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Wednesday, May 27, 2026
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अवचेतन मन का प्रयोग कर कैसे हम अपनी हाइट को बढ़ा सकते है – महत्वपूर्ण कदम जिनसे सफलता मिलेगी

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क्या अवचेतन मन के द्वारा हाइट बढाई जा सकती है ? हम सभी पढ़ते आये है की हमारा अवचेतन मन कुछ भी कर सकता है. लेकिन क्या ऐसा संभव है की height growth with subconscious mind को भी संभव बनाया जा सके.

बाजार में बिकने वाले इतने सारे प्रोडक्ट जो ये दावा करते है की इससे आपकी हाइट बढ़ जाएगी या आप वजन को घटा बढ़ा सकते है लेकिन होता क्या है. क्या वाकई दवा में ही सबकुछ होता है आपको अलग से कुछ भी मेहनत नहीं करनी पड़ती.

आज की पोस्ट में हम बात करेंगे अवचेतन मन का प्रयोग कर हम कैसे खुद की हाइट और वजन में फर्क ला सकते है. इसके पीछे खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने को लेकर काफी सारी बाते है.

height badhane ke exercise और height badhane ke liye medicine इन सबसे हमें क्या फायदा होता है आइये जानते है.

height growth with subconscious mind

हर टीवी चैनल में height growth का advertise आता ही रहता है लेकिन इन सब दवा को लेने के बाद भी कई बार हमें मन के मुताबिक नतीजे नहीं मिलते है.

आइये आज जानते है की अवचेतन मन जिसके जरिये हम कुछ भी बदलाव ला सकते है का प्रयोग कद को बढाने में कैसे करे. उम्र के हर पड़ाव में हम अपने कद को बढ़ा सकते है ये दावा कितना सही है और कितना झूठ इन बातो पर आज कुछ जानकारिया ली गई है जिन्हें यहाँ शेयर किया गया है.

अगर आप अपनी हाइट को लेकर चितित रहते है तो एक बार इन टिप्स को जरुर follow करे.

height growth with subconscious mind

अवचेतन मन के जरिये किसी व्यक्ति की हाइट में बढ़ोतरी करना कैसे संभव है ? इससे भी बड़ा सवाल ये है की ये संभव है भी या नहीं.

इस बारे में कोई practical experience तो नहीं है लेकिन जिस तरह से हम खुद को एक डाइट में बांध कर weight gain & loss कर सकते है, सोच बदल कर negativity to positive में convert कर सकते है तो ये संभव हो सकता है की height को भी बढाया जा सके.

इसके पीछे theory है जिसके अनुसार अगर हम subconscious mind ya lineal gland को active करे और इसके जरिये GH Hormone की मात्रा को कण्ट्रोल करे तो संभव है की उम्र के एक निश्चित दौर तक हम अपने कद में बढ़ोतरी कर सके.

आजकल जो भी TV advertisement हमें देखने को मिल रहे है सभी इस theory का ही इस्तेमाल कर रहे है.

scientist इसे सही मानते है लेकिन सिर्फ दवा के जरिए हम height growth नहीं कर सकते है. कई सारी ऐसी बाते है जिनका आपको ध्यान रखना होता है. इन steps से पहले ये जानने की कोशिश करते है की आखिर इसमें subconscious mind का role क्या है ?

हमारा subconscious mind हमारे belief को reality में बदल सकता है.

हमारा अवचेतन मन एक ऐसे pen drive की तरह है जो हर जानकारी को हर information को store करता है. लेकिन इसकी information क्या है ? इसकी information हमारे daily के विचार नहीं है बल्कि हमारे belief है जो हम खुद के लिए दुसरो के लिए बनाते है.

हम उन belief को हमारे subconscious mind में तब तक भेजते है जब तक वो हमारे thought को affect करना शुरू न कर दे. negative से positive बनने में इन्ही belief का योगदान होता है. लेकिन ये इतना आसान नहीं है. हमारा अवचेतन मन एक छोटे बच्चे की तरह माना जाता है. इसकी दो वजह है.

  1. ये किसी भी विचार को accept कर लेता है बगैर किसी तर्क के. ( यानि हमारे belief )
  2. इसे ये भरोसा दिलाना की हम जो कर रहे है वो सही है इसके लिए लम्बे समय का अभ्यास चाहिए लेकिन, एक बार हम इसमें कामयाब हो जाए तो सबकुछ आसान हो जाता है.

यही वजह है की अगर आप खुद के अन्दर किसी तरह का बदलाव लाना चाहते है तो आपको सबसे पहले अपने अवचेतन मन को विश्वास में लाना होगा जिसे हम subconscious mind programming भी कहते है.

step bye step guide to height growth with subconscious mind

अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग एक ऐसी क्रिया है जिसमे हम अवचेतन मन को निर्देशन द्वारा सही दिशा देते है. इसके लिए कुछ गाइड आपको बनने पड़ते है जो उस बदलाव से रिलेटेड होते है जो आप खुद में चाहते है.

किसी आदत को बदलना है या फिर खुद को किसी स्थिति के लिए तैयार करना है इन सबके लिए आपको सबसे पहले बदलाव से जुडी आवश्यक जानकारिया पता करनी होती है. खुद के अन्दर height growth with subconscious mind को लेकर करने वाले बदलाव को आप यहाँ निचे समझ सकते है.

learn to meditate

किसी भी स्थिति में ध्यान यानि मैडिटेशन एक बेहद जरुरी क्रिया माना जाता है. अगर आपको किसी परिस्थिति के लिए खुद को तैयार करना है तो आपको पता होना चाहिए सबसे पहले आपको खुद को शांत करना होगा.

इसके लिए ध्यान आपकी सहायता कर सका है. ध्यान द्वारा हम मन को शांत रख पाते है जिसकी वजह से सबसे पहला फायदा हमें किसी भी आइडियाज को समझने में मिलता है.

जब हम किसी विचार को सही ढंग से समझ लेते है तब खुद को उसके लिए तैयार करना हमारे लिए आसान बन जाता है.

सिर्फ इतना ही नहीं ध्यान हमें अनुशाषित बनने में भी मदद करता है. इसकी वजह से हम खुद को उस विचार के लायक बना पाते है. इससे पहले भी हम 21-21 दिन में कैसे बनाए एक नयी आदत के बारे में जानकारी शेयर कर चुके है.

कद बढाने के लिए ध्यान पहला जरिया है जिसके जरिये हम शरीर और मन के बिच सही तालमेल बनाते है और जरुरी बदलाव के लिए खुद को तैयार करते है.

Read : खुद को बदलने के लिए 21 दिन में किसी भी आदत को अपना बनाने के लिए सबसे आसान तरीका

keep a dream journal

हमारे मन में हर पल नए नए विचार बनते रहते है. इन सभी विचारो में हम अपने लिए जरुरी और आवश्यक विचारो पर फोकस नहीं रह पाते है. सफलता प्राप्त करने के लिए सिर्फ एक दिन सोचना काफी नहीं है.

इसके लिए आपको हर रोज एक ही सपने को बार बार देखना पड़ेगा और उसे खुद पर अप्लाई करने के लिए मेहनत करनी होगी. और आपको आपका टारगेट हर रोज याद रहे इसके लिए जरुरी है की एक dream journal बनाया जाए. इसके जरिये हम खुद को हर रोज याद दिला सकते है की हमें क्या करना है.

जब आप ऐसा करते है तो पहला स्टेप और दूसरा स्टेप आपस में मिल कर आपके conscious को एक जगह फोकस करने लगता है.

dream journal एक तरह से सपनो की चाबी है जिसमे हम अपने लिए महत्वपूर्ण स्टेप का चुनाव करते है और उन्हें लाइफ में अप्लाई करते है. हर रोज सुबह उठते ही अपने सपने को याद करना और ध्यान को अपनाना आपको इसके और करीब लाता है.

इसकी वजह से हमारे subconscious mind में धीरे धीरे ये बात बैठने लगती है की उसे क्या करना है. जब ऐसा होने लगेगा तब वो शरीर में वो आवश्यक बदलाव लाना शुरू कर देता है जो हमें चाहिए.

Reflect yourself in every morning

खुद को हर रोज चेक करना और नए मापदंड के लायक बनाना भी एक महत्वपूर्ण स्टेप्स है. इसे हम मोटिवेशन के लिए उठाया गया कदम भी समझ सकते है. इसके लिए आपको करना सिर्फ इतना है की हर रोज सुबह उठने के बाद खुद को चेक करे की जो आप खुद के लिए कर रहे है उसकी वजह से आपके अन्दर क्या बदलाव आ रहा है ?

अगर आप हर रोज खुद को height growth with subconscious mind के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना चाहते है तो सबसे आसान तरीका है रोज खुद का आकलन.

एक छोटा सा उदाहरण : हम जब Gym जाना शुरू करते है तो हर रोज अपनी बॉडी को चेक भी करना शुरू कर देते है.

क्यों ?

क्यों की ऐसा करने से हमें मोटिवेशन मिलता है, हम खुद के अन्दर जब सकारात्मक बदलाव देखते है तो हमें इससे positive होने का अहसास मिलता है.

यही वजह है की हमें ऐसा करना अच्छा लगता है. साथ ही हमारा अवचेतन इसे मानने लगता है जिसकी वजह से हम मानसिक रूप से भी वही बन जाते है जैसे शारीरिक रूप से है.

use visualization to achieve goals

visualization दो तरह से होता है. एक वो जो हम हर रोज करते है लेकिन उसे अप्लाई नहीं करते है.  इसे आम भाषा में ख्याली पुलाव कहते है. यहाँ पर visualization का मतलब है टारगेट को पूरा कैसे किया जाए इस बारे में अलग अलग planning को सोचना.

किसी भी काम को पूरा करने से पहले planning & visualization करना उसे पूरा करने में हेल्प करता है.

जब हम मन में किसी काम को पूरा करने के लिए कल्पना करते है तो एक ही काम को पूरा करने के लिए 10 तरीके आपको मिलने लगते है. इन्हें आप daily life में अपना कर खुद को टारगेट के प्रति ज्यादा से ज्यादा फोकस रख सकते है.

अब बात करते है की visualization हमें height growth with subconscious mind में कैसे help कर सकता है.

किसी भी कार्य के लिए हमारा positive बने रहना बेहद जरुरी है. क्यों की काम भले ही न बने लेकिन आपका positive बने रहना आपके subconscious mind को ये निर्देश देता है की आपने अभी हार नहीं मानी है और आपको अभी भी खुद पर विश्वास है. जब ऐसा होता है तब एक स्थिति आती है जिसमे अवचेतन मन खुद हमारे लिए रास्ते बनाना शुरू कर देता है.

Daily exercise that help to height growth with subconscious mind

किसी भी स्थिति या बदलाव  के लिए जब हम खुद को मानसिक स्तर पर ready कर लेते है तब बारी आती है खुद को शारीरिक रूप से इसके लिए तैयार करने की. नियमित व्यायाम न सिर्फ हमें फिट रखता है बल्कि उन हार्मोन को भी रिलीज़ करना शुरू कर देता है जिसके जरिये बदलाव संभव होता है.

height exercise

उदहारण के लिए ऐसे व्यायाम जिनसे हमारे पीनियल ग्लैंड पर असर पड़ता है करने से हाइट बढ़ने लगती है. खेलकूद और व्यायाम आपको इसमें पूरा हेल्प करता है.

मेरा मानना है की हाइट बढ़ाना अगर आपका पहला उदेश्य है तो आपको 14-15 साल की उम्र से ही बास्केट बॉल खेलनी शुरू कर देनी चाहिए.

ये एक ऐसा खेल है जिसमे आपकी हाइट बढ़ना शुरू हो जाती है. क्यों की खेलकूद में हम पूरी बॉडी में न सिर्फ खून के प्रवाह को बढाते है बल्कि आवश्यक हार्मोन भी रिलीज़ होने लगते है.

इसके अलावा योगा इसमें हेल्प कर सकता है जैसे की ताड़ासन का अभ्यास.

Control your sexual energy

हमें हमेशा एक बात कही जाती है “भावनाओ और वेग दोनों पर नियंत्रण रखना बेहद जरुरी है” हमारी सबसे बड़ी उर्जा का स्त्रोत है काम और हमारी भावनाए. यही वजह रहती है की शादी से पहले हमें ब्रह्मचर्य का पालन करना सिखाया जाता है ताकि हम अपनी उर्जा को सही दिशा दे सके.

हमारी उर्जा हमें सकारात्मकऔर नकारात्मक बनाती है. अगर आपके अन्दर उर्जा का भंडार है और आप उसे सही दिशा में ले जाने के काबिल है तो यकीनन ऐसा कोई बदलाव नहीं है जो आप खुद में ला नहीं सकते.

किसी भी कार्य में सफलता के लिए आपका सकारात्मक और उर्जा से भरपूर रहना बेहद जरुरी है. किसी भी बदलाव को सफलतापूर्वक खुद में लाने के लिए आपको उसके स्तर पर ही उर्जा चाहिए और वो सिर्फ आपको अपनी भावनाओ और काम पर नियंत्रण से ही मिलेगी.

काम पर नियंत्रण बनाना सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है और जो व्यक्ति काम भावना को सफलतापूर्वक सही दिशा में ले जा सकता है  उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है. अब बात करते है की sexual energy & height growth with subconscious mind का आपस में क्या connection है.

हम किसी भी अंग को भावना और उर्जा के प्रवाह के द्वारा active & reactive कर सकते है.

न्यास ध्यान की पोस्ट में हम इस बारे में पढ़ चुके है और जब उर्जा के वेग को एक जगह trigger करके वहा पर प्रभाव डाल सकते है तो क्या भावना और उर्जा के जरिये मस्तिष्क के पीनियल ग्लैंड को जाग्रत नहीं किया जा सकता है.

