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Tuesday, May 26, 2026
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mysterious shadow people phenomenon जानिए लोगो की नजर में shadow being क्या है ? true experience

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पिछले कुछ समय से ही पुरे विश्वभर में mysterious shadow people phenomenon से जुड़ी कुछ ऐसी घटनाए सामने आई है जो की हैरान कर देने वाली है. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है की लोगो ने किसी mysterious demonic entity encounter की बाते शेयर की है.

shadow people जो की आज भी science में unsolved mystery है को लेकर लोगो ने अपने अपने experience शेयर किये है जिसमे उन्होंने इसे देखने का दावा किया है.

Shadow people phenomenon

shadow being के बारे में हम पहले ही बहुत कुछ लिख चुके है और आज की पोस्ट में हम Encountering the Shadow People पर कुछ खास theories आपके समाने शेयर करेंगे जो की लोगो के अपने अनुभव पर आधारित है.

इसे हम पूरी तरह से सही नहीं कह सकते है क्यों की इसका उदेश्य सिर्फ आपको कुछ जानकारी देना है.

Shadow people phenomenon उन theory का एक ग्रुप है जो लोगो ने अपने अनुभव के आधार पर दी है.

जिन अनुभव का यहाँ पर जिक्र किया है वो अलग अलग theory को लेकर है इसलिए सही गलत आपके ऊपर है.

आप चाहे तो इसे सही मान सकते है गलत भी. अगर आपको इस तरह के अनुभव हुए है तो आप अपने विचार कमेंट में जरुर रख सकते है. पसंद आने पर हम इसे पोस्ट में जरुर जोड़ेंगे.

Shadow people phenomenon

जितने अनुभव उतनी बाते और उतना ही ज्यादा कंफ्यूज करने वाली थ्योरी. कुछ लोगो के लिए ये भूत होते है तो कुछ लोगो के लिए ये inter-dimensional traveler है. वास्तव में ये क्या है इसे आज तक कोई prove नहीं कर पाया है.

रात में लाइट बंद कर आप मोबाइल पर गेम खेल रहे है कुछ मूवी देख रहे है. अचानक आपको लगता है की आपके पास से कुछ गुजरा है.

आप देखते है तो आपके अँधेरे में परछाई जैसा कुछ दिखाई देता है. इसे इग्नोर कर आप दोबारा मोबाइल में लग जाते है लेकिन कुछ देर बाद आपको फिर से वही अनुभव होना शुरू हो जाता है.

दीवार पर देखने पर आप पाते है की वहां पर कुछ है और वो भी इंसानी आकृति में लेकिन सिर्फ एक छाया जैसा.

क्या था ये ?

अक्सर लोगो के साथ इस तरह के अनुभव हुए है लेकिन वास्तव में क्या था इसे कोई जान नहीं पाया है. ये वास्तव में क्या था कोई natural shadow या फिर कोई ghost? जब लोग काफी समय तक इसे सुलझा नहीं पाए तो उन्होंने इसे एक नाम दिया “shadow people” or “shadow beings

इस तरह की शेप को एक नाम तो दे दिया लेकिन इसकी mystery अभी तक सुलझी नहीं थी. शुरू में जिन लोगो ने experiencing and studying the shadow people phenomenon पर काम किया उनका मानना था की ये हमें सिर्फ किसी तरह के कोने पर दिखाई देते है जो की ज्यादा देर तक नहीं टिकता है.

ये महज एक भ्रम हो सकता है लेकिन, समय के साथ इस धारणा को बदल देना पड़ा.

छाया पुरुष से जुड़ी खास theory और लोगो के अनुभव

Shadow people phenomenon से जुड़े लोगो का मानना था की ये shadow people अब उन्हें साफ़ साफ दिखाई देने लगे है वो भी बिलकुल सामने. कुछ लोगो ने तो इसकी आंखे होने का दावा भी किया है जो की लाल सुर्ख थी. समय के साथ The mysterious sightings लोगो में paranormal study and experience का एक hot topic बन चूका था.

शैडो पीपल क्या है और कहा से आते है इस बात को लेकर लोगो ने काफी सारी theories पेश की है.

Read : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

Theory 1. A Figment of the Imagination

Skeptics and mainstream science से ली गई इस theory explanation के हिसाब से Shadow people phenomenon महज एक तरह का active human imagination है. आपको जानकर हैरानी होगी जिन लोगो ने इस थ्योरी को फैलाया है उन्होंने कभी real life shadow people encounter जैसी situation को फेस ही नहीं किया है.

इस थ्योरी को मानने वाले लोगो का कहना है की आपका दिमाग आपके साथ खेलता है और कुछ सेकंड के लिए एक ऐसी स्थिति पैदा करता है जिसमे हमें किसी के होने का भ्रम हो जाता है.

shadow figure phenomena

इस स्थिति को हम illusion कहते है. ऐसा इसलिए क्यों की इंसानी आँखों और दिमाग को आसानी से बेवकूफ बनाया जा सकता है.

ऐसा मानने के पीछे एक ठोस वजह ये थी की विज्ञान के अनुसार हमारा दिमाग हमेशा सोचता रहता है.

ऐसी स्थिति में जब हम कुछ भी साफ देख नहीं पाते है तब दिमाग कल्पनाओं का इस्तेमाल कर हमारे सामने के दृश्य पैदा करता है.

Shadow people phenomenon के अनुसार ये दृश्य हमारी अपनी सोच पर आधारित होते है और एक फैक्ट के अनुसार human mind अँधेरी जगह पर किसी तरह की साफ तस्वीर नहीं बना पाता है जिसकी वजह से वो उसे सिर्फ शेप मान कर हमें दिखाता है और हमें धोखा हो जाता है.

Theory 2. are shadow people ghost?

कुछ लोगो का मानना है की ये परछाई भूत हो सकती है. जैसा की हमें दिखाया जाता है आत्माए एक परछाई के रूप में ही दिखाई देती है यह वजह रही की कुछ लोगो ने इसे भी एक तरह की demonic entity मान लिया.

लेकिन क्या वाकई ऐसा है ? इसे सच मान लेने से पहले आपको इन दोनों से जुडी एक खास थ्योरी और साइन को समझना होगा.

एक और ghost entity को लोगो ने सफ़ेद कपड़ो में देखने का दावा किया है.

एक माहौल जिसमे आपको ठण्ड का अहसास हो, आसपास धुंधला दिखाई दे और वातावरण में जैसे धुंध छाई हो इस तरह के माहौल में लोगो ने दावा किया है की उन्हें सफ़ेद कपड़ो में लिपटी हुई एक परछाई दिखी है.

दूसरी और Shadow people phenomenon के अनुसार इन्हें सिर्फ dark black entity के रूप में ही देखा गया है.

theory 3. Demons or Other Spirit Entities

हम जब भी अँधेरे और सुनसान वाली जगह पर होते है तभी हमें इस तरह की dark shadow people or demonic entity के होने का अहसास होता है. उस वक़्त हमारे शरीर में एक तरह का रोमांच और भय से मिला जुला बदलाव देखने को मिलता है.

अगर ये भूत नहीं है तो भी इन्हें किसी good spirit से जोड़ कर नहीं देखा जा सकता है.

इसकी वजह है हमें कभी इससे जुड़ा कोई अच्छा अनुभव न होना.

हमें जब भी इसका अनुभव होता है ज्यादातर भय लगता है जिसकी वजह से इन्हें demonic entity माना गया है.

ऐसा मानने के पीछे का सबसे ठोस कारण ये भी है की इनके होने से हमें डर का अहसास जरुर होता है लेकिन, इनसे हमें किसी तरह का नुकसान पहुंचा हो ऐसा कभी सुनने में नहीं आया.

Read : Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

Astral body

जब भी हम सोते है हम out of body experience करने लगते है. यही वजह है की हमें इस तरह की ephemeral astral bodies दिखाई देती है जो की twilight travelers का एक हिस्सा होती है. ये theory देने वाली एक टीचर है जो की Jerry Gross, an author, lecturer, and teacher of astral travel में मशहूर है.

Shadow people phenomenon के अनुसार जो dark entity हमें दिखाई देती है वो किसी भी व्यक्ति की astral body हो सकती है जो की उस वक़्त out of body experience कर रहा होता है.

यह वजह हो सकती है की वो हमें सिर्फ दिखाई देती है ना की किसी तरह का नुकसान पहुंचाती है.

time traveler

एक और theory के अनुसार जो shadow people हम देखते है वो future से आये हुए हो सकते है. उनका इस तरह परछाई के रूप में दिखना किसी तरह की future technology हो सकती है जिसकी वजह से इस स्टेट को हासिल करना उनके लिए संभव हो.

ये किसी तरह की time travelling हो सकती है जिसके दौरान वो हमें देख रहे हो.

shadow people may be Inter-dimensional Beings

अभी तक हम सिर्फ तीन आयाम के संसार से परिचित हुए है लेकिन, ऐसा माना जाता है की ऐसे और भी कई dimension है. fourth dimension उनमे से एक है जो की आज तक एक रहस्य है. धरती पर sangreela ghati एक ऐसी जगह है जो इस दुनिया में होते हुए भी पहुँच से दूर है.

लोग इसे बेशक काल्पनिक मानते है लेकिन, ये हमारे parallel universe से जुड़ी हुई हो सकती है.

एक theory के अनुसार हमारे बहुत क्लोज में एक और parallel universe or dimensional world है.

jack the reaper

हम अभी तक quantum physics को बेहद कम स्तर पर समझ पाए है और ये सब घटनाए इसके उच्च स्तर को दर्शाती है. ऐसा मानना है की Shadow people phenomenon एक vibration level पर घटने वाली घटना है.

जब भी इस तरह के एनकाउंटर से हम जुड़ते है तब हम उन्हें कुछ हद तक देख पाते है क्यों की जिस तरह से वो दीखते है वो उनके vibration level change की वजह से होता है. एक level से दुसरे level में जाने पर उनके वाइब्रेशन में जो बदलाव आता है उसकी वजह से वो हमें एक shadow people shape की तरह दिखाई देते है.

Read : आखिर क्यों दीपक त्राटक साधना का अभ्यास इतना खास माना जाता है 5 वजह जो इसे अलग बनाती है

Aliens

ऐसे भी कयास लगाए जा रहे है की ये किसी तरह की aliens technology है जिसका इस्तेमाल परग्रही हमारे दुनिया में आने जाने के लिए करते है. उनका विज्ञान काफी उन्नत है जिसकी वजह से वो दीवारों के आरपार देखे जा सकते है.

अचानक गायब हो सकते है. ऐसे कई साक्ष्य देखने को मिले है जो shadow people को aliens से जोड़ कर देखा गया है.

एलियंस किसी तरह के myth नहीं है बल्कि उनके होने के कई सारे फुटेज सामने आ चुके है. इस धरती पर Area 51 एक ऐसी जगह है जिसे इनसे जोड़ कर देखा जा रहा है.

Shadow people phenomenon में ऐसा माना जाता है की एलियंस इंसानों की मदद कर रहे है भविष्य की तकनीक को समझने में.

ऊपर जितनी theory लोगो द्वारा दी गई है उनमे कुछ समानताए देखने को मिलती है.

  • Aliens and ghost को inter-dimensional beings से जोड़ कर देखा जा सकता है. इसके अलावा aliens को time travelers से जोड़ कर भी देखा जा सकता है.
  • बाकि बचे सभी disturbing phenomena के लिए demonic entity को responsible माना जा रहा है.

mysterious shadow entity को लेकर ऊपर दी गई सभी तरह की theory कितनी सही है कितनी गलत ये लोगो की अपनी सोच के आधार पर शेयर की गई है. इसमें कितनी सच्चाई है और किस theory को सही माना जा सकता है इसे लेकर कोई ठोस वजह अभी तक सामने नहीं आई है.

Shadow people theory अभी तक बना हुआ है रहस्य

अभी तक ऐसी कोई theory सामने नहीं आई है जिसके आधार पर किसी एक theory को सही माना जाए या गलत साबित किया जाए.

विज्ञान के लिए ये आज भी एक पहेली है. एक ऐसी shadow entity जो अभी तक mysterious, so quickly, without any warning हमें दिखाई देती है और वापस एक रहस्य बन जाती है.

Shadow people phenomenon को लेकर ऐसी कोई वैज्ञानिक परिभाषा बनी ही नहीं है जिसके आधार पर shadow people entity को समझा जा सके.

हम सिर्फ इतना ही कर सकते है की अपने personal experience को दुसरे लोगो के अनुभव से जोड़ कर किसी एक नतीजे तक पहुँच सके.

ये किसी दुसरे parallel dimension से जुड़ी entity हो सकती है या फिर किसी तरह के doorway से आने वाले परग्रही.

वास्तव में क्या है कोई नहीं जानता इसलिए हम सिर्फ लोगो के अनुभव के सहारे आगे बढ़ सकते है.

Read : Astral Travel projection की ये 10 technique न सिर्फ आसान है बल्कि सही तरह से अनुभव करने में भी कारगर है

Shadow people phenomenon – final thought

हालाँकि India में अभी तक इसे लेकर लोगो में जागरूकता देखने को नहीं मिली है क्यों की यहाँ पर superstition काफी ज्यादा है लेकिन western country अब spiritual practice को लेकर काफी सीरियस है और आगे भी बढ़ रहे है.

भारत देश में हमजाद साधना को लेकर काफी जिज्ञासा है और लोग इसे सीखना भी चाहते है लेकिन इसकी पूरी जानकारी बहुत कम लोगो को है.

ये किसी तरह की paranormal & spiritual practice है या फिर subconscious mind training का अभ्यास कह नहीं सकते है.

Shadow people phenomenon को लेकर ऊपर जितनी भी theory यहाँ शेयर की गई वो लोगो के अनुभवों के आधार पर है.

ये कितनी सही है और कितनी गलत इसे कह नहीं सकते. इसे शेयर करने की वजह आपको shadow people being से जुड़ी कुछ जानकारी देना है.

अलग अलग सोर्स से ली गई ये जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेंट में जरुर बताए.

