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Wednesday, May 27, 2026
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ध्यान की कारगर विधि Mindfulness Meditation Technique जिसमे विचारो नहीं activity पर focus किया जाता है

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भागदौड़ भरी इस लाइफ में हम काम में इतना ज्यादा फंस चुके है की stress जैसी mental illness के शिकार होना आम बात बन चुकी है. stress की सबसे बड़ी वजह होती है past and future की tension.

हम दिन भर सोचते रहते है की भविष्य में क्या होगा या फिर बीते कल में क्या हो गया था.

ऐसी problem को दूर रखने में mindfulness meditation technique हमारे लिए सबसे कारगर मैडिटेशन तकनीक में से एक है.

mindfulness का दूसरा मतलब है भूत और भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान में रहना. वर्तमान में घट रही हर घटना को बिना किसी reaction के हम सिर्फ observe करते है.

Mindfulness Meditation Technique in Hindi

mindfulness meditation technique ध्यान की सबसे खास तकनीक जो आसान भी है उनमे ये खास है. ये ऐसी तकनीक है जिसके action में कोई reaction नहीं होती है.

अगर इसका रेगुलर अभ्यास किया जाए तो इसके काफी सारे amazing benefit देखे जा सकते है. सबसे बड़ा फायदा है आपको सभी तरह की टेंशन से दूर रखना क्यों की अब आप सिर्फ वर्तमान में जो हो रहा है उस पर फोकस है ना की क्या होगा या क्या हो गया पर.

Mindfulness Meditation Techniques

ये एक ध्यान की तकनीक है जो कही भी की जा सकती है. किसी भी और तकनीक में जहाँ आपको एकांत चाहिए, बैठने के लिए एक माहौल चाहिए इस विधि में ऐसा कुछ नहीं होता है. जैसा की इसके नाम से पता चलता है mindfulness यानि दिमाग को active रहते हुए अवेयर रहना.

अगर आप विचारो में उलझने की वजह से ध्यान नहीं लगा पाते है तो mindfulness meditation technique आपके लिए best है.

ज्यादातर लोगो के पास एक reason होता है की वो समय की कमी की वजह से ध्यान नहीं लगा पाते है क्यों की इसके लिए शांत माहौल की जरुरत होती है जहाँ आप कुछ समय दे सके. इस विधि में ऐसा कुछ आवश्यक नहीं है.

आप जो भी काम कर रहे है उसे पुरे मन से करे ये भी ध्यान का एक प्रारूप है. कुछ लिख रहे है तो लिखने के तरीके को महसूस करे, सांसे लेते समय अन्दर बाहर होने को महसूस करे, जा रहे है तो खुद के  पैरो की गति को अनुभव करे ये सब आपको आसानी से दुसरे विचारो से दूर कर अन्दर की और ले जाता है.

सबसे आसान ध्यान कैसे लगाए ?

अगर आपका लाइफस्टाइल बहुत ज्यादा फ़ास्ट है जिसकी वजह से आप अपने routine में से time नहीं निकाल सकते है तो उस routine को ही अपना मैडिटेशन प्रैक्टिस का हिस्सा बना लीजिये.

अपने आसपास की आवाज सुनना, सांसो को अनुभव करना, चलते समय अपने आसपास क्या हो रहा है उसे पूरी तरह से महसूस करना ये सब हम दैनिक क्रियाकलाप में कर सकते है. इस विधि के अन्दर हमें जो काम कर रहे है उसके प्रति अवेयर होना होता है.

हम दिनभर काम करते है लेकिन हमारा मन उस काम में होने की बजाय दुसरे विचारो में होता है. अगर मन को शरीर के साथ जोड़ दिया जाए तो ये ध्यान ही तो है. जो काम कर रहे है उसमे शरीर और मन से रहते हुए करना मैडिटेशन का अभ्यास ही तो है.

मैडिटेशन में हम विचारो को दूर करते है और इस विधि में जब हम कार्य के प्रति अवेयर हो जाते है तो दुसरे विचार अपने आप दूर हो जाते है. आइये जानते है ऐसे ही कुछ आसान तरीके जिन्हें अपनाते हुए आप mindfulness meditation technique को कही भी कभी भी कर सकते है.

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Sounds in mindfulness meditation technique

ये एक Simple mindfulness meditation technique है जिसमे हम अपना पूरा ध्यान environment sound पर लगाते है.

ज्यादातर लोग मानते है की successful meditation session के लिए हमें शांत माहौल की जरुरत होती है लेकिन इसके उलट में इस तकनीक में हम अपना ध्यान अपने आसपास की साउंड पर लगाते है.

अपने आसपास की साउंड पर खुद को फोकस करना हमें किसी और विचार से दूर करता है.

ज्यादातर लोग गाने सुनते है जब उनका मूड ख़राब होता है और कुछ time बाद वो हर टेंशन को भूल कर खुद को relax महसूस करने लगते है. दरअसल म्यूजिक सुनना हमारे brain waves को कण्ट्रोल करता है जो की हमारे सोचने के तरीके को प्रभावित करती है.

अगर आप खुद को टेंशन में महसूस करते है तो आप भी mindfulness meditation technique to calm the mind को try करे बेहद कम time में आप खुद को relax महसूस करने लगेंगे.

Sensations practice with mindfulness meditation technique

हमारे बॉडी पार्ट्स में हो रही हरकत को महसूस करना भी हमें tension free करता है. हमारे अन्दर और बाहर क्या हो रहा है इन सभी हरकतों को बिना किसी reaction के सिर्फ observe करना हमें deep meditation experience की ओर ले जा सकता है.

कुछ लोग न्यास ध्यान और योग निद्रा का अभ्यास कर खुद को बेहद ज्यादा शिथिल कर relax अनुभव करते है.

अपने शरीर की हरकतों पर खुद को फोकस करना हमें emotional stress से बचाता है. आप mindfulness meditation technique के दौरान इसका अभ्यास कर खुद को ज्यादा से ज्यादा जाग्रत रख सकते है.

ऐसे लोग जो खुद बोलते समय, चलते समय असहज महसूस करते है वो इसका अभ्यास करे तो जल्दी ही इस समस्या का समाधान कर सकते है.

body language की ज्यादातर समस्या इस अभ्यास से दूर की जा सकती है.

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Simple mindfulness meditation –focus on thought

ध्यान का अभ्यास करने वाले शुरुआती लोगो को सबसे बड़ी समस्या आती है की वो इस दौरान अपने brain को पूरी तरह क्लियर नहीं कर पाते है.

ये लगभग नामुमकिन है की हम अपने विचारो की लहरों को जबरदस्ती रोक दे जो हर पल दिमाग में अन्दर बाहर हो रही होती है.

जब भी हम अभ्यास के लिए बैठते है हमारे अन्दर के विचार और भी ज्यादा शोर मचाने लगते है इससे पहले की हम खुद को शांत कर पाए इसलिए लोगो को ध्यान में रूचि नहीं होती है.

इसीलिए Basic mindfulness meditation के इस अभ्यास में thought पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है. हम अपने मन में आने वाले विचारो से उलझने और उनसे जुड़ने की बजाय उन्हें बिना किसी रोकटोक के आने जाने देते है.

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कुछ समय बाद ही हम खुद को शांत कर लेते है क्यों की विचारो की सबसे बड़ी समस्या है उन्हें बढ़ने के लिए reaction चाहिए.

अगर reaction ही ना की जाए सिर्फ observation हो तो जल्दी ही विचारो में कमी आने लगती है.

ये विधि तो हम कही भी कर सकते है खासतौर से तब जब हमारा दिमाग ऐसे विचारो से भरने लगे जो हमारे काम से रिलेटेड हो ही नहीं.

ऐसे में सिर्फ उन्हें बिना किसी engage या reaction के सिर्फ आने जाने देना जैसे भी जिस तरह से वो आ जा रहे है होने देना उन्हें जल्दी ही शांत कर देता है.

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Meditation techniques to calm the mind – Breathing

हमारे मानवीय सरंचना में कुछ ऐसी activity है जो हमेशा चलती रहती है.

इनमे से एक है साँस लेना. हम हमेशा साँस लेते है और छोड़ते है ( untill death ) इसलिए breath in, and breath out ये दो ऐसी activity है जो हमेशा बिना रुके चलती रहती है. लेकिन कितने लोग है जो इस प्रक्रिया को कभी बैठकर सूक्ष्मता से महसूस करते है ?

अपनी सांसो को अनुभव करना एक effective mindfulness meditation technique है जो हमें बहुत ही सूक्ष्म स्तर तक ले जा सकती है. ये सुनने में जितना आसान लग रहा है उससे कही ज्यादा effective result इसके देखने को मिलते है.

ऐसा माना जाता है की हमारे विचारो का सम्बन्ध कही न कही सांसो से जुड़ा हुआ है इसलिए जब हम better breathing लेना शुरू कर देते है यानि खुद को सांसो के प्रति अवेयर रखते हुए साँस लेते है तो हम पाते है की पहले की तुलना में physical and emotional relaxation अपने आप बढ़ गया है.

यही एक वजह है की सबसे ज्यादा फेमस mindfulness meditation technique में से एक breathing को माना जाता है क्यों की ये एक सहज प्रक्रिया है और हमें बस इसे नोटिस करना होता है.

जब हम सांसो के प्रति जागरूक होते है तो विचार अपने आप रुक जाते है. हमारा ध्यान अब जाग्रत हो जाता है और हम सांसो के जरिये विचारो को आसानी से कण्ट्रोल या फिर guide करना शुरू कर देते है.

Taste

ज्यादातर लोग खाना खाते है लेकिन उसे महसूस करने की कोशिश नहीं करते है. अगर आपसे पूछा जाए की आपकी favourite sweets का taste कैसा है तो आप शायद उसे बहुत लम्बा चौड़ा explain कर सकते है क्यों की आपने उसे सिद्दत से महसूस करते हुआ खाया है लेकिन क्या किसी और खाने या मिठाई के बारे में आप बता सकते है ? नहीं !

क्यों की आपने बस खाने की फॉर्मेलिटी की है. ज्यादातर लोग आज भागदौड़ में रहते है जिसकी वजह से वो ठीक से बैठकर खाना भी नहीं खा पाते है.

आज किसी भी चीज को taste करने के लिए time चाहिए और हम बस पेट भरने के लिए खाना खाकर दुसरे कामो में लग जाते है.

ऐसा करना हमें वैचारिक रूप से कमजोर बनाता है क्यों की हम किसी चीज को समझने की कोशिश नहीं कर रहे है बल्कि कुछ समय के लिए उसकी जरुरत को टाल रहे है.

दिनभर की लाइफ routine में कुछ समय निकाले और किसी भी नई चीज को taste करने की कोशिश करे. mindfulness meditation technique में से एक है वर्तमान में रहते हुए हर गतिविधि को महसूस करे.

उसे महसूस करे वो कैसी है उसके अन्दर क्या क्या speciality है और वो कैसे बन सकती है. ऐसा करना हमारे brain की उन खास हिस्सों को active करता है जो कल्पनाशील / रचनात्मक होते है.

किसी भी चीज को अनुभव के साथ खाना एक simple way to explore mindfulness and relaxation ही तो है, इसके अलावा इसे हम healthy eating-mindful eating भी समझते है.

ये उन लोगो के लिए बेहद effective है जो खाने की प्रॉब्लम से गुजर रहे है जिसके चलते वो over eating कर लेते है. जब हम अवेयर रहते हुए खाना खायेंगे तो इस समस्या से छुटकारा मिलेगा और पाचन भी सही होगा जिसकी वजह से सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है.

ये कोई चमत्कार नहीं है बल्कि आपका खुद के प्रति अवेयर होना ही है जो धीरे धीरे आपके विचारो और सोचने की शक्ति पर असर डालता है.

final conclusion on mindfulness meditation technique

दोस्तों ये एक ऐसी ध्यान की तकनीक है जिसके लिए हमें किसी तरह के एकांत या खास नियम की जरुरत नहीं होती है बल्कि दैनिक क्रियाकलाप में हम खुद के प्रति कितना अवेयर रहते है इस बात को लेकर अभ्यास किया जाता है.

चलते समय हमारा चलने के तरीके पर ध्यान देना, खाना खाते समय इसे आराम से अनुभव करते हुए खाना, साँस लेते समय पूरा फोकस साँस के अन्दर बाहर होने पर लगाना जैसी activity हमें अवेयर बनाती है और हम आसानी से विचारो को guide कर पाते है.

ध्यान की दूसरी विधि में हम भले ही खुद को विचारो को रोकने पर फोकस करे लेकिन इस विधि में हमें एक जरिया मिल जाता है जिसकी वजह से बाकि सभी बाधा अपने आप हट जाती है.

Mindfulness meditation technique उन लोगो के लिए बेहद कारगर है जो खुद को ध्यान के लिए तैयार नहीं कर पाते है और विचारो से जूझते रहते है.

आज की पोस्ट आपको कैसी लगी कमेंट में बताना न भूले.

कम समय में सांसो के जरिये कुण्डलिनी मैडिटेशन में सफलता हासिल करने की सरल विधि

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आप सबने कुण्डलिनी शक्ति के बारे में बहुत कुछ सुन रखा होगा. लोगो के अनुसार ये शक्तिशाली क्रिया है और साधक का मानसिक संतुलन बिगाड़ सकती है. ये पूर्ण सत्य नहीं है लोगो में बदलाव आते है लेकिन वो उन्हें सिर्फ फालतू विचारो की बजाय खुद पर फोकस करता है.

Kundalini Meditation या फिर guided kundalini meditation एक ऐसी विधि है जिसके जरिये हम चक्र जागरण की प्रक्रिया को बैलेंस करते हुए कुण्डलिनी जागरण करते है. इस अभ्यास को धीरे धीरे करने पर आप कई सारे ऐसे बदलाव महसूस कर सकते है जो आपने सोचे भी नहीं होंगे.

Origin of Kundalini Meditation in Hindi

ये विधि कुण्डलिनी जागरण की हठ योग क्रिया विधि से अलग है. हमें पूरा ध्यान सांसो पर रखना है और प्राण वायु को शरीर के चक्रों पर फोकस करते हुए उन्हें जाग्रत करना है.

बिना किसी नुकसान के हम धीरे धीरे इसे संभव बना सकते है और रीढ़ में प्राण वायु के जरिये कुण्डलिनी जागरण के स्पंदन को महसूस कर सकते है.

हम अपने दैनिक क्रिया-कलाप में कई ऐसे लोगो से मिलते है जिन्हें देखकर लगता है मानो कोई रोबोट है.

अपने आप काम करते रहना और अन्दर ही खोये रहना. ऐसे लोग अपनी ही मस्ती में डूबे रहते हुए काम करते रहते है. अगर आप उन लोगो में से एक है तो आप बहुत कुछ कर सकते है. ऐसे लोगो में काफी सारी खास बाते होती है.

Origin of Kundalini Meditation in Hindi

कुण्डलिनी ध्यान की उत्पति काफी समय पहले ही हो चुकी है लेकिन आज जो ध्यान की विधि आपको बताने वाले है वो एक बदलाव की वजह से अस्तित्व में आई.

1968 में Yogi Bhajan इंडिया छोड़कर वेस्ट में गए ताकि दुसरे लोगो को ध्यान कैसे किया जाए जैसी तकनीक के बारे में अपने ज्ञान को लोगो में बाँट सके.

उन्होंने वहां पर कई सारे रहस्य का सामना किया और लोगो के बिच ध्यान से जुडी गलत बातो का खंडन किया.

ये वो समय था जब लोगो में सुचना युग का फैलाव हो रहा था. लोग एक दुसरे के सुख दुःख को समझना शुरू कर चुके थे.

इसका एक सकारात्मक पहलू ये देखने को मिला की लोगो में निम्न स्तर पर ले जाने की बजाय ध्यान उन्हें अच्छे स्तर पर विकसित कर रहा था.

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Purpose of Kundalini Meditation

Kundalini meditation एक भाग है Kundalini yoga है. इसका प्रयोजन शरीर की उर्जा को उठाना है जो की हर इन्सान में सोई हुई रहती है. हम सभी मानते है की कुण्डलिनी उर्जा को ऊपर उठने के लिए 7 चक्र से गुजरना होता है.

इस प्रोसेस को हम Kundalini Meditation कहते है जो की ध्यान की विधि और योग का मिला जुला स्वरूप है.

