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Wednesday, May 27, 2026
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घर बठे आत्म-सम्मोहन के जरिये व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावशाली अभ्यास

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light effect in hypnotic disc for quick hypnotism in hindi में आज हम बात करने जा रहे है शक्ति चक्र के उन्नत तरीके की जिसमे हम बाहुत जल्दी ही self-hypnosis यानि आत्म-सम्मोहन के जरिये खुद में मनचाहा बदलाव ला सकते है. color therapy in hindi और hypnotism में क्या संबध है और इसके प्रयोग से हम आत्म-सम्मोहन कैसे करे ?

personal development के लिए सबसे आसान और सुविधाजनक hypnotic circle / disc घर पर बना कर इस्स्तेमाल कर सकते है.

advance version of light effect in hypnotic disc जो की शक्ति चक्र का एक हिस्सा है में color therapy का इस्तेमाल किया गया है. color therapy के जरिये हम आसानी से किसी भी तरह के depression को दूर कर सकते है. चलिए जानते है की कैसे हम त्राटक और color therapy के जरिये एक simple hypnotism का प्रयोग कर सकते है.

What is Light Effect in Hindi. काफी टाइम पहले से ही light effect लोगो को लुभाने के उदेश्य से इस्तेमाल किया जा रहा है. अगर आप कभी बाजार से खासतौर से त्यौहार के टाइम गुजरते है तो आपने गौर किया होगा की वहा पर कुछ light का इस्तेमाल किया जाता है.

light effect in hypnotic disc

इसमें लाल, नीली और पिली light सबसे ज्यादा पोपुलर है. क्या आपने कभी गौर किया की आखिर

  • क्यों जब आप उसके पास से गुजरते है तो आपके मन में बदलाव आता है ?
  • जो चीज आप लेना ही नहीं चाहते थे वो आप ले आते है.
  • आपको वहा टाइम बिताना ज्यादा पसंद होता है और आप इसमें बोर भी नहीं होते है.

वैसे तो light के अलावा display का tarika यानि सजावट और sound effect जिसमे background music भी शामिल है आम लोगो पर बहुत तेजी से असर करते है जब वो इसमें से किसी भी एक माध्यम के जरिये खरीददारी करते है.

आजकल इसका प्रयोग बड़े पैमाने पर फेमस mall जिसमे लोग अक्सर भरे रहते है या फिर व्यस्त रहने वाले मार्केट में जहा से शाम को लोग अक्सर गुजरते है, वहा पर इसी तरह की कुछ तरकीब लगाईं जाती है.

Light Effect in Hypnotic Disc

अभी कुछ समय पहले ब्लॉग पर एक पोस्ट पब्लिश की गयी थी घुमने वाले शक्ति चक्र पर त्राटक जिसके बहुत ही बढ़िया परिणाम लोगो को देखने को मिलते है. अगर आपने अभी तक नहीं पढ़ी है तो एक बार जरुर पढ़े.

ये अभ्यास बिलकुल वैसे ही है बस फर्क सिर्फ इतना ही है की इस शक्ति चक्र बोर्ड में light effect in hypnotic disc use किया गया है.

इसमें कलर सबसे ज्यादा लाल और नीला दो ही इस्तेमाल किया जाता है, क्यों की इनकी आपके मास्तिष्क पर प्रभाव डालने की अद्भुत क्षमता है.

color therapy काफी time से depression से बाहर निकलने के लिए प्रयोग की जा रही है.

क्यों की अलग अलग कलर हमारी आँखों पर अलग प्रभाव डालती है इसलिए हम कह सकते है की इसका हम पर बहुत जल्दी प्रभाव पड़ता है और therapy में इसका इस्तेमाल लोगो को तनाव, टेंशन और मानसिक अवसाद से बाहर निकालने में काफी मददगार साबित भी हो चूका है.

most common example of color effect

इस तरह का सबसे बड़ा उदाहरण आपको मार्केट में या सब्जी मंडी देखने को मिल जाएगा. जहा पर दुकानदार एक गोल्डन light का इस्तेमाल करते है. इसके दो फायदे होते है

  • पहला अगर सब्जी या फल पुराने भी है तो उनकी असली पहचान उस light में आपको पता नहीं चलती है.
  • आप ना चाहते हुए भी अक्सर उन चीजो को खरीद ही लेते है.

क्यों की उन्हें पता है की किस तरह से light का effect लोगो पर डाल कर चीजे बेचीं जा सकती है. और लोग इसका मतलब नहीं समझ पाते है, उन्हें सिर्फ ये सजावट का एक हिस्सा लगती है लेकिन ये एक तरह का hypnotic effect है जो light के जरिये लोगो पर डाल कर मार्केटिंग की जाती है.

तो चलिए जानते है sammohan / hypnotism me saflta ke liye sabse simple method जो की ज्यादातर self hypnosis पर काम करता है.

light effect in hypnotic disc कैसे काम करता है

रंग चिकित्सा यानि color therapy in hindi में चिकित्सक मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों का समाधान करते है. इसमें खासतौर से depression और mental problem शामिल है. कुछ मनोचिकित्सक रंग बिरंगा और घूमने वाला hypnotic disc के जरिये लोगो की problem solve करते है क्यों की इसका प्रयोग भी सरल है और इसका प्रभाव भी.

हमारा मस्तिष्क अलग अलग कलर पर अलग प्रतिक्रिया करता है जैसे की लाल रंग आत्मविश्वास को बढाने वाला होता है वही नीला रंग भी आत्मविश्वास के लिए होता है.

शरीर में रंग चिकित्सा यानि color therapy के जरिये हम बड़ी से बड़ी मानसिक बीमारी खासतौर से अवसाद जैसी समस्या का समाधान किया जा सकता है. ज्यादा जानकारी के लिए यहाँ जाए….

कैसे करे light effect in hypnotic disc का use

इसका प्रयोग ज्यादातर मानसिक अवसाद दूर करने या फिर personal development में करना चाहिए. इसके जरिये हम खुद में वो बदलाव ला सकते है जो मस्तिष्क की चंचलता की वजह से अभी तक हम कर नहीं पाए है.

इसका प्रभाव बहुत जल्दी ही आपके मस्तिष्क को शांत कर देता है और आप आसानी से खुद को command देकर बदलाव ला सकते है.

Read : रातो रात निर्मित हुई एक ऐसी शैतानी बुक जो लोगो को बुराई की राह पर ले जाती है

light effect in hypnotic disc का प्रयोग कैसे करे ?

इसके लिए आपके पास एक घुमने वाला शक्ति चक्र बोर्ड होना चाहिए. आपको अगर घुमने वाला शक्ति चक्र बनाना नहीं आता है तो में आपको बता दू ये एक simple board ही है जिसके पीछे घुमने के लिए एक मोटर लगा दी जाती है.

ये मोटर ऐसी होनी चाहिए जिसके घुमने की गति को आप आसानी से कण्ट्रोल कर सके. नार्मल अगर देखे तो ये बहुत धीमी गति से घुमने वाली होनी चाहिए. ज्यादा जानकारी के लिए आप इसका video देख सकते है.

hypnosis basics for beginner सम्मोहन से जुड़ी वो जानकारी जिसे आप अभी तक नहीं जानते है

इस बोर्ड में आपको अब कुछ light लगानी होगी जो की बोर्ड के घुमने पर झिल-मिल करे. ये light disco light जैसी ही है.

अब आपको जब भी अभ्यास करना हो कमरे में पूरी तरह अंधकार कर ले ताकि आपका पूरा फोकस light effect in hypnotic disc पर ही रहे. इस बोर्ड के सामने कुछ देर बैठ जाइये.

आप चाहे तो भावना का इस्तेमाल कर सकते है और ना करना चाहे तो भी चलेगा क्यों की light का effect कुछ देर बाद आपके mind को पूरी तरह relax कर देगा. जिसके बाद आप जो भी बदलाव खुद में लाना चाहते है उसे भावनाओ के जरिये subconscious mind में उतार सकते है. अभ्यास वही है लेकिन effect का फर्क है.

light effect in hypnotic disc 100% hypnotism

इसका प्रयोग कर आसानी से ज्यादातर मानसिक बीमारिया जैसे की अवसाद, तनाव, और किसी तरह का दबा हुआ डर बाहर निकाल कर आसानी से उसे बदल देते है.

अगर आपको light effect in hypnotic disc and shakti chakra tratak की ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप किसी hypnotic एक्सपर्ट के पास इसका पता कर सकते है.

पुराने टाइम में light effect in hypnotic disc का प्रयोग लोगो को miss-guide करने किसी तरह के भ्रमजाल में लोगो को फंसाने में किया जाता था.

ये किसी तरह के खास सुरक्षा प्रणाली का भी एक हिस्सा होता था.

हालाँकि ये सब अभी तक किताबो में ही पढने को मिला है लेकिन इसकी सच्चाई को ignore नहीं किया जा सकता है क्यों की color effect आज therapy में शामिल किया जा चूका है.

पढ़े  : Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

light effect in hypnotic disc – final word

खास तरह के light effect in hypnotic disc का प्रयोग पुराने टाइम में सुरक्षा प्रणाली में किया जाता था ताकि लोग इसके मायाजाल में ही फंस कर रह जाए.

इसके अलावा color therapy किसी भी तरह के दिमागी अवसाद को ठीक करने में काफी effective है.

आज की पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरुर बताये.

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Creative visualization techniques for Law of attraction सही कल्पना कैसे करे

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आज के टाइम में Law of attraction बहुत सारे Motivational speaker, successful businessman द्वारा इस्तेमाल की जाती है. आकर्षण के सिद्धांत में कई तरह की Visualization techniques का इस्तेमाल किया जाता है क्यों की हमारे subconscious mind programming करने के लिए कई अलग अलग tool-set की जरुरत होती है.

इसमें Visualization meditation, positive affirmation, mindset और सबसे बड़ी बात belief का होना बेहद जरुरी है. ये एक तरह की mindfulness exercise है जो हमारे सपनो को पूरा करने के लिए हमें तैयार करती है.

हम क्या चाहते है इसके बारे में हमें पता होना चाहिए क्यों की जब तक हमें इसके बारे में सही से जानकारी नहीं होगी हम कामयाब नहीं बन सकते है. Creative Visualization meditation हमें उस स्थिति के बारे में एक जानकारी देता है जो हम चाहते है. इसमें हम क्या चाहते है, कैसे हासिल कर सकते है,

क्या क्या हमें चाहिए इन सबके बारे में एक basic idea मिलता है. हम जिन Visualization techniques for Law of Attraction का इस्तेमाल करते है वो सब The law of attraction का एक हिस्सा है.

Visualization Techniques

अगर आप चाहते है की आकर्षण का सिद्धांत आपके लिए काम करे तो आपको उन सभी basic चीजो के बारे में पता होना चाहिए जो इसे पूरा करती है.

अगर हम बार बार किसी thought को बार बार repeat करते है तो वो सीधे हमारे Subconscious mind में जाते है.

हम कुछ खास तरह के Positive affirmation का इस्तेमाल करते है जो सीधे हमारे Self conscious programming पर focused होते है. आज हम बात करने वाले है Visualization techniques for Law of Attraction के बारे में.

Visualization techniques for Law of Attraction

अपने daily life में Visualization techniques को use करने से आप Law of Attraction में perfection पा सकते है. किसी भी प्रोग्राम को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए उसकी clear picture यानि एक मॉडल बनाना बेहद जरुरी है. Visualization Tools के जरिये हम जो चाहते है उसके लिए खुद को तैयार कर सकते है.

किसी की कल्पना करने से हम उसे पूरा कर सकते है और जब हम अपने goal को लेकर focus and manifest रहते है तब positive and motivated mindset बनाए रख सकते है.

किसी भी बड़े प्रोजेक्ट से पहले हम उसकी डमी बनाते है जो की mentally or physically हो सकती है. ऐसा इसलिए क्यों की इससे हम खुद को strong positive message देते है की हमारा future कैसा होगा.

आकर्षण के सिद्धांत में different visualization tools का इस्तेमाल होता है. अगर आप इसका प्रयोग करके अपने सपनो को पूरा करना चाहते है तो सबसे पहले आपको इसके महत्त्व को समझना होगा.

आकर्षण के सिद्धांत में कल्पना का महत्व

Visualization techniques for Law of Attraction का प्रयोग करके हम एक dream life का निर्माण करती है. आज के समय में successful people अपने गोल को हासिल करने के लिए Visualization meditation practice करते है. आइये जान लेते है की इसका महत्त्व क्या है

  • Strengthen your motivation dream life को create करने के लिए खुद को motivated और excited feel करना.
  • Program your brain हमारी visualization skill हमारे brain programming में help करती है. इसके जरिये हम how to manifest your dreams and goals की process को समझते है. ऐसा होने की वजह से Law of attraction की सही शुरुआत कर पाते है.
  • Feel more confident हम अपने गोल को लेकर जितना ज्यादा visualize करते है उतना ही खुद को confident पाते है. खुद को हर रोज अपने goal को achieve करते हुए महसूस करे तो ऐसा करना हमें अपने टारगेट के नजदीक ले जाता है.
  • Visualization can help with stress जब हम कल्पना करते है तब हम calm state of mind में होते है. इसकी वजह से हम अपनी समस्याओ के प्रति अवगत होकर उन्हें समझ पाते है.

ये सभी वो important point है जो इसे खास बनाते है. अगर आप Law of attraction में सफलता पाना चाहते है तो आपको most popular visualization techniques में से किसी एक तकनीक पर काम करना चाहिए.

6 Easy And Effective Visualization Techniques

हम चाहे जिस तकनीक का इस्तेमाल करे हमें इसका benefit मिलता है. अगर आप आकर्षण के सिद्धांत को सफलता पूर्वक अपने लाइफ में लागू करना चाहते है तो आपको इन 6 खास तकनीक को समझकर चुनाव करते हुए अपने लाइफ में अपनाना चाहिए.

वैसे तो इसके लिए एक आसान तरीका है की हम अपने बेड पर बैठ जाए और खुद को relax कर ले. इसके बाद आँखे बंद कर उसकी कल्पना करे जो हम चाहते है.

हमें मालूम होना चाहिए की जो हम चाहते है उसे कैसे हासिल किया जा सकता है. हमारा goal कैसे achieve होगा और इसके लिए हमें किस तरह के belief की जरुरत होगी. आज हम बात करेंगे उन great visualization tools के बारे में जिनके जरिये हम खुद को Law of attraction expert बना सकते है.

Dream board

Visualization techniques for Law of Attraction को Vision board के नाम से भी जाना जाता है. इसके जरिये हम अपने उदेश्य को एक फिल्म की तरह तैयार करते है. ये financial, romantic, spiritual या कोई भी और उदेश्य से जुड़ा हुआ हो सकता है.

इसे बनाना inexpensive and very creative way है जो हमें अपने future की desire से जोड़ता है. इसे बनाने का मतलब है खुद की इच्छा को एक भौतिक रूप में समझना और महसूस करना और साथ ही daily affirmations को लागू करना.

ये dream board ऐसी जगह होना चाहिए जहाँ आपकी नजर इस पर बार बार पड़ती हो. जैसे आपके बेडरूम की दीवार या फिर ऑफिस में. ऐसा करना आपके लिए एक free toolkit for law of attraction की तरह काम करता है और आसानी से आप खुद को बार बार motivate रख सकते है.

आपको हमेशा एक Ideal dream board बनाना चाहिए जिसमे आपके dream life से जुड़ी basic detail हो.

पढ़े : बिना किसी मैडिटेशन के आसानी से तीसरे नेत्र का जागरण करने के 6 सबसे कारगर तरीके

Daily affirmation

जैसा की हम पहले की पोस्ट में पढ़ चुके है की affirmation वास्तव में एक set of statement होता है. इसका main purpose होता है हमारे belief system को एक shape देना ताकि हम अपने goal की तरफ लगातार बढ़ते रहने के लिए खुद को motivate करते रहे.

अगर आप चाहते है की ये आपके पक्ष में काम करे आपको positive affirmations पर ध्यान देना होगा.

Positive affirmation को हम लगातार बोलकर, लिखकर या फिर visual affirmations के जरिये खुद पर लागू कर सकते है. अगर बात करे daily affirmation example की जिसे हम अक्सर दोहराते हो तो वो है mirror face gazing के दौरान खुद को motivate करना.

हम बार बार खुद को किसी भी नई स्थिति के लिए तैयार कर लेते है जब बार बार आइने के सामने खड़े होकर positive affirmation को दोहराते है.