डायरी लिखने के फायदे जिनसे आपके व्यक्तित्व में होता है मनचाहा बदलाव

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आप आज भी इस बात से अनजान है की डायरी लिखने के फायदे क्या क्या है। डायरी लिखना अब तक आपको सिर्फ कुछ खास बातो को लिखना या फिर यादो को सहेजना ही लगता होगा। लेकिन क्या आप जानते है डायरी लिखना हमारे जीवन में कितने बड़े बदलाव ला सकता है।

आज की पोस्ट में आपको में कुमार मेरे जीवन में डायरी का क्या महत्त्व है और डायरी क्यों लिखना चाहिए के बारे में ऐसी बाते बताऊंगा जिससे आप डायरी लिखने के फायदे जानेंगे और जरूर लिखने का संकल्प लेंगे।

डायरी लिखना सिर्फ कुछ यादो को कागज के पन्नो पर उतारना नही है।

कुछ लोग अच्छी बातो को याद रखने के उन्हें डायरी में उतारते है लेकिन क्या आप डायरी के उन फायदे को जानते है जो आपके व्यक्तित्व विकास का निर्माण करते है। जैसे की यादास्त कमजोर ना होने देना। या फिर सिर्फ hint के सहारे पूरी घटना को याद रखना।

कुछ लोग तो डायरी सिर्फ इस वजह से भी लिखते है क्यों की इससे वो खुद में बदलाव कर सकते है।

डायरी लिखने के फायदे

डायरी लिखना क्या है और क्यों जरुरी है ?

writing Diary का मतलब है हमारे दैनिक जीवन की घटनाओ को शब्दो में बयान करना। अगर आप भावुक किस्म के व्यक्तिव वाले है तो आप दुसरो के सामने अपनी बाते जाहिर नहीं कर पाते है ऐसे में आपको लगता है की डायरी लिखना आपके मनोबल को सहारा देगा।

डायरी लिखना यानि आपके जीवन में क्या हो रहा है उसे शब्दो में लिखकर उसे समझना और उसके अनुसार आगे की planning करना। कुछ लोग इसे बदलाव का जरिया मानते है।

डायरी लिखना आपके लिए बेहद जरुरी है अगर आप खुद को बदलना चाहते है। जैसे की आदतों में बदलाव या फिर खुद की अच्छाई को उभारने के लिए।

हम अक्सर अपने आसपास के लोगो से पूछते है की हम कैसे है और कैसे लग रहे है। यानि बाह्य सोच द्वारा खुद को प्रभावित रखते थे। डायरी इसका सबसे अच्छा विकल्प है।

पढ़े : छटी इंद्री का रहस्य और अंतर की यात्रा कैसे करे

डायरी लिखना कब बेहद जरुरी है

Diary लिखना बेहद जरुरी हो सकता है जब आप दुसरो की Thought से प्रभावित होते है। जैसे की आप कुछ भी पहनने के बाद या कही जाने के Time दुसरो से बार बार पूछते है की “में कैसा लग रहा हूँ।”

ऐसे में सामने वाले का  एक शब्द भी आपके सोच और व्यक्तित्व पर हावी हो सकता है। जैसे की कई बार लोग बोल देते है की हां आप सही लग रहे है लेकिन उनके बोलने में साफ पता चल जाता है की वो सिर्फ आपका मन रख रहे है।

कुछ तो ऐसे होते है जो जानबूझकर आपको हतोत्साहित यानि demotivate करने लग जाते है।

में पहले यही सब करता था। बाद में मेने डायरी लिखना शुरू किया और जब भी तैयार होता खुद को शीशे में सिर्फ एक बार देखकर तय करता की में सही हूँ या नहीं। इससे मुझे सबसे बड़ा फायदा हुआ की मुझे खुद के बारे में किसी से पूछना नहीं पड़ा।

लोग खुद पास आकर कहते “क्या बात है यार आज तो फब रहे हो” मुझे वही सुनने को मिलता जो में सुनने के लिए खुद को तैयार कर रहा था। Personality development की ओर मेरा ये पहला कदम था।

डायरी लिखना और यादास्त को ताजा करने के प्रयोग

डायरी लिखने का मतलब सिर्फ अपने बारे में सिर्फ अच्छा अच्छा लिखना ही नहीं है। अच्छी बातो के साथ उन घटनाओ को एक Hint में याद रखना इसे खास बनाता है।

उदहारण के लिए जब हम डायरी लिखते है तो घटनाओ को कम शब्दो और किसी एक खास क्रम से जोड़ देते है।

ये हमारी यादास्त को मजबूत करने का काम करता है। 20 साल बाद आप घटनाक्रम की एक कड़ी के सहारे भी पूरी घटना को याद कर लेते है।

ये सुन कर आपको ताज्जुब हो सकता है की डायरी लिखने से हमारा मस्तिष्क घटनाओ को छोटे छोटे टुकड़ो में store करने लगता है।

बाद में जब हमें छोटी सी बात याद आती है तो भी हम पुरे घटनाक्रम को याद कर लेते है। ये हमारी यादास्त  तो बढ़ाता ही है साथ ही हमें नया करने और उसे सहेजने के तरीके भी बताता है।

डायरी लिखने के फायदे

डायरी लिखने के वैसे तो कई फायदे है लेकिन अगर कम शब्दो में पूरी बात समझे तो डायरी हमें खुद के व्यक्तित्व के विकास में फायदा पहुंचाती है। डायरी लिखना दूसरी कई बातो से बेहतर है जिनमे आपका दोस्तों पर निर्भर रहना है।

  • Diary लिखने से आप घटनाओ को ज्यादा समय तक याद रख पाते है।
  • डायरी writing हमारे लिखने की कला का विकास करता है। डायरी लिखने से हम ना सिर्फ लिखने की कला में सुधार कर सकते है बल्कि बेहतर शब्दो में भी समझ सकते है।
  • डायरी लिखना हमें रचनात्मक बनाता है। डायरी लिखने के फायदे में से एक है आपके सोचने के तरीके में बदलाव। आप चीजो को ना सिर्फ बेहतर समझ सकते है बल्कि उन्हें नए तरीके से करने का हुनर भी रखते है।
  • आपके लिखने के तरीके में सुधार होता है। hand writing में सुधार आपके व्यक्तित्व की साफ झलक देता है।

तो क्या लिखने का तरीका भी हमारी सोच के बारे में कहता है बहुत कुछ.

बिलकुल मनोवैज्ञानिक मानते है की जो व्यक्ति जितना ज्यादा रचनात्मक होता है उसकी Hand writing और लिखने के तरीके में फर्क मिलेगा। अगर साफ शब्दो में बात की जाए तो ज्यादातर लड़कियों की लिखने की कला रचनात्मक होती है।

वो शब्दो को इतना सजावट देती है की कई बार तो उनके लिखे हुए और छपे हुए में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। शब्दो को अच्छे से बयां करना आपके व्यक्तित्व की एक झलक दे देता है।

व्यक्तित्व विकास और डायरी लिखने के फायदे

Personality development में डायरी लिखना बहुत फायदेमंद है। खासतौर से खुद को बेहतर तरीके से समझना और बयान करना सिर्फ डायरी द्वारा ही संभव है। आप डायरी द्वारा खुद में बदलाव कर सकते है। संकल्प शक्ति और भावना शक्ति के साथ मनोबल में भी मजबूती ला सकते है।

इसके लिए आपको सिर्फ वो बाते लिखनी है जो आपके काम करने के फायदे से जुड़ी हो। यानि में अगर ये काम करूँगा तो मुझे ये लाभ होगा। इससे आप जब भी डायरी पढ़ते है आपके संकल्प में मजबूती आती है क्यों की आप फिर उसी काम पर फोकस होने लगते है।

दूसरा आप जब अपने अनुभव लिखते है और कुछ समय बाद किसी कारणवश आप उस काम को नहीं कर पाते है जो आप कर रहे होते है।

ऐसे में डायरी पढ़ने पर आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आप उत्साह के साथ वही काम करते है।

त्राटक करते वक़्त मेने कुछ समय के लिए अन्य कामो में busy रहने की वजह से अभ्यास छोड़ दिया था। कुछ समय बाद स्थिति ऐसी हो गयी की साधना में मन ही नहीं लगता था। तब मेने अपने सभी अनुभव डायरी में लिखे थे। में स्कूल  टाइम से ही डायरी लिखता आ रहा था।

उस वक़्त डायरी पढ़ने के बाद मुझे अपने अंदर उत्साह और नयी ऊर्जा महसूस होने लगी और में दोगुने जोश के साथ अपनी साधना पूरी कर पाया।

दोस्तों डायरी लिखने के फायदे अगर बताना शुरू कर तो शब्द कम पड़ जायेंगे। इसलिए में सिर्फ इतना कहूंगा की अगर आप भी अपने व्यक्तित्व  विकास के साथ मनोबल को मजबूत करना चाहते है तो आपको डायरी लिखना जरूर शुरू कर देना चाहिए।

Read : Basic of How to learn mesmerism online in Hindi complete guide

क्या आप जानते है की त्राटक और सम्मोहन में प्राण वायु का क्या महत्व और फायदे है – advanced tips

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pran shakti healing यानि प्राण वायु का महत्व हमारे जीवन में क्या है ? और प्राण वायु ऊर्जा योग कैसे काम करता है। प्राण शक्ति कैसे काम करती है इन सबके बारे में जानने से पहले हमें प्राण वायु को समझना बेहद जरुरी है।

प्राण वायु हमारे वातावरण में फैली वो वायु है जो हर प्राणी और जीव द्वारा ग्रहण की जाती है। प्राण वायु मतलब जीवनदायनी शक्ति जो हमें जीवन की गतिविधि करते रहने की शक्ति प्रदान करती है।

Life energy और prana वायु दोनों अलग शब्द है। प्राण वायु हमारे वातावरण में फैली वायु है जब वो जीवो द्वारा ग्रहण की जाती है तब शारीरिक क्रियाओ द्वारा ( स्वांस प्रक्रिया ) उसे प्राण ऊर्जा में बदल दिया जाता है।

ये बिलकुल वैसे ही है जैसे अन्न को टुकड़ो में बदलकर उनके अंदर की ऊर्जा को शरीर में ग्रहण करना। इसलिए प्राण वायु का महत्व हमारे जीवन का आधार है।

pran shakti healing

प्राण वायु को प्राण ऊर्जा में बदलने के हमें कई फायदे है। जो अलग अलग जगह और अभ्यास में हमें अलग अलग benefit पहुंचाते है।

इसलिए हम कह सकते है प्राण वायु हमारे जीवन का आधार तो है ही ये हमें दुसरो से ज्यादा खास भी बनाती है जितनी हमारे अंदर प्राण की मात्रा होगी हम उतना ही active रह कर कार्य कर सकते है।

pran shakti healing का महत्व हमारे जीवन में

हम दिनभर जो गतिविधि करते है उसके लिए जो ऊर्जा चाहिए उसमे हमें 3 माध्यम द्वारा ऊर्जा मिलती है। पहली भोजन द्वारा, दूसरी जल द्वारा और तीसरी वायु द्वारा।

हमारा शरीर सबसे ज्यादा ऊर्जा वैसे तो भोजन द्वारा ग्रहण करता है लेकिन अगर बात की जाये अनवरत ऊर्जा के उत्पादन की तो हमारे साँस की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा ऊर्जा ग्रहण की जाती है।

ये ऊर्जा हमें दिन-भर के काम करने की शक्ति देती है। प्राण वायु का महत्व हमारे life के physical, psychic और spiritual स्तर पर है।

हमारे शरीर में जितनी ज्यादा प्राण वायु से ऊर्जा का निर्माण होगा हम उतना ही ज्यादा चुस्त महसूस करेंगे और इसकी कमी से ही हम खुद को कमजोर और उत्साह-हीन महसूस करते है।

प्राण वायु से प्राण ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया

हम सभी जानते है की भोजन ग्रहण करने और साँस लेने की प्रक्रिया में हम जीवन जीने के लिए ऊर्जा ग्रहण करते है। जैसे अन्न ग्रहण करते समय हमारे शरीर की आंतरिक क्रियाए अन्न में से ऊर्जा को अलग कर लेती है वैसे ही साँस लेने के प्रक्रिया में हम प्राण वायु में से ऊर्जा को अलग करते है और बाकि बची हुई वायु जो प्राण विहीन होती है उसे बाहर कर देते है।

हमारा शरीर खुद इस क्रिया को अनवरत करता रहता है लेकिन क्या इतनी प्राण वायु हमें प्रयाप्त है ?

pran shakti healing –  प्राण उर्जा के अलग अलग रंग और उनका महत्व

लाल प्राण -यह गर्म है, सुदृढ़ीकरण, विशाल, विस्फारित, वितरण, रचनात्मक, उत्तेजक, को सक्रिय करने और यह भी सम्हालता भौतिक शरीर.

नारंगी प्राण – यह खदेड़ने है, को नष्ट करने, decongesting, सफाई, बंटवारे, विस्फोट और विनाशकारी.

हरित प्राण – इस रंग प्राण decongesting है, सफाई, detoxifying के, जिले को संक्रमण और भंग.

पीला प्राण – यह जोड़नेवाला है, आत्मसात और शुरुआत.

नीले प्राण – इसे शुद्ध करना है, बाधा, करार, सुखदायक, कूलिंग और लचीला.

वायलेट प्राण –  यह ऊपर के सभी गुण शामिल हैं रंग जिसको उल्लेख किया. हल्के जामुनी एक regenerating प्रभाव पड़ता है. यह भी रंग जिसको के सभी गुणों पर एक गुणक प्रभाव पड़ता है.

इलेक्ट्रिक बैंगनी प्राणिक ऊर्जा – इलेक्ट्रिक बैंगनी प्राण या उच्च से उच्चतर आत्मा स्वयं प्राप्त किया जाता है और यह “परिधि पर हल्के जामुनी के साथ शानदार सफेद” के रूप में प्रकट होता है. यह दैवी शक्ति रूप में भी जाना जाता है या आध्यात्मिक ऊर्जा. यह सामान्य वायलेट प्राण से कहीं ज़्यादा शक्तिशाली है और इसमें अन्य रंग जिसको के सभी गुण है. एक चेतना अपनी खुद की इलेक्ट्रिक बैंगनी प्राणिक ऊर्जा है.

गोल्डन प्राणिक ऊर्जा – जब इलेक्ट्रिक बैंगनी ऊर्जा साथ संपर्क में आता है etheric शरीर, गोल्डन प्राण में और स्वर्ण प्राण यह प्रकाश में लाल हो जाता है शरीर द्वारा अवशोषित हो जाती है, जब यह पता चला है. गोल्डन प्राण के गुण इलेक्ट्रिक बैंगनी ऊर्जा के लिए लगभग समान होते हैं परंतु यह मामूली और कम fluidic है.

