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Wednesday, May 27, 2026
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मंत्र की शक्ति को प्राप्त करने से पहले जागरण और दीक्षा का महत्व जरुर जान लेना चाहिए

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हम सबके मन में ये जिज्ञासा जरूर रहती है की क्या वाकई मंत्र काम करते है या फिर क्या वाकई मंत्र में इतनी शक्ति होती है की उनसे चमत्कार संभव है।

साधारण शब्द से लगने वाले मंत्र वाकई काफी शक्तिशाली होते है अगर उन्हें सही उच्चारण के साथ जाग्रत किया जाये तो।

आज की पोस्ट में हम मंत्र विज्ञान और मंत्र दीक्षा का महत्व बताने वाली छोटी सी घटना का वर्णन करेंगे जो बताती है की मंत्र किस तरह काम करते है। how to activate mantra power and what is the importance of mantra diskha in hindi.

सबसे पहले तो ये समझे की पहले मत्रं की उत्पति कहां से हुई ?

मंत्र दीक्षा की राजा की इच्छा

महात्माओ ने साधना की और सिद्धि पाई, उन्हे उस सिद्धि उपरान्त मंत्र कुंजी या चाबी की तरह प्राप्त हुआ, सिद्धि पाने के बाद या आप कह सकते है उन्होने ही code word बनाया, जैसे हम लोगो के घर के पते है, यह code words है।

पहले जगह पर घर बना फिर उसकी identity तथा फिर वहां पहुचंना सुगम हो सके इसलिए address बना । वो महात्मा को पहले मंत्र नही मिला पहले सिद्धि हुई फिर मंत्र बना, अब वो महात्मा जिस किसी को वह मंत्र देगा, साथ ही पूरा पूरा रास्ता बताएगा, मार्गदर्शन देगा तो वो मंत्र किसी दुसरे को सहायक हो सकता है, एक कहानी उदहारण स्वरूप लेते है।

मंत्र दीक्षा की राजा की इच्छा

एक राजा एक महात्मा के पास मंत्र दीक्षा हेतु गया, उस महात्मा ने कहा आप कल आना, वो अगले दिन फिर पहुंचा, महात्मा ने कुछ बात चीत की और फिर कल के लिए कह दिया, इसी तरह से चालीस दिन बीत गए, राजा जाता ओर महात्मा बात चीत करके फिर कल कह देता। चालीसवे दिन राजा ने महात्मा से प्राथना की मै यही रहूँगा महल नही जाऊंगा जब तक आप मंत्र दीक्षा नही देते।

महात्मा ने उसे उस दिन एक मंत्र दिया “राम” ।

राजा तो क्रोध मे आ गया ,कहा अच्छा मूर्ख बनाया आपने यह तो मै बचपन से सुनता आ रहा हूं की राम राम कहना चाहिए । चलो उसे भी छोड़ो चालीस दिन बेकार मे मेरी कसरत करवाई, उल्टी सीधी बातो मे कल कल के लारे दिए आपने और आज मैने जिद की तो राम मंत्र दे दिया।

अगर आप सन्यासी न होते मै आपको मृत्यु दडं दे देता। पर आप जैसो को महात्मा कहलाने का भी अधिकार नही तुम तो महा धूर्त हो अगर तुम्हारे पास कुछ नही था बताने को तो पहले ही कह दिया होता ।

राजा ने पूरे गुस्से से भला बूरा कहा और वहां से चला आया।

राजा का महात्मा को बंदी बनाना

महात्मा ने कोइ प्रत्युत्तर नही दिया, वो मुस्कुराते रहै । एक दिन राजा अपने सिहांसन पर विराजमान था ओर सभा लगी थी मंत्रियो और जनता का दरबार था, वहां वही महात्मा पहुंचा उसको देख राजा को सब याद आ गया और भीतर से क्रोधित होने लगा।

हद तो तब हुई जब महात्मा ने आते ही उसके मंत्रियो ओर सिपाहियो को राजा को ही गिरफ्तार करने को कहा, बस फिर क्या था राजा आपे से बाहर हो गया ओर उसने आदेश दिया पकडो लो इस पाखन्डी को जटा से घसीटो इसको और मेरे पास लेकर आओ।

राजा के इशारे से ही सब वैसा ही किया गया और उसे राजा के समक्ष लाया गया ।

राजा बोला तेरे पाखन्ड को तो मै पहले से ही जान चुका था, पर तू तो कोइ अपराधी छटा हुआ, भागा हुआ मुजरिम मालूम होता है उस दिन तो तुझे मैने छोड दिया था पर आज तो तेरा मत्र राम भी तुझे नही बचा सकता, तुझे कुछ कहना है अपनी सफाई मे, महात्मा हंसा और उसने कहा यही तो समझाने आया हूं, जो मैने तुझे मंत्र दिया वो मेरी सिद्धि है यू ही नही दिया वो मेरे हूक्म मे है, जैसे तेरे सिपाही तेरे हूक्म है किसी और की हूक्म स्वीकार नही कर सकते, तेरे कहते ही मुझे बन्दी बना लिया गया, तुम्हारा हुक्म चलता है इस देश मे मेरा उस देश मे, तुम यहां के राजा हो मे वहा का । राजा उसके चरनो मे गिर गया व क्षमा मागं ली।”

मंत्र दीक्षा का असली महत्व

मित्रो यह कहानी से काफी कुछ समझे होगें पर आपके प्रश्न अभी बरकरार है अब उस पर बात करते है, राजा को उसने पहले दिन मंत्र इसलिए नही दिया क्यों कि महात्मा समझना चाहता था कि राजा के लिए मंत्र बेहतर है, या कर्मयोग या वो गहरे श्रद्धा भाव से भरा है, चालीस दिन लगे राजा की भीतरी अवस्था जानने मेे, फिर उसने जाना कि यह सोच से ओत प्रोत है विचार शुन्य होकर, यह मंत्र इसके लिए मार्ग बन सकता है।

मित्रो अब प्रशन उठता है कि हम खुद किसी मंत्र का जाप नही कर सकते, मित्रो कर सकते हो पर वो उसी तरह है जैसे कोई address book मे से किसी पते को उठाकर चले, कहा जाना है, क्या मार्ग है, क्या मिलेगा कुछ पता नही, आप कहेगें की पता है तो कही भी पहूचं सकते है पते के द्वारा बिल्कूल पहूचं सकते है पर चलने का उस पते की और क्या उदेश्य केवल एक कल्पना है, इस ससांर की नजर से देखे तो भी एक पता अनेको जगहो का है।

अनेक यात्राए करके भी मालूम नही कर सकते सही जगह पहूचें या नही कोइ आगे चाय पानी भी पूछेगा नही द्वार भी कोइ खोलेगा या नही या द्वार खोलते ही सब कुछ लूट तो नही जाएगा मिलने का क्या पता, यह तो इस दुनीया की बात रही तो भीतर मे तो अन्नत जगत है, और उतने ही भ्रम जगत भी तो सोंचो क्या हाल हो सकता है आपका। कोइ धारणा किसी भी अन्जान पते के जैसी है।

Read : Sama Vritti Pranayama for stress management बेहद आसान और कारगर प्राणायाम अभ्यास

मंत्र दीक्षा और एकाग्रता

कुछ लोग मत्रं के साथ खुद की एकाग्रता की दुहाई देते है, जब खुद की एकाग्रता है तो मत्र भी खुद का ही हो सकता है यह तो एसे है कि पता हम किसी का रटेगे पर घर ही बैठे दोहराएगे, कही नही जाएगें । कुछ मत्र कुछ (थोड़े बहूत) काम के हो सकते है जैसे सूर्य, अग्नि, वायू, धरती, आकाश, जल को महसूस किया है तो इनका मत्रं, पर फिर मत्र की क्या जरूरत है, आप सीधे ही इन्हे प्रणाम कर सकते है, धन्यावाद दे सकते है, वो आपकी तोतली जुबां से भी स्वीकार करेगें, भावना पवित्र है इनके प्रति काल्पनिक नही है ।

अंतत मै तो द्रष्टा होने का ही सुझाव दूंगा, केवल देखो जो सच है वो सामने आ जाएगा, जो जानने योग्य होगा जान लिया जायेगा।

दोस्तों कैसी लगी आज की पोस्ट आज की पोस्ट में हमने मंत्र के विज्ञान और उसका सही इस्तेमाल कैसे हो सकता समझने की कोशिश की है उम्मीद करते है आपको हमारी आज की पोस्ट अच्छी लगी होगी। अगर आपके पास भी कोई आर्टिकल है जिसे आप ब्लॉग पर शेयर करना चाहते है तो हमें भेजे हम इसे अपने ब्लॉग पर शेयर करेंगे।

दीपक त्राटक से वशीकरण की सबसे आसान विधि किसी के भी दिमाग को काबू करने के लिए

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आज जिसे देखो उसके सामने समस्या ही समस्या है. हर किसी को वशीकरण करना और करवाना है क्यों की लोगो के बिच अवधारणा ही यही बन चुकी है की वशीकरण से सबकुछ संभव है. इसी बात का फायदा उठा कर वशीकरण के फ्रॉड बाबा आपको आसानी से लूट लेते है.

अगर आप थोडा सा भी प्रयत्न करे तो दीपक त्राटक से वशीकरण करने इस प्रभावी साधना के जरिये आप आसानी से किसी पर भी अपना effect डाल सकते है.

ये साधना अजमाई हुई है इसलिए इसकी पूरी जानकारी में यहा शेयर कर रहा हूँ.

वशीकरण के लिए दुसरे भी कई तरीके है जैसे की candle and lust spell vashikaran, candle and mantra ritual for vashikaran, mohini mantra with candle trataka meditation इन सबके जरिये आप वशीकरण का प्रयास कर सकते है.

दीपक त्राटक से वशीकरण

जल्दी ही ये सभी विधि शेयर की जाएगी. दीपक त्राटक से वशीकरण की इस विधि को आप पूरी तरह समझ कर फिर करे तभी आप इसे आसानी से कर पाएंगे और अनुकूल परिणाम मिल सकेंगे.

मंत्र साधना भी इस त्राटक के साथ की जा सकती है जिसके बारे में मैंने अपनी कुछ saral vashikaran ki vidhi in hindi books में बताया हुआ है. दोगुने परिणाम के लिए आप उन बुक्स के साथ अभ्यास कर सकते है. ये पुस्तक 100% genuine, reliable and trustable है.

किसी फ्रॉड बाबा के चक्कर में पड़कर हजारो पैसे गंवाने के बजाय एक बार इससे करके देखे फिर देखिये आपको परिणाम कसे नहीं मिलते है. लेकिन अफ़सोस बंगाली बाबा को हजारो रूपये देकर भी चुप रहने वाले लोगो को ये पुस्तक फ्री में चाहिए.

खैर चलिए जानते है दीपक त्राटक से वशीकरण की साधना के अभ्यास के बारे में.

दीपक त्राटक से वशीकरण

दीपक त्राटक के बारे में हम सभी जानते है कैसे ये अन्य त्राटक में उच्च स्तर के त्राटक में से एक माना जाता है. इसकी मुख्य विशेषता है की ये

  • साधक के मन को उग्र / स्थिर / शांत / एकाग्र बनाए रखता है.
  • प्राण उर्जा को शक्तिशाली आकर्षक तरंगो में बदल देता है.
  • साधक की आँखे बहुत जल्दी ही इतनी प्रभावी बन जाती है की सभी इसके आकर्षण के जाल में फंस जाते है.

दुसरे शब्दों में कहा जाए तो deepak trataka meditation सम्मोहन या आकर्षण के उदेश्य से किया जाता है.

ज्यादातर लोग इस त्राटक को बिना प्राण उर्जा के स्तर को जांचे करते है जिसकी वजह से उन्हें उचित परिणाम नहीं मिलते है. दीपक त्राटक का प्रभाव हमें साधना के 20-25 दिनों में साफ़ दिखने लगता है.

अगर आप वशीकरण के बंगाली बाबा के चक्कर काट कर थक चुके है तो इसे जरुर आजमाए. मेने अब तक कई लोगो को त्राटक की इस विधि की जानकारी दी है और जिन्होंने इसे अपनाया है उन्हें उचित परिणाम मिले है. ये बात अलग है की आप जानते सब है लेकिन करने की हिम्मत नहीं है. अगर परिणाम चाहिए तो वक़्त देना ही पड़ेगा.

Read : कनक परी वशीकरण सिद्धि साधना एक सरल और कम समय की साधना

दीपक त्राटक से वशीकरण किस स्थिति में काम आ सकता है

  • जब कोई आपको धोखा दे रहा है.
  • कोई आपका अपना आपको छोड़ कर चला गया हो.
  • बार बार मांगने के बावजूद आपको पैसे नहीं दे रहा हो.
  • सामने वाले माध्यम से आपको कोई काम निकलवाना हो लेकिन गलत उदेश्य न हो.
  • अगर कोई आपको बार बार परेशान कर रहा है तो भी आप इसका प्रयोग कर सकते है.
  • मार्केटिंग की लाइन में पैसा निकलवाना मुश्किल काम है ऐसे में ये प्रभावी साधना है. ( ज्यादा प्रभाव के लिए पुस्तक में दिए मंत्र का साथ में अभ्यास करे अच्छे परिणाम मिलेंगे )

इन सब कामो में इस अभ्यास को किया जा सकता है और इसके परिणाम भी 100% मिलते है. कम समय में परिणाम देने वाली साधनाओ में से एक है ये साधना.

दीपक त्राटक से शक्तिशाली वशीकरण कैसे करे

दीपक त्राटक से हम सबसे शक्तिशाली वशीकरण जैसा प्रभाव पैदा कर सकते है. इस त्राटक की खास विशेषता यही है की ये आपकी मानसिक उर्जा को बेहद प्रभावी तरीके से एकाग्र करता है.

जिन लोगो को शिकायत रहती है की उनकी विचार शक्ति बिखरी हुई रहती है उन्हें बिंदु त्राटक के अभ्यास के बाद दीपक पर त्राटक करना चाहिए.

इस त्राटक को करने के बाद आप खुद को एकाग्र और आकर्षण से भरा महसूस करने लगोगे. दीपक त्राटक से वशीकरण करने के लिए कुछ चीजे बेहद जरुरी है जैसे की

  • आपका अभ्यास का समय निश्चित हो.
  • साधना काल का अनुभव और अभ्यास दोनों ही गुप्त रहना चाहिए.
  • किसी और व्यक्ति को आपके अभ्यास के बारे में पता न हो.
  • जिसके लिए अभ्यास कर रहे है उसके उठने, सोने और अन्य गतिविधि के बारे में आपको पता होना चाहिए.

Read : घर पर किये जाने वाले कुछ आसान मगर खास अभ्यास जो बनाते है साधक को मेस्मेंरिज्म में एक्सपर्ट

दीपक त्राटक से वशीकरण चरण एक का अभ्यास

सबसे पहले एक कमरे का चुनाव कर उसमे दीवार पर उस व्यक्ति की फोटो ( ये black & white होनी चाहिए ) और एक घी का दीपक जो उस फोटो के आगे लगा होना चाहिए. घी का दीपक उस फोटो के ठीक आगे हो और इस तरह हो की दीपक की लौ फोटो की आँखों के ठीक आगे हो.

इसके लिए आप स्टैंड का प्रयोग कर सकते है. स्टैंड वाले दीपक इसके लिए सही रहते है. आसान शब्दों में समझे तो ये स्थिति ऐसी होनी चाहिए की दो व्यक्ति एक दुसरे के सामने बैठे है और उनका direct eye contact बन रहा है.

