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Tuesday, May 26, 2026
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ग्रहण काल में तंत्र मंत्र की साधनाए सफल होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह

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Moon Phases and Magical Workings in Hindi. तंत्र मंत्र की साधनाओ में आपने कई बार सुना होगा की ग्रहण की रात की जाने वाली साधना सबसे ज्यादा प्रभावशाली होती है.

सदियों से ऐसा माना जाता आ रहा है की चंद्रमा की बढती और घटती कलाए जिन्हें लोग moon eclipse, lunar phase जैसे नाम से जानते है सीधे सीधे मानव और जानवरों को प्रभावित करती है.

इंसानी मन पर चांदनी का अलग अलग प्रभाव पड़ता है जो की हमें चंचल या उदासीन बनाता है.

इस पोस्ट में हम जाने वाले है चाँद से जुडी हर बात जो की Moon Phases and Magical Workings से लेकर इससे जुडी myth fact and mystery तक लोगो में आज भी प्रचलित है.

तंत्र साधनाओ में इसका क्या महत्त्व है इसके बारे में आइये जानते है डिटेल से.

Moon Phases and Magical Workings

आध्यात्म और तंत्र मंत्र की दुनिया में आपके आगे बढ़ने के लिए कई सारी बाते मायने रखती है. ऐसी स्थिति में Moon Phases and Magical Workings के बीच के कनेक्शन को समझे.

अभ्यास का समय, आपके अभ्यास का तरीका और कुछ खास बाते जो आपको ध्यान रखनी चाहिए, इन्ही में से एक है चंद्रमा की अलग अलग स्टेज जैसे की अमावस, पूनम, पूर्णिमा, दूज का चाँद ऐसी ही कुछ कंडीशन है जिसमे चंद्रमा की स्थिति आपके अभ्यास को प्रभवित करती है.

अमावस और पूर्णिमा ये ज्यादातर दो ही ऐसी स्थिति है जिसमे हम सबसे ज्यादा प्रभावित होते है. इसे समझने के बाद आप खुद में हो रहे मानवीय व्यव्हार के बदलाव को खुद अनुभव कर पाएंगे.

Moon Phases and Magical Workings

ग्रहण की रात सबसे ज्यादा तंत्र क्रियाए होती है क्यों की हम ऐसा मानते है की ग्रहों की अपनी चाल होती है और उनके द्वारा छोड़ी जाने वाली उर्जा एनर्जी हमें सीधे तौर पर कई मौको पर प्रभावित करती है.

अगर आप किसी खास अवसर पर खुद को बहुत ज्यादा चंचल पाते है या नेगेटिव पाते है तो उस दिन क्या है इस बात पर गौर करना न भूले.

लोगो का मानना है की चाँद की रौशनी में बैठकर ध्यान लगाने से हम शीतलता का अनुभव कर सकते है.

कुछ तंत्र के जानकर अमावस या पूर्णिमा की रात को magical ritual perform करते है क्यों की उनका मानना है की ऐसा करने से उन्हें और दिनों की तुलना में जल्दी और असरकारक परिणाम देखने को मिल सकते है.

इस पोस्ट में हम Moon Phases and Magical Workings in Hindi के साथ साथ इससे जुडी लोगो की अवधारणा, रहस्य और किवंदती के बारे में भी जानेंगे.

Magical Workings for the Full Moon

full moon यानि पूर्णिमा का चाँद में की जाने वाली ज्यादातर rituals आध्यात्म से जुड़ी होती है. इस समय की जाने वाली क्रियाए हमारी psychic powers and emotional energy पर असर डालती है.

अगर किसी तरह की क्रिया को करने में समय का चुनाव पूर्णिमा के चाँद का समय होता है तो आपको 3 दिन देने होते है. full moon की रात से एक दिन पहले और एक दिन बाद का समय इस रिचुअल के लिए चुना जाता है.

इस दौरान जो भी क्रिया की जाती है फिर चाहे वो एक रात की ही क्यों न हो आपको 3 दिन करनी चाहिए.

ये समय personal growth and spiritual development से जुड़ी किसी भी ritual को करने के लिए सबसे बढ़िया समय होता है. निम्न तरह की क्रियाए आप इस समय के दौरान कर सकते है.

  • ऐसी क्रिया जो आपके intuitive awareness से जुड़ी हो.
  • Healing magic spell यानि किसी तरह के किये कराये की काट कर खुद को ठीक करना.
  • ऐसी साधना जो सात्विक है और आपको देवताओ के और करीब जोडती है.
  • magical spell को बढाने वाले अभ्यास.

इस दौरान हम खुद का जुड़ाव देवताओ के प्रति ज्यादा ही महसूस करने लगते है.

Magical Workings for the Waning Moon

Moon Phases and Magical Workings में से एक ये एक ऐसा time period है जिसमे चंद्रमा अपने पुरे स्वरूप से अँधेरे की और बढ़ता है.

चंद्रमा की घटती कलाए waning moon के नाम से जानी जाती है. बहुत सारे traditions of Wicca and Paganism के अनुसार इसका प्रभाव 2 सप्ताह तक बना रहता है. इस समयकाल में ज्यादातर “baneful” magic कामयाब होते है यानि ऐसे magic जिनके जरिये हम किसी से पीछा छुड़ा सकते है या फिर किसी को ख़त्म कर सके.

इस तरह की रिचुअल के जरिये हम निम्न परिणाम पा सकते है.

  • बुरे रिश्तो को ख़त्म करना जिसमे eliminate negative people or toxic relationships शामिल है.
  • ऐसे काम से छुटकारा पाना जिससे आप खुद को दूर करना चाहते है.
  • ऐसे कोई जादू जिसके जरिये हम बीमारी को, विपदा को टाल सके.

देखा जाए तो ये एक ऐसा time है जिसमे हम अपने अन्दर की सभी बुराई को, नकारात्मकता को ख़त्म कर सकते है. अगर आप खुद को negative पा रहे है या फिर कुछ बुरी यादे आपको परेशान कर रही है तो इस रिचुअल के time आप उनसे छुटकारा पा सकते है.

Magical Workings for the New Moon

ये time period बहुत दुर्लभ है क्यों की शुरुआत के 3 दिनों में चंद्रमा सभी को साफ साफ दिखाई नहीं देता है. ज्यादा से ज्यादा एक चमकीली आकृति के रूप में आप इसे आसमान में देख सकते है. लोगो के अनुसार ये time उनके लिए खुद को रिफ्रेश करने जैसा है.

new moon वो समय है जिसमे आप चाँद को पुरे चमकीले स्वरूप में देख पाते है क्यों की इसके बाद उस पर गहराई की परत और धब्बे दिखाई देने लगते है.

Moon Phases and Magical Workings के दौरान ज्यादातर ऐसी रिचुअल की जाती है जो आपकी इच्छा पूर्ति कर सके. लोग अपने विश को पूरा करने के लिए ऐसे time का इन्तजार करते है जब चाँद पूरा चमकीला हो. कुछ खास रिचुअल जो इस दौरान की जाती है निम्न है.

  • Cleansing and purifying of the body and mind – आध्यात्मिक शुद्धीकरण की प्रक्रिया.
  • अपने आसपास के वातावरण की नकारात्मकता को ख़त्म करना – Rituals that designate sacred space
  • मन की शांति के लिए की जाने वाली प्रक्रिया – inner harmony and peace

एक्सपर्ट के अनुसार ये वो time है जब वो खुद को mindfulness के जरिये तैयार करते है. किसी तरह की रिचुअल को करने की बजाय वो इस दौरान touch with inner self ( अंतर ध्यान ), and reaffirm personal spiritual guidelines ( अपने आध्यात्मिक रूप से जुडाव ) जैसे प्रयास पर फोकस करते है.

Read : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

Magical Workings for the Waxing Moon

ये वो Moon Phases and Magical Workings समयकाल है जब चंद्रमा अपने अँधेरे से उजाले स्वरूप की ओर बढ़ता है.

इस दौरान ज्यादातर सकारात्मक सात्विक साधना और क्रिया की जाती है. लगभग 14 दिन के इस समयकाल में चंद्रमा अपने उजले स्वरूप को प्राप्त करता है और ये समय सात्विक क्रियाओ के लिए best माना जाता है.

  • धन से जुड़े प्रयास और क्रियाए – A money spell
  • A working to get a new job or home – किसी तरह के जॉब और घर या फिर इच्छा पूर्ति से जुड़ी क्रिया
  • खोये हुए प्यार को पाने से जुड़े प्रयास – Bringing love into one’s life
  • Any magic related to increasing material items – किसी तरह की मनोकामना पूर्ति से जुड़े प्रयास

Practical magic belief system को मानने वाले कुछ लोगो का कहना है की ये वो समय है जब आपका सोचा हुआ पूर्ण होता है. आपकी सभी कामनाए पूर्ण होती है. किसी भी तरह की सात्विक साधना के लिए पूर्णिमा का समय काल सबसे शुभ माना जाता है और विपरीत साधना के लिए अमावस का.

इससे ये माना जा सकता है की चंद्रमा की कलाओ का भी इन पर कुछ न कुछ प्रभाव पड़ता है.

Moon Phases and Tarot Readings

टैरो कार्ड रीडिंग के बारे में हम पहले ही पढ़ चुके है. भविष्य से जुड़ी घटनाओं के बारे में संकेत देने वाली ये विद्या हमें आने वाली घटनाओं के बारे में भी बताती है. सबसे बड़ा सवाल ये है की क्या चंद्रमा की घटती और बढती कलाओं का इससे कोई रिश्ता है ?

मै moon gazing tratak meditation में पहले ही शेयर कर चूका हूँ की किस तरह moon का हमारे मूड पर असर पड़ता है और उसका psychological reason क्या है. चंद्रमा का बढ़ना और घटना धरती के लगभग सभी प्राणियों के मन को प्रभावित करता है. सबसे बड़ी बात Moon Phases and Magical Workings के दौरान ही साधना सफल कैसे होती है.

ऐसे में अगर हम खुद को फोकस कर इसे ध्यान में रखे तो tarot card reading में amazing result देखे जा सकते है.

यहाँ में बता देना चाहूँगा की ये कोई सोचा और मिल गया जैसा काम नहीं है. आपकी आस्था और विश्वास धीरे धीरे इसका असर दिखाती है इसलिए इसे कोई बेहद शक्तिशाली माध्यम ना समझे ये एक तरह का बूस्ट करने वाला प्रयास है जिसे आप कर सकते है.

ये हमारे intuitive skills पर असर डालता है जिसकी वजह से हम ये सब कर पाते है.

Read : Amazing fact about shadow person ritual छाया पुरुष साधना सिद्धि से जुड़ी 3 खास बाते

चंद्रमा से जुड़े कुछ खास myth and फैक्ट

ऐसे बहुत से fascinating legends and myths associated with the moon and its cycles हमें सुनने को मिल जायेंगे जिसमे लोगो का believe बहुत स्ट्रोंग है. भारतीय संस्कृति में चंद्रमा को एक देवता के रूप में भी माना जाता है.

आइये जानते है Moon Phases and Magical Workings से जुड़े कुछ बेहद खास myth and fact के बारे में.

वैज्ञानिक तरीके से देखा जाए तो पृथ्वी के सबसे पास का उपग्रह चंद्रमा है जो की चार में से तीन सप्ताह हमें दिखाई देता है.

दिन के उजाले में सूर्य की रौशनी और रात को चांदनी में सफ़र करने वाले लोगो को रास्ता दिखाई देता है. एक स्टडी में ये भी पाया गया है की चंद्रमा की कला का हमारे ऊपर गहरा प्रभाव पड़ता है.

चांदनी रात में हम अपने अन्दर एक चंचलता का अनुभव करते है वही अमावस की रात को चारो के अंधकार में हमारे अन्दर भी नकारात्मकता जोर मारती है. यही वजह हो सकती है की हम अमावस को बहुत कम घर से बाहर निकलते है.

eclipse and ritual success

Dr. Frank Brown of Northwestern University जो की जानवरों पर व्यव्हार संबंधी स्टडी कर रहे थे उन्होंने दावा किया है की पुरे चाँद की रात को जानवर अपने अन्दर व्यव्हार में बदलाव शो करते है.

The Strange Case of Dr. Jeckyll and Mr. Hyde जिसे Robert Louis Stevenson ने लोगो के सामने रखा उन्होंने एक के बाद एक क़त्ल किये जिसके लिए उन्हें प्रेरणा मिली time of the full moon से यानि चंद्रमा की किरणों ने उसे प्रभावित किया और वो लोगो को मारता गया.

कुछ लोग चंद्रमा की कलाओं को देखकर आने वाले मौषम और फसलो की भविष्यवाणी भी करते है. ये सब urban myth है जो उनकी नजर में विश्वास है और ऐसा होता है. अगर चाँद के चारो ओर आपको एक रिंग दिखाई दे रही है तो ये संकेत किसी बड़े तूफान का है.

मौषम में आने वाले बड़े बदलाव को इस तरह समझा जा सकता है. कुछ लोगो को इंद्र धनुष की तरह ही रात में चांदनी में वैसी ही धनुष दिखाई देती है जिसे moon bow के नाम से जानते है.

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Moon Phases and Magical Workings – Lunar Superstitions

  • जब भी आप बढ़ते हुए चंद्रमा की कला को देखे जो की पहले चौथाई समय काल का हिस्सा है अपनी जेब से पुराने सिक्को को बाहर निकाले और उन्हें एक जेब से निकालते हुए दूसरी जेब में डाल ले. आने वाला महिना आपके लिए अच्छा जायेगा.
  • लोगो में ये धारणा आम है की full moon यानि पूर्णिमा के चाँद दिखाई देने के ठीक 5 दिन बाद गर्भधारण करने के लिए सबसे उचित समय होता है.
  • आज भी कई जगहों पर चंद्रमा को एक देव स्वरूप में पूजा जाता है.
  • चाइना में आज भी पूर्णिमा के चाँद को भोग लगाने की परम्परा देखी जा सकती है.
  • Native American legends के अनुसार एक आदिवासी काबिले ने अपने शत्रुतापूर्ण इरादे की वजह से चाँद को बंदी बना लिया था. एक जोड़ी हिरण उसे उस जगह से बाहर निकालने और अच्छी जनजाति के पास ले जाने के उदेश्य से वहां जाती है लेकिन एक चालबाज कोयोट उन्हें रोकता है. उन हिरण की जोड़ी में से एक antelope उस चालबाज को चकमा दे देता है जो की बस उसकी पहुँच से बाहर निकलना चाहता है.
  • चन्द्रमा की पूर्णिमा वाली रात आध्यात्मिक रूप से ध्यान लगाने के लिए सबसे best मानी जाती है.

Lunar Eclipse Magic & Folklore

चंद्रमा की बढती और घटती कलाए जिन्हें lunar eclipse के नाम से जाना जाता है अपने आप में रहस्यमयी है और बहुत से साधना करने वाले लोग इसे ध्यान में रखते हुए लाभ लेते रहते है. आपको इनके Moon Phases and Magical Workings के बारे में जानना चाहिए

The Science of the Eclipse

जैसा की हम सब जानते है की चंद्रमा की अपनी कोई रौशनी नहीं है और सूर्य की रौशनी ही चन्द्र पर गिरते हुए हमें दिखाई देती है.

लेकिन एक समय ऐसा आता है जब सूर्य की रौशनी धरती की ओट में छिप जाती है और उस समय हमें चाँद गहरे रंग में दिखाई देता है. इसका यु आंशिक रूप से प्रकाशमान होना ग्रहण की स्थिति कहलाता है.

