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Tuesday, May 26, 2026
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Astral travel experience in Hindi के लिए step by step इस अभ्यास को जरुर आजमाए 2022 में सबसे सेफ और आसान तरीका

क्या आप सबसे आसान तरीके से astral travel experience करना चाहते है ? हर किसी का सपना होता है की वो भी अपने शरीर से बाहर निकले और spiritual world journey को enjoy करे लेकिन, अगर शरीर में वापस ना आ सके तो ?

क्या मेरी astral body बाहरी दुनिया में ही फंस कर रह जाएगी. ज्यादातर लोगो का मानना है की अगर सही तरीके से एस्ट्रल ट्रेवल नहीं की तो आपका एस्ट्रल बॉडी दुसरे डायमेंशन में फंस कर रह जाता है या फिर आत्माए आपके शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है. आइये आज हम जानते है की बिना किसी डर के step-by-step हम astral travel का experience कैसे कर सकते है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा वाकई एक अद्भुत और अनोखा अनुभव होता है. ज्यादातर लोग शुरुआत में astral projection experience के दौरान घबराहट महसूस कर सकते है. पर अगर इसे पूरी तरह समझ कर किया जाये तो सूक्ष्म शरीर की यात्रा बिलकुल एक सामान्य यात्रा का अनुभव दे सकती है.

Basic Reason of Unsuccess in Sadhna
How to Astral travel experience

आसानी से सूक्ष्म शरीर की यात्रा कैसे की जाये यही आज की पोस्ट का विषय है. जिसमे हम astral travel experience पर बात करेंगे उन टिप्स की जिन्हें ध्यान रख कर आप सूक्ष्म शरीर की यात्रा के पहले अनुभव को रोमांचक बना सकते है. Out-of-body experience (OBE) को conscious state of mind के दौरान अनुभव किया जा सकता है.

इस दौरान हमें ऐसा लगता है मानो हमारा प्रतिबिम्ब शरीर से अलग हो रहा है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा के दौरान ही ध्यान देना जरुरी नहीं इसके अनुभव के बाद की घटनाओ पर भी ध्यान देना जरुरी है ऐसा इसलिए ताकि हम सूक्ष्म शरीर की यात्रा और सामान्य निद्रा में फर्क महसूस कर सके. अगर आप how to do astral projection in Hindi के बारे में और ज्यादा जानना चाहते है तो इस आर्टिकल के स्टेप को पूरा पढ़े.

How to Astral travel experience Hindi

हम how to do astral projection यानि सूक्ष्म शरीर की यात्रा को 3 हिस्सों में समझते है. पहला खुद को शिथिल करना ( Take Off ) दूसरा सूक्ष्म शरीर के बाहर आने के बाद Lucid Dream को Manage करना. और तीसरा astral projection experiences के दौरान किये गए अनुभव को दोहराना.

Astral projection के दौरान हमारी consciousness को शरीर से बाहर project किया जाता है. इस दौरान हमारा प्रोजेक्शन astral world में रहता है. सीधे शब्दों में कहे तो हमारा मानस रूप चेतना के जरिये दुनिया में कही भी ट्रेवल कर सकता है.

अगर इस पोस्ट को पहली बार पढ़ रहे है तो आप पहले how to do astral projection से जुड़ी अन्य पोस्ट भी पढ़े ये आपकी शुरुआती समस्या को हल करने में मदद करेगी. तो फिर आज जानते है की सूक्ष्म शरीर की यात्रा को 3 भाग में बाँट कर कैसे सम्पूर्ण यात्रा का आनंद उठा सकते है.

इससे पहले की हम astral travel experience की शुरुआत करे सबसे पहले समझते है उन तकनीक को जिनमे सूक्ष्म शरीर यात्रा को चरणबद्ध किया गया है.

History of Astral Projection

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का इतिहास काफी पुराना है. हम प्राचीन काल से इस तरह के अभ्यास में कुशल थे लेकिन, विज्ञान के युग में इस तरह के अभ्यास को महत्त्व ना देने की वजह से ये लुप्त होने लगा. अब लोगो के मन में विश्वास से ज्यादा शक भरा हुआ है क्यों की अनुभव करना इतना आसान नहीं रहा.