It’s all about change your belief and mentality

हमारा शरीर बदलाव तथा मस्तिष्क और बेहतर होने के लिए बना है. ध्यान द्वारा हम इसे संभव बना सकते है. सबकुछ निर्भर करता है की हमारी सोच और भावनाए कैसी है. कुछ भी ऐसा नहीं है जिसे संभव ना बनाया जा सके. अगर आप इस बात को मानते है की

Dream comes true when we apply Law of attraction in our dreams

तो कुछ भी आपके लिए नामुमकिन नहीं है. आप हर कार्य को संभव कर सकते है. जो भी आप सोचे और पाने की ठान ले तो उसे ऊपर बताये गए टिप्स के साथ पूरा करने की कोशिश करे आप इसमें 100% कामयाब ही होंगे ऐसा मेरा खुद का विश्वास है.

हमारी मानसिकता कैसी है ये सफलता पाने में महत्वपूर्ण रोले निभाती है.

अगर आप किसी कार्य में सफलता हासिल करना चाहते है तो आपको सबसे पहले खुद को लेकर मानसिकता बदलनी पड़ेगी.

अगर आपके मन में खुद को लेकर हीन भावना है या किसी तरह की कमी को लेकर negative thoughts बने हुए है तो सबसे पहले उसे बदले क्यों की, जब तक आप ऐसा नहीं करेंगे आप चाहे लाख कोशिश कर लो कही न कही खुद को कमजोर पाओगे.

हर रोज height growth with subconscious mind को लेकर अपनी मानसिकता को सकारात्मक बनाना और ऊपर बताये गए टिप्स को अपनाना आपको इसमें सफलता दिला सकता है.

height growth with subconscious mind – final word

हम खुद में वो सभी बदलाव कर सकते है जो हम करना चाहते है. इसके लिए आपको सबसे पहले खुद की मानसिकता का सीमा को समझना होगा उसे तोडना होगा और खुद को इस लिए तैयार करना होगा.

जिस वक़्त हमें ये समझ आ जाता है की हम और बेहतर होने के लिए बने है हम खुद को वैसा ही बना लेते है जैसा हम चाहते है.

अगर आप भी खुद पर height growth with subconscious mind जैसा experiment करना चाहते है तो tips को follow करे और सफलता हासिल करे.

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भारत के ऐसे मंदिर जिनमे पुरुषो के प्रवेश पर है रोक जानिए कुछ नारी सबरीमाला मंदिरों के बारे में

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अभी हाल ही में एक मंदिर का केस काफी सुर्खियों में रहा जिसमे औरतो को अयप्पा के मंदिर में प्रवेश पर अनुमति नहीं थी और औरते इसका विरोध कर रही थी. भारत जैसे देश में हर जगह जहाँ लोगो की अपनी मान्यताए है वही पर मंदिरों में प्रवेश को लेकर कानून भी है.

आपने ये तो जान लिया की सबरीमाला में औरते नहीं जा सकती है लेकिन क्या आपने ऐसे मंदिरों के बारे में सुना है जहा पुरुष नहीं जा सकते है और इन मंदिर में सिर्फ औरतो को ही प्रवेश की अनुमति है.

औरतो को सबरीमाला में प्रवेश इसलिए नहीं मिल रहा था क्यों की आशंका थी की इसमें वो औरते भी शामिल हो सकती है जो रजस्वल्ला है. मंदिर की मर्यादा के चलते इस कदम को उठाया गया लेकिन इसका विरोध भी बहुत हुआ खैर आइये जानते है भारत के खास मंदिर और उनके बारे में.

मंदिर जहाँ पुरुष नहीं जा सकते है

ऐसे कई मंदिर है जहाँ पर पुरुष खासकर शादीशुदा व्यक्ति नहीं जा सकते है. ऐसा क्यों है ये आज हम आपके साथ शेयर करने जा रहे है.

भारत भर से ऐसे कई मंदिर है जहाँ पर अलग अलग मान्यता के अनुसार स्त्री और पुरुष के प्रवेश को लेकर नियम बनाए गए है. ऐसा मंदिर और उस मंदिर में स्थिर देवी या देवता की मर्यादा की वजह से होता है.

ऐसे खास मंदिर जहाँ पुरुष नहीं जा सकते है

भारत भर में कई ऐसे मंदिर है जो अपने अनोखे पहचान की वजह से जाने जाते है. उनमे से कुछ ऐसे भी है जहाँ पर सिर्फ पुरुष जा सके है, कुछ में सिर्फ स्त्रिया तो कुछ मंदिर सिर्फ साल में कुछ दिनों के लिए खुलते है.

इसके अलावा कई ऐसे दिव्य मंदिर भी है जहाँ पुराने समय से खजाने पड़े है और अभी तक उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका है.

अगर आप भी ऐसे ही मंदिरों की जानकारी लेने में रूचि रखते है तो इस पोस्ट को पूरा जरुर पढ़े. क्यों की आज हम शेयर करने जा रहे है भारत के ऐसे मंदिर जहाँ पुरुष नहीं जा सकते है के खास मंदिर के बारे में जानकारी जो आपके लिए बेहद काम की है.

ब्रह्मा मंदिर ( पुष्कर राजस्थान )

अजमेर से 15 किलोमीटर दूर यह मंदिर 14 वी शताब्दी का है. यहाँ गर्भगृह में शादीशुदा पुरुषो का आना मना है.

ऐसी मान्यता मानी जाती है की देवी सरस्वती के श्राप के कारण ऐसा होता हो रहा है. इसके पीछे एक पौराणिक कहानी भी है जिसके अनुसार ब्रह्मा ने अपनी पत्नी देवी सरस्वती के साथ पुष्कर झील पर एक यज्ञ का आयोजन करवाया था.

देवी सरस्वती इसमें समय पर शामिल नहीं हो पाई जिसकी वजह है से भगवान ब्रह्मा जी ने देवी गायत्री से विवाह कर लिया और यज्ञ के सभी अनुष्ठान पूर्ण कर लिए.

जब देवी सरस्वती को इसका पता चला तो वो बहुत नाराज हुई और श्राप दिया की जो भी शादीशुदा व्यक्ति इस मंदिर में देव ब्रह्मा का दर्शन करने जायेगा उसके वैवाहिक जीवन में समस्या आना शुरू हो जाएगी. इसी एक मान्यता की वजह से वहां पर गर्भगृह में विवाहित पुरुषो का जाना निषेध है.

ये उन मंदिरों में खास है जहाँ पर पुरुष नहीं जा सकते है और ये मंदिर भारत में शायद बहुत कम जगहों पर ही है.

अट्टूकल भगवती मंदिर ( तिरुवंतपुरम, केरल )

इस मंदिर की मुख्य देवी कन्न्की ( पार्वती ) है जो “अट्टकल अम्मा” के नाम से जानी जाती है. यह मशहूर पद्मनाभ स्वामी मंदिर से महज 2 किलोमीटर की दुरी पर है.

इस मंदिर की सबसे खास बात ये है की यहाँ पर हर साल “अट्टूकल पोंगला फेस्टिवल” होता है जिसमे लगभग 30 लाख महिलाए शामिल होती है.

इसी एक खास बात की वजह से इस मंदिर का नाम Guinness Book of World Records में दर्ज है. अट्टूकल पोंगला फेस्टिवल हर साल जनवरी फरवरी में 10 दिन के लिए चलता है.

इस दौरान महिलाए देवी कन्नकी को खुश करने के लिए खुले में छोटे छोटे बर्तनों में पोंगल बना कर उन्हें भोग लगाती है.

पोंगल नाम का ये भोग चावल, गुड़, घी, नारियल, और दूसरी चीजो को मिलाकर तैयार किया जाता है. इसके अलावा देवी कन्नकी को चूड़ियाँ चढ़ाई जाती है. इस धार्मिक अनुष्ठान में पुरुषो का आना मना है और यही वजह है की इसे “नारी सबरीमाला” के नाम से भी जाना जाता है.

चक्कूलातुकावु मंदिर ( अलापुझा, केरल )

केरल के अलापुझा जिले में बना यह मंदिर देवी भगवती को समर्पित है. इसके दोनों ओर पंबा और मनिमाला नदी बहती है.

इस मंदिर में भी हर साल “पोंगल फेस्टिवल” मनाया जाता है. जिसमे हजारो महिला श्रद्धालु हिस्सा लेती है. प्रसाद के तौर पर यहाँ “पोंगल नेवैधम” बनाया जाता है. इसमें भी पुरुषो का आना मना है.

इस मंदिर में धनु के नाम से एक धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है जिसमे 10 दिन के लिए महिलाए व्रत रखती है. दिसंबर के पहले शुक्रवार को जिसे “धनु” कहते है, मंदिर का पुजारी महिलाओं के पैर धोता है.

पुजारी को छोड़कर बाहरी पुरुषो का आना मना है. इस अनुष्ठान को नारी पूजा भी कहते है. इस मंदिर में भी पुरुष नहीं जा सकते है क्यों की वहां पर देवी के अनुष्ठान में पुरुषो की उपस्थिति निषेध है.

देवी कन्याकुमारी मंदिर ( तमिलनाडु )

देवी भगवती के किशोरी रूप को समर्पित यह मंदिर देश के दक्षिणतम छोर पर है.

यह मंदिर शक्तिपीठ में से एक है. इस मंदिर को लेकर एक मान्यता है जिसके अनुसार कन्या रूप में माँ भगवती ने भगवान् शिव को पति स्वरूप में पाने के लिए महासागर के बीचोबीच एक अलग थलग क्षेत्र में बहुत कठिन तप किया था.

देवी भगवती के इस स्वरूप को सन्यास की देवी के नाम से भी जाना जाता है. पूरण के अनुसार माता सती की स्पाईन यानि पीठ इसी जगह पर गिरी थी. इस मंदिर के द्वार तक सिर्फ सन्यासी पुरुषो को ही जाने की अनुमति है. शादीशुदा पुरुषो को मंदिर के परिसर में जाने की अनुमति नहीं है.

त्रयम्बकेश्वर मंदिर ( नासिक, महाराष्ट्र )

अप्रैल 2016 तक इस मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं का प्रवेश वर्जित था और पुरुषो को ही शिवलिंग के दर्शन संभव थे. लेकिन मुंबई हाईकोर्ट के फैसले के बाद इसमें पुरुषो के प्रवेश को भी वर्जित कर दिया गया. जिससे की परम्परा भी न टूटे और समस्या का समाधान भी हो जाए.

कामरूप कामाख्या देवी मंदिर ( असम )

यह 51 शक्तिपीठ में से एक है. पुराणो के अनुसार भगवान् विष्णु ने महादेव को शांत करने के लिए देवी सती के शरीर के टुकड़े कर दिए थे. जहाँ जहाँ माता सती के शरीर के टुकड़े गिरे वहां पर शक्तिपिठो की स्थापना हुई. इन पीठो में कामाख्या शक्तिपीठ सबसे खास माना जाता है.

यहाँ पर माता सती का गर्भ और योनी गिरे थे. यह मंदिर आषाढ़ ( जून ) के महीने में 3 दिन के लिए बंद रहता है. माना जाता है की इस दौरान माता को पीरियड आते है.

इस समयकाल में मंदिर में सिर्फ महिला श्रद्धालु को जाने की इजाजत होती है. इस दौरान मंदिर का जिम्मा महिला पुजारी या सन्यासिन उठाती है. यह भी मान्यता है की देवी के राज में डूबा कपडा बेहद पवित्र माना जाता है और इसे श्रद्धालु के बिच में बांटते है. यह भी देखने में आता है की इस दौरान ब्रह्मपुत्र नदी का पानी भी लाल हो जाता है.

माता मंदिर ( मुज्जफरपुर बिहार )

इसी तरह का एक मंदिर बिहार में है. वैसे तो यह मंदिर साल भर श्रधालुओ के लिए खुला रहता है लेकिन माता के पीरियड के समयकाल के दौरान मंदिर में पुरुषो की एंट्री रोक ली जाती है. यहाँ तक की मंदिर के पुजारी को भी गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं होती है.

माँ कामाख्या मंदिर की तरह यहाँ भी रज से भीगा कपड़ा प्रसाद के तौर पर भक्तो में बांटा जाता है.

Read : एक ही गले से दो आवाज निकलना क्या वाकई ये किसी आत्मा का काम है या कुछ और क्या है सच ?

भारत के ऐसे मंदिर जहाँ पुरुष नहीं जा सकते है – मेरे अपने विचार

भारत अपनी अनूठी संस्कृति की वजह से पुरे विश्व में प्रसिद्द है और इसके साथ ही यहाँ सभी धर्म अपनी अपनी मान्यताओ को प्राथमिकता भी देते है.

अभी पिछले कुछ समय जो सबरीमाला का केस सामने आया है उसे लेकर आप क्या सोचते है हमें जरुर बताए क्यों की बिना किसी कारण के महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति न दे पाना तो हो नहीं सकता है और मंदिर की पवित्रता को लेकर ऐसे कदम उठाना मेरे ख्याल से सही भी है और गलत भी.

सही इसलिए है क्यों हर मंदिर की अपनी मर्यादा होती है और गलत इसलिए क्यों की आधुनिक संस्कृति में इस तरह की घटना को निचे नजरिये से नहीं देखना चाहिए.

आज की पोस्ट ऐसे खास मंदिर जहाँ पुरुष नहीं जा सकते है आपको कैसी लगी हमें जरुर बताये साथ ही अगर पोस्ट पसंद आती है तो इसे शेयर करना न भूले.

दुसरो के सामने खुद को बेहतर साबित कैसे करे ताकि सभी आपके दीवाने हो जाए – ध्यान रखे इन नियम और बातो का

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social rules यानि ऐसे सामाजिक नियम जो हम सबको पता होने चाहिए. अक्सर कुछ बाते ऐसी होती है जो हमें कोई बताता नहीं है बल्कि हम अपने आसपास के माहौल से समाज से सीखते है.

इसमें कुछ ऐसे ही rules बनाए जाते है जिनके बारे में हर कोई चर्चा नहीं करता है पर हमें इनके बारे में पता होना चाहिये खासतौर से तब जब हम public place में ज्यादा active रहते है. अगर आप दुसरो के सामने खुद की अच्छी image बनाना चाहते है तो पब्लिक जगह पर दुसरो के साथ इन नियमो का पालन करना न भूले .

social rules we should follow in public place

social rules भी morale की तरह है जिन्हें हमें बचपन से ही सीखना चाहिए. कई बार देखने में आता है की हमें ये चीजे सिखाई नहीं जाती है लेकिन इनके बगैर हम खुद को दुसरे के सामने एक बढ़िया image और reputation बनाने में problem आती है.

