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Wednesday, May 27, 2026
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हिन्दू धर्म के दाह संस्कार के नियम और इनसे जुड़ी खास बाते और लॉजिक आपको पता होना चाहिए

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दाह संस्कार के नियम क्या है और क्यों अंतिम संस्कार में कुछ खास तरह की प्रक्रिया की जाती है? क्या आपको पता है हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मौत 13 दिन बाद तक कुछ खास संस्कार प्रक्रिया को करना बेहद जरुरी होता है.

अंतिम संस्कार का महत्व हिन्दू धर्म में देखने को मिलता है और इसका जिक्र गरुड़ पुराण में पढने को मिलता है.

पिता की मृत्यु के बाद हिंदू रीति रिवाज क्या क्या करने चाहिए और मृत्यु के बाद के कार्य क्या होते है ये हम आज की पोस्ट में जानने वाले है. आइये जानते है अंतिम संस्कार से जुड़ी खास बाते और उनका लॉजिक.

दाह संस्कार के नियम और इससे जुड़ी खास बाते

हिन्दू धर्म में कुल 16 संस्कार है जो एक व्यक्ति के जन्म से लेकर मरने तक किये जाते है.

सबसे अंतिम संस्कार है मौत के बाद की जाने वाली क्रियाए, कुछ लोग इसे सही मानते है तो कुछ लोग गलत लेकिन आज हम ऐसी कुछ बातो के बारे में बताने वाले है जो आपके लिए शायद उत्सुकता का विषय होगी, दाह संस्कार के बाद कपाल क्रिया, मटकी छेदन, मुंडन और पिंडदान दिखावा नहीं बल्कि आध्यात्मिक और लॉजिक के तर्क पर सही है कैसे ?

आइये जानते है इस पोस्ट में.

दाह संस्कार के नियम और इससे जुड़ी खास बाते

दाह संस्कार के बाद चलने वाली 13 दिन की क्रियाए आज के समय में कुछ लोगो के लिए सिर्फ पंडितो द्वारा पैसे कमाने और अन्धविश्वास मात्र है.

हिन्दू शास्त्र के अनुसार अगर किसी की मौत 8 साल से पहले होती है तो या तो उसे किसी नदी में बहाया जाता है या फिर दफनाया जाता है क्यों की उसका अभी तक संस्कारिक क्रियाओ से जुड़ाव शुरू नहीं हुआ था.

8 वर्ष की उम्र में की जाने वाली जनेऊ संस्कार उसे संसार से जोड़ती है. आज हम दो बातो के बारे में जानने वाले है. पहला दाह संस्कार के नियम और दूसरा मौत के बाद की जाने क्रियाए और उनका महत्व.

किसी के मौत होने के बाद दाह संस्कार के नियम का पालन किया जाता है और इन नियमो का अपना एक तर्क होता है. इनमे जगह और प्रदेश के अनुसार बदलाव देखा जा सकता है लेकिन कुछ मुख्य नियम जो हर जगह हिन्दू धर्म के अनुसार पुरे किये जाते है निम्न है.

दिन ढलने के बाद मौत और दाह संस्कार

अगर किसी की मौत दिन ढलने के बाद होती है तो उसका अंतिम संस्कार रात्रि में नहीं किया जा सकता है क्यों की सूर्य देव को स्वर्ग का प्रतिक माना जाता है.

हिन्दू धर्म / गरुड़ पुराण के अनुसार अगर किसी की मौत रात्रि के समय होती है तो उसे एक साफ जगह भूमि पर सुलाया जाता है और सिरहाने पर एक दीपक जला दिया जाता है जो की एक तरह से उस शरीर के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है.

रात्रि में पारलौकिक शक्तिया जाग्रत रहती है और तलाश करती है किसी ऐसे शरीर की जिस पर आसानी से कब्ज़ा किया जा सके और आत्मा विहीन शरीर में प्रवेश कर वो उस पर कब्ज़ा न कर ले इस लिए इस तरह की सावधानी रखी जाती है.

अनाज की ढेरी पर एक मिटटी का दीपक जला दिया जाता है और किसी एक को उसकी निगरानी में रहना पड़ता है की दीपक बुझ न जाए. कुछ जगहों पर शरीर के चारो और आटे की रेखा बनाए जाने की मान्यताए है.

दाह संस्कार के नियम में से एक है दिशा का महत्व

हम सभी जानते है की उत्तर और दक्षिण दोनों ही दिशा में शक्तिशाली चुम्बकीय प्रभाव है जो की पूरी Earth पर है.

अगर किसी की मौत नजदीक है और उसके प्राण निकलने में कठिनाई हो रही होती है तो उसे उत्तर की ओर सर करके सुला दिया जाता है ताकि उसके प्राण आसानी से निकल सके. जबकि

मौत होने के बाद मृतक का शरीर दक्षिण की और सर करके रखा जाता है. ऐसा माना जाता है की ये दिशा यम देवता की है और मौत के बाद हम उन्हें मृतक को सौंप रहे है. अगर आप भी सोने के दौरान इस नियम का पालन नहीं करते है तो आप निम्न तरह के बदलाव खुद में महसूस कर सकते है.

  • मेमोरी का धीरे धीरे कमजोर होते चले जाना.
  • खुद में एक आलस्य महसूस होने लगना.

जब हम उत्तर की ओर सर रख कर सोते है तो अचेतन अवस्था में हमारे प्राण का एक सूक्ष्म कण धीरे धीरे चुम्बकीय प्रभाव द्वारा खिंच लिया जाता है. ऐसा रिसर्च भी कह चुकी है की उत्तर की ओर सर करके सोने वालो को earth megnetic field affect करती है.

मटकी और मृतक के कपाल क्रिया जैसे दाह संस्कार के नियम के पीछे की वजह

अंतिम संस्कार के नियम में से एक है मटकी और सर का फोड़ना. ये आपको क्रूरता लग सकती है की आखिर कैसे हम अपनों के शरीर के साथ इस तरह की हरकत कर सकते है लेकिन ऐसा करना बेहद जरुरी है. मृतक के सर को फोड़ने के पीछे 2 मुख्य वजह है.

पहली ऐसा माना जाता है की मौत होने के बाद भी आत्मा का अंश शरीर में मौजूद हो सकता है और शरीर के अंतिम द्वार के रूप में उसका सहस्रार चक्र से बाहर निकलना उसकी सद्गति को बढाता है.

शरीर में कुल 10 द्वार माने जाते है इन्ही में से किसी एक के जरिये आत्मा शरीर छोडती है और सर फोड़ने से आत्मा अगर शरीर के अन्दर फंसी है तो बाहर निकल कर अपनी यात्रा पर निकल जाती है.

दूसरा अगर व्यक्ति किसी तरह के तंत्र क्रिया में कभी जुड़ा हुआ था तो मौत के पश्चात उसकी आत्मा का दरुपयोग किया जा सकता है यानि कोई भी उसे आसानी से अपने वश में कर सकता है. ऐसा करने से कोई भी इसका गलत प्रयोग नहीं कर सकेगा और आत्मा की सद्गति हो जाती है.

दाह संस्कार के नियम के अनुसार मृतक की प्रक्रिमा करना और मटकी फोड़ना एक रस्म है जो सांसारिक बंधन तोड़ने के बारे में है. मटकी के निरंतर बहते जल के रूप में घाट रही उम्र और अंत में फोड़ने को सभी मोह से नाता तोडना से जोड़ा जाता है.

मौत के बाद की प्रक्रिया और उनका आध्यात्मिक महत्व

दाह संस्कार के नियम के साथ साथ कुछ ऐसे संस्कार है जिनका हिन्दू धर्म में पालन किया जाता है. इनमे पिंडदान, मुंडन, मृत्यु भोज और फूल ( अस्थि ) का गंगा में विसर्जन शामिल है. इन सबका अपना अपना महत्व है और इनका पालन करना हिन्दू संस्कृति में बेहद जरुरी माना गया है.

दाह संस्कार के नियम के बाद पिंडदान करना क्यों है बेहद जरुरी

पिंडदान एक ऐसी संस्कार क्रिया है जिसे करना बेहद आवश्यक माना जाता है. मौत के बाद मृतक की आत्मा की गति से पहले उसे एक लम्बी यात्रा करनी पड़ती है.

गरुड़ पुराण के अनुसार वेतरनी नदी हमें आगे की यात्रा करवाती है. ये यात्रा 13 दिन की मानी जाती है और इतने दिन में हमें सभी तरह के अंतिम संस्कार का पालन करना पड़ता है.

पिंडदान करना हमारे पित्तरो को भोग देना माना जाता है.

ऐसा माना जाता है की जो कुछ हम मृत्युलोक में किसी को देते है उसी का अंश हमारे पित्तरो ( पूर्वज ) को मिलता है. हालांकि वैज्ञानिक नजरिये से इसे सिर्फ अन्धविश्वास और ठगी का एक जरिया माना जाता है लेकिन हमारे शास्त्रों में इसका महत्व है इसलिए ऐसा आज भी किया जाता है.

मृत्यु के बाद कार्य में से एक है मुंडन

मुंडन करना भी दाह संस्कार के नियम के बाद बाद पालन किए जाने वाले क्रियाओ में से एक है. मुंडन को शोक का प्रतिक माना जाता है, मोह भंग का प्रतिक माना जाता है और साथ ही मृतक की जिम्मेदारी अब घर के किसी अन्य बड़े व्यक्ति पर आ गयी है का प्रतिक माना जाता है.

ऐसा मान्यता है की हमारे बालो को मोह का प्रतिक माना जाता है और मृतक व्यक्ति अपनों के मोह में में मृत्युलोक में ही फंसे रह सकते है इसलिए मुंडन कर शोक दर्शाया जाता है ताकि मृतक को इस बात का अहसास हो की मोह तोड़ दिया गया है.

मौत के बाद एक घर में सूतक लग जाता है जो की 13 दिन की क्रियाओ के बाद ही शुद्ध होता है. इस दौरान किसी भी तरह के पवित्र कार्य नहीं किये जा सकते है.

मौत के ग्यारहवे दिन पीपल के पेड़ के निचे पिंडदान और बारहवे दिन घर का शुद्धिकरण जल द्वारा किया जाता है. तेरहवे दिन सभी परिवार के लोगो के साथ भोज किया जाता है. कुछ लोगो के अनुसार ये महज दिखावा है वही कुछ लोग इसे पुण्य का काम मानते है ताकि इसका हिस्सा मृतक की आत्मा को मिले और उसकी सद्गति हो.

दाह संस्कार के नियम – क्या हमें अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहिए ?

दाह संस्कार के नियम में से एक है अंतिम यात्रा जिसमे परिवार, आसपास के जान पहचान के लोग अंतिम यात्रा में शामिल होते है. कुछ लोग इसे सही मानते है तो कुछ लोग नहीं.

ऐसा माना जाता है की इस यात्रा में शामिल होना ये दर्शाता है की मृतक के साथ जीते जी आपके साथ जैसे भी सम्बन्ध रहे हो लेकिन मौत के साथ ही सभी तरह के इर्ष्या और बैर ख़त्म हो गए है. जितने ज्यादा लोग उतना ही व्यक्ति का सम्मान ऐसा माना जाता है. कहा भी गया है.

किसी के बारे में जानना है तो अंतिम संस्कार के समय उसके पीछे की भीड़ को देखो. मृतक के अंतिम संस्कार के समय पीछे की भीड़ उसके बारे में बहुत कुछ कह देती है.

ऐसा भी माना जाता है की मृतक की अंतिम यात्रा में शामिल होने से उसके कर्म सुधरते है और आपके हिस्से के पुण्य का अंश उसे मिलता है. ऐसा ही कुछ अंतिम भोज के बारे में माना जाता है. मृत्यु भोज करने से आपके द्वारा किये अच्छे कर्म मृतक की आत्मा को मिलते है. ऐसा करने से आपको कैसा लगता है वो आप पर निर्भर है.

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दाह संस्कार के नियम – अंतिम शब्द

गरुड़ पुराण में अंतिम संस्कार और उसके आगे की यात्रा के बारे में बहुत कुछ बताया गया है. ये वास्तव में है या महज पंडितो द्वारा रचा गया खेल ये कोई नहीं जानता. हिन्दू धर्म शास्त्र में जिन नियम और निर्देशों का वर्णन है वक़्त के साथ वैज्ञानिक तर्क के साथ तुलना की गई जिसमे कुछ को सही तो कुछ को गलत माना गया.

हिन्दू धर्म शास्त्र का ज्ञान हर हिन्दू को होना चाहिए. ऐसा बेहद जरुरी है क्यों की हमारे संस्कार हमारा ज्ञान तय करता है. किसी भी अन्य धर्म में आज अपने धर्म को लेकर सवाल नहीं जितना हिन्दू धर्म में है. इसकी मुख्य वजह है समय के साथ हमारे धर्म शास्त्र को तोड़ मोड़ कर धर्म गुरुओ द्वारा पेश करना और लिखना.

नोट : इन बातो का मकसद किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है लेकिन सिर्फ किताबी ज्ञान के आधार पर आप अपने धर्म पर सवाल कर रहे है तो ये जान ले की समय के साथ सही जानकारी को नष्ट किये जाने की कोशिश की गई है और उन्हें अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया है. हर हिन्दू को अपने सनातन धर्म पर गर्व होना चाहिए और उसे समझने की कोशिश करनी चाहिए. जल्दी ही हम इस पर एक नयी कड़ी आपके सामने लायेंगे. क्यों और कैसे ?

मनचाहे सपनो के दौरान नाईटमेयर से कैसे बचे एक अनजान खतरा जो सपनो में भी बना रहता है

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जाने अनजाने में हम सब Lucid nightmare का experience करते है. Lucid dreaming के दौरान सपनो को जरुरत से ज्यादा control करने के दौरान एक टाइम ऐसा आता है जब हम इसे control नहीं कर पाते है और ये एक Scary nightmare में बदल जाता है.

lucid एक ऐसी state है जहाँ हम Full of conscious state में होते है. हमारे मन में छिपे हुए डर को Unconscious mind जब trigger करता है तब वे Nightmare and lucid scary nightmare के रूप में अनुभव किये जाते है.

आमतौर पर देखा जाता है की जब हम डरावने सपने देखते है तब हमारा खुद पर कोई control नहीं होता है लेकिन, Lucid dream जैसी अवस्था जहाँ हमारा Control and conscious हमें पता होती है. हमे मालूम होता है की हम जगे हुए है और मनचाहा सपना देख रहे है.

मनचाहे सपने वो होते है जहाँ हम अपने expection को बंद आँखों से होता हुआ महसूस करते है.

What is a lucid nightmare

वैसे तो ये एक तरह से self satisfaction का जरिया है लेकिन उससे भी बढ़कर बहुत कुछ है.