वास्तव में astral travel experience भी spiritual development का एक हिस्सा है. हर कोई अपनी चेतना को project कर सकता है. इस दौरान हमारी चेतना एक दूसरे world में रहती है जिसे astral world कहते है.

ज्यादातर लोग इस भय में रहते है की अगर अनुभव के दौरान वे वापस शरीर में ना लौटे तो क्या होगा. आपको बता दे की आपकी चेतना बड़ी आसानी से वापस अपने शरीर में लौट सकती है.

Take Off / शिथिल होने की तैयारी

शरीर के शिथिल होने के बाद ही मन को साधा जा सकता है. शरीर को शिथिल करना काफी नहीं है इसके साथ ही हमें Energy के Flow को भी मुक्त करना पड़ता है. हमारे शरीर की Energy Body यानि औरा हमारे शरीर और सूक्ष्म शरीर को जोड़े रखती है.

चक्र जागरण भी हमें सूक्ष्म शरीर की यात्रा में मदद करता है क्यों की इससे हमारा शरीर ज्यादा से ज्यादा ऊर्जावान बना रहता है.

आपके शरीर का पूर्ण रूप से शिथिल होना astral travel experience के लिए बेहद जरुरी है इसके लिए शवासन की विधि देखे. क्यों की सूक्ष्म शरीर तभी बाहर निकल सकता है जब आपका शरीर हर अंग शिथिल हो.

शवासन एक ऐसी अभ्यास विधि है जो न सिर्फ आपके शरीर बल्कि मन को भी इस कदर लय में ला देती है की आप बिना किसी परेशानी के आसानी से खुद को इसके लिए तैयार कर सके.

सोते हुए भी चेतना का जाग्रत रहना

सोते हुए भी जाग्रत रहने का मतलब है चेतन्य रहना इसमें हमारा भौतिक शरीर शिथिल रहता है लेकिन मस्तिष्क नहीं. हमारी चेतना जाग्रत रहती है और हम astral travel experience के दौरान अपने आसपास के वातावरण से प्राप्त होने वाले हर स्पंदन ( Vibration ) को महसूस कर सकते है.

Lucid Dream का मतलब ही जागते हुए सपने देखना है शरीर सो जाता है लेकिन मस्तिष्क सपनो को अपनी कल्पना के हिसाब से डिज़ाइन करता रहता है. ये हमें जागने के बाद भी याद रहता है.

शुरू शुरू में जब शरीर शांत और शिथिल होता है तब हमें नींद आ जाती है. ज्यादातर लोग astral travel experience के लिए इसे सही नहीं मानते है लेकिन अगर आपको सफल होना है तो सबकुछ स्वभाविक तरीके से होने दे.

स्वभाविक का मतलब है अगर नींद आती है तो आने दे. आप पाएंगे की कुछ दिन बाद नींद आना बंद हो जाता है और हम शरीर को चेतन्य रहते हुए शिथिल करने में सक्षम हो जाते है.

बार बार astral travel experience को repeat करना

हालाँकि ये अभ्यास का भाग नहीं है. लेकिन अभ्यास में मजबूती और स्थायित्व लाने के लिए इसे दोहरा सकते है. इसमें हमें हमारे अनुभव को याद रखना होता है.

Astral projection experience और शरीर से बाहर जो भी अनुभव किया जाता है वो सब हमारे सूक्ष्म शरीर के Extra Physical Brain” (Or Para Brain) में Store हो जाता है.

याद रखे आपके सूक्ष्म शरीर के Extra Physical Brain” (Or Para Brain) और भौतिक शरीर के बिच सूचना का आदान प्रदान होना जरुरी है ये इसलिए क्यों की आपके भौतिक शरीर में प्रवेश करने के लिए ये जरुरी होता है और यही प्रोसेस memory recalling process कहलाती है.