इस प्रोसेस का उदेश्य body and mind के बिच एक तरह system of communication बनाना है जो सभी तरह के physical and mental as well as spiritual issue को दूर कर सके. ये विधि हमारे शरीर के प्रति हमारी चेतना को सांसो के माध्यम से जोडती है और हमें वर्तमान में रखती है.

आगे बढ़ने पर हम पाते है की अब हमारा कनेक्शन हमारे higher self से बनना शुरू हो गया है और हम आगे बढ़ने लगे है.

जिस तरह से हर रोज नहाना हमारे भौतिक शरीर को साफ़ रखता है वैसे ही हर रोज किया गया ध्यान हमारे मस्तिष्क को साफ रखता है दुसरे शब्दों में कहे तो Kundalini meditation as a way to cleanse your mind   दिन भर की थकावट को दूर करना हो तो इसे काफी हेल्पफुल माना गया है.

सबसे बढ़िया बात balance your energy and calm your mind जो की आपके दिमाग में चलने वाले unwanted anxiety thoughts को रोकती है और आपको रिफ्रेश फील करवाती है.

इस नजरिये से देखा जाए तो ये कोई धर्म से जुडी क्रिया योग की विधि नहीं है बल्कि शरीर और मन के प्रति हमारे चेतना को बढाने वाला एक अभ्यास है.

Benefits of Kundalini Meditation

सरल भाषा में कहे तो हमारे दैनिक जीवन में ज्यादा से ज्यादा हमारी चेतना को बढाता है. इसके अलावा कुछ और फायदे है जिन्हें आप निचे पढ़ सकते है.

  • तनाव को दूर कर आपको आराम फील करवाता है.
  • सांसो को ग्रहण करने का सही तरीका सीखते है और अपने फेफड़ो की क्षमता को सही करते है.
  • एकग्रता बढती है और अनचाहे विचारो पर रोक लगती है.
  • दिनभर के कामो के लिए आवश्यक उर्जा मिलती है.
  • आपके brain patterns में बदलाव आता है और आप पहले से ज्यादा emotional balance experience करने लगते है.
  • हमारे शरीर, मन और आत्मा इन तीनो के बिच तालमेल और संतुलन की अवस्था पैदा होती है.
  • Strengthen your nervous system यानि हमारे सोचने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है.
  • हमारे उर्जा का सही उपयोग होना शुरू हो जाता है और रचनाशक्ति के जरिये हम नव निर्माण की क्रिया में भागीदार बनने लगते है.

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How to Practice Kundalini Meditation

कुण्डलिनी ध्यान की सही शुरुआत के लिए आपको step by step guide को follow करना चाहिए. हमेशा छोटे से प्रयास से शुरुआत करनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए.

हम रोज कर सके ऐसी एक छोटी शुरुआत करनी चाहिए और फिर आगे अभ्यास में बढ़ना चाहिए जिससे की हमें सही फायदा और मोटिवेशन दोनों मिल सके.

ये एक छोटी सी शुरुआत की जा सकने वाली प्रैक्टिस है जिसे हर रोज सिर्फ 5 मिनट देकर भी आप कर सकते है.

स्थान का चुनाव 

ये वो जगह होनी चाहिए जहाँ आप कुछ देर शांति से अभ्यास कर सके. आसपास का माहौल शांत और सौम्य हो ताकि आप बोर ना हो जाए. अभ्यास के समय एक पानी की बोतल भी आपको साथ रखनी चाहिए.

क्या पहनना चाहिए

आपको ढीले कपडे पहनने चाहिए जो की सूती हो तो बेहतर होगा. कपडे आरामदायक हो और सर पर रुमाल या कोई कपडा जरुर पहन ले. कपडे साफ़ और लाइट कलर के होने चाहिए ताकि आपके अन्दर इसका positive effect पैदा हो.

अभ्यास करने का सही टाइम

आप इसके लिए सुबह का समय चुन सकते है. Kundalini Meditation ही नहीं किसी भी अभ्यास के लिए सुबह का समय सही रहता है क्यों की इस दौरान आपको डिस्टर्ब करने वाली चीजे नहीं होती है.

कभी भी खाना खाने के बाद अभ्यास न करे क्यों की इस दौरान आपके शरीर में खून की गति को सही रखना जरुरी है और इस दौरान अभ्यास करने से आपके शरीर में खून के प्रवाह की गति धीमी हो जाती है जिसकी वजह से खाने को पचने में टाइम लगता है.

सही स्थिति का चुनाव करे

आराम से एक आसन पर बैठ जाए और पैरो को मोड़ ले, आप चाहे तो एक कुर्सी का चुनाव भी कर सकते है.

ध्यान रहे की आपके शरीर का भार आपके पैरो पर होना चाहिए. आँखों को 90% तक बंद कर ले ऊनि कम्बल का चुनाव भी कर सकते है या फिर आसन की जगह एक तकिया भी लगा सकते है.

आपको बस इस स्थिति में ध्यान रखना है की आपकी रीढ़ सीधी अवस्था में हो.

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कितने समयकाल की हो अभ्यास

अभ्यास चाहे कितनी ही देर का हो वो अभ्यास होता है. कुछ लोग सिर्फ 5 मिनट करते है तो कुछ लोग इसे 3 घंटे तक कर लेते है.

अभ्यास चाहे कितनी भी देर किया हो महत्वपूर्ण है की आप उसे कितनी concentration से कर पाते है.

अगर आप अभ्यास को कम समय दे पा रहे है तो कोशिश करे की जितना समय दे रहे है वो 100% एकाग्रता से हो.

सांसो पर दे ध्यान

आपको आरामदायक स्थिति में बैठने के बाद सबसे पहले अपनी साँस पर कण्ट्रोल करना है.

इसकी गति को जितना धीमा कर सकते है कर ले. सांसो की गति को आप लम्बा कर सकते है जैसे की 4-5 सेकंड में साँस ले इतना ही अन्दर रखे और फिर इतने ही सेकंड में इसे बाहर निकाले.

कुछ लोग इसे अलग तरह से करते है जिसमे वो पहले लम्बी साँस अन्दर लेते है कुछ देर रोकते है और फिर बेहद कम समय में सांसो को बाहर निकाल देते है.

अगले पल में वो छोटी अंतराल की साँस अन्दर लेते है और लम्बे अंतराल में सांसो को बाहर निकालते है. दोनों ही तरीके कारगर है. आप जिसे बेहतर तरीके से कर सकते है Kundalini Meditation में सांसो को उसी तरह ले.

प्राण को अन्दर गति करते हुए महसूस करना

अभ्यास के दौरान आपकी सांसे अन्दर किस तरह गति कर रही है उसे महसूस करे. ध्यान के अभ्यास में साँस को किसी खास एक चक्र पर फोकस कर उस क्षेत्र में घूमते हुए अनुभव करे.

एक दूसरा तरीका प्राण वायु को अपान वायु से मिलाना होता है जो की बेहद शक्तिशाली विधि है. प्राण को शरीर में चक्रों पर गति करते हुए महसूस करना आपको जल्दी ही उस जगह में एक वाइब्रेशन अनुभव करवाता है.

Kundalini Meditation

एक और विधि में हम प्राण वायु को नाक द्वारा और अपान वायु को गुदा मार्ग से अन्दर खींचते हुए बंध लगा लेते है.

दोनों तरह से बंद होने के बाद आपको आंखे बंद रखते हुए इन दोनों वायु के टकराव को महसूस करना होता है. निचे की हवा को ऊपर की और तथा ऊपर की हवा को पेट की ओर महसूस करे.

जल्दी ही आपको अनुभव होना शुरू हो जाता है. जब दोनों वायु का मिलन होता है तब शरीर में ठंडक का अनुभव होना शुरू हो जाता है जो की बाद में तेज हो जाती है. कुण्डलिनी जागरण में इसका बहुत बड़ा रोल है.

पूर्ण करे ध्यान की अवस्था

जब अभ्यास पूर्ण हो जाए तो अचानक ना उठे. अपने सांसो को गहरा करते हुए आँखे खोले, हथेली को रगड़े और शरीर को खींचे. हवा में हाथो को ऊपर उठाते हुए ध्यान की अवस्था को पूर्ण करे.

धीरे धीरे समय के साथ बढाए अभ्यास को

अभ्यास को अचानक से ना करे, धीरे धीरे बढाते हुए इसका टाइम बढाए. आते जाते विचारो पर ध्यान को फोकस करे और अपने रीढ़ की जगह पर स्पंदन को महसूस करे.

अगर धीरे धीरे अभ्यास को बढाया जाए तो ये पूरी विधि kundalini guided meditation आपको बिना किसी नुकसान के सिद्ध होती है.

ज्यादातर लोग मानते है की ऐसा करना खतरनाक है जबकि kundalini awakening meditation में हमारे अन्दर की personality में बदलाव आता है. कई दोष दूर होते है ना की मानसिक संतुलन ख़राब होता है.

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कुण्डलिनी ध्यान पर की गई की कुछ रिसर्च

अब तक जो भी रिसर्च कुण्डलिनी मैडिटेशन पर हुई है वो सभी इसके प्रारम्भिक स्टेज पर हुई है.

इनसे कुछ खास बाते सामने आई है जिसमे से एक है mental health conditions को ठीक करना. कुण्डलिनी ध्यान कई तरह की मानसिक समस्याओ का समाधान करता है जो की आप निचे पढ़ सकते है.

  • किसी भी तरह की addiction
  • Depression जिनसे आज हर कोई गुजर रहा है.
  • जल्दी ही fatigue फील करने की प्रॉब्लम को दूर करना
  • Grief
  • किसी भी चीज को सिखने में आ रही समस्या को दूर करना ( learning disorders )
  • किसी तरह का phobias
  • Sleep disorders यानि ठीक से सो न पाना.
  • Anxiety अगर आप इससे परेशान है तो आपको Kundalini Meditation का अभ्यास करना चाहिए.
  • obsessions and compulsions

ये सभी नतीजे 2 महीने के अभ्यास के बाद के है और खासकर सकारात्मक बदलाव को महसूस किया गया है.

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Kundalini Meditation – final thought

अगर आप how to practice Kundalini meditation to improve your mindfulness in daily life को लेकर सीरियस है और सीखना चाहते है कुछ ऐसा जिससे आप आगे बढ़ सके तो आपको इसका अभ्यास करना चाहिए. शुरुआत में छोटे बदलाव हमें बड़े बदलाव के लिए तैयार करते है.

अगर आपको ध्यान करना कठिन लग रहा है या फिर आप खुद को विचारो से मुक्त नहीं कर पा रहे है तो घबराइए नहीं बल्कि थोडा थोडा समय आप ध्यान को दे.

शुरुआत में भले ही 2 मिनट ही हमें बहुत बड़ा संघर्ष लगे लेकिन आगे चलकर ये स्थिति 2 घंटे में बदल जायेगी.

हम खुद को meditate state में ले जाकर बहुत कुछ कर सकते है जैसे की शांत रहना, बुरी आदते छोड़ना, विचारो में खुद को शांत रख पाना यहाँ तक की आदतों में बदलाव भी आप इसके जरिये आसानी से कर सकते है.

नोट : ध्यान दे कुण्डलिनी जागरण की विधि कोई बहुत बड़ी और कठिन विधि नहीं है. चक्रों पर प्राण वायु की गति देकर हम इन्हें जाग्रत कर सकते है. जागरण की प्रक्रिया में हमारे अन्दर कुछ बदलाव जरुर आते है लेकिन किसी तरह की शक्तिमान वाली शक्ति आप शुरुआत में नहीं देख पाएंगे. ये ध्यान और योग की विधि है और आप इसे कर सकते है.

बड़े निर्णय लेते समय decision making process को follow क्यों करना चाहिए – Tips of success

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हम दिन भर में हजारो बातो पर विचार करते है लेकिन कुछ ही बाते ऐसी होती है जिन पर हम कोई निर्णय लेते है.

ऐसी कई बाते है जो आपको निर्णय लेने की प्रक्रिया के दौरान याद रखनी चाहिए क्यों की अक्सर बिना सोचे समझे लिए गए निर्णय नुकसान देते है बिना किसी फायदे के.

महत्वपूर्ण फैसले को अमल में लाने से पहले हमें कुछ ऐसे जरुरी decision making process को follow करना चाहिए जो इसकी प्रक्रिया को आसान बनाती है.

decision making process

इसकी आवश्यकता इसलिए है क्यों की ज्यादातर लोग किसी निर्णय तक पहुँच नहीं पाते है. या तो वो इसे लेने में हिचकिचाहट महसूस करते है या फिर बिना सोचे समझे जल्दबाजी में निर्णय ले लेते है जिसकी वजह से डिसिशन लेना उनके लिए गलत साबित होता है.

अगर आप उन लोगो में से है तो आपको इसके लिए decision making tools की सहायता लेनी चाहिए. ये एक 10 स्टेप से जुडी महत्वपूर्ण प्रोसेस है जो आपके काम को आसान बना देती है.

what is decision making process in Hindi

अगर बात करे सरल शब्दों में तो decision making process एक step by step guide है जो किसी भी निर्णय को पूरा करने में हमारी मदद करता है. हम दिनभर में हजारो विचार करते है और उनमे से कुछ को लेकर decision रखते है लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाते है.

अगर पूरा करने के लिए जल्दबाजी में निर्णय ले भी ले तो नुकसान होता है. ऐसे में ये एक गाइड है जो आपको हेल्प करेगा एक सही निर्णय कैसे ले इस बारे में समझने में और आगे बढ़ने में.

इन सभी स्टेप्स को हम decision making tools के नाम से भी जानते है क्यों की ये महत्वपूर्ण पॉइंट है जो किसी भी निर्णय को लेने की प्रोसेस को आसान बना देते है.

किसी भी निर्णय को लेने के लिए हम खुद को तैयार नहीं कर पाते है. आइये जानते है वो 10 steps जिनकी मदद से आप किसी भी निर्णय को आसानी से ले पाएंगे.

गलत निर्णय भी हो सकते है

ज्यादातर लोग किसी भी बात के सिरे तक सिर्फ इसलिए नहीं पहुँच पाते है क्यों की उन्हें इस बात का डर रहता है की अगर उनका निर्णय गलत हो गया तो ?

ये तो वही बात है ना की fail होने के डर से कभी exam ही ना दे पाना. कई बार ऐसा हो सकता है की हमारा निर्णय गलत हो लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम कदम ही ना उठाए.

हम जो निर्णय लेते है वो गलत भी हो सकते है सिर्फ इसलिए क्यों की हम अपना 100% उसमे नहीं दे पाते है या फिर हम कुछ भूल जाते है लेकिन बगैर किसी निर्णय के हम आगे नहीं बढ़ सकते है. अगर आप निरी लेना शुरू कर देते है तो आगे चलकर इसमें कामयाब भी बनेंगे.

रिकॉर्ड करे अपने निर्णय को

हम दिन भर में कितने ही decision लेते है लेकिन उनमे से 90% को पूरा ही नहीं कर पाते है क्यों की हम सोचते तो बहुत है लेकिन इसे पूरा करने के लिए जरुरी कदम नहीं उठाते है. ऐसी स्थिति में अगर आप चाहते है की आप जो निर्णय ले उसे पूरा कर पाए तो उन्हें एक जगह रिकॉर्ड करना शुरू कर दे.

आप चाहे तो एक to do या फिर डायरी लिखना शुरू कर सकते है. To do में हम अपने decision को नोट कर सकते है और डायरी में जो निर्णय पूरा हो जाए उन्हें. ऐसा करना हमें self-confidence से भर देता है. धीरे धीरे आप पाएंगे की आपने ऐसे कई excellent decisions को पूरा भी किया है.

ऐसा करने हमारे अन्दर balanced perspective जैसा बदलाव लाता है और हम खुद को balanced रख पाते है. जो लोग overthinking or unwanted thought का शिकार रहते है उन्हें ऐसा करना चाहिए क्यों की इससे उन्हें 100% मदद मिलेगी.

किसी भी निर्णय को पूरा करने के लिए तय करे time

किसी भी decision को लेते समय दो चीजे important होती है little time and mental energy इनके बगैर आप इसमें success नहीं हो सकते है. हम निर्णय लेते तो है लेकिन उसे serious नहीं लेते है जिसकी वजह है हमारा दिनभर के कामो में बेहद ज्यादा busy हो जाना.

