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Thursday, May 28, 2026
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How to Manage Financial Stress in Hindi कोरोना के बाद से अपने बजट को प्लान कैसे करे ?

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आज के दौर में Financial Stress को हर कोई face कर रहा है. जब से कोरोना काल की शुरुआत हुई है तब से काफी लोगो ने अपने जॉब खो दी है और अब जब स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है तो बढ़ते खर्चे Income पर भारी पड़ रहे है. बढ़ते financial issues लगातार परेशानी खड़ी करने लगे है.

हम सब बजट को मैनेज करने की कोशिश करते है लेकिन फिर भी कम आय और बढ़ते खर्चे हमें इन सब में तालमेल बनाने में परेशानियाँ खड़े करने लगे है.

आज जब महंगाई में कीमते लगभग दोगुनी हो चुकी है तो जाहिर है की या तो खर्चे आधे करे या फिर अपने आय के लिए दूसरे sources की तलाश करे. ये वक़्त किसी एक जॉब पर टिके रहने का नहीं है क्यों की कब किसकी जॉब ख़त्म हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है.

ऐसी स्थिति में अगर हम अपने लिए extra income source की तलाश करे तो हम न सिर्फ अपने खर्च को मैनेज कर सकते है बल्कि बचत भी कर सकते है.

What is Financial Stress in Hindi

ऐसा करना न सिर्फ हमें अपने बजट को मैनेज करने में हेल्प करता है बल्कि अनचाहे तनाव को भी दूर रखने में मदद करेगा. सही बजट बनाना हमें Dealing With The Financial Situation में हेल्प करता है.

हर किसी की Financial condition अलग अलग होती है इसलिए इसे मैनेज करना हमें Financial Worry से दूर रखता है. सही तरह से financial life plan करना हमें आने वाले हर खर्चे को किस तरह मैनेज करना है इसमें हेल्प करता है.

आज की पोस्ट में हम बात करने वाले है आर्थिक स्थिति को मैनेज करने के कुछ सटीक तरीको के बारे में.

अगर आप इन्हें समझते हुए आगे बढे और अपने बजट को प्लान करे तो अपने खर्च को न सिर्फ मैनेज कर पाएंगे बल्कि बचत भी कर सकते है. आइये जानते है इन सबके बारे में.

What is Financial Stress in Hindi

अगर आप भी पैसो को लेकर परेशान हो रहे है तो आप अकेले नहीं है. Global Coronavirus Pandemic के बाद से ही हम सब Deal with Financial Stress and Uncertainty से गुजर रहे है.

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की आप Loss of Work, Escalating Debt, Unexpected Expenses या फिर ऐसी ही किसी कंडीशन से गुजर रहे है. Modern life में हम सब financial worry से गुजर रहे है.

बीते कुछ साल से हम Financial Struggles And Hardship से गुजर रहे है. ऐसी कोई भी वजह जिसकी वजह से overwhelming stress, financial problems जैसी कंडीशन पैदा हो रही है जो हमारे mental and physical health यहाँ तक की Relationship और कई बार तो इसका असर हमारी Overall quality of life पर भी दिखाई देने लगता है.

इसका सीधा असर हमारे मूड पर पड़ता है और sleep, self-esteem, and energy levels में Negative changes को नोटिस कर सकते है.

आर्थिक तंगी हमें धीरे धीरे अवसाद की ओर धकेलना शुरू कर देती है. हम इससे खुद को दूर नहीं कर सकते है लेकिन, अगर हम अपनी जरुरत को समझते हुए इसे मैनेज करे तो आर्थिक तंगी को ठीक किया जा सकता है.

पैसे सभी कमाते है लेकिन, उन्हें कहाँ कैसे खर्च करना है ये समझना हमें ना सिर्फ Financial Stress से दूर रखता है बल्कि इसके दूरगामी परिणाम को भी रोकता है. आइये जानते है की अगर आर्थिक तंगी से गुजरने पर हमारी हेल्थ और लाइफ पर क्या असर पड़ता है.

Effects of financial stress on health

हम सभी जानते है की लाइफ में पैसे से भी बढ़कर बहुत सी चीजे है जो हमारे लिए महत्त्व रखती है लेकिन, Financially Fear And Stress किसी भी दूसरी चीजो पर हावी हो सकता है.

ये आपके self-esteem को डाउन कर सकता है, Stress and anxiety से गुजरना पड़ सकता है. धीरे धीरे आगे बढ़ने पर ये हमारे Mind, Body, And Social Life पर हावी होने लगता है जिसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है.

ऐसी कई problem है जो आर्थिक तंगी की वजह से हमें face करनी पड़ती है.

  • Insomnia: पूरे दिन जब हम Unpaid bill and Loss of Income के बारे में सोचते है तो रात को सोने से पहले हमारे दिमाग में यही सब घूमता रहता है. हम ना तो अच्छी नींद ले सकते है, ना ही इसका कोई सही solution नहीं निकाल पाते है.
  • वजन घटना या फिर बढ़ जाना : कुछ लोग stress में या तो खाना पीना बिलकुल कम कर देते है या फिर बहुत ज्यादा खाना पीना शुरू कर देते है. खानपान का यही Imbalance हमें वजन में असंतुलन ला देता है.
  • Depression: जब हम Financial Stress से गुजरते है. तब हर समय हमारे दिमाग में पैसो की समस्या गुजरती रहती है. ना तो हम खुद को Concentrate कर पाते है ना ही कोई निर्णय ले पाते है. हर रोज दिमाग में जब इसी तरह से पैसो की problem से जुड़ी बाते घूमती है तो हम बहुत जल्दी Depression का शिकार हो जाते है.
  • Anxiety: हम सब जानते है की पैसा हमें एक तरह से सेफ्टी देता है. इसका ना होना हमें vulnerable and anxious बना देता है. जब भी हम Unpaid Bills Or Loss Of Income जैसे issue को face करते है तो बॉडी Anxiety Symptoms जैसे की Pounding Heartbeat, Sweating, Shaking, Or Even Panic Attacks जैसी स्थिति से गुजरने लगते है.
  • Relationship difficulties: हालाँकि पैसे से बढ़कर कई चीजे है जो हमारे लिए मायने रखती है लेकिन, जब भी हम ऐसी किसी स्थिति से गुजरते है तो इसका सीधा असर हमारे Relationship पर देखा जा सकता है. हम रिश्तो को समय नहीं दे पाते है और ना ही किसी तरह का इंटरेस्ट दिखा पाते है.
  • Social withdrawal हम अपने आसपास के लोगो से दूर हो जाते है साथ ही हमारी social life पर भी इसका असर पड़ता है.
  • Physical ailments ऐसी कई problem है जिनसे हमें face करना पड़ता है जैसे की Headaches, Gastrointestinal Problems, Diabetes, High Blood Pressure, And Heart Disease जैसी problem जिनका हमारे Physical health पर असर पड़ता है.

Poor Financial Health and Poor Mental Health

आर्थिक तंगी का सीधा असर हमारे Physical and mental health पर देखा जा सकता है. कई problem जैसे की depression, anxiety, and substance abuse जैसी स्थिति से गुजरना कोई भी नहीं चाहता है.

हम खुद को इससे दूर रखने के लिए कई ऐसे Unhealthy coping methods का चुनाव कर लेते है जो सही नहीं है. Illegal Drugs, Gambling, or Overeating जैसे तरीके हमें नुकसान पहुंचाते है और कई बार हम आर्थिक तंगी से गुजरने के बाद self-harm or thoughts of suicide से भी गुजरने लगते है.

Financial Stress सीधा हमारी mental health को affect करता है. इसकी वजह से depressed or anxious जैसी feeling हमें अक्सर परेशान करना शुरू कर देती है.

इसकी वजह से चीजे और ज्यादा बिगड़ना शुरू हो जाती है जैसे की एक problem को face करने के बाद अगर हम खुद को Concentrate ना कर पाए तो ये एक chain की तरह कामो को बिगाड़ना शुरू कर देती है और हम पीछे की problem में फंसे रहते है और वर्तमान के काम बिगड़ते चलते जाते है.

How to Manage Financial Stress

stress को रोकने का सीधा सा तरीका है वर्तमान की समस्या को रोक देना. हम Past में उलझे रहते है और वर्तमान ख़राब होता जाता है.

अगर आप भी इस तरह की problem को face कर रहे है तो कुछ ऐसे तरीके है जिनकी हेल्प से खुद को इससे दूर रख सकते है.

Financial Stress जैसी स्थिति ज्यादातर तब पैदा होती है जब हम पैसो को मैनेज नहीं कर पाते है. पैसो को सही से मैनेज करना सबसे बड़ी चुनौती होती है जब हमारे पास Limited resources हो.

आइये बात करते है इस तरह की स्थिति से बाहर निकलने को लेकर ऐसे कुछ टिप्स के बारे में जो हमें इससे बचने में मदद कर सकते है.

Dealing with financial stress tip 1: Talk to someone

जब भी हम Money problem जैसे issue से गुजर रहे होते है इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह होती है हमारा strong temptation. हम सोचते है की दूसरो को बिना बताये खुद से ही इस problem को solve किया जाए.

हमें लगता है की हम अकेले इस स्थिति को हैंडल कर सकते है, ये हमारी जिम्मेदारी है और दूसरो को इसमें involve नहीं करना चाहिए. ऐसा सोचना हमें जरुरत से ज्यादा परेशान कर सकता है क्यों की हम बगैर अनुभव के पैसो को मैनेज करने लगते है जो की सही नहीं है.

अगर हम किसी तरह के Financial loss से गुजर रहे है तो किसी डर या शर्मिंदगी के चलते भी किसी के साथ अपनी problem को शेयर नहीं कर पाते है.

हम कितना कमाते है और खर्च करते है इन सबके बारे में दूसरो के साथ जानकारी शेयर करना हमें Comfortable feel नहीं करवाता है.

हमें इन सबके बारे में अपने किसी खास व्यक्ति से बात करनी चाहिए. किसी अपने या खास दोस्त से इन सबके बारे में बात करना हमें आराम दिलाता है.

हमें ना सिर्फ पैसो को मैनेज करने को लेकर सही सलाह मिलती है बल्कि ऐसी किसी भी स्थिति से कैसे बाहर निकले इसके बारे में भी नए नए नजरिये मिलने लगते है. ऐसा करते समय कभी भी उनसे ये उम्मीद ना रखे की

  • जिनके साथ अपने विचार आप शेयर कर रहे है वो आपकी problem को फिक्स कर सकते है या आपको उससे बाहर निकाल सकते है.
  • आपकी problem को समझने के बाद बिना किसी judging or criticizing के वो सिर्फ आपको वही सलाह दे जो आपके लिए जरुरी है. इसमें आपके विचार हो ना की उनकी राय आप पर थोपी जानी चाहिए.
  • आप इस वक़्त किस स्थिति से गुजर रहे है और आपके मन में इस वक़्त किस तरह के इमोशन चल रहे है उन्हें उसी तरह दोस्तों के साथ शेयर करे जिन पर आप भरोसा कर रहे है.
  • जिनके साथ आप अपनी problem को शेयर कर रहे है वो आपको इससे बाहर निकाल नहीं सकते है लेकिन Financial Stress में आपकी हेल्प जरुर कर सकते है. ऐसे समय में आप पर Extra load ना डालकर भी वो आपकी मदद ही करते है.

जितना ज्यादा आप लोगो से जुड़ते है उतना ही आप अपने आर्थिक खर्चो से जुड़े फैसलों को मैनेज कर सकते है.

Tip 2: Take inventory of your finances

कई बार ऐसा होता है की हमारी आर्थिक स्थिति तो ठीक होती है लेकिन महीने के अंत तक आते आते हमारी जेब टाइट होने लगती है.

इसकी वजह है किये गए खर्चे को मैनेज ना करना. कई बार हम जरुरत ना होने पर भी ऐसी चीजे खरीद लेते है जो हमारे काम की नही होती है. आप Financial Stress निम्न तरह से मैनेज कर सकते है जैसे की

  • आपकी Income के हर sources को एक जगह प्लान करे. इससे आपको ये जानने में हेल्प मिलेगी की आखिर आपकी आय किस तरह से हो रही है.
  • अपने खर्चे का हिसाब रखे ताकि आपको मालूम हो सके की कौनसा खर्च आपके लिए जरुरी है और किसे आप ignore कर सकते है.
  • Identify Spending Patterns And Triggers: आपका पैसा किस तरह से खर्च हो रहा है और इसके पीछे की वजह क्या है. मान लीजिये की आपकी लापरवाही की वजह से आप कई बार घर से लंच लिए बगैर निकल जाते है और बाद में बाहर खाना खाते है.

महीने में एकाध बार ये चलता है लेकिन ऐसा अगर बार बार हो रहा है तो आपको सावधान होने की जरुरत है.

जिस चीज को आप घर पर बना सकते है उसे बाजार से खरीदने से परहेज करे. आप गौर करेंगे तो पाएंगे की ज्यादातर खर्चा आपका इसी तरह बढ़ा हुआ है.

  • Look to make small changes: कई बार हम ध्यान नहीं देते है की हम किस तरह unusual चीजो पर थोडा थोडा पैसा खर्च कर रहे होते है. हालाँकि ये हमें बहुत छोटा खर्चा लगता है जैसे की 10 रुपये का अख़बार, कुकी या कुछ और लेकिन महीने के अंत तक इनका अंतर काफी बढ़ सकता है. आपको सिर्फ इस तरह के छोटे छोटे खर्चे जिन पर हम गौर भी नहीं करते है उन्हें समझने की जरुरत है और जरूरत के अनुसार चलना है.
  • Eliminate impulse spending: कई बार हम कुछ खरीदने का प्लान बनाते है और उसी दिन अगर हमारी नजर उस चीज पर पड़ जाती है तो हम तुरंत उसे खरीदने की कोशिश करते है. ये आपके खर्चे को असाधारण तरीके से बढ़ा सकता है.

रूल की माने तो कोई भी बड़ी खरीददारी करने से पहले हमें एक सप्ताह का वेट करना चाहिए.

अगर एक सप्ताह बाद भी हमें जरुरत महसूस होती है तभी ख़रीदे. ज्यादातर मामले में अगर हम एक सप्ताह तक किसी चीज के प्रति खुद को कण्ट्रोल कर लेते है तो हमें उसकी जरुरत तभी महसूस होती है जब वो आगे भी जरुरी हो.

अगर आप अपने आय के स्त्रोत और खर्चो पर नजर डाले तो पाएंगे की आसानी से आप अब इसका विश्लेषण कर पा रहे है.

हर कोई Financial Stress से गुजर सकता है. किसी भी तरह की परेशानी से गुजरने से अच्छा है की आप अपने आदत को सुधारे और जरुरत के अनुसार ही खर्च करने के बारे में सोचे.

Tip 3: Make a plan and stick to it

सिर्फ financial stress ही नहीं है जो wide range of different money problems की वजह बनती है. अगर आप चाहते है की आपका बजट सही रहे तो उस वजह की तलाश करे जो आपके लिए परेशानी की वजह बन रही है.

अगर आप अपने खर्चे को लिमिट करना चाहते है तो या तो खर्चे को कम से कम करने की कोशिश करे या फिर additional source of income की तलाश करे.

ज्यादातर मिडिल वर्ग की तरह आप भी Inventory Of Financial Situation बना सकते है.

इससे आप न सिर्फ discretionary and impulse spending को control कर पाएंगे बल्कि आपकी इनकम भी बढती रहे. यहाँ आपके पास 3 option होते है. पहला या तो Income के sources बढाओ, दूसरा अपने खर्च को लिमिट रखो, तीसरा आप इन दोनों को मैनेज कर सकते है.

इसके लिए आप कुछ स्टेप ले सकते है जैसे की

  • अपनी financial problem को समझने की कोशिश करे. वो कौनसी वजह है जो आपके लिए financial problem खड़ी कर रही है. Financial Stress की वजह कई हो सकती है जैसे की आपके खर्चे ज्यादा बड़े हो या फिर आपकी Income पर्याप्त मात्रा में ना हो. ज्यादातर problem की वजह overspend on unnecessary purchases होती है. कुछ लोग जब Stressed or anxious feel कर रहे होते है तब फालतू की शौपिंग कर लेते है.
  • Devise a solution अगर आपको मालूम हो की आप कहाँ पर फालतू खर्चे कर रहे है तो आपके लिए किसी भी problem को मैनेज करना आसान हो जाता है.
  • जब आपको मालूम हो की आपके खर्चे कहाँ पर फालतू खर्चे बन रहे है. उसके समाधान के लिए आप क्या कर सकते है जैसे की खर्चे कम करना, नेटवर्क बढ़ाना ताकि आप income के अलग अलग sources बना सके.
  • सिर्फ आगे बढ़ना काफी नहीं है आपकी प्रोग्रेस कहाँ तक पहुंची है इसे मॉनिटर करना भी जरुरी है. बेहतर होगा की आप हर रोज अपने प्रोग्रेस को चेक करते रहे.

हालाँकि हम अपने काम को लेकर बेहद टाइट प्लान लेकर चलते है लेकिन इसके बाद भी कई बार हम वो रिजल्ट नहीं हासिल कर पाते है जो हम चाहते है. अगर आपके साथ ऐसा होता है तो परेशान ना हो बल्कि अपने अन्दर के Self-confidence को बढाते हुए फिर से कोशिश करे.

Tip 4: Create a monthly budget

आप अपने financial problems को किस तरह मैनेज कर रहे है इसके लिए आपको एक Monthly Budget प्लान करके चलना चाहिए. ऐसा करना आपको अपने Financial Stress को कण्ट्रोल करने में हेल्प मिलेगी.

  • अपने Monthly Budget में आप अपने छोटे छोटे खर्चे को भी जोड़ना शुरू कर दे. आपकी शौपिंग, घूमने फिरने के हर खर्च को आप अपने बजट प्लान में जोड़ सकते है.
  • आपके बड़े खर्चे जो की सालाना या फिर 3 महीने 6 महीने से पे करने वाले होते है. आपकी EMI या फिर कोई loan या फिर बीमा इन सब को ट्रैक करे और हर महीने के खर्चे को बाँट दे ताकि आप अपने खर्च को ट्रैक कर सके.
  • आपकी बीमारी के खर्चे या फिर फिक्स टाइम अंतराल के बाद किये जाने वाले खर्चे भी आपको ध्यान में रखने चाहिए.
  • जहाँ तक हो सके अपने बिल पेमेंट को ऑटो मोड पर रखे ताकि आप लेट फी से बच सके.
  • ऐसे तरीको को खोजे जिनसे आप अपने खर्चो को कम से कम कर सके. हर महीने आप अपने खर्चो को कम से कम कर सके और उन्हें ट्रैक कर सके.

यहाँ पर आपको ध्यान देना चाहिए की सिर्फ आप ही नहीं आपसे जुड़े लोग भी इस चीज को फॉलो करे. वो आपको support करे और उसी वे में काम करे जिसमे आप आगे बढ़ रहे है.

Tip 5: Manage your overall stress

अपनी financial problems को resolve करने के लिए उठाए गए आपके छोटे छोटे स्टेप भी Financial Stress में काफी कारगर साबित हो सकते है.

आज के इस current economic climate में जब हम सभी इस स्थिति से गुजर रहे है.

हालाँकि ये problem सिर्फ एक रात में या कुछ ही समय में दूर होने वाली नहीं है. इसका ये मतलब नहीं है की आप इन स्टेप को नहीं ले सकते है क्यों की ऐसा करना आपके stress level को कम तो कर ही सकता है.