जब भी आप astral projection experience का अभ्यास करे इसके तुरंत बाद इसे डायरी में लिख ले. हर पल को डायरी में लिखने की वजह से आपके अंदर अभ्यास को लेकर मजबूती और आत्मविश्वास पैदा होने लगेगा. अगली बार जब आप अभ्यास करेंगे तो इसमें आपको help मिलेगी.

Astral travel experience और भावना को दोहराना

OBE यानि शरीर से बाहर के अनुभव को आसान बनाने के लिए और recalling प्रोसेस को सरल बनाने के लिए आप Self-Suggestion की मदद ले सकते है. इसमें आपको एक वाकया बार बार कुछ देर दोहराना होता है.

ये बिलकुल वैसे ही है जैसे हम छोटे बच्चों का डर निकालने के लिए उनसे एक बात को कुछ देर इस तरह दोहराते है की वो उनके मस्तिष्क में बैठ जाती है और फिर उनका डर निकल जाता है या फिर उनका ध्यान अपनी चोट पर से हट जाता है.

हम जो वाक्य दोहराते है वो बिलकुल सामान्य और सरल होना चाहिए जैसे की में अपने शरीर में Lucid Dream से वापस आऊंगा और उस वक़्त मुझे सब याद होगा ये याद रखे की उस वक़्त आपका सारा ध्यान उस वाकया पर हो क्यों की एकाग्रता की आवश्यकता होती है.

Recall की Process

Recall की Process सही रूप से हो इसलिए जब astral projection experience फिनिश हो जाये तब एक दम से न जगे. इससे आपका मस्तिष्क उस Recall की प्रोसेस को दोहरा नहीं पाएगा. इसलिए धीरे धीरे जगना चाहिए और Recall की Process को दोहराते हुए चेतन्य होना चाहिए.

इसलिए आप astral travel experience के दौरान ऐसे अलार्म का इस्तेमाल करे जिनकी शुरुआती आवाज धीमी हो धीरे धीरे बढ़ने वाली हो. और आपके Re-Connection यानि भौतिक शरीर से सूक्ष्म शरीर के बिच सम्प्रेषण की प्रक्रिया पूरी हो जाये.

इन सबका मतलब निकलता है. शरीर को सुला दे, मस्तिष्क को चेतन्य रखे, और अनुभव के बाद Data ट्रांसफर की Re-Connection की प्रोसेस को दोहराए.

सबसे खास बात अभ्यास पूरा होने के बाद कभी भी झटके से न उठे. इस प्रक्रिया में आपका शरीर शिथिल हो जाता है जिसे पूरी तरह चेतन्य होने में कम से कम 2 मिनट लगते है.

Astral travel experience important suggestion for first time practice

अगर आप पहली बार अभ्यास कर रहे है और sure नहीं है की शुरुआत कैसे करे तो निचे दिया गया astral travel experience in Hindi का गाइड फॉलो करे. ये आपको न सिर्फ बेसिक क्लियर करने में मदद करेगा बल्कि आपके अनुभव को आसान बनाने में भी मदद करेगा.

अभी तक astral travel experience को proof नहीं किया जा सका है क्यों की विज्ञान के पास अभी भी ऐसे विकल्प नहीं है जो इंसानी मस्तिष्क की क्षमता को माप सके. ज्यादातर लोग इसे लेकर doubt में रहते है की इसका अभ्यास करे या ना करे लेकिन, इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है और ये 100% safe practice है.

7 सूक्ष्म शरीर के Projection टिप्स जो आपको शुरू में मदद करते है. इन्हें अगर आपसही तरीके से कर लेते है तो आप आसानी से खुद बिना किसी डरावने अनुभव के सूक्ष्म शरीर की यात्रा को अंजाम दे सकते है.

