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Wednesday, May 27, 2026
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Precognition Dreams यानि सपने में आने वाले को देखना क्या आपके पास ये खास शक्ति है ?

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Precognition Dream यानि आने वाले कल को Intuition or Sixth Sense के जरिए अनुभव करना. हम सपनो में आने वाले कल को देख सकते है क्यों की हमारा अवचेतन मन लगातार आने वाले समय को लेकर संकेत भेजता रहता है.

जिन लोगो में Telepathic Communication Skill होती है वे आसानी से Precognitive Dreams का अनुभव कर सकते है. सबसे बड़ी Problem है की हम इन्हें सिर्फ Subconscious Mind State Or Trance Like State में ही Experience करते है.

अगर Conscious State पर अनुभव किये जा सके तो लाइफ में इसका कितना बड़ा फायदा उठाया जा सकता है.

आने वाले कल से जुड़े जितने भी अनुभव हम करते है वे सभी अलग अलग मतलब लिए होते है. इसमें व्यक्ति की अलग ख़ासियत हो सकती है यहाँ तक की Ability भी.

Precognition meaning in Hindi

अगर आपके पास भी इस तरह की खास Psychic Ability है तो आपको अनजाने लोगो के साथ information शेयर करते टाइम सावधानी बरतने की खास जरुरत है.

ये सब मानसिक क्षमता विचारों से सबसे ज्यादा प्रभावित होती है. अगर आप Negative Thought से जल्दी ही प्रभावित हो जाते है तो आपको इससे बचना चाहिए.

इस पोस्ट में हम Precognition Psychic Ability के बारे में जानने वाले है.

सपने के दौरान अनजाने में ही आने वाले कल की झलकियाँ को देखना, खास तरह के संकेतों को बार बार महसूस करना और खास तरह के पैटर्न में सपने दिखाई देना इन सबका एक मतलब है और आपको इन्ही मतलब को समझकर लाइफ में इसका फायदा उठाना है.

Precognition dream meaning in Hindi

हम पहले भी Psychic Ability के बारे में बाते कर चुके है. इसके अलावा हर किसी में ये मानसिक क्षमता होती है ये भी जान चुके है. अक्सर लोगो के साथ ऐसा होता है की उन्हें आने वाले भविष्य की कुछ ऐसी झलकियाँ दिखाई दे जाती है जो आगे चलकर सच होती है.

कुछ लोगो के लिए Precognition dream एक Superstition हो सकता है लेकिन ऐसा हर किसी के साथ होना संभव है.

हम अब तक जिन मानसिक क्षमताओ के बारे में जान चुके है उन सभी को Concentration, Focus होकर Activate किया जा सकता है.

आने वाले Future की घटनाओं को महसूस करना और उनके होने के कुछ ही देर पहले ऐसा Feel होना की कुछ ऐसा होने वाला है जैसे की Hollywood Movie Final Destination में होता है.

ये नेचुरल है और हमारा बॉडी आने वाली घटनाओं पर कुछ ही देर पहले React भी करता है. ये बात अलग है की हम चेतन रूप में उलझे होने की वजह से अपने अन्दर की हरकतों को नोटिस ही नहीं कर पाते है.

आज हम Precognition Dreams यानि घटनाओं को पहले महसूस करने के बारे में डिटेल से जानने वाले है.

अगर आपने गौर किया हो तो Precognitive Dreams हमेशा Unconscious State में ही आते है, इन्हें Conscious State में Experience करने के लिए आपको बहुत ज्यादा फोकस होने की जरूरत होगी. पहले जान लेते है की ऐसा अवचेतन रूप से ही क्यों होता है.

Read : रातो रात निर्मित हुई एक ऐसी शैतानी बुक जो लोगो को बुराई की राह पर ले जाती है

अवचेतन रूप से घटना को महसूस करने की वजह

The Science behind Precognition के अनुसार ऐसा होने की मुख्य वजह Physiological Changes है.

इसे हम  Unconscious Precognition के तौर पर भी जानते है क्यों की जब हम मनोवैज्ञानिक बदलावों से गुजरते है तभी आने वाले भविष्य की घटनाओं पर हम Response कर पाते है और ऐसा बिलकुल क्लियर तौर पर होना संभव है.

Normal Condition में ऐसा होना possible नहीं है क्यों की जिस तरह की Mental Condition की जरुरत होती है वो इस स्थिति में नहीं होती है.

ये सब कुछ अनजाने में होता है क्यों की हमारा इस पर कोई कण्ट्रोल नहीं होता है. हम जो भी अनुभव करते है वो Unconscious State में ही होता है.

यही वजह है की हम ऐसी घटनाओं को याद नहीं रख पाते है. और जब कोई घटना घटती है जिसके बारे में हम पहले ही Precognitive Dreams देख चुके है तब सिर्फ कुछ पल पहले ही हमारा मस्तिष्क Conscious से Unconscious State में चला जाता है जिसकी वजह से हम कुछ भी React नहीं कर पाते है.

Precognition dream के दौरान हमारा पूरा Body Reaction And Chemical Changes बदल जाता है. हालाँकि ऐसा नहीं है की हम इसे कण्ट्रोल नहीं कर सकते है लेकिन इसके लिए आपको फोकस होने के लिए काफी प्रयास करना पड़ेगा.

अगर इसे Conscious State में लाया जाए तो क्या फायदे मिल सकते है ?

हम इस तरह की Activity को चेतन मन तक ला सकते है लेकिन, क्या आप जानते है ऐसा अक्सर होता क्यों नहीं है की कुछ भी जानने के बाद भी हम उस पर एक्शन नहीं ले पाते है. ऐसा होने की 2 मुख्य वजह है.

पहली अवचेतन मन तक हजारो विचार जाते है लेकिन सभी चेतन मन के लिए सही हो ये जरुरी नहीं इसलिए 99% Thoughts को Ignore कर दिया जाता है.

दूसरी ये की हमारा चेतन मन इतना काबिल नहीं होता है की तुरंत एक्शन या फैसले ले. Precognition dream की वजह से ज्यादातर Activity को Ignore कर दिया जाता है या फिर जो हो रहा है उसे होने दिया जाता है.

precognitive dreams

अगर आप इसे चेतन स्तर पर लागू कर फायदे लेना चाहते है तो आपको इसके लिए काफी मेहनत करनी होगी. सबसे पहले तो चेतन मन और अवचेतन मन दोनों के बिच के रिलेशन को सही करना होगा ताकि अवचेतन मन के फैसले को चेतन मन पर लागू किया जा सके.

अगर हम धीरे धीरे कर अवचेतन मन को ये भरोसा दिलाने में कामयाब हो जाए की उसके फैसले सही है और वो जो सोचता है उसे चेतन स्तर पर लागू किया जा सकता है तो वक़्त के साथ आप चेतन स्तर पर आने वाली घटनाओं को महसूस करना शुरू कर देंगे.

हमारी बॉडी की Activity भी कुछ खास परिस्थिति में ही संकेत देती है. अगर आप इसे समझना शुरू कर देते है तो भी आपको इससे फायदा ही मिलेगा.

“Pre Cognition Refers To The Non-Inferential Prediction Of Future Events.”

अब जान लेते है की ऐसा क्यों होता है ?

Read : सुबह के ठीक 3 बजे नींद का टूटना दे देता है ये संकेत जानिए आपके साथ ऐसा क्यों होता है

Precognitive Dreams आने की असली वजह

हम जाने अनजाने ही कई बार Daily Activity से हटकर किसी एक खास Activity पर ही फोकस हो जाते है. Precognition dream के दौरान भी यही होता है.

कहने को चेतन रूप से हम अपने Daily Day Routine को Follow कर रहे होते है लेकिन अन्दर से हमारा Unconscious Mind उस एक घटना पर फोकस रहता है जिसके बारे में सोचते है और जब ऐसा होता है तब हम खुद को 2 अलग अलग हिस्सों में महसूस करना शुरू कर देते है.

हम चेतन रूप से उस घटना पर रहते है जो उस वक़्त हो रही होती है लेकिन अवचेतन रूप से हमारे ही माइंड का एक हिस्सा उस घटना पर फोकस रहता है जिसके बारे में हम सोचते है. उदाहरण के लिए बेटे के साथ कुछ गलत होने वाला हो तो माँ को अचानक ही अहसास हो जाना वो भी सिर्फ कुछ देर पहले ही.

अक्सर ये घटना उन लोगो के साथ होती है जिनके दूसरो के साथ Telepathic Communication बेहद Strong होते है.

अवचेतन स्तर पर होने वाली इस Activity को हम Conscious Level पर महसूस कर सकते है बशर्ते हम कुछ खास अभ्यास करे. सबसे पहली कंडीशन है आपका खुद पर भरोसा होना, लिमिट से परे हो जाना और ये मान लेना की जो हम सोच सकते है वो संभव है.

Types of Precognition Dream Psychic Ability

हम जो भी भविष्य में होने वाली घटना का अनुभव करते है उन्हें अलग अलग Types में समझ सकते है. आपको अनुभव होने वाली झलकियाँ किस तरह की है ये आप इस आधार पर चेक कर सकते है.

  • Astrological Divination /Stargazing: किसी व्यक्ति को देखते ही उसके बारे में आगे क्या होगा वो बाते बताना.
  • Accelerated Probability: किसी इवेंट के कितने परिणाम हो सकते है इसकी गणना करना.
  • Abacomancy: किन्ही खास चीजो में ही भविष्य को देखना जैसे की Smoke, Sand, Or Dust Etc.
  • Danger Intuition: आने वाले किसी संभावित खतरे को पहले ही महसूस करना ( मेरे केस में ऐसा ज्यादातर हो चूका है 🙂 )
  • Flash Precognition: किसी घटना के होने से कुछ पल पहले ही उसके बारे में पता लग जाना.
  • Precognitive Dreaming: सपनो के माध्यम से आने वाले कल को देखना. ये सीधे तौर पर हो सकता है या फिर किसी दुसरे व्यक्ति से भी जुड़ा हुआ हो सकता है.
  • Precognitive Artistry: कला के माध्यम से उन चीजो को रूप देना जो हम Subconscious State Of Mind में अनुभव करते है. ये Painting या sketch Real Life से वास्ता नहीं रखता है बल्कि बनाने वाले के दिमाग की उपज होती है.
  • Premonition / Presentiment: ये भी भविष्य को पहले ही देखने का तरीका है जिसमे हम Intuitive Senses, Emotions, Or Feelings के आधार पर ये जान लेते है की आगे क्या होने वाला है. आने वाली घटनाओं के बारे में संकेत मिलने शुरू होते है वो इसी का एक हिस्सा है.

ये सभी Precognitive Abilities के अलग अलग तरीके है जिनके माध्यम से हम भविष्य को महसूस करते है.

Read : क्या वाकई हमजाद की साधना का अभ्यास करना सेफ है ? कुछ सावधानियां और खतरे जिन्हें जान लेना चाहिए

हम अपनी इस काबिलियत को कैसे बढाए ?

हम जानते है की Psychic Abilities हमारे Subconscious Level पर निर्भर करती है. हर कोई इसे Activate कर सकता है और उन्हें अपनी लाइफ में सही मायने में काम में ला सकता है. यहाँ हम कुछ Tips को Follow कर सकते है जो Sixth Sense को ज्यादा से ज्यादा Active रख सकते है.

Be Receptive: हमारा अवचेतन मन हमें लगातार घटनाओं के बारे में जानकारी भेजता रहता है. Subconscious Level पर हम इन्हें Symbol, Flash, Thoughts, Feelings, Or Physical Sensations के रूप में महसूस कर सकते है.

Precognition dream में आपको जरुरत है Receptive बनने की क्यों की इसके बगैर आप इन्हें समझ नहीं सकते है और बिना इसके आप अपने Intuition को नहीं समझ पाएंगे.

Dream Journal: हम जो भी अनुभव करते है उन सबका कुछ न कुछ मतलब होता है. हो सकता है कुछ चीजे आपको बेमतलब लगे और आप इन्हें Ignore करने की कोशिश करे लेकिन इन्हें अपने Dream Journal में Record करना शुरू कर दे.

Practice Remaining Calm: अगर आपका मस्तिष्क शांत है तो आप Emotional States में होते है और इसी दौरान आप अपने आसपास के लोगो को बेहतर समझ सकते है. कोशिश करे की आप Stress And Dark Intrusive Thought को खुद से जितना हो सके दूर रख सके.

ये तनाव की स्थिति आपके Psychic Signals को Block कर देती है जिसकी वजह से आप खुद पर फोकस नहीं हो पाते है. इसलिए शांत रहे और अपने बॉडी और माइंड की State को समझे.

Live In The Moment: लगातार आने वाले या बीते कल के बारे में सोचते रहने की वजह से भी हम अपने आसपास क्या हो रहा ये जान नहीं पाते है. बेहतर होगा की आप खुद को वर्तमान में रखे. सिर्फ ऐसा करने की वजह से हम खुद के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक बन सकते है जो की हमें Precognition Signal को Receive करने में मदद कर सकती है.

Top Fact about Precognitive Dreams

  • हम सपने के दौरान Precognitive Visions को अनुभव कर सकते है लेकिन इसका ये मतलब नहीं की हम सपने के दौरान जो भी देखते है वो सब इससे जुड़ा हुआ हो.
  • जिन लोगो में Psychic Ability होती है वे जागते हुए भी इसका अनुभव कर सकते है. इसके लिए उन्हें खुद को एक खास State में रखना होगा या फिर किसी खास गतिविधि के जरिये उस अवस्था में जाना होता है.
  • अगर आपको Precognitive Visions किसी भी Event से कुछ देर पहले ही होता है और ये आपका पहला अनुभव है तो आपको Serious Trauma जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
  • अगर आप किसी व्यक्ति से जुडी घटनाओं को महसूस करते है तो इसका मतलब वो आपसे बेहद क्लोज है.
  • इस तरह की Mental Power को हम Second Sight भी कह सकते है यानि एक घटना को दो बार अनुभव करना.
  • अगर आपको लगता है की आपके अन्दर ये खास क्षमता है तो अजनबी लोगो के साथ जानकारी शेयर करते टाइम सतर्क रहे. ये Psychic Energy Vampire आपको बुरी तरह से प्रभावित कर सकते है.

मानसिक शक्ति को हमारे विचार सबसे ज्यादा प्रभावित करते है. अगर आप सही सोच नहीं पाएंगे और लोगो की सोच से जल्दी प्रभावित हो जाते है तो जल्दी ही आप इस तरह की क्षमता को खो सकते है इसलिए सावधान रहे.

Read : आत्माओं से बात करने के सबसे सरल माध्यम में से एक – amazing tricks of table science

Precognition Dream Psychic Ability Final Thought

हर किसी में खास मानसिक क्षमता हो सकती है. अगर आप आने वाले कल को आज महसूस कर पा रहे है तो हैरान न हो क्यों की ये किसी तरह की Super Power नहीं है बल्कि आपके ही Subconscious Mind की एक Ability है जिसे आप इस्तेमाल करना सीख रहे होते है.

Precognition Dream जिन लोगो को अनुभव होते है उनकी Telepathic Skill काफी उन्नत होती है और वे आसानी से किसी भी व्यक्ति के साथ Emotional State में जुड़ सकते है. आपको सावधान होने की जरुरत है तो सिर्फ ऐसे लोगो से जो आपकी Energy को चूसते है. हम इसके बारे में पहले ही बात कर चुके है. Psychic Energy Vampire की पोस्ट में आप इसे डिटेल से पढ़ सकते है और जान सकते है की ये कितना जरुरी है.

हर किसी में Psychic Ability And Power हो सकती है क्यों ये हमारे अवचेतन मन का एक हिस्सा है. अगर आप इसका अनुभव करते है तो घबराइये नहीं बल्कि खुद को अवचेतन स्तर पर ले जाने की कोशिश करे और इसका फायदा उठाकर अपनी लाइफ को Easy बनाने की कोशिश करे.

Top 5 Benefits of Aromatherapy आखिर क्यों ये मेडिसिन का एक बेहतर विकल्प है ?

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अब तक हम अरोमाथेरेपी के बारे में पढ़ चुके है. Aromatherapy Oils के साथ साथ Aromatherapy Candles और Aromatherapy Diffuser का प्रयोग होना आज के समय में आम हो गया है. ये सब आपको सामान्य वातावरण से परे होने का अहसास करवाते है साथ ही smell के जरिये सीधे आपके brain पर असर डालते है.

आज हम Benefits of Aromatherapy in Hindi के बारे में बात करने वाले है.

अरोमा थेरेपी एक प्राकृतिक इलाज है जो की तनाव, सरदर्द और बॉडी पैन के साथ साथ आपके दिमाग को तुरंत आराम देने का काम करता है. अगर आप इसे किसी Professional therapist से ले रहे है तो इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है और बिना किसी परेशानी के आप इसका सही लाभ ले सकते है.

सही नींद ना ले पाने की वजह से हम बॉडी और मेंटल स्तर पर सही से काम नहीं कर पाते है ऐसे में इसका उपचार हमें बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के बेहतर नींद लेने में मदद कर सकता है.

Benefits of Aromatherapy

aromatherapy पूरी तरह से Natural ingredient पर based है इसलिए इसका कोई side effect नहीं है.

इसमें इस्तेमाल होने वाले oils सीधे हमारे skin पर असर डालते है. जिसकी वजह से तुरंत आराम देखने को मिलता है. अरोमा थेरेपी एक मेडिकल ट्रीटमेंट है ना की कोई मसाज इसलिए सिर्फ आनंद और बॉडी relax को न देखते हुए इसके मुख्य 5 फायदे के बारे में जाने की कोशिश करे. आइये जानते है की इससे हमें क्या क्या फायदे मिलते है.

Benefits of Aromatherapy

अरोमाथेरेपी आज पूरे विश्व में एक Alternative Medicine बन चुकी है. कुछ खास Essential Oils का इस्तेमाल कर Body And The Mind दोनों के लिए ही Positive Result प्राप्त किये जाते है. हालांकि ये बात सच है की ये सभी Essential Oils पूरी तरह से Natural Plants और Flowers से लिए जाते है लेकिन Aromatherapy के लिए ये Primary Medium नहीं है.

इन oils के अलावा Sea salts, milk powders, mud and clay, herbs, and cold pressed vegetable oils ऐसे medium है जिनका aromatherapy में काफी इस्तेमाल किया जाता है. इस्तेमाल की जाने वाली Ingredients की fragrances of essential oils का हमारे brain पर direct effect होता है.

दिमाग तक सीधा असर करने की वजह से इसका तुरंत असर हमारे Vital body function पर देखने को मिलता है.

aromatherapy के फायदे बहुत सारे है लेकिन हम बात करेंगे सिर्फ Top 5 Benefit of Aromatherapy Oils के बारे में.