यह ऊर्जा Taoist योग में ‘स्वर्ग की”रूप में जाना जाता है, “स्तंभ प्रकाश की’ दासता में, ‘वंश की पवित्र आत्मा”ईसाई धर्म और ‘antahkarana’ में या भारत में प्रकाश की आध्यात्मिक पुल.

pran shakti healing की कमी से होते है ये नुकसान :

हम अपने दिन भर हजारो विचार अपने मन में सोचते है जो हमारे किसी काम के भी नहीं होते है। प्राण ऊर्जा को सबसे ज्यादा क्षय अगर किसी से होता है तो वो है हमारे फालतू के विचारो से दूसरा आजकल प्राण वायु इतनी शुद्ध नहीं रही जितनी होनी चाहिए।

इन सबका प्रभाव हमारे जीवनशैली पर पड़ रहा है जिसकी वजह से हम ना तो खुद को Active महसूस कर सकते है ना ही किसी कार्य में अपना 100% दे सकते है। इसलिए प्राण वायु का महत्व समझना बेहद जरुरी है।

हम दिन भर जो सोचते है वो पूरा नहीं होता है या फिर हम सोचते है, कुछ प्रयास करते है पर फिर उत्साह की कमी की वजह से कार्य को बिच में ही छोड़ देते है। इसका नुकसान शारीरिक नहीं मानसिक होता है। धीरे धीरे हम जो भी काम करने लगते है वो पूरा कर ही नहीं पाते है।

जैसे कुछ लोगो की आदत है किसी भी काम को करने से पहले कसम खाने की या संकल्प लेने की। अब अगर वो उसे पूरा नहीं करते है तो उन्हें लगता है की हमें कोनसा इसके बदले दंड मिलेगा। कसम तो होती ही है टूटने के लिए। इसलिए प्राण वायु के महत्व को और उसके क्षय कभी नजरअंदाज ना करे।

संकल्प का सीधा असर पड़ता है अवचेतन मन पर

लेकिन क्या आप जानते है इसका सीधा प्रभाव आपके Subconscious mind पर पड़ता है। क्यों की आप खुद से अगर झूठ बोलेंगे तो आपका अवचेतन मन फिर कभी आपका विश्वास नहीं करता है। इन सबके पीछे का विज्ञान बहुत गहरा है जिसके बारे आपको अगली कुछ पोस्ट में जानने को मिलेगा।

फ़िलहाल आप इतना जान लीजिये की हम खुद से किये वायदे से या संकल्प को तोड़ते है और प्रयास बिच में ही छोड़ देते है तो इसका प्रत्यक्ष नुकसान हमें मानसिक रूप से झेलने पड़ता है।

जिसके परिणामस्वरूप आप बाद में कुछ भी काम करना चाहो आपका मन नहीं मानेगा वो खुद ऐसे हालात पैदा कर देता है की आप उसे बिच में छोड़ दो। इसलिए इन सबसे बचने के लिए हमें प्राण ऊर्जा को collect करने पर ध्यान देना चाहिए जिससे हमारे अंदर excitement बना रहे।

इसके हमें दो फायदे होंगे पहला हमारे अंदर उत्साह बना रहेगा दूसरा हमारा मन स्थिर रहेगा तो प्राण का क्षय कम से कम होगा और अगर हम कोई काम करते है तो हम उसे पूरा समय दे पाते है। प्राण वायु मुद्रा का भी हम प्रयोग कर ध्यान में प्राण वायु का महत्व समझ सकते है।

Life energy को कैसे स्टोर करे ज्यादा से ज्यादा :

प्राण ऊर्जा हमारे शरीर द्वारा उत्पन की जाती है। हमारा शरीर बिना रुके प्राण ऊर्जा का निर्माण करता रहता है हम रात्रि को सोते है उस वक़्त भी लेकिन उस दौरान हमारा शरीर जितनी भी प्राण ऊर्जा को संगठित करता है दिन भर की activity में हम उसे नष्ट कर देते है specially फालतू विचारो में।

हमें चाहिए की हम अपने आप को स्थिर रखना सीखे और विचारो पर जितना हो सके नियंत्रण बना ले। पंच प्राण हमारे प्राण वायु पर आधारित है और प्राण वायु का महत्व उनमे सबसे ज्यादा है।

Read : अगर आपके अन्दर भी है इस तरह के Symptoms of psychic abilities? जानिए क्या बन सकते है आप

pran shakti healing कहा कहा काम आती है :

आपने महसूस तो किया ही होगा की कुछ लोग आसानी से दुसरो को अपनी ओर आकर्षित कर लेते है। ये लोग प्राण से भरे होते है। इसकी वजह से उनमे निम्न बाते ओरो से बेहतर मिलती है।

  • वो आपसे बेहतर तरीके से व्यव्हार करते है।
  • शांत सौम्य और विवेकशील होंगे।
  • अपने विचारो को नियंत्रण में रखते हुए आपको ज्यादा से ज्यादा सुनते है और उनके चेहरे पर ऐसा तेज होता है की आप खुदबखुद अपने सारे राज उनसे शेयर करने लगते है।

इसके अलावा pran shakti healing सम्मोहन, त्राटक और ध्यान में काम आती है अगर आप इन में से किसी भी क्षेत्र में अभ्यास कर रहे है तो आपको सबसे पहले प्राण पर ध्यान देना होगा आपने सुना तो होगा ही की ज्यादातर लोगो को स्वांस पर नियंत्रण की सलाह दी जाती है। वो इसलिए क्यों की स्वांस के साथ ही हमारे विचार नियंत्रित होते है और उसके नियंत्रण से हम बेहतर प्राण ऊर्जा का निर्माण कर सकते है।

अगली पोस्ट में हम pran shakti healing का त्राटक, सम्मोहन और ध्यान में क्या महत्व है और कैसे काम आती है पर खुल कर चर्चा करेंगे। अगर आपको आज की पोस्ट प्राण वायु का महत्व पसंद आयी हो तो हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताये।

क्या आप जानते है First impression is last impression से जुड़े कुछ खास सीक्रेट जो है बेहद खास

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हम सभी जानते है की हमारा First impression ही last impression बन जाता है। कई बार हम लोगो के मन में अपने प्रति ऐसी छवि बनी हुई देखते है जो हम होते ही नहीं है। जैसे की आप बुरे नहीं है या फिर किसी के जज्बातो से नहीं खेलते है पर सामने वाले को लगता है की आप वैसे है।

ऐसा लगभग हर उस व्यक्ति के साथ होता है जो थोड़े funky यानि लापरवाह किस्म के होते है।

अक्सर हम कही न कही कोई ऐसी हरकत कर देते है जिसकी वजह से लोग हमारे बारे में गलत धारणा बना लेते है।

ऐसे में कैसे बदले दुसरो की सोच को ताकि लोग आपको खास माने। चलिए जानते है की कैसे हम First impression is last impression in hindi के जरिये अच्छा प्रभाव पैदा करे.

First impression is last impression

ज्यादातर Youth generation इस समस्या से जूझते है। मै भी इससे रूबरू हो चूका हूँ पर मेरी खासियत है की में किसी के मन के विचारो को टिकने नहीं देता हूँ।

वो जो मेरे बारे में सोचने लगता है में उसके विपरीत किसी दूसरे व्यक्तित्व का परिचय देकर उसकी सोच बदल सकता हूँ। ऐसा आप भी कर सकते है लेकिन एक लंबा अभ्यास और सालो का अनुभव चाहिए।

ज्यादातर लड़के लड़कियों से Attract होते है मगर लडकिया उनके प्रति पहले से ही First impression is last impression में ऐसी गलत धारणा बना लेती है की वो चाह कर भी उनके मन में अपने लिए कुछ अच्छी छाप नहीं छोड़ पाते है।

ज्यादातर तो हार मान कर उनसे बात करना छोड़ देते है या फिर उनसे दूर ही रहने लगते है। आज की पोस्ट में आपको में कुछ ऐसी बाते बताऊंगा की कैसे बदले दुसरो की सोच को और अपने लिए अच्छाई स्थापित कर अपना प्रभाव छोड़े।

लोग आपके बारे में गलत धारणा क्यों बना लेते है

आजकल सभी लोग अपने आसपास के माहौल में गिने चुने लोगो पर ही focus होने लगे है। इसकी कई वजह हो सकती है खासतौर से असुरक्षा का भाव। अगर आप ऐसा कुछ करते है जिनसे उन्हें लगे की आप उनके हित का नहीं सोच सकते है तो वो कैसे आप पर विश्वास करेंगे।

इसके अलावा अगर आप लापरवाह किस्म के है तो भी आप किसी का भरोसा नहीं जीत सकते है। क्यों की First impression is last impression बहुत ख़राब हो चूका है इसके अलावा इसकी कई वजह हो सकती है जैसे

1.) आपका लापरवाह / रूखा व्यव्हार

अगर आप किसी से बात करते वक़्त उनसे रूखा व्यव्हार करते है तो ये अच्छा नहीं है। इससे सामने पर आपका First impression is last impression बहुत बुरा पड़ेगा और सामने वाला आपसे सिर्फ अपने काम निकलने तक ही रूचि दिखायेगा।

यानि “मजबूरी का नाम महात्मा गाँधी” जो आप कभी नहीं चाहते है। अगर दुसरो पर अच्छा प्रभाव छोड़ना है तो मददगार किस्म के बनिए। ना सिर्फ दुसरो की बातो को गंभीरता से सुन कर उनकी समस्या हल करे बल्कि उन्हें विश्वास दिलाये की आप हर वक़्त उनके लिए रेडी है।

2.) First impression is last impression और आपका दैनिक व्यव्हार :

हमारे दिन भर की गतिविधि पर भी सामने वाला नोटिस कर सकता है। जैसे की आप किसी का मजाक तो नहीं बनाते है, आप लापरवाह या अजीब किस्म के तो नहीं है।

अगर आप दिनभर कुछ खास काम जैसे की किसी गतिविधि में भाग लेना वगेरह या फिर दुसरो को अच्छा लगा ऐसा व्यव्हार नहीं रखते है तो भी आप दुसरो के लिए सिर्फ मतलब निकालने के माध्यम बन कर रह जायेंगे।

इससे बचने के लिए आपको अपने व्यव्हार में ना सिर्फ बदलाव लाना है बल्कि कुछ Rule भी बनाने है जैसे की आप व्यक्ति से उसके nature के अनुसार behave रखे।

कई बार व्यक्ति जो सुनना चाहता है उसे वही बात कहना चाहे वो आप पर सूट न करे तो भी कह देनी चाहिए। ऐसा करने से आप नहीं बदलेंगे और सामने वाले का Ego satisfied हो जायेगा तो वो आपसे खुश हो जायेगा।

3.) आपके दोस्त या नजदीकी ही आपके खास को दूर करते है

अगर आप किसी को चाहते है जिसके पीछे आपके ही दोस्त है तो ये होने के चांस बढ़ जाते है की वो उनके मन में आपकी गलत छवि प्रस्तुत करे। अगर ऐसा है तो किसी के सामने जाकर गिड़गिड़ाने की बजाय खुद का व्यक्तित्व प्रस्तुत करे।

आप जरुरी नहीं उनके लिए ही करे उनके सामने ही दुसरो के साथ वैसा आचरण रखे जिसके विपरीत आपके दोस्त ने आपको प्रस्तुत किया है।

जैसे की अगर उन्हें लगता है की आप उनका ख्याल सम्मान नहीं करते तो ऐसा करे लेकिन उनके साथ नहीं उनके दोस्तों के साथ अपने दोस्तों के साथ। ये फार्मूला 99% सामने वाले को भी सोचने पर मजबूर कर देता है फिर चाहे आपके दोस्त ने कितना भी गलत क्यों न बताया हो वो बदलेगा जरूर।

how to make First impression is last impression

इसके लिए आप तीन मूलमंत्र अपने जीवन में उतार ले जिनके फायदे ना सिर्फ आपके दोस्तों के बिच आपको खास बनाते है बल्कि आप किसी भी हालात में खुद को स्थिर और मुस्कुराता हुआ पाएंगे। इसके लिए आपको खुद में शारीरिक और मानसिक बदलाव लाने पड़ते है।

जिसमे Body language का महत्त्व शारीरिक स्तर पर पहले नंबर पर है। अगर आप शरीर से वैसा प्रस्तुत कर पाते है जैसा आप बोलते है तो आप अच्छा प्रभाव जल्दी छोड़ पाएंगे।

दैनिक व्यव्हार / जीवन में लाये बदलाव

हमारा दिनभर का व्यव्हार लोगो को हमसे जोड़े रख सकता है और दूर भी कर सकता है।

अगर आप लोगो की psychology के आधार पर उनसे Behave करेंगे तो वो आपके साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त बिताना पसंद करेंगे ना सिर्फ वक़्त बिताएंगे बल्कि अपने सारे Secret आपसे शेयर करेंगे। इसके लिए Human Psychology को समझे।

लोग उनके साथ अपने सीक्रेट शेयर करना पसंद करते है जो उन्हें सुनते है। अगर आप कम बोल कर सामने वाले को ज्यादा बोलने का मौका देंगे तो इसके कई फायदे होंगे। पहला आप उनके बारे में जान सकते है खुद को सीक्रेट रख कर।

दूसरा आप लोगो के लिए ना सिर्फ खास होंगे और वो आपसे अपनी सारी बाते शेयर करनेगे बल्कि हर पल आपके बारे में सोचते हुए आपके बारे में भी जानने का प्रयास करेंगे।

अपनी सोच में लाये Law of attraction का प्रभाव

हम दिनभर सेंकडो बाते सोचते है पर कोई भी बात व्यव्हार या जीवन में नहीं उतरती है।

इसकी वजह है सिर्फ सोचना जैसे की आप सोचते ही रह जाते है की कैसे बदले सामने वाले की सोच को। लेकिन फिर इसे पूरा करने के लिए क्या करते है। सिर्फ सोचने से कुछ नहीं होता है।

आप पहले तो सोचे की क्या छवि बदलनी है क्यों बदलनी है। इसके बाद आप उन पर काम करे वो भी छोटी छोटी गतिविधि में जो आपके दैनिक जीवन का हिस्सा है।

Thought transfer process द्वारा कैसे बदले दूसरे की सोच

तीसरा तरीका जो सबसे ज्यादा प्रभावी है पर ये तभी काम करता है जब आप ऊपर के दोनों तरीको को अच्छे से प्रयोग में लाना समझ सकते है।

मेने पहले पोस्ट की थी फोटो द्वारा वशीकरण ये पोस्ट हमारे विचार को दूसरे के मस्तिष्क में भरने से लेकर है। इस पोस्ट में आप समझेंगे की कैसे हम दूसरे के मन में उन विचारो को भर सकते है जो हम चाहते है।

इसके 2 फायदे है पहला सामने वाला जल्दी ही आपमें उन बातो को नोटिस करना शुरू करता है जो आप उसके मन में भर रहे है। दूसरा आपको अपनी छवि बदलने की जरुरत नहीं पड़ती है आपकी अच्छाई और विचार उन्हें बदल देते है।

अगर बात करे की सिर्फ सोच कर ही कैसे बदले दुसरो की सोच तो इसका जवाब आपको न्यास ध्यान में मिल जायेगा जहा अभ्यास द्वारा आप अपनी भावना शक्ति, इच्छा-शक्ति और मनोबल तीनो को ही मजबूत कर लेते है।

इसका फायदा सबसे ज्यादा आपको खुद के व्यक्तित्व में अच्छे बदलाव आसानी से ग्रहण करने की क्षमता में बदलाव से जुड़े है।