किसी और पर भरोसा करने की बजाय खुद कर के देखे

हम पढ़ते है चाहे किसी भी माध्यम से लेकिन जब अनुभव खुद करते है तो वो हमारे पढ़े हुए ज्ञान से अलग होता है. इसलिए कभी भी पढ़ी हुई बातो को ही अनुभव न मान ले. खुद अनुभव कर के देखे बजाय किसी से सुनने के इससे आपकी शक्ति बढ़ेगी और आप ज्यादा बेहतर अनुभव जी सकते है.

दुसरे लोग शरीर से बाहर विचरण को लेकर क्या सोचते और बोलते है उस पर विचार करने की बजाय खुद का अनुभव बनाए. अक्सर पढ़ी लिखी बाते ज्यादातर तो डराने के लिए कही जाती है. हो सकता है आपका पहला astral travel experience डरावना नहीं बल्कि रोमांचक हो.

दूसरों के अनुभव सिर्फ रास्ता दिखा सकते है और कुछ नही.

एक तरीका ले और महीने में 15 बार उसे आजमाए. हर इंसान एक ही तरीके से अनुभव नहीं करता है इसलिए हम किसी के लिए अलग अलग तकनीक होती है जिनमे वो बेहतर कर सकता है. एक तकनीक को समझे उसे बार बार अच्छे से दोहराए.

इससे आप उसमे बेहतर हो जाते है और आपको astral travel experience भी अच्छे होने लगते है. एक तरीके को बार बार दोहराने से आपका अभ्यास अच्छा बना रहता है.

दूसरे के अनुभव से हम सीख सकते है लेकिन हमें भी वो अनुभव हो ऐसा जरुरी नहीं. सभी के अपने अपने अनुभव होते है और उसी के आधार पर हम नयी नयी चीजे सीखते है. अगर आपको लगता है की आप दूसरे के अनुभव सुनकर practice करेंगे और आपको भी वही अनुभव होंगे तो ये आपका भ्रम है.

मस्तिष्क का सही होना जब तरीका Apply करते है :

जब भी आप Astral Body Projection का तरीका आजमाते है उस वक़्त आपके मस्तिष्क में उससे जुड़े भाव होने चाहिए जैसे की आपका आत्मविश्वास, खुद से प्रेरित, जिज्ञासु, होने चाहिए. इसलिए आप भय, खुद पर शंका, गुस्सा, और फालतू के विचारों से दूर आपका मन शांत होना चाहिए.

अगर आपके मन में astral projection experience को लेकर किसी तरह की शंका है तो उसका समाधान पहले ही कर ले. भयभीत मन से किया गया अभ्यास या तो अधूरे परिणाम देगा या फिर आपके astral travel experience को एक बुरा अनुभव बना देगा जिसके बाद शायद आपकी हिम्मत ही दोबारा इस तरह का अभ्यास करने की न हो.

अभ्यास के लिए जगह और स्थिति का चुनाव

अभ्यास के लिए जगह और स्थिति का चुनाव भी मायने रखता है. जैसे की आपके अभ्यास की जगह पर एक Lock हो जिससे बाहरी लोगो का आना-जाना बंद कर सके. और अभ्यास जिस जगह किया जाये वहां पर रौशनी का पर्याप्त इंतजाम हो.

  • अभ्यास जिस जगह करे वो ऐसी हो जहां आप अपने विचार और भाव नियंत्रित कर सके.
  • astral travel experience में बेहतर महसूस करने के लिए कमरे का तापमान 20 Degree हो ताकि न ठण्ड न गर्मी लगे.
  • किसी भी तरह के बाह्य माध्यम से बिलकुल दूर रहे जो आपको कभी भी परेशान कर सके जैसे की मोबाइल और पब्लिक
  • अपने आप को आराम से लेट कर शिथिल कर ले. ये सब आपके मन और शरीर को शिथिल करने के लिए आवश्यक है.

अगर आप अभ्यास का वक़्त कितना लम्बा होना चाहिए को लेकर परेशान है तो ये जान लीजिये. कम से कम 30 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 1 घंटा astral travel experience के लिए सही रहता है.