हम दिनभर विचारो में फंसे काम करते रहते है जब तक की हमारा सर तकिये से न टकराने लगे यानि नींद ना आने लगे. बाहरी दुनिया में घूमते रहने से आप बड़े निर्णय नहीं ले सकते है जब तक की आप खुद से नहीं मिल लेते आप इस कामयाबी तक नहीं पहुँच पाएंगे.

खुद के लिए टाइम निकाले, सभी बाहरी चीजो और माध्यम को कुछ समय के लिए छोड़ दे और आराम से बैठ कर उस बारे में सोचे जो आपने प्लान किया है. ये आपको 100% निर्णय लेने में मदद करेगा.

उन सभी कार्य को लिखे जो आपने प्लान किये है

एक बड़ा सा कागज ले और इसके सबसे ऊपर के भाग पर उन कार्यो को लिखे जो आपने प्लान किये है.

देखने में ये आसान है लेकिन रोजाना इसे देखने से ये आपके अवचेतन मन पर असर डालता है.

decision making process में सबसे पहली स्टेप इसे माना जाता है क्यों की ऐसा कर हम अपने विचारो को एक ऐसी जगह देते है जहाँ से हम लागू करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते है.

फायदे और नुकसान

हर बड़े कदम के अपने फायदे और नुकसान होते है. कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले हमें उससे जुड़े फायदे और नुकसान जान लेने चाहिए.

अगर किसी कार्य को पूरा करने के लिए सही प्लानिंग की जाए और स्टेप्स में क्या फायदे नुकसान हो सकते है इनका पहले ही अनुमान लगा लिया जाए तो कोई भी निर्णय कितना सही रहेगा इसका आकलन करना बेहद आसान हो जाता है.

Decision making process से जुडी रिसर्च

किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए सिर्फ सोचना काफी नहीं है. जब हमें पता होता है की हमें क्या करना है तो उसके बाद बारी आती है उस कार्य को लेकर जरुरी रिसर्च करने की. हम जो भी काम करना चाहते है उससे जुडी आवश्यक जानकारी और क्या क्या उसमे जोड़ा जा सकता है जैसी बाते हमें इससे जुड़े अहम् फैसले लेने के लिए तैयार करती है.

आपका गोल क्या है ?

हमें इस बात को भूलना नहीं चाहिए की जो निर्णय हम ले रहे है वो short term है या फिर long term goal है क्यों की, जो भी निर्णय लेते है वो हमारे लाइफ के ऊपर भी अपना असर डालते है. अगर इन्हें आपकी लाइफ से जोड़ दिया जाए तो आप उन निर्णय को भी आसानी से हैंडल कर सकते है जो बेहद मुश्किल लगते है.

जो भी निर्णय हमारे द्वारा लिया जाता है वो हमारी लाइफ को किस मायने में प्रभावित कर रहा है या करेगा इस बात का भी हमें पता होना चाहिए.

हम आज जो निर्णय ले रहे है उसका हम पर क्या असर पड़ेगा और कम समय के अलावा आगे चलकर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा ये सब हमें पता होना चाहिए.

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अपने निर्णय को आवाज दे

हमें अपने निर्णय से जुड़े सभी पक्ष को दुसरे लोगो के सामने रखना चाहिए. जिन लोगो पर आप विश्वास करते है उनके साथ बाते शेयर करे ना की वो जो आपको हमेशा demotivate करने की सोचते रहे हो.

ये एक महत्वपूर्ण decision making process का पॉइंट है जो हमें दुसरो से न सिर्फ जोड़ता है बल्कि समझने में भी मदद करता है.

ऐसा करना सिर्फ इसलिए नहीं है की वो आपके बारे में जानेंगे या आपके निर्णय को सहमती देकर मनोबल मजबूत करेंगे बल्कि, इससे वो आपको समझने का प्रयास करेंगे और आपको सपोर्ट करेंगे.

बिना सोचे समझे न ले निर्णय

अगर आप भी उन लोगो में है जो बगैर कुछ समझे कोई भी निर्णय ले लेते है तो ऊपर शेयर की गई 8 पॉइंट को फॉलो करे.

आप पाएंगे की आप बदला रहे है और धीरे धीरे आप किसी भी निर्णय को लेने से पहले ना सिर्फ इसके बारे सोचते है बल्कि खुद को इसके लिए तैयार भी करते है.

बिना सोचे समझे निर्णय लेना अक्सर खतरनाक साबित होता है फिर चाहे वो किसी भी फील्ड से क्यों न लिया जाए.

जल्दबाजी करने की बजाय पहले अच्छे से स्टडी करना और फिर एक निर्णय पर पहुँचाना हमें कामयाब बनाता है.

10. अभ्यास करना शुरू कर दे

अभी तक हम सिर्फ खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से किसी निर्णय के लिए तैयार कर रहे थे. अब वक़्त है की कुछ किया जाए इसलिए शुरू में छोटे स्तर से शुरुआत करे और आगे चलकर बड़े निर्णय ले. कोई भी निर्णय अचानक से नहीं लिया जाता है शुरुआत हमेशा छोटे स्तर पर की जानी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए.

ऐसा करना ना सिर्फ हमें confidence से भरता है बल्कि हमारे द्वारा लिए गए निर्णय को पूरा करने में मदद भी मिलती है.

Decision making process – अंतिम शब्द

दोस्तों अगर किसी भी कार्य को एक सही प्लानिंग के साथ आगे बढाया जाए तो वो जरुर कामयाब होता है.

हम अक्सर पहले समय रहते कदम नहीं उठाते है और बाद में जब समय निकल जाता है तब अचानक से बिना सोचे समझे निर्णय ले लेते है.

ऐसा करने से हमें अक्सर नुकसान ही उठाना पड़ता है जिसकी वजह से आगे चलकर किसी भी बड़े निर्णय को लेने से हम घबराने लगते है.

Decision making process हमें हर उस समस्या से बचाता है जो हमें आगे बढ़ने से रोकती है.

Defense Mechanism of Sublimation How it affect our emotion and feeling ?

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दिनभर में हम कई ऐसे unwanted impulses or urges से गुजरते है जो हमारे लिए सही नहीं होते है. हम इस तरह के thoughts को channel करने की कोशिश करते है क्यों की हमें difference between acceptable or unacceptable behaviors के बीच का फर्क हमें ऐसा करने को मजबूर करता है.

एक ऐसा thoughts, feeling या emotion जो socially unacceptable है उसे Defense Mechanism of Sublimation के जरिये ऐसे emotion या feeling में बदला जाता है जो acceptable होता है.

यहाँ पर बदलता क्या है ? क्या हमारे feeling, thoughts या फिर emotion बदले है ? नहीं बदला है सिर्फ वो जरिया. इस तरह का डिफेन्स मैकेनिज्म हमें ऐसे तरीके पर ले जाते है जहाँ हम अपने emotion को express भी कर सकते है और उसका की विरोध भी नहीं होता है.

ये एक ऐसी process है जिसमे unwanted impulses को उन less harmful and often even helpful process में बदला जाता है जो की नुकसान की जगह फायदा देती है और स्वीकार करने लायक होती है.

Defense Mechanism of Sublimation in Hindi

Concept of sublimation को Sigmund Freud’s psychoanalytic theory से लिया गया है.

इसके अनुसार ये एक ऐसा unconscious psychological defense है जो anxiety को कम करता है जिसकी वजह से नुकसान होने की सम्भावना बनी रहती है.

यहाँ पर three components of personality के बारे में बताया गया है यानि the id, the ego, and the superego जिसमे हम अपने emotion को कैसे serve करते है से लेकर channel करने तक के बारे में समझाया गया है.

आइये आज की पोस्ट में हम बात करते है ऐसे एक defense mechanism के बारे में जिसे अगर सही तरीके से अपना लिया जाए तो लाइफ में आगे बढ़ा जा सकता है वही गलत तरीके से किया गया इस्तेमाल हमें निचे ले जाता है.

Defense Mechanism of Sublimation in Hindi

ये एक ऐसा defense mechanism है जिसमे हम socially unacceptable impulses or idealizations को unconsciously ऐसे idealizations में transform कर लेते है जिन्हें society आसानी से acceptable actions or behavior की तरह देखती हो.

आमतौर पर defense mechanism of ‘sublimation’ आपकी feeling, emotion का transformation है जिन्हें अगर आप direct way में करते है तो आप गलत है लेकिन Indirectly करते है तो गलत नहीं है.

इसे आप आसानी से ऐसे समझ सकते है की आप जो करना चाहते थे वो आप नहीं कर पाए क्यों की समाज इसे गलत मानता है लेकिन आप अपने बेटे या बेटी को वही सब करने दे रहे है जो आपकी इच्छा थी.

एक तरह से आप अपनी feeling को उनमे जी रहे है. इस तरह का Defense Mechanism of Sublimation कई मायने में आपको अलग ले जाता है.

Three components of personality

  1. The id: हमारे behavior को ड्राइव करने के लिए जिस energy की जरुरत होती है the id वही पहली form होती है. ये primitive and basic, composed होती है जहाँ से सभी urges and desires जिन्हें socially unacceptable माना जाता है.
  2. The ego: childhood के बाद इसका जन्म होता है और ये हमारी personality का ही एक भाग होता है. इसका काम demands of reality को पूरा करना है. हमारा ईगो किसी भी डिजायर पर एक्ट करने की बजाय उसे पूरा करने के लिए उन तरीको पर जोर देता है जो realistic होते है.
  3. The superego: सुपर ईगो अपने अन्दर the morals, rules, standards, and values जैसे गुण समाए हुए होता है जिन्हें हम अपने Parents and culture से सीखते है. सुपर ईगो की वजह से हम अपने मोरल के अनुसार काम करते है और उन रास्तो का चुनाव करते है जो acceptable है.

Sublimation वास्तव में हमारे ईगो की वजह से पैदा होने वाले stress and anxiety को कम करने का एक जरिया है. इसके जरिये negative and unacceptable impulses को positive and socially acceptable impulse में channeling किया जाता है.

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केस स्टडी

मोहिनी एक विधवा औरत है अपनी उम्र पड़ाव में उसका मन कभी भी किसी पराए पुरुष की तरफ आकर्षित नहीं हुआ. उसका प्यार हमेशा अपने पति की प्रति समर्पित रहा और समय के साथ उसके एक बेटी हुई.

उसका पूरा ध्यान अपने बेटी की परवरिश में रहा लेकिन जब उसकी मुलाकात अपनी बेटी के Boyfriend से हुई तब पहली बार उसने एक young man के प्रति खुद को attract होते हुए पाया.

अगर वो इन feeling को किसी के साथ share करती तो ये गलत होता इसलिए unacceptable feelings को motherly feelings में unconsciously transforms कर लिया जिससे की उसे एक young man का साथ भी मिला और कुछ गलत भी नहीं लगा.

उसकी ये feeling society में acceptable थी क्यों की वो ये सब एक माँ की तरह कर रही थी.

अब मोहिनी अपने बेटी के boyfriend पर मेहरबान हो चुकी थी तो वो उसकी education का खर्च उठाने लगी, अपनी बेटी और उसे दोनों को मूवी दिखाने डिनर करने के बहाने बाहर ले जाने लगी. यहाँ तक की अगर उसकी बेटी और Boyfriend में लड़ाई भी हो जाती थी तो वो उस लड़के का ही पक्ष लेकर लड़ाई को ख़त्म करती थी.

समाज की नजर में वो ये सब एक माँ की तरह कर रही थी लेकिन दूसरी तरफ वो उस जवान लड़के के नजदीक रहने के हर बहाने को अच्छे से पूरा कर रही थी.

इस तरह की feeling को उम्र का इस पड़ाव में महसूस करना मोहिनी की initial impulse थी जिन्हें वो लम्बे समय से दबाती आ रही थी.

हम अपनी कई भावनाओं को सिर्फ इसलिए दबा देते है क्यों की समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती है. आगे चलकर ये भावनाए कोई जरिया खोजती है और बदले हुए जरिये में पूरी होती है.

How does Defense Mechanism of Sublimation work?

जब कोई इस तरह के thoughts, feelings and emotions को फेस करता है जो societal norms के साथ conflict करते है तो anxiety, stress or guilt in the system जैसी स्थिति पैदा होती है.

अब जब ये हमारे society के against the moral values होती है हमारा Subconscious mind कोई ऐसा सुरक्षित जरिया खोजता है जहाँ हम अपनी feeling को execute कर सकते है और ये गलत नजरिये से लिया भी न जाए.

इस तरह के same thoughts, feelings, emotions जो एक socially acceptable manner में execute होते है आपके stress / anxiety / guilt को reduce करते है और आप अपनी भावनाओं को किसी न किसी माध्यम से दूसरो के सामने रख पाते है. ये सब हमारे unconscious level पर होता है इसलिए ज्यादातर हमें खुद पता नही होता है की हम ये सब कर रहे है.

Day life example of Sublimation

एक व्यक्ति जिसके अन्दर suppressed anger बहुत ज्यादा मात्रा में है लेकिन वो किसी पर निकाल नहीं सकता है क्यों की ये समाज में गलत सन्देश देगा, वही वो व्यक्ति professional wrestler बन जाता है जो की अब जब चाहे अपना गुस्सा सामने वाले wrestler पर निकाल सकता है.

व्यक्ति के अन्दर emotion, feeling same थी लेकिन पहले नजरिये में समाज उसे स्वीकार नहीं कर रहा था जबकि दूसरे नजरिये में वो acceptable था.

हमारे डेली लाइफ में ऐसे कई example निकल कर सामने आते है जब हम किसी काम को नहीं कर पाते है तो उसे पूरा करने के लिए alternate way की तलाश करते है. पहले नजरिये में हमारा काम गलत समझा जा सकता था लेकिन दूसरे तरीके से किया गया काम सही नजरिये की तरह देखा गया.

कानून में जिस तरह Illegal काम को भी लीगल बनाने के लिए तरीके अपनाए जाते है उसी तरह हम Defense Mechanism of Sublimation के जरिये अपनी उन feeling को लीगल बना लेते है जिन्हें शायद सामने से किया जाए तो समाज की नजर में गलत होता.

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Displacement vs Sublimation

अगर इसे डिटेल से देखे तो Displacement और Sublimation दोनों में कई सारी बाते common है जैसे की इनका Working base और तरीके. दोनों में ही हम एक जगह गलत होते है वही दूसरी जगह सही हो जाते है. ये सब हमारे अधिकार क्षेत्र के बदलने के साथ बदलता रहता है.

हम अपने emotion, feeling, thoughts को constructive and socially acceptable way में सामने रखते है ना की destructive activity की तरह ताकि इन्हें स्वीकार किया जा सके बगैर किसी विरोध के.

Defense Mechanism of Sublimation के तरह ही Displacement में आपने पहले Published article में पढ़ ही लिया होगा की किस तरह अपने बॉस से मिली डांट का गुस्सा अपने family member पर निकालते है.

यहाँ पर व्यक्ति का गुस्सा अपने family member के लिए destructive होता है क्यों की वो अपने बॉस पर गुस्सा नहीं निकाल सकता है. आगे चलकर यही गुस्सा उनके Family relationship के लिए खतरनाक और दरार डालने वाला बन जाता है.

वही दूसरी और Sublimation में भी same एक्टिविटी होती है लेकिन इसका behavior, Displacement की तुलना में social / moral level पर ज्यादा acceptable होता है. इसका एक उदाहरण आपने मोहिनी का देख लिया होगा.

Sublimation: in day to day life

हम दिनभर में ऐसे कई कंडीशन से गुजरते है जिसमे Defense Mechanism of Sublimation का इस्तेमाल करते है और हमें इसका अहसास भी नहीं होता है. एक उदाहरण में एक लड़का अपने पिता से बहुत ज्यादा गुस्से में होता है लेकिन वो अपना गुस्सा निकाल नहीं पाता है.

अब वो violent video games खेलना शुरू कर देता है. यहाँ पर original feeling of anger को express करने के लिए उसे एक माध्यम मिल चूका था.

अब जब तक वो गेम खेलता है उसका गुस्सा खेल में express हो जाता है लेकिन तब क्या जब उसे खेलने को न मिले ?