First impression is last impression से जुड़े कुछ टिप्स

अगर आप दैनिक जीवन में भी कुछ टिप्स फॉलो करते है तो भी आप आसानी से कुछ हद तक लोगो के मन में आपकी गलत या अनचाही छवि बनने से रोक सकते है। अगर आप इस बात से परेशान है की कैसे बदले दुसरो की सोच तो आप इन टिप्स पर गौर जरूर करे। इसके लिए ध्यान दे कुछ बातो पर जैसे की

दोस्ताना व्यवहार रखे पर निजता का ख्याल रखे दुसरो से बाते करते वक़्त कैसे बदले दुसरो की सोच को। इसके लिए आप इस बात पर गौर करे। दोस्तों के साथ दोस्ताना व्यव्हार रखे पर उनकी प्राइवेसी में दखल ना दे न ही उनके जीवन में दखलअंदाजी जैसे की उनको फाॅर्स करना बात बताने के लिए या किसी काम में घुसना और दबाव बनाना की वो इसमें आपको शामिल करे।

बदले लोगो की धारणा को – First impression is last impression किसी के साथ भी रुखा व्यव्हार ना रखे फिर चाहे वो जान पहचान वाला हो या अनजान या फिर ऐसा ही जिसके साथ आप घुलना मिलना पसंद ना करे। अगर लोगो की सोच बदलना है तो उनका जितना काम है उतनी हेल्प करे बाकि अलग हो जाये इससे वो आपके बारे ही सोचेंगे और अपनी सोच भी बदलेंगे।

अच्छे है तो अच्छे साबित करे जिसके लिए किसी के सामने बोलना जरुरी नहीं है की में अच्छा हूँ या आप मेरे बारे में गलत धारणा बनाये हुए है। आप उनके सामने ऐसे काम करे जिसने उन्हें लगने लगे की वो आपके बारे में गलत सोचते है।

कैसे बदले दुसरो की सोच को और उनके बिच खास कैसे बने खुद को किसी गतिविधि से जोड़े जिसमे सबसे बढ़िया है लोगो की बिना किसी उदेश्य के हेल्प करना। अगर आप युवा है तो किसी खेल से या पढाई में खुद को अच्छा साबित करे। दुसरो से बाते करे पर उनके पीछे भागने की कोशिश ना करे।

ये लोगो को आपसे जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकता है। आप इस बात से ज्यादा परेशान ना हो की कैसे बदले दुसरो की सोच को। इसके बजाय उन पर अच्छा प्रभाव छोड़ने का प्रयास करे और इसी में लगे रहे।

Multiple personality से तोड़े लोगो की धारणाओ को कुछ लोगो की आदत है वो एक नियम और आचरण में जिंदगी बिताते है। उनके लिए उनके आदर्श और उसूल ही सब कुछ होते है। अगर आप नियम से रहते है और खुद को बोरिंग सा बना कर रखा है तो सावधान हो जाइये क्यों की आप बहुत जल्दी ही लोगो के मन में गलत धारणा के शिकार हो सकते है।

इसके बजाय खुद को अलग अलग जगह पर अलग प्रस्तुत करे जैसे पढ़ने में बढ़िया है तो खेल या प्रतियोगिता में भी अच्छा बने। अगर अच्छा गाना गाते है तो डांस करना भी सीखे। मतलब अलग अलग जगह अलग व्यक्तित्व। लोग सबसे ज्यादा इसे ही पसंद करते है। First impression is last impression में बहुप्रतिभा यानि multi personality काफी हेल्पफुल है.

Multiple personality और मेरे वास्तविक अनुभव

जब में स्कूल में था तब में भी पहले एक नियम से चलना पसंद करता था। लेकिन जल्दी ही दुसरो द्वारा इग्नोर होना शुरू हो गया। क्यों की में उनके लिए बोरिंग या उबाऊ बन गया था। मेने कभी भी इस बात पर गौर ही नहीं किया की कैसे बदले दुसरो की सोच को क्यों की में खुद को उनके अनुसार ही ढाल लेता था।

यही मेरी खासियत थी। बाद में मेने अपने अंदर कुछ बदलाव किये जैसे की लोगो के रूचि के अनुसार व्यव्हार रखना। दोस्ताना व्यव्हार रखना और मुस्कुराते हुए रहना पर किसी को परेशान नही करना।

इसका सबसे ज्यादा फायदा मुझे 2 जगह हुआ। पहला मेरा performance बहुत ज्यादा बढ़ा ना सिर्फ पढ़ने में बल्कि स्टेज पर सबके सामने खुल कर बोलने में, प्रतियोगिता में खुद को अच्छा लीडर साबित करने में और तो और खेल में भी। इसके अलावा एक फायदा और हुआ लड़कियों को दीवाना बना देना का। हलाकि लडकिया मेरे बारे में सब जानती थी जैसे की में पहले भी गर्लफ्रेंड बना चूका हूँ।

या फिर में उन्हें कभी भी छोड़ सकता हूँ। फिर भी वो मेरे साथ जुड़ना पसंद करती थी जानते है क्यों ? नियमित गतिविधि द्वारा कैसे First impression is last impression से जुड़े कुछ खास टिप्स।

 First impression is last impression – लडकिया हो जाएगी दीवानी

क्यों की में उन्हें वक़्त देता था, उनकी समस्या सुलझाता था। उन्हें इग्नोर भी नहीं करता था तो उनके पीछे भी नहीं भागता था। इसी वजह से वो रूचि दिखाती थी।

लडकिया किस हद तक आपके पीछे पागल हो सकती है इसका अंदाज आप इस बात से लगा सकते है की जो लड़की किसी से बोलने में भी डरती हो सबके सामने अपने प्यार का सबूत दे। इसका एक वाकया हुआ था मेरे साथ भी।

में अपने कुछ दोस्तों के साथ खड़ा था और उनसे बाते कर रहा था तभी हमारी जूनियर लडकिया पास में से गुजरी। उनमे एक लड़की थी जो सबसे खास और मासूम सी थी वो हमेशा कम बोलती थी और सिर्फ अपनी दोस्त के साथ ही दिखती थी। ऐसे ही बातो बातो में ही दोस्तों ने शर्त लगा ली ( मेरी सबसे बुरी आदत ) की इसे कौन अपने प्यार में डालेगा।

First impression is last impression के ध्यान खींचे पर अचानक से नहीं

सभी तैयार हो गए में भी। बाकि सभी किसी न किसी तरह से उसके आसपास मंडराने लगे और बाते करने की कोशिश करने लगे। इसका फायदा होने की बजाय उल्टा हो गया क्यों की अचानक से वो उनकी हरकतों से ही परेशान हो गई। जब की में उसके सामने खुद के व्यव्हार द्वारा खुद को अच्छा साबित कर रहा था जैसे दुसरो से बाते करते वक़्त उन्हें मजबूत बनाना और समस्या सुलझाना।

साथ ही में पढाई और प्रतियोगिता के साथ स्टेज गतिविधि में आगे था सो उसकी नजर में भी आ गया। First impression is last impression बनाने के लिए लोगो का सिर्फ ध्यान अपनी ओर खींचे ना की उन्हें हर जगह अपने होने का अहसास करवाए.

हाव भाव से जाहिर करे आप क्या चाहते है

एक सप्ताह बाद हमने औपचारिक बाते करनी शुरू कर दी और फिर मेने उसे विश्वास भी दिलाया की में उसकी केयर करता हूँ। इससे वो भी मुझसे खुलने लगी और दिन भर जब भी हम मिलते उसे यही लगता की में उसके लिए वहां हूँ पर में दूसरे कामो को करता रहता था।

एक दिन जब हम सभी दोस्त गैलरी में खड़े थे और अपने प्रैक्टिकल पर डिस्कस कर रहे थे तभी रोज के वक़्त वही से जूनियर लडकिया गुजरी। जिस लड़की पर हम सबकी शर्त लगी थी वो भी उनमे थी। पहले में जब वो पास से गुजरती थी उसे जरूर देखता था पर उस दिन ऐसा नहीं था। इस वजह से वो थोड़ा परेशान थी। जाते जाते उसे पता नहीं क्या शरारत सूझी की वो मेरे पास से गुजरते गुजरते कन्धा मारती हुई गई।

जब मेरा ध्यान उसकी तरफ गया तो वो मुस्कुरा रही थी। में इससे आगे नहीं बढ़ा क्यों की मेने उसे इजहार नहीं किया था ना ही मेरा ऐसा कुछ इरादा था। खैर मेरा अहम पूरा हो गया था क्यों की में शर्त जीत गया था। ये सब First impression is last impression का ही एक हिस्सा था.

First impression is last impression – ना करे कभी ऐसा

दोस्तों किसी के भावनाओ के साथ हमें कभी नहीं खेलना चाहिए। मेने जो कुछ किया वो मेरे अभ्यास का हिस्सा था जो बाद में अहम की पूर्ति का जरिया बन गया। इससे मुझे बहुत नुकसान भी हुआ जब मेने किसी के प्यार को ठुकरा दिया था और किसी को सम्मोहन के जरिये मजबूर किया था। ऊपर दिए सभी उदाहरण और बातो के जरिये आप खुद में अच्छे बदलाव को अपनाये और खुद को बेहतर बनाये।

final word – First impression is last impression

अब तो आप जान ही गए होंगे की First impression is last impression कैसे काम करता है और कैसे हम लोगो पर एक अच्छा और long lasting impression छोड़ उन्हें अपना दीवाना बना सकते है.

दुसरो के बिच आकर्षण का केंद्र बनने के लिए कैसे personality development में बदलाव लाना पड़ता है और एक अच्छा प्रभाव यानी छाप लोगो पर छोडनी चाहिए.

आज की पोस्ट First impression is last impression मेरे वास्तविक अनुभव पर आधारित है। आपके सुझाव और कमेंट या समस्या आप निचे पूछ सकते है। हमें सब्सक्राइब करना ना भूले।आपको कैसी लगी हमें जरुर बताये

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psychic power यानि telekinesis घर बैठे सिखने का सबसे सरल अभ्यास hindi में

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मानसिक शक्तिया हमारे अवचेतन मन की शक्तिया है जो निर्भर करती है हमारे मनोबल पर। आज हम आसान अभ्यास द्वारा psychic powers development करने के बारे में जानेंगे। telekinesis ka aral abhyas ghar par जो आसानी से ना सिर्फ आपका मनोबल बढ़ाएंगे बल्कि जल्दी ही छोटे छोटे रूप में आपकी मानसिक शक्तिया जिन्हें आप telekinesis in hindi कहते है को बढ़ाएगा।

is telekinesis real क्या वाकई telekinesis sach में होती है. telekinesis superpower को हम अपने अन्दर कैसे develop कर सकते है. जानिए telekinesis superpower easy practice at home in hindi.

टेलिकिनेसिस यानि chijo ko bina chuye sirf isharo se hilana. अगर आप गौर करेंगे तो इसमें सिर्फ 2 माध्यम द्वारा ही टेलिकिनेसिस होती है पहला आपकी आंखे दूसरा आपके हाथ। ऐसा क्यों ? अगर आप ये जान जायेंगे तो आप telekinesis करने का basic principle समझ जायेंगे।

telekinesis in hindi

basic principle of telekinesis टेलिकिनेसिस के लिए हमें प्रचुर मात्रा में प्राण ऊर्जा की जरुरत होती है। अन्य भाषा में इसे ची शक्ति कहते है। त्राटक, सम्मोहन और अन्य अभ्यास में प्राण को एक ऊर्जा में बदला जाता है। हमारा शरीर एक इंजन की तरह कार्य करता है जिसमे प्राण ईंधन का कार्य करते है।

टेलिकिनेसिस के सरल अभ्यास के लिए सबसे पहले जब हम स्वांस को गहरा अंदर खिंच कर कुछ देर रोकते है तो वो ऊर्जा में बदल जाता है। अगर हम स्वांस को ग्रहण करने की गति को नियंत्रित कर ले तो काफी मात्रा में प्राण को स्टोर कर सकते है और मन के भाव भी।

telekinesis in hindi के अभ्यास की शुरुआत

टेलिकिनेसिस के अभ्यास की शुरुआत करने से पहले हमें शरीर को और मन को टेलिकिनेसिस के लिए पूरी तरह तैयार करना पड़ता है। जरुरी है की आप अपने मन की सभी शंकाओ का पहले ही समाधान कर ले।

इसके बाद कल्पना शक्ति का इस्तेमाल कर खुद को टेलिकिनेसिस के लिए तैयार करे। कल्पना शक्ति हमें मनोबल प्रदान करती है ताकि बगैर किसी नकारात्मक प्रभाव के हम खुद को आगे बढ़ा सके।

मानसिक स्तर की तैयारी

जब हम खुद को शारीरिक स्तर पर तैयार कर लेते है तो ध्यान द्वारा हमें मानसिक स्तर पर भी तैयार होना चाहिए। telekinesis in hindi के saral abhyas के लिए मन से फालतू विचार और शारीरिक गतिविधि को विराम देने का सबसे अच्छा माध्यम है ध्यान।

साथ ही अगर आपके मन में शंकाए उत्पन होती है तो बार बार खुद को “में कर सकता हूँ” जैसे शब्दो द्वारा मजबूत कर ले क्यों की अभ्यास के बिच में इस तरह का व्यवधान आपके पुरे अभ्यास पर पानी फेर सकता है।

telekinesis in hindi यानि psychic powers जिन्हें develop करना काफी धैर्य का काम है इसलिए बेहतर होगा जल्दबाजी या कुछ ही दिनों में एक्सपर्ट बनने का सपना ना देखे।

लगातार धैर्य के साथ अभ्यास करते रहे ये आपके अंदर विकसित होती है इसलिए संयम का बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है।

telekinesis in hindi के सरल अभ्यास की शुरुआत :

telekinesis in hindi ka saral abhyas शुरू में ऐसे object पर करना चाहिए जो बिलकुल हल्के हो।

आप कागज से इसकी शुरुआत कर सकते है। या फिर अपने बालो पर। आपके बाल में भी कुछ हद तक चार्ज रहता है और विज्ञान में आप पढ़ चुके है की कंघा बालो पर फिराने से उसमे चार्ज उत्पन हो जाता है।

मनोबल और इच्छाशक्ति को मजबूत करे :

self-confidence strong करने के लिए सबसे सरल अभ्यास से शुरुआत करे। आप कागज ची व्हील बना सकते है जिसे हम Psi wheel भी कहते है। कागज का पिरामिड शेप का ये माध्यम आप आसानी से घर पर बना सकते है।

साथ ही साथ किसी बड़े कांच के जार के अंदर इसे रख कर अभ्यास करे ताकि हवा का प्रभाव बिल्कुल न पड़े क्यों की ये इशारे से ही हिलने लगता है।