इसलिए आप अलार्म भी सेट कर सकते है. अगर आप इतना करने के बाद कुछ भी प्रभाव नहीं पाते है तो इसे फिर से स्टेप से करे. स्टेप में किया गया astral travel experience हमें ज्यादा बढ़िया परिणाम दिलाता है वो भी बिलकुल सेफ तरीके से और सबसे बड़ी बात इसमें हमारा आत्मविश्वास का स्तर बढ़ता ही है.

अभ्यास में भौतिक से परे अनुभव

Astral projection experience के दौरान आप कई तरह से अनुभव कर सकते है ये आपके शरीर से बाहर के अनुभव और Lucid Dream के दौरान अनुभव होते है. जैसे की आपके शरीर में कम्पन महसूस करना, शरीर का तापमान बढ़ जाना, आंतरिक विद्युत ऊर्जा में बढ़ोतरी, मस्तिष्क पर दबाव.

ये सभी संकेत आपको दूसरे आयाम से जुड़ने के या फिर अपने भौतिक शरीर से हटने के है. अगर आप ये सब अनुभव करते है तो आप इसे लिख ले और बाद में इस पर विचार कर सकते है.

ये आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे. हमारे शरीर में मौजूद भौतिक, सूक्ष्म, प्राणमय कोष जैसे सभी स्तर के बिच तालमेल बनना शुरू हो जाता है जिसकी वजह से हम स्थिर रहते हुए astral travel experience को आसानी से कर पाते है.

अभ्यास के दौरान का हर अनुभव लिखना

अभ्यास के दौरान होने वाले हर अनुभव को लिखने की आदत डाले. ये आपके अनुभव को और ज्यादा आगे बढ़ने में मदद करेगी. इसलिए हर रोज सुबह जो अनुभव हो उसे लिखे. ये आपके अनुभव को बाद में ताजा करने में और उसे समझने में सहायता करेगा.

जब हम पुरानी बातो को एक डायरी में लिखते है तो इससे हमारे अनुभव subconscious level पर पहुंचना शुरू हो जाते है. ये सब हमें अभ्यास में आगे बढ़ने में सहायता करते है. अगर हो सके तो आप जो भी practice करते है उसे स्टेप से लिखना शुरू कर दे. Astral travel experience को लिखने पर आप उसे बारीकी से समझ पाएंगे.

Astral travel experience Benefit

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव हमारे लिए काफी फायदेमंद है जिसमे पहला है मृत्यु का भय समाप्त होना ऐसा इसलिए क्यों की हम अपनी समझ और ज्ञान के सहारे इस भौतिक संसार को समझने लगते है. जब ऐसा होता है तब हम खुद की समझ और सूझबूझ के साथ अपनी समस्या के समाधान खुद हल करने में सक्षम हो जाते है.

शरीर से बाहर निकल कर भौतिक दुनिया और आयाम से जुड़ने से आपको कई फायदे है ये आपकी जिंदगी के बड़े बदलाव में से एक होता है.

  • Astral projection experience का सबसे बड़ा फायदा ये है की इसके कुछ अनुभव के बाद मनुष्य जिंदगी को विभिन्न नजरिए से देखना शुरू कर देता है. इसके अलावा मौत को समझना उसके लिए मुश्किल नहीं रहता है.
  • astral travel experience से गुजरने के बाद जब इंसान को ये समझ आ जाता है की मौत कभी नहीं होती है हमारा वजूद हमेशा भिन्न भिन्न स्थिति में बना रहता है तो भय की बजाय उसमे ख़ुशी, संतोष,ज्यादा शांत, और विश्वास से भरी जिंदगी जीने लगता है.
  • Astral projection experience से हम अपने जीने की वजह को जान पाते है, हर इंसान एक खास जगह जन्म क्यों लेता है उसकी जिंदगी का मकसद क्या है ये सब वो जान पाता है. जिससे वो एक Happier लाइफ जीता है. कुछ अनुभव के अनुसार हम अपने उन प्रियजनों से भी मिल पाते है जो पिछली जिंदगी में गुजर चुके होते है.

