ देर तक मेने उसे देखा, वो एक ऊर्जा रूप था काली छाया जिसकी दहकती आंखे मुझे ही घूर रही थी. मेने आज पक्का निश्चय कर लिया था.

मेने बेड से छलांग लगाई, उस छाया को गर्दन से पकड़ा और खिड़की से बाहर फेंक दिया.

चूँकि में उसे भगा चूका था इसलिए में जाग चूका था. मेने अपने बेड पर दोबारा खड़े होकर सच्चाई को अनुभव किया. में जान चूका था की ये कोई भूत-प्रेत नहीं था. बल्कि एक दूसरे दर्जे का आयाम था जिसमे में दोबारा नहीं जाना चाहता था.

ये अनुभव मुझे राहत देने वाला था और मेने overcome sleep paralysis पा लिया था.

Truth behind sleep paralysis and suggestion

Sleep paralysis पर काबू पाना असल में अपने मस्तिष्क में चलने वाले विचार को रोकना होता है. क्या आप sleep paralysis को अपने ऊपर हावी होने देना चाहेंगे.

शायद ही कोई ऐसा होगा जो हां में उत्तर दे. इसे काबू में करने के लिए विचारो पर ध्यान देना, उन्हें शांत करना, और अंत में उन्हें नियंत्रित करना.

दरअसल overcome sleep paralysis के लिए हमें खुद का lucid dream stage का निर्माण करना होता है जिसमे हमारे विचार, हमारा दृश्य कार्य करता है.

Sleep paralysis की अवस्था पर काबू पाकर हम Lucid dream, astral body travel and out of body experience के अनुभव कर सकते है बशर्ते हम इसमें सकारात्मक विचारो की शक्ति, मनचाहे द्रश्य पैदा करने की शक्ति हो.

इन्हें सोने से पहले आजमा के देखे.

Read : 5 बाते जो आपको ये मानने पर मजबूर कर देगी की भूत प्रेत और आत्माए होती है

how to overcome sleep paralysis – my final word

ऐसे कई बदलाव है जो हम भावना शक्ति के इस्तेमाल करते हुए सही तरीके से कर सकते है. भावनाए मस्तिष्क के दुसरे विचारो के प्रवाह को रोकते हुए एक temporary hypnotic state बनाती है और हमें उस निर्देश को follow करने के लिए motivate करती है.

जब ऐसा होता है तब हम किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार कर सकते है और साथ ही अपने डर पर काबू पा सकते है.

आज की पोस्ट overcome sleep paralysis आपको कैसी लगी कमेंट के माध्यम से जरूर बताये.

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कम से कम समय में तीसरे नेत्र के जागरण करना चाहते है तो अँधेरे कमरे में ध्यान करना शुरू कर दे

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अगर आप भी अपने सपनो को हकीकत में बदलना चाहते है तो आज ही आजमाए इन 3 टिप्स को

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कितना अच्छा होता अगर हम जो सपने देखे वही हकीकत में बदल सके। लेकिन ऐसा हकीकत में तभी संभव आई जब आप Dream become true के पीछे के विज्ञान को समझे। असल में Dream become true in hindi तभी होता है जब आपके पास पर्याप्त साधन हो जैसे की सपने के विज्ञान को समझना, फिर अपने अवचेतन मन का इस्तेमाल इसे वास्तव में बदलने के लिए करना।

सपने सच होते है इसका बड़ा गवाह हमारा इतिहास है। बीते कल में जो कल्पना थी वो आज हकीकत है और जो आज कल्पना है वो आने वाले वक़्त में हकीकत होगी। sapno ko sach kese kar sakte h, sapno ko hakikat me kaise baadla ja sakta h hindi me.

Dream Become True

हममे से कई लोग ऐसे है जो सोचते है पा लेते है. सभी चाहते है की उनकी हर इच्छा पूरी हो जो वो सोचे उसे पा ले लेकिन क्या सिर्फ सोचना काफी है.

क्यों की अगर सपने हकीकत बनाने है. तो काम करना पड़ता है. जो काम करता है वो success भी होता है. dream become true एक law पर कार्य करता है जिसके अनुसार

किसी कार्य की कल्पना करे की कैसे उसे आप पा सकते है फिर अपने आप को पूरी ऊर्जा से उसे पूरा करने में लगा दे फिर देखिये कैसे आपके सपने हकीकत बनते चले जाते है।

आज की पोस्ट में हम सपनो को हकीकत बनाने के विषय में बात करेंगे। जानेंगे की कैसे हम अपनी ख्वाहिशे पूरी कर सकते है। कैसे अपने जीवन में बेहतर बदलाव ला सकते है।

Dream Become True सपनो को हकीकत में कैसे बदले

ये एक उदहारण है जो हमारे कल्पना करने और उसके हकीकत बनने की प्रक्रिया को समझाता है जैसे की किसी कार्य की रुपरेखा तैयार करते वक़्त हम कार्य को छोटे छोटे टुकड़े में बांटते है फिर हर हिस्से के काम को किस तरह किया जाये उसकी रुपरेखा तैयार करते है जिससे की वो कार्य बढ़िया तरीके से पूर्ण हो.

वैज्ञानिक सबसे ज्यादा कल्पना शक्ति का ही इस्तेमाल करते है कोई भी खोज यु ही नहीं होती है कल्पना और उसका लॉजिक उसे हकीकत बनाता है.

कल्पना के हकीकत बनने के पीछे होता है लॉजिक और अगर हमारा अवचेतन मन जाग्रत है तो हम बेहतर आईडिया से उन्हें हकीकत में बदल सकते है.

आप भी इससे अपने जिंदगी में सपने को हकीकत बना सकते है. आप कोई भी टारगेट रखे लेकिन उसे एकसाथ करने के बजाय हिस्सों में करे बेहतर तरीके से कर पाएंगे और शांतिपूर्ण ढंग से।

कल्पना को हक़ीक़त कैसे बनाये

जो बीते कल में मात्र कल्पना थी वो आज हकीकत है. जो आज कल्पना है वो आने वाले कल की हक़ीक़त होगी. यही सत्य है। कहा गया भी है की –

“अगर कल्पना है तो हकीकत भी है”.

लेकिन क्या कभी ये सोचा है की कल्पना हक़ीक़त कैसे बनती है ? कल्पना को हकीकत बनाता है हमारा आत्मविश्वास, हमारी भावना शक्ति और हमारे अवचेतन मस्तिष्क की सोच कल्पना को हकीकत बनाती है. पहले भी आप जान चुके है की भावना शक्ति की सीमाये क्या है और हम इससे क्या कर सकते है.

हमारा आत्मविश्वास हमें बल प्रदान करता है कल्पना को हकीकत बनाने में और अवचेतन मन नए नए मार्ग बनाता है. दैनिक दिनचर्या का उदहारण ले तो अगर हम कुछ भी करने से पहले कार्य की रुपरेखा बनाते है। और हमारा कार्य एक सुनियोजित ढंग से पूर्ण होता है।

dream become true के लिए क्या सिर्फ सोचना ही काफी है

सिर्फ सोचने भर से या ख्याली पुलाव से हम किसी काम में सफलता हासिल नहीं कर सकते है। ज्यादातर लोग शिकायत करते है की उन्होंने इसे अपनाया मगर कोई फायदा नहीं हुआ।

ऐसा इसलिए क्यों की उन्होंने सिर्फ सोचने का काम किया उसे पूरा कैसे करना है उन तरीको पर ध्यान नहीं दिया और जब तक हम भावना शक्ति, इच्छा शक्ति को अपनी कल्पना से नहीं जोड़ते है तब तक वो अधूरी है।

dream become true को सच करने अपने आप रास्ते बनते है

अगर अपने किसी काम को पूरा करने की ठान लेते है तो आप पाएंगे की आपका मन आपको प्रेरित करने लगता है। जैसे की आपने किसी काम को करने का सोचा और फिर उसे करने के लिए तरीके को आजमाया अगर उसमे कोई समस्या उत्पन होती है तो आपका अवचेतन मन उसे पूरा करने के लिए अल्टेरनेट यानि विकल्प का सुझाव देता है।

