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Thursday, May 28, 2026
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हनुमान शाबर वशीकरण मंत्र का अचूक उपाय घर पर ही करे ये एक छोटा सा उपाय

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वशीकरण के बारे में अब तक हम अनेको विधि के बारे में पढ़ चुके है. हनुमान शाबर मंत्र में भी वशीकरण के कई ऐसे प्रयोग है जिन्हें आप कर सकते है. आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले है Hanuman Vashikaran mantra के बारे में जो की एक आसान Shabar mantra pryog है.

हनुमान बीज मंत्रो की सबसे खास बात ये है की ये अपने आप में जाग्रत मंत्र होते है.

शाबर मंत्र की शक्ति के बारे में हम सब जानते है ये आसानी से सिद्ध होते है और ज्यादातर मंत्र तो स्वयं जाग्रत होते है.

Hanuman Vashikaran mantra for husband का प्रयोग करके आप अपने पति को वश में कर सकती है.

Hanuman Vashikaran mantra

ये मंत्र प्रयोग कोई भी कर सकता है क्यों की इसमें किसी तरह की साधना विधि की जरुरत नहीं है.

आप सिर्फ Beej mantra meditation के जरिये भी Vashikaran shabar mantra pryog कर सकते है.

नियमित रूप से किया गया हनुमान चालीसा का पाठ भी घर में आ रही ज्यादातर समस्या का समाधान कर सकता है.

Hanuman Vashikaran Shabar mantra का ये आसान सा प्रयोग सिद्ध करने की जरुरत नहीं है क्यों की ये पहले से ही सिद्ध मंत्र है और घर पर रहते हुए किया जा सकता है.

Hanuman Vashikaran mantra in Hindi

ज्यादातर लोगो को लगता है की वशीकरण या काला जादू जैसी कोई शक्ति नहीं होती है. उनका ये सोचना काफी हद तक सही है क्यों की आज के समय में इसे धंधा बना दिया गया है.

अब सवाल ये है की क्या वास्तव में वशीकरण होता है या फिर इसके नाम पर बेवकूफ बनाया जाता है. इसके लिए आपको समझना होगा की वशीकरण वास्तव में क्या है ?

“वशीकरण या काला जादू उर्जा के transfer पर काम करता है. जब हम किसी व्यक्ति के Aura energy field और consciousness को प्रभावित करना शुरू करते है तब हम आसानी से सामने वाले व्यक्ति को प्रभावित कर सकते है.”

इस आर्टिकल में शेयर किया गया Hanuman Vashikaran mantra उपाय और कुछ नहीं हनुमान बीज मंत्र का ध्यान है. ये एक सौम्य साधना है और घर पर रहते हुए आसानी से की जा सकती है.

इस साधना के जरिये husband wife dispute solution को solve किया जा सकता है. अगर आप खुद के लिए इसका प्रयोग कर रहे है तो ये आसान प्रयोग कर सकते है.

Hanuman Vashikaran Shabar mantra

ये हनुमान सिद्ध शाबर वशीकरण मंत्र का प्रयोग पहले से सिद्ध है इसलिए आपको इसके प्रयोग में ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा. अगर आप हनुमान जी के साधक है तो साधना में काफी आसानी से सिद्धि हासिल की जा सकती है. आइये जानते है इसकी पूरी विधि

  • सबसे पहले दिन का चयन करे. अगर मंगलवार के दिन आप ये प्रयोग शुरू कर रहे है तो सबसे बेहतर है क्यों की ये हनुमान जी का वार है.
  • सबसे पहले नहा धो कर साफ कपड़े धारण करे.
  • हर रोज एक माला मंत्र का जप करे जिसे निचे शेयर किया जा रहा है.
  • Hanuman Vashikaran mantra के साथ साथ हनुमान बीज मंत्र का जप भी करे जो की “हं” है.
  • कुछ समय बाद ही आपको इस मंत्र के प्रभाव देखने को मिलना शुरू हो जाते है.

मंत्र

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंताय दुष्टदमनाय वशीकराय फट स्वाहा ||

Mantra

Om Hreem Hreem Hreem Hanumantaaya Dushtadamanaaya Vashikaraaya Fatt Swaha ||

मंत्र जाप के बाद 10 मिनट ध्यान साधना में बैठे और हनुमान बीज मंत्र का जप करे. हं बीज मंत्र हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली बीज मंत्र है.

जब नियमित स्तर पर इसका जप किया जाता है तो ये जल्दी ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है.

Read : Most powerful videshan maha mantra and totke दो लोगो के संबध को तोड़ने की तंत्र क्रिया

हनुमान मंत्र साधना से जुड़े नियम और सावधानी

Hanuman Vashikaran mantra में आपको 100% सफलता मिले इसके लिए आपको कुछ बातो का ध्यान रखना होगा. हनुमान साधना में आमतौर पर इन सभी बातो का ध्यान रखा जाता है.

  • हनुमान जी की साधना पूर्णिमा के आसपास के मंगलवार से करनी चाहिए. ये साधना में साधक की उर्जा के स्तर को बढ़ाती है.
  • लाल रंग का आसन और लाल मूंगे या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना होता है.
  • साधना के लिए घर का मंदिर का स्थान सबसे बेहतरीन स्थान है जो साधना के लिए उपयुक्त है.
  • Hanuman Vashikaran Shabar mantra में जल का लौटा, देसी घी या चमेली के तेल का दीपक और गंगाजल रखना आवश्यक है.
  • हनुमान जी की साधना के दौरान संकल्प लिया जाता है जो की 14 दिन का होता है और इसकी शुरुआत में मंदिर में 11 लोंग, 11 इलाइची, हनुमान सिंदूर और चमेली के तेल की एक शीशी किसी लाल कपड़े में बांध कर हनुमान जी की प्रतिमा के आगे रखनी होती है जिसे पहले या साधना के बाद मंदिर में देना होता है.
  • साधना की शुरुआत से पहले गणेश पूजा, गुरू पूजा और कुलदेव पूजा करना ना भूले इससे आपके आसपास का वातावरण आपके अनुकूल बनता है.
  • साधना के दौरान साधक का self confidence and faith होना बेहद जरुरी है. इसके बगैर सफलता के कोई चांस नहीं है.
  • साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना बेहद आवश्यक है.

इन सभी नियम का पालन करते हुए आप साधना में सफलता हासिल कर सकते है.

Read : त्रिलोकी वशीकरण के लिए श्री यंत्र पर त्राटक साधना का सबसे आसान अभ्यास और अनुभव

how effective Hanuman Vashikaran mantra is final conclusion

हनुमान जी की साधना का अभ्यास करने वाले अच्छे से जानते है की हनुमान चालीसा में कितनी शक्ति है.

नियमित तौर पर किया जाने वाला हनुमान चालीसा का पाठ आपको दिव्य अनुभूति करवाता है. आपके Aura energy field में मजबूती लाता है और चेहरे के तेज में वृद्धि करता है.

यहाँ शेयर किया गया Hanuman Vashikaran mantra प्रयोग भी आसान है और कोई भी इसे कर सकता है.

अगर आपको लगता है की आपके पति, पत्नी या girl-friend boyfriend के बीच किसी तरह का dispute चल रहा है तो उसके समाधान के लिए आप इस मंत्र प्रयोग को कर सकते है. इस प्रयोग को Hanuman Vashikaran mantra for husband के तौर पर किया जा सकता है.

ज्यादातर प्रेमिका वशीकरण के लिए इसका प्रयोग करते है और नियम का पालन करते हुए सफलता हासिल करते है.

अगर आपको लगता है की मंत्र की शक्ति आपके लिए काम नहीं कर रही है तो हताश ना हो बल्कि मन पर विश्वास बनाए रखे और उसे और ज्यादा मजबूत करे. माला जप को संकल्प के अनुसार बढ़ा सकते है ताकि आपको साधना में और ज्यादा समय मिल सके और आपका विश्वास मजबूत हो सके.

क्या आप जानते है जब एक शैतानी शक्ति इंसानी शरीर पर कब्ज़ा करती है तब क्या क्या बदलाव होते है ?

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क्या आप जानते है Common signs of demonic possession क्या है और क्या होता है जब कोई शैतानी शक्ति हमारे शरीर पर कब्ज़ा करती है. हमने अब तक How Djinn Control human body के बारे में पढ़ा था.

आज हम इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए Signs and Stages of Demonic Possession के बारे में बात करने वाले है. हम सब इस टॉपिक को लेकर काफी डरे हुए रहते है लेकिन क्या आप जानते है Possession सिर्फ एक रात या Overnight नहीं होता है.

ये एक process है जो स्टेज में वर्क करती है. ऐसा नहीं है की आप अपने आप Demonic Possession के शिकार बन जाओ. किसी भी signs of demonic possession को समझते हुए आप समय रहते इससे बचाव कर सकते है.

Common signs of demonic possession

जब तक आप कोई गलती नहीं करते है जैसे की playing with Ouija boards, attending or conducting séances, even going on a ghost hunt with friends आप किसी भी तरह के Possession का शिकार नहीं बन सकते है.

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की आप ऐसी किसी भी गलती को करने के लिए कितने भी Innocent है आप Dark Spirits का शिकार बन जायेंगे.

आज हम सब किताबो के जरिये Signs and Stages of Demonic Possession के बारे में काफी कुछ जान चुके है.

इन बुक्स में signs of demonic possession के बारे में काफी कुछ शेयर किया गया है.

दरअसल वक़्त के साथ हमें Demonic Possession और mental illness के बारे में काफी कुछ पता चला है और इन दोनों ही स्थिति में फर्क करना भी सीख चुके है.

Degrees and signs of demonic possession in Hindi

जब भी कोई व्यक्ति demonic possession का शिकार बनता है ये process एक स्टेज में होती है. किसी भी आत्मा को अपना शिकार बनाने से पहले कुछ कंडीशन को फॉलो करना पड़ता है.

किसी भी आत्मा को अपना शिकार बनाने के लिए कुछ जरुरी कंडीशन का होना जरुरी होता है. जब तक आप उन कंडीशन से नहीं गुजरते है आप किसी भी demonic possession का शिकार नहीं बन सकते है.

अगर आप इन सबसे बचना चाहते है तो आपको signs of demonic possession के साथ साथ 4 Degrees of demonic possession के बारे में मालूम होना चाहिए.

आज हम हर जगह ऐसे कई केस देखते है जो पहली नजर में demonically possessed का केस लगता है लेकिन ये किसी तरह का possesion नहीं बल्कि mental illness की वजह से होता है.

देखा जाए तो satanic possession और mental illness में फर्क कर पाना आसान नहीं है. इनके शुरुआती लक्षण लगभग एक जैसे ही होते है. आज हम बात करने वाले है 4 Degrees of demonic possession के बारे में यानि satanic possession के लिए आपको किन कंडीशन से गुजरना पड़ता है.

Demonic Possession Cases Are Increasing

सुनने में शायद अजीब लगे लेकिन Hollywood movie Exorcist जैसी मूवी की वजह से लोगो के अन्दर demonic possession को लेकर काफी सारी धारणाए बनी और इसके बाद ही Demonic Possession Cases में अचानक से बढ़ोतरी देखी जाने लगी है.

इन सब मूवी में aspects of the occult को काफी अच्छे से दिखाया गया है जो की satanic possession की वजह बनते है.

ऐसी क्या वजह बनी जो Exorcist जैसी मूवी के आने के बाद Demonic Possession Cases अचानक ही क्यों बढ़ने लग गए थे. Signs of demonic possession के बारे में हम आज बात करेंगे.

सबसे पहले में क्लियर कर देना चाहूँगा की ये एक spiritual point of view है ना की psychological or scientific one क्यों की कुछ suspected cases of possession में किसी तरह Demonic Possession नहीं थे बल्कि mental illness ही थी.

आपको ये पता होना चाहिए की satanic possession कोई normal topic नहीं बल्कि dark and dangerous subject है.

ये आपको डरा सकता है इसलिए अगर आपको लगता है की आप किसी demonic influence में है तो किसी proffesional healer, spiritual expert से मिलकर इसके बारे में consult कर ले.

सबसे पहले हमें Difference Between signs of demonic possession and Mental Illness के बारे में जान लेना चाहिए.

जब आप एक Demonic Possession के असर में होते है तब exorcist की process के दौरान presence and prayers of an exorcist को लेकर negative reaction देते है. वही दूसरी तरफ एक mental illness के दौरान ऐसी कोई reaction नहीं होती है.

Read : लाइफ आसान बन जाएगी अगर आपने कर्म के 12 मूल सिद्धांत को समझ लिया जानिए कर्म कैसे आपकी लाइफ को प्रभावित करते है

Am I Possessed?

इस बारे में क्लियर बात करना काफी मुश्किल है की आप possessed by a demon से गुजर रहे है या फिर ये आपका वहम है. अगर आप इसे लेकर sure नहीं है तो किसी priest या फिर Porffesional paranormal expert से consult जरुर कर ले.

जब से वक़्त के साथ demonic possession case में अचानक से बढ़ोतरी हुई है Paranormal expert or Priest को भी train करना शुरू किया जा चूका है.

हर जगह सही और गलत के बीच फर्क करना बेहद मुश्किल बन चूका है. सबसे पहले हम signs of demonic possession के बारे में बात कर लेते है.

अगर आपका व्यवहार बदल रहा है या अचानक ही आप उसमे अजीब चेंज अनुभव कर रहे है तो आपको पहले किसी mental health expert से बात करनी चाहिए. इससे बात ना बने तब आप किसी Paranormal expert or exorcist की help ले सकते है.

Signs of Possession

सबसे पहले तो आपको clear signs of possession के बारे में पता होना चाहिए क्यों की शुरुआती स्तर पर यही आपको समझने में मदद कर सकता है की आप किसी mental health issue से गुजर रहे है या फिर satanic possession से गुजर रहे है.

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जब एक Humand Body पर Demon अपना कब्ज़ा करना शुरू करता है तब वह ऐसे कई sign देता है जो आपको इसे समझने में मदद करता है.

  • Odd behaviour अगर आप वास्तव में किसी तरह के Signs of demonic Possession से गुजर रहे है तो ऐसी कई activity आपके behaviour में दिखना शुरू हो जाती है. एक आसान उदाहरण से इसे समझना चाहे तो मान लीजिये आप Non-veg नहीं खाते थे और अचानक से ही आप इसका सेवन करना शुरू कर देते है. आप अलग अलग भाषा में बात करना शुरू कर देते है. या फिर ऐसा कोई behaviour जो आपके अन्दर पहले नहीं था लेकिन, अचानक ही आप इस तरह की हरकत करना शुरू कर देते है.
  • Night Terrors: जैसा की हम सब जानते है की demon’s powers सबसे ज्यादा Night time में ही Strong होती है. जब भी उनका होस्ट सो रहा होता है वो इसी समय horrifying dreams and night terrors को experience करना शुरू कर देता है. कई बार ऐसा भी होता है की victim आधी रात के बीच में ही उठ जाए और अचानक ही strange behave करना शुरू कर दे.
  • Negative Reaction to Prayer: ये एक most critical and important Signs of demonic Possession है क्यों की इस दौरान एक व्यक्ति जिसके शरीर पर आत्मा ने कब्ज़ा किया है वो काफी कमजोर हो जाता है. ना सिर्फ Physical but mental health condition भी काफी कमजोर रहती है. यही वजह है की जब एक Exorcist व्यक्ति पर Exorcism prayer process करता है तब वो प्राथना को लेकर काफी negative reaction देता है. उसकी हरसंभव कोशिश यही रहती है की किसी भी तरह से exorcism को बीच में ही रोक दे.

ऊपर शेयर किये गए सभी clear signs of demonic possession आपको ये समझने में मदद करते है की आप वाकई किसी satanic possession influence में है या फिर mental health condition की वजह से आपके साथ ये सब हो रहा है.

Read : कर्ण पिशाचनी साधना का सच्चा अनुभव जानिए क्या होता है और क्यों ये साधना नहीं करनी चाहिए

What Happens When You Are Possessed?

मान लीजिये आप किसी satanic possession influence में आ जाते है तो ऐसी स्थिति में आपके अन्दर किस तरह के बदलाव आते है? अब हम कुछ ऐसे बदलाव के बारे में बात करने वाले है जो किसी भी person under influence of demonic possesion के अन्दर देखे जा सकते है.

  • Different Voice जब आप किसी demonic possesion का शिकार बनते है तब सबसे पहला बदलाव आपके आवाज में देखा जाता है. आपकी आवाज में आ रहा बदलाव दर्शाता है की Physical and mental health कमजोर होने की वजह से आप किसी तरह के possesion के प्रभाव में है.

आपकी आवाज में बदलाव आ सकता है या फिर जो भाषा आप बाकि समय इस्तेमाल करते है signs of demonic possession के दौरान कोई अलग ही आवाज सुनने को मिले. हालाँकि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है की Split personality disorder में भी आप आवाज में बदलाव को महसूस कर सकते है.

  • Different Personality जब आप किसी satanic possession influence में होते है तब आपकी personality में change को देखा जा सकता है. ऐसी कई wild mood swings को experience किया जा सकता है जो आप under influence of demonic possession के दौरान करते है. आप इस दौरान ऐसी कई scary activity करते है जो बाकि समय आपके लिए possible नहीं होती है.

रजनीकांत और अक्षय कुमार की मूवी भूल भुलैया और चंद्रमुखी में आपने वो scene तो देखा ही होगा की किस तरह 4 पहलवान जिस पलंग को उठाते है उसे एक lady सिर्फ एक हाथ से उठा देती है. इसके अलावा Hollywood movie split, Glass जैसी मूवी में इंसानी क्षमता किस तरह personality disorder के दौरान बदल जाती है इसे आप signs of demonic possession के तौर पर देख सकते है.

  • New Abilities सुनने में ये weired लग सकता है लेकिन जब आप demonic possession के प्रभाव में होते है तब आपके अन्दर ऐसी कई स्किल देखने को मिल जाती है जो normal life में आपके पास नहीं होती है.
  • Supernatural Knowledge: जैसे जैसे आप degrees of demonic possession में आगे बढ़ते है वैसे वैसे आपका knowledge level बढ़ता जाता है. आप ऐसी कई बाते करना शुरू कर देते है जो बड़े बड़े लोगो को पता नहीं होता है. आपके ज्ञान का स्तर normal conditon से बढ़ जाता है.

जब आप शैतानी शक्ति के प्रभाव में होते है तब आपके अन्दर आ रहे बदलाव को signs of demonic possession के तौर पर देखा जा सकता है.

Read : आखिर क्यों लामिया श्राप को इतना खतरनाक माना जाता है – 3 दिन की खतरनाक पीड़ा और अंतहीन नरक की आग में जलना

4 degrees of demonic possession

हम ऊपर बात कर चुके है की आत्माओ का शरीर पर कब्ज़ा अचानक ही नहीं होता है. ये एक step process है यानि एक आत्मा धीरे धीरे कुछ कंडीशन के अनुसार आपके शरीर पर कब्ज़ा करती है.

एक उदाहरण के लिए जिन्नात काफी शांत स्वभाव के होते है और खुद ही इंसानी दुनिया से अलग रहना पसंद करते है लेकिन, जब उनके रहने की जगह पर किसी तरह की activity करते है जो उन्हें पसंद नहीं होती है तब वे आपके शरीर पर कब्ज़ा कर लेते है.

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बात करे 4 degrees of demonic possession की तो किसी भी इंसानी शरीर पर कब्ज़ा करने के लिए आपका इन कंडीशन से गुजरना जरुरी होता है. ये 4 signs of demonic possession है जो जरुरी है.