सूक्ष्म शरीर की यात्रा का अनुभव करना मुश्किल कार्य नहीं है. लेकिन इसे याद रखना और एक सही तरीके से पूरा कर पाना बहुत कम लोगो के बस की बात है. आज की पोस्ट में हम इन बातो को सरल शब्दो में समझाने का प्रयास कर चुके है. फिर भी अगर आपके मन में इससे जुड़ा कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है.

Read : आत्माओं से बात करने के सबसे सरल माध्यम में से एक – amazing tricks of table science

Astral travel experience final word

दोस्तों astral travel experience को step-by-step करने से हमें इसके सेफ अनुभव आसानी से मिलने लगते है. अगर आपके मन में इस अभ्यास को शुरू करने से पहले कोई भी शंका या सवाल हो तो उसका समाधान जरुर कर ले.

हमेशा अपने अभ्यास को स्थिर और शांत रहते हुए करे. दूसरे को क्या अनुभव होते है इस बारे में सोचे बगैर खुद से करे. आगे बढ़ने लगे तो डायरी में उस प्रोसेस को दोहराना न भूले. ये सभी tips आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे.

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Spiritual Shine
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56 COMMENTS

  1. कुमार सर आपका पोस्ट अच्छा है। मेरी समस्या है कि रात को सोते समय 1/2घंटो बाद मेरी 2 ज्ञानेंद्रिया सुनना और देखा चालु हो जाता है। मुझे घबराहट और गहरी नींद आती है।मै सोते हुए आस पास के आवाज सुन और देख सकता हुं। पर हिलना बोलना नही हो पाता है। सपने मुझे नहीं आते है। उपाय हो तो भेजे

  2. Ser jab nid aa jati hai to yad sab rahta hai aas pas ki aawaj bhi sunai deti hai par dhadkan badh jati hai kuch black imejes bhi dikhai dete hai

  3. HI,
    Kumar sir,
    maine Do-Teen baar man ko saant krne ki try kiya
    but, mere dimaag me thoghts aate hi rahete hai, me dimaag ko sant nhi
    kar pa rha.
    Main jb bhi krta hu mera brain divad ho jata hai,
    kya aap man ko sant krne ke liye kuch help kr skte hain…?

  4. Mene Astral body or Astral traveling k bare me aaj phli bar Jana h , you tube pr v search Kiya h.
    I am shocked because aaj se Kareeb 5-6 mahine pahle muje sote time ye rojana feel hota tha ki me Bina kisi help ke sky driving kr that hu or gravity rule muje or Kam nhi krta tha , or meri speed itni thi ki me Aakash me earth se only 2-3 seconds me pahuch jata or earth muje globe jesi dikhaai deti.
    Me bahut dar jata tha or jagne k bad use ek Bura spna samjhkr rojana bhul jata tha
    Now I want ki ESA muje phir se feel ho, ab Astral traveling k liye me try karugaa

  5. Sir maine aapki post bahut achi tarh se pdi aur bahut achi bi lgi aur maine iske bare me kafi research bi ki but phir bi man me kafi doubts rh gye jaise ki m ye khna cha rha hu ki jab hum astral travel krte h to humari physical body se jo soul hoti h humari body se bahr nikl kr travel krne chl jati h to kya phir humari body ek death body ki tarh hi ho jati h kya aur agar aisa h to phir kya koi dusri soul humari physical body me enter krke humari body par kabja kr le to aur dusri bat ek bar humari aatma body se bahr niklne ke bad waps body me aane ka kya process hota h aur sir agar humari physcial body ko chord kr jab humari soul travel pe ho aur wo humari aatma dubara humari body me aa hi ni paye to …plzzz sir in sab doubts ko clear kijiye….

  6. Kal maine 1st time Astral travel try kiya, meri body kafi vibrate ho rahi thi ankhon mein alag alag rang dikh rahe the or aisa lag raha tha ki meri soul apne boldy se bahar nikal rahi hain, jaise meri soul bahar nikale lagi meri heart beats kaffi teej ho gayi or hath pair thand pad gaye. fir main ne achanakse apni ankh kholi. to main vapas normal ho gaya.

    kya main fir se try kar sakta hoon? Ankhir heart beats itni tej kyoun hoti hain?