अपने दोनों हाथ को अच्छे से साफ कर ले और जार के दोनों तरफ स्थित कर आँखे बन्द करे।

भावना दे की आपकी ऊर्जा का प्रवाह अब पुरे शरीर से हाथो में हो रहा है। कुछ देर बाद आपके हाथ थोड़े उष्ण महसूस होंगे। आंखे बंद रहने पर कल्पना शक्ति से हाथो में ऊर्जा को निकलता हुआ महसूस करे।

आंखे खोल ले और शांत स्थिर मन से खुद को व्हील पर फोकस करे। कुछ ही देर में आपकी ऊर्जा से वो व्हील घूमने लगता है। यहाँ घूमने में सफलता मिलने के बाद आप कल्पना द्वारा भावना दे की ऊर्जा इसे आपकी तय की गई दिशा में घूमा रही है।

सब आपकी कल्पना शक्ति और भावना का खेल है जितना मजबूत पकड़ होगा उतना ही जल्दी अभ्यास में सफलता मिलेगी।

छोटे छोटे चीजो पर एकाग्रता ही सफलता :

टेलिकिनेसिस के सरल अभ्यास में सफलता के लिए जरुरी है की छोटे छोटे ऑब्जेक्ट पर खुद को एकाग्र किया जाये।

इसके लिए आप माचिस की तिल्लियां इस्तेमाल कर सकते है या फिर सुई जैसे माध्यम पर अभ्यास हो सकता है। ऐसे ऑब्जेक्ट कम ऊर्जा द्वारा आसानी से गतिशील हो सकते है और आपका मनोबल बढ़ाने के लिए ये बेहद जरुरी है।

telekinesis in hindi – ऊर्जा गोले का निर्माण

आपने कई फिल्मो में हाथो से ऊर्जा गोले को पैदा करते हुए देखा होगा। असल में ये आपकी प्राण ऊर्जा ही है।

इसलिए आप अंदाज लगा सकते है की टेलिकिनेसिस के लिए ऊर्जा का कितना महत्व है। आप अगर आसानी से प्राण ऊर्जा को अपने हाथो में प्रवाहित करना चाहते है तो एकांत के वक़्त जब आपका मन शांत हो तकिये पर अपनी हथेलियों को बिल्कुल वैसे ही घुमाए जैसे एक लोहे को घुमाते है चुम्बक पर और उसमे चुम्बकीय गुण पैदा हो जाता है।

ये अभ्यास आपकी हथेलियों में प्राण के प्रवाह को बढ़ा देता है पर याद रहे की हाथ साफ धुले हुए हो।

त्राटक फायदेमंद है टेलिकिनेसिस में

दीपक त्राटक करते वक़्त एक अवस्था ऐसी आती है जब दीपक की लौ हमारे इशारे यानि आँखों की पुतली के गति के साथ ही घूमने लगती है। ये अवस्था त्राटक से टेलिकिनेसिस के विकास को दर्शाती है जिसमे हमारे अंदर वस्तुओ को इशारो द्वारा गति प्रदान करने की शक्ति मिल जाती है। टेलिकिनेसिस के सरल अभ्यास में भी यही होता है।

दैनिक गतिविधियों में शामिल करे टेलिकिनेसिस को :

दैनिक गतिविधि में हम कुछ ऐसे काम कर सकते है जो टेलिकिनेसिस को आसानी से डेवलॉप करते है। जैसे बैठे बैठे पेन या पेन्सिल पर पकड़ बनाना फिर उन्हें इशारो द्वारा घुमाना। कांच की गोली सबसे अच्छा माध्यम साबित हो सकती है जो इशारो से बिना किसी अवरोध के गतिशील हो सके।

दिशासूचक पर अभ्यास करे जब आप आसानी से वस्तुओ को मूव कर सके। इसे इसकी डिफ़ॉल्ट दिशा के अलावा स्थिर करने का प्रयास करे।

समझे telekinesis in hindi के science को :

टेलिकिनेसिस प्राण ऊर्जा, कल्पना शक्ति और भावना शक्ति पर निर्भर है। इसलिए अगर टेलिकिनेसिस के सरल अभ्यास में सफल होना है तो इन सभी पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए। किसी भी अभ्यास के लिए छोटे छोटे अभ्यास को मजबूत करना बड़ी सफलता दिलाता है। इसलिए भूल कर भी इन्हें नजरअंदाज ना करे।

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टेलिकिनेसिस के बाद क्या करे :

telekinesis in hindi का abhyas मानसिक थकावट लाता है इसलिए कुछ देर के लिए योगनिद्रा आपके शरीर में ऊर्जा को वापस बढ़ाने में मदद कर सकती है। योगनिद्रा इसलिए बेहद जरुरी है क्यों की एक तरह का ल्युसिड ड्रीम बनाती है जो हमारे कल्पनाशक्ति को मजबूत करता है।

दोस्तों मानसिक शक्तिया कोई जादू नहीं है। ये हमारी क्षमता ही है जो वस्तुओ को गतिशील बनाती है। इसलिए हमेशा धैर्य से अभ्यास में विश्वास बनाये रखे सफलता आपको ही मिलेगी। आज की पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये साथ ही ब्लॉग से जुड़े विडियो के लिए हमें यूट्यूब पर सब्सक्राइब जरूर करे।

इशारो की भाषा को समझना है तो ध्यान दे body language knowledge पर -2018 updated

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नमस्कार दोस्तों body language knowledge in hindi यानि हमारे शरीर के हावभाव जो हमारे बाचचीत या मनोदशा के हिसाब से झलकते है। कहते है की इंसान का अगर सही आकलन करना है तो उसकी बातो की बजाय उसके हाव भाव को समझने की कोशिश करो आपको सच्चाई का पता चल जायेगा।

कई बार हम सामने वाले को समझने का प्रयत्न उसके बात करने के तरीके से करते है जबकि कम बोलने वाले लोग क्या कहना चाहते है ये समझना आपके लिए मुश्किल हो सकता है।

इसलिए secret of body language in hindi का महत्व समझना बहुत जरूरी है। ज्यादातर लड़के how to read a girl / women body language sign in hindi search करते है क्यों की अक्सर वो body language समझने में देर कर देते है जिसकी वजह से वो पीछे ही रह जाते है.

body language knowledge

बॉडी लैंग्वेज का महत्व आप इस बात से ही लगा सकते है की कुछ लोग आपके हाव-भाव से ही पता लगा लेते है की आप झूठ बोल रहे है, कुछ लोग आपकी मनोदशा समझ लेते है जब की आप ऊपर से कुछ और ही दिखाने की भरपूर कोशिश करते है।

सबसे बड़ी बात इंटरव्यू में अगर सफलता पानी है तो आपको reading male / female body language पर भी बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। तो सबसे पहले हम इसके महत्व को समझने की कोशिश करते है। इस विषय पर एक लंबी श्रृंखला चलने वाली है इसलिए कोई भी टॉपिक आप मिस मत करिएगा।

body language knowledge का महत्व

कई बार ऐसा होता है की कोई व्यक्ति बोल कुछ और होता है और उसके हावभाव कुछ और बयान करते है ऐसे में अगर शरीर की मुद्रा बोलने से मेल नहीं कहती है तो समझ ले की वो कुछ छुपा रहा है।

हम कुछ छुपा सकते है पर अपने हाव भाव को नहीं बदल सकते तब तक जब तक की हमें body language knowledge का पूरा ज्ञान ना हो। बॉडी लैंग्वेज हमें ये समझने में मदद करता है की जो हो रहा है वो सही या नहीं।

मानवीय हाव भाव की भाषा का इतिहास

सुनने में अविश्वसनीय लग सकता है पर इसका इतिहास मनुष्य के बोलने से पहले का है। बॉडी लैंग्वेज पर पहली बार सक्रीय अध्ययन 1960 के दशक से हुआ है और 1970 में पहली बार इस पर किताब लिखी गई।

अशाब्दिक संप्रेषण यानि बॉडी लैंग्वेज द्वारा बात समझने के लिए charlie champlin का नाम सबसे ज्यादा याद किया जाता है। body language knowledge का सबसे खास और मजेदार फैक्ट ये है की :

किसी भी सन्देश का असर केवल 7 प्रतिशत शाब्दिक ( केवल शब्दो पर निर्भर ) होता है और वाणी का का असर 38 प्रतिशत तक होता है लेकिन 53 प्रतिशत प्रभाव अशाब्दिक होता है।

एक आम आदमी शब्दो के माध्यम से कुल मिला कर 10-12 मिनट तक ही बोलता है और एक औसत वाक्य बोलने में लगभग 2.5 सेकंड का समय लगता है।

आमने सामने की बातचित में शाब्दिक पहलु 35 प्रतिशत से भी कम होता है और संप्रेषण में 65 प्रतिशत से भी ज्यादा हिस्सा अशाब्दिक होता है।

अनुभूतिक्षमता, अन्तर्बोध और सटीक अनुमान

क्या कभी किसी से बात करते हुए आपको लगा है की सामने वाला झूठ बोल रहा है। यदि हाँ तो समझ लीजिये आपके अनुभूति द्वारा अपने उसके body language knowledge को समझ कर ये निष्कर्ष निकाला है। जब कोई व्यक्ति शब्दो के तालमेल के साथ शरीर के हाव भाव को समझ लेता है वही इसे सही तरह समझ सकता है। जैसे की

  • अगर श्रोता अपनी कुर्सी पर पीछे की और टिककर बैठा है, उनकी ठुड्डी झुकी हुई है और अपने सीने के सामने हाथ बांध कर बैठे है तो समझ ले की आपकी बात उन तक पहुच तो रही है पर अंदर नहीं पहुँच रही है। ऐसे मौके पर वो अपने बोलने की शैली को बदल लेगा और श्रोता की मुद्रा भी बदल जाएगी।
  • महिलाओ की अनुभूति क्षमता और अन्तर्बोध की क्षमता पुरुषो की तुलना में ज्यादा होती है। वो अशाब्दिक पहलुओ से आपका झूठ पकड़ लेती है।

जन्मजात अनुवांशिक और सीखे हुए सांस्कृतिक संकेत

हमारे जीवन में कई ऐसी मुद्रा और हाव भाव ऐसे होते है जो हमें जन्मजात या अनुवांशिक होते है। जैसे जन्म से अंधे और मूक बाधिर बच्चो का मुस्कुराना या फिर अपने दोनों हाथ को सीने के ऊपर रखना जिसका मतलब आप समझते है की आप आरामदायक महसूस कर रहे है जबकि हाव भाव की ये मुद्रा दर्शाती है.

आपके असहज होने को। या फिर जब पुरुष कोट पहनते है तब पहले दांया हाथ अंदर डालते है जबकि महिलाये बांया ये सब जन्मजात मुद्राए है।

body language knowledge का महत्व-मूल बाते और उनका उद्गम

हम अगर किसी से सहमत होते है तब बोलने की बजाय सर हिला कर सहमति जताते है या फिर जब गुस्सा होते है तब हमारी नाक फूल जाती है ये सब मूल बाते बॉडी लैंग्वेज को अच्छे से समझ सकने में मदद करती है। जब हम किसी की बात को समझ नहीं पा रहे होते है तब कंधा झटकाने लगते है ये एक बहुल मुद्रा है जिसमे खुली हुई हथेली, झुके हुए कंधे और उठी हुई भ्रकुटी है।

जिस तरह शाब्दिक भाषा जगह के हिसाब से अलग होती है वैसे ही अशाब्दिक भाषा भी अलग हो सकती है क्यों की ये सब भी कही न कही किसी न किसी रूप में उद्गम से जुड़ी है।

body language knowledge समझने में ना करे ये भूल

कई बार हम शरीर की दूसरी मुद्राओ को समझे बगैर ही एक मुद्रा से आकलन करने लगते है जो सबसे बड़ी भूल हो सकती है। जैसे सर खुजलाने के कई अर्थ हो सकते है जुए, पिस्सू, पसीना या अनिश्चितता या फिर झूठ बोलना ऐसे में उस समय के दूसरे हावभाव को समझे बगैर हम इसका सही मतलब पता नहीं कर सकते है।

मुद्राये ‘वाक्यो’ में आती है और किसी भी व्यक्ति के भावनाओ या नजरिये के बारे में हमेशा सच बताती है इसलिए अनुभूतिक्षम व्यक्ति वह होता है जो अशाब्दिक वाक्यो को पढ़ सकता है और किसी आदमी द्वारा बोले गए शाब्दिक वाक्य के साथ उसकी तुलना कर सकता है। ये सब बॉडी लैंग्वेज का महत्व समझने के लिए काफी है।

1.) बॉडी लैंग्वेज में तालमेल

अगर आप किसी से बात करते है और उस वक़्त उसके हाथ ठुड्डी पर हो यानि सोचने की मुद्रा में ऐसे वक़्त में आप उससे पूछे की वो आपकी बात से सहमत है क्या ? अगर वह ना कर दे तो समझ ले की वो सही कह रहा है,

क्यों की शाब्दिक और अशाब्दिक मुद्राये मेल खा रही है और अगर वो कहे की हां वो सहमत है तो वो झूठ बोल रहा है क्यों की दोनों मेल नहीं खाते है। अनुभवी लोग ज्यादातर अशाब्दिक सन्देश पर ही ज्यादा भरोसा करते है। क्यों की ये बोलने की बजाय 5 गुना ज्यादा प्रभावी होते है।

एक अन्य उदाहरण में एक महिला जो दूसरी महिला को बताती है की वो अपनी शादी से बेहद खुश है और अपनी अंगूठी को निकाल चढ़ा रही थी दूसरी महिला को सच्चाई समझते देर नहीं लगी की वो शादी से खुश नहीं है। बॉडी लैंग्वेज का महत्व हमें ये समझने में मदद करता है की सामने वाला कितना झूठ कितना सच बोल रहा है।

पढ़े : बच्चो को बताए रिश्तो की अहमियत ताकि आगे चलकर आपको पछताना न पड़े

2.) body language knowledge और मुद्रा की पृष्ठभूमि

मुद्रा समूहों को खोजने और भाषा तथा देह गतिविधि के तालमेल के अलावा हमें इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए की पृष्ठभूमि के हिसाब से ही अवलोकन किया जाये।

जैसे कि अगर बस स्टैंड पर है और हाथ पैर बांध कर खड़ा है साथ ही मौषम ठंडा हो तो हो सकता है की उसे ठंड लग रही हो ना की यह की वो सुरक्षात्मक मुद्रा में है।

3.) विश्लेषण को प्रभावित करने वाले दूसरे तत्व

शारीरिक कमिया बॉडी लैंग्वेज पर बुराप्रभाव डालती है जैसे की किसी व्यक्ति को अगर आर्थ्राइटिस है तो वह मरी हुई मछली ( हाथ मिलाने की मुद्रा ) की तरह हाथ मिलाता है और लोग समझते है की वो कमजोर चरित्र वाला इंसान है जबकि वो सिर्फ दर्द से बचने के लिए ऐसा करता है। अगर आपको ज्यादा से ज्यादा लोगो के मन की बात को जानना है तो आपको बॉडी लैंग्वेज का महत्व समझना पड़ेगा।