तीन तरह के ग्रहण हमें दिखाई देते है जिसमे

  1. penumbral eclipse यानि ऐसी स्थिति जिसमे सूर्य पृथ्वी और चंद्रमा तीनो एक सीधी दिशा में होते है और इससे सूर्य की किरणों को पृथ्वी द्वारा रोक लिया जाता है जिसकी वजह से चन्द्रमा का बाहरी आवरण ही चमकीला दिखाई देता है बाकि सब अँधेरे में छिप जाता है.
  2. Partial eclipse इसे आंशिक चंद्रग्रहण के नाम से जानते है. आंशिक में चन्द्र को धरती द्वारा आंशिक रूप से ढका जाता है और अपने कक्ष पर घूमते हुए चंद्रमा का एक भाग धरती द्वारा कवर किया जाता है.
  3. Total eclipse इसे पूर्ण चन्द्र ग्रहण के नाम से जानते है जिसमे धरती चन्द्र को पूरी तरह कवर कर लेती है और सिर्फ चंद्रमा का गहरा स्वरूप ही लोगो को दिखाई देता है. इस समय चाँद का रंग गहरे सुर्ख लाल रंग जैसा भी दिखाई दे सकता है. ये वो Moon Phases and Magical Workings काल है जब सबसे ज्यादा तांत्रिक साधनाए की जाती है और लोगो का मानना भी है की इस दौरान की गई साधना का परिणाम फल सामान्य से 100 गुना ज्यादा बढ़ जाता है.

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What kind of workings should you focus on during an eclipse?

हमें चन्द्र ग्रहण के समय किस तरह की एक्टिविटी पर खुद को फोकस रखना चाहिए इस बारे में लोगो के अपने विचार है.

कुछ लोग मानते है की इस दौरान हमें दान पुन्य करना चाहिए, धार्मिक कार्य में समय बिताना चाहिए. साधना करने वाले लोगो को खास साधना करनी चाहिए. आइये जानते है किस तरह की एक्टिविटी इस दौरान की जा सकती है.

  • साधना जिनसे हम intuitive awareness and psychic ability बढ़ा सके और divination and wisdom को और ज्यादा विकसित कर सके.
  • Healing magic or rituals जिनसे ज्यादा लोग औरतो को आकर्षित करने की सोचते है.
  • इष्ट देवी देवताओं की पूजा जिनसे हम उन्हें और भी ज्यादा करीब महसूस कर सके.
  • ऐसे कार्य जिनसे हमारे अन्दर developing magical skills का विकास हो.
  • चन्द्र देव यानि lunar gods and goddesses को भोग अर्पण करना.

हम चाहे किसी वजह से चन्द्र को ना देख पाए लेकिन उस एनर्जी के फायदे जरुर ले सकते है जो इस दौरान हमें मिलती है. चन्द्र ग्रहण को ज्यादातर लोग देख नहीं पाते है लेकिन उसका प्रभाव हम पर पड़ता है वो भी अलग स्वरूप में.

लोगो का मानना है की इस दौरान अगर चन्द्र के दर्शन न हो या दिखाई न दे तो साधना का प्रभाव नहीं देखने को मिलता है जबकि कुछ लोग मानते है की ऐसा नहीं है. इस दौरान की गई साधना अवश्य अपना प्रभाव दिखाती है अगर आपका faith strong है.

Moon Phases and Magical Workings – final thought

चंद्रमा की घटती और बढती कलाओं की वजह से जानवरों और मानव व्यवहार में अजीब से बदलाव देखे जा सकते है.

ऐसे कई रहस्य है जिन्हें आज भी जानना बाकी है. कुछ लोग blue fire को भी Moon Phases and Magical Workings से जोड़कर देखते है जिसमे इंसानी दिमाग पर कुछ इस तरह का बदलाव आता है की उसके बॉडी में खुदबखुद आग लग जाती है.

ऐसी घटनाए ज्यादातर ऐसे समय में हुई है जिसकी वजह से लोगो में इसे लेकर एक ठोस वहम बैठ गया है.

आप इसमें कितना विश्वास करते है हमें कमेंट कर बताना ना भूले. पोस्ट पंसद आने पर शेयर जरुर करे.

त्राटक साधना से जुड़े गुप्त रहस्य किस तरह आपकी जिंदगी बदलते है त्राटक मैडिटेशन और उनका हम पर प्रभाव

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Tratak meditation Sadhna के बारे में आप सब जानते है. एक ऐसी यौगिक साधना जो साधक की मानसिक शक्तियों को जाग्रत करती है और लाइफ को बेहतर बनाने में मदद करती है. ऐसा माना जाता है की Tratak Sadhna Siddhi करने के बाद हम Personal, psychic and Spiritual development के जरिये असंभव को संभव बना सकते है.

त्राटक क्रिया करने से हम न सिर्फ आँखों में सुधार कर सकते है बल्कि एकाग्रता बढाने, Personality development के लिए भी इसका प्रयोग कर सकते है.

त्राटक से जुड़े ऐसे कई सवाल है जिनका जवाब आपको साधना के अभ्यास से पहले ही मालूम होना चाहिए. सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवालों में त्राटक क्रिया के नुकसान, त्राटक के फायदे और नुकसान, त्राटक कितनी देर तक करना चाहिए, त्राटक के चमत्कार है.

त्राटक को अगर स्टेप में किया जाए तो हर चरण में हम अलग अलग क्रिया और फायदों के जरिये खुद को विकसित कर सकते है.

Tratak meditation Sadhna

इस आर्टिकल में हम त्राटक कितने प्रकार के होते हैं, त्राटक योग की प्रक्रिया, त्राटक योग से जुड़ी विशेष बातें और त्राटक योग के लाभ के बारे में बात करेंगे. Tratak gazing meditation एक तरह की ध्यान साधना ही है ये हमारे अन्दर ऐसे बदलाव लाती है जिनकी आप कल्पना नहीं कर सकते है.

त्राटक क्रिया सबसे ज्यादा हमारे Subconscious mind activation को प्रभावित करती है. Third eye awakening, Psychic ability development ये सभी अवचेतन मन का हिस्सा है जो त्राटक क्रिया से सहज सिद्ध होने लगते है. त्राटक वास्तव में हठ योग का हिस्सा और एक यौगिक क्रिया है.

यौगिक क्रिया में 2 तरह के त्राटक साधना का जिक्र मिलता है पहला बाहरी केन्द्रित अवलोकन और दूसरा आन्तरिक केन्द्रित अवलोकन. त्राटक के जितने भी प्रकार है उनमे गुरु मूर्ति त्राटक को छोड़कर सभी त्राटक बाहरी केन्द्रित अवलोकन है.

एकाग्रता बढ़ाने के लिए हम इसमें बाहरी स्त्रोत पर निर्भर होते है. आइये जानते है त्राटक साधना और सिद्धि के बारे में विस्तार से.

Tratak meditation Sadhna

भारतीय योग दर्शन में ध्यान को एकाग्रता बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है. मैडिटेशन हमें फोकस होने में मदद करता है वही हठ योग में त्राटक साधना का महत्व है. ऐसा माना जाता है की Tratak meditation Sadhna मन को वश में करने की सबसे आसान साधना है.

त्राटक क्रिया का मतलब है किसी एक विषय या वस्तु पर खुद को फोकस करना.

त्राटक का मतलब सामान्य तौर पर “एक टक देखने” से लिया जाता है. लेकिन क्या एक टक देखना ही काफी है अगर ऐसा होता तो आमतौर पर सामान्य जीवन में हर इंसान जो किसी को घूरता रहता है त्राटक होता. त्राटक का वास्तविक अर्थ है एक टक देखते हुए उसमे एक होना.

दूसरे शब्दो में इसे समझे तो Tratak meditation Sadhna में वस्तु को देखते हुए विचारो की गति को रोकना होता है.

ऐसा इसलिए क्यों की आँखों जितना देखती है मस्तिष्क में विचार उतने ही ज्यादा उमड़ते है. कुछ हद तक ये सही है की आँखों की गति को नियंत्रित कर हम विचार की गति को भी पकड़ सकते है.

Tratak meditation Sadhna में जब हम एकटक देखते है तो सबसे पहले हमारे विचार कम होते है और हमारा मस्तिष्क सिर्फ उस बिंदु पर फोकस होता है जिस पर हम त्राटक कर रहे है. लेकिन ये तभी संभव है जब आप आँखों के झपकने और उनके खुलने बंद होने पर नियंत्रण न करे.

कई बार हम जबरदस्ती आँखों को खुला रखते है. इसे त्राटक साधना नहीं आंखे फाड़ना कहते है. जो बिलकुल गलत है.

त्राटक के लिए सबसे पहले सहज रूप से आंखे खोले बिंदु को देखे तब तक जब तक की आंखे झपकने ना लग जाये. जब आपकी पलक बंद होने लगे उन्हें बंद होने दे.

प्रक्रिया को बार बार दोहराने से आपकी पलकों का बंद होने का अंतराल बढ़ता चला जाता है. जब ऐसा होता है तब अचानक ही मस्तिष्क विचारशून्य और हल्का महसूस होने लगता है. अगर ऐसा न हो तो समझ ले की आप गलत दिशा में जा रहे है.

Read : दर्पण त्राटक साधना करने से पहले जान ले इसके छिपे हुए खतरों के बारे किस तरह साधना के दौरान दर्पण साधक को प्रभावित करता है

त्राटक के चमत्कार

त्राटक साधना मन को वश में करने के लिए सर्वोतम साधना है. हम न सिर्फ खुद को बल्कि दूसरो को भी अपने वश में कर सकते है.

Tratak meditation Sadhna regular practice न सिर्फ हमारी एकाग्रता को बढ़ाती है बल्कि आकर्षण शक्ति को भी विकसित करती है. हम जिसे चाहे उसे अपने आकर्षण के प्रभाव में बांध सकते है.

त्राटक के साथ किये वाले खास अभ्यास

नियमित रूप से किये जाने वाले त्राटक साधना के अभ्यास से हमें कई लाभ मिलते है जैसे की

  • दृष्टि स्थिर होती है और मस्तिष्क जो हमेशा Unwanted thought से भरा रहता है अब शांत होने लगता है.
  • मस्तिष्क विचार शून्य होता है और इसकी कार्य क्षमता में वृद्धि होती है.
  • त्राटक को सम्मोहन सिद्धि के लिए भी किया जाता है क्यों की सम्मोहन का आरम्भ त्राटक साधना सिद्धि से ही है.
  • हम अपने और दूसरो के मन को वश में कर सकते है.
  • नींद में सुधार होता है और हम बेहतर नींद ले पाते है.
  • मन शांत और स्थिर चित होता है.

त्राटक साधना के नियमित अभ्यास में हम मुश्किल कामो को भी आसानी से कर सकते है. इसकी सबसे बड़ी वजह हमारा खुद पर विश्वास मजबूत होना, विचारो का कम से कम हो जाना है.

त्राटक के फायदे और नुकसान

त्राटक साधना अलौकिक साधनाओ में से एक है जिसके दिव्य प्रभाव है. अगर आप सही निर्देशन में Tratak meditation Sadhna का अभ्यास करते है तो ये आपके अन्दर शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाती है.

त्राटक साधना के फायदे में हम भौतिक, मानसिक और आध्यात्मिक बदलावों से गुजरते है उनके बारे में बात कर लेते है.

  • त्राटक साधना के शारीरिक स्तर पर बदलाव : आँखों की नजर का तेज होना, मूड अच्छा होना, बेहतर नींद आना, दैनिक कामो को बेहतर ढंग से कर पाना, अपने उदेश्य पर फोकस रहना और हर दम उर्जावान महसूस करना. ये basic tratak meditation Sadhna experience आसानी से अनुभव किये जा सकते है.
  • मानसिक स्तर पर बदलाव : दूसरो के मन की बात को पहले ही समझ लेना, मानसिक शक्ति जैसे एक जगह रहते हुए दूर बैठे व्यक्ति के बारे में जानना, विचार सम्प्रेषण यानि telepathy जैसी मानसिक शक्ति का विकसित होना और चीजो को छू कर उनके बारे में जानकारी हासिल करना.
  • आध्यात्मिक बदलाव : तीसरे नेत्र का जागरण, सूक्ष्म लोक के अनुभव, गहन समाधी और मन के रहस्यों को समझ कर ऊपर उठना.

ये सभी अलग अलग बदलाव हमें Tratak Sadhna Siddhi के बाद मिलना शुरू हो जाते है. tratak meditation Sadhna का अभ्यास करना बेहद आसान है लेकिन, अगर किसी गाइड के निर्देशन में रहकर इसका अभ्यास किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा.

त्राटक साधना सिद्धि में आगे बढ़ने के लिए ये बेहद जरुरी है की आपके अनुभव सही हो. अगर ये अनुभव सही ना हो या फिर हमारे साधना के तरीके में कुछ गलतियाँ हो तो क्या होगा.

  • आँखों में जलन, सूखापन या फिर पथराई आँखे महसूस होने लगती है. हालाँकि शुरुआत में ये सामान्य है लेकिन, कुछ समय बाद ये अपने आप ठीक ना हो तो किसी योग्य गुरु से मिले या त्राटक का अभ्यास रोक दे.
  • आध्यात्मिक उदासीनता का लम्बे समय तक बने रहना.
  • दूसरो से मिलने जुलने में problem होना.
  • दिन भर के कामो में कुछ देर किसी भी object को देखने पर धुंधलापन महसूस होना.
  • Tratak meditation Sadhna का अभ्यास अगर गलत दिशा में जाता है तो साधक को दिन भर के कामो में समस्या का सामना करना पड़ता है.

माथे में खिंचाव जैसी समस्या से लगातार गुजरना भी इसका एक संकेत है. ऊपर बताये गए सभी side effect of trataka meditation साधक के जबरदस्ती अभ्यास करने, गलत तरीके से अभ्यास करने की वजह से face करने पड़ते है.

Read : प्रत्यक्ष भूत सिद्धि घर बैठ कर की जाने वाली 21 दिवसीय आसान साधना

त्राटक साधना में सही दिशा में आगे बढ़ने के संकेत

पहला आपका मस्तिष्क एकदम हल्का और विचारशून्य हो जाता है और आप भावशून्य ( उदासीनता की अवस्था ) की अवस्था में आ जाते है.

दूसरा tratak meditation Sadhna  में आपकी पलकें झपकने के अंतराल में बदलाव आ जाता है अब उनमे जलन या आंसू नहीं आएंगे बल्कि खुली आंखे रह जाती है और आप जैसे उस जगह से कही और यात्रा करने लग जाते है.

तीसरा आपके बैठने की अवस्था में परिवर्तन आपको महसूस होगा जहा पहले दिन आपको ज्यादा देर बैठे रहने में समस्या हो रही थी वही आप अब लंबे समय तक अपने आप बैठे रहने में सक्षम हो जाते है.

त्राटक के अभ्यास में कुछ समय और आगे बढ़ने पर हम गहन शून्य का अनुभव करना शुरू कर देते है. अब हमें किसी बाहरी ऑब्जेक्ट की जरुरत नहीं होती है क्यों की हम अपने अंतर में उतरना शुरू कर चुके है.

त्राटक योग से जुड़ी विशेष बातें

त्राटक योग साधना के प्रभाव काफी दिव्य होते है. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए त्राटक क्रिया सबसे ज्यादा कारगर है. सबसे बड़ा सवाल की त्राटक कितनी देर तक करना चाहिए ?

रोजाना 5 से 15 मिनट करने से कमजोर नजर में सुधार होता है. इसके साथ ही आंखों को जलन, आंखों के दर्द की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा. Tratak meditation Sadhna की शुरुआत 1 मिनट से शुरुआत करे और धीरे-धीरे करते हुए 20 मिनट तक कर सकते हैं.