यहाँ पर स्थिति में complications पैदा होना शुरू हो जाता है. जिस लड़के का गुस्सा विडियो गेम में निकलता था उसका असर अब रियल लाइफ में देखने को मिलने लगा है.

इसी तरह की स्थिति में जब मोहिनी की बेटी अपने माँ के interfere को लेकर आवाज उठाने लगे तो हो सकता है की इसका mother-daughter relationship पर negative effect पड़े और रिश्ते में दरार आना शुरू हो जाए.

किसी भी तरह के defense mechanism की तरह short run Sublimation में एक वजह मिलती है की हम अपने feeling, emotion and thoughts को किसी और तरीके से express कर सकते है लेकिन long run में ये हमेशा complications पैदा करता है.

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Therapists Niche: Working with Clients

आपको मालूम होना चाहिए की Defense Mechanism of Sublimation हमारे unconscious level of thinking पर बनता है जिसकी वजह से हम अक्सर हमारी true feeling and protection barrier के बीच फर्क नहीं कर पाते है.

इसकी वजह हमारा दोनों ही तरह की स्थिति यानि true feeling and anxiety, guilt or helplessness को एक साथ हैंडल नहीं कर पाते है.

इस स्थिति में Therapists को Potential Problems का सामना करना पड़ता है. ज्यादातर therapies & coaching sessions के दौरान क्लाइंट्स अपने sublimated feelings को बाहर आने से रोकते है. ऐसा लगता है मानो वे इसके बारे में खुलकर बात ही नहीं करना चाहते है.

इस तरह के मामले में confrontational approach का इस्तेमाल किया जाता है ताकि इस तरह के resistance को break किया जा सके.

यहाँ पर acknowledgement of true feelings के confrontation को जोड़ा जाता है ताकि किसी तरह का defense mechanism न बने और नुकसान भी ना हो.

Recommended Steps to work

जब हम इस तरह के स्टेप में आगे बढ़ने लगते है confrontation की बजाय कुछ ऐसे approach को शामिल किया जाता है जिसमे ज्यादा true feeling हो. इसके साथ ही एक necessary framework भी तैयार किया जाता है ताकि क्लाइंट को true feelings के बारे में मालूम होने के बाद वो खुद को लेकर ज्यादा ही हार्ड ना बन जाए.

इसके लिए NLP meta model के साथ supportive & comforting tone & body language का इस्तेमाल कर सेशन को और भी बेहतर बनाया जा सकता है.

अगर ये काम न करे तो Different techniques from Hypnosis के जरिये भी unconscious feelings along with the reasons for the same का पता लगाने की कोशिश की जाती है.

इससे क्लाइंट में deeper understanding पैदा होती है और अपनी परेशानी को जानने के बाद उससे कैसे cope करना है इसके बारे में भी बेहतर समझ develop होती है.

अगर आप खुद एक therapist की तैयारी कर रहे है तो आपको Cognitive Hypnotic Psychotherapist के बारे में जानना चाहिए. इस तरह के केस में ये स्थिति आपकी बेहतर मदद कर सकती है.

Psychotherapy के different approaches जैसे की cognitive, behavioral, psycho-dynamics and humanistic के साथ साथ techniques from Hypnosis, NLP, Metaphor therapy and Mindfulness को मिला दिया जाए तो Defense Mechanism of Sublimation को समझने में मदद तो मिलती है साथ एक deep understanding भी develop की जा सकती है.

How Can Sublimation Influence Your Life

वैसे तो Defense Mechanism of Sublimation को healthy and mature way of dealing with urges माना जाता है क्यों की undesirable or unacceptable urges को भी लीगल तरीके से acceptable बनाता है.

हमारा defence mechanism एक तरह से energy को channel करने का काम करता है जो हमारे लिए beneficial होता है.

अगर सही तरीके से इसका प्रयोग किया जाए तो positive effect हमारे health and wellness पर देखा जा सकता है. अगर हमारे अंदर किसी तरह की negative feelings है और इस तरह से हम उसे defense करते है तो ये हमारे लिए गलत साबित हो सकता है.

ज्यादातर कंडीशन में हम इसके बारे में unaware होते है. Negative emotion and the behavior के बीच कोई direct correlation नहीं होता है.

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benefit of defense mechanism in daily life

ऐसे कई Defense Mechanism of Sublimation benefits है जिन्हें डेली लाइफ में शामिल किया जाए तो लाइफ को deeper understanding के जरिये बेहतर बनाया जा सकता है. कुछ बेनिफिट निम्न है.

  • खुद को गलत कामो में आगे बढ़ने से रोकना.
  • energy को channeling कर सही कामो में लगाना.
  • उन जगहों पर focus करना जो हमें आगे ले जा सकती है ना की निचे.
  • stress and anxiety को कम करना.
  • उन morals and value को आगे ले जाना जो हम culture and parents से सीखते है.
  • Anger displacement के जरिये खुद को subconscious mind level पर program करना.

देखा जाए तो अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाए तो कई फायदे हासिल किये जा सकते है वही negative way में आगे बढे तो नुकसान भी है. ये पूरी तरह से हम पर निर्भर है की हम किस तरह इसका इस्तेमाल करते है.

How to use Defense Mechanism of Sublimation as a strength final word

Sublimation को हम Powerful influence on behavior की तरह इस्तेमाल कर सकते है.

ये एक ऐसा mechanism है जिसके बारे में हम ज्यादातर समय unaware होते है. ये जानते हुए भी की ये सब subconscious level पर हो रहा है हम inspiration लेकर अपने emotion, thoughts and feeling को एक नई डायरेक्शन दे सकते है.

किसी भी तरह के defense mechanism की तरह इसके भी healthy and productive behaviors के साथ साथ negative harmful effect भी देखे जा सकते है.

अगर आपको लगता है की आप भी दिनभर में कई जगह पर जाने अनजाने Defense Mechanism of Sublimation के जरिये खुद को बदल रहे है तो हमें कम्मेंट के माध्यम से जरुर बताए. आप इस defense को कैसे cope करते है बताना ना भूले.

बेहतर नींद के लिए Deep sleep guided meditation का इस्तेमाल हर रोज सोने से पहले और पाए आश्चर्यजनक बदलाव

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ध्यान की कई सारी विधियाँ है जिनके अलग अलग प्रभाव देखने को मिलते है. नियमित रूप से किया गया ध्यान का अभ्यास हमें कई परेशानियों से तो बचाता ही है साथ ही personal and mental development में भी help करता है.

आज हम बात करने वाले है Sleep meditation or Deep sleep guided meditation के बारे में जिसकी सहायता से insomnia ( अनिद्रा ) जैसी प्रॉब्लम से छुटकारा पाया जा सकता है.

इस विधि को कोई भी कर सकता है खासकर Children’s guided meditation for deep sleep जैसी आसान विधि का प्रयोग उन बच्चो के लिए बेहद फायदेमंद है जो पढाई के प्रेशर के चलते सही से सो नहीं पाते है.

सही नींद ना ले पाने की वजह से हम काफी सारे बदलावों से गुजरते है जिससे न सिर्फ हम बल्कि हमारे आसपास के रिलेशन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. ऐसे में इस विधि के जरिये हम खुद को बेहतर नींद के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार सकते है.

Deep sleep guided meditation

इस विधि को Guided meditation to help sleep इसीलिए कहा गया है क्यों की ये बेहतर नींद लेने में 100% कारगर विधि है जिसमे ना सिर्फ बेहतर नींद बल्कि उर्जा को सरंक्षित कर पुरे दिनभर के कार्यो में सही तरीके से इस्तेमाल करना भी शामिल है.

आइये जानते है ध्यान की एक ऐसी अनोखी विधि के बारे में जिसे हम पहले भी शवासन और योगनिद्रा के रूप में पढ़ चुके है. ये विधि उन लोगो के लिए है जिनके स्वभाव में प्रॉपर नींद न ले पाने की वजह से चिडचिडापन आ चूका है.

Deep sleep guided meditation

ये एक meditation techniques है जिसमे Guided sleep meditation हमें आसानी से गहरी नींद में जाने में help करता है. guided method की वजह से हम आसानी से सोने से पहले Get rid from unwanted thoughts and relax whole body की process को पूरा कर पाते है और नींद आने में आसानी हो जाती है.

इस विधि में हम अपना पूरा फोकस दिमाग में चलने वाले विचारो की बजाय शरीर की हरकतों पर लगाते है.

Guided meditation for deep sleep के रेगुलर अभ्यास से हम रोज सोने में आने वाले समस्या और तनाव को दूर कर एक बेहतर नींद ले पाते है.

American Sleep Association के अनुसार 30% लोगो को short-term insomnia problems और 10% लोगो को chronic difficulties with falling and/or staying asleep जैसी समस्या थी और ऐसे भी लोग थे जिन्हें 7 घंटे से कम नींद आने की समस्या थी.

जिस उम्र में हमें उचित नींद की जरुरत होती है उस उम्र में उतने समय के अनुसार नींद न आने की वजह से इसका सर daily life routine में देखने को मिलता है.

इस प्रॉब्लम से निजात पाने के लिए Guided sleep meditation for insomnia का daily अभ्यास करने पर लोगो ने दावा किया की उन्हें अब बेहतर नींद मिलने लगी है जिसकी वजह से insomnia जैसी disorder से अब उन्हें छुटकारा मिल चूका है. लेकिन ये इतना आसान नहीं है क्यों की

बेहतर नींद प्राप्त करना है बेहद मुश्किल

इसमें कोई शक नहीं है की हर रोज बेहतर नींद लेने से हम तनाव को दूर कर सकते है. बेहतर नींद ना सिर्फ तनाव को दूर करती है बल्कि हमारे immune system को भी दुरस्त करती है जिसकी वजह से हमारे सोचने के तरीके में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते है लेकिन ऐसा होना तब बेहद मुश्किल हो जाता है जब आप stress and anxiety से गुजर रहे होते है.

ऐसी स्थिति में मस्तिष्क को शांत रख पाना बेहद कठिन हो जाता है.

Thinking processes at nigh यानि ठीक सोने से पहले आने वाले विचार जिसमे हम दिनभर क्या हुआ उसके बारे में सोचते रहते है से गुजरते है.

ऐसी स्थिति में Guided meditation for deep sleep इसमें help करता है. रात को सोने से ठीक पहले अपना मनपसंद गाना सुनना, guided thought process यानि विचारो का एक संगठित समूह जो आपका ध्यान सिर्फ उन खास विचार पर ही रखता है के जरिये हम खुद को शांत कर सकते है.

इसका मुख्य उदेश्य worried thoughts and tension का आपके body पर सोते समय किसी तरह के प्रभाव को होने से रोकना है.

जब हम shift focus and relax body की प्रक्रिया को सीख जाते है तो ऐसा करना बेहद आसान बन जाता है. कुछ दिनों के अभ्यास के बाद हम पाते है की हमारे सोने के समय और नींद के समय में सुधार हुआ है. हम अब आसानी से बेहद कम time में ना सिर्फ सो पाते है बल्कि पूरी नींद भी ले पाते है.

Children’s guided meditation for deep sleep

अक्सर देखने में आता है की आजकल के बच्चो पर पढाई का बहुत ज्यादा प्रेशर रहता है जिसकी वजह से वो ठीक से सो नहीं पाते है और insomnia जैसी problem से घिरे होने की वजह से आगे चलकर concentrate in study खो देते है और behave से चिडचिडे हो जाते है.

इसका साफ असर आगे चलकर उनकी पढ़ाई और हेल्थ के साथ साथ आसपास के रिलेशन पर भी देखने को मिलता है.

ऐसी स्थिति में Children’s guided meditation for deep sleep उन्हें काफी help कर सकता है. सामान्य विधि या उससे भी बेहद सरल सोते समय बच्चो के रूम के design में बदलाव और एक खास तरह की धुन का इस्तेमाल उन्हें अच्छी नींद देने में सहायता करता है.

रूम को बेहद डार्क कर उसमे एक लैंप light का इस्तेमाल करना जिसमे से रूम के अन्दर चाँद तारो का अहसास होता है बच्चो को पूरी तरह से अहसास करवाता है मानो वै खुले आसमान में सो रहे हो.

चाँद तारो को निहारते हुए वो इतनी आसानी से सो जाते है की पता भी नहीं चलता है. अगर आपके बच्चे इस तरह की समस्या से गुजर रहे है तो आप इसके प्रयोग करके देख सकते है. इसे यहाँ से खरीद सकते है.

Guided meditation for deep sleep and relaxation

बेहतर नींद लेने के लिए आपका पूरा ध्यान अपने विचारो में उलझने की बजाय उन्हें ignore करते हुए body scanning पर फोकस होना बेहद जरुरी है.

जब हमारा शरीर relax हो जाता है तब हम एक बेहतर नींद के लिए खुद को तैयार कर लेते है.

शवासन और योगनिद्रा जैसी विधि की तरह ही ये भी एक ध्यान की विधि है जिसमे हम सबसे पहले शरीर फिर विचारो को relax करते है.

इसके अलावा इस विधि का एक फायदा और भी है कम time में बेहतर नींद का अनुभव करना.

सोने के लिए हमें 7-8 घंटे की आवश्यक नींद चाहिए लेकिन अगर आपने इसका अभ्यास किया है और योगनिद्रा लेते है तो 5 घंटे में भी आप खुद को पूरी तरह active और फ्रेश महसूस कर सकते है.

फायदे

मैडिटेशन का मुख्य उदेश्य आपके विचारो को पास्ट और भविष्य से हटाकर वर्तमान में रखना होता है. जब भी हम सोने की तैयारी करते है दिन भर के विचार हमें घेर लेते है और उनमे उलझते रहने की वजह से जल्दी ही anxiety and depression जैसी problem हमें घेर लेती है.

Guided sleep meditation हमें उन विचारो से मुक्त करता है जो अनावश्यक होते है साथ ही parasympathetic nervous system को activate कर देता है जो हमारी धड़कन और सांसो को बहुत कम कर देता है.

ये सभी बदलाव आपको अच्छी नींद लेने में सहायता करते है. कई बार तो ऐसा होता है की अभ्यास करते करते बिच में ही हम गहरी नींद में डूब जाते है.

ध्यान देने योग्य

ध्यान की ये विधि आपको जबरदस्ती नींद में नहीं ले जाती है ये सिर्फ आपके शरीर और मन को शांत को करती है. नींद आना तो सिर्फ इस विधि का एक प्रभाव है.

आपको ये भी नोटिस करना चाहिए की रात को ली गई नींद से आपके दिनभर की गतिविधि पर क्या प्रभाव पड़ता है.

रात में ली गई अच्छी नींद आपको दिनभर फ्रेश रखती है. इसके लिए सबसे बढ़िया तरीका है सोने से ठीक पहले खास तरह की धुन जैसे bi-neural beats or meditation music, alpha music को सुनना.

इसका उदेश्य आपको विचारो से घेरना नहीं बल्कि उन्हें ignore करना है. इसका निरंतर अभ्यास करने के बाद आप बिना किसी माध्यम के भी सिर्फ विचारो से खुद को शांत कर सकते है. अगर शुरू में आप ऐसा कर पाने में खुद को कामयाब नहीं पाते है तो भी अभ्यास ना छोड़े क्यों की शुरुआत में ये आसान नहीं होता है लेकिन आगे चलकर बेहद आसान बन जाता है.

step by step practice

अगर आप इसका अभ्यास करना चाहते है तो ऐसी audio recording ले जिसमे आपको guided step के अनुसार खुद को प्रोग्राम करने में आसानी हो. Typical guided sleep meditation में आप attention को worried thoughts से हटाकर बॉडी पर ले जाते है जिसे body scanning भी कहा जा सकता है.

ये एक ऐसी प्रोसेस है जिसमे हम अपना पूरा ध्यान अनचाहे विचारो की बजाय शरीर में हो रही हरकतों पर रखते है वो भी बिना उनमे किसी तरह का बदलाव किये.

इस प्रक्रिया में हम शरीर के अलग अलग भागो से गुजरते हुए अलग अलग तरह के स्पंदन महसूस करते है.

हर भाग में अलग अलग स्पंदन जैसे की heaviness ( भारीपन ), tension ( तनाव ), tingling, temperature ( तापमान ), and tightness को experience किया जा सकता है. जैसे जैसे हम उन भागो से गुजरते है खुद को relax करते जाते है.