दुसरो के साथ अच्छे रिलेशन बनाने और एक attractive personality show करने में आपकी काफी मदद कर सकते है ये महत्वपूर्ण नियम जिनका सार्वजानिक जगहों पर पालन करना चाहिए.

क्रेडिट : Quora

Top social rules we should follow in public place

  • जब भी कोई छोटा बच्चा आपको touch करता है और कुछ पैसो की याचना करता है तो उसे दुत्कारे नहीं ना ही उस जगह से दूर हटने की कोशिश करे. अगर आप दे सकते है तो दे वर्ना मना कर दे.
  • कोई भी product purchase करने से पहले हमें उसकी expiry date देख लेनी चाहिए, अगर आप बाद में इसके लिए shopkeeper से कहते है तो ये एक अच्छा social manner नहीं है.
  • जब भी आपको छींक आती है आपको अपना मुह हाथो से कवर कर लेना चाहिए. किसी और पर छींकना social manner के खिलाफ माना जाता है.
  • हमारे आसपास कई अच्छे लोग है जिनसे हमें हर-पल कुछ न कुछ सीखने को मिलता है इसका मतलब ये नहीं की आप अपने स्वार्थ के लिए उनकी अच्छाई का फायदा उठाए.
  • सिर्फ अच्छा बोलने वाले लोगो से प्रभावित न हो जब तक की ये प्रूफ न हो जाये की वो वास्तव में भी अच्छे है. ( ये वाक्य नेताओ पर फिट बैठता है )
  • हमें बच्चो को Good touch & bad touch के बारे में समय समय पर जागरूक करते रहना चाहिए. ये important social rules में से एक है.
  • जिन parents के यहाँ girl child है उन्हें अपने child को बचपन से जागरूक करना चाहिए खासतौर से “don’t allow any boy to touch you anywhere”
  • जिन parents के यहाँ पर boy child है उन्हें अपने बच्चे को बचपन से संस्कार और जागरूक बनाना चाहिए specially “don’t give a bad touch to a girl”

Basic social rules and morale in Hindi

Before you sleep with her, take her to your home introduce her to you parents, meet her parents go down in your knees and purpose her in front of everyone to marry her. 🙂 be a man

  • हमें पैसो के मामले में एक एक रूपये का ख्याल रखना चाहिए. हजारो रूपये के फ़ोन न होने के बावजूद आप सिर्फ एक रूपये के सहारे भी पब्लिक फ़ोन इस्तेमाल कर सकते है, इसलिए पैसो का महत्व समझे और उन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना सीखे.
  • जब भी बाहर से आप घर में अन्दर आते है तो अपने sleeper & shoes को सही तरह से एक जगह रखे और समय समय पर उन्हें साफ करना पोलिश करना न भूले. इनकी condition आपकी social activity & manner को दर्शाता है.
  • देखने में आता है की रेलवे पर जो दुकाने लगी होती है वहां पर हमें सामान्य से ज्यादा कीमत पर चीजे बेचीं जाती है. रेलवे ने इन दुकानों पर बिकने वाली ज्यादातर कॉमन चीजो की price online share की होती है अतः खरीददारी से पहले उन्हें देखे और shopkeeper को उस रेट पर बेचने के लिए आग्रह करना न भूले.
  • public place में girls की bra strip & boy’s pent zip कई बार गलती से खुली रह जाती है या दुसरो को दिखने लगती है. इन्हें कभी घुरना नहीं चाहिए आपकी ये हरकत उन्हें शर्मिंदा कर सकती है और दुसरो के मन में आपकी इज्जत को down कर सकती है.
  • जितने भी बड़े shopping mall होते है उनमे staircase की facility भी होनी चाहिए. अक्सर देखने में आता है की बड़े बड़े mall में escalator तो होते है लेकिन staircase नहीं.
  • lifts बुजुर्ग और बच्चो के लिए है बड़ो के लिए सीढिया.

social rules for meet publicly

  • जब भी किसी से public place में मिले उन्हें greeting, introduce yourself and say good bye करना न भूले.
  • अपनी बात को दुसरे के सामने politely रखे और सुने.
  • जब भी आप दुसरे लोगो से मिले कोशिश करे की पहल और ख़त्म आप खुद करे. अगर आपके अन्दर शर्म है और आप किसी से बातो में पहल करने हिचक रहे है तो ये bad social rules है आपको इससे बचना चाहिए.

social rules for talking in public place

  • जब आप पब्लिक place में होते है और कोई बोल रहा होता है तब उसकी बातो को politely सुने और eye contact बनाए रखे.
  • जब कोई दूसरा person बोल रहा होता है तो उसकी बातो को काटने की कोशिश न करे ये अच्छा social rules नहीं माना जाता है इसके बजाय आप उनकी बात ख़त्म होने का wait करे.
  • किसी other person की बातो का respond सही तरीके से सही time पर देना सीखे.

social rules – दुसरो की बातो को महत्व देना जरुरी है

  • जब कोई आपको संबोधित करे तो अपने दुसरे कामो को छोड़ कर उसे सुनने की कोशिश करे.
  • उनकी बातो को सुनते हुए उनकी body language, emotion & expression को पकड़ना और समझना सीखे. इससे आप आसानी से उन्हें समझ सकते है.
  • खुद को दुसरो से अलग दिखाने की कोशिश न करे. अगर आप लोगो के बिच है तो उनकी तरह behave करे.

social rules – कुछ भी करने से पहले दुसरो के बारे में भी सोचे

  • दुसरो को बिना उनकी अनुमति / सहमती के touch नहीं करना चाहिए.
  • दुसरो की बातो को काटना नहीं चाहिए.
  • अपनी बारी का wait करना चाहिए.
  • दुसरो से एक सहज दुरी बनाए रखनी चाहिये ताकि आप दुसरो की बातो का सही से respond कर सके.

सोशल rules for cooperate with others

  • जब भी कोई आपको direction & guideline follow करने को कहे तो politely उन्हें cooperate करे.
  • जब भी आपको किसी जगह help की जरुरत हो किसी से भी मदद मांग सकते है. इसमें किसी तरह की हिचक न रखे.
  • किसी की मदद के बदले उसके प्रति apologize जरुर शो करे.
  • नए आईडिया के लिए खुद को हमेशा तैयार रखे.

Read : एक ही गले से दो आवाज निकलना क्या वाकई ये किसी आत्मा का काम है या कुछ और क्या है सच ?

social rules in public place – final thought

दोस्तों हम दिनभर में अनजान लोगो से public place में मिलते है ऐसे में हमें कुछ ऐसे rules follow करना चाहिए जिनके बारे में normally कोई हमें बताता नहीं है लेकिन हमें इनके बारे में पता होना चाहिए क्यों की ये हमारे संस्कारो ( morale ) का ही हिस्सा है जो दुसरो के सामने एक अच्छी image बनाने में help करता है.

कोई ऐसा social rules or morale जो जिसे शेयर मे चूक हो गई है आप हमें बताना न भूले.

लालच बुरी बला है को दर्शाती साल 2018 की बेस्ट मूवी जो सत्य घटनाओं पर आधारित मानी जाती है

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साल 2018 रिलीज़ हुई तुम्बाड मूवी वास्तव में घटी घटनाओ या किस्सों में से लिए गए तथ्यों पर आधारित है. ऐसा माना जाता है की ये एक ऐसे गाँव की कहानी है जो लालच में आकर हस्तर यानि सोने के देवता की पूजा करना शुरू कर देता है जिसकी पूजा नहीं करनी चाहिए थी.

पूर्ति की देवी के बेटे हस्तर ने सोने के लालच में अपने आप को श्रापित कर लिया और कैसे एक गाँव ने इसकी पूजा की और उसका परिणाम बारिश का कहर के रूप में उन्होंने झेला.

आज की पोस्ट tumbad movie story in hindi 2018 से ली गई है. इस पोस्ट में हम बात करेंगे तुम्बाड और हस्तर के श्राप के बारे में.

tumbad movie story

हस्तर अपनी माँ पूर्ति की देवी के सबसे प्रिय पुत्र थे लेकिन उनके लालच की वजह से उनकी पूजा निषेध हो गई.

समय के साथ लालची गाँव वालो ने उनकी पूजा करने के लिए मंदिर बना लिए लेकिन उसकी वजह से पूरा गाँव बारिश के कहर का सामना करने को मजबूर हो गया. महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव से ली गई इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से सत्य घटना और काल्पनिक दोनों ही रूप में मानी जाती है.

इस फिल्म ने लोगो के बिच अपनी काफी अच्छी पहचान बनाई है. उम्मीद है आपको भी पसंद आएगी.

tumbad movie story – तुम्बाड मूवी हिंदी में

ये मूवी मुख्य रूप से 2018 की बेस्ट मूवी में से है. इसकी कहानी Real life story से प्रेरित है.

ये कहानी है हस्तर नाम के एक लालची देवी पुत्र की जो की पूर्ति की देवी की पहली संतान था. पूर्ति की देवी अनाज और सोने की देवी थी और माना जाता है की उन्होंने 16 crore देवी देवता को जन्म दिया जिसमे उन्हें अपनी पहली संतान हस्तर से कुछ ज्यादा ही लगाव था. हस्तर बहुत लालची था.

उसने देवी पूर्ति के सम्पूर्ण सोने पर कब्ज़ा भी कर लिया लेकिन जैसे ही उसने अनाज पर काबू पाना चाहा दुसरे देवी देवताओ ने उस पर वार कर उसे टुकड़ो में बाँट दिया.

इससे पहले की हस्तर मारा जाता देवी पूर्ति ने उसे बचा लिया वो भी इस शर्त पर की आज के बाद इसकी पूजा बिलकुल नहीं होगी.

सदियों तक हस्तर देवी पूर्ति के गर्भ में सोता रहा और युग बीतते चले गए. समय के साथ कुछ लालची गाँव वालो ने सोने के लालच में हस्तर का मंदिर बना डाला. इससे दुसरे देवी देवता उनसे रुष्ट हो गए और बारिश के रूप में अपना कहर बरसाने लगे.

tumbad movie story – गाँव की मुख्य कहानी

तुम्बाड गाँव के सबसे बड़े आदमी के यहाँ एक औरत काम करती थी. उसकी दो संताने थी. वो औरत उस आदमी के यहाँ पर सोने की मुद्रा के लालच में काम करती थी. इस आदमी की हवेली में उसके अलावा उसकी दादी भी थी जिसे हमेशा जंजीरों से बांध कर रखा जाता था.

उसे खाना तभी दिया जाता था जब वो सो रही होती है. सरकार ( गाँव का सबसे अमीर आदमी ) की मौत के बाद उस औरत को वो जगह मिल जाती है जिसमे वो काम करती थी.

उसकी दोनों संताने खजाने के लालच में वहा पर घुमती रहती है. उन्हें ये लगता था की वो बूढी औरत जिसे बांध कर रखा जाता था कई सो सालो से वहां पर थी और उसे हो सकता है खजाने के बारे में भी पता हो.

यही सोच कर वो दोनों उस बूढी दादी के पास जाते है. उस बूढी औरत को सिर्फ एक बात का डर लगता था.

सो जाओ वर्ना हस्तर आ जायेगा.

एक दिन संयोग ऐसा बना की उस औरत के बड़े बेटे को चोट लग जाती है जिसकी वजह से उसे वैध के पास ले जाते समय लड़के की माँ उसे बूढी दादी को खाना खिला देने के लिए कहती है. जब वो लड़का उस दादी के पास जाता है तो वो उसे खजाने की बाते कर लालच देने का प्रयास करती है.

विनायक ( उस लड़के का नाम ) भूल जाता है की उसे क्या कहना होता है और इसका फायदा उठाकर बूढी औरत उसे जंजीर में बांध कर अपने कमरे की तरफ खिंच लेती है.

वो बूढी औरत असल में एक monster थी. जिसे सिर्फ हस्तर के नाम से डर लगता था. काफी मसक्कत के बाद उसे याद आ जाता है की उसे क्या बोलना होता है. इसी दौरान tumbad movie story में एक मोड़ आ जाता है.

बड़े भाई की मौत और विनायक का गाँव छोड़ देना

tumbad movie story में दिखाया जाता है की विनायक के बड़े भाई की मौत हो चुकी होती है जिसकी वजह से विनायक की माँ बेहद उदास होकर वो गाँव छोड़ देने का विचार करती है. तुम्बाड गाँव में हमेशा ज्यादातर टाइम बारिश ही होती थी जिसकी वजह था उस गाँव को लगा श्राप.

विनायक के खानदान में सभी सोने के पीछे पागल थे और लालची थे. विनायक की माँ अपने बेटे की मौत के बाद टूट जाती है और उन्हें समझ आ जाता है जिसकी वजह से वो विनायक को फिर कभी लौट कर तुम्बाड जाने के लिए मना कर देती है. लेकिन विनायक तो लालच में अपनी माँ से भी आगे निकला.

विनायक की माँ की मौत हो जाने के बाद वो एक बार फिर से तुम्बाड गाँव लौट का आता है और देखता है की उस घर में काफी पेड़ पौधे हो जाते है.

उनके बिच में उसे दिखती है वो दादी जो अभी भी जिन्दा थी. विनायक अपनी दादी से उस खजाने के बारे में पूछता है लेकिन शुरू में वो उसे लालची कहते हुए कुछ भी बताने से मना कर देती है. बाद में वो बताती है की उन्हें हस्तर का श्राप लगा है जिसकी वजह से वो अमर है.

अगर विनायक उन्हें अपने हाथो से जला दे तो उसे खजाने का पता मिल जायेगा. विनायक ऐसा ही करता है.