कुछ बाते है जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए जैसे की बीमारी के दिनों में त्राटक क्रिया करने से बचें. अगर आंखों का ऑपरेशन हुआ है, तो इसे करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.

tratak meditation Sadhna को करने के बाद आंखों में जलन होने पर आंखों को न ही मलें न ही इन्हें रगड़ें. त्राटक करते समय कोई तकलीफ हो रही हो, तो इसके समय को कम कर दें. बेहतर होगा की इसे प्राकृतिक तरीके से करे ना की हठ योग के तरीके से.

Common problem in tratak

हठ योग में आँखों को लम्बे समय तक खुले रखने में जोर दिया जाता है. प्राकृतिक तरीके में आँखों का खुलना और बंद होना धीरे धीरे समय में बढ़ोतरी करने से जुड़ा अभ्यास है.

हालाँकि इसमें कुछ समय ज्यादा लगता है लेकिन, इसके अनुभव बिना गुरु के भी सही दिशा में मिलने शुरू हो जाते है.

Tratak meditation Sadhna का अभ्यास हम अपने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए कर सकते है. देखा जाये तो हम खुद को पूरी तरह बदल सकते है त्राटक और भावना शक्ति द्वारा. जिसके लिए हमें बस कुछ खास अभ्यास और निर्देश का ध्यान रखना पड़ता है.

इस से से हम पढाई में उच्च ज्ञान जल्दी ग्रहण करने की क्षमता बढ़ा सकते है, अगर हमें गुस्सा जल्दी आता है या फिर हम अपने आसपास की घटनाओ और माहौल में ढल नहीं पाते है तो यह इसके लिए बढ़िया माध्यम है.

आँखों की हर समस्या का समाधान है त्राटक.

आध्यात्मिक अवस्था में भी हम प्रवेश कर सकते है जैसे सूक्ष्म शरीर अनुभव और यात्रा. मन और मस्तिष्क के सभी रहस्यो को इसके द्वारा सरल बनाया जा सकता है.

त्राटक और ध्यान बेहतर विकल्प क्या ?

त्राटक और ध्यान दोनों ही देखे तो एक ही उदेश्य की पूर्ति करते है. लेकिन जैसे हर स्तर के लिए अलग अलग उपाय होते है वैसे ही त्राटक और ध्यान है.

इसे बाह्य ध्यान बोल सकते है ऐसा इसलिए क्यों की इसमें हम आंखे खुली रख कर वही अवस्था प्राप्त करते है जो ध्यान में बंद आँखों द्वारा की जाती है.

Tratak meditation Sadhna में सफलता ध्यान की अपेक्षा जल्दी मिलती है क्यों की मन को स्थिर करने की बजाय उसे एक जगह फोकस करना पड़ता है और देखते हुए हम मस्तिष्क को जल्दी दिशा प्रदान कर सकते है.

जबकि ध्यान में ज्यादा स्थिर और शांत मन की अवस्था होना आवश्यक है. इसलिए अगर आपका मन चंचल है और ज्यादा देर तक एक जगह स्थिर नहीं रह पाता है तो आप त्राटक से शुरुआत कर सकते है.

How much time we need to tratak meditation Sadhna ?

आमतौर पर यह सवाल हर किसी के मन में होता है की tratak practice को शुरुआत में कितना वक़्त दे और इसे कितने दिन तक करे. ये सवाल इसलिए है क्यों की आप शुरुआत में tratak meditation Sadhna होने वाले अनुभव से अनभिज्ञ होते है.

अगर कोई आपसे कहे की आप आनंद की अवस्था को कितनी देर और कब तक पाना चाहते है तो क्या आप समय सीमा में आनंद उठाना पसंद करेंगे ?

नहीं न तो फिर इसके लिए भी ऐसा ही कुछ है शुरू में बेशक हम परिवर्तन से परेशान हो जाते है मगर बाद में हमें असीम आनंद की अनुभूति होती है और अनुभव होते है तो हम उसे समय सीमा तक सिमित नहीं कर पाएंगे.

इसलिए इस सवाल के जवाब की चिंता किये बगैर अभ्यास जारी रखे जितना आनंद बढ़ेगा वक़्त बढ़ेगा.

Mirror meditation tratak gazing technique

tratak meditation Sadhna का शुरुआती अभ्यास 5 मिनट से 15 मिनट तक होता है. अगर आपको साधना में सहजता महसूस होने लगे तो इस अभ्यास को 15 मिनट से बढाकर 30 या 45 मिनट का भी कर सकते है.

अगर आप 45 मिनट तक साधना में बैठे है लेकिन आपका चित स्थिर नहीं है और ना ही आप अपने अंतर में उतर पा रहे है तो इस अभ्यास को लम्बा खींचने की बजाय सहजता से करने पर ध्यान दे.

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बिंदु त्राटक का अभ्यास कर लिया अब क्या करे ?

बिंदु त्राटक का अभ्यास करते हुए आप मन की शांति और स्थिरता महसूस करने लगते है तब आपको लगता है की इससे आगे क्या करे ?

वैसे तो tratak meditation Sadhna में बिंदु त्राटक के बाद जितने भी त्राटक है सबके अपने महत्व है. फिर भी अगर आप आगे बढ़ना चाहे तो शक्ति चक्र पर त्राटक कर सकते है.

इसके कई फायदे है जैसे की शक्ति चक्र से अकेले आपको कई त्राटक के फायदे मिलेंगे जो मेरे खुद के अनुभव रह चुके है. मगर शक्ति चक्र त्राटक के लिए आपको मन की स्थिरता को बढ़ाना पड़ेगा.

इसके अलावा दर्पण त्राटक साधना, दीपक त्राटक और चन्द्र त्राटक ये कुछ ऐसे त्राटक है जो उच्च स्तर के त्राटक है और इनके रिजल्ट भी बेहतर है.

हम अपने अन्दर की मानसिक शक्तियों को जाग्रत कर सकते है, दूसरो को अपने वश में कर सकते है. दर्पण और दीपक त्राटक साधना के बारे में तो आपको हर जगह पढने को मिल जायेगा क्यों की इनकी शुरुआत करने का उदेश्य ही सम्मोहन है.

Tratak meditation Sadhna conclusion

हठ योग में त्राटक साधना एक ऐसी यौगिक क्रिया है जिसमे हम खुली आँखों से किसी बाहरी ऑब्जेक्ट पर अपनी चेतना को जोड़ते है.

ये हमें अनचाहे विचारो से खुद को दूर करने में मदद करती है और हम एक जगह खुद को फोकस करते हुए किसी एक thought, emotion पर आगे बढ़ सकते है.

अब तो आप समझ ही गए होंगे की tratak meditation Sadhna कैसे मैडिटेशन से ज्यादा बेहतर है.

ज्यादातर लोगो का मन चंचल होता है और वो साधना में सफलता भी जल्दी ही पाना चाहते है इसलिए trataka उनके लिए best option हो सकता है.

वैसे तो हमने आपके सभी tratak से जुड़े basic question का answer देने की कोशिश की है फिर भी अगर आपको लगता है की कुछ रह गया है तो हमें जरुर बताये.

आपके सुझाव और राय हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते है.

लाइफ में अगर नकारात्मक विचारो से परेशान है तो अपनाए इन कारगर tips को

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क्या आप जानना चाहते है की how to release top 3 negative emotion from our body ? कुछ लोग मानते है की दिल के दर्द को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका crying यानि रोना है. हम बचपन में ऐसा ही करते थे.

आज की पोस्ट releasing stuck emotion पर है यानि हमारे अन्दर के अनचाहे और परेशान करने वाले विचार और negative emotion को रिलीज़ कैसे करे.

how to control negative thought in mind से पहले आपका ये जानना जरुरी है की ये emotion / thoughts किस type का है. negative सोच यानि thinking का इलाज कैसे करे. आइये जानते है negative thoughts, emotion and things in life and their solution in hindi.

top 3 negative emotion

negative emotion हमारे अन्दर पनपने वाली वो भावनाए है जो कही ना कही हमारे कमजोर पड़ने की वजह से बनती है.

जब हम कुछ मौको पर खुद को अच्छा साबित नहीं कर पाते है तो उस वक़्त हमारे अन्दर उस पल से जुड़ी reaction बनती है जो हमें ये बताती है की हम उस मौके पर फैल हो गए उसकी वजह क्या रही है.

अगर ऐसा फिर से होता है तो हमारे अन्दर उस एक्शन से जुड़ा negative emotion और strong हो जाता है जिसकी वजह से हम उस एक्शन से दूर भागने लगते है.

हमारी लाइफ से जुड़े top 3 negative emotion

लाइफ के आधार पर negative emotion को 3 प्रकार से देखा जा सकता है इसमें अलग अलग मौके पर पैदा हुआ नकारात्मक भाव हमारे अन्दर देखा जा सकता है. इसमें सबसे पहला है लाइफ में महसूस करना, दूसरा बीती जिंदगी से बना और तीसरा है हमारे अन्दर ग्रहण की गयी यादे. आइये जानते है इन्हें और भी ज्यादा विस्तार से.

1.)  लाइफ में महसूस करना

सबसे common example की बात करते है. एक class में 40 बच्चे है और ज्यादातर किसी सब्जेक्ट में कमजोर होते है. जब टीचर कुछ पूछते है तो कई मौको पर ऐसा होता है की हमें उत्तर पता होता है लेकिन दुसरे लड़के मजाक बना देंगे ये सोच कर हम नहीं बता पाते है.

बाद में पता चलता है की उत्तर तो सही था लेकिन हमारे अन्दर ही उसे लेकर negative emotion था जो हमें response देने से रोक रहा था.

इसकी एक वजह ये रहती है की हम खुद और दुसरो के बारे में पहले से ही अलग धारणा बना लेते है. ऐसा उन लोगो के साथ ज्यादा होता है जो सोचते बहुत ज्यादा है या फिर अनावश्यक विचारो से घीरे रहते है.

इसलिए अगर आप भी जरुरत से ज्यादा किसी बात से परेशान होते है या सोचते रहते है तो सावधान हो जाइये क्यों की आप इस negative emotion को अपने अन्दर पाल रहे है.

2.)  top 3 negative emotion में से एक बीती जिन्दगी का दर्द

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है की आप पहली बार कुछ सीख रहे होते है और आप फैल हो जाते है या फिर आपको चोट लग जाती है, फिर आप उस काम को करना ही नहीं चाहते क्यों की आपका मन नहीं मानता.

मान लीजिये आप पहली बार साइकिल सीख रहे है और ऐसा करने के दौरान आप गिर जाते है. काफी टाइम बाद आप लाख कोशिश करते है लेकिन साइकिल सिखने की प्रेरणा आप में बनती नहीं है.

इसकी वजह है अन्दर से हार मान लेना जो एक बार फैल हो गया वो कभी उसमे सफल नहीं हो सकता. ये धारणा top 3 negative emotion में सबसे खतरनाक है और ज्यादातर लोग इससे परेशान रहते है. ये ऐसा emotion है जो काफी मुश्किलों के बाद ही दूर किया जाता है.

मुझे अच्छे से याद है जब में घर से दूर रहता था. मेरे दोनों भाई साइकिल चलाना सीख चुके थे लेकिन मेने कभी सिखने की कोशिश नहीं की क्यों की जब भाई ने साइकिल चलाई थी उसे चोट लग गयी थी.

ये बात अन्दर तक घर कर गयी और में हमेशा साइकिल से दूर भागने लगा. वक़्त बदला और साइकिल की जगह बाइक आ गयी लेकिन मेरा कभी मन नहीं किया की में बाइक सीख लू. ये सब negative emotion की वजह से था.

3.)  बड़ो से ली गयी यादे

बचपन में जब हम काफी छोटे और मन के कच्चे होते थे कोई भी आसानी से हमें कुछ भी सीखा सकता था. आपको याद तो होगा ही जब बदमाशी करते थे तो बड़े कहते थे की वहा भूत है, चुड़ैल है और वो ऐसा करने से तुम्हे खा जाएगी.

या फिर दूध ना पीने पर बिल्ली आ जाएगी और दूध पी जाएगी. ऐसी ही कई बाते जिनमे घर वाले हमारे अन्दर किसी चीज को लेकर negative emotion भर देते थे.

उन्हें ऐसा लगता था की ऐसा करना करने से हम उनके कण्ट्रोल में रहेंगे लेकिन कौन जानता था की उनका ऐसा करना हमारे अन्दर की हिम्मत ख़त्म कर देता था. इसका असर सिर्फ बचपन ही नहीं बड़े होने पर भी बना रहता था, तब तक जब तक की हम उस डर से खुद सामना ना कर लेते थे.

how to release top 3 negative emotion in Hindi

negative emotion यानि किसी को लेकर पहले से ही एक नकारात्मक भाव बना लेना और फिर उसे लेकर परेशान रहना ऐसा कोई नहीं चाहेगा. सभी चाहते है की वो किसी negative thinking में फंस कर अवसर को ना खो दे.

इसलिए इन top 3 negative emotion से छुटकारा पाने के लिए कुछ ऐसी तकनीक के बारे में बात करते है जो काफी कारगर है.

1.)  आँखों की गतिविधि के द्वारा negative emotion दूर करना

एक temporary but effective technique की बात करे तो आपने देखा होगा जब हम किसी चीज को लेकर हद से ज्यादा परेशान हो जाते है या सोचते रहते है तो कुछ देर बाद अचानक हम अपनी आँखों को फ़ैलाने और सिकुड़ने लगते है, पलके ऊपर निचे करना यू ही फालतू की activity नहीं होती है.

दरअसल जब हम ऐसा करते है तब हम विचारो से बाहर आ जाते है और हकीकत से रूबरू होते है.

ये सबसे ज्यादा काम में आने वाला तरीका है जो हर मनोवैज्ञानिक द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है. आप खुद इसे अनजाने में करते है और आपको पता भी नहीं होता है की ये आपकी कितनी मदद करता है.

जब हम किसी ऑब्जेक्ट, न्यूज़ पेपर, टीवी या किताब में ज्यादा देर एकटक देखते है तो हम reality और imagination में फर्क करना भूल जाते है.

ऐसी स्थिति कुछ देर के लिए बन जाती है जिसमे हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है. कुछ लोगो को ये नींद जैसा लगता है और फिर जब वो अलसाए से आँखों को फैलाते और सिकुड़ते है तो वापस reality में आ जाते है. अगर आप negative person के साथ deal करना सीखना चाहते है ये जरुर पढ़े.

2.)  Hypnotic regression

कई psychologist आपको एक समोहित करने वाली डिस्क के सामने बिठा देते है और जिस चीज को लेकर आप सबसे ज्यादा परेशान रहते है उसे बाहर निकाल देते है. ये सब process आपके emotion को बाहर निकाल कर उन पर सही solution और तर्क द्वारा उन्हें दूर करने से जुड़ी है.

आपको लगता है की इसका इलाज हो चूका है और आप उस चीज से डरना या दूर भागना बंद कर देते है. इसे past life regression कहते है जिसके बारे में हम पहले ही बात कर चुके है.

देखा जाए तो negative emotion को trigger condition के साथ ही किया जा सकता है.

आपके साथ फिर से वो घटना घटे जो आपको काफी परेशान करती है लेकिन उसका परिणाम बदल दिया जाए तो आपको लगने लगता है की वास्तव में हर बार ऐसा नहीं होता है और आप उस emotion से बाहर निकल जाते है जो आपको आगे बढ़ने से रोक रहा था. top 3 negative emotion को दूर करने के सबसे best तरीके में से एक यही माना गया है.