उन दोनों के बिच जहा पर आज्ञाचक्र है उस जगह दीपक की लौ की स्थिति होनी चाहिए.

candle and lust spell vashikaran

दीपक त्राटक से वशीकरण शुरू करने के लिए आपको एक time फिक्स करना होगा. या तो आप उस समय करे जब सामने वाला सो जाता है.

उसके सोने के आधे घंटे बाद ही अभ्यास करे. अगर इस बारे में आप कन्फर्म नहीं है की सामने वाला कब सोता है तो अभ्यास को रात के 11 बजे के बाद ही करे अगर वो 10-10:30 तक सोता है तो वर्ना आपको पता होना चाहिए की वो कब तक सो जाता है.

या फिर आप ऐसा भी कर सकते है की सुबह 3-4 बजे अभ्यास करे. इस समय सभी सोये हुए रहते है और मस्तिष्क उस अवस्था में होता है जब हम आराम से कम प्रयास के माध्यम से भी किसी से जुड़ सकते है.

पढ़े : खिला पिला कर किये वाले वशीकरण के दावे की सच्चाई और सबूत – एक बार जरुर अजमाना चाहिए

दूसरा चरण और अभ्यास

  • पहले चरण को अच्छे से निर्धारित करने के बाद दीपक त्राटक से वशीकरण का अभ्यास शुरू करे. ढीले और आरामदायक कपडे पहन कर एक उनी कम्बल / आसन पर बैठ जाइए और अपना ध्यान दीपक की लौ पर लगाए. कुछ देर त्राटक करते रहे. इसी दौरान आपकी आँखों के सामने माध्यम की फोटो रहती है जिसकी आँखों पर आपका ध्यान रहता है.
  • कुछ देर के अभ्यास के बाद आपके आगे उस माध्यम की साकार कल्पना बनने लगती है और इस दौरान आप शांत, स्थिर और भावशून्य होते है जिसकी वजह से जो भी आप भावना देते है वो सामने वाले माध्यम तक पहुँचती रहती है.
  • माध्यम सो रहा होता है जिसकी वजह से आपके विचार माध्यम तक पहुँचते रहते है.
  • इस दौरान जब आपको लगे की माध्यम की कल्पना आपके सामने ज्यादा समय तक टिकी रहती है तो आप फोटो पर कमांड देना शुरू कर दे.
  • आपके अन्दर जितनी ज्यादा उर्जा होगी और मन शांत होगा उतना जल्दी आपको result मिलेगा.

दीपक त्राटक से वशीकरण का सच्चा अनुभव

में पिछले कई सालो से त्राटक का अभ्यास कर रहा हूँ. ये अभ्यास सतत तो नहीं है लेकिन जब भी खुद को किसी स्थिति के लिए तैयार करना होता है में त्राटक को चुनता हूँ.

ये बात 2 महीने पहले की है जब मुझे किसी व्यक्ति से अपने पैसे निकलवाने थे. सामान्य स्थिति में उसे हर तरह से समझा कर में थक चूका था लेकिन वो हर बार आनाकानी कर निकल जाता था.

Candle Magic ritual

जब कोई और उपाय नहीं बचा तब मैंने दीपक त्राटक से वशीकरण करने का सोचा और अपने मोबाइल से उसकी फोटो का प्रिंट आउट ले लिया. इस प्रिंट को रूम की दीवार पर चिपका दिया और उसके सामने दीपक जला कर उस पर त्राटक किया.

हर रोज सुबह 3 बजे ये अभ्यास 15-20 मिनट तक चलता था और उसके बाद में सो जाता था.

कुछ ही दिन बाद मैंने देखा की जब में उस व्यक्ति के सामने आता हूँ तो वो अशांत हो जाता था. वो मुझसे कुछ कहना चाहता था और कोशिश करता था लेकिन कह नहीं पा रहा था. कुछ ही दिन बीते थे की उसका मेरे पास फोन आ गया

भाई पैसे देने है कहा मिलेगा

जब उसने मुझे पैसे दिए तो उसे एक शांति मिली जिसके बारे में उसने मुझे अभी कुछ दिन पहले बताया है. उसने कहा की पता नहीं क्यों “जब भी मेरे हाथ में पैसे आते थे” मन में बार बार आता था की पैसे वापस कर दू और बैचेनी होने लग जाती थी अब मन को शुकून मिला है.

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दीपक त्राटक से वशीकरण में मिलने वाले सकारात्मक परिणाम

ज्यादातर अभ्यास में मैंने मिलने वाले positive / negative sign के बारे में जानकारी नहीं दी है क्यों की इससे अभ्यास करने वालो पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इस अभ्यास के कुछ अनुकूल प्रभाव शेयर कर रहा हूँ जो आप सामने वाले में महसूस कर सकते है.

  • जिस व्यक्ति पर आप अभ्यास करते है वो व्यक्ति जब भी आपके सामने आएगा खुद को असहज महसूस करने लगेगा.
  • आप जिस उदेश्य से उस पर दीपक त्राटक से वशीकरण कर रहे है आप उसके साथ उससे रिलेटेड बात नहीं करते है लेकिन उसके मन में ये बात बार बार गूंजती रहती है.
  • वो जब भी सोता है उसे सपने में वही अनुभव होता है जो आप भावना आप देते है. ये आप उसे अभ्यास के बाद में पूछ सकते है लेकिन बिच में नहीं. इससे उसका मन ट्रैप को समझ जाता है और उसके लिए इस प्रभाव को तोडना आसान हो जाता है.
  • अभ्यास और अनुभव दोनों गुप्त रहेंगे तो प्रभाव ज्यादा रहेगा अगर अभ्यास के साथ साथ आप उस व्यक्ति को बार बार पूछते है या नोटिस करते है तो प्रभाव नहीं बनेगा साथ ही उसे शक हो जायेगा.

दीपक त्राटक से वशीकरण में क्या सावधानी बरतनी चाहिए

इस अभ्यास को आसान समझने की भूल न करे सुनने में ये जितना आसान है उतना ही ज्यादा इसका मानसिक प्रभाव भी है. इसलिए इन सावधानियो को ध्यान में रखे

  • कभी भी गलत उदेश्य की पूर्ति के लिए इसका प्रयोग न करे.
  • अभ्यास को संयम और धेर्य के साथ करे अगर आपने मानसिक बल लगाया ( जो की ज्यादातर लोग करते है ) तो आपको मानसिक उर्जा के क्षय और बेहद ज्यादा सर दर्द का सामना करना पड़ सकता है.
  • शुरू के कुछ दिन आप ( 2-3 दिन ) आप कोशिश करे की दीपक त्राटक और माध्यम की फोटो का अक्ष आपके सामने साफ बने. इसके बाद विचार भेजने की कोशिश करे शुरू से ऐसा न करे वर्ना आप निराश हो सकते है.
  • माध्यम पर पड़ने वाले प्रभाव को देखने के बाद भी उसे जाहिर न करे की आप ऐसा कर रहे है वर्ना वो सावधान हो सकता है.

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दीपक त्राटक से वशीकरण की साधना – final conclusion

दोस्तों वशीकरण के कई सारे तरीके है आप मंत्र से अभ्यास करे, तंत्र से या फिर किसी और तरीके से प्रभाव और उदेश्य अलग होने के बाद भी result एक ही मिलता है उदेश्य पूर्ति होना.

अगर आप दीपक त्राटक से वशीकरण का अभ्यास करते है तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए.

सभी निर्देश का पालन करते हुए अभ्यास करे सफलता जरुर मिलेगी. इस पोस्ट का उदेश्य उन लोगो को एक सरल जानकारी देना है जो वशीकरण बाबा के पीछे पैसे गँवा कर थक चुके है. उम्मीद करता हूँ जानकारी पसंद आई होगी.

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आध्यात्मिक साधना में सफलता पाने के लिए एक आदर्श आश्रम की पहचान करने से जुड़ी खास जानकारी

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क्या आपने कभी सोचा है की पुराने समय में ऋषि मुनि दुनिया से अलग वन में कुटिया का निर्माण कर साधना करते थे आखिर क्यों ? क्या हम समाज के बिच रहकर साधना नहीं कर सकते है या फिर आश्रम और कुटिया इनके जरिये हम कुछ ऐसे बदलाव पाते है जो साधना को सफल बनाते है. साधना में सफलता और आश्रम का योगदान क्या और कैसे होता है तथा एक आदर्श आश्रम की पहचान कैसे की जाए इसके बारे में आज हम जानने वाले है. फर्जी बाबा जो खुद को धर्मगुरु बता कर अपने आश्रम की स्थापना कर रहे है उनमे और पुराने समय के आश्रम में क्या अंतर है जैसी कुछ खास बातो पर आज जानते है.

साधना में सफलता और आश्रम का योगदान

आज जहाँ भी देखते है हर धर्मगुरु ने अपने आश्रम की स्थापना कर रखी है. क्या ये वास्तव में एक आदर्श आश्रम है जहाँ हम साधना जैसे अनुभव कर सकते है, नहीं ! क्यों की आज जो भी हो रहा है वो सब दिखावा है. मन को साधने की बजाय दिखावा और आडम्बर रचा कर फर्जी लोग धर्मगुरु बन चुके है. पुराने धर्मग्रंथो को तोड़ मोड़ कर अपने स्वार्थ के लिए पब्लिश करना आम बात बन चुकी है. अगर आप वास्तव में जानना चाहते है की एक सही आश्रम की तलाश कैसे की जाए और वहां क्या होना चाहिए तो जानिए इन खास पॉइंट्स के द्वारा.

साधना में सफलता और आश्रम का योगदान

हम सभी ने अष्ट सिद्धि और साधना के बारे में काफी सुना है. पुराने समय में ऋषि मुनि पर्वतो या गुफाओ / आश्रम में साधना करते थे. आज भी लोगो का मानना है की साधना के सफल में होने में आश्रम का काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है. कई बार लोगो की मानसिकता बन जाती है की उन्हें साधना करनी है जो की बिना किसी आश्रम या पर्वत / जंगल के संभव नहीं होगी इसलिए वो घर का त्याग कर भटकते रहते है साधना में सफलता के लिए और अंत में न घर के रहते है न घाट के.

एक आश्रम का साधना में क्या योगदान होता है ये हम आज जानने वाले है. मै उन आश्रम की बात नहीं कर रहा हूँ जो आज धर्मगुरूओ द्वारा बनाए जा रहे है. एक आदर्श आश्रम कैसा होता है और उसमे किन किन चीजो का समावेश हमारी साधना को सफल बनाता है इन सबके बारे में आज डिटेल से कुछ खास बाते शेयर की जा रही है. इस पोस्ट पर आप अपने विचार रख सकते है.

आश्रम से जुड़ी खास बाते

  • एक आदर्श आश्रम वो होता है जो प्रकृति के नजदीक होता है.
  • जहाँ जाने मात्र से आपका मन पवित्र और शरीर संतुलन की अवस्था में आने लगता है.
  • जहाँ पैसे नहीं आपके संस्कार मायने रखते है वो होता है आश्रम.
  • आश्रम में हर चीज और गतिविधि स्थिर और संतुलित होती है तथा आपको संतुलित बनाए रखती है.
  • आश्रम का लाइफस्टाइल आपको स्थिर रखने वाला होना चाहिए ना की परेशान करने वाला या बोझ लगने वाला.
  • बाहरी दुनिया से अलग जहाँ मोबाइल, फास्टफूड और मनोरजन के साधन ना हो.

क्या घर पर की गई साधना सफल हो सकती है ?

पहले के समय में आश्रम होते थे साधना और शिक्षा के लिए और उस समय तो इतनी सुविधा नहीं थी जितनी आज है, ऐसे में हमें लगता है की हम साधना के लिए बाहर कही किसी आश्रम में क्यों जाए जब हमें सब सुविधा घर पर ही मिल सकती है. ये बात बिलकुल सही है की साधना के लिए आज हमें सभी चीजे घर पर मिल सकती है लेकिन, क्या आप घर पर रह कर अपने शरीर और मन को पूरी तरह साध पाओगे ? इसलिए कहा जाता है की साधना में सफलता और आश्रम का योगदान दोनों एक दुसरे के पूरक है.

किसी भी साधना के लिए विधान से ज्यादा महत्वपूर्ण है हमारा खुद का सधा हुआ होना. घर पर की गई साधना ज्यादातर असफल हो जाती है क्यों ? क्यों की हम सभी विधि विधान तो अपनाते है लेकिन उन सावधानियो का ख्याल नहीं रख पाते है जो हमें रखनी चाहिये. साधना के लिए आवश्यक मन और शरीर पर कण्ट्रोल नहीं होता है. इन कारणों से साधना में / ध्यान में / सिद्धि में सफलता नहीं मिलती है. आपको सबसे पहले तो एक आश्रम के लिए आवश्यक बातो का ज्ञान होना चाहिए की वो कैसा हो ताकि साधना में सफलता सुनिश्चित की जा सके.

साधना में सफलता और आश्रम का योगदान – कैसा होना चाहिए आश्रम

एक आश्रम के लिए हमें कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए. इन सभी बातो का संबंध साधना में सफलता से है. अगर आप इन सभी विशेषता को किसी जगह पाते है तो वो आपके लिए एक आदर्श आश्रम बन सकता है.

प्राकृतिक वातावरण के हो नजदीक

पुराने समय में लोग जंगल और गुफा में साधना करते थे इसकी वजह यही थी की वहां उन्हें सही वातावरण मिलता था. हम जितना प्राकृतिक वातावरण के नजदीक होते है साधना में उतना ही ज्यादा मन लगा रहता है. प्रकृति की सुगंध हमारे अन्दर प्राण उर्जा के भण्डार को बढ़ाती है और सांसो में लय स्थापित होती है. दुसरे शब्दों में कहे तो आपको साधना के लिए शुरुआती तैयारी करने की जरुरत ही नहीं पड़ती है. आप इन बदलाव को अपने अन्दर महसूस कर सकते है. साधना में सफलता और आश्रम का योगदान तभी संभव है जब निम्न खास बाते आपको वहां मिले जैसे की

  • मन शरीर और सांसो का संतुलन.
  • सकारातमक और सात्विक भाव मन में उत्पन होना.
  • प्राण उर्जा का संतुलन जो की स्वस्थ्य प्राण वायु द्वारा बढ़ता रहता है.

रेडियो वेव से दूर

आज दुनिया में शायद ही कोई जगह है जहाँ मोबाइल न पहुंचा हो. इसके चाहे अनंत फायदे हो लेकिन आज ये हमारा अभिन्न अंग बन चूका है. सुबह से लेकर रात को सोने तक हम और चाहे कुछ भी पास में ना रखे लेकिन ये जरुर मिलेगा. मन में अशांति, चिडचिडापन और अवसाद इन सबकी वजह रेडियो वेव है. एक आदर्श आश्रम की स्थिति ऐसी जगह पर होनी चाहिए जहाँ पर मोबाइल को रखने की मनाही हो.

गाँव में आज भी आपको ऐसी स्थिति मिल जाएगी. मोबाइल से हम जितनी दुरी बनाए रखेंगे मन को उतना ही शांत रख सकते है. मोबाइल हमारे पास रहेगा तो हमारा मन उसमे ही लगा रहता है. इससे दुरी बनाए रखना संभव तो नहीं है लेकिन कोशिश ये रखे की दिन के कम से कम 2 घंटे भी इससे दूर रहे तो अच्छा बदलाव महसूस कर सकते है. साधना में सफलता और आश्रम का योगदान तभी काम करेगा.