  1. Infestation: शुरुआती स्टेज पर आपके आसपास की जगह का माहौल Haunted house जैसा होना चाहिए जैसे की footsteps, voices, apparitions, furniture यानि ऐसी कोई activity जो human activity ना हो या फिर आपको पता नहीं हो की ऐसा क्यों हो रहा है.
  2. Oppression: जब आप इन सब पर बिलीव कर देना शुरू कर देते है की आपके आसपास जरुर कोई paranormal entity है तब वे आपके ऊपर अपना सीधे तौर पर प्रभाव दिखाना शुरू कर देती है. इसमें कई activity शामिल है जैसे की physical attacks, sleep disturbances including regular nightmares, frequent and severe illnesses, major depression or anxiety, severe financial or employment problems, and relationship troubles.

जब आप ऐसी किसी signs of demonic possession से गुजरना शुरू कर दे तो समझ जाए की आप second degree of demonic possession से गुजर रहे है.

यहाँ तक evil force आपको सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करती है बल्कि दूसरो से अलग करने का काम करती है.

  1. Obsession: जैसा की नाम से साफ है इस स्टेज तक आते आते व्यक्ति evil spirits के हावी होने के लिए रेडी होना शुरू हो जाता है. अपने दिन भर के काम में फोकस होने में प्रॉब्लम होना, हर पल अपने आसपास किसी बुरी शक्ति के होने का अहसास और विचार आना, चाहकर भी खुद को negative thoughts से अलग ना कर पाना. यहाँ तक हम व्यक्ति को demonic possession से बचा सकते है. आपको जरुरत है तो signs of demonic possession को समझते हुए उससे बचाव करने की.
  2. Possession: जब आप पूरी तरह ये मान लेते है की आपके आसपास कोई बुरी शक्ति है और वो आपके शरीर पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही है. व्यक्ति की अपनी free will अब कमजोर पड़ना शुरू हो चुकी है और वो पूरी तरह satanic possession के लिए तैयार हो चूका है. आपको एक बात मालूम होनी चाहिए की अब भी व्यक्ति की अपनी इच्छा शक्ति कमजोर और दबी हुई है ख़त्म नहीं हुई है.

ये 4 degrees of demonic possession उन अलग अलग कंडीशन और signs of demonic possession से मिलकर बनी है जो एक व्यक्ति के बॉडी पर कब्ज़ा करने के लिए जरुरी होता है.

  • सबसे पहले आपको अपने होने का अहसास करवाया जाता है. ये पहला signs of demonic possession है.
  • आपको दूसरो से अलग करने के लिए सिर्फ आप experience करे ऐसी activity की जाती है.
  • आपकी mental health को कमजोर करना और आप खुद पर ही doubt करना शुरू कर देते है.
  • एक समय आता है जब आपकी अपनी free will पूरी तरह दब जाती है और आप मान लेते है की आप किसी demonic possession का शिकार बन चुके है.

ये सब किसी भी आत्मा के आपके शरीर पर कब्ज़ा करने के लिए बेहद जरुरी होता है.

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How to Get Rid of a Demon

ऐसे कई तरीके है जो आपको ऐसी किसी भी शैतानी शक्ति के कब्जे से दूर रहने में मदद कर सकते है.

इसमें कुछ आसान उपाय है तो कुछ मुश्किल टिप्स भी शामिल है जिन्हें अगर फॉलो कर लिया जाए तो आप खुद को किसी भी तरह के demonic possession से दूर रख सकते है.

Indian culture में जब किसी व्यक्ति पर signs of demonic possession को देखा जाता है तब उन्हें Tantric, Spiritual healer के पास ले जाया जाता है.

ग्रामीण भाषा में इसे ओझा, भगत जैसे नामो से भी बुलाया जाता है.

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western culture जैसे UK, USA, Australia जैसी जगहों पर Spiritual healer, Priest, certfied exorcist की help ली जाती है. ये सब paranormal activity investigation में माहिर होते है और process के दौरान demon possession है या फिर mental health issue इसका न सिर्फ पता लगा लेते है बल्कि negative energy को शरीर से दूर कर देते है.

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Why Are Cases of Exorcism Increasing?

अगर इस तरह के केस बढ़ने पर बात करे तो इसके कई कारण निकल कर सामने आते है. इन्टरनेट पर इस वक़्त सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है creepy cult, how to summon lucifer, how to join illuminati और इन सब की वजह कही न कही लोगो का भगवान पर से विश्वास ख़त्म होना है.

जब आपकी आस्था इश्वर से हटना शुरू हो जाती है तब आप satanic possession का शिकार बनना शुरू हो जाते है. इसके लिए आप कई major signs of demonic possession को experience कर सकते है.

सबसे बड़ा रीज़न है लोगो का कई तरह के mental, finencial issue से गुजरना और उन्हें लगता है की अगर shortcut में success होना है तो how to sell your soul to demon in exhange of money जैसी process को फॉलो करो.

वैसे और भी कई कारण है लेकिन लोगो में जागरूकता की कमी, हॉलीवुड की ऐसी मूवी जिसमे cult को सबसे ज्यादा दिखाया जा रहा है और स्कूल कॉलेज में एक ऐसा ग्रुप होना जो अपने आप को cult का नाम देता है सबसे बड़े कारण है जो अब भारतीय सोसाइटी में भी देखे जा सकते है.

जितने भी Major signs of demonic possession के बारे में हम जानते है वो सब यहाँ लागू होते है.

अगर आप एक पेरेंट्स है तो आपको इस बात का खास ख्याल रखने की जरुरत है की आपका बेटा या बेटी स्कूल और कॉलेज में किस तरह के स्टूडेंट की संगत में है और किस तरह की activity कर रहे है.

अगर आपको Occult and tantra mantra science की पूरी जानकारी नहीं है और आप किसी ऐसे cult ritual को फॉलो करना शुरू कर देते है तो इस बात के 99% chance है की आप possesion का शिकार बने.

Read : काम भावना पर विजय प्राप्त करना क्यों जरुरी है और इसे आसान कैसे बनाया जा सकता है ?

how to signs of demonic possession work conclusion

अगर आप ये जानना चाहते है की कही आप जो अनुभव कर रहे है वो किसी तरह के signs of demonic possession तो नहीं इसके लिए आप ऊपर शेयर किये सभी पॉइंट को फॉलो कर सकते है. यहाँ हमने mental health issue and demonic possession को अलग अलग करने की कोशिश की है.

पिछले कुछ टाइम से अचानक ही demon possesion signs cases में जो बढ़ोतरी देखने की मिली है उसकी वजह अब आप जान ही चुके होंगे.

अगर आप signs of a demonic possession को समय रहते नोटिस कर लेते है तो खुद को और किसी भी अपने को आत्माओ के कब्जे से दूर रख सकते है.

ज्यादातर केस में हमें लगता है की Human body पर किसी evil force ने कब्ज़ा किया है लेकिन वास्तव में ये mental health issue होता है.

महिलाए जब किसी बात को खुलकर एक्सप्रेस नहीं कर पाती है तब वे इस तरह की कंडीशन से गुजरने लगती है.

उनकी हरकते देखकर आपको लगेगा की ये शैतानी शक्ति के कब्जे में है लेकिन वास्तव में ये उनकी mental health issue की वजह से होता है.

उम्मीद है की अब आप major signs of demonic possession and mental health issue के बीच फर्क करना सीख चुके है.

आखिर क्यों लामिया श्राप को इतना खतरनाक माना जाता है – 3 दिन की खतरनाक पीड़ा और अंतहीन नरक की आग में जलना

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The curse of lamia को सबसे शक्तिशाली श्राप में से एक माना जाता है. एक ऐसा श्राप जो अपने victim को अगले 3 दिन में नरक की आग में जलने के लिए ले जाता है. इस Demon का अलग अलग culture में जिक्र क्या गया है.

Greek mythology के अनुसार ये एक child-eating monster है और कई जगह इसे night-haunting spirit के तौर पर जाना जाता है.

लामिया एक प्राचीन और शक्तिशाली दानव है जिसे दुष्ट जादूगर या चुड़ैलों द्वारा बुलाया जा सकता है, साथ ही जिप्सी जो उन लोगों से बदला लेना चाहते हैं जिन्होंने उनके साथ अन्याय किया है.

एक बार शाप सक्रिय हो जाने पर, The Curse of lamia पीड़ित को अगले तीन दिनों और रातों तक परेशान करेगा.

The curse of lamia

इससे पहले कि यह अंततः नर्क के लिए एक पोर्टल खोलता है और उन्हें खोई हुई आत्माओं के ज्वलंत गड्ढे में घसीटता है ताकि दुष्ट मृतकों के हाथों अंतहीन पीड़ा झेली जा सके.

इस तरह के श्राप की सबसे बड़ी वजह थी कमजोर लोगो के साथ होने वाला अन्याय. दुनिया भर में इस श्राप को लेकर अलग अलग बाते होती आ रही है.

लामिया नाम का ये शैतान एक भेड़ की शक्ल में श्रापित इन्सान को तब तक डराता है जब तक की उसकी Will-power ख़त्म ना हो जाए.

कुछ लोगो के अनुसार ये श्राप सिर्फ लोगो को डराने के लिए फैलाया गया था ताकि अमीर व्यक्ति कमजोर लोगो पर अन्याय ना करे. आइये लामिया श्राप के बारे में डिटेल से बात करते है.

What is The Curse of lamia in Hindi

लामिया श्राप को सबसे ज्यादा पहचान मिली है Drag me to the hell जैसी hollywood movie से लेकिन, हम सब जानते है की मूवी में दिखाई जा रही हर बात सही नहीं होती है.

जिस लामिया श्राप का इस मूवी में जिक्र किया हुआ है वो उन लोगो को दिया जाता था जो अन्याय करते थे और कमजोर लोग जब उनका सामना नहीं कर पाते थे तब उन्हें श्रापित कर देते थे.

एक बार ये The curse of lamia का श्राप किसी व्यक्ति के पीछे लग जाए तो उसे अगले 3 दिन में बहुत बुरे अनुभव के साथ नरक की आग में जलना पड़ता था.

कुछ लोग इसे सच मानते है तो कुछ लोगो के अनुसार ये सिर्फ आमजन में डर फैलाने के लिए कही जाने वाले myth and urban legend में से एक है.

एक मिथक के अनुसार, हेरा ने लामिया को सोने की क्षमता से वंचित कर दिया, जिससे वह अपने बच्चों के नुकसान पर लगातार दुखी हो गई, और ज़ीउस ने उसे हटाने योग्य आँखों से समाप्त करके राहत प्रदान की.

उन्होंने उसे इस प्रक्रिया में आकार बदलने की क्षमता भी दी.

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Lamia and affair with zeus

लामिया का जिक्र और जगह पर भी हुआ है. Greek mythology के अनुसार The Curse of Lamia की जनक एक सुन्दर राजकुमारी थी जो लीबिया पर राज करती थी. उसका अफेयर देवता zeus के साथ था.

जब इसका पता हेरा को लगा तो उन्होंने लामिया के बच्चो को उससे छीन लिया और इसकी वजह से रानी की मानसिक स्थिति बिगड़ गई.

उसे सामने जो भी बच्चे दिखाई देते वो उन्हें छीन लेती थी. उसके क्रूर कृत्यों के कारण, उसका शारीरिक रूप बदल कर बदसूरत और राक्षसी हो गया.

ज़ीउस ने लामिया को भविष्यवाणी की शक्ति और अपनी आँखों को बाहर निकालने और फिर से लगाने की क्षमता दी, संभवतः इसलिए कि उसे हेरा ने अनिद्रा के साथ शाप दिया था.

The-curse-of-lamia-from-greek-mythology

वह अब अपनी आँखें बंद नहीं कर सकती थी जिससे वह हमेशा अपने खोए हुए बच्चों पर ध्यान देने के लिए मजबूर हो जाती थी.

The curse of lamia को सर्पिन गुणों के रूप में वर्णित किया गया है, जो कुछ टिप्पणीकारों का मानना ​​​​है कि पुरातनता से पौराणिक कथाओं का दृढ़ता से पता लगाया जा सकता है.

उन्होंने प्राचीन ग्रंथों में समानताएं पाई हैं जिन्हें लामिया (या लामिया ) के रूप में नामित किया जा सकता है जो कि अंश-सर्प प्राणी हैं. इनमें डियो क्राइसोस्टॉम द्वारा बताए गए “लीबियाई मिथक” के आधे-महिला, आधे-सांप वाले जानवर , और अपोलो द्वारा आर्गोस को भेजे गए राक्षस को सामाथे (क्रोटोपस) का बदला लेने के लिए शामिल किया गया है.

पिछली शताब्दियों में, ग्रीस में लामिया का इस्तेमाल बच्चों को आज्ञाकारिता में डराने के लिए एक बोगीमैन के रूप में किया जाता था, ठीक उसी तरह जैसे स्पेन, पुर्तगाल और लैटिन अमेरिका में माता-पिता कोको का इस्तेमाल करते थे.

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लामिया शैतान का व्यक्तित्व

The curse of lamia के लामिया को एक अत्यधिक हिंसक, परपीड़क, विकृत, आक्रामक और नकलची राक्षस है जो आत्माओं को शिकार करने और उन्हें नर्क में ले जाने के अपने भीषण कार्य में आनंद लेता है.

यह द्वेष के अलावा किसी अन्य स्पष्ट कारण के लिए ऐसा नहीं करता है और इस कारण से माना जा सकता है एक “शैतानी” व्यक्तित्व है.

ग्रीक पौराणिक कथाओं में, लामिया एक बोगीवुमन है जो छोटे बच्चों को दावत देने के लिए देश को डराने के लिए जानी जाती है.

छोटे बच्चों को रात में बिस्तर पर लाने के तरीके के रूप में यह कहानी ग्रीस में लोकप्रिय हो गई. नेत्रहीन, जानवर को अक्सर सांप की तरह पूंछ, सरीसृप शरीर, और आधा महिला-आधा सांप संकर के रूप में चित्रित किया जाता है.

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Urban muth and legend of The curse of lamia Conclusion

दुनिया भर में इस श्राप को लेकर अलग अलग कहानियां फैली हुई है. हो सकता है की ये श्राप किसी समय में शक्तिशालो लोगो को कमजोर पर अन्याय करने से रोकने के लिए फैलाया गया हो लेकिन, अगर इस श्राप में थोड़ी सी भी सच्चाई है तो सोच कर देखे अंजाम क्या हो सकता है.

The curse of lamia को जिस तरह इस मूवी में दिखाया गया है और कई Gypsy culture में पढने को मिला है वो सबसे अलग है. ऐसी कई शैतानी शक्तियां है जिनका प्रयोग अपने victim को परेशान करने और मारने के लिए किया जाता है.

आपको अलग अलग जगह पर Urban legend of lamia के बारे में पढने को मिल जायेगा. आप इस श्राप के बारे में अगर पहले से जानते थे तो हमें कमेंट कर बताना ना भूले.

लाइफ आसान बन जाएगी अगर आपने कर्म के 12 मूल सिद्धांत को समझ लिया जानिए कर्म कैसे आपकी लाइफ को प्रभावित करते है

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आज हम ऐसे 12 Universal Laws of Karma के बारे में बात करने वाले है जिन्हें अगर समझ लिया जाए तो लाइफ में हमारे सोचने और समझने में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है. कर्म ही है जो हमें बताते है की हम जिस पथ पर आगे बढ़ रहे है वो सही है या गलत है.

कर्म या फिर कर्मा एक संस्कृत शब्द है जो हमारे एक्शन को दर्शाता है. न्यूटन के एक नियम के अनुसार हमारी हर एक्शन के विपरीत एक reaction होती है.जब भी हम सोचते या बोलते है तब एक फ़ोर्स बनता है जो हमारे एक्शन के अनुसार काम करता है.

कोई भी व्यक्ति अपने कर्मा से भाग नहीं सकता है लेकिन, क्या आप जानते है हम परेशान कब होते है. परेशानी तब होती है जब हम The Law of Karma को ignore करना शुरू कर देते है.

12 Universal Laws of Karma

लाइफ में सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए आपका 12 Universal Laws of Karma को समझना बेहद जरुरी है.

अगर आपको मालूम हो की आपकी एक्शन का क्या प्रभाव होने वाला है या फिर कब कौनसा लॉ आपको प्रभावित करने वाला है तो यकीन मानिये आपकी एक्शन / कर्म कभी भी आपको परेशान नहीं करेंगे.

इन सबको समझने के लिए आपको karma and reincarnation को जानना होगा. आज हम laws of karma Buddhism के बारे में जानने वाले है.

12 Universal Laws of Karma That Will Change Your Life

कर्म हमें खुद से जोड़े रखता है. हम जो भी एनर्जी इस यूनिवर्स में भेजते है वही हमें घूम फिर कर वापस मिलती है. Breathwork practitioner and spiritual mentor के अनुसार कर्मा हमें अलग अलग पथ पर हमारे भविष्य को निर्मित करते है और हमारे पथ से जोड़े रखते है.

जब तक हम अपने कर्मा के प्रति अवेयर रहते है हमें मालूम होता है की जो हम आज कर रहे है उसका परिणाम क्या होने वाला है.

सबसे बड़ा सवाल जो आज की जनरेशन के सामने है Does Karma Really exist?

यहाँ शेयर किए जा रहे 12 Universal Laws of Karma आपको खुद को समझने और सही दिशा में बढ़ने में help करने वाले है.

बिलकुल Karma or Action आज भी हमें mystical, magical energy के बारे में जानना बाकि है जो universe में है और इंसानी सोच और विचारो से प्रभावित होती है. आप इस एनर्जी को logical human perspective के साथ समझ सके ऐसा हमेशा जरुरी नहीं है.

लाइफ को समझना है और आगे बढ़ना है तो आज ही real life examples of karma in action को समझे. इससे आपके सोचने समझने का नजरिया बदल जायेगा.

Different Types of Karma

अगर गौर करे तो सबसे ज्यादा Universal Laws of Karma के बारे में हिन्दू धर्म में ही बताया गया है. हिन्दू धर्म में कर्म को प्रधान और महत्त्व दिया गया है और मुख्य रूप से 3 प्रधान कर्म है.

  1. प्रारब्ध कर्मा : वो कर्म जो हम लाइफ टाइम करते आ रहे है. हमारी नियति जो कर्मा निर्धारित करती है.
  2. संचित कर्मा : हमारी पिछली जिंदगी और बीते कल तक हमारी एक्शन से जो भी कर्म हमने कमाया है.
  3. आगामी कर्मा : हमारे आज के कर्म ये निर्धारित करते है की आगे आने वाले समय में किस तरह के कर्म का सामना करना होगा.

जब हम ऐसे कर्म करते है जिनसे दुनिया में कुछ अच्छा होता है वे अच्छे कर्म में आते है. हम आज अच्छा कर रहे है तो आने वाले समय में भी हमारे कर्म अच्छे रहने वाले है.

Where do the 12 laws of karma come from?

ऊपर बताये गए 3 कर्म को आगे चलकर 12 Universal Laws of Karma में बाँट दिया जाता है जो इसे समझने में आसान बनाता है.

ये सभी कर्मा का सिद्धांत Hindu and Buddhist belief systems से बने है. हमारी हर एक्शन को दर्शाने के लिए ये 12 Law काम करते है.

इन नियम और सिद्धांत के जरिये हमें ये समझने में help मिलती है की जो भी हमारे कर्म है वो हमें, दूसरो को और इस यूनिवर्स को किस तरह प्रभावित कर रहे है.