अब शायद उसे खजाने का पता चल जाता है. विनायक वापस अपनी बीवी के पास आता है, दोनों अपने सारे कर्ज उतारते है और धीरे धीरे विनायक तुम्बाड जाकर थोडा थोडा सोना लाने लगता है.

मुनीम और विनायक का तुम्बाड जाना

मुनीम भी विनायक की तरह लालची था जिसके चलते उसने उसे वही रोके रखने का प्रबंध किया और खुद अकेले ही चला गया तुम्बाड खजाने की तलाश में. विनायक को सच पता चल जाता है और वो मुनीम को फंसा देता है. असल में विनायक उस जगह हस्तर की पूजा करता है और उसके जरिये ही मुनीम को मरवा देता है.

tumbad movie story में पहली बार यही पर hastr को दिखाया जाता है.

हस्तर को श्राप था जिसकी वजह से वो अनाज को छू भी नहीं सकता था. विनायक ये बात जानता था जिसकी वजह से वो सबसे पहले पूर्ति की देवी के गर्भ में जाकर आटे का घेरा बनाता था. उसके बाद वो हस्तर को बुलाकर वो गुडिया खिलाता था जिसे हस्तर खा सकता था.

ये एक गिफ्ट था और जब तक हस्तर अनाज को खाता था विनायक उसकी कमर में बंधी पोटली से सोना निकाल लेता था.

हस्तर ने अगर वो आटे की गुड़िया पहले खा ली तो वो अपने सामने वाले व्यक्ति की तरफ आता था और उसे छू कर अमर बना देता था जिसकी वजह से अमर होने के साथ साथ वो इन्सान अजीब बन जाता था.

tumbad movie story के अनुसार सबसे पहले यही उस हवेली में रहने वाली बूढी औरत के साथ हुआ था.

मुनीम को भी हस्तर ने छू लिया था जिसकी वजह से वो भी हमेशा के लिए देवी की कोख में फंस चूका था. हस्तर के श्राप से मुनीम को मुक्त करने के लिए विनायक भागते हुए मुनीम के शरीर को आग लगा देता है ताकि उसे श्राप से मुक्ति मिल जाए.

tumbad movie story विनायक का बूढा होना और उसके बेटे को सब सिखाना

विनायक बाहर निकल कर हस्तर के बाहर निकलने के रास्ते को बंद कर देता है. समय के साथ विनायक बूढा हो जाता है और अब वो अपने बेटे को इसके लिए तैयार करता है.

अपने बेटे को विनायक घर पर ही सभी कार्य विधि समझाता है लेकिन गुफा से निकलने और रस्सी चढ़ने में वो सक्षम नहीं होता है क्यों की एक पैर से वो कमजोर होता है.

विनायक अपने बेटे को आटे की गुड़िया बनाने और उसमे पत्थर रखने के बारे में बताता है ताकि हस्तर को खाना खाने में समय लगे और इतने में वो वहा से निकल सके.

एक दिन विनायक अपने बेटे को तुम्बाड ले जाता है और व् गुडिया वही फेंक देने को बोलता है. वो चाहता है की उसका बेटा शुरू में सिर्फ वो गुफा और देवी की कोख ही देखे और हस्तर से उनकी मुलाकात न हो.

लेकिन उसका बेटा उसे अनदेखा कर वो गुड़िया अपने साथ ले जाता है जिसकी वजह से हस्तर वहां आ जाता है. विनायक किसी तरह उसे गुडिया को वहा से फेंक देता है जिसकी वजह से हस्तर उस गुड़िया को खाने में बिजी हो जाता है. दोनों किसी तरह जान बचा कर वहां से भाग निकलने में कामयाब हो जाते है.

विनायक इस बात को लेकर अपने बेटे को पिटता भी है लेकिन उसका बेटा खुश था की उसने भी हस्तर से सोना चुराने में सफलता हासिल की है. विनायक का बेटा लालच में उससे भी दो कदम आगे था.

तुम्बाड के उस वाडा को जब्त कर लेना

इसी दौरान विनायक को पता चलता है की तुम्बाड का वो वाडा जहाँ से वो सोना ला रहे थे अब भारत सरकार की सम्पति में शामिल कर लिया गया है और कुछ समय बाद ही विनायक अब वहां नहीं जा सकेगा. विनायक अब काफी चिंतित था. विनायक का बेटा उसे सुझाव देता है की

क्यों न वो पोटली ही उठा ले.

विनायक उसकी सलाह मान लेता है और वो काफी सारी आटे की गुड़िया उस गुफा में लेके जाते है. tumbad movie story में बताया जाता है की वहां गुफा में उन्हें एक नहीं बल्कि आटे की गुड़िया के संख्या की मात्रा के अनुपात में ही हस्तर दिखाई देते है. काफी सारे हस्तर को देख कर दोनों हैरान हो जाते है.

अब उनका उस कुए से निकलना नामुमकिन लगने लगा था क्यों की जैसे ही वो आटे की गुड़िया को फेंकते सभी एक साथ उस गुड़िया को कुछ ही पल में खा जाते थे. विनायक समझ चूका था की अब बाहर निकलने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ेगी.

विनायक अपने शरीर पर आटे की गुड़िया लगा लेता है और रस्सी चढ़ने लगता है जितने में की सभी हस्तर उसकी तरफ झपटते है और विनायक के बेटे को बाहर निकलने का समय मिल जाता है. बाहर निकलने के रास्ते पर आटे का घेरा था जिसे पार करते ही सभी हस्तर के प्रतिरूप उसके साथ ही ख़त्म हो रहे थे.

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विनायक को अमर होने का श्राप लगना

tumbad movie story के end में विनायक का बेटा वापस आता है और अपने पिता की ये हालत देख काफी निराश हो जाता है. उसके पिता को भी अब श्राप लग चूका था जिसकी वजह से उसकी हालत अजीब हो चुकी थी और वो भी अमर बन चूका था.

विनायक इस दौरान हस्तर की पोटली चुराने में कामयाब हो चूका था और वो बेटे को बोलता है की ये पोटली रख लो.

विनायक का बेटा अब समझ चूका था की लालच बुरी बला है. लालच की वजह से उसके पिता की आज ये हालत हो चुकी है. वो दुखी मन से अपने पिता को जला कर उन्हें इस श्राप से मुक्त करता है.

tumbad movie story दोस्तों इस साल की ये मूवी अपने आप में एक बढ़िया कहानी है. पूरी कहानी लालच और उसके दुष्परिणाम के आसपास घुमती है जिसमे फंसकर 3 पीढ़ी सबक लेती है.

अगर आपने ये फिल्म देखी है तो हमें जरुर बताये. tumbad movie story की स्टोरी कितनी हकीकत है और कितनी काल्पनिक ये तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन ऐसा मानते है की अलग अलग धारणा और कहानी में एक बात साफ है की ये कहानी लालच और उसके परिणाम पर ही टिकी है. पोस्ट पसंद आने पर शेयर करना ना भूले.

कहानी एक ऐसी रहस्यमयी बस के सफ़र की जिसमे कोई जिन्दा नहीं बचा – चीन के बीजिंग का सच्चा किस्सा

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क्या आपने कभी ऐसी जगह विजिट किया है जहाँ पर आपको paranormal experience  हुआ हो या फिर आपके साथ कोई paranormal activity  घटित हुई हो. हम अपने आसपास के लोगो से कई ऐसे किस्से सुनते है जिन पर विश्वास करना मुश्किल होता है लेकिन हकीकत में ऐसे किस्से या खौफनाक अनुभव हमें इन पर विश्वास करने के लिए मजबूर कर देते है.

पुरे विश्वभर में ऐसी कई घटनाए घटने के दावे किये जाते है जो ये दर्शाते है की आत्माए भी हमारे आसपास घुमती रहती है.

चलिए जानते है चीन के एक रहस्यमयी बस का सफ़र करने का दावा करने वाले लोगो की कहानी को और सोचते है एक बार फिर से की क्या वास्तव में ऐसा होता है.

रहस्यमयी बस का सफ़र

ये घटना कितनी सच है ये तो कोई दावा नहीं कर सकता है लेकिन चीन की इस घटना ने काफी सुर्खिया बटोरी है.

चीन की राजधानी बीजिंग में ऐसी ही एक घटना के बारे में बताया जाता है जिसकी वजह से लोग रात में सफ़र करने से डरते है.

ये घटना दो दशक से भी ज्यादा लोगो के बिच खौफ फैला रही है की रूट नंबर 375 की भूतहा बस करीब 1995 के समय से रात को अचानक गायब हो जाती है. जो भी इस कहानी को सुनता है इस बस में बैठने से भी घबराता है.

रहस्यमयी बस का सफ़र

चीन के बीजिंग में मशहूर रहस्यमयी बस का सफ़र नाम की ये कहानी काफी टाइम से लोगो में इधर से उधर हो रही है. 14 november  की सर्द रात में एक वृद्ध और एक जवान लड़का दोनों बस नंबर 375 का इन्तजार कर रहे थे. दोनों के बिच नार्मल बात चल रही थी.

ठण्ड की वजह से सड़क सुनसान और कोहरे में ढकी हुई थी की ठीक 11 बजे उस रूट की आखरी बस नजर आती है.

बस स्टॉप पर बस रुकते ही दोनों बस में बैठ जाते है. बस पूरी तरह खाली होती है और उसमे ड्राईवर और एक लेडी कंडक्टर के अलावा कोई नहीं होता है.

वो लड़के आगे ड्राईवर के पास वाली सीट पर बैठ जाता है और वृद्ध बिच की सीटो पर, कुछ देर बाद ही बस आगे के स्टॉप पर रूकती है. कुछ देर बाद ही बस अचानक रुक जाती है और कुछ परछाई उस वृद्ध इन्सान को खिड़की की तरफ से बस में आती हुई दिखती है.

बस में रौशनी कम थी इस वजह से उन्होंने उसके चेहरे तो नहीं देख पाए लेकिन उनकी हालत देख कर ऐसा लग रहा था जैसे बिच वाले व्यक्ति ने नशा कर रखा है और दोनों साइड में लोगो ने उसे सहारा दे रखा है.

बस फिर से चल पड़ती है और बस में वही शांति एक बार फिर से छा जाती है.

अचानक वृद्ध करने लगता है अजीब सा बर्ताव

बस चले हुए कुछ ही देर होती है की उस वृद्ध व्यक्ति ने आगे बैठे नौजवान से बहस करना शुरू कर दी. ये वही लड़का था जिसके साथ वो इतने आराम से उस स्टॉप पर खड़ा बात कर रहा था.

अचानक आये इस बदलाव से उसका चौंकना लाजमी था लेकिन वृद्ध व्यक्ति की बातो ने उसे गुस्सा दिला दिया. बात अब हाथापाई पर आ चुकी थी जिसकी वजह से उसने बस में हंगामा करना शुरू कर दिया.

बस ड्राईवर ने परेशान होकर उन दोनों को ही बस से निचे उतार दिया और बस आगे बढ़ा दी.

बस से निचे उतरने के बाद वो वृद्ध अचानक पहले जैसे ही शांत हो जाते है. तभी वो नौजवान उनसे पूछता है की आपने बेवजह मुझसे इतना झगडा क्यों किया? वृद्ध व्यक्ति ने उसका हाथ पकड़ा और बोले

बेटा मेने तुमसे झगडा नहीं किया बल्कि तुम्हारी जान बचाई है.

लड़का हैरान खड़ा कुछ समझ नहीं पाता है की ऐसा वो क्यों बोल रहे थे तब उन वृद्ध ने उसे पूरी कहानी सुनाई और कहा की तुमने जिन 3 लोगो को कुछ देर पहले बस में चढ़ते हुए देखा था उनके पैर ही नहीं थे.

उनका शरीर हवा में तैर रहा था. ये सुनकर लड़का बुरी तरह कांपने लगता है. फिर उस वृद्ध ने उसे रहस्यमयी बस का सफ़र और भूतो से सामना का किस्सा सुनाया.

पुलिस को दी रहस्यमयी बस का सफ़र की सुचना

दोनों ही पास के पुलिस स्टेशन पहुँचते है और सारी कहानी सुनाते है. उनकी बाते सुनकर पुलिस चौकी वाले सभी लोग उन्हें पागल समझने लगते है. दोनों ही चुपचाप अपने अपने घर चले जाते है. अगले दिन की अख़बार में जो उन्होंने छपा हुआ पढ़ा उसने उनके और पुलिस दोनों के होश उड़ा दिए.

जिस कंपनी की बस इस रूट पर चलती थी उसकी ओर से बस-ड्राईवर-कंडक्टर के गायब होने का दावा किया गया था.

पुलिस ने आनन फानन में दोनों के पते तलाश किये और दोनों ने मीडिया को अपनी कहानी शेयर की जिसके बाद पुलिस ने बस की तलाश का काम शुरू किया. अगले ही दिन बस का पता चल जाता है.

घटना से 100 किमी. दूर नदी में गिरी मिली बस

अगले ही दिन बस के एक्सीडेंट की सुचना पुलिस को मिलती है. ये बस वही होती है जिस रहस्यमयी बस का सफ़र उन दोनों नौजवान और वृद्ध व्यक्ति ने किया था और पुलिस को बताया था. बस को पानी से बाहर निकाला जाता है तो खौफनाक दृश्य देखने को मिलता है.

उसमे ड्राईवर और कंडक्टर की लाश मिलती है साथ ही 3 और सदी गली लाशे मिलती है.

चौका देने वाली बात ये थी की महज 48 घंटे में उन तीनो की लाश का इस कदर सड़ गल जाना संभव नहीं था.

वो भी तब जब ड्राईवर और कंडक्टर की लाश सही स्थिति में थी. इससे लोगो में ये धारणा फ़ैल गई की क्या वास्तव में वो तीन शरीर प्रेत आत्माए थी ?

रहस्यमयी बस का सफ़र की कहानी से फैला खौफ

लोगो में दशहत फ़ैलाने के लिए उन 3 सड़ी गली लाशें मिलना काफी नहीं था. जब पुलिस ने उस डीजल टैंक की जाँच की तो पता चला की उसमे डीजल की जगह खून भरा पड़ा है.