बाहरी दुनिया से अलग हो

आश्रम की स्थापना किसी पहाड़ या घाटी में करने की बात नहीं हो रही है. एक आश्रम का कनेक्शन बाहरी दुनिया से अलग ही हो तो बेहतर है क्यों की अगर ऐसा नहीं होगा तो साधना में जो हमें सब क्रिया करते है उसका कोई मतलब नहीं. बाहरी दुनिया से अलग होने के कुछ मायने है जैसे की.

  • सुबह एक फिक्स time पर उठ जाना.
  • नाश्ते में अंकुरित आहार न की कोई फ़ास्ट फ़ूड
  • दिन भर साधना से जुड़ी गतिविधि और रात्री को एक सुनिश्चित समय पर सो जाना.

क्या हमें ये सारी सुविधा घर पर ही मिल सकती है ? मिल सकती है लेकिन कितने समय तक ये कहना मुश्किल है क्यों की घर का माहौल ऐसा होता है की कुछ भी फिक्स नहीं होता है. ऐसे में हम सामंजस्य नहीं बैठा पाते है जिसकी वजह से उचित परिणाम नहीं मिल पाते है.

साधना में सफलता और आश्रम का योगदान जहाँ का खानपान हो सादा

हमारी लाइफस्टाइल और खानपान ये दोनों ही ऐसी चीजे है जो साधना को प्रभावित करती है. अगर बात करे सही खानपान की तो सुबह उठते ही आधे घंटे के अन्दर हमें healthy चीज खा लेनी चाहिए और 2 घंटे के अंदर भारी नाश्ता जैसे की परांठे / घी / बटर या अंकुरित आहार खाना चाहिए. दोपहर में माध्यम खाना और रात्रि को हल्का और जल्दी पचने वाला सुपाच्य खाना खाना चाहिए. लेकिन हो इसका उल्टा रहा है.

हम दिन में हड़बड़ी में उठते है नाश्ता या तो ब्रेड का करते है या करते ही नहीं है और दोपहर के खाने को कुछ भी खा लेते है और रात्रि में भारी खाना खा लेते है. ये सोच कर की चलो पुरे दिन की भरपाई हो गई लेकिन वास्तव में ये भरपाई नहीं आपकी तोंद बढाने का काम करता है. अगर हम खानपान को ऊपर बताए हुए तरीके से करे तो संतुलित रहते है कही किसी GYM जाने की जरूरत नहीं क्यों की दिन भर की गतिविधि काफी है.

खानपान का साधना से क्या संबध है ? बिलकुल है क्यों की अगर खानपान सही होगा तो विचार सही होंगे क्यों की हम जैसा अन्न खाते है हमारे विचार भी वैसे ही होते है. इसलिए आहार पर एक नजर जरुर डाल ले.

आजकल के आश्रम कितने सही है ?

आजकल के जो आश्रम है वो साधना के लिए कम और मनोरंजन / समय व्यतीत के लिए ज्यादा काम आ रहे है. आश्रम को प्राकृतिक रूप से बना हुआ होना चाहिए. उसमे भव्य बुल्डिंग किस काम की, फैंसी लाइट किस काम की, खानपान में उत्तम भोग किस काम के. आज हमारे पास पैसा है तो बड़े लोगो का time pass का जरिया ये आश्रम ही बने हुए है. साधना में सफलता और आश्रम का योगदान होता है ये सोच कर इन आश्रम में जाना पूरी तरह से सही फैसला नहीं है.

सभी आश्रम पहले सामान्य ही होते है फिर इनके भक्त अमीर लोग बनना शुरू हो जाते है तो बड़ी रकम जुटना शुरू हो जाती है जो अंत में आश्रम को भव्य रूप दे देती है. एक गुरु को कैसा होना चाहिए इसे लेकर दो मत है और दोनों ही अपनी जगह सही है.

  • पहला – गुरु जिस रूप में रहना चाहे रह सकता है. फर्क इस बात से पड़ता है की वो उस चकाचोंध से प्रभावित हो रहा है या नहीं.
  • दूसरा – एक गुरु को हमेशा पैसो / माया और दिखावे से दूर रहना चाहिए.

पहला मत सही इसलिए है क्यों की गुरु ने लम्बे समय तक जो नाम कमाया है उसे हक़ है की वो अब जो चाहे वो करे. और दूसरा मत इसलिए क्यों की जो गुरु दिखावे करना शुरू कर देते है वो राम रहीम ( अगर किसी को बुरा लगे तो sorry ) की तरह पतन की राह पर चल देते है. गुरमीत राम रहीम ने अच्छे कार्य किये है इसलिए उन्हें एक आदर्श समाजसेवी के रूप में देखा सकता है लेकिन अध्य्तामिक गुरु के रूप में किस प्रकार से देखे ? अगर उनका कोई शिष्य है जो लोगो को ये बता सके की वो आध्यात्मिक कैसे थे तो जरुर यहाँ कमेंट करे.

sachhiprerna का उदेश्य किसी को गलत ठहराना नहीं है न ही हम किसी की भावनाओ को ठेस पहुंचाते है. ये बात यहाँ सिर्फ रीडर के अपने विचार जानने के लिए है. आप अपने विचार कमेंट के माध्यम से रख सकते है. दुसरे भी गुरु है जिन्होंने समय समय पर दिखावे का प्रदर्शन किया है और आज जेल में है.

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साधना में सफलता और आश्रम का योगदान – अंतिम विचार

दोस्तों मेने स्कूल time में योग लाइफ and मैनेजमेंट में हिस्सा लिया था. ये जगह आश्रम तो नहीं थी लेकिन सबकुछ इतना सही था की उसके संतुलित वातावरण में 5 दिन बिताने के बाद मुझे खुद में काफी सारे सकारातमक बदलाव महसूस हुए. आज की पोस्ट का टाइटल साधना में सफलता और आश्रम का योगदान उन्ही अनुभव पर आधारित है और अगर आप इसके बारे में कुछ अलग सोचते है तो हमें कमेंट में जरुर बताए.

बिना गुरु के त्राटक के अभ्यास में आ रही मुख्य समस्या से छुटकारा पाना है तो करे इन टिप्स पर अमल

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side effect of tratak की बात हो चुकी है. और हम जानते है की त्राटक को कैसे अनुभव किया जा सकता है. क्या आप जानते है बिना किसी गुरु के त्राटक का अभ्यास करने पर क्या होता है ? हमें क्या अनुभव होते है या समस्या आती है.

अगर आपके अभ्यास का तरीका सही है फिर भी आप खुद को परेशान महसूस करने लगे है तो समझ ले की आप common problem in tratak का शिकार हो चुके है.

ये समस्या तो नहीं लेकिन बदलाव जरुर है जिनसे निपटना कैसे है ये आज हम जानने वाले है.

Common problem in tratak

त्राटक और इसकी श्रेणी में अब तक हम जान चुके है की त्राटक क्या है क्यों किया जाता है इसके लाभ क्या क्या है लेकिन, आज हम बात करने वाले है की जब हम बिना किसी गुरु या गाइड के सिर्फ पढ़ कर भी त्राटक की शुरुआत करते है तो शुरू शुरू में हमें क्या क्या तकलीफे आ सकती है.

मै इसे तकलीफ कम बदलाव ज्यादा कहना पसंद करूँगा क्यों की त्राटक के अभ्यास द्वारा हम खुद को अलग वातावरण के लिए तैयार ही तो कर रहे है.

तो बिना किसी फॉर्मेलिटी के बात करते है Common problem in beginning of tratak या फिर common problem in tratak जो की हर साधक को फेस करनी होती है.

Common problem in tratak क्या वास्तव में ये समस्या है?

जब हम एक वातावरण से दुसरे वातावरण में खुद को ढालते है तो कुछ ऐसे बदलाव होते है जिनी वजह से हमें तकलीफ हो सकती है या फिर तकलीफ होती है.

वास्तव में ये बदलाव तकलीफ नहीं है बल्कि ये बदलाव हमें उस स्थिति के लिए तैयार करते है. कुछ लोग इसे बैलेंस कर लेते है तो कुछ नहीं कर पाते है.

आज में आपको त्राटक में शुरू शुरू में आने वाली तकलीफ और इनसे निपटने के कुछ उपाय बताऊंगा.

जब हम त्राटक की शुरुआत बिना किसी अनुभव के करते है या फिर सिर्फ त्राटक का अभ्यास करते है तो हमें कुछ ऐसे बदलाव का सामना करना पड़ता है जो की कई बार हमें परेशान कर सकते है.

वैसे तो त्राटक के साइड इफ़ेक्ट की हम बात कर चुके है लेकिन आज जिस विषय में हम बात कर रहे है वो कोई प्रॉब्लम नहीं है बल्कि बदलाव है.

त्राटक में होने वाले मुख्य शुरुआती अनुभव और परेशानिया तथा उनसे आगे बढ़ने के तरीके जानने के लिए इस पोस्ट को पढ़े और फिर अपने होने वाले अनुभव के अनुसार उपाय करे आपको सफलता जरुर मिलेगी.

आँखों का सूख जाना या फिर बहुत ज्यादा पानी निकलना

जब हम त्राटक की शुरुआत करते है तो शुरू शुरू में यही सबसे बड़ी समस्या आती है की या तो हमारी आँखों से बहुत ज्यादा पानी निकलता है या आँखे सूखी हो जाती है. कई देर तक बोर्ड पर त्राटक करने से हमारी आँखे भी पथरा जाती है.

वैसे तो ये कोई ज्यादा बड़ी समस्या नहीं है लेकिन दिन की अन्य गतिविधि में हमें इससे मुश्किल आ सकती है.

जब आँखों से बार बार पानी आता है या फिर नमी ख़त्म सी हो जाती है तो दिन भर में कामो में हमें धुंधलेपन की शिकायत महसूस होने लगती है.

त्राटक के शुरुआती दिनों में ये बहुत आम बात है लेकिन फिर भी लोगो के मन में आँखे ख़राब हो जाने का डर बैठ जाता है जिसकी वजह से वो इसे छोड़ देते है.

अगर आप भी इस तरह की common problem in tratak से परेशान है तो आपको त्राटक छोड़ने की जरुरत नहीं है, खुद में बस ये बदलाव लाइए.

समाधान

त्राटक की शुरुआत बिंदु से करनी चाहिए इसके बारे में पहले भी बताया जा चूका है. लेकिन फिर भी कुछ लोग दर्पण, दीपक त्राटक करने लगते है.

ज्यादातर लोग दीपक त्राटक के पीछे भागते है ताकि उन्हें सम्मोहन शक्ति मिले.

शक्ति के चक्कर में वो अपनी आँखों को परेशानी में डाल देते है. त्राटक की सही शुरुआत ही आपको अच्छे अनुभव दिला सकती है इसलिए त्राटक के बारे में अच्छे से जानकारी ले और फिर इसकी शुरूआत करे.

अगर आपको आँखों के ज्यादा नम या सूखे रहने से प्रॉब्लम आ रही है तो आप कुछ tips को follow कर सकते है.

  • त्राटक से पहले आँखों की exercise जैसे की thumb gazing का अभ्यास करे.
  • आँखों को त्राटक करने के बाद ठन्डे पानी से या गुलाबजल से धो ले.
  • त्राटक के बाद सुबह सुबह थोड़ा घुमने की आदत डाले.

Read : दर्पण त्राटक साधना करने से पहले जान ले इसके छिपे हुए खतरों के बारे किस तरह साधना के दौरान दर्पण साधक को प्रभावित करता है

स्वभाव में एकाकीपन आ जाना

जब हम त्राटक करते है तब common problem in tratak में से एक हमारे स्वभाव में एकाकीपन आने से भी परेशान हो जाते है. हमारे स्वभाव में ये बदलाव हमें और दुसरो को हैरत में डाल देता है की आखिर हम इतने बदल कैसे रहे है.

जिन लोगो को इसकी सही knowledge नहीं होती है उनके मन में तो ये भी आ जाता है की कही में लोगो से ही दूर न होकर रह जाऊ.

Understanding the Ten Bodies

मन की चंचलता पर काबू करने में त्राटक ध्यान से भी ज्यादा प्रभावी तरीका है लेकिन कई बार हम इसके शुरुआती अनुभवों को सही तरीके से समझ नहीं पाते है और हमें ऐसा लगने लगता है की अभ्यास में कुछ न कुछ गलती हो गई है.

स्वभाव में एकाकीपन आना किसी तरह की समस्या नहीं है अगर आप इसे साथ ही साथ बैलेंस करना सीख ले.

समाधान

जब आपके मन में एकाकीपन आने लगे आपको सबसे पहले खुद को बैलेंस करना सीखना चाहिए.

स्वभाव में एकाकीपन आने से हम लोगो से कम मिलना पसंद करते है हमारा मन न के बराबर भटकता है और ज्यादातर हम पब्लिक प्लेस में खुद को अकेला महसूस करते है या फिर चलना पसंद करते है.

अगर आपको इससे कोई प्रॉब्लम न हो तो कोई बड़ी समस्या नहीं है. लेकिन, अगर आपको लगे की ऐसा करने से आप खुद को लोगो से दूर करते जा रहे है तो कुछ tips आजमाए.

  • हर रोज कुछ समय एकांत में बैठे और लोगो से मुलाकात करने का सोचे.
  • लोगो से बातचीत करने के लहजे में करे, संयत होकर बोले क्यों की अब आपकी चंचलता बेहद कम हो चुकी है इससे लोगो पर आपका एक positive impression पड़ेगा.
  • सुबह शाम पार्क में घुमने का schedule बना ले इससे आप अपने आसपास की सुन्दरता को देखोगे तो मन संयमित रहेगा.

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मस्तिष्क का दिन में शून्य महसूस करना

त्राटक का अभ्यास शुरू करने से पहले बेशक आपके मस्तिष्क में हजारो विचार चलते रहते होंगे लेकिन tratak meditation की शुरुरत करने के बाद आप खुद को शांत और विचार-शून्य महसूस करने लगते है.

कुछ लोगो को इसका अहसास बिलकुल वैसे होता है जैसे अचानक चलते चलते दिमाग का सुन्न हो जाने पर अनुभव होता है.

ऐसा होना एक नार्मल कंडीशन है अगर आप दिन का एक बड़ा हिस्सा लोगो से कट कर अकेले गुजारते है.

ये किसी तरह की common problem in tratak नहीं है बल्कि आपके मस्तिष्क की गतिविधि है. आप जितना ज्यादा खुद पर फोकस करेंगे आपको इसका अनुभव उतना ही ज्यादा होगा.

समाधान

  • लोगो से अकेले रहने की वजह से ऐसा होता है तो दुसरो से मिलने जुलने की आदत डाले.
  • अगर दिनभर आप अकेले रहकर काम करते है जिसमे आपको कम से कम बोलना पड़ता है तो आप कुछ खास frequency music को सुन सकते है. ये आपके emotion को control करते है.
  • आँखे बंद करे और खुद को किसी खास पल से जोड़ दे इससे आपके मन में उससे जुड़े विचार आने शुरू होंगे और मस्तिष्क का खालीपन महसूस होना बंद हो जायेगा.

स्वभाव चिडचिडापन हो जाना

त्राटक करने के कुछ दिन बाद आम लोगो की तरह मुझमे भी ये समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिली थी. मेरा स्वभाव कुछ चिडचिडा हो गया था खासतौर से लोगो से ज्यादा देर बात करने के दौरान.

मै ना तो लोगो से ज्यादा बात करता था न ही उनसे ज्यादा मिलता था. ज्यादातर समय बस स्टडी की किताबो में.

आपमें से ज्यादातर लोगो ने भी इसे महसूस किया होगा. वैसे तो ये कोई side effect नहीं है लेकिन common problem in tratak में से एक है जिसे साधक समझ नहीं पाते है की इसे डील कैसे करे.