अगर आप इसमें कामयाबी चाहते है तो आपको मालूम होना चाहिए की The Law of Attraction के अनुसार इस universe में हम जो भी Thoughts and energies को भेजते है सभी की एक पहचान होती है.

ऐसे में अगर हम Positive affirmation के साथ energies को अपने काम में लगाते है तो universe उस पर जरुर अपनी प्रतिक्रिया देगा.

हम एक thought को जितनी ज्यादा बार अपने आप पर दोहराते है उतने ही जल्दी हम उस मेसेज को self-conscious तक पहुंचा पाते है.

Read : कही आप भी किसी तरह के वशीकरण या काले जादू का शिकार तो नहीं ? 10 संकेत जो बताते है किसी ने कुछ किया है

Meditation

मैडिटेशन एक great visualization technique है जिसके जरिये हम खुद को वर्तमान में रखते हुए शांत मन से विचारो को एक कल्पना शक्ति का रूप देते है. जब हम ध्यान लगाते है हम अपने inner self पर access हासिल करना शुरू कर देते है.

ये access सामान्य स्थिति में नहीं होता है. ध्यान लगाने का सबसे बड़ा मकसद खुद को वर्तमान में रखना होता है और इसी का फायदा उठाते हुए हम खुद पर focus हो पाते है.

जो हम चाहते है उस पर clear mind में रहते हुए विचार कर सकते है जिसकी वजह से एक साफ तस्वीर बनना शुरू हो जाती है और ये Law of attraction के लिए हमारा connection सीधे universe से जोड़ना शुरू कर देती है.

इसके लिए आपको कुछ समय निकालकर thought और energy को universe में भेजना होता है.

meditation practice एक जरिया है अपने negative energy and thought को बाहर करने का. हम जो चाहते है उसे हासिल कर सकते है बशर्ते इसके लिए खुद को स्पेस दिया जाए. इसकी यही खासियत इसे one of top tool-set for visualization के लायक बनाती है.

आपको इसके लिए strong visualizations though meditating की जरुरत होगी क्यों की आप अपने brain को इसके लिए allow करते है लेकिन उस लायक space ( समय ) नहीं दिया गया तो ये काम नहीं कर पायेगा.

आप इसके लिए कोई भी विधि का चुनाव कर सकते है. mindfulness meditation हो या फिर box breathing या फिर vipassna meditation technique ये सब अलग अलग खासियत के साथ special benefit देती है बशर्ते आप एक fix time इसे dedicate कर सकते है.

Gratitude Journal

ये भी एक great Visualization techniques for Law of Attraction है जो हमें न सिर्फ positive mindset बनाए रखने में मदद करता है बल्कि अपने success and goal में विश्वास बनाए रखने के लायक भी बनाता है.

ये एक तरह रिकॉर्ड होता है जिसमे हम हर उस चीज का रिकॉर्ड बनाते है जिसके लिए हम grateful होते है. ऐसा आपको हर रोज करना चाहिए.

हर रात को सोने से पहले उन 5 से 10 चीजो के बारे में लिखे जिनके लिए आप universe के प्रति grateful है. ऐसा करने से आप खुद को positive mindset में बनाए रख पाते है और इसका असर आपके लाइफ में बन रही अच्छी आदतों में देखने को मिलता है.

ऐसा करने से आप खुद को happy present experience देते है जो आपके भविष्य से और ज्यादा की कल्पना करता है. ये एक basic secret है जिसकी वजह हम Law of attraction में success बनते जाते है.

सिर्फ future ही नहीं बल्कि past में आप जिन बातो के लिए grateful थे वे आपको positive message देती है जो आपको आगे बढ़ने के लिए positive mindset बने रहने में help करती है.

ऐसा करना आपके belief को और ज्यादा strong बनाता है और goal को achieve करने के लिए भरोसा दिलाता है.

पढ़े : एक ही गले से दो आवाज निकलना क्या वाकई ये किसी आत्मा का काम है या कुछ और क्या है सच ?

Magic Cheque

आपने अब तक dream wish के बारे में तो सुना ही होगा. अपने सपने को एक कागज पर लिखना यानि खुद को एक condition में रखना. ज्यादातर successful people इसका इस्तेमाल financial support को मजबूत बनाने में करते है.

इसके लिए आपको एक ऐसा चेक चाहिए जिसे आपने खुद बनाया हो और उसमे साफ साफ लिखा हो की आप वास्तव में क्या चाहते है.

एक उदाहरण के लिए आपके खाते में अभी 10,000 रूपये है. आप चाहते है की आने वाले 6 महीने में ये राशी 50,000 बन जाए. इसके लिए सबसे पहले अपने ही चेक में वो राशी लिखनी है और अगले 6 महीने की तारीख डालनी है.

building Self-Awareness

अब इसे ऐसी जगह पर रखे जहाँ आपकी नजर इस पर हर रोज पड़ती हो. ये अमाउंट उतना होना चाहिए की आप उसे खास समय पर हासिल कर सके.

इसके इस्तेमाल से आप खुद को हर रोज इसके लिए तैयार कर सकते है. ये आपके affirmation, positive mindset को तैयार करता है आपके target को achieve करने के लिए.

Creative visualization

अगर आपके पास हुनर है तो आप कल्पना शक्ति को अपने हुनर के साथ मिलाकर कुछ नए Creative visualization बना सकते है. ये एक drawing, painting, graphic, sketch कुछ भी हो सकता है.

कुछ लोग इसे बाकि सब से better visualization techniques मानते है क्यों की अपने goal को पूरा करने के लिए उनके पास creative skills होती है.

एक Vision board की तरह आप इसे अपने रूम में टांग सकते है. हम अपनी स्किल को एक रूप देते है जिसकी वजह से हम ये जान पाते है की वास्तव में हम चाहते क्या है. ये सब आपको motivate करता रहेगा ताकि आप अपने Law of attraction के लिए खुद को तैयार कर सके.

पढ़े : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

Step by step Guide for Creative visualization

इसके लिए आपको निचे दी गई इन स्टेप को follow करना होगा जैसे की

  1. सबसे पहले अपने मूड को सेट करे.
  2. ध्यान की अवस्था में खुद को ले जाए.
  3. अपने गोल को लेकर कल्पना शक्ति का इस्तेमाल करे
  4. कल्पना करते समय जो अहसास आपके अन्दर पैदा हो रहे है खुद को उनसे जोड़ ले.
  5. हर रोज रचनाशील कल्पना के लिए खुद को तैयार करे.
  6. अपने target को हासिल करने के लिए हार्ड वर्क करे

इन सभी स्टेप को follow करते हुए आप खुद को रचनाशील कल्पना के जरिये खुद को तैयार कर सकते है.

Benefits of Creative Visualization Techniques

हम सब जानते है की Creative Visualization techniques के जरिये हम खुद की प्रतिभा को निखारने के साथ साथ कल्पनाशक्ति का बेहतर इस्तेमाल भी कर पाते है. इसके कुछ amazing benefit भी है जैसे की

  1. Reduce stress
  2. Increase focus
  3. Gain self confidence
  4. Bring you joy
  5. Gives You Inspiration
  6. Improved Relationships

इन सब वजह से Creative visualization अपने आप में एक खास tool set है. अगर आप एक creative skill के मालिक है तो आपको Step by step guide के जरिये अपनी स्किल में आगे बढ़ना चाहिए.

ध्यान दे : आपको पता होना चाहिए की सिर्फ कल्पना करना काफी नहीं है. कल्पना करना हमें सिर्फ हमें काम से जुड़े idea दे सकता है उसे पूरा नहीं कर सकता है. पूरा करता है तो आपका positive mindset और आगे बढ़ने का मोटिवेशन.

पढ़े : Different Types of Shadow Figure Encounter and their Meaning

.Creative visualization techniques final conclusion

हम सब जानते है की Law of attraction किसी भी कार्य को हमारे लिए संभव बना सकता है बशर्ते हम इसके सही इस्तेमाल को अपनी लाइफ में apply कर सके. किसी भी कार्य को संभव बनाने के लिए आपको उसकी सही कल्पना करना बेहद जरुरी है.

यहाँ share की गई Most popular great visualization technique आपको आकर्षण के सिद्धांत के लिए सही तैयारी करवाता है.

खास तरह की Positive affirmation, mindset and belief आपके लिए एक tool-set की तरह काम कर सकते है और process को आसान बना देते है.

अगर आप आगे बढ़ना चाहते है और वो सब पाना चाहते है जिसके लायक आप है तो आपको इसके जरिये एक सही शुरुआत करने की देर है.

अपनी स्किल का सही इस्तेमाल करे और आगे बढे.

Lucid Dream Myths we must aware कितना जानते है आप मनचाहे सपनो के बारे में ?

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Lucid Dream Myths and hidden risk in Hindi. मनचाहे सपने देखना एक तरह से हमारी अधूरी इच्छा को पूरा करने के जरिया है. आपको याद हो तो बचपन में हम जिस चीज के लिए दिनभर तरसते थे सपने में हम उसे पा लिया करते थे. जैसे जैसे बड़े होते जाते है हमारा Conscious mind हमें इसके बारे में deeply जाने से रोकना शुरू कर देता है.

अपने Subconscious mind को explore ना कर पाने की वजह से हम Lucid Dream Myths का शिकार हो जाते है.

Lucid dreaming कोई कल्पना नहीं है. आज वैज्ञानिक तरीके से इसे prove किया जा चूका है. समय है इसका सही फायदा लेने का लेकिन इससे पहले आपको इसके बारे में सही जानकारी के बारे में जानना होगा.

Lucid dream यानि सपनो को अपने मन के अनुसार देखना ये एक ऐसा अभ्यास है जिसमे हम सपनो को अपने इच्छा के अनुसार देख और बदल सकते है.

Lucid Dream Myths we must aware Hindi

बहुत से लोग इसका अनुभव सही तरीके से नहीं कर पाते है जिसकी वजह उनके बीच फैली कुछ गलत अवधारणा है. कुछ ऐसे Lucid Dream Myths है जिनसे हमें अवेयर रहना चाहिए.

अगर आप इसका सही अनुभव करना चाहते है तो जरुरी है की आप इसके बारे में जान ले की ये काम कैसे करता है और इसका सही तरीका क्या है.

कुछ लोग मानते है की astral travel और Lucid dreaming एक जैसा अभ्यास है जब की ऐसा नहीं है और इसका डायरेक्ट किसी भी तरह से Sleep paralysis से भी कनेक्शन नहीं है.

आइये जानते है कुछ ऐसे ही भ्रम और उनसे जुडी सच्चाई के बारे में की आखिर मनचाहे सपने देखने के अभ्यास को लेकर हमारे मन में आज भी डर क्यों फैला है.

Lucid Dream Myths we must aware Hindi

lucid dreaming में अनंत संभावनाए छिपी हुई है. इसके जरिये हम unconscious mind को explore कर सकते है, अलग अलग तरह के लोगो से बात कर सकते है ( जो भौतिक नहीं है ) और तो और अपनी किसी भी बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी हम इसके जरिये पा सकते है.

इतनी संभावनाए होने के बावजूद हम इसकी ओर इतना प्रयास नहीं करते है जिसकी वजह कुछ lucid dreaming myths है जो हमें सच को समझने से रोकती है.

इस article में हम जानने वाले है मनचाहे सपने देखने की तकनीक से जुडी कुछ गलत अवधारणा के बारे में जिसकी वजह से हम इसे लेकर इतना ज्यादा aware नहीं है.

ये एक ऐसी तकनीक है जो हमारे Subconscious mind से जुड़ी है. हमारी आन्तरिक चेतना को समझने के लिए इससे बढ़िया अभ्यास शायद ही कोई ओर हो.

मनचाहे सपने देखने की तकनीक से जुड़े भ्रम और हकीकत

हमारा दिमाग इस ब्रह्माण्ड ( कम से कम इस दुनिया ) की सबसे बड़ी पहेली बना हुआ है. हमारा मस्तिष्क भी इस ब्रह्माण्ड की तरह अनंत है और उतना ही अनंत है इसका ज्ञान.

आज भी कई ऐसे रहस्य है जिनके बारे में जानना बाकि है और Lucid dream उनमे से एक ही है.

सपने देखने और मनचाहे सपने देखना दोनों अलग अलग स्थिति है. इसमें हम जो अनुभव करते है वो सामान्य समझ से बाहर है.

आज दुनियाभर में ऐसे कई Lucid Dream Myths फैले हुए है जो हमें इससे दूर करते है. इन भ्रम के अनुसार मनचाहे सपने देखना सिर्फ एक छलावा है और इसका हम पर नुकसान भी हो सकता है. अगर आप मनचाहे सपने देखना चाहते है लेकिन डर रहे है तो आपको इन myth के बारे में जानना होगा.

हम पूरी रात इस तकनीक को अनुभव कर सकते है

ज्यादातर लोगो का मानना है की हम पूरी रात जब तक सोते है तब तक इसका अनुभव कर सकते है लेकिन ये सच नहीं है. अगर आप Sleep pattern को समझते है तो आपको अच्छे से पता होगा की बिस्तर पर सोने के ठीक 90 minute बाद हम Rapid eye movement यानि REM की stage में पहुँचते है.

इस अवस्था में हम पहला सपना देखते है और इसका duration लगभग 10 minute ही होता है इससे ज्यादा नहीं.

जैसे जैसे रात गहराती है हमारे सपने देखने के टाइम में भी बढ़ोतरी होती है और सुबह तक जाते जाते हम 20-25 minute की duration तक सपना देख पाते है.

expert के अनुसार हम हर रात को लगभग 90 minute तक सपने देखते है यानि 7 से 8 घंटे की नींद का सिर्फ 90 minute ही हम सपना देखते है.

कई बार यही सपने lucid dreams में convert हो जाते है जिन्हें कुछ लोग हर रात को तो कुछ लोग सिर्फ कुछ खास condition में ही experience कर पाते है. इस तरह के Lucid Dream Myths हमें भटका सकते है.

अगर आप मनचाहे सपने की तकनीक के टाइम को बढ़ाना चाहते है तो इसके लिए आपको अपने शरीर को जितना हो सके थकाना होगा. जितना ज्यादा आपका शरीर थकेगा ( लेकिन brain नहीं ) उतना ही ज्यादा chance आपके Lucid dreaming के बनने लगते है.

अगर आप notice करेंगे तो पाएंगे की Sleep paralysis, lucid dream, astral projection and out of body experience ये सब अनुभव आपको तब ज्यादा होते है जब आपका brain active रहता है लेकिन शरीर थक जाता है. ऐसी स्थिति में ये सोचना की हम पूरी रात इसका अनुभव कर सकते है ये संभव नहीं है.

Read : अगर आपके अन्दर भी है इस तरह के Symptoms of psychic abilities? जानिए क्या बन सकते है आप

आप दूसरो के साथ lucid dream को share कर सकते है

अगर आपने Inception Hollywood movie देखी है तो आपके mind में ये ख्याल जरुर आया होगा की हम सपनो को share कर सकते है और lucid Dreaming को भी. इसमें कोई शक नहीं की ये मूवी बहुत ही बढ़िया मूवी है.

लेकिन जो इसमें बताया है वो सिर्फ एक Fantasy work है और कुछ नहीं. आप सपनो को share नहीं कर सकते है. जिन लोगो को ऐसा लगता है वे सिर्फ Lucid Dream Myths का शिकार है और कुछ नहीं.

जो भी आप आप lucid dream के दौरान अनुभव करते है उसे किसी के साथ भी share करना संभव ही नहीं है. अभी तक ऐसी कोई तकनीक नहीं बनी है जिसके जरिये हम मनचाहे सपने देखने के साथ साथ उन्हें किसी और के साथ share भी कर सके.

आप अपने ही सपने में फंस कर रह जाओगे

ये अवधारणा भी इस मूवी से ही पैदा हुई है. जैसा की इस मूवी में दिखाया गया है की हम अपने आसपास की Creation को इतना Real बना लेते है की सपने और हकीकत में फर्क नहीं कर पाते है. आसानी से mystical world of lucid dreams में enter होने के लिए खास तरह का इंजेक्शन लिया जा सकता है.

अभी तक कुछ ऐसे केमिकल की खोज हुई है जिनके हमारी body में जाने के बाद शरीर और दिमाग का तालमेल अलग किया जा सकता है.