रात को सोने से पहले Horror movie and video games देखते रहना और ऐसे ही सो जाना इस बात की सम्भावना को बढ़ा देता है की आप सपने के दौरान डरावना अनुभव करे.

आज की पोस्ट में हम बात करने वाले है मनचाहे सपने देखने के दौरान डरावने अनुभव से कैसे बचे और False awakening की स्थिति से बाहर कैसे निकला जाए.

What is a lucid nightmare?

मनचाहे सपने देखने की कला को Lucid dreaming के नाम से जानते है और Lucid nightmare वे bad dreams होते है जहाँ हम full conscious awareness में रहते है.

इस तरह के बुरे सपने को देखने के पीछे मुख्य रीज़न Dream control है. हम सपनो को control करने की कोशिश करते है और अचानक ही हमारा control उन पर से छूट जाता है.

इसके अलावा और भी बहुत सारे कारण है जिनकी वजह से हमारा मनचाहे सपनो से control हट जाता है.

  • A confrontation of powerful forces – जब मन में दो आपसी विरोधी विचार चल रहे होते है.
  • Violent self-ruling dream characters – ऐसे किरदार जो आपके control से बाहर होते है.
  • Lack of dream control – सपनो से control हट जाना.
  • physical pain – किसी तरह का दर्द
  • strong negative emotions मन में चल रही नकारात्मक भावना
  • awakening from the dream – सपनो से जाग जाना लेकिन सपनो में हकीकत में नहीं

कई बार हमें trapped in the nightmare का अहसास होता है. इसके अलावा unable to wake up or experience a false awakening यानि सपनो में हमें लगता है की हम जगे हुए है लेकिन असल में हम सपने में ही फंसे हुए होते है.

आपको difference between a lucid nightmare and nightmare के बारे में पता होना चाहिए.

2 तरह के सपने देखे जाते है पहला जिसमे आप control खो देते है लेकिन फिर भी आप Self awareness की स्थिति में होते है और जल्दी ही आप सपनो को मनचाहे तरीके से पूरा कर पाते है. दूसरा जहाँ आप Nightmare experience करते है लेकिन आपका control नहीं होता है.

What causes scary lucid dreams?

हम जितने भी सपने देखते है वो सब reflections of the unconscious and subconscious mind होते है यानि चेतन और अवचेतन मन की उपज. Scary lucid dreams एक तरह की ऐसी state है जहाँ आपका ब्रेन सही तरह से information को transfer नहीं करता है. इसके अलावा ऐसे बहुत से कारण हो सकते है जो scary lucid dreams, or lucid nightmares की वजह बनते है जैसे की

  1. Expectations: अगर आप किसी घटना के होने की उम्मीद करते है तो आपका mind उसे सपनो के जरिये होता हुआ दिखाता है.
  2. Suppressed feelings: आमतौर पर हमारा Conscious brain हमारी suppressed traumas, or fears को दबा देता है लेकिन सपनो के दौरान जब brain खुद को explore करता है तब ये आजाद होते है.
  3. Gaming, or movies: मूवी और गेम ये हमारे इमोशन को पूरी तरह बदल देते है. सपनो से पहले अगर बहुत ज्यादा डरावनी मूवी देखी हो या गेम खेला हो तो संभव है ये आपके इमोशन को control कर ले.

Lucid nightmare सबसे ज्यादा negative emotions and sad feelings से प्रभावित होता है. सोते समय जिस State of mind में आप होते है आप वैसा ही सपना देखते है. अगर सोने के समय आप नकारात्मक विचार या भावना से घिरे हुए है तो संभव है की आप Scary nightmare expereince करे.

Read : बिना किसी मैडिटेशन के आसानी से तीसरे नेत्र का जागरण करने के 6 सबसे कारगर तरीके

How do I get rid of lucid nightmares?

Lucid nightmare वास्तव में और कुछ नहीं हमारे अपने inner demons or unsettling unconscious thoughts ही है.

इनसे छुटकारा पाना है तो सबसे पहले इन्हें समझने की कोशिश करनी चाहिए. अगर आप उनसे छुटकारा पाने की बजाय उनमे interpret करना चाहते है तो कुछ तरीके है जिनसे आप ऐसा कर सकते है.

Improve your sleep routine

आपको अपने सोने और उठने का एक फिक्स रूटीन रखना चाहिए. हर रोज तय टाइम पर सोना और उठाना आपको अच्छी नींद में मदद करता है. ऐसा करना हमारे body and mind को एक लय में लाता है. सोने से पहले Meditation और streching session को follow करना आपको अच्छी नींद में help करता है.

Become good at lucid dreaming

अगर आप Lucid dreaming में नए नए है तो शुरुआत में आपके लिए इसे control करना बेहद मुश्किल होता है.

ऐसी कुछ Lucid dreaming technique है जो आपको इसे अच्छे से करने में help करेगी और overcome nightmares में भी मदद मिलेगी. बेहतर नींद के लिए तकनीक, टिप्स और herbs का इस्तेमाल किया जा सकता है.

Avoid scary or stressful things

रात को सोते समय आप क्या करते है ये आपके Lucid nightmare को प्रभावित कर सकता है. सोते समय अगर आप किसी तरह की Horror movie or video game में time spend कर रहे है तो संभल जाए क्यों की ऐसा करना आपके Dream nightmare की वजह बन सकता है.

अगर नींद नाही आती है तो रात को सोते समय पैरो को ठन्डे पानी से धोकर सोये.

False awakening

रात को सोने से पहले दूध और दालचीनी का सेवन करना आपको अच्छी नींद लेने में help कर सकता है.

कोशिश करे की सोने से ठीक आधे घंटे पहले आप scary movies and video games, social media, Smartphone इन सबसे दूरी बना ले. ऐसा कर आसानी से आप Lucid nightmare को अवॉयड कर सकते है.

 Try to take back control

कई बार ऐसा होता है की स्थिति हमारे control में नहीं होती है. ऐसा ना होने की स्थिति मे फिर से शुरुआत करने की बजाय या फिर परेशान होने की जगह एक स्टेप पीछे जाकर फिर से स्थिति को control करने की कोशिश करे. Lucid dreaming में ऐसा करना आपको Better control करने में help करता है.

ऐसा करने से ना सिर्फ आप Dream control कर सकते है बल्कि मनचाही डिमांड के अनुसार बदलाव भी कर सकते है.

Stay calm

अगर स्थिति आपके control में ना रहे तो परेशान ना हो बल्कि ऐसी स्थिति में भी शांत बने रहने की कोशिश करे. जितना ज्यादा आप खुद को शांत रख पाते है उतना ही जल्दी आप ड्रीम को control कर सकते है. जब भी आपको लगे की स्थिति आपके control से बाहर निकल रही है.

आप खुद को “This is a dream”, “I am safe”, and “I am in control” जैसी Positive affirmation के जरिये सेफ कर सकते है.

Don’t worry or think about it

हमेशा एक बात याद रखे आप किस तरह के सपने देख रहे है वो सब आपकी expectation पर depend करता है. आप सिर्फ एक काम कर सकते है और वो है सपनो को लेकर परेशान ना होना.

सोने से पहले कुछ अच्छा सोचे और उसे सपने में होता हुआ देखने की कोशिश करे. यहाँ जितना positive आप रहते है उतना ही अच्छा रिजल्ट आपको मिलने लगता है.

How common are lucid nightmares?

सपनो के दौरान हमने अक्सर regular nightmare का experience किया हुआ है. किसी monster या situation से जुड़ा डर या फिर किसी इवेंट के छूट जाने का डर ये सब हमने सपनो में अनुभव किया है.

हालाँकि Scary nightmares कोई rare dream नहीं है लेकिन इनका सपनो पर ज्यादा बड़ा impact नहीं देखने को मिलता है.

574 लोगो पर की गई एक research में सामने आया है की इनमे से सिर्फ 1% व्यक्ति ने यानि 5 लोगो ने Lucid nightmares के दौरान परेशानी का अनुभव किया है.

ये सब हमारी उम्मीद पर टिका हुआ है जैसा हम सोचते है वैसा होता है इसलिए अच्छा सोचे तो अनुभव भी अच्छे ही होंगे.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Why do we have scary lucid dreaming?

जब हम Lucid dream experience करते है तब ज्यादतर हमारे unconscious mind के पास इसका control होता है. आप अपने चारो ओर को लेकर सजग है सिर्फ इसी आधार पर आप सबकुछ control नहीं कर सकते है.

जब आप Lucid dreaming कर रहे होते है तब आपका अवचेतन मन ये तय कर सकता है की उसे scary or stressful पर focus करना है या नहीं.

आगे चलकर ये स्थिति Lucid nightmare में बदल जाती है इसलिए आपको इसमें फंसने की बजाय इससे बाहर आने पर focus करना चाहिए.

क्या इस तरह के सपने खतरनाक हो सकते है ?

Lucid dream किसी भी तरह से खतरनाक नहीं होते है. ये आमतौर पर किये जाने वाले ordinary nightmares की तरह ही होते है बस फर्क सिर्फ इतना है की इसमें आपको पता होता है की आप सपने में है.

जब आपको मालूम हो की ये महज एक सपना है तब आपके लिए lucid nightmares को control करना आसान हो जाता है बजाय किसी non-lucid nightmares के क्यों की वहां आपको अहसास ही नहीं होता है की आप सपना देख रहे है.

यहाँ आपको ये जान लेना चाहिए की अगर इस दौरान आप इन सबको एक हकीकत की तरह देखते है तो ये आपके लिए एक डरावना अनुभव बन सकता है.

क्या कोई मनचाहे सपनो में फंस कर रह सकता है ?

नहीं ऐसा संभव नहीं है. ज्यादातर condition में आपको फंसे होने का अहसास हो सकता है और आप false awakening को भी अनुभव कर सकते है जो की एक दूसरे सपने के टूटने पर होती है लेकिन हम तब भी सपनों में ही होते है.

ये स्थिति तब होती है जब आप बार बार खुद को ये अहसास करवाते है की आप जग गए है और सपने से बाहर आ गए है.

ये एक सामान्य अनुभव है जो कभी भी किसी के साथ हो सकता है. हालाँकि ऐसा होना कोई अच्छा अनुभव तो नहीं होता है लेकिन अगर आप इसे Lucid dreaming में बदल सकते है. इसके साथ ही आप इस पर बेहतर control पा सकते है.

Read : खिला पिला कर किये वाले वशीकरण के दावे की सच्चाई और सबूत – एक बार जरुर अजमाना चाहिए

 Can you get lucid in a nightmare?

शुरू में एक सामान्य सपना और उसमे nightmare का experience करना और आगे चलकर इसका Lucid dreaming का अनुभव करना ये संभव है.

बहुत से लोग how to lucid dream के लिए practice करते है क्यों की उन्हें अपने Nightmare को control करना होता है और उससे छुटकारा पाना होता है.

आमतौर पर ऐसा होता है की जब हम किसी nightmare का अनुभव करते है तब हम उनसे डरने की बजाय चीजो को अपने तरीके से control कर nightmare से छुटकारा पाने की कोशिश करते है.

ऐसी कई तकनीक है जिनके जरिये आप better control कर सकते है. सपनो के दौरान आपको मालूम हो की आप सपना देख रहे है और आप उन्हें control कर सकते है.

How to control lucid nightmare – final conclusion

रात को अचानक ही डरावने सपने के बीच में आप उठ जाते है तो आपको कैसा लगता है ?

Lucid nightmare का अनुभव हमें unique opportunity भी देता है जो की हमें अपने डर को समझने में मदद करता है. इसके अलावा हम ये भी जानते है की bad dreams को face कैसे कर सकते है.

यही वजह है की हमें Scary nightmare से डरना नहीं चाहिए. हमें Lucid dreaming से डरना नहीं चाहिए क्यों की इस बात की बहुत ही कम सम्भावना होती है की हम Scary nightmare का experience करे.

इस खास मंत्र की सम्मोहन साधना से आप किसी को भी अपने वश में कर सकते है

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sammohan sadhna mantra में हम आज आपको sammohan की vidya  में expert हासिल करने के लिए sammohan sadhna के बारे में बताने जा रहे है। ये तो हम सभी जानते ही है की सम्मोहन मतलब किसी को mohan karna। इसे तंत्र की भाषा में vashikaran, mohini के नाम से भी जाना जाता है।

सम्मोहन में महारत हासिल करने के लिए आपमें निम्न योग्यता होनी चाहिए। बहुत से लोग इन्टरनेट पर sammohan sadhna kaise kare saral abhyas hindi में सर्च करते है इसलिए आज हम gupt sammohan sadhna kaise karvai jati h के बारे में ये पोस्ट पब्लिश कर रहे है.

अगर आप भी sammohan expert बनना चाहते है तो आपका इन 3 चीजो पर अच्छा control होना चाहिए. 1. आपका मस्तिष्क शांत और शून्य होना चाहिए 2. आप लंबे समय तक एक पाइंट, विचार पर एकाग्र हो सके  3. आप खुद को सकारात्मक बनाये रख सके।

sammohan sadhna mantra

तीसरा बिंदु सबसे महत्वपूर्ण है क्यों की अक्सर ऐसा होता है की शुरू के अभ्यास में ही हम कुछ देर के अभ्यास से इतना थक जाते है की हमारे अंदर negative thoughts घर करने लगते है।

ये थकान सामान्य नहीं मानसिक होती है और अगर इसे हलके में लिया जाये तो ना सिर्फ हमारी ऊर्जा ख़त्म हो सकती बल्कि हमारा self-confidence भी टूट जाता है।

95% लोग यही पर फ़ैल होते है। इसलिए सबसे पहले इस पर कण्ट्रोल करना सीखे।

इस sammohan sadhna mantra और श्री कृष्ण के बीच काफी गहरा कनेक्शन है.

सम्मोहन साधना में सबसे अधिक पारंगत अगर कोई है तो वो है श्री कृष्ण। माना जाता है की 65 कलाओ में वे महारत हासिल कर चुके थे और मोहिनी, माया जाल की विद्या उनमे ही एक थी। श्री कृष्ण सिर्फ बांसुरी की धुन मात्र से सबको मोहित कर लेते थे, यहाँ तक की प्रकृति को भी।

sammohan sadhna mantra ritual

सम्मोहन साधना का ये प्रयोग 2 दिन का है। सर्व देव पूजन के बाद श्री कृष्ण जी की प्रतिमा को प्राण प्रतिष्ठित करे। श्री कृष्ण पूजन के बाद अपने सामने सुपारी रखे। घी का दीपक प्रज्जवलीत करे और नैवेध के रूप में सफ़ेद लड्डू का भोग दे। इसके पश्चात् पंचोपचार करे।

अब सफ़ेद स्फटिक, हकीक की माला का 2 दिन तक रोज 11 माला का जाप करे। अगर माला न मिले तो अंगुली पर भी कर सकते है। कम से आधा घंटे या एक घंटे माला जप में लगता है।मंत्र निम्न है :

ॐ क्लीं क्लीं क्रीं क्रीं हुं हुं फट् 

आसन सफ़ेद रंग का और जाप दिशा पूर्व हो इसका ध्यान रखे। इस दौरान आप अपान मुद्रा का प्रदर्शन हाथ से लगातार करते रहे तो अनुभव अच्छा रहता है।

sammohan sadhna mantra में खास क्या है ?