मगर ये तब होता है जब आपकी कल्पना तर्कसंगत हो और उसे पूरा करने के तरीके भी हो।

Dream become true के 3 चरण

सपनो को हकीकत में बदला जा सकता है इसके लिए सबसे पहले ध्यान रखे की ये वो सपना नहीं है जो आप सोते वक़्त देखते है ये वो सपना है जो आपकी ख्वाहिश है जैसे अमीर बनना, अच्छा जॉब चुनना। इसके साथ ही साथ ये भी ध्यान रखे की संयम सफलता की पहली सीढ़ी है। इसके लिए ये 3 चरण ध्यान रखे।

पहला आपका सपना

किसी भी ख्वाहिश को बेहतर बनाने के लिए उसका सपना देखे यानि कल्पना कर खुद को उसके प्रति आकर्षित करे। जब किसी चीज से जुड़ाव होगा तभी उसे पाने की लालशा जागेगी।

ये इसलिए जरुरी है क्यों की इंसान को लालच दिए बगैर काम करवाना मुश्किल है अगर किसी काम में बेहतर बदलाव लाना है तो उसके लिए खुद को प्रेरित करे या फिर लालच दे।

ख्वाहिश को पूरा करने के साधन

अगर आप बेरोजगार है और सोचते है किसी खास पोस्ट पर जॉब लगने की तो क्या आप उसके लायक है जैसे की आपकी योग्यता क्या उस जॉब से मैच करती है। अगर ऐसा नहीं है तो आपको उस जॉब को पाने के लिए उस स्तर तक की मेहनत करनी पड़ेगी।

इसी तरह आपके कल्पना को हकीकत में बदलने के लिए आपको उसके स्तर के साधन जुटाने पड़ते है। जिनके बिना कल्पना का महत्व ही नहीं। ये साधन और कोई नहीं आपकी कार्य-कुशलता, आपका सोचने का तरीका है। इन साधनो का उचित जगह इस्तेमाल कर आप कल्पना में रंग भर सकते है।

संयम से मुश्किलें अपने आप दूर हो जाती है :

पहले 2 चरण समझ आने के बाद तीसरा काम होता है आपके उस कल्पना के पूरा यानि हकीकत में बदलने का सफर जिसके लिए आप उचित साधनो का उपयोग कर रास्ते तय करते है।

मगर आप शुरू में परेशानियों से जूझने लगते है अक्सर हर किसी के साथ ऐसा होता है। लेकिन अगर आपमें संयम है और किसी रूकावट से रूबरू हो रहे है तो अपने अवचेतन पर इसे छोड़ दे।

आपका अवचेतन मन आपको एक से बढ़ कर एक विकल्प उपलब्ध करवाता है बशर्ते आप सही तरीके से काम को समझे।

तो दोस्तों ये था आपकी कल्पना को हकीकत में बदलने का सफर उम्मीद करता हूँ की आज की पोस्ट आपको ज्ञानवर्धक लगी हो। आपके अवचेतन मन की शक्ति की पुस्तक जिसे विश्वभर में काफी पसंद किया गया और उसका संस्करण हिंदी में तैयार किया गया।

ये पुस्तक अपने आप में अद्भुत है ये में नहीं जिसने इसे पढ़ा है उसका कहना है। इसे आप फ्लिपकार्ट पर आर्डर कर सकते है। इस पुस्तक में इतने प्रभावी तरीके से अवचेतन मन की कार्यप्रणाली का वर्णन किया गया है की कुछ ही दिनों में आप खुद में बदलाव महसूस कर सकते है।

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Astral travel experience in Hindi के लिए step by step इस अभ्यास को जरुर आजमाए 2022 में सबसे सेफ और आसान तरीका

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क्या आप सबसे आसान तरीके से astral travel experience करना चाहते है ? हर किसी का सपना होता है की वो भी अपने शरीर से बाहर निकले और spiritual world journey को enjoy करे लेकिन, अगर शरीर में वापस ना आ सके तो ?

क्या मेरी astral body बाहरी दुनिया में ही फंस कर रह जाएगी. ज्यादातर लोगो का मानना है की अगर सही तरीके से एस्ट्रल ट्रेवल नहीं की तो आपका एस्ट्रल बॉडी दुसरे डायमेंशन में फंस कर रह जाता है या फिर आत्माए आपके शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है. आइये आज हम जानते है की बिना किसी डर के step-by-step हम astral travel का experience कैसे कर सकते है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा वाकई एक अद्भुत और अनोखा अनुभव होता है. ज्यादातर लोग शुरुआत में astral projection experience के दौरान घबराहट महसूस कर सकते है. पर अगर इसे पूरी तरह समझ कर किया जाये तो सूक्ष्म शरीर की यात्रा बिलकुल एक सामान्य यात्रा का अनुभव दे सकती है.

How to Astral travel experience

आसानी से सूक्ष्म शरीर की यात्रा कैसे की जाये यही आज की पोस्ट का विषय है. जिसमे हम astral travel experience पर बात करेंगे उन टिप्स की जिन्हें ध्यान रख कर आप सूक्ष्म शरीर की यात्रा के पहले अनुभव को रोमांचक बना सकते है. Out-of-body experience (OBE) को conscious state of mind के दौरान अनुभव किया जा सकता है.

इस दौरान हमें ऐसा लगता है मानो हमारा प्रतिबिम्ब शरीर से अलग हो रहा है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा के दौरान ही ध्यान देना जरुरी नहीं इसके अनुभव के बाद की घटनाओ पर भी ध्यान देना जरुरी है ऐसा इसलिए ताकि हम सूक्ष्म शरीर की यात्रा और सामान्य निद्रा में फर्क महसूस कर सके. अगर आप how to do astral projection in Hindi के बारे में और ज्यादा जानना चाहते है तो इस आर्टिकल के स्टेप को पूरा पढ़े.

How to Astral travel experience Hindi

हम how to do astral projection यानि सूक्ष्म शरीर की यात्रा को 3 हिस्सों में समझते है. पहला खुद को शिथिल करना ( Take Off ) दूसरा सूक्ष्म शरीर के बाहर आने के बाद Lucid Dream को Manage करना. और तीसरा astral projection experiences के दौरान किये गए अनुभव को दोहराना.

Astral projection के दौरान हमारी consciousness को शरीर से बाहर project किया जाता है. इस दौरान हमारा प्रोजेक्शन astral world में रहता है. सीधे शब्दों में कहे तो हमारा मानस रूप चेतना के जरिये दुनिया में कही भी ट्रेवल कर सकता है.

अगर इस पोस्ट को पहली बार पढ़ रहे है तो आप पहले how to do astral projection से जुड़ी अन्य पोस्ट भी पढ़े ये आपकी शुरुआती समस्या को हल करने में मदद करेगी. तो फिर आज जानते है की सूक्ष्म शरीर की यात्रा को 3 भाग में बाँट कर कैसे सम्पूर्ण यात्रा का आनंद उठा सकते है.

इससे पहले की हम astral travel experience की शुरुआत करे सबसे पहले समझते है उन तकनीक को जिनमे सूक्ष्म शरीर यात्रा को चरणबद्ध किया गया है.

History of Astral Projection

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का इतिहास काफी पुराना है. हम प्राचीन काल से इस तरह के अभ्यास में कुशल थे लेकिन, विज्ञान के युग में इस तरह के अभ्यास को महत्त्व ना देने की वजह से ये लुप्त होने लगा. अब लोगो के मन में विश्वास से ज्यादा शक भरा हुआ है क्यों की अनुभव करना इतना आसान नहीं रहा.

वास्तव में astral travel experience भी spiritual development का एक हिस्सा है. हर कोई अपनी चेतना को project कर सकता है. इस दौरान हमारी चेतना एक दूसरे world में रहती है जिसे astral world कहते है.