ऐसा करना आपके stress को कम तो करेगा ही आपकी बची हुई energy आपके Long term के चैलेंज को दूर करने में हेल्प करेगा. इसके लिए आप कुछ activity को include कर सकते है जैसे की

  • हर रोज कम से कम आधा घंटा exercise करने की आदत डाल सकते है. ये ना सिर्फ आपके stress को दूर करेगा बल्कि मूड को भी बूस्ट करने में हेल्प करता है.
  • खुद को शांत रखने के लिए आप किसी तरह की relaxation technique का सहारा ले सकते है. लगातार चलने वाली problem से छुटकारा पाने के लिए हर रोज कुछ समय एकांत में बिताना शुरू कर दे. खुद को समय दे और अपनी problem से खुद को कुछ समय के लिए दूर रखे ताकि आप अपनी problem को समझे और उन्हें solve कर सके.
  • खुद को थका हुआ महसूस करना सिर्फ stress and negative thought patterns को create करता है. अगर आप अपने Sleep quality को improve कर सके तो आपके Body and mind के लिए सही रहता है.
  • कई बार जब हम कोशिश करने के बाद भी नाकाम हो जाते है तो हमारा मन निराश हो जाता है. बार बार मिलने वाली नाकामी हमारे self-esteem को कमजोर कर सकती है. खुद को problem में फंसा हुआ होने के बाद भी अगर आप दूसरो की हेल्प करते है तो ये आपके अन्दर के Confidence को बूस्ट करने में मदद करती है.
  • खुद को healthy रखने के लिए अपने आहार में बदलाव करे और सही डाइट ले.
  • हर रोज जो भी आपके साथ सही हो रहा है उसके लिए इश्वर को धन्यवाद दे. आपके साथ जो भी हुआ उसमे इश्वर की मर्जी थी और जो होता है सही होता है.

ये सब आपके stress को ना सिर्फ कम करता है बल्कि आपके कॉन्फिडेंस को भी बढाता है.

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Coping with Financial Stress final word

जब से हम सब ने Current Economic Climate को face करना शुरू किया है तभी से लगभग सभी ने Financial Stress को face किया है. अगर आप अपने Financial Worry को reduce कर लेते है तो शायद अपने Financial condition को मैनेज कर सकते है.

हम बार बार financial stress को लेकर overwhelmed हो जाते है और फिर अपने बजट में आ रही गड़बड़ को सही करने की कोशिश करते है लेकिन बार बार problem आने की वजह से लगातार परेशान रहने लगते है.

Budget बनाना हमें अपने Income and spend में तालमेल बिठाने में मदद करता है. Spending Plan आपके लिए ये सुनिश्चित करता है की Immediate Expenses को आप किस तरह मैनेज कर सकते है.

इसके अलावा आपके Extra Income earn करने के जरिये खुलते है जो की आने वाले खर्चे को मैनेज करने में हेल्प मिलती है. आपको अपने लिए किसी तरह की Emergency fund यानि backup plan रेडी रखना चाहिए ताकि किसी तरह की आपातकालीन स्थिति में अपने लिए खर्च बचाकर रखा कर सकते है.

उम्मीद करते है की Financial Stress Management को लेकर आज की पोस्ट आपको एक इस वक़्त की स्थिति का सामना करने में हेल्प करेगी. अगर आप अपने income को समझते हुए खर्चो को मैनेज करना शुरू कर देते है तो ये आपके लिए बजट बनाने और तनाव कम से कम रखने में हेल्प करेगा.

How to find joy in Daily Life लाइफ के हर पल में खुशियों को कैसे तलाश करे ? आसान टिप्स

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अपनी आंखे बंद करे और कल्पना करे आपके आसपास क्या हो रहा है ? सूर्य की गर्माहट, आपके आसपास के पक्षियों का करलव करना आपको कुछ देर में ही शांत कर देता है. शांति और स्थिरता आपके अन्दर से बनना शुरू हो जाती है.

जब तक बाहरी चीजो में उलझे रहेंगे बाहर खुशिया तलाशने की कोशिश करते है आपको लाइफ में कभी enjoyment नहीं मिलेगा. आज हम बात करने वाले है joy in Daily Life के बारे में यानि दिनभर की एक्टिविटी में खुशियों की तलाश कैसे करे.

किसी भी एक्टिविटी में एंजोयमेंट तब तक नहीं होता है जब तक एक Proper environment सेट ना हो. जब आप अपने अनुकूल माहौल बना लेते है तब आपको काम करने का मजा भी आता है.

लाइफ में हमेशा पैसो के पीछे भागना या फिर बगैर सोचे समझे बस काम में लगे रहना आपको कभी ख़ुशी नहीं दे सकता है.

अगर आप सोचते है की आज आपके द्वारा की गई एक्स्ट्रा मेहनत आपको कल में फायदा देगी तो ऐसा नहीं है. आपके पास सिर्फ आज है कल नहीं इसलिए अपने आज को बेहतर बनाए ना की कल के चक्कर में आज को मुश्किल बनाए.

जब तक हम बाहरी खुशियों में उलझे है हम कभी खुश नहीं रह सकते है. हमारे द्वारा की जाने वाली हर एक्टिविटी में जॉय को ढूँढना आपके मूड को सही बनाता है.

How to find joy in Daily Life

आप न सिर्फ creative बनते है बल्कि आपके द्वारा की जाने हर एक्टिविटी में आप अपना 100% देते है.

सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरो के लिए भी अच्छा करने की सोच रखे आप पाएंगे की लोग आपको ज्यादा पसंद करने लगे है और आपके आसपास Positive माहौल बनना शुरू हो गया है.

लाइफ को कभी भी बोझ बनाकर ना चले या फिर जिम्मेदारी के तले इतना भी ना दब जाए की खुद के लिए वक़्त भी ना निकाल पाए. आइये जानते है की कैसे हम खुद के लिए वक़्त निकाल कर छोटी छोटी खुशियों में खुद को बेहतर बना सकते है.

How to find joy in Daily Life

जीना है तो बिंदास जियो वर्ना जिंदगी तो हर कोई काटता है. ये लाइन हम जब भी सुनते है हमें यही लगता है कही हम भी तो उन लोगो में से नहीं है जिनकी जिंदगी सिर्फ कट रही है.

हर रोज कुछ नया करना या फिर अपने रोज के कामो को एक enjoy के साथ पूरा करना हमें refresh Feel करवाता है. ज्यादातर लोग एक ही Cycle को आज फॉलो कर रहे है सुबह उठो ऑफिस जाओ 9 से 5 की जॉब फिर घर आओ और अगले दिन फिर वही.

हम सब की ( ज्यादातर मिडिल क्लास लोग ) जिंदगी एक Trademil में घूम रहे चूहे की तरह बन गई है. हर रोज एक ही तरह का schedule follow करते हुए कब जिंदगी को गुजार देते है पता ही नहीं चलता है.

अगर आप भी अपनी इसी सोच को बदलना चाहते है या फिर काम को बोझ की बजाय एन्जॉय करना चाहते है तो इस पोस्ट को पूरा पढ़े. ये न सिर्फ आपके Quality of Life को Improve करेगा बल्कि mental health को भी protect करने का काम करता है.

आज हमें सबसे ज्यादा social media, financial instability, and political and civil unrest जैसी चीजे प्रभावित कर रही है.

कई बार स्थिति उतनी बड़ी नहीं होती है जितना हम न्यूज़ और सोशल मीडिया पर देखते है लेकिन, बार बार देखते रहने की वजह से हमें ये अहसास करवाया जाता है की स्थिति बेहद खतरनाक है. हमारे अन्दर और बाहर की शांति इस दौर में मानो कही ख़त्म सी हो गई है.

ऐसी स्थिति में हम अपने अन्दर से स्पार्क कैसे पैदा करे ? लाइफ को जीने के लिए जो एंजोयमेंट चाहिए वो कहाँ से लाए ?

इन सबके लिए आपको अलग से कुछ करने की जरुरत नहीं है ना ही खुद से कोई बड़े बड़े बदलाव लाने है. हमारे आसपास ही ऐसी कई चीजे मौजूद है जो हमें अलग अहसास करवा सकती है.

Tips for finding joy in your life

अगर आप छोटी छोटी चीजो में खुशिया तलाश करना शुरू कर दे तो पाएंगे की हम किसी भी काम को एन्जॉय के साथ पूरा कर सकते है. काम में तालमेल बिठाना इसीलिए जरुरी है ताकि हमारा 100% काम को दिया जा सके.

कभी नोटिस किया है हम में से ज्यादातर लोग काम के दौरान म्यूजिक सुनना पसंद करते है. अगर आपके आसपास म्यूजिक चल रहा है तो आपको काम में थकावट का अहसास ही नहीं होता है.

इसके अलावा बॉडी भी म्यूजिक के साथ ही काम करना शुरू कर देती है. म्यूजिक सुनना हमें ना सिर्फ recall positive memories में मदद करता है बल्कि कुछ देर के लिए day-to-day difficulties से भी दूर रहने में हेल्प करता है. ये हमारे मूड को भी बूस्ट करता है.

इन सबके अलावा ये reduce anxiety, lower blood pressure, improve sleep quality में भी हेल्प करता है. छोटी छोटी चीजे joy in Daily Life में काफी हेल्प करती है.

Develop a daily gratitude practice

अगर हम सब जो हमें मिल रहा है या फिर जो हमारे पास है उसे लेकर Gratitude express करना शुरू कर दे तो लाइफ काफी आसान हो जाती है. ज्यादातर लोग दिनभर कमाते है लेकिन फिर भी शाम को उनके अन्दर वो ख़ुशी नहीं होती है जो होनी चाहिए.

joy in Daily Life के लिए दिनभर में अगर एक सिंपल सा स्टेटमेंट भी हम खुद में दोहराना शुरू कर दे फिर चाहे वो दिन की नयी शुरुआत का हो, हमें कुछ अच्छा मिले, दिन अच्छा गुजरे या कुछ भी ऐसा जो हमें मिला है उन सबके लिए God के प्रति अपना gratitude express करना शुरू कर दे तो लाइफ आसान बन जाती है.

कई बार ये छोटी सी स्टेटमेंट भी आपको विपरीत परिस्थिति में भी स्थिर बने रहने में मदद कर सकती है.

इन सबके पीछे एक छोटा सा साइंस काम करता है. जब हम किसी के प्रति अपना Gratitude जाहिर करते है तो हमें खुद को समझाते है की जो हमारे पास है वो enough है और हमें जो नहीं मिला है उसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है. जब ऐसा होता है तब हमारा पूरा फोकस सिर्फ उन चीजो पर होता है जो हमें मिली है, हमारे पास है.

Spend time in a vision practice

हम पहले भी बता चुके है की दिन का एक हिस्सा हमें एकांत में खुद को देना चाहिए. इसके पीछे का रीज़न है खुद को, खुद की जरुरत को समझना. हम दिनभर मेहनत भी करे और अंत में पता चले की जो हमें वास्तव में चाहिए था उसके लिए हमने कुछ नहीं किया और फालतू कामो में फंसे रहे.

अगर किसी काम में सफल होना है तो बेहतर होगा की शुरुआत में एक अच्छी सी प्लानिंग की जाए.

हमें सिर्फ कुछ समय एकांत में रहते हुए ये सोचना है की जो हमें चाहिए क्या वही हम कर रहे है या फिर हमें मिला है. ये न सिर्फ आपको फोकस रहने बल्कि joy in Daily Life  में मदद करता है साथ ही किसी काम को कैसे करना है उसमे भी एन्जॉय कहाँ है इसका पता चलता है.

किसी भी कार्य को समझे बगैर करना यानि खुद को उसमे फंसा लेना है. ज्यादा नहीं सिर्फ आधा घंटा भी शांत मन से अगर हम खुद को समझने के लिए दे तो Unwanted intrusive thoughts से छुटकारा पाना आसान हो जायेगा.

वर्क प्लेस पर काम करना आसान हो जायेगा क्यों की किसी भी कार्य को कैसे करना है ये हमें पहले ही पता रहता है.

Find the “awe” moment every day

लाइफ को हम जैसे जीना चाहते है वैसे जी सकते है. अगर आप कहे की आपकी लाइफ में struggle है या परेशानिया है तो एक बार फिर सोचे. ये struggle लाइफ में इसलिए है क्यों की आपकी उम्मीद बड़ी है.

इसे आप बदल नहीं सकते है लेकिन इनके बीच भी आप कुछ ऐसे मोमेंट को निकाल सकते है जिसमे एंजोयमेंट हो. ये जानते हुए भी की हमें ये काम करना है उसके बाद भी अगर हमारा उत्साह नहीं है तो हम उस काम में अपना 100% कभी नहीं दे सकते है.

अगर आपको मालूम है की आपको ये करना है तो उसे एन्जॉय के साथ पूरा करने की कोशिश करे ना की एक बोझ के साथ.

आप पाएंगे की अब आपने काम को एन्जॉय करना शुरू कर दिया है. धीरे धीरे हम दिनभर के कामो में भी खुशिया और अच्छे पल निकालना शुरू कर देते है.

ऐसा करना हमें दूसरो के साथ connected रहने में मदद करता है. लाइफ का मीनिंग मिलना शुरू हो जाता है. इस तरह की एक्टिविटी सीधे तौर पर joy in Daily Life में काफी मददगार साबित होती है.

Read : आज भी काले जादू के इन 5 प्रकार को सबसे खतरनाक माना जाता है आप इनके बारे में कितना जानते है

Tips for helping others experience joy

सिर्फ अपने तक नहीं बल्कि कुछ ऐसे टिप्स भी है जिनसे आप दूसरो को भी अच्छा फील करवा सकते है. ज्यादातर देखा गया है की दूसरो की मदद करना उन्हें बेहतर फील करवाता है लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसी आईडिया है जिनके जरिये आप उन्हें अच्छा महसूस करवा सकते है. अगर आप joy in Daily Life को experience करना चाहते है तो कुछ बदलाव कर सकते है.

इसमें उन्हें letters, poems, or drawings जैसी छोटी छोटी चीजे भेज सकते है जो काम के बीच उन्हें अच्छा फील करवा सकती है.

याद रखे दूसरो के लिए की गई आपकी एक छोटी सी एक्टिविटी भी उन्हें बेहतर फील करवा सकती है.

अगर कोई अच्छा काम कर रहा है तो उसे appreciate करना मोटिवेशन का काम करता है. आपके पार्टनर को काम ज्यादा है तो उन्हें कॉफ़ी बनाकर देना बेहतर महसूस करवाता है. इससे आपके उनके साथ कनेक्शन बेहतर बनना शुरू हो जाता है.

Joy in Daily Life and their positive effect final word

छोटी छोटी खुशियों की तलाश करना भी हमारे लिए बड़ी वजह बन सकता है. दिनभर के कामो में अगर हम इन्ही छोटी छोटी खुशियों को तलाशना शुरू कर दे तो लाइफ आसान बन जाती है. अगर आप भी छोटे छोटे बदलाव को joy in Daily Life में बदलना शुरू कर देते है तो ये आपकी लाइफ को एक Positive start देता है.

दिनभर हम क्या कर रहे है अगर उसका मीनिंग समझना शुरू कर दे तो ये भी बदलाव का जरिया बन सकता है.

दिनभर की ज्यादातर एक्टिविटी को बगैर समझे करना एक बोझ ढोने जैसा है. हम बस काम करते रहते है बगैर ये समझे की इसके दूरगामी परिणाम क्या है.

अपने Daily life schedule में जो भी activity हम कर रहे है उसका मतलब समझना शुरू कर दे, कुछ छोटे मोटे बदलाव देना शुरू कर दे तो लाइफ बदलते देर नहीं लगती है.

आपको क्या लगता है हमारी लाइफ क्या वाकई इतना टफ है जितना हम मान लेते है ? हमें कमेंट में जरुर बताये.

Mechanism of Psychological Projection आखिर क्यों लोग खुद को दूसरो से अलग कर लेते है ?

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क्या आप जानते है की आपकी असली क्षमता क्या है ? अपनी असीमित क्षमता को पहचानने के लिए mechanism of psychological projection आपकी help कर सकता है. एकांत में बैठकर कभी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचे जिसे आप सबसे ज्यादा admire करते है.

उनकी कोई एक quality के बारे में सोचे जो उन्हें दूसरो से अलग बनाती है. आप उन्हें उनकी इसी एक quality को लेकर पसंद करते है. इसके बाद किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचे जिसे आप सबसे ज्यादा नफरत करते है. हम लोगो को उनकी quality की वजह से पसंद नापसंद करते है.

Psychological Projection एक तरह का Defense Mechanism होता है जिसे हम सब difficult feelings or emotions से खुद को दूर रखने के लिए subconsciously employ करते है.

हम दूसरो को क्या दिखाना चाहते है उसके आधार पर एक personality बना लेते है. हमारी सोच को दूसरो पर थोपना भी एक तरह का प्रोजेक्शन है. हम क्या सोचते है वही दूसरे सोचे ये जरुरी नहीं है.

The Basics of Psychological Projection

कई बार हम दूसरो से खुद को कुछ लोगो से दूर करने के लिए ऐसे defense mechanism का सहारा लेते है. अगर आप किसी को पसंद नहीं करते है और आपको उन्हें face भी करना पड़ता है तो ऐसी स्थिति में हम खुद के अन्दर ऐसी personality develop करते है जो हमारी नहीं होती है लेकिन, हमें दिखानी पड़ती है.

कई बार ऐसा होता है की हम दूसरो से अपनी राय शेयर करते हुए जब ये पाते है की वो भी हमारी जैसी सोच रखते है तो अवचेतन रूप से Psychological Project करना शुरू कर देते है.

विपरीत हालात से बचने के लिए हम खुद को ऐसी स्थिति से कवर करने लगते है जो वास्तव में हमें सिर्फ अस्थायी तौर पर आराम देता है. इस तरह का Defence mechanism हमें सिर्फ इनसे बचाता है, बाहर नहीं निकालता है. healing के लिए हमें इसका सामना करना चाहिए ना की इससे बचने की कोशिश करना.

आइये आज की पोस्ट में जानते है की ये किस तरह हमारी लाइफ को affect करता है और इससे बाहर निकलने के लिए के हमें क्या करना होगा.

The Basics of Psychological Projection

The theory of psychological projection के जनक Sigmund Freud को कहा जाता है जो की एक Austrian psychologist थे. इन्हें father of psychoanalysis कहा जाता है.

आमतौर पर इसे आप तब फील कर सकते है जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिले जिसकी feeling आपसे मिलती हो. जब ऐसा होता है तब आप किसी भी तरह के इमोशन से डील कर सकते है.

इसका एक उदाहरण आप साफ़ तौर पर देख सकते है. एक पति जो खुद घर से बाहर अफेयर रखता है लेकिन, अपनी वाइफ को ऐसा करने से रोकता है.

एक चोर जो खुद चोरी करता है लेकिन normal days में वो खुद डरता है की कही उसकी चीजे चोरी ना हो जाए.

Why Do We Project?

हम जानते है की ये एक तरह का Defense Mechanism है और ज्यादातर हम ऐसा Cope with Feelings and Emotions के लिए करते है. हमारे सामने कई बार ऐसे हालात आ जाते है की हम उस स्थिति से बचना चाहते है लेकिन बावजूद इसके हमें उसका सामना भी करना पड़ता है.

ऐसी स्थिति में हम एक अलग personality को project करते है जो वास्तव में हमारी नहीं होती है. Psychological projection वास्तव में कई तरह के defense mechanisms में से एक है जो हम रेगुलर बेसिस पर इस्तेमाल करते है.

ऐसे कई common defense mechanisms है जिन्हें आप यहाँ देख सकते है.

  • Denial किसी ऐसी वास्तविक स्थिति को सिरे से नकार देना. आमतौर पर ऐसा लोग तब करते है जिन्हें किसी भी तरह खुद को इस स्थिति से अलग रखना होता है. एक उदाहरण के लिए किसी अपने की मौत होना आपको believe ही नहीं होता है की ऐसा हुआ है.
  • Distortion अपने आसपास की reality को पूरी तरह बदलने की कोशिश करना. उदाहरण के लिए आपका Boy-friend आपको सिर्फ इसलिए चीट करने की कोशिश कर रहा है क्यों की उसे Commitment में रहने में problem है.
  • Passive Aggression किसी और की स्थिति पर काबू करने की कोशिश करना. जैसे की एक हॉस्टल में रहने वाले लड़के कॉमन बाथरूम को सिर्फ इसलिए ब्लाक कर लेते है क्यों की वो अपना गुस्सा दूसरो पर जाहिर नहीं कर सकते है.
  • Repression किसी भी तरह की स्थिति से बचने के लिए feelings or emotions को दबाने की कोशिश करना. एक उदाहरण के लिए आपका एक्सीडेंट हो जाता है और आप खुद को उससे बचाने के लिए आपकी कार क्रेश की घटना को भूल जाना.
  • Sublimation अपनी feeling को किसी और तरीके से जाहिर करना. एक उदाहरण के लिए बड़ी उम्र में अफेयर रखना गलत माना जाता है इसलिए आप छोटी उम्र के बच्चो को प्यार करने लगते है.
  • Dissociation खुद को उन personality में ढालना जो आपसे बिलकुल अलग है. ये अस्थायी होता है लेकिन अपने फायदे के लिए आप अपने फायदे के लिए ऐसा करते है फिर चाहे हालात कुछ भी हो.