अगर आप इसे समझते है तो आपको एक पथ मिलता है, समझ मिलती है की आपके द्वारा किया गया कर्म सही है या गलत. यही एक चीज आपको दूसरो से अलग करती है.

The Great Law

The Great Law को law of cause and effect के नाम से भी जाना जाता है. ज्यादातर लोगो के दिमाग में ये ख्याल आता है जब वे विचार करते है की वास्तव में कर्म क्या है ?

ये नियम दर्शाता है की आप जो भी विचार और उर्जा बाहर भेज रहे है वो किस तरह वापस मिल रही है. वो अच्छी है या बुरी है ये समझ हमें The Great Law के जरिये मिलती है.

12 Universal Laws of Karma में सबसे प्रधान नियम हमें हमारे कर्म के प्रति सचेत रखता है.

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ये नियम दर्शाता है की हम जिस तरह के विचार और उर्जा को दूसरो तक भेजेंगे वही हमें वापस मिलने वाली है. अगर आज हम प्यार और दया की भावना दूसरो तक भेजते है वैसी ही हमें आगे चलकर मिलने वाली है.

हम जैसी उर्जा और विचार दूसरो तक संप्रेषित करेंगे वैसी ही उर्जा हमें मिलेगी. इस नियम को समझने के बाद हम अपने कर्म को सही या गलत की पहचान कर सकते है और उसे सुधार कर सकते है जो आगे चलकर हमारे एक्शन में सुधार करता है.

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The Law of Creation

12 Universal Laws of Karma में से एक The Law of Creation हमें ये समझने में help करता है की वास्तव में हम क्या create कर रहे है.

आप लाइफ में किसी चमत्कार के होने की उम्मीद लगाकर टाइम वेस्ट नहीं कर सकते है.

आपको वो परिस्थिति पैदा करना होगी जो आपके लिए चमत्कार की स्थिति पैदा कर दे.

सफल लोग हमेशा talents, gifts, and abilities का इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ते है, उन्हें परिस्थिति हमेशा उनके अनुसार नहीं मिलती है.

वे हमेशा कुछ न कुछ ऐसा करते है जो उनके लिए ऐसी परिस्थिति पैदा करती है, हालात पैदा करती है जो आगे चलकर हमारे लिए अनुकूल परिस्थिति का निर्माण करती है.

हम अपनी वास्तविकता को कैसा बनाना चाहते है ये पूरी तरह हम पर निर्भर करता है. यह 12 Universal Laws of Karma में दूसरा नियम है और हमें निर्माण के लिए प्रेरित करता है.

आप जिस तरह का भविष्य खुद के लिए चाहते है अपने आज को उसी के अनुसार बनाना शुरू कर दे. धीरे धीरे ये आपके भविष्य का निर्माण करना शुरू कर देती है.

The Law of Humility

लाइफ में कुछ अलग करना है तो सबसे पहले जो आप आज है उसे एक्सेप्ट करना सीख ले.

जब तक आप अपनी वर्तमान की स्थिति को स्वीकार नहीं कर लेते है आप कुछ भी नया बदलाव नहीं ला सकते है. 12 Universal Laws of Karma में से एक मानवता का नियम है.

आप strong, kind, generous, and very humble बनना चाहते है ठीक है हमें ऐसा सोचना चाहिए लेकिन, क्या आप जानते है की आज आप किस स्थिति में है ?

वास्तव में जब तक आपको ये मालूम नहीं होगा की आप वर्तमान में किस स्थिति पर है तब तक आप खुद को नहीं बदल सकते है.

खुद को बदलने के लिए सबसे पहले आपको वर्तमान स्थिति के बारे में पता होना बेहद जरुरी है.

ये तभी संभव है जब आप अपने वर्तमान की स्थिति को accept कर लो फिर चाहे वो सही हो या गलत.

12 Universal Laws of Karma में से एक The Law of Humility आपको खुद से जोड़ता है.

आप कहा से से शुरूआत करते है ये मायने नहीं करता है आपको पता होना चाहिए की अप कहा से शुरू कर किस कहानी को आगे ले जा रहे है.

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The Law of Growth

The universal law of growth हमें डेवलपमेंट सिखाता है. हम खुद को कैसे विकसित कर सकते है, आगे बढ़ सकते है ये The Law of Growth को दर्शाता है. आपने सुना ही होगा की ब्रेन को जितना ज्यादा हम इस्तेमाल करते है वो विकसित होता जाता है.

हम Grow करते है, Change आते है, और इसे ही evolution कहते है. यही 12 Universal Laws of Karma में से एक नियम है.

ये हमारे आसपास की वास्तविकता को कण्ट्रोल करता है उसे बदलता है और हम लाइफ में जो भी बदलाव देखते है वो इसी का हिस्सा है.

यहाँ पर personal development and reading self-help and spiritual books सबसे बड़ा अहम् रोल निभाती है.

हम जितना ज्यादा किताबे पढ़ते है हमारे सोचने समझने का नजरिया बदलता और विकसित होता जाता है.

The Law of Responsibility

क्या आप अपने द्वारा किये गए हर कर्मा के लिए जिम्मेदारी लेते है ? एक उदाहरण के जरिये इसे समझते है.

आप कोई काम करते है और उसमे आप फ़ैल हो जाते है. गलती किसकी है ? हम फ़ैल हो गए क्यों की फलाना व्यक्ति ने सपोर्ट नहीं किया, आपको सफल होने के लिए Proper resources नहीं मिले या फिर कोई भी ऐसी बाहरी वजह जिसकी वजह से आप फ़ैल हो गए.

क्या आपने खुद की गलती स्वीकार की ?

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नहीं ! हम आमतौर पर यही करते है. कामयाबी पर पूरा क्रेडिट हम सब लेते है लेकिन अपनी असफलता की वजह खुद को मानना कोई नहीं चाहता है.

12 Universal Laws of Karma में से एक The Law of Responsibility हमें जिम्मेदारी का अहसास करवाता है.

हमारी हर एक्शन के लिए हम खुद जिम्मेदार है कोई और नहीं और यही सब हमें इसमें जानने को मिलता है.

ये हमारे एक्शन को निर्धारित करता है और हम सही या गलत दिशा में आगे बढ़ते है.

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The Law of Connection

क्या आप भी ये मानते है की हम सब इस यूनिवर्स में हर जगह से किसी न किसी वे में जुड़े हुए है? आपके बीते कल, आज और आने वाले कल में आप अलग अलग लोगो से जुड़ने वाले है.

आपने कल तक जो भी अनुभव किया है उसका प्रभाव आज पर है और आज का प्रभाव आने वाले कल पर पड़ेगा.

ये सब आपस में Interlinked है और हम सब आपस में कही न कही Connected है. 12 Universal Laws of Karma में से एक The Law of Connection हमें दूसरो के साथ जोड़ता है.

हम खुद में जैसा बदलाव लाते है वैसा ही हमारा दूसरो के लिए व्यव्हार बन जाता है. हमें सिर्फ उन्हें Observe करना होता है और खुद को उनके अनुसार बनना पड़ता है.

The Law of Force

आपने Multitasking के बारे में सुना ही होगा. एक ही समय में दो या दो से भी ज्यादा काम को करना इसे दर्शाता है. क्या ये संभव है ? हम एक ही समय अलग अलग टास्क को पूरा नहीं कर सकते है. एक उदाहरण के जरिये इसे समझते है.

आप कंप्यूटर पर Internet Browsing कर रहे है और साथ ही गाने सुन रहे है.

आपको ये एक Multi-tasking लग रहा है लेकिन वास्तव में Internet browsing and music play दोनों टास्क हमें एक ही टाइम में चलती हुई महसूस होती है वास्तव में इन दोनों टास्क के बीच एक सूक्ष्म गैप होता है.

ये गैप इतना कम होता है की हमें फर्क महसूस नहीं होता है. 12 Universal Laws of Karma में से एक बल का नियम हमें किसी भी काम के प्रति हमारे फोकस को दर्शाता है.

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यही हमारे brain के साथ होता है. हम जब भी 2 काम एक साथ करते है तब हमारा brain उस टास्क को एक गैप के साथ पूरा करता है. ये गैप न्यूनतम होने की वजह से हमें लगता है की हम काम करते हुए गाने सुन रहे है.

वास्तव में इसे समझना है तो कभी गौर करे. जब आप 2 काम को करते करते किसी एक टास्क में बहुत ज्यादा खो जाते है तब आपके आसपास दूसरी टास्क हो रही होती है लेकिन आपका brain उसे accept नहीं कर पाता है.

12 Universal Laws of Karma में से एक The Law of Force हमें इसे समझने में help करता है.

हम एक समय पर सिर्फ एक टास्क पर फोकस होते है. और इसे सिर्फ तभी समझा जा सकता है जब हम Deep focus state में हो.

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The Law of Giving and Hospitality

१२ महत्वपूर्ण कर्म में से एक देने का कर्म हमें खुद से हटकर दूसरो से जुड़ने में help करता है. हम खुद तक सिमित ना होते हुए दूसरो को क्या दे सकते है ये समझना हमें दूसरो से कनेक्ट करता है.

दूसरो के लिए किया गया हमारा सहयोग भी 12 Universal Laws of Karma में ही आता है.

आप सिर्फ अच्छा सोच ही नहीं रहे है बल्कि दूसरो के साथ वैसी एक्शन करते हुए बन भी रहे है ये निर्धारण The Law of Giving and Hospitality करते है.

अगर आप दूसरो की मदद करने की सोच रखते है तो ये सुनिश्चित जरुर करे की आप सिर्फ ऐसी सोच नहीं रखते है बल्कि समय आने पर आप उसके अनुसार दूसरो की मदद करने के लिए तैयार भी हो.

The Law of Here and Now

हमारे लिए परेशानियों की सबसे बड़ी वजह हमारा Past and future में फंसे रहना है. जब तक हम खुद को वर्तमान में सिमित नहीं करेंगे हम आगे नहीं बढ़ सकते है.

The Law of Here and Now हमें वर्तमान से जोड़ता है. हम आज जो है और जहाँ है हमें वहा से शुरुआत करनी है न की भविष्य में कहा होंगे या बीते कल में जहाँ थे उसे सोच कर फंसे रहना.

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अगर आप आगे बढ़ना चाहते है तो जाहिर सी बात है की आपको एक स्ट्रोंग बेस की जरुरत है. उसके लिए आपको जहाँ आप अभी वर्तमान में है वही से शुरुआत कर सकते है.

12 Universal Laws of Karma में से एक वर्तमान में रहने का सिद्धांत हमें रियलिटी से जोड़ता है जो हमारे किसी भी पथ पर आगे बढ़ने के लिए बेहद जरुरी है.

इसके लिए आप खुद को वर्तमान में रखना शुरू कर दे. विचारो में फंसने की बजाय आपके आसपास क्या हो रहा है, किस तरह की स्मेल है या फिर क्या कर रहे है ये आपको वर्तमान से जोड़े रखता है.

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The Law of Change

अगर आप खुद को बार बार एक ही जैसी स्थिति में फंसा हुआ महसूस कर रहे है तो आपको The Law of Change को समझने की जरूरत है. ये एक Universe sign है जो हमें बताता है की एक्शन में बदलाव लाना क्यों हमारे लिए बेहद जरुरी है.

12 Universal Laws of Karma में से एक The Law of Change हमें किस बदलाव से किस तरह का बदलाव हमें भविष्य में मिलेगा इसे समझने में मदद करता है.

इसे और ज्यादा गहराई से समझना है तो आपको पैटर्न को समझना होगा. आप अपने Daily life activity में जिस तरह का Pattern follow कर रहे है आपको उसके अनुसार ही रिजल्ट मिलने वाले है.

सबसे बड़ी problem जो हम face करते है वो ये है की हम सोचते बहुत ज्यादा है लेकिन, कुछ नहीं कर पाते है.

अगर आपको प्रॉब्लम से बाहर निकलना है तो अपने Thought and emotion pattern को change करना होगा. जो बदलाव आप आज करेंगे उसका रिजल्ट आपको भविष्य में मिलेगा.

The Law of Patience and Reward

अगर आप मेहनत कर रहे है तो उसका रिजल्ट आपको जरुर मिलेगा. हार्ड वर्क करते हुए आप उम्मीद कर सकते है की आपको उसके अनुसार रिवॉर्ड मिले लेकिन, क्या आप उस वर्क को लगातार बनाए रख पा रहे है.

सिर्फ कठिन मेहनत काफी नहीं है आपको लगातार बने रहना होगा. 12 Universal Laws of Karma में से एक नियम हमें सतत मेहनत के लिए प्रेरित करता है.

एक उदाहरण के लिए आप एक दिन बहुत ज्यादा मेहनत करते है और फिर कुछ दिन rest पर चले जाते है तो आपको उसका वो रिजल्ट नहीं मिलेगा जो आप चाहते है. इसके लिए आपको नियमित बने रहना होगा.

बेशक आप थोड़ा थोड़ा काम कर रहे है लेकिन नियमित बने रहना आपको उस हार्ड वर्क से ज्यादा रिजल्ट देगा जो आप एक दिन ही करते है. The Law of Patience and Reward जो की 12 Universal Laws of Karma का एक नियम और सिद्धांत है हमें किसी भी स्थिति के लिए बने रहने की जरूरत समझाता है.

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The Law of Significance and Inspiration

आपके पास अगर कोई Unique gift है तो आपको उसे दूसरो की help करने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.

The Law of Significance and Inspiration के अनुसार हम खुद को और दूसरो को किस तरह मोटीवेट कर सकते है या फिर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते है ये हमें इस नियम के जरिये समझने को मिलता है.

आपके अन्दर कुछ न कुछ ऐसी खूबियाँ जरुर है जो दूसरो को आगे बढ़ने में help करती है. इसका दूसरो पर, यूनिवर्स पर कुछ न कुछ Positive impact पड़ता है.

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हमारे द्वारा दिया गया छोटा सा योगदान भी दुनिया में कुछ न कुछ बदलाव जरुर लाता है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की आपका दिया गया योगदान छोटा है या बड़ा वो दुनिया में और दूसरो पर क्या प्रभाव डाल रहा है ये महत्वपूर्ण है.

ये कभी न सोचे की आप दूसरो के लिए कुछ बड़ा ही करेंगे या फिर आप पहले खुद बड़ा बनेंगे उसके बाद दूसरो की help करेंगे. आप वर्तमान में जिस स्थिति में भी है उस स्थिति में रहते हुए क्या योगदान दे सकते है ये महत्वपूर्ण है.

12 Universal Laws of Karma में से एक ये नियम हमें दूसरो से जोड़ता है.

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How do the 12 laws of karma affect our lives? final conclusion

इन सभी 12 Universal Laws of Karma को जानने के बाद आपके मन में ये सवाल जरुर आ रहा होगा की हमें कर्म की इतनी चिंता क्यों करनी चाहिए. सीधा सा जवाब है की ये हमारे और हमारे आसपास के लोगो को प्रभावित करता है.

हमारे कर्म ही हमारी पहचान होते है जो हमें और दूसरो को प्रभावित करते है. जब आप ये जान लेते है की

“आप जो कर रहे है वही आपके पास घूम फिर कर वापस आने वाला है”

तो हम अपने पथ की पहचान कर पाते है उससे अलाइन रह पाते है. 12 Universal Laws of Karma हमारे लिए एक Moral compass की तरह काम करता है.

हम लाइफ को जीते हुए अच्छे और बुरे कर्म करते है. दुनिया में अच्छे सहयोग के लिए हमें सही कर्म करने चाहिए.

दूसरे शब्दों में कहे तो अच्छे कर्म करे ताकि ये आपको अच्छा फील करवा सके. अगर आप दुनिया से अच्छा चाहते है तो बदले में पहले उन्हें अच्छा देना सीखे.

उम्मीद है यहाँ शेयर किये गए 12 Universal Laws of Karma के बारे में जानने के बाद आप समझ गए होंगे की किस तरह के कर्म हमारी लाइफ को बदल सकते है और हमें किस मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए.

शरीर का अचानक ही बिना आग के जल जाना क्यों आज भी नीली रौशनी से होने वाली मौत एक रहस्य बनी हुई है

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क्या आपने कभी सुना है की किसी इन्सान को अचानक ही आग की लपटों ने घेर लिया और देखते ही देखते उसकी जलकर मौत हो गई. इस तरह की घटना को spontaneous human combustion कहते है.

ऐसी आग से जलना जो बाहर से नहीं बल्कि इंसानी शरीर के अन्दर से लगती है. इस आग को नीली आग यानि Blue fire कहते है क्यों की इसका कलर लाल नहीं बल्कि नीला होता है.

Spontaneous combustion theories के अनुसार हमारा शरीर जब अन्दर से जलता है तब ये कुछ ही देर में शरीर को राख में बदल देता है.

आमतौर पर आग से हमारी बॉडी पूरी तरह जलने में काफी वक़्त ले सकती है लेकिन, इस तरह अचानक ही आंतरिक दहन की प्रक्रिया में शरीर एक घंटे में राख में बदल जाता है.

दुनियाभर से Spontaneous human combustion Real-life cases देखे जा चुके है. कई लोग क्लेम करते है की उनकी नजरो के सामने ही व्यक्ति जलकर मर जाता है लेकिन, किसी तरह की बदबू महसूस नहीं होती है.

ये आग इतनी अलग थी की इसमें सिर्फ इंसानी शरीर जलता है लेकिन, कपड़े और आसपास की जगह पर आग से जलने का कोई निशान तक नहीं बनता है.

spontaneous human combustion in Hindi

यही वजह है की ये आज तक Unsolved mystery का हिस्सा बना हुआ है. क्या वाकई ऐसा संभव है की अचानक ही शरीर आग पकड़ ले और कुछ ही देर में जलकर राख हो जाए. इसका सबसे बड़ा रहस्य है ऐसी आग जिसका कोई external source of ignition नहीं मिलता है.

आमतौर पर आग को जलने के लिए किसी तरह के सोर्स की जरुरत होती है या फिर अगर आग लगती है तो उसके निशान भी बनते है.

Spontaneous human combustion में ऐसा कुछ नहीं है और शायद इसी वजह से विज्ञान आज तक इसे समझ नहीं पाया है.

आज हम बात करने जा रहे है ऐसे human Spontaneous combustion Real-life cases के बारे में जो सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन सच है. आप चाहे तो इसकी पूरी की पूरी research को पढ़ सकते है.

What is spontaneous human combustion in Hindi

Human spontaneous combustion का मतलब है जलकर मरने की वजह से होने वाली मौते जिनका कोई external source of ignition नहीं होता है. क्या इंसानी शरीर खुद में इतना शक्तिशाली है की सिर्फ कुछ ही घंटो में शरीर को जलाने लायक आग को पैदा कर सके.

हालाँकि इसे हम नीली आग के नाम से जानते है और दुनियाभर में जितने भी केस सामने आये है उन सब में मौत के दौरान शरीर से नीली लपटों निलते हुए देखी गई है.

इस तरह की स्थिति में शरीर अचानक ही आग की लपटों में घिर जाता है और जलकर राख भी हो जाता है लेकिन, उसके आसपास की जगह पर इसका कोई निशान नहीं मिलता है.

कई मामलो में आसपास की जगह पर जलने के निशान मिले है लेकिन, ऐसा बहुत कम केस में ही देखने को मिला है.

इसकी एक खास बात जो इसे रहस्यमयी बनाती है की आखिर जब शरीर जल रहा होता है तब व्यक्ति न तो चीखता है ना ही उसे जलने का अहसास होता है.

आमतौर पर जलने की वजह से हमारी चीख निकल जाती है लेकिन, spontaneous human combustion के दौरान ऐसा कुछ नहीं होता है.