3.) Reiki a divine process to heal top 3 negative emotion

reiki भी उन process में से एक है जो healing करती है. negative emotion हमारे अंदर एक नकारात्मक उर्जा का निर्माण करते है क्यों की हमारी उर्जा विचारो से बनती है. reiki में energy healing के जरिये इन negative emotion यानी भावनाओं को दूर किया जाता है.

कभी गौर किया है हम reiki expert के पास क्यों जाते है ? जब हमारे विचारो में नकारात्मकता बढ़ने लगे तो समझ जाना चाहिए की हमारे अन्दर negative emotion की energy बन रही है.

इस energy को reiki द्वारा दूर कर दिया जाता है जिसकी वजह से शरीर में positive energy ब्लाक में flow करना शुरू कर देती है और हमें खुद में उत्साह और नयी उर्जा का संचार महसूस होने लगता है.

4.)  most popular negative emotion healing process – meditation

ध्यान द्वारा भी healing की process को fast किया जा सकता है. जब हम मैडिटेशन करते है तो हमारे अन्दर दबे हुए ऐसे विचार बाहर निकलना शुरू हो जाते है जो वास्तव में हमें आगे बढ़ने से रोकते है ये top 3 negative emotion से कोई भी एक हो सकते है.

इन्हें बाहर निकालने और दूर करने की process मैडिटेशन द्वारा बी संभव है.

ध्यान करते समय जब हम अनचाहे विचारो से परेशान हो जाते है जो की वास्तव मे negative emotion होते है, इन्हें रोकने या दबाने की कोशिश ना करे इन्हें आने दे. कुछ समय बाद आप पाएंगे की negative emotion और अनचाहे विचार ख़त्म हो चुके है और शुन्यता आ गयी है.

सिर्फ इतना ही नहीं आप खुद को दिनभर सकारात्मक, उत्साह से भरा हुआ और हल्का महसूस करते है. ये सब ध्यान द्वारा ही संभव है.

Read : छलावा यानि king paimon जैसी शक्ति को शैतान होने के बावजूद क्यों पूजते है लोग ? – रहस्यमयी जानकारी

top 3 negative emotion और मेरे personal thoughts

दोस्तों मेरा खुद का मानना है की जब हम लाइफ में अलग अलग चरण पर होते है जाने अनजाने negative emotion यानि अनचाहे विचार और उनसे घबरा जाने की वजह से काफी ऐसे मौके खो देते है जैसे की खुद को बेहतर साबित करना, प्यार का इजहार ना कर पाना, किसी चीज में पहल ना कर पाना या फिर दुसरो के सामने अपनी बात रखना वगेराह.

लाइफ में हमारे सामने आने वाले इन most top 3 negative emotion और उन्हें रिलीज़ करने पर लिखी गयी पोस्ट कही ना कही मै, आप और हम सभी की जिंदगी से जुड़ी हुई है.

उम्मीद करता हूँ आज की पोस्ट से आप बहुत कुछ सीख पाए होंगे. अगर आपको लगता है की आप खुद इन top 3 negative emotion से गुजर चुके है या गुजर रहे है तो हमें कमेंट में जरुर बताए.

हत्था जोड़ी और सियारसिंगी से जुड़े तंत्र प्रयोग करने से पहले इनकी सच्चाई जरुर जान ले

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truth behind hattha jodi and siyarsingi यानि सियारसिंगी और हत्था जोड़ी की सच्चाई कुछ समय पहले तक बहुत कम लोग ही जानते थे. पिछले महीने चले एक sting operation में इनसे जुड़ी कई ऐसी बाते सामने आई है जिसके बाद online astology service expert के बिच हडकंप मच गया है.

जानकारों की माने तो fraud vashikaran and astorlogy service specialist baba लोगो ने कुछ समय के लिए अपना काम बंद करने का फैसला तक ले लिया है.

अभी कुछ समय तक ऑनलाइन बिकने वाले इस प्रोडक्ट का आज serach करने पर नाम भी नहीं ये सब संभव हुआ है sting operation की वजह से जिसकी वजह से लोगो को इसकी सच्चाई पता चली.

हत्था जोड़ी की सच्चाई वास्तव में ये क्या होती है

हत्था जोड़ी और सियारसिंगी ये दोनों शब्द किसी से भी अनजान नहीं है. आज भी ज्यादातर लोग हत्था जोड़ी की सच्चाई से अनजान है.

जैसा की नाम से विदित है हत्था-जोड़ी एक ऐसी जोड़ी है जो दिखने दिखने में किसी पदार्थ का जुड़ा हुआ रूप है वही सियारसिंगी सियार के सिंग से ली गयी वस्तु है.

दोनों ही तंत्र में बहुत प्रसिद्ध है और इन्हें सुख समृद्धि के साथ साथ धन दौलत से भरपूर कर देने वाली मानी जाती है. आज की पोस्ट में हम जानने वाले है इनके पीछे जुड़ी सच्चाई.

हत्था जोड़ी की सच्चाई वास्तव में ये क्या होती है

अभी तक हम सभी ये मानते आ रहे थे की हत्था जोड़ी एक तंत्र पौधा होता है लेकिन अभी पिछले महीने चले एक sting operation के बाद इसकी सच्चाई सबके सामने आ रही है.

हम जिस हत्था जोड़ी को एक पौधे की जड़ समझ रहे थे वास्तव में वो monitor lizard नाम के एक जीव के penis के आसपास का हिस्सा होता है.

कुछ लालची लोग इसके लिए बेजुबान जीव को आग में तपा कर उसके इस हिस्से को निकाल कर लोगो को हत्था जोड़ी कह कर बेचते है.

youtube पर इस वक़्त delhi में चले एक sting operation में ये बात सामने आई है की online shopping, e-commerce sites पर इस वक़्त तंत्र से जुड़ी वस्तुओ की selling बहुत ज्यादा मात्रा में हो रही है.

शेर, चीते की खाल और दुर्लभ तंत्र वस्तुए इस वक़्त ऑनलाइन साइट्स पर देखने को मिल रही है. इसकी वजह से इन लोगो पर रोक लगाना बेहद जरुरी हो गया है क्यों की पैसो के लालच में कुछ लोग इन वस्तुओ को मनमाने दामो पर बेच रहे है.

हत्था जोड़ी की सच्चाई जानने के बाद सभी ऑनलाइन साइट्स ने इसे अपने स्टोर से हटा दिया है.

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सियारसिंगी क्या होती है

सियारसिंगी के बारे में कहा जाता है की ये सियार के माथे पर उभरी हुई एक हड्डी होती है. तंत्र में इसका प्रयोग समृद्धि लाता है इसलिए लोगो के बिच इसका क्रेज देखने को मिल रहा है. इस वजह से शिकारी जिन्दा जानवरों को मारकर उनके शरीर के हिस्से बेचने में लगे हुए है.

सियारसिंगी अलग अलग साइज़ की होती है जो की उम्र के साथ बढती है. अगर किसी प्राकृतिक मौत से मरने वाले सियार की सियारसिंगी आपको मिल जाए तो नसीब होगा क्यों की ये बहुत ही दुर्लभ और सही मायने में तंत्र के लिए परफेक्ट मानी जाती है.

आपको हत्था जोड़ी की सच्चाई के बारे में मालूम होना चाहिए.

Devils bible

तंत्र के बढ़ते प्रयोग और इसकी service के चलते कुछ लोगो पर इसका इतना बुरा असर पड़ा है की वो इसे ऊँचे दामो पर बेचने लगे है.

पहले ऐसी चीजे किसी किसी को मिलती थी लेकिन अब हर किसी को ये मिल सकती है जरुरत है तो बस उसकी मुहमांगी कीमत चुकाने की.

जो भी लेकिन इसकी कीमत तो बेजुबान जानवर ही चुकाते है. इसकी वजह से सियार की प्रजाति भी खतरे में आने लगी है.

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हत्था जोड़ी की सच्चाई और monitor lizard

monitor lizard छिपकली की एक प्रजाति है जो साइज़ में बड़ी होती है. इनका साइज़ राजस्थान में पाए जाने गोयरा, सांडा जैसे जीव से मिलता जुलता है. मुख्यत ये प्रजाति अफ्रीका, एशिया और अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखने को मिल जाती है.

एशिया में और अफ्रीका में इसका बहुत ज्यादा मात्रा में शिकार किया जा रहा है जिसकी वजह है हत्था जोड़ी.

अभी तक बताया जा रहा था की ये एक तंत्र पौधे की जड़ से मिलता है लेकिन sting operation चलने के बाद इसकी सच्चाई लोगो को पता चल रही है.हो सकता है ये जानने के बाद की जो हत्था जोड़ी आप खरीद रहे है वो monitor lizard नाम के जीव के penis का हिस्सा है.

क्या आप पहले हत्था जोड़ी की सच्चाई के बारे में जानते थे ?

लोग इसे लेने से पहले 100 बार सोचेंगे जरुर.ज्यादातर लोग कम समय में फायदा देने वाली शक्ति की आराधना करने लगते है जो की आगे चलकर उन्हें नुकसान पहुंचाती है.

असली तंत्र वस्तु कैसे काम करती है

एक्सपर्ट का कहना है की लोग ऊँचे दाम देकर इन तंत्र वस्तुओ को खरीद तो लेते है लेकिन ये काम नहीं करती है जिसकी वजह है जबरदस्ती इन चीजो को हासिल करना. तंत्र में काम आने वाली चीजे अपने आप अलग हुई हो तब अच्छे से काम करती है.

किसी जानवर की मौत के बाद उसके शरीर से इन चीजो को हासिल करना चाहिए.

hajrat sadhna

दुर्लभ चीजे इतनी आसानी से उपलब्ध नहीं होती है जिसकी वजह से लोग इनकी तलाश में भटकते रहते थे. जब से पूरा विश्व डिजिटल युग बना है हम किसी भी चीज को आसानी से पा सकते है. इसी वजह से लालची लोग जानवरों को मारकर इनके शरीर से इन चीजो को निकाल लेते है.

ये बिलकुल गलत होता है और तंत्र की सही जानकारी ना होने की वजह से ये चीजे सिद्ध भी नहीं होती है.

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हत्था जोड़ी की सच्चाई – अंतिम शब्द

सियारसिंगी और हत्था जोड़ी की सच्चाई जान कर आप भी ये सोचने पर मजबूर हो जायेगे की कैसे कुछ लोग पैसो के लिए बेजुबान जानवरों को मारने में लगे हुए है.

डिजिटल युग हमारे भले के लिए है लेकिन इसका दरुपयोग होने की वजह से कई बार हम सोचने पर मजबूर हो जाते है की ऐसी सुविधा किस काम की जिसका इस तरह से दरुपयोग किया जा रहा हो. आप लोग सियारसिंगी और हत्था जोड़ी को लेकर क्या सोचते है कमेंट के माध्यम से हमें जरुर बताए.

आप चाहे तो कुछ सरलतम शाबर मंत्र की साधना का अभ्यास कर सकते है.

निवेदन : माना की हम सबके सपने है कामयाब बनने के लेकिन इसके लिए कभी भी गलत रास्ता नहीं चुनना चाहिए. जिस तरह से आजकल कुछ लोग अपने फायदे के लिए तंत्र मंत्र यन्त्र का सहारा लेते है उन्हें ये पता ही नहीं होता है की इसका उन पर क्या असर होगा. कुछ पल के सुख के लिए जीवन भर का दुःख ना ले. सच्चाई के साथ चले.

इन खास वजह से त्राटक को ध्यान की तुलना में बेस्ट माना जाता है आप कौनसी वजह मानते है ?

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त्राटक है ध्यान से बेहतर कैसे ? दोनों ही मन को साधते है,  नियंत्रण मजबूत बनाते है यहाँ तक की अनुभव भी होते है। लेकिन फिर भी त्राटक ध्यान से बेहतर है इसकी वजह है इनके पीछे के सिद्धान्त।

आप ध्यान को बिना नियम करे तो आगे बढ़ नहीं सकते है जबकि त्राटक कम नियम में भी ध्यान से बेहतर अनुभव करवा सकता है।

खासतौर से तब जब आप साधना में नए नए हो। ध्यान मन का संयम कर अपने अंतर को जाग्रत करता है वही त्राटक अवचेतन मन को जाग्रत कर आपकी कल्पनाओ और शक्तियों को जाग्रत करता है।

what is better meditation or tratak ? why tratak is better than meditation in Hindi ?

त्राटक है ध्यान से बेहतर
बात करे उन वजह की जो बताती है की त्राटक है ध्यान से बेहतर तो सबसे पहले आपको बेसिक जान लेना चाहिए. हम बगैर किसी मकसद के कोई कार्य नहीं करते है। हर कार्य के पीछे कोई न कोई वजह होती है ऐसे में हमारे काम करने का तरीका क्या होता है : पहला काम को बेहतर से बेहतर तरीके से किया जाए, दूसरा काम में लगने वाला वक़्त कम और फायदा ज्यादा हो।

यानि एक बेहतर विकल्प जिससे हमारा काम आसानी से पूरा भी हो जाये और हमें वो हासिल हो जो हम चाहते है। अब सवाल ये उठता है की क्या विकल्प आपको वो दे सकता है जो आप चाहते है ?

आज हमने हर सुविधा के विकल्प बना लिए है तकनीक में सुधार कर और उसे और भी बेहतर बनाया है ऐसे में ना सिर्फ हमारा वक़्त बचा है बल्कि हमने इच्छित लक्ष्य हासिल भी किया है। इसलिए हम कह सकते है की विकल्प का चुनाव करना कोई बुरा आईडिया नहीं है।

लेकिन ! इसके लिए जरुरी है की आप विकल्प की खुबिया और कमिया दोनों जानते हो। ऐसे में आप न सिर्फ बेहतर काम कर पाएंगे बल्कि अच्छे परिणाम भी हासिल करेंगे। आज हम बताने जा रहे है त्राटक या ध्यान दोनों में बेहतर क्या है ?

त्राटक या ध्यान दोनों में बेहतर क्या है ?