इस मंत्र से आपके अंतर के विकार भी नष्ट होने लगते है। जब भी आपका मन निर्मल होगा आप आपने आराध्य को पाएंगे आपके आराध्य आपके मन में तब विचरण करते है जब आप सब लोभ, विकार से रहित हो जाते है।

हमें चाहिए की हम अपने मन के विकार को दूर करते रहे ताकि अपने अंतर को निर्मल रख सके।

कुछ शक्तिया कम समय में भी अपना असर दिखाने लगती है हमें इससे बचना चाहिए. अगर आप साधना में नए नए है तो सरल शाबर मंत्र साधना के कुछ मंत्र घर बैठे सिद्ध कर सकते है.

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सम्मोहन साधना में ध्यान रखे

हम जब भी किसी मंत्र का जाप करते है उसके उच्चारण की 3 अवस्थाये होती है।

पहला जोर जोर से उच्चारण : इसमें हम खुद को बार बार एक ही मंत्र पर फोकस करते है ये उनके लिए प्रभावी है जिनका मन चंचल होता है और एक जगह टिकता नहीं है।

दूसरा बुदबुदाना : इस अवस्था में आपको लगता है की आप कुछ उच्चारण कर रहे है पर क्या ये स्पस्ट नहीं रहता है दुसरो के लिए। इस अवस्था में हम खुद को एकाग्र रखते है।

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तीसरी अंतर में उच्चारण : ये अवस्था आपको लंबे ध्यान के बाद मिलती है। इस अवस्था में आप बाहरी तौर पर चाहे बैठे हो सो रहे हो या ध्यान कर रहे है मंत्र आपके अंतर में गुंजायमान रहता है। ये अवस्था आपके बाह्य वातावरण और अंतर के माहौल में प्रभाव के फर्क को दिखाती है।

आप के अंतर में क्या चल रहा है आपके ऊपरी तौर पर स्पस्ट नहीं होता है और आप दुसरो के लिए रहस्यमयी हो जाते है। एक सम्मोहनकर्ता इस अवस्था में सबसे ज्यादा लाभ उठाता है।

सम्मोहन साधना किस तरह काम करती है

आप सामान्य साधना में जिस तरह मन को साधते है फिर चाहे वो त्राटक हो या ध्यान इस साधना में भी आप संयम द्वारा मन की साधना करते है। जो इसे प्रभावशाली बनाती है।

अगर आप खुद का संयम करने में सक्षम है तो आपमें ज्यादार शक्तिया वैसे ही जाग्रत होने लगती है।

sammohan sadhna mantra आपके मायाजाल पर काम करती है।

सम्मोहन में किसी को जो भावना दी जाती है वो उसके खुद के विचारो को रोक देती है और आपके विचार उसे कल्पना बनाने में मदद करते है जो उसे हकीकत लगने लगती है। यानि आपका सामने वाले को आपकी मर्जी से सोचने देना, जो आप उसे दिखाना चाहते है वही दिखाना

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क्या साधनाए प्रभावशाली होती है

बिलकुल साधनाओ द्वारा कृत्रिम बारिश भी करवाई जा सकती है, मूर्छा लाई जा सकती है। और ऐसे करतब करवाये जा सकते है जो सामान्य समझ के लिए सिर्फ चमत्कार है।

यही साधनाओ की असली शक्ति है। अगर आप साधना करते है तो एक तरह से आप उसका संयम करते है, धारणा शक्ति को मजबूत करते है।

Purush vashikaran tantra

किताबो में दी गई sammohan sadhna mantra भी प्रभावी होती है। फर्क सिर्फ इतना है की जी अनुपात में आपको साधना बताई जाती है उसके आसपास की साधना रह जाने पर प्रभाव भी आपको उसके अनुपात के मिलते है बिलकुल वैसे ही जैसे दवा की मात्रा देना।

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sammohan sadhna mantra शुरू करने से पहले सावधानिया

किसी भी साधना की शुरुआत करने से पहले निम्न बातो पर ध्यान देना चाहिए जिससे आपको साधना के दौरान या बाद में गलत अनुभव, भय या नुकसान का सामना ना करना पड़े।

  • आप जो साधना करना चाहते है उसे अनुभवी लोगो से पूछे और अपने मन की सभी शंकाओ का समाधान कर ले ताकि साधना में अड़चन ना आए।
  • साधना के दौरान अपने आराध्य और गुरु का पूजन जरूर करना चाहिए।
  • साधना के दौरान मन में साधना के प्रति प्रबल भावना होनी चाहिए।
  • आपके विचार और भाव भी साधना के अनुसार होने चाहिये। जैसे सात्विक, तामसिक और जिस देवी देव की साधना कर रहे है उसका प्रभाव और आचरण कैसा है।
  • किसी भी साधना का प्रयोग दिखावे के लिए नहीं करना चाहिए।

दोस्तों आज ऐसे कई लोग है जो इन साधनाओ का खासतौर से सम्मोहन साधना का गलत फायदा उठाते है। जैसे वशीकरण अतः साधना के गलत प्रयोग की गलती कभी न करे। ये आपके आचरण और व्यव्हार के साथ मनोबल को नष्ट कर देती है। और आपकी आध्यात्मिक गति रुक सकती है।

आज की पोस्ट sammohan sadhna mantra एक निजी अनुभव पर आधारित है। हम इस तरह की साधनाओ की सत्यता के लिए जिम्मेदार नहीं होते है। क्यों की साधना में कई बाते और भी मायने रखती है। आपके विचार आमन्त्रित है।

मंत्र जाप से पहले आपको पता होना चाहिए इसका आध्यात्मिक महत्व और सही तरीका – रहस्य

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मनुष्य जीव उत्पन्न होते ही सबसे पहले शब्द सुनता है. शब्दों की शक्ति उनके ध्वनित भावों में छिपी होती है. एक दिव्य मन्त्र ध्वनि शक्ति जो आकाश तत्व से निकलती है उच्चारण करने या सुनने वाले को एक सांकेतिक सन्देश देता है जिससे उसके एक या अधिक शक्ति केंद्र ग्रहण करतें हैं.

मंत्र का रहस्य उसकी ध्वनि और उच्चारण में छिपा होता है। हर शब्द या मंत्र दिव्य नहीं है। मंत्र शक्ति दुरूपयोग करने का परिणाम भयानक होता है। mantra sadhna केवल सात्विक शक्ति उपार्जन के लिए होनी चाहिए उसका राजसिक तामसिक प्रयोग अति विनाशकारी होता है।

सामान्य ज्ञान की बात है कोई भी शब्द, तरंग भाव जिससे किसी को हानि हो वह तामसिक है. यूँ तो हमारा प्रत्येक शब्द मन्त्र है इसीलिए बोलने से पहले विचारवान मन से बोलना ही उपयुक्त है.

तामसिक बोल, बोलने वाले को ही हानि पहुंचाते हैं, इसी प्रकार मन्त्रों या शब्दों को तामसिक भावों से जो लोग बोलते हैं वह सूक्ष्म स्तर पर अपने शरीर को रुग्ण और मन को विकार युक्त बनाते हैं.

मंत्र का रहस्य

उसी प्रकार दैविक सात्विक भावों से बोले गए शब्द आकाश तत्व द्वारा हमारा सन्देश अपनी प्रतिध्वनि से बहुत दूर तक प्रभावकारी बनाते है।

प्रेम पूर्वक सुन्दर साफ़ मन से सत्य वचन बोलकर आप किसी भी मनुष्य, देव या ईश्वरीय शक्ति तक पहुँच सकते हैं, ईर्ष्या, द्वेष,घृणा व् विषाद मन से बोले गए वचन, शब्द सुनने वाले से अधिक बोलने वाले को न केवल बीमार बनाते हैं उनका शरीर विकारों से भरकर मन कूड़े के ढेर जैसा तुच्छ और विकारी बनता हैं. इसीलिए अज्ञानतापूर्वक कहे,

मंत्र का रहस्य समझने के लिए हमें उसके उच्चारण और प्रकार पर ध्यान देना चाहिए।

मंत्र का रहस्य उसकी ध्वनि और उच्चारण

मंत्र वह ध्वनि है जो अक्षरों एवं शब्दों के समूह से बनती है. यह संपूर्ण ब्रह्माण्ड एक तरंगात्मक ऊर्जा से व्याप्त है जिसके दो प्रकार हैं – नाद (शब्द) एवं प्रकाश। आध्यात्मिक धरातल पर इनमें से कोई एक प्रकार की ऊर्जा दूसरे के बिना सक्रिय नहीं होती। मंत्र मात्र वह ध्वनियाँ नहीं हैं जिन्हें हम कानों से सुनते हैं, यह ध्वनियाँ तो मंत्रों का लौकिक स्वरुप भर हैं।

ध्यान की उच्चतम अवस्था में साधक का आध्यात्मिक व्यक्तित्व पूरी तरह से प्रभु के साथ एकाकार हो जाता है जो अन्तर्यामी है। वही सारे ज्ञान एवं ‘शब्द’ (ॐ) का स्रोत है। प्राचीन ऋषियों ने इसे शब्द-ब्रह्म की संज्ञा दी – वह शब्द जो साक्षात् ईश्वर है! उसी सर्वज्ञानी शब्द-ब्रह्म से एकाकार होकर साधक मनचाहा ज्ञान प्राप्त कर सकता है।मंत्र का रहस्य समझने के लिए सही उच्चारण और ध्वनि पर एकाग्र होना जरुरी है।

महामंत्र

एक अति सघन बीज मंत्र है जो वास्तव में एक प्रार्थना है जिसके अंतर्मन से सुनने या उच्चारण से शरीर के उच्च ऊर्जा केंद्र जाग्रत हो सकते है।

मंत्र का रहस्य और सही उच्चारण

मंत्र, उनके उच्चारण की विधि, विविधि चेष्टाएँ, नाना प्रकार के पदार्थो का प्रयोग भूत-प्रेत और डाकिनी शाकिनी आदि, ओझा, मंत्र, वैद्य, मंत्रौषध आदि सब मिलकर एक प्रकार का मंत्रशास्त्र बन गया और इस पर अनेक ग्रंथों की रचना हुई।मंत्रग्रंथों में मंत्र के अनेक भेद माने गए।

कुछ मंत्रों का प्रयोग किसी देव या देवी का आश्रय लेकर किया जाता है और कुछ का प्रयोग भूत प्रेत आदि का आश्रय लेकर। कुछ मंत्र भूत या पिशाच के विरूद्ध प्रयुक्त होते हैं और कुछ उनकी सहायता प्राप्त करने के हेतु। स्त्री और पुरुष तथा शत्रु को वश में करने के लिये प्रयोग वे वशीकरण मंत्र कहलाते हैं।

शत्रु का दमन करने के लिये मंत्रविधि वह मारण कहलाती है। भूत को उनको उच्चाटन या शमन मंत्र कहा जाता है। लोगों का “विश्वास” है कि ऐसी कोई कठिनाई, विपत्ति पीड़ा नहीं है जिसका निवारण मंत्र के द्वारा नहीं हो सकता.कोई ऐसा लाभ नहीं है जिसकी प्राप्ति मंत्र के द्वारा नहीं हो सकती।

वास्तव में यह सब शक्ति का दुरूपयोग है और इसके करने वाले अधोगति और पाप के भागी बनतेहै। महामंत्र : मंत्रों में कुछ महामंत्र हैं जिनमे विशिष्ट ऊर्जा निहित है।

1. ) ।।। ॐ ।।।

“ॐ” ब्रह्माण्ड का नाद है एवं मनुष्य के अन्तर में स्थित ईश्वर का प्रतीक। ओउ्म तीन शब्द ‘अ’ ‘उ’ ‘म’ से मिलकर बना है जो त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश तथा त्रिलोक भूर्भुव: स्व: भूलोक भुव: लोक तथा स्वर्ग लोक का प्रतीक है।

अ उ म्। “अ” का अर्थ है आर्विभाव या उत्पन्न होना, “उ” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, “म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना। ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है। ॐ में प्रयुक्त “अ” तो सृष्टि के जन्म की ओर इंगित करता है, वहीं “उ” उड़ने का अर्थ देता है।

सम्पूर्ण ब्रह्मांड में है ॐ व्याप्त

सम्पूर्ण ब्रह्माण्डसे सदा ॐ की ध्वनी निसृत होती रहती है। हर श्वास से ॐ की ही ध्वनि निकलती है। यही हमारे श्वास की गति को नियंत्रित करता है। किसी भी मंत्र से पहले यदि ॐ जोड़ दिया जाए तो वह पूर्णतया शुद्ध और शक्ति-सम्पन्न हो जाता है। किसी देवी-देवता, ग्रह या ईश्वर के मंत्रों के पहले ॐ लगाना आवश्यक होता है, जैसे, श्रीराम का मंत्र — ॐ रामाय नमः, विष्णु का मंत्र — ॐ विष्णवे नमः, शिव का मंत्र — ॐ नमः शिवाय, प्रसिद्ध हैं।

कहा जाता है कि ॐ से रहित कोई मंत्र फलदायी नही होता, चाहे उसका कितना भी जाप हो। मंत्र के रूप में मात्र ॐ भी पर्याप्त है। माना जाता है कि एक बार ॐ का जाप हज़ार बार किसी मंत्र के जाप से महत्वपूर्ण है। ॐ का दूसरा नाम प्रणव (परमेश्वर) है। “तस्य वाचकः प्रणवः” अर्थात् उस परमेश्वर का वाचक प्रणव है। इस तरह प्रणव अथवा ॐ एवं ब्रह्म में कोई भेद नहीं है।

ॐ अक्षर है इसका क्षरण अथवा विनाश नहीं होता।

गुरु नानक का शब्द एक ओंकार सतनाम प्रचलित शत्प्रतिशत सत्य है। एक ओंकार ही सत्य नाम है। राम, कृष्ण सब फलदायी नाम ओंकार पर निहित हैं तथा ओंकार के कारण ही इनका महत्व है। ओंकार ही है जो स्वयंभू है तथा हर शब्द इससे ही बना है।

ओम सतनाम कर्ता पुरुष निभौं निर्वेर अकालमूर्त
ॐ सत्यनाम जपनेवाला पुरुष निर्भय, बैर-रहित एवं अकाल-पुरुष के सदृश हो जाता है।
कबीर र्निगुण सन्त कवि ने भी ॐ के महत्व को स्वीकारा
ओ ओंकार आदि मैं जाना। लिखि औ मेटें ताहि ना माना।।
ओ ओंकार लिखे जो कोई। सोई लिखि मेटणा न होई।।