4.) स्टेटस और शक्ति

अक्सर छोटे बच्चे या किशोर अपने झूठ को बचाने के लिए मुह पर हाथ रख लेते है। हालाँकि वो कुछ बोलते नहीं पर आप समझ जाते है की वो झूठ बोल रहा है। या फिर अगर कोई आपसे बात करते समय ठुड्डी पर हाथ चलाता है या फिर मुह पर हाथ ढकने की कोशिश करता है तो असल में वो झूठ बोलता है जबकि वो सामान्य तौर पर लगता है की वो कुछ सोच रहा है।

छोटे बच्चे अक्सर झूठ बोलते वक़्त ऐसी मुद्राए बना लेते है जो उनके झूठ को साफ जाहिर कर देती है। ऐसा इसलिए क्यों की उन्हें लगता है की मुह बंद कर लेने से उनका झूठ बाहर नहीं आएगा।

या फिर अगर किसी बच्चे को किसी का साथ पसंद नहीं आता है तो वो उसे हाथो से दूर हटाने की कोशिश करने लगता है जबकि वो बोलता बहुत कम है। आप उनके इन हाव भाव से ही उनके मन की गतिविधि का आसानी से पता लगा सकते है।

body language knowledge का महत्व और सफलता से झूठ कैसे बोले

असल में देखा जाये तो body language knowledge हमारे अवचेतन मन की रचना है यानि हम चेतना से जो बोलते है अवचेतन मन उसके अनुसार हमारे हाव भाव बनाता है जब की उसे सच झूट को छिपाने या जाहिर करने में फर्क पता नहीं होता है। इस वजह से हम बोलते वक़्त कितना भी सच बोलने का दिखावा क्यों ना कर ले हमारा शरीर ऐसे हावभाव बनाने लगता है जो झूठ की इशारा करते है। इसलिए सफलता से झूठ बोलने के 2 ही तरीके है

  1. पहला आप उन मुद्राओ का अभ्यास कर ले जो सही लगे लेकिन ऐसा तभी संभव है जब आप लंबे समय तक झूठ बोलने का असंख्य बार अभ्यास कर ले।
  2. दूसरा तरीका है अपने ज्यादातर हाव भाव को समाप्त कर लेना जिनसे उसे बोलते वक़्त सकारात्मक या नकारात्मक मुद्राओ का इस्तेमाल ही नहीं करना पड़े।

सफलतापूर्वक झूठ बोलने के लिए आपको अपने शरीर को छिपाने की जरूरत पड़ती है। क्यों की हम कितना भी अभ्यास कर ले कुछ सूक्ष्म मुद्राये फिर भी दिखाई दे जाती है जैसे पुतलियों का फड़कना और पसीना आना।

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

body language knowledge कैसे सीखे

body language knowledge सिखने के लिए दिन के कम से कम 15 मिनट आपको सचेतन रूप से जागरूक बन कर इसे समझने की जरुरत है। इस काम के लिए सबसे बढ़िया जगह वह है जहा पर ज्यादा से ज्यादा लोग मिलते हो। हवाई अड्डा सबसे अच्छा स्थान है जहा पर लोग खुलेआम अपनी भावनाओ को गुस्से, इंतजार और उत्सुकता से जाहिर करते है।

बॉडी लैंग्वेज की लंबी श्रृंखला की ये बेसिक पोस्ट थी जिसमे आपने कुछ बेसिक बाते समझी है। ये सभी बाते विस्तार से आप एलन पीज की पुस्तक में सीख सकते है। निचे दिए गए लिंक से आप इसे खरीद सकते है क्यों की सफलता के लिए ये पुस्तक बड़े मायने रखती है।

आज की पोस्ट हमें बॉडी लैंग्वेज का महत्व बताती है की किस तरह हम बिना बोले दुसरो के मन की बात कैसे समझ सकते है। अगर पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर करना ना भूले और हमें सब्सक्राइब जरूर करे।

mansik shakti badhane ke upay -घर बैठे मानसिक शक्तिया कैसे develop करे hindi guide

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how to do telekinesis power practice at home की इस पोस्ट में हम बात करने वाले है मानसिक शक्तिया क्या है ? Psychic power हमारे अवचेतन मन की वो शक्तिया है जो किसी न किसी रूप में हमारे अंदर विकसित या जाग्रत रहती है।

हम कई बार सपनो में भविष्य की झलकियां देख लेते है। या फिर हमें अचानक ही आभास हो जाता है की हमारे पीछे कोई है और वाकई कोई होता है। mansik shaktiyo ke chamtkar की इस तरह की घटनाये ये शो करती है की मानसिक शक्तिया सूक्ष्म रूप में हमारे अंदर जाग्रत रहती है।

mansik shakti badhane ke upay

लेकिन हम इनका इस्तेमाल अपनी जरुरत के मुताबिक नहीं कर सकते क्यों ? mansik shakti badhane ke upay और कुछ नहीं ऐसी गतिविधि को समझना है जिन्हें आप दैनिक जीवन में नजरअंदाज करते रहते है। ghar baithe mansik shakti kaise badhaye hindi full guide.

क्यों की हम इन पर गौर नहीं करते है और इन्हें सामान्य घटनाओ की श्रेणी में रख कर भूल जाते है।

आज की पोस्ट में आपको मानसिक शक्ति बढ़ाने के सरल उपाय बताने जा रहे है जिनसे आप अपनी मानसिक शक्ति को पहचान कर उसे उभार पाएंगे यानि जाग्रत कर उसका सही इस्तेमाल कर सकेंगे।

mansik shakti badhane ke upay

mansik shakti badhane ke upay में हम कुछ अभ्यास कर सकते है जो मानसिक शक्ति को उभार कर आपको उन्हें कण्ट्रोल करने की आजादी देते है। सबसे पहले हमें अपनी अलग अलग मानसिक शक्ति की क्षमता को पहचानना पड़ता है।

हमारे अंदर कुछ मानसिक शक्तिया पहले से ही विकसित होती है और कुछ को उनकी सहायत से विकसित किया जाता है।

कल्पना शक्ति का इस्तेमाल कर आप अपने आज्ञा चक्र के ऊपर एकाग्रता का अभ्यास कीजिये जो आपके दोनों आँखों के बिच के क्षेत्र में स्थित है। बंद आँखों से उस पर ध्यान लगाये और आप क्या पाएंगे की आपका आज्ञा चक्र क्षेत्र चमकीला होता जा रहा है।

ये सरल सा अभ्यास आपके यादास्त में वृद्धि करता है और इसे जाग्रत भी।

सूक्ष्म गतिविधि पर ध्यान देना आपके सिक्स्थ सेंस में वृद्धि करता है। इसके लिए आप उन गतिविधि पर गौर करे जो सामान्य नहीं होती है। इस अभ्यास में हम सूक्ष्म होने लगते है जिससे हम बारीक़ गतिविधियों को भी समझने लगते है।

इसके लिए आप आंखे बंद कर किसी घटना या जगह की कल्पना करे और खुद की उपस्थिति को महसूस करे। इस अभ्यास में आपको तीसरे नेत्र पर फोकस होना है। इसका क्या प्रभाव मिलता है ये याद रखना ना भूले। इन अभ्यास को करने के बाद आगे बढे और कुछ मानसिक शक्ति बढ़ाने के सरल उपाय करते है।

छोटी वस्तुओ पर मानसिक शक्ति का अभ्यास

हम जो चीजे इस्तेमाल करते है खासतौर से कपडे उनमे हमारी ऊर्जा जुड़ी होती है। मानसिक शक्ति बढ़ाने के सरल उपाय की शुरुआत आप कपड़े से करे और निरीक्षण करे की कपड़ा किस काम में इस्तेमाल किया गया है।

इस अभ्यास में आप कपड़े से जुड़ी निम्न बातो पर गौर करे की ये कपड़ा किसने इस्तेमाल किया और उसके भाव कैसे थे। इस तरह की गतिविधि आपको सूक्ष्म घटनाओ की ओर ले जाती है।

अगर आप उस वक़्त कुछ महसूस करते है तो उसे नोट जरूर करे क्यों की जो शुरू में आपके दिमाग में आता है वो सही जानकारी है उसमे अलग से कुछ भी जोड़ने की जरुरत नहीं है।

अन्य वस्तुओ पर अभ्यास :

इस अभ्यास में आप उन वस्तुओ को महसूस करते है जो वस्तुओ के ढेर के पीछे छुप जाये हो। इस दौरान आप उनकी ऊर्जा को महसूस करे जब आपका मस्तिष्क उस ऊर्जा को ग्रहण करने के लायक हो जाता है तब आप उन्हें महसूस कर सकते है फिर चाहे वो कितने ही भीड़ में क्यों ना छूपे हो।

ऐसी चीजो पर अभ्यास करे जो आपके नजर के सामने ना हो जैसे दरवाजे के पीछे क्या है, बंद लिफाफे में क्या हो सकता है, वगेरह वगेरह।

मानसिक शक्ति को बढ़ाने में सहायक है ध्यान

सूक्ष्म गतिविधि को पकड़ने के लिए मस्तिष्क का शून्य होना, विचार रहित होना बेहद जरूर है। और ध्यान इसमें बहुत सहायक है। ये आपके सोचने की क्षमता में बढ़ोतरी करता है और आपकी छटी इंद्री को जाग्रत करता है। इसके लिए आप कुछ छोटे छोटे अभ्यास कर सकते है।

सुबह बिस्तर से उठने से पहले आंखे बंद रखे और आवाज सुनने की कोशिश करे आप कितनी आवाजे सुन सकते है और कितनी सूक्ष्म आवाजो को आप नोटिस कर पाते है जो सामान्य नहीं होता है।

विचारो की मात्रा को कण्ट्रोल करने का सबसे अच्छा माध्यम है सांसो पर ध्यान। सांसो को गहरे गहरे अंदर ले नाक द्वारा और कुछ देर अंदर रोके इससे आपके विचार में कमी अपने आप आने लगती है।

आध्यात्मिक संगीत जिसमे धुन हो या फिर मंत्र ध्यान इसमें आपकी सहायता कर सकता है। इन सबका एक ही मकसद है आपके मस्तिष्क की निरीक्षण करने की गतिविधि को रोकना और उन्हें अवचेतन मन की ओर मोड़ना।

अवचेतन मन को जाग्रत करना

मानसिक शक्ति बढ़ाने के सरल उपाय में सबसे महत्वपूर्ण है Subconscious mind activation. अवचेतन मन को जाग्रत करने के अभ्यास का मकसद हमारे अनुभव में वृद्धि करना है जो हम सामान्य तौर पर बिना किसी वास्तु की जानकारी के उसकी जानकारी नहीं इकट्ठा कर पाते है। यानि अनुभव द्वारा निरीक्षण।

हर इंसान में ये क्षमता कम या ज्यादा होती है यानि अटकल द्वारा सही जवाब देना। इसके लिए सबसे पहले आपको खुद पर विश्वास बनाना पड़ता है की जो अपने सोचा है वो सही है।

हमारे मस्तिष्क में कई बार ऐसे आईडिया उभरते है जिनका एक दूसरे से कुछ लेना देना नहीं होता है। ऐसा आपको इसलिए लगता है क्यों की आप उनका निरीक्षण नहीं करते है। अगर सूक्ष्म अनुभव द्वारा समझे तो ये सभी विचार एक दूर से जुड़े है।

इसके लिए सुबह जल्दी उठ कर उन पर विचार करने की कोशिश करे बजाय उठते ही भागदौड़ भरे कामो में व्यस्त हो जाओ।

mansik shakti badhane ke upay में जुड़े भावनात्मक रूप से :

लोगो के हाव भाव को देख कर उनकी मनोदशा समझना मानसिक शक्तियों के अभ्यास का अगला चरण है। इसमें हम बॉडी लैंग्वेज को सीखते है। इसके कई फायदे है जैसे की बगैर कहे ही सामने वाले की बातो को समझना जो उसके हाव भाव से प्रदर्शित होती है.

इसके अलावा हम लोगो की भावनाओ को समझ कर उनके हाव भाव के अनुसार अगर व्यव्हार करे तो जल्दी ही हम उनके बिच लोकप्रिय हो सकते है।

अपने देखा होगा कुछ लोग दूसरे लोगो के हाथो पर हाथ रख कर उनकी मनोदशा को समझ लेते है। ये असल में ऊर्जा को पढ़ना है। जिसके लिए आपको दूसरे के हाव भाव का निरीक्षण कर मन की बात को समझना होता है।

mansik shakti badhane ke upay से एकाग्रता कैसे बढ़ाए :

अगर आप चाहते है की आप दुसरो की नजर से बचे रहे यानि उनके द्वारा खुद को पकडे जाने से बचना है तो मस्तिष्क और विचारो पर नियंत्रण बनाना सीखे। एकाग्रता बढ़ाने के लिए हम विचारशून्य की अवस्था अपनाते है जो वाकई बेहद मुश्किल काम है।

mansik shakti badhane ke upay में आप कुछ वस्तुओ को हाथ में लेकर कुछ देर तक देखते रहे और फिर उस वस्तु से जुड़ी सभी यादो का मस्तिष्क में चित्रण करे। कोशिश करे उस वस्तु से जुड़ी हर बात को याद करने की।

इसके अलावा आप अपने विज़न को बढ़ाने की कोशिश करे वस्तुओ को छू कर उससे जुडी जानकारी की कल्पना करने की। ये आपके अवचेतन मस्तिष्क की गतिविधि को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाता है।

1.) ऊर्जा क्षेत्र को पढ़ना यानि औरा विज्ञान

ऊर्जा जो हमारे शरीर के अंदर और बाहर बहती है दोनों अलग अलग गतिविधि है। हमारे शरीर के चारो और ऊर्जा का जो जाल है वो औरा है और शरीर के अंदर ऊर्जा के केंद्र जिनसे ऊर्जा प्रवाहित होती रहती है चक्र कहलाते है।

हो सकता है आपको अपनी विचार सम्प्रेषण शक्ति यानि टेलीपैथी शक्ति को विकसित करने में बहुत लंबा वक़्त लग जाये पर नियमित अभ्यास से आप अगर औरा विज्ञान को समझ ले तो दूसरे लोगो के हाव भाव को समझ सकते है।

2.) चक्र को खोलना और उनकी ऊर्जा का सही प्रवाह :

ये तो हम सभी जानते है की हमारे शरीर में 7 मुख्य ऊर्जा केंद्र है जिनसे ऊर्जा का प्रवाह पुरे शरीर में होता है। अगर ये ब्लॉक हो जाते है तो ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और आप भावनात्मक और मानसिक रूप से बीमार महसूस करने लगते है। और अगर शरीर में ज्यादा ऊर्जा का प्रवाह होने लगता है तो उन्माद और जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