इस तरह की विधि के जरिये योगनिद्रा की स्थिति को प्राप्त किया जा सकता है जिसके बारे में पहले ही बताया जा चूका है. इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में शरीर को फूल की तरह हल्का और तनाव मुक्त बनाया जा सकता है.

इस प्रक्रिया में कुछ और भी चीजे शामिल की जा सकती है जैसे की

Breathing exercise: जैसा की हम अक्सर कहते है 10 से लेकर 1 तक काउंट करना और इतने में सोने के लिए तैयार हो जाना.

Visualization: खुद को ऐसी अवस्था में imagine करना जहाँ हम बिलकुल शांत और सौम्य होते है. ऐसा करना हमें hypnosis induced state में ले जाता है.

Gratitude: किसी पॉइंट पर खुद को thankful महसूस करना भी आपको अनचाहे विचारो से मुक्त कर सोने में सहायता करता है.

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सोने में सहायक है Sleep Hygiene से जुड़ी ये खास बाते

सोने में आसानी के लिए आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए जैसे की

  • computer and cell phone का इस्तेमाल सोने से आधा घंटा पहले बंद कर दे खासकर नेट.
  • हमेशा एक तय time पर सोने और उठने की आदत डाल ले जैसे की रात को 10-11 बजे सो जाना और सुबह 4-6 उठ जाना.
  • अगर आपको रौशनी से परेशानी है या सोने में समस्या होती है तो आप ऐसे उपकरण का इस्तेमाल करे जो इसके प्रभाव को कम कर देते है जैसे की खिडकियों पर परदे और खास तरह की light.
  • रूम का तापमान हमेशा एक तय तापमान पर रखे.
  • जिस कमरे में आप सो रहे है उस कमरे में किसी तरह का शोर ना हो इसका ध्यान रखे.
  • रोज व्यायाम और योगा करने की आदत डाल ले.
  • सोने से पहले आरामदायक सूती कपडे पहने.
  • सोने से पहले की गई इश्वर की प्राथना भी अच्छी नींद में सहायक है.
final word about Deep sleep guided meditation

ध्यान की ये विधि insomnia यानि जिन लोगो को सोने से जुड़ी समस्या जैसे की कम नींद, अच्छी नींद ना आना, सोने में समस्या होना जैसी समस्या है तो आप Deep sleep guided meditation का अभ्यास कर इससे निजात पा सकते है.

सबसे जरुरी बात सोने वाली जगह यानि आपका रूम पूरी तरह hygiene होना चाहिए.

अगर इसके बाद भी आपको इस तरह की समस्या से गुजरना पड़ रहा है तो cognitive-behavioral therapy or medication का प्रयोग करके देखे आपको आराम जरुर मिलेगा.

निचे एक YouTube guided meditation sleep शेयर किया जा रहा है जिसे आप देखकर घर पर अभ्यास कर सकते है. पोस्ट पसंद आने पर शेयर करना न भूले.

Aroma touch therapy जो natural होने के साथ साथ हर की समस्या का समाधान भी है

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पिछले कुछ समय से लोगो में Herbal treatment लेने को लेकर जागरूकता बढ़ी है. उनका रुझान ऐसे उपचार में देखने को मिला है जिससे शरीर को नुकसान ना हो. हम Reiki holistic treatment के बारे में तो पढ़ ही चुके है आज बात करते है Aroma therapy के बारे में जो की natural essential oils के द्वारा किया जाने वाला उपचार है.

अरोमाथेरेपी पूरी तरह natural मानी जाती है जिसे essential oil therapy के नाम से भी जाना जाता है.

Aroma touch therapy में इस्तेमाल होने वाले कुछ शब्द जैसे की aromatherapy essential oils and aromatherapy essential oils uses सबसे ज्यादा लोगो द्वारा सर्च किया जाता है.

Aroma touch therapy

expert के अनुसार aromatherapy essential oil diffuser का इस्तेमाल करना aroma therapy में काफी सहायक है.

इसके इस्तेमाल से natural essential oils को सही तरीके से उपचार में लय जाता है.

प्रयोग करने से पहले आयल को dilute करना आवश्यक है जिसके लिए carrier oil का इस्तेमाल करना जरुरी है वर्ना aromatherapy side effect देखने को मिल सकते है. आइये जानते है इसके बारे में कुछ बेसिक बाते और इसे लेना कितना फायदेमंद है.

what is Aroma touch therapy

ये एक तरह का holistic healing treatment है जिसमे natural plants herb का इस्तेमाल किया जाता है. इसका दूसरा नाम essential oil therapy भी है और aromatic essential oils को हम medicinally इस्तेमाल करते है ताकि बॉडी की हेल्थ में improve किया जा सके.

हमारे physical and emotional health में इसे सबसे कारगर मेथड माना जाता है.

इसे कला और विज्ञान का मेल माना जाता है लेकिन पिछले कुछ सालो से इसका चलन science and medical field में देखने को मिल रहा है जो दर्शाता है की इसे काफी पसंद किया जा रहा है. वैसे तो इसका चलन हजारो सालो से है क्यों की Ancient cultures in China, India, Egypt में इससे जुड़े काफी साक्ष्य मिले है.

Medical and religious purposes के लिए resins, balms, and oils की फॉर्म में aromatic plants को इस्तेमाल किया जाता आ रहा है. शायद उन्हें इसके physical and psychological benefits के बारे में पहले से पता था.

Essential oils and aromatherapy शब्द का जिक्र सबसे पहले French perfumer and chemist René-Maurice Gattefossé ने अपनी एक 1937 published book में किया था.

उन्होंने पहले healing potential of lavender in treating burns को लेकर कुछ रिसर्च की थी. उनकी बुक use of essential oils in treating medical conditions पर focused थी.

How does this therapy treatment work?

ये एक medical and holistic treatment है जिसमे  sense of smell and skin absorption के जरिये ट्रीटमेंट दिया जाता है. इसमें निम्न तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाता है.

  • Diffusers
  • Aromatic spritzers
  • Inhalers
  • Bathing salts
  • Body oils, creams, or lotions for massage or topical application
  • Facial steamers
  • Hot and cold compresses
  • Clay masks

इसके लिए इस्तेमाल होने वाले aroma essential oil की बहुत सारी वैरायटी है. लेकिन आपको ये सुनिश्चित करना होगा की ये 100% natural essential oil हो. अगर आप ऑनलाइन कुछ प्रोडक्ट देखने की सोच रहे है तो पोस्ट के लास्ट में कुछ प्रोडक्ट मेंशन किये हुए है आप देख सकते है.

What is the purpose of Aroma ?

बदलते समय के साथ लोगो का रुझान प्राकृतिक उपचार में ज्यादा बढ़ा है. ड्रग और chemical treatment हमारे शरीर को समय के साथ कमजोर और बीमार बना देते है.

natural herbs से बने oils हमारे शरीर में जमा सभी तरह के toxins को बाहर निकाल देते है और आसानी से त्वचा में शोषित होने की वजह से लाभदायक होते है.

इन वजहों से लोगो का रुझान ऐसे उपचार की तरफ ज्यादा बढ़ा है जो बिना किसी बाहरी माध्यम के हमारे शरीर को ठीक कर देते है. इस तरह के herbs हमारे अन्दर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते है जिसकी वजह से शरीर पहले की तुलना में ज्यादा स्वस्थ महसूस करता है.

Are essential oils really beneficial?

वास्तव में देखा जाए तो एक ही चीज सभी पर लागू नहीं की जा सकती है. अलग अलग प्रकृति के लोगो पर अलग अलग ट्रीटमेंट अपना असर छोड़ते है. Aroma touch therapy और Aroma essential oil इस इस्तेमाल सभी लोगो के लिए सेफ नहीं है क्यों की किसी के लिए ये एक बेहतर उपचार है तो वही किसी और के लिए ये त्वचा में प्रॉब्लम पैदा कर सकता है.

Essential oils natural तो होते ही है साथ ही ये सीधे skin absorbed होते है जिसकी वजह से तुरंत आराम में सहायक होते है खासकर तनाव दूर करने, दर्द में आराम दिलाने में और मूड ठीक करने में कारगर उपचार होते है. इसके अलावा इनका seizures, hallucinations, and unconsciousness जैसा प्रभाव भी देखा गया है.

अगर इन्हें निर्देशों के साथ इस्तेमाल किया जाए तो इसमें कोई शक नहीं की इसके फायदे आपको तुरंत देखने को मिल सकते है वो भी बिना किसी परेशानी के. दिमाग से जुड़ी प्रॉब्लम खासकर mental illness को ठीक करने में इसका अहम् योगदान है.

Does Aroma work for sleep?

बिलकुल Aroma touch therapy के इस्तेमाल के बाद लोगो ने दावा किया है की उनके सोने में बदलाव आया है. aroma therapy लेने के बाद हमारा शरीर relax महसूस करता है जिसकी वजह से अच्छी नींद आती है.

जब इसका प्रयोग किया जाता है तब हमें subconsciousness अनुभव होता है और चूँकि ये सीधे स्किन के जरिये absorb की जाती है या फिर सांसो के जरिये शरीर में जाती है तो कम समय में ही हम आराम महसूस करने लगते है खासकर थकावट हो तब.

कुछ लोगो के अनुसार जिन्हें i have memory loss की शिकायत थी उन्हें इसके बाद काफी अच्छा अनुभव मिला है. aromatherapy essential oils  की वजह से बेहद कम time में उनका मूड बेहतर बन जाता है और खुद में बेहतर अनुभव करने लगते है.

उन लोगो ने भी इस उपचार के जरिये खुद को बेहतर बनाया है जिन लोगो ने हाल ही में किसी तरह के तनाव का सामना किया हो फिर चाहे वो breakup का दर्द हो या फिर किसी तरह का past life regression किसी भी तरह के छिपे हुए तनाव के लक्षण को दूर करने में ये काफी कारगर और natural तरीका साबित हो रहा है.

How do essential oils affect emotions?

इस उपचार में natural herbs काम में लाये जाते है और aroma essence oil की महक जब सांसो के जरिये अन्दर जाती है तब हम अच्छा महसूस करने लगते है. हमारे emotion brain को affect करने में इन oils की scent काफी अहम् योगदान निभाती है.

मसाज और इसकी महक के कारण हमारे दिमाग का वो हिस्सा सक्रिय हो जाता है जिसके जरिये हम emotion को experience करते है जैसे की Feelings of depression, fear, anger, happiness, joy and even anxiety इन सभी emotion को हम Aroma touch therapy के जरिये ठीक करते है जब एक मनभावन scent हमारे सांसो के जरिये दिमाग को affect करती है.

Our sense of smell is 10,000 more sensitive than our other senses. Scent travels faster to the brain with smell than it Does with sight, or even sound.

हम किसी भी emotion को बेहद कम समय में अनुभव कर सकते है बजाय किसी और अनुभव के. यही वजह है की कोई भी अच्छी सी scent हमारे मूड को बेहद कम time में ठीक करने में सक्षम है.

Benefit of Aroma therapy

Aroma essence oil उपचार के बहुत सारे फायदे है जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए. चूँकि ये 100% natural है इसलिए इसके फायदे हमें प्राकृतिक रूप से मिलते है ना की किसी तरह के chemical drug के रूप में.

  • manage pain ( दर्द निवारक )
  • improve sleep quality ( अनिद्रा को दूर कर relax करने में सहायक )
  • तनाव, बैचेनी को दूर करता है – reduce stress, agitation, and anxiety
  • जोड़ो के दर्द में आराम – soothe sore joints
  • treat headaches and migraines (सर-दर्द और migraine में आराम )
  • alleviate side effects of chemotherapy ( केंसर के इलाज के बाद में इससे आराम मिलता है )
  • ease discomforts of labor
  • fight bacteria, virus, or fungus
  • improve digestion ( पाचन तंत्र को दुरस्त करता है )
  • improve hospice and palliative care
  • boost immunity – रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है

Aroma essence oil Side effects

क्या Aroma touch therapy के भी side effects हो सकते है ? बिलकुल अगर आप किसी तरह की prescription medications ले रहे है तो आपको इसे avoid करना चाहिए.

कभी भी essential oils directly to skin पर अप्लाई नहीं करना चाहिए इसके लिए अलग से carrier oil आता है जो dilute the oils करता है.

इसे इस्तेमाल करने से पहले skin patch test कर लेना चाहिए जो की ये तय करता है की जो तेल आप इस्तेमाल कर रहे है वो आपकी स्किन के लिए सही है या नहीं. कई बार ऐसा भी होता है की इसे लगाने के बाद sunlight में जाने के बाद आपकी स्किन में प्रॉब्लम होने लगती है. अगर ऐसा होता है तो इसे अवॉयड कर दे.

इसके अलावा कुछ और side effect भी लोगो में देखने को मिलते है.

  • Rashes – खुजली
  • asthma attacks – सांसो में प्रॉब्लम
  • headaches – सर-दर्द
  • allergic reactions – किसी किस्म की elergy
  • skin irritation – त्वचा में खिंचाव
  • nausea

कुछ कंडीशन है जिसमे आपको इस्तेमाल के लिए सावधान रहने की जरुरत है जैसे की

  • hay fever – ज्यादा बुखार
  • asthma – सांसो की प्रॉब्लम हो
  • epilepsy
  • high blood pressure – रक्त-चाप
  • eczema
  • psoriasis

ऐसी स्थिति में इसके इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरते.

Read : Top 5 Benefits of Aromatherapy आखिर क्यों ये मेडिसिन का एक बेहतर विकल्प है ?

Aroma touch therapy final word

Aroma touch therapy एक तरह से natural and holistic treatment है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की आप इसे किसी भी स्थिति में इस्तेमाल कर सकते है. इसके इस्तेमाल को लेकर बहुत सारे फैक्ट है जिन्हें ध्यान में रखना होता है.

विभिन्न प्रकार के आयल के अलग अलग प्रभाव होते है. इसके लिए aromatherapy essential oil diffuser का प्रयोग किया जाता है जो इसके प्रभाव को कण्ट्रोल करता है.

किसी भी तरह के aromatic treatment को लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से जरुर consult कर ले.

Aroma therapy एक तरह की complementary therapy है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है की ये किसी doctor-approved treatment plan को replace कर देगा.

काले जादू के अनजाने पहलू और कैसे ये आपको और आपके अपनों के लिए खतरनाक है – सीक्रेट

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काला जादू यानि black magic दुनिया के हर हिस्से में किये जाने वाली क्रियाओ में से एक है. पुराने समय से ही इसका प्रयोग दुसरो को हानि पहुँचाने में किया जाता आ रहा है. आज हम कुछ ऐसे  fact about black magic के बारे में बात करने जा रहे है जो आपको काले जादू के विज्ञान को समझने में हेल्प करने वाले है.

black magic side effect and how it harm peoples की इस पोस्ट में हम जान ने वाले है की कैसे काला जादू न सिर्फ करने वाले बल्कि करवाने वाले को नुकसान पहुंचता है. आइये जानते है ये लोगो के लिए dangerous कैसे है ?

काला जादू यानि Black magic हमेशा से एक कोतुहल का विषय रहा है जिसकी वजह रही है इसके मार्ग पर चलने वाले लोगो का जीवन.

fact about black magic

Black magic नकारात्मक ऊर्जा को ट्रांसफर करने का माध्यम है. जिसकी वजह से हम किसी में भी अपनी नकारात्मक ऊर्जा भेज कर उसकी खुद की जीवनी ऊर्जा को नष्ट करते है. ये एक Dangerous fact about black magic है जिससे हर कोई डरता है.

लेकिन क्या आप ये जानते है की इतनी बड़ी मात्रा में नकारात्मक ऊर्जा को कोई कैसे अपने अंदर कण्ट्रोल रख सकता है. और उसे दूसरे में प्रवाहित कर सकता है.

आज हम निम्न बातो को समझने की कोशिश करते है.

  • काला जादू क्या है और यह सफ़ेद जादू से कैसे अलग है.
  • काले जादू का सिद्धान्त, दुसरो पर इसका प्रभाव,
  • क्या ये वाकई होता है.
  • इसके असर को कैसे ख़त्म करे,
  • खुद की ऊर्जा कैसे सरंक्षित रखे,
  • काले जादू का कर्ता पर भी प्रभाव पड़ता है,
  • और अंत में इसके रहस्य.