Lucid Dream Myths का इस्तेमाल अक्सर झूठ को पकड़ने के लिए किया जाता है. व्यक्ति को ऐसी स्थिति में ले जाना की वो सच बोले ये तकनीक बन चुकी है लेकिन अगर हमने reality और dreams में फर्क पता नहीं किया तो अपने ही सपने में फंस कर रह जाए ऐसा अभी तक कोई केस सामने नहीं आया है.

कई बार हमें ऐसा लगता है मानो हम काफी लम्बे समय से अपने सपने में फंसे हुए थे लेकिन हकीकत में हम ज्यादा से ज्यादा इस तरह की स्थिति में 20 minute तक ही होते है इससे ज्यादा नहीं.

कुछ लोग शिकायत करते है की वे लम्बे समय तक मनचाहे सपने को अनुभव नहीं कर पाते है तो वही कुछ लोग ये भी अनुभव करने की दावा करते है की उन्होंने खुद को dream world में फंसा हुआ महसूस किया.

हकीकत में ये सिर्फ और सिर्फ Lucid Dream Myths है और कुछ नहीं.

पढ़े : 5 बाते जो आपको ये मानने पर मजबूर कर देगी की भूत प्रेत और आत्माए होती है

Lucid dreaming is not real

ये सब ज्यादातर लोगो को सिर्फ कल्पना या व्यक्ति का खुद का भ्रम लगता है लेकिन हमेशा ऐसा सही नहीं है. कुछ लोगो को इसका अनुभव हर रोज होता है वो भी बिना किसी कोशिश के. हालाँकि आज भी एक बड़ा हिस्सा इसका अनुभव नहीं कर पाता है सिवाय किसी खास परिस्थिति के.

Lucid Dream real होते है या नहीं इसे लेकर सबसे पहले 1975 में Dr. Keith Hearne ने अपना पहला कामयाब experiment किया. इसके अलावा Dr. Hearne ने ये दावा किया की उन्होंने इस दौरान वे अपने lucid dream के दौरान लोगो को observe कर रहे थे. इसके लिए उन्होंने Electro-oscillograph का सहारा लिया था और उनका ये अनुभव सफल रहा.

अनुभव के लिए आपको spiritual person बनना पड़ेगा

जो लोग meditation and deep breathing का अभ्यास करते है वे आसानी से अपने subconscious mind के साथ जुड़ सकते है. ये Process कुछ लोगो के लिए बेहद intuitive होती है और उनके अनुभव अलौकिक बन जाते है.

अगर आप Lucid dreaming and Lucid Dream Mythsका अनुभव करना चाहते है तो इसके लिए आपको किसी भी तरह के Spiritual person or group से जुड़ना जरुरी नहीं है.

बहुत सारे लोगो ने बिना किसी कोशिश के भी conscious dreams का अनुभव किया है. बच्चे जो बहुत ज्यादा कल्पनाशील होते है बड़ी आसानी से इसका अनुभव कर सकते है. अगर आप natural lucid dreamer नहीं है तो भी आप इसके लिए किसी खास तकनीक या फिर Group of technique का सहारा लेकर इसका अनुभव कर सकते है.

ये तकनीक आपके observational awareness को बढ़ाती है जिसके रिजल्ट में हम अपने Subconscious mind को explore करना शुरू कर देते है. कुछ खास तकनीक निचे दी गई है जैसे की

  1. Dream Initiated Lucid Dream (DILD)​
  2. Mnemonic Induction Of Lucid Dreams (MILD)
  3. Wake Initiated Lucid Dream (WILD)​
  4. Dream Exit Induced Lucid Dream​ (DEILD)
  5. Finger Induced Lucid Dreams (FILD)

आप इनमे से किसी एक तकनीक का सहारा ले सकते है.

You can always control your dreams

लोगो में ये भी एक Lucid Dream Myths फैला हुआ है की सपनो को control किया जा सकता है. अगर आप अपने thoughts and actions को maximum level तक भी control कर पाते है तब भी आप सपनो को 100% control नहीं कर सकते है.

इसमें एक लम्बा समय लगता है तभी आप इसमें अनुभवी बनते है. अपने सपनो में आप different characters and environments को imagine कर सकते है लेकिन उन्हें control नहीं.

ये बिलकुल वैसे ही जैसे की एक मूवी को देखना जहाँ आप सिर्फ एक दर्शक बन कर देखते रहते है. आप सिर्फ मूवी देख सकते है लेकिन उन्हें control नहीं कर सकते है.

अगर आप अपने सपनो पर control पाना चाहते है तो इसके लिए आपको एक लम्बे समय की मेहनत चाहिए. इसमें भले ही समय लगे लेकिन एक दिन आप अपने सपनो को control करने में कामयाब हो ही जाते है.

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It is only a religious practice

आपको ये जानकर हैरानी होगी की The history and origin of lucid dreams काफी पुराना है लगभग 1000 BCE और आज भी ये रहस्यमयी बना हुआ है. हिन्दू धर्म ग्रन्थ Upanishads में भी इसका जिक्र है और वहां इसे समझाया गया है.

इसके अलावा Greek philosophers इसे अपने डायरी के जरिये समझाते है. ये किसी भी प्रकार से एक धर्म या समुदय तक सिमटा हुआ नहीं है. अलग अलग लोगो द्वारा इसका अनुभव किया जाता आ रहा है और उनके अर्थ भी अलग अलग ही रहे है.

Lucid dreaming can be mentally exhausting

ये सबसे top Lucid Dream Myths में से एक है. Natural lucid dreamer’s जिन्हें Parma lucid dreamer’s के नाम से भी जाना जाता है ये दावा करते है की हालाँकि वे हर रात को इसका अनुभव करते है लेकिन उनके लिए normal dream का अनुभव करना बेहद मुश्किल है. इसकी वजह से वे अपने ड्रीम्स को याद नहीं कर पाते है जो उन्हें मेंटली काफी ज्यादा परेशान करता है.

अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो घबराने की जरुरत नहीं है. ये एक प्राकृतिक क्रिया है और समझने से हम इसके द्वारा होने वाली समस्या को टाल सकते है.

It can have negative effects on your mental health

Liat Aviram and Dr. Nirit Soffer-Dudek द्वारा की गई एक रिसर्च में ये बात सामने आई है की हालाँकि कुछ लोग अपनी गलती की वजह से इसका सही अनुभव नहीं कर पाते है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की इसका हमारी मेंटल हेल्थ पर किसी तरह का कोई नुकसान होता है. ये अभ्यास पूरी तरह सेफ है और प्राकृतिक है.

कुछ लोगो ने तो ये दावा किया है की इसका उनके mental health पर positive effect देखने को मिला है.

Sleep paralysis is vital for lucid dreaming

एक नार्मल नींद के दौरान Sleep paralysis का अनुभव होना हो सकता है लेकिन Lucid dream के दौरान ऐसा नहीं हो सकता है. जो लोग मानते है वे सिर्फ Lucid Dream Myths का शिकार है. जब हम रिलैक्स होते है तब हमारी मसल्स भी रिलैक्स हो जाती है. ऐसा हमारे लिए जरुरी है ताकि सोने के दौरान हमारा शरीर किसी भी तरह की हरकत करने से बचे.

What is a lucid nightmare

Sleep paralysis की स्थिति तब पैदा होती है जब हमारा शरीर रिलैक्स रहता है और brain active हो जाता है. हालाँकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है की कुछ lucid dream techniques ऐसी है जो Sleep paralysis की वजह बनती है लेकिन ज्यादातर तकनीक में ऐसा नहीं होता है और वे 100% सेफ होती है.

Heal various diseases and illnesses through lucid dreams

Lucid Dream Myths में से एक हम इस अवस्था में अपनी mental problems को पहचान सकते है लेकिन किसी तरह के chronic diseases को ठीक नहीं कर सकते है. ज्यादातर लोगो को लगता है की वे इस अवस्था में अपनी किसी भी बीमारी को ठीक कर सकते है लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है.

मनचाहे सपने देखने की तकनीक के जरिये हम emotional issues को पहचान तो सकते है लेकिन अपने आप ठीक नहीं कर सकते है. Lucid dream techniques सिर्फ एक जरिया है ना की कोई healing technique इसलिए इस तरह के भ्रम में फंसने से बचे.

Astral projection and lucid dreaming are the same things

ज्यादातर लोगो को लगता है की Astral projection and lucid dreaming ये दोनों एक ही है लेकिन ऐसा नहीं है. Astral projection के दौरान हमारा astral body इस भौतिक शरीर को छोड़कर different worlds and dimensions को explore करना शुरू कर देती है.

आपको अपने brain को लगातार इस बात को लेकर अहसास करवाते रहना है की आपका astral body इस शरीर को छोड़ रहा है.

ये सब अचानक ही होता है और आपका शरीर सोने लगता है. आज भी ये एक ऐसा concept है जिसे scientifically prove नहीं किया जा सका है. इस तरह के Lucid Dream Myths से बचे की ये दोनों एक ही है.

इसके विपरीत मनचाहे सपने देखने की तकनीक को scientifically proven किया जा चूका है. ये हमारे खास सपने है और कुछ नहीं जो हमें explore करने का मौका देते है. ये वो सपने है जिसमे हमें पता होता है की हम सपने देख रहे है. हमारी चेतना इस शरीर में ही रहती है और समय के साथ अभ्यास करते करते हम मनचाहे सपने देखना शुरू कर देते है.

Lucid dreaming can harm your body

कुछ लोग ऐसे है जिनके मन में इस बात का डर बैठा हुआ होता है की अगर वे Lucid dreaming करते है तो इसका उनके शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है. इसकी वजह से या तो उन्हें अनुभव नहीं होते है या फिर अगर होते भी है तो उस तरीके से नहीं जिस तरीके से होना चाहिए.

भला मनचाहे सपने देखना हमारे शरीर और मस्तिष्क पर किस तरह से बुरा असर डाल सकता है. ये सिर्फ एक तरह की alter condition of our brain and its consciousness है जिसमे हम सामान्य नींद की जगह मनचाहे तरीके से सपनो को देखते है.

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Lucid Dream Myths क्या इस तरह से सपना देखना सही है ? निष्कर्ष

दोस्तों Lucid dreaming के हमारी लाइफ में कई अलग अलग प्रयोजन हो सकते है. एक्सपर्ट इसे एक तरह की therapeutic skill की नजर से देखते है जिसे कोई भी सीख सकता है.

कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी उम्र का हो, किसी भी जगह का हो या फिर किसी भी मेंटल कंडीशन का हो इसका अनुभव कर सकता है.

हालाँकि इसके बुरे प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता है लेकिन इसके फायदे देखे तो इसके सामने ये कुछ भी नहीं है.

इसकी वजह कुछ Lucid Dream Myths है जो हमें अभ्यास में आगे बढ़ने से रोकती है. किसी भी चीज का पूरा ज्ञान न होना ही डर और गलतफहमी की वजह बनता है.

उम्मीद करता हूँ इससे डरने की बजाय इसे समझकर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे.

एक छोटी सी तितली का पंख फड़फड़ाना किसी और जगह बड़ा तूफान ला सकता है कैसे ?

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chaos की theory और Butterfly effect क्या है ? क्या वास्तव में एक तितली का पंख फड़फड़ना दुनिया के किसी और कोने में तूफान ला सकता है ? अगर हाँ तो ऐसे कैसे हो सकता है और इस universe में हर घटना आपस में कैसे जुडी होती है.

क्या हम जो भी बेवजह करते है या जो हमारी समझ से परे है उसका भी कोई मतलब होता है या फिर आने वाले समय में हम पर इस activity का कोई प्रभाव पड़ेगा. आखिर इसमें एक छोटी सी घटना को बड़े बदलाव से कैसे जोड़ा जा सकता है आइये जानते है.

chaos ने एक theory दी थी जिसके अनुसार इस universe में जो भी घट रहा है उसमे कुछ भी बेवजह नहीं है. यहाँ तक की एक तितली का पंख फड़फड़ना. सुनने में ये एक छोटी सी activity लगती होगी लेकिन इसकी वजह से दूर किसी और कोने में तूफान भी लाया जा सकता है.

Butterfly effect in Hindi

ये theory एक तरह के motivation को दर्शाती है और हमें छोटे बदलाव से बड़े बदलाव के बिच का रिलेशन समझाने की कोशिश करती है.

आज की पोस्ट में हम universe के सबसे बड़े मिस्ट्री में से एक Butterfly effect के बारे में जानने वाले है. mystery इसलिए क्यों की एक छोटी सी activity कैसे कोई बड़ा बदलाव ला सकती है और इसका आपस में क्या connection है आइये समझने की कोशिश करते है.

Butterfly effect in Hindi

क्या आपने कभी सोचा है की कैसे एक तितली का अपने पंखो को फड़फड़ाना दुनिया के दुसरे कोने में एक बहुत बड़ा तूफान ला सकता है ? सोचने में ये बात बिलकुल अजीब लगेगी लेकिन ये सिर्फ समझाने के लिए लिया गया एक example मात्र है, हकीकत इससे अलग नहीं है. अगर आप सोचते है की आपने जो कोई कार्य किया है वो बेवजह है तो आप गलत है.

हमारी लाइफ में घट रही हर घटना कही न कही किसी और से जुड़ी हुई होती है. कई बार ये बदलाव इतने सूक्ष्म होते है की हमें न तो समझ आते है न ही हम इन पर गौर कर पाते है लेकिन, जब इनकी वजह से कोई बड़ा बदलाव हमें देखने को मिलता है तब हम समझ जाते है की

जिंदगी में कुछ भी बेवजह नहीं होता है

हर घटना अपने साथ किसी न किसी घटना से जुडी होती है और उस पर effect डालती है जिसे chaos ने एक theory के रूप में हम सब के सामने रखा, इसे ही Butterfly effect कहा जाता है.

Butterfly effect से जुड़ी अलग अलग शब्दावली और अर्थ

निम्नलिखित हिंदी में बटरफ्लाइ इफ़ेक्ट शबद के अर्थ की पूरी सूची है:

  • एक काल्पनिक विश्वास जो यह दर्शाता है कि अतीत में हुए छोटे प्रारंभिक परिवर्तन वर्तमान समय में बड़े अप्रत्याशित परिणामों का कारण बन सकते हैं [संज्ञा]
  • एक परिस्थिति जिसमें किसी जटिल प्रणाली में एक स्थान पर एक छोटा सा परिवर्तन किसी और जगह पर बड़े प्रभाव डाल सकता है [संज्ञा]
  • अक्रम सिद्धान्त में प्रारंभिक स्थितियों पर संवेदनशील निर्भरता के लिए एक रूपक [संज्ञा]
  • एक अमेरिकी अलौकिक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म का नाम जिसे 2004 में जारी किया गया था और इसके दो अनुक्रम जिन्हें 2006 और 2009 में रिलीज़ किया गया था [संज्ञा]
  • एक तकनीकी धारणा कि किसी प्रणाली की एक स्थिति में छोटे अंतर के परिणामस्वरूप उसकी बाद की स्थिति में असमान रूप से बड़े और अप्रत्याशित अंतर हो सकते हैं [संज्ञा]
  • तितली प्रभाव [संज्ञा]

What is the butterfly effect theory?

chaos की theory के अनुसार butterfly effect एक ऐसी निर्भरता या जुड़ाव है जिसमे किसी छोटे से प्रारम्भिक बदलाव की वजह से बाद में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है.

उनके अनुसार एक तितली का अपने पंखो को फड़फड़ाना कही दूर दुनिया के किसी कोने में एक बड़े तूफान की वजह बन सकता है.

हालाँकि ये एक theory को समझाने का तरीका है लेकिन आज इस बात को लेकर काफी लोग विश्वास रखते है की

“हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठे किसी भी व्यक्ति से संबध रखते है और उनसे जुड़े हुए है”

इस theory को समझाने का उदेश्य सिर्फ इतना ही था की कई बार हम कुछ घटनाओं को बेवजूद या बेवजह मान लेते है लेकिन आगे चल कर उनकी वजह से बहुत बड़ा बदलाव होता है. कुछ उदाहरण के जरिये इसे अच्छे से समझा जा सकता है जैसे की

दीवाली पर पटाखे छोड़ते वक़्त निकली चिंगारी जिनकी वजह से हमें कुछ भी फर्क महसूस नहीं हुआ लेकिन कुछ ही दुरी पर सूखे अनाज में आग लग गई. ( एक छोटी सी चिंगारी का यू दहक जाना )

ये उदाहरण हमें बताता है की कई बार जो घटनाए हमें बेबुनियाद लगती है वो होती नहीं है. उनका कही न कही किसी से कोई कनेक्शन जरुर होता है.