ज्यादातर लोग इस भय में रहते है की अगर अनुभव के दौरान वे वापस शरीर में ना लौटे तो क्या होगा. आपको बता दे की आपकी चेतना बड़ी आसानी से वापस अपने शरीर में लौट सकती है.

Take Off / शिथिल होने की तैयारी

शरीर के शिथिल होने के बाद ही मन को साधा जा सकता है. शरीर को शिथिल करना काफी नहीं है इसके साथ ही हमें Energy के Flow को भी मुक्त करना पड़ता है. हमारे शरीर की Energy Body यानि औरा हमारे शरीर और सूक्ष्म शरीर को जोड़े रखती है.

चक्र जागरण भी हमें सूक्ष्म शरीर की यात्रा में मदद करता है क्यों की इससे हमारा शरीर ज्यादा से ज्यादा ऊर्जावान बना रहता है.

आपके शरीर का पूर्ण रूप से शिथिल होना astral travel experience के लिए बेहद जरुरी है इसके लिए शवासन की विधि देखे. क्यों की सूक्ष्म शरीर तभी बाहर निकल सकता है जब आपका शरीर हर अंग शिथिल हो.

शवासन एक ऐसी अभ्यास विधि है जो न सिर्फ आपके शरीर बल्कि मन को भी इस कदर लय में ला देती है की आप बिना किसी परेशानी के आसानी से खुद को इसके लिए तैयार कर सके.

सोते हुए भी चेतना का जाग्रत रहना

सोते हुए भी जाग्रत रहने का मतलब है चेतन्य रहना इसमें हमारा भौतिक शरीर शिथिल रहता है लेकिन मस्तिष्क नहीं. हमारी चेतना जाग्रत रहती है और हम astral travel experience के दौरान अपने आसपास के वातावरण से प्राप्त होने वाले हर स्पंदन ( Vibration ) को महसूस कर सकते है.

Lucid Dream का मतलब ही जागते हुए सपने देखना है शरीर सो जाता है लेकिन मस्तिष्क सपनो को अपनी कल्पना के हिसाब से डिज़ाइन करता रहता है. ये हमें जागने के बाद भी याद रहता है.

शुरू शुरू में जब शरीर शांत और शिथिल होता है तब हमें नींद आ जाती है. ज्यादातर लोग astral travel experience के लिए इसे सही नहीं मानते है लेकिन अगर आपको सफल होना है तो सबकुछ स्वभाविक तरीके से होने दे.

स्वभाविक का मतलब है अगर नींद आती है तो आने दे. आप पाएंगे की कुछ दिन बाद नींद आना बंद हो जाता है और हम शरीर को चेतन्य रहते हुए शिथिल करने में सक्षम हो जाते है.

बार बार astral travel experience को repeat करना

हालाँकि ये अभ्यास का भाग नहीं है. लेकिन अभ्यास में मजबूती और स्थायित्व लाने के लिए इसे दोहरा सकते है. इसमें हमें हमारे अनुभव को याद रखना होता है.

Astral projection experience और शरीर से बाहर जो भी अनुभव किया जाता है वो सब हमारे सूक्ष्म शरीर के Extra Physical Brain” (Or Para Brain) में Store हो जाता है.

याद रखे आपके सूक्ष्म शरीर के Extra Physical Brain” (Or Para Brain) और भौतिक शरीर के बिच सूचना का आदान प्रदान होना जरुरी है ये इसलिए क्यों की आपके भौतिक शरीर में प्रवेश करने के लिए ये जरुरी होता है और यही प्रोसेस memory recalling process कहलाती है.

जब भी आप astral projection experience का अभ्यास करे इसके तुरंत बाद इसे डायरी में लिख ले. हर पल को डायरी में लिखने की वजह से आपके अंदर अभ्यास को लेकर मजबूती और आत्मविश्वास पैदा होने लगेगा. अगली बार जब आप अभ्यास करेंगे तो इसमें आपको help मिलेगी.

Astral travel experience और भावना को दोहराना

OBE यानि शरीर से बाहर के अनुभव को आसान बनाने के लिए और recalling प्रोसेस को सरल बनाने के लिए आप Self-Suggestion की मदद ले सकते है. इसमें आपको एक वाकया बार बार कुछ देर दोहराना होता है.

ये बिलकुल वैसे ही है जैसे हम छोटे बच्चों का डर निकालने के लिए उनसे एक बात को कुछ देर इस तरह दोहराते है की वो उनके मस्तिष्क में बैठ जाती है और फिर उनका डर निकल जाता है या फिर उनका ध्यान अपनी चोट पर से हट जाता है.

हम जो वाक्य दोहराते है वो बिलकुल सामान्य और सरल होना चाहिए जैसे की में अपने शरीर में Lucid Dream से वापस आऊंगा और उस वक़्त मुझे सब याद होगा ये याद रखे की उस वक़्त आपका सारा ध्यान उस वाकया पर हो क्यों की एकाग्रता की आवश्यकता होती है.

Recall की Process

Recall की Process सही रूप से हो इसलिए जब astral projection experience फिनिश हो जाये तब एक दम से न जगे. इससे आपका मस्तिष्क उस Recall की प्रोसेस को दोहरा नहीं पाएगा. इसलिए धीरे धीरे जगना चाहिए और Recall की Process को दोहराते हुए चेतन्य होना चाहिए.

इसलिए आप astral travel experience के दौरान ऐसे अलार्म का इस्तेमाल करे जिनकी शुरुआती आवाज धीमी हो धीरे धीरे बढ़ने वाली हो. और आपके Re-Connection यानि भौतिक शरीर से सूक्ष्म शरीर के बिच सम्प्रेषण की प्रक्रिया पूरी हो जाये.

इन सबका मतलब निकलता है. शरीर को सुला दे, मस्तिष्क को चेतन्य रखे, और अनुभव के बाद Data ट्रांसफर की Re-Connection की प्रोसेस को दोहराए.

सबसे खास बात अभ्यास पूरा होने के बाद कभी भी झटके से न उठे. इस प्रक्रिया में आपका शरीर शिथिल हो जाता है जिसे पूरी तरह चेतन्य होने में कम से कम 2 मिनट लगते है.

Astral travel experience important suggestion for first time practice

अगर आप पहली बार अभ्यास कर रहे है और sure नहीं है की शुरुआत कैसे करे तो निचे दिया गया astral travel experience in Hindi का गाइड फॉलो करे. ये आपको न सिर्फ बेसिक क्लियर करने में मदद करेगा बल्कि आपके अनुभव को आसान बनाने में भी मदद करेगा.

अभी तक astral travel experience को proof नहीं किया जा सका है क्यों की विज्ञान के पास अभी भी ऐसे विकल्प नहीं है जो इंसानी मस्तिष्क की क्षमता को माप सके. ज्यादातर लोग इसे लेकर doubt में रहते है की इसका अभ्यास करे या ना करे लेकिन, इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है और ये 100% safe practice है.

7 सूक्ष्म शरीर के Projection टिप्स जो आपको शुरू में मदद करते है. इन्हें अगर आपसही तरीके से कर लेते है तो आप आसानी से खुद बिना किसी डरावने अनुभव के सूक्ष्म शरीर की यात्रा को अंजाम दे सकते है.

किसी और पर भरोसा करने की बजाय खुद कर के देखे

हम पढ़ते है चाहे किसी भी माध्यम से लेकिन जब अनुभव खुद करते है तो वो हमारे पढ़े हुए ज्ञान से अलग होता है. इसलिए कभी भी पढ़ी हुई बातो को ही अनुभव न मान ले. खुद अनुभव कर के देखे बजाय किसी से सुनने के इससे आपकी शक्ति बढ़ेगी और आप ज्यादा बेहतर अनुभव जी सकते है.