  7. sir man le agar ki aapi atma agar sarir ko chor ke treval par nikal jati hai or time rehete bapas na aa pye to kiya apke sarir me koi dusri atma apke sarir par kabja kar sakti hai kiya ya nahi is ko please clear kare .

  8. सर जब मैं अपने शरीर को शिथिल करता हूँ तो मेरी ससे फूलने लगती हैं एसा क्यो होता हैं।

  9. सर मैंने जब अपनए शरीर से निकाला और इंटर किया तो मेरे शरीर पसीने से भीग गया इसका क्या मतलब है।

  10. kitne din ki practive me ham log astral travel kar sakte hi aur kya astral travel ke jariye ham apne kisi priyajan ki aatma se mil bi sakte hi pls reply

  11. Sir agar main aapne sharerse bahar nikla our travell ko gaya,to mere sharer main dusri aatma inter karsakte hai keya,matlab sharer mera our aatma dusri to ye safe nahe hai na

  12. Jabhi main strart kartahu to thode daier badd meri body vibrate karti hai to main travell nahe kar pata issleye aap batav main keya karu

  13. Mere sanse kam ho gyi or fir bahut kam lekin dam ghut rha tha fir bhe aatma nikli nhi sir .. Muje lga ab me mar jaunga ..sarir pura jor jor se vibrate kr rha tha .. Isse aage kaise hoga jab sanss band ho jaye to

  14. Aap yog nidra me jayen sara sharir sathil yani bejan kr kr ekagr hokr late jate fir uske bad jb aap so jayenge to aap fir se usi tarh kr payenge

  15. कुमार जी एक बात बहोत जरूरी पूछनी थी कृपया बताएं। इस हुआ कि मेने ध्यान करना शुरू किया रात को सोते समय बेठ कर।और ओर फिर 3/4 दिन बाद मेने बैठने की जगह लेट कर अपने शरीर को श्थिल करके आंखों के बीच ध्यान किया और 1 घण्टे बाद उठ कर फिर पानी पी कर सो गया लेकिन सोने के बाद में जाग्रत हो गया अपने आस पास सब देख रहा था लेकिन बोल नही पा रहा था एक तरह का सपने जैसा था मेने अपनी पत्नी को जोर से हिलाया लेकिन वो नही उठी क्योंकि वो सपने जैसा था लेकिन उस टाइम में डरा हुआ होता ह ओर बहोत जोर लगा रहा होता ह वापिस शरीर मे जाने के लिए जब नही जा पाता शरीर मे वापिस फिर मेने एक तरकीब निकली और मुह से सिटी जैसी आवाज निकलने की कोशिश की इस करने से मेरी पत्नी को कुछ थोड़ी सी आवाज सुनाई दी और उसने मुझे हिलां के उठा दिया।और मैने शुक्र किया कि में जग गया।और इस 4 बार हो चुका है जब भी में शरीर को श्थिल करके सोता हु तो ऐसा हो जाता है और में सोतेहुए भी कमरे में घूमता हु लेकिन एक डर लगता है क्योंकि मुझे पता ही नही था कि इस क्यों होता है और अब डर के कारण मेने योग निद्रा छोड़ दी है।कृपया बताएं यह असल मे है क्या ओर इसका सामना कैसे करूँ ओर उस टाइम जब शरीर से आत्मा बाहर आ जाती है डरने की बजाय क्या किया करूँ ।कृपया

  16. I have study about this topic on net sir jab mai ese first time kiya ek binural beats astral travel ke liye bja kar to 2 min me mai body mind ko puri tarika se sant kar liye aur fir on my chest bohot tej vibration hua mai body se upar jane lga to mujhe bohot dar lagne lga aur mai ek jathke se khud ko uta diya and i belive ki i can do it /but ye dravna bhi hai and i am still trying and progressing/and mera question hai ki agar mai body se bahar jaunga to aur ghar ke bahar jo kuch bhi dekhunga jaise ki kisi ko bat karte hue to kya wo sab waha sach me bat kar rahe honge ya it will only a dream //reply us plz sir//