Why is the Butterfly Effect important?

हमारी लाइफ में Butterfly Effect का बहुत बड़ा importance है क्यों ? क्यों की ये हमें सिखाता है की जिंदगी में कभी कुछ बेवजह नहीं होता है.

हर छोटे से छोटा बदलाव भी किसी बड़े बदलाव की बुनियाद / वजह होता है. कुछ लोगो को लगता है की उनकी लाइफ में सबकुछ बेवजह होता है लेकिन ऐसा नहीं है.

हर बदलाव की एक वजह होती है, हो सकता है की आज हमें उसका महत्त्व पता न हो लेकिन आने वाले कल में उस छोटे बदलाव की वजह से ही बहुत बड़ा बदलाव संभव हो सकता है.

इसके कई उदाहरण हम देख सकते है.

पढ़े : सुबह के ठीक 3 बजे नींद का टूटना दे देता है ये संकेत जानिए आपके साथ ऐसा क्यों होता है

chaos theory & butterfly effect theory are same

दोनों ही theory same है क्यों की chaos के अनुसार छोटे बदलाव आने वाले समय में कही और पर बड़े बदलाव की वजह बनते है और butterfly effect के अनुसार भी यही है की दुनिया के किसी एक कोने में घट रही घटना फिर चाहे वो छोटी या बेबुनियाद ही क्यों न लगे किसी और जगह पर बड़ा बदलाव ला सकती है.

Butterfly effect का हमारी जिंदगी में क्या महत्त्व है?

आज से कुछ साल पहले जब मैने online marketing and advertising की लाइन में job पकड़ा था तब मुझे अक्सर लगता था की कई साल मेहनत करने के बावजूद भी में कुछ खास नहीं कर पाया दुसरे शब्दों में कहूँ तो लगता था जैसे जिंदगी के वो साल मेने ऐसे ही बर्बाद कर दिए. कुछ कर ही नहीं पाया लेकिन,

आज जब में खुद को एक बार फिर इसी फील्ड में मजबूती से आगे बढ़ता हुआ महसूस करता हूँ तो लगता है लाइफ में कुछ भी बेवजह नहीं होता है. हम आज जो कर रहे है उसका एक मकसद है, वजह है जो आने वाले भविष्य में हमें पता चलता है.

Butterfly effect को समझने के बाद मेने काफी समय तक खुद को motivate करना सीख लिया और आज मेरी अपनी पहचान है.

अगर आपको लगता है की आपने कुछ समय ऐसी हालत / परिस्थिति में गुजारे है जो आपके लिए कोई मायने नहीं रखते तो भी कभी demotivate मत होइए क्यों की आने वाले कल में शायद कही न कही आपका आज का किया हुआ कुछ तो बदलाव ला दे.

Butterfly effect true story in Hindi

एक औरत के बच्चे का जन्मदिन था लेकिन उसके पास केक ले सके इतने पैसे नहीं थे.

दुकान जाने के बाद उसने एक बार फिर हिसाब किताब लगाया लेकिन फिर भी किसी तरह से वो केक लेने में कामयाब नहीं हो पा रही थी.

उसी दुकान पर एक अच्छे और सज्जन पुरुष भी खरीददारी कर रहे थे. वो काफी समय से उस औरत को देख रहे थे और उसकी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे थे. जब उनसे रहा नहीं गया तो उन्होंने काउंटर पर पैसे दिए और उस औरत को केक देने की request की.

उस औरत का लड़का उसके पास खड़ा ये सब देख रहा था. जब उसे पता चला की उस भले इन्सान ने अपने पैसो से उसके लिए केक ऑफर किया है तो उसने एक नोट ( कुछ सन्देश ) देने के लिए कहा ताकि भविष्य में वो हेल्प कर सके.

उस सज्जन ने एक कागज पर कुछ लिखा और उसे वापस कर दिया. जब उसे खोलकर देखा तो उस पर कोई राशी या पता नहीं था बल्कि एक सन्देश था

“जिंदगी में जब भी लगे की में किसी के लिए कुछ कर सकता हूँ तो रुकना मत उसे कर देना”

वक़्त बीतता चला गया और एक दिन वो सज्जन पुरुष बुढ़ापे में बीमार पड़ गए. उन्हें हॉस्पिटल में दाखिल करवा दिया और कई दिन इलाज चला. जब बुजुर्ग की स्थिति कुछ सुधरी तो उन्हें सबसे पहली फ़िक्र बिल की हुई. उन्होंने घबराते हुए बिल मंगवाया तो उस पर लिखा था

आपका बिल उस केक के बदले चूका दिया है.

उस हॉस्पिटल में जो डॉक्टर उस व्यक्ति का इलाज कर रहा था वो कोई और नहीं बल्कि वही लड़का था जिसके लिए कभी उन्होंने केक लिया था. जिंदगी के उस मोड़ पर जब उन्हें किसी के मिलने की उम्मीद ही नहीं थी वो लड़का उनकी लाइफ में आया और उन्हें अपने किये का रिजल्ट मिल गया.

इस कहानी पर you-tube में आपको कुछ विडियो भी मिल जायेंगे जो काफी motivational video है और देखने भी चाहिए. इस कहानी को समझने की कोशिश करे तो इसके कई अर्थ निकल कर आते है जैसे की निस्वार्थ भाव से सेवा, दुसरो की हेल्प लेकिन सबसे बड़ी बात ये है की

किसी समय किया गया छोटा सा कार्य आने वाले समय में काफी बड़ा बदलाव लाया है.

अगर वो उस लड़के के लिए केक न खरीदते तो शायद ही वो लड़का डॉक्टर बन पाता क्यों की उनका उसके लिए केक लेना एक बड़ा बदलाव था. और अगर ऐसा न होता तो शायद ही वो अपने बुढ़ापे में एक हॉस्पिटल का लाखो का खर्च चूका पाते. इसलिए कभी भी किसी कार्य को छोटा मत समझो क्यों की आपका आज किया गया कार्य आने वाले समय में क्या बदलाव लाए कौन जानता है.

पढ़े : Lucid dream reality checks techniques – क्या होता है जब कोई सपनों में ही कैद हो कर रह जाता है ?

Butterfly effect in Hindi अंतिम शब्द

दोस्तों हमें कई बार लगता है की हम अपनी लाइफ को बेवजह ही जी रहे है, ऐसे काम कर रहे है जिनका हमें कोई फायदा नहीं होना है.

Butterfly effect के जरिये एक छोटी सी कोशिश की गई है ताकि आप लोगो को एक motivation मिले और जिन्हें लगता है की उनका किया गया कोई कार्य बेवजह रह गया या फिर उसका कोई महत्त्व नहीं उन्हें समझ आ ही गया होगा की उनका किया गया कार्य बेवजह नहीं था.

universe में घट रही हर छोटी से छोटी घटना का आपस में कनेक्शन है, ये बात अलग है की हम उसे समझने की कोशिश नहीं करते है जिसकी वजह से हम अपने सामने के अवसर भी खो देते है.

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अगर आप इस टॉपिक पर कोई विडियो देखना चाहते है तो निचे एक सबसे बढ़िया विडियो में से एक दिया गया है जिसके जरिये आप बेहतर तरीके से इस effect को समझ सकते है.

ध्यान द्वारा सम्मोहन और समाधी दोनों अनुभव प्राप्त करने की परीक्षित विधि जो सहज भी है

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ध्यान और समाधी को लेकर हम में से ज्यादातर रोमांचित रहते है. हर कोई जीवन के असली रस का अनुभव करना चाहता है। मगर क्या आपको पता है की इसके लिए हमें किसी शिविर या किसी के बहुत ज्यादा मार्गदर्शन की आवश्यकता नही है।

हमारा अवचेतन मन अगर किसी चीज, विषय में रूचि लेने लग जाये तो बड़ी आसानी से हमारे सामने मार्गदर्शन के रास्ते खोल देता है।

समाधी के प्रकार, अर्थ और कैसे लगाए जैसे हजारो प्रश्न साधक के मन में घूमते रहते है. meditation for hypnotism and higher self in Hindi यानि ध्यान की एक ऐसी विधि जिसमे सम्मोहन कला और समाधी दोनों का अनुभव छिपा हुआ है.

क्या वाकई ध्यान द्वारा सम्मोहन और समाधी जैसी अवस्था संभव है ?

सम्मोहन और समाधी

आज की जो ध्यान की विधि आपके सामने बताई गई है वो योग और ध्यान का मिला-जुला रूप है।

जिससे आप सबसे उच्च अवस्था समाधी का भी अनुभव कर सकते है।

सेतु सर के मन में इस विधि को लेकर संसय बना हुआ था की इसे शेयर की जाये या नहीं , क्यों कि यह बहुत अजीब है पर असर एक दो मिनट से ही होने लगता है, थोड़ी खतरनाक लग सकती है पढ़ने मे पर करने से सारे भ्रम दूर हो सकते है, करने से पहले पूरी तरह जानकारी ले अगर इस लेख से समझ न आए तो।

सम्मोहन और समाधी – सांसो का अन्तराल

इसमे हमे अपने साँस की अवधि बढ़ानी है धीरे धीरे, जैसे कोइ बीस सेकंड श्वास रोक सकता है तो धीरे धीरे उसे बढ़ाना है, निरतंर प्रयास से ऐसा संभव है।

एक बात समझ ले श्वास जब भीतर जाए तभी उसे लम्बाना (साँस को अंदर रोकने की ज्यादा से ज्यादा से कोशिश) है, बाहर छोड़ते वक्त नही, जैसे जैसे साँस भीतर रोकेगे तो साथ ही शारीरिक निष्क्रियता का बोध भी बढ़ेगा, विचार शून्यता भी बड़ेगी, एकाग्रता भी बढ़ेगी।

शुरूआती अनुभवो मे हमे एसा लगेगा की कही हम मर न जाए दम घूटने जैसा भी लग सकता है पर निरतंर प्रयास से एक मदहोशी श्वास रोकने के अतंराल मे बड़ती जाएगी। यही से आपकी सही शुरुआत होती है ध्यान द्वारा सम्मोहन और समाधी की अवस्था प्राप्त करने की.

एसी क्रियाए प्राचीन काल मे हमारे पूर्वज कर चुके है। मदहोशी मे एक मस्ती व आनंद भी बड़ेगा, जब श्वास बढ़ने की क्रिया से आनंद बढ़ने लगे तो उस लम्हे मे ठहरने का प्रयास करे। लम्हे मे ठहरने के प्रयास से भाव पूरी तरह उस आनंद पर ध्यान केन्द्रित करे। फिर आप पाएंगे की श्वास अंतराल खुद-ब-खुद बड़ रहा है।

तो अतंराल स्वय से बढ़ना शुरू हो जाएगा । फिर जितनी देर भीतर सांस रहेगा उतना आनंद मदहोशी अतंराल बड़ेगा ओर जितना अतंराल पर ठहर सकेगे उतनी साँस की लम्बाई बढ़ती जाएगी।

सम्मोहन और समाधी – कैसे करे स्वांस ध्यान ?

फिर यह क्रिया सहज होती जाएगी, श्वास रोका और अंदर गए। श्वास जब भीतर जाती है तो वो अपने उद्गम को छूती है, ओर हम भी लगातार प्रयास से उस उद्गम की निकटता हो जागृत अवस्था से अनुभव करने लगेगे। यह प्रयोग अवैज्ञानिक प्रतीत हो सकता है पर इसकी सार्थकता का अनुभव करने वाला ही जान सकता है ।

आप इसके प्रयोग से चिर आकाश मे स्थित होने का सुत्र पाएगे। जहा पर चित ओर चेतना का मिलन होना है, मतलब आत्मा व मन मिलते है।

जब मिलन दिखेगा तो भिन्नता को भी सहज महसूस कर पाएगे। आत्मा चेतना पूजं है, जिसका बोध स्वय मे एक ज्ञान है। इसे करने का तरीका एक बार दोबारा समझे सांस भीतर ले व जीतनी देर तक रोक सके रोके फिर छोड़ दे एकदम सांस चढ़ गया ऐसा महसूस होगा फिर आठ दस सैकडं श्वास प्रक्रिया सामान्य रखे फिर एसे ही दोबारा श्वास भीतर रोके ओर उसे धीरे धीरे बड़ाते जाए।

ध्यान में स्वांस नियंत्रण विधि :

ये विधि 2 तरह से पूर्ण की जा सकती है। पहला ध्यान में बैठ कर और दूसरा लेट कर शवासन में। पहली अवस्था सेतु विक्रम सर की अपनी है। वही दूसरी अवस्था में हम त्राटक ( सम्मोहन ) में प्राण ऊर्जा के संचय और विचारो पर नियंत्रण के लिए करते है। ये विधि इस तरह है :

  1. सबसे पहले खाली पेट सुखासन में बैठ जाइये। इसके बाद कुछ देर साँस को मध्यम बनाने का प्रयास कीजिये।
  2. लंबी स्वांस लीजिये और उसे अपने गले से निचे हृदय ( फेफड़ो में ) के आसपास रोकिये।
  3. शुरू में 30 सेकंड तक साँस रोक लेते है। इसके बाद के प्रयास में ये मुश्किल लगने लगता है क्यों की सांसे उखड़ती हुई प्रतीत होने लगती है।
  4. लेकिन नाक से स्वांस लेकर अंदर रोकने के बाद धीरे धीरे मुह से बाहर निकालने पर आप खुद इसे सहजता से पूर्ण करने लगेंगे।
  5. इस प्रक्रिया में जब साँस अंदर रहेगी तब आपको अपने अंदर प्राण ऊर्जा का दायरा बढ़ता हुआ महसूस होगा वही जब साँस छोड़ते है तो आपको अद्भुत आनंद और शीतलता के साथ मस्तिष्क में विचारो की स्थिरता का अनुभव होगा।
  6. कुछ दिन के नियमित अभ्यास के आप इससे समाधी जैसी उच्च अवस्था का अनुभव भी कर सकते है।
    संक्षेप में कहा जाये तो नाक से साँस अंदर लेकर आपको अंदर रोके रहना है जब तक सहजता से रोक सके। इसके बाद आराम से साँस बाहर छोड़े और सहज बने रहे।

सेतु सर ने इसे थोड़ा खतरनाक बताया था। क्यों की इस विधि में सांसो की लय पर नियंत्रण पाया जाना होता है। और ये किसी ही ध्यान के शुरुआती चरण में रहने वाले व्यक्ति के लिए मुश्किल है। इसलिए बगैर निर्देशन के इस विधि को आजमाने से नुकसान हो सकते है।

ध्यान में समाधी का अनुभव :

एक बात बताना चाहता हू समाधी मे शरीर के भीतर श्वास नही चलता ओर, श्वास न चले ओर होश कायम रह सके तो समाधी का द्वार आसानी से खुल सकता है ।

अगर इस क्रिया पर विजय पायी जा सके तो हम अपने श्वासो की पूजीं को सभाल सकते है, कहते है दिन मे 72000 श्वास हम लेते है सामान्य रूप से, इस विधी से अगर हम एक चोथाइ भी कम कर सके तो हमारी उम्र चोथा हिस्सा बढ़ सकती है ।

प्राचीन काल मे इसी विद्या से ऋषि मुनि श्वास भीतर रोक कर हजारो वर्ष जीवित रहते थे, और इस अवस्था मे अन्न जल की भी जरूरत नही पड़ती, बात है केवल नियमित प्रयास की इस विधी को yoga भी कह सकते है। ध्यान द्वारा सम्मोहन और समाधी की अवस्था में जाने के लिए सांसो पर नियंत्रण होना बेहद जरुरी है.

वर्तमान का दुषित वातावरण और ध्यान पर इसका प्रभाव

आजकल खाना पीना यहा तक वायु तक अशुद्ध हो चूकी है, सुना है चाइना मे हवा भी लोग खरीद रहे है, एसी स्थिति आने वाले समय मे पूरी दुनिया की हो जाए इसमे कोइ अचम्भा नही। तो अगर एसी विद्या मे हम परागंत हो सके नियमित प्रयास से तो हर रात समाधि मे ओर दिन समर्पण मे गुजरेगा।

केवल गाड़ीया ही प्रदूषण नही फैलाती इनसान भी इसका कारण है, निरतंर carbon die oxide छोड़ रहा है और जनसख्या निरतंर बढ़ रही है। एसी स्थिति मे यह एक नया कदम होगा जीवन मे, इतिहास मे आओ सब प्रयास करे व जीवन को ध्यान मय योग मय बनाए…….