दुसरे लोग शरीर से बाहर विचरण को लेकर क्या सोचते और बोलते है उस पर विचार करने की बजाय खुद का अनुभव बनाए. अक्सर पढ़ी लिखी बाते ज्यादातर तो डराने के लिए कही जाती है. हो सकता है आपका पहला astral travel experience डरावना नहीं बल्कि रोमांचक हो.

दूसरों के अनुभव सिर्फ रास्ता दिखा सकते है और कुछ नही.

एक तरीका ले और महीने में 15 बार उसे आजमाए. हर इंसान एक ही तरीके से अनुभव नहीं करता है इसलिए हम किसी के लिए अलग अलग तकनीक होती है जिनमे वो बेहतर कर सकता है. एक तकनीक को समझे उसे बार बार अच्छे से दोहराए.

इससे आप उसमे बेहतर हो जाते है और आपको astral travel experience भी अच्छे होने लगते है. एक तरीके को बार बार दोहराने से आपका अभ्यास अच्छा बना रहता है.

दूसरे के अनुभव से हम सीख सकते है लेकिन हमें भी वो अनुभव हो ऐसा जरुरी नहीं. सभी के अपने अपने अनुभव होते है और उसी के आधार पर हम नयी नयी चीजे सीखते है. अगर आपको लगता है की आप दूसरे के अनुभव सुनकर practice करेंगे और आपको भी वही अनुभव होंगे तो ये आपका भ्रम है.

मस्तिष्क का सही होना जब तरीका Apply करते है :

जब भी आप Astral Body Projection का तरीका आजमाते है उस वक़्त आपके मस्तिष्क में उससे जुड़े भाव होने चाहिए जैसे की आपका आत्मविश्वास, खुद से प्रेरित, जिज्ञासु, होने चाहिए. इसलिए आप भय, खुद पर शंका, गुस्सा, और फालतू के विचारों से दूर आपका मन शांत होना चाहिए.

अगर आपके मन में astral projection experience को लेकर किसी तरह की शंका है तो उसका समाधान पहले ही कर ले. भयभीत मन से किया गया अभ्यास या तो अधूरे परिणाम देगा या फिर आपके astral travel experience को एक बुरा अनुभव बना देगा जिसके बाद शायद आपकी हिम्मत ही दोबारा इस तरह का अभ्यास करने की न हो.

अभ्यास के लिए जगह और स्थिति का चुनाव

अभ्यास के लिए जगह और स्थिति का चुनाव भी मायने रखता है. जैसे की आपके अभ्यास की जगह पर एक Lock हो जिससे बाहरी लोगो का आना-जाना बंद कर सके. और अभ्यास जिस जगह किया जाये वहां पर रौशनी का पर्याप्त इंतजाम हो.

  • अभ्यास जिस जगह करे वो ऐसी हो जहां आप अपने विचार और भाव नियंत्रित कर सके.
  • astral travel experience में बेहतर महसूस करने के लिए कमरे का तापमान 20 Degree हो ताकि न ठण्ड न गर्मी लगे.
  • किसी भी तरह के बाह्य माध्यम से बिलकुल दूर रहे जो आपको कभी भी परेशान कर सके जैसे की मोबाइल और पब्लिक
  • अपने आप को आराम से लेट कर शिथिल कर ले. ये सब आपके मन और शरीर को शिथिल करने के लिए आवश्यक है.

अगर आप अभ्यास का वक़्त कितना लम्बा होना चाहिए को लेकर परेशान है तो ये जान लीजिये. कम से कम 30 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 1 घंटा astral travel experience के लिए सही रहता है.

इसलिए आप अलार्म भी सेट कर सकते है. अगर आप इतना करने के बाद कुछ भी प्रभाव नहीं पाते है तो इसे फिर से स्टेप से करे. स्टेप में किया गया astral travel experience हमें ज्यादा बढ़िया परिणाम दिलाता है वो भी बिलकुल सेफ तरीके से और सबसे बड़ी बात इसमें हमारा आत्मविश्वास का स्तर बढ़ता ही है.

अभ्यास में भौतिक से परे अनुभव

Astral projection experience के दौरान आप कई तरह से अनुभव कर सकते है ये आपके शरीर से बाहर के अनुभव और Lucid Dream के दौरान अनुभव होते है. जैसे की आपके शरीर में कम्पन महसूस करना, शरीर का तापमान बढ़ जाना, आंतरिक विद्युत ऊर्जा में बढ़ोतरी, मस्तिष्क पर दबाव.

ये सभी संकेत आपको दूसरे आयाम से जुड़ने के या फिर अपने भौतिक शरीर से हटने के है. अगर आप ये सब अनुभव करते है तो आप इसे लिख ले और बाद में इस पर विचार कर सकते है.

ये आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे. हमारे शरीर में मौजूद भौतिक, सूक्ष्म, प्राणमय कोष जैसे सभी स्तर के बिच तालमेल बनना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से हम स्थिर रहते हुए astral travel experience को आसानी से कर पाते है.

अभ्यास के दौरान का हर अनुभव लिखना

अभ्यास के दौरान होने वाले हर अनुभव को लिखने की आदत डाले. ये आपके अनुभव को और ज्यादा आगे बढ़ने में मदद करेगी. इसलिए हर रोज सुबह जो अनुभव हो उसे लिखे. ये आपके अनुभव को बाद में ताजा करने में और उसे समझने में सहायता करेगा.

जब हम पुरानी बातो को एक डायरी में लिखते है तो इससे हमारे अनुभव subconscious level पर पहुंचना शुरू हो जाते है. ये सब हमें अभ्यास में आगे बढ़ने में सहायता करते है. अगर हो सके तो आप जो भी practice करते है उसे स्टेप से लिखना शुरू कर दे. Astral travel experience को लिखने पर आप उसे बारीकी से समझ पाएंगे.

Astral travel experience Benefit

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव हमारे लिए काफी फायदेमंद है जिसमे पहला है मृत्यु का भय समाप्त होना ऐसा इसलिए क्यों की हम अपनी समझ और ज्ञान के सहारे इस भौतिक संसार को समझने लगते है. जब ऐसा होता है तब हम खुद की समझ और सूझबूझ के साथ अपनी समस्या के समाधान खुद हल करने में सक्षम हो जाते है.

शरीर से बाहर निकल कर भौतिक दुनिया और आयाम से जुड़ने से आपको कई फायदे है ये आपकी जिंदगी के बड़े बदलाव में से एक होता है.

  • Astral projection experience का सबसे बड़ा फायदा ये है की इसके कुछ अनुभव के बाद मनुष्य जिंदगी को विभिन्न नजरिए से देखना शुरू कर देता है. इसके अलावा मौत को समझना उसके लिए मुश्किल नहीं रहता है.
  • astral travel experience से गुजरने के बाद जब इंसान को ये समझ आ जाता है की मौत कभी नहीं होती है हमारा वजूद हमेशा भिन्न भिन्न स्थिति में बना रहता है तो भय की बजाय उसमे ख़ुशी, संतोष,ज्यादा शांत, और विश्वास से भरी जिंदगी जीने लगता है.
  • Astral projection experience से हम अपने जीने की वजह को जान पाते है, हर इंसान एक खास जगह जन्म क्यों लेता है उसकी जिंदगी का मकसद क्या है ये सब वो जान पाता है. जिससे वो एक Happier लाइफ जीता है. कुछ अनुभव के अनुसार हम अपने उन प्रियजनों से भी मिल पाते है जो पिछली जिंदगी में गुजर चुके होते है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव करना मुश्किल कार्य नहीं है. लेकिन इसे याद रखना और एक सही तरीके से पूरा कर पाना बहुत कम लोगो के बस की बात है. आज की पोस्ट में हम इन बातो को सरल शब्दो में समझाने का प्रयास कर चुके है. फिर भी अगर आपके मन में इससे जुड़ा कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है.