Defense mechanisms हमेशा हमारे लिए Unhealthy नहीं होते है. अगर आप stress को दूर करने के लिए Humor का सहारा लेते है तो ये एक Positive Defense Mechanism है.

कई बार विपरीत हालात से बाहर निकलने के लिए हम ऐसे इमोशन से खुद को जोड़ते है.

Different Types of Psychological Projection

जरुरी नहीं की Projection हमेशा से negative mechanism ही हो. Freudian theory के अनुसार ये हमेशा undesirable नहीं होता है. इसके अलावा भी ऐसे कई Projection है जो positive and productive होते है जैसे की,

Complementary projection ये एक तरह का प्रोजेक्शन है जहाँ पर हम दूसरो के साथ जब कुछ शेयर करते है तो हैरान हो जाते है की दूसरे भी इसी तरह के इमोशन को फील करते है या फिर एक जैसी सोच रखते है.

जब हम ये मान लेते है की दूसरे लोग भी हमारे जैसी सोच रखते है तब हम अपने thought दूसरो पर project करना शुरू कर देते है. ये एक Positive Psychological projection है लेकिन, हम हमेशा इसे एक healthiest way के रूप में नहीं देख सकते है.

ये एक ऐसा प्रोजेक्शन है जहाँ पर हम दूसरो से उम्मीद रखते है की जैसे हम है वैसे ही बाकि सब है. इसे समझना बेहद जरुरी है क्यों की इसे समझने के बाद ही हम negative emotions को कैसे डील करना है ये समझ पाते है. अब हम जानते है की इसे किस तरह डील करना है और खुद को इससे बचाना है.

How to Stop Projecting

अब तो आप समझ ही गए है की psychological projection एक तरह से खुद को छिपाने की कोशिश है लेकिन, कई बार हम खुद को छिपाने की कोशिश में नाकाम पाते है. जब बहुत ज्यादा देर हो जाती है तब हमें अहसास होता है की हम खुद को जिन परिस्थिति से बाहर रखने की कोशिश करते है वास्तव में हम अब भी उसी हालात में फंसे हुए है.

अगर आपको भी ये जानना हो की कही आप भी ऐसी स्थिति में फंसे तो नहीं है.

इसकी शुरुआत आप Examine The Negative Relationships से कर सकते है. अपने परिवार और कार्य-स्थल पर आप किसे अपने साथ पाते है और किस से नहीं.

क्या आपने महसूस किया है की आप खुद से कुछ अलग महसूस करते है. खुद से बात करना या फिर किसी खास से बातचीत कर हम इसे और ज्यादा बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है.

एक बार आप ये समझ जाते है की आप किसी तरह के psychological projection में खुद को महसूस कर रहे है आपके लिए आगे आने वाले समय में इस तरह के future interactions को समझना आसान हो जाता है.

ये समझने के बाद अब जरुरत है इस तरह के इमोशन को सामने से face करना ना की इनसे छिपना या फिर किसी Defense Mechanism का सहारा लेना.

महत्वपूर्ण ये है की हम इसकी पहचान कर ले की हम defense mechanism का इस्तेमाल किस जगह कर रहे है और किस तरह हम positive manner के जरिये इसे बदल सकते है.

आप किस तरह ऐसे इमोशन से डील करते है

हर किसी के साथ anger, jealousy, hurt जैसे इमोशन को experience करना आम बात है. हम इस तरह के इमोशन से गुजरते है लेकिन, क्या आपने सोचा है की इस तरह के इमोशन कही आपको जरुरत से ज्यादा परेशान तो नहीं कर रहे है.

आपकी ज्यादातर energy अगर इस तरह के इमोशन से डील करने में निकल जाती है तो सावधान होने की जरुरत है. हमें इस तरह के difficult emotion से बाहर निकलने के लिए कुछ Healthy option का चुनाव करना चाहिए.

Psychological Projection हमें मुश्किल इमोशन से बाहर निकलने में मदद कर सकते है.

अगर ये आपके लिए एक healthy option की तरह काम करता है तो बेशक आप इसका इस्तेमाल कर सकते है.

बचाव करना सबका हक़ है लेकिन अगर इसकी वजह से आपको सिर्फ Temporary relief मिलती है तो ये सही भी नहीं है. बेहतर होगा की आप इससे बचने की बजाय अपने इमोशन का सामना करे.

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How to heal from Psychological Projection final word

एक बार आप ये समझना शुरू कर दे की आप दूसरो पर Psychological Projection कर रहे है तो खुद को heal करने की तरफ कदम बढ़ा चुके है. आप किस problem को face कर रहे है इसे समझना और उसके प्रति जागरूक होना आपको सफलता के करीब ले जाता है.

जब तक हम खुद के साथ क्या हो रहा है उसे लेकर जागरूक नहीं होते है तब तक किसी तरह की healing हमारे लिए वर्क नहीं करेगी.

Healing process हमारे लिए तब काम करती है जब हम खुद इन सबको accept कर लेते है. हमेशा विपरीत हालात से बचने के लिए कोई option का चुनाव करना सही नहीं होता है.

कभी कभी विपरीत हालात से बचने के लिए उनका सामना करने की कोशिश करना चाहिए ना की उससे बचने के लिए किसी Defense Mechanism का चुनाव करना.

अगर आपके साथ कुछ गलत होता है तो आपको उसे समझना चाहिए और उससे बाहर निकलना चाहिए ना की उससे बचने के लिए खुद को एक आवरण से कवर करना.

Top 5 Best Love Spell That work Immediately Get lost Love back with Vashikaran

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जब दो पार्टनर के बीच झगड़ा बढ़ जाता है तब वे दूसरे को मनाने की कोशिश करते है लेकिन क्या हो जब आपका पार्टनर आपसे दूर होने लगे. ऐसी स्थिति में ज्यादातर युवा एक दूसरे पर Best Love Spell करवाने की कोशिश करते है ताकि उन्हें वापस  पाया जा सके.

लेकिन क्या आप जानते है की इस तरह के काम करवाने के बाद भी हम उन्हें क्यों नहीं वापस ला पाते है ? इसकी वजह है सिर्फ बाहरी तौर पर काम करना और आपका साइड हो जाना.

यहाँ पर आपको जान लेना चाहिए की आप जितनी मर्जी expert से काम करवा ले लेकिन जब तक आप खुद इसमें involve नहीं होंगे आपके पार्टनर का natural love आपको नहीं मिलेगा.

यहाँ हम ऐसी 5 Black magic love spells के बारे में बात करेंगे जो herbal vashikaran remedies की तरह काम करती है. आप चाहे तो बिना किसी expert के भी इन्हें घर बैठे अपने पार्टनर पर आजमा सकते है.

Top 5 Best Love Spell That work Immediately Get lost Love back with Vashikaran

हम यहाँ पर सिर्फ इनके टाइप के बारे में बात करने वाले है और उनकी बेसिक जानकारी शेयर करने वाले है. ज्यादा जानकारी के लिए आप रिलेटेड केटेगरी को पढ़ सकते है.

प्यार को बढाता है हमारा charm यानि feeling अगर आपकी अपने पार्टनर के साथ feeling ख़त्म हो जाएगी तो जाहिर है की प्यार भी कम होने लगता है. ऐसी स्थिति में आपको सिर्फ उन feeling को वापस पैदा करने की जरुरत होती है.

आपने नोटिस किया होगा की कुछ समय बाद ही Love couple वापस unite होने लगते है इसकी वजह उनकी feeling होती है जिन्हें वो अकेले में होने के दौरान महसूस करते है और वो धीरे धीरे अपना काम करना शुरू करती है.

यहाँ हम ऐसे तरीको के बारे में जानने वाले है जिनका यही काम है. आइये जानते है सबकुछ डिटेल से.

Best Love Spell in Hindi

ज्यादातर देखा जाता है की शुरू शुरू में Love couple आपस में एक दूसरे से बेहद प्यार करते है लेकिन कुछ समय बाद उनसे वो attachment महसूस नहीं करते है जो हम उन्हें देते है.

शुरू शुरू में attachment कम होने से लेकर बाद में Ignore होने तक बात इतनी बढ़ जाती है की Breakup तक बात आ जाती है. अगर आपको लगता है की आप उनके बगैर रह नहीं सकते है तो आपको Best love spell का सहारा लेना चाहिए.

अगर आपका पार्टनर आपको Ignore करना शुरू कर देता है तो ऐसे में आपको magic trick सीखनी चाहिए. Magic trick कोई काला जादू या वशीकरण नहीं होता है बल्कि आपके energy field को बढ़ाने की कुछ ट्रिक होती है.

असल में पार्टनर के आपस के प्यार को बढाने के लिए Charm को बढाने की जरुरत होती है. Charm एक तरह का magnetic field होती है जो हमारे आसपास के लोगो को affect करती है.

शुरुआत हमेशा easy love spell से करनी चाहिए और बगैर Proper Knowledge के इन्हें नहीं करना चाहिए. हमने ब्लॉग पर काफी सारी easy trick को शेयर किया है इसलिए आप इन्हें घर पर कर सकते है.

How to cast a love spell that really works

अगर आपका पार्टनर आपको ignore कर रहा है तो ऐसे में आप बिलकुल नहीं चाहेंगे की वो धीरे धीरे आपसे दूर होने लगे. ऐसे में अगर बात बिगड़ने लगे तो कोई भी पार्टनर एक Professional Black Magician को hire करने की कोशिश करते है जो उनके issue को heal कर सके.

इस तरह का केस तब होता है जब आपका पार्टनर आपसे इतना दूर हो जाए की वापस आने की सम्भावना ना के बराबर हो, अगर बात normal case की हो तब हमें सिर्फ कुछ Best Love Spell का सहारा लेना चाहिए.

ये काफी आसान होती है और ये आपके Attraction को बढाता है. इस तरह की Easy but powerful love spell बेहद कम टाइम में रिजल्ट देने वाली होती है. इन्हें लेकर कुछ सावधानी बरतनी होती है जिसकी वजह से हम होने वाली Side effect को रोका जा सके.

शुरुआत हमें अपने emotion से करनी चाहिए और खुद को ज्यादा से ज्यादा अपने Love one से जुड़े इमोशन पर concentrate करना चाहिए.

Healing process के लिए clearance of mind and soul सबसे पहला रूल है. अगर आप अपने पार्टनर के साथ लॉयल है तभी इस तरह के प्रयोग करे ना की किसी तरह की मनोरंजन के लिए.

Read : महाकाली वशीकरण साधना मंत्र विधि का अचूक उपाय शत्रु वशीकरण और दमन के आसान प्रयोग

Wiccan love spell works really very fast

Wiccan spells की शुरुआत अफ्रीका से हुई थी. ऐसा माना जाता है की अफ्रीका का ज्यादातर जादू Black magic से बना है. समय के साथ Black magician से ये तय किया की इसे सिर्फ constructive purposes से इस्तेमाल किया जाए और इसके रिजल्ट भी quick and 100% assured result हो.

आजकल इसका इस्तेमाल love affairs में Breakup जैसे issue को solve करने के लिए किया जाता है.

Wiccan का जादू बेहद पावरफुल होता है और ये आपके पार्टनर को आपके सामने झुकने के लिए भी मजबूर कर सकता है. Best Love Spell का प्रयोग सिर्फ अपने Charm को बढाने के लिए किया जाए तो इसके रिजल्ट काफी प्रभावी देखने को मिलते है. ज्यादा जानकारी के लिए आप हमारी इससे जुडी पोस्ट पढ़ सकते है.

Guaranteed love spells that work

आज लोगो को यही लगता है की powerful best love spells that works वास्तव में होती ही नहीं है इसकी सबसे बड़ी वजह है सही जानकारी और लोगो का अभाव.

यहाँ आपको सही व्यक्ति की तलाश करने की जरुरत है जिसे real true knowledge and skills हो और वो इस विषय पर अच्छी पकड़ रखता हो.

आप चाहे तो अपने Charm को बढाने के लिए कुछ essential oil का इस्तेमाल कर सकते है.

कई बार हमें Physical reality से परे देखने के लिए खुद को trance state में ले जाने की जरुरत होती है जिसके लिए कुछ खास अभ्यास किये जाते है. आपके बॉडी से निकलने वाली body odor भी इसमें अहम् रोल निभाती है इसलिए आपको उन्हें समझना चाहिए.

Free Vashikaran mantra by photo Complete Process

हमने पहले भी काफी बार Photo tratak vashikaran के बारे में बात की है और आज भी इसी बात पर जोर देंगे की आपको अपने focus को बढाने के लिए इस तरह के अभ्यास करने चाहिए.

सामने वाले लवर की फोटो को लगातार देखने और सिर्फ उसके बारे में सोचने से भी आप उन पर मनचाहा प्रभाव डाल सकते है. इसके लिए आपको गहन ध्यान की जरुरत होती है तभी आप सूक्ष्म स्तर पर सामने वाले से जुड़ पाते है.

इस तरह के Best Love Spell में कैंडल का कलर मायने रखता है और सबसे ज्यादा सुर्ख लाल रंग या सफ़ेद रंग की कैंडल का इस्तेमाल किया जाता है. ये सब आपके love purity and related thought पर निर्भर करता है.

किसी भी तरह के Black magic की तरह यहाँ आपको मंत्र की जरुरत नहीं है बस कुछ खास वर्ड भी कई बार कमाल कर जाते है. सबसे अहम् रोल आपकी अपनी Imagination का होता है.

मान लीजिये आप और आपका पार्टनर एक दूसरे के साथ है और इस दौरान आपका brain काफी ज्यादा एक्टिव है सिर्फ उन्हें लेकर, ऐसी स्थिति में इसका प्रयोग करना आपके लिए काफी बढ़िया रहता है.

Read : क्या वाकई हमजाद की साधना का अभ्यास करना सेफ है ? कुछ सावधानियां और खतरे जिन्हें जान लेना चाहिए

Easy love spell that would really work

किसी भी आम से शब्द को जादू में बदलने के लिए उनका लगातार Enchantment करना जरुरी है. Best Love Spell में ये एक ऐसी प्रोसेस है जो किसी शब्द में छिपी शक्ति को activate करती है.

इस तरह के मामले में उच्चारण के साथ साथ हम अपने imagination and intention का इस्तेमाल करते है जिसकी वजह से साधारण सी चीजे भी जादू दिखाना शुरू कर देती है.

बाकि सबकी तरह इसमें भी आपके लिए energy and power of imagination अहम् है.

सिर्फ यही है जो आपके लिए चीजो को आसान बना सकती है. आप खुद इस चीज को महसूस कर सकते है जिसके लिए आपको सिर्फ खुद को उन चीजो से जोड़ना होगा.

एक उदाहरण के लिए मान लीजिये की आपके पार्टनर ने आपको याद के तौर पर कुछ दिया है. आपको सिर्फ आंखे बंद कर खुद को उस आइटम और अपने पार्टनर की यादो से relate करना होगा.

आप पाएंगे की आपके अन्दर के इमोशन खुद आपको एक अलग ही अवस्था में ले जाते है. इस अवस्था में आप खुद को बेहद ज्यादा एक्टिव महसूस करने लगते है.

ऐसी स्थिति में आप अपने अन्दर से powerful love energy को generate करते है जो आपके आपके पार्टनर को आपकी तरफ attract करना शुरू कर देती है.

Love Spell Using Hair Work Overnight

आपको ये बात तो अच्छे से मालूम होगी की किसी भी व्यक्ति की सबसे ज्यादा energy उसके बाल और नाखून में होती है.

Best Love spells casting procedure के दौरान ये इसमें एक अहम् रोल निभा सकता है जिसके जरिये हम सामने वाले को बेहद कम समय में प्रभावित कर सकते है.

बाल के जरिये वशीकरण की ऐसी कई विधि है जिन्हें आप ब्लॉग पर पढ़ सकते है. ये बेहद आसान है और आप इन्हें बगैर किसी की नजर में आये कर सकते है. सबसे खास बात तो ये की इसमें आपको ज्यादा समय देने की जरुरत नहीं है.

लेकिन, यहाँ पर भी वही एक रुल लागू होता है यानि आपकी एकाग्रता. जितना ज्यादा आप अपने पार्टनर को लेके concentrate होते है उतना ही जल्दी आपको रिजल्ट मिलना शुरू हो जाता है.

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कुछ जरुरी सुझाव

खोये हुए प्यार को वापस पाने के लिए किसी Black magician या spiritual healer का सहारा लेना गलत बात नहीं है लेकिन आपको एक बात अच्छे से समझ लेनी चाहिए की बड़े बड़े दावा करने वाले लोग भी Best Love Spell से जुड़ी 100% accurate knowledge नहीं रखते है.

यही कमी आपके पूरे मेहनत को बर्बाद कर सकता है. कई बार ऐसा होता है की हम शुरुआत तो करते है लेकिन, बाद में इसे बिच में छोड़ देते है क्यों की रिजल्ट नहीं मिलते है.

अगर आपके किसी भी काम में अपनी energy को लगाया है तो यक़ीनन वो आपको एक न एक दिन रिजल्ट जरुर देगी.

इसमें वक़्त लग सकता है लेकिन ये कभी फ़ैल नहीं होता है. जितना ज्यादा आप पॉजिटिव रहते है उतना ही जल्दी काम के होने की सम्भावना होती है.

साधना असफल होने की मुख्य वजह

ऐसे बहुत से case देखे जाते है जिसमे लोग कई vashikaran and black magic expert से काम करवा कर परेशान हो जाते है या फिर एक साथ कई एक्सपर्ट को काम दे देते है ताकि को एक तो काम करे.

क्या वाकई में ये सब काम करेगा ? नहीं क्यों की ऐसा करना आपके फोकस को बाँट देता है और आप लापरवाह हो जाते है.

अगर कोई आपके लिए काम कर रहा है तो इसका मतलब ये नहीं की आपको कुछ करने की जरुरत नहीं होगी. आपको अपने Charm को बढाने की जरुरत होती है जिसके लिए आपके पार्टनर से जुडी यादे या आइटम को खुद से relate कर Imagination करना शामिल है.

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How to cast Best Love Spell easy method final word

प्यार में जब आकर्षण ख़त्म होने लगता है तब पार्टनर के बिच दूरियां आ जाना आम बात है. अगर आपके case में ये normal है तो आप आसान सी Best Love Spell को अपने स्तर पर कर सकते है.

अगर आप खुद ना कर सके तो expert service भी ले सकते है. लेकिन, ये तब काम आती है जब आपका मामला बहुत ज्यादा बिगड़ जाता है. दूसरा ये काम आपके अपने believe पर है.

जादू किसी बाहरी स्तर पर नहीं इन्सान के अपने power of imagination से बनता है इसलिए आपको खुद पर भरोसा होना चाहिए और पॉजिटिव रहते हुए आगे बढ़ना चाहिए.

ज्यादा जानकारी के लिए आप वशीकरण से जुडी अन्य पोस्ट पढ़ सकते है.

पुरुष वशीकरण के सरल प्रयोग महिलाओं के लिए मनचाहे पुरुष पर वशीकरण के उपाय

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Vashikaran mantra to control males महिला द्वारा किया जाने वाले उन वशीकरण प्रयोग में से एक है जो वो पुरुष के दिमाग को अपने वश में करने के लिए किया जाता है. vashikaran love spell कई तरह से की जाती है जिसमे हर प्रयोग में कुछ अलग विधि होती है.

वशीकरण कई तरह से काम करती है जैसे की सामने वाले के दिमाग को वश में करना, हर जगह पर प्रयोग करने वाले को दिखाना, दोनों के बीच के आकर्षण को बढ़ाना और मोहन जिसमे माध्यम किसी और के बारे में सोच भी नहीं पाता है.

वशीकरण माध्यम के दिमाग में वही सब भरता है जो प्रयोग करने वाला चाहता है.

जो भी व्यक्ति वशीकरण की साधना प्रयोग करता है उन्हें मालूम होना चाहिए की उनके द्वारा किया जाने वाले प्रयोग किस तरह काम करता है.