स्वभाव में चिडचिडापन कई बार इतना बढ़ जाता है की हम या तो परेशान हो जाते है या फिर दुसरो की भावनाओ को ठेस पहुंचा देते है.

Girl watching the stars. Stars and galaxy are my astronomy work.

मुझे इसे डील करने में काफी समय लगा था क्यों की मुझे guide करने वाला कोई नहीं था लेकिन आप कुछ tips को फॉलो कर सकते है इससे आपको मदद मिलेगी.

common problem in tratak and how to solve them. जब भी आप लोगो के बिच में बैठे हो और आपका मन आपको उनसे दूर चले जाने को प्रेरित करे या फिर मन में चिडचिडापन बढ़ने लगे तो उन पॉइंट को समझे आपको गुस्सा क्यों आ रहा है.

जैसे की आपको कोई बोलने का कह रहा है और आप बोलना कम ही चाहते है तो आप इसे लोगो के कहने पर मुस्कुरा कर डील कर सकते है. 95% को बोलने में प्रॉब्लम होती है वो कम ही बोलना पसंद करते है.

दिन का कुछ समय आप दर्पण के सामने गुजारे और वहा पर बोलने की कोशिश करे.

इससे न सिर्फ आपके बोलने के तरीके में बदलाव आएगा बल्कि आप अच्छे से लोगो को डील कर पाएंगे और अपना positive impression भी छोड़ सकेंगे. ज्यादा जानकारी के लिए इसे पढ़े दर्पण के सामने बोलचाल को सुधारे.

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दिन की रौशनी में तकलीफ होना

त्राटक करने का समय सूर्योदय से पहले का होता है जिसकी दो मुख्य वजह होती है पहली इस समय आपके आसपास के वातावरण में cosmic energy बहुत ज्यादा मात्रा में बिखरी होती है जिसे आप आसानी से अपनी और attract कर सकते है.

दूसरा त्राटक से आप अपनी आँखों की रौशनी (तेज) को बढाते है. सूर्य की उपस्थिति में इसे कर पाना मुमकिन नहीं. लेकिन ऐसा करने से आप कुछ दिन तक शायद सूर्य की रौशनी से परेशान हो सकते है.

जब हम त्राटक का अभ्यास करते है तब हमारी आँखे आसपास की रौशनी को सोखना शुरू कर देती है.

ये एक अभ्यास है जिसमे हम धीरे धीरे अपनी आँखों में तेज समेटना शुरु करते है.

आँखे तेजस्वी बने इसलिए अभ्यास को क्रम से करना चाहिए लेकिन ऐसा करना हमें दिन की रौशनी में चुभन, आँखे खुली न रख पाना, कुछ देर बाद ज्यादा तेज चमकीली रौशनी दिखना जैसे अनुभव करवा सकता है.

common problem in tratak में से एक ये भी आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है लेकिन आप इसे निम्न तरह से हल कर सकते है.

समाधान

कुछ एक्सपर्ट के अनुसार अगर आपको इस तरह की समस्या हो तो कम रौशनी के चश्मे का प्रयोग करना चाहिए. इससे आपको रौशनी में तकलीफ नहीं होती है साथ ही आपकी आँखों का तेज बना रहता है.

त्राटक का अभ्यास करने के बाद सूर्योदय के समय पार्क में घुमे ताकि रौशनी की सही मात्रा आपको मिले. पार्क का माहौल कुछ इस तरह का होता है की वो आँखों को ठंडक देता है. इस वजह से सुबह शाम पार्क में घुमने की सलाह दी जाती है.

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common problem in tratak and their solution – final word

त्राटक की शुरुआत करने के बाद हमें इस तरह के अनुभव होना आम बात है. हालाँकि अभ्यास के साथ इन सबको दूर किया जा सकता है लेकिन अगर आपको इससे प्रॉब्लम होने लगती है तो आप इनके समाधान अपना कर इनसे डील कर सकते है.

common problem in tratak की ये पोस्ट मेरे अपने अनुभव और free trataka problem online consult में अभ्यास करने वाले ज्यादातर लोगो द्वारा फेस की गई प्रॉब्लम पर आधारित है.

अन्य किसी तरह की प्रॉब्लम के लिए आप दूसरी पोस्ट tratak side effect पढ़ सकते है.

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खुद में आत्मविश्वास जगाना चाहते है तो सिर्फ रोज 5-10 मिनट आईने के सामने इसे दोहराए

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दर्पण त्राटक के बारे में तो हम सभी पढ़ ही चुके है. आज बात करने वाले है एक सामान्य से दर्पण के जरिये हम खुद को कैसे मनचाहे स्वरूप में ढाल सकते है. The Mirror Technique Building Self-Confidence with One Powerful tricks यानि एक ऐसी तरकीब जिसके जरिये हम आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा सकते है.

आइये जानते है की Building Self-Confidence with The Mirror Technique वास्तव में काम कैसे करती है और daily life में हम इसका benefit  उठा सकते है.

mirror exercise for self ester in Hindi की आज की पोस्ट में हम how to build self confidence with mirror technique के बारे में जानने वाले है. आइये जानते है mirror technique for self confidence  के बारे में और भी ज्यादा डिटेल से.

क्या आप जानना चाहते है की आखिर एक superstar  इतनी अच्छी acting कैसे कर लेता है. क्या ये possible है की हम जिसके बारे में सोचे उसकी तरह behave करना शुरू कर दे. कुछ स्टार ने एक secret reveal किया है की वो किसी भी मुश्किल performance से पहले कुछ समय आईने के सामने खुद को ready करते है.

mirror technique for self confidence

आज की पोस्ट में हम जानने वाले है की आखिर हम इस tricks को कैसे अपने daily life में use में ला सकते है. कई सारे ऐसे रोल होते है जिनसे एक इन्सान nervous feel करने लगता है. इस कंडीशन पर काबू पाने के लिए वो अक्सर इस तरह की technique का प्रयोग करता है.

बड़े बड़े दर्पण का इस्तेमाल खास जगहों पर होने की वजह.

अगर आपने कभी गौर किया हो तो पाया होगा की public place,  auditorium,  gym, dance class इन सब जगह पर कांच के बड़े बड़े दर्पण लगे होते है. इन mirror को ऐसी जगह पर लगाने की वजह कुछ और नहीं बल्कि आपके अन्दर self-confidence को बढ़ाने के लिए लगाए जाते है.

जब आप उसमे देखते हुए practice  करते है  तो आपके अन्दर आत्मविश्वास पैदा होता है. बड़े बड़े stage performance  का सामना करने वाले superstar इसी तरह खुद को motivate  करते है.

what is mirror technique for self confidence

जिन लोगो में आत्मविश्वास की कमी होते है वो लोग अक्सर public place में खुद को अकेला महसूस करते है. ऐसे लोगो के लिए जो खुद को हीन भावना से देखते है उनके लिए mirror technique for self confidence  सबसे best practice  है.

इससे वो ना सिर्फ खुद का confidence  बढ़ा सकते है बल्कि खुद को बुलंदियों तक ले जा सकते है. मेरा खुद का मानना है की personal development  के लिए आईने के सामने अभ्यास करना अच्छी कोशिश है.

mirror technique for self confidence  के जरिये हम खुद के अन्दर खुद को लेकर ही self love or self care पैदा करते है. न सिर्फ खुद बल्कि दुसरो के साथ भी अच्छे रिश्ते कायम करने में अहम् रोल निभाते है.

दैनिक जीवन में सिर्फ कुछ देर आईने के सामने खुद को देखने और मनचाहे स्वरूप की भावना देने से आप कुछ ही दिनों में खुद में उस बदलाव को महसूस करने लगते है.

दर्पण त्राटक से तीव्र सम्मोहन किया जा सकता है ठीक वैसे ही हम दर्पण के सामने कुछ देर खड़े रहकर जब भावना देते है तो वो सीधे subconscious mind द्वारा ग्रहण कर ली जाती है और daily life में हमें change दिखने लगते है.

दर्पण के सामने खड़े रहने में comfort feel  ना करना

कुछ लोगो का कहना है की वो आईने के सामने खड़े होने पर खुद को uncomfortable  / embarrassed or emotional feel करने लगते है. ऐसा उनके साथ इस वजह से होता है क्यों की वो खुद को हीन भावना से देखने लगते है.

जब आईने में वो खुद को देखते है तो उन्हें नजर आता है थका हुआ एक ऐसा चेहरा जिसमे कुछ कर दिखाने की इच्छा ही नहीं बची है. जब तक आप negative thoughts से घीरे रहते है आप खुद को बेहतर महसूस नहीं कर सकते.

वास्तव में आइना हमें वर्तमान की सच्चाई दिखाता है हम जैसा सोचते है वैसे जी आईने में हमारा reflection बनता है.

इसी सोच के साथ mirror technique for self confidence improvement in Hindi को लेकर एक ऐसी practice  को बढ़ावा दिया गया जो हमारे अन्दर positive energy and vibration को बढ़ावा देती है. कुछ लोग इसे दर्पण द्वारा व्यक्तित्व विकास को बढ़ाने की आसान तरकीब के नाम से जानते है.

इसका काम आपके अन्दर जो सोच रहे है उसे बढ़ाना है और एक temporary hypnotism  पैदा करना है.

how to practice mirror technique for self confidence without any master skill

दर्पण त्राटक एक आसान अभ्यास है ठीक वैसे ही normally  कुछ देर के लिए आपको दर्पण में खुद को देखना है और भावना देनी है जो भी बदलाव आप खुद में चाहते है. इसका अभ्यास करने से पहले आपको इसके बारे में कुछ बेसिक जान लेना चाहिए जैसे की;

  • खुद के लिए उन भावनाओ का चुनाव करो जो आपके ऊपर फिट बैठे.
  • हर रोज कम से कम 5 मिनट इस अभ्यास को देना होगा.
  • जब भी इस अभ्यास को करे एकांत में करे ताकि कोई और आपको परेशान न कर सके.
  • खुद को भावनाओ में बह जाने दो लेकिन उन्ही भावनाओ में जो बदलाव आप खुद में चाहते है.
  • इन सबका का एक रिकॉर्ड जरुर रखे जहाँ आप अपने experience record कर सके.

जब आप इन सभी बातो को अच्छे से समझ ले तब mirror technique for self confidence का अभ्यास करना शुरू करे. इसके लिए निम्न स्टेप में खुद को बदले

खुद से commitment  करना

कोई भी अभ्यास तभी सही तरीके से अपना प्रभाव दिखा पायेगा जब आप उसके प्रति dedicated  हो.

खुद से एक commitment  करे की हर रोज में 5-10 मिनट आप इस अभ्यास को देंगे. इस तरह से न सिर्फ सोचे बल्कि वक़्त भी दे ताकि आपको उसका सही रिजल्ट मिल सके.

mirror technique for self confidence के लिए खुद से commitment  करना इसका first step है. जब आप खुद को इसके लिए पूरी तरह से तैयार कर लेते है तभी इसकी शुरुआत करनी चाहिए क्यों की अगर आप इसमें continuity  नहीं दे पाते है तो आपका अभ्यास किसी काम का नहीं रह जाता है.

इसलिए शुरू से ही सबकुछ प्लान कर ले की आपको कितना समय देना है और क्या विचार देने है जैसी जरुरी सभी बाते जो आपके अभ्यास का जरुरी हिस्सा है.

दिन के सबसे सही समय पर ही करे अभ्यास

जरुरी नहीं की आप इसे सुबह उठते ही करो या सोते समय करो, ये एक ऐसा अभ्यास है जिसे हम कभी भी कर सकते है लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है की वो समय फिर हर रोज के लिए एक जैसा ही रहना चाहिए.

कुछ लोग जो अपने workplace  पर large mirror set  करवा कर रखते है उस पर भी अभ्यास करते है. अगर आप चाहे तो दिन के कुछ ऐसे समय भी अभ्यास कर सकते है जब आपको कोई एकांत मिल जाता है.

ये समय कोई भी हो सकता है जैसे की bathroom, washroom, after lunch break, evening games etc.

ऐसे ढेरो alternate time है जब आप इसे आसानी से कर सकते है. जरुरी नहीं की आपके पास हरदम एक बड़ा सा मिरर हो आप अपने mobile camera का भी इस्तेमाल कर सकते है.

खुद के लिए सही भावनाओ का चुनाव करे

भावनाए सबसे शक्तिशाली हथियार की तरह इस्तेमाल की जा सकती है खासकर तब जब आप खुद से लड़ रहे हो. जब हमारे मस्तिष्क में हजारो विचार चल रहे होते है खासतौर से अनचाहे विचार जो हमें हरदम परेशान करते रहते है.

इन सबसे बचने के लिए mirror technique for self confidence  का अभ्यास वाकई कारगर उपाय साबित होता है. इस technique  में हम affirmation  का use कर खुद को strong बना सकते है और अनचाहे विचारो से बच सकते है.

negative से positive  बनने के लिए सही भावनाए चुनना हमारे लिए बेहद जरुरी होता है क्यों की जैसी हमारी affirmation होगी वैसा ही हमारा nature बनेगा.

इसके लिए आपको ध्यान देना होगा की आपकी जो भी affirmation हो positive हो. for example :

में हर रोज खुबसूरत बनता जा रहा हूँ.

और

में अब बदसूरत नहीं हूँ में बदल रहा हूँ.

इस तरह के example से आप क्या समझते है ? वो बने जो हम चाहते है या उसे छोड़े जो हम नहीं चाहते है. पहला विकल्प सही रहता है. कुछ ऐसी ही भावना आप प्रयोग में ला सकते है जैसे की

  • में अब लोगो से प्यार करने लगा हूँ.
  • में दुसरो का ख्याल रखने लगा हूँ.
  • में अब समझ गया हूँ की तुम मेरी कितनी परवाह करते हो.
  • में प्यार करने के काबिल / लायक हूँ.
  • मुझे खुद पर पूरा भरोसा है.

ऐसी भावनाए आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी और जब आप ऐसा कर लेते है तो आप पाएंगे की अब आप खुद को नए स्वरूप में महसूस करने लगे है. एक positive energy आपके अन्दर बनने लगी है.

हर रोज दोहराए इन भावनाओ को

हर रोज mirror technique for self confidence  का अभ्यास करने के बाद आप इन affirmation  को अपने daily life schedule  में भी आजमा सकते है.

जब भी आपको लगे की आप कमजोर है खुद को धीरे धीरे spontaneous या loud voice के साथ दोहराए की आप स्ट्रोंग है. कुछ देर बाद ही आप खुद में बदलाव महसूस करने लगेंगे.

जब भी आप आइने के सामने होते है दिन में कभी भी अपनी आँखों में देखते हुए खुद को वाही भावना दे जो बदलाव आप खुद में चाहते है.

कुछ समय बाद ही एक self-hypnotism आप खुद में महसूस करने लगेंगे. ये और कुछ नहीं बल्कि आपकी भावनाओ से बनी positive energy ही है जो आपको strong बनने में मदद करती है.

किसी भी तरह की हीन भावना को बदलना सीखे

कई बार ऐसा होता है की हमारे मन में कुछ ऐसी बाते होती है जो लम्बे समय से दबे रहने की वजह से बाहर तो नहीं निकलती है लेकिन कभी न कभी हमारे मन में उभरती जरुर है.

लम्बे समय से किसी एक भावना को मन में दबाए रखने की वजह से हम खुद को कभी कभी embrace महसूस करने लगते है. ऐसे वक़्त में रो लेना या किसी के सहारे की जरुरत महसूस होना आपके कमजोरी की निशानी नहीं है.