सम्मोहन और आकर्षण को बढाती है ध्यान विधि

जब आप ध्यान द्वारा सम्मोहन और समाधी की इस विधि को बैठ कर करने में असहजता महसूस करे तो लेट कर भी कर सकते है। इस विधि की सारी अवस्थाये वही है जो बैठ कर करने में होती है। इससे आपकी आकर्षण शक्ति और आपका विचारो पर गजब का नियंत्रण बढाती है।

दोस्तों हमारी हमेशा कोशिश रहती है की आपको पूर्ण रूप से आजमाई हुई विधिया ही पढ़ने को सिखने को मिले। इसलिए अगर ध्यान त्राटक से जुडी किसी समस्या को लेकर आपके मन में कोई शंका हो तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है। हमें subscribe करना न भूले।

Read : एक ही गले से दो आवाज निकलना क्या वाकई ये किसी आत्मा का काम है या कुछ और क्या है सच ?

सम्मोहन और समाधी एक सहज ध्यान विधि

दोस्तों ध्यान की ये विधि जिसके द्वारा सम्मोहन और समाधी दोनों अवस्था प्राप्त की जा सकती है मूल रूप से आपके सांसो पर टिकी हुई है.

आप सांसो की मात्रा पर जितना नियंत्रण बनाते है उतना ही आपके अन्दर प्राण उर्जा की मात्रा बढती है और आप आसानी से किसी पर भी अपना प्रभाव दाल सकते है.

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आध्यात्मिक दुनिया में अंतर की यात्रा कैसे करे और छटी इंद्री का जागरण संभव बनाए – simple method

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आध्यात्मिक दुनिया में अंतर की यात्रा का मतलब हर कोई जानता है. इसमें हमें हमारे हर सवाल का जवाब मिल जाता है। अंतर की यात्रा हमारे मन की दुविधा को हल करती है साथ ही साथ आध्यात्मिक दुनिया से हमें जोड़े रखती है.

आज बात करते है कुछ ऐसे ही अभ्यास की जो आपके अंतर की यात्रा को सहज बनाएंगे अंतर की यात्रा हमारे चेतन मन को अवचेतन मन से जोड़ती है जिससे हम ज्यादा समझ और सही निर्णय लेने में सक्षम होते है। sixth sense awakening and journey from conscious to subconscious in hindi.

हम अंतर की यात्रा क्यों करते है

अंतर की यात्रा कोई बड़ा रहस्य नहीं है बल्कि आपके एकांत में बिताये वक़्त का वो हिस्सा है जिसमे आप खुद से जुड़ते है, अपनी समस्या को समझने का प्रयास करते है और उनके लिए बेस्ट समाधान खोजते है। मेरे ख्याल से हर किसी को सप्ताह में कुछ  दिन अंतर की यात्रा में बिताना चाहिए।

इसका अहसास मन में शांति और स्थिरता लाता है। हमारे प्रश्नों का सवाल हमे खुद-ब-खुद मिलने लगता है क्यों की भौतिक समस्या से दूर हम खुद की समस्या से जुड़ने लगते है।

हम अंतर की यात्रा क्यों करते है

जब हम अपने अंतर से जुड़ते है तो हम अपने विचारो के प्रति ज्यादा सचेत होते है। हम विचारो को दिल से निकलता हुआ महसूस करते है। हम अपने प्रश्नों का उत्तर आसानी से खोज सकते है जो हमारे मस्तिष्क में नए नए आईडिया के रूप में जन्म लेते रहते है. हम सभी DNA codification के बारे में जानते है DNA में बदलाव लाकर हम हमारे अंदर बदलाव ला सकते है। और ये तब सम्भव है जब हम अपने अंतर से जुड़ जाये.

अंतर की यात्रा और छटी इंद्री

अंतर की यात्रा से छटी इंद्री का जागरण संभव है। जिससे हम ना सिर्फ सच्चाई को समझने लगते है बल्कि जीवन जीने के तरीके भी जानते रहते है। जैसे जैसे हम आगे बढ़ते जाते है वैसे वैसे हमारी शक्तिया जाग्रत होने लगती है और हम हमारे आज को बदल सकने की सच्चाई से अवगत होते है। हम आज जिस बाह्य संसार से जुड़े हुए है वो हमे विचारो के ऐसे जंजाल में उलझाये रखता है जो हमें सच्चाई से दूर रखते है. अंतर की यात्रा से हम छिपे हुए आयाम को देख सकने के काबिल हो जाते है।

हर कोई छटी इंद्री की शक्ति के साथ पैदा होता है किसी में ये शक्ति बचपन से ही जाग्रत हो जाती है जिससे वो हमारे साथ चलते आयाम को महसूस कर सकता है। छिपी हुई शक्तियों को देख सकता है।

छटी इंद्री के जागरण के लक्षण

छटी इंद्री के जागरण से हमें कुछ ऐसे अनुभव होते है जो हमारे लिए अलौकिक हो सकते है मगर ये सब मानव मन की रचना होती है  और छटी इंद्री जागरण से सामान्य स्थिति जैसे अनुभव होती है।  छटी इंद्री जागरण में कुछ लक्षण जिन्हें आप गौर कर सकते है। छटी इंद्री जागरण के कुछ लक्षण निम्न है.

  1. एक जगह रहकर दूसरी जगह को देख सकना
  2. हीलिंग
  3. मानसिक और शारीरिक बचाव की क्षमता
  4. टेलीपैथी
  5. बिना छुए वस्तुओ को हिलाना ( मानसिक शक्ति )
  6. खुद पर आत्मनिर्भर होने की क्षमता
  7. घटनाओ को पहले देखने की क्षमता
  8. सूक्ष्म सुनने की क्षमता का विकास
  9. अदृश्य शक्तियों को महसूस करने की शक्ति

अंतर की यात्रा कैसे करे

कल्पना हमारे अंतर की यात्रा में एक महत्वपूर्ण रोल निभाती है। ये सबसे शक्तिशाली माध्यम है क्यों की हमारा मस्तिष्क कल्पना के आधार पर या विचारो के आधार पर सच्चाई में बदलता है हम जो सोचते है वही आईडिया मस्तिष्क हमें दिखाता है। ध्यान इसमें महत्वपूर्ण इसलिए है क्यों की ये हमें हमारे अंतर से जोड़ता है बाह्य संसार की गतिविधि से दूर हमें शांति की अवस्था में अंदर की यात्रा को पूर्ण करता है। खुली आँखों द्वारा ध्यान तब संभव है जब हमारे सामने कोई कार्य होता रहे और हमारा ध्यान वहां से हट कर अपने अंदर जाने लगे।

महत्वपूर्ण कदम जिनसे आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत की जाती है

अन्तर की यात्रा के लिए आप खुद को ध्यान की अवस्था में ले आइये और खुद को वर्तमान अवस्था से जोड़ने के लिए किसी भी ध्यान की तकनीक का इस्तेमाल कर लीजिये। ये तकनीक किसी भी प्रकार की हो सकती है। ये कल्पना द्वारा पूर्ण किया जाता है।

  • खुद के सूक्ष्म शरीर की कल्पना करना जो हमारे भौतिक शरीर के अंदर बैठा है।
  • खुद के शरीर के हिस्से से निकलता हुआ प्रकाश खुद महसूस करे
  • अपने औरा को अंदर की और सिमटता हुआ महसूस करे या फिर अपनी आत्मा जो पुरे शरीर में ऊर्जा स्वरूप है इसे बाहर की और फैलता हुआ महसूस करे।
  • खुद की पसंद की जगह जाना ज्यादा देर तक खुद से जोड़े रखता है आप कल्पना कर सकते है आपके पसंदीदा जगह की जहा आप घूम रहे है।
  • अपने अंदर चल रही सूक्ष्म गतिविधि को महसूस करे जैसे हमारा स्नायु तंत्र, ह्रदय की धड़कन।
  • तीसरे नेत्र को खुलता हुआ महसूस करे और भविष्य में होने वाली घटना को देखने की कल्पना करे।
  • खुद को कल्पना के संसार में उड़ता हुआ महसूस करे।
advance tips

इसके अलावा खुद को निर्देश देते हुए ध्यान की अवस्था में भी जा सकते है जो आपको ज्यादा से ज्यादा आपके अंतर से जोड़ता है। अंतर की यात्रा कई माध्यम द्वारा पूर्ण की जाती है ये माध्यम आपके अंतर की यात्रा में होने वाले अनुभव के आधार पर बदलते रहते है। जैसे की अगर हम किसी तरह की बीमारी महसूस करते है तो हम शरीर के उस हिस्से से खुद को भावना शक्ति द्वारा जोड़ते है और उस बीमारी को दूर करने का प्रयास करते है। अगर आपको खुद के खाने में ऐसी चीजे अपनाना चाहते है तो आप उस चीज को दूसरी चीजो से तुलना करते है और चुनाव करते है।

आप इसके दूरगामी परिणाम भी सोचते है। ऐसे ही कई कार्य है जो आप पूरा करते है। अंतर की यात्रा में हम खुद की चेतना को शरीर से जोड़ते है। आपके शरीर CELL आपके DNA को धारण किये हुए है जिसमे हमारे हर अनुभव की यादे सुरक्षित रहती है। हम यादो को दुबारा जाग्रत कर इन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते है।

ध्यान को केंद्रित करना और स्थिर करना :

खुद को हर परिस्थिति में संतुलित रखना और प्रकृति से जुड़े रहना हमें अंतर से जोड़े रखता है साथ ही साथ छटी इंद्री को भी जाग्रत करता है. अपने सभी चक्र को हमें संतुलित रखना चाहिए जिससे ऊर्जा का प्रवाह पुरे शरीर में बहता है जिससे एक स्वस्थ औरा का निर्माण होता है। इन सबसे हमारा मस्तिष्क संतुलित रूप से कार्य करता है। खुद को स्थिर करने के लिए हमें प्रकृति से जुड़ना होता है। ये ना सिर्फ आपको संतुलित करता है बल्कि आपको अँधेरे में भी रहने के लिए प्रेरित करता है।

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ध्यान द्वारा खुद को बदलना :

खुद को बदलने के लिए हमें मस्तिष्क में बदलाव को सीखना होता है। मस्तिष्क में बदलाव हमें एक ऐसी fast running train जैसे लगता है जो मन की गति से चलती है और चेतना लौटने पर sudden stopped train जैसा महसूस होता है। हमारी प्रकृति बाह्य संसार में वस्तुओ को देखना और उन पर प्रतिक्रिया करना है. हमारे ऊर्जा स्त्रोत से जुड़ने पर हम खुद में आये विकारो को खुद ही दूर कर पाते है।

जैसे जैसे हम खुद के अंतर से जुड़ते जाते है वैसे वैसे हमारे अंतर के कम्पन बढ़ते जाते है. अगर हम खुद के अंतर को ब्रह्मांड ऊर्जा के स्त्रोत से जोड़ लेते है। तो हम अंतर की यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकते है। अंतर की यात्रा से कई लोगो ने लाभ उठाया है। ये सिर्फ कल्पना और भावना शक्ति का खेल है। खुद को विचारो से जोड़ना और उन्हें गहराई से समझना अंतर की यात्रा का ही एक भाग है।

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जब भी कभी खुद को लाइफ में फंसा हुआ बेबस और लाचार महसूस करे इन बातो पर जरुर गौर करे

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जिंदगी में जब भी घुटन का महसूस होना शुरू हो जाए तो हमें क्या करना चाहिए ? हमारे सामने कई बार ऐसे हालात, परिस्थिति या फिर समस्या खड़ी हो जाती है की हमें जिंदगी में घुटन सी महसूस होने लगती है, तनाव एकांत और जब सब साथ छोड़ देते है तब कई बार हमारे मन ये ख्याल जरुर आता है की अब करे तो क्या करे ?

कई बार अवसाद इतना बढ़ जाता है की मन में आत्महत्या के ख्याल बनने शुरू हो जाते है, इन सबसे बाहर कैसे निकला जाए ? क्या करे जब जीवन में घुटन महसूस होने लगे और हमें एक ब्रेक की जरुरत महसूस होने लगे.

जब हम बिना ब्रेक दिए, जरुरत से ज्यादा सोचते हुए किसी काम को करने लग जाते है तब ऐसे हालात बन जाते है की वो काम हमें बोझ लगने लगता है.

ऐसे कामो में अक्सर गलतिया निकलती है जिन्हें हम बिना किसी प्लान के करते है और कई बार तो ये इतनी ज्यादा मात्रा में होने लगती है की हमें ऐसे लगने लगता है की हम कहाँ फंस गए.

जिंदगी से घुटन का महसूस होना

घुटन का महसूस होना और एक फ़ोर्स द्वारा पीछे हट जाना. जब हम कोई ऐसा काम करते है जो बेहद शर्मनाक / संस्कार के विपरीत / नहीं करने वाला होता है तब हमें इस तरह की घुटन महसूस होती है. हम कोई भी काम करे हमें बार बार यही ख्याल आने लगता है की

हमने बेहद गलत किया है और इसका प्रायश्चित करना चाहिए

हम खुद को बिजी रखने की कोशिश करते है लेकिन फिर भी ये ख्याल बार बार हमारे दिमाग पर हावी होने लगता है और अंत में हमें जिंदगी से घुटन सी महसूस होने लगती है.

किसी काम में मन नहीं लगता, शांत नहीं रह पाते है या फिर रह रह कर अनाप-शनाप विचार मन में आने लगते है. कई बार तो ये हम पर इस कदर हावी हो जाता है की हम गलत कदम भी उठा लेते है.

अगर आपके लाख चाहने के बावजूद आप खुद को जिंदगी में ढाल नहीं पा रहे है तो आप समझ जाए की आपको एक ब्रेक की जरुरत है ताकि आप खुद को नए तरीके से / काम के अनुसार प्लान कर सको.

जिंदगी से घुटन का महसूस होने की मुख्य वजह

मनोवैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार जब हम तनाव से गुजरते है तब हमें बार बार एक ख्याल घेरने लगता है जिसकी वजह से चाह कर भी हम खुद को पॉजिटिव नहीं रख पाते है लेकिन सवाल ये उठता है की आखिर हम तनाव या अवसाद जैसी स्थिति महसूस ही क्यों करते है ?

ऐसी कोई तो वजह रहती है जिसकी वजह से हम अवसाद का शिकार होते है क्यों की जिंदगी से घुटन महसूस होने और खुद को जकड़ा हुआ feel करने के बाद कोई भी व्यक्ति तनाव का शिकार हो सकता है. अगर आपके साथ इसी तरह की स्थिति बनती है तो आपको इन जिंदगी से घुटन की मुख्य वजह पर गौर करना चाहिए.

1.) Life में active रहने की बजाय सुस्त (inactive) होते जाना

बचपन से हम सीखते आये है की अमुक व्यक्ति की तरह बनो, वो हमारे समाज का आइडियल है इसलिए उसे फॉलो करो. अगर आप इन्हें फॉलो नहीं करेंगे तो आप आगे नहीं बढ़ पाओगे और आप खुद को पहचानने की बजाय वो बनने की कोशिश करने लगते है जो आप है ही नहीं. दुसरे शब्दों में कहा जाए तो

“आप खुद को दुसरो को मौका देते है की वो आपको जज करे और आपको ये बताए की आपको क्या बनना है बजाय इसके की आप वास्तव में क्या है”

हमें लाइफ में सक्रिय रूप से समाज का हिस्सा बनने को मोटीवेट तो किया जाता है लेकिन उम्मीद की जाती है की हम दुसरो की तरह खुद को आगे बढाए बजाय अपनी प्रतिभा को पहचान आगे बढ़ने के.

ये सब आपको जल्दी ही घुटन का महसूस होना शुरू कर देता है. हम जो कर सकते है उसकी बजाय हमें वो करने के लिए कहा जाता है जो सभी करते है और ये सब हमें भीड़ का हिस्सा बना देता है. जल्दी ही हम अपनी काबिलियत खो देते है.

ज्यादातर लोग अपनी जॉब से बोर हो जाते है वजह साफ है वो उसे पसंद नहीं करते है बल्कि पैसो के लिए करते है.