अगर आप किसी पर शारीरिक आकर्षण का प्रयोग कर रहे है और माध्यम पर उसका असर भी हो रहा हो लेकिन आप ignore कर किसी और संकेत का इन्तजार कर रहे हो तो वो आपकी गलती है.

Vashikaran mantra to control males

यही वजह है की प्रयोग सोच समझ कर करना चाहिए और उस प्रयोग के अनुसार ही आपको माध्यम में संकेत को देखना चाहिए. वशीकरण के सात्विक प्रयोग में समय लगता है लेकिन कुछ प्रयोग ऐसे भी है जिन्हें करने पर हमें परिणाम जल्दी मिलने लगते है.

वशीकरण के शैतानी अमल में से एक Kaam pishach vashikaran mantra to tame people का प्रयोग आता है जो पुरुष को महिला के प्रति शारीरिक आकर्षण करने का काम करता है.

अगर आप बेहद कम समय में फायदा देने वाली paranormal powers का प्रयोग करना चाहते है तो आपको प्रयोग को लेकर की जाने वाली हर सावधानी के बारे में मालूम होना चाहिए.

आपके पास कोई रास्ता नहीं हो तब आप इसका प्रयोग कर सकते है.

Vashikaran mantra to control males

वशीकरण काफी बड़ा विज्ञान है जिसमे हर तरह के वश में किये जाने वाले प्रयोग होते है. इसमें attraction, love spell, शैतानी अमल, किसी को शारीरिक रूप से वश में करना, मोहिनी जैसे प्रयोग के बारे में आप सब जानते है.

पुरुष वशीकरण के लिए किये जाने वाले प्रयोग में से कुछ ऐसे भी प्रयोग है जो उन्हें कण्ट्रोल करने के लिए किये जाते है. Vashikaran mantra का प्रयोग काफी समय से चलता आ रहा है.

जब आप किसी के प्यार में पड़ जाते है लेकिन वो एक तरफा होता है तब किस तरह का vashikaran love spell प्रयोग किया जाता है इसके बारे में आज की पोस्ट में बात करने वाले है.

काम पिशाच वशीकरण का प्रयोग ऐसे vashikaran mantra spell में से एक है जो Vashikaran mantra to control males की category में आता है.

Kaam pishach vashikaran mantra to tame people

काम पिशाच वशीकरण प्रयोग को करने के लिए किसी समय के चुनाव की जरुरत नहीं है. आपको इसका जप हर रोज 108 बार करना होता है.

समय काल 15 तक का होता है और इस दौरान हर रोज रात के ठीक 12 से 3 बजे के बीच उत्तर दिशा में बिना किसी कपड़े के बैठना है. ध्यान रहे आपको एक गहरे लाल रंग का आसन लगा लेना चाहिए ताकि धरती से आपका कांटेक्ट ना हो.

Vashikaran mantra to control males spell

Aim Sah Vallari Kleem Kar Kleem Kaampishach (Name of the Person) Kaam Grahay Swapane Mam Rupe Nakhe Vidaray Dravay Dravay Ed Mahen Bandhay Bandhay Sree Phat

कुछ समय बाद ही आप नोटिस करेंगे की आपका प्यार जो पहले आपकी तरफ नहीं देख रहा था वो भी अब आपकी तरफ गौर करना शुरू कर देगा.

जैसे जैसे समय काल नजदीक आता है वैसे वैसे वो आपके तरफ ज्यादा से ज्यादा attraction feel करवाना शुरू कर देता है.

Read : महाकाली वशीकरण साधना मंत्र विधि का अचूक उपाय शत्रु वशीकरण और दमन के आसान प्रयोग

क्या है काम पिशाच वशीकरण का प्रयोग और ये कैसे काम करता है

काम पिशाच वास्तव में पिशाच की एक category है जो वशीकरण में, मोहन में, mind control जैसे प्रयोग में काम आता है. पुरुष वशीकरण में ये मंत्र प्रयोग किया जाता है जो की सामने वाले को प्रयोग करने वाले के प्रति शारीरिक रूप से attract करता है.

इस साधना की वजह से जब आप प्रयोग में आगे बढ़ते है वैसे वैसे आपके रूप में काम पिशाच सामने वाले को अकेले में दिखाई देने लगता है.

demonic ritual secret

ज्यादातर ऐसा उनके सपने में होता है जहाँ वो आपके साथ दिखाई देता है.

बार बार जब आप सामने वाले को सपने में दिखाई देने लगते है तो उसकी वजह से उन्हें हर समय आपका ख्याल आना शुरू हो जाता है. Vashikaran mantra to control males ये एक तरह का शारीरिक आकर्षण होता है जो माध्यम को कण्ट्रोल करना शुरू कर देता है.

हम सब जानते है की पुरुष की तुलना में महिला ज्यादा खुद को भावनाओ को कण्ट्रोल कर सकती है. कण्ट्रोल करने की क्षमता कमजोर होने की वजह से वो आसानी से महिला के वश में आ जाते है.

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किस परिस्थिति में करना चाहिए मंत्र प्रयोग

हर वशीकरण मंत्र के प्रयोग की कुछ हद होती है, वजह होती है जिनकी वजह से आपको प्रयोग से पहले मालूम होना चाहिए की आप जो प्रयोग कर रहे है वो किसलिए है और क्यों किस तरह करना है.

Kaam pishach vashikaran mantra to tame people यानि पुरुष वशीकरण प्रयोग किन्हें करना चाहिए ये जान लेते है.

  • इस प्रयोग को वो लड़कियां कर सकती है जो किसी लड़के को प्यार करती है लेकिन लड़का उन्हें प्यार नहीं करता है.
  • वो महिला जिसका पति घर से बाहर अफेयर रखता है उन्हें अपने वश में करने के लिए कर सकती है.
  • अगर लड़का शादी के लिए नहीं मान रहा है तब भी आप ये प्रयोग कर सकती है. ये एक तरह की Love marriage spell है.
  • ये प्रयोग शैतानी अमल में आता है जिसकी वजह से ये जितना आसान है उतने ही इसके खतरे है. जिनका औरा कमजोर हो, गृह नक्षत्र भारी हो और मानसिक स्थिति संतुलित नहीं हो तो उन्हें ये प्रयोग नहीं करना चाहिए.
  • प्रयोग शुरू करना आसान है लेकिन हर रोज करना बेहद मुश्किल क्यों की शैतानी अमल आपके आसपास के मंडल से negative energy को attract करता है.

जो साधना जल्दी फायदा देती है उसके नुकसान भी उतने ही होते है. आपको मालूम होना चाहिए की इस तरह की साधना में सावधानी रखनी चाहिए और नियम का पालन करना चाहिए.

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how to Vashikaran mantra to control males final conclusion

वशीकरण मंत्र के प्रयोग जो बेहद कम समय में साधक को फायदा दे सकता है उन्हें करते समय सावधानी रखना भी जरुरी है. अगर आप जरा से भी चूक जाते है तो वो आपको फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकती है.

Vashikaran mantra to control males के प्रयोग महिला या लडकियों द्वारा किये जाने वाले प्रयोग है जो किसी के दिमाग को अपने वश में करना चाहती है.

वे लड़कियां जो किसी लड़के को पसंद करती है लेकिन ये एक तरफ़ा होता है. ऐसे में उसी लड़के से शादी करने के लिए आप ये प्रयोग कर सकती है.

ध्यान रहे की आप ये प्रयोग तभी करे जब आप पूरे नियम और सावधानी से ये प्रयोग कर सके. शैतानी अमल का पहला नियम होता है खुद पर भरोसा क्यों की अगर आप खुद पर भरोसा नहीं रख पाते है तो ये शैतानी अमल आपके दिमाग को भी manipulate कर सकता है.

How to Deal with After-effects of Breakup ब्रेकअप से बाहर निकलने के लिए क्या करे ?

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Breakup हमेशा किसी के लिए भी आसान नहीं होता है. किसी भी relationship का end आपको emotionally change करता है. relationship के ख़त्म होने के बाद कुछ लोग इसे accept करते हुए Move on कर लेते है वही ज्यादातर लोगो को Deal With Depression का सामना करना पड़ता है.

ये वो समय होता है जब वे sadness and a heightened emotional state को face करते है. किसी भी तरह की अवसाद की स्थिति से बचने के लिए आपको symptoms of depression की पहचान करनी चाहिए.

आज की पोस्ट में हम बात करने वाले है After-effects of Breakup के बारे जो आपको ब्रेकअप से बाहर निकलने में मदद करेगी.

अवसाद के संकेत आपके लिए नार्मल भी हो सकते है और लम्बे समय तक चलने वाले लक्षण और बदलाव भी जो आपको mentally breakdown की स्थिति से भी गुजरने पर मजबूर कर सकता है.

इससे बाहर निकलने और healing process की शुरुआत के लिए आपको सबसे पहले relationship के नुकसान को accept करना ही होगा. इसका मतलब ये नहीं है की आपके अन्दर चलने वाला हर इमोशन नोर्मल ही हो.

What is After-effects of Breakup in Hindi

हम बात कर रहे है Healthy And Unhealthy Symptoms Of A Breakup के बारे में ताकि आपके लिए ब्रेकअप से बहर निकलने में आसानी रहे.

आप किस तरह के depression से गुजर रहे है इससे जानने के लिए इसके अंतर को समझना बेहद जरुरी है.

हमारी लाइफ में कई बार हमें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है जिसे हम बिलकुल पसंद नहीं करते है. ऐसी स्थिति हमें तोड़ती है और ज्यादातर लोग इससे बचने के लिए खुद को छिपाने की कोशिश करते है.

अगर आप भी हाल में ही ही किसी ऐसी स्थिति से गुजर रहे है तो आपको How To Deal With Breakup के बारे में कुछ खास टिप्स और जानकारी यहाँ जानने को मिलेगी.

हम इसे अपनी लाइफ से relate कर सकते है और ये कोई किताबी ज्ञान नहीं है बल्कि Daily life motivation tips है. हम सब कभी न कभी ब्रेकअप जैसी स्थिति से गुजरते है. आइये जानते है इन सबके बारे में डिटेल से.

What is After-effects of Breakup in Hindi

ब्रेकअप के बाद का कुछ समय जिसमे हम कुछ Psychological, Mental, Emotional Change से गुजरते है.

ये वो समय होता है जो हमें एक नए बदलाव के लिए तैयार करता है. इस दौरान जिस तरह के बदलाव से हम गुजरते है उन्हें After-effects of Breakup यानि एक ब्रेकअप के बाद आने वाले बदलाव के रूप में देखा जाता है.

ये Healthy And Unhealthy Symptoms of A Breakup हमारे लिए पॉजिटिव वे में काम करते है या नेगेटिव वे में ये तय करता है की हम कितने समय में इससे बाहर निकल सकते है.

कुछ common changes after breakup के बारे में बात कर लेते है. अगर बात करे Physical change on body की तो निम्न तरह के बदलाव हम देख सकते है जैसे की

  • एक दम शांत हो जाना या फिर झगड़ा करने वाला बन जाना.
  • सोने और खाने पिने में अचानक बदलाव.
  • अपसेट होने की वजह से जरुरत से ज्यादा चीजे खाना शुरू कर देना खासकर मीठा.
  • Immune system का कमजोर हो जाना और आसानी से बीमार होने लग जाना.
  • बॉडी में अचानक ही Cortisol and blood pressure levels का बढ़ जाना.
  • बॉडी केयर करना छोड़ देना जिसकी वजह से वो अपनी टोन खोने लगती है.
  • दिल की धडकनों में अचानक से बदलाव होना.

इसके अलावा आपका वो एक्टिविटी करना जो आप कभी नहीं करना चाहते थे.

कुछ लोग इस दौरान एकदम शांत हो जाते है, कुछ लोग वो करना शुरू कर देते है जिसे आम लाइफ में सोचना किसी एडवेंचर से कम नहीं होता है. ये सब वो खुद को नुकसान पहुँचाने के लिए करते है.

Emotional Change after breakup

कई ऐसे बदलाव आप अपने इमोशन में देख सकते है जो ब्रेकअप के बाद आमतौर पर After-effects of Breakup के तौर पर देखे जाते है. इसमें आपका मूडी हो जाना, अचानक ही शांत हो जाना, गुस्सा हो जाना शामिल है.

इसके अलावा काफी सारे ऐसे बदलाव है जिन्हें नोटिस किया जा सकता है जैसे की बेहद उदास महसूस करना, अचानक ही रोना शुरू कर देना या फिर छोटी छोटी बातो पर खुद को शांत ना रख पाना.

यहाँ पर आपको मालूम होना चाहिए की किस तरह का Emotional Change आपके लिए सही है और कौनसा बदलाव सही नहीं है.

आइये जानते है किस तरह के बदलाव हमारे लिए सही है और किस तरह के बदलाव से हमें सावधान रहने की जरुरत है.

Healthy symptoms of a breakup

  • anger and frustration
  • crying and sadness
  • fear
  • insomnia
  • loss of interest in activities

इस तरह के बदलाव आपको अन्दर से बदलने के लिए Encourage करते है. हालाँकि इस तरह के बदलाव शुरुआत में Troublesome महसूस होते है लेकिन बदलते वक़्त के साथ आप खुद को मजबूत करते है.

After-effects of Breakup से बाहर निकलने के लिए 2-3 हफ्ते का समय लगता है लेकिन अगर आपको इससे ज्यादा वक़्त लग रहा है तो आप खुद में कुछ unhealthy symptoms of a breakup को एक्सपीरियंस करते है जैसे की

  • Feeling sad, empty, or hopeless जैसे अहसास को लगभग हर समय फील करना और ये लगभग हर रोज चलता है.
  • पहले जिन एक्टिविटी में आपको ख़ुशी मिलती थी अब आप उन्हें छोड़ चुके है.
  • खान पान में अचानक से बदलाव जिसकी वजह से आपकी हेल्थ पर असर पड़ता है. आप या तो मोटे हो जाते है या फिर अचानक ही वजन गिरने लगता है.
  • अचानक से बेहद कम सोना या जरुरत से ज्यादा सोते रहना. ये आपकी मानसिक अशांति और थकान को दर्शाता है.
  • आपके बॉडी लैंग्वेज में बदलाव आना.
  • ज्यादातर समय खुद को बिना किसी एनर्जी के महसूस करना.
  • खुद को बेकार समझना.
  • निर्णय लेने में और लम्बे समय तक फोकस रहने में problem face करना.
  • खुद में आत्म-हत्या करने जैसे ख्याल बार बार आना.

ज्यदातार्टर लोग इससे बेहद कम प्रभावित होते है लेकिन, किसी व्यक्ति की Personal History Of Depression या फिर Mood disorder जैसी problem है तो उसके लिए इससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल होता है.

लापरवाही बरतने के परिणाम

अगर समय रहते depression का solution नहीं देखा जाए तो Side Effect of Breakup से आपको गुजरना पड़ सकता है.

सही समय पर तनाव की पहचान करना हमें Risk of complications से बचाता है. कुछ लोग इससे बचने के लिए Alcohol पर निर्भर हो जाते है जैसे नशा करना, धुम्रपान करना ये सब उन्हें कुछ समय के लिए तनाव से छिपा सकता है लेकिन उसका समाधान नहीं कर सकता है.

Chronic stress आपके Immune system को affect करता है और कमजोर बनाता है. ज्यादातर लोग

  • panic attacks
  • problems at home, work, or school
  • suicidal thoughts

जैसी स्थिति से गुजरते है. यही वजह है की अगर लम्बे समय बाद भी आप After-effects of Breakup से बाहर नहीं निकल रहे है तो आपको professional help ले लेनी चाहिए.

Treatments for Depression

अगर 2 से 3 हफ्ते में भी आपको सुधार नहीं लगता है तो आपको किसी doctor को दिखाना चाहिए. वो आपको आपके लक्षण के अनुसार antidepressant दे सकते है. इससे आपको अपने इमोशन को कण्ट्रोल करने में मदद मिलेगी.

आप दवाई ले सकते है और इसके साथ साथ Physical activity करे ताकि आपका immune system strong होगा. आपका मूड भी एक्सरसाइज करने से बूस्ट होगा जिसका Positive effect आपको अपने Daily Life activity में देखने को मिलेगा.

हर रोज कम से कम आधा घंटा और हफ्ते में 3 दिन व्यायाम करना आपको heal करने में हेल्प करेगा. अगर आप तनाव से भरा हुआ महसूस कर रहे है तो बुक पढ़े, बाहर घूमने जाए और नए दोस्त बनाए. कुछ नया करना आपको अपने आप में बिजी रखता है.

पर्याप्त मात्रा में नींद लेना आपको फालतू के विचारो से बचाता है और mental well-being के साथ साथ After-effects of Breakup से बचाता है.

कुछ लोग तनाव दूर करने के लिए मसाज prefer करते है जो उन्हें रिलैक्स करती है.

ऐसी कई Herbal and natural remedies है जो आपको दवाई के बगैर भी तनाव दूर करने में हेल्प करती है. Omega-3 fatty acids जैसी Supplements लेना आपको तनाव से दूर रखेगा.

कुछ alternative therapies for depression भी है जैसे की Acupuncture, Massage Therapy, And Meditation जिन्हें आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर ले सकते है.

Getting support after a breakup

आपके लिए After-effects of Breakup से बाहर निकलना बेहद आसान हो जाता है अगर आपको समय पर अपने family and friends से support मिल जाता है.

आप उनके साथ बात कर सकते है उन्हें अपनी फीलिंग शेयर कर सकते है ताकि वो आपको इससे बाहर निकलने के लिए मानसिक रूप से तैयार होने में मदद कर सके.

आपके आसपास के positive people आपको हमेशा इससे बाहर निकलने के लिए encourage करते रहेंगे.

कोशिश करे की कुछ समय के लिए आप Negative personality वाले लोगो से दूर रहे. कुछ लोग ब्रेकअप के बाद नए दोस्त बनाने और नई जगह को एक्स्प्लोर करने की कोशिश करते है जो उन्हें loneliness and depression से दूर रखता है.

Psychotherapy से भी आप ब्रेकअप से बाहर निकलने में हेल्प ले सकते है. कई जगह पर Support Group for Mental Illness and Depression भी होते है जहाँ एक ग्रुप में आप अपने मन की बाते रख सकते है और दूसरो को सुन सकते है.

Tips to move on after Breakup

ऐसी कई टिप्स है जिन्हें फॉलो कर आप आसानी से खुद को Mental Support दे सकते है. ये टिप्स आपको ब्रेकअप के बाद Move on करने में हेल्प करेगी.

  • आपको ये बात समझनी होगी की लोग और चीजे हमारी लाइफ का एक हिस्सा है ना की लाइफ तो ये आते जाते रहेंगे.
  • हमेशा के लिए कुछ नहीं रहता है इसलिए यादे अच्छी बनाए और लाइफ में उन्हें एन्जॉय करे.
  • माफ़ करना सीखे. छोड़ना सीखे क्यों की जितना जल्दी आप “let and Go” को समझते है आपके लिए लाइफ को एक्सपीरियंस करना उतना ही आसान बन जाता है.
  • खुद के लिए वक़्त निकाले और spiritual journey & self-discovery को समय दे. जितना ज्यादा समय आप खुद को जानने में देंगे उतना ही आप खुद को एन्जॉय करेंगे.
  • अनुभवों से हमेशा सीख ले. accept करे की अगर आपका ब्रेकअप हुआ है तो ये आपकी लाइफ की एक अहम् सीख में से एक है.
  • आपके अन्दर की उम्मीद कभी ख़त्म नहीं होनी चाहिए. अगर आपका ब्रेकअप हुआ है तो हो सकता है की आप इससे भी बेहतर deserve करते हो. हमेशा खुद को पॉजिटिव बनाए रखे और अपने अन्दर की Faith and hope को हमेशा जिन्दा रखे.
  • सबकुछ समय पर छोड़ दे क्यों की हम सभी चीजे ठीक नहीं कर सकते है इसलिए जो हम ठीक नही कर सकते है उसे वक़्त पर छोड़ दे. ये हर घाव को भर देगा.
  • अगर आप खुद से कुछ नहीं कर पा रहे है तो बेहतर होगा की किसी therapist, psychologist का सहारा ले. उनसे बात करना और अपनी problem शेयर करना आपको बेहतर तरीके से हेल्प कर सकता है.