भले ही विज्ञान के पास इसका कोई जवाब ना हो लेकिन spirituality में इसका जवाब मिल सकता है. शरीर रचना विज्ञान के अनुसार इंसानी शरीर में नाभि केंद्र सभी उर्जा का केंद्र है और इसका असंतुलन ही नीली आग यानि Human spontaneous combustion की वजह बनता है.

पांच तत्व और उनका हम पर पड़ने वाला प्रभाव

  • जल तत्व : जल तत्व जिनके अंदर ज्यादा जाग्रत है वो इंसान चन्द्रमा की किरणों से प्रभावित होता है ऐसा इंसान भावुक भी होता है और सबसे ज्यादा पूनम के चाँद से प्रभावित होता है.
  • अग्नि तत्व : अग्नि तत्व जिस इंसान में जाग्रत रहता है उसके अंदर खून की मात्रा ज्यादा रहती है. और उनका रंग गोरा और लाली लिए हुए होता है. ऐसा इंसान जल्दी गुस्सा होने वाला होता है.
  • वायु तत्व : वायु तत्व जिस इंसान में होता है वो ज्यादा चंचल होता है और ऐसे इंसान जल्दी ही किसी की बात पर भरोसा करने वाले होते है.
  • पृथ्वी तत्व : पृथ्वी तत्व वाले इंसान ज्यादा गम्भीर और अपने बातो पर टिके रहने वाले होते है. ये लोग धरती से ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा सोखते है खासतौर से जब शवासन में हो.
  • आकाश या शून्य तत्व : आकाश तत्व जिस इंसान में ज्यादा से ज्यादा जाग्रत होता है वो इंसान बचपन से ही शांत और अलौकिक होता है इनमे कुछ खास शक्ति भी होती है जो दूसरों को उनकी तरफ आकर्षित करती है. फिर चाहे वो कैसे भी हो.

आपने पढ़ा है की इंसान में ये तत्व कैसे एक दूसरे से ज्यादा जाग्रत होते है. अब बात करते है अग्नि तत्व यानि नाभि केंद्र में छिपी हुई नीली अग्नि के बारे में.

Read : दूर गए व्यक्ति को आकर्षित के लिए यंत्र निर्माण विधि और यंत्रों का क्या है अर्थ और ये कैसे करते हैं काम?

नीली आग और इसका हमारे पांच प्राण से संबध

अग्नि तत्व ऐसा तत्व है जो इंसान को अधीर और गुस्से वाला बनाता है ऐसे इंसान हमेशा जल्दबाजी में रहते है.

लेकिन क्या अपने सुना है blue fire and Spontaneous human combustion के बारे में. अग्नि तत्व को साइंस में नीली आग यानि blue fire कहते है. ऐसा इसलिए क्यों की इसका रंग लाल नहीं नीला होता है.

ये हमारी नाभिकीय शक्ति होती है जो नाभि केंद्र में छिपी हुई होती है.

इसका असंतुलन Human spontaneous combustion की वजह बनता है. आमतौर पर ऐसा माना जाता है की ये शक्ति कैसे काम करती है ये अभी तक अज्ञात है. जिस तरह परमाणु के नाभिक में अनंत उर्जा का भंडार है उसी तरह हमारे नाभि केंद्र में भी उर्जा का भंडार छिपा हुआ है.

इसे किस प्रकार जगाया और उपयोग में लाया जाए ये आज भी विज्ञान के लिए रहस्य बना हुआ है.

इसका सवाल बेशक विज्ञान के पास ना हो लेकिन, आध्यात्म में जरुर मिल सकता है. हमारी कुण्डलिनी और सप्त चक्र की उर्जा का प्रवाह शरीर में बनाए रखने के लिए उर्जा केंद्र का क्लियर रहना बेहद जरुरी है.

तीन नाड़ियाँ इसमें अहम् रोल निभाती है और नीली आग का इनसे गहरा connection है.

  • अग्नि तत्व : प्रकृति
  • शरीर में निरन्तर बहने वाली नीले रंग की ऊर्जा.
  • तापमान – सामान्य अग्नि के उच्च्तम तापमान से 100 गुना ज्यादा.

अब तो आप अंदाजा लगा चुके होंगे की जिस शरीर को जलाने में समय लगता है उसे ये कुछ ही समय में बिना किसी बदबू के कैसे राख बना देती है.

Is spontaneous human combustion real?

विज्ञान इसके existence को accept नहीं कर रहा है और आज भी इस पर खोज कर रहा है लेकिन, इसका मतलब ये नहीं की ये वास्तविक नहीं है.

दुनिया भर से अलग अलग केस सामने आये है और लोगो ने अनुभव शेयर किये है जिसमे spontaneous human combustion का जिक्र है.

अचानक से शरीर का आग पकड़ लेना और victim का बिना किसी दर्द के राख में बदल जाना आसपास के लोगो को आश्चर्य में डाल देता है.

रिसर्च में काफी सारी बाते सामने आयी है लेकिन उन्हें प्रूफ नहीं किया जा सका है. इसकी सबसे बड़ी वजह Spontaneous combustion theories को explain करना है.

आखिर बिना किसी सोर्स के आग कैसे लग सकती है ?

 Spontaneous human combustion and spirituality

अगर शरीर आग की लपटों में है तो चीखने की आवाज आनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है.

विज्ञान इसे प्रूफ नहीं कर पाया है क्यों की आग लगने के सोर्स अज्ञात है और सबसे बड़ी बात की spontaneous human combustion को control नहीं किया जा सकता है.

आप जब मर्जी शरीर से इस तरह आग पैदा नहीं कर सकते है. अगर विज्ञान की माने तो उन केस की क्या जो दुनियाभर से लोगो द्वारा शेयर किये गए है.

Amazing fact about Spontaneous human combustion

  • इतने ज्यादा तापमान के बावजूद जलने का कोई अहसास नहीं होता है.
  • जलने पर बू नहीं भीनी भीनी ख़ुशबू आती है. ( ये उन लोगो का अनुभव है जो मौके पर पहुँचते है )
  • आसपास उस अग्नि का कोई नामो-निशान नहीं मिलता है न ही कोई नुकसान क्यों की इतनी प्रचण्ड होने के बावजूद ये फैलती नहीं है.
  • इसको रोके जाने का कोई उपाय आज तक नहीं मिला है न ही Spontaneous human combustion के symptoms को पहचाना गया है. इसलिए ये आज तक अनसुलझे रहस्य में गिना जाता है.
  • Spontaneous human combustion and mythology आपने पौराणिक कार्यक्रम देखे होंगे जिसमे ऋषि मुनि खुद को भस्म कर लेते है ये वही ऊर्जा है जिसे कुण्डलिनी ऊर्जा भी कहा जाता है. इसके बारे में कहा गया है की हर ऋषि मुनि इसे अपने इच्छामृत्यु के लिए जाग्रत करते है.

शरीर में नीली आग के रहस्य पर आध्यात्म का दृष्टिकोण

मनुष्य स्रष्टा द्वारा विनिर्मित इस बहुरंगी संसार का एक घटक है. मानवी काया की संरचना स्वयं में अद्भुत है.

वह अपने आप में एक सर्वागीण प्रयोगशाला है; एक ऐसी प्रयोगशाला, जिसमें अनेकानेक बहुमूल्य एवं अनोखे यंत्र हैं. शरीर एक बहुत बड़े औद्योगिक परिसर के समान है, जिसमें अगणित विद्युतचालित कल-कारखाने लगे हैं.

एक लाख वोल्ट बिजली की शक्ति से चलायमान यह शरीरयंत्र कभी कभी ऐसे विलक्षण क्रिया-कलाप कर बैठता है, जो फिजियोलॉजी विज्ञान की परिधि में नहीं आते.

जहाँ सामान्य विद्युतप्रवाह होना चाहिए था, वहाँ शरीर से प्राणाग्नि के शोले फूट उठते हैं. यह क्यों व कैसे होता है ? आज तक Spontaneous human combustion को control नहीं किया जा सका है.

इसका उत्तर विज्ञान के पास तो नहीं है. हों, अध्यात्म विज्ञान अपनी सूक्ष्मदृष्टि से इन पर पर्याप्त प्रकाश डालता एवं शरीर की अप्रतिम सामर्थ्य का बोध कराता है.

शरीर की प्राण विद्युत संबंधी इस विलक्षणता के मर्म को पदार्थ विज्ञान के उदाहरणों से समझा जा सकता है.

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नाभिक में छिपी उर्जा और शरीर के केंद्र में छिपी उर्जा का भंडार

पदार्थ के नाभिक में प्रचंड शक्ति का भंडार आदिकाल से ही विद्यमान है. पर जब तक उसकी जानकारी नहीं थी, पदार्थसत्ता का मोटा उपयोग ही हो पाता था.

विपुल शक्ति का स्रोत मौजूद होते हुए भी उससे कुछ विशेष लाभ उठाते लंबे समय तक नहीं बन पड़ा. कारण था उन नियमों से अपरिचित होना जो नाभिकीय शक्ति को अर्जित करने के कारण थे.

सिर्फ Spontaneous human combustion ही नहीं आज भी प्रकृति में ऐसे कई रहस्य है जो विज्ञान के लिए अनसुलझे है.

जैसे ही ये सूत्र हाथ लगे कि परमाणु शक्ति को कैसे कुरेदा और कैसे उपयोग में लाया जाए तो युग ने एक महान ने करवट ली.

मनुष्य जाति ने शक्ति के क्षेत्र में डाइनामाइट युग से परमाणु युग में छलाँग लगाई और अब परमाणु शक्ति के आधार पर में बड़े-बड़े सपने देखे जा रहे हैं.

ठीक इसी प्रकार की अनेकानेक असंख्य संभावनाएँ प्रकृति के गर्भ और मानवी पिंड में मौजूद हैं जो अविज्ञात हैं. मनुष्य की काया स्वयं में एक विलक्षण संरचना है.

शरीर शास्त्रियों को अभी सामान्य स्थूल जानकारी मिल सकी है. परमाणु नाभिक की तरह शरीर में भी ऊर्जा का प्रचंड भंडार भरा पड़ा है.

ये उर्जा Blue fire है जिसे आध्यात्म में अग्नि तत्व के नाम से भी जाना जाता है. Spontaneous human combustion की वजह इसी उर्जा के अनियंत्रण को माना जाता है,

उसे किस तरह जगाया और उपयोग में लाया जाए, विज्ञान इससे अभी अपरिचित है. प्रकृति कभी कभी विलक्षण घटनाओं के सहारे इस तथ्य का बोध कराती है कि मानवी काया में इतनी प्रखंड विद्युत भरी पड़ी है कि यदि वह फूट पड़े में तो शरीर को ही भस्मीभूत कर सकती है.

ऐसी Real life case of human Spontaneous combustion जैसी रहस्यमय घटनाओं के उदाहरण आए दिन मिलते रहते हैं.

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Real life case of Spontaneous human combustion – 1

पिछले साल सितम्बर के महीने में ये Spontaneous combustion human cases जो की Irish की सुर्खियों में था जिसमे एक इंसान जिसका सर इसके धड़ के पास पड़ा था और शरीर जला हुआ था लेकिन कही भी आग लगने के कोई निशान नहीं थे.

इसके आसपास की जमीन थोड़ी काली हो गई थी पर और कुछ निशान नहीं मिले.

ये केस भी पहले केस की तरह था लंदन के एक घर में जॉन अपने छत की सीढ़ी पर बैठा था और उदास लग रहा था घर वालो ने जब बात की तो उसने सिर्फ इतना बोला था की वो मरने वाला है लेकिन घर वालो ने उसकी बात को मजाक में टाल दिया.

कुछ देर बाद घरवालों ने देखा की जॉन का शरीर एक तेज नीले रंग की रौशनी से घिरा हुआ है और उसके मुंह पर कोई शिकन कोई दर्द का निशान नहीं था.

घर वाले कुछ कर पाते इससे पहले ही वो राख बन गया था. और वहां के वातावरण में भीनी भीनी खुशबू फैली हुई थी.

ब्रिटेन के एक घर में एक आदमी रहता था उसके घर वाले नहीं थे सिर्फ एक आया जो घर की देखभाल करती थी.

एक सुबह जब वो आई तब घर में कही नहीं दिखा जब उसके रूम की तलाशी ली गई तो वहां बिस्तर के ऊपर राख मिली और पुरे कमरे में भीनी भीनी महक फैली हुई थी.

दुनिया की नजर में सार्वजानिक रूप से शरीर के जलने का केस Polonus Vorstius का है जो 1400 वी शताब्दी के अंत में शराब और औरतो का शौक़ीन था.

एक रात को ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करने के बाद वो उसे हजम नहीं कर पाया.

वहां खड़े लोगो ने बताया की अचानक से वो आग की उल्टी करने लग गया और कुछ ही देर बाद उसका शरीर आग में घिर गया. वहां खड़े लोगो ने वो शराब पी लेकिन किसी को कुछ भी शिकायत नहीं मिली.

Real life case of Spontaneous human combustion – 2

1967 में इंग्लैंड की बात है एक बस में यात्रा करने वाले ने एक घर की खिड़की में नीली आग को देखा. जब वो वहां गए तो उन्होंने वहां Robert Francis Bailey को पाया जो एक बेघर था.

Jack Angel जो की बार बार जलने की वजह से हॉस्पिटल जा चुके थे. ने अपने Water Heater के manufacturer पर 3 मिलियन डॉलर का केस कर दिया. उनके अनुसार जब भी वो पानी गर्म करने के लिए HEATER के पास जाते है वो जलने लगते है.

Spontaneous human combustion की पुष्टि के लिए जब डॉक्टर को बुलाया गया तब पाया गया की आग बाहर से नहीं लगी थी शरीर के अंदर से बाहर निकल रही है. जिसके बाद jack ने अपना बयान बदल दिया और बाद में इस घटना को अनसुलझे रहस्य को बेच दिया.

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Real life case of human spontaneous combustion – 3

काउडर स्पोर्ट, पेंसिलवानिया में डॉन ई. गास्नेल मीटर रीडिंग का काम करता था. इसी क्षेत्र में एक वृद्ध फिजीशियन डॉ. जॉन इर्विन वेंटले रहते थे.

वृद्ध होते हुए भी वे पूर्णतया स्वस्थ थे. ५ दिसंबर १९६६ को नित्य की तरह डॉन गास्नेल मीटर रीडिंग के लिए निकला. डॉ. जॉन इर्विन वेंटले के दरवाजे पर उसने दस्तक दी.

प्रत्युत्तर न मिलने पर उसने आवाज लगाई फिर भी कोई उत्तर नहीं मिला. वह मकान के ही एक पाइप के सहारे ऊपर के कमरे में पहुंचा.

कारण यह था कि ऊपर कमरे की ओर से एक विचित्र प्रकार की जलने की गंध आ रही थी.

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कमरे में पहुँचकर देखा तो वहाँ से हलका नीला धुआँ उठ रहा था. इस Spontaneous human combustion की वजह से वहां का नजारा बिलकुल अलग ही बन गया था.

कमरे की सतह पर राख का ढेर पड़ा हुआ था. अंदर कमरे का दृश्य अत्यंत वीभत्स था. डॉ. वेंटले का दाहिना पैर जूते सहित मात्र अधजली स्थिति में पड़ा था.

अवशेष शरीर के सभी अंग जलकर राख हो गए थे. विशेषज्ञों ने भलीभाँति घटना का अध्ययन किया और अंततः स्वतः जलने की संज्ञा दी.

ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जो किसी अन्य प्रकार से आग लगने की पुष्टि कर सके. सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि कमरे से निकलने वाली दुर्गंध मांस के जलने जैसी न होकर मीठी महक से युक्त थी.

Real life case of human spontaneous combustion – 4

इसी तरह की एक घटना जुलाई १९५१ के एक दिन प्रात: सेंट पीटर्स वर्ग फ्लोरिडा में घटी.

‘मेरीरिजर’ नामक एक अत्यंत हृष्ट-पुष्ट महिला अपनी कुरसी पर ही बैठे-बैठे जल गई. इस Real life case of Spontaneous human combustion की विशेषता यह थी कि भयंकर अग्नि शरीर से निकली, उसे जलाती रही पर मात्र एक मीटर के घेरे तक ही सीमित रही.

मेरी का ८० किलो वजनी शरीर पूर्णतया भस्मीभूत होकर चार किलो राख में परिवर्तित हो गया. डॉ. वेंटले की भाँति उसका भी एक पैर अधजला उस घेरे में बच गया था.

खोपड़ी सिकुड़ कर संतरे के आकार में बदल गई थी.

अवशेषों की जाँच के लिए पेन्सिलावानिया स्कूल ऑफ मेडिसिन के फिजिकल एंथ्रोपोलाजी के प्रोफेसर डॉ. विल्टन क्रोगमैन के पास भेजा गया तो खोपड़ी की आकृति को देखकर वे आश्चर्यचकित रह गए. वह एक ख्याति प्राप्त फारेंसिक वैज्ञानिक थे तथा वर्षों का अनुभव था.

अब तक की Real life case of Spontaneous human combustion में ऐसी कोई घटना उनके पास नहीं आई थी कि जलने के उपरांत खोपड़ी सिकुड़कर छोटी हो गई हो.

क्योंकि विज्ञान के नियमानुसार जलने के बाद खोपड़ी को या तो फूल जाना चाहिए अथवा टुकड़े-टुकड़े हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस विचित्र अग्निकांड में खोपड़ी का सिकुड़कर छोटा हो जाना निस्संदेह एक आश्चर्यजनक बात है.

अपने Spontaneous human combustion experience के आधार पर उन्होंने यह बताया कि बारह घंटे तक लगातार तीन हजार डिगरी फारेनहाइट तापक्रम पर रहने पर भी शरीर की संपूर्ण हड्डियाँ भस्मसात हो गई हों ऐसा अब तक देखा-सुना नहीं गया था.

पर यह Spontaneous human combustion case अपने में सबसे विलक्षण है, जिसकी यथार्थता पर बिलकुल ही संदेह करने की गुंजाइश नहीं है.

पेरिस १८५१ में घटी एक घटना और भी अधिक आश्चर्यजनक है. ‘ग्रेट मिस्ट्रीज’ पुस्तक जिसके लेखक हैं-इलेनार वान जांड्ट तथा राय स्टेमन. पुस्तक में वर्णित घटना के अनुसार एक व्यक्ति ने अपने एक मित्र से शर्त लगाई कि वह जलती मोमबत्ती को निगल सकता है.

सत्यता को परखने के लिए दूसरे मित्र ने उसकी ओर तुरंत एक जलती मोमबत्ती बढ़ा दी.

जैसे ही उस व्यक्ति ने निगलने के लिए गोमबत्ती को अपने मुँह की ओर बढ़ाया यह जोर से ही चिल्लाया. मोमबत्ती की लौ से उसके होठों पर नीली लौ दीखने लगी.

आधे घंटे के भीतर ही पूरे शरीर में आग फैल गई और कुछ ही समय में उसने शरीर के अंगों, मांसपेशियों, त्वचा एवं हड्डियों को जलाकर राख कर दिया.

Real life case of Spontaneous human combustion – 5

नेशविल यूनीवर्सिटी के गणित विभाग के प्रो. जेम्स हैमिल्टन ने आपबीती एक घटना का उल्लेख किया है. सन् १८३५ में वे उक्त विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे.

अपनी एक पुस्तक में लिखते हैं कि एकाएक मुझे अपने बाएँ पैर के निचले हिस्से में तीव्र जलन महसूस हुई. झुककर उस भाग को देखा तो स्तंभित रह गया.