Eases Nausea

अगर किसी को सांसो से जुडी समस्या है खासकर नाक से तो उसके लिए ginger and peppermint के Essential Oils किसी वरदान से कम नहीं है. ये आपके पेट से जुडी तकलीफे दूर करता है. Peppermint आपको symptoms of asthma and sinusitis से आराम दिलाने के साथ साथ Concentration में भी मदद करता है.

Ginger के अपने दूसरे फायदे है जैसे की arthritis, fatigue, and sore muscles वो भी Nausea की समस्या को दूर करते हुए, अब तो आप समझ गए होंगे की ये कितना फायदेमंद और सेफ है.

2. Increases Energy

अगर आप alertness, focus, and concentration को बढ़ाना चाहते है वो भी energy को increase करते हुए तो आपको aromatherapy with cinnamon, peppermint, or rosemary को आजमाना चाहिए. सर्कुलेशन को improve करने के लिए आप black pepper का इस्तेमाल कर सकते है.

ये ना सिर्फ आपके blood Circulation को improve करेगा बल्कि दिमाग को भी सही तरह से काम करने में हेल्प करता है.

अगर आप Depression and stress की वजह से खुद में energy or motivation की कमी महसूस कर रहे है तो आपको rose oil, sandalwood, orange, lemon, grapefruit, or clay sage का प्रयोग करना चाहिए. ये आपके अन्दर एक नई उर्जा का संचार करने में मदद कर सकते है.

Improves the Quality of Sleep

ज्यादातर लोग जब depression में होते है या थके होने के बावजूद नींद ना आने की समस्या से जूझ रहे होते है तो वे सोने के लिए sleeping medicine लेते है. इससे नींद तो आ जाती है लेकिन जो नींद की कमी होती है वो पूरी नहीं होती है साथ ही समय के साथ हम इसके आदी हो जाते है.  ऐसी स्थिति में आप Benefits of Aromatherapy ले सकते है.

इस कंडीशन में chamomile and lavender जैसे Essential Oils का Aromatherapy में इस्तेमाल करना आपको आराम देगा. इसकी हेल्प से आप न सिर्फ एक Deep Guided sleep का लुफ्त ले सकते है बल्कि उठने के बाद एक नई उर्जा का अहसास भी प्राप्त कर सकते है. Benefits of Aromatherapy आपको सिर्फ नींद लेने में हेल्प नहीं करती है बल्कि Quality sleep लाती है ताकि आप खुद को तरोताजा महसूस कर सके.

पढे : corona virus symptom and Precaution खतरनाक वायरस से बचाव कैसे करे

Relieves Anxiety and Stress

पूरे दिन भर काम काज में हम इतना थक जाते है की Anxiety and Stress से घिरना स्वभाविक है. अगर आप natural तरीके से खुद को relax feel करवाना चाहते है तो आपको aromatherapy का सहारा लेना चाहिए. मुख्य 5 फायदों में से एक है तनाव से छुटकारा दिलाना.

तनाव से छुटकारा दिलाने में jasmine Essential Oils सबसे perfect है. इसके साथ ही chamomile, lavender and rose का इस्तेमाल करना आपको जल्दी ही calm बनने में मदद करता है. तनाव से घिरे होने की कंडीशन में lavender and rosemary का इस्तेमाल करना आपको तनाव से तुरंत छुटकारा दिलाने में मदद करता है.

आप चाहे तो इसके अलावा दूसरे Essential Oils जैसे की ylang ylang, patchouli, neroli, geranium, cedar wood, or bergamot इन सबका इस्तेमाल भी कर सकते है. amazon पर ये सब आसानी से मिल जायेंगे.

5. Brings Relief from Headaches

सरदर्द होना आज आम बात हो चुकी है. अगर आप chronic headaches से गुजर रहे है तो pain killer का इस्तेमाल करना आपको कुछ देर के लिए आराम तो दे देगा साथ ही ये आसान उपाय है लेकिन, इसका इस्तेमाल करना आपको इसका आदी बना सकता है और इसके side effect आगे चलकर दिखने लगते है.

इसके बजाय अगर आप essential oil of peppermint का इस्तेमाल करते है तो आपको इसमें effective results देखने को मिलते है. कुछ कंडीशन में migraines or severe headaches की स्थिति में भी chamomile का इस्तेमाल करना आपको न सिर्फ आराम देगा बल्कि मूड बदलने में भी हेल्प करेगा.

Read : आत्माओं से बात करने के सबसे सरल माध्यम में से एक – amazing tricks of table science

Benefits of Aromatherapy final word

आज से नहीं बल्कि युगों से mental and emotional well being के लिए aromatherapy का इस्तेमाल किया जाता आ रहा है. Aromatherapy Oils के साथ साथ Aromatherapy Candles और Aromatherapy Diffuser का इस्तेमाल इसके मॉडर्न तरीके को दर्शाता है.

आज तनाव, सरदर्द और बेहतर नींद में आराम के लिए अरोमाथेरपी एक बेहतर विकल्प बन चुकी है.

अगर आप लम्बे समय से माइग्रेन, सरदर्द और किसी भी तरह के बॉडी और माइंड स्तर पर परेशानी से जूझ रहे है तो आपको इसका प्रयोग लेना चाहिए.

आज हर शहर में इसके सेण्टर आपको देखने को मिल जायेंगे लेकिन, जहाँ पर 100% Natural Essential Oils का इस्तेमाल हो और trained professional aromatherapist हो उनसे ही इसका ट्रीटमेंट ले वर्ना इसके कुछ साइड इफ़ेक्ट से रूबरू होना पड़ सकता है.

कुछ oils हर किसी को सूट नहीं करते है ऐसे में असावधानी के साथ किया गया प्रयोग आपको फायदे की जगह नुकसान दिला सकता है. अरोमा थेरेपी एक बेहतर विकल्प है लेकिन बेहतर होगा की योग्य व्यक्ति से इसकी Treatment ली जाए.

क्या आप भी सबसे सस्ता वशीकरण उपाय देख रहे है ऐसा करने से पहले इसे जरुर पढ़ ले

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ऐसे बहुत सारे लोग है जो google पर sabse sasta vashikaran kaise kare. या kya km paiso me vashikaran kiya ja sakta h को search करते रहते है.

अगर किसी की girl-friend उसे छोड़ कर चली जाती है तो वो vashikaran specialist baba jo km paiso me kam kar de की तलाश करना शुरू कर देता है.

क्या आपको google पर ऐसा बाबा मिला जो सही में काम कर देता है. genuine or asli vashikaran ki fees kitni hoti h क्यों की युवा पढाई करते है. ऐसे में pahle kaam fir paise me vashikaran करने वाले बाबा की तलाश हर किसी को रहती है.

वशीकरण और फ्रॉड बाबा की सीरीज में आगे बढ़ते हुए हम बात करेंगे आज के टाइम में वशीकरण की service कम से कम कितने खर्चे पर मिलती है. अगर आपके पास पैसा है और आप सही व्यक्ति से मिलते है तो आपका काम जरुर होगा. लेकिन इन्टरनेट पर नहीं.

ब्लॉग पर आपको ये service मिल सकती है लेकिन तब जब आपके पास 10K yani 10000 रुपये हो. आज हम कुछ महत्वपूर्ण बातो पर चर्चा करेंगे खासतौर से इस समय की डिमांड sabse sasta vashikaran और इसके सीक्रेट की.

शक्तिशाली और sabse sasta vashikaran कैसे किया जाता है

वशीकरण में कितना खर्चा आता है.

लड़की लड़के को छोड़ कर चली जाती है, पति-पत्नी में अनबन सास ससुर से अनबन इन सबकी वजह से लोग तुरंत समाधान चाहते है. भारत जैसे देश में ही नहीं विकसित देश जैसे की  USA, UK, London and Australia इन सभी country में भी vashikaran की service लोग महसूस करने लगे है.

ऐसे में कई लोग जो खुद को बहुत बड़ा बाबा बताते हुए कुछ ही समय में आपकी समस्या का समाधान करने का दावा करने लगे है.

वशीकरण में खर्च निर्भर करता है की आप किस तरह का वशीकरण करवाना चाहते है.

बिना कुछ खिलाए-पिलाए, सामग्री के जरिये, अनुष्ठान के जरिये और energy यानि उर्जा जिसमे जिन्न, जिन्नात और प्रेत जैसी हर शक्तिया शामिल है. लेकिन जो लोग इसका दावा करते है उनके पास ऐसा कुछ नहीं होता है.

आपकी तरह simple से लोग है जो google पर baba बन बैठे है.

शक्तिशाली और sabse sasta vashikaran कैसे किया जाता है

बिना खिलाए-पिलाए सबसे शक्तिशाली वशीकरण किया जाता है. कम से कम टाइम में सामने वाले को आपके प्यार में पागल बनाने के लिए तामसिक उर्जा का आवाहन कर भी वशीकरण किया जा सकता है लेकिन ये खतरनाक है. ( विधि जानने के लिए संपर्क कर सकते है )

काफी टाइम से जब से ब्लॉग पर वशीकरण का टॉपिक और service शुरू हुआ है. काफी कॉल और ईमेल मिले. 100 में 90 ऐसे ही लोग थे जो वशीकरण को खेल समझते है. लड़की रूठ गयी है उसे मनाना है, अमुक लड़की ने धोखा दिया है उसे वापस प्यार में पागल करना है.

लेकिन जब उनसे पूछा गया की वाकई करवाना चाहते हो तो लम्बी चौड़ी बाते करने लगते है और जब बात आई खर्च की तो चुप. शायद वो सोचते है की यहाँ उनको sabse sasta vashikaran मिल जायेगा.

वशीकरण की जेन्युइन service sachhiprerna blog पर उपलब्ध है लेकिन इसकी fees 10000 से शुरू की गयी है जिसकी सबसे बड़ी वजह ऐसे लोगो को टालना है जो सिर्फ मजे मजे के लिए दुसरो पर वशीकरण करवाना चाहते है.

10% ऐसे लोग भी होते है जो वास्तव में बुरी हालात में होते है उनकी मदद भी की जाती है.

sabse sasta vashikaran – कुछ बाते जो आपको जान लेनी चाहिए

काफी लोगो के मन में शंका है की हमें इसके बारे में इतना पता है तो हम ही ऐसा क्यों नहीं कर रहे या फिर कही हम अपने प्रचार के चक्कर में ये सब तो नहीं लिख रहे. सबसे पहली बात हम ये सब कर चुके है शक्ति और उसके अहंकार को झेल चुके है.

दूसरा हमारा पूरा ध्येय अपने अंतर की यात्रा है जिसके कारण बाह्य शक्तिया और उनका प्रयोग कर उर्जा को नष्ट करना नहीं चाहते.

फिर भी अगर आपको देखना हो की वशीकरण होता है यां नहीं और शक्तिशाली वशीकरण कैसे किया जा सकता है तो हमसे contact कर सकते है.

पहले ही दिन में आपको इसकी शक्ति का अहसास हो जायेगा. लेकिन ये free नहीं है और मनोरंजन के उदेश्य से contact ना करे.

साथ ही अगर आप मजबूर हो तभी इसके लिए contact करे. हमारी fees आपको इसी पोस्ट में पता चल जाएगी.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

fraud vashikaran specialist baba आपको कैसे बेवकूफ बनाते है

fraud vashikaran specialist baba जैसा की हम पिछली पोस्ट में बता चुके है कैसे आपको sabse sasta vashikaran  के नाम पर बेवकूफ बना कर आपकी सारी बाते सुनकर आपसे ऐसे शो करेंगे की जैसे आपकी सभी समस्या वो जानते है और काम कर देंगे.

हकीकत में आपकी बातो को सुनकर आपको ही उन्हें बता देना ये उनका खेल होता है.

vashikaran without any negative effect

शुरू में वो आपसे कम पैसे मांगते है ताकि आप आसानी से काम करवाने को मान जाओ.

इसके पीछे सोच समझा खेल होता है. आइये जानते है. ज्यादा जानकारी के लिए आप इसे पढ़ सकते है वशीकरण एक्सपर्ट से संपर्क करने से पहले जान ले ये जरुरी बातें

शुरू में मांगते है कम पैसे

हम सभी की आदत है सस्ते के पीछे भागते है. और फिर उसी सस्ते के चक्कर में पड़ कर महंगे से भी ज्यादा खर्च कर देते है.

आज के टाइम में आप बाजार से chinise product खरीद लो काफी सस्ते में मिल जायेगा लेकिन जब उसे आप सही करवाना चाहोगे तो एक महंगे प्रोडक्ट से भी ज्यादा उसका खर्च आपको उठाना पड़ जाता है. इसी वजह से कहा गया है.

“सस्ता चले एक बार महंगा चले बार-बार”

अगर आप अब भी ये विश्वास करते है की google से आप नंबर लोगे और बाबा लोग से contact कर sabse sasta vashikaran में काम करवा लोगे तो इस गणित को एक बार देख लो.

Read : Astral Travel projection की ये 10 technique न सिर्फ आसान है बल्कि सही तरह से अनुभव करने में भी कारगर है

sabse sasta vashikaran – जान लीजिये इसके पीछे के गणित को

अगर आपने किसी फ्रॉड बाबा से contact किया हो तो आपको ये चीज समझ आ गयी होगी की कैसे वो आपको sabse sasta vashikaran के नाम पर बेवकूफ बनाते है. चलिए जानते है इसके बारे में और ज्यादा क्लियर तरीके से.

  • मान लो आप बाबा से contact करते है.
  • बाबा ने आपको खर्च बताया : 3000-4000 रूपये
  • बाद में काम सिर्फ 10% अटका है या इस वजह से अटक गया है तो पूजा / बलि करनी पड़ेगी : 3000-4000 रुपए
  • इतने से भी मन नहीं भरेगा तो कह सकते है की सामने वाले पर जो करवाया है वो काफी शक्तिशाली है और बड़ी पूजा या अनुष्ठान कर उसका प्रभाव काटना पड़ेगा : 5000-8000 रूपये
  • अब जरा टोटल करे तो ये राशी पड़ती है : 20000-25000 रुपये

ये तो उन लोगो से लिया जाता है जो सामान्य होते है जैसे की कॉलेज के लड़के लडकिया. अगर आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी खासी मजबूत है और मजबूर गृहणी है तो ये लाख में भी नहीं रूकती है.

ये सारा खेल किस्तों का है और हम इसमें बुरी तरह फंसते चले जाते है क्यों की एक बार पैसे दिए तो क्या पता दूसरी बार देने से काम बन जाए, तीसरी बार बन जाए.

यही आस हमें और ज्यादा खर्च पर मजबूर कर देती है और जब पता चलता है की कुछ नहीं होने वाला तब तक हम लूट चुके होते है.

वही मौलाना जी जो हमारे ब्लॉग से जुड़े है सिर्फ एक बार आपको खर्च बताएंगे. उनकी process भी सरल है

  • पहले आप अपनी कुछ जानकारी जो basic हो समस्या के बारे में वो बताओ ना की अंदर की बात.
  • कुछ देर बाद वो आपको फोन पर बता देंगे की समस्या क्या है.
  • इसके बाद खर्च और solution बता देंगे जो एक बार ही होता है.

Read : रातो रात निर्मित हुई एक ऐसी शैतानी बुक जो लोगो को बुराई की राह पर ले जाती है

sabse sasta vashikaran और किस्तों में पैसे मांगने का खेल

नोट-बंदी जब से हुई है हमारी आर्थिक स्थिति पर बहुत असर पड़ा है. पहले जहा लोग आसानी से 1 लाख तक फ्रॉड बाबा को दे देते है वही लोग आज मजबूर हो चुके है क्यों की नकदी नहीं है.

इसका सबसे बड़ा असर इस पर पड़ा है.

अब इन फ्रॉड बाबा ने एक न्य प्लान सोचा की क्यों ना लोगो को सस्ते का लालच दे, हालाँकि ये पहले भी होता था लेकिन अब ज्यादा बढ़ चूका है.

genuine वशीकरण करने वाला कभी भी सस्ते का लालच नहीं देता जितना उसका खर्च होता है और मेहनत होती है उतना ही बताता है.

क्या वाकई sabse sasta vashikaran काम करता है – अंदर की बात

एक बार आपने ऐसे लोगो को पैसा दे दिया तो वो आपको 2-3 दिन का वेट करने करने का कहते है.

जब दिन बीतने के बाद अप उन्हें फोन करते है तो काम ना हो पाने की वजह बता कर वो आपको एक नयी साधना और क्रिया के लिए पैसे की मांग करते है.

आपको लगता है की कुछ ही पैसो की बात है क्या पता काम हो ही जाए. इसी आस में आप पैसे दे देते है फिर से वही आपको कुछ दिन का इन्तजार करने का कह देते है. इसमें सबसे ज्यादा पोपुलर हो चूका है की

how to cast love spell that works fast

“जिस पर आप वशीकरण करवाना चाहते है उस पर पहले जिसने वशीकरण किया है वो बहुत शक्तिशाली है या फिर उसका प्रभाव इस साधना से हटा नहीं है सिर्फ इसी वजह से आपका काम अटका पड़ा है.”

मज़बूरी में आप उनसे इसका समाधान पूछते है तो वो पूजा, हवन या बलि का कारण बताते है. ये सब आप तो कर नहीं सकते इसलिए पैसे अकाउंट में डाल दो वो वहा से काम कर देंगे. लेकिन सबसे बड़ा सवाल

क्या आपका काम हुआ ?

नहीं वो कुछ नहीं करते सिवाय आपके पैसे को अपने काम में इस्तेमाल करने के.

यही वजह है की लोग कई जगह sabse sasta vashikaran try करते है की उनका काम हो जाए लेकिन उन्हें मिलता है धोखा जो उनके रहे सहे विश्वास को भी ख़त्म कर देता है.

Read : कही आप भी किसी तरह के वशीकरण या काले जादू का शिकार तो नहीं ? 10 संकेत जो बताते है किसी ने कुछ किया है

real vashikaran और इसकी fees

जो real में वशीकरण करते है उनकी fees 10000 से लेकर हजारो में होती है. इसकी कुछ वजह है पहला उनके पास सही ज्ञान होता है और वो ऐसा कर सकते है. दूसरा उन्हें पता है की इसका फायदा आपको किस तरह हो रहा है.

ज्यादातर केस में आपका personal स्वार्थ छुपा होता है इसलिए इतने high rate पर काम करना तो बनता है.

इसके अलावा ऐसे लोगो को पहले ही दूर कर देना है जो टाइमपास करते है, या फिर अपने मजे के लिए करवाना चाहते है.