मुश्किल काम कोई नहीं करना चाहता है खासतौर से तब जब उसके विकल्प मौजूद हो। ऐसे में हम हमेशा कम समय के विकल्प का चुनाव करते है। त्राटक है ध्यान से बेहतर :

  • साधना का समय
  • विचारो पर नियंत्रण
  • कम समय में आत्मविश्वास जगाना
  • ध्यान की तुलना में जल्दी शून्यता का अनुभव
  • अभ्यास और नियम

त्राटक है ध्यान से बेहतर क्यों की इसमें कम समय में मानसिक अवस्था को प्राप्त किया जा सकता है. त्राटक ध्यान से बेहतर इसलिए भी माना जाता है क्यों की ये भी ध्यान की शुरुआत का एक भाग साबित हो चूका है क्यों की इसकी कार्यप्रणाली भी ध्यान की तरह ही है खासतौर से मन के शांत होने की।

आइये बात करते है त्राटक ध्यान से बेहतर क्यों है। इसके लिए हमने कुछ पैरामीटर लिए है जिनके आधार पर आप भी त्राटक का चुनाव कर सकते है।

त्राटक है ध्यान से बेहतर : साधना का समय

त्राटक में हम कम समय में अपने मन की चंचलता को नियंत्रित कर सकते है। ऐसा इसलिए क्यों की इंसानी मानसिकता खुद से नहीं दुसरो से प्रेरित होती है।

हम खुद के विचारो से इतना प्रभावित नहीं होते है जितना दुसरो के विचारो से फिर चाहे वो सकारात्मक हो नकरात्मक। 

कहने का सीधा सा मतलब है विचारो का प्रभाव जिसे आप आजमा सकते है। आपका दोस्त आपको कहे की यार आप आज बहुत ही स्मार्ट लग रहे है तो आपके अंदर आटोमेटिक एक नयी ऊर्जा बहने लगती है आप खुद को बदला और स्मार्ट देखने लगते है।

Candle gazing meditation

वही आप खुद से अगर 10 बार भी कहेंगे की में स्मार्ट लग रहा हूँ तो आपके मन में ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।

अगर कोई आपको कहे की आप आज इतने उत्साहित नहीं लग रहे है तो आप कुछ समय बाद खुद-ब-खुद निस्तेज और बेरुखे हो जाते है। क्यों की आपका मस्तिष्क इस प्रणाली पर सेट है।

पढ़े : दर्पण त्राटक साधना करने से पहले जान ले इसके छिपे हुए खतरों के बारे किस तरह साधना के दौरान दर्पण साधक को प्रभावित करता है

त्राटक साधना में कम समय में दे आत्मसुझाव

त्राटक में अगर कोई ये समझता है की सिर्फ आंखे खोल कर बिंदु को देखते रहने से आप शांत और अनुभव करेंगे तो आप गलत है।

त्राटक में 2 चीजे काम करती है। पहला एक बाह्य माध्यम जो आपका मास्टर बनता है दूसरा आपके आत्मसुझाव इन दोनों का मिश्रण ही आपको कम समय में चंचलता पर नियंत्रण पाने में मदद करता है। वही दूसरी ओर

ध्यान में आप खुद के मास्टर होते है। वह सिर्फ एक ही चीज है और वो है आत्मसुझाव जिसमे आप खुद के विचारो को रोकने की कोशिश करते है।

लेकिन आपका माइंड एक जगह सेट ना होने की वजह से आप लंबे समय तक भी ध्यान में गहराई में नहीं उतर पाते है। ये हर जगह लागू नहीं होता है सिर्फ शुरुआती साधना के बारे में ही ये लागू होता है।

विचारो पर नियंत्रण नहीं है मुश्किल

जैसा की मेने ऊपर बताया हम खुद को मोटीवेट नहीं कर पाते है खासतौर से तब जब हम विचारो से घिरे होते है।

ऐसे में क्या होगा जब हमारे विचारो को एक जगह पर फोकस करने का माध्यम मिल जाये। हमारी आंखे जितना देखती है उतना ही सोचती है। आंखे बंद होने के बाद भी कोई पॉइंट न मिलने की वजह से हमारा मन अनंत में चलता रहता है।

side efeect of multiple tratak practice at same time in hindi

ऐसे में एक पॉइंट द्वारा हम विचारो को पहले फोकस करते है फिर न्यूनतम विचार और अंत में हमारे आत्मसुझाव पर फोकस होते है। ऐसी कई वजह है जो त्राटक है ध्यान से बेहतर को और भी ज्यादा मजबूती देती है.

जब की ध्यान में हमें आज्ञा चक्र या सांसो पर केंद्रित होना पड़ता है। कुछ समेत पश्चात् आपके सांसो की लय आप भूल जाते है या फिर आज्ञा चक्र पर केंद्रित नहीं हो पाते है क्यों ?

क्यों की आपका मन सुझाव पर काम नहीं कर पाता है। और त्राटक में हमारे विचार लगातार चलते जरूर है लेकिन एक पॉइंट पर फोकस होकर। त्राटक है ध्यान से बेहतर क्यों की कम वक़्त में विचारो पर नियंत्रण पाना संभव है।

पढ़े : खोये हुए प्यार और आकर्षण को वापस जगाने के लिए इस्लामिक वजीफा

ध्यान की तुलना में जल्दी विचार शून्यता का अनुभव

त्राटक में हम विचारो को लगातार एक जगह फोकस करते रहते है जिसकी वजह से हम खुद का संयम कर लेते है और पता ही नहीं चलता है की कब हमने शून्यता में प्रवेश कर लिया।

जब की ध्यान में हम विचारो का शमन करते है उन्हें रोकने का प्रयास करते है जिसकी वजह से विचार लगातार ना सिर्फ चलते रहते है।

thoughtless awareness in tratak meditation

बल्कि आप खुद उनमे भ्रमित होते जाते है और कई देर बाद आपको पता चलता है की आप जहा से चले थे वही है।

ध्यान में मानसिक थकान

मन को साधना बड़ा मुश्किल काम है पर त्राटक में हम बार बार आत्मसुझाव द्वारा इसे संभव बना लेते है। ध्यान में लंबे समय तक बैठे रहने के बाद हमें मानसिक थकान का अनुभव होने लगता है।

त्राटक में हम लगातार घंटो तक करे तब भी हमें थकान नहीं होती है दर्पण त्राटक इसका सबसे बड़ा उदहारण है।

त्राटक है ध्यान से बेहतर क्यों की इसमें मानसिक थकावट ना के बराबर होती है।

पढ़े : क्या आप जानते है जब एक शैतानी शक्ति इंसानी शरीर पर कब्ज़ा करती है तब क्या क्या बदलाव होते है ?

नियम और अभ्यास

ध्यान में आपको लगातार लंबे समय तक खुद को साधना पड़ता है। क्यों की कुछ दिन करने के बाद अगर छोड़ दे तो मन की गति फिर से चलने लगती है और बाद में हमें ज्यादा मुश्किल हालात का सामना करना पड़ता है।

जबकि त्राटक में कुछ दिन करने के बाद ( महीना ) अगर हम कुछ दिन ना करे तो यदपि मन चंचल होने लगे या फिर आपका मन फिर से भागने लगे फिर भी आप थोड़े से अभ्यास द्वारा खुद को नियंत्रित कर सकते है

त्राटक है ध्यान से बेहतर ये मेरे अपने विचार है। त्राटक बाह्य ध्यान ही है और ध्यान अंतर साधना।

अगर आपको लगता है की ध्यान ज्यादा बेहतर है तो आप अपने तर्क कमेंट में रख सकते है। आज की पोस्ट त्राटक है ध्यान से बेहतर आपको कैसी लगी हमें जरूर बताये।

शरीर में औरा क्षेत्र को balance करने के इन फायदे को जान कर आश्चर्यचकित रह जाओगे

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how to balance energy in your body यानि शरीर में प्राण उर्जा की मात्रा को कैसे बढाए और balancing your energy field जिसके जरिये हम अपनी उर्जा का सही इस्तेमाल कर सकते है. Aura balance therapy एक ऐसी therapy है जो शरीर में औरा क्षेत्र को संतुलित करने का काम करती है.

Energy balancing definition के अनुसार शरीर में उर्जा के क्षेत्र को संतुलित कर शरीर के हर हिस्से को उर्जमय बनाया जा सकता है. Grounding spiritual energy एक ऐसी प्रक्रिया जिसके जरिये हम Aura cleansing benefits ले सकते है.

ज्यादातर लोग how to cleanse your aura at home या फिर self-aura cleansing की process की तलाश करते है ताकि किसी भी तरह की negative energy को दूर किया जा सके. आज बता करने वाले है benefit of balancing energy field की.

benefit of balancing energy field

हर इन्सान का औरा क्षेत्र उसके व्यक्तित्व को प्रभावित करता है.

अगर हम किसी व्यक्ति के पास से गुजरे या उनके साथ कुछ पल गुजारते है तो हमें अच्छा, बुरा, उत्साहित कर देनी वाली फीलिंग, आकर्षण या फिर कमजोरी महसुस होती है जिसकी वजह है दो व्यक्तियों के औरा क्षेत्र के परस्पर मिलना. इससे ही हम खुद की कई समस्या का समाधान खुद कर सकते है. तो आइये जानते है. aura cleansing benefits की.

benefit of balancing energy field

अगर आप एक साधक है और किसी भी प्रकार की साधना कर रहे है तो आपको पता होना चाहिए की औरा क्षेत्र को घनीभूत क्यों बनाये रखना चाहिए. एक इन्सान का औरा क्षेत्र यानि energy field जितना मजबूत होगा वो उतना ही दुसरो के मुकाबले strong होगा और आसपास के लोग उसकी और आकर्षित होंगे.

चलिए जानते है benefit of balancing energy field जिन्हें जानने के बाद आप अपने energy field को और भी ज्यादा मजबूत करने पर ध्यान देंगे.

1.) किसी भी स्थिति को साफ साफ समझने की क्षमता

हमारा energy field यानि औरा क्षेत्र जिसे कुछ लोग कवच की परिभाषा भी देते है तो मै आपको बता दू की आपका औरा क्षेत्र जितना मजबूत होगा उतना ही मजबूत आप सुरक्षा कवच बना सकते है. औरा क्षेत्र के अलग अलग color आपके व्यक्तित्व और nature को निर्धारित करते है. सबसे बड़ा benefit of balancing energy field यही है की ये जितना strong होगा दुसरे लोग आपसे उतने ही प्रभावित होंगे.

मान लीजिये की आप किसी ऐसी field से है जिसमे आपको एक साथ कई लोगो से मिलना पड़ता है जैसे की एक सेल्समेन, टीचर या फिर एक business men अगर आपका औरा क्षेत्र मजबूत होगा तो आप आसानी से अपने आसपास के लोगो को आपकी बात सुनने और मानने के लिए मजबूर कर सकते है.

हम सभी अक्सर छोटी छोटी बातो से घबरा जाते है जिसकी वजह होती है हमारी vision capacity यानि किसी भी स्थिति को समझने की क्षमता दुर्बल होना. इसकी वजह से हम अक्सर छोटी छोटी problem को भी बहुत बड़ा मान कर घबरा जाते है जबकि विचार करने पर पता चलता है की ये बहुत छोटी और आसानी से solve की जाने वाली problem है. यही वजह है की आपको अपने औरा क्षेत्र को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए.

2.) benefit of balancing energy field – higher vibration rate

क्या आपने कभी कुछ ऐसा महसूस किया है की आप अकेले में बैठे किसी समस्या पर विचार कर रहे है और तभी आपके मन में उस समस्या के समाधान से जुड़ा solution आ जाता है. कुछ लोगो के साथ ऐसा भी होता है की उनके मन में न सिर्फ solution आता है बल्कि उनका मन उस solution को अजमाने के लिए बैचेन हो जाता है या फिर जब तक वो उसे आजमाते नहीं है उनके मन में ये solution गूंजता रहता है. अंतर्मन की आवाज को जगाना एक और सबसे बड़ा benefit of balancing energy field है.

ये उन लोगो के लिए काफी फायदेमंद है जिनका अभी तक कोई मार्गदर्शक या गुरु नहीं है. इस प्रक्रिया के जरिये हम personal vibration की rate को higher level तक ले जा सकते है जहा हमें spiritual guide की प्राप्ति हो सकती है. यकीन मानिये ऐसा हो जाने के बाद आपको कुछ हद साधना में आगे बढ़ सकते है.

3.) जीवन में आगे बढ़ने के अवसर में सफलता

जब हम अपनी energy field को balance करना सीख जाते है तो किसी भी स्थिति को साफ साफ समझने लगते है साथ ही हमारे अंतर्मन की आवाज भी हमें सही दिशा देने लगती है इन सबका फायदा हमें लाइफ में आगे बढ़ने में मिलता है. हम सही अवसर का लाभ उठाने से चुकेंगे नहीं तो सफलता मिलना भी निर्धारित हो जाता है. अगर आप विवेक और सफलता चाहते है तो आपको अपने energy field को stronger बनाने पर जोर देना चाहिए.

4.) benefit of balancing energy field -आत्मज्ञान का अद्भुत प्रकाश

जब आपका औरा क्षेत्र पूरी तरह से balance और strong होता है तो आप अपने चारो ओर एक ऐसी energy field को खुद महसूस कर सकते है जो आपमें amazing changes लाती है. इसमें आपका शारीरिक और मानसिक रूप से शांत, सौम्य बनना और किसी भी तरह के छोटे-मोटे negative energy के effect से अप्रभावित रहते है.

अगर spiritual world और benefit of balancing energy field की बात करे तो astral world में प्रवेश करते समय आप पर negative energy का attack हो सकता है. इससे बचने के लिए और astral travel की शुरुआत के लिए आपको अपने energy field को मजबूत बनाने पर फोकस होना चाहिए.

5.) amazing benefit of balancing energy field – सोहार्दपूर्ण व्यव्हार

हमारा मन तभी परेशान रहता है जब हम अपनी energy को फोकस नहीं कर पाते है. एक बार जब ये energy सही तरह से body में flow करने लगती है तो हमारे अन्दर एक आश्चर्यजनक बदलाव महसूस किया जा सकता है. एक ऐसी मानसिक शांति जिसके लिए हर कोई भटकता रहता है. हजारो रुपये देकर भी हम उस शांति को नहीं पा सकते जो हमें सिर्फ हमारे energy field को balance करने से मिल सकती है.

शरीर में प्राण के प्रवाह को ही आकर्षण उर्जा, विद्युत् उर्जा और प्राण शक्ति ( सम्मोहनी शंक्ति ) में बदला जाता है. न्यास ध्यान के जरिये हम आसानी से प्राण को इस स्तर तक बढ़ा सकते है की हमारा शरीर इस उर्जा से प्रभावित हो जाए. इसका असर हमारे मानसिक और शारीरिक व्यव्हार में बदलाव में देखा जा सकता है.

इसके अलावा benefit of balancing energy field में से एक है भौतिक जगत में रहते हुए भी इससे प्रभावित ना होना. हमारा मन शांत हो जाता है तो हम आसानी से अपना पूरा ध्यान अपने अंतर की यात्रा में लगा सकते है. आप भी इतने सारे benefit उठा सकते है वो भी सिर्फ अपने औरा क्षेत्र को बढ़ा कर तो आज ही न्यास ध्यान द्वारा अपने energy field को बढाइए और इसका लाभ उठाए.

Read : घर में रखे पुराने दर्पण की वजह से आपको हो सकता है पारलौकिक शक्तियों के होने का अहसास

final word on benefit of balancing energy field

अब तो आप समझ ही गए होंगे की energy field को balance करने के फायदे क्या क्या है और क्यों आपको इसे बढाने पर फोकस हो जाना चाहिए. मैंने खुद अपने साधना क्षेत्र की शुरुआत औरा क्षेत्र को मजबूत बनाने के बाद की थी जिसकी वजह से ना सिर्फ साधना में सफलता तेजी मिली बल्कि एक spiritual guide भी.

हर वो चीज जिसके लिए हम प्रयासरत रहते है की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे benefit of balancing energy field आपको जरुर ध्यान देना चाहिए.

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ब्रेकअप होने के बाद क्या करे क्या नहीं ताकि इसके दर्द से बाहर निकल सके – love guru tips 2018

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ब्रेकअप के कारण क्या है और ब्रेकअप कैसे करे जैसी समस्या से आज की युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा परेशान है. जब किसी का दिल टूटता है तो वो सबसे पहले किसी को भुलाने के तरीके खोजता है.

अगर बात करे लडकियों की तो ब्रेकअप के बाद क्या करती है लड़कियां और एक चीज खोया प्यार पाने के उपाय जो लड़के लड़किया सबसे ज्यादा सर्च करते है तो उन्हें बता दे की इसका solution वो ही कर सकते है और कोई नही.