ओंकार को एकाक्षर ब्रह्म

कठोपनिषद कहता है आत्मा को अधर अरणि और ओंकार को उत्तर अरणि बनाकर मंथन रूप अभ्यास करने से दिव्य ज्ञानरूप ज्योति का आविर्भाव होता है। उसके आलोक से निगूढ़ आत्मतत्व का साक्षात्कार होता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भी ओंकार को एकाक्षर ब्रह्म कहा है। जो ॐ अक्षर रूपी ब्रह्म का उच्चारण करता हुआ शरीर त्याग करता है, वह परम गति प्राप्त करता है।

मांडूक्योपनिषत् में भूत, भवत् या वर्तमान और भविष्य–त्रिकाल–ओंकारात्मक ही कहा गया है। यहाँ त्रिकाल से अतीत तत्व भी ओंकार ही कहा गया है। आत्मा अक्षर की दृष्टि से ओंकार है और मात्रा की दृष्टि से अ, उ और म रूप है।

2 . ) गायत्री महामंत्र

गायत्री महामंत्र वेदों का एक महत्त्वपूर्ण मंत्र है जिसकी महत्ता ॐ के लगभग बराबर मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि गायत्री मंत्र का रहस्य, उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है।

ऋग्वेद के मंत्रों में त्रिष्टुप् को छोड़कर सबसे अधिक संख्या गायत्री छंदों की है। गायत्री के तीन पद होते हैं (त्रिपदा वै गायत्री)। अतएव जब छंद या वाक के रूप में सृष्टि के प्रतीक की कल्पना की जाने लगी तब इस विश्व को त्रिपदा गायत्री का स्वरूप माना गया। जब गायत्री के रूप में जीवन की प्रतीकात्मक व्याख्या होने लगी इस विशेष मंत्र की रचना हुई

ॐ भूर्भुव स्वः। तत् सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

गायत्री मंत्र का रहस्य और हिंदी अनुवाद

उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।

पढ़े : सम्मोहन सिखने के लिए त्राटक के खास अभ्यास

गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी कहा गया है। वेदों से लेकर धर्मशास्त्रों तक समस्त दिव्य ज्ञान गायत्री के बीजाक्षरों का ही विस्तार है। माँ गायत्री का आँचल पकड़ने वाला साधक कभी निराश नहीं हुआ। गायत्री मंत्र का रहस्य चौबीस अक्षर चौबीस शक्तियों-सिद्धियों के प्रतीक हैं। गायत्री उपासना करने वाले की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, ऐसा ऋषिगणों का अभिमत है।

गायत्री वेदमाता हैं एवं मानव मात्र का पाप नाश करने की शक्ति उनमें है। इससे अधिक पवित्र करने वाला और कोई मंत्र स्वर्ग और पृथ्वी पर नहीं है। भौतिक लालसाओं से पीड़ित व्यक्ति के लिए भी और आत्मकल्याण की इच्छा रखने वाले मुमुक्षु के लिए भी एकमात्र आश्रय गायत्री ही है।

गायत्री से आयु, प्राण, प्रजा, पशु, कीर्ति, धन एवं ब्रह्मवर्चस के सात प्रतिफल अथर्ववेद में बताए गए हैं, जो विधिपूर्वक उपासना करने वाले हर साधक को निश्चित ही प्राप्त होते हैं।

अब घर बैठे सम्मोहन के लिए हाथो में आकर्षण शक्ति पैदा करे बस कुछ आसान से उपाय से

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क्या आपने कभी देखा है की जब आप सूखे बालों पर कंघी करते है और फिर उसे अपने हाथ के बलों पर लाते है तो कुछ ही दुरी से कंघी बालों को अपनी ओर ATTRACT कर लेती है.

दैनिक जीवन में कई उदहारण है है जब हम शारीरिक चुम्बकीय / हाथो में आकर्षण शक्ति को महसूस करते है. जैसे की जब भी कोई पुरुष स्त्री से मिलता है और वो उसके जानकर में हो तो उसकी आँखों में चमक और शरीर में अलग ही कम्पन होने लगते है।

how to develop attraction power in hand Hindi. सम्मोहन के लिए हाथो में जादूगर वाला आकर्षण पैदा करना बेहद जरुरी होता है. इसे कैसे किया जा सकता है आइये जानते है.

अब घर बैठे सम्मोहन के लिए हाथो में आकर्षण शक्ति पैदा करे बस कुछ आसान से उपाय से
उसके मन में उसके प्रति विचार चलते है. ये सब मानवीय चुंबकीय शक्ति के उदाहरण है.

इसलिए जब भी हम किसी की और आकर्षित होते है तो दिमाग में सिर्फ उसके ही विचार चलते है. ये सब उसके आकर्षण में बंधने की वजह से होता है, ये सब निर्भर करता है आपके अंदर सामने वाले को अपने आकर्षण के दायरे में लाने लायक शक्ति है या नहीं.

हाथो में आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए अभ्यास निचे देखे.

हाथो में आकर्षण शक्ति बढ़ाने के अभ्यास / TELEKINESIS

हाथो में आकर्षण शक्ति का महत्व सम्मोहन में आप जान गए है, अब बात करते है इसे बढ़ाया कैसे जाये। एक बात हर अभ्यास पर लागू होती है और वो है विचारों को भावना शक्ति द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचाना.

आपने अगर अवचेतन मस्तिष्क से जुडी पोस्ट पढ़ी है तो आपको पता है की भावना और नियमित अभ्यास अवचेतन मस्तिष्क तक विचार पहुँचाने का अच्छा माध्यम है. आइये जाने वो कोनसे अभ्यास है जिनसे आप हाथो में इस शक्ति को बढ़ा सकते है।

  1. सर के बाल पर अभ्यास।
  2. सुई पर अभ्यास।
  3. गमले में पौधे के पत्ते पर अभ्यास।
  4. गोली को चलाने का अभ्यास।
  5. पिन को हिलाने का अभ्यास।
  6. हवा में गेंद को घुमाने का अभ्यास।

सम्मोहन में आँखों और हाथो की भूमिका

सम्मोहन में हम किसी के आज्ञा चक्र पर काबू कर उसे अपने आकर्षण के दायरे में लाते है. इसके लिए शरीर में आँखे और हाथ दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है.

आँखे जहां सामने वाले के आज्ञा चक्र पर काबू करने का प्रयास करती है वही हाथ सामने वाले को जल्दी निद्रा में लाने का कार्य करते है.

क्या अवचेतन मस्तिष्क से हर कार्य संभव है ? एक सम्मोहनकर्ता आपके दिमाग पर आँखों के जरिये काबू करता है आप उसके विचारों को समझ न पाए इसलिए हाथो से वो आप पर निद्रा प्रभाव डालता है. इसकी वजह है आपके चेतन मन का तर्क करते रहना।

जैसे एक सम्मोहनकर्ता आपको भावना देता है किसी भी तरह की ज्यादातर सोने की तब आपका चेतन उस बात को उस भावना को तर्क की कसौटी पर तौलता है की मुझे नींद आ रही है या नहीं और अगर आ रही है तो किस वजह से. इतनी देर बहस चलने की वजह से सम्मोहनकर्ता आपको अपने आकर्षण के दायरे में नहीं ला पाएगा।

जब कि एक सम्मोहनकर्ता आपको भावना देने के साथ साथ आप पर ज्यादा से ज्यादा प्राण शक्ति ( चुंबकीय शक्ति ) का प्रयोग कर देता है ये तो सब जानते है की त्राटक में बिंदु त्राटक और शक्ति चक्र त्राटक सामान्य त्राटक है इनमे चुंबकीय शक्ति का उच्च स्तर प्राप्त नहीं होता है.

इसके लिए दर्पण त्राटक या फिर दीपक त्राटक करते है. सम्मोहनकर्ता आपको भावना देगा उसका विरोध करने लायक वक़्त आपको मिल ही नहीं पाता है. क्यों की आपकी आँखे अपने आप बंद होने लगेगी और चेतन मन के सुप्त होते ही आप सम्मोहनकर्ता के आकर्षण दायरे में फंस जाते है। हाथो में आकर्षण शक्ति को विकसित करने के लिए ये अभ्यास कर सकते है.

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सर के बाल पर अभ्यास

सर के बाल पर अभ्यास करना सबसे सरल इसलिए है क्यों की इसमें कोई EXTRA मानसिक तनाव झेलना नहीं पड़ता है. हाथो के इशारे से OBJECT को MOVE करवाना मानसिक शक्ति के अभ्यास में आता है जिसे SCIENCE में TELEKINESIS के नाम से जानते है.

सर के बाल को कही भी टांग दे इसके बाद अपनी एक अंगुली को उसके कुछ दूर ले जा कर भावना दे की आपकी चुंबकीय शक्ति ऊँगली के माध्यम से उस बाल को अपनी और आकर्षित कर रही है.

कुछ देर बाद ही बाल आपके इशारे पर इधर उधर होने लग जाता है. इसके लिए अभ्यास वहां करे जहां हवा का प्रवाह न के बराबर हो।

सुई पर अभ्यास

सुई भी हल्की चीज में से एक है जिन्हे आसानी से अपनी और आकर्षित कर सकते है . सुई को भी दीवार पर धागे से टांग दे जिससे वो हिले डुले नहीं.

इसके बाद आँखे बंद कर मन में भावना देकर अपनी आकर्षण शक्ति को हाथो की उंगली में प्रवाहित करे और आँखे खोल कर शांत मन से सुई पर भावना दे कुछ देर बाद के अभ्यास से आपके इशारे पर सुई गतिशील होती है.

इसके लिए मन को शांत रखे मानसिक दबाव आपको थका सकता है।

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गमले के पौधे पर अभ्यास

जब भी आप दिन में FREE होते है गमले के पौधे की पत्ती को उपरोक्त अभ्यास से अपनी और आकर्षित या MOVE करने का प्रयास करे.

ये सब अभ्यास सिर्फ आपके अवचेतन मन को मानसिक शक्ति के लिए PREPARE करने के लिए होते है. जिससे आपके मन में आत्मविश्वास जगे और आप पर मानसिक दबाव न पड़े।

गोली का चलना

गोली को हिलाने के लिए मन के शांत और संयमित होने की आवश्य्कता होती है. क्यों की कई बार ऐसा होता है की कई देर तक अभ्यास करने के बाद भी गोली नहीं हिलती है।

इसके लिए मानसिक दबाव बनाने की आवश्यकता नहीं है. ये हाथो में आकर्षण शक्ति को विकसित करने का सबसे प्रभावशाली अभ्यास है.

Telekinesis practice step

ये आपको थका देगा इसके बजाय कुछ देर अभ्यास से विश्राम लेकर मन को शांत करे फिर अभ्यास करे लेकिन ध्यान रखे अवचेतन मन में कोई NEGATIVE THOUGHT न जाने लगे।

पिन पर अभ्यास

पिन पर अभ्यास काफी सरल है इसमें पिन आपके हाथो पर चिपक जाने लगती है. इसके लिए हथेली खुली रख कर पिन के ऊपर ले जाये आपको सिर्फ भावना देनी है की आपके हाथो में चुंबकीय शक्ति का परवाह बढ़ रहा है।

गेंद को घुमा देना

आपने TELEKINESIS से वस्तुओं को गतिशील करने के बारे में सुना होगा ये मानसिक शक्ति का अच्छा अभ्यास है जिसमे हम भावना देकर शक्ति के प्रवाह को अपने मस्तिष्क से कंट्रोल कर गेंद को दोनों ओर घुमा सकते है.

इसके लिए पहले एक हलकी गेंद ले ( बच्चों के खेलने की प्लास्टिक वाली गेंद सबसे बढ़िया रहती है ) इसे हवा में बांध दे और एकांत में इस पर अभ्यास करे। अपने हाथो में भावना देकर पहले ही इतनी शक्ति इकठ्ठा कर ले की आपको उष्ण महसूस होने लगे।

इसके बाद गेंद को बिना स्पर्श किये कुछ ही दुरी पर अपने हाथो को घुमाए अगर आपके हाथो के घूमने के साथ गेंद में गति आती है तो समझ ले आप बड़ी चीजों को भी MOVE करवा सकते है।

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हाथो में आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए अभ्यास में सावधानी

इस तरह हाथो में आकर्षण शक्ति को मजबूत करने के अभ्यास आपकी काफी मात्रा में प्राण शक्ति को खर्च करते है इसलिए अभ्यास को बार बार न दोहराए.

हाथो में आकर्षण शक्ति को विकसित करने के अभ्यास के बाद 15 मिनट की योग निद्रा जरूर ले ये आपकी प्राण शक्ति को RESTORE करने में मदद करेगा. अभ्यास के दौरान मस्तिष्क में नेगेटिव थॉट न आने दे सकारात्मक ऊर्जा का साथ आपके कार्य की सफलता के CHANCE बढ़ा देता है.

How-to-practice-telekinesis-on-object

अभ्यास के दौरान हमेशा LIGHT OBJECT से शुरुआत करे जिससे आपका SELF-CONFIDENCE बढ़ता रहे.

अभ्यास के दौरान MENTAL PRESSURE न बनाए इससे आप जल्दी थकते है, इसके बजाय RELAX MIND से सिर्फ SUGGESTION दे सफलता जल्दी मिलेगी.

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आकर्षण का सरल अभ्यास

शरीर में अगर कही सबसे ज्यादा प्राण शक्ति (आकर्षण शक्ति) का प्रवाह रहता है तो वो है आँखे, हाथो और पैरो की अंगुलिया में. हाथो में आकर्षण शक्ति को विकसित करने के लिए ये सरल अभ्यास कर सकते है.

आप हाथो में प्राण शक्ति को महसूस कर सकते है अपने तर्जनी अंगुली को किसी दूसरे व्यक्ति के ललाट पर लेजाकर उसे छुए बगैर थोड़ी दुरी पर गोल गोल घुमाए जितनी देर में वो आपको अपने अंगुली को हटाने या अपने ललाट में हुए दर्द को बताता है उसके अनुसार अपनी आकर्षण शक्ति काम या ज्यादा होती है.

शरीर में प्रवाह करती प्राण शक्ति को त्राटक द्वारा ही आकर्षण शक्ति में परिवर्तित कर सम्मोहन में सफलता पाई जाती है. लेकिन फिर भी हाथो में आकर्षण शक्ति भी दुसरो पर प्रभाव छोड़ने में अपना महत्त्व रखती है.