क्यों की ऐसे भी लोग है जिनकी छोटी छोटी बात पूरी नहीं होती तो वशीकरण करवा लेते है सोच कर परेशान करते है. जब उन्हें बताया जाता है की इसकी fees इतनी है तो दोबारा कॉल ही नहीं आता है.

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sabse sasta vashikaran – अंतिम शब्द

दोस्तों वशीकरण होता है और हर कोई जिसका दिल मजबूत है, जूनून है वशीकरण कर सकता है.

आज की पोस्ट लिखने का मेरा मकसद लोगो को sabse sasta vashikaran की हकीकत से रूबरू करवाना था. उम्मीद करता हूँ आपको काफी सारी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से मिली होगी.

अभी तक काफी कॉल आ चुके है और लोग कहते है की हमारे इतने पैसे खा गए तो सुनकर गुस्सा आता है.

खैर इस पोस्ट को पढने के बाद आपकी काफी सारी शंका का समाधान हो गया होगा.

निवेदन : इस पोस्ट को शेयर जरुर करे ताकि आपके आसपास अगर ऐसे लोग है जो मजबूर है और sabse sasta vashikaran  की आस में ऐसे फ्रॉड बाबा के चक्कर में पड़ कर पैसा गँवा रहे है तो उन्हें समझ आ जाये की ये सब धोखा है. आपके सुझाव, विचार और अनुभव कमेंट जरुर करे.

क्या होगा अगर आध्यात्मिक यात्रा में अनुभव सुखद की बजाय भयावह बन जाए – Spiritual emergency

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Spiritual journey के दौरान हमें कई तरह के अनुभव होते है, कुछ अच्छे तो कुछ बुरे अनुभव. अगर हमारे अनुभव सही है तो हम खुद को मोटीवेट करते हुए आगे बढ़ते जाते है लेकिन क्या होगा अगर हमारे अनुभव अचानक इतने तेज हो जाए की हम समझ ही ना पाए की क्या करना चाहिए.

कई बार आध्यात्मिक अभ्यास जैसे किसी साधना में हमें अनुभव इतने ज्यादा और तेजी से होने लगते है की हमारे विवेक काम ही नहीं कर पाता है.

ऐसी स्थिति को Spiritual Emergency के नाम से जाना जाता है. कुछ ही समय में ये आपको पूरी तरह बदल सकती है.

ऐसी स्थिति में हम समझ नहीं पाते है की हमें क्या करना चाहिए क्या नहीं. क्या हमारे अनुभव गलत है या हम कुछ गलत कर रहे है ?

नहीं हमारी साधना सही है लेकिन हमारी स्थिति ऐसी नहीं की हम खुद को इस Emergency के खिलाफ तैयार कर पाए. साधना हमारे अन्दर के रहस्यों को पहले उजागर करती है और ये प्रक्रिया स्वाभाविक है लेकिन, अगर यही प्रक्रिया अचानक और तेजी से होने लगती है तो हम समझ नहीं पाते है.

Spiritual Emergency

Spiritual Emergency जैसी स्थिति में घबराने की जरुरत नहीं है क्यों की साधना गलत नहीं है. आपको जो अनुभव हो रहा है वो एक सामान्य प्रक्रिया है और आपको इसे समझते हुए आगे बढ़ने की जरुरत है. इसे ना समझ पाने की स्थिति में हमें शांति की जगह तनाव का अनुभव होना शुरू हो जाता है.

वैसे तो हम पहले की पोस्ट में आध्यात्मिक उदासीनता के बारे में बता चुके है लेकिन इस पोस्ट में हम कुछ खास बातो को समझने की कोशिश करेंगे.

What is Spiritual Emergency

जब कोई व्यक्ति आध्यात्म के रास्ते पर आगे बढ़ता है तो अलग अलग कंडीशन में उन्हें कई अलग अलग अनुभव होते है. Spiritual awakening के दौरान होने वाले अनुभव कई बार इतनी तेजी से होते है की अभ्यास करने वाले साधक उसे सहन नहीं कर पाते है.

अचानक होने वाले अनुभव साधक को डरा सकते है जिसका सीधा असर उसके दिमाग और शरीर पर पड़ता है. अगर spiritual Journey के दौरान अनुभव की बजाय साधक को Side effect का सामना करना पड़ता है तो ये स्थिति Spiritual Emergency कहलाती है.

इसे दुनिया के सामने लाने वाले Czech psychiatrists Stanislav and Christina Grof थे जिन्होंने अपनी 1989 book Spiritual Emergency में इसके बारे में पहली बार अपने विचार रखे थे.

ये स्थिति किसी की भी लाइफ में कभी भी हो सकती है. अगर आप किसी तरह का साधना अभ्यास न करते हुए सिर्फ spiritual path से spiritual crisis जुड़े हुए है तब भी आप इसके अनुभव कर सकते है.

ये अनुभव कई बार इतने भयानक होते है की साधक को सदमा लग सकता है जैसे की spiritual crisis यानि ऐसी स्थिति जिसमे हम जब भी कुछ आध्यात्मिक करना चाहते है हमारे आसपास की कंडीशन बहुत ज्यादा ख़राब हो जाती है.

आसान शब्दों में कहे तो में अपना ही अनुभव शेयर करूँगा. जब भी में साधना में बैठने की इच्छा करता था मेरे साथ ऐसी कोई न कोई स्थिति बन जाती थी की मुझे वो जगह छोड़कर बाहर जाना पड़ता था. ये स्थिति कुछ समय से लेकर कुछ सालो तक बनी रह सकती है.

हमें क्या क्या जानने की जरुरत है ?

इस पोस्ट में हमने Spiritual Emergency के दौरान होने वाले विपरीत अनुभव जिनकी वजह से ज्यादातर लोग डर जाते है के बारे में कुछ रहस्यों को जानने की कोशिश की है. आप चाहे तो इनके बारे में निचे के लिंक पर क्लिक कर मुख्य बातो को समझ सकते है.

आध्यात्मिक आपातकालीन से गुजरने के 15 सबसे बड़े संकेत

वैसे तो Spiritual experience हमारे लिए बढ़िया है लेकिन जब इसके अनुभव हमें फायदे की जगह परेशान करने लगे तो हमें रुक जाना चाहिए. हमारे लाइफ में ऐसे कई अनुभव होते है जो इशारा करते है की हम किसी तरह की Spiritual Emergency से गुजर रहे है. ये स्थिति हमें सिर्फ तकलीफ देती है जिन्हें में निचे शेयर कर रहा हूँ.

  1. आप दिनभर की क्रियाओ से भाग नहीं सकते है.
  2. आपको अपने jobs से सिर्फ इसलिए प्रॉब्लम हो रही है क्यों की इससे आप अपने अन्दर की संवेदनशीलता को छिपा नहीं पा रहे है.
  3. ऐसा लगता है मानो पूरी दुनिया की मुसीबत सिर्फ आपके लिए ही बनी हो.
  4. आपको सोने में तकलीफ हो रही है जिसकी वजह से आपको Night terror का सामना करना पड़ रहा है.
  5. आप आन्तरिक और बाहरी दुनिया दोनों के बिच ही कंफ्यूज होते जा रहे है.
  6. भावनाओ की बाढ़ जिसमे आप खुद को डूबता हुआ महसूस कर रहे है.
  7. आपको strange hallucinations के अनुभव होने लगे हो.
  8. आपकी real and logical अनुभव पर पकड़ कमजोर होने लगी है जो की psychotic-like symptoms में बदलने लगी है.
  9. आपने खुद को बाहरी चीजो से ज्यादा जोड़ लिया जिसकी वजह से खुद की चेतना को खो दिया है.
  10. कई बार vivid past-life flashbacks को भी अनुभव किया जा सकता है
  11. Strange sensations का अनुभव होना जैसे की vibration.
  12. आपने एक medically unexplained illness में खुद को फंसा लिया है.
  13. अचानक ही आपको ऐसे अनुभव होने लगे है जिनका आपस में कोई कनेक्शन हो.
  14. खुद को different dimension या फिर किसी तरह के Black Hole में फंसा हुआ पाना.
  15. आपको लगने लगता है की आप पागल से हो गए है.

ऐसा क्यों होता है ?

जो भी आध्यात्मिक अभ्यास करते है उनके साथ ऐसा होना आम बात है क्यों की समझने का स्तर सबका एक जैसा नहीं होता है. कुछ के लिए ऐसे अनुभव जल्दी ही समझ लिए जाते है जबकि कुछ लोग इसमें फंस कर रह जाते है. ऐसे कुछ Common Reason है जो spiritual emergencies के लिए जिम्मेदार माने जा सकते है जैसे की

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  1. यह आपकी नियति थी : अचानक से होने वाले spiritual awakening process को अगर अपना लिया जाए और आगे बढे तो आपको विपरीत हालात में भी खुद को मजबूत बनाए रखने के अनुभव होने शुरू होते है. आप विपरीत हालात से गुजर कर खुद को बहुत आगे तक ले जा पाते है.
  2. आप मजबूत है इसलिए हालात ने आपको चुना : ज्यादातर लोग एक ही ढर्रे से जिंदगी को जीते है. Spiritual path में भी यही होता है यहाँ पर कंडीशन का मतलब beliefs, ideas, habits, and patterns जो हमें समाज से मिले है से है. इन्हें तोड़कर या इनमे बदलाव कर अगर आप आगे बढ़ते है तो इसका मतलब है की आप स्ट्रोंग है और इसी वजह से आपको चुना गया है.
  3. आप दूसरो से अलग है : अगर बात करे spiritual awakening process की तो आपको forces of the unconscious mind or “spirit realm” से connect करना इसका एक बहुत बड़ा पार्ट है. आपको अनुभव होते है लेकिन चूँकि हम इसके लिए तैयार नहीं होते है या यू कहे की इसे कैसे हैंडल किया जाए इसके बारे में नहीं जानते है इसलिए ये अनुभव सुखद होने की बजाय भयावह होने लगते है.
  4. बीते कल के कर्म इसमें बाधा बनते है : कुछ धर्म के अनुसार हमारे unresolved trauma from our past lives हमारा पीछा नहीं छोड़ते है जो पूरी जिंदगी हमें परेशान कर सकते है. लेकिन ऐसा भी हो सकता है की Spiritual Emergency के जरिये ये कर्म हमारे अभ्यास के जरिये सही होने के लिए हमें परेशान कर रहे हो. सही तरह से इन्हें डील कर हम Past life regression का उपाय अपना सकते है जो हमारे आने वाले कल को सही बना देता है.
  5. आप बहुत ज्यादा सवेंदनशील है : इसकी एक वजह आपका sensitive and emphatic होना भी है. ऐसे लोग अभ्यास के दौरान खुद को इस कदर जोड़ लेते है की अनुभव उन्हें तकलीफ देने लगते है. जैसा की अक्सर देखने को मिलता है की हम किसी का दुःख देखकर खुद को भी दुखी कर लेते है.

ये सभी ऐसी वजह है जिन्हें साबित भले ही न किया जा सका हो लेकिन spiritual emergency के लिए जिम्मेदार होती है. अगर आप इन्हें रोकना चाहते है तो आपको इन्हें एक मकसद देने की जरूरत होती है.

Spiritual Emergency or Mental Illness का अनुभव

हमारे मन में ये सवाल अब जरुर आ रहा होगा की आखिर ये है क्या ? किसी तरह का psychotic break, manic-depressive episode या फिर mental illness.

इसका जवाब देना बेहद मुश्किल है क्यों की ये कोई एक पर्टिकुलर स्थिति नहीं है.

ऐसा इसलिए क्यों की हम इसे समझ नहीं पाते है. इसके अनुभव भयावह होते है और हम जब mental health system से गुजरते है तो काफी सारी high doses of medication की हेल्प से इसे दबा दिया जाता है. विज्ञान आज भी Spiritualism में believe नहीं करता है. परिवार ऐसे लोगो को अपना नहीं पाता है और सोसाइटी उन्हें जगह नहीं देती है. ऐसी कंडीशन में कोई भी व्यक्ति खुद को बीमार समझने लगता है.

एक व्यक्ति जो spiritual emergency से गुजर रहा है उसके लिए mental health system या फिर psychiatric unit कोई भी सेफ नहीं है.

मेडिकल लाइन में इसका कोई इलाज नहीं है. वे आपको सिर्फ ऐसी दवाई दे सकते है जो इसके लक्षणों को दबा सके. आमतौर पर किसी तरह का भ्रम होना जैसी स्थिति पैदा कर आपको वास्तविक अनुभव करने से रोका जाता है. इसे विज्ञान भले ही इलाज माने लेकिन ये कोई समाधान नहीं होता है.

ऐसी स्थिति में क्या होता है

अगर आप किसी तरह की आपातकालीन स्थिति का सामना कर रहे है और इसी दौरान आपको हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़े तो क्या होगा. वहां आपकी स्थिति को समझने वाला कोई नहीं होता है इसलिए आपको ऐसी दवाई दी जाती है जो आपको सही नहीं करती है बल्कि आपके अनुभव को दबा देती है.

ऐसी स्थिति में आप natural cycle of the spiritual emergency से बाहर नहीं निकल पायेंगे और इसी में फंस कर रह जाते है.

अब आपको स्पिरिचुअल यात्रा के दौरान होने वाले अनुभव नहीं होंगे तो आपको लगेगा की आप सही हो गए है लेकिन अगली बार जब आप फिर से अभ्यास करेंगे तो वाही अनुभव होना शुरू हो जायेंगे और आपके मन में अनुभव को लेकर डर बैठ जायेगा. ऐसी स्थिति बहुत ज्यादा मुश्किलें पैदा कर देती है जिनसे बाहर आना कठिन होता है.

ऐसी कई मेडिकल फील्ड जैसे की Jungian and trans-personal therapists भी है जो spiritual psychology पर रिसर्च करती है. ये फील्ड खासतौर पर spiritual significance of symptoms पर ही रिसर्च करती है जिसे सही गाइड कर दूर किया जा सकता है.

अगर आपको हेल्प चाहिए तो किसी डॉक्टर की बजाय ऐसे ही किसी एक्सपर्ट की सलाह ले जो इसमें परफेक्ट हो और समझ सके.

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Spiritual emergency or a psychosis?

ये दोनों ही अलग अलग चीजे है जिन्हें समझने के लिए आपको गहरी स्टडी की जरुरत पड़ेगी. कई बार ऐसे अनुभव होते है जो की इन्हें दोनों ही कंडीशन में रखा जा सकता है जबकि कई बार दोनी ही स्थिति में से नहीं होते है. इसलिए दोनों को अलग अलग समझना बेहतर रहेगा.

जैसा की लुकास लिखते है में अपना समय इन चीजो को समझने में ज्यादा बर्बाद नहीं करता हूँ. में मान लेता हूँ की ये psyche’s attempt है जिन्हें मुझे सही करना है.

ऐसा करने से होने वाले सभी अनुभव को हम स्वीकार कर लेते है और फिर हमें इससे कोई प्रॉब्लम नहीं होती है.

अगर आप चाहते है की आपको ऐसे लोगो से मदद मिले जो आपको इस स्थिति से बाहर निकाल सके तो सबसे पहले आपको spiritual emergency को positive lens की मदद से समझना चाहिए न की नेगेटिव नजरिये से. आइये जानते है की इसके कितने प्रकार हो सकते है.

आध्यात्मिक आपातकालीन की स्थिति के प्रकार

मुख्य रूप से इसके दो ही प्रकार है

  1. Mystical Psychosis (hallucinations, mania, etc.)
  2. The Dark Night of the Soul (depression)

इस तरह के अनुभव में हमें कुछ ऐसे फिगर दिखाई देते है जो की हमारे ही Energy flow पर निर्भर करते है. अगर आपको किसी तरह की सकारात्मक पुण्यात्मा दिखाई देती है तो इसका मतलब है की सकारात्मक उर्जा बढ़ रही है.

वही Spiritual Emergency की वजह से अगर नेगेटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है तो आपको नकारात्मक शक्तियां दिखाई दे सकती है जैसे की Shadow person या फिर sleep paralysis की कंडीशन जिसमे आपको dark demonic entity दिखाई देती है लेकिन हकीकत में होती नहीं है.

जैसा Energy flow होता है हमें वैसे ही अनुभव होने शुरू हो जाते है. Mystical Psychosis के अनुसार ऐसा तब होता है

जब उर्जा का प्रवाह ऊपर की ओर उठता है और higher realms of Spirit or Consciousness में होता है. वही दूसरी ओर

Dark Night of the Soul में उर्जा का प्रवाह निचे की ओर होता है जो हमें realms of the Collective Unconscious and Soul से जोड़ता है.

ये दोनों ही अनुभव हमें बराबर बराबर भी हो सकते है लेकिन ज्यादातर केस में ऐसा होता है की spiritual emergency के दौरान इनमे से किसी एक तरह का अनुभव ज्यादा हो रहा होता है.

आध्यात्मिक आपातकालीन से बचाव कैसे करे

हमें इस तरह की स्थिति से खुद को सिर्फ बचाना है ना की इसे ठीक करने की कोशिश करनी है. ऐसा इसलिए क्यों की ये एक Natural movement है जो की spiritual path पर हमें होता ही है.

Mental health system इसे दबाने की कोशिश करता है और हमें यही नहीं करना है. जो हो रहा है उसे होने दे हमें इसे रोकना नहीं है बल्कि एक समय तक खुद को इसे प्रभावित होने से बचाना है.

Spiritual Oneness or Wholeness

इस तरह की स्थिति से बाहर निकलने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है. इस दौरान होने वाले अनुभव बताते है की हम सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे है क्यों की ये Spiritually valid experience होते है. यही वजह है की हमें इसे होने देना चाहिए.

इस स्थिति से खुद को motivate रखने के लिए वैसे तो कोई अलग तरीका नहीं है क्यों की सबके अनुभव अलग अलग होते है लेकिन कुछ ऐसे तरीके हम अपना सकते है जिनके जरिये इनसे बचाव कर हम खुद को आगे के लिए तैयार कर सकते है.

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1. ध्यान करना छोड़ दे Mindfulness का अभ्यास करे

अगर बात करे सबसे पहली वजह की तो spiritual emergencies की वजह ध्यान में होने वाले अनुभव को बर्दास्त न कर पाना है. मैडिटेशन के अनुभव आपके लिए भयावह सिद्ध हो सकते है अगर आप खुद को भौतिक रूप से मजबूत नहीं बना पाते है. ऐसा होने की वजह से हमें Dark night of soul के अनुभव होने शुरू हो जाते है.

मैडिटेशन हमारे लिए unconscious material के रास्ते भी खोल देता है जिसकी वजह से हमें कुछ ऐसे Visions दिखाई देने लगते है जो हमें Out of control कर सकते है.