Read : आत्माओं से बात करने के सबसे सरल माध्यम में से एक – amazing tricks of table science

Astral travel experience final word

दोस्तों astral travel experience को step-by-step करने से हमें इसके सेफ अनुभव आसानी से मिलने लगते है. अगर आपके मन में इस अभ्यास को शुरू करने से पहले कोई भी शंका या सवाल हो तो उसका समाधान जरुर कर ले.

हमेशा अपने अभ्यास को स्थिर और शांत रहते हुए करे. दूसरे को क्या अनुभव होते है इस बारे में सोचे बगैर खुद से करे. आगे बढ़ने लगे तो डायरी में उस प्रोसेस को दोहराना न भूले. ये सभी tips आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे.

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क्या आप भी घर बैठे अपने अंदर की मानसिक शक्ति को जानना चाहते है इन टिप्स से पहचाने

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आपसे पूछा जाये क्या आपके पास मानसिक शक्तियां है ? तो जवाब क्या होगा ! आपको खुद पर विश्वास नहीं होगा क्यों की आपने कभी इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश ही नहीं की. चलिए इस बार में कुछ और ज्यादा CLEAR बाते की जाये जिससे हम सके समझ सके.

मानसिक शक्तियां हमारे मस्तिष्क से नियंत्रित होने वाली वो POWER है जो हमारे भौतिक शरीर से परे है. मानसिक शक्ति सब मे है लेकिन DAILY लाइफ में इनका प्रयोग करने बावजूद हम समझ नहीं पाते है.

दैनिक जीवन, पुस्तकें, और मूवी सब मे मानसिक शक्ति के अनगिनत EXAMPLE भरे पड़े है. develop psychic abilities in hindi आपके अंदर की छिपी हुई सुपर पावर को पहचानने का सबसे सरल तरीका है. आप भी जान सकते है की आपमें कोनसी मानसिक शक्ति है.

develop psychic abilities

सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली मानसिक शक्ति TELEPATHY, WILL POWER, और HYPNOTISM सिर्फ कुछ हद तक है.मानसिक शक्तिया सब में होती है जरूरत है तो बस अभ्यास द्वारा उनकी मात्रा बढ़ाने की आप खुद इसे कर सकते है

हम हमारे दैनिक जीवन में इस तरह के EXAMPLE एक्सपीरियंस करते रहते है. जैसे की ASTRAL BODY, LUCID DREAM या फिर कुछ और सब मस्तिष्क के कार्य करने पर निर्भर करता है.

सब मे मानसिक शक्तियां है

हम सबमे ही मानसिक शक्तियां है किसी में ज्यादा तो किसी में कम लेकिन अभ्यास कर इन्हे बढ़ाया जा सकता है इनमे से टेलीपैथी, HYPNOTISM आप पढ़ चुके है. इसके अलावा भी जितनी शक्ति है उन्हें भी इसी तरह अभ्यास से जाग्रत किया जा सकता है.

आप अपने DAILY लाइफ में हर तरह के PERSON से मिलते है क्या आप ऐसे लोगो से मिले है जिनसे बात करते वक़्त आपको अपने ऊपर मानसिक दबाव महसूस हुआ हो, आपका शरीर और मन उस काम को करने के लिए तैयार हो जो आपके लिए फायदे मंद नहीं है फिर भी आपको करना पड़ जाता है.

जैसे की सब्जी बेचने वाला जिससे हम सब्जी लेना चाहते है सिर्फ 1 या फिर कम मात्रा में लेकिन जब उसके पास जाकर सब्जी लेने लगते है तो हमारे मनोभाव समझ कर वो हमारे दिमाग पर हावी होने की कोशिश करने लगता है.

जब आप वापस आते है तब आपको लगता है की आपने जितना सोचा था सामान उससे ज्यादा ही है. यही है मानसिक शक्ति का सबसे common example.

develop psychic abilities – पहचाने अपने अंदर खास पावर को

जब भी हम किसी खास TOPIC में अपना INTEREST दिखाते है इसका मतलब है हम उस पर अन्य से ज्यादा ध्यान दे रहे है, इससे उस विषय को समझने के ज्यादा CHANCE बढ़ जाते है.

” CURIOSITY, MOTIVATION AND DEDICATION ARE THE KEY OF SUCCESS

ज्ञान हमारे समझ को बेहतर बनाता है जिसके लिए READ, STUDY AND PRACTICE का FORMULA लागु होता है.

मानसिक शक्तियों को समझने का प्रयास. सबसे पहले तो हमें उन तरीकों को समझना चाहिए जिनके द्वारा हम दूसरी चीजों को महसूस करते है. जैसे की छूना. हम चीजों को छूकर पता लगाते है की वो कैसी है.

ठन्डे गरम का अनुभव छू कर किया जाता है. आप बिस्तर पर लेटे हुए है तभी आप अपने माथे के बीच खिंचाव महसूस करने लगते है आपको शरीर के अलावा शरीर के जैसा अनुभव होने लगे जो काफी हल्का हो इसे हम भौतिक रूप से नहीं समझा सकते.

ये हमारे ऊर्जा शरीर की धारणा है जो मन के शांत होने पर आपके प्राण से बनती है. develop psychic abilities समझने के लिए निचे दिए गए सभी पॉइंट आपको समझने होंगे.

आप किसी व्यक्ति के सामने खड़े है और आप उसके चारो ओर एक चमक देखने लगते है जो 5 सेंटीमीटर तक हो सकती है ये उस औरा होता है जिन्हे आप देख सकते है ये आपकी मानसिक शक्ति का ही अनुभव होता है. आप दूसरों औरा देखने में सक्षम हो जाते है.

इन सबके लिए आपको सिर्फ अपने अभ्यास की बढ़ाना होता है. जिस चीज का अभ्यास आप करते है उसमे आप MASTER बन जाते है.
दैनिक जीवन से कैसे समझे मानसिक शक्तियो के प्रभाव को

develop psychic abilities क्या आपके साथ ये होता है

क्या आपने किसी से मिलने के बाद खुद को शक्तिहीन महसूस किया है जैसे की आपको एक हल्की सी झपकी की जरुरत हो. क्या आपने कुछ ऐसा महसूस किया है की कुछ आपके आसपास होने वाला है और असल में कुछ देर बाद हो जाता है.

आप अपने दोस्त के घर जाते है तब आप उत्साह से भरे हुए होते है लेकिन जब लौटते है तब खुद को शक्तिहीन, कमजोर, थका हुआ महसूस करते है.

  • आप सुबह उठते है तब आपको लगता है जैसे आपने बहुत साफ़ सपना देखा हो या पहले से ही जगे होने का अनुभव किया है.
  • कभी अपने जैसे ऊर्जा प्रतिरूप ( ASTRAL BODY ) का अनुभव किया है.
  • सोने का बाद या जागते हुए उन लोगो को महसूस करना जो गुजर चुके है. क्या आपने ऐसा कुछ कहा हो जो आगे चल कर सच हो गया हो.क्या आपको कभी अपने पिछले जन्म के बारे में पता चला है.
  • क्या अपने अपने शरीर में निरन्तर कम्पन ( VIBRATION ) महसूस किये है जागते और सोते वक़्त.
  • क्या आपके साथ भी ऐसा होता है की आपके सामने घटना घटती है अचानक से आपको लगता है की आप पहले भी उस घटना को देख चुके है या महसूस किया हो.

ऊपर के किसी भी सवाल में अगर आपका जवाब आता है YES तो इसका मतलब है की आपकी मानसिक शक्तियां अच्छे LEVEL की है. जिन्हे और अभ्यास द्वारा हम बढ़ा सकते है, नियंत्रित कर सकते है.

स्वस्थ शारीरिक अवस्था में मानसिक शक्ति का अभ्यास

शरीर जब स्वस्थ होता है तब हम मानसिक शक्तियों का अभ्यास अच्छे से कर सकते है इसके लिए आपको कोई अलग से उपाय करने की आवश्यकता नहीं होती है. अगर आप स्वस्थ है तो आपको अभ्यास में जल्दी सफलता मिलती है स्वस्थ का मतलब है शारीरिक और मानसिक के साथ आध्यात्मिक रूप से भी मजबूत व्यक्तित्व.

ghar par develop psychic abilities तभी करे जब आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हो.