ज्यादातर लोग जो ब्रेकअप से गुजरते है वे अपने fear, anxiety, worry जैसे इमोशन से परेशान रहते है. ये वो वक़्त होता है जब हम एक नहीं कई सारे इमोशन से गुजरते है. इन सब में सबसे ज्यादा problem होती है Unwanted intrusive thought जो ज्यादातर भविष्य से जुड़े होते है.

Therapeutic Techniques to Reduce After-effects of Breakup

कुछ ऐसी Therapeutic Techniques है जिनके जरिये हम खुद को बेहतर तरीके से heal कर सकते है.

Hoponopono, HypnoDrama and Inner Child Therapy जैसे कुछ उपाय आपको Anger, Guilt and Helplessness से बाहर निकलने में मदद कर सकते है.

After-effects of Breakup में सबसे ज्यादा face किये जाने वाले इमोशन में fear, anxiety and worries शामिल है इसलिए इनसे बाहर निकलने के लिए हम इस तरह की थेरेपी ले सकते है.

ये ज्यादातर थेरेपी advanced therapeutic skill development program पर आधारित है जो की Cognitive Hypnotic Psychotherapy का एक हिस्सा है.

ये आपके मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए प्रयोग किया जाने वाला प्रोग्राम है जो आपको heal करने में हेल्प करता है.

Outlook for depression after a breakup

हालाँकि इस बात में कोई शक नहीं है की After-effects of Breakup काफी दर्दभर होता है. लेकिन इस दौरान आपके मन में आ रही Negative feelings and sadness आपको पॉजिटिव बने रहने नहीं देती है इसलिए यहाँ पर कुछ समय के लिए Mental Health Support पर आपको खास ध्यान देना होगा. आपके मन में आ रहे suicided करने जैसे विचार आपको पॉजिटिव बने नहीं रहने देते है.

बेहतर होगा की आप खुद को अकेले रहने से बचे, जितना हो सके अपने आसपास उन लोगो को रहने दे जो आपको support करे ना की जज करे. इससे आपको support मिलेगा जो heal करने में मदद करेगा. जल्दी ही आप ब्रेकअप के दर्द से बाहर निकल जायेंगे.

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How to deal with After-effects of Breakup final word

ब्रेकअप के बाद सबसे बड़ी problem होती है हमारा अपने इमोशन को face करना. ये complicated तब हो जाता है जब हम एक साथ कई इमोशन को face करे.

डर, गुस्सा, खुद को हीन भावना से देखना, कमतर समझना ऐसे ही इमोशन आपको अन्दर से कमजोर बना देते है और जल्दी ही आप टूटने लगते है.

बेहतर होगा की After-effects of Breakup से डील करने के लिए आपके आसपास ऐसे लोग रहे जो आपको जज न करे, compare न करे बल्कि हर तरह से आपको support करे.

अन्दर से मजबूत बनाने के लिए आप मैडिटेशन का सहारा ले सकते है. Dark room meditation, mindfulness meditation जैसी तकनीक आपको अपने इमोशन को समझने में न सिर्फ मदद करेगी बल्कि आसानी से आप उन्हें face कर पाएंगे.

क्या आप भी किसी से मिलने के बाद खुद को कमजोर और आत्मविश्वास की कमी से जूझता हुआ पाते है सावधान रहे

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Emotional vampires यानि ऐसे लोग जो आपकी Emotional energy चुराते है. ज्यादातर positive, upstanding, good people कही न कही ऐसे लोगो से मिलते है जिनसे मिलने के बाद वे खुद को कमजोर महसूस करते है. देखा जाए तो लगभग हम सभी एक दूसरे की उर्जा को जाने अनजाने में चुराते रहते है.

vampire का सीधा सा मतलब है चूसने वाले और हमारी emotional energy वो positive vibes है जो हमें लाइफ में पॉजिटिव बनाए रखती है.

हमारे जीवन का आधार Life force है और जितना ज्यादा उसका स्तर होता है उतना ही उर्जावान हम खुद को महसूस करते है. हम अपने आसपास रहने वाले लोगो से बेहद प्रभावित होते है. भले ही हम ऊपर से कितने भी strong हो लेकिन फिर भी अपने आसपास के लोगो से जिनसे हम मिलते है, गुजरते है उनकी Psychic energy हमें प्रभावित करती है.

What is an emotional vampire?

ऐसे लोगो को कई नामो से जाना जाता है जैसे की energy vampires, psychic vampires, psychopaths, sociopaths, witches, warlocks, and archons या फिर सीधे शब्दों में कहे तो हम इन्हें बेचारा, मजबूर के नाम से भी जान सकते है. हम पहले की पोस्ट में four different types of emotional vampires के बारे में जान चुके है

  • The Narcissist (narcissistic personality)
  • The Victim (dependent personality)
  • The Controller (obsessive-compulsive personality)
  • The Splitter (borderline personality)

अगर आप खुद को सेफ रखना चाहते है तो आपको Emotional Vampire Survival Guide के बारे में मालूम होना चाहिए. किसी भी तरह की situation and conditions में हम या कोई और किसी और की emotional energy को चूसते है.

What is an emotional vampire?

अगर आप जानना चाहते है की Emotional vampires कौन है और क्या करते है तो इसके लिए आपको खुद से सवाल करना चाहिए. ये सवाल आपको जानने में मदद करेंगे की कही आप खुद एक energy vampire तो नहीं है.

  • क्या आपके पास वो सब है जो आप चाहते है ? ये सब पाने के बाद अब आप खुद को complete महसूस कर रहे है ?
  • क्या आप खुद को वक़्त के बहाव के साथ चलने देते है ? क्या आप खुद को state of flow, fully present, feeling light, alive, alert, and free महसूस करते है.

ये 2 सवाल हमें ये जानने में मदद करते है की क्या वाकई हम संतुष्ट है. अगर आपका जवाब ना है यानि आपको कुछ कमी लगती है तो आपके अन्दर एक psychic vampire मौजूद है. जब हमें किसी और के पास वो सब दीखता है जो हमारे पास नहीं है तो एक कमी हमें महसूस होती है जिसे चुराने की feeling अपने आप बनने लगती है.

किसी और से कुछ चुराने की यही feeling हमें vampire बनाती है. ये बिलकुल वैसे ही जैसे एक Parasite अपने Host पर निर्भर होता है. ऊपर से भले ही एक Parasite आपको निम्नतर लगता है लेकिन अन्दर ही अन्दर वो अपने Host की energy को चुराते रहते है.

एक समय आता है जब ये Parasite अपने ही host पर हावी हो जाता है. ऐसा ही हमारे आसपास के लोगो के साथ है. शुरू शुरू में वो खुद को मासूम, Innocent होने का दिखावा करते है लेकिन अन्दर ही अन्दर वो आपकी Emotional Energy को चूसते रहते है.

यही वजह है की जहाँ पहले आप खुद को उर्जा से भरपूर महसूस कर रहे थे वही अब आप खुद को emotionally weak महसूस करने लगते है. ये बदलाव धीरे धीरे आपको कमजोर बनाता जाता है और आप खुद कब एक victim बन जाते है आपको मालूम तक नहीं चलता है.

How Vampirism Relates to Human Needs

इन्सान की कुछ बेसिक जरूरते होती है. हम खुद को anxious or neurotic feel करते है और ये इसलिए होता है क्यों की ये सब बाहरी जरूरते है और इनकी पूर्ति के लिए हम external sources को देखते है.

हमारी बेसिक जरूरतों को पूर्ति के लिए हम दूसरो पर निर्भर रहते है जो जाने अनजाने में हमें कही न कही खुद में एक कमी को महसूस करवाते है.

ये सब sense of completeness, of feeling whole की कमी को पूरा करने के लिए बाहरी जरूरतों पर निर्भर होने लगते है.

ये सब हमें Emotional vampires बनाता है जिसमे हम दूसरो की energy, light, luck को चुराने की कोशिश करते है.

एक आधारभूत सरंचना

अगर बात करे Perspective Of Depth Psychology के बारे में तो various types of vampires archetypes के बारे में हम समझ सकते है.

Witches, Warlocks, and Vampires इन सबके बारे में हम Fantasy Stories में पढ़ चुके है लेकिन क्या आप जानते है एक Human Conscious में ये सब Quality मौजूद होती है. हमारी आपसी जलन हमें Witches, Warlocks बनाती है वही हमारी अपनी कमी हमें Vampires बनाती है.

हमारे अन्दर की ये सब Patterns of Behaviors and Knowledge हमें वैम्पायर बनाती है. ज्यादातर लोग Vampirism As Primitive Or Superstitious जैसे अंधविश्वास में फंसे रहते है. वास्तव में हम सबको Occult Knowledge की हकीकत से दूर रखा गया है.

The Original Vampire

The original vampire archetype की बात करे तो सबसे पहला vampire माना जाता है Zohar जिसे Lilith के नाम से जाना गया है. दन्त कथाओं के अनुसार लिलिथ आदम की पहली वाइफ थी.

उसने आदम को छोड़ Queen Of The Demons बनना स्वीकार किया जिसके बाद God the Creator ने आदम के लिए इव को बनाया.

इन demon में succubus एक ऐसा दानव था जो पुरुषो के सपने में एक खुबसूरत लड़की बनकर जाता था और उनकी se*u*l energy को चूस लेता था.

इसके बाद अगर कोई औरत लम्बे समय तक पुरुष को रिझाने की कोशिश करती थी उसे Succubus का शिकार माना जाता था. अगर कोई लड़की बचपन में emotional trauma से गुजरती है तो ऐसा माना जाता था की बड़ी होकर वो Succubus का शिकार आसानी से बन सकती थी.

इसके विपरीत में incubus को पुरुष के रूप में देखा गया जो महिलाओ को अपना शिकार उसी तरह से बनाता है.

Why Vampirism is Relevant to Everyone

Mature होने की 2 ही निशानी है awareness and responsibility और इसमें जागरूकता हमेशा पहले स्थान पर रहती है.

क्यों की जागरूक बने बगैर हम जिम्मेदारी नहीं ले सकते है. Developmental Psychology के अनुसार सिर्फ 2% लोग ही mature हो पाते है.

इसकी वजह है हमारा conscious minds जिसके बारे में ज्यादातर लोग गलतफहमी बना लेते है की हमारा जो भी behavior है वो conscious है लेकिन, हकीकत में 90% व्यवहार unconscious होता है.

यहाँ पर Emotional Vampirism And Stealing Energy ये दोनों भी हमारे Unconscious behavior का ही हिस्सा है. अगर आप इसे समझना चाहते है तो पहले आपको Shadow Work And Increasing One’s Consciousness के बारे में समझना बेहद जरुरी है.

हम इसे पूरी तरह नकार क्यों देते है ?

जाहिर है कोई भी खुद को Uncomfortable नहीं बनाना चाहेगा. Psychic vampire’s से जुड़े किसी भी अनुभव को नकार देना या फिर उससे दूर जाना आपके अन्दर की false sense of security and safety को दर्शाता है.

क्या ये सोचना की आप या आपके आसपास के लोग एक दूसरे के emotional energy को फीड कर रहे है आपको अजीब महसूस नहीं करवाता है.

हम सबसे ज्यादा shame and guilt को अवॉयड करने की कोशिश करते है और ये अहसास हमें सबसे पहले इन्ही दो इमोशन से भर देता है. हमारा unconscious ये जानती है की vampirism होता है क्यों की हम जाने अनजाने इसका अनुभव करते रहते है.

ये हमें अहसास दिलाता है की हमने अपने किसी अपने के साथ भी इस तरह का अनुभव किया है. इससे बचने की कोशिश ये दर्शाती है की हम ego’s sensitive self-image का इस्तेमाल कर खुद को protect करने की कोशिश कर रहे है.

Vampire का अस्तित्व क्यों है?

सवाल ये है की आखिर क्यों हर जगह वैम्पायर रहते है. किसी व्यक्ति के लिए The Level of Trauma और किसी व्यक्ति के साथ होने वाले अनुभव Degree Of Vampirism को दर्शाता है. एक व्यक्ति अगर Emotional Vampire बन गया है तो उसकी वजह होती है बचपन में या past में उस व्यक्ति को उसके घरवालो ने ignore किया हो.

Psychology के अनुसार जो चीजे आपको अधूरा बनाती है आप उन्हें ही बार बार रिपीट करने लगते है.

सबसे पहले ये हमारे चेतन मन में विकसित होता है और फिर धीरे धीरे ये Unconscious mind level पर पहुँच जाता है.

हमारा Unconscious Mind इस Trauma को बार बार रिपीट करने लगता है. इसकी एक और वजह ज्यादातर लोगो का Energetic Level पर Out of Balance होना है. ऐसा होना ज्यादातर लोगो के लिए Automatic feeding की वजह बन जाती है.

The Subtle Energy Body

Taoist, Buddhist, and Hindu systems के अनुसार हमारे बॉडी के चारो ओर Energetic Fields होती है. Taoist arts में ये फील्ड Wei qi or Guardian qi के नाम से जाना जाता है जो हमारे बॉडी के लिए Protective Shield बनाती है.

Buddhist tradition में इसे Subtle Energy Field के नाम से जानते है. New Age literature में इसे subtle energy field and the auric field (aura) के नाम से जानते है जो की एक गलत है.

ये दोनों ही फील्ड अलग अलग है. The subtle energy हमारे Physical Body से कुछ ही इंच दूरी पर होती है वही Auric Energy Field का विस्तार इससे ज्यादा होता है. The Yaqui shaman Don Juan e खुद इस बात को explain करते हुए कहते है की ये energetic cloak हमारे Crown Chakra से लेकर Ground तक विस्तार लिए हुए होती है.

Restoring our Energy Field to Stop Leakage

हमारे शरीर के चक्र में उर्जा का प्रवाह अगर अपने पूरे स्तर पर होता है तब इसमें से किसी बाहरी energy का गुजरना असंभव होता है. अगर इसमें कोई भी एक Open energy block create होता है तब किसी भी बाहरी energy के लिए इसमें प्रवेश करने और energy field को manipulate करना आसान हो जाता है.

The microcosmic orbit बॉडी के अन्दर की तरफ होती है वही macrocosmic orbit बॉडी के चारो तरफ बाहरी तरफ circulate करती है.

What Trauma Does to Our Energetic Fields

जब हम जन्म लेते है तब हम अपने आप में सम्पूर्ण होते है. Energetic field’s हमारे चारो तरफ float करती है लेकिन, जैसे जैसे हम बड़े होते है वैसे वैसे बाहरी psychic attack की वजह से हमारा Aura energy Field प्रभावित होता रहता है.

हम जो भी Negative Emotions Experience करते है वो सब एक trauma बनता जाता है जो affect करता रहता है.

एक बार हमारा औरा उर्जा क्षेत्र प्रभावित होने लगता है तो उसके बाद ये कमजोर हो जाता है और किसी भी तरह की बाहरी Psychic energy attack का विरोध नहीं कर पाता है. ऐसी स्थिति में हम या तो दूसरो को manipulate करने की कोशिश करते है या दूसरो का शिकार बन जाते है. यही से vampirism की शुरुआत हो जाती है.

आखिर क्यों हम एक दूसरे से लाइट की चोरी करते है?

लाइट से हमारा मतलब है quality जो हर व्यक्ति को Unique बनाती है. जब भी हम किसी के पास वो देखते है जिसकी कमी हमें महसूस होती है तो हम उन पर आश्रित हो जाते है.

एक उदाहरण के लिए मान लीजिये आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति रहता है जो एक अच्छा डांसर है और उसकी वजह से लड़कियां उनसे ज्यादा इम्प्रेस होती है बजाय आपके तो जाहिर की आप भी खुद को अधूरा मानना शुरू कर देते है.

ना चाहते हुए भी आप खुद को डांस practice में involve करते है जब की आपके अन्दर खुद की एक यूनिक क्वालिटी पहले से मौजूद है.

सीखना गलत नहीं है लेकिन किसी को कॉपी करना या फिर उम्मीदों को लेकर खुद को बदलना ये भी सही नहीं है.

अब बात करते है उन फायदों के बारे में जो आपको ऐसा करने से मिलते है.

  • कुछ समय के लिए हम अपनी कमियों से दूर हो जाते है.
  • कुछ ज्यादा पाने के लिए सक्षम हो जाते है.
  • ज्यादा पैसा कमा सकते है.
  • दूसरो के बीच ज्यादा popular हो जाते है.
  • हम खुद को अच्छा महसूस करवाना शुरू कर देते है क्यों की दूसरो की हेल्प करने लगे है.
  • और ज्यादा Competent, Confident, And Powerful महसूस करने लगते है.

ये सब हमें तब तक अच्छा लगता है जब तक की हम खुद अन्दर से इसकी वास्तविकता से जागरूक नहीं बनते है. चलिए अब बात करते है की Emotional vampire अगर आपकी energy को चुरा रहे है तो कैसे sign आप खुद में महसूस कर सकते है.

Seven Signs of Psychic Thievery

अगर कोई आपकी लाइट और उर्जा की चोरी कर रहा है या बाहरी स्तर पर Psychic Energy Attack किया जा रहा है तो कुछ संकेत आप खुद में नोटिस कर सकते है.

  • क्या किसी खास व्यक्ति को देखकर या मिलकर आपको Chronic feeling of fatigue का अहसास होने लगता है.
  • खुद के अन्दर चल रहे doubt और lack of self confidence के साथ फंसे रहना.
  • खुद को लेकर A poor self-image बना लेना.
  • हर समय पैसो की कमी को लेकर struggle करना.
  • ज्यादातर समय या इवेंट में खुद को Shame And Guilt feel करवाना.
  • लाइफ में हमेशा खुद में एक कमी का अहसास करना.
  • खुद को अपने आसपास के लोगो से कम महत्त्व देना.

अगर आप अपने फॅमिली में खुद को High Levels Of Self-Doubt पर महसूस करते है जबकि बाकि के मेम्बर Bustling With Confidence होते है तो इस बात के चांस है की वे आपकी emotional energy को emotional vampires की तरह चूस रहे है.

Five Ways to Steal Energy from Others

मुख्य रूप से 5 ऐसे तरीके है जिनके जरिये हम एक दूसरो का शिकार बनते है या बनाते है. एक Emotional Vampire आपको निम्न तरह से अपना शिकार बना सकता है जैसे की

  • Subconscious manipulation using praise: इसे most destructive forces in modern culture कह सकते है क्यों की सबसे ज्यादा आपके अपने इसका इस्तेमाल करते है. वे अपने प्रिय लोगो को उत्साहित करते है जब वो उनके अनुसार चलते है. हालाँकि ये एक पॉजिटिव way है खासकर माँ बाप और बच्चे के बीच लेकिन इसका इस्तेमाल ज्यादातर manipulation में किया जाता है.
  • Intimidation: ऐसे लोग जो आपको अपनी वो करने से रोकते है जो आप कर सकते है. वे आपके अन्दर doubt पैदा करते है और आप पीछे रह जाते है.
  • Touch: टच के जरिये हम एक दूसरे की emotional energy को feel करते है. ये सबसे आसान जरिया है negative vibe पैदा करने के लिए.
  • Evoking emotions: ऐसे इमोशन पैदा करना जो वास्तव में नहीं है. सिर्फ ये कह कर की हमें आपसे उम्मीद है या फिर हमें लगता है की आप कर सकते है एक दूसरे व्यक्ति से उसकी क्षमता से अधिक काम करवा लेता है.
  • Psychic attacks (directed thought) ऐसे तरीके में हम सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते है की अगर आप किसी के बारे में सोच रहे है तो हो सकता है की उसने भी आपके बारे में सोचा हो. ये एक तरह का है Psychic Connection जो Mentally Affect करता है.
  • Seduction: सुनने में अजीब लगेगा लेकिन, प्यार, वासना जैसी भावनाए भी हमारी उर्जा को एक व्यक्ति से दूसरे में ट्रान्सफर करने का काम करती है.

ये 5 ऐसे तरीके है जिनके जरिये Energy stealing को अंजाम दिया जाता है.