ये सब हमारे Deep mind की रचना होती है जो की एक प्याज की परत की तरह हमें ऐसी Psychic ability से रूबरू करवाता है.

अगर आप मैडिटेशन में खुद को कम्फर्ट नहीं पाते है तो बेहतर होगा की आप Mindfulness का अभ्यास करे. Spiritual Emergency की वजह से आपको ध्यान का अभ्यास करना बंद कर देना चाहिए.

चैतन्य रहते हुए अपने वर्तमान में खुद को पाना ही Mindfulness meditation होता है. इस दौरान हम अपने बॉडी और सेंस से पूरी तरह जुड़े हुए रहते है.

जरुरी नहीं की आप ध्यान करो आप दिनभर की activity में भी खुद को फिट कर अकते है. आपको बस करना ये है की जो भी कार्य आप कर रहे है खुद को पूरी तरह उसी कार्य में लगाए रखे जैसे की घूमते समय खुद की मूवमेंट को महसूस करना.

2. Earth energy की तलाश करे

अपने daily routine के कामो में आप बाहरी उर्जा से प्रभावित होते रहते है इसलिए आपको earth energy के बारे में जानना चाहिए. ये उर्जा deeply grounding and nourishing होती है.

ऐसे कार्य जिनमे हम खुद को भूमि तत्व से जुड़ा हुआ पाते है इसमें शामिल है. जब भी आप खुद को negative energy से भरा हुआ महसूस करते है कुछ नहीं करना है बस कुछ समय के लिए सबकुछ छोड़ दे.

बाहर निकले और भूमि पर बैठ जाए, बेहतर होगा की किसी पेड़ के निचे बैठे. अब आप पैरो को नंगे पृथ्वी से contact में रखे. धीरे धीरे आप पाएंगे की आपके अन्दर की सारी नकारात्मकता और बुरे विचार ख़त्म हो रहे है और आप पहले की तुलना में खुद को शांत महसूस करने लगे है.

3. कुछ समय के लिए रोक दे अभ्यास को

अगर आप अभ्यास के दौरान spiritual emergency से गुजरना पड़ रहा है तो ये कभी न सोचे की ये किसी तरह का Side effect है बल्कि कुछ Spiritual practice में ऐसा होना स्वाभाविक है. ऐसी कुछ साधनाए भी होती है जिनमे हमें Mystical Psychosis and the Dark Night of the Soul से रूबरू होना ही पड़ता है.

अगर आप इस तरह की साधना में खुद को फिट नहीं पाते है तो बेहतर होगा की साधना को कुछ समय के लिए रोक दे.

ऐसा नहीं कर सकते है तो साधना के साथ आप खुद को नेचर से जोड़ दे. खाली समय में या फिर दिन का एक हिस्सा आप एकांत में प्राकृतिक जगह गुजारे.

ऐसा करना आपको उन अनुभव से उबरने में मदद करेगा.

4. उर्जा से भरपूर भोजन ले

साधना अभ्यास में हम एक चीज को शय इग्नोर ही कर देते है और वो है भोजन. हमें क्या खाना चाहिए इस पर ध्यान नहीं जाता है.

कोशिश करे की आप hearty meal a day को अपने daily routine में शामिल करे. ऐसे भोजन जिनमे फाइबर हो और जड़ हो जैसे की चुकंदर गाजर ऐसे फलो और भोजन को अपने डाइट में शामिल करे.

कुछ समय के लिए भोजन में उन तत्वों को शामिल करे जो आपके अन्दर Grounding energy को बनाए रखते है.

5. समस्या में पहचाने अपने मकसद को

अक्सर देखने में आता है की हम जब समस्याओ से घिरे होते है तब किस्मत को दोष देने लगते है लेकिन अगर इसे दुसरे नजरिये से देखा जाए तो जब भी ऐसा होता है तब कुछ समय बाद हमारे साथ अच्छा भी होता है. वो चीजे जिन्हें हम कोसते है उनकी वजह से कुछ अच्छे बदलाव भी आते है.

बुरे वक़्त में घबराने की बजाय हमें ये देखना चाहिए की कैसे हम उस वक़्त को अपने अच्छे वक़्त के लिए बदलाव कर सकते है.

यही नियम यहाँ लागू होता है. अगर आप spiritual emergency से गुजर रहे है तो अपने अनुभव के आधार पर ही आप आगे क्या सही करना है उसकी पहचान कर आगे बढ़ सकते है बजाय खुद को दोष देने के.

आप क्या सोचते है आखिर कौनसी वजह हो सकती है जिसकी वजह से आप spiritual emergencies से गुजर रहे है ?

जब आपको ये पता चल जाता है की आप किस वजह से विपरीत अनुभव से गुजर रहे है तो आपके लिए समस्या से बाहर निकलना भी आसान हो जाता है.

यहाँ पर आपको शांत रहने की जरूरत होती है. शांति के साथ अपने अंतर्मन से जुड़े और समस्या से बाहर निकलने के रास्ते पर विचार करे. आप इसके लिए खुद से जुड़ाव, पूजा पाठ, घूमना, प्रकृति के साथ वक़्त बिताना, Pray to universe, universal consciousness से जुड़ना जैसे कोई भी उपाय कर सकते है.

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6. भौतिक और मानसिक व्यायाम

व्यायाम करना आपके शारीरिक और मानसिक हेल्थ के लिए बेहद जरुरी है. आप चाहे gym करे या कुछ मिनट का प्राणायाम लेकिन ऐसा करना आपको spiritual emergency से दूर रख सकता है. व्यायाम करने के काफी सारे फायदे है क्यों की ये आपको अपने शरीर और मन से जोड़ता है.

अगर आप किसी तरह की समस्या से गुजर रहे है तो कुछ समय के लिए इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना ले फिर देखे किस तरह आपकी लाइफ में बदलाव आना शुरू हो जाते है.

7. तनाव से भरी स्थिति को कहे ना और जिम्मेदारी के बोझ तले दबना बंद कर दे

कोई भी साधना या अभ्यास अगर फ़ैल हो रहा है तो उसकी एक वजह आपका जरुरत से ज्यादा तनाव लेना भी हो सकता है. इसके अलावा अगर आप जरुरत से ज्यादा किसी चीज को लेकर सोचते है या जिम्मेदारी उठाते है तब भी आप तनाव को बढ़ावा देते है.

ये बिलकुल सच है और ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद तो कतई नहीं है.

अगर आपके साथ जरुरत से ज्यादा काम है तो बेहतर होगा की उनमे से उन कामो को छोड़ दे जो जरुरी नहीं है. जिन कार्यो को पहले करना है उन्हें पहले करे न की सारे काम एक साथ.

Energy and attention ये दो चीजे spiritual emergency के दौरान आपका हथियार होती है और अगर इस दौरान आप बाहरी कामो के चक्कर में इसे खो देते है तो ऐसा करना आपके लिए नुकसानदायी हो सकता है.

वही काम और जिम्मेदारी ले जिसे आप पूरा कर सके. दूसरो की मदद करना अच्छी बात है लेकिन उसके चक्कर में खुद को फंसा लेना ये आपके लिए सही नहीं है.

8. किसी योग्य की मदद ले

अगर आप खुद के स्तर पर इस स्थिति को संभाल नहीं पा रहे है तो बेहतर होगा की आप किसी योग्य therapist or spiritual counselor की मदद ले. दवाई लेना आपके लिए नुकसान नहीं करेगा अगर आप इसकी हलकी मात्रा ले.

ज्यादा बड़ी मात्रा में दवाई लेना आपके लिए हानिकारक हो सकता है लेकिन ऐसी स्थिति में क्या करना है क्या नहीं ये आप अपने Commonsense के आधार पर निर्धारित करे.

आप इसके लिए किसी Spiritual healer की मदद ले सकते है लेकिन पहले ये पक्का कर ले की वे आध्यात्मिक आपातकालीन की स्थिति से परिचित हो. ऐसा न हो पाने की कंडीशन में वे आपकी मदद नहीं कर पाएंगे.

एक और तरीका आप अपना सकते है और वो है अपने दोस्तों और खास लोगो की मदद लेना.

उनका सपोर्ट आपको इस स्थिति से जूझने और बाहर निकलने में मदद करेगा. अगर वे आपको सपोर्ट करेंगे तो आप इस स्थिति में खुद को मोटीवेट रखते हुए इसे समझेंगे और खुद को बाहर निकाल पाएंगे.

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Spiritual emergency एक डरावना अनुभव और मेरे अपने विचार

जब हम साधना में आगे बढ़ते है तो ऐसे अनुभव होना आम बात है. भले ही ये Terrifyingly और life-altering अनुभव हो लेकिन Spiritual Emergency का होना आपकी Spiritual journey का एक हिस्सा होता है इसलिए इससे डरने की बजाय समझकर आगे बढ़ने का प्रयास करे.

अगर आपके साथ ऐसा होता है तो इसका मतलब है की आपकी लाइफ की पुरानी यादो से बाहर निकाल एक नई शुरुआत करने का समय आ रहा है.

भले ही मेडिकल में आपके लिए कोई इलाज न हो और सोसाइटी आपको स्वीकार करने से मना कर दे लेकिन याद रखे की आप अकेले नहीं है.

आपकी तरह हजारो लाखो लोग हो सकते है लेकिन आगे आने से संकोच कर रहे है. ऐसी स्थिति में आगे बढे और अपने जैसे लोगो की पहचान कर उनके साथ अपने अनुभव शेयर साथ ही उनके अनुभव समझे.

साथ मिलकर ही आप आगे बढ़ सकते है और एक दूसरे को मोटीवेट कर सकते है.

Positive and long life के लिए Fitness and mental health क्यों बेहद जरुरी है ?

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अगर आप चीजो को अचानक ही भूलते जा रहे है तो इसका मतलब है की आप मानसिक तौर पर कमजोर चुके है. Mental fitness का मतलब है psycho-social well-being ये एक state है जिसमे हम मानसिक तौर पर मजबूत होते है.

हम क्या कर रहे है, कैसे कर रहे है और क्या सोच रहे है ये सब positive होना mental health को show करता है. कुछ ऐसे Mental fitness components है इसे निर्धारित करते है.

अगर Self-determination theory की माने तो Fitness and mental health दोनों हमारे लिए बेहद जरुरी है. आज play store पर ऐसी कई Mental fitness app है जो ये दावा करती है की ये आपके दिमाग को मजबूत बनाती है.

आज की पोस्ट में 10 healthy habits for mental fitness के बारे में कुछ नया जानेंगे जिससे की mental illness की problem से छुटकारा पाया जा सके.

What is Mental fitness

चीजो को अचानक भूल जाना, याद आते आते रह जाना ये कुछ ऐसी शुरुआती लक्षण है जो बताती है की हमें अब अपने brain को creative बनाने की जरुरत है. समय रहते सुधार करने से हम चीजो को सही कर सकते है इसलिए mental fitness के बारे में जान लीजिये.

What is Mental fitness

Physical and mental fitness निर्भर करती है की हम इन्हें कितना काम में लेते है. जितना हम Physical exercise करते है उतना ही हमारा body fit रहता है ठीक उसी तरह जितना हम mental exercise करते है उतना ही हमारा brain अच्छे से काम करता है.

जब भी हम कोई नया काम करते है एक नया neural pathways बनता है जो की हमारी brain health को निर्धारित करता है, इसीलिए कहा गया है दिमाग को जितना घिसा जाता है ये उतना ही निखरता है.

मेंटल फिटनेस की पहचान

अगर कोई व्यक्ति high levels of mental fitness रखता है तो उसमे कुछ खास बाते होगी जैसे की

  • अपनी strengths, limitation and interests के बारे में अच्छे से पता होना.
  • Creativity
  • Problem solving and conflict resolution
  • Actions and decisions को लेकर सही पूर्वानुमान लगा पाना.
  • Seek help when needed
  • Ideas and actions को follow करना ना की difficulty or opposition के नाम पर रोना.

ये खास बाते जिसमे होती है वे mentally healthy होते है.

क्या मेंटल फिटनेस मायने रखती है

ये इसलिए मायने रखती है क्यों की positive lifestyle इसी पर निर्भर करती है. इसके अलावा हमारी Physical health भी इसी पर निर्भर होती है. mental fitness ही है जो हमें अच्छा खाने, positive lifestyle and tobacco or alcohol free living के लिए motivate करती है.

इसके ठीक विपरीत जब हम 3 basic psychological needs को पूरा नहीं कर पाते है तो emotional, social, and physical wellness को लेकर बहुत बड़े रिस्क से गुजरने का खतरा रहता है. research से ये बात प्रूफ हो चुकी है की जो लोग फिट होते है वे ज्यादा लम्बी लाइफ तो जीते ही है बल्कि लाइफ में हर जगह सफलता भी हासिल करते है.

10 healthy habits for mental fitness

दिनभर के कामो में अगर थोडा थोडा वक़्त निकाल कर हम brain workout पर फोकस कर सके तो कई problem solve हो सकती है. गुस्सा आना, चीजे भूल जाना, थका हुआ महसूस करना ये सब इसलिए होता है क्यों की हम लम्बे समय से एक ही routine को follow करते है.

अगर कुछ नया किया जाए तो ये हमें Creative बनाता है साथ ही काम में मन लगा रहता है और हम बोरियत महसूस नहीं करते है. आइये जानते है कुछ ऐसी mental fitness से जुड़ी healthy habits के बारे में.

विपरीत हाथ से काम करना

आप में से कितने लोग हर रोज कुछ नया try करते है ? हमेशा हम कुछ चीजे एक ही तरीके से करते रहते है जैसे की उठकर एक ही activity को रोज करना, एक ही हाथ से लिखना या फिर एक ही तरीके से दैनिक कार्यो को करते रहना. कभी non-dominant hand से लिखने की कोशिश की है ?

Non-dominant hand यानि वो हठ जिसे हम लिखने, खाना खाने या किसी और कार्य में इस्तेमाल नहीं करते है. ज्यादातर लोग right hand से काम करते है. आपको कुछ नया करना है तो उलटे हाथ से लिखने की कोशिश करके देखे. ये आपके दिमाग को busy और active बनाता है.

उलटे हाथ में घड़ी पहनने की कोशिश करे ताकि आपका दिमाग ज्यादा active रह सके.

Only Use Lists as Backup

हमारी आदत होती है की हम किसी भी काम की लिस्ट बनाकर रखते है. To do list, grocery list ये कुछ ऐसी आदत है जिन्हें हम daily routine life में काम में लेते है.

लिस्ट बनाकर रखना अच्छी बात है लेकिन इन्हें सिर्फ एक backup के तौर पर रखे. इन पर निर्भर होना आपके दिमाग को बाहरी चीजो पर निर्भर बनाता है.

कोशिश रखे की आपको जो लेना है आप उसे दिमागी तौर पर याद रखे. mental exercise करने के लिए आप जाने से पहले चीजो को दिमागी स्तर पर दोहरा सकते है ताकि आपको याद रहे की आपको क्या क्या लेना है.

अगर आपको इनका इस्तेमाल करना भी पड़े तो कोशिश रखे की सिर्फ एक बार इन्हें चेक करना पड़े. एक बार में ही सब चीजे देखे और फिर उन्हें उसी तरीके से लेने और करने की कोशिश करे. ऐसा करने से आपका दिमाग ज्यादा से ज्यादा सक्रिय होगा.

फ़ोन नंबर को याद रखना सीखे

एक टाइम था जब बहुत कम घरो में Landline होते थे और खास लोगो के नंबर को याद रखते थे. धीरे धीरे इसका स्थान smartphones ने ले लिया.

अब तो किसी contact को याद रखने की जरुरत नहीं है क्यों की मोबाइल में ही नंबर को save किया जा सकता है. हुआ ये की हम इस पर जरूरत से ज्यादा निर्भर होते गए. कितने लोगो के नंबर आपको मुख जबानी याद है ?

शायद एक या दो ! लेकिन बड़े बुजुर्ग आज भी किसी नंबर को save ही नहीं करते है बल्कि उन्हें याद रखने की भी कोशिश करते है.

हर रोज एक नंबर को याद करने की कोशिश करे तो हम दिमाग को mental fitness के लिए तैयार कर सकते है. ये एक अच्छी exercise है जो दिमाग को active रखने में मदद करती है.

हर रोज एक नई कहानी बनाए

हर रोज सुबह जब उठे तो लोगो के साथ कुछ नया करने के बारे में सोचे. आज की इस लाइफ में हमारा schedule fix हो चूका है. हम एक ही तरीके से खाते पीते और काम करते है. अगर खुद को active रखना है तो हमेशा कुछ नया करने के बारे में सोचे.

लाइफ से जुडी ये घटना आपके वर्तमान या past की हो सकती है. अगर आप इसे दूसरो के सामने most entertaining way में रख सकते है तो और भी अच्छा है.

दूसरे आप में interest तभी show कर सकते है जब आपके पास कुछ अलग और नया हो. किसी बात को दूसरो के सामने कैसे पेश करना है ये एक art है और इसका सही प्रयोग करना न सिर्फ आपको physical and mental fitness के लिए ready करता है बल्कि attractive personality बनाने में भी मदद करता है.

घटनाओं को देखने और समझने की कोशिश करना

हर रोज एक specific thing को observe करने की कोशिश करे. एक जगह पर बैठ कर लोगो ने क्या पहना है इसे observe करना, एक घटना किस तरीके से घट रही है इसे देखना और समझना ये सब कुछ ऐसी activity है जो आपको दिमागी स्तर पर active बना सकती है. किसी भी घटना को बिना किसी participate या interfere के सिर्फ observe करना Mindfulness meditation की तरह है.

एक घटना किस तरीके से घट रही है इसे पूरी तरह से observe करना और फिर ये सोचना की इसे किस तरह हम और भी better बना सकते है ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपके दिमाग को creative बनाती है.

अपने activity को अलग तरीके से करने की कोशिश करे

सुबह घूमने जाते समय, ऑफिस जाते समय क्या आप भी एक ही लाइन को follow करते ? अगर हाँ तो इसे बदलने की कोशिश करे. जब भी घूमने जाए तो रास्ते में, चलने के तरीके में इन सब में बदलाव की कोशिश करे. ऐसा करने से दिमाग नया सीखता है और मेमोरी में special neural pathway बनना शुरू हो जाता है.

करने के लिए कुछ नया ना हो तो अपने काम करने के तरीके में बदलाव किया जा सकता है. कुछ भी ऐसा करे जो आपके तरीके में कुछ नया ला सकता है.

Break the Routine

daily routine की activity में बदलाव कर हम क्या feel करते है ये एक ऐसी task है जिसे करना बेहद मजेदार अनुभव होता है. सुबह उठकर कॉफ़ी पिने की बजाय खाना खाना, शाम को घूमने जाने की बजाय कुछ और नई गतिविधि करे.