आपका विश्वास और मानसिक क्षमता

आपका विश्वास मानसिक शक्ति को प्रभावित करता है हम सब जानते है किसी चीज में विश्वास करना अवचेतन मन को उसे साकार रूप देने में मदद करता है. इसलिए आपका विश्वास इसे affect करता है. विज्ञानं जब तक किसी को देख न ले मानने की इजाजत नहीं देता है.

इसलिए आपका विश्वास आपके शरीर की अवस्था ( हेल्थी BODY ) और आपका कल्पना करना इसके अभ्यास को बढ़ाता है.

इसके लिए आपको कभी कभी उसे मानना पड़ता है जो होता नहीं है ( हमारी कल्पना ) ये सिर्फ सोचा जाता है जिसका आप पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है. हमारा ब्रह्मांड काफी विशाल है और जो घटनाएं हमारे चारो ओर घटती रहती है उन पर यकीन करना हमेशा सरल नहीं होता है.

personal Growth and Para-psych-ism

मानसिक शक्ति हमारी प्राकृतिक क्षमता में से एक है और कुछ इसे हमेशा से इस्तेमाल करते हुए बढ़ा लेते है तो कुछ बाद में अभ्यास द्वारा. जैसे की हमारी WILL POWER काफी मजबूत होती लेकिन टेलीपैथी power नहीं होती है . इसके लिए हमें ऊर्जा के सही इस्तेमाल को समझने की आवश्यकता है.

आपकी पर्सनल ग्रोथ यानि सुधार में भी develop psychic abilities इस्तेमाल कर सकते है. जैसे कद का बढ़ाना, वजन बढ़ाना या घटाना जैसे काम.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

मानसिक शक्ति के विभिन्न आयाम को दर्शाना

अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानने के अलावा develop psychic abilities आपको दूसरे आयाम को समझने में भी मदद कर सकता है. ज्यादातर मूवी में खासतौर से horror में एक इंसान ऐसा होता है जिसे घटनाओं का आभास होता रहता है.

इसके अलावा fantasy movie में आपको एक इंसान ऐसा मिलेगा जो मानसिक शक्ति में दूसरों से ज्यादा मजबूत होता है यहाँ तक की आपके विचारों में कितनी मजबूती है ये भी मानसिक शक्ति का एक आयाम है.

ये सब यह दर्शाते है की मानसिक शक्तियां हमेशा विपरीत परिस्थिति में ही पैदा होती है इसके अलावा इन्हे अभ्यास द्वारा ही हर स्थिति में इस्तेमाल किया जा सकता है.

हम खुद अपनी समस्या से समाधान पा सकते है जिसके लिए अपने आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाना होता है. ऐसी ही पोस्ट अपने मेल बॉक्स में पाने के लिए आज ही सब्सक्राइब करे.

special lucid dream technique के जरिये sapno में अधूरी इच्छाए पूरी करने का अभ्यास

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क्या आप जानते है How to control dream in lucid dreams. जी हां ये सच है हम अपने sapno ko lucid dream ke jariye control कर सकते है. lucid dreams sapno की एक खास technique है जो हमें जागते हुए सपने दिखाती है.

एक normal dream के टाइम हमारा conscious mind पूरी तरह सुप्त हो जाता है जिसकी वजह से हम वही देखते है जो हम दिनभर की गतिविधि में महसूस करते या देखते है.

वही lucid dream के जरिये हम दिमाग के उस हिस्से को activate रखते है जो सपने दिखाता है लेकिन चेतन मन जाग्रत रहने की वजह से हम मनचाहे dream को enjoy कर सकते है special lucid dream technique के जरिये.

Lucid dream यानि desired dream लेने की technique जिसमे हम खुद के छिपे हुए अनजाने तथ्यों को समझने का प्रयास करते है। खुद के डर पर काबू पाते है और self development and positive changes लाते है। ल्युसिड ड्रीम से हम खुद को एक तरह से hypnotize या guide करते है।

special lucid dream technique

हम अपनी पिछली पोस्ट में ल्युसिड सपनो के बारे में जान चुके है। Lucid dream में हमारे mind के उस हिस्से को काम में लिया जाता हैं जो सामान्य दैनिक क्रियाकलाप में काम नहीं आता है। मस्तिष्क का ये हिस्सा हमारे सोते वक़्त ज्यादा active रहता है।

सपनो में special lucid dream technique का इस्तेमाल कर हम अपने सपनो के माध्यम से नए अनुभव कर सकते है।

नयी चीजे सीख सकते है। ये बिलकुल वैसा ही है जैसा की किसी चीज को साकार रूप देने से पहले उसका प्रतिरूप ( काल्पनिक ढाँचा या मॉडल ) तैयार करना।

आज की पोस्ट में हम निम्न बातो को समझने की कोशिश करेंगे.

  • how to be a lucid dreamer.
  • how to control what you dream about.
  • how to dream what you want.
  • how to control dream for beginner.

Special lucid dream technique

सामान्य सपनो में हम एक ऐसे संसार में प्रवेश करते है जहा भौतिक नियम काम नहीं करते है। जैसे की हम गिरते है तो हमें चोट नहीं लगती है। कई बार हम दूसरे आयाम की ऊर्जा प्रतिरूपो जैसे आत्माओ, हमारे प्रियजन जो इस संसार में नहीं है। या फिर किसी और चीज रूप से मिलते है।

ये हमारे भौतिक संसार से बिलकुल उलट होता है। सपनो में हम इन सब मे सहज महसूस कर सकते है और असहज भी। ये निर्भर करता है हमारे conscious mind के rule को मानने और ना मानने से। हम जिस चीज को जानते है उससे कभी डरते नहीं है।

डर हमेशा अनजानी चीजो से लगता है। ( ध्यान दे इसका मतलब हमारा उन चीजो को अपनाने से है जिसमे हम मान लेते है की ये हमें नुकसान नहीं पहुंचा सकती है।

ये एक ऐसी अवस्था होती है जहां आप जागरूक होते है जाग्रत नहीं। special lucid dream technique बिलकुल एक खेल की तरह है जहां आप खुद की इच्छाओ, भावनाओ को एक रूप देते है और उम्मीद करते है की वो इसमें आपका किरदार निभाए।

ल्युसिड ड्रीम में बिना बोले बात हो सकती है, आप खुद को इच्छा और भावना के मुताबिक बदल सकते है। यहाँ तक की जो आपके सांसारिक जीवन में आपकी कल्पना है उन्हें ल्युसिड ड्रीम में अपने मनचाहे आकार में ढाल सकते है।

हम special lucid dream technique क्यों चाहते है

ऊपर की गई बातो से साफ पता चलता है की हम अपनी अधूरी इच्छाओ को पूरा करते है सपनो में। हम दिनभर जो इच्छाये मन में लाते है हमारे सपने में हम अपनी उन इच्छाओ को साकार करते हुए देखते है। सोते समय हम जिन इच्छाओ को ज्यादा सोचते है सपने हमें उन इच्छाओ के ही आते है।

जैसे की कल हमारा एग्जाम है और आज हम सोने से पहले इसके बारे में सोचते है। सपने में हम खुद को कल एग्जाम के लिए घर से निकलते हुए, अपना सामान चेक करते हुए देखते है।

इसके बावजूद एग्जाम हाल में पहुँचने में लेट हो जाते है। या फिर हमारा पेन काम नहीं करता है, ये भी हो सकता है की हम अपना एनरोलमेंट नंबर ले जाना भूल गए है।

ये सिर्फ सपने में हमने देखा लेकिन उसका फायदा हमें अगले दिन मिलता है।

हम सभी चीजे अच्छे से चेक करते है, पेन एक्स्ट्रा रखते है और अपनी एनरोलमेंट स्लिप तो जरूर चेक करेंगे।