जलन वाले भाग से लगभग दस सेमी. लंबी लौ निकल रही थी. यह लौ ठीक उसी प्रकार की थी जैसी कि लाइटर आदि जलाने से निकलती है.

पर कुछ ही क्षणों बाद यह अपने आप बुझ गई. आग किन कारणों से लगी और बुझ गई. यह case of human Spontaneous combustion आज भी हमारे लिए अविज्ञात है.

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Real life case of Spontaneous human combustion – 6

फ्रांसिस हिचिंग की एक पुस्तक ‘दी वर्ल्ड एटलस ऑफ मिस्टरीज’ में सन् १९३८ की एक अमेरिकी घटना का उल्लेख है कि गरमी के मौसम में एक दिन नॉरफाक ब्रॉड्स नामक स्थान पर नौका विहार कर रही एक महिला के शरीर से अग्नि की लपटें फूट पड़ीं. साथ में उसके पति और बच्चे भी थे.

पानी से आग बुझाने का प्रयास किया गया. पर उस भभकती अग्नि पर काबू नहीं पाया जा सका.

वह मेरी कारपेंटर के शरीर को भस्मीभूत करके अपने आप बुझ गई.

real life spontanous combustion

Spontaneous human combustion की कड़ी में “रमांटेनियस ह्यूमन कंबशन’ की घटनाओं की श्रृंखला में बिहार के भागलपुर जिले की पाँच वर्ष पूर्व सूर्यग्रहण के अवसर पर घटी एक घटना का उल्लेख यहाँ करना समीचीन होगा. एक युवक अपने घर के आँगन में मौन बैठा था.

बारंबार घर वालों के पूछने पर उसने बताया कि आज उसके जीवन का अंतिम दिन है. घर के सदस्यों ने उसके कथन की ओर ध्यान नहीं दिया.

थोड़ी देर तक वह सूर्य की ओर मुँह किए ताकता रहा. अचानक उसके शरीर से अग्नि की नीली ज्वालाएँ फूटने लगीं.

घर के सदस्यों ने शरीर पर पानी फेंका तथा कंबल से ढँक दिया पर शरीर उस तीव्र ज्याला में बुरी तरह झुलस गया.

आग तो बुझ गई पर उसे बचाया न जा सका. अस्पताल में पहुँचने पर उसने दम तोड़ दिया.

मानवीय काया में छिपी है अनंत उर्जा

शरीर शास्त्रियों का मत है कि शरीर की कोशिकाओं का तापक्रम अकस्मात इतना अधिक बढ़ जाए, ऐसा जीव विज्ञान के अनुसार संभव है.

आग का स्वतः उत्पन्न हो जाना भी एक अविश्वसनीय घटना है. पर उपर्युक्त प्रामाणिक घटनाएँ इस बात को साक्षी हैं कि मानवी काया में ऊर्जा का प्रचंड सागर भरा पड़ा है.

शरीर विज्ञान के अब तक ज्ञात नियमों के आधार पर Spontaneous human combustion यानि शरीर में अचानक आग लग जाने तथा उसके भस्मसात हो जाने के कारणों की अब तक व्याख्या- विवेचना नहीं हो सकी है.

वे सूत्र भी पकड़ में नहीं आ सके, जिनके कारण शरीर का तापक्रम तीन हजार डिगरी फारेनहाइट तक अचानक बढ़ गया.

पर मात्र कारण न समझ में आने से तथ्यों को झुठलाया नहीं जा सकता, घटनाओं की विवेचना वैज्ञानिक आधार पर कर सकने के अभाव में उनकी सत्यता को झुठला दिया जाए, यह संभव नहीं है.

प्रश्नोपनिषद् में एक मंत्र आता है-‘प्राणाग्नय एवैतस्मिन्पुरे जाग्रति’ अर्थात मनुष्य काया रूप पुरी में पाँच प्रकार की प्राणाग्नियाँ जागती रहती हैं.

यह लोहा गलाने वाले विशालकाय कारखाने में लगी हुई प्रचंड अग्नि वाली फरनेसों की तरह है, जिनमें प्राणाग्नि जलती ही नहीं वरन बिजली को निपुल मात्रा में भी उत्पन्न करती है.

कहा जा चुका है कि शरीर में एक लाख वोल्ट प्रति सेंटीमीटर का दबाव होता है.

यह प्राण विद्युत झटका मारने वाली या प्राण लेने वाली नहीं है. उसकी प्रकृति दूसरे प्रकार की है फिर भी वह है बिजली ही नियंता ने इस विद्युत को चक्रों, ग्रंथियों, उपत्यिकाओं, जीवकोश ऊतकों में कैद कर रखा है.

Spontaneous human combustion and spirituality conclusion

क्या आप भी मानते है की इंसानी शरीर आज भी रहस्यों से भरा हुआ है ? जिस तरह नाभिक में छिपी हुई उर्जा का अनंत भंडार उसे खास बनाता है वैसे ही अगर हम ये समझ ले की शरीर के केंद्र में छिपी हुई इस उर्जा का प्रयोग कैसे करना है तो हम क्या कुछ नहीं कर सकते है.

आज दुनिया भर में ऐसे कई Spontaneous human combustion case सामने आ चुके है जो इसकी पुष्टि करते है.

इस बात में कोई शक नहीं है की विज्ञान के लिए आज भी ये एक पहेली है क्यों की विज्ञान की सीमा से परे आध्यात्म की सीमा शुरू होती है.

विज्ञान भी Blue fire यानि अग्नि तत्व को समझने के लिए शरीर शास्त्रियों की मदद ले रहा है.

ऊपर शेयर किये गए सभी Real life case of human Spontaneous combustion इस कथन को मजबूती देते है की नीली आग का अस्तित्व है और ये हमारे नियंत्रण में नहीं है.

अगर आप तिलस्मी जगह के रहस्यों के बारे में और ज्यादा जानना चाहते है तो निचे शेयर किये गए लिंक पर क्लिक कर PDF Book Download कर सकते है.

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दूर गए व्यक्ति को आकर्षित के लिए यंत्र निर्माण विधि और यंत्रों का क्या है अर्थ और ये कैसे करते हैं काम?

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मंत्र साधना के बारे में हम काफी कुछ बात कर चुके है. अगर आप यंत्र साधनाओ में रूचि रखते है तो यंत्र निर्माण विधि से जुड़ी महत्वपूर्ण बातो को ध्यान में रखते हुए घर पर ही आकर्षण, वशीकरण, स्तम्भन, मारण जैसी क्रियाओ में काम आने वाले यंत्र का निर्माण कर सकते है.

यंत्र निर्माण विधि यानि घर घर पर यंत्र निर्माण के दौरान किन किन बातो को ध्यान रखना चाहिए.

आपको ऐसी कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए जो यंत्र निर्माण के दौरान काम आती है. सबसे ज्यादा यंत्र निर्माण Lottery and lotto number से जुड़े है.

आज भी कई जगह लाटरी जीतने का यंत्र बनाने की कोशिश की जाती है मगर सफलता नहीं मिल पाती है.

हिंदू धर्म में यंत्रों का बहुत बड़ा महत्व है. किसी भी पूजा या यज्ञ में यंत्र का बहुत महत्व होता है. प्राचीन काल से मनुष्य यंत्रों का निर्माण एवं उनका प्रयोग करता रहा है.

आर्थिक स्थिति को सही करने के लिए, शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए, देवी-देवताओं को खुश करने के लिए. कई तरह के यंत्र प्राचीन काल से ही इस धरती पर मौजूद हैं.

यंत्र निर्माण विधि

यन्त्र एक विशेष प्रकार की ज्यामितीय संरचना है. इसमें विशेष तरह की आकृति, चिन्ह अथवा अंकों का प्रयोग किया जाता है.

चिन्ह तथा रेखाओं, बिन्दुओं वाले यन्त्र अतीव शक्तिशाली होते हैं और इनका निर्माण तथा प्रयोग कठिन होता है. यंत्र का सही प्रयोग करने के लिए आपको यंत्र निर्माण विधि की विधि का पता होना चाहिए.

अंकों वाले यन्त्र सामान्य शक्तिशाली होते हैं और इनका निर्माण तथा प्रयोग अपेक्षाकृत सरल होता है.

हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग यन्त्र होते हैं,एक ही प्रकार के यन्त्र हर व्यक्ति पर प्रयोग नहीं किये जा सकते. यंत्रों का प्रयोग अति विशेष दशा में तथा बड़ी सावधानी के साथ करना चाहिए अन्यथा इनके दुष्परिणाम बड़े भयंकर हो सकते हैं.

यंत्र निर्माण विधि और अर्थ ये कैसे करते हैं काम?

यन्त्र बहुत तीव्र गति से कार्य करते हैं, अतः लाभ और हानि दोनो ही तेजी से होती है. सही तरह से बना हुआ यन्त्र ग्रहों की ऊर्जा को अनुकूल बना देता है. गलत तरीके से बना हुआ यन्त्र जीवन में आफत ला सकता है.

यंत्रों के निर्माण और प्रयोग की विधि गोपनीय है अतः सही यन्त्र मिल पाना काफी कठिन है. जहां तक हो सके यंत्रों के प्रयोग से दूर रहें क्योंकि एक भी गलत बिन्दु आपके लिये समस्या पैदा कर सकता है.

यंत्र निर्माण विधि के लिए ऐसी कुछ बातो का नियम पालन आवश्यक है जो यंत्र निर्माण विधि और यन्त्र सिद्धि में महत्वपूर्ण है और बगैर उनके साधन के आप यन्त्र को साध नहीं सकते है.

  • सर्वप्रथम यन्त्र-गायत्री के मन्त्र द्वारा यन्त्र में प्राण प्रतिष्ठा करना आवश्यक है. यन्त्र गायत्री का मन्त्र इस प्रकार है

यन्त्रराजाय विग्रहे महायन्त्राय धीमहि तन्नो यन्त्रः प्रचोदयात्.”

इस मन्त्र द्वारा यन्त्र को चारों ओर से वेष्ठित करना चाहिए. फिर सर्वतोभद्र मण्डल में, आठों दलों में कलशों की स्थापना कर, उसके ऊपर यन्त्र को रखना चाहिए. मण्डल के चारों कोनों में चार कलश स्थापित करके प्रत्येक कलश पर हाथ रखकर –

श्रीं ह्रीं कौं

इन तीन अक्षरों वाली विद्या में कूर्च-बीजों को लगाकर एक हजार बार जप करना चाहिए.

फिर उस यन्त्र को चारों कलशों के जल द्वारा, अभिषेक के मन्त्रों से अभिषिक्त कर, गंध पुष्पादि से पूजन कर, प्राण प्रतिष्ठा के मन्त्रों से यन्त्र में यन्त्र- देवता की प्राण-प्रतिष्ठा करके पूर्वोक्त यन्त्र-गायत्री के द्वारा पोपचार पूजन कर, बाहाल, सुवासिनी तथा कन्याओं को भोजन करना चाहिए तथा उन्हें दक्षिणा देकर आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए.

  • इसके बाद जिस अंग में यन्त्र को धारण करने का निर्देश किया गया है, उसी अंग में यन्त्र को धारण करना चाहिए. यंत्र निर्माण विधि और घर पर निर्माण के दौरान इसका ध्यान रखे.
  • जहाँ किसी विशिष्ट वस्तु पर यन्त्र को लिखने का विधान न दिय गया हो, वहाँ यन्त्र को भोजपत्र पर लिखना चाहिए.
  • जहाँ यन्त्र-लेखन के लिए किसी विशेष द्रव्यका विधान न हो, वहाँ उसे गोरोचन, कपूर, केशर, कस्तूरीगोरोचन, चन्दन, अगर अथवा गजमद में से किसी भी एक वस्तु के द्वारा लिखना चाहिए.
  • जहाँ यन्त्र लेखन के लिए किसी विशेष प्रकार की लेखनी (कलम) का उल्लेख न हो, वहाँ सोने की सलाई से लिखना चाहिए
  • जहाँ यन्त्र को किसी वस्तु विशेष में भर कर धारण करने का उल्लेख न हो, वहाँ उसे सोने या तांबे के ताबीज में भरकर धारण करना चाहिए. जहाँ त्रिलोह के ताबीज का उल्लेख हो, वहाँ सोना, चांदी और तांबा’ – इन तीनों धातुओं के मिश्रण से निर्मित ताबीज समझना चाहिए.
  • जहाँ यन्त्र को किसी विशिष्ट अंग में धारण करने का उल्लेख न हो, वहाँ पुरुष को अपने दायीं भुजा तथा स्त्री को अपनी बायीं भुजा में धारण करना चाहिए.
  • जिस यन्त्र के साथ जिस मन्त्र के जप का निर्देश किया गया हो, उस मन्त्र का विधिपूर्वक जप करना चाहिए
  • मित्रता के लिए यन्त्र लिखना हो तो मुँह में मिश्री अथवा गाय का घी रखकर लिखें यदि मारण उच्चाटन के लिए लिखना हो तो सेघा नमक एवं नीम का पत्ता मुंह में रख लें. जिह्वा स्तम्भन के लिए लिखना हो तो मुँह में मोम रखकर लिखें. यदि स्वप्न बन्द करने के लिए लिखना हो तो मुँह में नमक रख लेना चाहिए
  • लेखनोपरान्त मित्रता के लिए लिखे गये यन्त्र को अगर, तगर, चन्दन पूरा, गूगल, मिश्री, गाय का घी, शहद, कपूर, दाल चीनी, जायफल एवं मेवा – इन्हें एकत्र करके इन्हीं की धूप देनी चाहिए. अलग अलग उदेश्य के लिए अलग अलग बातो का यंत्र निर्माण विधि के दौरान ध्यान रखना चाहिए.
  • मारण उच्चाटन के लिए लिखे गये यन्त्र को सेंधा नमक तथा नीम के पत्तों की धूप देनी चाहिए. जिह्वा स्तम्भन के लिए लिखे गये यन्त्र को मोम कीधूप देनी चाहिए.

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दूर देशस्थ स्त्री-पुरुष को आकर्षित करने वाला ‘माणिभद्र यन्त्र’

भोजपत्र के ऊपर आगे प्रदर्शित चित्र में दिखाये अनुसार तीन रेखाओं वाले एक चतुष्कोण यन्त्र को, जिस के भीतर पाँच रेखाओं की कल्पना की गई हो, गोरोचन ‘कु’कुम तथा लाल चन्दन द्वारा लिखें.

पहली रेखा में विसगं युक्त पाँच ‘स’ कार बीजों को लिखकर अन्त में ‘इ’ कार बीज को लिखें.

दूसरी पंक्ति में ‘सः, सः, क्रों, ह्रीं क्रों इन पाँच बीजों को लिखें. तीसरी पंक्ति में जहाँ ‘राम’ शब्द लिखा है, वहीं जिस व्यक्ति को आकर्षित करना हो, उसका नाम लिखें.

चौथी पंक्ति में ‘ह्रीं क्रीं ह्रीं क्रीं’ – इन चार बीजों को लिखें. पांचवीं पंक्ति में ‘ह्रीं क्रीं ह्रीं द, र’ इन पाँच बीजों को लिख कर, यन्त्र को संपूर्ण करें. इस प्रकार यन्त्र का जो स्वरूप तैयार होगा उसका फोटो निचे दिया गया गया है.

यंत्र निर्माण विधि की प्रक्रिया घर पर ही कर ले.

yantra

यन्त्र लिखने के पश्चात् उसका गंध श्रादि से विधिवत् पूजन करें. तत्पश्चात् उसे एक लाल रंग के सूत में बाँध कर रख दें.

अब अपने शरीर के उबटन से एक मनुष्याकार मूर्ति तैयार करके उस मूर्ति के हृदय में पूर्वोक्त विधि से बनाए गये यन्त्र को रखे.

उसे उबटन से ढक कर तीन दिन तक, तीनों सन्ध्याओं के समय खेर की श्रग्नि में तपते हुए निम्नलिखित मन्त्र का जप करें

“ॐ अमुक वेगेन आकर्षय माणिभद्र स्वाहा”

यंत्र निर्माण विधि में जिस स्थान पर ‘अमुक’ शब्द आया है, वहां जिस व्यक्ति को “आकर्षित करना हो, उसके नाम का उच्चारण करना चाहिए. इस माणिभद्र यन्त्र के प्रभाव से देशान्तर में स्थिति साध्य-व्यक्ति आकर्षित होकर साधक के पास चला आता है.

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How to make Yantra at home in Hindi Final conclusion

ऐसा माना जाता है की वीर भगवान मणिभद्र ने खुद तापन शोषण आदि की क्रिया द्वारा इस मन्त्रेश्वर का पूजन किया था.

जिन साधक ने इस यन्त्र का निर्माण किया है वीर मणिभद्र उनकी रक्षा और सहायता खुद करते है. यंत्र निर्माण विधि के लिए आप घर पर ही इसका अभ्यास कर सकते है.

अगर आप वशीकरण या फिर आकर्षण की साधना करने के बारे में सोच रहे है तो ये यन्त्र साधना निर्माण आपके लिए सहायक हो सकता है.

शब्दों और मन्त्रों को आकृतियों मे ढालकर यन्त्र बनाये जाते हैं. ये आकृतियां विशेष तरह की होती हैं और इन्हे विशेष नक्षत्रों में बनाया जाता है.

आकाश मंडल और वातावरण की ऊर्जा को एकत्र करने लायक किया जाता है.

आकृतियों के बन जाने के बाद इनमे शब्दों को जागृत किया जाता है फिर इसे विशेष नक्षत्र मे प्रयोग किया जाता है.

यह वातावरण और आकाश मंडल से ऊर्जा खींचकर प्रयोग करने वाले व्यक्ति तक पहुंचाता है. यंत्र निर्माण विधि की प्रक्रिया के दौरान आपको इन सब बातो का ध्यान रखना चाहिए.

दूर आकर्षण के लिए हम पहले ही दिक्पाल साधना के बारे में बात कर चुके है. ये साधना आपको दूर बैठे व्यक्ति को आकर्षित करने में help करती है.

अगर आप यन्त्र साधना के बारे में और ज्यादा जानना चाहते है तो निचे दी गई बुक डाउनलोड कर सकते है.

Download Book मंत्र साधना विधि राजेश दीक्षित हिंदी बुक पीडीऍफ़

Basic of How to learn mesmerism online in Hindi complete guide

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mesmerism का प्रयोग प्राचीन समय से ही spiritual practice में किया जाता आ रहा है लेकिन, जब समय Spiritualism से science की तरफ बढ़ने लगा तब इसके प्रयोग पर पाबन्दी लगाया जाने लगा क्यों की विज्ञान इसे accept नहीं कर पाया. आखिर बिना किसी दवा के किसी को कैसे ठीक किया जा सकता है ?

समय के साथ लोगो का रुझान Advance hypnotism technique में बढ़ने लगा तब मेस्मेरिज्म एक बार से अस्तित्व में आने लगा. आज आप learn mesmerism online Courses के जरिये इसे खुद सीख सकते है.

ये किसी तरह की tantra mantra kriya नहीं है जैसा की इसे शुरुआती समय में करार दिया गया. वास्तव में विशुद्ध उर्जा को जब माध्यम में शिफ्ट किया जाता है तब ये उसकी चेतना को प्रभावित करती है जिसकी वजह से माध्यम एक trance state में चला जाता है.

ये चेतना में बदलाव कोई जादू नहीं है ना ही किसी तरह का तंत्र बल्कि आपके मानसिक शक्ति का एक प्रदर्शन है. इसका सही कामो में किया गया प्रयोग आपको आध्यात्मिक बना सकता है.