हम रोज जो काम करते है उन्हें उसी क्रम में ना कर अलग अलग तरीके से करना हमें ज्यादा active बना सकता है.

ऐसा करना आपको mental fitness के लिए न सिर्फ तैयार करवाता है बल्कि आपको ये भी पता चलता है की आप चीजो को कब और कैसे बेहतर तरीके से कर सकते है.

एक ही गतिविधि को दिन के अलग अलग टाइम करने से हम ये जान पाते है की किस काम को कब सही तरीके से कर सकते है.

समस्या को सुलझाने की कोशिश करे

किसी भी काम को करने से पहले अगर उसकी mental preparation की जाए तो उस काम को करना बेहद आसान हो जाता है. पिछली पोस्ट How to solve problem like a pro में हम बता चुके है की किसी भी नये काम को शुरू करने से पहले उसे दिमागी स्तर पर समझने की कोशिश करनी चाहिए.

नए काम को कैसे शुरू करना है, कब और किस तरह करना है और उसमे क्या क्या problem आ सकती है इन सबका विश्लेषण करना आपको न सिर्फ creative बनाता है बल्कि आप किसी भी काम को नए तरीके से कर पाते है.

लिस्ट बनाए

चीजो को आपस में जोड़ने के लिए आप नई नई लिस्ट बना सकते है. आपने अब तक कहा कहा ट्रेवल की है, क्या अलग आपने खाया है या फिर कुछ ऐसा नया जो आपने किया हो इन सबकी एक लिस्ट बनाना आपको चीजो से जोड़ता है और आपकी मेमोरी को बूस्ट करता है.

बीते कल की यादो को ताजा करना आपके दिमाग को पुरानी यादो से जोड़ता है जो की आपके subconscious mind को active बनाना शुरू कर देता है. ये आपके mental fitness के लिए एक best exercise है.

किताबे पढना

ज्यादातर लोगो ने स्कूल के बाद किताबो को पढना जरुरी नहीं समझा है. किताबे सिर्फ शिक्षा के उदेश्य से नही पढ़ी जाती है जो इन्हें उम्र के दायरे में रखा जाए. हम lifetime कुछ न कुछ सीखते रहते है. अगर आप अपने दिमाग को active रखना चाहते है तो आपको हमेशा कुछ नया पढना चाहिए.

सीखने की कोई उम्र नहीं होती है इसलिए आप चाहे उम्र के जिस पड़ाव में हो पढना कभी न छोड़े. कुछ नया पढने से आपका दिमाग न सिर्फ तेज होगा बल्कि चीजो को याद रखने में भी help मिलेगी. उम्र के साथ भूलने की बीमारी से छुटकारा भी मिलेगा जो की एक बहुत बड़ा plus point है.

पढ़े : 5 बाते जो आपको ये मानने पर मजबूर कर देगी की भूत प्रेत और आत्माए होती है

Physical and mental fitness final word

आज के टाइम में सुख सुविधा के साधन इतने हो गए है की हम ज्यादातर बाहरी चीजो पर निर्भर हो चुके है. कुछ भी काम करना है तो मशीन है, छोटी से छोटी calculation के लिए calculator है और लोगो से बात करनी है तो smartphone है ही.

आपके जानने वाले भले ही एक मकान छोड़कर रहते हो लेकिन बात करनी है तो आपको बस मोबाइल से कॉल लगानी है.

आज हमारी आदते इतनी बिगड़ चुकी है की हम memory loss, physical and mental illness से कब परेशान होने लगते है हमें कोई आईडिया नहीं रहता है.

मशीन हमारी हेल्प कर सकती है लेकिन अगर वे हमारे दिमाग को replace कर रही है तो हमें कुछ आवश्यक कदम उठा लेने चाहिए.

Mental fitness बेहद जरुरी है क्यों की इसके बगैर हम कुछ भी नहीं कर सकते है. जरुरत से ज्यादा बाहरी चीजो पर निर्भर होने की बजाय खुद पर भरोसा रखे. जो काम हम कर सकते है उन्हें करने के लिए भौतिक उपकरण की हेल्प न ले. बाहरी चीजो पर उतना ही निर्भर बने जितने की आवश्यकता है.

अगर आप अपने conscious and subconscious mind को सक्रिय रखना चाहते है तो दिमाग से जुडी exercise जैसे की पहेली हल करना, पैदल चलना और उस समय अपने चलने के तरीके को नोटिस करना और सबसे खास घटनाओं को बिना Involve हुए समझने की कोशिश करना ये सब कुछ ऐसी गतिविधि है जो हमें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट बना सकती है.

Gas Lightening यानि दूसरो के इशारो पर चलना ऐसी स्थिति से बाहर निकलने के Simple tips

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एक व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति के personal behaviour को मनचाहे तरीके से manipulate करना Gas Lightening कहलाता है. Gaslighting definition के अनुसार कुछ साइको नेचर के लोग उन लोगो को अपना शिकार बनाते है जो highly sensitive होते है.

इसके अलावा gaslighting in relationships के बहुत सारे केस देखे जाते है जहा रिश्तेदार आपको अपने तरीके से सोचने पर मजबूर कर देते है. इसका आपके personal behavior पर बहुत बुरा असर देखा जा सकता है.

Gas lightning के ज्यादातर केस रिलेशनशिप में देखने को मिलते है या फिर आपके Work place पर, आप चाहे तो इससे बचने के लिए कुछ टिप्स अपना सकते है. आपको सबसे पहले इसकी पहचान करनी होगी और फिर उससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे.

Gas Lightening

अगर आप खुद की Personal boundaries बनाते है तो ये आपको उन Psychic vampire से बचाता है जो आपकी emotional energy को धीरे धीरे चूसते जाते है.  ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए खुद को एक कवच में रखना जरुरी बन जाता है.

इस पोस्ट में हम सबसे पहले गैस-लाइट के बारे में बात करेंगे इसके बाद इसके दुष्प्रभाव और फिर इससे बचाव से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कदम के बारे में.

What is Gas Lightening?

साल 1940 and 1944 में एक मूवी आई थी जिसका नाम Gas light था. इस मूवी में एक ऐसे husband की कहानी थी जो अपनी वाइफ को कुछ इस तरह manipulate करता है की उसके खुद के विचार पूरी तरह बदल जाते है.

मुख्य रूप से इसका मतलब व्यवहार से है जो किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा बदल दिया जाता है.

जब हम किसी बाहरी व्यक्ति से प्रभावित होकर अपने व्यवहार में बदलाव लाना शुरू कर देते है तो जो Condition पैदा होती है उसे gaslighting in relationships का नाम देते है.

ये एक तरह का emotional abuse होता है जो धीरे धीरे आपके judgments ability को ख़त्म कर देता है और आप किसी और की कठपुतली बन कर रह जाते है.

इसमें एक बाहरी व्यक्ति द्वारा negative, harmful or destructive words and actions को आपके ऊपर लागू किया जाता है जिसके बाद में उसकी ग़लतियों को भी आप खुद को ग़लती मानना शुरू कर देते है.

इस दौरान आपको हर जगह “overly sensitive,” “paranoid,” “mentally unstable,” “silly,” “unhinged जैसी स्थिति से गुजरना पड़ता है और आप खुद पर डाउट करना शुरू कर देते है.

आपके आसपास रहने वाले कुछ psychopathic, sociopaths and narcissistic types of people आपके विचारो को कण्ट्रोल करना शुरू कर देते है ताकि वे आप पर हावी हो सके और अपने मतलब के लिए आपको इस्तेमाल कर सके.

आज के समय में बहुत आम हो गया है इसलिए इस पर बात करना जरुरी बन गया है. हम खासतौर से बात करने वाले है gaslighting in relationships के बारे में क्यों की ये सबसे ज्यादा देखा जाता है.

3 Examples of Gaslighting

लाइफ में हर जगह आपको इसका उदाहरण देखने को मिल जायेगा जहाँ पर लोग दुसरो पर हावी होकर अपनी गलतियों का जिम्मेदार दूसरों को बना देते है. दिन भर में हम 3 तरह के उदाहरण से गुजर सकते है इसलिए सबसे पहले इसके बारे में जान लेते है.

In a family scenario

Gas Lightening में इस तरह का उदाहरण ज्यादातर उन परिवार में देखने को मिलता है जहाँ दो लोगो के बिच भेदभाव होता है. एक ही जगह रहने के बावजूद एक मेम्बर को अच्छे से सबकुछ मिलता है वही दूसरे मेम्बर को जिल्लत का सामना करना पड़ता है.

एक टाइम के बाद वो मेम्बर ये मानना शुरू कर देता है की ये उसकी नियति है. तब उन्हें “to stop being so sensitive” को लेकर मजाक का सामना करना पड़ता है.

एक उदाहरण के लिए घर में दो बच्चे है और एक बच्चा पढाई में थोडा कमजोर है जो की टॉप नहीं कर सकता. उसके घरवाले उसे हर जगह इग्नोर करते है और कई तरह के जिल्लत भरे नाम से बुलाते है जैसे की तुम पढाई में बिलकुल कमजोर हो, कभी अच्छा नहीं कर सकते वगैरह.

इसका रिजल्ट ये रहता है की एक टाइम बाद वो बच्चा खुद की Personality को खो देता है और मानने लगता है की वो duffer है.

 In a relationship scenario

ये एक और Gas Lightening का सबसे ज्यादा देखे जाने वाला उदाहरण है जहाँ पर रिश्तो के नाम पर आपको आगे बढ़ने से रोका जाता है.

आप जब भी आगे बढ़ने के लिए कुछ कहते है आपके रिश्तेदार आपको रिश्ते का वास्ता देकर रोक लेते है और जब आगे चलकर आप खुद को उनके हिसाब से ढाल लेते है तो उनका कहना होता है की आप बदल गए है.

ज्यादातर ये उन पढ़ी लिखी औरतो के साथ होता है जो जॉब करना चाहती है लेकिन उनके परिवार वाले उन्हें घर की जिम्मेदारियों का वास्ता देकर रोकने की कोशिश करते है.

At work scenario

इस तरह का Gas Lightening दबाव ज्यादातर Work place पर देखने को मिलता है. आप नियम के हिसाब से सबकुछ सही करते है लेकिन जितना टाइम पर आप टास्क को पूरा करते है उतना ही आगे से डिमांड बढ़ जाती है.

ज्यादातर केस उन लोगो के साथ देखने को मिलते है जो जॉब में आगे बढ़ने के लिए काम को टाइम पर करने के लिए extra stress ले लेते है ताकि उनके Coordinator उनके काम से खुश हो लेकिन, पता चलता है की एक और काम उनके लिए रेडी है.

आगे चलकर डिमांड बढती जाती है और आप जितना टाइम पर काम करते है उतना ही काम आपको Extra दिया जाता है. आपको पता चलता है की आप एक नहीं बल्कि दो लोगो का काम एक टाइम पर कर रहे है.

टाइम बीत जाने पर जब कंपनी के माइंड में ये बात बैठ जाती है की आप उतना काम करते है तो वे आपको जरुरत से ज्यादा दबाव वाले काम देते है और गलतियाँ होने पर आपको समझने की बजाय दूसरे स्टाफ के सामने दो बाते सुनने को मिलती है.

भले ही आपको उस काम के लिए सुनने को मिला हो जो आपका नहीं है लेकिन फिर भी अब आप सामने वाले की mentality and behavior को change नहीं कर सकते है. जब आप अपनी तरफ से बात रखते है तो आपको कहा जाता है की आप कम्पनी के नियम के मुताबिक नहीं चल रहे है.

इस तरह का दबाव भी एक तरह का Gas Lightening है जो आपको मानने पर मजबूर कर देता है की वाकई वो काम भी आपका है जो वास्तव में नहीं है.

कोई व्यक्ति आपके साथ ऐसा कर रहा इसका पता कैसे चलेगा ?

की स्थिति हमारे लिए बेहद खतरनाक हो सकती है क्यों की ये हम पर anxiety, depression जैसे असर डालती है और कई बार nervous breakdowns जैसी कंडीशन भी बन जाती है. हमें कैसे पता चलेगा की कोई हमारे साथ ऐसा कर रहा है इसके लिए कुछ स्थिति पर गौर किया जा सकता है जैसे की

  • आपकी लाइफ से जुड़े किसी व्यक्ति और आपके बिच कुछ ऐसा है जो है भी और नहीं भी लेकिन फिर भी आप उसे पूरी तरह समझ नहीं पा रहे है.
  • आप पुरानी बातो को याद नहीं रख पाते है और अक्सर psychologically powerless होने की वजह से गलत अनुमान लगा लेते है.
  • हमेशा confused और दिशाहीन रहने लगना.
  • किसी व्यक्ति के पास जाते ही खुद को कमजोर feel करने लगते है लेकिन क्यों ये नहीं जानते है.
  • आपने जो भी गतिविधियों की है उन्हें किसी और को explain करने की जरुरत पड़ने लगी है.
  • आप खुद को बेहतर feel नहीं कर पा रहे है और दूसरो के expectations and demands पर जीने लगे है ये जानते हुए भी की ये आपके लिए खतरनाक सबित हो सकता है.
  • कभी कभी fundamentally wrong होने का अहसास होना.
  • कभी कभी खुद को isolated, hopeless, misunderstood and depressed महसूस करना.
  • आपको अपने लिए हुए फैसलों पर विश्वास ना हो पाना.

इसी तरह की कई कंडीशन है जो तब बनती है जब आप दूसरो से कण्ट्रोल होना शुरू कर देते है. अब बात करते है उन ट्रिक्स के बारे में जो अक्सर एक Gaslighter इस्तेमाल करता है.

एक Gaslighter द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाली तकनीके

Gas Lightening के लिए ऐसी बहुत सी तकनीक है जो एक गैसलाइटर द्वारा इस्तेमाल की जाती है. ये सब आपको पहले परेशान करती है और फिर जैसा वो चाहते है वैसे ही आपके माइंड में एक छवि बनना शुरू हो जाती है.

  • अकेला करना : सबसे पहले तो वो आपको दूसरो के सामने crazy, irrational or unstable महसूस करवाना शुरू करते है.
  • झूठे मास्क का इस्तेमाल : ऐसे लोग अपने तथ्यों को इतने confidence और Fake mask के साथ आपके सामने रखते है की आपको लगने लगता है वाकई कुछ गलत हो रहा है. ये सब आपको अपने लिए फैसलों पर डाउट पैदा करवाता है.
  • आपकी रियलिटी को बदलना : जब भी आप सोचते है की क्या वाकई ऐसा कुछ है तो वे आपकी रियलिटी को बदलने की कोशिश करते है. वे आपको यकीन दिलाते है की ऐसा कुछ था लेकिन आपको याद नहीं है.
  • Minimizing: एक बार जब गैस लाइटर को ये पता चल जाता है की आप कैसा सोचते है तो वे आपकी सोच पर ज्यादा से ज्यादा पकड़ बनाना शुरू कर देते है. “इस बारे में ज्यादा मत सोचो”, “इतना ज्यादा sensitive क्यों बन रहे हो”, “में तो बस मजाक कर रहा था” जैसे शब्दों से वो आपके साथ खेलने लगते है.
  • Denial and avoidance: आपकी feeling और thoughts को ज्यादा से ज्यादा refuse कर एक गैस लाइटर आपका अपने ऊपर पूरी तरह से डाउट बना देते है. मुझे याद नहीं है शायद तुम्हे इसका सपना आया होगा, तुम झूठ बोल रहे हो मेने ऐसा कहा ही नहीं या फिर मै नहीं जनता तुम किस बारे में बात कर रहे हो.
  • Twisting and reframing: एक बार आपकी सोच पर उनका कब्ज़ा हो जाता है तब वे आपको अपनी मर्जी के मुताबिक चलाना शुरू कर देते है. पहले तो विपरीत परिस्थिति में आपको ले जाना और फिर आपका खुद पर ही डाउट करना की आप उस कंडीशन में गए कैसे ये सब आपको आगे चलकर mentally unstable बनाता है.

इस वजह से आप वही सोचते है जैसा वो चाहते है. अगर आपका मन कुछ कहता है तो भी आपको डाउट होता है. आप वाकई सही कर रहे है या आपने ऐसा कुछ किया भी है या नहीं. ये सब फिर आपको किसी और के इशारो पर चलने को मजबूर कर देता है और आप अपनी पहचान खो देते है.

ज्यादातर empath लोग इसका शिकार क्यों बनते है ?

Empath वे लोग होते है जो दूसरो की उर्जा को लेकर highly sensitive होते है. उन्हें हम energy sponges भी बोल सकते है क्यों की ये अपने आसपास की emotional energy को absorb कर लेते है फिर चाहे वो अच्छी हो या बुरी.

इसका परिणाम ये रहता है की कई बार तो दूसरो की ख़ुशी के लिए ये खुद को highly self-sacrificing भी कर देते है.

जब बात आती है Gas Lightening की तो ऐसे लोगो को आसानी से टारगेट बनाया जा सकता है. वे पहले से ही दूसरो को खुश करने के चक्कर में काफी सारा struggle कर रहे होते है.

कुछ condition में जब व्यक्ति highly intuitive and perceptive people बन जाते है तो वे personal boundaries खो देते है.

ऐसी स्थिति से घिरे लोग narcissistic gaslighting techniques के लिए सबसे अच्छा शिकार बन जाते है. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो सचेत हो जाइये क्यों की इसका काफी लम्बे समय तक आप पर प्रभाव पड़ सकता है.

Gas Lightening की स्थिति से बाहर निकलने के कुछ tips

गैसलाइटर हमें हमारी अपनी memories, perceptions, and judgments पर डाउट करने के लिए मजबूर तो करते ही है साथ ही emotionally and psychologically off balance कर देते है.

अगर आपको ऐसा लगता है की आपका व्यक्तित्व और पहचान ऐसे ही किसी व्यक्ति द्वारा कण्ट्रोल किया जा रहा है तो यकीन माने आप अकेले नहीं है.

हम सब अपनी लाइफ में ऐसे लोगो से घिरे है और ज्यादातर तो हमारे परिवार या आसपास से ही होते है. एक अच्छी बात ये है की knowledge and awareness के जरिये हम सब कुछ ठीक कर लाइफ को न सिर्फ heal कर सकते है बल्कि strong भी बना सकते है.

हालाँकि कुछ कंडीशन में हम Over reacting and irrational behavior करते है ऐसी स्थिति में हमें instinct or intuition पर ध्यान देना चाहिए.