हाथो में आकर्षण शक्ति के प्रयोग को लेकर आसान प्रयोग

  1. शांत बैठ कर सामने एक तकिया रखे जो हम सोते वक़्त काम लेते है उस तकिये को चुम्बक मान ले और अपने हाथो को लोहे की रोड.
  2. हथेली को तकिये के ऊपर ले जाकर खोल ले जैसे की हम स्कूल में प्रतिज्ञा के वक़्त करते है. याद रहे आपका हाथ पूरा सीधा हो.
  3. तकिये के एक कोने से थोड़ा ऊपर हथेली को घुमाते हुए दूसरे कोने तक ले जाये ( जैसे की ऊपर के चित्र में चुम्बक के ऊपर की लाइन बनी हुई है.)
  4. अपने हथेली को 15 -20 बार ऐसे दोहराये लेकिन हथेली तकिये से थोड़ा ऊपर हो और स्पर्श न कर सके.
  5. कुछ दिन के अभ्यास से हमें हथेली में गर्मी या झनझनाहट सी महसूस होती है. ये प्राण शक्ति या आकर्षण शक्ति का प्रवाह ही है.

हमारे नित्य दिन के क्रियाकलाप में इस प्रयोग से कही पर भी प्रभाव डाल सकते है खासतौर से वह जहा हमें खुद को दिखाना होता है जैसे की मार्केटिंग के काम में ये आकर्षण शक्ति आपके हथेली के पौरो के माध्यम से सामने वाले पर प्रभाव डालती है.

हाथो में आकर्षण शक्ति कैसे विकसित करे अंतिम शब्द

हमेशा एक बात याद रखे आप किसी भी साधना / अभ्यास को दुसरो को धोखा देकर सीख तो सकते है मगर उसका उपयोग सही तरीके से नहीं कर पाते है।

हाथो में आकर्षण शक्ति को बढाने का ये अभ्यास महत्वपूर्ण है क्यों की हर बात आपके अवचेतन मन तक पहुँच जाती है। अभ्यास से पहले लिए जाने वाले संकल्प का उद्देश्य भी साधना का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए है।

आज की पोस्ट हाथो में आकर्षण शक्ति और टेलिकिनेसिस का एक भाग है।

उम्मीद करता हूँ आपको अच्छा लगा होगा। अभ्यास द्वारा हम अपने अंदर की किसी भी ऊर्जा को जाग्रत कर सकते है। हमेशा ध्यान दे की हर एक क्वालिटी आपके अंदर ही है। अपनी राय जरूर दे साथ ही हमें सब्सक्राइब करना ना भूले।

तंत्र मंत्र अगर आपको बकवास लगता है तो रियल लाइफ से जुड़ी इन घटनाओ को जरुर पढ़े

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तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास को साबित करने वाले 3 सच्चे किस्से. तंत्र मंत्र सत्य है या सिर्फ किताबी ज्ञान ये आपमें से हर उस इंसान के मन में आता है जो चमत्कार में विश्वास करते है.

हम अगर ऑनलाइन सर्च करे तो हमें ढेरो ऐसे तांत्रिक, मांत्रिक, एस्ट्रोलॉजर का कांटेक्ट डिटेल मिलता है जो इन कामो को कम से कम वक़्त में करने का दावा करते है. आज की पोस्ट में आपको मैं बताने जा रहा हु की तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास.

ज्यदातर लोग जो कहते है की तंत्र मंत्र जैसा कुछ नहीं और ये सिर्फ लोगो को ठगने का काम है तो आज में कुछ ऐसी घटनाए शेयर करने जा रहा हूँ आपको वास्तविक लाइफ में तंत्र के प्रयोग के बारे में बताएगी. इस पोस्ट के अंत तक शायद आपके विचार बदल जाए.

तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास :

सबसे पहले तो में आपको बताना चाहता हूँ की प्रकृति के अंदर आज भी ऐसे कई रहस्य छिपे पड़े है जिन्हें जानना हमारे लिए बहुत मुश्किल है खासतौर से तब तक जब तक की हम अपने अंतर से ना जुड़ जाए.

तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास में आज में आपको कुछ ऐसे लोगो से रूबरू करवाने जा रहा हूँ जो वास्तव में या तो तंत्र मंत्र करते है या फिर इस से किसी न किसी रूप से जुड़े है.

इनमे 3 लोग ऐसे है जिनका में दावा भी कर सकता हूँ हालाँकि इनके नकारात्मक और दूसरे प्रभावो को लेकर में किसी तरह का भरोसा नहीं दिला सकता.

तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास

हम किसी भी बात पर तब तक विश्वास नहीं करते है जब तक उसकी सत्यता को परख न ले. लेकिन क्या आपने कभी ये भी सोचा है की इन शक्तियों का एक नकारात्मक प्रभाव आपकी पूरी जिंदगी को नरक बनाने के लिए काफी है.

आप उस बच्चे के सामान इन शक्तियों से मिलने के लिए उतावले रहते है जो जिद्द तो बहुत करता है पर एक बार उससे मिलने के बाद तौबा भी कर लेता है. मै ये सब इसलिए नहीं कह रहा क्यों की में किसी तरह का खोखला दावा कर रहा हूँ.

में आपको ना सिर्फ नाम और पता बताऊंगा बताऊंगा बल्कि उनके काम और उनका एक उदाहरण भी बताऊंगा. इससे आपको पता भी चल जायेगा की तंत्र मंत्र सच होता है या महज बकवास.

तंत्र मंत्र एक्सपर्ट और बुरी शक्तियों के ज्ञाता

इस सूचि में पहला नाम जिनका है वो तंत्र मंत्र और बुरी शक्तियों के ज्ञाता है. खासतौर से जिन्हें भूत-प्रेत पर विश्वास ना हो उन्हें तो ये विश्वास ही नहीं पक्का सबूत भी देते है.

इनकी जाति भार्गव है यानि डाकौत जो शनिवार को गांवो में तेल और कुछ सामान मांगने आते है.

ये शख्श पहले बहुत गरीब थे और इनकी माँ गांव भर में सामान ( जिसे हम आखा ) बोलते है मांग कर गुजारा करती थी.

शादी के बाद इन्होंने अपना कुछ वक़्त बाहर बिताया और जब ये लौटे तो जैसे अपने साथ किस्मत लेकर लौटे. कैसे ? में बताता हूँ इन्होंने बनियो और बड़े लोगो के घर पर पूजा पाठ और शनि शांति पाठ करना शुरू किया.

Understanding the Ten Bodies

कैसे बने गरीब से अमीर 

ये घटना आपको सोचने पर मजबूर कर देगी की तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास. ये महाशय बड़े घरो में पूजा पाठ तो करते थे लेकिन काम बांध कर यानि ये जो भी करते थे उसका प्रभाव एक निश्चित समय पश्चात् ख़त्म हो जाता था जैसे साल भर बाद बिलकुल वही परेशानी.

अब शुरू में तो कोई समझ नहीं पाया की ऐसा क्यों हो रहा है और जब इनसे पूछा जाता तो वो ग्रहो, नक्षत्रो की स्थिति में बदलाव के बाद प्रभाव निष्क्रिय होने का बहाना बना कर फिर से पूजा पाठ करने का कह देते. इस तरह हर क्लाइंट से ये 10-11 हजार हर साल वसूल कर लेते है.

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तंत्र और बुरी शक्तियों का प्रभाव

इनकी पत्नी से जब बात की गई तो उन्होंने अपने पति के कई राज खोले और बताया की 3 जने रोज पहले शमशान जाते थे. बुरी शक्तियों की पूजा ( भूत-प्रेत और बैताल ) करने के लिए. हालांकि तीनो के मकसद और पूजा अलग थी फिर भी वो चिता पर माला का जप करते थे और भूत प्रेत उनके चारो और चक्कर लगाते थे.

पहले शख्स तो यही थे दूसरे एक शास्त्री थे और तीसरे तो मेरे खुद के ही दादा थे.

हालाँकि मेरे दादा जी भी पहले सिद्धियों के चक्कर में थे पर वो पहले दिन से ही आधे रास्ते में ही भाग खड़े हुए. और बचे ये दो इन्होंने अपनी साधनाये पूर्ण की और आज उसका फायदा उठा रहे है.

वास्तव में है बुरी शक्तियों के ज्ञाता

में कही सुनी बातो में विश्वास नहीं करता इसलिए मेने एक घटना के बारे छानबीन की जो उनसे जुडी थी. हमारे गांव में कुछ समय पहले मोहल्ले की एक औरत ने उनकी बीवी से झगड़ा कर लिया और बहुत कुछ सुना दिया.

इसके बाद जब उनकी बीवी घर आयी तो वो रो रही थी जब उनके पति ने पूछा तो उन्होंने सारी बात बता दी. उनके पति ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा की तुम चिंता मत करो ये चल कर तुम्हारे से माफ़ी मांगेगी. तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास अब तक उस औरत को समझ में आ चूका था.

उसके कुछ समय के बाद वो औरत ( जिसने झगड़ा किया ) बीमार हो गई बीमार भी इस हद तक की बचने की कोई उम्मीद नहीं रही. 3-4 आपरेशन और दवाइयों का कोई फर्क नहीं पड़ने के बाद उनके मन में आया की कही ये उस भार्गव का काम तो नहीं.

वो औरत उनसे माफ़ी मांगने आई और उसके उसके कुछ समय बाद अपने आप वो ठीक भी हो गई.

तंत्र मंत्र का काम करने का तरीका

ये महाशय जिनको काम करवाना है उनके घर पर जाके काम करते है. इस दौरान उनकी फीस के साथ क्रिया के दौरान रहना और आवागमन का सारा खर्च क्रिया करवाने वाला उठाता है. इनका काम हालाँकि सफल तो होता है पर कुछ समय बाद निष्क्रिय हो जाता है.

इसकी वजह है इनका लालच और अगर किसी ने एक बार काम करवा भी लिया तो ये इसका पूरा प्रबंध कर लेते है की वो उसके बाद सिर्फ उन्हें ही क्रिया के लिए बुलाये.

ये सब महज कल्पना नहीं हकीकत है जिसकी वजह से में तंत्र मंत्र से दूर रहने की ही सलाह देता हूँ. क्यों की तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास के चक्कर में आप खुद को खतरे में डाल सकते है.

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एस्ट्रॉलोजर और हस्तरेखा विज्ञान एक्सपर्ट

आपमें से ज्यादातर इसे सही नहीं मानते होंगे पर ये भी उतना ही सही है जितना आप और में. ये मेरा खुद का अनुभव है की आपकी हाथ की रेखाए आपके बारे में बहुत कुछ बोलती है. ये शख्श मेरे जानकर और बहुत ही मृदुल स्वभाव के है.

इनका नाम शास्त्री जी है और ये हस्तरेखा विज्ञान के ज्ञानी होने के साथ साथ आपकी समस्याओ के बारे में भी चर्चा करते है.

हस्तरेखा का वास्तविक अनुभव

दोस्तों में पिछले साल काफी मुश्किल हालात में था. पहले में इन सब बातो में विश्वास नही करता था. पर जब ये घटनाये और बुरा वक़्त मेरे साथ बार बार होने लगा तब मेने इनसे मुलाकात की.

उस वक़्त मेरी समस्या थी मेरा जॉब ना लगना क्यों की हालात ऐसे बन रखे थे की में जिस जॉब में पता करता वही पर बात 99% पक्का होने के बाद ना हो जाती.

ऐसा जब हर बार हुआ तो में इनसे मिला. इन्होंने मुझसे मेरे सभी सवाल अपने मन में सोचने का कहा. इसके बाद मेरी कुंडली हाथो की रेखा देखकर बनाई और मुझसे हर उस सवाल का जवाब बिना पूछे ही दे दिया जो में जानना चाहता था. उस समय तक तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास को लेकर मन में काफी सारे डाउट चलते थे.

जब की मेने उनसे अपने प्रश्न शेयर भी नहीं किये. सब कुछ जो उन्होंने बताया शत प्रतिशत सही रहा और में उनसे काफी प्रभावित हुआ.

astrology and love marriage

खास बात जो अपने गौर नहीं की

इन्होंने भी कुछ समय हस्तरेखा के ज्ञान प्राप्ति के बाद ऊपर वाले शख्स के साथ शमशानी क्रियाओ में वक़्त बिताया और शायद कर्णपिशाचनी या किसी अन्य ऐसी सिद्धि की प्राप्ति की जो उन्हें सामने वाले का भविष्य और भूत बताती है. ये सब एक राज ही रह जाता अगर तांत्रिक शख्स की पत्नी ने ना बताया होता.

कैसे करे अपनी समस्या का समाधान. इसके लिए आपको इनसे मुलाकात करनी होती है. आप इनसे पूछ कर मिल सकते है. फोन पर अथवा मेल द्वारा हाथो की रेखाओ की जाँच नहीं करते है. जब इनसे कहा तो इनका जवाब था व्यक्ति का सामने होना बेहद जरुरी है.

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कलाम और इल्म के माहिर मौलाना

तीसरे व्यक्ति एक मौलाना है जो मस्जिद के मोलवी है. कहते है की इनके पास काले इल्म की महारत हासिल है.

कलाम और दुआ पढ़ कर ये लोगो को देते है. जिसका कुछ चार्ज ये लेते है. इसके अलावा दूर दूर से लोग इनसे अपनी समस्याओ के समाधान के लिए आते है.

आमतौर पर तांत्रिक वगेरह दावा करते है की वो बिना किसी माध्यम के आपका काम कर के दे सकते है पर ये मौलाना आपको इल्म, दुआ या कलाम पढ़ कर देते है. जिसका आपको सामने वाले पर इस्तेमाल करना होता है.

तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास के उदाहरण

वैसे तो इनके कई ऐसे काम है जिनको लिखा जाये तो पोस्ट बन जाए. पर कुछ उदाहरण में आपको बता देना चाहूंगा.

घर का कीलन क्या है

पहला वास्तविक अनुभव

हमने हमारे घर में पारलौकिक समस्या से लेकर इनसे मुलाकात की तो ये हमारे घर आये. इन्होंने सब कुछ समझ कर हमें एक दिशा में खुदाई के लिए बोला. जब खुदाई हुई तो उसमे हड्डी का टुकड़ा, कुछ बाल और इससे संबधित कुछ और सामान मिला. तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास को साबित करने वाली ये एक सच्ची घटना है.

उन्होंने बताया की इसका समाधान इनके पास नहीं है क्यों की सिर्फ यही नहीं एक पित्तर भी है जो आपके पड़ोस से है और आपसे अपनी शक्ति मनवाना चाहता है.

उनका मतलब था पूजा पाठ. हमने वो जगह छोड़ दी. उसके बाद हमें इसका अनुभव तो नहीं हुआ पर पित्तर की शक्ति का अहसास होता रहता है जब भी पुराने घर जाते है.

दूसरा असल जिंदगी से जुड़ा किस्सा 

दूसरा वाकया एक ऐसे परिवार का है जिसे आपसी कलह के चलते काले जादू का प्रभाव डाला गया था. इसमें उन्हें बुरी शक्तियों द्वारा परेशानी उठानी पड़ रही थी.