How to learn mesmerism online

आज जब Psychology में समय समय पर बदलाव आते जा रहे है और नयी तकनीक के जरिये और ज्यादा बेहतर परिणाम पाए जा रहे है तो सम्मोहन में भी बदलाव देखे जा सकते है.

सम्मोहन में हर बढ़ते स्टेप के साथ हम अपने मन से जुड़ते जा रहे है और एक समय ऐसा आता है जब हमें किसी तरह सुझाव और गाइड की जरुरत नहीं पड़ती है.

यही पर mesmerism के तकनीक को लागू किया जा रहा है. mesmerism एक बार फिर लोगो के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है क्यों की इसके जरिये हम अपने मन को बदल सकते है.

Secret subconscious mind programming को अंजाम दे सकते है और भी बहुत कुछ. आइये आज जानते है इसे सीखने के लिए क्या चाहिए और कैसे सीखा जा सकता है.

How to learn mesmerism online in Hindi

अगर आप Online mesmerism Course learn from home or center देख रहे है तो ये आर्टिकल आपकी हेल्प करेगा.

बिना किसी सेण्टर को Join किये आप इसे घर पर सीख सकते है बशर्ते आपको इसका basic concept समझ में आ जाए. इसके बेसिक में आपको 3 चीजो को समझना होगा जैसे की

  1. Mesmerism
  2. Magnetism and
  3. Fascination

अगर आप इन 3 सब्जेक्ट पर कमांड बना लेते है तो इसके बाद mesmerism level 2 and 3 and advanced mesmerism आपके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं रह जाता है.

इसे अलग से सीखने के लिए आपको 3 महीने का कोर्स लेना होगा जिसमे आपको कुछ खास चीजे सिखाई जाएगी जैसे की

  • What is mesmerism basic introduction
  • basic of Mesmerism, Magnetism and Fascination and how they used in mesmerism practice.
  • सबसे कम समय में instant rapport के लिए खुद को तैयार करे.
  • The power of gaze ( trataka practice )
  • Nonverbal and mesmeristic inductions जिसमे Energetic inductions, mesmeristic passes, nonverbal deep trance inductions शामिल है.
  • Deep trance state में जाने के लिए खुद को कैसे तैयार करे और इसके जरिये Self healing process को पूरा करने से जुडी हर ट्रिक्स.
  • अपने personal hypnotic power को और ज्यादा मजबूत करे.
  • mesmerism की Old and new technique को आपस में combine कर daily life में कैसे use करे.

हर 3 महीने में होने वाले इस कोर्स में सिर्फ 10 लोगो को सेलेक्ट किया जाता है. और उन्हें mesmerism Online classes के जरिये guide किया जाता है.

Read : सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग के Top 5 Amazing Benefit सिर्फ आँखों से नहीं इशारो से भी करे सम्मोहन

What is basic of mesmerism in Hindi

learn mesmerism online सम्मोहन की तरह ही है लेकिन, दोनों में एक खास अंतर है और वो है non-verbal communication का, यानि एक और जहाँ सम्मोहन के लिए आपको माध्यम के साथ एक Communication बनाना पड़ता है वही दूसरी और mesmerism में इसके लिए किसी तरह का communication नहीं होता है.

सम्मोहन में ये काफी Advanced hypnotic state में होता है जहाँ पर माध्यम के Subconscious mind को जहाँ तक हो सकता है फ्री किया जाता है.

जितना ज्यादा माध्यम का मन फ्री होता है वो उतना ही Deep unconscious access लेता है और healing को आसान बनाता है.

ज्यादातर एक्सपर्ट मानते है की इसमें एक व्यक्ति दूसरे में energy shift करता है जिसकी वजह से strong therapeutic effect पैदा होता है और माध्यम trance state में चला जाता है.

Franz Anton Mesmer को इस तकनीक की खोज करने वाला पहला व्यक्ति माना जाता है लेकिन सच तो ये है की सम्मोहन से भी पहले Ancient time में Egypt, Greece, India जैसे देशो में इस तकनीक के जरिये shamans (Spiritual practitioner) खुद को trance state में powerful and deep healing perform करते थे.

आज भी इसका प्रयोग आप देख सकते है जहाँ पर ओझा या जादूगर छोटे बच्चे को माध्यम बनाकर सवालों के जवाब देते है या फिर कुछ नया करते है.

इस अवस्था में हर वो काम जिसे Conscious state में मुश्किल माना जाता है आसानी से किया जा सकता है.

आइये अब जानते है basic learn mesmerism online में इस्तेमाल होने वाले 3 common word जिनके जरिये इसे perform किया जाता है.

Read : कर्ण पिशाचनी साधना का सच्चा अनुभव जानिए क्या होता है और क्यों ये साधना नहीं करनी चाहिए

What is Magnetism in Mesmerizing technique

इसे Animal magnetism के नाम से जाना जाता है क्यों की खोज के समय इसका आईडिया कुछ ऐसी activity के दौरान मिला है जो की invisible natural force के आधारं पर होती है और इसके लिए हर Living being responsible है.

एक उदाहरण के लिए जब हम किसी खास व्यक्ति को मिलते है तब हमारी आँखों की चमक और शरीर में बहने वाली उर्जा में कुछ बदलाव को महसूस किया जाता है.

अगर मिलने वाला व्यक्ति हमारा खास है तो हम आँखों में एक चमक और body में Positive vibes को feel करते है जबकि इसके opposite energy का experience हमें उन लोगो से मुलाकात के दौरान होता है जिन्हें हम पसंद नहीं करते है. magnetism एक force की तरह है जिसे हम खास अवसर पर experience करते है.

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इसका सबसे बड़ा example एक अजगर को मान सकते है जो अपने शिकार को पकड़ने की कभी कोशिश नहीं करता है वो सिर्फ आँखों के जरिये mesmerize करता है और शिकार वही उसके मायाजाल में फंस जाता है और कब अजगर उस पर अपनी पकड़ बना लेता है पता भी नहीं चलता है.

इंसानों के बीच एक सबसे बड़ी feeling जिसे love कहते है वो भी इसी तरह काम करती है.

आप किसी की तरफ attract होते है तो ये बोलने की वजह से नहीं होता है आपको सामने वाले की आँखे पसंद आती है उसकी चमक और उसका आकर्षण आपको उनकी तरफ खींचता है जिसके लिए किसी को कुछ करने की जरुरत नहीं होती है.

ये सब वास्तव में Animal magnetism है. एक ऐसा आकर्षण जो बगैर बोले या व्यक्त किये आपके आँखों और शरीर से flow करता रहता है.

जो लोग शांत होते है और अपनी feeling and emotion को control कर सकते है वे इसे आसानी से मनचाहे तरीके से सामने वाले पर effect डाल सकते है.

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Fascination most important part of learn mesmerism online

इसका सीधा सा मतलब आकर्षण से है. किसी को देखने के दौरान खुद में आकर्षण पैदा करना जिसके जरिये हम सामने वाले को अपनी तरफ attract कर सके.

त्राटक साधना में ये प्रभाव हम आँखों में पैदा करते है और learn mesmerism online में ये प्रभाव हमारे body के हर पार्ट में होता है क्यों की magnetism को प्रैक्टिस के जरिये High level पर हर समय मनचाहे तरीके से execute करना सीख लेते है.

अब तो आप समझ ही गए होंगे की mesmerism वास्तव में क्या है ?

सामने वाले को अपने आकर्षण में बांध कर बिना कुछ बोले या active रहते हुए जिस energy को shift कर सामने वाले पर असर डाला जाता है उस क्रिया को mesmerism कहते है.

ये सम्मोहन से सिर्फ communication में अलग है. सम्मोहन में हमें active रहना पड़ता है लेकिन mesmerism ये जरुरी नहीं है.

अगर बात करे ancient spiritual practice की तो इसके जरिये distance healing देने जैसे काम किए जाते थे जिसके लिए माध्यम का सामने होना जरुरी नहीं होता है.

Nonverbal and mesmeristic inductions

इसमें 3 तरह से काम किया जाता है पहला Energetic inductions यानि energy shifting दूसरा mesmeristic passes खास तरह की हरकत के जरिये उर्जा को transfer करना और तीसरा nonverbal deep trance inductions बिना कुछ बोले ही माध्यम को deep trance state में भेजना.

सम्मोहन में ये काम सुझाव के जरिये किया जाता है और learn mesmerism online में ये काम हम अपने non verbal communication में उर्जा के जरिये करते है.

Induction एक ऐसी process है जिसमे हम माध्यम के energy field को overpower करते है और इस स्तर तक कर देते है की उसकी Conscious एक Low level trance state में shift हो जाती है.

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Deep trance and the self-healing state

Learn mesmerism online के अभ्यास में ये वो अवस्था है जहाँ पर हम मन को फ्री करना सीखते है.  यहाँ आपको कुछ ऐसे learn mesmerism online courses benefit मिल सकते है जो काफी काम आ सकते है.

वास्तव में ये practice हमारे Body mind soul and spirit को balance करने की क्रिया है जहाँ पर Different level of consciousness को achieve करते है.

जितना ज्यादा Conscious से unconscious में बढ़ते है deep brain programming access बढ़ता जाता है. यही वो स्टेट है जहाँ हम सोच को काबू करते है.

यहाँ पर सोच को बदला जा सकता है, नई सोच को बनाया जा सकता है, सोच पर लॉक लगाया जा सकता है या फिर उन्हें मिटाया जा सकता है ये कुछ समय के लिए भी हो सकता है और स्थायी तौर पर भी.

self healing state एक हद तक योग निद्रा की तरह ही है. जब हम body को mind के साथ align करते है तो ये खुद को heal करना शुरू कर देती है जो की हमारी body की natural process है.

कुछ हद तक इसे हम पर्याप्त नींद लेकर सही करते है लेकिन problem बड़ी है तो हमें योग निद्रा का सहारा लेना ही पड़ता है.

How to increase your personal hypnotic power

hypnotic power यानि आकर्षण शक्ति को बढाने के लिए हमें 2 चीजो पर अच्छी पकड़ बनानी होगी पहली हमारे Conscious को different level में मनचाहे तरीके से shift करने की क्षमता जो की हमें त्राटक साधना के जरिये मिलती है.

दूसरा योग निद्रा जो ना सिर्फ healing करती है बल्कि उर्जा को स्टोर करने का काम भी करती है.

अगर आप इसका फर्क खुद देखना चाहते है तो सिर्फ 21 दिन तक योग निद्रा का अभ्यास करके देखे.

आप खुद महसूस करेंगे की अब आपकी बॉडी का आकर्षण शक्ति बेहद बढ़ गया है और एक उर्जा को आप खुद में महसूस कर पा रहे है.

इसके अलावा आप जिस body part पर खुद को फोकस करते है वो बेहद active हो जाता है.

अगर आप learn mesmerism online basic guide का हिस्सा बनते है तो आपको इसका अभ्यास जरुर करवाया जाता है.

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Advantage and benefit of mesmerism in Hindi

mesmerism को कभी भी सामने नहीं आने दिया गया जिसकी वजह थी Politics and medical science. मेडिकल विज्ञान को मानता है जबकि mesmerism पूरी तरह से energy पर बना हुआ तकनीक था जिसकी विज्ञान के पास कोई explaination नहीं थी की आखिर ये किस तरह काम करता है.

समय के साथ मेडिकल ने सम्मोहन को मानना शुरू किया क्यों की ये थोड़ा वैज्ञानिक लगता था.

आइये जानते है की आखिर learn mesmerism online courses के वो कौनसे benefit थे जिनकी वजह से इसे कभी पोपुलर नहीं होने दिया गया.

  • Incredible control over thoughts and emotion mesmerism के प्रयोग से मानसिक बीमारी को ठीक किया जा सकता था, बिना किसी बेहोशी के सिर्फ चेतना को शिफ्ट कर मुश्किल सर्जरी को भी आसान बनाया जा सकता था. मेस्मेर ने इसका प्रयोग अपने कई ऑपरेशन के दौरान किया और सफलता हासिल की.
  • Super conscious हमारे ब्रेन का वो हिस्सा जो हमारे emotion, thought को control करता है उसे भी learn mesmerism online के जरिये access किया जा सकता है यानि अगर हम चाहे तो इसके जरिये किसी इन्सान की यादो को control कर सकते है. अच्छे में बहुत अच्छा और बुरे में सोचा न जा सके इतना बुरा इंसानी सोच को सिर्फ mesmerism के जरिये किया जा सकता है. हालाँकि Modern hypnosis technique और कुछ नहीं mesmerism को ही follow कर रही है.
  • Psychotherapy में mesmerism अकेला वो जरिया है जो कुछ भी ठीक कर सकता है. याद रखे पागल व्यक्ति को ठीक करना इसका हिस्सा नहीं है लेकिन डैमेज हुए ब्रेन को ठीक किया जा सकता है क्यों की ये सब यादो पर काम करता है.
  • Superior intelligence यानि सोच को बेहतर बनाना ये भी mesmerism के जरिये संभव है क्यों की जब हम Conscious shifting से गुजरते है हमारे सोचने के तरीके में बदलाव आता है. इसकी वजह experiences and capacities में बदलाव की वजह से हमारे body and mind में change लाता है.
  • control over conscious thought and emotion हम ज्यादातर conscious state में Unwanted intrusive thoughts में ही फंसे रहते है लेकिन mesmerism में हम हमारी चेतना, भावना और सोच को काबू में करते है. जब ऐसा होता है तब हम खुद को मनचाहे व्यक्तित्व में ढाल सकते है. इसके जरिये आप Personal development कर सकते है या फिर अपने स्किल को और भी शार्प कर सकते है.

ये सब learn mesmerism online course के कुछ ऐसे benefit है जिनकी वजह से मेडिकल विज्ञान को अपने अस्तित्व पर खतरा लगने लगा था.

इन सबकी वजह से ही mesmerism को एक witchcraft ritual की तरह फैलाया जाने लगा और अन्धविश्वास मान कर इसे ban कर दिया गया.

ये उस समय की बात है जब लोगो को रुझान Spiritualism की जगह science की तरफ हो रहा था.

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 Learn mesmerism online my own thought

Mesmerism practice online guide के जरिये आप खुद इसका अभ्यास कर सकते है.

ये अभ्यास 100% सेफ है लेकिन Psychic ability पर निर्भर है जहाँ पर आप अपने मन को फ्री करते है. ये वो समय है जब आपकी दबी हुई Conscious आपके सामने आती है जो अच्छी और बुरी दोनों तरह की हो सकती है.

अगर आप इससे प्रभावित हुए बगैर आगे बढ़ सकते है तो simple but effective learn mesmerism online अभ्यास करे.

जब हम कोई ऐसी प्रैक्टिस करते है जो हमारे body और mind को align करते है तो सबसे पहले हम अपने अन्दर के Dark side को फेस करते है.

अगर हम इनसे ऊपर उठते है तभी चेतना के अलग अलग स्तर को पा सकते है नहीं तो अपने ही डार्क साइड को फेस करने की वजह से mental breakdown की problem का सामना करना पड़ सकता है जो की खतरनाक है.

वैसे तो इसमें किस गाइड की जरुरत नहीं पड़ती है हम अपने गुरु खुद होते है लेकिन अगर आप किसी तरह का गाइड चाहते है तो हमारे ऑनलाइन कोर्स को ज्वाइन कर सकते है.

किसी भी समस्या के समाधान के लिए कमेंट में पूछ सकते है.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग के Top 5 Amazing Benefit सिर्फ आँखों से नहीं इशारो से भी करे सम्मोहन

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सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग के बारे में आप कितना जानते है ? सम्मोहन में दृष्टि की शक्ति के साथ-साथ उंगलियों की शक्ति का भी प्रयोग किया जाता है.

प्रत्येक मनुष्य की उंगलियों के सिरों से इस प्रकार की विद्युत शक्ति निकला करती है.

उंगलियों के सिरों से निकलने वाली विद्युतीय चुंबकीय तरंगों को नियंत्रित एवं विकसित करके इतना शक्तिशाली बनाया जाता है कि उस विद्युतीय चुंबकीय शक्ति द्वारा किसी भी जड़-चेतन वस्तु को प्रभावित करके उसे सम्मोहित किया जा सकता है.

यह क्रिया ‘स्पर्श’ के द्वारा सम्पन्न होती है. इस क्रिया से हम सुविधापूर्वक किसी को भी सम्मोहित कर सकते हैं यानी यदि हम चाहें तो अपने शरीर में विद्यमान इस शक्ति को दूसरों को भी दे सकते हैं. सम्मोहन के क्षेत्र इसे ‘पास देने की क्रिया’ कहा जाता है.

डॉ. मेस्मर ने यह सिद्ध भी किया है कि प्रत्येक मनुष्य के शरीर में एनीमल मेग्नेटिज्म’ है और यह मेग्नेटिजम आंखों के माध्यम से या हाथों की उंगलियों के सिरों द्वारा दूसरों को प्रभावित करता है.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग ज्यादातर मैजिक करने वाले करते है.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग

जब त्राटक के माध्यम से साधक के शरीर में विद्युतीय चुंबकीय शक्ति बढ़ जाए तो इस चुंबकीय शक्ति को वह दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करा सकता है.

इस प्रवेश कराने की क्रिया को ही सम्मोहन में “पास देने की क्रिया’ कहते हैं. भारतीय दर्शन में इसी को ‘शक्तिपात्’ कहते हैं. रेकी में इसे पास मार्जिन के नाम से जाना जाता है.

स्पर्श देने में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले किसी निर्जीव वस्तु पर अभ्यास करना चाहिए. जब उसमें पूर्ण सफलता मिल जाये, तब किसी स्त्री-पुरुष आदि सजीव प्राणी पर स्पर्श का प्रयोग करना चाहिए.

जिस व्यक्ति को सम्मोहित करना होता है, सम्मोहन करने वाला उसके शरीर पर कुछ विशेष तरीकों से हाथ फेरता है. उस हाथ फेरने की क्रिया को ही स्पर्श करना कहते हैं.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग

इसके लिए आप माध्यम को सामने किसी कुर्सी स्टूल पर बैठा दीजिए जिसके शरीर में चुंबकीय शक्ति स्पर्श द्वारा देनी है.

अब उसके सामने खड़े हो और अपने दोनों हाथों की उंगलियों को फैला दें तथा जितनी भी तन सकें, उतनी तान (कड़ी कर) लें.

अब अपनी उंगलियों पर अपनी दृष्टि स्थिर करें और मानसिक भावना से सोचें कि आपके शरीर की विद्युतीय चुंबकीय शक्ति इन उंगलियों में प्रभावित हो रही है और उसमें वृद्धि हो रही है.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग में कुछ देर के बाद आप अपनी उंगलियों में झनझनाहट का अनुभव करेंगे.

कुछ समय तक इसी प्रकार भावना देते रहने से आप को अपने पूरे शरीर में झनझनाहट सी बढ़ रही अनुभव होगी.

ऐसा अनुभव होगा कि आपका सारा शरीर एक विचित्र प्रकार की झनझनाहट से भरता चला जा रहा है. आंखों में और विशेष रूप से यह झनझनाहट हाथों की उंगलियों में बहुत तेजी से महसूस होगी.

जब यह झनझनाहट बहुत अधिक तीव्रता के साथ अनुभव हो, तब उंगलियों को कड़ी और कुछ अलग-अलग करके माध्यम के सिर पर हाथ पर यह भावना दें कि आपके शरीर की विद्युतीय चुंबकीय शक्ति उंगलियों के माध्यम से निकलकर माध्यम के शरीर में प्रवेश कर रही है.