Black Magic effect in Hindi

जादू शब्द अपने आप में कई तत्वो,चीजो का मिश्रण है जिसे समझना बेहद जरुरी है. काला जादू / जादू आम भाषा में पूजा, इशारो, हाव-भाव और शब्दो के मेल से बनता है.

इन सबका मिश्रण एकाग्रता से ऊर्जा को एक माध्यम से दूसरे माध्यम में स्थानांतरित किया जाता है.

ये लौकिक ( कर्ता की खुद की ऊर्जा ) और पारलौकिक ( दूसरे आयाम जैसे प्रेत लोक या किसी दूसरे की ऊपरी ऊर्जा ) दोनों ही हो सकती है.

जादू की प्रक्रिया में जिन चीजो का महत्व है उनमे से कुछ हाथो की मुद्रा, स्थिति, और निर्देशो का समूह होता है.

Black magic & White magic

काले जादू और सफेद जादू में सबसे बड़ा फर्क यही है की काले जादू की ऊर्जा पारलौकिक योनि के भटकते आत्माओ की ऊर्जा है वही दुसरो और सफ़ेद जादू आध्यात्मिक ध्यान, और आध्यात्मिक ऊर्जा का रूप है.

काले जादू का प्रयोग अपने आप को महत्वपूर्ण दिखाने के लिए, नियत्रण के लिए, या फिर शक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है. हमारा संसार दोनों ही प्रकृति में बंधा हुआ है. क्यों की हर चीज के पीछे उसका विपरीत रूप का अस्तित्व है.

काले जादू की ये परिभाषाए हमें किताबो और इन्टरनेट पर बताई गई है लेकिन असल में सच्चाई से परे इसका और भी गहरा मतलब है जिसे समझना बेहद जरुरी है.

इसके पीछे छिपे विज्ञानं के अनुसार ये बहुआयाम की मायाजाल होता है जो हमारे सुनने, देखने, और समझने की क्षमता को अपने असर में ले लेती है.

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हमारे धर्मगुरु सदियो से हमें इसका ज्ञान देते आये है की कैसे दिखाई ना देने वाली ऊर्जा से बचाव किया जाये.

जादू को हमारे आध्यात्मिक रूप में समझ सकते है जो एक जिम्मेदारी होती है.

मानव सभ्यता के कल्याण मात्र के लिए सदियो से ऐसे महापुरुष होते आये जो इन शक्तियों को जिम्मेदारी से धारण किये हुए है. शायद इसलिए कुछ लोग इन्हें फरिश्ता कहते है कितने आश्चर्य की बात है एक जैसी समझ वाले इंसान के आध्यात्मिक पथ अलग अलग होते है.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

Basic principle of Black magic

काला जादू मुख्य रूप से नकारात्मक ऊर्जा का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में स्थानांतरण है जो की मानसिक एकाग्रता और बुरे विचारो पर काम करता है.

काले जादू के लिए कर्ता को खुद ऊर्जा को धारण करना होता है. इसलिए काला जादू जितना दुसरो के लिए हानिकारक है उतना ही खुद कर्ता के लिए. काला जादू तभी काम कर सकता है जब कर्ता पूरी तरह से नकारात्मक प्रवृति को अपना लेता है. इसके लिए वो हर उस काम का त्याग करता है जो हमें सात्विक बनाता है. ये असर कैसे करता है.

काले जादू की नकारात्मक ऊर्जा मानसिक ऊर्जा में बदल कर माध्यम के ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बनाती है. असल में जब 2 ऊर्जा का आपस में टकराव होता है तो जो ज्यादा एकाग्रता से अपना दबाव बनाती है वही दूसरे पर हावी होती है.

जब काले जादू की नकारात्मक ऊर्जा माध्यम पर अपना असर डालने लगती है तो शुरुआत में माध्यम अपने आसपास उस ऊर्जा को महसूस करने लगता हैं क्यों की मानसिक ऊर्जा हमारे आज्ञाचक्र को अपने कंट्रोल में लेने की कोशिश करती है.

ऐसे में हम खुद की ऊर्जा में गिरावट महसूस कर सकते है.

अगर काला जादू निम्न स्तर का होता है तो घर के मंदिर में रखा हुआ कलावा, नाळ हाथो में बांध लिया जाए तो ऊर्जा का नियत्रण होने लगता है.

जैसे जैसे नकारात्मक ऊर्जा हम पर हावी होने लगती है वैसे वैसे हम खुद को अकेला महसूस करने लगते है उस नकारात्मक ऊर्जा की मात्रा जितनी ज्यादा होती है ऊर्जा साकार होने के चांस उतने ही बढ़ जाते है. जिसका मतलब है हमें प्रत्यक्ष रूप से ऊर्जा शरीर या आकृति दिखने लगती है.

Read : आखिर क्यों दीपक त्राटक साधना का अभ्यास इतना खास माना जाता है 5 वजह जो इसे अलग बनाती है

मानव सभ्यता और Black magic का गलत इस्तेमाल

मानव सभ्यता में ऐसे कई लालची लोग या फिर उच्च स्तर के धार्मिक गुरु है जो इस कला का गलत इस्तेमाल करते है आप पहले भी आयाम के बारे जान चुके है की मानव मस्तिष्क और आध्यात्मिक शरीर पांचवे आयाम में मिलते है.

भौतिक शरीर तीसरे आयाम में एंकर होती है. मुक्त इच्छा से हम तीसरे आयाम में हमारी इच्छाओ के स्पंदन को उत्पन कर सकते है जो हमें पसंद है.

ऐसे लोग भीड़ से अलग अपनी पहचान बनाते है. लालची लोगो ने धर्मगुरु की इस धरोरहार को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जिसका उदेश्य धन दौलत, और शक्ति हासिल करना था. उनका मकसद दुसरो को अपने नियंत्रण में लेना था और आज को देखते हुए लगता है वो इसमें कामयाब भी हुए है.

Smashan Kali Vashikaran Mantra in Hindi

इन सबका परिणाम ये हुआ की इन सबसे हमारा चौथा आयाम प्रभावित हुआ है जो सूक्ष्म शरीर का आयाम है. इनमे विचरण करने वाली भटकती आत्माये भी आजाद होकर चौथे आयाम से हमारी धरती पर विचरण करने लगी इनकी कमजोरी इंसानी मॉस और खून था.

ऐसे में कोई भी निम्न स्तर का तांत्रिक इन्हें आसानी से अपने नियत्रण में लेकर अपना स्वार्थ सिद्ध कर सकता है क्यों की ये सभी नकारात्मक ऊर्जा होती है.

How to reverse black magic effect

गीता में कहा गया है की आत्मा अजर अमर होती है अगर कोई इस ज्ञान को समझ ले तो वो मरने के डर से मुक्त हो जाता है. अपने अनुभव से वो इस ज्ञान को गहराई से अनुभव करता है. इससे हमारे अस्तित्व के सवाल उठने लगते है.

जब हमें हमारे अस्तित्व का ज्ञान हो जाता है तो तीसरे आयाम की नकारात्मक ऊर्जा से भय नहीं रहता है.

ये हमें अध्यात्म के करीब लाता है. जब हमें ये पता चल जाता है कैसे दूसरे आयाम की ऊर्जा हमारे आयाम में फंस जाती है. और ये हमारे ऊर्जा स्पंदन ( आध्यात्मिक प्राण ऊर्जा ) बढाती है. जो काले जादू के प्रभाव को पलट देती है.

Read : Different Stages of the hypnotic state How They unlock your unconscious mind

अपने लिए सत्य को पहचाने

ऐसे कई उदहारण है जो ऐसे पारलौकिक और आध्यात्मिक कामो का वर्णन करते है जो हम एक वक़्त में इस दुनिया में करते रहते है. हमारी धरती पर एक छोटा सा समूह इन उर्जाओ को कंट्रोल में करके दुनिया में अराजकता फ़ैलाने लगता है ( MISS USE OF POWER ).

इस तरह के लोग प्रकृति के नियमो से खिलवाड़ करने से भी हिचकिचाते नहीं है.

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की लोग उन्हें क्या क्या कहते है वो साधु, संत, ज्योतिष, या फिर अघोरी किसी भी नाम का इस्तेमाल कर सकते है.

अगर आपको इनके असर को बेअसर करना है तो पहले इनकी सच्चाई जाने फिर अपने आत्मबल को क्यों की प्राण ऊर्जा और आत्मबल बड़े से बड़े जादू को बेअसर कर सकता है.

ऊर्जा का सरंक्षण कितना जरुरी है

अगर हमारी सेहत में गिरावट महसूस की जाती है. इसका मतलब हमारी ऊर्जा का स्तर कम हुआ है. अगर हमें बाह्य प्रभाव को दूर करना है, अगर हमें स्वस्थ जीवन बिताना है तो हमारे प्राण का स्तर सही रहना जरुरी है. जिसके लिए नियमित ध्यान और आत्मज्ञान सबसे अच्छा माध्यम है.

एक और जहा ध्यान हमें हमारे प्राण ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है वही आत्मज्ञान हमें हमारे अस्तित्व का बोध करवाता है.

अस्तित्व के ज्ञान से हम खुद खुद को समझते है. सूक्ष्म जगत के रहस्यो को सुलभ बनाता है.

Is black magic really possible

काला जादू मुख्य रूप से कर्ता की मानसिक शक्ति से जुड़ा हुआ है इसलिए Black-magic से कर्ता जितना ज्यादा जुड़ा होता है उसका असर उतना ही मजबूत होता है. अगर आपको किसी की सच्चाई जाननी है तो उससे बात करे, उसके पास जाए.

अगर आप उनसे बात करते है तो उनकी ऊर्जा आपके औरा क्षेत्र को घेरने लगती है.

कुछ देर बात करने के बाद अगर आप खुद को अपने नियंत्रण से बाहर महसूस करे, सामने वाले की बातो को नजरअंदाज नहीं कर पाए तो समझ ले की वो आपसे ज्यादा आध्यात्मिक और भौतिक स्तर पर शक्तिशाली है.

signs of black magic done on you

जब आप ऐसे लोगो के पास जाये तो उनके पास खड़े होने पर आप वातावरण में अनजानी ऊर्जा महसूस होने लगती है.

क्यों की इनका औरा क्षेत्र सामान्य क्षेत्र से कही ज्यादा होता है. इसलिए ज्यादा समय इनके साथ बिताने की वजह से आपका आज्ञाचक्र आपकी समझ ख़त्म होने लगती है.

Read : हनुमान शाबर वशीकरण मंत्र का अचूक उपाय घर पर ही करे ये एक छोटा सा उपाय

काला जादू खतरनाक क्यों होता है

यह दूसरे सभी जादू से खतरनाक इसलिए है क्यों की ये माध्यम को जितना प्रभावित करता है उससे कही ज्यादा कर्ता को नुकसान पहुंचाता है, ये सात्विक ऊर्जा से बिलकुल विपरीत होता है इसलिए जितना बड़ा काला जादू का स्तर उतना ही ज्यादा खतनाक.

अघोरी इसके सबसे बड़े उदहारण है वो किसी को कुछ नहीं समझते किसी में कोई फर्क नहीं कुछ भी खा सकते है.

एक तरह से उनका समझने का स्तर बिलकुल हो जाता है. लेकिन फिर भी वो काले जादू का गलत इस्तेमाल नहीं करते है. ( कुछ जाति छोड़कर जिन्होंने इसे पैसा बना लिया है )

काले जादू का विज्ञान और उनका हम पर असर निष्कर्ष

दोस्तों आप सभी जानते है की जितने हम आध्यात्म के नजदीक रहते है उतना ही खुद की समस्या को सुलझाने लगते है.

आत्मज्ञान हमें ब्रह्मांड के सत्य से अवगत करवाता है. इसलिए दूसरी नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाना जरुरी है.

नियमित ध्यान हमें सकारात्मक रखता है. और किसी चीज का सही ज्ञान हमें उसे समझने के काबिल बनाता है.

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laptop या मोबाइल स्क्रीन पर त्राटक करने से आपको इन नुकसान का सामना करना पड़ सकता है

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तेज चमक वाले माध्यम जैसे की टीवी, मोबाइल की स्क्रीन पर त्राटक करने से क्या होता है ?

क्या ऐसा करना सेफ रहता है या फिर इससे हमारी आँखों को नुकसान पहुँचता है, सामान्य बोर्ड पर त्राटक करने और मोबाइल की स्क्रीन पर त्राटक करने में क्या फर्क है साथ ही इसके क्या फायदे और नुकसान है ये सब हम आज की पोस्ट में जानने वाले है.

अगर आपको लगता है की तेज रौशनी वाले माध्यम पर त्राटक करना सही है तो सावधान हो जाइये इससे आपकी आँखों को नुकसान पहुँच सकता है. आप सोच भी नहीं सकते की trataka on mobile आपके लिए कितना dangerous हो सकता है.

trataka on mobile or laptop screen

त्राटक के फायदे सुन कर या इससे आँखों में सम्मोहन पैदा होगा, मनचाहे काम पुरे होंगे इस तरह के दावे करने वाली कई google play store apps है जिसमे screen पर घूमते शक्ति चक्र पर त्राटक करने का कहा जाता है.

laptop में internet से scrolling shakti chakra png or gif images download कर कुछ लोग direct त्राटक करने की कोशिश करते है.

इसमें उनकी आंखे ज्यादा देर तक खुली रहती है जिसकी वजह से उन्हें लगता है की वो जल्द ही कामयाब बन जायेंगे लेकिन बाद में इसके side effects की वजह से परेशान होकर उन्हें इसे बंद करना पड़ता है.

जबरदस्ती इसका अभ्यास करने पर आप temporary blindness का शिकार भी हो सकते है.

तेज रौशनी वाले माध्यम पर त्राटक – trataka on mobile

समय के साथ हर चीज का इनोवेशन हुआ है और वो सहज सुलभ बनी है.

पहले लोग त्राटक करने के लिए खुद हाथो से हर बोर्ड तैयार करते थे फिर बाजार में बने बनाए बोर्ड आने लगे इसके बाद google play store पर tratak related apps आने लग गई जिनमे घुमने वाले शक्ति चक्र पर त्राटक करने के लिए सही माना जाने लगा.

घुमने वाले शक्ति चक्र इसलिए क्यों की ऐसा मानना है की इससे आपके अन्दर सम्मोहन शक्ति का विकास होता है. लेकिन क्या वास्तव में ऐसा करना सही है ?

सिर्फ mobile ही नहीं टीवी computer या laptop इनमे से किसी भी ऐसे माध्यम पर जिनकी स्क्रीन से तेज रौशनी निकलती हो त्राटक करना सही नहीं माना जाता है.

अनुभवी लोग 2 बातो का ध्यान रखने के लिए हमेशा कहते है.

  • पहली – त्राटक के अन्दर इस्तेमाल होने वाला बोर्ड आपके हाथो से बना होना चाहिए.
  • दूसरी – कभी भी सूर्य की या तेज रौशनी में त्राटक ना करे ( कुछ त्राटक को छोड़कर )

लोग trataka on mobile को best क्यों मानते है ?

अगर किसी चीज से आपको सुविधा मिले तो वो आपके लिए ओरो से ज्यादा best ही मानी जाएगी. मोबाइल की या लेपटॉप की स्क्रीन या किसी तेज रौशनी वाले माध्यम पर त्राटक करने के पीछे लोगो की अपनी सोच है जिनमे ये खास बाते शामिल है.

  • लोगो का मानना है की इस तरह अभ्यास करना काफी आसान है और हम कही भी कभी इसे कर सकते है बजाय एक बोर्ड पर त्राटक करने के.
  • अगर आपने गौर किया होगा तो पाया होगा की एक बोर्ड की बजाय मोबाइल या लैपटॉप की screen पर त्राटक करना आसान है क्यों की आँखे ज्यादा देर तक खुली रख पाते है और वक़्त भी ज्यादा दे पाते है.
  • मस्तिष्क के बहुत जल्दी भावना-शून्य होने में इसका योगदान है और हम खुद को ज्यादा फोकस रख पाते है.

इसके अलावा भी कई वजह हो सकती है जैसे की सोशल मीडिया या टीवी देखते समय हमारा वक़्त कब बीत जाता है पता ही नहीं चलता है क्यों की हम लम्बे समय से ऐसा करते आये है और हमारा शरीर इसी तरीके में ढल गया है.