ये सब देख कर पुलिस विभाग भी खौफ में आ जाता है और उन्हें उन दोनों की रहस्यमयी बस का सफ़र वाली कहानी सच लगने लगती है.

हैरान करने देने वाली बात ये भी थी की बस अपने आखिरी स्टॉप से करीब 100 किमी. दूर जिंग शान शहर के पास नदी में मिली थी. जब की बस में इतना डीजल नहीं था की वो इतनी दुरी तय कर ले.

रहस्यमयी बस का सफ़र – क्या है इसका सच

इस खबर को पढने के बाद कुछ लोगो का मानना है की वास्तव में भूत प्रेत का अस्तित्व होता है और इस घटना के लिए भी वही जिम्मेदार है. लेकिन कुछ बातो का आपस में तालमेल सही ढंग से नहीं बैठ रहा है. जैसे की आपने गौर किया होगा की पुलिस का कहना था की बस के टैंक में डीजल की जगह खून भरा पड़ा था.

वही दूसरी और एक्सपर्ट का कहना था की बस में इतना डीजल नहीं था की बस इतनी दुरी तय कर सके.

इसके अलावा पुलिस को बस में सड़ी गली और सही कंडीशन में लाशे मिलती है तो सवाल ये उठता है की क्या ये संभव है की वो सड़ी गली लाशे उन्हें बस में ही मिली हो. अगर वो लाशे घटनास्थल के आसपास मिलती तो उनका तालमेल समझ आता है लेकिन इस तरह से नहीं.

अगर आपको कुछ समझ आता है तो कमेंट में जरुर बताए. हमें बताना न भूले की इस घटना को आप किस नजरिये से देखते है और रहस्यमयी बस का सफ़र का ये किस्सा आपको कैसा लगा? ये कहानी दैनिक भास्कर से ली गई है.

सम्मोहन हकीकत में होता है या नहीं को प्रूफ करने वाले टॉप 10 फैक्ट और यूज़

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क्या सम्मोहन वास्तव में काम करता है ? is hypnosis realy works ? आज के युग में is hypnosis really possible या फिर सम्मोहन का वास्तविक प्रयोग क्या है और हम इसे किस फील्ड में सबसे ज्यादा hypnotism के effective result के साथ देख सकते है. कुछ लोगो का मानना होता है की सम्मोहन वास्तव में नहीं होता है.

ये सिर्फ आपकी आँखों का धोखा होता है जबकि हकीकत में हिप्नोटिज्म आँखों का धोखा नहीं आपके subconscious के belief system का ही एक हिस्सा है.

सम्मोहन कैसे किया जाता है ये हम पहले की पोस्ट में पढ़ चुके है. आज की पोस्ट में हम बात करेंगे की वास्तव में सम्मोहन होता है या नहीं ? अगर होता है तो कैसे काम करता है.

is hypnosis really possible

is hypnosis real quora or is hypnosis really possible search eangine में सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला टॉपिक है.

आधुनिक युग में आप सम्मोहन का सबसे ज्यादा प्रयोग मेडिकल फील्ड में देख सकते है.

एक मनोचिकित्स्क का अपने रोगी का भावना-शक्ति द्वारा इलाज करना, डॉक्टर का अपने रोगी को भरोसा दिलाना की जो दवाई उसे दी जा रही है वो खास उसके लिए है यही नहीं एक सेल्समेन भी अपने कस्टमर को वो चीज दे देता है जिसे लेने का इरादा कस्टमर का पहले था ही नहीं.

ये सब सम्मोहन या आकर्षण के कुछ दैनिक लाइफ के उदहारण है.

Is Hypnosis Really Possible ?

सम्मोहन वास्तव में होता है या नहीं इसके लिए आजकल लोग इसे निम्न तरीको से सर्च कर रहे है और जानकारी लेने की कोशिश कर रहे है.

is hypnosis real quora, is hypnosis real youtube, redit, yahoo, science क्यों की नेट पर इनके बारे में बहुत विस्तृत जानकारी में डिटेल मिल रही है.

सम्मोहन की परिभाषा

सम्मोहन की वास्तविक परिभाषा को समझने की कोशिश करे तो हिप्नोटिज्म अपने अंतर के विचारो को भावनशक्ति द्वारा उभारने, एकाग्रता बढ़ाने और किसी एक विचार पर लम्बे समय तक फोकस होना है.

सम्मोहन वास्तव में होता है या नहीं ये प्रूफ करने लिए हम बात करने वाले है ऐसे ही कुछ टॉपिक की जो ये दर्शाते है की आज भी सम्मोहन का प्रयोग इन फील्ड में बहुत बड़े स्केल पर होता है.

is hypnosis really possible Time distress during surgery

सर्जरी के दौरान 99% औरते तनाव से गुजरती है। इस समय सर्जरी के दौरान होने वाले दर्द और मानसिक तनाव को कम करने के लिए डॉक्टर पेशेंट को सकारात्मक भावना देते है ताकि उनके लेबर पैन में कमी ला सके.

भावना-शक्ति द्वारा लेबर पैन को भी सकारात्मक होकर झेलना ये साबित करता है की सम्मोहन वास्तव में होता है।

Read : खोये हुए प्यार और आकर्षण को वापस जगाने के लिए इस्लामिक वजीफा

सर्जरी पैन का एडल्ट पर असर

अगर आपको पता चले की आप पहली बार माँ बनने वाली है तो ये सबसे बड़ी ख़ुशी का पल होता है। लेकिन जब सर्जरी का वक़्त आता है तब ज्यादातर एडल्ट लेडी पेनकिलर लेना शुरू कर देती है.

इन पेनकिलर को लम्बे टाइम तक लेना न सिर्फ माँ बल्कि बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा असर डालती है। इससे बचने के लिए सेल्फ-हिप्नोसिस की प्रोसेस को कारगर तरीके से आजमाया जा सकता है.

इसके लिए आपको हमेशा सकारात्मक बने रहकर आने वाले सुखद पलो की अनुभूति करवाई जाती है जिनकी हेल्प से आपका पहली बार डिलीवरी होने का डर दूर किया जा सकता है.

वजन कम करना

वजन बढ़ना इस दौर की सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। वजन कम करने के लिए आप कई तरह के तरीके आजमाते है यहाँ तक की डॉक्टर, योगा एक्सपर्ट और डाइट का भी पालन करते है तो भी कुछ टाइम बाद आप फिर से वजन कण्ट्रोल नहीं कर पाते है।

इस समस्या से बचने और पैसे बचाने का सबसे बढ़िया और कारगर तरीका है की आप दुसरो की हेल्प लेने की बजाय अपने subconscious mind को unhealthy चीजों को खाने से avoid करने के लिए convine करे ताकि आपके अंदर एक्स्ट्रा खाने की इच्छा ही बने।

ये सबसे कारगर तरीका है जिसकी हेल्प से आप घर बैठे वजन कम कर सकते है। सम्मोहन का ही रूप भावना-शक्ति इसमें काम करता है जिसके बारे में पहले की पोस्ट में बताया जा चूका है। इसे आप यहाँ पढ़ सकते है, भावनाए आपके अवचेतन मन को कैसे प्रभावित करती है।

एग्जाम का डर

स्टूडेंट को सबसे ज्यादा डर बोर्ड के एग्जाम का होता है। वो इसके लिए सब सब्जेक्ट में अच्छी मेहनत करता है लेकिन जब एग्जाम हॉल में एंटर होता है एक अनजाना भय उसे सताने लगता है। एग्जाम कैसा होगा ? कैसे क्वेश्चन आएंगे ? में सही से पेपर कर पाऊंगा भी के नहीं ?

ऐसे ही सवाल जब उसे अंदर तक सताने लगते है तब वो सबसे पहले नर्वस फील करता है और इसका इफ़ेक्ट पेपर पर देखने को मिलता है जब वो उम्मीद से कम कर पाता है और पेपर ख़राब हो जाता है।

hypnosis basics for beginner सम्मोहन से जुड़ी वो जानकारी जिसे आप अभी तक नहीं जानते है

इस स्थिति से बचने के लिए स्टूडेंट को मोटीवेट किया जाता है। उन्हें समझाया जाता है की ये सिर्फ एक एग्जाम है कोई जिंदगी का इम्तिहान नहीं।

ये सब स्टूडेंट में एक पॉजिटिव एनर्जी बनाता है और वो उत्साहित होकर एग्जाम पूरा करता है। ये उत्साह उसमे आया कहाँ से ? ये सब सम्मोहन का ही एक रूप है.

Read : भविष्य में देखने की क्षमता आप भी पा सकते है बस जान लीजिये आपका अवचेतन मन इसमें किस तरह काम करता है

is hypnosis really possible कीमोथेरेपी का डर

कैंसर इस दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी में से एक है जितनी डरावनी कैंसर की बीमारी है उससे भी डरावना इसका इलाज। कीमोथेरेपी में इंसान मानसिक स्तर पर टूट जाता है। कीमोथेरेपी का दर्द झेलने के लिए डॉक्टर पेशेंट का मनोबल भी बढ़ाने का काम करते है।

ये पेशेंट को मानसिक स्तर तक बलवान बनने, सकारात्मक बने रहने की प्रेरणा देता है जिसकी वजह से इंसान कीमोथेरेपी से लड़ कर सुरक्षित बच पाता है। सिर्फ एंटीबायोटिक ही काफी नहीं होती है भावनाओ का प्रवाह भी जरुरी होता है।

fibromyalgia – जोड़ो का असहनीय दर्द

क्या होगा अगर आप जोड़ो के दर्द से परेशान हो रहे हो तो ? ये एक ऐसी कंडीशन है जिसमे पेशेंट हर पल दर्द झेलता है फिर चाहे वो बैठा हो, चल रहा हो या फिर लेटा हुआ हो। इस दर्द से निजात दिलाने के लिए दवा के साथ पेशेंट को सकारात्मक बने रहने की प्रेरणा भी दी जाती है।

बार बार एक भावना को दोहराने से वो अपने दर्द को इग्नोर करने लगते है जिसकी वजह से जल्द ही दर्द से रिकवर कर लेते है।

उच्च रक्तचाप

अगर आप लम्बे टाइम से high blood pressure ki problem से गुजर रहे है जो की ज्यादातर आजकल युवा वर्ग में देखने को मिलती है।

हिप्नोसिस के जरिये हम इस पर भी लम्बे टाइम के लिए काबू पा सकते है। गुस्सा और तनाव आपके खून के दबाव को बढ़ाता है जिसे हम आसानी से सम्मोहन में दी जाने वाली भावनाओ के जरिये काबू कर सकते है।

is hypnosis really possible – relief from inssomnia

क्या आप भी नींद की बीमारी से झूझ रहे है। काम का तनाव और भागदौड़ भरी इस जिंदगी में मानसिक तनाव इतना बढ़ गया है की हम फ्रेश बने रहने के लिए चाय और कॉफी जैसे पेय पीते रहते है जिसकी वजह से बाद में अनिद्रा जैसी नींद ना आने की प्रॉब्लम से परेशान रहने लगते है।

इससे बचने के लिए सोते समय ध्यान और भावनाओ की खास प्रणाली आपको इससे निजात दिला सकती है जो असल में हिप्नोटिज्म में दी जाने वाली भावना का ही एक हिस्सा है।

ट्रॉमा थेरेपी prove hypnosis really possible

कई बार अचानक होने वाले हादसे की वजह से हमारा दिमाग सुन्न हो जाता है। हम समझ भी नहीं पाते है की हकीकत क्या है और कल्पना क्या है।

इस वजह से हम कल्पनाओ में जीने लागते है। अचानक लगने वाले मानसिक धक्के को सिर्फ हिप्नोसिस के जरिये ही रिकवर किया जा सकता है।

light effect in hypnotic disc

भावनाओ के जरिए सबसे पहले दिमाग में छिपे हुए उस घटनाक्रम को बाहर निकाला जाता है जिसकी वजह से पेशेंट की हालत ऐसी बन जाती है।

इस दौरान पेशेंट को हकीकत का अहसास करवाया जाता है जैसा की भूल भुलैया जो हिंदी फिल्म है में आप देख सकते है।

ये भी सम्मोहन के अस्तित्व का जीता जागता प्रमाण है जो आज मेडिकल फील्ड में यूज़ किया जा रहा है।

Read : घर पर किये जाने वाले कुछ आसान मगर खास अभ्यास जो बनाते है साधक को मेस्मेंरिज्म में एक्सपर्ट

Nausea and Hyperemesis सफर के दौरान होने वाली तकलीफ

सफर के दौरान जी घबराना, उलटी आना ये सब हमारे मन में छिपे हुए कुछ ऐसे अवसाद है जिनकी वजह से हम ना चाहते हुए भी ऐसी हरकत करने लगते है। उदहारण के लिए कुछ लोगो को उलटी देख कर उलटी आ जाती है.

कुछ को तो नाम सुन कर ही घिन होने लगती है या फिर जी मचलने लगता है। कुछ लोगो को ट्रेवल के दौरान मितली, थकान बनी रहती है।सम्मोहन के जरिये इंसान के मन में छिपे इस तरह के अवसाद या अहसास को दूर किया जा सकता है।

is hypnosis really possible – conclusion

दोस्तों सम्मोहन में सबसे मुख्य है भावना देने का तरीका, ऊपर is hypnosis really possible को लेकर जितने भी प्रूफ का जिक्र किया गया है सबमे भावना शक्ति मुख्य भूमिका निभाती है। वास्तव में भी suggestion देना यानि किसी को भावना देना एक तरह से सम्मोहन का प्रारम्भिक रूप है। पोस्ट आपको कैसी लागि हमें जरूर बताये साथ ही कमेंट, शेयर करना न भूले। सभी latest update अपने inbox में पाने के लिए subscribe जरूर करे।

credit : top 10 fact prove hypnotism work

क्या हो अगर आपको सुपर पॉवर मिल जाए ? सुपर ह्यूमन बनने के बाद आते है आपकी लाइफ में ये बड़े बदलाव

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क्या कभी आपके मन में आया है की काश मेरे पास यह पावर्स होती तो में ये काम आसानी से कर पाता और दुसरो की मदद कर सकता. हमारे मन में इस तरह के ख्याल आना सामान्य बात है क्यों की हम अभी उस स्थिति में नहीं है. लेकिन क्या वास्तव में हम जब कुछ पा लेते है तो दुसरो की मदद करने जैसे ख्याल ही आते है.