लम्बे समय से रो लेना एक therapy की तरह काम में आ रहा है. आपके मन में कोई ऐसी बात दबी हुई है जिसे आप रोकर खुद को हल्का कर सकते है तो ऐसा करना सही है.

ऐसा होना आपके बचपन की निशानी है न की कमजोरी की इसलिए मन में दबे ऐसे emotion को और ज्यादा न दबाए, उन्हें बाहर निकल जाने दीजिये इससे आपके सभी शिकवे दूर हो जायेंगे और खुद को आप strong  महसूस करने लगेंगे.

Read : भविष्य में देखने की क्षमता आप भी पा सकते है बस जान लीजिये आपका अवचेतन मन इसमें किस तरह काम करता है

mirror technique for self confidence के अनुभव को रिकॉर्ड करना न भूले

अनुभव को रिकॉर्ड करना आपके लिए बेहद जरुरी है. अपने अनुभव को रिकॉर्ड करना और बाद में कमजोर पल में उन्हें सुनकर देखकर खुद को motivate  करना आपको आगे ले जाता है. अपनी उन achievement  को रिकॉर्ड करे जिन्हें आपने खुद से लड़कर हासिल की है.

इससे आपको आगे बढ़ने में हेल्प मिलेगी और आप हर रोज strong बनते जायेंगे. mirror technique for self confidence  – मेरे अपने विचार

दोस्तों आज हमने personal development के लिए mirror technique for self confidence  के आसान से अभ्यास के बारे में जो बात की है उसमे और सबसे शुरुआती सम्मोहन स्तर में कोई फर्क नहीं है. दोनों में ही भावनाए आपके मस्तिष्क के अवचेतन हिस्से पर अपनी पकड़ बनाती है और आपको strong  बनाती है.

ऐसा कोई बदलाव शायद ही होगा जो आप सिर्फ दैनिक जीवन के 5 से 10 मिनट रोज देकर महीने भर में ना पा सके. अगर आपको लगता है की इससे बढ़कर भी कोई self confidence  को बढाने वाली technique  है तो हमें जरुर बताए.

hajrat sadhna ऐसी जादुई गुप्त साधना जो साधक को दिव्य नजर प्रदान करती है -2022 गुप्त सिद्धि विधान

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इस्लाम धर्म में सुलेमानी ताबीज और पीर पैगम्बर साधना बहुत महत्व रखती है. सुलेमानी तंत्र साधना में से एक है हाजरात साधना जो भविष्य दिखाने के साथ साथ कई ऐसे काम करती है जिनकी आम इंसान कल्पना भी नहीं कर सकता है.

simple sulemani tantra sadhna में hajrat sadhna करने वालो की कमी नहीं है. क्यों की ये एक ऐसी साधना है जो साधक को ऐश्वर्य और ज्ञान के मामले में परिपूर्ण करती है.

saral pari apsra sadhna करने वाले साधक tantra vigyan में इसका नाम जरूर सुनते है.

काजल लगाए हुए बालक को अंगूठे में भूत और भविष्य से जुड़ी घटनाए साफ़ दिखाई देती है या दिखाई जाती है.

hajrat sadhna

ऐसी कई sabar mantra pdf है जिनमे sulemani hajrat sadhna का जिक्र है.

hajrat sadhna करने वाले साधक का नियम पालन करना और साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना बेहद जरुरी है. ऐसी कई साधना है जो काल दर्शन और अदृश्य चीजों को देखने के लिए सिद्ध की जाती है इनमे ही एक है हजरत साधना जिसके बारे में आज हम यहाँ बात करने वाले है.

आपने अलिफ़ लैला देखा तो होगा ही जिसमे हीरो एक सुरमा आँखों में लगाता है तो उसे दिव्य नजर प्राप्त हो जाती है और वो गायब चीजों को देख सकता है, मायाजाल को समझ सकता है साथ ही गड़े खजाने को देख सकता है. हाजरात की साधना भी बिलकुल ऐसी ही है.

hajrat sadhna – हाजरात की साधना क्या है ?

भविष्य देखने या फिर अपने सवालों का जवाब पाने के लिए पुराने समय से ही कई प्रयोग करते आ रहे है.

इनमे सबसे ज्यादा फेमस है एस्ट्रोलॉजी, हस्त-रेखा विज्ञान और टैरो कार्ड रीडर लेकिन क्या आप जानते है की चमत्कारी अंगूठी और नगीने के अलावा त्रिकाल दर्शी दर्पण जैसी कई ऐसी साधना है जो हमारे अतीत और भविष्य से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।

hajrat sadhna भी ऐसी ही है आत्माओ का आकर्षण कहो चाहे पहरेदार हमें इस साधना के माध्यम से रहस्यों को समझने में मदद मिलती है.

कुछ तांत्रिक इसे अंजन के रूप में बनाते है. चमत्कारी सुरमा और काजल जिसे आँखों पर लगाने के बाद हम अदृश्य चीजों को देख पाते है.

गड़े खजाने देखने के लिए ऐसे ही सुरमे का निर्माण किया जाता है।

हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्म में है ये साधना :

हम सबको लगता है की हाजरात साधना एक मुसलमानी साधना है लेकिन ऐसा नहीं है दोनों ही रिलिजन में इसका जिक्र है और कोई भी इसे कर सकता है यही नहीं ये साधना ज्यादा मुश्किल भी नहीं है।

हाजरात की साधना का अमल किसी भी मौलाना से मिल सकता है लेकिन इसे सिद्ध करने के लिए आपको मार्गदर्शन की जरूरत पड़ेगी।

सुलेमानी शाबर मंत्र के जानकार इस साधना को आसानी सिद्ध कर लेते है।

हाजरात साधना का प्रयोग और साधना लाभ : hajrat sadhna का amal एक छोटे बालक पर किया जाता है। एक ऐसा माध्यम जिसके जरिये हम हाजरात से बात कर अपने मनचाहे सवालों का जवाब पा सकते है।

इस साधना द्वारा गड़े खजाने का पता करना, अतीत की घटनाओ का पता करना, जवाब पाना और भविष्य की झलकियां देखने और उससे रिलेटेड सवालों के जवाब पाने में मदद करती है.

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hajrat sadhna और भविष्य दर्शन :

हाजरात साधना में एक ऐसे बालक का चयन किया जाता है जो मन का साफ़ हो और पवित्र हो।

उम्र ज्यादा से ज्यादा 8 साल हो। उस बालक को अपने सामने बैठा-कर उसकी आँखों में देखते हुए उसे भावना दे की उसकी आंखे बंद हो रही है और वो ऐसी जगह जा रहा है जो साफ़ सुथरी है।

उस जगह पर चार पहरेदार होंगे आप उन्ही में से एक को बुलाकर उसका नाम ले जिससे आपको बात करनी है।

थोड़ी देर बाद ही वो उस आदमी को ले आते है जिससे आपको बात करनी है। ये विधि आप आत्माओ से बात करने की खास विधिया में पढ़ सकते है।

करामाती अंगूठी के रक्षक और हाजरात का प्रयोग एक जैसा ही है। हाजरात और प्लेनचिट दोनों एक जैसे ही प्रयोग है

hajrat sadhna और plainchit दोनों में एक खास बात है और वो ये है की इनमे मेस्मेरिज्म विद्या का प्रयोग होता है। मेस्मेरिज्म आकर्षण में फंस कर माध्यम प्रयोगकर्ता के आदेश के अनुसार ही काम करने लगता है। साधक का माध्यम पर आकर्षण होना बेहद जरुरी है।

इसलिए आप ऐसी कुछ चीजों का इस्तेमाल कर सकते है जो माध्यम को शिथिल करने का काम करती हो साथ ही माध्यम का साधक पर विश्वास बढ़ाए रखने और उसके निर्देश का बिना किसी हिचकिचाहट के मान लेने के लिए पूरी तरह तैयार हो.

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हजरत की साधना में पूर्णता की शर्ते

इस तरह की साधना मुख्य रूप से साधक के निर्भय होने के साथ साथ उसके बल और ब्रह्मचर्य की परीक्षा लेती है। इसलिए साधना-काल में कुछ बातो का ध्यान जरूर रखे जैसे की

  • सादा और सात्विक लेकिन हल्का भोजन करना चाहिए जिससे की मन साफ बना रहे।
  • ब्रह्मचर्य का खास ध्यान रखना चाहिए जिसके लिए कोशिश करे आप ज्यादा समय साधना में बिताए। आप दिन में अपना ज्यादा से ज्यादा समय भक्ति में बिता सकते है।
  • साधना में पूर्णता से पहले हमें आभास होता है की जैसे साधना पूर्ण हो गई है और अभ्यास की जरुरत नहीं लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता है। ये एक परीक्षा होती है ताकि साधक भटक जाए।
  • साधना के बाद समय समय पर इस साधना को दोहराते रहना चाहिए। ताकि इसका असर बना रहे। खासतौर से ग्रहण, खास मुहूर्त में।

हर साधना की तरह इस साधना में भी साधक को कई सावधानिया रखनी चाहिए जैसे की संयम, क्रोध पर नियंत्रण और ज्यादा समय में साधना में बिताना इसकी वजह है ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक बनना ताकि सही परिणाम मिल सके।

hajrat sadhna ritual process

अगर आप hajrat muslmani sadhna करने के लिए इच्छुक है तो इसके लिए आपको इस मुसलमानी साधना को सिद्ध करना होगा.

hajrat sadhna का इसका प्रयोग 21 दिन का है और 21 दिन में ये साधना सिद्ध हो जाती है जिसमे हम एक पीर को सिद्ध करते है और वही हमारे सवालों का जवाब देता है.

साधक आधी रात या फिर सुबह के समय पश्चिम दिशा की ओर मुह कर बैठ जाइये. एक हकिक की माला ले और इस माला से उलटे जाप की विधि से निम्न मंत्र का जाप करे.

Girl watching the stars. Stars and galaxy are my astronomy work.

ख्वाजा खिज्र जिन्द पीर मैदर मादर दस्तगीर मेरा पीरान पीर करो घोड़े पर भीड़ चढो हजरत पीर हाजर सो हाजर

इंग्लिश में

Khwaja Khijr Jind Peer Maidar Maadar Dastgeer Mera Peeran Peer Karo Ghode Par Bheed Chadho Hajrat Peer Hajar So Hajar

21 दिन तक हर रोज सिर्फ एक माला के जप करने से ये मंत्र सिद्ध हो जाता है.

नोट : जिन साधको को उलटी माला के जाप के बारे में पता नहीं है उन्हें बता दे की हिन्दू रीति से जप में सीधे माला जप को मानते है जिसमे जाप के समय माला के मनके आगे की तरफ निकाले जाते है जबकि मुसलमानी रीति में कुछ साधना है जिसमे उलटे तरीके से यानि माला के मनके को पीछे की तरफ ले जाते हुए जप किया जाता है.

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हाजरात को देखने की विधि

एक बार hajrat sadhna का मंत्र साधना सिद्ध हो जाने के बाद इसके प्रयोग को किया जा सकता है. एक 7-8 साल के बच्चे को माध्यम के तौर पर ले. बच्चा व्यव्हार से सीधा और सच्चा होना चाहिए और जब प्रयोग किया जाना हो तब वो नहाया हुआ हो.

सुबह 8 बजे से पहले उस बच्चे के दाहिने हाथ के अंगूठे पर काली स्याही या कजली लगा दे.

  1. अब उस बालक को अंगूठे में अपने मुह को देखने को कहे.
  2. कुछ देर बाद जब वो कहे की मुह दिखाई देने लग गया है तब उसे एक चोगन देखने को कहे. कुछ देर बाद उसे चोगान ( चोराहा जैसा मार्ग ) दिखने लगे तब दो व्यक्ति को देखने को कहे.
  3. कुछ देर बाद उसे दो व्यक्ति दिखने लगेंगे फिर उसे कहे 2 व्यक्ति को और बुलाकर लाये और फिर 2 व्यक्ति को और इस तरह कुल 8 व्यक्ति उसे दिखाई देने लगते है.
  4. अब झाड़ू वाले को बुलाकर झाड़ू लगाने को कहे और इसी तरह इसके बाद पानी वाले को पानी का छिडकाव करने को कहे.
  5. ऐसा होने के बाद फर्श पर चटाई और गद्दे तथा तख़्त लगाने के लिए कहे.
  6. ये सब हो जाने के बाद बारी आती है पीरान पीर को अर्ज किया जाता है.

hajrat sadhna में पीर से सवाल जवाब करना

ये hajrat sadhna की पूरी विधि इसी तरह की जानी चाहिए और जब ये सब हो जाए तब पीरान पीर को बुलाने के लिए अर्ज किया जाना चाहिए और उस बालक से कहे की जाओ पीर साहब से कहो की उनका भक्त उनसे कुछ अर्ज करना चाहता है इसलिए अपने मुंशी को साथ में लेकर वहा रखे कुर्सी पर पधारे.

कई बार ऐसा होता है की कुछ बातो को वो लड़का समझ नहीं पाता है ऐसे में साधक मुंशी से अर्ज कर सकता है की वो उसे उसकी भाषा में लिखकर जवाब दे.

आप उनसे जो कुछ भी पूछते है आपको उसका जवाब मिलेगा. जब आपका काम पूरा हो जाये तो पीर से तकलीफ के लिए माफ़ी मांगते हुए अंगूठे की स्याही को धो ले.

ध्यान देने योग्य बाते : जिस समय मुस्लिम हजरत पीर की साधना सिद्धि की जाती है और बालक के जरिये सवाल जवाब किये जाते है उस दौरान लौंग, इलायची और लोबान की धूप देना चाहिए. ऐसा पुरे साधना काल और कजली चढाने की प्रोसेस के दौरान होना चाहिए.

साधना और तंत्र में विश्वास रखते है तो इन पोस्ट पर भी नजर डाले

fortune telling hajrat sadhna – last word

दोस्तों हजरत साधना एक ऐसी साधना है जो साधक को अपने लाइफ में सफल बनाने में मदद करती है। इसके द्वारा आप जीवन की हर ख़ुशी को हासिल कर सकते है।

हाजरात की साधना एक सुलेमानी तंत्र साधना है जिसके अपने कड़े नियम है तो ढेरो लाभ भी।

आपको आज की पोस्ट hajrat sadhna कैसी लगी हमें जरूर बताए ताकि हम आपके लिए आगे भी आपके इंटरेस्ट के अनुसार आर्टिकल ला सके।

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जल्द ही वशीकरण और इस्लामी साधनाओ को आपके सामने सरल तरीके और स्वरूप में लाया जायेगा।

आखिर क्यों हर किसी के लिए वशीकरण करना संभव नहीं है और बार बार कोशिश के बाद मिलती है सिर्फ असफलता

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वशीकरण और काला जादू सच या झूठ का पता करने के लिए जानिए कुछ खास बाते जिनसे आप फ्रॉड से बच सकते है। वशीकरण यानि किसी को वश में करना. वशीकरण में मंत्र, तंत्र या अन्य मार्ग द्वारा किसी को वश में किया जाता है.

is vashikaran true ? क्या वाकई love mantra या फिर love spell जिसमे online love vashikaran specialist baba जो आपको work within 24 hours का दावा करते है सच है ? नहीं ! आइये जानते है इसका सच क्या है.