क्या किसी कंडीशन में आपको पेट में कुछ गड़बड़ का अहसास होता है या फिर मन में अजीब से ख्याल आते है जो की कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाते है जब हम उस कंडीशन से बाहर निकल जाते है.

अगर ऐसा है तो आपको अपने Unconscious mind or intuition पर फोकस करना चाहिए. आइये कुछ ऐसी ट्रिक्स के बारे में जानते है जिनके जरिये आप Gas Lightening की स्थिति से बाहर निकल सकते है.

ऐसे व्यक्ति की पहचान करे

सबसे पहला स्टेप है ऐसे किसी व्यक्ति की पहचान करना जो आपको कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रहा है. उन स्थिति की भी पहचान करे जिनमे वो आपको खुद पर डाउट करने के लिए फ़ोर्स करता है. अब उन स्थिति में आप कहाँ तक सही है इस बारे में क्लियर सोचे.

आपको पता होना चाहिए की किस स्थिति में कौन आपको कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रहा है.

Pay attention to the signs of being gas-lighted

जब भी आप किसी ऐसी स्थिति से गुजरे जिसमे आप खुद को confused, belittled, “crazy” or manipulated महसूस करते है तो सबसे पहले खुद को relax feel करवाए. दिमाग को शांत करे और स्थिति पर शांत मन से विचार करे.

हर रोज एक regular time for grounding के लिए फिक्स करे. इसके लिए आप meditation or a mindfulness practice का सहारा ले सकते है जो अलग अलग कंडीशन में भी आपको एक जगह बनाए रखेगी.

तय करे की आपको दोस्ती या रिश्ता बनाए रखना है या नहीं

अगर आप एक working relationship में है तो ये तय कर ले की आपके लिए ये जॉब करना सही है या नहीं. अगर आपको लगता है की जॉब सही है और आपको रुकना चाहिए तो फिर ऐसे रास्ते निकाले जिसमे minimize interaction with the gaslighter हो और ये तब तक होना चाहिए जब तक की आप खुद को grounded and confident महसूस करना शुरू कर दे.

एक बार आपका खुद पर self-confidence strong level का हो जायेगा तो किसी बाहरी व्यक्ति का आपके ऊपर कोई Negative effect नहीं पड़ेगा.

भरोसेमंद लोगो से इस बारे में बात करे

हर किसी से तो नहीं लेकिन कुछ खास लोगो से जिन पर आप भरोसा कर सकते है उनसे आप हेल्प ले सकते है. आपके secret जानने वाले कुछ लोग जो आपका गलत फायदा न उठाए इस मामले में आपकी मदद कर सकते है.

Personal Boundaries बनाना या फिर shadow work पर काम करना आपको Gas Lightening जैसी किसी भी स्थिति से बाहर निकाल सकता है.

Personal Boundaries में आप कुछ rules को follow कर सकते है जिनका उल्लंघन होने पर आप उस स्थिति से खुद को बाहर कर लेंगे और shadow work में आप अपने अन्दर की बुराई का सहारा लेते है जो दुसरो को तब रोकती है जब वे आप पर हावी होने की कोशिश करते है.

Read : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

Shift your perspective

अपनी सोच में बदलाव लाए और दूसरो का शिकार बनने की बजाय खुद एक शिकारी बने. शिकारी का मतलब ये नहीं की आप दूसरो के साथ वैसा ही करने लगे लेकिन कम से कम इतने strong बन जाए की कोई भी आपको कंट्रोल न कर सके और आप दूसरो के साथ अपनी empath personality के साथ आगे बढ़ सके.

आपको अपने Personal powers को reclaim करने की जरुरत होती है. इस तरह की स्थिति से बाहर निकलने के लिए आप ज्यादा जानकारी हमारे Relationship abuse वाली पोस्ट में देख सकते है.

आगे आने वाली पोस्ट में हम बात करेंगे hoovering के बारे में जो की एक और twisted emotional manipulation technique है.

Gas Lightening in relationships Final word

दिनभर में हम ऐसे कई लोगो से गुजरते है जो अपने विचारो से हम पर हावी होने की कोशिश करते है. जो लोग ज्यादा sensitive होते है उन्हें ये ज्यादा टारगेट करती है.

Gaslighting definition की बात करे तो ये एक व्यक्ति के व्यव्हार पर हावी होने की प्रक्रिया है जिसमे व्यक्ति अपने व्यव्हार को खो देता है और दूसरो के कहे अनुसार काम करना शुरू कर देता है.

ज्यादातर gaslighting in relationships के केस में आपके आसपास के relative ही होते है जो आपकी सोच को उनके अनुसार manipulate करने की कोशिश करते है.

अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो सचेत हो जाइये और इससे बचाव को लेकर जितनी जल्दी हो सके कड़े कदम उठाए ताकि आप खुद को दूसरो से सेफ कर सके.

क्या आप deals with the devil के जरिये रातो रात अमीर बनना चाहेंगे ? एक सच्चा अनुभव

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एक व्यक्ति ने अपने हालात से तंग आकर जब उसका भरोसा इश्वर से टूट गया तब उसने Deal with the devil की और उसकी लाइफ उसी समय बदल गई. जब आपका भरोसा भगवान पर से उठ जाए तो शैतान की शरण में आइये वो आपको कुछ ही समय में दुनियाभर की ख़ुशी दे सकता है.

इस तरह की बातो को मजबूती मिली जब Illuminati the secret society के बारे में लोगो ने जाना.

सबके मन में How to make a deal with the devil या फिर Make a deal with the devil के लिए क्या करे जैसे हजारो सवाल आये होंगे.

Deal with the devil

बेहद कम टाइम में शौहरत हासिल करना कौन नहीं चाहेगा लेकिन, उसकी कीमत क्या होगी उसके बारे में कोई नहीं सोचता है क्यों की उस हालात में वो सिर्फ अपनी वर्तमान की कंडीशन से बाहर आना चाहता है.

हमने How do people make deals with the devil? के बारे में जानने की काफी कोशिश की और ये समझने की कोशिश की आखिर कैसे Can i make a deal with the devil? को परफॉर्म कर सकते है.

कुछ चौंका देने वाली बाते सामने आई है जो की शायद आपको हैरान कर सकती है.

शैतान के साथ समझौता करना कैसा होता है इस बारे में कई लोगो के अनुभव सुनने को मिले है. एक को आपके साथ शेयर किया जा रहा है.

Deal with the devil

एक युवा व्यक्ति को black-eyed stranger उसकी immortal soul के बदले मनचाही heart desires को पूरा करने के लिए कहता है. ये एक सच्ची घटना Jacksonville, Florida की है जहाँ पर दो दोस्तों को extremely odd, evil, and clairvoyant man का सामना करना पड़ता है.

दोनों दोस्त एक दिन बार में बीयर पी रहे थे की वहां पर एक अनजान व्यक्ति आता है. वे दोनों नोटिस करते है की वो अनजान व्यक्ति वहां बैठे लोगो का आकर्षण बनने की कोशिश कर रहा था. इसके लिए वो सबके सामने खुद को खुश-मिज़ाज और मिलन-सार होने का दिखावा कर रहा था.

वहां के लोगो को देखते हुए पता चल रहा था की कोई भी व्यक्ति उसकी बात में interest नहीं ले रहा था. बावजूद इसके वो व्यक्ति सबके बीच जाकर उनसे बात करने की कोशिश कर रहा था. जब काफी देर होने के बाद भी किसी व्यक्ति ने अनजान व्यक्ति की बातों में रूचि नहीं दिखाई तो उसने मेरे एक दोस्त के पास आकर पूछा

अगर में तुम्हारी किसी भी विश को पूरा कर सकू तो तुम मुझे बदले में क्या दे सकते हो ?

मेरे दोस्त ने हँसते हुए उसकी बात को मजाक में टाल दिया. उस अनजान व्यक्ति ने अब फिर सीरियस होते हुए बात को आगे बढाया. वाकई सच में अगर मै तुम्हारी किसी भी इच्छा को पूरा कर दू तो तुम मुझे बदले में क्या दोगे.

दोस्त ने भी हँसते हुए कहा में नहीं जानता शायद बहुत सारा पैसा और एक खुबसूरत पत्नी.

अब उस अनजाने व्यक्ति ने बताना शुरू किया की वो उसकी विश को कैसे पूरा करने वाला है. हालात और भी ख़राब होने लग गए जब उसने demon possession को लेकर खुलकर बोलना शुरू कर दिया था. उस अनजाने व्यक्ति की ड्यूटी थी की वो demon Beezlebub के लिए उन लोगो की तलाश करे जो अपनी विश को पूरा करने के लिए अपनी आत्मा का सौदा करने को तैयार हो.

अचानक ही उस व्यक्ति की आंखे पूरी तरह काली होने लगी और एक indescribable evil aura उसके चारो और दिखाई देना शुरू हो गया था. ये देखकर मेरे दोस्त की हालत ख़राब हो गई थी लेकिन वो मन ही मन सोच रहा था की शायद इसने ज्यादा पी ली है इसलिए ऐसे बोल रहा है.

उस stranger person ने खुद को सही साबित करने के लिए उसे खुद के बारे में कुछ भी पूछने के लिए फ़ोर्स किया. अब मेरे दोस्त ने बात को टालने के लिए उससे पुछा की वो उसकी माँ का नाम बताए.

Calli ये नाम उस व्यक्ति ने बताया जो बिलकुल सही था. अब वहां एक तनाव से भरा माहौल बन चूका था और सभी लोगो की हालत ख़राब हो गई. अब हर कोई वहां से बस बाहर भाग जाना चाहता था. अचानक ही सबकुछ बदल चूका था और जब लोगो ने उस अनजाने व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश की तो वहां पर कोई नहीं था.

Contracts with the Prince of Darkness in Popular Culture

अगर आपने Famous hollywood movie The Ghost Rider देखी है तो आपको यह आर्टिकल बिलकुल समझ आ जायेगा. उस मूवी में शैतान धरती पर आता है और आत्मा के बदले उस व्यक्ति के साथ कुछ भी विश मांगने के लिए एक समझौता करता है. ये एक तरह का contract paper sign करवाना था जिसके कुछ नियम थे.

अब जिस व्यक्ति ने अपनी आत्मा को शैतान को बेच दिया था वो उसके लिए शिकारी का काम करना शुरू कर देता है. लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हो सकता है ?

शायद हाँ या फिर नहीं !

ऐसा इसलिए क्यों की इसके पुख्ता सबूत नहीं मिले है जो ये साबित करे की वाकई Deal with the devil जैसा कुछ होता है लेकिन जब भी हम बात करते है Illuminati the secret society के बारे में तो हमें समझ आता है की आज भी एक ऐसा समुदाय है जो इश्वर की बजाय शैतान में बिलीव करता है.

Illuminati the secret society को लेकर काफी सारी अवधारणा फैली हुई है. कुछ लोग मानते है की ये समुदाय शैतान Lucifer The king of all demons and hell की पूजा करता है वही कुछ लोग मानते है की ये उनके सोचने के नजरिये में एक बदलाव लाता है जिसकी वजह से बेहद कम टाइम में आगे बढ़ पाते है. एक तरह से ये उनके लिए लक की तरह काम करता है.

क्या वाकई ऐसा होता है ?

ऐसा कहना मुश्किल है क्यों की बहुत सारे लोगो का मानना है की ऐसे बहुत से लोग जो अचानक ही पोपुलर ( नाम लेना शायद सही नहीं रहेगा ) हो गए है वे सब किसी न किसी तरह से Illuminati the secret society से जुड़े हुए है. इस टॉपिक पर काफी सारी मूवी भी बन चुकी है जो लोगो द्वारा काफी पसंद की गई है लेकिन एक सन्देश जो इनसे मिलता है और वो ये है की

शॉर्टकट से पाई हुई शौहरत ज्यादा दिन नहीं टिकती है, आप जो पाते है उससे कही ज्यादा आपको चुकाना पड़ता है.

काफी सारे लोग ऐसे है जो रातो रात बड़ा आदमी बनने की सोच रखते है और इसके बदले में अपनी immortal soul को शैतान के हाथो सौदा करने के लिए रेडी है. हमने ऐसी कई Urban legend or mythology or lucifer के बारे में सुना है जहाँ पर लोग अपने हालात से तंग आकर जब उनके पास खोने को कुछ नहीं बचता है तब वे शैतान के साथ समझौता करते है और फिर उनकी जिंदगी बदल जाती है.

इन बातो में हालाँकि सच्चाई तो नहीं है लेकिन इस तरह के कांसेप्ट को नकारा भी नहीं जा सकता है क्यों की इसका एक उदाहरण हम Witch यानि डायन को देख सकते है जो अपनी जिंदगी नए नए जादू को सीखने में निकाल देती है. उन्हें ये ज्ञान देवताओ से नहीं बल्कि Black force power से मिलता है. इसका एक उदाहरण में बचपन में देख चूका हूँ.

How do people make deals with the devil?

शैतान के साथ समझौता करने के लिए उनके बारे में पता होना बेहद जरुरी है. कुछ खास संकेतो को अपने खून से बनाने के बाद शैतान हो या जिन्नात आवाहन करना आसान हो जाता है. काफी सारे written document में इसके बारे में पढने को मिलता है. हाल में कुछ समय पहले The Ghoul नाम की एक मूवी रिलीज़ हुई उसमे भी जिन्न की एक प्रजाति घौल को आवाहन करने के बारे में दिखाया गया था.

इसके अलावा King paimon जो की खुद नरक के शक्तिशाली राजाओ में से एक है उसके आवाहन के बारे में भी सुनने को मिलता है. किंग पैमोन लोगो को intelligence and wealth देता है ऐसा लोगो का मानना है. Western occult science में इनके बारे में ज्यादा लिखा हुआ मिलता है क्यों की वहां इसका प्रचलन और विश्वास ज्यादा है.

अगर देखा जाए तो ये Negative Dark force ऐसे लोगो को अपना निशाना बनाती है जो अपने हालात से बिलकुल टूट चूके होते है. इस स्थिति में बिना किसी दूरगामी परिणाम के वे शैतान के साथ समझौता कर लेते है जिसकी आगे चलकर उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ती है.

आज के समय में इसका क्या connection है ?

देखा जाए तो आज की लाइफ-स्टाइल में बहुत सी जगहों पर हम जो करते है वो एक तरह की शैतानी डील ही तो है. हम गलत तरीके से पैसे कमाने या फिर कामयाब बनने के लिए क्या नहीं करते है. हर जगह मिलावट, काम पाने के लिए खुद से समझौता, गलत तरीके से पैसा कमाना ये सब हम बिना किसी डर के कैसे कर पा रहे है ?

इसकी वजह है सही तरीके से आगे बढ़ने की कोशिश में हार मान लेना. हम हालात से थक कर गलत रास्ते पर आगे बढ़ते है जो की बेहद कम टाइम का होता है. आगे चलकर तो हमें इसकी कीमत चुकानी ही पड़ती है.

गलत तरीके से शौहरत हासिल करना, कुछ पाने के लिए खुद को बेच देना ( बॉलीवुड ) या फिर गलत तरीके से पैसा कमाना और लोगो को धोखा देना ये सब deal with the devil यानि शैतान के साथ किया गया समझौता ही तो है. हम आगे बढ़ने के लिए खुद को दांव पर लगा देते है और आगे चलकर हमें इसका पछतावा होता है.

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Side effect of deals with the devil final thought

शैतान किसी के साथ उसके भले के लिए कभी समझौता नहीं करते है. चाहे आप उन्हें बुलाये या फिर वो आपके जरिये आना चाहे दोनों ही स्थिति में आपको नुकसान उठाना ही पड़ता है. Urban myth and legend की माने तो बहुत सारे लोगो ने जो की खेतो से घर को लौटते है के साथ रास्ते में अनजान व्यक्ति द्वारा उन्हें कुछ समय के लिए भ्रम में डालने की घटना होती है. वो अनजानी शक्ति उन्हें deals with the devil के लिए उकसाती है.

जब लोग डर की वजह से भागने या फिर वे उस अनजानी शक्ति को ही पकड़ने की कोशिश करते है तो वो स्नेक या फिर किसी अन्य जानवर में बदल कर वहां से गायब हो जाती है. चमकीला सांप दिखाई देना किंग पैमोन का संकेत माना जाता है. ये सभी चीजे मान्यताओं पर टिकी है क्यों की वैज्ञानिक नजरिये में इनका कोई प्रूफ नहीं है और इन्हें एक भ्रम का नाम देकर भुलाने की कोशिश की जाती है.

आप इसके बारे में क्या सोचते है और क्या आपने कभी इस तरह की चीजो के बारे में सुना है हमें कमेंट कर जरुर बताए.

नोट : हमारा मकसद आपके सामने नई नई जानकारी लाना है ना कि किसी तरह का Superstition फैलाना. इन सब पर विश्वास करना या न करना आपके ऊपर है.

Top 5 तरीके जिनसे आप Migraine panic attack से छुटकारा पा सकते है

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आज की इस लाइफ में Migraine panic attack से गुजरना बेहद आम बात हो गई है क्यों की Mental work pressure बढ़ने की वजह से stress and depression की प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ गई है.

हालाँकि कोई भी Migraine medication पूरी तरह कामयाब नहीं हुई है लेकिन हम Migraine headache symptoms and treatment को समझकर उनसे जुड़ी मेडिसिन ली जा सकती है.

इस तरह की बीमारी सिर्फ सर दर्द से ही नहीं बल्कि Migraine and heart attack या फिर Headache after migraine attack से भी गुजरते है.

What is Migraine panic attack

माइग्रेन की स्थिति से गुजरने की वजह से हम इसका असर अपने डेली लाइफ पर देख सकते है. ठीक से देख न पाना, पुरे बॉडी में सुई चुभने जैसा अहसास या फिर चीजो को छूने में प्रॉब्लम जैसे लक्षण आम बात है.

सर के एक हिस्से में दर्द का अनुभव होना इसका मुख्य लक्षण है. वैसे ये कोई बीमारी नहीं है बल्कि दूसरी बीमारियों की वजह से होने वाली प्रॉब्लम है जो की एक फाइनल पैनिक अटैक है. आइये बात करते है माइग्रेन के बारे में जिससे ज्यादातर आबादी गुजर रही है.

What is Migraine panic attack

सर में दर्द होना आम बात है जो की ज्यादातर मेंटल प्रेशर या फिर तनाव लेने की वजह से हो जाता है. सर में दर्द की वजह से तकलीफ का असर हम बॉडी के दूसरे हिस्सों में देख सकते है.

बॉडी के अलग अलग हिस्सों में परेशानी होना या फिर आँखों में समस्या होना जैसे लक्षण देखे जा सकते है. माइग्रेन की वजह से न सिर्फ सर में दर्द होता है बल्कि आँखों में या फिर सर के पिछले हिस्से में भी हो सकता है.