क्या होता है जब किसी का दिल का टूटता है ? सबकुछ इतना कुछ अच्छा चल रहा होता है और अचानक वो होता है जिस पर विश्वास करना आपके लिए बेहद मुश्किल होता है. बात करने वाले है breakup से बाहर निकलने के tips की.

breakup से बाहर निकलने के tips

अगर दिल टूटता है तो उस स्थिति से बाहर कैसे आए. कैसे संभाले खुद को ब्रेकअप के बाद, कैसे ब्रेकअप के दर्द से बाहर निकले. अगर आपका ब्रेकअप हो गया है तो ब्रेकअप के बाद क्या करे क्या नहीं.

आज हम बात करने वाले है ब्रेकअप के सदमे से बाहर कैसे आये के top 10 tips Hindi में. दिल टूट जाए तो उस स्थिति से बाहर कैसे निकले और ब्रेकअप के बाद खुद को कैसे संभाले जैसा टॉपिक हर युवा जानना चाहता है. अगर आप अकेले है तो ब्रेकअप के बाद होने वाले depression से बाहर कैसे निकले.

breakup से बाहर निकलने के tips hindi में

जब भी किसी का ब्रेकअप होता है तो उसके लिए किसी भी स्थिति को समझना बेहद मुश्किल हो जाता है. क्या करे क्या नहीं इन सभी बातो को लेकर मन में उलझन बनी रहती है और हम अक्सर खुद को गिल्टी की भावनाओ से भर लेते है. अगर आप जानना चाहते है breakup से बाहर निकलने के tips और खुद को मेंटली strong बनाना तो निचे दिए गए आसान tips फॉलो करे.

#breakup से बाहर निकलने के tips को समझे और तय करे क्या करना है

जब दिल टूटता है तो आपके पास दो option होते है पहला इसके दर्द को अपनी नियति मान कर उसे झेलते रहे या फिर दूसरा option उस स्थिति से डील करना, आप इन दोनों में से किसी एक का चुनाव कर सकते है.

कई लोग होते है जो दिन रात दुसरो से अलग थलग रह कर इसके दर्द को झेलते रहते है, बार बार इसी के बारे में सोचते रहते है आप इसे अच्छे से डील कर सकते है. चुनाव आपको करना है की इसे झेले या इसका सामना करे. एक बार आप मानसिक रूप से खुद को तैयार कर लो तो आपके लिए ऐसी स्थिति से निपटना आसान हो जायेगा.

#खुद को दोष देना छोड़ दे

कई बार ऐसा देखने को मिलता है की हम दुसरो से अलग थलग पड़े ब्रेकअप के लिए खुद को दोषी समझने लगते है और बार बार गिल्ट feel करते रहते है. अगर आप लाइफ में आगे बढ़ना चाहते है तो आपके पास ऐसी कोई जगह नहीं है जहा आप गिल्टी feel करो.

breakup से बाहर निकलने के tips को खुद पर लागु करने से पहले इस स्थिति को समझना बेहद जरुरी है क्यों ? आइये जानते है.

भावनाओ को क्रूरता के साथ दबाना बंद करो

ब्रेकअप की स्थिति से बाहर निकलने के लिए हम खुद को टार्चर करना शुरू कर देते है. में ऐसा नहीं करुँगी उसके सामने नहीं जाउंगी या फिर उसके बारे में सोचूंगी ही नहीं. ऐसे ही विचार आप सोचते है लेकिन आपका mind ना चाहते हुए भी उन पलो की ओर बार बार आ ही जाता है.

अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो खुद के प्रति क्रूर ना बने. healing की process वक़्त लेती है.

अगर आप चाहते है आप ऐसी स्थिति में ना फंसे तो इसे natural तरीके से heal करने की कोशिश करे.

माना की दिल के घाव भरने में वक़्त लगता है लेकिन वक़्त सब जख्मो की दवा है और breakup से बाहर निकलने के tips आपको ब्रेकअप की स्थिति से बाहर निकल कर अच्छी शुरुआत करने में मदद करेंगे.

अपने शौक को और भी ज्यादा मजबूत करो

हर किसी का अपना शौक होता है hobby होती है खेलना, नाचना, चित्रकारी कुछ भी. ब्रेकअप के बाद अगर आप खुद को बिजी रखना चाहते है तो hobby पर ध्यान दे इससे न सिर्फ आपकी hobby मजबूत होगी बल्कि इसका आप पर सकारात्मक मानसिक प्रभाव भी पड़ेगा.

हर व्यक्ति का अपना एक mindset होता है. किसी भी परिस्थिति से डर कर उसे झेलते रहना या फिर ignore करना, दूसरा उसे एक चैलेंज के तौर पर डील करना. फैसला आपके हाथ में गलतियों पर बार बार गिल्टी महसूस कर खुद को कमजोर बनाना या फिर उन्हें चैलेंज समझकर डील करना.

खुद को अच्छा और अच्छा कैसे बनाए

जब हम breakup से बाहर निकलने के tips के जरिये इस स्थिति को समझ जाते है तो हम मेंटली इससे बाहर निकलने के लिए तैयार हो जाते है अब हमें जरुरत पड़ती है की खुद को ना सिर्फ इस स्थिति से बाहर निकाले बल्कि strong भी बने. इसलिए ब्रेकअप के सदमे से बाहर निकलने के लिए खुद से सवाल करे की आप मेंटली कैसे है.

breakup से बाहर निकलने के tips पूछे खुद से आप मेंटली कैसे है ?

सुनने में अजीब लगता है लेकिन आप मेंटली कैसे है ये आपके बारे में बहुत कुछ बता देता है. शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक इन तीनो स्तर पर स्वस्थ इन्सान किसी भी healing process को जल्दी ही adopt करना शुरू कर देता है. ये आपको गुस्से, नफरत से दूर रखने में मदद करता है. खुद को और दुसरो को जितना जल्दी आप माफ़ कर देते है उतना ही जल्दी आप healing का benefit उठा सकते है.

खुद के टारगेट पर फोकस होना शुरू कर दे

हर किसी का लाइफ में कुछ ना कुछ टारगेट होता है, कुछ सपने होते है आप भी ऐसा ही कुछ कर सकते है. खुद को बिजी रखने का सबसे अच्छा जरिया हो सकता है. जब हम किसी चीज से हर्ट होते है है तो अपने टारगेट को लेकर और भी ज्यादा conscious हो जाते है.

ऐसे लोगो से जुड़े जो आपको समझते हो

सिर्फ दोस्त बनाना काफी नहीं होता जरुरत होती है ऐसे दोस्त बनाने की जो आपको समझते हो. परिवार के बाद आपके दोस्त ही है जो आपको अच्छे से समझ सकते है. उनके साथ कही घुमने जाइये, शौपिंग करे, कुछ भी जो आपको ख़ुशी दे या आपका ध्यान इन चीजो से हटाकर दूसरी ओर ले जा सके.

अगर आपका अभी अभी ब्रेकअप हुआ है तो दोस्तों से इस बारे में शेयर जरुर करे. आपके दोस्त आपका ध्यान ऐसी चीजो से हटाने में पूरी मदद करेंगे जो आपको उदास करे. वो कहते है ना की

“दोस्त इतने कमीने होते है की कोई परेशानी अगर उनके साथ शेयर करे तो ऐसे ऐसे solution देते है की साला परेशानी क्या है ये ही भूल जाते है”.

breakup से बाहर निकलने के tips के अनुसार आपके ऐसे दोस्त जो आपको समझते है उनकी मदद से आप किसी भी तरह के ब्रेकअप के सदमे से बाहर निकलने में मदद कर सकते है.

breakup से बाहर निकलने के tips सबको माफ़ कारण सीखो

किसी को भी तुरंत माफ़ कर देने का ये मतलब नहीं की हम उसे सीधा अपनी नियति मान कर उसके दर्द को सहन करने लगते है बल्कि हम ऐसा कर किसी भी तरह के गुस्से और नफरत की भावना को अपने से दूर रखते है. किसी को भी माफ़ कर देना मतलब कुछ भी नहीं सीखना ऐसा नहीं है. ये एक प्रक्रिया है जिसमे हम खुद को और दुसरो को माफ़ कर लाइफ में आगे बढ़ने के पाठ सीखते है.

मैडिटेशन, spiritual गाइड से connect होना शुरू करे

मैडिटेशन और अपने मन की आवाज को सुनना एक अच्छा माध्यम हो सकता है किसी भी तरह की problem से खुद को healing करने का. जब भी कोई बड़ा फैसला हमें लेना होता है हमारा spiritual guide हमें इसके बारे में गाइड जरुर करता है लेकिन बाहरी शोर में हम इतने फंसे हुए है की उस आवाज को सुन ही नहीं पाते है.

आज ही मैडिटेशन करना शुरू कर दे फिर देखिये किस तेजी से आप खुद को heal करना सीख लेते है.

कुछ वक्त निकाले सिर्फ अपने लिए

हमें कुछ वक़्त खुद के लिए निकालना चाहिए. ये वक़्त ऐसी जगह बिताए जो आपके दिल के सबसे ज्यादा करीब हो, जहा वक़्त बिताना आपको अच्छा लगता हो. किसी भी तरह के नफरत और गुस्से को एक ओर छोड़ कर आराम से खुद से बात करे.

खुद को समझने की कोशिश करे इससे आपको खुद से प्यार होने लगेगा और आप किसी भी तरह की दूसरी भावनाओं से आसानी से खुद को निकाल सकते है.

खुद के लिए कुछ करना सीखे – advanced breakup से बाहर निकलने के tips

अक्सर देखने में आता है की जो लोग दुसरो का ख्याल रखते है, ओरो की परवाह करते है उन्हें ही सबसे ज्यादा दुःख मिलता है. इसकी वजह रहती है खुद के लिए कुछ ना करना.

अगर आप खुद के लिए कुछ नहीं करते है तो आपको खुद से प्यार नहीं होगा, खुद को जान नहीं पाएंगे और जब तक हम खुद को वक़्त ना देंगे तब तक कुछ भी अच्छा नहीं कर पाएंगे.

दुसरो की परवाह करना अच्छी बात है लेकिन इसके चक्कर में खुद को भुला देना भी सही नहीं. खुद के लिए वक़्त निकाले और कुछ ऐसा करे जो आपको पूरी तरह खुश कर सके. जब अप ऐसा कर लोगे तो किसी भी ब्रेकअप या फिर उदासी की स्थिति से खुद को तेजी से बाहर निकाल पाओगे.

Read : 8 मुख्य कारण जिनकी वजह से वशीकरण का उपाय काम नहीं करता है वशीकरण के फ़ैल होने की सबसे बड़ी वजह

breakup से बाहर निकलने के tips – final word

ब्रेकअप के कारण खुद खुद को परेशान करने की बजाय इसके सदमे से बाहर कैसे निकले के बारे में काफी कुछ ऐसी बाते है जो में खुद देख चूका हूँ. किस तरह खोया प्यार पाने के उपाय के लिए लड़के और लड़किया बाबा लोगो से request करते है और मिलता है उन्हें सिर्फ धोखा.

अगर इस तरह की condition से आपको कोई बाहर निकाल सकता है तो वो सिर्फ आप है इसलिए अगर आपका ब्रेकअप हो गया तो किसी बाबा लोग के चक्कर में ना पड़े, mentally strong बने ताकि आपका lover खुद आपके पास चल कर आए.

इससे जुड़ी ये pdf guide जो कोई भी आसानी से घर बैठे कर सकता है आप ले सकते है.

आज की पोस्ट breakup से बाहर निकलने के tips पूरी तरह से मनोवैज्ञानिक तरीके पर आधारित है.

अगर आप फिर भी चाहते है की आपके lover को इसका अहसास हो की वो आपके साथ गलत कर रहा है तो मेंटली strong बन कर हमारे pdf गाइड को आजमा कर देखे. पोस्ट अच्छी लगे तो अपने विचार जरुर रखे और इसे शेयर और subscribe करना ना भूले.

बार बार साधना के बावजूद सफलता नहीं मिल रही है तो इन बातो पर गौर जरुर करे 12 Common Mistake and their Solution

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क्या आप जानते है की अक्सर की गई साधना फैल क्यों हो जाती है ? हम प्रयास करते है किताबो से पढ़कर लोगो से सुनकर लेकिन टोने टोटके में सफलता हासिल नहीं होती है.

इसके लिए आपको ध्यान रखना चाहिए तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते और कर्म के अनुसार की जाने वाली साधना ताकि आप सिर्फ कुछ खास नियम और निर्देशों का पालन कर सफलता हासिल कर सकते है.

आज की पोस्ट में आपको कुछ सूक्ष्म जानकारिया सीखने को मिलेगी.

तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते

हम टोने-टोटके और तंत्र मंत्र यन्त्र में बहुत विश्वास रखते है लेकिन कई बार प्रयास करते रहने के बावजूद हमें सफलता नहीं मिलती है.

इन्टरनेट या किताबो से पढ़कर हम कई बार कोशिश करते है लेकिन हम कामयाब नहीं हो पाते है.

इसकी कई वजह होती है जिनका हमें ध्यान रखना होता है अक्सर हम इस कार्य को जितना आसान समझते है ये उतना आसान होता नहीं है. इस पोस्ट में हम जानने वाले है की तंत्र में कर्म क्या होते है और कितने प्रकार के होते है. साथ ही कुछ आवश्यक जानकारी भी. तो चलिए शुरू करते है.

तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते

तंत्र मंत्र यन्त्र में कर्म प्रयोग के आधार पर 6 भाग में विभाजित किये गए है.

  1. पहला शंतिकरण
  2. दूसरा वशीकरण
  3. तीसरा स्तम्भन
  4. चौथा विद्वेष
  5. पांचवा उच्चाटन
  6. सबसे अंत में आता है मारण

जो सबसे खतरनाक और अचूक होता है. इन छ कर्म के आधार पर तंत्र प्रयोग किये जाते है. तो जानते है तंत्र कर्म और तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते जिनका ध्यान रखकर आप भी सफलता हासिल कर सकते है.

  • रोग, क्रिया और ग्रह आदि के दोष निवारण को शांतिकरण कहा जाता है.
  • किसी भी जीव-जंतु को अपने वश में करना वशीकरण  के कर्म में आता है.
  • किसी चलते हुए कार्य को उसकी गति को रोक देना स्तम्भन है.
  • एक जगह से दूसरी जगह भेज देना उच्चाटन कहलाता है.
  • किसी भी तरह के शारीरिक और मानसिक आघात के लिए की गयी क्रिया मारण के अंतर्गत आता है.

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छ कर्म और उनके देवी देवता

हम जिस तरह के कर्म का प्रयोग करते है उसके अनुसार किस तरह के देवी देवता की पूजा अर्चना की जानी चाहिए इसका ज्ञान हमें छ कर्म और उनके देवी देवता के अंतर्गत मिलता है. अलग अलग कर्म की अधिष्टात्री देवी और देवता अलग अलग है.

  1. शांतिकर्म की अधिष्टात्री देवी रति है.
  2. वशीकरण में हमारी आराध्य देवी माँ सरस्वती है.
  3. स्तम्भन में देवी लक्ष्मी और विद्वेष में ज्येष्ठा की पूजा अर्चना की जाती है.
  4. उच्चाटन में देवी दुर्गा की और मारण में भद्रकाली देवी अधिष्टात्री है.

आपको इन छ कर्म में सफलता के लिए इसके अनुसार ही अधिष्टात्री देवी की पूजा अर्चना की जानी चाहिए.

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छ कर्म और उनकी दिशा के अनुसार तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते

सभी कर्म में दिशा का भी महत्त्व रहता है और हमें इसके अनुसार ही कर्म के अनुसार दिशा में बैठ कर प्रयोग करना चाहिए.