क्या ये संभव है की बगैर किसी के हमारे सामने हुए हम उसे अपने वश में कर ले ?. उससे मनचाहा काम ले. भारत जैसे देश में ये आज के वक़्त में एक पेशा बन गया है. आज आप गूगल पर love vashikaran डालते है तो आपको कई बंगाली बाबा के कांटेक्ट नंबर मिलेंगे।

is vashikaran or black magic real or fraud ? क्या वास्तव में ऐसा कुछ होता है या फिर बंगाली बाबा हमें इसके नाम से ठगते है.

is vashikaran true
इसके जानकर से ज्यादा इसके दावेदार है. असल में जब हर काम ऑनलाइन हो रहा है तो इस तरह का धंधा भी बढ़ते वक़्त के साथ ऑनलाइन हो चूका है.

अब वो दिन गए जब आपको वशीकरण या किसी तरह के काले जादू के लिए बाबा लोग के स्थान पर जाना होता था।

आज जब हर चीज की जानकारी हमें ऑनलाइन मिल रही है तो ये संभव हो गया है की उनमे ज्यादातर जानकारी झूठी हो. क्यों की ये सब अपना प्रभाव ज़माने के लिए किया जा रहा है.

Is vashikaran true ?

वशीकरण की विद्या काफी पुरानी है सम्मोहन से भी पहले. इतिहास में गौर किया जाये तो ये तंत्र मंत्र पर आधारित विद्या थी इससे जन्म हुआ mesmerism का जो बाद में hypnotism या सम्मोहन कहलाया जाने लगा.

इसी लिए कहा गया है अध्यात्म और विज्ञानं अलग अलग नहीं है. इसका एक example hypnotism और mesmerism जैसी विद्या का उदभव वशीकरण से होना है. ये भी उतना ही सच है जितना की सम्मोहन ये बात और है की लोग इसके नाम पर लूट मचा रहे है.

बहुत सारे लोगो का कहना है की वो तंत्र मंत्र से most powerful vashikaran करने की क्षमता रखते है.

जब उन्हें पैसे मिल जाते है तो बाद में पता चलता है की वो सिर्फ आपको बेवकूफ बना रहे थे. कैसा लगेगा आपको जब आपके साथ फ्रॉड हो जाये और आपके मन में एक ही सवाल आये is vashikaran true ?

वशीकरण और काला जादू शुरू से ऐसा नहीं था ये एक healing process थी जो की वक़्त के साथ एक business बन गई.

vashikaran business कैसे बना :

vashikaran का पहले सही कामो में ही इस्तेमाल होता था. लेकिन इस दौर में हर काम में shortcut ढूंढने वाले लोग कुछ लोगो से इस विद्या का गलत इस्तेमाल करने लगे है.

आज जिसे देखो अपनी समस्या का समाधान कम से कम समय में चाहता है. दुसरो से आगे निकलने की होड़ में लगा हुआ है।

वशीकरण और काला जादू सच या झूठ का आप virtual world में पता नहीं कर सकते क्यों की आज की दुनिया में ये love vashikaran specialist baba ji online आ चूका है जहा कुछ लोग इसलिए online work करवाना पसंद करते है क्यों की वो सामने आने से डरते है या फिर जो काम करवा रहे है वो नैतिक नहीं है। इसी का फायदा ये fraud baba उठाते है.

is vashikaran true के बारे में बात करने से पहले ये कैसे बना ये जान लेते है.

internet पर आज हजारो वेबसाइट daily बन रही है क्यों की लोगो को लगता है की किसी भी समस्या का जैसे love problem solution spell caster, vashikaran for ex. love back, vashikaran mantra for patni and pati जैसे बाबा उनकी मदद कर देंगे और उन्हें किसी भी समस्या से बाहर निकाल सकते है.

वशीकरण और काला जादू business नहीं था ये god gift था जिसे लोगो ने business बना दिया. लेकिन यहाँ पर एक बात और भी सामने आती है और वो है

“क्या वाकई सिर्फ love vashikaran specialist baba fraud होते है हम नहीं ?”

if there is vashikaran true why it don’t work

वशीकरण का आज के वक़्त में सबसे ज्यादा youth में craze बढ़ा है. क्यों की मौज मस्ती के नाम पर रिश्ते बना कर लड़के लडकिया एक दूसरे को बाद में छोड़ देते है.

इसके बाद या तो वो अपनी लाइफ में दूसरे से रिस्ता जोड़ लेते है लेकिन 90% लड़के लडकिया ऐसा नहीं कर पाते है. इसलिए वो अपनी problem का solution immediate चाहते है.

अब ऐसा कोई कानून तो है नहीं की आप अपने lover को वापस पा सकते है. वशीकरण और काला जादू सच या झूठ का धंधा करने वाले आपकी इसी मज़बूरी का फायदा उठाते है.

Real sign there is vashikaran true and how to get lost love back with vashikaran के बारे में आप जान सकते है.

google पर search करते है is vashikaran true और पाते है तो genuine online vashikaran specialist baba contact number जिनमे साफ साफ लिखा होता है हमें call करे और get your lost love back.

अब ऐसा मौका कोई छोड़ सकता है क्या भला. फिर बाबा उनसे लम्बी चौड़ी बात कर उन्हें अपनी बातो में फंसा लेते है जिससे की बेचारे लोग उनकी बातो में फंस जाते है.

फिर क्या होता है बाबा लोग उनसे उनकी समस्या के समाधान के एवज में मोटी fees वसूलते है और promise करते है की पैसे मिलते है उनका काम कर देंगे.

एक बार क्लाइंट ने पैसे जमा करवा दिए बाद में ये बाबा लोग उसको पूछते तक नहीं है. अफ़सोस करने लायक भी नहीं रहते है फिर आप ! क्यों की जिसने आपके पैसे ऐंठे आप उसे जानते तक नहीं.

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सावधान आप पर भी हो सकता है मंत्र तंत्र का खतरा

आज के दौर में अगर आप समृद्ध है तो आपके खुद के रिश्तेदार भी आपसे जलने लगते है. जलन है आपका ऐश्वर्य. ऐसे में आप पर भी हो सकता है.

वशीकरण, काले जादू और revenge spell का खतरा. आप अपने करीबी पर चाहे कितना भी भरोसा करते हो वो आपके प्रति वफादार है या नहीं ये जरुरी नहीं.

लगातार हो रहे फ्रॉड ये सोचने पर मजबूर कर देते है is vashikaran true या ये सिर्फ एक online fraud है.

is vashikaran true को लेकर जिस तरह आज सवाल उठ रहे है उसे पहले तो ये जानना जरुरी है की लोग इसका इस्तेमाल कहाँ कर रहे है. जाने किस तरह से लोग आज इन तंत्र मंत्र का सहारा ले रहे है।

Durga saptashati Maran mantra

आम आदमी जब खुद किसी चीज को आसानी से हासिल करना चाहता है तो वो ऑनलाइन बाबा के काम के करने के चक्कर वशीकरण और काला जादू सच या झूठ का पता नहीं कर पाता है क्यों की उसे लगता है की इससे उनका काम होगा ही होगा। लास्ट में नतीजा सिर्फ पैसे ऐंठ कर ठगी का निकलता है.

क्यों की पहले पैसे बाद में वशीकरण का काम करने वाले है ही नहीं और अगर है भी तो शुरू में फ्री का काम करने का दिखावा करने वाले आपसे बिच में पैसे मांगने लगते है.

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love vashikaran और आजकल की युवा पीढ़ी

आजकल की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा इस तरह के धोखे का शिकार हो रही. इसकी मुख्य वजह है घरवालो की तरफ से ये सोच कर आजादी की चलो बच्चे अब बड़े हो गए है.

या फिर इस दौर में हर युवा यही सोचने लगता है की वो अब बड़ा हो गया है और अपने निर्णय खुद ले सकता है।

इसी ग़लतफ़हमी में वो हम उम्र के आकर्षण में पड़ने लगता है। क्यों की उसे यही अच्छा लगता है।

आज अगर आप गूगल करेंगे तो आपको काफी सारे real vashikaran specialist baba के नाम से बाबा की जानकारी मिल जाएगी लेकिन, is vashikaran true ? क्यों की ये बाबा पहले पैसा मांगते है न की काम करते है.

black magic spell caster online

आपके करीबी रिश्तेदार या आपकी खुद की बीवी / पति आपके अपनों को नुकसान पहुँचाने के लिए अक्सर ये देखने में आता है की आपके घर पर आपके अपनों पर किसी की बुरी नजर लग जाती है।

लेकिन आपको सबसे ज्यादा हैरानी तब होती है जब आपके करीबी रिश्तेदार ही आप पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रयोग करते है.

black magic is vashikaran true and how they work in Hindi के बारे में काफी कुछ आप जान सकते है.

ऐसा इसलिए होता है क्यों की कोई भी किसी को संपन होते हुए नहीं देख सकता है। इसलिए वो इस तरह के काले जादू का प्रयोग आप पर करवा सकता है।

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love marriage problem solution

युवा पीढ़ी जिससे प्यार करती है उसी से शादी करना भी चाहती है अगर घरवाले रजामंद नहीं है तो ये संभव है की वो इसका सहारा ले रहे है. सबसे बड़ी वजह is vashikaran true के पीछे यही है.

ऐसा इसलिए की ये उनके लिए जिंदगी का सवाल बन जाता है। अगर उनका प्रिय उनके साथ जीवन भर नहीं रह पायेगा तो उन्हें लगता है की वो उनके बगैर नहीं रह पाएंगे।

जबकि प्यार और प्यार के बाद शादी बहुत कम लोगो को नसीब होती है उससे भी बड़ी बात शादी का टिकना है।

प्यार करने वाले अक्सर यही सोचते है की सामने वाला उनकी इच्छाओ का ख्याल रखेगा जबकि समाज द्वारा तय किये गए रिश्ते में इंसान की सोच ये बनती है की वो सामने वाले की इच्छाओ का मान रखेगा।

Top 11 Astrological remedies for love marriage in Hindi Vedic Mantra for Marriage

यही अंतर प्यार के बाद दोनों के मध्य रिश्ता कायम रखता है।

मगर इस बात को समझे बगैर दो हमउम्र इंसान ये सोचने लगते है की किसी भी कीमत पर सामने वाले को हाशिल करना है.

इसलिए वो इस तरह से अपना काम निकलवाने की सोचते है।

इसके पीछे उनका मानना ये है की इससे किसी को पता भी नहीं चलेगा और बिना किसी रूकावट के वो प्रिय को हासिल कर सकता है.

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voodoo & revenge spell

आपको नुकसान पहुँचाने के लिए ये सबसे घातक मंत्र तंत्र का प्रयोग है. लेकिन बहुत ही कम लोग है जो इस विधा के जानकर है. अगर आप अब भी is vashikaran true के बारे में सोच रहे है तो ये जानकारी आपके काम की है.

हालाँकि हर वशीकरण एक्सपर्ट इसका दावा करता है मगर उनके दावे खोखले होते है। दूसरा ये विधा तभी काम करती है जब आपके पास सामने वाले का कोई सामान हो।
वशीकरण अपने आप में सही और विशुद्ध है.लेकिन इसका दुरूपयोग न करे.

किसी भी बंगाली बाबा के चक्कर में पड़ने से पहले उसकी जाँच कर ले की वो कितना सही है कितना नहीं इसके लिए इंतज़ार करे मेरी अगली पोस्ट जिसमे वशीकरण और सम्मोहन में सम्बन्ध, वशीकरण का सिद्धांत,वशीकरण कैसे काम करता है, और फ्रॉड बाबा को कैसे चेक करे.

is vashikaran true  क्या आम लोग fraud नहीं करते है ?

सवाल थोड़ा चौंका सकता है लेकिन ये सच है. हमें लगता है की सिर्फ powerful vashikaran spell online का दावा करने वाले बाबा ही fraud है लकिन आम लोग भी कई मामले में फ्रॉड निकल जाते है.

ये सिर्फ एक theory नहीं है बल्कि practical है. निचे कुछ उदाहरण दिए जा रहे है जिससे आप ज्यादा क्लियर समझ सकते है.

  • एक क्लाइंट ने कांटेक्ट किया वशीकरण के लिए लेकिन बाद में पता चला की उसका उदेश्य गलत था. वो सिर्फ अपने गलत काम को अंजाम देने के लिए वशीकरण का प्रयोग करवा रहा था. सभी इसी जिज्ञासा में थे की is vashikaran true ? क्या ये काम करेगा यही देखने के लिए लोग इसे हर किसी पर try करने लगते है.
  • खाने पिने की चीजो पर वशीकरण जल्दी असर करता है. इसलिए एक व्यक्ति को कुछ चीजे बना कर दी गई. काफी समय तक उसने उन्हें इस्तेमाल नहीं किया और बाद में फेंक दिया.
  • एक मजबूर व्यक्ति जिसके घर में paranormal problem थी. काम कर दिया उसे आराम मिल गया. contact करते समय बड़ी बड़ी बाते करता था की में आपको हमेशा याद करूँगा और आपसे मिलने आऊंगा लेकिन, जब काम पूरा हो गया तो भले मानुष ने कोई response ही नहीं दिया.

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की sachhiprerna पर कई ऐसे भी एक्सपर्ट आये है जिनका काम करने का तरीका सही नहीं था. लेकिन उसकी वजह से ब्लॉग का नाम ख़राब हो ये भी सही नहीं है. यही वजह है की अब इस ब्लॉग पर vashikaran and black magic problem solution जैसी कोई service नहीं दी जाएगी.

यहाँ पर आप सिर्फ आर्टिकल पढ़ सकते है और कुछ बुक्स देख सकते है. इसके अलावा आप किसी तरह की उम्मीद न करे. सबसे खास बात is vashikaran true ? हाँ ये होता है और आप इसे वैज्ञानिक तरीके से कर सकते है. इसका तरीका जल्दी ही हमारे online courses में add किया जायेगा.

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is vashikaran true – final word

क्या वास्तव में most powerful vashikaran specialist baba जैसी कोई चीज होती है ? is vashikaran true ये सब सवाल हम सबके मन में आना स्वभाविक है क्यों न काफी सारे online vashikaran specialist baba contact number लेने के बाद भी हम fraud का शिकार हो जाते है.

धन्यवाद अगर पोस्ट अच्छी लगी हो और सही जानकारी लगे तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगो में फैलाये क्यों की आज सबसे ज्यादा लोग फ्रॉड बाबा के चक्कर में पैसा लूटा रहे है।

आज की पोस्ट वशीकरण और काला जादू सच या झूठ में जो लिखा गया है वो महज आपको आज की स्थिति से अवगत करवाना है।

किसी प्रकार का अन्धविश्वास फैलाना हमारा उदेश्य नहीं है। अगर आपके साथ कभी इस तरह का फ्रॉड हुआ हो तो आप यहाँ उनका डिटेल दे सकते है ताकि दूसरे लोग इससे बच सके

वशीकरण और काला जादू सच या झूठ का पर्दाफाश करने के लिए इंटरनेट पर सिर्फ हमारे ब्लॉग पर आपको सही जानकारी मिलेगी।

आप यहाँ पर अपने साथ हुए धोखे को भी शेयर कर सकते है। ये दुसरो के लिए सबक का काम कर सकता है जिससे और कोई इंसान इनके चक्कर में ना फंस सके। अपने कमेंट में बताये आपको आज का आर्टिकल is vashikaran true कैसे लगा हमें subscribe करना ना भूले।

दैनिक जीवन में आपके द्वारा की जाने वाली इन गलतियों के कारण ध्यान में अनुभव नहीं होते है – top reason

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मैडिटेशन करते हुए लम्बे समय के बावजूद हम दिव्य अनुभव क्यों नहीं कर पाते है। ऐसी क्या वजह है जो ध्यान में असफलता के कारण बनती है। क्या आपने कभी ऐसी समस्या से जुझा है की आप नियमित ध्यान कर रहे है फिर भी आपको कोई अनुभव नहीं होता।

ध्यान में आगे न बढ़ पाने के कारण कई है लेकिन सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात है सोशल मीडिया से जुड़े रहना। दिनभर हमारा दिमाग इधर उधर की फालतू बातो में वो एनर्जी खो देता है जो ध्यान के जरिये हम पाते है। Top reason why we can’t get success in meditation?