How to Stop Being an Emotional Vampire

इसके लिए सबसे पहले तो आपको ये accept करना होगा की हम सब एक ही है. हम सब वास्तव में Emotional Energy Vampire ही है जो खास परिस्थिति में एक दूसरे की energy को चुराते है. वैसे तो हम आसानी से एक Energy Vampire or emotional vampires की पहचान कर सकते है लेकिन, कुछ वजह होती है जो हमें ऐसा करने से रोकती है और ज्यादातर हमारी अपनी गलतियाँ इसे और ज्यादा strong बना देती है जैसे की

  • बचपन में हमारा pineal gland काफी sensitive होता है और ये हर इमोशन को फील कर लेता है लेकिन, calcified होने की वजह से ये इस तरह की घटना की पहचान नहीं कर पाता है.
  • हम अपने अन्दर Repressed Emotions को दबाये रखते है जो Energy Flow को हमारे Primary channel यानि seven chakra में flow होने से रोकता है.
  • हम Natural Flow Of Energy के लायक Sensitivity को बनाए नहीं रख पाते है.
  • हमारा खुद को स्थिर ना बनाए रख पाना इसकी एक वजह होता है. अगर हम शांत स्थिर चित बनाए रख पाते है तो खुद perception changes and awareness increases में आये बदलाव को देखकर हैरान रह जायेंगे.
  • Shame And Guilt ये 2 इमोशन हमें सबसे ज्यादा affect करते है. अगर ये हमें आगे बढ़ने में मदद करे तो अच्छा होता है लेकिन ज्यादातर ये इमोशन हमें अपने ही past से जोड़े रखते है.

अगर आप इनकी पहचान करे और सही करने की कोशिश करे तो काफी सारे बदलाव देखकर आप भी हैरान रह जायेंगे.

How to Take Back your Light, Energy, and Luck

हम जानते है की हमारी बगैर इजाजत के कोई भी हमारी उर्जा की चोरी नहीं कर सकता है. जब तक हम खुद कमजोर नहीं होते है या फिर कही न कही unconscious way में ये accept नहीं कर लेते है तब तक कोई भी हमारी energy को चुरा नहीं सकता है. Psychic thievery की शुरुआत हमारे बचपन से हो जाती है जब की हम पूरी तरह से इसके बारे में जागरूक भी नहीं होते है.

अगर आप चाहते है की कोई भी आप पर इस तरह Emotional vampire attack ना करे तो 2 चीजो को समझना बेहद जरुरी है.

  • Getting To Know Your Shadow
  • Taking Back Your Projections

यहाँ पर Projection हमारा Primary Mechanism है जो हमारी लाइट को कण्ट्रोल कर सकता है. जब आप पूरे confidence के साथ किसी चीज को नकार देते है तो साफ साफ लहजे में आप उस पर अपने अधिकार को समाप्त करते है जिसका मतलब है अब उसके ऊपर दूसरे का हक़ है.

जब हम इसके बारे में पूरी तरह जागरूक हो जाते है तब हम अपनी लाइट को वापस लेने की process पर काम करते है.

आपको बस इस बात को समझने की जरुरत है की “जो आपका है वो बस आपका है और जो किसी और का है वो उसी का है ना की किसी और का”.

हमें उर्जा क्षेत्र के दायरे को बढाने की जरुरत क्यों है?

देखा जाए तो उर्जा को बढ़ाने के सिर्फ 3 तरीके है

  • किसी और चुरा ली जाए
  • अपने फुल स्तर पर इसे जाग्रत कर लिया जाए
  • इसका दायरा बढ़ा दिया जाए

चुराना सबसे आसान और सबसे ज्यादा किया जाने वाला तरीका है वही इसके जाग्रत करने के लिए खुद को Spiritual practice से जोड़ लिया जाता है.

इसका तीसरा तरीका है अपने अन्दर की energy को create करना और इसे बढ़ने देना जैसे एक पेड़ अन्दर ही अन्दर बढ़ता रहता है. हमें बस खुद को स्थिर और शांत रखने की जरुरत है बिलकुल एक पेड़ की तरह.

How to Protect Your Energy

हम अपने अन्दर की Emotional energy को बढ़ा तो सकते है लेकिन ये एक चलती रहने वाली process है ऐसे में अगर इसे Protect नहीं किया जाए तो कोई भी बड़ी आसानी से हमारी उर्जा की चोरी कर सकता है. किसी व्यक्ति से खुद को protect करने का आईडिया बेशक हमारे अन्दर एक Insecurity की feeling पैदा करता है लेकिन ये जरुरी है.

इसका सबसे best आईडिया है खुद को नेचुरल फ्लो के साथ चलने देना लेकिन, हमारे अन्दर के Unconscious And Repressed Emotions हमें Neutral, Light-Hearted, Open, And Free बने रहने से रोकते है. इसके लिए सबसे पहले हमें खुद में self awareness को develop करने की जरुरत है.

हम खुद को तब तक protect नहीं कर सकते है जब तक हमें मालूम ना हो की किस तरह एक Emotional Vampire हमारी energy को चुरा रहे है.

हम पहले ही Shadow work के बारे में बात कर चुके है और इसके साथ साथ कुछ और एक्टिविटी आप खुद में कर सकते है जैसे की

  • खुद को ग्राउंड रखना यानि किसी भी अहम् से खुद को अलग रखना. जितना ज्यादा आप सिंपल होंगे उतना ही कम प्रभावित होंगे.
  • दिल से खुश रहे और खुद को हल्का महसूस करवाए न की किसी तरह के इमोशन में दबे हुए.
  • अपने एक या दोनों हाथो को अपने नाभि क्षेत्र पर रखे ऐसा करना एक सील को पैदा करता है.
  • हम सबका एक energetic field होता है और जितना ज्यादा ये strong होगा उतना ही कम हम दूसरो से प्रभावित होंगे.
  • आप चाहे तो protection mudra का प्रयोग कर सकते है.

इस तरह के एक्टिविटी से हम खुद को ऐसे Emotional Vampire से अलग कर सकते है.

Read : भगवान महादेव का शक्तिशाली त्रिनेत्र खोलने का मंत्र और साधना का विधान

Dealing with emotional vampires at work Final thought

सबसे पहले तो आपको ये जान लेना जरुरी है की सबकुछ energy से बना है और कोई भी energy को किसी से चुराता नहीं है बल्कि ये एक से दूसरे में ट्रान्सफर होती है. चोरी करने जैसा thought हमारे अन्दर दूसरो को लेकर एक ख़राब इमेज पैदा करता है.

हम emotional vampires को हमारे आसपास होने से रोक नहीं सकते है लेकिन उनसे कैसे डील करना है ये पता चलने के बाद खुद को उनसे protect कर सकते है.

अगर आप ऐसे लोगो से जल्दी प्रभावित हो रहे है तो इसका मतलब है की आपको खुद को जागरूक बनाने की जरुरत है. जितना ज्यादा हम खुद को लेकर लापरवाह होते है, चंचल होते है उतना ही जल्दी vampire का शिकार बन जाते है. इसके बारे में ज्यादा पढने के लिए आप हमारे पिछले पोस्ट Psychic energy Vampire की पोस्ट पढ़ सकते है.

Top 10 Way Dealing With Repressed Anger can better Your Wellbeing In Hindi

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कई बार हम खुद को stressful situations में कुछ इस तरह फंसा हुआ पाते है की चाह कर भी इससे बाहर निकल नहीं पाते है. इसकी वजह हमारा ज्यादा से ज्यादा ऐसी negative feelings से जूझना होता है जो लाइफ को लेकर हमारे मन में लगातार चलती रहती है. ये हमसे या हमारे आसपास के लोगो से जुड़ी हुई हो सकती है.

ऐसी स्थिति ज्यादा से ज्यादा stress पैदा करती है जिसकी वजह से हम खुद को लोगो से दूर कर लेते है. आज हम dealing with repressed anger यानि anger management पर बात करने वाले है.

ये हमारे लिए आज बेहद जरुरी बन चूका है क्यों की 21 वी सदी में अब स्ट्रेस एक आम बात हो चुकी है. अगर हम समय रहते Anger management को लाइफ में शामिल नहीं करते है तो stressful condition हमें हर जगह परेशान कर सकती है.

ये Stress आपकी Study, Job, Carrier या फिर लाइफ के किसी भी एक Goal से Relate कर सकता है जिसे समय रहते solve ना किया जाए तो न सिर्फ आगे बढ़ने में प्रॉब्लम होती है बल्कि आपके लिए पॉजिटिव बने रहना मुश्किल हो जाता है.

Dealing with repressed anger

स्ट्रेस की वजह से कई तरह के Physical, psychological mental effect देखने को मिलते है जो सही नहीं है.

सबसे ज्यादा खतरनाक होता है आपका repressed anger जो की हमेशा release नहीं होता है लेकिन जब ये बाहर निकलता है तो आपके लिए इसे हैंडल करना बेहद मुश्किल हो जाता है. जरुरी नहीं की ये हमेशा negative result ही देता है.

इसे एक तरह का Healthy emotion भी कहा जाता है लेकिन तब तक जब तक आप इसे डील कर सके.

out of control होने की स्थिति में ये हमेशा negative effect ही देता है जिसकी वजह से Uncontrolled anger आपके health and relationships में नुकसान पहुंचा सकता है. आइये जानते है Best healthy way to deal with anger or How to release anger के बारे में.

Dealing with repressed anger

सबसे पहले आपको repressed anger के बारे में जान लेना चाहिए. इस तरह के anger की स्थिति unconsciously avoided, denied, or pushed down की वजह से बनती है.

कई बार ऐसी स्थिति बनती है की आपको गुस्सा आता है लेकिन आप इसे किसी पर उतार नहीं पाते है जैसे की ऑफिस में आपका बॉस. इसकी वजह से आप कई mental health symptoms से गुजर सकते है जैसे की anxiety and depression.

सही समय पर इसका solution ना निकाल पाने की स्थिति में ये Self-Sabotaging Tendencies, Poor Self-Esteem, Physical Pains, And Relationship Problems में बदल जाता है.

इसके solution के लिए therapy दी जाती है जहाँ आप अपने गुस्से को जाहिर कर सकते है.

दबा हुआ गुस्सा हमेशा एक आम गुस्से से अलग और ज्यादा खतरनाक होता है क्यों की इसमें व्यक्ति अपने इमोशन को खुलकर बाहर नहीं निकाल पाता है और कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है की वो खुद को कण्ट्रोल नहीं कर पाते है.

आम गुस्से के मुकाबले दबा हुआ गुस्सा ज्यादा नुकसान पहुंचाता है क्यों की इसके प्रभाव की सीमा नियंत्रण से बाहर होती है. आम गुस्से में एक सीमा होता है और वो सिर्फ किसी एक target पर फोकस होता है लेकिन इसमें ऐसा कुछ नहीं होता है.

ये आपके health and relationship पर bad impact डालता है जिसकी वजह से आपको इस स्थिति में ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है. आइये Dealing with repressed anger से पहले जानते है इसकी वजह के बारे में.

Causes & Triggers of Repressed Anger

अगर बात करे दबे हुए गुस्से की सबसे बड़ी वजह की तो traumatic experiences in childhood trauma इसकी सबसे बड़ी वजह है. इस स्थिति से गुजरने के बाद लोग खुद को confused, sad, or ashamed feel करने लगते है.

उनके साथ जो हुआ उसका जिम्मेदार खुद को मानते हुए वे जाने अनजाने गुस्से को बढ़ावा देने लगते है जो की समय के साथ बढ़ता जाता है और psychological effect डालना शुरू कर देता है.

बचपन में मिले माहौल का सबसे बड़ा इफ़ेक्ट देखने को मिलता है जिसकी वजह से बड़े होने पर वो यादे एक तरह के traumatic experience की तरह मन में बस जाती है. इसकी कुछ सबसे बड़ी वजह आप निचे देख सकते है.

  • बचपन में आपको अपने गुस्से को दबाने के लिए फ़ोर्स करना.
  • खुद को perfectionistic or neurotic tendencies से जोड़ना जिसमे गुस्सा एक negative point है और उसे ignore करना सिखाया जाना.
  • Mental health condition like depression, anxiety, or PTSD से जूझना.
  • गुस्सा जाहिर करने की बजाय mood-altering substances जैसे की नशे का सेवन करना.
  • Chronic trauma से गुजरना.
  • Traumatic brain injuries से गुजरना.
  • अपने emotion को हमेशा कण्ट्रोल करने की कोशिश करना.
  • दूसरो की ख़ुशी के लिए खुद को परेशानी में डालना.
  • Limited emotional intelligence होना.
  • जरुरत से ज्यादा शर्मीला होना.
  • Impulse control and emotion regulation जैसी स्थिति से Struggle करना.

ये कुछ ऐसी वजह है जो आगे चलकर repressed anger की वजह बनती है. सही समय पर Dealing with repressed anger जैसी quality को develop करना आपको गुस्से को बेहतर एक्सप्रेस करने में मदद करेगा.

दबे हुए गुस्से की पहचान कैसे करे ?

इसकी पहचान करने के कई तरीके है क्यों की ये व्यक्ति के feel, think, and behave में झलकता है. ज्यादातर लोग Repressed anger को तब तक नोटिस नहीं करते है जब तक की ये एक extreme levels पर न पहुँच जाए या फिर कोई बड़ा नुकसान ना हो.

आपके दिल की धडकन बढ़ना इसका एक शुरुआती लक्षण है जिसकी आप पहचान कर सकते है.

ऐसे लोग defensive mechanism का इस्तेमाल करते है जिसकी वजह से वे अपने गुस्से को जायज करार देने की कोशिश करते है. ऐसी स्थिति में इसे accept करना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है. इसकी पहचान के कई और भी तरीके है जैसे की

  • लोग अपने गुस्से को जाहिर नहीं करते है लेकिन अन्दर ही अन्दर बेहद दुखी और अशांत होते है.
  • दूसरो को बुरा कहने की फितरत या फिर एक झूठा Attitude develop करना.
  • किसी बात को या गलती को accept करने में खुद को comfortable feel ना करना.
  • हमेशा difficult emotions से बचने की कोशिश करना.
  • जब इन्हें अहसास करवाया जाता है की ये गुस्सा कर रहे है ये defensive बन जाते है.
  • आपकी लाइफ की कई चीजो को कण्ट्रोल करने की जरुरत महसूस करना.
  • Chronic muscle tension or headaches को experience करना.
  • अगर कोई intimate emotions शेयर करता है तो खुद को असहज महसूस करना.
  • जब उदास हो तो खुद को लोगो से दूर कर लेना.
  • ज्यादातर खुद को negative or self-critical thoughts से घिरा हुआ पाना.
  • जब भी गुस्सा होते है उसके बाद खुद को guilty, ashamed or bad feel करने लगते है.

ऐसे कई लक्षण है जिनकी पहचान कर आप आसानी से ये पता लगा सकते है की आप anger से गुजर रहे है या फिर repressed anger से. ऐसी स्थिति में positive Dealing with repressed anger आपके लिए कितनी जरुरी है इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते है.

Negative Effects of Repressed Anger

आम गुस्से की तुलना में दबा हुआ गुस्सा ज्यादा खतरनाक होता है और इसके नुकसान भी इतने ज्यादा होते है की इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है.

इसका सबसे ज्यादा असर आपके physical and mental health पर देखने को मिलता है जिसकी वजह से overall life quality and function पर bad impact साफ देखे जा सकते है.

अपने आप में गुस्सा कभी खतरनाक नहीं होता है लेकिन जब इसे सही से एक्सप्रेस नहीं किया जाता है तो ये कई दूसरे फंक्शन को affect करता है जिसकी वजह से negative effect देखे जा सकते है जैसे की.

  • High blood pressure
  • Chronic stress तनाव
  • Heart problems दिल से जुड़ी बीमारियाँ
  • Insomnia सही नींद ना ले पाना
  • Higher risk for chronic illnesses
  • Lowered self-esteem आत्मविश्वास की कमी
  • Anxiety, depression, and other mental health conditions
  • Higher risk for addictions किसी भी लत के बढ़ते हुए चांस
  • Impulsivity and self-destructive behaviors
  • Less open and honest communication
  • Poorer relationships दूसरो के साथ रिश्ते बनाए रखने में मुश्किल का सामना करना
  • Difficulty concentrating
  • Impaired work performance कार्यशैली में ख़राब परफॉरमेंस
  • Numbness or apathy

ऐसे ही कई negative effect है जिन्हें आप देख सकते है.

8 Ways To Deal With Repressed Anger

Dealing with repressed anger में ऐसे कई healthy ways to express anger है जिन्हें आप अपने इमोशन और मोमेंट के साथ जाहिर कर सकते है. आप कैसा feel कर रहे है और सोच रहे है इसे दूसरो के बीच जाहिर करने के लिए ये एक बेहतर तरीका है.

Assertive communication भी एक ऐसा तरीका है जिसमे आप अपने इमोशन को बेहतर जाहिर कर पाते है. सही तरीके से जाहिर किया गया गुस्सा आपके relationship को ख़राब होने से बचाता है और आपकी feeling को भी जाहिर करता है.

ऐसे तरीको में आप self-aware होते है जिसकी वजह से आप सिर्फ अपने इमोशन को डिलीवर करते है.

इसका सबसे बड़ा इफ़ेक्ट होता है आपके relationship पर और बगैर किसी मतभेद के आप दूसरो से अपनी बात एक्सप्रेस कर पाते है.

गुस्सा होने की वजह की पहचान करे

किसी भी दूसरे इमोशन की तरह गुस्से की भी एक वजह होती है. अगर आपको गुस्सा आ रहा है तो इसका मतलब है की आप किसी न किसी प्रॉब्लम से गुजरे है आपको बस उस प्रॉब्लम की पहचान करना है जिसकी वजह से आपके अन्दर गुस्सा बन रहा है.

आपके अन्दर का गुस्सा आपके अन्दर क्या चल रहा है, क्या आप चाहते है और इसका क्या समाधान हो सकता है इन सबके बारे में जरुरी जानकारी दे सकता है.

जब भी आपको गुस्सा आने लगे आपको सिर्फ खुद से कुछ सवाल करने है जैसे की

  • आपको कैसे महसूस हुआ की आप गुस्सा है ? किस तरह के बदलाव, आपकी सोच, bodily sensations और आपकी प्रतिक्रिया ये सब किस तरह से बदल रही है.
  • आपको ऐसी किस बात ने असहज किया जिसकी वजह से गुस्सा आया.
  • किस स्थिति में आपने खुद को उदास, असहज और गुस्से में पाया.
  • आपको सबसे ज्यादा परेशान किस बात ने किया.
  • आपका गुस्सा आपको क्या बताना चाहता है जैसे की आपको क्या चाहिए, या फिर आप किस बात की सबसे ज्यादा परवाह करते है जो नहीं हुआ.

इन सब सवालों की पहचान करेंगे तो आपको गुस्से की असली वजह तक पहुँचने में मदद मिलेगी. ऐसा करना आपको Dealing with repressed anger में हेल्प करेगा और आप स्थिति को बेहतर संभाल पाएंगे.

Track Anger in Your Body

गुस्से की वजह से आपके किस बॉडी पार्ट में सबसे ज्यादा असर पड़ता है इसकी पहचान करना बेहद जरुरी है.

किसी भी तनाव की स्थिति के दौरान आपके अन्दर sensations, tension and changes किस तरह बदल रहे है इसकी पहचान करने की कोशिश करे. कुछ common बदलाव जो आप अपने बॉडी में महसूस कर सकते है जैसे की

  • सीने में तनाव
  • Muscle soreness
  • थकान
  • दिल की धड़कन का बढ़ना
  • पेट में गुडगुड का अहसास
  • Headache or migraine
  • Blood pressure बढ़ जाना
  • Muscle tension

इन सभी तरह के बदलाव को नोटिस कर आप अपने इमोशन को आसानी से ट्रैक कर सकते है.

इसके साथ ही potential triggers की पहचान करना भी आसान हो जाता है जिसकी वजह से आपको गुस्सा आ रहा है. जितनी जल्दी आप इसकी पहचान करते है उतना ही जल्दी आप इसे न सिर्फ ट्रैक कर सकते है बल्कि कण्ट्रोल भी कर सकते है.

Start Journaling

डायरी लिखना आपको अपने thoughts and feelings के करीब रखता है और आप उन्हें बेहतर समझ पाते है.

लिखना आपके emotional expression के लिए एक बेहतर exercise है. जो लोग अपने emotion को दबाते है उन्हें अक्सर अपने inner thoughts and feelings से struggle करते हुए देखा जा सकता है. Journaling आपको self-aware बनने में मदद करती है.