मौलाना ने कलाम और दुआ द्वारा वहां पर कीलन किया जिससे आज उन्हें काले जादू से परेशानी नहीं उठानी पड़ती और रह रह कर वो उसे दोबारा जाग्रत करवाते रहते है.

क्यों की ग्रहण और सूतक के अलावा अप्रिय घटना के बाद शुद्धिकरण जरुरी है. इसके बिना ये काम नहीं करते है.

Read : घर का कीलन करवाने की मुख्य वजह आपको हैरान कर देगी – इसकी जरुरत क्यों पड़ती है और कब करवाना चाहिए

तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास – अंतिम शब्द

दोस्तों अगर आप भी ये सोचते है की किताबी ज्ञान द्वारा हम किसी सिद्धि और शक्ति को साध लेंगे तो ये आपकी सबसे बड़ी गलती है.

दूसरा अगर आपको लगता है की तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास और आप किसी को भी चुनौती देने लगते है तो हो सकता है समझदार व्यक्ति आप पर कुछ न करे पर कुछ बुरे लोग आपको इसका प्रभाव अवश्य दिखा सकते है. इसलिए तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास को जांचने से पहले ध्यान रखे :

किसी को भी बिना मतलब के उंगली न करे की तंत्र मंत्र नहीं होता है या फिर हमें चाटकर दिखाओ तो जाने. समझदार लोग कभी भी इसका प्रदर्शन नहीं करते है पर इस साधना के शुरुआती ज्ञान रखने वाले लोग आपको परेशानी में डाल सकते है.

किसी भी मंत्र और तंत्र को बगैर सही निर्देशन के कभी ना करे.

अगर आप ऐसा करते है तो आपको साधना में सफलता मिले ना मिले आप नकारात्मक शक्तियों को अवश्य जाग्रत कर लेंगे जिनको संभालना आपके लिए बहुत ही मुश्किल होगा.

कभी भी जोश दिखाने के लिए रात्रि में शमशान में ना भटके न ही इन चीजो को छेड़े इनकी ऊर्जा आपकी और आकर्षित बड़ी जल्दी आकर्षित होती है.

तो दोस्तों अब आप ही तय कीजिये की तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास है.

अनुभवी लोगो के तंत्र मंत्र सच में होता है या महज बकवास को साबित करने वाले 3 सच्चे किस्से पर कमेंट और आपकी राय कमेंट बॉक्स में जरूर रखे. हमें सब्सक्राइब करना ना भूले.

ज्यादा फायदे के चक्कर में कभी न करे एक साथ इतने त्राटक का अभ्यास होगी सिर्फ हानि

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अगर मै एक साथ bindu tratak, candle tratak, mirror tratak at same time करू तो क्या में successpo हो सकता हूँ ? क्या एक साथ 2-3 त्राटक का अभ्यास करने से सफलता हासिल की जा सकती है ?

कुछ लोग अलग अलग त्राटक के अलग अलग फायदे सुनकर उन्हें एक साथ करने की कोशिश करना शुरू कर देते है तो क्या वो सफल हो सकते है ?

multi tratak practice at same time यानि एक साथ दो से ज्यादा त्राटक करने के पीछे की वजह और उसके नुकसान क्या क्या है. side efeect of multiple tratak practice at same time in hindi.

side efeect of multiple tratak practice at same time in hindi

आज हम बात करने वाले है एक साथ कई त्राटक करने के नुकसान के बारे में. हालाँकि ये सिर्फ मेरा अपना opinion है क्यों की मैंने भी शुरुआत में इसकी कोशिश की थी जब में एकाग्रता के साथ साथ सम्मोहन सीखना चाहता था क्या में सफल हो पाया ?

आइये जानते है आज की इस पोस्ट में जिसमे हम कम समय में ज्यादा benefit के चक्कर में त्राटक के कई सारे अभ्यास शुरू तो कर देते है लेकिन इसके छिपे हुए खतरे से अनजान होते है.

multi tratak practice at same time

एक साथ कई त्राटक करने का मतलब है की आप सुबह बिंदु त्राटक करते है और शाम / रात्री को दर्पण या दीपक त्राटक कर रहे हो. एक से ज्यादा त्राटक, एक ही समय करने से आपको सभी फायदे मिल जायेंगे तो ये आपका वहम है.

sachhiprerna blog पर आपको अभी तक त्राटक के कई चरण पढने को मिले है और आपके मन में ये सवाल जरुर आया होगा की अगर में दिन में बिंदु त्राटक करू और रात्री को दर्पण या दीपक त्राटक करू तो क्या में सफल हो जाऊंगा ?

हम सभी जानते है की different types of tratak have particular benefits. ऐसे में अगर हम एक बार में एक से ज्यादा tratak meditation practice at home करे तो हमें उससे double benefit मिल जायेगा.

ये सोच कर हम एक साथ कई त्राटक करना शुरू तो कर देते है लेकिन अलग अलग त्राटक के अलग अलग अनुभव है इसे ना समझ पाने की वजह से हम उसमे success नहीं हो पाते है. आइये जानते है की आखिर क्यों लोग एक साथ कई त्राटक का अभ्यास करने की कोशिश करते है.

एक साथ कई त्राटक करने के पीछे हमारी सोच और वजह

जब में 10th class में था तब मुझे एक हस्त-लिखित पुस्तक मिली जो मेरे दादा जी के पास लम्बे समय से पड़ी थी.

वो पुस्तक में अपने साथ हॉस्टल ले गया और उसे पढने के बाद मुझे लगा की में इसका प्रयोग पढाई के लिए कर सकता हूँ, इसके बाद मुझे पता चला की दर्पण त्राटक से सम्मोहन भी किया जा सकता है तो मैंने इसका भी अभ्यास करना शुरू कर दिया.

दरअसल उस पुस्तक में लिखा था की अगर begining practice of trataka with bindu tratak कर लेते है तो eyes की ज्यादातर problem solve हो जाती है और अभ्यास में आगे बढ़ने में आसानी रहती है.

त्राटक से जुड़े सवाल

मुझे लगा की एक साथ दोनों त्राटक कर लेते है bindu tratak at morning time और फिर mirror tratak at night time सही रहेगा.

मैंने इसका ज्यादा नहीं 10 दिन ही अभ्यास किया और पाया की आँखों में प्रॉब्लम होने लगी है. concentration focus at single thoughts तो जैसे रही ही नहीं. स्वभाव भी चिडचिडा हो चूका था फिर मैंने इसका अभ्यास बंद कर दिया.

इसके बाद step by step tratak meditation practice के जरिये मैंने ना सिर्फ concentration बढाई बल्कि कुछ समय के लिए ही सही hypnotism practice का प्रयोग भी करके देखा था जिसे आप यहाँ पढ़ सकते है.

Read : दर्पण त्राटक साधना करने से पहले जान ले इसके छिपे हुए खतरों के बारे किस तरह साधना के दौरान दर्पण साधक को प्रभावित करता है

क्यों करते है एक साथ कई त्राटक का अभ्यास ?

अगर आप एक साथ दो काम करेंगे तो आपको उनसे डबल फायदा मिल जायेगा. शारीरिक स्तर पर एक साथ दो काम चल सकता है क्यों की हम physical थकान को दूर कर सकते है, लेकिन अगर यही बात मानसिक अभ्यास की हो तो क्या हम उतना जल्दी इससे recover कर सकते है ?

नहीं ! क्यों की मानसिक थकावट हमें अन्दर तक तोड़ देती है जिसकी वजह से benefit मिलने की बजाय loss ही मिलता है.

ऐसा करने की सबसे बड़ी वजह रहती है कम समय में ज्यादा फायदा. हमें पता है की हम त्राटक साधना का अमुक अभ्यास करेंगे तो हमें ये फायदा मिलेगा. ध्यान और त्राटक जैसे अभ्यास में धैर्य और संयम का बहुत महत्त्व है इसके बिना आप इसमें सफलता हासिल नहीं कर सकते है.

मै खुद इस परिस्थिति से गुजर चूका हूँ और काफी सारे लोगो का यही सवाल रहता है की यदि में एक साथ दो या दो से ज्यादा त्राटक का अभ्यास शुरू करू तो क्या में इसमें सफलता हासिल कर सकता हूँ ? यानि multi tratak practice at same time जिसकी वजह से लोगो के बिच ये भ्रम रहता है की इससे हमें double benefits मिलेगा जो की बिलकुल गलत है.

क्या इससे कोई benefit मिलता है ?

ध्यान और त्राटक में एक ही समय पर कई अभ्यास करने की वजह से कुछ ऐसे बदलाव आते है जिसकी वजह से हम ये समझ ही नहीं पाते है की क्या करे.

उदाहरण के लिए एक ही समय पर बिंदु त्राटक और रात्री में दीपक त्राटक करना जिसमे सुबह बिंदु त्राटक करने से हमारा मन स्थिर होना शुरू हो जाता है लेकिन रात्री में ये स्थिति नहीं रहती है.

दीपक त्राटक आपके अन्दर की energy को बढ़ा देता है जिसकी वजह से आप अनिद्रा जैसी शिकायत करने लगते है.

अगर एक साथ ही हमारे mind को active कर दिया जाए तो उसका हम पर क्या मानसिक असर पड़ेगा ?

सबसे पहली शिकायत रहती है अनिद्रा की जिसमे समय पर सो ना पाना, आँखों का ज्यादातर पथराया हुआ रहना, स्वभाव में चिडचिडापन ऐसे ही कुछ negative symptom of multi tratak practice at same time देखने को मिल सकते है.

Read : खोये हुए प्यार और आकर्षण को वापस जगाने के लिए इस्लामिक वजीफा

multi tratak practice at same time and its loss

अगर आप भी सोचते है की multi tratak practice at same time करने से आप जल्दी ही त्राटक के अभ्यास को सफलतापूर्वक कर लोगे तो ये आपकी गलतफहमी है. इसके चक्कर में कुछ bad health symptoms of tratak को ignore ना करे जैसे की

  • स्वभाव में अचानक से बहुत ज्यादा बदलाव.
  • किसी का साथ अच्छा ना लगना और एकांत खोजते रहना.
  • सर में भारीपन / अनिद्रा जैसी शिकायत.
  • आँखों को एक कुछ देर खुली रखने पर धुंधला दिखाई देना या फिर दिखने में शिकायत.
  • मानसिक भारीपन जिसकी वजह से आप किसी भी काम को सही तरीके से नहीं कर पाते है.

Read : ब्रह्म राक्षस से जुड़ी रहस्यमयी कहानी और इनके बनने के पीछे का राज क्यों मौत के बाद बन जाते है शैतान

multi tratak practice at same time मेरे अपने विचार

मैंने शुरू में multi tratak practice at same time at home hindi जैसी ख़राब शुरुआत की थी. मेरा सपना था की मै एकाग्रता के साथ साथ सम्मोहन जैसी पॉवर पाना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

त्राटक में सफलता का कोई shortcut नहीं है और ना ही आप एक साथ कई त्राटक कर उनमे एक साथ सफलता हासिल कर सकते है.

इसलिए tratak step by step guide in hindi को follow करना शुरू कर दे और धैर्य के साथ अभ्यास को आगे बढाए तभी आपको इसमें सफलता मिल सकती है.

अगर आपको लगता है की multi tratak practice at same time की पोस्ट के regard आपका कोई सवाल या शंका है तो बेझिझक हमें पूछ सकते है. पोस्ट अच्छी लगे तो कमेंट और शेयर करना न भूले.

दुनिया के 99% लोग इस वास्तविक स्थिति को भ्रम मान कर जी रहे है कही आप भी उनमे से एक नहीं ?

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क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का अनुभव किया है जो आपको लगता है की आपके साथ पहले भी हो चुकी है लेकिन कब ? ये आपको याद नहीं रहता है. अगर आपका जवाब है हाँ ! तो में आपको बता दू ऐसा महसूस करने वाले आप अकेले नहीं है क्यों की दुनिया के 99% लोगो ने इस तरह की स्थिति का अनुभव किया है.

सबसे पहले तो बात करते है what is Deja vu in Hindi यानि देजा वू क्या है ?

ये एक स्थिति है जो हमारे लिए एक ऐसी स्थति पैदा करती है जो लगती वास्तविक है लेकिन उसका आधार क्या है आपको पता नहीं होता है.

जो घटना आप अनुभव कर रहे है वो आपके साथ पहले हो चुकी है उसी खास pattern में लेकिन कब ये आप लाख कोशिश करने के बाद भी समझ नहीं पाते है और अंत में आप सोचते है की ये आपका भ्रम है लेकिन ये वास्तव में कुछ और ही है.

deja vu

देजा वू deja vu मतलब पहले से देखा हुआ ऐसी घटना जिसे हम वर्तमान में देखते है लेकिन ऐसा लगता है की ऐसा पहले भी हुआ है. ये एक भ्रम की स्थिति है जिसमे आपको काम करते करते अचानक ही ख्याल आता है.

क्या मै ये पहले भी कर चूका हूँ ?

क्या मेरे साथ पहले भी ऐसा हो चूका है ?

वर्तमान में रहते हुए अगर आपको भूतकाल की अनुभूति होती है तो आप देजा वू की स्थिति से गुजरे है. हमारा दिमाग हमें आखिर क्यों ऐसा महसूस करवाता है की ऐसा हमारे साथ पहले भी हो चूका है लेकिन कब और कैसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं होती है.

देजा वू – deja vu

deja vu यानि पूर्व में घटना के हो जाने का अहसास. मानव मस्तिष्क की कुछ अबूझ पहेलियो में से एक है अवचेतन मन और लोगो के अनुसार चेतन मन और अवचेतन मन के बिच तालमेल न बैठ पाने की वजह से ऐसा होता है.

एक ऐसी घटना जो हमें वास्तविक लगती है लेकिन उसका कोई आधार नहीं होता है जैसे की अगर हमें उस घटना के पहले भी घटने की अनुभूति हो रही है तो पहले वो घटना कब हुई थी.

हमारी लाइफ में एक ही घटना का बार बार घटना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन क्या वो एक घटना एक ही खास pattern, way में हो सकती है ?

ऐसा संभव नहीं है जिसकी वजह से हम इसे देजा वू का नाम दे देते है. जिसे भ्रम की स्थिति कहा जाता है.

2004 में की गई एक रिसर्च के अनुसार विश्वभर से लोगो ने माना है की उन्हें देजा वू की अनुभूति हुई है.

इसके लिए उन्होंने कई तर्क दिए है जिनमे कुछ theory यहाँ पर add किया जा रहा है.

इसके अलावा अभी तक कोई ठोस वजह हमें इसके पीछे नहीं मिली है. लेकिन इससे पहले हम कुछ और बातो को समझने की कोशिश करते है.

हमें देजा वू की स्थिति का अनुभव क्यों होता है ?