ध्यान में आप fail क्यों हो जाते है इस बारे में इस पोस्ट में कुछ विचार शेयर किये गए है. उम्मीद है आपको कुछ सोच विचार करने को मिलेगा.

ध्यान में असफलता के कारण
ये पोस्ट नीरज मित्तल सर की है जिसमे आपकी दैनिक दिनचर्या में से आपको होने वाले नुकसान का जिक्र किया है।

इस पोस्‍ट में वह गलतियॉ बताई गयी है जिनको करते रहने पर हम ध्‍यान में कभी आगे नही बढ सकते या यदि हम आगे बढ चुके है तो इनको करने पर हम नीचे गिर जायेंगे.

ध्यान में हमें आध्यात्म के राह पर आगे बढ़ना है तो इन गलतियों को सुधारना होगा. ये वो गलतिया है जो आज हम सबसे ज्यादा दोहरा रहे है.

ध्‍यान क्‍या है। इसकी विधियॉ क्‍या है और ये कैसे काम करता है।

इसको जानने से पहले हमे ये जानना आवश्‍यक है कि meditation में हम क्‍या mistake करते है जिसकी वजह से हमें इसमें sucess नही मिलती। यदि शुरुआती ध्यान में असफलता के कारण पर गौर कर ले तो इससे छुटकारा पा सकते है।

हम different type of meditation technique की बात तो दिन भर करते है मगर ध्‍यान के साथ अन्‍जाने में की जाने वाली गलतियों की तरफ हमारी नजर नही जाती।

तो आइये जरा एक नजर डाल लेते हे उन गलतियों पर। इसके अलावा अन्‍य बहुत सी गलतियॉ है जिनका जिक्र इस पोस्‍ट में करना रह गया होगा उनको खुद ही समझने का प्रयास करे व कमेण्‍ट बाक्‍स में नीचे लिखे। उनको भी पोस्‍ट में शामिल किया जायेगा जिससे कि साधकों को अपनी कमी को पहचानने में मदद मिल सके।

अधिकतर साधकों को शिकायत है कि वो एक दो महीने से ध्‍यान कर रहे है कोई दस पॉच साल से ध्‍यान कर रहे है और कुछ उससे भी ज्‍यादा समय से कर रहे है मगर उनको कोई सफलता नही मिली। जबकि वेा काफी प्रयास कर रहे है। दिन रात प्रयास कर रहे हैै कभी कुछ कभी कुछ।

अपने मन को नियंत्रण में करने के लिये वो हर समय कोई ना कोई विधि अपनाते रहते है मगर नतीजा वही जीरो। आइये बात करते ध्यान में असफलता के कारण जिनकी वजह से एक साधक आगे नहीं बढ़ पाता है।

ध्यान में असफलता के कारण

हम ध्‍यान तो रोज कर रहे है पूरी मेहनत से कर रहे है मगर उसके साथ हम कुछ ऐसी गलतियों को लेकर चल रहे है जिनके होते ध्‍यान में सफलता तो क्‍या प्रारम्भिक अनुभव होना भी असम्‍भव है। हम ध्‍यान की तमाम विधियों को जान लेते है उनके आधार पर ध्‍यान शुरू कर देते है।

एक विधि से कुछ हासिल नही हुआ तो दस दिन में दूसरी आजमाने लगे फिर उससे कुछ हासिल नही हुआ तो तीसरी करने लगे। इन सबसे कुछ हासिल नही होगा। हो सकता है कि आप हर विधि पर ध्‍यान एकाग्र ना कर पाये तो दूसरी आजमा लीजिये।

मगर ये ध्‍यान रखिये कि यदि ध्‍यान के नियमों के अनुसार अभ्‍यास नही करेंगे तो असफलता ही हाथ लगेगी। नियमों के साथ यदि अभ्‍यास करने पर आपको सफलता नही मिलती तो आप दूसरी विधि का चुनाव करें।

वैैसे तो ध्‍यान की 125 से ज्‍यादा विधियॉ है मगर उसमें सबसे आसान व शीघ्र सफलता दिलाने वाली विधि केवल दो तीन ही है। आप ये बिल्‍कुल ना समझना कि मुश्किल विधि से ज्‍यादा लाभ होगा। किसी विधि का कोई महत्‍व नही है हमको तो केवल किसी विधि का प्रयोग करके अपने मन में चलने वाले विचारों को कम करना होता है।

निरन्‍तर अभ्‍यास से विचार कम होते होते लगभग समाप्‍त हो जाते है। मगर ध्‍यान में बहुत कोशिश् करने पर भी हमारे विचार समाप्‍त नही हो पाते। ध्‍यान से हमारे विचार तो समाप्‍त होते है मगर हम ध्‍यान से उठने के बाद उनको फिर झिंझोडना शुरू कर देते है और ध्‍यान से प्राप्‍त एनर्जी को फिर से बेकार के कामों में खर्चा कर देते है।

ध्यान में असफलता के कारण कॉमन गलतिया

जब हम ध्‍यान मे बैठते है तो हमारा मन शांत भी हो जाता है अक्‍सर हम उससे उठने के बाद अपने को बहुत शांत व ऊर्जा वान महसूस करते है। मगर फिर हम अपने दिमाग को चलाने लगते है कभी टी वी कभी रेडियों कभी फेसबुक।

ये ध्‍यान रखिये कि आधे एक घण्‍टे की फेसबुक साधना हमारी दो तीन घण्‍टे की ध्‍यान साधना से एकत्र की हुई पूरी एनर्जी पी जाती है। तो जो लोग दिन भर फेसबुक में लगे है वो साधना में किसी प्रकार की सफलता की उम्‍मीद ना करे। सेैकडो लोग मुझसे इनबाक्‍स मे बात करते है अपने आगे ना बढने का कारण पूछते है।

मै उनसे सवाल जवाब करके उनको उनकी कमियॉ समझाता हॅू। अधिकतर लोगों के पास यही समस्‍या है कि वो दिन रात फेसबुक साधना में लगे है ओर फेसबुक में दिन रात घूमते हुये ही हजारों तरह की शक्तियॉ व सिद्धियॉ प्राप्‍त करना चाहते है।

उनको ये सब करते हुये इस जनम मे कुछ नही मिलना!! मेने सैकडो लोगों से कहा कि फेसबुक में जब तक लगे रहोगे तब तक ध्‍यान में कुछ नही मिलना।

तो उन सब ने छूटते ही कहा कि तुम खुद भी तो यही कर रहे हो। मेने कहा कि मै खुद यही कर रहा हॅॅूू तो मै अपनी गलती ताे मानता ही हॅूू और इस दशा में मै परेशान नही हॅूू कि मुझे कुछ मिल जाये।

social media nothing but all energy waste

मे जानता हॅू कि फेसबुक मेरी एनर्जी को वेस्‍ट कर रहा है और इसको इसतेमाल करते हुये मै आगे नही बढ सकता।। जो आदमी अपनी गलती को पहचानना उसको दूर करना नही चाहता वो कभी कुछ नही पायेगा। वाे केवल सपनों मे ही जीता रहे।

सपने देखने में पैसे नही लगते और ना कुछ करना पडता है। य‍ाद रखिये कि जो बात आपका ध्‍यान अपनी तरफ बार बार खीचे। समझ लीजिये कि वो आपकी सबसे बडी बाधा है ध्‍यान की सफलता में। जब तक हम फालतू के कामों में अपनी एनर्जी खर्चा करते रहेंगे त‍ब तक ध्‍यान साधना में एक कदम नही चल सकते।

यदि आप दिन रात फेसबुक पर पोस्‍ट करते रहते है कि इसने ये किया उसने वो किया राहुल गांधी ने ये किया इन्दिरा गांधी ने वो किया मोदी ने ऐसा किया कलाम ने वेैसा किया।

तो आप अध्‍यात्मिक आदमी नही है। अध्‍यात्‍म हमको ये देखना नही सिखाता कि किसने क्‍या किया। अध्‍यात्‍म तो हमको ये देखना सिखाता है कि हमने क्‍या किया। यदि आप ये नही देख पा रहे कि आपने क्‍या किया तो आप अध्‍यात्मिक नही है।

सोशल मीडिया और आपके विचारो पर इसका प्रभाव

अधिकतर लोगों को एक पोसट सबसे अच्‍छी लगती है कि गो माता के हत्‍यारों को फांसी दो। क्‍यों भाई क्‍या गो माता में ही जान होती है। भैंस बकरे मुर्गे आदि पशुओं में जान नही होती? तुम सच्‍चे अध्‍यात्मिक आदमी हो। गाय का दूध पीते हो उससे फायदा उठाते हो तो वो माता दिखने लगी।

भैंस के चमडे का जूता बेल्‍ट अपने शरीर मे रात दिन लटकाये घूमते हो इसी लिये उसके जान की दुहाई नही देते क्‍योकि ऐसा करके तुम्‍हारा नुकसान हो जायेगा। हम समानता के आधार पर ना करके अपने स्‍वार्थ के आधार पर किसी चीज का महतव निश्चित कर लेते है। शायद अपने आप को धोखा देने के रास्‍ते ढूढने में हम माहिर है।।

जीवों की जान में भी फर्क कर रहे हो हिन्‍दु मुसलमान में फर्क कर रहे हो। मुसलमान ने ये किया हिन्‍दू ने ये किया। हमारा धर्म महान है उसी ने पूरी दुनिया का साइंस बनाया बाकी सारे धर्म बेंकार है। अरे भाई हमारे धर्म ने दुनिया को सब दिया तो अब ये इतनी निम्‍न अवस्‍था मं क्‍यों पहुच गया।

शायद झूठे अहंकार की वजह से। ओर अब हम फेसबुक पर दिन रात एक दूसरे के खिलाफ जहर उगल कर कोन सी देश भक्ति वा देश का भला कर रहे है। अभी जितना हम गिरे है उससे और अधिक गिरना बाकी है। क्‍या धर्म के नाम पर जहर उगलना ही धर्म या अध्‍यात्‍म है।

अब दूसरे धर्म का विरोध ही हिन्‍दू धर्म का सिम्‍बल बन गया है।हमे अपने धर्म से कोई प्रेम नही है बल्कि हम अपने को धार्मिक, सिर्फ दूसरे धर्म का विरोध करके ही समझते है।

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ध्यान में असफलता के कारण – अंतिम शब्द :

ध्यान में असफलता के कारण में सबसे बड़ी वजह मीडिया से चिपके रहना है जिसकी वजह से हमारी सारी एनर्जी ख़त्म हो जाती है।

हर साधना में कुछ नियम होते है और ध्यान की प्रक्रिया कही पर भी की जाने वाली है लेकिन इसमें आपको सोशल मीडिया और दुसरो से जल्दी प्रभावित होने से बचना चाहिए।

आपको इस आर्टिकल में कुछ सुझाव देना है या ध्यान को लेकर अपने अनुभव शेयर करना है तो कमेंट बॉक्स में जरूर करे।

क्या वास्तव में जिन्नातो की फ़ौज ही असली वजह थी अकबर के इतने बड़े साम्राज्य खड़ा करने में ?

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ऐसा माना जाता है की पुराने समय में कुछ राजाओ द्वारा पारलौकिक शक्तियों का इस्तेमाल किया जाता था. इसमें हमने विषकन्या, वैताल, तंत्र मंत्र का दुसरो पर हमला करना शामिल है. पुराने समय में राजाओ के विश्वासपात्र ऐसी किसी शक्ति से अपने राजा को सुरक्षित करने के उपाय करते थे की दुसरे लोगो द्वारा उन को कोई हानि न पहुँच सके.

ऐसी ही कुछ कहानिया अकबर के बारे में सुनने को मिल जाती है. आज की पोस्ट में सच्चे रूहानी किस्से में से एक हम बताने वाले है की क्या वास्तव में अकबर इतने स्ट्रोंग महाराजा थे या फिर उनके पास भी कोई पारलौकिक शक्ति जैसे जिन्नातो की फ़ौज थी?

सच्चे रूहानी किस्से-अकबर के पास थी जिन्नों की सेना

हम कई बार कुछ लोगो द्वारा ब्लैक और रूहानी शक्तियों के इस्तेमाल की बाते सुनते है। लेकिन क्या आप जानते है की खुद अकबर जिन्नातो की फ़ौज के मालिक थे।

अकबर और रूहानी शक्तियों का एक रहस्य आज में आपको बताने जा रहा हूँ जिसमे कुछ ऐसे रूहानी किस्से है जो इतिहास के पन्नो में आज भी एक रहस्य बने हुए है।

स्थानियो लोगो की मान्यताओ के अनुसार अकबर ने भी अपने विजय अभियान के दौरान जिन्नों की  फ़ौज का इस्तेमाल किया था। पढ़िए कुछ सच्चे रूहानी किस्से जो राजस्थान के कुछ हिस्सो से जुड़े है।

रहस्यमयी दुर्गा पूजा

दक्षिण राजस्थान के महू व मालवा क्षेत्रो से भूत प्रेतो की जितनी कथाये जुड़ी है उनकी तुलना ब्रिटेन के राजघराने के प्रेतो से की जा सकती है। महू के खंडहरों में प्रत्येक अमावस की रात मशाले लिए भुतहा अंगरक्षको और सहस्त्र सैनिको के साथ एक राजपूत राजा सवारी निकलती है।

यह हाड़ौती महू कहलाता है, जहां पृथ्वीराज चौहान की वंश परम्परा के खींची राजपूत शासको का शासन था। पिछले वर्ष तक, इस सवारी को देखने की चेष्टा में 40 लोगो के पागल होने की जानकारी थी।

जनवरी सन 1987 में महू का ही एक साहसी युवा गुलाबचंद सौनी, इस भुतहा काफिले को देखने के फेर में पागल  गया।

इन क्षेत्र के नागरिको ने सेंकडो बार प्रत्येक वर्ष दुर्गा अष्ठमी के दौरान हाड़ौती क्षेत्र के किले के दुर्ग मंदिर में भूतो द्वारा कीर्तन किये जाने और घुंघरू झांझ मंजीरों के साथ पूजा करने की आवाज सुनी है।

सबसे विचित्र बात तो ये है की पुरे दुर्ग में गंदगी और धूल होने के बावजूद दुर्गा मंदिर के आसपास हमेशा सफाई रहती है, और पूजा का दीपक निरंतर जलता रहता है।

दरगाह और बांध का निर्माण कार्य

हाड़ौती महू का यह किला झालावाड़ और कोटा के बिच है। यहाँ जाने के बाघेर की तरफ मंडावर से चलना पड़ता है। तब पूर्वी पहाड़ी के पास महू खंडहर मिलते है। वहां भीमसागर बांध के निर्माण के दौरान तरह तरह की भूत-बाधाए आयी थी।

अंततः मालूम हुआ की ख्वाजा हमीदुदीन चिश्ती की दरगाह बांध के निचे आ रही थी।

जब किसी भी तकनीक को अपनाने के बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी रखना मुश्किल हो गया तब स्थानीय लोगो ने बताया की जब तक ख्वाजा की दरगाह का निचला भाग बांध के बराबर नहीं रखा जायेगा निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।