अगर आप Dealing with repressed anger के लिए alternative देख रहे है तो ये सबसे best option है.

इसका आपके Well Being पर अच्छा असर देखने को मिल सकता है साथ Depression And Anxiety Symptoms को दूर रखने में भी मदद मिलती है. आपको इसके लिए एक routine बनाना होगा. हर रोज रात को सोने से पहले या किसी एक फिक्स समय पर लिखने की आदत डालना होगा.

आपको अपने अन्दर से क्या feeling आ रही है सिर्फ उन्हें लिखना चाहिए न की इसके बारे में overthinking करने की जरुरत है.

Interrupt Angry Thoughts

कई बार ऐसा होता है की एक काम के बिगड़ने के बाद हम खुद को स्थिर नहीं रख पाते है और इसकी वजह से जो भी काम करते है वो सब बिगड़ते जाते है.

देखा जाए तो हमारे गुस्से की वजह से सीरीज में जो भी काम हम करने की कोशिश करते है उस पर उसका असर पड़ता है और ये हमारे गुस्से को और भी ज्यादा बिगाड़ता जाता है.

ऐसा इसलिए क्यों की आप पहली बार काम बिगड़ने के बाद से ही अपने अन्दर गुस्से को साथ लेकर चल रहे थे.

होना ये चाहिए की जब भी आपका कोई एक काम बिगड़ जाए और आपके मन में खुद को लेकर stupid, worthless, or unlovable जैसे ख्याल आने लगे आपको उन्हें वही रोककर दूसरे काम में involve होना चाहिए. आपके Thoughts का आपके Emotion पर एक अहम् प्रभाव देखने को मिलता है.

जितना ज्यादा आप Negative Thoughts को दोहराते है उतना ही आपका गुस्सा बढ़ता जाता है.

जब भी आपके साथ ऐसा हो आपको सिर्फ खुद को एक पॉज देना है और फिर से शुरुआत करनी है.

आप देखेंगे की अब आपके गुस्से की वजह से आपका काम बिगड़ नही रहा है बल्कि अब आप स्थिर होकर काम कर पा रहे है. Dealing with repressed anger की सबसे पहली शर्त है आपको ब्रेक लेना आना चाहिए.

Find a Physical Outlet for Your Anger

आपका गुस्सा एक तरह से High-Energy Emotion है जो आपकी बॉडी में धीरे धीरे स्टोर होता रहता है जब तक की आप Dealing With Repressed Anger सीख जाते है. अगर आप अपने emotion को regulate करना चाहते है तो आपको How To Release Anger through a Body Part के बारे में मालूम होना चाहिए.

अगर आपको गुस्सा आ रहा है तो Exercise and Physical Workout करके देखे आप खुद को जल्दी ही गुस्से से बाहर पाएंगे.

अपने Repressed Anger को बेहतर तरीके से डील करने के लिए कुछ एक्टिविटी है जिन्हें आप कर सकते है जैसे की

  • Sports
  • Doing push-ups or sit ups
  • Lifting weights
  • Cardiovascular workouts like running, biking or jogging

ये सब Physical workout आपके brain की केमिस्ट्री को सही करने में मदद करते है जिसकी वजह से आप खुद को ज्यादा रिलैक्स महसूस करते है.

Practice Meditation

गुस्से की सबसे बड़ी वजह है आपका खुद को वर्तमान में ना रख पाना. इसके समाधान के लिए सबसे बेहतर तरीका Mindfulness है. ऐसा ध्यान जो आपको सिर्फ वर्तमान में रखता है आपको अपने गुस्से को पहचानने में मदद करता है.

Unwanted intrusive Thoughts जिनकी वजह से आप बेहद जल्दी खुद को परेशान महसूस करने लगते है ये उन्हें रोकता है. ये Dealing with repressed anger में अहम् role निभाता है.

Mindfulness and Meditation की practice करना आपके Stress को reduce करता है, Mood को boost करता है और ज्यादा से ज्यादा रिलैक्स रहने में मदद करता है.

ऐसे लोग Higher Cognitive Performance, Improved Empathy Levels And Make Better Decisions जैसी quality वाले होते है फिर चाहे वो Upset or angry ही क्यों ना हो.

ज्यादातर लोगो को लगता है की इस practice के लिए उन्हें अपने रूटीन में बदलाव करना पड़ेगा लेकिन ऐसा नहीं है.

आप जब चाहे कुछ देर के लिए आंखे बंद कर खुद को सिर्फ अपने आसपास हो रही घटनाओ पर फोकस रख सकते है. वर्तमान में जो भी आपके आसपास हो रहा है उसे महसूस करे यहाँ तक की बारीक़ से बारीक़ घटना को भी महसूस करने की कोशिश करे जैसे की सुई की टिकटिक.

ऐसा करना आपको Dealing with repressed anger में मदद करेगा.

Use I-Statements

कई बार ऐसा होता है की हमारा दबा हुआ गुस्सा Passive Or Passive-Aggressive Communication यानि छिपे हुए टोन में बाहर आता है. ऐसे में आप खुद को बेहतर तरीके से एक्सप्रेस नहीं कर पाते है.

यहाँ पर I-Statements का इस्तेमाल करना आपकी हेल्प करता है और आपको क्या चाहिए या आप कैसा महसूस कर रहे है इसे दूसरो को समझाने में मदद करता है.

दूसरो को बगैर किसी नुकसान पहुंचाए ये आपके स्टेटमेंट को बेहतर तरीके से दूसरो को भेजने में मदद करता है.

बगैर किसी दोष के ये दूसरो को बताता है की उन्होंने ऐसा क्या किया जिसकी वजह से आप इस तरह से feel कर रहे है. एक उदाहरण के लिए

I feel ____ when you ____ and I would like _______

ये स्टेटमेंट उन्हें समझने में मदद करता है की जब वो कुछ करते है तो आप कैसा feel करते है और फिर आप क्या चाहते है. इससे आप बिना किसी और की feeling को नुकसान पहुंचाए अपनी बात को बेहतर रख पाते है और उन्हें बेहतर समझ आता है की आप कैसा महसूस कर रहे है.

ऐसी स्थिति में आपके लिए Dealing with repressed anger और आसान हो जाता है.

जब आप दूसरो को You की जगह I statement पर फोकस रखते हुए कुछ एक्सप्रेस करते है तो ये उन्हें किसी भी तरह के blame से दूर रखता है. इसकी वजह से उन्हें एक मौका मिलता है की वो एक Reasonable Opportunity को कैसे इस्तेमाल करते है.

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Feel Your Feelings

ज्यादातर लोग अपने Dealing With Repressed Anger से दूर भागते है और ऐसे तरीके का चुनाव करते है जो गुस्से को एक्सप्रेस करने की बजाय उसे अवॉयड करता है वो भी सिर्फ कुछ समय के लिए.

ऐसी स्थिति में आप खुद से भागते है जो की धीरे धीरे आपके दबे हुए गुस्से को और भी ज्यादा हवा देता है और धीरे गुस्से का सामना करने की बजाय आप खुद को उससे छिपाने की कोशिश करते है.

हो सकता है की कुछ इमोशन आपके लिए असहज कर देने वाले हो लेकिन उनका सामना करना आपको काफी सारे फायदे दे सकता है.

इससे आप न सिर्फ खुद को किसी तरह की बुरी लत से दूर रख पाएंगे बल्कि अपने इमोशन को बेहतर तरीके से डील कर पाएंगे. आपको उन्हें कण्ट्रोल करने की जरुरत नहीं है बल्कि सही तरीके से एक्सप्रेस करना है.

जितना ज्यादा बेहतर तरीके से आप उन्हें एक्सप्रेस करते है उतना ही आपको उन्हें कण्ट्रोल करने की कम से कम जरुरत पड़ेगी.

Treatment for Repressed Anger

किसी भी तरह के Positive Change के लिए सतर्कता सबसे पहला स्टेप है जो आप ले सकते है.

जब आप Struggle With Repressed Anger से जूझ रहे होते है तो आपको एक Professional Help लेनी चाहिए.

इसके लिए Complex Emotion को समझे, Healthier Ways To Cope की तलाश करना, Ability To Express Anger जैसे Quality को develop करना आना चाहिए.

अपने जीवन शैली में करे बदलाव

सिर्फ किसी बाहरी मदद से आप Dealing With Repressed Anger को पूरी तरह से solve कर सकते है जब तक की आपकी खुद की लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव ना किया जाए. आपको इसके लिए Better Self-Care आना चाहिए.

ऐसा करना आपके Symptoms Of Repressed Anger को improve करता है. आपका स्ट्रेस दूर होता है साथ ही आप अपने Emotional Need को बेहतर समझ पाते है.

सबसे ज्यादा जरुरी है आपका अपने खान पान को समझना और बेहतर नींद लेना जिसमे 7-9 घंटे की नींद शामिल है.

आपको कहाँ ब्रेक लेना है और work-life balance को बनाए रखना है इसके बारे में बेहतर समझ होनी चाहिए. आपके साथ जिन लोगो का है Emotional Connection ऐसे लोगो से जुड़े रहना चाहिए.

Why Dealing With Repressed Anger become necessary final conclusion

हम सब जानते है की Repressed Anger वो दबा हुआ गुस्सा है जो Push Down, Ignore, Or Avoid और ज्यादातर Unconscious होता है. ये आपके मन की दबी हुई भड़ास होती है जो ऐसे वक़्त पर बाहर निकलती है जब आपका खुद पर कण्ट्रोल नहीं होता है.

गुस्सा चाहे किसी भी तरह का हो उसे जरुरत से ज्यादा दबाना हमेशा खतरनाक होता है फिर चाहे वो Physical, Emotional, Mental, Relationship किसी को भी लेकर हो.

अपने इमोशन को बेहतर तरीके से एक्सप्रेस करना आपको Dealing with repressed anger में हेल्प कर सकता है. अगर आप अपने Overall Quality of life को better बनाना चाहते है तो आपको अपने इमोशन को सही तरीके से दूसरो के सामने जाहिर करना आना चाहिए.

गुस्से को भी अगर सही तरह से जाहिर किया जाए तो ये आपके लिए फायदे का काम कर सकता है.

हम में से ज्यादातर लोग जो प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते है इस दबे हुए गुस्से से अक्सर परेशान रहते है. हमें मालूम होना चाहिए की ऑफिस की टेंशन को घर पर ले जाना कितना खतरनाक हो सकता है और इसका relationship पर क्या असर पड़ेगा.

उम्मीद है अब आप अपने इमोशन को बेहतर तरीके से डील करना सीख गए होंगे और विकल्प का चुनाव कर अपने लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे.

The 11 Signs of Death in Hinduism कौनसे संकेत बताते है की अंतिम समय है नजदीक

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अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा वृद्ध होता है या फिर बीमारी से ग्रस्त होता है अपने आने वाली मौत के अहसास को पहले से महसूस करना शुरू कर देता है. अगर आपको मालूम हो की इस दौरान क्या क्या होता है तो आपके लिए death के दर्द को deal करना आसान हो जाता है.

The Signs of Death in Hinduism भी एक संग्रह है. जिस तरह हिन्दू धर्म में कई अलग अलग धार्मिक ग्रन्थ है उसी तरह एक ग्रन्थ ब्रह्माण्ड पुराण और कल्कि पुराण में मौत से जुड़े संकेत के बारे में गहराई से बताया गया है.

A bat in the house is a sign of death या फिर खुद को खँडहर जैसी जगह पर पाना जहाँ पर उल्लू निवास कर रहे हो ये संकेत बताते है की व्यक्ति की मौत नजदीक है.

अंतिम समय में व्यक्ति का स्वभाव बदलाव जाता है, हरकते और काम का तरीका बदल जाता है ऐसे में उन्हें ignore न करे और ना ही अकेला छोड़े. कुछ समय के दौरान आपका उन्हें दिया हुआ समय उन्हें अंतिम समय के दौरान सुकून दे सकता है.

The Signs of Death in Hinduism

जिन लोगो की उम्र काफी ज्यादा होती है या फिर उन्हें किसी ऐसी बीमारी ने जकड लिया हो जिसका अब इलाज संभव नहीं उन्हें अपने अंतिम समय के दौरान कई ऐसे अहसास होते है जो उन्हें दूसरो से अलग करने लगते है.

ज्यादातर वक़्त सोते हुए या फिर inactive रहते हुए बिताना, दूसरो से खुद को अलग कर देना या फिर चिल्लाने लगना जैसे कई ऐसे संकेत है जिन्हें आपको समझना चाहिए.

बड़े बुजुर्ग से आपने कहते हुए सुना होगा की उन्हें अपने आसपास परछाई दिखाई दे रही है, यमदूत दिखाई दे रहे है या फिर कोई उन्हें बार बार आवाज दे रहा है. ये सब भले ही हमें वहम लगता हो लेकिन जिनकी मौत नजदीक होती है उनका brain इस तरह से function करने लगता है.

बॉडी का धीरे धीरे काम करना बंद कर देना और शरीर का समाधी की अवस्था में जाने लगना जैसे संकेत बताते है की अब अंतिम समय ज्यादा दूर नहीं है. आइये जानते है इसके बारे में डिटेल से.

The Signs of Death in Hinduism

world में religion, caste, creed, geographical location or time की विविधता में एक बात common है और वो है death. जिसका जन्म हुआ है उसकी मौत होना अनिवार्य है. मौत से न तो बचा जा सकता है ना ही छिपाया जा सकता है.

हम अपने daily work routine में इस कदर खोये रहते है की किसी तरह से death को ignore करने की कोशिश करते है.

Hinduism हिन्दू धर्म में ऐसे बहुत से Mystic existences है जो death से जुड़े है. Practitioners or Gurus of Hinduism यानि सनातन धर्म के कुछ साधू संतो ने खुद को almighty God से spiritually connected करने के रहस्य को समझा और supernatural abilities को धरती पर देखने के अनुभव किये.

उनके अनुसार signs in the Brahmanda and Kalki Purana के अनुसार हमें मौत से पहले कुछ संकेत मिलने शुरू हो जाते है.

आज की इस पोस्ट में हम कुछ ऐसे संकेत के बारे में जानने वाले है जो हम उन लोगो में देखते है जिनकी मौत होने वाली होती है.

Body signs of Death in Hinduism

ऐसा माना जाता है की जिनकी मौत नजदीक होती है उनके

शरीर की त्वचा अपना रंग खोने लगती है.

  • त्वचा का रंग सफ़ेद, पीलापन या फिर हल्का लाल रंग देने लगती है. ऐसा होने पर व्यक्ति की मौत आने वाले 6 महीने में होने वाली होती है.
  • अगर बॉडी में से सड़ने की स्मेल आने लगे तो समझ ले की आने वाले 15 दिन में व्यक्ति की मौत नजदीक है.
  • अगर व्यक्ति का left hand लगातार 7 दिन से कम्पन करना शुरू कर देता है तो समझ लीजिये की आने वाले महीने भर में व्यक्ति की मौत नजदीक है.
  • ऐसा माना जाता है की जिनकी मौत नजदीक होती है उन्हें urine के दौरान लगातार उबासी आना शुरू हो जाती है इसके अलावा उन्हें किसी चीज की स्मेल और टेस्ट का अहसास होना बंद हो जाता है.
  • अगर sense organs में hardness आना शुरू हो जाए उसकी मौत नजदीक होती है. इस तरह के Body signs of Death in Hinduism ज्यादातर वृद्ध लोगो में देखे जा सकते है.
  • वृद्ध लोग जिनकी मृत्यु नजदीक होती है उन्हें सुनाई देना बंद हो जाता है, हरदम कानो में गूंजने के sound सुनाई देने लगती है.
  • जिनकी मौत का समय नजदीक होता है और लगभग 6 महीने के समय दौरान मौत होने वाली हो उनके जीभ पर greasy substance यानि मैल जमना शुरू हो जाता है.
  • जिनकी मौत का समय नजदीक होता है उनकी आँखों से बगैर किसी भावना और कारण के पानी आना शुरू हो जाता है या फिर अनावश्यक तौर से पसीना आना शुरू हो जाता है.

ध्यान दे ये सभी sign उन लोगो में देखे गए है जिनकी मौत का समय नजदीक होता है.

Dreaming signs of Death

सपने में व्यक्ति को ऐसे कई sign दिखाई देते है जो मौत से जुड़े होते है. ऐसा माना जाता है की इस दौरान व्यक्ति का चित्त स्थिर नहीं रहता है और उसे ऐसे सपने आने लगते है जो अलग होते है. इनमे कई ऐसे sign है जो आप notice कर सकते है जैसे की

  • सपने में खुद को सोने या चांदी की उलटी करते हुए देखना.
  • अगर खुद के पैर गन्दगी से भरे हुए दिखाई दे तो समझे की आने वाले 10 महीने में मौत नजदीक है.
  • सपने में खुद को किसी ऐसी जगह पर देखना जो बिलकुल सुनसान और खंडहर हो चुकी हो. ऐसी जगह पर उल्लू दिखाई दे तो ऐसे व्यक्ति की जल्दी ही मौत होने वाली होती है.
  • सपने में खुद को दक्षिण दिशा की तरफ किसी भालू या बन्दर द्वारा घसीटते हुए देखना भी एक संकेत है की अब उसकी मौत नजदीक है.
  • सपने के दौरान खुद को किसी पहाड़ी जगह से गिरते हुए, बिना कपड़े के देखना, रेगिस्तान में दक्षिण की तरफ चलते हुए देखना एक signs of Death in Hinduism है जिसके संकेत बताते है की अगले 3 महीने में व्यक्ति की मौत होने वाली है.
  • जिसकी मौत साल भर में होने वाली होती है उस व्यक्ति को सपने में मरे हुए लोग दिखाई देने लगते है.

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Vision Signs of Death

हिन्दू धर्म में कई ऐसे संकेत है जिन्हें व्यक्ति को vision यानि संकेत देने लगते है.

  • जिसकी मौत नजदीक होती है उसे ध्रुव तारा दिखाई देना बंद हो जाता है.
  • व्यक्ति को light rays of the Sun दिखाई देना बंद हो जाती है.
  • अगर व्यक्ति को अपने आसपास कौवे या फिर राख दिखने लगे तब समझ ले की मौत नजदीक है.
  • माना जाता है की दक्षिण की तरफ rainbow or lightning दिखाई दे तो ये नजदीकी मृत्यु का संकेत है.
  • चाँद में धब्बे दिखाई देने लगते है.
  • व्यक्ति को परछाई बगैर किसी सर के दिखाई देने लगती है.
  • अपने सर पर कौवे को मंडराते हुए देखना भी एक Vision Signs of Death है.
  • जिन लोगो की मौत नजदीक होती है उन्हें ऐसे signs of Death मिलना शुरू हो जाते है जैसे की पानी या mirror में परछाई का ना बनना या फिर किसी की आँखों में अपना प्रतिबिम्ब न देख पाना.
  • अपने आसपास की हर चीज धुंधली दिखाई देने लगना.
  • मृत्यु के अंतिम समय में व्यक्ति को सूर्य, चंद्रमा और आसमान ये सभी लाल रंग के दिखाई देने लगते है.

ऐसे ही कई संकेत है जिनका Brahmanda and Kalki Purana में जिक्र किया हुआ है. ज्यादातर चीजे आप नोटिस कर सकते है और हिन्दू धर्म से जुड़े ये सभी संकेत अनुभव पर है.

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What are 5 physical signs of impending death?

मौत कभी आसान नहीं होती है. हर किसी की जीवन यात्रा अपने आप में अलग होती है. किसी भी दुःख और दर्द से बाहर निकलने की healing process भी सब में अलग अलग होते है. आपके किसी अपने की मौत चाहे उम्र की वजह से होने वाली हो या किसी बीमारी से आप कुछ ऐसे natural death sign को नोटिस कर सकते है. ऐसे 11 Signs of Death है जिन्हें आप इस दौरान नोटिस कर सकते है.