  • शांतिकरण हमेशा ईशान दिशा में किये जाने चाहिए.
  • वशीकरण उत्तर दिशा में सफल होते है.
  • स्तम्भन कर्म पूर्व दिशा में किये जाते है.
  • विद्वेष कर्म हमेशा दक्षिण-पश्चिम में फल प्रदान करते है.
  • उच्चाटन के कर्म उत्तर पश्चिम दिशा में होने चाहिए.
  • मारण के लिए दिशा का चुनाव दक्षिण-पूर्व होना चाहिए.

आप जिस तरह की साधना या अभ्यास कर रहे है आपको कर्म के अनुसार उसी दिशा में बैठना चाहिए.

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कर्म और समय ऋतू विचार – तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते

एक दिन में 10 घड़ी होती है इन 10 घड़ी में वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर ऋतू विचार किया जाता है.

अगर इन्हें दिन के हिसाब से देखा जाए तो सुबह प्रात:काल में हेमंत ऋतू, दोपहर से पहले वसंत, दोपहर में ग्रीष्म, दोपहर बाद वर्षा, संध्याकाल में शिशिर, आधी रात में शरद ऋतू का विचार किया जाता है. अगर आप इनके अनुसार तंत्र कर्म करना चाहते है तो हेमंत ऋतू में शांतिकर्म, वसंत में वशीकरण, शिशिर में स्तम्भन, ग्रीष्म काल में विद्वेष, वर्षा काल में उच्चाटन और शरद में मारण कर्म करना श्रेयकर होता है.

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दोपहर से पहले वशीकरण का कर्म, दोपहर में विद्वेषण और उच्चाटन, तीसरे पहर में यानि दोपहर बाद शांतिकर्म और स्तम्भन के कर्म, सांयकाल में आपको मारण कर्म करना चाहिए.

इसी के अनुसार हमें साधना में रंग का ध्यान रखना चाहिए जिस तरह का रंग यानि वर्ण साधना के अभ्यास के दौरान हमारे अंतर में उतरता हुआ महसूस होता है उसके प्रकार के आधार पर निचे दी गयी सारणी में आप ज्यादा बेहतर समझ सकते है.

साधना से जुड़े खास नियम

छ कर्मदेवी-देवतादिशा ज्ञानऋतूरंग
शांतिकर्मरतिईशानहेमंतश्वेत
वशीकरणमाँ सरस्वतीउत्तरवसंतलाल
स्तम्भनलक्ष्मी देवीपूर्व दिशाशिशिरपीला
विद्वेषणज्येष्ठादक्षिण पश्चिमग्रीष्मलाल
उच्चाटनमाँ दुर्गाउत्तर-पश्चिमवर्षा ऋतूधूम्र ( धुँआ )
मारणभद्रकालीदक्षिण-पूर्वशरद ऋतूकाला रंग

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छ कर्म और इससे जुड़ी माला का चुनाव

हम जिस तरह के तंत्र कर्म कर रहे है उसी के आधार पर हमें माला और उसके धागे का चुनाव करना चाहिए. जैसे की वशीकरण में मोती या हीरे की माला, आकर्षण के मंत्रो का जाप गजमुक्ता की माला, विद्वेषण और उच्चाटन में बहेड़े की माला, धर्म-कार्य में सिद्धि के लिए शंखमणि की माला और मारण में अपने आप मरे हुए गधे के दांतों की माला का चुनाव करना चाहिए.

अगर ऐसा नहीं कर पाते है तो सभी तरह के शुभकर्म में आप रुद्राक्ष की माला का जाप कर सकते है.

इसी तरह माला के धागे का चुनाव किया जाता है. शांति और पुष्टिकर्म में कमल के तंतु की डोर बनाकर, वशीकरण और उच्चाटन में घोड़े की पूंछके बाल, मारण में मनुष्य की नसों का प्रयोग किया जाना चाहिए.

अगर आप बहेड़े की माला प्रयोग में ला रहे है तो आप रुई के धागे में बना सकते है. आपको तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते ध्यान में रखकर माला और उससे जुड़ी सूक्ष्म जानकारी के आधार पर चुनाव करना चाहिए.

माला संख्या का भी ध्यान रखना चाहिए क्यों की अलग अलग कर्म में अलग अलग माला के मनको की संख्या होती है. मोती की माला में 27 मोती, बहेड़े की माला में 15 और रुद्राक्ष की माला में 108 मनके होते है. तंत्र में कर्म के अनुसार आपको इनका प्रयोग करना चाहिए.

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तंत्र कर्म और माला जाप में अंगुली का नियम

शांति कर्म, स्तम्भन, वशीकरण में अंगूठे और बिच की अंगुली से माला फेरे, आकर्षण में अंगूठे और अनामिका से, विद्वेषण और उच्चाटन में अंगूठे और तर्जनी से और मारण में कनिष्ठा और अंगूठे से माला जाप करना चाहिए.

Simple but Effective Vashikaran Beej Mantra

इसके साथ ही साथ वशीकरण मंत्र को पूर्व की ओर मुख करके, अभिचारक कर्म को दक्षिण की ओर, धन प्राप्ति की इच्छा के लिए पश्चिम दिशा और शांति कर्म में उत्तर दिशा में मुख करके जपना चाहिए. उत्तर दिशा में मंत्र जाप करने से आयु, शांति और पुष्टि की प्राप्ति होती है.

कुछ खास चुनी गयी पोस्ट जो आपको और ज्यादा जानने में मदद करेगी

तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते – अंतिम शब्द

तो दोस्तों अब तो आप तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते समझ ही गए होंगे की छ कर्म और उनमे सफलता से जुड़े नियम को ध्यान में रखकर ही आप इनमे सफलता प्राप्त कर सकते है. अगर आप वशीकरण में सफलता प्राप्त करना चाहते है तो आपको इससे जुड़े सूक्ष्म नियम पता होने चाहिए.

वैसे और भी कई ऐसे निर्देश है जिनका पालन करना चाहिए लेकिन आज कल के ज़माने में इतना सबकुछ कर पाना हर किसी के लिए सम्भव नहीं हो पाता है. अगर आप इन बातो का ध्यान रखते है तो किसी भी तंत्र-मंत्र-यन्त्र के प्रयोग में आपको सफलता मिलना सुनिश्चित है.

अगली पोस्ट में हम बात करेंगे साधना में हवन की अनिवार्यता और उसमे सही विधि से सफलता प्राप्त करने के नियम की.

आज की पोस्ट तंत्र मंत्र यन्त्र साधना से जुड़ी खास बाते आपको कैसी लगी हमें जरुर बताए. अगर आप लम्बे टाइम से साधना और टोने टोटके का प्रयास कर रहे है तो एक बार इन बातो का ध्यान रख कर साधना करे सफलता जरुर मिलेगी. किसी भी तरह के सवाल, राय या सुझाव आप कमेंट में पूछ सकते है.

साधना में अगर आपको अनुभव ना हो तो आज ही इन बातो पर ध्यान देना शुरू कर दे

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अगर आप साधना करते है तो आप ऐसी कुछ समस्याओ से रूबरू जरुर होते है जिसमे आपको गुरु की आवश्यकता होती है. अगर आपका कोई गुरु नहीं होता है तो साधना में होने वाले अनुभव किसके साथ शेयर करे किसके साथ नहीं करे ये तय करना बेहद मुश्किल हो जाता है.

ऐसे में हम दोस्तों के साथ अनुभव शेयर कर देते है जिसकी वजह से बाद में हमें साधना में कई तरह की मुश्किल का सामना करना पड़ता है.

जैसे की पहले जैसे अनुभव नहीं होते है, साधना में मन नहीं लगता है या फिर साधना में अनुभव की गति धीमी हो जाती है. इसकी वजह क्या है और ऐसा क्यों होता है ? आज की पोस्ट में जानने की कोशिश करते है.

साधना में होने वाले अनुभव को शेयर क्यों नहीं करना चाहिए

हम साधना में होने वाले अनुभव किसके साथ शेयर करे किसके साथ ना करे इसको लेकर मन में उलझन बनी रहती है क्यों की हम कई ऐसे अनुभव करते है जिन्हें शेयर करना पड़ता है या फिर मन में उनको लेकर शंका बनी रहती है जिसका समाधान पाने की इच्छा बनी रहती है.

ऐसे में बाद में साधना का प्रभाव धीरे धीरे ख़त्म होने लगता है. हमें समझ नहीं आता है की गलती कहा हो रही है. कुछ खास सवालों के चुनाव के बाद इस पोस्ट में उनका समाधान पाने की कोशिश करते है.

साधना में होने वाले अनुभव को शेयर क्यों नहीं करना चाहिए

लम्बे टाइम से इस बात को लेकर बहस चल रही थी की साधना में होने वाले अनुभव शेयर किये जाने चाहिए या नहीं ?

अगर हाँ तो किसके साथ शेयर करे और नहीं तो क्यों ना करे ? अलग अलग लोगो के अलग मत है लेकिन सभी का ये मानना है की हमें साधना में होने वाले अनुभव शेयर नहीं करना चाहिए.

ऐसा मानने के पीछे एक सबसे बड़ी वजह है की साधना में अनुभव होने के बाद अगर हम किसी अन्य व्यक्ति के साथ साधना में होने वाले अनुभव को शेयर करते है तो साधना का प्रभाव चला जाता है. यही नहीं अगर वो पुन: प्रयास भी करते है तो भी साधना में पहले जैसा अनुभव नहीं मिलता है.

अक्सर लोग सबसे ज्यादा शिकायत करते है की वो पहले साधना में काफी अच्छे अनुभव करते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होता है. मुख्यत निम्न तरह की शंका या यू कहे शिकायत सुनने को मिलती है की

  • हम पहले साधना में काफी जल्दी जल्दी अनुभव कर रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं होता है.
  • पहले जब साधना शुरू की थी तो मन लगता था लेकिन अब साधना में बिलकुल मन नहीं लगता.
  • क्या किसी के साथ साधना का अनुभव शेयर करने से साधना का असर चला जाता है.

आज की पोस्ट में हम इन सभी सवालों पर कुछ जानकारी शेयर करेंगे जो किसी तरह के किताबी अनुभव नहीं बल्कि अलग अलग लोगो के अनुभव के आधार पर होगी, तो चलिए शुरू करते है और जानते है साधना में किस तरह के और कितने स्तर पर अनुभव होते है.

साधना और अनुभव

साधना मे होने वाले अनुभव से पहले ये जानना जरुरी है की साधना में अनुभव होते ही है या नहीं भी होते है. क्यों की कई बार हम लोग साधना करते है लेकिन हमें कुछ भी अनुभव नहीं होते है. क्या वाकई हमें साधना में अनुभव नहीं होते ? हम कोई भी साधना करते है और किसी तरह के विधि विधान के साथ करते है तो हमें उसके अनुसार फल जरुर मिलता है.

रही बात किसी तरह के अनुभव के होने ना होने की तो ये निर्भर करता है कई बातो पर जैसे की ; हम किस माहौल में साधना करते है, किस विधान के साथ करते है या फिर किस मात्रा में महूर्त में करते है. आज कल के ज़माने में सूक्ष्म बातो का ध्यान नहीं रखा जाता है जिसकी वजह से साधना का प्रभाव हमें देखने को नहीं मिलता है.

अगर आप साधना को सही विधि- विधान के साथ कर रहे है तो आपको उसके अनुसार फल मिलेगा ही मिलेगा. अगर आप साधना के सही विधान की जानकारी चाहते है तो आपको इंद्रजाल का पहला भाग जरुर पढना और समझना चाहिए. साधना में कितने तरह के अनुभव होते है इसके बारे में जानते है. आम तौर पर साधना में 3 तरह के अनुभव साधना में होते है.

  1. शारीरिक – सबसे पहले होते है. शेयर किये जा सकते है / आमतौर पर दुसरो को पता चल जाते है.
  2. मानसिक – साधना में शारीरिक के साथ या बाद में होते है. आमतौर पर साधक को इन्हें गुप्त रखना चाहिए . गुरु के साथ शेयर किये जा सकते है.
  3. आध्यात्मिक – उच्च अवस्था में या फिर गहन साधना में अनुभव किये जा सकते है. अगर आपके गुरु है तो वो आपकी मनोदशा को समझ लेते है और उसके अनुसार गाइड कर सकते है.

सकारात्मक और नकारात्मक

साधना में होने वाले अनुभव सकारात्मक है या नकारात्मक इसका आप अनुभव के वक़्त अंदाजा नहीं लगा सकते है.

अगर आपकी साधना मानसिक स्तर से जुड़ी है तो आपको इसके अनुभव या प्रभाव दैनिक जीवन में देखने को मिलते है. इस आधार पर साधना में होने वाले अनुभव को लेकर दो बाते देखने को मिलती है.

  • पहली साधना में होने वाले अनुभव सिर्फ गुरु के साथ शेयर किये जाने चाहिए.
  • दूसरी जिस पर आप भरोसा करते है उसके साथ अनुभव शेयर किये जा सकते है.
  • तीसरा अनुभव किसी के साथ शेयर ना करे आप अपने अंतर्मन के साथ शेयर करे वो आपको सही दिशा दे देगा.

साधना में होने वाले अनुभव शेयर करे या नहीं

साधना में होने वाले अनुभव शेयर आपके साधना का फल होता है. अगर आप किसी के साथ अनुभव शेयर करते है तो इससे आपकी उर्जा बंट जाती है. क्यों कैसे इसका कोई पुख्ता जरिया नहीं है, लेकिन ऐसा माना गया है की इससे साधक की एकाग्रता भंग हो जाती है.

आप जिसके साथ ये अनुभव शेयर करते है वो आपके साथ सकारात्मक है या नकारात्मक इसका आपको पता होना चाहिए. मान लीजिये आप अपने अनुभव किसी ऐसे व्यक्ति को बताते है जो इन सब बातो में विश्वास नहीं रखता, ऐसे में वो आपको demotivate करेगा ना की आपकी मनोदशा को समझने की कोशिश करेगा.

आप उन्हें बात बता देते है लेकिन उसकी नकारात्मकता आपको प्रभावित कर देती है. कैसे ? आइये इसे गहनता से समझने की कोशिश करे.

साधना में इस बात को आप कभी गौर नहीं करते है

हम साधना करते है तो सबसे ज्यादा असर किस पर होता है ? अगर आप साधना से जुड़े है तो आपको पता होगा की हमारा औरा हमारे लिए क्या मायने रखता है और हमें सबसे ज्यादा इसका ध्यान क्यों रखना चाहिए ? चलिए इसे थोडा क्लियर करते है.

हम जब साधना करते है तो हमारे चारो ओर एक उर्जा कवच होता है इसमें बदलाव होता है. हमारा औरा साधना में बढ़ता है और मजबूत बनता है ऐसे में एक स्थिति ऐसी भी आती है की हमारा औरा हमारे लिए बाहरी शक्तियों से सुरक्षा कवच की तरह भी काम करने लगा है.

हम साधना करते है और किसी के किसी के साथ अनुभव शेयर कर देते है ऐसे में हम खुद उसे हमारे औरा क्षेत्र में invite कर देते है. ये सब प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म है की किसी का ध्यान इस ओर जाता ही नहीं है.

जिसके साथ हम अनुभव शेयर करते है वो दो तरह के हो सकते है पहला वो लोग जो सकारात्मक होते है, हमें समझते है और गाइड करते है. दुसरे जो हमें बेवकूफ और पागल समझते है दोनों ही तरफ से हमें उनकी energy affect करती है. यही वजह है की साधना में हमें उन्ही लोगो के साथ अनुभव शेयर करने चाहिए जो भरोसेमंद है.