2.) आप सिर्फ जिंदगी को दिन में काट रहे है

बदलाव / परिवर्तन जीवन का सबसे बड़ा सच है. हर चीज बदलती रहती है सिवाय मौत के. हमारे आसपास जो आज हम देख रहे है वो ना तो कल था और न ही आने वाले कल को होगा.

हर चीज बदलती रहती है जिसकी वजह से हम हमेशा कुछ नया सीखते रहते है और यही सीखते रहना हमें आने वाले कल के लिए तैयार करता है.

कुछ लोग जो जिंदगी में कुछ भी नया नहीं करते है और जिन्दगी को बस निभा रहे है. लाइफ हमें तब बोरिंग लगने लगती है जब हम कुछ नया करना छोड़ देते है. अगर आप आज भी वही कर रहे है जो आप कल कर रहे थे तो आपको आज भी वही मिलेगा जो कल मिला था.

जीवन अनुभव सीखते रहने का नाम है इसलिए हमें हमेशा कुछ न कुछ नया करते रहना चाहिए ताकि दिमाग कभी तनाव का शिकार न हो. अगर आप ये नहीं करते तो जल्दी तनाव और घुटन का महसूस होना शुरू हो जाता है.

इसकी एक वजह ये भी हम की हम कुछ न कुछ नया सिखने के लिए ही बने है. हमारा मन कभी एक जगह नहीं टिकता है.

आप एक खिलौने से सालो नहीं खेल सकते, पूरी उम्र एक ही जॉब को ख़ुशी के साथ एन्जॉय नहीं कर सकते ( जब तक आप इसमें creativity शामिल नहीं कर लेते ) हमारे सामने अगर 10 चीजे पड़ी है तो हमारा मन उन सभी चीजो के पीछे ही भागेगा.

3.) आप बस दुसरो के साथ खुद को फिट करना और नार्मल दिखाना चाहते है

लाइफ में घुटन का महसूस होना तब शुरू हो जाता है जब हम खुद को दुसरो के साथ compare करना शुरू कर देते है.

“क्या मै उसके जैसा handsome दिख रहा हूँ” “क्या में भी उसके जैसी स्मार्ट बन सकती हूँ ?” “काश ! में उसके जितना अमीर होता”

ये सब बाते हमें मजबूर करने लगती है की हम खुद को भूल कर वो बने जो हम है ही नहीं. और जो हम नहीं है वो बनने की कोशिश करना शुरू कर दे तो जल्दी ही हम तनाव / अवसाद का शिकार हो जाते है. अगर एक जैसा ही बनना है तो फिर आपकी अपनी पहचान क्या रह जायेगी ?

4.) खुद को जिम्मेदारी के बोझ तले दबा लेना और घुटन का महसूस होना

responsbility make us mature लेकिन क्या होगा अगर आप क्षमता से ज्यादा responsibility लेना शुरू कर दे ? जब हम खुद को किसी वजह के लिए जिम्मेदार मानना शुरू कर देते है और उसमे फ़ैल हो जाते है तो अवसाद / तनाव या चिडचिडेपन का शिकार होने लगते है.

लेकिन क्या वास्तव में वो जिम्मेदारी आपकी ही थी ? क्या वास्तव में आप उन जिम्मेदारी को लेने वाले इन्सान थे ?

अक्सर ऐसा तब होता है जब हम खुद को दुसरो से जुड़ा हुआ महसूस करते है और दुसरो से उम्मीद करने लगते है.

जब कोई काम हमारी उम्मीद के aspect पर खरा नहीं उतरता है तो हम इसका जिम्मेदार खुद को मानना शुरू कर देते है. ऐसा करना आपको उस तनाव का शिकार बना देता है जो आपका था ही नहीं और यही से आपको जिंदगी में घुटन का महसूस होना शुरू हो जाता है.

5.) लाइफ में कोई उदेश्य न होना और ईगो बढ़ते जाना

अगर आप खुद को दुसरो से अलग थलग करना शुरू कर देते है तो भी आप खुद को depression का शिकार बना सकते है. हम पुरे दिन बाहरी दुनिया में इतना घूमते रहते है की खुद से जुड़ने के लिए वक़्त ही नहीं निकाल पाते है.

ऐसा करना बेशक आपको दुसरे लोगो से जोड़ देगा लेकिन आप खुद के साथ एक better connection establish करने में fail हो जाओगे.

इसे हम खुद से दूर होना भी कह सकते है. इसके अलावा आपका ईगो जो आपमें हम की बजाय मै की भावना लाता है.

जब हम दुसरो से कनेक्ट होने के साथ मै वाली भावना लाते है तो लोग आपको अवॉयड करना शुरू कर देते है.

इसके बजाय सबके साथ मिल जुल कर रहने और आगे बढ़ते रहने वाली भावना आपको सबके करीब लाती है. जब हम दिल की बात दिमाग की बजाय ज्यादा सुनना शुरू कर दे तो समझ जाइये की आप खुद के साथ जुड़े है और सशक्त बन रहे है.

लाइफ में घुटन का महसूस होना कैसे रोके ?

ये कुछ और नहीं है बजाय हमारे अपने बनाए एक चक्रव्यूह के, हम खुद को जब भी किसी प्रॉब्लम में फंसा हुआ महसूस करते है तो ये प्रूफ देखने की कोशिश करते है की क्या वास्तव में हम प्रॉब्लम में फंसे हुए है ?

लेकिन ऐसा करना आपको इसका आदी बना देता है और आप बार बार इसमें फंसते चले जाते है. खुद को बार बार ये अहसास दिलाना की हम वास्तव में परेशान है / तनाव का शिकार है हमें और ज्यादा परेशान करता है और जिंदगी में घुटन का महसूस होना शुरू हो जाता है.

अगर आप खुद इससे परेशान हो चुके है और बाहर निकलना चाहते है तो इन तरीको को अपनाए जिससे की आप खुद को तनाव से बाहर निकाल सके.

1.) खुद के लिए कुछ जिम्मेदारी बनाओ

हम जाने अनजाने में दुसरो से खुद को जोड़ कर उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझने लगते है. इससे बचे क्यों की हर किसी की अपनी सोच है इसलिए दुसरो से उम्मीद न लगाए की वो आपके कहे अनुसार करे, इसके बजाय आप खुद के लिए कुछ जिम्मेदारिया ले. थोडा समय खुद के लिए निकाले और ऐसे कार्य करे जिनसे आप खुद को आगे बढ़ा सके.

2.) हर रोज कुछ नया सोचे / करे

लाइफ में घुटन का महसूस होना तब शुरू होती है जब हम एक ही ढर्रे पर चलते रहते है. हर रोज एक ही काम करते हुए जिंदगी काटना आपको जल्दी ही थका देता है इसके बजाय हर रोज कुछ नया करे ताकि आपको हमेशा कुछ सिखने को मिले, लाइफ में रोमांच बना रहे और आप हमेशा खुद को तरोताजा महसूस करते रहे.

3.) उन कामो की सूचि बनाए जो आपको लिमिटेड बना रहे है

आप उन कामो / गतिविधि की सूचि बना सकते है जो आपको लिमिटेड बना रही है. उदहारण के लिए किसी और के खातिर खुद को ignore करना, दुसरो के लिए काम करते हुए खुद का ख्याल न रखना ऐसे कई काम जिनसे आपके आसपास के लोग आपका फायदा उठाते है और आप तनाव से भर जाते है.

हम उन गतिविधि की सूचि भी बना सकते है जो हमें दुसरो द्वारा जज किये जाने का मौका देती है. हर वो गतिविधि या कम जिनसे दुसरे आपका सिर्फ फायदा उठा रहे हो, जज कर रहे हो आपको अवॉयड कर देनी चाहिए. जब आप ये सब कर देते है तब आपको जिंदगी में घुटन का महसूस होना बंद होने लगती है.

4.) सामाजिक बंधन से न बंधे

अगर आप सोशल मीडिया से काफी हद तक प्रभावित हो रहे है तो इसका मतलब है आप कुछ गलत कर रहे है. दुसरे क्या करते है और आपके बारे में क्या कहते है अगर आपको इससे फर्क पड़ता है तो आप आसानी से अपनी लाइफ में घुटन का महसूस होना शुरू कर देते है.

इससे बचे और वो करे जो आपको खुश रखता है. वो करे जिससे आपको फर्क पड़ता है लोगो को न पड़े इससे आपको कोई मतलब नहीं होना चाहिए. खुद के लिए कुछ करे और सोशल मीडिया को कुछ हद तक इस्तेमाल करे.

5.) खुद के लिए कुछ सीमाए बनाए

अगर लाइफ में घुटन का महसूस होना नहीं चाहते है तो ऐसी कुछ सीमाए आप खुद के लिए भी बनाए जो समय समय पर आपको कुछ भी ऐसा करने से रोके जो आपके लिए गलत है. उदाहरण के लिए आपके संस्कार जो आपको चोरी करने से रोकते है.

इसी तरह जब भी आपके साथ कुछ गलत हो तो आप उसे अवॉयड कर सको इस स्तर की हिम्मत अपने अन्दर बनाए. जब आप ऐसा करते है तब आपके और दुसरो के बिच एक दीवार पैदा हो जाती है जो उन्हें आपको जज करने और प्रभावित करने से रोकती है.

ऐसा इसलिए बेहद जरुरी है क्यों की कुछ लोग आपकी energy को ख़त्म कर आपको झुका सकते है.

6.) ज्यादा सोचने की बजाय उन पर फोकस करे जो आप है

कई बार हम कुछ कदम इस लिए नहीं उठा पाते है क्यों की अनचाहे विचारो के चलते हमारे मस्तिष्क में कुछ ऐसे ख्याल आना शुरू हो जाते है जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं होता है. उदाहरण के लिए आप किसी लड़की से बात करने में झिझकते है ये सोच कर की वो क्या सोचेगी या फिर वो कुछ गलत न समझे और बोल दे.

ऐसी बातो से खुद को बाहर निकाले और पहल करे जो आप करना चाहते है.

Read : भविष्य में देखने की क्षमता आप भी पा सकते है बस जान लीजिये आपका अवचेतन मन इसमें किस तरह काम करता है

7.) जब घुटन का महसूस होना हो अपने अंतर्मन से जुड़े

अपने inner soul से जुड़ने की वजह से हमें ऐसी कई बातो का पता चलता है जो हमारे लिए आवश्यक होती है. जब आप खुद से जुड़ते है तो सबसे पहले आपको शांति का अहसास होता है, जो बेवजह ख्याल आप सोच रहे है उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है ये सच आपको अन्दर से स्ट्रोंग बनाता है.

खुद को वक़्त देने से हम energetic महसूस करने लगते है और creative ideas सोच पाते है.

घुटन का महसूस होना और लाइफ में बदलाव हम सभी कई बार काम से, अनचाहे विचारो से, बढती जिम्मेदारियों के बारे में सोच कर या अनचाहे विचारो में उलझ कर खुद को तनाव में धकेल देते है. जिंदगी को अनुभव के साथ जीने से हम बेहतर तरीके से काम कर पाते है.

अगर ऐसा नहीं होता है और हम हर रोज वही करते है जो करते आये है तो हमें कभी ख़ुशी नहीं मिलेगी. हमेशा कुछ नया करने की ललक मन में रखे और खुश रहे.

पिरामिड में ध्यान लगाने के इन फायदों को जानकार आप हैरान हो जाओगे – प्राण उर्जा अभ्यास

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ध्यान लगाने की हजारो विधिया है और इन सबके अपने फायदे है. अगर बात की जाए उच्च स्तर के अनुभव वाले ध्यान प्रणाली की तो pyramid meditation इनमे से एक है. पिरामिड में ध्यान क्या लगाना चाहिए और इसके फायदे क्या है ये आज हम जानने वाले है.

amazing benefit and use in medical science to cure problem and diseases in hindi ध्यान द्वारा उन प्रॉब्लम से छुटकारा पाया जा सकता है जो हमें मानसिक रूप से परेशान करती है.

अगर आप खुद को प्राण शक्ति यानि life force से भरपूर बनाना चाहते है तो आपको पिरामिड में ध्यान जरुर लगाना चाहिए.

pyramid meditation

पिरामिड ध्यान एकसरलतम और प्राण शक्ति से प्रचुर बनाने वाला अभ्यास है। इसमें ध्यान लगाने से प्राण शक्ति का क्षय रुकता है और हम खुद को ज्यादा से ज्यादा से प्राणवान महसूस करते है।

अगर हमें आलस रहता है या फिर किसी काम में रूचि कम रहती है तो हमें पिरामिड ध्यान अवश्य करना चाहिए। इसके लिए हम घर पर ही पिरामिड का निर्माण कर सकते है। ये किस चीज का ये मायने नहीं रखता है। इसके लिए डिग्री, कोण और उसकी स्थिति मायने रखती है।

  1. सुखासन / पद्मासन में लगाया गया ध्यान
  2. आनापानसति ध्यान
  3. सवासन में लगाया गया ध्यान
  4. पिरामिड ध्यान
  5. भ्रकुटी ध्यान

त्राटक ध्यान का एक अंग है क्यों की इसका कार्य ध्यान की तरह ही है. आज बात करते है

pyramid meditation – पिरामिड में ध्यान

पिरामिड में ध्यान लगाने के लिए आपके पास पिरामिड की shape का डिज़ाइन होना चाहिए जिसे आप लकड़ी, धातु या फिर कारीगर द्वारा बनवा सकते है. पिरामिड का कोण 52 डिग्री के आसपास होता है और ये सरंचना आपको प्राण ऊर्जा एकत्रित करने में सहायक है.

इस तरह की सरंचना का महत्त्व आप वास्तु-शास्त्र की किताब में देख सकते है. आप महसूस कर सकते है कुछ जगह ऐसी होती है जहां पर आपको सुकून मिलता है.

कुछ जगह जाते ही आपका मस्तिष्क विचारशून्य होकर ध्यान की स्थिति में आ जाता है. ये सब उस जगह के निर्माण पर निर्भर करता है. इसलिए पिरामिड इतना बड़ा होना चाहिए की आप की ऊंचाई से थोड़ा सा ऊपर ही रहे ताकि जब ध्यान लगाने बैठे तब उसमे cosmic energy का flow बढ़ा हुआ हो.

और सीधा आपके मस्तिष्क पर इसका असर हो. ये आपको ध्यान में जल्दी पहुँचाने का कार्य करता है. ध्यान के लिए सुखासन और वज्रासन की मुद्रा का इस्तेमाल कर सकते है।

पिरामिड की सरंचना और इसका महत्व क्या है :

पिरामिड की सरंचना और मिश्र के इतिहास में काफी गहरा सम्बन्ध है दूसरा इसका निर्माण वास्तु शास्त्र के नियम पर आधारित है. मिश्र से जुडी दो बाते है जो पुरे विश्व में प्रशिद्ध है।

पहला इसके पिरामिड जो इतने बड़े होते थे और इस तरह बने थे की इनका निर्माण आज भी एक रहस्य है क्यों की गुरुत्वाकर्षण के नियम के अनुसार ये संभव नहीं था।

मिश्र और ममी का रहस्य

दूसरा मिश्र के राजा की ममी जो उनके मौत के बाद शरीर को सुरक्षित करने के लिए बनाकर रखी जाती थी. उनका मानना था की एक दिन ये ममी जीवित होगी उनका विश्वास सूर्य से आने वाली प्राण शक्ति पर था जिसे STORE करने के लिए वो इस तरह की सरंचना का निर्माण करवाते थे.

ये पिरामिड प्राणदायी शक्ति के STORE HOUSE के सबसे बड़े स्रोत थे. इसी वजह से पिरामिड की सरंचना को महत्त्व दिया जाता है क्यों की ये हमें एक माध्यम उपलब्ध करवाती है जल्दी ध्यान में उतरने का दूसरा ये हमें प्राणदायी ऊर्जा को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सोखने का अवसर देती है.

अगर आपको दोगुना जल्दी RESULT चाहिए तो आप पिरामिड के नुकीले सिरे पर CRYSTAL लगवा सकते है.

इससे प्राण शक्ति एक जगह पर केंद्रित होना शुरू हो जाती है जो सीधे आपके मस्तिष्क पर असर करती है और अवचेतन मस्तिष्क को जल्दी जाग्रत करती है दूसरा आपको स्वस्थ बनाती है.