हमें देजा वू का अनुभव इसलिए होता है क्यों की कई बार एक से ज्यादा बातो को सोचने की वजह से हम किसी एक ही बात / काम पर ध्यान दे पाते है बाकी पर नहीं लेकिन वो बाते भी हमारे अवचेतन मन में अज्ञात जगह स्टोर हो जाती है जब की चेतन मन उसे भुला चूका होता है.

भूतकाल में इस तरह का हो जाना हमारे वर्तमान पर असर डालता है. जब हम वर्तमान में उसी घटना जैसा या उससे मिलता जुलता कोई अनुभव करते है तो हमें कुछ पल के लिए लगता है की हम इसे पहले भी अनुभव कर चुके है.

हमारे अवचेतन मन की खास बातो में से एक है एक घटना को pattern से जोड़ कर हमारे सामने लाना.

जो हम अनुभव कर रहे है हमारा अवचेतन मन उन यादो को ताजा कर देता है जो उस घटना से मेल खा रही होती है ऐसे में दबी हुई अपूर्ण यादे जो पूरी तरह से सरंक्षित नहीं हुई थी भी ताजा हो जाती है.

Read : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

देजा वू क्या है और इसके शब्दों का मतलब क्या है deja vu and its meaning in Hindi

deja vu वास्तव में एक french word है जिसका मतलब है पहले से हो चुकी घटना को फिर से अनुभव करना.

जब भी हमारे साथ कोई ऐसी घटना होती है जो पहले भी घट चुकी होती है तो हमारा अवचेतन मन उस घटना से जुड़े पिछले अनुभव को ताजा कर हमें भेजता रहता है. इस दौरान कुछ ऐसी घटनाए भी ताजा हो जाती है जो भूतकाल में चेतन मन द्वारा सही तरीके से ग्रहण नहीं की गई होती है.

यही वजह है की कई बार हमारे दिमाग में ऐसा लगता है की ये घटना पहले भी घट चुकी है या ऐसा पहले भी हो चूका है लेकिन कब इसका आधार क्या था इसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती है.

इस तरह की अधूरी यादे जो लगती वास्तविक है और वास्तविक घटनाओ से जुडी होती है लेकिन उनका आधार क्या है ये हमें पता नहीं होता है देजा वू कहलाती है.

इस स्थिति को अनुभव करने वाले ज्यादातर लोग इसे सिर्फ भ्रम की स्थिति का नाम दे कर रह जाते है. लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. ये हमारे अवचेतन मन से जुडी घटनाओ में से एक होती है.

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देजा वू कैसे काम करता है

देजा वू हमारे अवचेतन मन की किसी भी घटना के साथ जुडी पिछली घटनाओ के साथ ताल मेल बिठाने के आधार पर काम करता है.

ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे हम चेतन मन और अवचेतन के मध्य सामंजस्य नहीं बिठा पाते है और हमें वास्तविकता और भ्रम दोनों के बिच की स्थिति का अनुभव होने लगता है.

एक सामान्य स्थिति में हम जो भी अनुभव करता है उसे चेतन मन सीधे अवचेतन मन में भेजता लगता है. दुसरे शब्दों में कहे तो एक जानकारी का दो लोगो के बिच से होकर गुजरना.

क्या होगा अगर एक साथ जानकारियों का कलेक्शन चेतन मन सीधे अवचेतन मन को भेजने लगे ? इस स्थिति में चेतन मन कंफ्यूज हो जाता है की कौनसी जानकारी कब अवचेतन मन तक पहंची है. जब की अवचेतन मन में वो जानकारी होती है.

इस स्थिति को deja vu कहते है. इस स्थिति में हमें जो अनुभव होता है वो वास्तविक सा लगता है लेकिन हकीकत में उसका आधार क्या है वो कब घटित हुआ था इसके बारे में हमें कुछ भी पता नहीं होता है.

अब तो आप समझ ही गए होंगे की वास्तव में देजा वू काम कैसे करता है, चलिए अब बात करते है famous theory about deja vu in Hindi के बारे में.

पिछले जन्म की स्मृति

कभी कभी हम पिछले जन्म की यादो से जुड़ जाते है और हमें ऐसे दृश्य की अनुभूति होती है जैसे हम एक साथ 2 समान्तर काल में घूम रहे हो.

जो हम वर्तमान में अनुभव कर रहे है वो पहले भी हमारे साथ हो चूका है या फिर हम ऐसी जगह पर पहले भी गए हो. इसे उदाहरण के तौर पर अपनी किसी विजिट को लेकर समझे.

मान लीजिये हम किसी ट्रिप पर जाते है और वहां पर हमें ऐसी चीजे एक खास पैटर्न में देखने को मिलती है जो हम पहले कभी नहीं देखे हो.

इस तरह की खास घटना का हमें अचानक से अनुभूति होने लगना लेकिन ये तय नहीं कर पाना की जो हम आज देख रहे है वो पहले कब और कैसे देखा था.

इसी आधार पर हम उस जगह की विजिट अपने अनुभूति के आधार पर करना शुरू कर देते है और हैरान कर देने वाली बात ये होती है की हम उस जगह पर ऐसे विजिट करते है जैसे हम उसे पहले से जानते हो या पहले भी विजिट कर चुके हो. मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ है और आपके साथ ?

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दिमाग में अज्ञात जगह जानकारी स्टोर हो जाना

कई बार हमारी ऐसी यादे जो दिमाग के किसी अज्ञात जगह पर स्टोर हो जाती है और चेतन मन द्वारा पूरी तरह भुला दी जाती है.

चेतन मन के उस बात को भूल जाने के बावजूद वो यादे हमारे मस्तिष्क में ही रहती है और जब भी हम कुछ वैसा ही कार्य करते है हमारा अवचेतन मन उन यादो को फिर से ताजा कर देता है. इस वजह से कुछ पल के लिए हमें ऐसा लगता है जैसे हम उन घटनाओ को पहले भी अनुभव कर चुके है.

जिन्होंने ये थ्योरी डेवेलोप की है वो खुद इस बात पर sure  नहीं है की ये यादे पिछले जन्म की है या इस जन्म की या फिर हमारा अवचेतन मन इसे अचानक कैसे वर्तमान की घटना से मेल मिलाने की कोशिश करता है.

The Five Greatest Mysteries of Human History

for example हम क्लास में बैठे है और अचानक ही कुछ पल के लिए हम कही खो जाते है और घटना घटने लगती है. क्लास टीचर आती है और हमसे प्रैक्टिकल के नोट मांगती है. ये घटना सिर्फ साल में एक बार घटती है इसलिए इसका कोई रिलेशन नहीं बनता है की हम ऐसा अनुभव पहले कर चुके हो.

अचानक ही टीचर हमारे पास आती है और एक खास स्टाइल में नोट लेती है. ( ध्यान दे घटना ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है वो किस तरीके से हो रही है वो हमारे लिए महत्वपूर्ण है )

अचानक ही हमें लगता है की टीचर ने पहले भी इसी तरह से नोट मांगे होंगे. हमें लगता है की हम ये घटना पहले भी अनुभव कर चुके है. ये वास्तव में देजा वू हो सकता है.

psychological theory about Deja vu

मनोवैज्ञानिको की माने तो अगर आपको देजा वू की अनुभूति बार बार होती है तो ये एक असामान्य बात है.

इस स्थिति में आपको तुरंत किसी डॉक्टर से consult करना चाहिए. कई बार ऐसे केस सामने आते है जिसमे किसी को हर घटना के साथ ऐसा लगने लगता है जैसे वो पहले भी घट चुकी हो लेकिन ऐसा वास्तव में नहीं होता है.

इस स्थिति में वो अपनी कल्पनाओ में फंस जाता है और जब भी वर्तमान में उसके साथ कोई घटना घटने लगती है उसकी कल्पनाए जिन्दा हो जाती है और उसे वो घटना अपनी कल्पनाओ के अनुसार होती हुई महसूस होती है.

ऐसा होना एक मानसिक बीमारी का संकेत होता है. जिसमे रोगी को मनोवैज्ञानिक से जितना जल्दी हो मिलकर उपचार लेना चाहिए.

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spiritual theory about Deja vu

कुछ लोगो के अनुसार हमें इस तरह की अनुभूति होना ईश्वरीय संकेत है जिसके जरिये वो हमें भविष्य में होने वाली घटनाओ के खतरे या उनकी सम्भावना के संकेत देते है.

हमारी लाइफ में ऐसी कई घटनाए होती है जिनमे हमें अचानक ही कुछ आभास होने लगता है. कुछ पल की स्थिति का एक भ्रम जिसमे हम काल से परे हो जाते है. ऊपर बताये गए example भी आध्यात्मिक थ्योरी में लिए जा सकते है.

देजा वू की थ्योरी बहुत ज्यादा जटिल है क्यों की इसकी कुछ वजह है जिन्हें आप निचे समझ सकते है.

Deja vu और अवचेतन मन का आपसी संबध और इससे जुड़े विवाद

  • अगर हमें होने वाली अनुभूति सिर्फ हमारा भ्रम है तो वो इतनी वास्तविक कैसे लगती है.
  • वास्तव में देजा वू क्या है पूर्वाभास होना जिसे कुछ लोग sixth sense से जोड़ते है तो कुछ subconscious mind से अगर ये हमारा भ्रम है तो फिर उन सबका क्या ? क्या ये गलत है.
  • देजा वू को किसी तरह का sign होने से मनोवैज्ञानिक सिरे से नकारते है तो हमें इसकी अनुभूति होने पर अच्छे रिजल्ट कैसे मिल जाते है
  • देजा वास्तव में क्या है अगर ये किसी तरह का आध्यात्मिक संकेत नहीं है तो फिर इसे हम वैज्ञानिक मापदंड पर explain क्यों नहीं कर पा रहे है.

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Deja vu in Hindi देजा वू – अंतिम शब्द

इस संसार में कुछ चीजे / घटनाए ऐसी है जिन्हें वैज्ञानिक तरीको से समझाया नहीं जा सकता है.

अवचेतन मन को वैज्ञानिक चाहे जितना भी अपने तरीके से हमारे सामने रखे लेकिन हकीकत तो यही है की इसके कई रहस्य आज भी हमारे लिए रहस्य है और उन्हें आज तक हम सही शब्दों में समझा नहीं सके है.

देजा वू – पूर्वाभास की स्थति जिसे कुछ लोग spiritual power से जोड़ कर देखते है तो कुछ लोग पिछले जन्म की याद बताते है वही कुछ लोगो के अनुसार ये सिर्फ मानसिक बीमारी है.

आप इस बारे में क्या सोचते है हमें कमेंट कर जरुर बताये.

हमजाद जैसी मगर उससे भी खतरनाक एक ऐसी शक्ति जो इंसानी कल्पना शक्ति पर आधारित है तुल्पा का परिचय

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नमस्कार दोस्तों अभी कुछ दिन पहले ही मेने हमजाद साधना के बारे आप लोगो के सामने कुछ बाते रखी थी. आज की पोस्ट में आपको मैं बताने जा रहा हूँ Tulpa shakti kitni khatrnak है ऐसी शक्ति के बारे में जो हमजाद या परछाई जैसी ही है.

इन्हें हम नरक के रहनुमा भी कह सकते है. जिनके बारे में हम काफी कुछ अलग अलग जानते है ये है तुल्पा शक्ति. कई बार हम में से कुछ लोग जो अकेले रहना ज्यादा पसंद करते है अनजाने में ही Tulpa ki rachna in Hindi कर लेते है.

चलिए जानते है हमजाद जैसी ही एक negative energy Tulpa के बारे में.

तुल्पा असल में खुद एक नकारात्मक ऊर्जा है. ये एक ऐसी ऊर्जा है जिसका प्रयोग तांत्रिक लोग दूसरे लोगो को भयभीत करने के लिए करते है.

negative energy tulpa

हम में से ज्यादातर ने जो लोकल गांवो से है ने सुना ही होगा अपने गाँव के बाहर ऐसी सुनसान जगह होती है जहा से गुजरने वाले लोग अजीबोगरीब चीजे देखने का दावा करते है.

कुछ लोगो को अचानक से जानवर दिखाई देता है जिसे बचाने के चक्कर में उनका एक्सीडेंट हो जाता है.

वैसे तो तुल्पा के अलग अलग जगह विभिन्न नामो से जाना जाता है. फिर भी इसे एक negative energy Tulpa के रूप में बेहतर समझ सकते है.

ये ऐसी ऊर्जा है जो सुनसान जगह पर किसी चीज से बंधी हुई या आकर्षित रहती है. ये दुसरो लोगो को अपनी उपस्थिति का अहसास भी करवाती है.

तुल्पा का सबसे अच्छा उदहारण

हम अपने गांव से बाहर स्कूल, खेत, या अन्य किसी दूसरी जगह पैदल जाते है. चलते चलते अचानक ही ऐसी सुनसान जगह आती है जहां का माहौल अन्य जगह से डरावना होता है.

आप चाहे कितना भी अपनी मस्ती में जा रहे होते है आप के अंदर उस जगह पर आते ही अनजाने भय का संचार होने लगता है.

आपको ऐसा लगता है जैसे आपको कोई फॉलो कर रहा है. हम किसी तरह अपने माइंड को दूसरी जगह फोकस करते है पर जब तक उस क्षेत्र से बाहर नहीं निकलते हमें बार बार अनजाने भय का ख्याल आता रहता है.

ऐसा बचपन में आम होता था क्यों की गावो में कुछ जगहों को बाधित माना जाता है.

Negative energy Tulpa का अन्य उदहारण

हम में से ज्यादातर ने ऐसे खतरनाक मोड़ का नाम तो सुना ही होगा जहां पर हर साल या एक तय समय के पश्चात् एक्सीडेंट होना तय है.

हम चाहे कितना भी सावधानी बरते हम खुद को संभाल नहीं पाते है. कार के ब्रेक फ़ैल होना या अन्य किसी खराबी से एक्सीडेंट होना लेकिन इसके पीछे वो अनजानी शक्ति होती है.

इसके अलावा जिसकी भी मौत होती है वो भी वही भटकने लगता है. इसके ऊपर फियर फाइल्स में प्रोग्राम भी आ चूका है. negative energy Tulpa शक्ति कितनी खतरनाक है ये जानने के बाद आप कभी सुनसान जगहों पर घूमने नहीं जायेंगे.

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इसका वजूद और तुल्पा शक्ति कितनी खतरनाक है.

तुल्पा शक्ति एक नेगेटिव ऊर्जा है जो किसी भी तरह का रूप ले सकती है. चाहे सुन्दर औरत हो या फिर खतरनाक जंगली जानवर इनके लिए कोई भी रूप अख्तियार करना मुश्किल काम नहीं.

जैसा की मेने पहले भी बताया था की इन्हें अलग अलग जगह अनेको नामो से जाना जाता है इनके अलग अलग अनुभव भी किये गए है.