तो किसके जरिये करे शंका का समाधान

हमें साधना में होने वाले अनुभव किसके साथ शेयर करना चाहिए, अनुभव और समस्या का समाधान किसके जरिये पाया जाए. इसे समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्यों की साधना में अनुभव को शेयर नहीं किया जाना चाहिए, अगर करे तो किसके साथ करे क्यों की हर किसी को गुरु नहीं मिलता है.

सही गुरु के बिना हम अनुभव किसके साथ शेयर करे ? हम सभी उपर दिए गए कथन के आधार पर किसी एक माध्यम का चुनाव कर सकते है. सबसे अच्छा माध्यम है अंतर्मन की आवाज सुनना. अगर आप खुद के मन के जरिये समाधान ढूंढे तो हो सकता है की आपको सही समाधान मिल जाए.

एक एनी जानकार साधक का कहना है की मै खुद अभी तक बिना किसी गुरु के साधना करता आया हूँ लेकिन किसी के साथ अनुभव शेयर नहीं करता जिस पर भरोसा होता है सिर्फ उसी के साथ शेयर करता हूँ. ज्यादातर केस में मन में उठने वाली आवाज के जरिये ही problem का solution पा लेता हूँ. इससे में ना सिर्फ अपने औरा को मजबूत बना पाता हूँ.

साधना के अनुभव किसे बताने चाहिए किसे नहीं

साधना में होने वाले अलग अलग स्तर के अनुभव किसके साथ शेयर किसके साथ नहीं और सबसे बड़ा सवाल कौनसे अनुभव शेयर किये जा सकते है ? शारीरिक अनुभव किसी से छुपते नहीं है और आप उन्हें शेयर भी कर सकते है लेकीन मानसिक और आध्यात्मिक अनुभव को गुरु के साथ ही शेयर किये जाना चाहिए.

अगर आपको गुरु नहीं मिले है और समस्या का समाधान चाहते है तो मन की आवाज सुनना शुरू करे.

इसके लिए पोस्ट पहले ही शेयर की जा चुकी है और हमारे अंतर्मन की आवाज हमे महसूस होती भी है जरूरत है तो बस उन सकेतो को समझने की. ज्यादा जानकारी के लिए इसे पढ़े छटी इंद्री जाग्रत करने के लिए daily life में शामिल करे इन आदतों को फिर देखिये मैजिक

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साधना में होने वाले अनुभव – अंतिम शब्द

दोस्तों साधना में होने वाले अनुभव शेयर किये जाने चाहिए या नहीं आप समझ ही गए होंगे. अगर आप साधना कर रहे है तो ये समझना बेहद जरुरी हो जाता है की आपके दोस्त, आपकी संगत कैसी है. साधना में औरा को मजबूत बनाने के बाद आप ये तय कर सकते है की आपके उर्जा क्षेत्र में कौन प्रवेश करेगा कौन नहीं.

साथ ही आपके अनुभव के प्रभाव को कैसे बढाए ये भी निर्धारित किया जा सकता है.

उम्मीद करता हूँ इस पोस्ट को पढने के बाद आपकी शंकाओ का समाधान हो गया होगा. अगर आपके मन में अब भी कोई सवाल है तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है. आप क्या सोचते है हमें बताना ना भूले. आपके विचार, सुझाव आमंत्रित है.

चक्र और कुण्डलिनी जागरण के दौरान उर्जा को एक केंद्र से दूसरे केंद्र में चैनल करने का सबसे सरल तरीका

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सप्त चक्र के बारे में हमने पिछली पोस्ट में जिक्र किया था आज की पोस्ट में हम बात करेंगे सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण की  क्या आप जानते है हमारे शरीर में हर ऊर्जा चक्र अपनी अपनी ऊर्जा उत्पन करता है।

आपके भाव और व्यव्हार के साथ ही चक्रो के मध्य ऊर्जा का स्थानांतरण बढ़ता है और उनमे कोई एक चक्र मजबूत बनता है। आप गुस्से में होते है और अपने गुस्से को कुछ पल में नियंत्रित कर लेते है इसका मतलब अपने अपनी ऊर्जा को एक चक्र से दूसरे चक्र में स्थानांतरित कर दिया।

ऐसा संभव है जब आपका विवेक जाग्रत हो।

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण और व्यव्हार में बदलाव
सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण के बारे में डिटेल से दिया गया है की कैसे आप चक्रो के मध्य ऊर्जा उत्पन और उन्हें स्थान्तरित कर सकते है।

हालाँकि ये पोस्ट तंत्र मार्ग से सम्बन्ध रखती है पर फिर भी आपके काम आएगी ऐसा मेरा विश्वास है। भारतीय तंत्र विधा पश्चिमी विज्ञान से प्रभावित लोगो को अविश्वनीय लगती है।

इसका स्पस्ट कारण अज्ञानता है। क्यों की इंसान प्रारम्भ से धारणा बना लेता है की आधुनिक भौतिकवादी विज्ञान सब-कुछ जान गया है।

जो उनके नियम पर खरा नहीं उतरता है वह धोखा है, पाखण्ड है।

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण

आधुनिक विज्ञान का कोई भी वास्तविक अन्वेषक इस बात को स्वीकार नहीं करेगा की आज का विज्ञान सबकुछ जान गया है। ये लोग स्पस्ट कहते है की जो जाना है,वो मुट्ठी भर भी नहीं है। प्रकृति अपने अंदर विज्ञान का खजाना छिपाए बैठी है।

स्पस्ट है की जो जानने का दावा करते है, वो अधकचरे ज्ञान के गर्व में डूबे अहंकारी है।

जहां अहंकार है वहां ज्ञान कहां है ? लगता अत्यन्त विस्मयकारी है लेकिन सत्य है की आज से लगभग 50 हजार साल पूर्व ( लोकमान्य तिलक द्वारा उत्तर वैदिक काल निर्धारित ) इस धरती पर ऐसे विज्ञान का अस्तित्व था, जो प्रकृति के रहस्यों की अदभुत व्याख्या कर रहा था।

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण का यह विज्ञान अपने आप में सम्पूर्ण है और इसके प्रकाश में प्रकृति के हर रहस्य की व्याख्या हो जाती है। तंत्र इसी विज्ञान का प्रयोगिक स्वरूप है।

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण के लिए तंत्र का सही अर्थ आपको जान लेना चाहिए.

तंत्र का अर्थ एक system है और ठीक इसी meaning में इसे तंत्र विधा में भी लिया गया है। तंत्र का अर्थ यहाँ भी system ही है।

इसमें यह बताया जाता है की ब्रह्मांड में प्रवाहित होने वाली ऊर्जा का circuit क्या है। इसकी nature क्या है। यह किस प्रकार कार्य करती है। किस प्रकार के गुणों को show करती है।

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सप्त चक्र के विवरण और उनके देवी देवता

इस circuit को मनुष्य के circuit के अनुसार समझना चाहिए। ( + ) pole ऊपर की ओर बंद रहता है। यह एक अर्ध-गोलाकार structure होती है। जिसको छोटे नवजात बच्चे के सर पर स्पस्ट देखा और महसूस किया जा सकता है।

1.) सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण-सहस्रार चक्र

पहला यही वह चन्द्रमा है,जिसे शिव के शीर्ष पर दिखाया जाता है। यहाँ ध्यान लगाने से चांदनी के रंग की ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे आयु, स्वास्थ्य, और कान्ति में वृद्धि होती है।

2.) ब्रह्मरन्ध्र भाग

दूसरा इसके निचे ब्रह्मचक्र होता है। जिसके मध्य में ब्रह्मा का शुन्य बिंदु होता है। इसके चारो ओर महामाया आघा गौरी का क्षेत्र है।

इस हिस्से से निकलने निकलने वाली तरंगे चांदी जैसी है। इस ऊर्जा का कार्य सूचनाओं का संग्रह करना और इसका विश्लेषण करके किसी समस्या पर अपना निर्णय देना होता है।

इसके निचे रूद्र की आँख यानि त्राटक का। ये रूद्र चक्र का ही अंग है। यहाँ से जो तरंगे निकलती है, वे अंतर्मन से सूचनाओं को प्राप्त करने वाली सहायक तरंगे है।

3.) रूद्र चक्र -त्राटक शक्ति का केंद्र

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण की खास श्रेणी में आज्ञा चक्र का मुख्य स्थान है। तीसरा चक्र रूद्र का चक्र है। इसके बिच महामाया का बिंदु होता है और इसके चारो ओर वलय में ऊर्जा निकलती रहती है। इन तरंगो का रंग राख जैसा होता है।

ये ज्ञान की तरंगे है। समस्त सूचनाओं एवं भाव का संकलन ये ही करती है।

Spiritual Emergence or Kundalini awakening

इसी कारन आँख, नाक, मुंह, जीभ, आदि इससे जुड़े रहते है।

रूद्र चक्र के वलय से निकलने वाली तरंगे गणेश जी की सूंड की तरह है। ये अत्यन्त चंचल होती है। ये मानसिक तरंगे है और इतनी शक्तिशाली होती है की समस्त क्रिया विधि का संचालन ये ही करती है। इसलिए इन्हे रूद्र या विश्वदेवा कहा जाता है।

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4.) गंधर्व चक्र

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण में चौथा इसके निचे गन्धर्व चक्र है। यहां बिच में रूद्र का बिंदु है और के वलय सरस्वती की तरंगे है. ये अभिव्यक्ति की की तरंगे है। इनके द्वारा हमारे शरीर के अंग अपनी अनुभूति को व्यक्त करते है।

5.) विष्णु चक्र

पांचवा उसके केंद्र में विष्णु का चक्र है। इसके मध्य गन्धर्व बिंदु है। इसके चारो ओर विष्णु की तरंगे का वलय है। यही इकाई सूर्य है। यही जीवात्मा है। सारा power circuit इसी के केंद्रीभूत है।

6.) लक्ष्मी चक्र

छटा इसके निचे लक्ष्मी का चक्र है। इसके मध्य में विष्णु का बिंदु है. चारो ओर के वलय में लक्ष्मी की तरंगे है। इनका गुण information collection है।

7.) दुर्गा चक्र

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण और सातवां इसके निचे दुर्गा का चक्र है। इसके मध्य में लक्ष्मी का बिंदु है। चारो और के वलय में दुर्गा नामक तरंगे निकलती रहती है। ये कर्म, क्रिया को control करती है।

8.) माँ काली चक्र

आठवा सबसे निचे काली का चक्र है। इसके मध्य दुर्गा का बिंदु है। चारो और से काली की तरंगे है। ये anger, हिंसा, sex, क्रूरता,निर्ममता आदि पाशविक रखती है।

काली के चक्र के मध्य से जुडी एक दण्डाकर ऊर्जा सरंचना, जिसमे ऊर्जा वलयलिप्ते होते है। आगे बढ़कर लिंग का निर्माण करती है। उसमे एक अर्द्धचन्द्राकार छिद्र होता है। यहाँ से ( – ) ऊर्जा का विसर्जन होता है।

चक्र में तरंगो के गुण, रंग और इनकी सूक्ष्मता

throat chakra healing

  • ब्रहा-चक्र ( सहस्रार-चक्र ) : श्वेत चांदी सी चमकीली तरंगे। सूचनाओं को ग्रहण करके संग्रहीत करना एवं प्राप्त सूचनाओं आधार पर तत्कालीन सुचना का विश्लेषण करना।
  • त्राटक बिंदु : श्वेत दूध जैसी. अंतर्मन से सुचना प्राप्त करती है। सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण में ये चक्र महत्वपूर्ण है.
  • रूद्र – चक्र ( आज्ञा चक्र ) : श्वेत राख जैसी तरंगे। ये human system में monitor का कार्य करती है। इनके बिना कही कोई क्रिया नहीं होती है। सारा system इनके control में होता है।
  • गन्धर्व चक्र ( विशुद्ध चक्र ) : आसमानी रंग की. कोमल भाव, कलात्मक अनुभूति, उदात्त प्रेम, भाव की विह्वलता आदि गुण इनकी विशेषता है।
  • विष्णु चक्र ( अनाहत चक्र ) : यह जीवात्मा है। इस चक्र की ऊर्जा पर ही समस्त circuit काम करता है। इसे ईंधन ( वायु-तंत्र ) भी आज्ञा चक्र से हासिल होता है। अनुभूति, भोग, क्रिया और जन्म इसी के द्वारा होता है। ये सुनहले रंग की होती है।
  • लक्ष्मी चक्र ( मणिपुर चक्र ) : नारंगी color की और इसका गुण collection करना होता है।
  • दुर्गा चक्र ( स्वाधिष्ठान-चक्र ) : ये किरणे सिंदूरी रंग की होती है। इसमें कर्म और क्रिया की शक्ति है। वैदिक ऋषि इसे विश्वकर्मा कहते थे.
  • काली चक्र ( मूलाधार चक्र ) : ये रक्तिम color की किरणे है, इनमे Anger, Violence, कठोरता, sex और वीभत्सता आदि का भाव है।

इनमे पहला चक्र सबसे सूक्ष्म और तीव्र होता है जबकि आठवा चक्र सबसे स्थूल और भौतिक रूप से शक्तिशाली होता है।

तंत्र के अनुष्ठान में मंत्र, हवं सामग्री, आसन, काल का चुनाव इन तरंगो के गुण, भाव, और इसके शक्ति बिंदु के स्थान के आधार पर किया जाए तो तंत्र में सफलता मिलने के chance बढ़ जाते है।

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वशीकरण और काली चक्र

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण और वशीकरण विधा को सिखने के लिए सबसे पहले काली चक्र को साधना पड़ता है। प्रत्येक तंत्र की सिद्धि में यह आवश्यक है। काली की तरंगे कम हो तो शरीर सुस्त और सत्वहीन होता है। इसलिए इनका होना भी आवश्यक है।

पर जब इनकी मात्रा शरीर में अधिक होने लगती है तो इंसान क्रोधी, हिंसक, काम, परपीड़क, और ईर्ष्यालु बन जाता है। काली की तरंगे आसानी से उत्पन होने वाली और आसानी से काम करने लगती है। जब ये उत्पन होती है तो हर तरंग निष्क्रिय हो जाती है। यहाँ तक की रूद्र की तरंगे भी इनके सामने बेकार हो जाती है।

इंसान की विचारने की क्षमता भी ख़त्म हो जाती है।

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण के साथ साथ इन पोस्ट को भी पढ़े

Energy transfer from chakra to chakra -सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण

सप्त चक्र के मध्य ऊर्जा स्थानांतरण को समझ कर हम आसानी से अपने अंदर एक चक्र के मध्य बहने वाली ऊर्जा को आसानी से दूसरे चक्र में प्रवाहित कर सकते है।

मान लीजिए आपके अंदर काम भाव या गुस्सा आने लगता है.

ठीक उसी वक़्त किसी और भाव का ध्यान करे जैसे की आज्ञा चक्र पर या फिर और किसी भाव का चिंतन करे. ये अभ्यास आप सुबह उठ कर भी कर सकते है। जिसमे आप आसानी से मूलाधार चक्र को activate कर काली भाव को जाग्रत कर सकते है।

जिस चक्र पर ऊर्जा को Transfer करते है वो उतना ही मजबूत बनता है।

मान लीजिए की आपके अंदर काली भाव उठने लगे है और आप अपना ध्यान मूलाधार चक्र से हटाकर किसी और चक्र पर कर दे. चक्र और उनसे जुड़े भाव ऊपर आप पढ़ चुके है।

इनसे जुड़े देवता की पूजा करने पर भी आप उस चक्र को ज्यादा Activate रख सकते है। अगर आपको आज्ञा चक्र को मजबूत बनाना है तो आप गणेश जी की आराधना करे।

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