क्या ऐसा करना सही रहता है ?

खुद को भावातीत बनाने में / आँखे खुली रखने में अगर ज्यादा देर तक अभ्यास करना चाहते है तो शुरुआत में आपको ये सही लग सकता है लेकिन आगे चल कर आपको कई तरह की तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है जैसे की कोशिश करने पर भी आँखों में पानी न आना, नमी चले जाना और एक अलग ही दबाव मस्तिष्क में महसूस करना.

हम त्राटक करते है अपने अन्दर की शक्तियों को पहचानने, आँखों में तेज लाने के लिए लेकिन trataka on mobile के जरिये आप ऐसा नहीं कर पाओगे. अगर आपको लगता है की आपने ये सब हासिल कर लिया है तो कुछ समय निकलने दे आपको खुद-ब-खुद पता चल जायेगा.

Read : त्राटक साधना में विचारशून्य की स्थिति कैसे प्राप्त करे सबसे आसान तरीके

क्यों बचे तेज रौशनी में त्राटक करने से ?

energy flow high to low होता है अगर आप प्राकृतिक रौशनी में त्राटक करते है तो आप अपने अन्दर की energy flow को feel नहीं कर पाओगे. ज्यादा देर तक सूर्य की रौशनी में देखने से आप आँखों को कुछ देख न पाने की स्थिति में पाते है.

ये प्रभाव कुछ देर से लेकर कई देर तक हो सकता है क्यों की हमारी आँखे रौशनी को absorb करती है विज्ञान में इसे पास होना कहा गया है. trataka on mobile करते समय आपकी आँखे उसकी energy नहीं विकिरण को सोखती है.

side efeect of multiple tratak practice at same time in hindi

इसके विपरीत जब आप हाथो से बनाए बोर्ड पर त्राटक करते है तो आपके अन्दर की energy को आप active होते हुए महसूस करते है. बाह्य स्त्रोत से ग्रहण की गई उर्जा की बजाय आपके अन्दर बनने वाली उर्जा systematic way से काम करती है.

इसके अलावा आप कभी भी इसे भावना के द्वारा कही भी ट्रान्सफर कर सकते है. ये सब तब होता है जब हाथो से बनाए बोर्ड पर अभ्यास करते है.

समय के साथ बदलाव होते गए और लोगो ने अपने सुविधानुसार इनका प्रयोग करना शुरू कर दिया लेकिन उन्हें वो अनुभव नहीं मिले जो मिलने चाहिए, कुछ को अनुभव मिले भी लेकिन उनका प्रभाव प्राकृतिक न रह कर कुछ समय तक सिमित रह गया.

Read : दुश्मन से छुटकारा पाने के लिए शक्तिशाली मारण मंत्र का प्रयोग शत्रु दमन के लिए

google play store app and trataka on mobile

पिछले कुछ समय से Google play store पर काफी apps देखने को मिली है. भजन, आरती, त्राटक, मैडिटेशन इन सबके लिए आप android apps अपने mobile में install कर लो और बस आराम से सब कुछ हो जायेगा.

इसके आपको फायदे तो कई नजर आए होंगे लेकिन क्या आपको पता है इनके नुकसान क्या है ? चलिए इसके बारे में भी कुछ बाते जान लेते है.

android apps के जरिये आप कोई भी मैडिटेशन म्यूजिक, भजन सुन कर खुद को उसके जैसा बना तो सकते है लेकिन इसके बाद आप इसके आदी हो जाते है.

जब की अनुभव अन्दर से बनने चाहिए, बाह्य माध्यम बुरे नहीं है लेकिन वो आपको कण्ट्रोल करने लगते है जबकि आपका ध्येय होना चाहिए खुद को अपने विचारो द्वारा कण्ट्रोल और guide करना.

अगर आप लम्बे समय से इसका प्रयोग करते है तो आप इसके बिना कुछ नहीं कर सकते है. जब तक ये है आप अच्छे से अभ्यास कर पाते है और जब नहीं होगा और खुद से कोशिश करेंगे तो वो भावना दे ही नहीं पाओगे.

जैसे की बॉडी बिल्डिंग दवाई लेते है तो सही है नहीं तो पहले से भी ज्यादा ख़राब.

Read : कम समय में कुंडलिनी जागरण की सर्वोत्तम क्रिया योग की विधि जिसके अनुभव अलौकिक है

trataka on mobile – final word

technology को हमें हमारी strength बनाने पर ध्यान देना चाहिए इसे कमजोरी न बनने दे. चमकीली स्क्रीन पर, सूर्य की रौशनी में त्राटक करना खासतौर से trataka on mobile ( mobile apps for tratak ) का प्रयोग करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है.

कम समय में फायदे के लिए अपने आगे के भविष्य को ख़राब न करे. धेर्य से अभ्यास करे और कोशिश करे की अपने हाथो से बना बोर्ड हो तभी आपको 100% result मिल सकते है.

पोस्ट पर शेयर किये गए मेरे 20 दिन के अभ्यास के अनुभव है हो सकता है की आपके अनुभव इससे अलग हो लेकिन वास्तविकता के करीब यही अनुभव है.

आप अपने अनुभव हमारे साथ शेयर कर सकते है. कमेंट में हमें बताना न भूले की आज की पोस्ट आपको कैसी लगी.

Ouija board planchette से जुड़ी खास बाते और theory आखिर ये काम कैसे करता है ?

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क्या आपने कभी Ouija board planchette के साथ आत्माओ को बुलाने की कोशिश की है ? बोर्ड का वो हिस्सा जिस पर माध्यम अपनी अंगुली रखकर सवाल करते है और ये घूमते हुए खास अक्षरों पर मूव करते हुए उनका जवाब देता है.

ये एक ऐसा खेल है जिसे लेकर लोगो के मन में काफी सारे सवाल और आग अलग थ्योरी है.

कुछ लोग इसे आत्माओ और श्राप से जुड़ा हुआ मानते है तो कुछ इसे अवचेतन मन का खेल. आइये जानते है इससे जुड़े कुछ secret के बारे में जानते है इन अलग अलग थ्योरी के बारे में की आखिर ये काम कैसे करता है.

Ouija board planchette

जैसा की हम सब जानते है A Ouija board planchette एक ऐसा फ्लैट बोर्ड होता है जिस पर कुछ खास letters, numbers and other signs लिखे हुए होते है.

लोग इससे सवाल पूछते है और संकेत के रूप में बोर्ड के ऊपर लिखे खास शब्दों के ऊपर movable piece ( पाई ) मूव करता है और हमें जवाब मिलना शुरू हो जाता है.

ऐसा माना जाता है की सबसे पहले इसका इजाद Charles Kennard of Chestertown, Maryland ने किया था जिन्होंने एक coffin maker E.C. Reiche को इसके बारे में पूछा था लेकिन उनका कहना था की चार्ल्स ने उनसे इस आईडिया को चुरा लिया.

Ouija board planchette Background

ये एक खास तरह का बोर्ड है जिसे spirit board” or “talking” board कहा जाता है और इसका इजाद 1800 में हुआ था.

उस समय spiritualist movement काफी ज्यादा चलन में थी और ये एक popular parlor game बन गया था.

कुछ लोगो ने इसे Ouijas तो दुसरो ने “talking boards” के नाम से इसे काफी फेमस कर दिया.

हालाँकि familiar Ouija board को Parker Brothers (now part of Hasbro) ने ही महशूर किया जिन्होंने 8 तरह की अलग अलग स्टाइल में इसे बनाया था जिसमे planchette के अन्दर भी कुछ खास बदलाव शामिल थे.

लोगो का मानना था की Ouija’s plastic planchette ही इसे मूव करवाती है क्यों की हमारा subconscious mind इसमें कही भी काम करता हुआ महसूस नहीं होता है.

ज्यादातर इस Ouija board planchette पर जो प्रयोग किये जाते है वो किसी व्यक्ति द्वारा कण्ट्रोल किये जाए ऐसा संभव नहीं है.

बोर्ड के जरिये हम अनजानी आत्मा या फिर किसी जान-पहचान वाली आत्मा का आवाहन करते है उनके नाम या किसी मंत्र के जरिये. कभी कभी तो ये आत्मा ही हमें बताती है की उसकी अभी हाल में ही मृत्यु हुई है.

इन आत्माओ के जरिये हमें अपने सवालों के जवाब बोर्ड के ऊपर लिखे अक्षर के जरिये मिलते है. कई बार गुप्त बाते और warning sign भी मिलते है. ये सब उन्हें बोर्ड के ऊपर या अपने मन में अनुभव हो सकता है. इसलिए एक बात तो माननी पड़ेगी.

“औजा बोर्ड कभी भी इंसानी कठपुतली की तरह काम नहीं करता है ये आत्माओ को हमसे जोड़ता है.”

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instruction to use

इससे पहले की आप Ouija board planchette प्रयोग शुरू करे आपको इससे जुड़ी कुछ बेसिक tips को जान लेना चाहिए. इसका अभ्यास तभी करे जब आपका मन सही हो और strong will वाला हो.

अगर आप इसका अभ्यास कर रहे है तो setting positive intentions ( सकारात्मक सोच ), avoiding drug and alcohol use ( नशे से दूर ) जैसे नियम का पालन करना न भूले.

ouija-ft

बोर्ड को spiritual cleansing के जरिये शुद्ध कर ले ताकि ये negative energy को attract न कर सके. चलिए जानते है how to use a Ouija board से जुड़े कुछ basic instruction के बारे में.

  • मजबूत मानसिकता वाले व्यक्ति का चुनाव करे ताकि वो ouija board planchette के जरिये सवाल पूछ सके.
  • ouija board planchette जो की मूव करता है उसके किनारे पर अपनी अंगुली रखे जितने भी व्यक्ति अभ्यास कर रहे है सबको किनारे पर हलके से अंगुली रखने को कहे.
  • आप चाहे तो शुरू में इस ऑब्जेक्ट को गोल गोल घुमाकर इसे चार्ज भी कर सकते है. इस दौरान spiritual chant करने पर एकाएक जब ये भारी हो जाए तब समझे की अभ्यास शुरू हो गया है.
  • सवाल पूछने के दौरान शुरू में अगर आपको तुरंत जवाब न मिले तो निराश न हो शुरू में ऐसा होता है.
  • बोर्ड का घुमने वाला ऑब्जेक्ट जिस पर आपकी अंगुली रखी होती है आपके सवाल का जवाब बोर्ड के लैटर पर घूमते हुए देता है इसलिए इसे ध्यान रखे और समझने की कोशिश करे.
  • धीरे धीरे बोर्ड की गति के अनुसार आपके सवाल आगे बढ़ते है और सवालों का जवाब संकेतो और वार्निंग के तौर पर मिलना शुरू हो जाता है. इसके अनुभव के आधार पर आप इसे आगे बढ़ा सकते है.

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Controlling the Ouija board

इस Ouija board planchette को बनाने वाले का कहना है की ये सिर्फ एक harmless game है. एक popular publishing site पर किये गए एक पोल के अनुसार 65% लोगो का कहना है की ये एक sinister and dangerous tool है.

जब की 41% लोगो का मानना है की ये हमारे subconscious mind से control होता है. 37% लोग इसे आत्माओ द्वारा नियंत्रित मानते है और 14% लोग डरते है की ouija board किसी तरह की demonic spirits से श्रापित है.

इस बारे में The Museum of Talking Boards ने कुछ अपनी theories दी है जो ये क्लियर करता है की इसे कोई व्यक्ति कण्ट्रोल करता है या फिर इसमें किसी तरह की spiritual connection जुड़ी हुई है.

निचे कुछ theory दी हुई है जो क्लियर करेगी की “how the Ouija works with the spiritualist theory and the automatism theory

#1. The Spiritualist Theory

कुछ लोग मानते है की Ouija board planchette के जरिये हम उनसे contact करते है जो हमारे कण्ट्रोल से बाहर होती है.

बोर्ड के जरिये इन्हें contact or channel किया जाता है, इन discriminate spirits, ghosts, or other ethereal being का हमसे contact करने का एक उदेश्य होता है.

जो लोग spiritualist theory को मानते है उनका कहना है की ये harmless game है जिसमे हम आसानी से Ouija board planchette के जरिये other realm की spirits को contact कर सकते है.

वही इसे मानने वाले दुसरे लोग इसे इस्तेमाल न करने की सलाह देते है.

इसकी वजह से आपको emotional damage or death जैसी कंडीशन से भी जूझना पड़ सकता है. इसकी वजह है इसका occult and demonology से जुड़ा होना.

#2. The Automatism Theory

ये एक और theory है जो की Ouija board planchette से जुड़ी है और इसे ideomotor response के नाम से जानते है. ये एक message indicator है जिसे हम कण्ट्रोल नहीं कर सकते है जैसे की automatic writing यानि automation जैसी प्रोसेस का होना.

ये बिलकुल वैसा ही जैसे की एक जगह बैठ कर पेंसिल से पेपर पर कुछ लिखना जिसके बारे में माना जाता है की ये सन्देश आत्माए हमें देती है. इस प्रोसेस में हम पेंसिल पर कुछ भी लिखने के लिए फोकस नहीं होते है.

इसी में कुछ लोग ये भी मानते है की ये सब एक clever medium के जरिये पूरा होता है.

ये जो planchette को unconsciously move किया जाता है वो सब एक shortcut from the conscious to the subconscious mind जैसी प्रक्रिया का हिस्सा है जो की हमारे subconscious mind से control होता है.

अगर एक से ज्यादा व्यक्ति इसमें शामिल है तो Collective automatism होता है.

The Ideometer Effect

The Skeptic’s Dictionary के अनुसार ये एक involuntary and unconscious motor behavior है. इसे सबसे पहले William Carpenter in 1882 में परिभाषित किया था.

उनके अनुसार Ouija board planchette एक ऐसा effect है जिसमे कुछ object इस तरह मूव करते है जैसे की कोई अनजानी शक्ति उन्हें किसी मकसद से हिला रही हो.

ऐसी कुछ कंडीशन होती है जिसमे हमारा मस्तिष्क कुछ ऐसी muscular movements करती है जिससे हम परिचित नहीं होते है.

एक उदाहरण के लिए हमारा माइंड लगातार अगर हाथो को कमांड देता रहे तो एक time आता है जब बिना किसी मर्जी के भी हाथ में गति होती है.

ये सब हम चेतन नहीं अचेतन रूप से करते है. इस तरह से देखा जाए तो ये कोई paranormal नहीं बल्कि physiological case है.

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Anecdotal Tales about ouija board planchette

ऐसी कई personal stories of weird events and paranormal phenomena है जो की उस दौरान घटित हुई जब ouija session शुरू किया गया. उन घटनाओं ने हमें ये सोचने पर मजबूर कर दिया की ये सिर्फ एक खेलने की चीज नहीं है.

Ghost researcher Dale Kaczmarek, of the Ghost Research Society ने अपने एक आर्टिकल में इस बात को समझाने की कोशिश की है की “playing ouija board is not a game it is a dangerous tool”

उन्होंने इसके माध्यम से साफ साफ समझाने की कोशिश की है की ouija board अपने आप में खतरनाक नहीं है बल्कि इसे आप किस तरह से शुरू करते है ये खतरनाक है. ये बोर्ड मुख्य रूप से the lower astral plane पर काम करता है.

Ouija board's mysterious origins

जो लोग हत्या, शोषण या किसी तरह की unconditional death का शिकार होते है उन लोगो की आत्माए इसी plane पर अटकी रहती है जिन्हें Ouija board planchette अपनी ओर attract करता है.

इस वजह से जब कभी हम इस खेल को शुरू करते है ये अपनी ओर कुछ negative spirits को आकर्षित कर लेता है.

ऐसा करना एक साथ काफी सारी आत्माओं को गेम की ओर ले आता है लेकिन असली खतरा तब पैदा होता है जब आप उन्हें physical world में बुलाते है वो भी जाने अनजाने में.

कुछ लोग इन बातो में विश्वास नहीं करते है और आत्माओ से उनके होने का प्रूफ मांगने लगते है जैसे की “अगर तुम वास्तव में हो तो साबित करो बोर्ड पर जैसे की मोमबती को मूव करना” इस तरह की activity उनके इस world में आने के दरवाजे खोल देती है.