  • ज्यादातर सोते हुए वक़्त निकालना.
  • खाना पीना बेहद कम कर देना. माना जाता है की मृत्यु के 3 दिन पहले ही व्यक्ति खानपान त्याग देता है ऐसे में उसका शरीर चिपकना शुरू हो जाता है.
  • अपने आसपास के लोगो से खुद को अलग कर लेना और किसी से बात न करना.
  • blood pressure बेहद कम हो जाता है. सांसे भी गहरी और अंतराल से भर जाती है.
  • urine की process भी infrequent हो जाती है.
  • शरीर का तापमान गिरने लगता है और व्यक्ति का शरीर अहसास और गर्मी खोने लगता है.
  • अंतिम समय में शरीर साथ देना बंद कर देता है और व्यक्ति की क्षमता एक चाय का कप उठाने की भी नहीं रहती है.
  • Signs of Death में से एक सांसे लेने में तकलीफ होने लगती है.
  • मृत्यु के अंतिम समय में व्यक्ति का brain बेहद active हो जाता है. ऐसे में कम सोना और ज्यादातर गुस्से में रहना ये ऐसे sign of death है जिन्हें आप notice कर सकते है.
  • अंतिम समय में व्यक्ति की तकलीफ बढ़ जाती है. हालाँकि जो व्यक्ति स्थिर होते है वे खुद को शांत रखते है लेकिन ज्यादातर लोग अधीर रहते है और हरदम बैचेन रहने लगते है.
  • जिनकी मौत नजदीक होती है उन्हें Hallucinations होने लगते है. आपने सुना होगा की कुछ लोग यमदूतो को आते हुए देखने का दावा करते है.
Signs before you die final conclusion

किसी अपने को खोना कभी आसान नहीं होता है. जो हमारे दिल के करीब होते है उन्हें खोने का अहसास हर किसी को दुःख से भर देता है. Hinduism में ऐसे कई signs of death है जिन्हें नोटिस कर सकते है.

ऐसे संकेत हमें Brahmanda and Kalki Purana में देखने को मिल जायेंगे.

यहाँ शेयर किया गया हर संकेत अनुभव और अहसास पर आधारित है ऐसे में हो सकता है आपने भी इन्हें नोटिस किया हो.

Signs of death in Hinduism को लेकर आप क्या सोचते है? क्या ये सिर्फ वहम या फिर अन्धविश्वास है या फिर इसमें सच्चाई है. कमेंट में हमें बताना न भूले.

महाकाली साधना सिद्धि विधान और उच्चाटन प्रयोग घर पर अभ्यास कैसे करे – सरल विधि विधान

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महाकाली साधना का सनातन धर्म में काफी महत्त्व है. इनके स्वरूप की कल्पना करने से ही शरीर में सिहरन सी होने लगती है. ये साधना तीक्ष्ण प्रभाव से युक्त होती है और साधक के मूलाधार चक्र से जुड़ी होती है.

माना जाता है की इनकी साधना में कई कठिन नियम होते है जिनका पालन करना जरुरी होता है और इसके अभाव में महाकाली साधना के दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते है. यही वजह है की इस साधना को पूरा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है.

आइये जानते है माँ काली की साधना से जुड़ी कुछ खास बाते और उच्चाटन प्रयोग के बारे में.

महाकाली शमशानी साधना एक खास साधना में से एक है जिसमे साधना को शमसान में संपन्न किया जाता है. जो लोग गृहस्थ होते है उन्हें इस साधना के लिए मनाही की जाती है क्यों की इस साधना से जुड़े कई नियम ऐसे है जिन्हें गृहस्थ व्यक्ति नहीं कर सकता है.

दस महाविद्या में से एक महाकाली सिद्ध साधना तुरंत प्रभाव और फल देने वाली साधना में से एक है जिन्हें कर आप शत्रु दमन, धन वैभव प्राप्त कर सकते है.

महाकाली साधना सिद्धि

उनका प्रिय वार शुक्रवार है और प्रिय तिथि अमावस्या है.

मां काली का सरल मंत्र है- ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा.

महाकाली की प्रसन्नता के लिए उनकी फोटो या प्रतिमा के समक्ष मंत्र जाप करना चाहिए.

पूर्ण श्रद्धा से मां काली की उपासना से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं. ऐसा माना जाता है की तंत्र लोग से जुड़े लोगो की गति मुश्किल होती है लेकिन इस साधना को सिद्ध करने के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.

अगर आप शत्रु से परेशान है और धन वैभव की कमी से जूझ रहे है तो आपको महाकाली सिद्ध शाबर साधना को संपन्न करना चाहिए.

देवी के 4 स्वरूप है 1 दक्षिण काली, 2 शमसान काली, 3 माँ काली और 4 महाकाली इनका प्रभाव साधना के अनुसार देखने को मिलता है. आइये जानते है सबकुछ डिटेल से.

महाकाली साधना सिद्धि

दस महाविद्याओं में सर्वश्रेष्ठ महाकाली कलियुग में कल्पवृक्ष के समान शीघ्र फलदायक एवं साधक की समस्त कामनाओं की पूर्ति में सहायक हैं.

जब जीवन के पुण्य जाग्रत होते है. तभी साधक ऐसी प्रबल शत्रुहन्ता, महिषासुर मर्दिनी, वाक् सिद्धि प्रदायक महाकाली की साधना में रत होता है.

जो साधक इस साधना में सिद्धि प्राप्त कर लेता है, उसके जीवन में किसी प्रकार का कोई अभाव नहीं रहता और भोग तथा मोक्ष दोनों में समान रूप से सम्पन्नता प्राप्त कर वह जीवन में सभी दृष्टियों से पूर्णता प्राप्त कर लेता है.

संसार में सैकड़ों-हजारों साधनाएं हैं, परन्तु हमारे महर्षियों ने इन सभी साधनाओं में दस महाविद्याओं की साधना को प्रमुखता और महत्व दिया है.

जो साधक अपने जीवन में जितनी ही महाविद्या साधनाएं सम्पन्न करता है, वह उतना ही श्रेष्ठ साधक बन सकता है, परन्तु बिना भाग्य के इस प्रकार की महत्वपूर्ण साधनाओं को सिद्ध करने का अवसर नहीं मिलता.

दस महाविद्याओं में भी काली महाविद्या सर्वप्रमुख, महत्वपूर्ण और अद्वितीय कही गई है, क्योंकि यह त्रिवर्गात्मक महादेवियों महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती में प्रमुख है.

शास्त्रों के अनुसार मात्र महाकाली साधना से ही जीवन की समस्त कामनाओं की पूर्ति और मनोवांछित फल प्राप्ति सम्भव होती है.

इस सम्बन्ध में हम साधनात्मक ग्रंथों को टटोल कर देखें तो लगभग सभी योगियों, संन्यासियों, विचारकों, साधकों और महर्षियों ने एक स्वर से महाकाली साधना को प्रमुखता और महत्व प्रदान किया है.

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साधना का महत्व

दस महाविद्याओं में प्रमुख और शीघ्र फलदायक होने के कारण पिछले हजारों वर्षों में हजारों-हजारों साधक इस साधना को सम्पन्न करते आये हैं और उच्चकोटि के साधकों के मन में भी यह तीव्र लालसा रहती है, कि अवसर मिलने पर किसी प्रकार से महाकाली साधना सम्पन्न कर ली जाय.

फिर भी जिन साधकों ने काली साधना को सिद्ध किया है, उनके अनुसार निम्न तथ्य तो साधना सम्पन्न करते ही प्राप्त हो जाते हैं.

अथ कालीमन्वक्ष्ये सद्योवाक्सिद्धिपायकान् . आरावितैर्यः सर्वेष्टं प्राप्नुवन्ति जना भुवि ||

  • अर्थात् काली साधना से तुरन्त वाक् सिद्धि (जो भी कहा जाय, वह सत्य हो जाय) तथा इस लोक में समस्त मनोवांछित फल प्राप्त करने में सक्षम हो पाता है.
  • इस साधना को सिद्ध करने से व्यक्ति समस्त रोगों से मुक्त होकर पूर्ण स्वस्थ, सबल एवं सक्षम होता है.
  • यह साधना जीवन के समस्त भोगों को दिलाने में समर्थ है, साथ ही काली साधना से मृत्यु के उपरान्त मोक्ष प्राप्ति होती है.
  • शत्रुओं का मान मर्दन करने, उन पर विजय पाने, मुकदमे में सफलता और पूर्ण सुरक्षा के लिए इससे बढ़कर कोई साधना नहीं है.
  • इस साधना से दस महाविद्याओं में से एक महाविद्या सिद्ध हो जाती है, जिससे सिद्धाश्रम जाने का मार्ग प्रशस्त होता है.
  • इस साधना की सिद्धि से तुरन्त आर्थिक लाभ और प्रबल पुरुषार्थ प्राप्ति सम्भव होती है.
  • ‘काली पुत्रे फलप्रदः’ के अनुसार काली साधना योग्य पुत्र की प्राप्ति व पुत्र की उन्नति, उसकी सुरक्षा और उसे पूर्ण आयु प्रदान करने के लिए श्रेष्ठ साधना कही गई है.

वस्तुतः काली साधना को संसार के श्रेष्ठ साधकों और विद्वानों ने अदभुत और शीघ्र सिद्धि देने वाली साधना कहा है, इस साधना से साधक अपने जीवन के सारे अभाव को दूर कर अपने भाग्य को बनाता हुआ पूर्ण सफलता प्राप्त करता है.

साधना के अनुकूल समय

महाविद्या साधनाओं में नवरात्रि का तो विशेष महत्व रहता है. क्योंकि ये दिन इस प्रकार की साधनाओं के लिए सर्वोपरि हैं.

फिर आश्विन शुक्ल प्रतिप्रदा से जो नवरात्रि प्रारम्भ होती है, वह तो महत्वपूर्ण है ही, इसलिए साधक को चाहिए कि वे नवरात्रि का चयन इस प्रकार की साधना के लिए विशेष रूप से करें.

जो साधक अपने गृहस्थ जीवन में सभी प्रकार की उन्नति चाहते हैं, जो निष्काम भाव से काली की साधना सम्पन्न कर साक्षात् दर्शन करना चाहते हैं, जो अपने जीवन में भोग और मोक्ष दोनों फल समान रूप से प्राप्त करना चाहते है, उन्हें अवश्य ही महाकाली साधना सम्पन्न करनी चाहिए.

जिससे कि वे अपने जीवन में सभी दृष्टियों से पूर्णता श्रेष्ठता और अपने भाग्य को मनोनुकूल बना सकें.

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सरल साधना

यद्यपि महाकाली साधना महाविद्या साधना है और महाशक्ति की आधारभूत महाविद्या है, फिर भी अन्य साधनाओं की अपेक्षा सुगम और सरल है, साथ ही साथ यह सौम्य साधना है, इसका कोई विपरीत प्रभाव या परिणाम प्राप्त नहीं होता.

सही अर्थों में देखा जाय तो महाकाली साधना सरल और गृहस्थों के करने के लिए ही है.

मंत्रात्मक साधना होने के कारण अनुकूल, शीघ्र प्रभावी और श्रेष्ठ साधना है. इस साधना को पुरुष या स्त्री कोई भी कर सकता है, योगी और संन्यासी कर सकता है, जो अपने जीवन के अभावों को दूर करना चाहता है, उसके लिए यह स्वर्णिम अवसर है कि वह इन अवसरों का लाभ उठाकर महाकाली साधना सम्पन्न करे.

mahakali sadhna

प्रत्यक्ष दर्शन : सबसे बड़ी बात यह है कि नवरात्रि में महाकाली साधना करने पर भगवती के प्रत्यक्ष दर्शन सम्भव होते हैं. यदि साधक पूर्ण श्रद्धा के साथ इस साधना को सम्पन्न करे.

कई साधकों ने इस बात को अनुभव किया है, कि श्रद्धा और विश्वास के साथ यह साधना सम्पन्न होते ही भगवती महाकाली के दर्शन हो जाते हैं.

मेरी राय में यह कलियुग में हम लोगों का सौभाग्य है कि इस प्रकार की साधना हमारे बीच में है, जिससे कि हम भगवती काली के प्रत्यक्ष दर्शन कर अपने जीवन को धन्य कर सके.

शीघ्र प्रभाव

साधनात्मक दृष्टि से यह साधना यदि पूर्ण मनोनुकूल अवस्था में सम्पन्न की जाय, तो इसके शुभ एवं शीघ्र प्रभाव दृष्टिगोचर होते हैं.

इसके लिए मंत्र सिद्ध प्राण प्रतिष्ठा युक्त महाकाली यंत्र और पूर्ण चैतन्य महाकाली चित्र सामने रख कर साधना करनी चाहिए. इसके अभाव मे साधना पूर्ण सफलतादायक नहीं होती.

यदि साधना न की जाय और केवल मात्र घर में ही इस प्रकार का चैतन्य यंत्र और चित्र स्थापित हो जाता है, तो निश्चय ही उसी दिन से अनुकूल परिणाम प्राप्त होने लगते हैं, जिसका अनुभव साधक शीघ्र ही करने लगता है.

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साधना विधि

साधक प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर अपने घर में किसी एकान्त स्थान अथवा पूजा कक्ष में चैतन्य मंत्र सिद्ध प्राण प्रतिष्ठा युक्त महाकाली यंत्र एवं महाकाली चित्र स्थापित करें.

यदि वह चाहे तो अकेला या अपनी पत्नी के साथ बैठकर पूजन कार्य कर सकता है.

पूजन के लिए कोई जटिल विधि-विधान नहीं है. यंत्र व चित्र पर कुंकुंम, अक्षत, पुष्प व प्रसाद चढ़ाकर संकल्प करें, कि मैं समस्त कामनाओं की पूर्ति सिद्धि केलिए महाकाली साधना कर रहा हूँ.

सर्वप्रथम गणपति पूजन व गुरु ध्यान कर इस साधना में साधक को प्रवृत्त होना चाहिए. साधक को चाहिए कि वह नित्य लगभग पन्द्रह हजार मंत्र जप सम्पन्न करे अर्थात् 150 मालाएं यदि नित्य साधक सम्पन्न करता है, तो आठ दिन में एक लाख मंत्र जप पूर्ण कर सकता है, जिससे कि उसे सिद्धि एवं अनुकूलता प्राप्त हो जाती है.

साधना काल में ध्यान रखने योग्य तथ्य

  • जो साधक या गृहस्थ महाकाली साधना सम्पन्न करना चाहे, उसे निम्न तथ्यों का पालन करना चाहिए, जिससे कि वह अपने उद्देश्य में सफलता प्राप्त कर सके
  • महाकाली साधना किसी भी समय से प्रारम्भ की जा सकती है, परन्तु नवरात्रि में इस साधना का विशेष महत्व है. नवरात्रि के प्रथम दिन से ही इस साधना को प्रारम्भ करना चाहिए और अष्टमी को इसका समापन किया जाना शास्त्र सम्मत है.
  • इस साधना में कुल एक लाख मंत्र जप किया जाता है. यह नियम नहीं है, कि नित्य निश्चित संख्या में ही मंत्र जप हो, परन्तु यदि नित्य पन्द्रह हजार मंत्र जप होता है, तो उचित है.
  • यह साधना पुरुष या स्त्री कोई भी कर सकता है, परन्तु यदि स्त्री साधना काल में रजस्वला हो जाय, तो उसी समय उसे साधना बंद कर देनी चाहिए. साधना काल में स्त्री संसर्ग वर्जित है, साधक शराब आदि न पिये और न जुआ खेले.
  • साधना प्रात या रात्रि दोनों समय में की जा सकती है, यदि साधक चाहे तो प्रातःकाल और रात्रि दोनों ही समय का उपयोग कर सकता है. साधना काल में रुद्राक्ष की माला का प्रयोग ज्यादा उचित माना गया है.
  • आसन सूती या ऊनी कोई भी हो सकता है, पर वह काले रंग का हो. यदि घर में साधना करे तो साधक पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठे, सामने घी का दीपक लगा ले, अगरबत्ती लगाना अनिवार्य नहीं है.
  • साधक के सामने पूर्ण चैतन्य महाकाली यंत्र और महाकाली चित्र फ्रेम में मढ़ा हुआ स्थापित होना चाहिए, जो कि मंत्र सिद्ध व प्राण प्रतिष्ठा युक्त हो .
  • प्रथम दिन महाकाली देवी का पूजन कर उसका ध्यान कर मंत्र जप प्रारम्भ कर देना चाहिए, पूजन में कोई जटिल विधि-विधान नहीं है, साधक मानसिक या पंचोपचार पूजन कर सकता है.
  • रात्रि में भूमि शयन करना चाहिए, खाट या पलंग का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए.
  • भोजन एक समय एक स्थान पर बैठ कर जितना भी चाहे किया जा सकता है, पर शराब, मांस, लहसुन, प्याज आदि का निषेध है.

अनुभव

साधक जब साधना आरम्भ करता है, तो तीसरे दिन ही उसे घर के साधना कक्ष में सुगन्ध का एहसास होता है. यह सुगन्ध अपने आप में अवर्णनीय होती है, चौथे या पांचवें दिन उसे कमरे में किसी की उपस्थिति का एहसास होता है.

आठवें दिन उस जगज्जननी महाकाली के प्रत्यक्ष या बिम्बात्मक रूप में दर्शन हो जाते हैं.

इसके लिए अखण्ड श्रद्धा और विश्वास के साथ साधना आवश्यक है. साधना के मध्य कुछ अप्रिय स्थितिया आ सकती है, लेकिन साधक को चाहिए कि वह अविचलित भाव से साधना को नियमित रखें.

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महाकाली साधना प्रयोग

प्रथम दिन स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर आसन पर पूर्व की ओर मुंह कर सामने शुद्ध घृत का दीपक लगाकर तथा महाकाली यंत्र व चित्र को स्थापित कर उसकी पूजा करें, इसके पूर्व गणपति और गुरु पूजन आवश्यक है.

इसके बाद दाहिने हाथ में जल लेकर हिन्दी में ही संकल्प लिया जा सकता है, कि मैं अमुक तिथि तक एक लाख मंत्र जप अमुक कार्य के लिए कर रहा हूं, आप मुझे शक्ति दें, जिससे कि मैं अपनी साधना में सफलता प्राप्त कर सकूँ ऐसा कह कर हाथ में लिया हुआ जल जमीन पर छोड़ देना चाहिए. इसके बाद नित्य संकल्प करने की आवश्यकता नहीं है.

फिर निम्नलिखित महाकाली ध्यान करें

शवारूदाम्महाभीमां घोरदंष्ट्रां हसन्मुखीम् चतुर्भुजां खड्गमुण्डवराभयकरां शिवाम् ..

मुण्डमालाधरान्देवीं लोलजिह्वान्दिगम्बरां एवं संचिन्तयेत्कालीं श्मशानालयवासिनीम् ..

ध्यान के बाद निम्नलिखित मंत्र का जप प्रारम्भ करें, जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है, इस मंत्र की रुद्राक्ष माला से नित्य एक सौ पचास मालाएं सम्पन्न होनी चाहिए

मंत्र

॥ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हुं हुं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं हुं हुं स्वाहा॥

वस्तुत यह मंत्र अपने आप में अद्वितीय महत्वपूर्ण शीघ्र सिद्धिप्रद और साधक की समस्त मनोकामना की पूर्ति में सहायक है.

महाकाली साधना कलियुग में कल्प वृक्ष के समान शीघ्र फल देने वाली है. इसकी साधना सरल होने के साथ ही साथ प्रभाव युक्त है.

इससे भी बड़ी बात यह है कि इस प्रकार की साधना करने से साधक को किसी प्रकार की हानि नहीं होती अपितु उसे लाभ ही होता है.

उच्चाटन प्रयोग

किसी भी व्यक्ति का मन यदि गलत कार्यों में उलझ गया है, तो सही दिशा की ओर के यह उच्चाटन प्रयोग करें.

इसके माध्यम से व्यक्ति का मन उस कार्य से उचट जाएगा और यह पुनः सही मार्ग पर अग्रसर हो जाएगा.

किसी भी शनिवार को काल भैरव गुटिका को पीपल के पत्ते पर स्थापित कर सिन्दूर से पूजन करें, तेल का दीपक लगा दें.

उस व्यक्ति का नाम लिखें जिसको उच्चाटन करना है. निम्न मंत्र का 101 बार उच्चारण करते हुए गुटिका को नदी में विसर्जित कर दें

 ॥ ॐ हूं अमुकं (नाम जिसका उच्चाटन करता है) हन हन स्वाहा ॥

reference : महाकाली साधना कैसे करे