स्थिति

पिरामिड में ध्यान लगाने के लिए सबसे पहले सीधे बैठ जाये अपनी रीढ़ को सीधा कीजिये और अपनी मुद्रा को सुखासन में लाइए बिलकुल तनाव रहित.

आप चाहे तो ज्ञान मुद्रा ( गोद में दोनों हाथ LOCK ) करके बैठ जाइये. ध्यान का प्रभाव बढ़ाने के लिए आप ध्यान से जुड़े म्यूजिक लगा सकते है बिलकुल हल्की आवाज में अब सुखासन में बैठ कर सांसो को नियत करे और धीरे धीरे साँस की गति को शुन्य करने का प्रयत्न करे.

मन शांत होने की वजह से जल्दी ही आपकी सांसे कम होने लगती है. इसमें आगे विचारशून्य की स्थिति बनने लगती है. अंत में आपकी चेतना लुप्त होने लगती है और आप ब्रह्मांड में व्याप्त हो जाते है.

pyramid meditation कैसे करे

पिरामिड में प्रवेश करने के बाद के बाद ध्यान रखे की आपके अंदर और इससे बाहर ऊर्जा के संचार होने न पाए इन दोनों के बिच किसी तरह का कोई कांटेक्ट न हो. आरामदायक आरामदायक स्थिति में आते ही शरीर तनाव रहित होने लगता है.

आपका पूरा ध्यान सिर्फ सांसो पर केंद्रित होना चाहिए। जब आपकी साँस विचारशून्य अवस्था में चली जाती है तब आप ध्यान की गहराई में उतरने लगते है और विचारों का प्रवाह रुक जाने की वजह से आपके पुरे शरीर में प्राण शक्ति का प्रवाह होने लगता है।

Read : आज भी काले जादू के इन 5 प्रकार को सबसे खतरनाक माना जाता है आप इनके बारे में कितना जानते है

pyramid meditation के क्या क्या फायदे है।

पिरामिड में ध्यान लगने के शारीरिक और मानसिक दोनों ही फायदे है आइए देखे ये फायदे क्या क्या है.

  • आँखों के देखने की क्षमता में वृद्धि होती है.
  • सुनने की क्षमता बढ़ती है .
  • रक्तचाप नियत्रित होता है इसकी वजह से उच्च रक्तचाप की समस्या दूर होती है.
  • अनिद्रा की समस्या दूर होती है. और पिरामिड में सोने से आपको अच्छी नीदं आती है दूसरा आपके मस्तिष्क की सक्रियता बढ़ जाती है क्यों की प्रचुर मात्रा में प्राणशक्ति सोखी जाती है.
  • पिरामिड ध्यान से रीढ़ की हड्डी की प्रॉब्लम दूर होती है और कमर दर्द में आराम मिलता है.
  • घाव भरने की हमारी रोग प्रतिरोध क्षमता में इजाफा होता है.
  • शरीर तेजस्वी बनता है शारीरिक सुंदरता बढ़ती है और अगर आप दवा को पिरामिड के अंदर रख कर इस्तेमाल करे तो असर दोगुना हो जाता है.
  • आप पिरामिड के अंदर पानी रख कर इस्तेमाल करे ये पानी ऊर्जा युक्त और हानिकारक तत्वों से रहित होगा पानी का प्राकृतिक शुद्धिकरण का ये तरीका बेमिशाल है.
  • अगर आपको सिरदर्द की बार बार शिकायत रहती है तो आप पिरामिड ध्यान द्वारा उससे छुटकारा पा सकते है.

पिरामिड ध्यान विद्यार्थी के जीवन में काफी महत्त्व रखता है ये उनकी यादाश्त तेज करता है जिससे उनकी स्मरण क्षमता बढ़ती है.
जिन्हे HARMON UNBALANCING की PROBLEM रहती है वो पिरामिड ध्यान द्वारा इससे छुटकारा पा सकते है।

pyramid meditation – amazing technique

ध्यान लगाने के अलग अलग तरीको में आपको अलग अलग फायदे मिलते है.

अगर आप खुद को प्राण शक्ति से भरपूर बनाना चाहते है तो आपको पिरामिड में ध्यान जरुर लगाना चाहिए. मानसिक तनाव, अवसाद और थकान को दूर करने के लिए भी आप pyramid meditation कर सकते है.

ये बेहद आसान और घर पर बनाये जा सकने वाले पिरामिड में बैठकर किया जा सकता है जरुरत है तो बस इसे अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने की जरूरत मात्र है, हमें subscribe करना ना भूले।

आभा मंडल कमजोर होने के संकेत और घर पर रैकी के जरिये हीलिंग का सरल अभ्यास कैसे करे ?

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क्या आप भी घर पर रैकी का सरल अभ्यास कर खुद को समस्या से दूर रखना चाहते है ? ज्यादातर लोग जब मानसिक रूप से कमजोर हो जाते है या फिर उनका औरा क्षेत्र कमजोर हो जाता है / चक्र में imbalance जैसी प्रॉब्लम आ जाती है तब इस चिकित्सा पद्धति की मदद लेते है.

बेहद कम समय में खुद को रिचार्ज करना, negativity दूर करना और सकारातमक बनना इसके जरिये संभव है.

अगर आप काफी समय से खुद को मानसिक रूप से कमजोर महसूस कर रहे है तो समझ जाइये की आपका आभा मंडल जिसे औरा फील्ड भी कहते है बिगड़ गया है और आपको खुद में सुधार  करने की आवश्यकता है.

आइये जानते है कैसे हम अपनी प्रॉब्लम का समाधान रेकी के अभ्यास के जरिये कर सकते है.

रैकी का सरल अभ्यास

आभामंडल हमारे व्यक्तित्व की परछाई होती हे । किसी का आभा मंडल बहुत सकरात्मक हो सकता हे किसी नकरात्मक । हमारे मन में विचारो की जंग चलती रहती हे,स्तिथि के अनुसार वेसे भाव हमारे चेहरे पर हमारी बॉडी लैंग्वेज पर साफ़ देखे जा सकते हे जिससे हमारे आभामंडल का निर्माण होता हे ।

रैकी का सरल अभ्यास हमारे आभा मंडल को समझने और उसे मजबूत करने में मदद करता है। एक बात समज में आती हे की अगर हम अपने भीतर की स्तिथि के साथ aura भी बनता बिगड़ता है। आभा मंडल से हम किसी भी इंसान के और का पता लगा सकते है और इसे रैकी में इस्तेमाल कर दुसरो की ऊर्जा संबंधी समस्याओ का समाधान कर सकते है।

प्राण ऊर्जा और हमारे स्वभाव से हमारा औरा बनता और बदलता है। इसके विभिन्न रंग अलग अलग रहस्य लिए है।

रैकी का सरल अभ्यास

आप कल्पना करे कोइ ऐसे व्यक्तित्व के स्वामी से जब आप संपर्क मे आते है तो आपके भीतर की ऊर्जा और भाव भी हिलोरे लेने लगते है। जैसे एक बड़े चुम्बक के पास अगर कुछ छोटे चुबकं जाए तो उनकी क्या स्थिति होगी वो इतने आकर्षण मे आ जाए की उससे चिपक जाएगे।

एसे ही साधक जब किसी महात्मा से मिलता है तो वो भी उसके चरणों मे झुक जाता है उसकी नजर की गहराई को देखने की कोशिश करता है।

लेकिन चुबकं चाहे जितना ही बड़ा क्यों न हो वो लकड़ी व अन्य धातुओ को आकर्षित नही कर सकता, कहने का भाव है साधक को सिद्ध ही आकर्षित कर सकता है जिसमे साधक के गुण है। आज भी रैकी का सरल अभ्यास हम घर बैठे कर सकते है वो भी आसानी से समझ कर।

प्रयोग ( 1 ) :

अब मै आपको एक प्रयोग बताता हू जिससे आप अपने आभा मडंल का आकंलन कर सकते है व उसे बढ़ा सकते है,

एक दीया या मोमबती जलाकर उसके सामने आखं बदं कर बैठे, उसकी दूरी उतनी हो शुरूआत मे कि जिससे आपको उसकी आँच सपष्ट महसूस हो, फिर धीरे धीरे दूरी बढ़ाते जाए दस दस मिनट के अतंराल मे, एक बात ध्यान रखे की आपको उसकी आँच निरतंर महसूस होती रहे दूरी उतनी ही हो, जितनी दूर तक आप आँच महसूस करते है उतना आपका आभा मडलं है, वो उतनी दूर तक प्रभावित करता है।

यह इसी प्रयोग से बढ़ाया भी जा सकता है। आप यह प्रयोग निरतंर करे व अपने आभामडंल का प्रभाव दुसरो पर सपष्ट देखेगे। हाँ जब यह प्रयोग करे तो अँधेरा हो तो बेहतर है|

प्रयोग ( 2) :

एक प्रयोग और कर सकते हे सुबह सूर्योदय के समय पूर्व की और मुख कर बैठे, व् सूर्य की ताज़ा किरणों का स्पर्श महसूस करे, एसा करने से आपको लगेगा के आपमें और सूर्य में कोई तार जुड़ गया हे इन किरणों के माध्यम से, एक रिश्ता कायम हो गया है.

एसा प्रयास करने से आपके मस्तक का तेज बढेगा, व् वे किरणें आप कही भी हो आपको आकर घेरने लगेगी| इसे आप सूर्य स्नान भी कह सकते हे, सूर्य नमस्कार भी कह सकते हे |

“आभामडंल जिस तरह का होगा उसी तरह की शक्तियो से संपर्क करने क्षमता आ सकती है।”

आपने सुना होगा गणेश के उपासक को गणेश, शिव के उपासक को शिव या किसी महात्मा के उपदेश मानने वाले को उस महात्मा का अतंर मे दर्शन होता है यह उस उपदेश को मानने से आभामडलं मे आए बदलाव के कारण भी सभवं होता है।

अतंर मे मनोस्थिति के अनुसार आपकी तरगें रूपातरिंत होती है, व दूसरो को भी वो प्रभावित करती है । जो बहुत नकरात्मक हो जाते है वो बुरी शक्तियोे के प्रभाव मे भी आ जाते है यह आम तौर पर देखा जा सकता है इस सबका कारण आभामडंल विज्ञान है.

करे बुजुर्गो का सम्मान :

बचपन की बात है जब हम कुछ भी देखते, सुनते उसे करने की कोशिश करते थे. इसी तरह किसी से सुना की बड़ो के पैर छूने चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए इससे परीक्षा में पास हो जायेंगे, वगेरह वगेरह. उठे जल्दी से और चल दिए दादा जी के पास उनके पैर छूने के लिए. दादा जी अक्सर सुबह जल्दी उठ कर अपने नियम से पूजा पाठ करते थे .

आज भी रैकी का सरल अभ्यास का वो दिन याद आता है जब पहली बार उनके पैर छुए थे हर पल जिस मष्तिस्क में विचार चलते है वो mind उस वक़्त शुन्य की स्थिति में चला गया था, आँखे अपने आप बंद हो चुकी थी जब उनका हाथ सर पर महसूस हुआ, उस वक़्त उन्होंने कुछ देर तक अपने हाथ सर पर रखे थे और वो पल काफी सुखद था.

खैर अपने दिन के काम में व्यस्त हो गया लेकिन आज कुछ अलग था मन शांत था और हलचल कम थी.विषय में मन कम लग रहा था बस मन करता की एक जगह बैठ कर अपने आप में डूब जाये. उस दिन के बाद हर रोज़ सुबह दादा जी के पास जाना और पैर छूना जैसे नियम में शामिल था. बचपन में रैकी का सरल अभ्यास करना चाहता था लेकिन बहुत सी बातो का ध्यान ना रखने की वजह से नहीं कर पाया।

बदलाव का रहस्य

कुछ समय बीतने के बाद एक दिन दादा जी ने पूछा आजकल इतना बदल कैसे गए हो बेटा तब दादा जी को पूरी बात बताई. मुस्कुराते हुए वो बोले बेटा ये तप और ध्यान की शक्ति है जो तुम्हे फ्री में मिल रही है. इसके बाद दादा जी ने ऐसे कई रहस्य बताये जो हमारे आसपास होते हुए भी हम उस ब्रह्माण्ड शक्ति की ऊर्जा को नजर अंदाज कर देते है.

शक्ति पात

असल में ये शक्ति पात ही होता है जो हमें अपने बड़ो से मिलता है.और कुछ नादान बाहर बाबा जी के पास शक्ति की तलाश करते है. आज की पोस्ट रैकी का सरल अभ्यास में सिर्फ इतना ही बताना मेरा उद्देस्य है की अपने घर में जब ऊर्जा की तलाश पूरी कर सकते है तो बाहर क्यों. अपने बुजुर्गो का आदर करे और सम्मान दे उनकी दुआ में जो शक्ति है वो आपका असली सुरक्षा कवच होती है.

जरा सोच के देखे आपकी माँ आपके पापा आपके दादा, दादी जब भी आपको मिलते है तो आप चाहे उनके पैर छुए या नहीं मगर उनका हाथ आपके सर पर जरूर फेरते है.करके देखे उनकी दुआ ले और अपनी ज़िन्दगी में बदलाव महसूस करे.

स्वंय को शक्ति पात

  1. सुबह ध्यान से उठने पहले, अपने दोनों हाथ जोड़ परमपिता परमात्मा को प्रणाम करे, फिर उन दोनों हाथो को थोड़ी दूरी पर रखे और भावना करे की ध्यान से उत्पन उर्जा हाथो में आ रही है।
  2. लगभग एक या दो मिनट में आपको दोनों हाथो से उर्जा निकलती स्पष्ट महसूस होगी और वो उर्जा दोनों हाथो के बीच इकठी हो जाएगी। यह प्रयोग मेने स्वय करके देखा है। उर्जा जो हमें महसूस होती है अगर उस वक्त कोई दूसरा व्यक्ति भी हमारे दोनों हाथो के बीच से अपना हाथ गुजारेगा तो वो महसूस कर सकेगा।
  3. अब आप एसा महसूस करने लगे तो अपने दोनों हाथो को आज्ञा चक्र पर कुछ दुरी पर ले आये, वो उर्जा आपके चक्र को जाग्रत करने में सहयता करेगी।
  4. प्रतिदिन ऐसा करे, आप देखेगे की हर दिन उर्जा बदती जा रही है। यह आपकी प्रगति का संकेत है। तो जैसे-जैसे ऊर्जा बढ़ती जाए आप दोनों हाथो के बीच का स्पेस बढ़ाते जाए, इससे आप को मालूम हो सकेगा की आपकी उर्जा कितनी दूर तक से हीलिंग कर सकती है। और फिर उसी तरह से चक्र जागरण में इसे लगाए।
  5. फिर आप देखेगे की दिन में बस आपकी इच्छा मात्र से उर्जा आपके हाथो में आने लगी है। उस उर्जा से आप किसी भी रोग की हीलिंग भी कर सकते है। दोस्तों यह हे स्वम् को शक्ति पात. आपने देखा होगा हम किसी देवी देवता या महात्मा की तस्वीर में उसके हाथ से निकलती उर्जा को वो इसी बात का प्रतीक है।

आध्यात्म एक रहस्य

इश्वर ने हमें हर तरह से परिपूर्ण करके भेजा है। स्वंय के लिए हमें किसी दुसरे की शक्ति पात की आवश्यकता नहीं। आज के समय में अनेक लोगो ने रैकी का सरल अभ्यास और शक्तिपात के नाम पर अपनी दुकाने खोल रखी हे व् level के हिसाब से पैसे लेते है। दोस्तों आज आध्यात्म एक रहस्य इसी लिए बन गया हे की कोई गुर देना नहीं चाहता, यह एक सचाई है।

मेने जब यह उर्जा महसूस की तो इसके द्वारा मेने दो लोगो को भी हीलिंग की और उन्होंने भी यह उर्जा को महसूस किया धीरे धीरे आपकी उर्जा का दायरा बढता जायेगा। आपको किसी से रैकी लेने की आवश्यकता नहीं और ना ही किसी तरह के शक्तिपात की लालसा किसी दुसरे से रखने की जरुरत है। जब आप सहज यह कर पाए तो इससे आपने साथ किसी दुसरे को भी अध्यात्म मार्ग के लिए प्रेरित करे।

पढ़े  : अगर आपके अन्दर भी है इस तरह के Symptoms of psychic abilities? जानिए क्या बन सकते है आप

अंतिम शब्द :
दोस्तों ये थी रैकी का सरल अभ्यास और शक्तिपात की कुछ जानकारी जिसमे हमने कोशिश की है की किस तरह हम खुद ही अपनी समस्याओ से निवारण पा सके। आज की पोस्ट में सेतु विक्रम सर जो हमारे आदरणीय और नजदीकी जानकार है का अमूल्य योगदान है। सेतु विक्रम सर की पुस्तके आप पीडीऍफ़ में डाउनलोड भी कर सकते है। इनका ध्यान और स्वयं समस्या निवारण में काफी गहरा जानकारी है। ध्यान, रैकी, और चक्र / कुंडलिनी हीलिंग के लिए आप उन्हें संपर्क कर सकते है।

अगर आप किसी के पहनावे या धर्म के आधार पर उसे आध्यात्मिक मानते है तो ये जरुर जान ले

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आध्यात्म क्या है और एक आध्यात्मिक व्यक्ति के लक्षण क्या है ? हमारी daily life में हम ऐसे लोगो को देखते है जो माथे पर तिलक लगाते है, धोती पहनते है क्या वो आध्यात्मिक है ? आध्यात्म की वास्तविक परिभाषा क्या है जो हमारे आसपास धर्म को लेकर सवेंदनशील लोग है वो या कोई और ?