 Ouija board Additional Theories

ऊपर दिए गए theory के अलावा कुछ और सिद्धांत है जो The Moving Glass Séance/Ouija के आधार पर है. आइये जानते है उनमे से कुछ के बारे में

  • Autosuggestion: इसके अनुसार auto suggestion एक ऐसी condition है जिसमे participants unconsciously control the movement of the glass or pointer यानि जो बोर्ड का पॉइंटर होता है उसे अचेतन रुप से इधर उधर हिलाना. इसमें हमारे शरीर की कुछ मांसपेशियां चेतन नहीं बल्कि अचेतन रूप से काम करती है.
  • Self-delusion इस theory का मानना है की participants subconsciously control the movement of the glass or pointer यानि ये सब हम अचेतन रूप से करते है. Ouija board planchette में ये बिलकुल autosuggestion की तरह है जिसमे एक से ज्यादा लोग काम करते है.
  • Telekinesis कुछ लोग इसमें telekinesis, or psychokinetic ability का हाथ मानते है. एक व्यक्ति जो इसे थोडा बहुत भी करता हो आसानी से ouija board की movement को कण्ट्रोल कर सकता है.
  • Telepathy इस theory का मानना है की समूह के बिच सवालों का जवाब उन लोगो के द्वारा ही दिया जाता है जिनसे ये पूछा जाता है. जो व्यक्ति इसे जानता है वो telepathy के जरिये पुरे समूह में इसे फैलाता है और उसी के आधार पर सवालों के जवाब दिए जाते है.

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The Performance of Rituals

ouija board planchette से जुड़ी पूरी process को शुरू करने से पहले हमें कुछ बातो का ध्यान रखना चाह्यिये जिससे की हमें इस दौरान किसी तरह का नुकसान न हो. इसके लिए शुरू में prayer and cleanse जैसी आवश्यक ritual की जानी चाहिए.

हमेशा इसे शुरू करने से पहले white candle जलाना और किसी ख़राब मौषम में इसे इस्तेमाल न करना दो जरुरी बाते है जिनका ध्यान रखना चाहिए.

Communicating with the Dead in hindi

Linda Johnson के अनुसार ये एक form of channeling है जिसमे हम किसी भी चीज को एक जगह से दुसरे जगह पर चैनल कर सकते है एक माध्यम की तरह इसलिए इसका इस्तेमाल ऐसी जगह पर बिलकुल न करे जो किसी तरह का graveyard यानि शमसान हो, sites of tragedy ( दुर्घटना संभावित क्षेत्र ) हो.

इसके लिए ऐसी जगह चुने जो शांत हो पवित्र हो और जहाँ right vibrations हो. ऐसी जगह में सही माहौल वाले एक कमरे में बैठकर आप इसका अभ्यास कर सकते है.

moving ouija board planchette object – final word

दोस्तों अभी तक हम सब ने contact paranormal spirit से जुड़े कई सारे तरीको के बारे में काफी कुछ पढ़ा है.

ज्यादातर लोगो के मन में are ouija boards real जैसे सवाल उठते ही है क्यों हमने planchette experiences से जुडी कुछ स्टोरी को भी पढ़ा है जिसके अनुसार इसका प्रयोग करना खतरनाक है.

आप क्या मानते है क्या वाकई इसका प्रयोग करना खतरनाक है ?

अगर आप इसे लेकर किसी तरह के सीक्रेट को जानना चाहते है तो अगली पोस्ट का वेट करे क्यों की हम जल्दी ही इससे जुड़े कुछ नियम के बारे में बात करने वाले है.

सम्मोहन से जुड़ी वो जानकारी जिसे आप अभी तक नहीं जानते थे सम्मोहन सीखने की शुरुआत कैसे करे ?

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hypnosis basics in Hindi को लेकर हमेशा से लोगो के बिच एक रोमांच देखा गया है. किसी को अपने वश में करो और फिर उसे कमांड देकर जो चाहो वो करा लो ये सुनने में वाकई बेहद रोमांचक लगता है लेकिन समय समय पर इससे जुड़ी जानकारियां बदलती रही है.

आइये बात करते है hypnosis basics for beginners in Hindi  के बारे में जिसमे हम बात करेंगे इसके application, benefits, how it works और भी बहुत कुछ. साथ ही इससे जुड़े कुछ basic myth and facts के बारे में भी बात करेंगे.

hypnosis basics for beginner सम्मोहन से जुड़ी वो जानकारी जिसे आप अभी तक नहीं जानते है

सम्मोहन क्या है ? American Psychological Association for hypnosis basics के अनुसार ये एक ऐसा interaction है जिसमे एक माध्यम, एक्सपर्ट के suggestion के कहे अनुसार व्यवहार करता है.

लोगो के अनुसार ये एक ऐसी process है जिसमे लोग unusual or ridiculous actions करते है और अब तो clinically proven हो चूका है की इसके जरिये हम medical and therapeutic benefits भी ले सकते है जिसमे सबसे ज्यादा बदलाव reduction of pain and anxiety को लेकर है.

ऐसा भी माना जा रहा है की सम्मोहन के जरिये हम the symptoms of dementia को भी कम या दूर कर सकते है.

Hypnosis basics for beginners in Hindi

How Does Hypnosis Work? अगर आपसे पूछा जाए की सम्मोहन शब्द सुनते ही आपके मन में सबसे पहले क्या उभरता है तो ज्यादातर लोगो की तरह शायद आपका जवाब होगा

एक ऐसा व्यक्ति जिसके पास एक पॉकेट वाच ( घड़ी ) है और उसे घुमा कर वो लोगो को काबू कर रहा है

हकीकत में सम्मोहन इससे थोडा अलग है. एक psychologist John Kihlstrom के अनुसार “hypnotist किसी भी दुसरे व्यक्ति को सम्मोहित नहीं कर सकते है वो इसके बजाय लोगो को एक कोच की तरह guide करते है ताकि दुसरे लोग को सम्मोहित कर सके.

आम धारणा के अनुसार सम्मोहन एक sleep-like trance state की तरह है यानि हम सोये हुए व्यक्ति की तरह behave करते है जबकि psychological इसे हम एक ऐसी अवस्था के रूप में समझ सकते है जिसमे हम पूरी तरह focused attention, heightened suggestibility, and vivid fantasies की स्टेट में होते है.

ऐसे लोग हमें देखने में सोये हुए व्यक्ति की तरह नजर आते है लेकिन वास्तव में वो hyper-awareness की स्टेट में होते है.

Psychology में सम्मोहन को hypnotherapy के नाम से भी समझा जाता है जिसके काफी सारे प्रयोग है. psychology में इसका प्रयोग सबसे ज्यादा reduction and treatment of pain में किया जाता है.

इसका प्रयोग एक ऐसे trained therapist के द्वारा किया जाता है की व्यक्ति की भावनाओ को utilizes visualization and verbal repetition का इस्तेमाल करता है ताकि hypnotic state तक पहुंचा जा सके.

What Effects Does Hypnosis basics have?

एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में सम्मोहन की अवस्था में होने वाले effect अलग अलग हो सकते है. कुछ लोगो ने sense of detachment or extreme relaxation during the hypnotic state यानि सम्मोहन की अवस्था के दौरान आराम और अलगाव की स्थिति का अनुभव किया वही कुछ लोगो ने अपनी conscious volition का अनुभव किया है.

कुछ लोग hypnosis basics के दौरान fully aware थे और carry out conversations while under hypnosis जैसी अवस्था को experience किया.

Researcher Ernest Hilgard ने अपने experiments में इस बात को समझाने की कोशिश भी की है की कैसे हम dramatically alter perceptions ( इलाज का विकल्प ) कर सकते है.

उन्होंने इसके लिए एक व्यक्ति को state of hypnosis basics में ले जाकर उसे suggest किया की उसके बाजु में अब किसी तरह का कोई दर्द महसूस करने की शक्ति नहीं है.

इस अवस्था में ले जाने के बाद माध्यम के हाथ को ठन्डे पानी में डुबाने को कहा गया. नतीजे में सामने आया की उस माध्यम को अब वाकई दर्द का अहसास नहीं हो रहा है जबकि दुसरे सामान्य व्यक्ति को कुछ सेकंड्स के बाद ही अपना हाथ हटाना पड़ा.

 Symptoms or Conditions Is Hypnosis Commonly Used For?

ऐसी कुछ applications for hypnosis basics यानि सम्मोहन के प्रयोग है जिन्हें आप निचे दिए गए लिस्ट में समझ सकते है. सम्मोहन का प्रयोग कर हम निम्न तरह की समस्या से छुटकारा पा सकते है.

  • hypnosis basics का प्रयोग treatment of chronic pain conditions में किया जाता है जैसे की rheumatoid arthritis की बीमारी.
  • प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को कम करना.
  • Symptoms of dementia में बदलाव करना.
  • Symptoms of ADHD में हम hypnotherapy का इस्तेमाल कर सकते है.
  • chemotherapy लेने वाले cancer patient में ये nausea and vomiting को कम करने के काम में ली जाती है.
  • दांतों का इलाज करते समय होने वाले दर्द को कम करना.
  • Warts and psoriasis जैसी स्किन प्रॉब्लम को कम करना.
  • Irritable bowel syndrome (IBS) जैसी psychological problem को दूर करना.

तो अब तो आप भी जान गए होंगे की कैसे hypnotherapy हमारे psychological issue and pain को कम करने में मददगार है. depression and stress ( तनाव ), anxiety ( बैचेनी ) और alternative pain ( दुसरे दर्द जो emotional और physical हो सकते है ) से छुटकारा पाने में काफी helpful है.

सम्मोहन के दुसरे प्रयोग में physical and emotional change शामिल है जैसे की quitting smoking, losing weight, or preventing bed-wetting यानि किसी तरह की लत को छोड़ना.

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Can You Be Hypnotized?

जैसा की ऊपर बताया गया की किसी को भी सम्मोहित नहीं किया जाता है बल्कि ऐसा करने में उनकी help की जाती है. ऐसे में कुछ लोगो को लगता है की उन्हें hypnotize नहीं किया जा सकता है जबकि hypnosis basics से जुड़ी सच्चाई इससे अलग है.

How to learn hypnosis at home in Hindi

दुनिया में जितने भी लोग है ज्यादातर hypnotizable है यानि उन्हें सम्मोहित किया जा सकता है.

  • 15% लोग ऐसे है जो बहुत आसानी से और कम समय में ही hypnotize हो जाते है.
  • छोटे बच्चे susceptible to hypnosis basics होते है यानि उन्हें सम्मोहन में आसानी से उतारा नहीं जा सकता है जिसकी वजह है उनका मन.
  • सिर्फ 10% ऐसे लोग है जिनके अन्दर difficult or impossible to hypnotize की tendency है.
  • जिन लोगो के अन्दर fantasy यानि कल्पना करने की क्षमता होती है उन्हें आसानी से सम्मोहित किया जा सकता है.

अगर आप भी खुद को इस अवस्था में देखना चाहते है तो आपको approach the experience with an open mind को अपनाना होगा. अपनी सोच में विस्तार लाते हुए ये believe करना की सम्मोहन एक positive light की तरह उन पर काम करेगा तभी वो इसमें बेहतर कार्य कर पाएंगे.

Theories of Hypnosis

अब तक सम्मोहन को लेकर कई सारे theories को लोगो के सामने लय गया है लेकिन Hilgard’s neodissociation theory of hypnosis basics के अनुसार सम्मोहन एक ऐसी अवस्था है जिसमे हम split consciousness का व्यवहार करते है.

हमारा दिमाग इस दौरान two different streams of mental activity घटना होती है. यानि एक activity expert के suggestion को follow करती है वही दूसरी activity माध्यम की अपनी सोच होती है.

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Hypnosis basics and its Myths and facts

दुनियाभर में ऐसी काफी सारी Misunderstandings about the subject of hypnosis फैली हुई है जिसमे लोग भ्रम का सामना करते है.

चलिए बात करते है कुछ ऐसे ही myths and facts के बारे में जिसे आप निचे पढ़ सकते है.

भ्रम 1 : जब हम सम्मोहन की अवस्था से जागते है हमें वो कुछ भी याद नहीं रहता है जो सम्मोहन के दौरान घटित होता है ?

फैक्ट : हमें वो सब याद रहता है जो हमारे साथ सम्मोहन की अवस्था के दौरान घटित होता है. हालाँकि एक temporary effect जरुर पड़ता है जिसमे हम कुछ समय के दौरान घटी घटनाओं को भूल भी सकते है लेकिन ये 100% नहीं है.

समय के साथ हमें याद भी आता जाता है. इसके होने की वजह Posthypnotic amnesia है जिसकी वजह से कुछ लोगो में भूल जाने की शिकायत देखी जा सकती है.

भ्रम 2 : सम्मोहन के जरिये हम बीते कल में हुए क्राइम को अच्छे से समझ सकते है

फैक्ट : ये बात सत्य है की hypnosis basics हमारे अन्दर enhance memory जैसा बदलाव लता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की ये किसी भी मेमोरी को enhance कर सकता है.

हमारी यादो को सम्मोहन के जरिये वापस नहीं लय जाता है बल्कि ऐसी कंडीशन बनाई जाती है की हमारा दिमाग खुद को इसके लिए तैयार करता है.

सम्मोहन में स्पर्श साधना प्रयोग

दुसरे शब्दों में कहे तो यादो को बढ़ाना और पुरानी बातो को याद रखना सम्मोहन की वजह से नहीं बल्कि दिमाग की अपनी खासियत की  वजह से होता है.

सम्मोहन यादो को बढाता नहीं है लेकिन इसके जरिये हम यादो में false or distorted memories जरुर डाल सकते है.

भ्रम 3 : आपको आपकी मर्जी के खिलाफ सम्मोहित किया जा सकता है.

फैक्ट : इस तरह की hypnosis basics की अफवाहे सुनने को मिलती है की कुछ लोगो को उनकी मर्जी के खिलाफ सम्मोहित किया गया लेकिन ऐसा सच नहीं है.

किसी भी व्यक्ति को सम्मोहित करने के लिए उसका voluntary participation होना बेहद जरुरी है और hypnotism expert इसके लिए लोगो को सबसे पहले उनकी सोच से distract कर अपने suggestion के अनुसार चलाने की कोशिश करते है.

भ्रम 4 : सम्मोहन के दौरान एक एक्सपर्ट का उस माध्यम पर पूरा कण्ट्रोल होता है जिसे वो सम्मोहित कर रहा है.

फैक्ट : सम्मोहन के दौरान काफी सारे लोगो ने अनुभव किया है की वो ऐसी हरकते करते है जो उनकी मर्जी से जुड़ी हुई नहीं होती है लेकिन फिर भी माध्यम उन चीजो को पूरी तरह नकार देने में सक्षम है जिसे वो नहीं करना चाहता बशर्ते एक्सपर्ट उसकी सोच को manipulate कर उसे करने के लिए राजी न कर ले.

भ्रम 5 : Hypnosis के जरिये हम super-strong, fast or athletically talented जैसी पॉवर हासिल कर सकते है.

फैक्ट : सम्मोहन किसी भी व्यक्ति की सिर्फ enhance performance को बढाने के काम आता है. physical capablity से बढ़कर वो उसे स्ट्रोंग नहीं बना सकता है.

आपको लगता है की किसी व्यक्ति ने सम्मोहन के दौरान हद से ज्यादा स्ट्रोंग एक्शन की हो लेकिन इसके साथ ही physical damage भी होता है.

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hypnosis basics for beginners – final word

सम्मोहन क्या है और इसके दुसरे फैक्ट, बेनेफिट क्या क्या हो सकते है इस बारे में सबके मत अलग अलग हो सकते है क्यों की रिसर्च हमेशा चलती रहती है.

यही वजह है की जिसे हम आज सच मान रहे है आगे चलकर शायद वो भ्रम साबित हो.

आप चाहे तो hypnosis basics से जुड़े उन फैक्ट को पढ़ सकते है जो किसी समय हकीकत और सच्चे माने जाते थे लेकिन आज वो सिर्फ एक myth बन चुके है.

परिभाषाए बदलती रहती है इसलिए हमें हर पहलु के लिए तैयार रहना चाहिए.

आज की पोस्ट में आपने ऐसा बहुत कुछ पढ़ा है जो शायद किसी time में आपको सच लगता था. पोस्ट कैसी लगी हमें जरुर बताए.