लेकिन वो लोग भूल जाते है की शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी और विस्तार होता है सोच के दायरे में. हम सभी कल्पना करते है शक्तिवान बनने की लेकिन जिम्मेदारिया कोई नहीं लेना चाहता है. क्या कलयुग में भी सतयुग और त्रेतायुग जैसी शक्तिया हासिल करना संभव है ?

शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी

आज हमारे वातावरण में एक अदृश्य कवच बन चूका है जो सात्विक शक्तियों से हमें दूर करता जा रहा है. सिर्फ यही नहीं आज हमारा शरीर और मन भी उन युगों की तरह सबल नहीं है ऐसे में हम कैसे उम्मीद कर सकते है की हमें वो पावर्स मिल जाए जो एक कमजोर शरीर के लिए बंदर के हाथ में उस्तरा थमाने जैसा है.

हमारा शरीर इस काबिल नहीं है, हमारा आत्मबल कमजोर पड़ चूका है और हम सपने देखते है शक्तिवान बनने के बिना किसी मेहनत के तो ऐसा संभव कैसे हो सकता है आप खुद सोच कर देखे.

शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी

सिर्फ शक्ति हासिल करने से कुछ नहीं होता है. इंसानी प्रकृति है उसे जब तक कोई चीज मिल नहीं जाती है वो उसे लेकर हमेशा उत्सुक रहता है. एक बार उसे वो हासिल हो गई तो उसकी या तो क़द्र नहीं कर पाता है या फिर गलत हरकत की वजह से खो देता है. हमारे पास अक्सर कई ऐसे सवाल आते है जैसे की

  • सर में वशीकरण सीख कर लोगो की help करना चाहता हूँ.
  • इतनी सारी पारलौकिक शक्तिया है और फिर भी किसी काम की नहीं ऐसा क्यों.
  • हिमालय में मौजूद साधू संत तप में लगे है उनके पास अगर शक्तिया है तो उनसे लोगो की मदद क्यों नहीं करते है.
  • शक्तिमान जैसी शक्ति मेरे पास आ जाये तो में संसार को बदल कर रख दू.

ये सवाल उन लोगो के आते है जिनका मन चंचल है, शक्ति पाने का सोच रखते है लेकिन उन्हें इसकी झलक भी नहीं मिली है. आप सब की तरह मेरे मन में भी इस तरह के सवाल आते थे. हमेशा कोई ऐसा प्रोग्राम देख कर जिसमे किसी व्यक्ति के पास ढेरो शक्तिया होती है और वो लोगो की help कर रहा होता है. उसे देख कर मन में आना स्वाभाविक है की काश में भी ऐसा कर पाता.

मान भी लेते है की आपको कुछ समय के लिए ऐसी पावर्स मिल जाती है जिससे आप जो चाहे वो कर सकते है, क्या आप लोगो की help करेंगे? क्या वाकई लोगो को आपकी मदद की जरुरत थी या है और इस बात की क्या गारंटी है की वो इसे सिर्फ अपने अच्छे कर्म के लिए ही काम में ले.

हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है. शक्ति का अहम् किसी को भी ऐसी हरकत करने के लिए मजबूर कर सकता है लेकिन आध्यात्म में ऐसा नहीं है.

हर किसी को गुजरना पड़ता है इस स्थिति से

आध्यात्म अच्छे से जानता है की शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी और ऐसा करने के लिए हमें स्थिर होना बेहद जरुरी है.

जो व्यक्ति आध्यात्मिक स्वरूप में साधना में लगा रहता है उसके पास शक्तिया आती जाती है. लेकिन उनका चित शांत और स्थिर होने की वजह से वो उसे आसानी से अपने अन्दर समाहित कर रखते है बिना उससे प्रभावित हुए.

हर कोई इस परिस्थति से गुजरता है लेकिन जब हम इस स्थिति में आते है हमारे सोचने का नजरिया ही बदल जाता है. इसकी वजह है हमारे सोचने में बदलाव. एक और जहाँ हम किसी बात के मतलब और वजह को एक ही reason से जोड़ से कर देखते थे अब हम अच्छे से समझने लगते है की जो हो रहा है वो सही है.

शक्ति हासिल करना बड़ी बात नहीं है, उनके वेग को संभाल पाना मुख्य है. हम आज भी चाहे तो उन शक्तियों को प्राप्त कर सकते है जिनमे पुरे यूनिवर्स को बदलने की क्षमता है.

लेकिन शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी और इसकी वजह से हम जब हर बात को अच्छे से समझना शुरू कर देते है तो उसका प्रयोग हर कही, हर किसी पर करने की सोचना बंद कर देते है.

आज भी है वो शक्तिया

प्राचीन समय में ऐसी शक्तियों का जिक्र मिलता है जिनसे हम बड़े बड़े काम कर सकते थे. ब्रह्माण्ड में वो हर शक्ति आज भी विचरण कर रही है जिसका आप जिक्र सुनते आये है लेकिन उन्हें जाग्रत करने के लिए खुद का संधान करना भी आवश्यक है.

जब तक हम इस लायक नहीं होते की शक्तिया अपना चुनाव खुद करे हम उन्हें नहीं पा सकते. हम सबको सिर्फ शक्ति के बारे में पता है लेकिन शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी इसका क्या ?

अगर आप सोचते है की आपको दिव्य शक्तिया मिल गई तो आप लोगो की help करने लगोगे तो ये सही नहीं है. जरुरी नहीं की जो सोच आपकी आज है वो आगे भी रहे. साधना से सिर्फ शक्ति ही नहीं मिलती है संयम और धेर्य भी मिलता है. हम सोच समझकर काम करने लगते है और इसकी वजह से वही करते है जो जरुरी होता है.

law of nature or law of universe

आपको लगता है की आज लोगो की बेवजह मौत हो रही है और अगर आपके पास कोई शक्ति होती तो आप आसानी से उस समस्या को टाल सकते, लेकिन ऐसा होना जरुरी नहीं. कोई भी बेवजह नहीं मारा जा रहा है, प्रकृति का जब जब हनन हुआ है उसने कुदरत के कहर से खुद को लोगो से बचाया है.

उदाहरण के लिए हम सभी जानते है की इस साल केरल में काफी बड़ा कुदरती विनाश हुआ है. कश्मीर में होता रहता है क्या ये सब कुदरती है ?

केरल में पिछले कुछ समय से लोगो ने गाय और बेजुबान बछड़ो की निर्मम हत्या कर उनका बीफ खाया था. ये सब उन्होंने सरकार का विरोध जताने के लिए किया. विरोध करने के लिए इस तरह के तरीके अपनाना बेहद घटिया काम था. उस वक़्त हमारे अन्दर बार बार ये आवाज आती थी की गायो और बेजुबान जानवरों पर हो रहे इस अत्याचार को हम जरुर रोकते अगर हमारे पास कोई पॉवर होती तो. खैर वक़्त बिता और वही केरल इस साल कुदरत के विनाश का कहर देख रहा था.

ये सब कोई बाढ़ नहीं थी, उन बेजुबान जानवरों की हाय थी जो इस ब्रह्माण्ड में पल पल गूंज रही थी. वक़्त के साथ प्रकृति ने अपना बदला लिया.

ज्यादातर लोग इस बात से इंकार करते है की केरल में आई बाढ़ का पिछले सालो में हुए जानवरों पर अत्याचार से कोई लेना देना नहीं है लेकिन वास्तविकता को आध्यात्मिकता के नजरिये से देखा जाए तो ऐसा होना संभव है. ऐसे में अगर आप अब भी नहीं समझे की शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी तो आप खुद इसका अनुभव करने की कोशिश करे.

शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी का मेरा अपना अनुभव

में भी आप सब की तरह साधारण हूँ. शुरू से मुझमे जूनून रहा था की कुछ शक्तिया हासिल की जाए और लोगो की help करे.

बचपन से मुझे दादा जी का मार्गदर्शन मिला और उनके साथ रहकर मैंने इसकी शुरुआत की लेकिन जब मैंने अनजाने में ही शक्ति का प्रयोग सिर्फ प्रदर्शन में, दिखावे के लिए कर दिया तो शक्तियों ने भी साथ छोड़ दिया. जरुरी नहीं की शक्तिया कोई बड़े स्तर की हो. आपका आत्मबल, आपका व्यक्तित्व और आपका अंतर्मन ये सभी शक्तियों से बढ़कर है.

जब मेने शक्तियों के करीब होकर उन्हें खो दिया तभी मुझे समझ आया की शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी और बढ़ता है सोच का सोच का दायरा. अगर हम इसे ऐसे ही इस्तेमाल करने लगते है तो ये साथ छोड़ देती है. यही वजह है की आज भी पवित्र संत अपने आध्यात्मिक यात्रा में लगे हुए है.

उनके लिए आज संसार में जो परिवर्तन हो रहे है उनके पीछे इन्सान खुद है. अगर छोटी छोटी बातो से प्रभावित होकर वो हमारे बिच आने लगे और मदद करने लगे तो खुद को स्थिर रख ही नहीं पाएंगे.

Read : भगवान महादेव का शक्तिशाली त्रिनेत्र खोलने का मंत्र और साधना का विधान

शक्ति के साथ आती है जिम्मेदारी अंतिम शब्द

इस पोस्ट में मेरे अपने विचार है. अगर आपको लगता है की इसमें कुछ त्रुटी है तो अपने विचार कमेंट में शेयर करे.

आज की पोस्ट के माध्यम से मै लोगो में सिर्फ यही सन्देश देना चाहता हूँ की शक्तियों के पीछे मत भागो, मन को साधो शक्तिया अपने आप आएगी. जब शरीर इस काबिल होगा की शक्ति उसमे विचरण कर सके तो आपको शक्तिवान बनने से कोई नहीं रोक सकता.

उम्मीद करता हूँ जिन लोगो को लगता है की उन्हें शक्तिया मिलनी चाहिए थी उनके मन में कुछ तो स्थिरता आई होगी.

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सिर्फ एक महीने में बिंदु त्राटक साधना के सरल अभ्यास के अमेजिंग रिजल्ट कैसे प्राप्त करे ?

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ek mahine me tratak ka sahi anubhav kaise kare दोस्तों पिछली पोस्ट में हम त्राटक में सफलता ना मिलने की कई वजह और त्राटक करने से पहले किन बातो का ध्यान रखे के बारे में बात कर चुके है।

आज हम बात करने वाले है km time me tratak me saflta prapt kare एक ऐसा अभ्यास जो कम टाइम में ना सिर्फ सफलता दिलाता है बल्कि सही अनुभव भी करवाता है।

इससे पहले पिछली पोस्ट से छूट गए कुछ टॉपिक को क्लियर कर लेते है ताकि आपको त्राटक के बारे में और भी ज्यादा जानकारी मिल सके। km time me tratak ka sahi anubhav in hindi.

km time me tratak ka sahi anubhav

ज्यादातर लोग km time me tratak ka sahi anubhav करना चाहते है। सही जानकारी के अभाव में ऐसा हो नहीं पाता है की हमें पूर्णता हासिल हो।

आप त्राटक काफी टाइम से कर रहे है और अनुभव नहीं हो रहे है तो सिर्फ इन दो पोस्ट को केयरफुल होकर पढ़े, i hope के आपके सभी सवालों का जवाब आपको मिल जायेगा।

km time me tratak ka sahi anubhav

tratak ki sahi shuruat kaise kare ? ये समस्या उन लोगो के साथ अक्सर देखने को मिलती है जो बिना पूरी जानकारी के अभ्यास करने लगते है लेकिन उन्हें पता नहीं चलता की वो सही कर रहे है या नहीं।

ऐसे में फायदा कम नुकसान ज्यादा होने की सम्भावना बनी रहती है।

नियमित हो अभ्यास

आपका अभ्यास कैसा है नियमित या फिर कभी कभी। त्राटक में अभ्यास का नियमित होना शुरुआत में बेहद जरुरी है।

अगर आपको लगता है की ये करना मुश्किल है तो ध्यान दे आपको सिर्फ शुरू में 21 दिन ही अभ्यास को हर हाल में नियमित बनाए रखना है।

ये करना शुरू में मुश्किल लग सकता है लेकिन ये बाद में आदत बन जाता है कैसे जानते है।

21 दिन कम से कम अभ्यास करना चाहिए 

tratak sadhna ka 21 din ka abhyas एक ऐसी प्रोसेस है जो सीधा आपके subconscious mind पर effect डालती है।

ये अभ्यास ना सिर्फ किसी काम को आदत बना देता है बल्कि आपके अवचेतन मन में एक तरह से उस अभ्यास के लिए कमांड बन जाती है।

इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की बाद में आपको इसके लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। आपका अवचेतन मन अपने आप प्रोसेस को आगे बढ़ाता है।

बिंदु त्राटक की साधना

बिंदु त्राटक की साधना सबसे पहली ऐसी साधना है जो साधक को शुरुआती अनुभव करने में मदद करता है km time me tratak ka sahi anubhav करने से पहले आपको कुछ ऐसी बातो का पता होना चाहिए जो त्राटक में मदद करती है।

  1. समय : सुबह का शांत माहौल सबसे बढ़िया रहता है।
  2. स्थान : ऐसी जगह होनी चाहिए जो साधक और साधना दोनों की पॉजिटिव एनर्जी जुड़े और सकारात्मक अनुभव हो सके।
  3. माहौल : शांत, बिना किसी शोरगुल का और कोशिश करे आपके आसपास कोई ना हो ताकि आपका ध्यान न बंटे।

सिर्फ त्राटक ही नहीं काफी है. अगर अब तक आपने सिर्फ tratak ka abhyas ही किया है और किसी तरह का अनुभव नहीं कर पाए है तो आपको सुधार करने की जरूरत है।