साथ ही घर से कुछ पहले ही निकलेंगे। इसकी वजह से हम पहले से ज्यादा निश्चित और आत्मविश्वास के साथ पेपर देते है। है न ये मजेदार। ये हकीकत में मेरे साथ होता है जब मेरे एग्जाम होते थे। खैर ये मेरा अपना विचार था अब बात करते है कुछ ऐसी बातो की जिनकी वजह से हम ल्युसिड ड्रीम लेना पसंद करते है।

  1. काल्पनिक रूप तैयार करना : किसी भी नए काम में अगर पहले से हम अपना एक्स्ट्रा दिमाग लगाकर अपने सुझाव उस काम में अप्लाई करते है जो भौतिक सीमाओ से बंधे नहीं होते है। हमें नयी खोज प्रदान करते है। प्राचीन काल में कौन जानता था की आग को कण्ट्रोल किया जा सकता है। आज की माचिस उसी सोच का रूप है।
  2. समस्याओ का बेहतर तरीके से समाधान : समस्या के समाधान के लिए नए नए तरीके जिनमे खर्च कुछ भी नहीं आपकी समस्या को बेहतर और कम समय के साथ सुलझाने में मदद करता है।
  3. special lucid dream technique – पूर्वाभ्यास : खेल से पहले की गयी तैयारी हमें न सिर्फ अच्छा खेलने में मदद करती है बल्कि कमियों को दूर करने में भी सहायता करती है। न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से हम मुश्किलो का सामना करने में खुद को सक्षम करते है।
  4. निवारण ( Healing ) : ल्युसिड ड्रीम की अवस्था में हम खुद को ज्यादा मात्रा में सकारात्मक रख पाने में सक्षम होते है। ये हमारे आसपास ऐसा वातावरण तैयार करती है जहा हम खुद ज्यादा से ज्यादा अपने आपको को मुश्किलो से निपटने के लिए तैयार कर पाते है। ये हमारे अंदर प्रतिरोधक क्षमता का विकास करती है। जिससे हम खुद सक्षम होते है अपनी समस्या से निपटने में।
  5. आध्यात्मिक विकास : ल्युसिड ड्रीम से हमारा खुद से जुड़ाव बढ़ता है। किसी भी तथ्य के पीछे छुपा सच हमारे समझ में आता है। और हम ज्यादा से ज्यादा अस्तित्व की सच्चाई से जुड़ते है। सही मायने में हमारा विकास ल्युसिड ड्रीम से संभव है। यही हमारे शारीरिक और मानसिक के साथ आध्यात्मिक विकास को मजबूत करता है।
  6. छिपे डर को दूर करता है ल्युसिड ड्रीम : ऐसी कई घटनाए हमारे जीवन में घटती है जिनमे हम फ़ैल हो जाते है और उसके डर की वजह से की हम आगे भी असफल होंगे के कारण दोबारा प्रयास नहीं कर पाते है। ये हमारे अंदर सकारात्मक के दमन की वजह से होता है। जिसकी वजह से हम खुद को विचारो की सीमाओ में बांध लेते है।

लेकिन ल्युसिड ड्रीम में चूँकि हमें चोट और डर का अहसास निम्नतर होता है इसी वजह से हम बार-बार प्रयास कर उसी काम में सफलता हासिल करते है जिसमे असल जिंदगी में हम असफल हो गए थे। इस वजह से हमारे अंदर सकारात्मकता का उद्भव होने लगता है और हम अपने डर पर काबू पा लेते है।

इसी को मनोवैज्ञानिक पास्ट लाइफ रिग्रेशन या हीलिंग कहते है। इस का जिक्र हमारी पिछली पोस्ट सपनो से करे डर पर काबू में किया जा चूका है।

जब इतने सारे फायदे और हमारा आत्मिक विकास हम खुद कर सकते है तो फिर हम क्यों इनका फायदा उठाने से पीछे रहे। याद रखिये की आपका विकास आपकी सोच सब आपके मन की सीमाओ में रहते है। मगर ये सभी तब संभव है जब हम जागरूक यानि Aware रहे सपने में भी ना की जाग्रत यानि awake.

special lucid dream technique – step by step guide Hindi

कुछ लोगो में ये खासियत होती है की वो ल्युसिड ड्रीम देखते है। मगर वो इसकी सच्चाई नहीं जानते है। एक बार उन्हें इसकी सच्चाई का पता चल जाता है तो फिर वो उसे एक खास जगह केंद्रित कर अपनी समस्याओ के समाधान पा सकने में सक्षम हो जाते है।

यही हमारे साथ भी हो सकता है की हम ल्युसिड ड्रीम की अवस्था तक पहुँच तो जाते है मगर जागरूक न रह पाने की वजह से हम उन्हें कण्ट्रोल नहीं कर पाते है। इसकी वजह से हम उन्हें अपने मनचाहे रूप से नहीं देख, महसूस कर पाते है।

risks of lucid dreaming

जब ऐसा होता है तो हम अपनी समस्याओ से छुटकारा भी नहीं पा सकते है। इस लिए खुद को ल्युसिड ड्रीम में जागरूक रहने के लिए कुछ चीजो पर ध्यान देना जरुरी है। जिसकी वजह से हम ल्युसिड ड्रीम को अपने मनचाहे रूप में महसूस कर सकते है।

  •  सपनो की पुनरावर्ती पर ध्यान देना : अपने सपने को बार बार दोहराने से आप अपने मुताबिक सपने को रूप दे सकते है। खुद की शक्तिया और सीमाए तय कर सकते है।
  •  सपनो को डायरी में लिखे : जब भी आप जागते है उठते ही सपनो को लिखना न भूले क्यों की उठने के कुछ देर बाद ही हम इन्हें भूल जाते है।

special lucid dream technique – advanced technique

  •  जाग्रत रूप से सपनो पर अपना ध्यान दे : जब भी आप सोने जाते है मन में सोने से ठीक पहले ये प्रण ले की में अपने सपनो को याद रखूँगा बेशक में जाग जाऊ तब भी।
  •  सच्चाई को हर दिन परखे : दिनभर के क्रियाकलाप में गौर करते रहिये की आप जागरूक है या जाग्रत। जैसे की क्लास में लिखते लिखते आपका ध्यान कही ओर खो जाये या फिर आपको नींद आ जाये। इसके लिए पढ़ते पढ़ते अपने आसपास के वातावरण पर गौर करे और फिर दोबारा पढ़े ये आपके मस्तिष्क को ज्यादा से ज्यादा जाग्रत रखने में सक्षम होता है।
  •  दैनिक कार्यो में जागरूकता का महत्व : ऐसे कई काम करते है जिन्हें करते वक़्त हमारा ध्यान उसमे ना होकर कही ओर होता है। ये हमें बताता है की काम करते वक़्त हम उसमे कितनी रूचि दिखाते है। किसी भी काम को जागरूक होते हुए किया जाए तो हमें कार्य की रचना और उसके पूर्ण होने की विधि का पता चलता है। यानि की किसी भी काम को समझने के लिए उसमे पूर्ण ध्यान जरुरी है। इसी कारण हम उनमे बदलाव या फिर कुछ नयापन कर सकते है।

Read : क्या होता है जब 2 लोगो के बीच का मानसिक कनेक्शन बहुत ज्यादा स्ट्रोंग बन जाता है ?

special lucid dream technique – final word

अब तो आप समझ ही गए होंगे की special lucid dream technique के जरिये कैसे हम सपनो को कण्ट्रोल कर मनचाहे सपने देखन सकते है. कुछ लोग इसे उन लोगो के लिए बढ़िया मानते है जो अपनी life में कुछ खास चीजो को हकीकत में  हासिल नहीं कर पाते है.