क्या वास्तव में आध्यात्म का हमारे पहनावे से कोई लेना देना / रिश्ता है ऐसे ही कई सवाल है जो एक सामान्य इन्सान को परेशान करते है जब वो खुद को आध्यात्म से जोड़ना चाहता है. क्या वाकई जिसके पास super natural powers है वही इन्सान spiritual person है ?

what is the meaning of spirituality and how it is differ from religion in hindi के बारे में आज बात करते है.

meaning of spirituality

मुझे अच्छे से याद है जब मैंने त्राटक का अभ्यास करना शुरू किया था मेरे आसपास के लोगो को ये सबकुछ अजीब लगता था और वो मुझे तांत्रिक भी बुलाने लगे थे.

शुरू में बुरा भी लगा लेकिन जैसे जैसे कुछ अनुभव होने शुरु हुए इन सब बातो को ignore करना शुरू कर दिया, खैर ये किसी के साथ भी हो सकता है क्यों की हम आज अपनी संस्कृति के प्रति बेहद कम सजग है जिसकी वजह से हमें ये सब अलग लगता है.

आखिर ऐसी क्या वजह है की लोगो की नजर में जिसके पास supernatural power है वो ही एक spiritual person लगता है, for example – कुण्डलिनी जागरण लोगो को लगता है की जिसकी kundalini activate हो गई है वो super natural power से कुछ भी कर सकता है.

meaning of spirituality – आध्यात्म क्या है ?

ज्यादातर लोग spirituality को धर्म विशेष / पहनावे विशेष से जोड़ कर देखते है. वास्तव में आध्यात्म की कोई सम्पूर्ण परिभाषा नहीं है, हम इसे जितना समझे है उतना ही अपने शब्दों के अनुसार परिभाषित करते आये है.

आध्यात्मिक का मतलब पूजा पाठ करने वाला, विशेष पहनावा और वेश-भूषा जैसे की साधू संतो का पहनावा नहीं है बल्कि वो इन्सान जो sensetive to other people, nature, animal है. वो इन्सान जो खुद के अस्तित्व के प्रति सजग है spiritual person कहलाता है.

आध्यात्मिक यात्रा का वास्तव में अब तक का सबसे अच्छा meaning of spirituality अगर है तो वो है खुद की तलाश करना, सबके प्रति संवेदनशील रहते हुए खुद के अस्तित्व की तलाश करना और जीवन का असली मतलब और उदेश्य जिसके लिए उसका जन्म हुआ है को समझना और अपनी life को बेस्ट देना यही एक आध्यात्मिक व्यक्ति की असली परिभाषा है.

इसे किसी चमत्कार से नहीं जोड़ा जा सकता बल्कि ये तो सहज रहकर खुद को समझना और जीवन को बेहतर ढंग से यापन करना है.

अंतर्मुखी होना और आध्यात्म का संबंध

जिन लोगो को आध्यात्मिक अनुभव होना शुरू हो जाते है या फिर जो ध्यान या त्राटक साधना और अन्य किसी माध्यम के अभ्यास के बाद लोगो से दूर रहना शुरू कर देते है या फिर जिनकी life अचानक से बदल जाती है उन लोगो को introvert person कहते है.

introvert इसलिए क्यों की वो बाह्य माध्यम की तलाश करने की बजाय आन्तरिक तलाश करने लगते है इसकी वजह से spirituality को introvert से जोड़ कर भी देखा जाता है. लेकिन क्या वास्तव में ऐसा समझना सही है.

क्या spiritual person वही लोग है जो introvert है, जैसे की जंगलो में पर्वतों में भटकने वाले, तप करने वाले सन्यासी या फिर एक सामान्य जीवन जीने वाला इन्सान भी spirituality से जुड़ा हो सकता है ?

spirituality and introvert personality – आपसी relationship

ज्यादातर लोगो को पता ही होगा की भगवान् बुद्ध सत्य की तलाश में घर से निकल गए थे और उन्हें एक पेड़ के निचे खुद के अस्तित्व का पता चला था जिसे निर्वाण जैसी स्थिति भी कहा जाता है, यीशु को भी 40 दिन बाद खुद के अस्तित्व का अनुभव हुआ ऐसे ही अलग अलग धर्म के किस्से है जिनमे एकांत में समय बिताने के बाद आध्यात्म का जागरण होने की बाते लिखी है.

एकांत मतलब introverts यानि जो व्यक्ति दुसरे लोगो से मिलने की बजाय अलग थलग रहता हो, आज की परिभाषा में कहे तो लोगो से मिलने जुलने या सोशल होने की बजाय अकेले रहने वाला व्यक्ति क्या वास्तव में एक आध्यात्मिक व्यक्ति के लिए introvert यानि अंतर्मुखी होना आवश्यक है ? वास्तव में जब meaning of spirituality समझने की प्रक्रिया में अंतर की गहराई में उतरने लगते है ऐसा होता ही है.

introverts आध्यात्मिकता के लिए सिर्फ एक आवश्यक तत्व है न की की जरुरत. दिन का कुछ हिस्सा जब हम एकांत में बिताते है तब हमें खुद के साथ जुड़ने का मौका मिलता है, चेतना को विचारो से छुटकारा मिलता है जिसकी वजह से वो सही से हमें अंतर चेतना से जोड़ने में हेल्प करती है और हम बेहतर समझ के मालिक बनने लगते है. यानि introverts personality हमें खुद से जोडती है लोगो से दूर नहीं करती है.

जिन्हें भी ध्यान / त्राटक / योग द्वारा खुद को जानने का मौका मिला है उनमे सबसे बड़ा बदलाव एक ही देखने को मिलता है और वो है की वो एक बार खुद से जुड़ने के बाद दुसरो के साथ ज्यादा जुड़ना पसंद नहीं करते है.

एकांत में समय बिताना उन्हें अच्छा लगने लगता है, पहले जहाँ वो timepass के लिए दोस्तों का साथ पाना चाहते थे अब वो अकेले रहना ज्यादा पसंद करते है. ऐसा क्यों होता है ? अधिकतर लोग इससे परेशान भी हो जाते है क्यों की अब उन्हें बाहर की चीजो की बजाय खुद में रस मिलने लगता है.

introvert personality – क्यों लोग सिर्फ खुद में खोया रहना पसंद करते है ?

एक बार आपको ध्यान या किसी अन्य माध्यम द्वारा खुद से जुड़ने का मौका मिल जाए तो आप फिर बाहरी चीजो की तरफ भागना बंद कर देते है. इसकी वजह है खुद को जानने की इच्छा, हम खुद की रची हुई दुनिया में समय बिताना पसंद करने लगते है.

आंखे बंद कर खुद के सुख की अनुभूति करना, शांति महसूस करना और अपने अंतर की गहराई में उतरने का आनंद जो सिर्फ हम महसूस कर सकते है बयां नहीं कर सकते है. महापुरुष इसी meaning of spirituality की तलाश में अपना जीवन व्यतीत करते आये है.

हम बाहरी चीजो की तरफ तभी भागते है जब तक हमें खुद से जुड़ने का मौका नहीं मिलता है. एक बार हम खुद को जानने की कोशिश करने लगे तो बाहर की भागदौड़ ख़त्म हो जाती है.

सामान्य तौर पर इंसानी चंचलता ही हमें एक जगह स्थिर नहीं होने देती है और हम क्षणिक सुख की तलाश में भटकते रहते है जबकि असली सुख हमारे अन्दर ही है.

यही वजह है की जब हम इसे महसूस करना शुरू कर देते है तो हमें समय का अभाव खलने लगता है, मन बार बार उसी सुख की अनुभूति करने की कोशिश करता है जो उसे ध्यान में मिलता है इसी वजह से आप जब भी खाली होते है आपका मन आपको दुसरो के साथ समय बिताने की बजाय उसी अवस्था में ले जाने की कोशिश करता है.

ये कोई side effect नहीं है बल्कि एक शुरुआत है खुद के प्रति sensetive बनने की. एक बार आपने आध्यात्म का महत्त्व और meaning of spirituality समझ लिया आप अपने आप इससे बाहर निकल सकते है.

 is introvert person more spiritual than normal ?

शायद आपका जवाब होगा हाँ लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. एकांत में ज्यादा समय बिताने वाले लोगो से ज्यादा spiritual आपको वो लोग मिलेंगे जो सभी के प्रति ज्यादा ही sensetive होते है.

एक introvert personality के साथ जीने के तब कोई मतलब नहीं रहता है जब आप किसी की पीड़ा को महसूस ही नहीं कर सको, आप जान ही नहीं सको की दुसरे क्या महसूस करते है यहाँ तक की nature और आपके आसपास के पेड़ पौधे भी.

सभी के साथ emotional और sensetive attachment हमें एक introvert person की तुलना में कही ज्यादा spiritual बनाता है.

सिर्फ एकांत में समय बिताने और लोगो से अलग थलग रहने को हम spirituality नहीं कह सकते है. जब तक आप खुद और दुसरो के प्रति sensitive नहीं बन सकते आप सिर्फ एक normal person ही है.

आध्यात्म हमें एक बेहतर जीवन जीने के तरीका सिखाता है जिसके लिए सबसे पहले ये जानना बेहद जरुरी है की हम है कौन, हम अभी कहाँ पर है. आध्यात्मिक यात्रा पर चलने से पहले आपको किन किन सवालों का जवाब पाना चाहिए आइये जानते है.

true meaning of spirituality – आध्यात्मिक जीवन हमें क्या सिखाता है ?

life में spiritual journey को शुरू करने से पहले हमें खुद को जानना होगा, हम अभी कहाँ पर है हम कहाँ तक जा सकते है जैसे प्रश्नों का जवाब पाना ही हमें spirituality के नजदीक ले जाता है. अगर आप भी अपनी life को बदलना चाहते है तो सबसे पहले आपको जानना होगा की

“आप अभी कहाँ पर है” ?

बिना वर्तमान स्थिति को जाने हम आगे नहीं बढ़ सकते है इसलिए सबसे पहले ये जानना बेहद जरुरी है की हमारी वर्तमान परिस्थिति कैसी है और हम इसमें क्या बदलाव कर सकते है. इसके अभाव में हम एक जीवन चक्र में घूमते रहते है अपने बनाए दायरे में जो हमारी क्षमता को एक सीमा में बांध देता है.

ज्यादातर लोग एक ही तरीके का जीवन जीते आ रहे है वो वही करते है जो वो करते आए है इस वजह से उन्हें मिलता भी वही है.

अगर आप कुछ अच्छा और बेहतर पाना चाहते है या फिर अपने life में अच्छे बदलाव की उम्मीद रखते है तो उस लायक खुद में बदलाव करे. meaning of spirituality  हमें यही सिखाता है लेकिन सवाल ये उठता है की आखिर हम अपने लिए सही परिस्थिति का चुनाव कैसे करे ?

इसके लिए आपको अपनी वर्तमान परिस्थिति से सवाल करने होंगे जैसे की

  • हम अभी क्या कर रहे है और हम क्या पा रहे है ?
  • इसमें हम क्या बदलाव कर सकते है और इसके अनुपात में ही क्या पा सकते है ?
  • वर्तमान परिस्थिति के लिए हमारे कौन कौनसे विश्वास और पूर्वधारणा जिम्मेदार है जिनमे हम बदलाव कर सकते है ?

ये सब हमें खुद के प्रति अवेयर करने का पहला चरण है

खुद के प्रति अवेयर बनने के अभिन्न चरण

एक बार आप meaning of spirituality समझ जाओ तो चेतना को बढाना कोई मुश्किल कार्य नहीं है और न ही इसके लिए आपको घंटो ध्यान की स्थिति में बैठे रहने की आवश्यकता है, आपको जरुरत है तो बस खुद के प्रति जागरूक बनने की. अगर daily life में हम जो भी कर रहे है उसे जागरूक रहते हुए करे तो भी हम खुद को sensetive बना सकते है साथ ही spiritual person भी. शुरुआत आप छोटी छोटी activity से कर सकते है जैसे की

  • दांतों की सफाई करते समय दांतों के प्रति अपनी चेतना को जोड़ना ( सारा ध्यान सिर्फ ब्रश करने में )
  • खाना खाते समय हम क्या खा रहे है इसका स्वाद कैसा है और ये हमारे शरीर में कैसे ग्रहण किया जा रहा है के प्रति पूरी चेतना रखना.
  • दोड़ते वक़्त हमारे पैर कैसे गति कर रहे है इसका ध्यान रहना.

हमारी चेतना सिर्फ एक ही जगह रहती है जब हम टीवी देखते है ऐसा क्यों ? क्यों की हमें ये पसंद है और जब हम टीवी पर अपने पसंद का प्रोग्राम देखते है तो हमें और कुछ भी ध्यान नहीं रहता है, for example – action movie देखकर खुद में वही पॉवर महसूस करना, शक्तिमान जैसे सीरियल देख कर खुद को ध्यान योग की स्थिति में महसूस करना ये सब हमारी चेतना के जुड़ाव को दर्शाते है.

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ध्यान हमें किस तरह बदलता है

ध्यान या मैडिटेशन के द्वारा जब हम खुद को शांत और स्थिर महसूस करना शुरू कर देते है तो ये हमारी जागरूकता को बढ़ा देता है जिसके बाद हमें किसी चीज को महसूस कर उसेके प्रति जुडाव को अनुभव करने की जरुरत नहीं पड़ती है बल्कि हमारे विचार और भाव के प्रति आये बदलाव की वजह से हम सिर्फ एक observer बन जाते है.

ध्यान हमारी reaction करने की क्षमता को बदलता देता है जिसकी वजह से हम एक normal life person की तरह तुरंत reaction करने से बचते है और एक action के अलग अलग वजह को अनुभव करते है.

ये सब हमारी meaning of spirituality को समझने के बाद सोच के दायरे में आये बदलाव की वजह से संभव हो सकता है.

मैडिटेशन की वजह से हमारी सोच का दायरा बढ़ता है और हमारे कार्यप्रणाली में बदलाव आता है जिसकी वजह से हम किसी काम को conventional way की बजाय creative way में ले जाते है और हमें बेहतर रिजल्ट मिलने लगते है.

यही वजह है की मैडिटेशन के प्रति लोगो का जुडाव ज्यादा देखने को मिलता है. वास्तव में मैडिटेशन के जरिए हम हमारे सोचने की क्षमता को expand करते है और फर्क महसूस करते है.

meaning of spirituality – differ from religion final word

आध्यात्म यात्रा की परिभाषा यानि meaning of spirituality वास्तव में किसी धर्म विशेष पर आधारित नहीं है. न ही किसी धर्म विशेष पर ये लागू होती है. जो लोग spirituality को धर्म से जोड़ कर देखते है यकीं माने उन्होंने सिर्फ बाहरी बदलाव को समझा है उनके लिए आन्तरिक बदलाव न तो कभी हुए है न ही होंगे.

विचारो की सीमा को तोड़ कर सोच के दायरे को बढ़ाना ही आध्यात्मिक यात्रा का पहला चरण है. उम्मीद करता हूँ अब आप किसी person की spirituality को उसके कपड़े, परिवेश और रहन सहन नहीं बल्कि आचरण के आधार पर देखने का प्रयास करेंगे.

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credit – what is spirituality