  17. I have study about this topic on net sir jab mai ese first time kiya ek binural beats astral travel ke liye bja kar to 2 min me mai body mind ko puri tarika se sant kar liye aur fir on my chest bohot tej vibration hua mai body se upar jane lga to mujhe bohot dar lagne lga aur mai ek jathke se khud ko uta diya and i belive ki i can do it /but ye dravna bhi hai and i am still trying and progressing/and mera question hai ki agar mai body se bahar jaunga to aur ghar ke bahar jo kuch bhi dekhunga jaise ki kisi ko bat karte hue to kya wo sab waha sach me bat kar rahe honge ya it will only a dream //reply us plz sir//

  18. kumar sir ji me pichle 3 year se atral travel karne ki practice krta hu to ye only 2-3 seconds ka hi hota he mera astral travel ka method he ke me ye imagine krta hu ki kisi lakadi ki sidhio par me chadh raha hu aur uske baad mera soul 2-3 seconds ke liye bahar ajata he aur zatkese fir vapis andar body me ghoos jata he to es problem k liye ap muje koi solution do

  19. Sir Maine 1 mahine se astral travel ka practice kar rha tha is process ke dwara lekin ho nhi pa raha tha .Ek din achanak se sote samay mujhe aisa feel hua ki main apni body se bahar aaya aur mujhe aisa laga ki mere samane aag ki lapte hai to dar ke mare main wapas body me aa gya.
    To kya ye mera out of body experience tha ya lucid dream

  20. Jab me sarir se bahar niklunga to kya me apni marji se wapas apne sarir me aa sakunga
    Ya phir wapas apne sarir me aane ka koi nischit time hota he

  21. Sir mai yea kar chuka hu, or onuvab bhi ki bohot bar, ak alag si feel hota hai, sarir thand ho jata h, manlo jaise ki sab saant ho gya ho akdam sa saant, us samay mera sarir nikal hone ka ak onuvab hota h, lekin mera experience wohi tak hi hai, Kyu ki mai yea itna kar chuka hu k, k sone samay yea karna ab aadat si ho gya h, dukh baat toh yea h, k mai travel toh nhi karne diya apne soul, jab bhi nikal k tayri ho jaata h toh mai apne akh khol deti hu….. Lekin samay anne pad mai akdin travel kar lunnga…
    Kumar ji namste mera, apke baatya hua anuvab ak ak se mil jaata h mera anuvab, muje khusi h ki mai success hu lekin ish projection mai….

  22. सर मैने सुना है। Astral travel को बार – बार करने से बुढ़ापा जल्दी आता है

  23. Sir mujhe step by step samajha digiya na please sir ya mera watsapp number hai sir please sir ish number pa mujha step by step samajha digiya na please sir ya mera watsapp number hai sir please sir

  24. Hi sir sir aap computer ho ya insaan itne fast aap answer dete ho kai log nahi dete replay sir sir ise mear compidanse badta hai sir me abi shurvat karunga Aaj se mene bhut video deke and aaj mene thoda dair astarl position ki try karta 15 min tak leta tha me sirf Ashi Kara tha kuch nahi huva per 15 min tak leta ta tab sirf pairo se vaaf nikalne jesa masuse hora tha jese pair garam hogye ho pas itna huva to sir Aaj se shuru karahu thanks sir

    • उम्मीद है जल्दी ही आप इसमें बेहतर अनुभव हासिल करेंगे.
      सिर्फ एक बात का ध्यान रखे अभ्यास के दौरान जो अनुभव आप कर रहे है उसे तर्क से न तुलना करे. जो कुछ भी हो रहा है उसे होने दे उस पर मन में सवाल जवाब ना करे डाउट ना करे. आपको बहुत जल्दी अनुभव मिलेंगे.

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