इसलिए हमें सबसे पहले चक्र की ओपनिंग, उनका महत्व और उनके प्रवाह का तरीका समझना होगा ये सब आप कुंडलिनी और सप्त चक्र की पोस्ट में पढ़ सकते है।

पढ़े : घर पर आसानी से करे टेलिपैथी का अभ्यास

3.) mansik shakti badhane ke upay – दुसरो का औरा पढ़ना :

विचारो को समझने का सबसे अच्छा जरिया है दुसरो का औरा पढ़ना।

ये तो आप पहले की पोस्ट औरा कैसे पढ़े में जान ही चुके है की सभी का औरा अलग अलग रंग का होता है और ये विचारो के साथ बदलता रहता है।

जब हम किसी सफ़ेद दीवार के पास खड़े व्यक्ति को कई देर तक देखते रहते है तो हमे उसका औरा महसूस होने लगता है। शुरू में ये सिर्फ एक धुंध जैसा दिखाई देगा जो की बाद में ज्यादा सूक्ष्म निरीक्षण पर रंगों में बदलता हुआ दिखाई देने लगता है।

4.) नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा पाइये :

अगर दुसरो के हाव भाव और भावनाओ को पढ़ना है तो सबसे पहले खुद को सकारात्मक ऊर्जा के बहुत बड़े स्त्रोत में बदलना होगा।

ऐसा शरीर जो दूसरे लोगो से ज्यादा मात्रा में ऊर्जा प्रवाहित करे। इसके लिए आपको नकारात्मक विचारो के बादलो को दूर करना होगा।

आप एक ग्राउंड में बैठ कर सुखासन की मुद्रा में खुद से ज्यादा बेहतर तरीके से जुड़ सकते है और सकारात्मक सोच जितना सोच सके नकारात्मक विचारो को दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम है।

पढ़े : क्या वाकई हमजाद की साधना का अभ्यास करना सेफ है ? कुछ सावधानियां और खतरे जिन्हें जान लेना चाहिए

5.) अपनी ऊर्जा को ज्यादा से ज्यादा बचाए :

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी दैनिक ऊर्जा को बचा नहीं पाते है क्यों की मन पुरे दिन सेंकडो विचारो से घिरा रहता है। इन सबसे दूर रह कर या मस्तिष्क की हलचल को कम से कम कर हम अपनी ऊर्जा को बहुत ज्यादा मात्रा में बढ़ा सकते है।

जिसके लिए आपको दिन के कुछ वक़्त में सामाजिक रूप से जुड़ाव वाले माध्यम जैसे टीवी, मोबाइल, इन्टरनेट और अन्य माध्यम जिनसे मस्तिष्क की गतिविधि बढ़ती है को अपने से दूर रखे और कुछ हिस्सा एकांत में बिताये।

mansik shakti badhane ke upay – अंतिम शब्द

दोस्तों mansik shakti badhane ke upay के ये कुछ बेसिक टिप्स आपकी मानसिक शक्तियों को बढ़ाने के लिए बताये गए थे।

मानसिक शक्तिया कोई चमत्कार नहीं है। ये हमारी वो गतिविधि है जिन्हें हम शुरू से नजरअंदाज करते आये है और जो चीज नजरअंदाज की जाती रही है वो कही न कही सुप्त रूप में आज भी मौजूद है।

इसलिए इन सभी टिप्स पर अमल कर आप भी खुद को दूसरे से बेहतर बना सकते है। मानसिक शक्ति बढ़ाने के सरल उपाय की ये पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये।

ध्यान से जुड़ी सबसे बड़ी गलतफहमी जिनकी वजह से हमें सही अनुभव नहीं हो पाते है

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ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये उन लोगो की सोच है जिन्होंने कभी ध्यान करने की कोशिश भी नहीं की है। या फिर अगर की भी तो ऐसी बड़ी बड़ी बाते और नियम पालन की धारण बनाई की ध्यान ही बोझ लगने लग गया।

आम समाज में जहा विकसित देश importance of meditation अपने daily life में अपना कर problem solve कर रहे है वही भारत जैसे देश में जो Meditation और आध्यात्म का जनक माना जाता है वही पर इसको लेकर बहुत से लोग जागरूक नहीं है। top myth and fact about meditation in Hindi.

ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये
meditation से जुड़ी गलत धारणाये रखने वाले इंसान के लिए Meditation हमेशा कठिन हो जाता है क्यों की उसने कभी उसे सही तरीके से करने की कोशिश नहीं की।

हमें Meditation को साधना समझ कर नहीं करना चाहिए जिसमे बहुत से नियम और निर्देश हो बल्कि एक व्यायाम जिससे हम खुद को पूरी तरह बदल ले की तरह करना चाहिए।

इससे ना सिर्फ ध्यान आपको आसान लगेगा बल्कि इसके आश्चर्यजनक परिणाम भी मिलेंगे। आइये देखते है हमारे समाज में फैली ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये जो किस तरह ध्यान को रहस्यमयी बना रही है।

ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये

meditation करने का सही तरीका है उसकी कार्यप्रणाली को समझना जिसके लिए हमें सिर्फ कुछ पल कुछ देर अकेले में बिताना है। सिर्फ कुछ देर सहज रूप से बैठने मात्र से आप ध्यान का अहसास कर सकते है। सबसे पहले तो ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये जानते है।

1.) ध्यान बहुत कठिन है

हमने ये धारणा इसलिए मन में बना ली है क्यों की हमारी नजर में ध्यान मतलब गुफाओ, हिमालय में बैठे साधु संत है जो कठिन तप और ध्यान लगाते है। जबकि अगर आप अनुभवी गुरु से सही मार्गदर्शन ले लेते है तो वही ध्यान आपकी दिनचर्या का आसान सा हिस्सा बन जाता है। ये आपके सांसो पर ध्यान लगाना हो सकता है या फिर एक मंत्र का जाप करना भी।

ध्यान हमें कठिन लगता है इसकी एक वजह हमारा जबरदस्ती एकाग्रता पर ध्यान देना भी हो सकता है। क्यों की हमारा असली काम एकाग्र होना है लेकिन जबरदस्ती नहीं क्यों की ध्यान का दूसरा नाम ही सहज होना है। इसलिए कभी भी जबरदस्ती एकाग्रता का अभ्यास न करे इसकी बजाय किसी माध्यम में खोने का अभ्यास करे जैसे त्राटक इसके बाद ध्यान आपके लिए बहुत ज्यादा सहज हो जायेगा।

2.) ध्यान में सफल होना मतलब पूर्ण विचारशून्य

ध्यान हमारे विचारो को रोकने का काम या शून्य होने का काम नहीं करता है। ये दोनों ही हमारे अंदर तनाव या आंतरिक अस्थिरता लाते है। हम अपने विचारो को कण्ट्रोल नहीं कर सकते है पर ध्यान द्वारा हम ये तय कर लेते है की उन्हें महत्व कितना देना है। और यही हमें सफल बनाता है।

अगर हमारे विचारो के मध्य गैप भी आ जाता है तो भी हम ध्यान में सफल है।

हम ध्यान में किसी माध्यम का प्रयोग तो करते ही है जैसे हमारी सांसे, हमारे विचार या आज्ञाचक्र या फिर किसी मंत्र का जप। विचार फिर भी आते है पर हम उन पर ध्यान देने की बजाय महत्व हमारे मंत्र जाप या सांसो को देते है इससे एक गैप आ जाता है जो विचारो की गति को तोड़ देता है।

ये कुछ क्षण के लिए भी महसूस हो सकता है पर हमारा मस्तिष्क इतने कम वक़्त में भी तरोताजा महसूस कर सकता है। क्या आप जानते है :

ध्यान की शून्यावस्था में बिताया गया एक पल आपको दोबारा तरोताजा कर देता है।

3.) ध्यान में लंबे समय की साधना और धैर्य की आवश्यकता है

ध्यान का महत्व और लाभ कम समय और लंबे समय दोनों पर लागू है। अगर आप नियमित अभ्यास करते है तो कुछ दिन में ही आप इसके लाभ महसूस कर सकते है।

वैज्ञानिक तथ्यों से ये प्रमाणित हो चूका है की ध्यान के कुछ सप्ताह के अभ्यास से भी हमें शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक लाभ मिल सकते है।

हावर्ड में किये गए एक प्रयोग द्वारा सिद्ध किया गया की ध्यान के कुछ सप्ताह की प्रैक्टिस न सिर्फ आपके तनाव को कम करती है बल्कि आपके मानसिक सोच में भी वृद्धि करती है और आप चीजो को ज्यादा समय तक सहेजे रख सकते है।

नियमित अभ्यास द्वारा आप खुद के तनाव स्तर को नियंत्रित कर सकते है जैसे में करता हु आंखे बंद कर। क्या आप जानते है की :

ध्यान में बिताये गए आपके कुछ मिनट आपके अंदर सोचने की बेहतर क्षमता का विकास कर देता है। और आप ज्यादा से ज्यादा सूक्ष्म और सवेंदनशील होने लगते है।

4.) ध्यान मतलब सबकुछ छोड़ कर पलायन कर जाना

ध्यान का मतलब है अपने अंतर से जुड़ना ना की भौतिक स्वरूप में सब कुछ छोड़ कर पलायन करना। ध्यान में हम अपने अंतर की गहराई में उतरते है जो संभव है कुछ वाक्यो को बार बार दोहराकर। इन सबसे हमें पता चलता है की हम कौन है और हमारा उदेश्य क्या है।

ध्यान द्वारा हम खुद की समस्याओ का समाधान कर सकते है और इन सबके लिए हमें कही एकांत या छुपने की जरुरत नहीं है।

5.) मेरे पास ध्यान करने के लिए प्रयाप्त वक़्त ही नहीं है

हमारी आज की जीवन शैली बहुत ही व्यस्त हो चुकी है। ऐसे में अगर कुछ पल मिले तो हमें उन क्षण में ध्यान करना चाहिए। क्यों की कुछ ना करने से तो अच्छा है थोड़ा बहुत ही करना। ध्यान हमारी जरुरत बन जाये तब हम इसे दिनचर्या में भी उतार सकते है।

जब हम ध्यान करते है तो हम वक़्त का सही इस्तेमाल कर पाते है क्यों की इस वक़्त हमारी धड़कन मंद पड़ जाती है, खून का बहाव सामान्य हो जाता है और हम ज्यादा से ज्यादा रिलैक्स हो जाते है जिसके लिए हम वक़्त ढूंढते फिरते है वो ही तो हम कर रहे है।

इतना ही नहीं ध्यान का कुछ पल का अभ्यास भी आपके दिनचर्या में आपके काम के तरीके और सोच पर काफी बड़ा प्रभाव डालता है जिससे वक़्त ही बचता है। यकीन ना हो तो करके फर्क महसूस कर के देखे।

6.) ध्यान सिर्फ आध्यात्म या धर्म विशेष से जुड़ा है

ध्यान असल में हमें कोलाहल भरे माहौल से शांत माहौल में ले जाने का माध्यम है। ध्यान के लिए आध्यात्म या धर्म विशेष से संबंध रखना या कोई विश्वास मानना भी जरुरी नहीं है। कुछ लोग अपने अंतर में उतरने और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ के लिए ध्यान करते है जैसे रक्तचाप, हृदय संबंधी स्वास्थ्य के फैक्टर। ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये हमारे व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।

पढ़े  : घर में रखे पुराने दर्पण की वजह से आपको हो सकता है पारलौकिक शक्तियों के होने का अहसास

7.) ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये – उत्कृष्ट अनुभव की कामना :

ध्यान में कुछ लोग सिर्फ इसलिए निराश हो जाते है की उन्हें किसी भी तरह का आध्यात्मिक उन्नति, शक्ति का अनुभव या बदलाव महसूस नहीं होता है। तो क्या ध्यान से सिर्फ यही हासिल होता है। ऐसे लोग दूसरे पहलुओ पर ध्यान देना भूल जाते है।

जैसे की स्वभाव में बदलाव, स्वास्थ्य, कार्यशैली और अन्य कई फैक्टर जो सामान्य जीवन से जुड़े है। ध्यान का महत्व सामान्य जीवन में हमें ज्यादा रचनात्मक, धैर्यशील, खुद से प्यार और जो मिले उसके प्रति एक आदरणीय स्वभाव बनाना है। जिसमे हम कामयाब भी होते है।

दोस्तों ध्यान कोई बहुत बड़ा रहस्य नहीं है जिसके लिए आपको अलग जीवन का दिखावा करना पड़े। इसके लिए आपको सिर्फ कुछ मिनट ही देने पड़ते है जिससे दैनिक जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आप महसूस कर सकते है। आज की पोस्ट ध्यान से जुड़ी गलत धारणाये आपके हर उस सवाल का जवाब है जो आपको ध्यान करने से रोकता हो।

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ध्यान में दिशा का महत्व और पंच तत्व पर ध्यान लगाने की सरल विधि

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ध्यान में दिशा का महत्व हम शायद ही जानते हो। ज्यादातर लोग पूर्व की ओर ध्यान करते है। आज की पोस्ट में में आपको बताऊंगा की किस दिशा में ध्यान करने से हमें किस तरह के अनुभव मिलते है। हम इसे पंच तत्व ध्यान भी कह सकते है।

हम में से ज्यादातर लोगो की उत्सुकता पंच तत्व में है। जैसे की बचपन में हमने शक्तिमान में देखा था की किस तरह वो ध्यान द्वारा शरीर को पंच तत्व में विभाजित कर लेता है। तो स्वभाविक था की बचपन में हम भी उसी तरह ध्यान करके कोशिश करते थे। खैर ये सब बचपन की बाते थी जो हमारी काल्पनिक दुनिया का ही हिस्सा थी। पंच तत्व पर ध्यान करने की सबसे आसान तकनीक में आज आपके सामने बताने जा रहा हूँ।

ध्यान में दिशा का महत्व

जैसा की हम सभी जानते है की हमारे शरीर में पांच तत्वो का मिश्रण है। हमारा शरीर, अंदर बहने वाला खून और पानी, वायु जो हम ग्रहण करते है और अग्नि जो हमारी जठराग्नि है। इसके अलावा हमारा मस्तिष्क जो ब्रह्मांड का प्रतिक है। तो ध्यान में हमें सबसे पहले अलग अलग दिशा और स्थान में ध्यान करने का महत्व जानना होगा ताकि ध्यान में उतरा जा सके। ध्यान में दिशा का महत्व बहुत कम लोग जानते है। अलग अलग दिशा में आपके अलग अलग तत्व को जाग्रत करने की क्षमता है।

ध्यान की इस तकनीक में हम ध्यान में दिशा का महत्व जान कर 4 दिशा और 4 तत्व पर ध्यान करना सीखेंगे। इसके अलावा कोनसी दिशा में ध्यान करने से हमें किस तरह की शक्ति मिलेगी।