सम्मोहन में भावना शक्ति का भी इस्तेमाल है महत्वपूर्ण

इसके साथ ही आप माध्यम को भी यह भावना दें कि वह उस शक्ति को पूर्णरूप से ग्रहण कर रहा है और उसके सारे शरीर में धीरे-धीरे झनझनाहट सी महसूस हो रही है. इससे हाथ से विद्युतीय शक्ति निकलकर माध्यम (सम्मोहित किये जाने पात्र) के शरीर में प्रवेश करती है.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग  के अलावा कुछ लोग इस विद्युतीय प्रवाह को ‘ऊष्मा’ कहते हैं. यह विद्युतीय चुंबकीय शक्ति प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में विद्यमान है.

विशेष प्रकारों से हाथ फेरने से वह उंगलियों के सिरों से निकलती है. मानव शरीर के इस विद्युतीय प्रवाह को दूसरे शरीर में प्रवेश कराया जाता है.

जब यह विद्युतीय प्रवाह माध्यम के शरीर में प्रवेश करने लगता है तो उसे अपने शरीर में एक प्रकार की झनझनाहट का सा अनुभव होता है.

आप देखेंगे कि कुछ समय बाद आपकी झनझनाहट बिल्कुल समाप्त हो गयी है और स्वयं को पहले से ज्यादा स्वस्थ व हल्का महसूस कर रहे हैं.

यानी अपने एक बार के स्पर्श क्रिया में जितनी भी विद्युतीय शक्ति माध्यम को दे सकते थे, अब यदि आप दुबारा फिर से विद्युतीय शक्ति देना चाहें तो इसी प्रकार प्रयोग करके दे सकते हैं.

इस प्रकार सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग के बाद सम्मोहनकर्त्ता किसी भी व्यक्ति के शरीर में विद्युतीय चुंबकीय ढ़ाकर या स्पर्श क्रिया द्वारा दकर उसे रोगमुक्त कर सकता है.

माध्यम इस प्रकार की शक्ति प्राप्त वह समस्त लाभ उठा सकता है जो एक सम्मोहनकर्त्ता उठाता है.

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ध्यान रखने योग्य बातें

  • प्रायः स्पर्श देते समय हाथों को रोगी व्यक्ति से तीन-चार इंच की दूरी पर रखा जाता है. परन्तु कभी-कभी किसी रोगी को विशेष रोग के उपचार के लिए “स्पर्श” 1 से 2 इंच की दूरी पर रखकर दिया जाता है अथवा शरीर को स्पर्श करते हुए भी दिया जाता है.
  • स्पर्श सदैव ऊपर से नीचे की ओर देना चाहिए तथा प्रत्येक बार हाथ को नीचे से ऊपर ले जाते समय मुट्ठियां बंद कर लेनी चाहिए.
  • सामान्य रूप से स्पर्श देने की क्रिया पुरुष के दायीं ओर तथा स्त्री के बाय ओर से की जाती है. परन्तु किसी अंग विशेष पर प्रभाव डालने के लिए उस अंग विशेष पर भी स्पर्श दिया जाता है.
  • सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग में सामान्य रूप से एक स्पर्श देने की क्रिया में 5 मिनट का समय लगाना चाहिए, परन्तु कभी-कभी आवश्यकतानुसार इससे कम और अधिक समय भी लगाया जाता है.
  • एक दिन में 3-4 बार से ज्यादा स्पर्श देने की क्रिया नहीं करनी चाहिए.
  • स्पर्श देने के बाद सम्मोहनकर्त्ता को अपने हाथ ठंडे पानी से अवश्य घो लेने चाहिए.

उंगलियों की शक्ति को विकसित करने के लिए मानसिक शक्ति को ही विकसित किया जाता है.

मानसिक शक्ति यदि त्राटक साधना से विकसित कर चुके हों, तो इसे उंगलियों में केन्द्रित करने एवं नियंत्रित करने की साधना की जाती है. इसके विकसित करने के अनेक तरीके हैं.

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कुछ साधक सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग करते हुए अपनी साधना के लिए कुछ विशेष तरीकों का आविष्कार कर लेते हैं और फिर उसी के अनुसार अभ्यास साधना करते हैं.

हमारे देश में प्राचीनकाल से ही ‘स्पर्श’ करने या हाथ फेरने का प्रचलन था.

साधु-महात्मा किसी रोगी के सिर अथवा शरीर के अंग विशेष पर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद देते तो उस रोगी व्यक्ति को बहुत अधिक राहत मिलती थी.

यह राहत उसे उंगलियों के माध्यम से विद्युतीय चुंबकीय शक्ति को ग्रहण करने से संभव हुई थीं.

यानी उंगलियों के माध्यम से विद्युतीय तरंगें उस रोगी के शरीर की विद्युतीय चुंबकीय शक्ति को भेदकर उसके सूक्ष्म शरीर के उस भाग को प्रभावित करती है, जहां रोग होता है, इसलिए रोग स्वयं ठीक हो जाता है.

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सिर के बाल पर अभ्यास

एक ऐसे कमरे में जिसमें हवा का कहीं से भी जरा सा भी प्रवेश न हों, एकदम पतले धागे से अपने सिर का एक चाल बांधकर लटकाएं.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग में महारत हासिल करने के लिए आपको सबसे पहले ऐसे ऑब्जेक्ट का चुनाव करना चाहिए जो आसानी से प्रभावित किया जा सकता है.

बाल को लटकाने के लिए किसी स्टैण्ड या लम्बी खूंटी का प्रयोग करें और इससे इतनी दूरी पर कुर्सी बिछाकर बैठे कि हाथ को एकदम तानने से वह बाल से लगभग 6 इंच दूरी पर रहें.

कमरे में हल्के प्रकाश की व्यवस्था भी बनायें रखें.

अब अपनी कुर्सी इतनी दूर रखें कि हाथ को एकदम सीधा तानने पर उंगलियाँ बाल से 6 इंच दूर रहें.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग के दौरान अब बाल से 6 इंच दूर अपनी उंगलियों पर अपना पूरा ध्यान एकाग्र करें और मानसिक शक्ति द्वारा यह भावना करें कि आपकी उंगलियों के सिरों से निकलने वाली चुंबकीय शक्ति बाल को पूरी शक्ति से अपनी ओर खींच रही हैं.

इस अभ्यास को प्रतिदिन 15 मिनट से आधा घंटा तक नियमित रूप से करते रहें.

कुछ दिनों के अभ्यास के बाद बाल बराबर आपकी उंगलियों की ओर खींचने लगेगा. फिर एक समय ऐसा भी आएगा कि जब बाल खींचकर एकदम आपकी उंगलियों से सट जायेगा.

यह सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग प्रयोग निरंतर जारी रखें और बाद में बाल के बीच की दूरी बढ़ाते हुए अभ्यास करते रहें.

जब लगभग एक फीट की दूरी पर अभ्यास सिद्ध हो जाये, तब इसमें पूर्णता माननी चाहिए.

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दीपक की लौ पर सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग

एक ऐसे कमरे में जिसमें हवा की हल्की सी सिसकी भी न हो. उसमें किसी स्टैण्ड पर गौ-घृत या शुद्ध सरसों के तेल का दीपक जलाकर रखें.

फिर इस दीपक से इतनी दूरी पर कुर्सी डालकर बैठे कि बांह एकदम सीधी करके तानने पर उंगलियां दीपक की लौ से 4-5 इंच की दूरी पर रहें.

अब हाथ को सीधा करके तान दें और उंगलियों को लौ की ओर तानते हुए अपना सारा ध्यान उंगलियों पर एकाग्र करें.

यह भावना करें कि आपकी उंगलियों से विद्युतीय चुंबकीय शक्ति की किरणें निकलकर दीपक की लौ को प्रभावित कर रही है.

अब आप सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग के अभ्यास करते हुए दीपक की लौ को उंगलियों से निकलने वाली शक्ति से हिलाने का प्रयास करें.

आप देखेंगे कि कुछ दिनों के अभ्यास के बाद लौ उंगलियों के इशारे पर हिलने लगेगी. निरंतर अभ्यास करते रहने पर तब लौ आपकी उंगलियों का इशारा पाते ही आप जैसा चाहें हिलाना चाहें, हिलने लगे, तब अपने अभ्यास को पूर्ण समझें.

यह अभ्यास प्रतिदिन लगभग आधा घंटा तक करें. यह कुछ कठिनता से सिद्ध होता है. अतः धैर्य बनाएं रखते हुए अभ्यास करते रहें.

भविष्य में देखने की क्षमता आप भी पा सकते है बस जान लीजिये आपका अवचेतन मन इसमें किस तरह काम करता है

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लाइफ में हम ऐसे लोगो से जरुर मिले होंगे जो दूसरो को पढने में माहिर होते है. जब हम Psychic readings करते है तो वो कौनसी शक्ति है जिसकी हेल्प से हम दूसरो से जुड़ी information access करते है.

हमारी Psychic abilities में से एक Clairvoyant Abilities हमें दूसरो को न सिर्फ समझने में मदद करती है बल्कि उनसे जुड़ी जानकारी को प्राप्त करने में हेल्प करती है. Clairvoyance abilities को access करने के लिए हमें इसके 4 types को समझना होगा.

हर किसी के लिए Psychic Ability Clairvoyance को access करना आसान नहीं है. हम जैसे जैसे technique से अपना जुड़ाव बढाते जाते है उतना ही हमारा अपने अंतर से connection बनाना मुश्किल बन जाता है.

Clairvoyant Abilities खास तरह की Psychic ability है जिसके हम दूसरो की रीडिंग कर सकते है. अगर आप इन 4 में से किसी एक ख्समता को भी access कर पा रहे है तो ये आपकी मानसिक क्षमता को विकसित कर सकता है.

Clairvoyant Abilities

इस Psychic ability को 4 अलग अलग तरह से समझा जा सकता है.

  • 1 Clairaudience (hearing voices),
  • 2 Clairvoyance (seeing images),
  • 3 Clairsentience (recognizing feelings),
  • 4 Claircognizance (knowing)

किसी के बारे में Psychic reading करते समय हमें इन 4 अलग अलग माध्यम से जानकारी मिल सकती है.

आमतौर पर लोगो को लगता है की psychic reading में जब हम किसी के बारे में जानकारी access कर रहे होते है तब आत्माए हमारी मदद करती है लेकिन, ऐसा नहीं है हम अपने higher self के साथ connected होते है जिसकी वजह से हमारे लिए दूसरो को समझना आसान हो जाता है.

इस आर्टिकल में हम दूसरो को पढने के लिए खास तरह की मानसिक शक्ति के इस्तेमाल के बारे में जानने वाले है. अगर आप मानसिक शक्तियों में believe करते है तो ये आर्टिकल पूरा जरुर पढ़े.

What is Clairvoyant Abilities in Hindi

Psychic Ability Clairvoyance का मतलब है उन घटनाओ को महसूस करना जो होने वाली है. हम इस मानसिक क्षमता के जरिये भविष्य में क्या होने वाला है उसे समझने की कोशिश करते है.

भविष्य की घटनाओ को इस तरह देखने को हम तीसरे नेत्र के जागरण यानि Third eye awakening से भी जोड़ते है लेकिन, सच तो ये है की जितना ज्यादा हम अपने आसपास की चीजो को सूक्ष्म अध्ययन करना शुरू कर देते है हमारी मानसिक क्षमता अपने आप विकसित होने लगती है.

जब भी हम बात करते है Clairvoyant Abilities की तो व्यक्ति में 4 तरह से भविष्य की घटनाओ को महसूस कर सकता है जैसे की आवाजे सुना, संकेतो का तस्वीरों के रूप में दिखना, feeling को महसूस करना और सबसे अंत में जानना.

सबसे मजेदार बात तो ये है की ज्यादातर लोग इस psychic gifts को अपने लाइफ में महसूस करते है.

क्या आपको कभी भविष्य में होने वाली घटना का आभास नहीं हुआ है ?

ज्यादातर लोगो को भविष्य से जुड़ी घटनाओं के संकेत मिलते है लेकिन, चेतना के पहले चरण में फंसे रहने की वजह से वो उन पर ध्यान ही नहीं देते है. इन सबको सुनकर आपके मन में एक सवाल जरुर उठ रहा होगा.

How do I know if I’m clairvoyant or not?

इस सवाल का जवाब दे पाना किसी दूसरे व्यक्ति के लिए बेहद मुश्किल है. एक psychic reader भी आपको सिर्फ जज कर सकता है आपकी वास्तविक क्षमता के बारे में नहीं बता सकता है. मानसिक क्षमताओ को हमें कभी भी सुपर पॉवर की तरह नहीं समझना चाहिए.

Understanding Your Clairvoyant Abilities

जिन लोगो में ये मानसिक शक्ति होती है वे यूनिवर्स से संकेत प्राप्त करते है. कभी हवा में कुछ अलग दिखना, कही आते जाते एक ही तरह का संकेत बार बार रिपीट होना, शांत बैठने पर एक अलग आवाज का सुनना जैसे अनुभव होना आम बात है.

इस तरह के spiritually gifted clairvoyants experience हमें अक्सर तब होते है जब हमारा Subconscious mind ज्यादा active होता है.

ऐसी स्थिति में हमारा brain काफी strong हो जाता है और वो अपने आसपास वातावरण में फैली तरंगो को catch करना शुरू कर देता है.

ये एक ऐसी मानसिक शक्ति है जिसके जरिये हम भविष्य से जुड़ी घटनाओं को Visual intuition के जरिये साफ साफ महसूस कर पाते है.

जब हम colors, images, visions, dreams, and symbols के जरिये भविष्य की घटनाओ के संकेत ग्रहण करना शुरू कर देते है तब हमारी inner feeling पूरी तरह बदल जाती है. इस तरह की मानसिक शक्ति का अनुभव आपके sixth sense or third eye activation से भी जुड़ा हुआ है.

Clairvoyant Abilities में हमारी extra-sensory ability काफी ज्यादा strong बन जाती है. कई बार जाने अनजाने होने वाले energetic frequencies experience की वजह भी यही होती है.

भविष्य की होने वाली घटनाओ को महसूस करना Precognition कहलाता है वही बीते कल की घटनाओ को महसूस करना Retro cognition का हिस्सा है. जब हम किसी घटना को एक जगह बैठे बैठे देखते है तो ये Remote viewing कहलाती है.

इनके बारे में हम पहले ही विस्तार से लिख चुके है. Clairvoyant Abilities के जरिये हम भविष्य की घटनाओं को सपनो के दौरान और दिनभर के कामो के बीच जाने अनजाने में होने वाले अनुभव के जरिये अनुभव कर सकते है.

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समय के साथ Clairvoyance abilities पर कण्ट्रोल खोने की वजह

ये एक ऐसी मानसिक शक्ति है जिसका connection हम दोनों तरफ देख सकते है यानि esoteric and exoteric जिसमे ये हमारे अंतर से भी connect हो सकती है और हमारे आसपास से भी.

बच्चो में ये शक्ति काफी नेचुरल होती है क्यों की उनकी इमेजिनेशन पर कोई रोक नहीं होती है.

समय के साथ हम खुद को लॉजिक, तर्क वितर्क में काफी फंसा लेते है जिसकी वजह से ये शक्ति अपना असर खो देती है.

जैसे जैसे हम बड़े होते है हमे कल्पना करना समय की बर्बादी लगता है. हमारी psychic abilities पर इसका negative impact पड़ता है जिसकी वजह से Clairvoyant Abilities समय के साथ suppress होने लगती है और यही तनाव उन्हें अपनी मानसिक शक्तियों से अलग करना शुरू कर देता है.

यूनिवर्स अगर हमें कोई जानकारी देना भी चाहे तो हमारा defense mechanism उन्हें block करना शुरू कर देता है.

हमारी Clairvoyant Abilities संकेतो को जिस तरह accept करती है उन्हें हम किसी लॉजिक में compare नहीं कर सकते है.

यही वजह है की जैसे जैसे हम बड़े होते जाते है इस मानसिक क्षमता पर हमारा कण्ट्रोल खोता चला जाता है.

Signs of Clairvoyance

ऐसे कई संकेत है जो आपकी मानसिक क्षमता को explore करते है. सबसे ज्यादा common sign में Intuitive. Sensitive. Perceptive जैसे sign शामिल है.

अगर आप थोड़ा ज्यादा भावुक है, चीजो को गहराई से सोचते है या फिर आपके गट्स आपको आने वाले समय से जुड़े संकेत देते है तो ये आपकी Clairvoyant Abilities को दर्शाता है. Clairsentience जो की इसका एक हिस्सा है उसे हम clear feeling से जोड़ते है.

आमतौर पर हम 5 भौतिक sense पर निर्भर होते है दूसरो की emotional state को देखने के लिए लेकिन, Clairvoyant Abilities के जरिये हम दूसरो को सिर्फ टच कर ही उनके बारे में जान सकते है.

जब हम trance state में होते है तब अपनी personal energy को चैनल करने की वजह से हम यूनिवर्स में फैले हुए मेसेज को access करना शुरू कर देते है.

इस तरह की मानसिक क्षमता हमें energy के प्रति ज्यादा से ज्यादा sensitive बना देती है.

Clairsentient जैसी मानसिक क्षमता की वजह से हम बाहरी और आन्तरिक उर्जा दोनों के प्रति ज्यादा से ज्यादा संवेदनशील हो जाते है.

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4 different aspect of Clairvoyant Abilities

भविष्य की घटना को हम किस तरह अनुभव करते है ये महत्वपूर्ण है. हम अलग अलग तरह से भविष्य की घटनाओं को संकेत में अनुभव करते है.

इसका अनुभव Remote view से काफी अलग है क्यों की घटनाओ को साफ साफ देखना और उनके संकेतो को समझना दोनों अलग अनुभव है. आइये बात करते है four clairs के बारे में.

Clairaudience

यानि घटनाओ को सुनना. हमें ऐसा लगता है हमारा मन हमसे कुछ कहना चाहता है या फिर कुछ है जो हमारे दिमाग में गूंज रहा है. कई बार हम हर तरफ से अकेले पड़ जाते है तब हमारे सवालों का जवाब हमें अपने आप मिलता है.

जब हम मन की आवाज को पहचानना और उसे सुनना शुरू कर देते है लाइफ में आगे बढ़ने लगते है. इसे विकसित करने के लिए खुद से सवाल करना शुरू कर दीजिये और जो भी जवाब मिले उसे फॉलो करना शुरू कर दे. समय के साथ Clairaudience विकसित होने लगेगी.

Clairvoyance

ये एक ऐसी मानसिक क्षमता है जिसमे भविष्य की घटना हमें इमेज के तौर पर दिखाई देती है.

दिन भर में अगर आप एक ही इमेज को बार बार देखते है या कुछ symbol जैसे की नंबर वगैरह देखते है तो उसे अपने आने वाले भविष्य से जोड़ सकते है.

अगर आप Clairvoyant Abilities को विकसित करना चाहते है तो अपने आसपास दिखने वाले संकेतो का मतलब निकालना शुरू कर दीजिये.

Clairsentience

किसी को छूने से या फिर energy feel करने से अगर आपको भविष्य की झलक अनुभव होती है तो ये आपकी Clairsentience यानि महसूस करने की क्षमता है.

psychic reader ज्यादातर इसका इस्तेमाल करते है. इस मानसिक क्षमता में हम उर्जा को रीड करने की कोशिश करते है.

अगर आप ये Psychic ability develop करना चाहते है तो चीजो को टच कर उन्हें महसूस करने की कोशिश करे. थोड़ा वक़्त लगेगा लेकिन समय के साथ आपकी क्षमता मजबूत होती जाएगी.