इसके परिणामस्वरूप राजस्थान सरकार के पांच लाख रुपये लगाकर दरगाह को ऊँचा उठाकर साथ ही निर्माण कार्य आरम्भ किया गया।

सच्चे रूहानी किस्से-अकबर के पास थी जिन्नों की सेना

अजमेर के ख्वाजा मोइनुदीन चिश्ती के चमत्कारी जिन्नों और रूहो के विषय में अनेको कहानिया सुनाई जाती है। माना जाता है की जब सन 1572 ई. में जब अकबर अपनी सेना के साथ अजमेर होता हुआ अहमदाबाद गया तब उसे देवी आशीष प्राप्त हुआ था।

यही वजह रही की बिना जंग के उसका अहमदाबाद पर कब्ज़ा हो गया। भड़ौच बड़ोदा और सूरत पर मिर्जो का अधिकार मिटाने हेतु कुल 200 सेनिको की छोटी सी सेना के साथ नाव के जरिये माही नदी पार कर  मिर्जाओ के गढ़ को नेस्तनाबूत कर दिया था।

सूरत में, जनश्रुतियो के अनुसार अकबर की सेनाओ  के आगे जिन्नातो की फ़ौज चल रही जब वह गुजरात को विजय कर वापस लौट रहा था। वहां मिर्जाओ  के संकेत पर समर्थको में बगावत फ़ैल गई। अकबर को जब यह पता चला तो मात्र 3000 सैनिको के साथ 30 हजार बागियो को कुचल दिया।

सुनने में ये भी आता है की बागी सैनिको का मानसिक संतुलन गुजरात तक वापस पहुँचने से पहले  गड़बड़ा चूका था जिसकी वजह से उन्हें भूतहा अनुभव हुए।

राणा प्रताप और अकबर को मारने का प्रयास

सन 1576 ई. में अकबर फिर अजमेर गया। उसने पांच हजार सैनिको को राजा मानसिंह के साथ भेज कर राणा प्रताप का दमन करने की अनुमति दी थी। अकबर अपने खेमे में ही रहा। उधर राणा प्रताप ने अजमेर से चितौड़ तक के पुरे इलाके के जल तथा रशद स्त्रोत को नष्ट करवा दिए।

कुम्भलगढ़  के मार्ग में हल्दीघाटी की जंग से पूर्व राणा प्रताप ने एक रात सोते हुए अकबर को मारने योजना बनाई।

लेकिन जब राणा प्रताप अपने जाबांज के साथ अकबर के खेमे में पहुंचा तो पाया की  अकबर के चारो ओर पारदर्शी मानवो जैसी परछाईया पहरा दे रही थी। राणा प्रताप ने उसे प्रणाम किया और वापस लौट गए।

यह भी माना जाता है की सन 1585 ई. तक निरंतर राणा प्रताप के पीछे अपनी पूरी शक्ति लगाकर युद्ध करने वाले अकबर ने 1585 के बाद कोई आक्रमण नहीं किया।

इसकी वजह अकबर का राणा प्रताप की तरफ दयालु होना नहीं था बल्कि खुद ख्वाजा का उसे सपने में आदेश देना था की अब राणा प्रताप से मत उलझो वर्ना पंजाब तुम्हारे हाथ से निकल जायेगा।

सच्चे रूहानी किस्से-सपनो का सच

ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार 1585 के बाद अकबर 12 वर्षो तक लाहौर में रहा और उसने अपनी राजधानी भी अस्थायी तौर से वहां बना ली थी।

जब कभी उसका मन राणा प्रताप से लड़ने का बना तब तब उसे सपने आये जिनमे उसे राणा प्रताप से ना लड़ने की सलाह दी गई थी,और उसके बाद कभी राणा प्रताप से लड़ने का मन नहीं बनाया।

राणा प्रताप की रहस्यमयी मौत

सच्चाई कुछ भी हो लेकिन वास्तविकता तो यही है की अकबर के लाहौर से लौटने के बाद सन 1597 ई. में केवल 51 वर्ष की आयु में एक सख्त धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाते समय रहस्यमयी ढंग से अंदरूनी चोट लगने की वजह से राणा प्रताप की मौत हो गई। राणा प्रताप की मौत सच्चे रूहानी किस्से में से एक है।

अंतिम शब्द

दोस्तों आज भी हमें अक्सर बड़े लोगो द्वारा रूहानी शक्तियों के इस्तेमाल की खबरे पढ़ने को मिल जाती है जिसमे कुछ समय कंगना जो मशहूर बॉलीवुड एक्टर है के द्वारा ब्लैक मैजिक करने की खबर सबसे खास रही थी।

में ये तो नहीं कहता की इनका कोई पुख्ता सबूत है लेकिन कुछ लोग अपनी जरूरतों को आराम से और बिना किसी खास मेहनत के पूरा करने के चक्कर में ब्लैक मैजिक और रूहानी शक्तियों का प्रयोग करते है।

आज की पोस्ट सच्चे रूहानी किस्से जो भूत प्रेतो की सच्ची कहानिया का एक भाग है जो भारत के कई जगह पर की गई रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।

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किसी को भी आसानी से सेकंड में हिप्नोटाइज कर सकते है इन टिप्स को अपनाकर

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तत्काल प्रेरण यानि instant induction एक ऐसी process है जिसके द्वारा हम किसी भी माध्यम को समय से बहुत पहले ही रिलैक्स कर hypnotic state के लिए ready कर सकते है। instatnt induction उन लोगो के लिए काफी benefit साबित हो सकता है जो माध्यम को रिलैक्स करने में लगने वाले लम्बे समय से बचना चाहते है।

चलिए बात करते instatnt induction in hindi और instatnt induction ka hypnotism me kya use hai.

what is instant induction or rapid hypnotism

समय के साथ mesmerism and hypnotism process में काफी change आए है साथ ही माध्यम को जल्दी से जल्दी relax feel करवाना इसका एक काफी अहम हिस्सा था जिसमे instant induction kafi beneficial साबित हुआ है।

ये एक ऐसी process है जिसमे हम माध्यम को कम से कम समय में hypnotise कर सकते है।

हालाँकि ये हमेशा सही साबित नहीं होती है क्यों की nervous people एंड guilty feel करने वाले medium जल्दी से तत्काल प्रेरण के प्रभाव में नहीं आ पाते है।

what is instant induction or rapid hypnotism

ये एक ऐसी प्रोसेस है जिसमे हम माध्यम को जल्द से जल्द बातो द्वारा रिलैक्स करते है और इसी दौरान अचानक ही उसे सुला देते है जिसके बाद वो hypnotise हो जाता है।

आपने कई ऐसे शो देखे होंगे जिसमे hypnotism expert hypnotise medium with in few second हमें ये impossible लगता है लेकिन ये rapid hypnotism होता है।

दरअसल हमें लगता है की एक्सपर्ट ने माध्यम को with-in few second hypnotise कर लिया है लेकिन वास्तव में ये कुछ सेकंड का खेल नहीं बल्कि एक लम्बी तैयारी होती है।

एक्सपर्ट सबसे पहले तो माध्यम को अपने पास बुलाकर उनका भरोसा जीतते है और कोशिश करते है माध्यम खुद को ज्यादा से ज्यादा रिलैक्स महसूस करे।

भीड़ को लगता है की एक्सपर्ट अभी भी हमसे बात कर रहे है लेकिन वास्तव में तो माध्यम के एक्सपर्ट से मिलने के टाइम ही खेल शुरू हो चूका होता है। जब hypnotism expert relax medium with few time तब वो माध्यम को सोने के लिए कहता है और हमें लगता है की कैसे कुछ ही सेकंड में कोई किसी को hypnotise कर सकता है।

अगर आपको इसका डेमो देखना है तो हॉलीवुड की फिल्म Now you see me में देख सकते है।

difference between hypnotism and instant induction

आपको क्या लगता है ? क्या instant indcution, hypnotism से अलग है। नहीं !

दोनों एक ही क्रिया है different method of hypnotism जिसमे माध्यम को सुलाया जा सकता है। instant induction हॉस्पिटल से ज्यादा street पर famous है क्यों की लोगो को ये एक जादू की तरह लगता है।

इससे ज्यादा कोई अंतर नहीं है। चलिए अब कुछ खास बातो को समझने की कोशिश करते है जिनका ध्यान आपको तत्काल प्रेरण में रखना है।

instant induction what to know before doing it :

ऐसे कुछ आसान और इफेक्टिव टिप्स है जो हम कही पर भी कर सकते है। ये टिप्स आप चाहे तो अपनी daily life में अपनाकर अपनी लाइफ को और भी बेहतर बना सकते है।

  • जब कभी भी street hypnotism practice कर रहे है तो ये respectful होना चाहिए।
  • जब आप hypnotism perform कर रहे होते है तो सामने वाले की health और उसे भले के बारे में आपको सबकुछ पता होना चाहिए ताकि आप उसका भरोसा जीत सको।
  • street hypnotism perform करने के दौरान आपके अंदर एक attitude होना चाहिए। आमतौर पर हर जादूगर एक दिखावा करता है वही आपको करना है ताकि लोग आपको सीरियसली ले।
  • तत्काल प्रेरण करने से पहले लोगो से मिले थोड़ा मजाक करे और अच्छी स्थिति में आने की कोशिश करे।

easy tipsyou must know for instant induction

  • अगर आप इस दौरान खुद को nervous feeling कर रहे है तो आँखे बंद करे और खुद को ऐसा करने के कुछ excuse दे सकते है ताकि आपका मन इस बात को स्वीकार कर ले की आप कुछ कर सकते है।
  • अपना बेस्ट देने की कोशिश करे वो भी positive energy on stage performance के साथ।
  • कोशिश करे और अपने आप को ग्रुप या जिसे आप instant induction देने की कोशिश कर रहे है उनसे थोड़ा बड़े व्यक्ति की तरह behave करे लेकिन सामने वाले को respect दे।
  • during hypnosis performance खुद की अच्छाई को जितना ज्यादा show कर सकते है करे ताकि value yourself among people बने।
  • instant induction hypnotism में काफी helpful है। अगर आप पूरी तरह से इस फील्ड में नए है तब भी आप इसे आसानी से कर सकते है। ये तब भी उतना प्रभावी है जब आप सामने वाले के लिए अनजान होते है लेकिन ध्यान रखे attitude is everything इसलिए हमेशा एक positive attitude बनाए रखे।

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instant induction and attitude : जब हम दुनिया के भीड़ में होते है तब एक attitude ही है जो हमें भीड़ से अलग दिखाता है इस लिए जब लोगो से मिले और भीड़ पर अपना जादू चलाना हो तो attitude का इस्तेमाल करे। इसकी प्रैक्टिस आप लोगो के साथ कर सकते है, ना हो तो मिरर के सामने भी चलेगा।

हमेशा खुद को जो है उससे बेहतर दिखाने की कोशिश करे। यही key of sucees in hypnotism है।

10 स्टेप to doing instant induction

  • सबसे पहले तो भीड़ में अपना introduction दे और किसी एक व्यक्ति को invite for hypnosis
  • अपने माध्यम का पूरा ध्यान सिर्फ आपकी ओर हो इस बात का खास ध्यान रखे आप चाहे तो माध्यम को लगातार ऐसी बातो में उलझा सकते है जिससे वो हर-पल अपना ध्यान सिर्फ आपकी ओर ही रखे।
  • hyponosis process करने से पहले checking medium for hypnotism की वो आपके command को कितना easily accept करता है इसके लिए आप उसे कोई आसान काम कहे अगर बिना किसी resistance के वो ये कर लेता है तो ये अच्छा संकेत है और नहीं तो कुछ देर और Try to relax your medium mind for instant induction.
  • माध्यम के अवरोध को दूर करने के लिए आप उसके साथ अच्छी बाते करे साथ ही tone को change करे और माध्यम से ऐसे बाते करे जिससे वो आराम महसूस करे। जैसे की क्या तुम आसानी से बड़े आराम के साथ अपने हाथ ऊपर उठा सकते हो या ऐसी ही कुछ और बाते जो उसे comfort और relax feel करवाए।
  • अब अपने aattitude में वापस आ जाइये और माध्यम को ऐसी कमांड दे जो सॉफ्ट लहजे के साथ हो ताकि माध्यम को लगे की आप उसे दोस्त की तरह ट्रीट करे। उसे अहसास करवाए की वो व्यक्ति कुछ ऐसा कर सकता या देख सकता है जो बाकि के लोग नहीं कर सकते। लेकिन उसे साथ ही ये अहसास करवाए की वो ये कर सकता है।

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Advance preparation for instant induction

जब आप शुरुआती टिप्स को ध्यान में रख कर इसे करते है तो इन टिप्स को जरूर आजमाए ये आपकी हेल्प करेंगे माध्यम को आप पर भरोसा बनाए रखने में और जल्द से जल्द sleep stage of raapid hypnotism तक पहुँचने में।

light effect in hypnotic disc

  • हमेशा माध्यम को direct spot से देखने की कोशिश करे ताकि माध्यम पर आपके attitude का असर पड़े। इसके लिए medium की आँखों में या उसकी पुतलियों पर देख सकते है। यही नहीं माध्यम भी अपना सारा ध्यान आपके ऊपर रखे इसका भी ख्याल रखे।
  • माध्यम से बाते करते रहे और उनके पीछे जाकर उनकी बांहो को पकड़ ले। याद रहे इतनी देर में माध्यम रिलैक्स हो चूका होता है। माध्यम के पीछे जाते ही उसे रिलैक्स होने को कहे और वो आपकी बांहो में होगा। आप balanced हो और माध्यम को कैच कर सके इसका ध्यान रखे।
  • जब आप माध्यम को स्लीप का कहते है तब ध्यान रखे की आपकी आवाज और उसकी पिच में एक गहराई हो और जितनी ज्यादा गंभीर पिच होगी माध्यम पर उतना ही असर होगा। आप चाहे तो पहले माध्यम को और भी ज्यादा रिलैक्स कर सकते है। जैसे की OK ! अब तुम अपनी आंखे बंद कर लो जैसे शब्दों से। अपनी लय पर पकड़ बनाये रखे।

balanced performance in street rapid hypnotism

जब आप माध्यम को कहते है की ओके अब तुम आंखे बंद कर लो तब ध्यान रखे की वो बैलेंस्ड हो अगर ऐसा न हो सके तो आप माध्यम को पीछे से या आगे से हग करने की स्थिति में भी पकड़ सकते है जिससे medium feel relax और उसे विश्वास हो की आंखे बंद होने पर वो गिरेगा नहीं।

माध्यम के साथ साथ भीड़ पर भी अपना ध्यान बनाए रखे अगर कोई गलती कर रहा है तो इसे seriously न ले क्यों की अक्सर street hypnotism fun और enjoy के लिए किया जाता है। लोगो को किसी भी हालत में ख़ुशी मिलनी चाहिए।

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what author think about instant induction

जहा तक मेरा मानना है हम rapid hypnotism की process ज्यादा और कुछ नहीं बस माध्यम का भरोसा जितना और उसके दिमाग पर अपनी positive image बना कर हावी होना है।

ऐसा हर कोई कर सकता है लेकिन ध्यान रखे की आपको खुद को कुछ अलग दिखाना पड़ता है ताकि लोगो को आप पर भरोसा हो की आप में कुछ तो खास बात है।

दोस्तों ये थी कुछ आसान सी टिप्स और ध्यान रखने वाली बाते जो आपको instaant induction को street magic perform करने में हेल्प करेगी।

आज की पोस्ट किसी को कैसे चुटकियो में हिप्नोटाइज करते है को ध्यान में रख कर लिखी गई है जिस पर आप अपने सुझाव हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते है।