इसकी वजह से हमें Physical and mental instability का सामना करना पड़ सकता है. ज्यादातर सर दर्द की वजह से बाकि दूसरे हिस्सों में होने वाले दर्द को अनदेखा नहीं किया जा सकता है.

माइग्रेन वास्तव में कोई सर दर्द नहीं है बल्कि अलग अलग तरह की प्रॉब्लम की वजह से होने वाली एक मेजर प्रॉब्लम है. अगर इसके शुरुआती लक्षणों को समझ लिया जाए तो रोकथाम संभव है.

Migraine panic attack अचानक नहीं होता है बल्कि इससे कुछ टाइम पहले अलग अलग तरह की स्थिति से गुजरने लगते है इन्हें अगर अनदेखा किया जाता है तब माइग्रेन की नौबत आती है. चलिए जान लेते है की माइग्रेन से पहले हमारी बॉडी किस तरह के संकेत देना शुरू कर देती है.

Premonitory Symptoms

हम बात कर रहे है Migraine panic attack के बारे में जिससे आज भी एक बड़ी आबादी जूझ रही है. आपको जानकर हैरानी हो सकती है की Medical science में भी अभी तक इसका कोई Accurate solution नहीं मिला है.

इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन हम कुछ Physical and mental change जिन्हें Premonitory Symptoms भी कहते है के आधार पर Migraine panic attack prediction कर सकते है.

माइग्रेन के पूर्व हमारी बॉडी कुछ संकेत देती है जो ये बताती है की कब हम इसके अटैक का शिकार बन सकते है. ये कभी भी अचानक नहीं होता है बल्कि कुछ बदलावों के अपने चरम पर पहुँचने की वजह से होता है.

शायद यही वजह है की इसका अभी तक वैज्ञानिक तौर पर कोई इलाज नहीं है. हम अपनी पिछली पोस्ट में झाड़-फूंक के जरिये बीमारी का इलाज की पोस्ट में इसके बारे में जान चुके है. ये एक कारगर इलाज है.

कुछ लोगो को Headache after migraine attack की अक्सर शिकायत रहती है. अगर दवा से इसका कोई इलाज नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा आप किसी ओझा से जो आधा शीशी का झाड़ा लगाता हो उससे मिल ले.

Migraine attack symptoms

माइग्रेन किसी आम सर दर्द की तुलना में 4 अलग अलग फेज में होता है. ये अलग अलग फेज या फिर सभी का एक साथ अनुभव होना कुछ भी हो सकता है.

अगर आप premonitory signs and symptoms पर ध्यान दे पाएंगे की ये सिर्फ एक सर दर्द नहीं है बल्कि पूरी बॉडी पर इसका असर पड़ता है. मुख्य रूप से इसके कुछ संकेत निम्न है.

  • Fatigue या थकावट
  • बार बार या चानक ही मूड बदल जाना – Mood changes (depression or irritability)
  • Gastrointestinal symptoms (like a change in bowel habits or nausea).

इसके अलावा कुछ इस तरह के संकेत भी महसूस किये जा सकते है :

  • शरीर के उपरी हिस्से में दर्द महसूस करना
  • Food cravings or a loss of appetite
  • एकाग्रता में परेशानी महसूस होना.
  • Confusion
  • शरीर का ठंडा पड़ जाना – Feeling cold
  • Sensitivity to light, sound, or smells लाइट या आवाज के प्रति परेशानी होना.
  • Excessive yawning गले में दर्द या निगलने में परेशानी
  • Vivid dreams अजीब से सपने दिखना.

हमें सबसे ज्यादा तकलीफ पूर्व के संकेतो से नहीं होती है बल्कि माइग्रेन के दौरान जो दर्द होता है, बार बार अलग अलग सपने देखना या फिर सर का भारीपन ये सब अनुभव तकलीफ देते है.

Prodrome vs. Migraine Aura

आपको prodrome, premonitory symptoms, और  aura  ये तीनो टर्म्स कंफ्यूज कर सकती है.

  • Prodrome में premonitory symptoms आते है जबकि औरा में जो भी फेज हम महसूस करते है वे सभी अनुभव आते है. इसे सिर्फ neurological symptoms के जरिये आसानी से समझा जा सकता है.
  • Premonitory symptoms जहाँ पूरे दिन बने रहे सकते है वही migraine aura सिर्फ एक घंटे तक ही रहता है.
  • हम औरा को दोनों आँखों के बदलने के तरीके और neurological abnormalities के जरिये पहचानते है जबकि पूर्व संकेतो को व्यव्हार में बदलाव के आधार पर पहचाना जा सकता है.

Premonitory Symptoms Strike की स्थिति कब बन जाती है?

Migraine panic attack भले ही लाइलाज हो लेकिन हम समय रहते इसकी रोकथाम कर सकते है. कुछ ऐसे premonitory migraine symptoms को पहचान लिया जाए तो आगे की तकलीफ को रोका जा सकता है. इसका एक फायदा ये भी है की इन्हें नोटिस किया जा सकता है जिसकी वजह से हमें इसमें काफी हेल्प मिलती है.

जो भी पूर्व संकेत होते है वे दर्शाते है की एक intense migraine अभी बनने की तैयारी में है और इसे रोका जा सकता है. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो कुछ बदलाव आप कर सकते है जैसे की

लाइफस्टाइल : बार बार पानी पीना, खुद को रिलैक्स रखना और सबसे बड़ी बात ज्यादा तेज लाइट और आवाज से दूरी बनाए रखना.

Medication: अगर किसी तरह की दवाई आपके लिए माइग्रेन के समय काम कर जाती है तो पूर्व संकेतो में आप उसी दवाई का इस्तेमाल कर सकते है ताकि उसी समय आपको आराम मिल जाए,

सोशल : अपने किसी खास को आप बता सकते है की इस वक़्त आप prodromal symptoms को experience कर रहे है.इस दौरान कोई भी हद से ज्यादा sensitive or easily angered हो सकता है. इस दौरान addressing emotional issues को Avoid करना चाहिए जब तक की आप खुद को physically more comfortable महसूस न करने लगे.

अब हम जानते है की premonitory symptoms काफी common है इसलिए इन्हें पहचानना और माइग्रेन से बचाव करना संभव है.

Different Types of Migraines

माइग्रेन सिर्फ एक सर दर्द नहीं है बल्कि पूरी बॉडी में होने वाले कुछ बुरे बदलाव है. Migraine panic attack में आप सिर्फ खतरनाक सर दर्द से ही नहीं गुजरते है बल्कि nausea, vomiting ( उलटी होना ), dizziness, sensitivity to touch ( किसी चीज को छूने में परेशानी ), smells, and light ( ज्यादा तेज लाइट या स्मेल से परेशानी होना ) से भी परेशान हो सकते है.

Types-of-Migraines

इन Common symptom के अलावा भी कई लक्षण है जो देखे जा सकते है इसलिए बात करते है कुछ अलग अलग प्रकार के माइग्रेन के बारे में.

माइग्रेन टाइप A

Migraine without Aura: इसे हम “common migraine” or “episodic migraine” के नाम से भी जान सकते है. सबसे ज्यादा होने वाले माइग्रेन में ये एक है और इसमें हम सिर्फ में दर्द या फिर सिर्फ एक हिस्से में बेहद तेज दर्द महसूस करते है. इसके लक्षण है दिनभर के कामो में गुस्सा आना, जी घबराना, ज्यादा तेज लाइट और आवाज से परेशान हो जाना इसके common Symptom है.

Migraine with Aura : यहाँ पर औरा का मतलब है कुछ ऐसे लक्षण जो माइग्रेन से कुछ समय पहले प्रकट होते है. इसके लक्षण देखे जा सकते है जैसे की अचानक ही आँखों के सामने अँधेरा या तेज लाइट छा जाना, लाइन दिखना, अचानक ही दिखना बंद हो जाना या फिर यू कहे की Consciousness खो देना.

कई बार इसमें हमें बोल ना पाना, चुभने का अहसास या फिर चीजो को महसूस करने में समस्या, किसी भी काम को कर पाने में प्रॉब्लम होने जैसी शिकायत देखने को मिल सकती है. दुनियाभर में इस माइग्रेन के 20% से भी कम केस देखे गए है. जैसे जैसे उम्र बढती जाती है वैसे ही इसकी शिकायत देखी जाती है जिसमे जरुरी नहीं की सर दर्द हो.

Chronic Migraine: अगर आपको एक खास टाइम पीरियड में बार बार माइग्रेन की शिकायत हो रही या फिर 3 महीने में कम से कम 15 दिन से ज्यादा माइग्रेन की शिकायत रहती है तो ये एक Chronic Migraine कहलाता है. जिन लोगो को episodic migraine की प्रॉब्लम रहती थी वे लोग कुछ बदलावों जैसे की changes in hormones, ज्यादा तनाव ( increased stress ), illness, or use of pain medications का ज्यादा हो जाना की वजह से इसका शिकार बनते है.

इसकी वजह से दर्द बढ़ता जाता है और नए दर्द की वजह से दवाई भी एक टाइम के बाद काम करना बंद कर देती है.

टाइप B माइग्रेन

Abdominal Migraine: ज्यादातर 5 से 9 साल के बच्चो में इस तरह की शिकायत देखने को मिलती है और आगे चलकर ये युवाओ में भी हो सकती है. इस तरह के माइग्रेन में आपको abdominal pain, nausea, and vomiting जैसे लक्षण देखने को मिलते है.

ये एक ऐसा टाइप है जिसमे headache शामिल नहीं है. सरदर्द की समस्या आपको उम्र बढ़ने के साथ देखने को मिल सकती है.

Acephalgic or Silent Migraine: इस तरह के टाइप में बेहद कम स्तर का सरदर्द देखने को मिलता है लेकिन कुछ दूसरे classic migraine symptoms देखने को मिल सकते है. इसमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है देखने की. आपके विज़न में बदलाव देखने को मिलता है. ठीक तरह से ना देख पाना या फिर कलर का सही से पता न लगा पाना जैसी स्थिति देखी जाती है.

Hemiplegic Migraine: ये एक रेयर टाइप Migraine panic attack है जिसमे शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होने लगती है. ज्यादातर कंफ्यूज रहना या फिर बोलते बोलते रुक जाना इस तरह की समस्या देखने को मिल जाती है. इस तरह की कंडीशन जेनेटिक या परिवार में देखने को मिल सकती है लेकिन संभव होना जरुरी नहीं है.

इस तरह की कंडीशन में पेशेंट को अचानक ही समय रुकता हुआ या बेहद तेजी से निकलता हुआ महसूस होने लगता है. बॉडी में अचानक ही बदलाव आना जैसे की छोटा या बड़ा हो जाना इस तरह की कंडीशन अनुभव की जा सकती है.

टाइप C माइग्रेन

Retinal Migraine: ये कंडीशन आँखों से जुड़ी है. कुछ देर के लिए आँखों के सामने फ़्लैश या तेज लाइट का दिखाई देना, कुछ देर या फिर समय के लिए अंधापन महसूस हो सकता है. ये स्थिति सर दर्द से कुछ समय पहले बनती है.

इस तरह की स्थिति में माइग्रेन से लगभग एक घंटे पहले visual symptoms देखे जाते है जो की 3 दिन बाद तक बने रह सकते है.

Status Migrainosus: ये एक खतरनाक अटैक है जो की लगातार 72 घंटे तक बना रह सकता है. एक सप्ताह में लगातार कम से कम 4 घंटे तक स्ट्रोंग अटैक की स्थिति में आपको तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए.

ये कुछ अलग अलग टाइप है जिन्हें हम और बेहतर तरीके से गूगल का सकते है.

Causes and Risk Factors

वैसे तो इसके मुख्य कारण neurological होते है लेकिन इसके अलावा genetic factors. Symptoms, including premonitory symptoms, aura, headache, and postdrome phase भी हो सकता है. इसके अलावा भी कई कारण हो सकते है जिनकी वजह से migraines को ट्रिगर किया जाता है.

सामान्य वजह

हम अचानक ही अपने चेहरे में सुई चुभने जैसा अहसास करते है और चेहरे के सामने कई अलग अलग विज़न दिखाई देने लगती है. अगर आपके साथ ऐसा पहले कभी हुआ हो तो बता दे की आपने migraine aura को अनुभव किया है. इसे headache progresses की पहचान कर Migraine panic attack को आसानी से रोका जा सकता है.

अगर ऐसा पहले कभी नहीं हुआ हो तो ये आपके लिए एक strange and scary experience हो सकता है. एक बार इसकी पहचान कर ले तो बचाव करना आसान हो जाता है. माइग्रेन में आपको अलग अलग अनुभव कर सकते है. आइये जानते है की इसके लक्षण किस तरह पहचाने जाते है.

  • stress, reported by 80 percent of participants
  • hormone changes in women, reported by 65 percent
  • not eating, reported by 57 percent
  • weather, reported by 53 percent
  • sleep disturbance, reported by 50 percent
  • odors, such as perfume, reported by 44 percent
  • neck pain, reported by 38 percent
  • lights, reported by 38 percent
  • alcohol, reported by 38 percent
  • smoke, reported by 36 percent
  • sleeping late, reported by 32 percent
  • heat, reported by 30 percent
  • food, reported by 27 percent
  • exercise, reported by 22 percent
  • sexual activity, reported by 5 percent

अगर आप सही से सो नहीं पा रहे है तब भी माइग्रेन के चांस बढ़ जाते है. इसके कुछ लक्षण sleeping disorders की तरह हो सकते है जैसे की नींद ना आना, जबड़ो का भींचना, दांतों की किटकिट होना. Migraine headaches में आराम के लिए Caffeine असरदार हो सकता है.

Estrogen

महिलाओं में इस हॉर्मोन की वजह से central nervous system काफी प्रभावित होता है. पीरियड से 2 दिन पहले के बदलाव की वजह से menstrual migraines को फील किया जा सकता है. इसके बचाव में उन्हें ऐसी चीजे जिन्हें magnesium हो दिया जाता है.

Cortical spreading depression

ऐसा माना जाता है की दर्द जिसकी वजह से migraine with aura की समस्या उत्पन होती है ये Cortical spreading depression की वजह से होता है. इस स्थिति में दिमाग के कुछ पार्ट्स तनाव की स्थिति में हो जाते है और इसकी वजह से inflammatory changes होते है. इसी वजह से हमें Migraine headache की परेशानी होती है.

Sensitization

ये एक न्यूरॉन की प्रोसेस होती है जिसमे दिमाग की सेल्स कुछ ज्यादा ही एक्टिव हो जाती है. ज्यादातर clinical symptoms of a migraine में इसकी पहचान की जाती है.

इस स्थिति में पेशेंट जब भी कुछ खास गतिविधि करता है उसके सर में दर्द होना शुरू हो जाता है जैसे की मूव करना, किसी भाग का दबना या कुछ और गतिविधि.

इसके अलावा कुछ लोगो के Brain structure की वजह से भी उन्हें Migraine panic attack का सामना करना पड़ता है.

Genetics

जेनेटिक समस्या भी माइग्रेन के होने की वजहों में से एक हो सकती है. अगर आपके किसी रिलेटिव को इस तरह की समस्या है तो आपके साथ होने की सम्भावना 3 गुना बढ़ जाती है.

कुछ ऐसी abnormalities in the neural pathways of the brain की पहचान खास ग्रुप में की गई है जो इसकी सम्भावना को और भी बढ़ा देती है.

जेनेटिक प्रॉब्लम की वजह का सही अनुमान अभी तक लगाया नहीं गया है लेकिन फिर भी इसकी तलाश अभी तक जारी है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Migraine panic attack Management Final word

अगर आप recurrent migraines से परेशान है तो सबसे पहले इसके पैटर्न की पहचान करे.

ज्यादातर केस में हम earliest symptoms या फिर trigger की पहचान कर इससे बच सकते है. Migraine management में premonitory symptoms की पहचान करना एक अहम् रोल निभाता है और आप माइग्रेन को बेहतर तरीके से कण्ट्रोल कर पाते है.

researchers अभी तक earliest biological changes in migraine attacks की पहचान करने में जुटे है ताकि इसका बेहतर इलाज खोजा जा सके.

इससे पहले की माइग्रेन अपने चरम पर पहुंचे हमें इसके पूर्व संकेतो की पहचान कर इसे कण्ट्रोल कर लेना चाहिए.

सही समय पर spiritual growth in children देने के फायदे जानकर हैरान रह जायेंगे – 2020 Updated

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एक पैरेंट के तौर पर आप क्या सोचते है की आपके बच्चे में कौनसी quality होनी चाहिए ? हर माँ बाप यही चाहते है की उनके बच्चे खुद जिम्मेदारी लेना सीखे और हर मुश्किल का सामना खुद करे.

अगर बच्चो को सही समय पर सही सलाह और quality development के बारे में सिखाया जाए तो वे खुद को आगे ले जा सकते है.

इस तरह की परवरिश को spiritual growth in children के नाम से जाना जाता है जो बच्चो में खास तरह के गुण पैदा करती है. ये उन्हें लाइफ में अपने मकसद को समझने में मदद करती है.

What is spiritual growth in children

बच्चो को सही उम्र से self-dependent बनना सीखाना चाहिए. लाइफ में आने वाली किसी भी समस्या का समाधान कैसे करना है ये सीखना चाहिए और ये तभी संभव है जब हम बच्चो को खुद फैसले लेना सिखाए.

आजादी देना अच्छी बात है लेकिन जिम्मेदारी भी आजादी के साथ ही आती है. जब हम ये बात समझना शुरू कर देते है तो लाइफ में आने वाली ज्यादातर मुश्किलों का सामना करने में सक्षम बन जाते है.

What is spiritual growth in children

Spiritual growth कुछ ऐसी quality है जो हर बच्चो में होनी चाहिए. सही परवरिश और वक़्त पर दी गई सही सलाह उनके भविष्य को तय करती है. बच्चे बेहद जल्दी किसी भी चीज और गुण को सीख सकते है जिसकी वजह से हम उन्हें वैसा ही बना सकते है जैसा वे सोचते है.

कुछ खास तरह के गुण जो बच्चो को आगे बढ़ने में मदद करते है और उन्हें सही तरीके से विकसित होने में मदद करते है. इस तरह की quality उन्हें spiritual path पर आगे बढ़ने में मदद करती है और लाइफ में आने वाली हर problem को दूर करती है. आइये जानते है कुछ ऐसी ही quality के बारे में जो हर बच्चे में होनी चाहिए.