Claircognizance

हम जैसे ही किसी व्यक्ति से मिलते है या फिर नयी जगह पर जाते है हमें अन्दर से Intuition मिलना शुरू हो जाते है.

उस जगह या व्यक्ति के बारे में इस तरह जानकारी मिलना हमारी इस मानसिक क्षमता को दर्शाता है. आमतौर पर हम guts feeling को अनुभव करते है और अगर इसे समझने की कोशिश करे तो जल्दी ही ये मानसिक क्षमता विकसित होने लगती है.

ये सभी आपकी Clairvoyant Abilities का हिस्सा है. आप भविष्य की घटना को किस तरह पढ़ते है या फिर दूसरो के मन की बात को किस माध्यम से समझ पा रहे है ये महत्वपूर्ण है. अलग अलग तरह के ये 4 मानसिक क्षमता आपके नजरिये पर निर्भर है.

हम अपने अन्दर की मानसिक क्षमता को अनुभव कैसे कर सकते है ?

Nostradamus का नाम आप सभी ने सुना होगा. इन्होने समय समय पर ऐसी भविष्यवाणी की थी जो समय के साथ सच हुई थी.

उन्होंने ये सब भविष्यवाणी इसलिए की थी क्यों की extrasensory perception पर उनका कण्ट्रोल था.

अगर आप भी अपनी इस शक्ति को महसूस करना चाहते है तो कर सकते है. Clairvoyant Abilities को sense करने के कई तरीके है जैसे की

किसी भी काम को करने से पहले उसकी प्लानिंग करना आपके natural clairvoyant ability को दर्शाता है.

आप कोई भी काम करने से पहले एक visualization करते है और उसमे काम से जुड़ी रुप रेखा होती है. यही रूप रेखा आपके कल्पना शक्ति को दर्शाती है. जितना ज्यादा आप strong होंगे आप हकीकत के करीब कल्पना करना शुरू कर देते है.

जब भी हम किसी से मिलते है हम उसके physical appearance को ही देख पाते है.

उस व्यक्ति के अन्दर के भाव कैसे है वो किस मानसिकता से हमें मिल रहा है और हमारा अनुभव कैसा रहेगा इसके बारे में हम नहीं जानते है. Clairvoyance abilities के जरिये हम व्यक्ति के औरा को महसूस कर पाते है जो physical body के चारो तरफ एक energy के रूप में होता है.

हम व्यक्ति के Aura energy field color के अनुसार उसके मन में क्या चल रहा है इसे अनुभव कर सकते है.

अगर आपको बार बार vivid dreaming का अनुभव होता है तो ये भी एक संकेत है की आपकी Clairvoyant Abilities आपके कण्ट्रोल में है.

हम सपनो में अलग अलग कलर को देखते है और उठने के बाद भी हमें सपने याद रहते है. Dream journal के जरिये हम सपनो को ज्यादा से ज्यादा याद रख पाते है और आगे चलकर lucid dream experience भी कर पाते है.

दिन भर के कामो के बीच अचानक ही हमें कुछ ऐसे अनुभव होते है जिन्हें समझ पाना मुश्किल होता है.

ये इतना अचानक होता है की हमें वहम जैसा लगता है. हम भविष्य की घटनाओ को अचानक ही महसूस कर लेते है जो की बेहद कम समय में घटित होने वाली घटना है.

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Tips To Enhance Your Clairvoyant Abilities

जितने भी महान लोग है उनके पास कुछ न कुछ psychic gift जरुर है. अगर बात करे Picasso की तो वे काफी expensive painting बनाते है लेकिन, बहुत कम लोग उनकी कला की गहराई को समझ पाते है.

What-are-psychic-gifts

वो ये सब अपने Clairvoyant Abilities की वजह से ऐसा कर पाते है क्यों की उन्होंने पेंटिंग के जरिये उनके सोच की गहराई को समझा जा सकता है. ऐसे कई टिप्स है जिनके जरिये आप भी अपनी मानसिक क्षमता को strong बना सकते है.

कभी भी आप क्या कर सकते है इस बात पर किसी तरह की शंका पैदा ना करे.

जब भी बॉडी और माइंड रिलैक्स स्टेट में होते है हम intuitive experiences से गुजरते है. ये हमारी Clairvoyant Abilities को strong बनाता है. अपनी energy पर फोकस बनाए रखे और आपके आसपास के लोग कैसा फील कर रहे है उसे समझने की कोशिश करे.

अपने third eye को और भी ज्यादा strong बनाने पर फोकस करे. ऐसा करना आपके अन्दर के fear and stress को दूर करने में हेल्प करता है. ज्यादातर विज़न हमारे तीसरे नेत्र से जुड़े है इसलिए इस पर फोकस करना बेहद जरुरी है.

जितना ज्यादा आप energy center पर फोकस होंगे उतना ही आपके विज़न में सुधार होगा और बेहतर अनुभव कर पाएंगे.

दिनभर के कामो के दौरान भी आप इसका अभ्यास कर सकते है. अपनी hidden Clairvoyant Abilities को active करने के लिए पब्लिक प्लेस पर गुजर रहे लोगो के Aura energy field को read करने की कोशिश करे. आँखे बंद कर संकेतो को समझने की कोशिश करे जो अपने माइंड में सबसे ज्यादा और बार बार आ रहे है.

अगर आप दिन में खासकर दोपहर के समय जाने अनजाने में ही आपको ऐसे अनुभव होते है जो आपके वर्तमान स्थिति से अलग होते है.

आप जो भी अनुभव कर रहे है उन्हें समझने के लिए अपने सोच और समझने के नजरिये को विकसित करने की कोशिश करे. जितना ज्यादा आप इन्हें ignore करने की कोशिश करते है आपकी मानसिक क्षमता, अवचेतन मन और personal energy कमजोर होती चली जाती है.

Psychic ability clairvoyance को active करने के लिए आपको कोई special practice करने की नहीं बल्कि अपने अनुभव को सूक्ष्म करने की जरुरत है. जितना ज्यादा आप खुद के साथ होने वाले अनुभव और आसपास की घटना को लेकर conscious होना शुरू हो जाते है उतना ही जल्दी आप इन्हें फील कर पाते है.

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How to tap into Clairvoyant Abilities easily

मानसिक शक्तियां हमारे अवचेतन मन का हिस्सा है. जितना ज्यादा आपका अवचेतन मन फ्री और strong होगा आप उतना ही बेहतर अपनी शक्तियों का विकास कर पाएंगे.

दूसरो के बगैर बोले उनके बारे में जान लेना हमारे Intuition को दर्शाता है लेकिन ये तभी संभव है जब हम Clairvoyant Abilities को विकसित कर ले.

इसके लिए आपको अपने ऊपर भरोसा बनाना होगा.

हमारी Psychic ability clairvoyance हमें दूसरो को बेहतर समझने में मदद कर सकती है.

आमतौर पर Psychic reader सबसे ज्यादा अपने intuition को फॉलो करते है जो उन्हें trance state में access होते है और देखने वाले को लगता है की वे Spirit guide के जरिये ये सब कर पा रहे है.

Clairvoyant Abilities and fortune telling और कुछ नहीं आपके Subconscious mind का खेल है.

जितना ज्यादा खुद पर भरोसा उतना ही ज्यादा आप इसे बेहतर अनुभव कर पाएंगे.

अगर आप अपनी मानसिक शक्तियों को विकसित करना चाहते है तो हमारे डिटेल गाइड को फॉलो कर सकते है.

घर पर किया जा सकता है इन 5 सर्व जन वशीकरण के उपाय को क्या आपने कभी कोशिश की इन आसान वशीकरण की ?

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आपने वशीकरण के अंतर्गत सर्वजन वशीकरण यन्त्र और सर्वजन वशीकरण मंत्र के बारे सुना ही होगा. वशीकरण में जहाँ हमें किसी खास व्यक्ति के लिए वशीकरण की सिद्धि करणी होती है वही Sarvjan Vashikaran mantra का प्रयोग हम किसी भी जगह और व्यक्ति पर कर सकते है.

इसके जरिये हम कई अलग अलग कार्य की सिद्धि कर सकते है जैसे की.

जैसा की इस यंत्र के नाम से ही सिद्ध हो जाता है कि ये यंत्र किसी को भी आपकी ओर आकर्षित कर सकता है.

Sarvjan Vashikaran mantra की सहायता से आप अपने व्यापार में ग्राहक को आकर्षित कर सकते है.

Sarvjan Vashikaran mantra

किसी व्यक्ति विशेष का झुकाव आपकी ओर करवा सकते हो. व्यक्तिगत जीवन में परिवार के सदस्यों का ध्यान अपनी ओर केंद्रित करवा सकते है.

आकर्षण, वशीकरण दोनों में ही यन्त्र और मंत्र का महत्त्व है. अगर आप कुछ आसान सर्वजन वशीकरण मंत्र के उपाय देख रहे है तो यहाँ ऐसे ही कुछ उपाय शेयर किये जा रहे है.

इसे हम जगत वशीकरण भी कहते है क्यों की इसकी सिद्धि के बाद हम किसी भी मनचाहे व्यक्ति को अपने आकर्षण के प्रभाव में ला सकते है.

आज के समय में Sarvjan Vashikaran mantra पद्धति से वशीकरण बहुत कम किये जाते है क्यों की इसके लिए सिद्धि में कुछ जरुरी बातो और नियम का पालन करना सब के लिए संभव नहीं है.

सर्वजन वशीकरण मंत्र Sarvjan Vashikaran mantra in Hindi

अगर आप नहीं जानते है की आने वाले में समय में आपका सामना किस से होने वाला है और फिर भी उसे अपने प्रभाव में लाना है तब आप सर्वजन वशीकरण मंत्र का प्रयोग कर सकते है.

जॉब में इंटरव्यू के समय सामने वाले को प्रभावित करना, कोर्ट केस में अधिकारी को प्रभाव में लेना है तो इसका प्रयोग कर सकते है.

Sarvjan Vashikaran mantra or वशीकरण यंत्र को धारण करने से साधक सर्व लोगों यानी की सर्व स्त्रियों और पुरुषों को लुभावना और आकर्षक लगने लगता है और सर्वजन उसकी तरफ खींचे चले आते है और उसे हर काम में सहयोग करने लगते है और उसके हर सुझाव से सहमत होते है.

सर्व जन वशीकरण मंत्र और यंत्र के उपाय शरीर पर धारण साधक सर्वजनों को एक चुंबक के तरह आकर्षित कर के समाज में मान-सम्मान, इज्जत और शोहरत पाकर अपना जीवन सुखी और सफल बना सकता है.

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सर्वजन वशीकरण यन्त्र

ॐ सर्व लोक वशंकराय कुरु कुरु स्वाहा.”

उक्त मन्त्र 108 बार जपने से मन्त्र द्वारा ही सिद्ध हो जाता है इस मन्त्र द्वारा अभिमंत्रित प्रयोगों द्वारा सब लोगों को वश में किया जा सकता है.

सभी प्रयोगों को अभिमन्त्रित करने की विधि यह है कि प्रयोग में आने वाली सब वस्तुनों को इकट्ठा कर, उन पर उक्त मन्त्र को 108 बार पढ़ कर फूंक मार दें फिर उनका बताए अनुसार प्रयोग करें.

इस Sarvjan Vashikaran mantra की प्रयोग विधियाँ निम्नलिखित हैं

(1) गोरोचन, प्रिपंगु, पद्मपत्र तथा लाल चन्दन – इन वस्तुओं को इकट्ठा करके पीस लें. फिर वस्तुओं के मिश्रण को उक्त मन्त्रद्वारा 108 बार अभिमन्त्रित कर, अपने मस्तिष्क पर तिलक लगायें. इस प्रकार का तिलक लगा कर साधक जिस साध्य – व्यक्ति के सामने पहुँचेगा, वह उसे देखते ही वशीभूत हो जाएगा.

(2) कुकुम, नागरमोथा, कूठ, हरताल श्रोर मैनसिल इन सबको एकत्र कर, अपनी अनामिका उंगली के रक्त में पीस कर, उस मिश्रण को पूर्वोक्त मन्त्र द्वारा 108 बार अभिमन्त्रित करके, अपने मस्तक पर तिलक लगायें. ऐसे तिलकधारी व्यक्ति को जो भी देखेगा, वही उसके वशीभूत हो जाएगा.

(3) पान तथा तुलसी के पत्तों को कपिला गाय के दूध पीस कर, उक्त मन्त्र से 108 बार अभिमन्त्रित करके, अपने मस्तक पर तिलक लगाने से, देखने वाले सभी लोग वशीभूत हो जाते हैं.

(4) ब्रह्मदण्डी, वच और कूठ को समभाग लेकर चूर्ण करे. उस चूर्ण को उक्त मन्त्र से 108 बार अभिमंत्रित करें. तत्पश्चात् उस अभिमंत्रित चूर्ण का पान में रख कर जिस साध्य व्यक्ति को खिलाया जायगा, वही उसके वशीभूत हो जायगा.

सर्वजन मोहन मन्त्र

ॐ नमो भगवते कामदेवाय, यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम मुखं पश्यति तं तं मोहयतु स्वाहा.”

यह Sarvjan Vashikaran mantra 1008 की संख्या में जपने से सिद्ध होता है.

प्रयोग इस मन्त्र के प्रयोग निम्नलिखित हैं

(1) असगन्ध, हरताल तथा गोरोचन को केले के रस में पीस कर, उक्त मन्त्र से १०८ बार अभिमंत्रित कर मस्तक पर तिलक लगाने से देखने वाले सभी व्यक्ति मोहित हो जाते हैं

(2) सफेद दूब को हरताल के साथ पीस कर, उक्त मंत्र से १०८ बार अभिमंत्रित कर तिलक लगाने से भी देखने वाले सब लोग मोहित हो जाते हैं.

सर्वजन आकर्षण मन्त्र

ॐ नमो दिया कुरु कुरु स्वाहा

यह Sarvjan Vashikaran mantra एक लाख की संख्या में अपने पर सिद्ध होता है. इस मन्त्र में जहाँ ‘अमुक’ शब्द का प्रयोग हुआ है, वहाँ साध्य व्यक्ति के नाम का उच्चारण करना चाहिए.

प्रयोग इस मंत्र की प्रयोग विधियां निम्नलिखित है

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(1) अपने दायें हाथ की अनामिका उंगली के रक्त द्वारा उक्त मन्त्र को भोजपत्र पर लिखें. जिस व्यक्ति को माकर्षित करना हो, उसका नाम 1 बीच में लिखना चाहिए.

फिर उस मन्त्र लिखे भोजपत्र को शहर में डाल दें. इस प्रयोग से साध्यव्यक्ति चाकर्षित हो कर सायक के पास स्वयं चली आता है.

(2) काले धतूरे के पत्तों के रस में गोरोचन मिला कर, सफेद कनेर की जड़ की कलम से, भोजपत्र के लिए उक्त मन्त्र को लिखकर, उसे खैर (कत्था) के अंगारों की अग्नि में तपायें इस क्रिया से सो योजन दूर रहने वाला व्यक्ति भी आकर्षित होकर साधक के समीप चला जाता है.

स्त्री-आकर्षण मंत्र

ॐ ह्रीं ह्र अमुकीं श्राकर्षय स्वाहा”

यह Sarvjan Vashikaran mantra एक लाख की संख्या में जपने से सिद्ध हो जाता है. इस मन्त्र में जहाँ अमुकी शब्द का प्रयोग हुआ है, वहाँ साध्य-स्त्री के नाम का उच्चारण करना चाहिए.

Benefits and uses of Vashikaran Yantra सर्वजन आकर्षण मन्त्र और यंत्र के उपयोग और लाभ

इसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है.

  1. किसी भी पुरुष या महिला के साथ एक नया रिश्ता शुरू करना.
  2. किसी को किसी भी काम के लिए मनाने के लिए.
  3. वांछित व्यक्ति या सामान्य लोगों को प्रभावित करने के लिए.
  4. प्रेमी, पति या पत्नी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए.
  5. किसी भी साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करने के लिए.
  6. ग्राहकों को आकर्षित करने व्यापार वृद्धि बनाए रखने के लिए.
  7. एक बैठक, पार्टी या सार्वजनिक सभा में आकर्षण का केंद्र होने के लिए.
  8. Sarvjan Vashikaran mantra and वशीकरण यंत्र भी आपके प्रेमी, प्रेमिका जैसे अपने प्रेम साथी से पूर्ण शारीरिक और भावनात्मक संतुष्टि प्राप्त करने के लिए.

पति, पत्नी या पारिवारिक विवाद की स्थिति में भी यह प्रभावी है, आपके परिवार का सदस्य आपको वांछित सम्मान, प्यार और देखभाल देना शुरू कर देंगे.

Sarvjan Vashikaran mantra and yantra की स्थापना और पूजा का नियम

  • सर्वप्रथम स्वयं को नित्य कर्म और स्नान आदि से निवृत करें, तत्पश्चात वशीकरण यंत्र स्थापना विधि को शुरू करने के लिए खुद के मन और विचारों को शुद्ध एवं एकाग्र करें.
  • घर का शांत स्थान जहाँ कोई आपके ध्यान में विघ्न न दाल पाए ऐसे स्थान पर पूरब दिशा की ओर मुख करते हुए धरती पर आसन लगाएं.
  • एक वेदी पर घी का दीपक और सुगन्धित अगरबत्ती या दीपक जलाएं,यदि आप चाहें तो एक से अधिक दीप भी प्रज्जवलित कर सकते है.
  • वेदी पर ताज़े फूल और फल भी रखें.
  • इसके बाद वेदी पर वशीकरण यंत्र को खोलकर स्थापित करें। इस यंत्र के साथ आप वशीकरण देवी और अपने इष्ट देवता की प्रति कृति भी स्थापित करें.
  • इसके बाद शुद्ध जल को किसी भी शुद्ध पेड़ की पत्ती द्वारा खुद पर और वशीकरण यंत्र तथा स्थापित देवी और इष्ट देव पर छिड़ककर  शुद्ध करें.
  • इसके बाद शुद्ध मन से वशीकरण देवी का आह्वान करें और उनसे प्रार्थना करें की वह अपनी शक्तियों से उपरोक्त यंत्र को अभिमंत्रित करें.
  • ध्यान लगते हुए देवी के समक्ष जिस भी व्यक्ति,वस्तु या इच्छा को आप अपने बस में करना चाहते है उसकी प्रार्थना करें.
How to perform Sarvjan Vashikaran mantra conclusion

सर्वजन वशीकरण मंत्र और यंत्र की पूजा के कुछ नियम है जिनके अभाव में ये सिद्ध नहीं होते है.

यंत्र या लॉकेट में जिस में भी आप मंत्र की शक्ति को धारण करते है वो आपके लिए एक अलग तरह की उर्जा का निर्माण करती है जो आपके कार्य की सिद्धि में सहायक होती है.

यह उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है जिसके द्वारा आप बहुत आसानी से अपनी पसंदीदा व्यक्ति या वस्तु को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हो.

वशीकरण के आसान प्रयोग आपको आपके मनचाहे व्यक्ति पर वशीकरण करने में help कर सकते है लेकिन ज्यादातर मंत्र सिर्फ किसी एक साध्य व्यक्ति तक सिमित होते है.

अगर आपको अनजाने लोगो को अपने आकर्षण के प्रभाव में लाना होता है तब सर्व जन वशीकरण मंत्र और यंत्र का प्रयोग काम में आता है.

आज भी ऐसे कई साधक है जो यौगिक शक्ति के जरिये आकर्षण शक्ति को लॉकेट में बनाते है. आप चाहे तो घर पर भी Sarvjan Vashikaran mantra निर्माण कर सकते है.