ऐसे में lucid dream के जरिये अधूरी इच्छा पूरा करना उनके तनाव को कम कर सकता है. ल्युसिड ड्रीम कैसे बेहतर तरीके से अनुभव किया जाये और इसके फायदे क्या क्या होते है ये तो आप जान चुके है।

अब अगली पोस्ट में बात करेंगे ल्युसिड सपनो से अपनी समस्याओ को हल कैसे करे। आज की पोस्ट पर अपने सुझाव जरूर दे। हमें subscribe करना ना भूले।

इस एक खास तकनीक द्वारा आप भी subconscious mind को लम्बे टाइम तक activate रख सकते है

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क्या आप जानते है की how to activate subconscious mind for long time. अवचेतन मन यानि subconscious mind की शक्ति को लम्बे समय तक activate रखने का सबसे बड़ा उपाय है शरीर को चेतन्य रखना।

अवचेतन मन की शक्ति को हम लंबे समय तक जाग्रत रख सकते है।  जरूरत है तो बस हमारे behave और आचरण पर ध्यान देने की हम अक्सर लम्बे चौड़े promise करते है अपने आप से, काफी कुछ बदलाव की सोचते रहते है लेकिन करते कितना है कुछ समय बाद तो भूल ही जाते है.

अब आप किसी दोस्त से किये वादे को निभा नहीं पते है तो उसे कैसा लगता है. क्या उसे आप पर बाद में उतना trust रहता है. नहीं तो फिर जान ले की आपका अवचेतन मन एक दोस्त की तरह behave करता है.

activate subconscious mind for long time

कभी भी ये मत सोचे की आपका अवचेतन मन आपकी किसी बात को किसी तथ्य  को जानता नहीं है क्यों की आपके जीवन की हर घटना आपके अवचेतन मन में कही न कही स्टोर होती रहती है फिर चाहे वो आपके नींद के वक़्त देखे गए सपने ही क्यों ना हो।  इसकी शक्ति निम्न है

  •  इच्छा शक्ति
  • संकल्प शक्ति
  • भावना शक्ति
  • आत्मविश्वास

अवचेतन मन इन source से ही जाग्रत रहता है जितने powerful ये source होंगे उतना ही अवचेतन मन जाग्रत है.

इन सबके कार्य का अवचेतन मन के जाग्रत रहने में क्या योगदान है और ये कैसे आइए जाने activate subconscious mind को कैसे आसानी से simple बनाए.

activate subconscious mind for long time

कार्य को करने इच्छा पर इच्छा शक्ति कार्य करती है. इच्छाशक्ति हमें उस कार्य के लिए inspire करती है. यही संकल्प शक्ति हमें उस कार्य के प्रति जाग्रत रहने का काम करवाती है. किसी भी कार्य को करते वक़्त यही यही factor काम करते है.

  1. work करने की वजह (इच्छाशक्ति )
  2. कार्य को पूरा करने का मन बनना ( संकल्प शक्ति )
  3. work के दौरान उसे पूरा करने के लिए लगातार प्रेरित होना ( भावना शक्ति )
  4. work में विश्वास जो हम कर रहे है सही और सही दिशा में कर रहे है ( आत्मविश्वास )

Each work has reason

बगैर किसी reason के हम कार्य नहीं करते है कार्य करने का एक aim होता है.उस कार्य का उद्देश्य और पूरा होना मतलब अवचेतन मन का उसे सही मान लेता है. यही पर क्या होगा अगर आप कार्य करने का सोचे और कार्य को बिच में छोड़ दे.

अवचेतन मन हर चीज हर कार्य को notice करता है.. इसके बाद कुछ कार्य को और ऐसे ही अधूरे छोड़ दे. आपका अवचेतन मन मजाक या सही गलत का चुनाव नहीं करता है ये कार्य आपके conscious mind का है मगर उसकी शक्ति limited है.

अवचेतन इसके विपरीत है आप जो कार्य चेतन मन को देते है वो अवचेतन मन में record होता रहता है. इसलिए जिन्हे अपना अवचेतन मन जाग्रत रखना है वो भूल कर भी ऐसे कार्य न करे जिनसे आपके self confidence में कमी होने लगे.

आपका संकल्प आपके और अवचेतन मन में जगाता है विश्वास

कार्य करने का सोचते है उसके बाद मन बनाते है उसे पूरा करने का. यानि दृढ विश्वास की हमें ये कार्य पूरा करना है. दिन भर हजारो thoughts मन में चलते है लेकिन कार्य में कुछ ही लेते है यही है संकल्प। संकल्प आपको बताता है यानि आपके कार्य को मन में record करता है.

संकल्प उन्ही काम का ले जिन्हे आप कर सके वर्ना limit से बाहर काम करना यानि खुद का नुकसान। मान ले कोई काम का संकल्प ले लेते है और कर नहीं पाते तब आपका अवचेतन मन संकल्प की शक्ति को ignore देता है और कार्य करने का उत्साह नहीं रहता है.

लगातार एक ही भावना मजबूत करती  है अवचेतन मन को

काम करने का संकल्प ले लिया काम कर रहे है बिच में boring लगने लग गई तो ? कार्य को बिच में छोड़ नहीं सकते वर्ना अवचेतन मन पर negative effect पड़ेगा। ऐसे में भावना शक्ति कार्य करने लगती है.

ये आपको inspire करती है उस कार्य के प्रति, उस कार्य के पूरा करने का reason आपको कौन बताता है ये बार बार प्रेरणा का कार्य करने का काम भावना शक्ति का है. भावना शक्ति आपको उस कार्य करने के लिए प्रेरित करती है. इसी से आप कार्य को करते रहने के लिए प्रेरित होते है.

आत्मविश्वास और अवचेतन मन का रिश्ता

क्या होता है जब आप कार्य को fixed time पर पूरा कर लेते है. अगली बार कार्य करने के वक़्त आपके अंदर जो उत्साह होगा की में ये काम 100% कर सकता हुँ।

ये आपका confidence होता है. जो कार्य में सफल होने के साथ बढ़ता है और असफल होने के बाद less होने लगता है.

आत्मविश्वास लगातार बना रहे इसके लिए कोई भी ऐसा काम न करे जिससे बाद में आपको शर्मिंदगी महसूस हो, खुद पर शंका होने लगे, कार्य पर सवाल उठने लगे क्यों की ऐसे में आपका अवचेतन मन उसे नोटिस कर लेता है और वो अगले उसे रखकर आपकी सफलता या असफलता को निर्धारित कर देता है.

याद रखे

आपका अवचेतन मन आपकी हर बात पर प्रतिक्रिया करता है बेशक अगर आप सोते है तब भी ! जरुरत है उसके इशारो और प्रतिक्रिया को समझने की।

तो दोस्तों आत्मविश्वास को कार्य के दौरान महसूस कर सकते है किसी कार्य को करते वक़्त कितना उत्साह होता है, रूचि कितनी होती है.

कितने समय में आप उसे पूरा करते है ये सब अवचेतन मन याद रखता है. जो कार्य को शुरू से थोड़ा थोड़ा कर पूरा कर लेते है उनका आत्मविश्वास बढ़ता रहता है और वो बड़े कार्य भी आसानी से कर लेते है.

Read : घर में रखे पुराने दर्पण की वजह से आपको हो सकता है पारलौकिक शक्तियों के होने का अहसास

activate subconscious mind – final word :

अवचेतन मन को लम्बे टाइम तक जाग्रत करने के पीछे सबसे बड़ी वजह है किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करना क्यों की अगर आप activate subconscious mind for long time में success हो जाते है.

आसानी से आप किसी भी कार्य में अपना पूरा effort दे सकते है यही नहीं आप लम्बे टाइम तक एक ही काम में focus हो सकते है जिसकी वजह से आप उत्साह के साथ काम को पूरा कर पाते है.

अगर पोस्ट को लेकर आपके मन में किसी तरह की जिज्ञासा है या कुछ पूछना चाहते है तो निचे कमेंट करे साथ ही शेयर और subscribe करना ना भूले.