1. सोच में लाए एक बदलाव

हम अपनी लाइफ में हमेशा उन चीजो के लिए अफ़सोस करते है जो हम नहीं कर पाए या नहीं कर सकते लेकिन, क्या आपने कभी उन activity पर अफ़सोस जाहिर किया जो आपने अपने past में की है ? एक बुजुर्ग व्यक्ति की कही कुछ बाते हमें काफी कुछ सीख दे जाती है. उनके अनुसार

“हम हमेशा उन चीजो के लिए अफ़सोस करते है जो हम नहीं कर सकते लेकिन उन चीज़ो के लिए कभी अफ़सोस नहीं करते जो हम कर चुके है या कर रहे है. जिंदगी के अनुभव उनमें है जो आप कर चुके है उनमें नहीं जो आप नहीं कर सकते है.”

उनकी कही ये बाते हमारी लाइफ में काफी फिट बैठती है. हम न होने वाली गतिविधियों में उलझ कर रह जाते है जब की जो हो रहा है उस पर ध्यान नहीं दे पाते है. हम जो कर चुके है उससे काफी कुछ सीख सकते है फिर चाहे आगे चलकर वो हमारे लिए काम करे या न करे लेकिन इन सबसे हम कुछ न कुछ सीखते जरुर है.

बच्चो को शुरू से अगर हम ये सिखाना शुरू कर दे तो वो कभी किसी बात के लिए परेशान नहीं होंगे.

2. ऐसा दिमाग जो सबकुछ accept कर सके लेकिन किसी से attach ना हो

Universal Law of attraction के अनुसार हम जैसा सोचते है वैसा ही बन जाते है. ज्यादातर लोग इस बात को जानते है लेकिन इसके पीछे की secret को लेकर आज भी अनजान है. इसकी वजह कुछ भी हो सकती है लेकिन सोचना हमारे दिमाग का काम है.

क्या होगा अगर हम कुछ नया कुछ creative सोचना बंद कर दे ? ये एक बर्बादी होगी हमारे इन्सान होने की क्यों की सिर्फ इन्सान ही है जो सोच सकता है. हमारा सबसे बड़ा हथियार है हमारी सोच जो हमें बाकि सबसे अलग करती है.

हमारा दिमाग हमेशा सोचता रहता है लेकिन हम इसे सिर्फ कुछ specific ideas से ही भरते रहते है या फिर संकुचित सोच के चलते Infinite possibilities को ignore करते जाते है.

हमारा दिमाग एक Empty container की तरह है जिसमे कुछ भी भरा जा सकता है और खाली किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए आपका Open minded and un-attached to anything होना जरुरी है. हमारा Subconscious mind हमारे लिए नई संभावनाओं को खोजता रहता है लेकिन हम खुद इसके भरोसे को खो देते है जिसकी वजह से आगे नहीं बढ़ पाते है.

अगर आप चाहते है की बच्चे आगे चलकर stress और unwanted Dark intrusive thought से safe रहे तो उन्हें Open minded बनाए लेकिन किसी भी तरह के attachment में फंसने से रोके.

3. जो आपके पास है ही नहीं उसे छोड़ नहीं सकते है

शायद ये थोडा अजीब लगे लेकिन जब हम अपने अतीत में झाकते है तो पाते है की विपत्ति बहुत बड़ी थी लेकिन हमने उनका जिस तरह सामना किया वो हमें काफी कुछ सीखा गया. परेशानी हर किसी की लाइफ में आती है लेकिन हम उनपर किस तरह प्रतिक्रिया करते है ये महत्वपूर्ण है.

मुसीबत के समय हम दो तरह से इनका सामना करते है.

  • पहला जो हो रहा है उसे accept कर लेते है और उनसे बाहर निकलने का तरीका खोजते है जो हमें मुश्किलों में आगे बढ़ने में हेल्प करता है.
  • दूसरा जो हो रहा है उसे सीधे तौर पर मान लेते है और वक़्त के हवाले छोड़ देते है. इसका मतलब ये नहीं की हम कोई प्रयास नहीं करते है. ऐसा करना हमें शांत और संघर्षशील बनाता है.

जब तक विपरीत हालात पैदा नहीं होते है तब तक हम कुछ भी सीख नहीं सकते है. हर विपत्ति हमें कुछ न कुछ सीख दे जाती है और आगे बढ़ने में इसका काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है. बच्चो को विपत्तियों में घबराने की बजाय शांत रहना और उनसे सीख ग्रहण करने लायक बनाए.

ऐसा करना उन्हें न सिर्फ आगे बढ़ने में हेल्प करेगा बल्कि वे खुद को spiritual path में भी आगे ले जा पाएंगे. विपरीत हालात में आगे बढ़ने का ये गुण spiritual growth in children के लिए जरुरी है.

4. silent होना बहुत कुछ सिखाता है

आपने कभी गौर किया है की म्यूजिक में जो गैप होता है वही म्यूजिक की असली आवाज होता है. silent होना किसी तरह की कमी नहीं होती है. ये एक अहसास होता है की हम खुद को समझना शुरू कर चुके है. जब हमारे अंतर में ख़ामोशी जगह बनाना शुरू कर देती है तभी हम खुद को बेहतर तरीके से समझ पाते है.

हम दिन भर बाहरी कार्यो में इतना व्यस्त रहते है की खुद को समझने के लिए वक़्त ही नहीं निकाल पाते है. हमारा बॉडी हमें बहुत कुछ कहता है जिन्हें अगर follow किया जाए तो शायद ही कोई ऐसी स्थिति हो जिसे हम समझ ना पाए या फिर उससे बाहर ना निकल पाए.

दिनभर के कार्यो के बिच कुछ समय खुद के लिए निकाले और उस दौरान ख़ामोशी से खुद को observe करे. धीरे धीरे आप खुद को बेहतर समझना शुरू कर देंगे. आप क्या चाहते है और आपके लिए क्या सही है इसके लिए आपको दूसरों पर निर्भर नहीं होना होगा.

5. अतीत अगर बुरा है तो उसे भुला देना ही बेहतर होगा

सबका एक अतीत होता है जो अच्छा और बुरा हो सकता है. हमारा background हमारे Personal history का एक ऐसा हिस्सा होता है जो बीत चूका होता है और उसका असर हमारे आज पर पड़ता है. अगर ये ऐसा है जो हम नहीं चाहते है तो अतीत को भूल कर नई शुरुआत करना ही बेहतर रहता है.

अगर हम अपने अतीत को भूलकर नई शुरुआत करते है तो हम उन सभी belief को पीछे छोड़ देते है जिनका bad effect हम पर पड़ता है. हमारे खुद के लिए बनी कुछ ऐसी अवधारणा जो शायद सही भी नहीं हो ये सब बदलने लगते है. अतीत के बुरे पल को पीछे छोड़ देने की वजह से हम खुद को ज्यादा से ज्यादा वर्तमान में रख पाते है.

अगर आपके अतीत की वजह से आपका आज खराब हो रहा है और आप आगे नहीं बढ़ पा रहे है तो बेहतर होगा की आप अपने सोचने के तरीके में बदलाव करे.

6. अगर समस्या को सुलझाना है तो सोच में बदलाव लाए

क्या हम अशांत मन से समस्या को सुलझा सकते है ? नहीं ! हम उतना ही कर पाते है जितना हम सच मान कर चलते है. किसी भी समस्या को तब तक नहीं सुलझाया जा सकता जब तक की हम अपने सोचने के तरीके में बदलाव नहीं कर लेते है.

अगर सोचने के तरीके में बदलाव लाया जाए तो हम उन समस्या को सुलझा सकते है जिनकी वजह से हम लाइफ में आगे नहीं बढ़ पा रहे है. ऐसा तभी संभव है जब spiritual growth in children सही उम्र पर शुरू हो.

जब तक हमारा मन अशांत रहता है हम किसी भी समस्या के समाधान के लिए सोच नहीं सकते है. जिस सोच की वजह से समस्या उत्पन होती है उसी सोच के साथ हम समाधान नहीं निकाल सकते है. इसलिए अगर आप परेशान है और उस स्थिति से बाहर निकलना चाहते है तो पहले खुद को शांत रखे. समस्या के बारे सोचे और खुद पर भरोसा रखे.

ज्यादातर लोग ऐसा नहीं कर पाते है जिसकी वजह से वो उसी स्थिति में फंसे रहते है.

7. दूसरो पर इल्जाम लगाना सही नहीं है

हम दिनभर ऐसी कई गतिविधि करते है जिनकी असफलता का दोष दूसरो को देते है. हम कई बार इस तरह की गलती करते है जैसे की

अगर वो अपना काम सही करता तो मुझे असफल नही होना पड़ता या फिर

में असफल हो गया क्यों की उसने अपना काम अच्छे से नहीं किया.

हम दिनभर में कई बार ऐसा करते है की अपनी गलतियों का जिम्मेदार दूसरों को मान कर खुद को संतुष्ट करते है. क्या ऐसा करना सही है ?

नहीं ऐसा करना हमें गैर जिम्मेदार बनाता है. हम बड़ी आसानी से खुद की गलती का जिम्मेदार दूसरो को मान कर बच निकलते है लेकिन ऐसा करना समस्या का समाधान नहीं करता है. हम आगे चलकर फिर से ऐसी गलतियों में फंस जाते है और ये सिलसिला चलता रहता है जिसका असर हमारे आज की गतिविधि पर पड़ता है.

अगर हम खुद की गलती के लिए जिम्मेदारी लेकर उन्हें दूर करने की कोशिश करना शुरू कर दे तो भले ही आज हम असफल हो गए हो लेकिन अगली बार वही गलती, असफलता का सामना तो नहीं करना पड़ेगा. इस तरह की quality spiritual growth in children बेहद जरुरी है.

8. खुद को जैसा बनाना चाहते है वैसे ही व्यवहार करना शुरू कर दे

हम  सभी को एक गिफ्ट हमेशा से मिला है और वो है हमारी कल्पना शक्ति. हम जैसा सोचते है वैसे ही बन जाते है. कल तक जो हमारी कल्पना थी वो आज एक हकीकत बन चुकी है. और ये सच है की किसी भी चीज का अस्तित्व तब तक सम्भव नहीं है जब तक की उसकी कल्पना ना की जाए.

हम किसी और से अगर कुछ उम्मीद रखते है तो सबसे पहले हमें अपने अन्दर वो quality development करनी चाहिए.  ज्यादातर लोग चाहते है की दुसरे व्यक्ति उनके साथ अच्छा बर्ताव करे भले ही वे खुद दूसरो के साथ अच्छे से पेश नहीं आते है. अगर आप खुद को अच्छा बनाना चाहते है तो आज से ही खुद को उसी Point of view से experience करना शुरू कर दे.

9. अपने अन्दर की Spirituality की तलाश करना शुरू कर दे

बचपन से हमें सिखाया जाता है की भगवान् को किसी भी बाहरी माध्यम में खोजने की जरुरत नहीं है. हम सब के अन्दर spiritual Path में आगे बढ़ने की quality होती है. बजाय किसी बाहरी माध्यम में Divinity खोजने के आपको अपने अन्दर इसकी तलाश करनी चाहिए.

अक्सर हम खुशियों को बाहर तलाशते रहते है लेकिन हकीकत में वो सिर्फ हमें अपने अन्दर मिलती है. ये तभी संभव है जब हम खुद को समझने में वक़्त दे और अंतर में उतरना शुरू करे. Mindfulness meditation techniques इसके लिए सबसे बढ़िया माध्यम हो सकता है.

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10. आपको विचारो के चुनाव की पूरी आजादी है

हमें पूरी आजादी है की हम उन विचारो का चुनाव करे जो हमारे लिए सही है. जो विचार हमें कमजोर करते है उन्हें हम Avoid कर सकते है. dark Unwanted intruive thoughts जो हमें Depression से भर देते है उन्हें हम दूर कर सकते है. हम उन विचारो को अपना सकते है जो हमें मजबूत बनाए.

विचारो के चुनाव की यही खूबी हमारी सबसे बड़ी ताकत होती है.

हम क्या है ये हमारे किये गए विचारो के चुनाव से निर्धारित होता है इसलिए उन विचारो का चुनाव करे जो आपको आगे ले जाए.

बचपन से दी गई सही परवरिश बच्चो को आगे बढ़ने में मदद करती है. अगर सही उम्र में हम उन्हें आगे बढ़ने के सभी सही तरीको को सीखने में मदद करे तो वे लाइफ में आने वाली किसी भी problem को solve कर सकेंगे, उनके लिए सही चुनाव करना आसान हो जायेगा और वे सही रास्ते पर चलते हुए अपने लाइफ के मकसद को प्राप्त कर पाएंगे.

अगर आप भी अपने बच्चो को आगे बढ़ता हुआ देखना चाहते है तो spiritual growth in children पर ध्यान दे. सही गुणों को विकास उन्हें आगे बढ़ने में हेल्प करेगा और वे किसी तरह के भ्रम में फंसने की बजाय अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए खुद को सफल बना पाएंगे.

क्या आप सुबह उठते ही Morning stiffness arthritis से परेशान है ? कुछ आसान टिप्स फॉलो कर पाए छुटकारा

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सुबह उठते ही आपने बॉडी में अकड़न को महसूस किया होगा. ये Morning stiffness arthritis जिसे हम Morning stiffness के नाम से जान सकते है.

बूढ़े लोगो में Stiff fingers in the morning ( अंगुलियों में अकड़ ), Stiff hands in the morning ( हाथो में अकड़ ) या फिर Stiff back in the morning ( कमर में अकड़न ) अक्सर देखने को मिल सकती है. जब हम सुबह उठने के बाद एक कदम चलने के बाद ही खुद को असमर्थ पाए तो क्या होगा ? इससे हमारा पूरा दिन बर्बाद हो सकता है.

ऐसे बहुत से Morning stiffness causes है जो की आपकी लापरवाही या फिर वातावरण की वजह से होता है.

Morning stiffness arthritis

ऐसी कई वजह होती है जिनकी वजह से हमें बॉडी में तनाव से रूबरू होना पड़ता है. ऐसा माना जाता है की एक उम्र के बाद जब जोड़ो में चिकनाई कम हो जाती है तब हम arthritis से गुजरने लगते है.

ऐसा नहीं है क्यों की आजकल कम उम्र में ही हम ऐसी बीमारियों से गुजरने लगते है जिनसे हम बुढ़ापे में रूबरू होते थे.

हमारी डेली लाइफ रूटीन की वजह से हम कम उम्र में भी गंभीर बीमारियों से गुजरने लगते है जिनमे से एक है सुबह उठने के बाद कुछ देर तक पूरी बॉडी में तनाव महसूस करना, हिलने डुलने में परेशानी होना. ऐसा होने की वजह क्या हो सकती है ?

Morning stiffness arthritis

अक्सर हम सुबह उठते ही शरीर में अकड़न महसूस करते है. ये एक common problem associated with arthritis है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है.

जैसे ही आप बेड से उतरते है Morning stiffness आपके सभी कामो को बिगाड़ सकती है.

जैसे ही हम बिस्तर से उठते है पहली स्टेप लेते ही हमारा पूरी बॉडी में इतना दर्द महसूस होता है की उठाना मुश्किल हो जाता है और हम फिर से बिस्तर पर चले जाते है. सुबह की पहली अकड़न आपकी activities of daily living को affect कर सकती है.

कई लोगो के लिए ये कुछ देर की हो सकती है तो कुछ लोगो के लिए ये काफी देर तक भी बनी रह सकती है.

सुबह के तनाव की वजह

सुबह उठने के बाद बॉडी में होने वाली इस अकड़ को लेकर काफी सारी थ्योरी अलग अलग लोगो द्वारा दी गई है. इन्ही में से एक है gel phenomenon जिसके अनुसार ऐसा तब होता है जब लम्बे समय के लिए हम sitting or inactivity की स्थिति में रहते है.

इस तरह की स्थिति को non-inflammatory conditions के नाम से जाना जाता है.

कुछ लोगो के लिए ये एक circadian symptom है जिसे पूरी तरह समझा नहीं जा सकता है. ऐसा तब भी हो सकता है जब हम नींद पूरी होने से पहले ही अचानक उठ जाए.

ऐसी स्थिति में हम सही तरह से उठ नहीं पाते है. हमें लगता है की हमारी बॉडी हमें सपोर्ट नहीं कर रही है. ये स्थिति कुछ हद तक Sleep paralysis की तरह हो सकती है.

Tips for Dealing

मेडिकल साइंस में इसके लिए एक दवा इजाद हो चुकी है. ये दवा रात के ठीक 10 बजे लेनी होती है जो की लेने के ठीक 4 घंटे बाद अपना असर दिखाती है. इस पर हुई Clinical studies ने इस बात को प्रूफ कर दिया की ये एक बेहतर दवा हो सकती है.

इस दवा को Europe में Lodotra के नाम से जाना गया जिसे US approval से पहले यूरोप में मंजूरी मिली.

अगर आप inflammatory arthritis या फिर Morning Stiffness यानि सुबह की अकड़न से निजात पाना चाहते है तो निचे दिए गए कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की आपको किस टाइप की प्रॉब्लम है कुछ ऐसे कॉमन solution है जिन्हें आप आजमा सकते है.

  • ऐसी स्थिति में सोने की कोशिश करे जिसमे आपके जॉइंट को सबसे ज्यादा सपोर्ट मिलता है.
  • जिस रूम में आप सो रहे है उसके तापमान पर गौर करे. अगर रूम टेम्परेचर जरुरत से ज्यादा ठंडा है तो ये एक वजह बन सकती है आपके अकड़न की इसलिए तापमान को कुछ हद तक गर्म रखे तो ही बेहतर है.
  • बेहतर होगा अगर सोने से पहले कुछ सैर या फिर simple stretching exercises करे.
  • अगर प्रॉब्लम ज्यादा है तो उठने के बाद गर्म पानी से स्नान ले ऐसा करना आपको कुछ हद तक आराम देगा.
  • सोने से पहले कोशिश करे की आप तनाव से खुद को दूर कर सके. अगर सोने के टाइम आप तनाव लेते है तो इसका असर आपकी नींद पर पड़ेगा और सही तरह से नींद ना ले पाने की वजह से बॉडी में अकड़ और तनाव महसूस करने लगेंगे.

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Morning stiffness arthritis Final thought

सुबह की अकडन आपके level of frustration, ability to work, and overall quality of life को प्रभावित कर सकता है. ये किसी तरह की बीमारी नहीं है कम से कम शुरुआती स्तर में तो बिलकुल नहीं. अगर आप सावधान रहे और सुबह के समय उठने के बाद खुद को वार्म कर सके तो यक़ीनन आपको इससे आराम मिल सकता है.

अपने डेली रूटीन में आपको कुछ आदतों का बदलाव करना है ताकि बॉडी में होने वाली अकड़ को कम या खत्म किया जा सके.