ध्यान देने वाली बात ये है की त्राटक के अभ्यास के साथ हमें कुछ ऐसे ही अभ्यास करने चाहिए जो अगर त्राटक के साथ किये जाए तो लाभ और अनुभव सही अनुपात में मिल सकते है।

Read : त्राटक साधना में विचारशून्य की स्थिति कैसे प्राप्त करे सबसे आसान तरीके

त्राटक साधना के साथ किये जाने वाले अभ्यास और उनका महत्व

त्राटक साधना में सिर्फ त्राटक का अभ्यास काफी नहीं है हमें इनके साथ और भी अभ्यास करने चाहिए जो अच्छे अनुभव दिलाने में मदद करते है। आइये जानते है की कौन-कौनसे अभ्यास है tratak sadhna के साथ करने पर सही अनुभव दिलाते है।

  • शवासन : ये ऐसा अभ्यास है जो साधक के शरीर और मन को साधने में मदद करता है। इस अभ्यास में भी हम भावना-शक्ति का अभ्यास जोड़ते है ताकि जल्दी से जल्दी मन और शरीर को विचार द्वारा शून्य कर सके।
  • भावना शक्ति का अभ्यास : bhavna shaakti ka abhyas ऐसा अभ्यास है जो सभी जगह महत्वपूर्ण योगदान निभाता है। भावना द्वारा हम मन को जैसे चाहे मोड़ सकते है।
  • इच्छा शक्ति का अभ्यास : ये अभ्यास हमारी इच्छा-शक्ति को बढ़ाता है जिसके जरिये किसी भी काम को करने की प्रबल इच्छाशक्ति पैदा की जा सकती है।
  • प्राण ऊर्जा का अभ्यास : प्राण ऊर्जा का अभ्यास सम्मोहन जैसे अभ्यास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप tratak ke sath hypnotism ka sahi abhyas करना चाहते है तो आपको शवासन के बाद प्राणऊर्जा के अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए।

ये थे कुछ बेसिक अभ्यास जो त्राटक के अभ्यास के साथ अगर किये जाए तो त्राटक में कई गुना लाभ दिला सकते है।

बिंदु त्राटक को सही तरीके से कैसे करे ?

सिर्फ एक महीना और आप निचे दिए गए तरीके से km time me tratak ka sahi anubhav कर सकते है।

इतने कम टाइम में अगर आपको सही अनुभव करना है तो ध्यान देने लायक कुछ बातो पर जरूर गौर करे।

सिर्फ त्राटक का अभ्यास ही काफी नहीं क्यों की इसकी शुरुआत में सबसे पहले मन और तन को साध लिया जाए तो हमें ज्यादा मेहनत ही नहीं करनी पड़ती है और अनुभव भी अच्छे कर सकते है।

Read : दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए शक्तिशाली मारण मंत्र का प्रयोग शत्रु दमन के लिए

1 महीने का अभ्यास – km time me tratak ka sahi anubhav

bindu tratak ka ek mahine ka abhyas खासतौर से प्रोग्राम किया गया ऐसा अभ्यास है जो आपको कम टाइम में बहुत ही amazing result देता है।

अभ्यास को हम 4 स्टेप्स में बाँट सकते है जिससे की हमें सही अनुभव की पहचान हो सके और त्राटक के साथ किये जाने वाले अभ्यास आपको अमेजिंग अनुभव हो।

km time me tratak ka sahi anubhav – पहला सप्ताह

पहले सप्ताह में आपको सिर्फ इस बात का ध्यान रखना है की आपकी आँखे अभ्यास के लिए अभ्यस्त हो जाए और tratak me ankho ko hone vale nuksan जैसे की आँखों का लाल होना, लगातार पानी बहना, पथराई हुई आँखे रहना इन सबसे निजात मिल जाती है।

अक्सर इसी वजह से साधक साधना बिच में छोड़ देते है।

क्या है त्राटक में कल्पनाओ का जाल

पहले सप्ताह में आपको सिर्फ करना ये है की सुखासन की मुद्रा में बोर्ड से कुछ ही दुरी पर बैठना है।

दुरी इतनी हो की ना तो बोर्ड का बिंदु आपके ज्यादा पास हो और न ही ज्यादा दूर। बोर्ड पर नजर जमाए और तब तक देखे जब तक की आंखे अपने आप बंद ना होने लगे।

जब आपको लगे की अब आप आंख खुली नहीं रख सकते कुछ देर के लिए पलके बंद कर ले। थोड़ी देर बाद फिर से अभ्यास करे।

ध्यान दे की त्राटक में जबरन आँखे खुली रखने से कोई बेनिफिट नहीं है आपका उदेश्य सिर्फ खुद को विचारशून्य बनाना या फिर किसी भावना द्वारा खुद में बदलाव लाना है।

दूसरा सप्ताह

जब आप km time me tratak ka sahi anubhav के पहले चरण को पार कर लेते है तो आप पाते है की अब आपकी आँखों से जुडी समस्या दूर हो चुकी है। अब तो आप सही तरह से लम्बे समय तक खुली आँखों द्वारा अभ्यास करने में सक्षम हो जाते है।

इस सप्ताह आपको अपने आत्मविश्वास को जगाना है जिसके लिए भावना शक्ति सबसे बड़ा जरिया है। अगर त्राटक के साथ भावना शक्ति को जोड़ दिया जाए तो साधना में अनुभव जल्दी किये जा सकते है।

बिंदु पर चमकीला रंग आत्मविश्वास से जुड़ा है जितना ज्यादा आप पॉजिटिव होंगे उतना ही चमकीला बिंदु।

त्राटक बोर्ड के सामने बैठ कर खुली आँखों से tratak करने के साथ साथ अब आप ये भावना भी दे की आपके आत्मविश्वास में बदलाव हो रहा है। आपका आत्मविश्वास बढ़ रहा है और अब आप किसी भी काम को बड़े आराम से कर सकते है।

Mirror meditation tratak gazing technique

अक्सर लोगो में किसी न किसी बात को लेकर आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलती है जैसे की भीड़ में से आगे न निकल पाना, किसी सब्जेक्ट में पीछे रह जाना ये सप्ताह आपको इन सबसे निजात दिला सकता है।

दैनिक लाइफ में आत्मविश्वास कैसे आजमाए ? अगर आपको भीड़ में से आगे निकलने में झिझक होती है तो त्राटक में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ये भावना दे की में कुछ खास हूँ इसी वजह से में सबसे आगे निकल सकता हूँ।

अगर आप स्टेज में परफॉर्म नहीं कर पा रहे है तो भावना दीजिये की में बिना किसी झिझक के बोल सकता हूँ जो में बोलूंगा वो समझ आने वाला होगा।

में भी ये कर सकता हूँ। इस तरह की भावना ही नहीं दैनिक लाइफ में जो भी आपकी प्रॉब्लम है उससे जुड़ी आत्मविश्वास बढ़ाने वाली भावना दे और रिजल्ट भी देखे दिनभर के कामो में।

Read : हनुमान शाबर वशीकरण मंत्र का अचूक उपाय घर पर ही करे ये एक छोटा सा उपाय

km time me tratak ka sahi anubhav – तीसरा सप्ताह

ये सप्ताह आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है क्यों की इस सप्ताह के अंत तक आपको लम्बे टाइम तक त्राटक साधना में बैठे रहने की आदत बन जाती है, आप अब बिना किसी परेशानी के साधना में ज्यादा टाइम बिता सकते है।

इस सप्ताह आँखों की समस्या और आत्मविश्वास की कमी की समस्या दूर हो चुकी है तो आगे बढ़ सकते है।

आपका आत्मविश्वास भी बढ़ चूका है तो वक़्त आ गया है की अब मन को विचारशून्य करने का। इसके लिए आप भावना दे की मेरा मन विचारशून्य हो रहा है, मस्तिष्क में कोई विचार नहीं है।

इस तरह की भावना धीरे धीरे आपको अचानक ही शून्यता का अहसास करवाती है।

शुरू शुरू में ये मुश्किल है क्यों की बार बार भावना देने की वजह से मानसिक थकावट महसूस हो सकती है या फिर विचारो से मन घिर जाता है लेकिन अगर आप अभ्यास में बने रहते है तो अचानक ही आप शून्यता को महसूस कर सकते है।

शुरू शुरू में ये स्थिति कुछ पल ही रहती है लेकिन बाद में अभ्यास लम्बे टाइम तक रह पाता है।

बिंदु त्राटक की साधना पूर्ण हुई या नहीं ?

tratak sadhna safal hui ya nahi kaise pta chalega ये जानने के लिए आपको ये जानना जरूरी है की असल में कोई साधना पूर्ण कब कहलाती है ?

क्या एक बार त्राटक साधना करने के बाद आपको भविष्य में इसे दोहराने की आवश्यकता नहीं पड़ती है ? कोई भी साधना या अभ्यास समय समय पार दोहराते रहना चाहिए क्यों ? चलिए जानते है।

क्या साधना पूर्ण होती है ?

देखा जाए तो साधना को लेकर हमारे सिर्फ पैरामीटर ही पूर्ण होते है एक साधना में पूर्ण अवस्था नहीं होती है जैसे की मोक्ष।

thoughtless awareness in tratak meditation

मान लीजिये आपको अपना मन विचारशून्य बनाना है तो क्या आपका मन विचारशून्य होना साधना का पूर्ण होना है ?

नहीं ये सिर्फ साधना में आपकी पूर्णता कहलाती है क्यों की आपका उदेश्य पूर्ण हो गया है। इसी तरह आप त्राटक का अभ्यास किस उदेश्य से कर रहे है ये ध्यान में रख कर साधना करे।

जब वो अनुभव होने लगे और बना रहे तो समझ ले की आप पूर्णता हासिल कर चुके है।

Read : जिन्नात को भगाने का सबसे आसान उपाय खुद करे जिन्न से बचाव

समय समय पर साधना को दोहराना आवश्यक क्यों है ?

sadhna ko time time par dohrana भी जरुरी है। हमारा मन खासतौर से अवचेतन मन लम्बे समय तक किये जाने वाले कामो को ही महत्व देता है।

जैसे की आप 1 महीना त्राटक करते है फिर 2 महीने दूसरे कामो में बिजी हो गए और आपका मस्तिष्क विचारो से भरा रहने लगे तो इस बात की सम्भावना बढ़ जाती है की आपका मस्तिष्क विचारशून्य ना रह पाए।

time to time repeat sadhna आपके लिए फायदेमंद होता है क्यों की इससे साधना का असर बना रहता है और हम कम अभ्यास कर के भी बढ़िया अनुभव हासिल कर सकते है।

इससे अनुभव भी बढ़ने लगते है।

km time me tratak ka sahi anubhav से जुड़ी हर जानकारी आप तक पहुँच सके इसकी हमने पूरी कोशिश की है। हो सकता है की कुछ टॉपिक छूट गए हो तो हमें जरूर बताए।

आपकी राय km time me tratak ka sahi anubhav की इस पोस्ट पर आमंत्रित है। हमारे newsletter को subscribe करना ना भूले ताकि हम आपको latest update direct in mailbox भेज सके।

खोये हुए प्यार को वापस पाने के लिए इस दिवाली जरुर करे इन उपाय को मिलेगी सफलता 2022 अपडेट

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दीवाली पर वशीकरण और तंत्र मंत्र साधना इतनी खास क्यों होती है क्या इसकी कोई खास वजह है की दीप माला की रात्रि को किये गए वशीकरण के प्रयोग 99% कामयाब होते है.

आज हम बात करने वाले है Vashikaran mantra for Diwali night 2012 special की जिसमे हम कुछ खास उपाय जैसे की How to do Black magic on Diwali night? के बारे में बतायेंगे.

वैसे तो मंत्र सिद्धि का समय दिवाली, होली, ग्रहण या फिर अमावस का ही होता है लेकिन हम चाहे तो शुभ महूर्त पर भी अभ्यास कर सकते है.

दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग

दिवाली पर वशीकरण मंत्र को सिद्ध करने के सबसे बढ़िया उपाय देख रहे है तो इन Diwali 2019 tone totke के बारे में जरुर पढ़े.

Vashikaran mantra for Diwali night के प्रयोग या फिर किसी अन्य मंत्र साधना को सिद्ध करना दीपमाला की रात्रि को सरल पड़ता है क्यों की इस वक़्त माना जाता है सभी नक्षत्र अच्छे स्थिति में होते है और मंत्र सिद्धि में सहायता करते है.

अगर आपने कही पर चोरी की गई वस्तु का पता लगाने के लिए कांसे की कटोरी का प्रयोग के बारे सुना है तो ये आपको यहाँ जानने को मिल जायेगा. ये सभी मंत्र इंद्रजाल की पुस्तक से लिए हुए है.

दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग

दीवाली पर गहन अंधकार धरती पर फैला रहता है और तांत्रिक इस दौरान अपने खास पूजा पाठ करते है.

ऐसा माना जाता है की इस समय अगर पूजा की जाए तो वो जल्दी सफल होती है वही कुछ लोग इस दौरान पारलौकिक शक्तियों की पूजा भी करते है ताकि उन्हें उनकी सहायता मिलती रहे.

ज्यादातर लोग अपने Business को लेकर परेशान रहते है तो वे इस दौरान Reopen business and remove debt के लिए उपाय करते है.

अगर आप गाँव या शहर साइड से है तो आपको इस रात्रि में काफी ज्यादा मात्रा में टोटके, उतारा जैसी चीजे मिल जाएगी.

ये सभी चीजे तंत्र मंत्र और Black magic removal mantra का हिस्सा है. आइये अब बात करते है कुछ ऐसे दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग के बारे में जो हम कर सकते है.

ज्वालामुखी वशीकरण मंत्र साधना

ज्वालामुखी मंत्र वशीकरण के शक्तिशाली मंत्रो में से एक माना जाता है.

इसे कार्य सिद्धि में हम प्रयोग में ला सकते है. दिवाली का पर्व आ रहा है तो इस मौके पर हम आसानी से तंत्र मंत्र सिद्धि के प्रयोग कर सकते है.