लेकिन उन्हें शेयर करने से पहले आपको बता देना चाहता हूँ की हम अपने जीवन में जाने अनजाने क्या गलतिया करते है.

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अपनी परछाई का आवाहन करना

बात करते है बचपन की जब हम खेल खेल में अपनी परछाई से बाते करते थे. कुछ बच्चो की आदत होती है की वो खुद से बाते करते रहते है. लेकिन कभी ऐसा भी सुनने में आया की परछाई ने बच्चे की बातो पर प्रतिक्रिया भी जाहिर की हो.

ऐसा हो चूका है और कादम्बनी की लगभग 2006 के संस्करण में जब इसकी पारलौकिक शक्तियों के सच्चे उदहारण छपते थे तब पढ़ा था.

उस वक़्त सूक्ष्म शरीर विचरण और तुल्पा के कई संस्करण पढ़ने को मिले थे.

जैसा की मेने कहा परछाई से बाते करना आपका अपनी परछाई को महत्व देने जैसा है. प्रयोग करके देखे तो परछाई भी जाग्रत हो सकती है ( हमजाद साधना में पढ़े ) क्यों की हमारा अवचेतन मन हर उस पावर को हकीकत बना सकता है जो हम सोचते है ( आज ही की पोस्ट Law of Attraction ) जरूर पढ़े.

जैसे त्राटक में टेलीपैथी और मानसिक शक्ति का जागरण वैसे ही परछाई को भी लगातार बाते करते हुए हम जाग्रत कर सकते है शुरू में ये कम्पन द्वारा फिर अलग अलग भाव द्वारा अपने होने के अहसास करवाती है.

Negative energy Tulpa की real story Hindi में

पहला किस्सा एक ऐसे व्यक्ति का जो अपनी भड़ास निकालने के लिए अपनी परछाई से बाते करता रहता था. लंबे समय तक ऐसा करते रहने से उसकी परछाई उसे रात को दिखाई देने लगी जो अचानक ही उसके सामने प्रकट हो जाती थी.

इन सबसे वो आदमी इतना भयभीत हुआ की उसकी मौत हो गई. तुल्पा शक्ति कितनी खतरनाक है इसके ऊपर कई चर्चित प्रोग्राम बन चुके है.

लोग मानते है यम के दूत.

कुछ लोग इन्हें यमदूत भी मानते है. ये मुम्बई का ही सच्चा किस्सा था जिसमे कुछ कॉलेज के कुछ बच्चे किताब द्वारा नरक का रास्ता खोलने  की प्रक्रिया अपनाते है. किसी वजह से वो अपनी क्रिया बिच में छोड़ देते है लेकिन तब तक negative energy Tulpa जाग्रत हो चुकी थी.

तुल्पा उन्हें तभी दिखाई देती जब वो सोने लगते. परेशान होकर उन्होंने ना सोने की बहुत कोशिश की पर खुद की आंख लगने से रोक नहीं पाए और वो नींद में जाते ही मारे गए. फियर फाइल्स पर इसका प्रोग्राम भी देख सकते है.

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Negative energy Tulpa का अन्य रूप

हम में से कई लोग ऐसे है जो अपने घर की ऊपरी शक्तियों को तांत्रिको द्वारा बंधवा देते है. तांत्रिक इन्हें किसी कच्चे घड़े में लाल कपडा लगा के सुनसान चौराहे पर रखवा देते है. अक्सर ऐसा प्रयोग किसी ऐसे व्यक्ति के लिए होता है जो मर रहा होता है.

तांत्रिक प्रयोग द्वारा मृत्यु या बीमारी को उस घड़े में बाँध देते है अगर ऐसे में कोई उस घड़े को फोड़ दे तो वो फोड़ने वाले के ऊपर चली जाती है.

ऐसा ना हो तो भी वो ऊर्जा वही भटकती रहती है और वहां से गुजरने वाले लोगो को परेशान करती रहती है. तुल्पा शक्ति कितनी खतरनाक है ये तो आप अब तक जान ही गए होंगे.

Negative energy Tulpa – अंतिम शब्द

दोस्तों पारलौकिक शक्तियों के बारे में जानने की मेरी जिज्ञासा बचपन से थी. बचपन में अपने दादा जी से मेने ऐसे ही कई किस्से सुने. negative energy Tulpa का वजूद और तुल्पा शक्ति कितनी खतरनाक है.

मेने उनसे ही जाना था फिर फियर फाइल में देखा इसके अलावा गावो में जहा एक्सीडेंट होता था वहां से भी इसके बारे में जानने को मिला.

हो सकता है किसी अन्य जगह पर इसे अलग नाम से जाना जाता हो. पर मेने सिर्फ इस पर चर्चा की. इसके समाधान या अन्य किसी छुटकारे के बारे में मैं कुछ नहीं जानता.

आज की पोस्ट negative energy Tulpa पर आधारित थी जो नकारात्मक ऊर्जा का एक रूप है आपको कैसी लगी कमेंट के माध्यम से जरूर बताये. हमें सब्सक्राइब करना ना भूले.

ध्यान में लिए जाने वाले 7 महत्पूर्ण कदम जिनसे आपको अच्छे अनुभव मिलते है – सही शुरुआत

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important steps for meditation जिससे आपको मिले सही अनुभव. आप ध्यान करते है मगर सफलता नहीं मिलती है क्यों की हमें पता ही नहीं होता है की ध्यान के लिए महत्वपूर्ण कदम क्या है।

ध्यान के लिए महत्वपूर्ण कदम कुछ बेसिक सावधानिया और नियम है जिनका पालन करने पर ध्यान में सही अनुभव होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इसलिए जब भी ध्यान करे ध्यान के लिए महत्वपूर्ण कदम जरूर उठाये जिससे आपका अभ्यास सही हो आपको अच्छे अनुभव मिले।

important steps for meditation

सफलता के लिए ध्यान के लिए महत्वपूर्ण कदम जरूर ध्यान रखना चाहिए जिनसे हमें सफलता मिले।

ध्यान के लिए महत्वपूर्ण कदम कुछ नियम और कायदे होते है  किसी भी अभ्यास में नियम और कायदे के बगैर सफलता हासिल नहीं की जा सकती है। ये नियम पूर्व-निर्धारित भी होते है हमें भी बनाने पड़ते है आइये जानते है ध्यान के लिए महत्वपूर्ण कदम जिनसे सफलता पक्की है।

important steps for meditation / सावधानिया

हम जानते है की ध्यान के बहुत सारे फायदे है लेकिन फिर भी नियमित ध्यान के लिए बहुत कम बार वक़्त निकाल पाते है। इसलिए हम बात करेंगे सिर्फ मस्तिष्क को शांत करने की, तनाव के स्तर को कम करने की, और मस्तिष्क की हलचल को बनाये रखने से बेहतर कुछ भी नहीं है।

जो सिर्फ नियमित ध्यान द्वारा प्राप्त की जा सकती है।

ध्यान की कई विधिया है ये आप पर निर्भर करता है की आप किस विधि को बेहतर तरीके से कर पाते है।

इसके लिए हम ध्यान की ऐसी विधि का चुनाव करते है जिससे हम मस्तिष्क पर पूरी तरह नियंत्रण कर सके और हमारा मन आजाद होकर सर्वव्यापी हो सके।

जब तक हमें पता नहीं चल पाता है की कोनसा तरीका ज्यादा बेहतर है तब तक ध्यान की नई-नई विधिया आजमाते रहना चाहिए।

हम एक से ज्यादा ध्यान को आपस में मिलाकर भी आजमा सकते है. हम समूह ध्यान को भी कर सकते है जो एक बेहतर विकल्प है। ध्यान की किस विधि का आप इस्तेमाल करते है ये मायने नहीं रखता है 3 बातों का ध्यान रखे और सफल बने :

  • आत्मसुरक्षा
  • एकाग्रता
  • स्वांस नियंत्रण

1. आत्मसुरक्षा-PROTECTION

important steps for meditation में सबसे पहले आत्मसुरक्षा बेहद जरुरी मानी जाती है। इसका कारण है मानसिक,आध्यात्मिक, भौतिक, और भावनात्मक रूप से हमारी ध्यान प्रक्रिया में रूकावट ना आने पाए।

इसके लिए हम सरल वाक्य प्रयोग में ला सकते है जैसे की में ध्यान करने जा रहा हूँ और विश्व ऊर्जा ( प्राण ऊर्जा ) मेरी सहायता करे।

2. एकाग्रता-FOCUS:

ध्यान में दूसरी महत्वपूर्ण बात है एकाग्रता जिसमे हम बाहरी चीजो, माध्यम से अलग हो जाते है, इसके लिए हमें भौतिक मनोरंजन के उपकरण जैसे की मोबाइल, टेलीविज़न, और अन्य उपकरण अलावा बाह्य शोर से खुद को अलग करना पड़ता है।

आप इसके लिए अंतर्मन के निर्देश को चैतन्य कर सकते है. इसमें हमारा मन हमें ध्यान करने के लिए एक निर्देशित कार्य दिखाता है जैसे की कोई फिल्म हो. इसके अलावा किसी एक चीज पर ज्यादा एकाग्र होकर भी ऐसा कर सकते है.

3. स्वांस नियंत्रण-BREATHE CONTROL :

सबसे अंत में ध्यान के लिए खुद को स्वांस से जोड़ देना चाहिए हमारा पूरा ध्यान पूरी एकाग्रता सिर्फ साँस पर होनी चाहिए।

जिसमे पहले सिर्फ साँस पर ध्यान दिया जाता है बाद में साँस रूप हो जाते है। इसके लिए हम सुबह का या फिर रात्रि का वक़्त निकाल सकते है, सुबह हमारा ध्यान करने की क्षमता बढ़िया होती है और रात्रि में मस्तिष्क की थकान मिटाने का सबसे अच्छा माध्यम। शुरू में 15 मिनट का वक़्त काफी होता है।

4. important steps for meditation – सोशल मीडिया से रहे दूर

सोशल मीडिया सबसे ज्यादा हमारे मस्तिष्क के सोचने की गतिविधि को प्रभावित करते है। ये हमें कठपुतली बना देती है जिससे हम दुसरो के नजरिये से सोचना शुरू कर देते है। इससे हमें सबसे बड़ा नुकसान होता है की हमारी सोचने और समझने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इसकी बजाय हमें खुद की तार्किक क्षमता में बढ़ावा करना चाहिए।

मीडिया में सबसे बड़ी कमी ये है की वो हर न्यूज़ को लाइव करती है बजाय इसके की इसका परिणाम चाहे कैसा भी हो। इससे  कई बार उन तथ्यों को देखने के नजरिये में बदलाव आ जाता है जो दोषी नहीं होते है।

5. सीखना है तो खुद का दिमाग चलाना बंद कर दो

अगर आपको वाकई किसी के निरीक्षण में रह कर कुछ सीखना है तो सबसे पहले खुद की सोच को शुन्य करना होगा क्यों की जब तक हमारा चेतन मन तर्क-वितर्क करता रहता है हमारा अवचेतन मन कभी उभर नहीं पाता है। यही वजह है की ज्यादातर लोग जो ध्यान या त्राटक करते है सफल नहीं हो पाते है।

6. आस्था और विश्वास दोनों ही जरुरी है

आस्था हमेशा सिखाने वाले पर और खुद पर विश्वास रखना चाहिए। अक्सर देखने में आता है की कई बार हम अभ्यास तो करते नहीं है सवाल की लिस्ट बनाये रखते है जिनका जवाब सामने वाला आपके अनुभव पर छोड़ना चाहता है पर आप को लगता है की सामने वाले को कुछ आता नहीं है।

ध्यान में असफलता के कारण

आस्था और विश्वास important steps for meditation में सबसे खास है.

जब आप खुद अभ्यास करते है तब आपके सवालो की लिस्ट में वही सवाल आएंगे जो आपको अभ्यास में परेशान करते है। इसलिए हमेशा आस्था और खुद पर विश्वास बनाये रखे और अभ्यास करे सफलता जरूर मिलेगी। इसके लिए आप इन important steps for meditation को अपनी लाइफ में अपना सकते है.

7. ध्यान है खुद को समझने का माध्यम

ध्यान खुद को समझने का सबसे अच्छा माध्यम है। हम कैसे अपने मस्तिष्क को शांत कर सकते है और कैसे तनाव को दूर कर सकते है। अगर आप भी बहुत ज्यादा तनाव में रहते है तो ध्यान की प्रक्रिया को आजमा के देखिये आप पाएंगे की आपके आसपास का सारा संसार आपके हित में कार्य करने लगता है.

हमेशा इन बातो को ध्यान में रख कर अभ्यास शुरू करे  सफलता आपको मिलेगी फिर चाहे वो ध्यान हो, त्राटक हो या आपके अवचेतन मन कीशक्तियों को जानना हो। अभ्यास में नियम का महत्व जाने बगैर अभ्यास करना कोई मायने नहीं रखता है।

अभ्यास में कुछ नियम पूर्वनिर्धारित होते है और कुछ हमें बनाने होते है। जैसे निचे कुछ नियम दिए गए है जो आप अपना सकते है।

वक़्त और स्थान का चुनाव

हमेशा शुरुआत में कोशिश करे की आपका चुनाव किया स्थान और वक़्त नियमित रूप से एक जैसा हो। इससे आपमें स्थिरता आती है और अभ्यास में गंभीरता।

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दिन का एक हिस्सा एकांत में बिताना

important steps for meditation में से एक दिन का कुछ हिस्सा चाहे वो आधा घंटे हो या एक घंटे आपको अकेले में बिताना चाहिए। ध्यान रखे इस वक़्त आप कोई काम न करे न ही किसी काम की कोई प्लानिंग बनाये। इस वक़्त आपको अपने मस्तिष्क को आराम देना है जिससे आपका मस्तिष्क और मन आपस में तालमेल बैठाने लगे।

ऐसा इसलिए क्यों की हमें जितनी प्राण ऊर्जा चाहिए उतना ही शरीर उत्पन करता है इसे ज्यादा से ज्यादा  स्टोर करने के लिए हमें कुछ वक़्त सभी गतिविधि शिथिल करनी चाहिए इससे हमारा प्राण स्टोर होने लगता है। और शरीर में नई स्फूर्ति का अहसास बनता है।

important steps for meditation – final word

तो दोस्तों ऐसे ही कुछ नियम आप बना सकते है लेकिन ध्यान रखे की वो आपको पूरा करना भी होता है तो ऐसे ऐसे नियम रखे जिन्हें आप आसानी से पूरा भी कर सके। ध्यान में सफलता के लिए इन मापदंडो का ध्यान रखे तो सफलता निश्चित है।

अगर आप भी important steps for meditation in Hindi को ध्यान में रखकर मैडिटेशन की शुरुआत करते है तो आपको सफलता मिलना तय है.

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