ध्यान में दिशा का महत्व

कई बार हम ध्यान करते है तो हमें कुछ दिशाओ में अच्छे अनुभव होते है तो कभी लंबे  समय तक भी अनुभव नहीं हो पाता है। इसकी वजह हमारे वातावरण में फैली ऊर्जा हो सकती है। सही दिशा में ध्यान करने से हम उन उर्जाओ से जल्दी जुड़ पाते है।

ध्यान में दिशा का महत्व-कैसे करना है ध्यान

अलग अलग दिशा अलग तत्व और उसके साथ ही साथ हमारे शरीर के पाँच तत्वो में से किसी एक का प्रतिनिधित्व करती है। हमारी समस्या या फिर जिसमे हमें सफलता हासिल करनी है उसी के हिसाब से दिशा में ध्यान लगाना चाहिए। इससे ना सिर्फ हम अपनी समस्याओ को दूर कर पाते है बल्कि व्यक्तित्व का भी विकास कर लेते है।

मेने ध्यान में तत्व से जुड़े म्यूजिक की लिस्ट पहले ही अपलोड कर दी थी। अपनी पसंद के हिसाब से आप उन पर ध्यान लगा सकते है। मुझे इसके अच्छे अनुभव मिले थे। आप इन म्यूजिक को यहाँ से डाउनलोड कर सकते है।

उत्तर दिशा में ध्यान से शरीर को मिलती है शक्ति :

उत्तर दिशा में ध्यान करने से हम जल्दी ही अपने भौतिक यानि पृथ्वी तत्व से जुड़ने लगते है। पृथ्वी तत्व जिसकी प्राकृतिक सरंचना में पत्थर और मिटटी है हमें ध्यान में उत्तर दिशा में अपने अंदर के मनोवैज्ञानिक गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन की जरूरतों को सोचना चाहिए। इसे दूसरे शब्दो में समझना चाहे तो पृथ्वी तत्व हमारे भौतिक शरीर को जाग्रत करता है। हमारे स्वास्थ्य को मजबूत करता है और हम भौतिक रूप से ज्यादा शक्तिशाली बनते है।

खानपान : अच्छा खानपान, गुणवत्ता वाला पोष्टिक आहार।

लाभ : इससे आपकी बॉडी लैंग्वेज सुधरती है, आपके बोलने के तरीके में फर्क आता है।

पूर्व दिशा जुडी है आपके वायु तत्व और मस्तिष्क की शक्तियों से

पूर्व दिशा में ध्यान लगाने से आपको मानसिक रूप से फायदा मिलता है। ध्यान में दिशाओ का महत्व भी है और सही दिशा का चुनाव करना आवश्यक है। पूर्व दिशा में ध्यान करने से आपको मानसिक रूप से शक्ति मिलती है। इसकी प्राकृतिक सरंचना में वायु और हमारे आसपास का वातावरण है। इस दिशा से जुड़ने पर आपको निम्न बदलाव करने होते है : अपने विचारो पर ध्यान देना, अपने कारण को सोचना ( प्रश्नों पर मनन ) करना और आपके सोचने और व्यव्हार का तरीका और साथ ही साथ आपके मानसिक तनाव को दूर करने पर ध्यान लगाए।

फायदे : आपके बोलने, सोचने के तरीके में फर्क आएगा, आत्मसुझाव में वृद्धि, सोचने की क्षमता में बदलाव महसूस कर सकते है।

दक्षिण दिशा प्रतिक है अग्नि तत्व और आपके क्रिया की

दक्षिण दिशा में ध्यान करना आपके लिए काफी फायदे मंद हो सकता है। क्यों की ये अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और इसका प्रतिक है उठती हुई लौ, और अग्नि। इस दिशा में ध्यान करते समय आप अपने एक्शन पर ध्यान दे की आप किस तरह से काम करते है। इसके बाद इसमें क्या सुधार होना चाहिए जैसे विचारो पर ध्यान लगाए। आप काम को किस तरह कितने वक़्त में करते है इन सब बातो पर ध्यान लगाने से आपको निम्न फायदे होते है।

लाभ : व्यायाम, खेल, वक़्त के प्रबंधन यानि की टाइम मैनेजमेंट में आपका कौशल निखरता है।

पश्चिम दिशा प्रतिक है आपकी भावनाओ और जल तत्व का

जल तत्व आपके भावनाओ का प्रतिक है इसके लिए अगर आपको अपनी भावनाओ में मजबूत बनना है तो आपको पश्चिम दिशा में ध्यान लगाना चाहिए। इसका प्रतिक है समुन्द्र, झरने, नदिया और पानी के स्त्रोत। इस दिशा में ध्यान करते समय आपको अपने मूड पर, आपकी सोच और अपनी भावनाओ के बारे में ध्यान देना चाहिए, इसके साथ ही साथ खुद से भावनात्मक रूप से जुड़ जाइये।

फायदे : इस दिशा में अपने भावनात्मक रूप पर ध्यान लगाने से आपके सुनने की क्षमता में, अपने विचारो को व्यक्त करने की क्षमता में, उन्हें दूसरे में बाँटने की, और गायन जैसे क्षेत्र में सफलता मिलती है। क्यों की आपकी भावनाये मजबूत होती जाती है।

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अन्य उपाय :

क्या आप जानते है की ध्यान में कैंडल भी जलाई जाती है। ये सब हमें एक सकारात्मक ऊर्जा देने के लिए होता है। आइये जानते है किस तरह की कैंडल किस ध्यान में काम आती है।

  • पूर्व दिशा के लिए Yellow कलर की कैंडल या लैवेंडर कलर की सही है।
  • दक्षिण यानि अग्नि तत्व : लाल
  • पश्चिम दिशा यानि जल तत्व : नीला या एक्वा कैंडल।
  • उत्तर दिशा यानि पपृथ्वी तत्व : गहरी हरी, गहरा भूरा या ब्लैक कैंडल।

दोस्तों ध्यान में जल्दी उतरने के लिए अन्य कई माध्यम है। इनमे संगीत, प्रकाश, और अलग अलग सुंगध वाले तत्व शामिल है। अगर आप भी ध्यान से पहले अपने माहौल को खुश्बूमय बना ले तो इसका अलग ही प्रभाव पड़ेगा। पंच तत्व पर ध्यान करने वाले इससे बहुत फायदा उठा सकते है।

दोस्तों आज की पोस्ट ध्यान में दिशा का महत्व को लेकर की गई थी। आपको पोस्ट कैसी लगी हमें जरूर बताये हमें subscribe करना ना भूले ताकि ऍम आपको हर रोज नए अपडेट भेज सके।

क्या आप भी अक्सर अपने काम को लेकर शिकायत करते है आखिर क्यों इससे बचना है बेहद जरुरी

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ज्यादातर लोगो को अपना काम पसंद नहीं होता है उन्हें अक्सर ये शिकायत रहती है की वो जो कर रहे है वो उनके स्टैण्डर्ड का काम नहीं है. हम सबकी जिंदगी में 3 चीजो की तलाश हर किसी को है अच्छा प्यार, धन, और अच्छा स्वास्थ्य। और सभी की जिंदगी के मकसद और लक्ष्य में ये तीनो आते है।

लेकिन इनसे भी ऊपर है अपने उस एक पैशन को जानना जिसमे सिर्फ आप और आप बेहतर तरीके से काम कर सकते है। इसलिए अगर आगे बढ़ना है तो अपनी खूबी को पहचाने और अपने काम को अपना शौक बना कर करना शुरू कर दे।

from boring to interesting work in hindi में आज हम जानते है की कैसे हम अपने काम को अपने रूचि के अनुसार बनाये और बेहतर लाभ हासिल करे.

दोस्तों हम सबमे एक खास बात है। क्या आप नहीं चाहते है की आपको अपने सपनो का जॉब मिले ( सरकारी जॉब क्यों में सही हूँ ना ! ) या फिर अपना मनपसंद काम करना जो हम सभी को पसंद है। हम में से कुछ तो अपने शुरुआती जीवन ही अपने शौक को अपने जूनून को अपना मनपंसद काम बना लेते है और उसमे संघर्ष के बाद कामयाबी भी हासिल कर लेते है।

दुनिया भर के हर कामयाब इंसान की कामयाबी के पीछे की कहानी उसका अपने शौक या यू कहे की अपने पसंदीदा काम को ही अपना करियर बनाना है।

interesting work

लेकिन कुछ लोग ऐसे होते है जो जिंदगी के पहिये में घूमते रहते है और अपना जीवन चलाने के लिए ऐसी नोकरी करते रहते है जो उन्हें कभी पसंद ही नहीं होती है।

अगर आपके साथ भी ऐसा है तो आगे भी पढ़ते रहिये क्यों की में आपको बताने जा रहा हूँ ऐसी 3 आसान स्टेप जिसमे आप खुद के जूनून को पहचान सकोगे और उसे अपनी जिंदगी में उतार पाओगे। चलिए जानते है की कैसे हम boring work को भी interesting work में बदल सकते है.

आकर्षण का नियम और अपनी खूबी को पहचाने:

अपने काम में आप कब और क्या करना चाहते है के हिसाब से करे और आकर्षण का नियम आपको ढेरो ऐसे अवसर देगा जब आप अपने पैशन को तलाश लेंगे। आप वही पाते है जो आप अपने विचारो द्वारा ब्रह्मांड में छोड़ते है।

किसी भी काम को करने से पहले उसे 3 स्टेप्स में समझ लो आपको पता चल जायेगा की आप इस काम में परफेक्ट है या नहीं या फिर कही यही आपका interesting work यानि मनपसंदीदा काम तो नहीं ! जिंदगी में कामयाब होने के लिए और अपना पैशन पहचानने के लिए इन 3 स्टेप को फॉलो करे कामयाबी जरूर मिलेगी।

interesting work ( पैशन ) की तलाश करना बंद कर दे

जबरदस्ती खुद के पसंद के काम की तलाश करना आपकी नाकामयाबी का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। इसके बजाय अगर आप इस बात पर बहुत ज्यादा जोर देकर सोचना छोड़ दे तो प्रकृति खुद ब खुद अपने आप आपको अपने पैशन से मिला देगी कैसे आइये जाने अगले स्टेप से।

अपनी खूबी को पहचाने और स्पंदन को मजबूत करे

अगर आप अपनी पसंद के काम को बार बार दोहराते है तो आप खुद के पैशन को पहचानने के सबसे करीब होंगे। Law of attraction के नियम अनुसार जब आप किसी चीज के प्रति बार बार attract होने लगते है तो वो प्राकृतिक रूप से आपको हासिल होने लगती है।

आप अपनी जिंदगी में क्या पाते है ये आपकी इच्छा और ऊर्जा के ऊपर निर्भर करता है। ज्यादा जानकारी के लिए आकर्षण का नियम पढ़े।

जिस interesting work यानि काम को करने में आपको सबसे ज्यादा मजा आता है वही आपका पैशन बन सकता है। क्यों की यही वो काम है जिसमे आपकी सबसे ज्यादा ऊर्जा का स्पंदन होता है, आपका उत्साह झलकता है और आप अपने काम को बहुत ही आराम से पूरा भी कर पाते है।

जल्दी ही आपको अपने ऊर्जा स्पंदन को बढ़ाने का तरीका शेयर करूँगा ताकि आप आसानी से अपनी खूबी को पहचाने और अपने वर्क के प्रति आकर्षण को बढ़ा सकते है।

आप क्या करना चाहते है और कब ?

ये एक महत्वपूर्ण चरण है जिसमे आपको अपनी खूबी को पहचानने के लिए अपने रूटीन को तोडना पड़ता है। क्या आप वाकई एक काम को सिर्फ एक ही वक़्त में करने में सहज महसूस करते है।

जैसे की कुछ लोग दिन में काम करना पसंद करते तो कुछ रात में। यही नहीं सभी की पसंद अलग होती की वो किस माहौल में काम करता है।

इसके लिए आप अलग अलग वक़्त और माहौल में काम करके देखे क्यों की कई बार ऐसा होता है की हम अपनी पसंद का काम तो करते है पर समय सही होता है या फिर माहौल वो नहीं होता है जो हम चाहते है। इसलिए आज ही अपनी खूबी को पहचाने और काम को और बेहतर करे। from boring to interesting work में ये एक महत्वपूर्ण स्टेप्स हो सकता है.

interesting work के लिए तकनीको में लाये बदलाव

आप अपने दिन के कामो को बाँट भी सकते है और उन्हें उस वक़्त कर सकते है जब आप करना पसंद करते है। जैसे की आपको कोई काम शाम के वक़्त करना पसंद है और आप से सुबह ही कर लेते है ऐसे में आप उतने उत्साह से नहीं कर पाते है जितना उत्साह झलकना चाहिए।

जब आपके काम में उत्साह और फन झलकने लगता है तभी काम करने का मजा आता है। उन्हें करने से चूकिए मत।

अगर आप भी इन 3 स्टेप्स को फॉलो करते है तो आप आसानी से अपने बोरिंग काम को भी अपने interesting work यानि पैसन में बदल सकते है।

आप काम को करने में ज्यादा उत्साह और मजे का अनुभव करेंगे। हो सकता है आगे चलकर आपको अपने मनपसंद माहौल और वक़्त पर काम करने का मौका भी मिल जाए।

आपका पैशन आप तक कई तरीको से पहुँचता है और इसे तय करता है हमारा ब्रह्मांड। ये सब असल में आकर्षण के नियम का ही एक रूप है।

बचिए इन चीजो से

अपने पसंद के पैशन को पाने के लिए हमें अपने सपनो के जॉब को निर्धारित न करे। कभी भी ये तय न करे की आपका पसंदीदा जॉब, काम इस तरह का होना चाहिए। अपने दिमाग से इन बातो को निकाल कर वो करिये जो आप करना चाहते है और उस वक़्त पर करिये जब आपको सुविधाजनक लगे।

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interesting work – अंतिम शब्द :

दोस्तों कई बार ऐसा होता है जब हम अपने पसंद का काम तो करते है पर आसपास का माहौल और वक़्त या अन्य किसी वजह से काम के प्रति उत्साह नहीं दिखा पाते है।

इसलिए एक ही काम को अलग अलग मापदंडो पर कर के देखे आपको फर्क महसूस होने लगेगा और आप interesting work को बेहतर और उत्साह के साथ कर पाएंगे।

आज को पोस्ट में आपने ये तो जान ही लिया होगा की आपका पैसन आप निर्धारित नहीं कर सकते है। ये आपके अंदर की ही खूबी है के आप किस काम को कैसे बेहतर तरीके से कर सकते है। आज की पोस्ट अपनी खूबी को पहचाने कैसी लगी हमें जरूर बताये। और हां हमें सब्सक्राइब करना ना भूले।