दीपमाला की रात्रि का समय ऐसे कामो के लिए शुभ माना गया है क्यों की इस दौरान अमावस में सिद्धि का चांस बढ़ जाता है.

ज्यादातर लोगो को रुझान होता भी love spell that works fast की तरफ है इसलिए ऐसे प्रयोग जो आसान हो और काम करे वो यहाँ शेयर किये गए है.

इस खास दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग में से एक ज्वालामुखी वशीकरण मंत्र का प्रयोग आप कर सकते है.

आवश्यक सामग्री

  • चमेली के फूल
  • बर्फी
  • सिगरफ ( पारे का अयस्क पंसारी की दुकान पर मिल सकता है )
  • दशांश हवन सामग्री

मंत्र

ॐ ह्री क्ली सिंहेश्वरी ज्वालामुखी ज्रंभिनी स्तम्भनी मोहिनी वशीकरणी परघनमोहनि सर्वारिष्टनिवारिणी

त्रुगणसंहारिणी सुबुद्धि दायिनी ॐ आं क्रो ह्रा त्राहि त्राहि अक्षोभय अक्षोभय अमुकं में वश्यं कुरु कुरु स्वाहा

विधि – ये मंत्र दीपमाला की रात्रि को किया जाता है. सबसे पहले ऊपर बताई गई सामग्री को भोग के रूप में सामने रखे और इस मंत्र का जाप 10,000 बार करते रहे, दशांश हवन करे.

दीवाली पर वशीकरण की ये प्रक्रिया दीपमाला की रात्रि से 15 दिन बाद तक करनी है. साधना में सफलता आपके अन्दर बढती आकर्षण शक्ति के रूप में दिखती है.

इसके बाद आपको जब कोई कार्य हो ( वशीकरण ) आप इस मंत्र का 10,000 जाप करे इससे आपको जल्दी सफलता मिलेगी.

कुछ लोगो की रूचि इस्लामिक साधना में होती है इसलिए ऐसे मौके पर की गई Powerful Muslim Voodoo Spell और Muslmani putli sadhna जैसी साधना भी बेहतर परिणाम देती है.

Read : दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए मुस्लिम पुतली तंत्र की शक्तिशाली साधना का अभ्यास

दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग मंत्र साधना – 2

ये Maha vashikaran mantra कार्य सिद्धि प्रयोग मंत्र है. इसे आप अपने कार्य की सिद्धि हेतु प्रयोग में ला सकते है और ये सरल भी है.

जब भी ग्रहण या अमावस ( दीवाली ) हो इस मंत्र का जाप यथासंभव करे 108 माला का विधान है लेकिन 10,000 जाप से भी सिद्धि होती है.

इस sammohan sadhna mantra को आप खास पर्व पर ही सिद्ध कर सकते है इसलिए दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग में इसे भी आप कर सकते है.

मंत्र

ॐ नमो कट कट घोर रूपिणी अमुकं में वशमानय स्वाहा

प्रयोग विधि – जब भी इस तरह के get lost love back by vashikaran मंत्र का प्रयोग करना हो रविवार को इस मंत्र की एक माला जप से भोजन को अभिमंत्रित कर ले और खाते समय उसका नाम लेते जाए जिसे वश में करना है.

दीवाली पर वशीकरण प्रभाव देखने के लिए ऐसा 3 सप्ताह में यानि 3 रविवार तक करने पर आपको सामने वाले पर अपने प्रभाव का पता चल जाता है.

कुछ लोगो के लिए kamakshi nari vashikaran mantra बेहद आसान है जिन्हें खोये हुए प्यार को वापस पाने के लिए किया जाता है.

दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग – मोहिनी मंत्र प्रयोग

दीवाली पर वशीकरण के इस मंत्र को हनुमंत दुहाई वशीकरण प्रयोग भी कहते है.

ये मंत्र शाबर मंत्र की तरह प्रभाव दिखाता है. इस Powerful love spells को सिद्ध करने के लिए दीपमाला की रात को एक थाली में 11 दीपक जला ले और भोजपत्र पर सिंदूर से इस मंत्र को लिख दे.

भोजपत्र कटा हुआ नहीं होना चाहिये, कोशिश रखे की ये अखंड हो.

Chandra Grahan Sadhana

भोजपत्र पर मंत्र लिखने के बाद इसे अपने सामने स्थापित कर दे और धूप दे. इस मंत्र की 1 माला जपे. इस दौरान अपना सारा ध्यान यंत्र की तरफ रखे.

मंत्र

तेकसो में तेल राजा परजा पावे मेल कछु पानी मसक ल्यान छःसै वीर मेरे पाय लगा

व हाथ खड़ग फूलोंगी माला जानि विजाने गोरख जाने मेरी गति को कहे न कोय

हाथ पछानो मुख धोऊँ सुमिरो निरंजनदेव हनुमंत यति हमारी पति राखो मोहिनी दोहनी दोनों बहन आव मोहनी

रावल चले मुख बोले तो जिह्वां मोंहू आस मोहू पास मोहू सब मोहू सब संसार में निकलू टिका देय ललाट

आवे तो नहीं पकड़ बांध ले आवे दुहाई अंजनी के पूत की दुहाई, लक्षमण जतीकी दुहाई, गुरु गोरखनाथ की दुहाई

निरंजन भगवान की मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र इश्वरोवाच

दीवाली पर वशीकरण प्रयोग विधि – जब भी इस मंत्र का प्रयोग करना हो साध्य व्यक्ति के सामने 3 बार इस मंत्र का जाप करे और दीवाली पर वशीकरण प्रभाव देखे.

इस दौरान हनुमान जी की पूजा पाठ करना न भूले. कुछ लोग इस दौरान सट्टा भी खेलते है अतः वे एक आसान lottery spells that work fast का प्रयोग भी कर सकते है.

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दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग – चोरी की जगह का पता लगाना

आपने कई जगह पढ़ा होगा की कुछ लोग मंत्रो द्वारा चोरी की जगह का पता लगा लेते है या फिर अनाज / पैसा उड़ा लेते है.

सुनने में ये भी आया था की खुद डॉ. नारायण दत्त श्री माली जी ने इसका परीक्षित प्रयोग करके दिखाया था.

इसमें मुख्य है एक कटोरी पर प्रयोग जिसमे हम मंत्र पढ़ कर कटोरी छोड़ देते है और वो चोरी वाली जगह जाकर रुक जाती है. आइये ऐसे ही कुछ प्रयोग देखते है.

ॐ नमो सत्तरसौं पीर चौसठसौ योगिनी बावनसौ वीर बहतर सौ भैरो तेरहसौ तंत्र चौदहसौ मंत्र

अठारहसौ पर्वत सत्तरसौ पहाड़ नौसौ नदी निन्यानवसौ नाला हनुमन्त यति गोरख रखवाला

कांसी की कटोरी अंगुल चारि चौड़ी कहो वीर कहांते चलाई गिरिनार पर्वतसे चलाई अठारह भार बनस्पति

चल लीना चमारी की बाचा फुरे कानी कुम्हारी चाक ज्यों फिरे कहाँ जाय

चोरके जाय चंडालके जाय कहाँ ल्यावै चोरको चंडालको ल्यावै गडौ धनको जाय बतावै चाल चाल रै

हनुमंत वीर जहाँ चले तहां रहे न चले तो गंगा यमुना उलटी बहे || शब्द ||

विधि – एक कांसे का पैसा बनवाए जो तीन भार ( वजन ) और चार अंगुल चौड़ी हो. दीवाली की रात को कटोरी पूजन करे और इस पैसे को उसमे डाल दे.

ऊपर दिए गए मंत्र से उड़द को अभिमंत्रित करे. चौक में इस कटोरी को स्थापित कर दे. कटोरी चलना शुरु कर देगी.

दीवाली पर वशीकरण मंत्र सिद्धि के लिए आप इसे 101 दिन में सिद्ध कर सकते है रोज धूप देकर 108 बार जाप करे. जल्दी करना चाहते है तो रोज 1000 बार जाप करे 21 दिन तक. मंत्र सिद्ध हो जायेगा.

most powerful vashikaran mantra दूसरा मंत्र

ॐ नमो नाहर वीर चलते तेगमें तेर सीर बहता चलता थाम्बे नीर सोये

अनपै लागे तीर ज्यों ज्यों चाले तू धर धरी चाले

नीर ज्यो चाले नाहरसिंह वीर चित चोर का धरै न धीर

चोर का हाथ कांपे सिर कांपे छाती थर्रावे जहाँ धरै चुराया धन तहांसु हटन ना पावै

दुहाई गुरु गोरखनाथ की दुहाई चौरासी सिद्ध की दुहाई पूरन पूत की

शब्द सांचा पिंड कांचा फुरो मंत्र इश्वरोवाचा सत्यनाम आदेश गुरु को

विधि – मंत्र को ग्रहण या दीप माला की रात को एक लाख बार जप कर ले या ऊपर बताई विधि से सिद्ध कर ले. जिस किसी की चोरी निकालनी हो उत्तर दिशा की ओर मुख कर बैठ जाइये.

कांसे की कटोरी सामने रख ले और मंत्र पढ़ उस पर चावल के दाने मारे.

कटोरी अपने आप ही चलने लगेगी और चोरी वाली जगह रुक जाएगी.

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Diwali 2022 tone totke

दीवाली पर वशीकरण या फिर दिवाली की रात को किये जाने वाले कुछ खास टोने टोटके जिन्हें आप आजमा सकते है.

Purush vashikaran tantra

  • घर में अगर आपको negative energy at home feel हो रही है तो लक्ष्मी पूजन के बाद पूरे घर में शंख बजाए.
  • दिवाली की रात को हनुमान जी की साधना करने वाले तेल का दिया जलाए और उसमे एक लौंग डाल कर फिर हनुमान जी की आराधना करे.
  • दिवाली वाले दिन शिव पूजा में अक्षत यानि चावल मंदिर में चढ़ाए. ध्यान रखे की चावल के दाने खंडित न हो.
  • अगर आपको धन से जुडी समस्या है तो लक्ष्मी पूजन के दौरान पूजाघर में पिली कौड़िया रखे.
  • लक्ष्मी पूजन में हल्दी की गांठ एक सफ़ेद पोटली में बांध कर रखे और बाद में उसे मुख्य तिजोरी में रख दे.
  • इस दिन मंदिर में सुगंध वाली अगरबत्ती और झाड़ू का दान करना न भूले.
  • दिवाली की रात काल रात्रि होती है अतः इस रात को पीपल के निचे तेल का दीपक जरुर जलाए. इससे काल सर्प, पित्र दोष दूर होते है.
  • Diwali night pooja के दौरान एक बड़ा दिया ले और उसमे 9 बत्ती जलाए.
  • Diwali poojan के पहले गणेश जी की पूजा करे और उन्हें 21 दूर्वा की गांठे चढ़ाए इससे गणेश जी के साथ लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है.
  • दिवाली की पूजा में स्फटिक के लक्ष्मी, कुबेर और श्री यन्त्र की स्थापना करने का सबसे शुभ महूर्त होता है.

Diwali 2022 tone and totke in Hindi

दिवाली के दिन तंत्र मंत्र की साधना के सबसे अच्छे संयोग बनते है जिसकी वजह से साधना के लिए ये सबसे सही समय माना जाता है.

  • अगर आप धन की कमी से जूझ रहे है तो लक्ष्मी पूजन के दौरान कुछ पुराने सिक्के ले और उन्हें कौड़ी के साथ रखकर हल्दी और केसर से लक्ष्मी पूजन करे. इन्हें बाद में मुख्य तिजौरी में रख दे माना जाता है की ऐसा करने से धन की कमी नहीं रहेगी.
  • धनतेरस के दिन लक्ष्मी मंदिर में जाने के बाद कमल का फूल और सफ़ेद मिठाई से पूजन करे.
  • दिवाली के दिन पूजन के समय एक छोटे आकार का श्रीफल यानि नारियल ले. पूजा के बाद इसे लाल कपडे में बांध कर ऐसी जगह रख दे जहाँ किसी की नजर न पड़े जैसे की पूजा घर में या फिर किसी ऊँची जगह. लक्ष्मी कृपा के लिए ये सबसे आसान दीवाली पर वशीकरण उपाय है.
  • अगर घर के सदस्यों के बिच रिश्ते में प्यार की कमी आ रही है तो दिवाली की रात को दक्षिणवर्ती शंख या मोती शंख से लक्ष्मी पूजन करे और बाद में इसे मुख्य तिजौरी में रख दे.
  • अगर आप पारलौकिक शक्तियों में विश्वास रखते है जो बेहद कम समय में साधक को लाभ देती है ( इस पोस्ट को जरुर पढ़ ले ) तो दीपावली की रात को पीपल के निचे तेल का दीपक जरुर जलाए. पीछे मुड़कर नहीं देखना है और दिवाली के बाद हर शनिवार को ये प्रयोग करना है. ऐसा करना आपको धनवान बना सकता है.
  • दिवाली पूजन के दौरान एक चुटकी चावल ( साबुत खंडित न हो ) और 5 कौड़िया एक सफ़ेद कपडे में बांध ले. रात में पूजा करे और दूसरे दिन शुद्ध होकर इसे तिजोरी में रख दे. ये तांत्रिक प्रयोग पैसो की कमी को दूर करता है.

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दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग – अंतिम विचार

दीवाली के पर्व को देखते हुए हमने दीवाली पर वशीकरण के प्रयोग के कुछ उपाय यहाँ शेयर किये है.

दीवाली पर वशीकरण से जुड़े सभी मंत्र इंद्रजाल की पुस्तक से लिए गए है जो विश्वसनीय है न इसके बाद भी ये कितना सही काम करेंगे इस बात की कोई गारंटी नहीं. प्रयोग विश्वास और श्रधा से किया जाए तो सफलता हासिल होती है वर्ना कुछ नहीं.

इंद्रजाल की पुस्तक मंगवानी हो तो इस लिंक पर विजिट करे. आज की पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए. इन पोस्ट को पढना ना भूले.